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June 21, 2025

समस्तीपुर

शरीर को रोगमुक्त रखने और मन को शांति के लिए अहम है योग का अभ्यास -प्रो० सुनीता सिन्हा 

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर–  वीमेंस कालेज, समस्तीपुर में प्रधानाचार्या प्रोफेसर सुनीता सिन्हा की अध्यक्षता में 11 वा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रो सिन्हा ने योग के महत्त्व को रेखांकित करते हुए कहा कि योग हिंदुस्तानीय संस्कृति से जुड़ा है और योग का अभ्यास शरीर को रोगमुक्त रखता है और मन को शांति देता है। योग अभ्यास डा विजय कुमार गुप्ता ने कराया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो अरुण कुमार कर्ण, डॉ मधुलिका मिश्रा, डॉ रंजन कुमार, डॉ सुरेश साह, डॉ मृत्युजंय कुमार, प्रो. फरहत जबीन, डा कुमारी अनु, डॉ रिंकी कुमारी, डॉ पिंकी कुमारी, डॉ संगीता, डा अपूर्वा मूले, डॉ. मोना शर्मा, डा सालेहीन अहमद, डॉ सरस्वती कुमारी, डॉ आभा, डॉ पुष्कर झा, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, एन एस एस और एन सी सी के छात्राओं आदि ने उत्साह पूर्वक योग अभ्यास किया ।

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Kuberaa Box Office Collection Day 2: धनुष की कुबेर फ्लॉप हुई या हिट, दूसरे दिन की कमाई करेगी हैरान

Kuberaa Box Office Collection Day 2: साउथ सुपरस्टार धनुष, नागार्जुन और रश्मिका मंदाना स्टारर कुबेर फाइनली सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म को रजनीकांत से लेकर नेटिजन्स ने काफी ज्यादा पसंद किया और इसे ब्लॉकबस्टर और मस्ट वॉच कहा. यह साल 2025 की मोस्ट अवेटेड मूवी में से एक थी. शेखर कम्मुला की ओर से निर्देशित इस मूवी को आमिर खान की सितारे जमीन पर से कड़ी टक्कर मिल रही है. आइये जानते हैं दूसरे दिन इसने कितनी कमाई की. कुबेर ने दूसरे दिन की इतनी कमाई sacnilk के अनुसार कुबेर ने दूसरे दिन यानी शनिवार को 7.21 करोड़ की कमाई की. जिसके बाद इसका टोटल कलेक्शन 21.96 करोड़ हो गया. वहीं ओपनिंग डे पर मूवी ने सितारे जमीन पर को पछाड़ते हुए 14.75 करोड़ का बिजनेस किया था. दुनियाभर में कुबेर के कलेक्शन का आंकड़ा 27 करोड़ तक पहुंचा. हैदराबाद, बैंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों में इसकी कमाई बेहतर है. कुबेर के बारे में कुबेरा को एक सोशल थ्रिलर के रूप में वर्णित किया गया है, जो एक भिखारी और एक सीबीआई अधिकारी के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है. केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने मूल कट से 19 सीन्स को काटने के बाद यूए प्रमाण पत्र के साथ मंजूरी दे दी. धनुष थियेटर में फिल्म देखने पहुंचे बीते दिनों धनुष और उनके बेटे लिंगा चेन्नई के रोहिणी सिल्वर स्क्रीन पहुंचे. यहां उन्होंने फैंस संग फिल्म को एंजॉय किया. दर्शकों की प्रतिक्रिया और प्यार को देखकर साउथ एक्टर इमोशनल भी हो गए. अभिनेता ने शेखर कम्मुला को कुबेरा पर भरोसा करने के लिए अपना आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, “आप जैसा होना चाहते हैं, उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद, और कुबेरा और देवा के लिए धन्यवाद. यह वास्तव में मेरे लिए बहुत मायने रखता है. आपने मुझे इतना शानदार किरदार दिया है… धन्यवाद.” यह भी पढ़ें- Sitaare Zameen Par: जावेद अख्तर ने आमिर खान की फिल्म का किया रिव्यू, बोले- थियेटर्स से बाहर निकलने… The post Kuberaa Box Office Collection Day 2: धनुष की कुबेर फ्लॉप हुई या हिट, दूसरे दिन की कमाई करेगी हैरान appeared first on Naya Vichar.

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सावधान! झारखंड में फिर भारी बारिश की चेतावनी, ये तीन दिन रहें सतर्क

Kal Ka Mausam: रांची-झारखंड में एक बार फिर भारी बारिश होनेवाली है. इससे तबाही मच सकती है. अभी तीन दिनों की भारी बारिश से लोग ठीक से उबरे भी नहीं हैं कि मौसम विभाग ने फिर चेतावनी जारी की है कि 22 जून (रविवार), 24 जून (मंगलवार) और 25 जून (बुधवार) को राज्य में दोबारा भारी बारिश हो सकती है. इससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. तेज हवाओं के साथ मेघ गर्जन भी हो सकता है. वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गयी है. भारी बारिश के साथ वज्रपात का अलर्ट मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि झारखंड में 22 जून को उत्तर-पश्चिमी एवं उत्तर-पूर्वी भाग के कुछ जिलों में कहीं-कहीं पर भारी बारिश हो सकती है. कहीं-कहीं पर गरज के साथ वज्रपात भी हो सकता है. इस बाबत आईएमडी ने येलो अलर्ट जारी किया है. लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की गयी है. ये भी पढ़ें: Jharkhand Weather: झारखंड के 4 जिलों में 3 घंटे में बदलेगा मौसम, आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश, वज्रपात की चेतावनी भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी 24 जून को झारखंड के मध्य एवं निकटवर्ती उत्तर-मध्य भाग के कुछ जिलों में कहीं-कहीं पर भारी बारिश हो सकती है. कहीं-कहीं पर गरज के साथ वज्रपात की भी आशंका है. मौसम विभाग ने इस बाबत चेतावनी जारी की है. ये भी पढ़ें: Maiya Samman Yojana: रांची में 79 हजार से अधिक लाभुकों के खाते में आए 9.88 करोड़, हेमंत सोरेन की सौगात से खिले चेहरे कहीं-कहीं पर भारी बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट झारखंड में 25 जून को दक्षिण एवं मध्य भागों के कुछ जिलों में कहीं-कहीं पर भारी बारिश हो सकती है. राज्य में कहीं-कहीं पर गरज के साथ वज्रपात की भी संभावना है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. ये भी पढ़ें: पलामू में 4th ग्रेड की बहाली पर रोक, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने दिया आदेश, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने किया था आग्रह The post सावधान! झारखंड में फिर भारी बारिश की चेतावनी, ये तीन दिन रहें सतर्क appeared first on Naya Vichar.

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Railway: उत्तर रेलवे और एसबीआई के बीच हुए समझौते से मृत लोको पायलट को मिला एक करोड़ रुपये

Railway: संस्थागत भागीदारी और कर्मचारी कल्याण के तहत उत्तर रेलवे और हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया(एसबीआई) के बीच विशेष सैलरी पैकेज अकाउंट को लेकर एक समझौता किया गया था, जिसके तहत कर्मचारियों की किसी दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु पर एसबीआई की ओर से एक करोड़ रुपये बीमा के रूप में देने का प्रावधान रखा गया. यह पहल 2 जनवरी, 2025 को उत्तर रेलवे और एसबीआई दिल्ली सर्कल के बीच हस्ताक्षरित रेलवे वेतन पैकेज समझौते के तहत किया गया. संस्थागत भागीदारी और कर्मचारी कल्याण उपायों की ताकत को उजागर करने वाले एक मार्मिक क्षण में, उत्तर रेलवे और हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने संयुक्त रूप से मुरादाबाद मंडल के एक मृतक लोको पायलट के परिवार को एक करोड़ का चेक सौंपा. यह राशि एसबीआई के रेलवे वेतन पैकेज के तहत व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (पीएआई) दावे के हिस्से के रूप में दिया गया. रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा कि रेलवे की कोशिश कर्मचारियों के हितों का ख्याल रखना है. कर्मचारियों के हित को देखते हुए यह पहल शुरू की गयी है, ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार को बीमा के आर्थिक सहायता मिल सके. कर्मचारियों के बीच जागरूकता की जरूरत चेक देने के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर रेलवे और एसबीआई दोनों के अधिकारियों ने कर्मचारी कल्याण के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता और किसी आपदा के समय परिवारों के साथ खड़े होने के महत्व पर जोर दिया. दिवंगत लोको पायलट एसबीआई के रेलवे वेतन पैकेज-डायमंड वैरिएंट के तहत खाताधारक था, जिसमें रेलवे कर्मियों के लिए बीमा कवरेज शामिल है. दुर्भाग्यपूर्ण निधन के बाद एसबीआई ने उत्तर रेलवे के साथ समन्वय करके यह सुनिश्चित किया कि बीमा दावे को तेजी से संसाधित किया जाए और बिना देरी के परिवार को सौंप दिया जाए. इस संबंध में मुरादाबाद मंडल के वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी और एसबीआई शाखा प्रबंधक रेलवे स्टेशन रोड मुरादाबाद के प्रयास उल्लेखनीय हैं.  उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक द्वारा एसबीआई दिल्ली सर्कल के महाप्रबंधक, वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों, एसबीआई प्रतिनिधियों और मृतक के परिवार की उपस्थिति में औपचारिक रूप से चेक प्रदान किया गया. गौरतलब है कि विशेष सैलरी पैकेज योजना का मकसद कठिन समय में कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक मदद देना है. यदि कोई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान हादसे में अपनी जान गंवाता है, तो उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि दी जाती है. यह राशि सामान्य समापन भुगतान और अनुग्रह राशि से अलग होती है. इस योजना के तहत कर्मचारी को कोई अंशदान नहीं देना होता है. हालांकि यह योजना स्वैच्छिक है, लेकिन रेलवे की कोशिश है कि सभी कर्मचारी इस योजना के प्रति जागरूक हों ताकि आपात हालात में परिवार को आर्थिक मदद मिल सके.  The post Railway: उत्तर रेलवे और एसबीआई के बीच हुए समझौते से मृत लोको पायलट को मिला एक करोड़ रुपये appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बलिया-छपरा-भोजपुर के बीच 25 जून से परिवहन ठप, पीपा पुल बंद होने से बढ़ेगी 100 KM दूरी

Bihar News: बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला महुली गंगा घाट स्थित पीपा पुल 25 जून से अगले आदेश तक खोल दिया जाएगा. गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण यह निर्णय लिया गया है. बीते दिनों में नदी के पानी में लगभग एक फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे पुल पर दबाव बढ़ने लगा है. जलस्तर के और बढ़ने की आशंका को देखते हुए एहतियातन यह कदम उठाया गया है. टूट जायेगा संपर्क पुल के खुलते ही बड़हरा प्रखंड का संपर्क बलिया, छपरा और भोजपुर जैसे कई महत्वपूर्ण जिलों से टूट जाएगा. इस पुल के बंद हो जाने से वाहनों को बक्सर या छपरा होकर लंबा रास्ता तय करना होगा, जिससे दूरी में 100 से 150 किलोमीटर तक की बढ़ोतरी हो जाती है. इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि आम लोगों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता है. जोखिम भरा हो जाता है सफर करना खवासपुर पंचायत के 18 गांवों के लोगों के लिए यह पुल जीवनरेखा जैसा है. इन गांवों के निवासी अब अपने ही प्रखंड मुख्यालय या आरा जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए 75 से 100 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करेंगे. इस दौरान आवागमन का एकमात्र विकल्प नावें रह जाएंगी, जो खासकर बाढ़ के मौसम में बेहद जोखिम भरा होता है. The post Bihar News: बलिया-छपरा-भोजपुर के बीच 25 जून से परिवहन ठप, पीपा पुल बंद होने से बढ़ेगी 100 KM दूरी appeared first on Naya Vichar.

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Ardra Nakshatra 2025: ऐसे सजती है आर्द्रा नक्षत्र की पारंपरिक बिहारी थाली, धर्म से गहरा संबंध

Ardra Nakshatra 2025: कल यानी 22 जून 2025 से आर्द्रा नक्षत्र की शुरुआत हो रही है, जो हिंदुस्तानीय धर्म, संस्कृति और ज्योतिष में विशेष महत्व रखता है. खासकर बिहार में इस अवसर पर बनाई जाने वाली पारंपरिक सात्विक थाली का एक अलग ही धार्मिक और प्राकृतिक महत्व है. यह केवल एक पारंपरिक भोजन नहीं, बल्कि ऋतु संतुलन, शरीर शुद्धि और देव पूजन का प्रतीक भी है. कैसी होती है आर्द्रा नक्षत्र की पारंपरिक बिहारी थाली? इस विशेष दिन पर परोसी जाने वाली थाली में होते हैं – कल से आर्द्रा नक्षत्र का गोचर, जीवन पर क्या होगा असर?  चावल, अरहर की दाल, लौकी-चना की सब्जी, कद्दू-भात, सत्तू, टमाटर-धनिया की चटनी, मीठा दही, खीर या गुड़. हर व्यंजन मौसम के अनुकूल होता है और शरीर को शुद्ध, शांत व ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है. धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व आर्द्रा नक्षत्र के अधिदेवता रुद्र (भगवान शिव का उग्र रूप) हैं. वैदिक मान्यताओं के अनुसार, इस नक्षत्र के दौरान रुद्र का पूजन, व्रत और सात्विक भोजन करने से मानसिक संतुलन, रोगों से रक्षा और आध्यात्मिक उन्नति होती है. यही कारण है कि इस दिन झंझट वाले भारी भोजन से परहेज किया जाता है. लोक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं बिहार में मान्यता है कि आर्द्रा नक्षत्र से वर्षा ऋतु का आरंभ होता है और प्रकृति की ऊर्जा सक्रिय होती है. इस दिन स्त्रीएं घर में पारंपरिक व्यंजन बनाकर भगवान शिव को भोग लगाती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हैं. यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है. संस्कृति, श्रद्धा और स्वास्थ्य का संगम आर्द्रा नक्षत्र की बिहारी थाली केवल भोजन नहीं, बल्कि संस्कृति, श्रद्धा और स्वास्थ्य का संगम है. यह दिन देव पूजा, आत्मशुद्धि और ऋतु परिवर्तन के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. यदि आप भी इस दिन को विशेष बनाना चाहते हैं, तो पारंपरिक भोज जरूर अपनाएं. The post Ardra Nakshatra 2025: ऐसे सजती है आर्द्रा नक्षत्र की पारंपरिक बिहारी थाली, धर्म से गहरा संबंध appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Elections 2025: सीएम नीतीश के लीडरशीप में चुनाव लड़ेगी BJP, गृह मंत्री अमित शाह ने किया ऐलान

Bihar Elections 2025:  बिहार विधानसभा चुनाव के ऐलान में भले ही अभी तीन महीने से ज्यादा का समय बचा हुआ है, लेकिन सभी दल अभी से तैयारियों में जुट गए हैं. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री के एक बयान दिया है, जिससे एनडीए खासकर जेडीयू को काफी राहत मिली है. दरअसल, गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले दिनों एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू दे रहे थे. इसी दौरान एंकर ने उनसे बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर एक सवाल किया. इस पर गृह मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि बीजेपी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ने जा रही है. बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी 20 जून को बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की.   जनता तय करेगी मुद्दा: अमित शाह इकोनॉमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में गृह मंत्री अमित शाह से जब पूछा गया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव का मुद्दा विकास रहेगा या जाति? इस पर गृह मंत्री ने जवाब दिया कि चुनाव के मुद्दे हमेशा जनता तय करती है. मगर हमारा मानना है कि बिहार के लोगों के लिए विकास ही सबसे बड़ा मुद्दा है. इतना ही नहीं हम बतौर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ने जा रहे हैं.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें बिहार बीजेपी के नेता पहले ही कर चुके हैं ऐलान  बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है जब बीजेपी आलाकमान ने इस बात का ऐलान किया कि वह सीएम नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी. इससे पहले जब गृहमंत्री अमित शाह जब अप्रैल महीने में बिहार के दौरे पर आए थे. तो उस समय भी मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि बीजेपी नीतीश कुमार के चुनाव में लड़ेगी. उनके इस ऐलान के बाद से ही बिहार बीजेपी के नेता भी ये कहने लगे कि नीतीश कुमार ही चुनाव के दौरान एनडीए का चेहरा होंगे. इसे भी पढ़ें: Bihar Politics: विपक्ष के हर मुद्दे की हवा निकाल रहे सीएम नीतीश, चुनाव से पहले तेजस्वी और पीके की बढ़ा रहे मुश्किलें The post Bihar Elections 2025: सीएम नीतीश के लीडरशीप में चुनाव लड़ेगी BJP, गृह मंत्री अमित शाह ने किया ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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लखनऊ में छात्रवृत्ति घोटाला: बंद मदरसों ने की उन्नाव दिखाकर करोड़ों की ठगी, संचालक पर FIR

Lucknow Madrasa Scholarship Scam: राजधानी लखनऊ में मदरसों की आड़ में बड़ा छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया है. इस पूरे प्रकरण में दो मदरसे जामिया सादिया लिल बनात और मौलाना अबुल कलाम आजाद इस्लाह अरेबिक स्कूल शामिल पाए गए हैं. इन दोनों मदरसों के संचालक रिजवानुल हक ने अल्पसंख्यक छात्रों के लिए चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठाने के लिए फर्जीवाड़े का सहारा लिया. सबसे पहले लखनऊ के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में इन मदरसों की ओर से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया गया था. लेकिन जब अधिकारियों ने जांच की तो पाया गया कि ये दोनों संस्थान इस योजना के योग्य नहीं हैं. आवेदन को निरस्त कर दिया गया. हालांकि, यहीं पर मामला रुका नहीं. जब विभाग ने गहराई से छानबीन की तो पता चला कि लखनऊ में अयोग्य पाए जाने के बाद रिजवानुल हक ने योजनाबद्ध तरीके से उन्नाव जिले के नाम से पुनः आवेदन किया और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर छात्रवृत्ति प्राप्त कर ली. इस खुलासे के बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोनू कुमार ने दुबग्गा थाने में संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. केंद्र प्रशासन की सूची से शुरू हुआ संदेह, वक्फ निरीक्षक ने की पुष्टि छात्रवृत्ति योजना के तहत केंद्र प्रशासन ने एक सूची जारी की थी जिसमें उन मदरसों के नाम थे जो योजना के अंतर्गत संदिग्ध पाए गए थे. इस सूची में लखनऊ के दुबग्गा इलाके स्थित दोनों मदरसों के नाम भी शामिल थे. इसके बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के निर्देश पर इन मदरसों का निरीक्षण कराने का आदेश दिया गया. वक्फ निरीक्षक को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई. पांच मई को जब वक्फ निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर दोनों मदरसों का निरीक्षण किया तो पाया कि दोनों संस्थाएं पूरी तरह बंद हैं. कोई भी शैक्षिक गतिविधि नहीं हो रही थी. जब संचालक रिजवानुल हक से फोन पर संपर्क किया गया, तो उसने स्वयं बताया कि दोनों मदरसे अब संचालित नहीं हो रहे हैं. लेकिन पूछे जाने पर वह कोई भी वैध दस्तावेज या रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा सका. जांच रिपोर्ट में साफ लिखा गया कि दोनों मदरसे न केवल बंद हैं बल्कि छात्रवृत्ति योजना में सक्रिय रूप से धोखाधड़ी करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे थे. इसके बाद मदरसों को एनएसपी पोर्टल से ब्लॉक कर दिया गया और शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर इनकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई. उन्नाव को गृह जनपद दिखाकर सिस्टम को किया गुमराह फर्जीवाड़े की असल चालाकी उस वक्त सामने आई जब विभागीय जांच में यह तथ्य उभरा कि इन मदरसों के संचालकों ने आवेदन में लखनऊ की जगह उन्नाव को अपना गृह जनपद बताया था. इससे आवेदन लखनऊ की आईडी पर नहीं दिखे और विभाग की नजर से बच गए. उन्नाव के सिस्टम से आवेदन भेजकर छात्रवृत्ति भी स्वीकृत करा ली गई. इतना ही नहीं, जिस कक्षा के लिए छात्रवृत्ति मांगी गई वह भी फर्जी पाई गई. इन मदरसों को सिर्फ कक्षा 01 से 05 तक की मान्यता प्राप्त थी, जबकि आवेदन कक्षा 11 और 12 के छात्रों के नाम से किए गए थे. इस तरह दोहरी अनियमितता की गई एक तो गलत जनपद दर्शाया गया, और दूसरे शिक्षा स्तर की फर्जी जानकारी दी गई. बायोमीट्रिक सत्यापन भी नहीं हुआ, फिर भी पास हो गए आवेदन वित्तीय वर्ष 2022-23 में लखनऊ में जब इन आवेदनों का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाना था, उस दौरान यह प्रक्रिया भी नहीं हुई. छात्रवृत्ति योजना में बायोमीट्रिक एक महत्वपूर्ण कड़ी है जिससे सुनिश्चित होता है कि आवेदक असली हैं और मदरसे सक्रिय रूप से चल रहे हैं. लेकिन इस मामले में यह प्रक्रिया पूरी तरह से नजरअंदाज कर दी गई. इसके बावजूद योजनाबद्ध तरीके से आवेदन पास कर लिए गए और फंड निकाला गया. निदेशक ने दिए कड़े निर्देश, जांच के बाद दर्ज हुआ मुकदमा पूरा मामला सामने आने के बाद अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक ने सभी जिलों को निर्देश जारी किया कि जहां-जहां भी ऐसे फर्जी संस्थान मौजूद हैं, या फिर जो छात्रवृत्ति योजना में अनियमितता कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और एफआईआर दर्ज की जाए. लखनऊ के मामले में रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोनू कुमार ने दुबग्गा थाने में एफआईआर दर्ज कराई. पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है. अब अन्य जिलों में भी शुरू होगी छानबीन, बड़े नेटवर्क की आशंका इस मामले ने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है. अधिकारियों को संदेह है कि यह सिर्फ दो मदरसों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है जो विभिन्न जिलों में इस तरह की धोखाधड़ी कर रहा है. ऐसे में अन्य जिलों में भी इस प्रकार की जांच शुरू की जा रही है. यदि जांच में और संस्थाएं फर्जी पाई जाती हैं तो उन पर भी एफआईआर दर्ज की जाएगी. The post लखनऊ में छात्रवृत्ति घोटाला: बंद मदरसों ने की उन्नाव दिखाकर करोड़ों की ठगी, संचालक पर FIR appeared first on Naya Vichar.

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International Yoga Day: 15300 फीट की ऊंचाई पर योग, लद्दाख के हानले गांव में दिखा अनोखा नजारा, देखें वीडियो

International Yoga Day: 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सीमा सड़क संगठन के जवानों ने समुद्र तल से 15,300 फीट की ऊंचाई पर लद्दाख के हानले गांव में योगाभ्यास किया. यहां का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. #WATCH | On the occassion of the 11th International Yoga Day, the Border Roads Organisation practice Yoga in Hanle village of Ladakh, at a height of 15,300 feet above sea level. (Source: BRO) pic.twitter.com/CT9B9ghjoi — ANI (@ANI) June 21, 2025 सियाचिन ग्लेशियर की बर्फीली चोटियों से लेकर नौसेना के जहाजों तक दिखा योग का नजारा सियाचिन ग्लेशियर की बर्फीली चोटियों से लेकर विशाखापत्तनम में लंगर डाले नौसेना के जहाजों तक, हिंदुस्तानीय सशस्त्र बलों ने शनिवार को पूरे देश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया तथा अनुशासन और आंतरिक शक्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की. देश के विभिन्न स्थानों में कई केंद्रीय मंत्रियों, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों ने योगासन किये. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर के उधमपुर में समारोह का नेतृत्व किया. उनके साथ सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी थे. योग एक पॉज बटन, मानवता को है आवश्यकता : मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग दिवस के मौके पर विशाखापत्तनम के आरके बीच पर सामूहिक योग प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा, ‘‘दुर्भाग्य से आज दुनिया किसी न किसी तनाव से गुजर रही है, कितने ही क्षेत्रों में अशांति और अस्थिरता बढ़ रही है. ऐसे में योग से हमें शांति की दिशा मिलती है तथा यह सभी को जोड़ता है.” उन्होंने कहा, ‘‘योग एक ‘पॉज बटन’ है, जिसकी मानवता को आवश्यकता है, जिससे कि वे खुलकर सांस ले सकें, जीवन में संतुलन बना सकें तथा पुनः संपूर्ण बन सकें.’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मेरा दुनिया से अनुरोध है कि आइए, इस योग दिवस को मानवता के लिए योग 2.0 के आरंभ के रूप में मनाएं, जहां आंतरिक शांति वैश्विक नीति बन जाती है.’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’’ है, जो एक गहरी सच्चाई को दर्शाता है कि धरती पर प्रत्येक इकाई का स्वास्थ्य परस्पर जुड़ा हुआ है. संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून 2014 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी दिसंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए हिंदुस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक मसौदा प्रस्ताव पेश किया था और रिकॉर्ड 175 सदस्य देशों ने इसका समर्थन किया था. The post International Yoga Day: 15300 फीट की ऊंचाई पर योग, लद्दाख के हानले गांव में दिखा अनोखा नजारा, देखें वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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सेलिब्रेशन या रिलैक्सेशन महीने में इससे ज्यादा शराब खतरनाक, WHO और लैंसेट की रिपोर्ट्स से जानें सही मात्रा

Alcohol Guidelines: शराब आज के समय में लोगों की लाइफ स्टाइल का हिस्सा बन चुका है. कई लोग इसे सेलिब्रेशन का एक हिस्सा मानते हैं तो कई रिलैक्सेशन का एक तरीका. सब अलग अलग वजहों से इसे पीते हैं. लेकिन सवाल ये उठता है कि एक माह में कितनी बार शराब पीना सुरक्षित है. या फिर लोगों को महीने में कितनी बार कितनी मात्रा में शराब पीना सही है, ताकी हेल्थ पर बुरा असर न पड़े. हालांकि चिकित्सकों की मानें तो शराब की कोई मात्रा को हेल्थ की दृष्टिकोण से सही नहीं माना जाता है. लेकिन फिर भी आज हम विभिन्न वैश्विक शोध और स्वास्थ्य संगठनों की रिपोर्ट्स के आधार पर इस सवाल का जवाब देने की कोशिश करेंगे. क्या कहा गया है वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक शराब पीने की कोई भी मात्रा को पूरी तरह से सुरक्षित नहीं कहा गया है. क्योंकि यह कैंसर, लिवर की बीमारी, हाई बीपी और हार्ट डिजीज का सबसे प्रमुख कारण है. फिर भी, अगर कोई व्यक्ति शराब पीना ही चाहता है, तो उसे कम से कम मात्रा और एक निश्चित फ्रीक्वेंसी पर ही इसका सेवन करना चाहिए. Also Read: पीरियड्स के समय स्त्रीएं अक्सर करती हैं ये 5 गलतियां, जान लें वरना परेशानी हो जाएगी दोगुनी क्या कहा गया है यूरोपियन हार्ट जर्नल और लैंसेट की रिपोर्ट में Monthly Alcohol Limit: यूरोपियन हार्ट जर्नल और लैंसेट जैसे प्रतिष्ठित जर्नल्स में छपी रिपोर्ट्स के अनुसार पुरुषों को हफ्ते में 2 से 3 ड्रिंक्स (लगभग 30-40 ml स्टैंडर्ड ड्रिंक प्रति बार) तक सीमित रहना चाहिए. स्त्रीओं के लिए तो यह मात्रा और भी कम गयी है. यानी हफ्ते में 1 से 2 ड्रिंक्स और महीने में 6 से 10 स्टैंडर्ड ड्रिंक्स से अधिक न लेना चाहिए, क्योंकि इससे बीपी, वजन और लिवर पर असर पड़ता है. अत्यधिक शराब पीने के नुकसान अत्यधिक शराब से लिवर सिरोसिस, फैटी लिवर, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, और कैंसर (विशेषकर मुंह, गले और ब्रेस्ट कैंसर) का खतरा बढ़ जाता है. इसका असर मानसिक स्वास्थ्य जैसे कि एंग्जायटी, डिप्रेशन और नींद की समस्याएं हो सकती हैं. हालांकि एक्सपर्ट की मानें तो सप्ताह में कम से कम दो दिन शराब से पूरी तरह दूरी रखना चाहिए. साथ ही एक ही बार में कई ड्रिंक लेने से बचना चाहिए. शराब के साथ खूब पानी पीना और हेल्दी स्नैक्स लेना जरूरी है ताकि लिवर और डिहाईड्रेशन की समस्या न हो. Also Read: Kurti Designs: अनारकली से लेकर चिकनकारी तक, ये है टॉप 10 कुर्ती डिजाइन Disclaimer: हमारी समाचारें जनसामान्य के लिए हितकारी हैं. लेकिन दवा या किसी मेडिकल सलाह को डॉक्टर से परामर्श के बाद ही लें. The post सेलिब्रेशन या रिलैक्सेशन महीने में इससे ज्यादा शराब खतरनाक, WHO और लैंसेट की रिपोर्ट्स से जानें सही मात्रा appeared first on Naya Vichar.

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