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June 25, 2025

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Housefull 5 Box Office Collection: 20वें दिन अक्षय की ‘हाउसफुल 5’ डगमगाई, बॉक्स ऑफिस पर छापे महज फुटकर

Housefull 5 Box Office Collection Day 20: अक्षय कुमार, रितेश देशमुख और अभिषेक बच्चन स्टारर मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म ‘हाउसफुल 5’ ने 6 जून को धमाकेदार शुरुआत की थी. फिल्म ने रिलीज के पहले ही चार दिनों में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई करके सबको चौंका दिया था. लेकिन अब, जब फिल्म अपने तीसरे हफ्ते में पहुंच चुकी है, इसकी कमाई में साफ गिरावट देखी जा रही है. ऐसे में फिल्म ने रिलीज के 20वें दिन कितनी कमाई की, आइए बताते हैं. 20वें दिन की कमाई बेहद कमजोर Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, ‘हाउसफुल 5’ ने अपने 20वें दिन केवल 0.04 करोड़ रुपये का कारोबार किया है. इसके साथ ही फिल्म का कुल नेट कलेक्शन अब 178.57 करोड़ रुपये हो चुका है. हालांकि, ये शुरुआती आंकड़े हैं और शाम के शो में मामूली इजाफा हो सकता है, लेकिन यह साफ है कि फिल्म की कमाई की रफ्तार अब थम गई है. हाउसफुल 5 वर्सेज सितारे जमीन पर फिल्म की गिरती कमाई की एक बड़ी वजह बनकर सामने आई है आमिर खान की हालिया रिलीज ‘सितारे जमीन पर’, जिसने अपने इमोशनल कंटेंट और शानदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया है. जहां ‘हाउसफुल 5’ एक टिपिकल कॉमेडी फिल्म है, वहीं ‘सितारे जमीन पर’ एक इमोशनल स्पोर्ट्स ड्रामा है, जिसका असर सीधे तौर पर ‘हाउसफुल 5’ की ऑडियंस पर पड़ा है. हाउसफुल 5 का डे वाइज बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट Housefull 5 Collection Day 1- 24 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 2- 31 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 3- 32 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 4- 13.76 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 5: 10.75 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 6: 8.12 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 7: 7.00 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 8: 6.07 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 9: 9.77 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 10: 11.50 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 11: 4.1 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 12: 4.25 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 13: 3 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 14: 2.85 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 15: 2 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 16: 2.47 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 17: 3.68 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 18: 1.15 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 19: 1.28 करोड़ रुपयेHousefull 5 Collection Day 20: 0.04 करोड़ रुपये नेट कलेक्शन: 178.57 करोड़ रुपये यह भी पढ़े: Raid 2 OTT Release: अब घर बैठे देखिए अजय देवगन की ब्लॉकबस्टर ‘रेड 2’, जानिए रिलीज डेट और क्या है खास The post Housefull 5 Box Office Collection: 20वें दिन अक्षय की ‘हाउसफुल 5’ डगमगाई, बॉक्स ऑफिस पर छापे महज फुटकर appeared first on Naya Vichar.

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Do You Know: भारत का सबसे कम जिलों वाला राज्य गोवा- जानें रोचक तथ्य

Do You Know: हिंदुस्तान के हर राज्य की अपनी कुछ खूबियां है. गोवा भी उन्हीं में से एक है. इस राज्य को पार्टी और एडवेंचर के लिए जाना जाता है. आप भी अपने दोस्तों में इस राज्य की चर्चा करते होंगे. हालांकि बहुत कम लोग इस राज्य का इतिहास और यहां के कुछ रोचक तथ्यों के बारे में जानते होंगे. अगर आप गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं तो आपको यहां के बारे में जानकारी होनी चाहिए. आइए जानते हैं हिंदुस्तान का सबसे कम जिलों वाला राज्य गोवा के बारे में विस्तार से. Do You Know: गोवा में कितने जिले हैं? हिंदुस्तान के मिनी राज्य कहे जाने वाले गोवा में सिर्फ दो जिले हैं: उत्तर गोवा (North Goa) दक्षिण गोवा (South Goa). गोवा के बारे में रोचक तथ्य (Interesting Facts about Goa in Hindi) भले ही जिले कम हों, लेकिन गोवा का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्व किसी से कम नहीं है. गोवा: हिंदुस्तान का सबसे कम जिलों वाला राज्य गोवा की बुनियादी जानकारी राज्य का गठन: 30 मई 1987 राजधानी: पणजी (Panaji) कुल जिले: 2 (North Goa और South Goa) भाषा: कोंकणी (राज्य भाषा), मराठी और अंग्रेज़ी भी प्रचलित विशेषता: समुद्र तट, पुर्तगाली विरासत, क्रूज, पर्यटन Do You Know: गोवा में केवल दो जिले क्यों हैं? गोवा हिंदुस्तान का सबसे छोटा राज्य (क्षेत्रफल के अनुसार) है. इसकी सीमित आबादी और क्षेत्रफल को देखते हुए प्रशासनिक दृष्टि से दो जिले ही पर्याप्त माने गए. इससे प्रशासन की योजनाओं और सेवाओं का संचालन आसान होता है. भले ही हिंदुस्तान का सबसे कम जिलों वाला राज्य हो, लेकिन इसकी खासियत, सुंदरता और महत्व अतुलनीय है.उत्तर गोवा जहां युवाओं और पार्टी प्रेमियों की पसंद है, वहीं दक्षिण गोवा शांति और प्राकृतिक सौंदर्य पसंद करने वालों के लिए स्वर्ग है. यह भी पढ़ें- Sugarcrete School: Waste से Wonder तक…गन्ने के कचरे से बना देश का पहला स्कूल यह भी पढ़ें- Best BTech College 2025: Google-Apple जैसी कंपनियां दे रहीं प्लेसमेंट, इस काॅलेज में मिला Admission तो लाइफ सेट The post Do You Know: हिंदुस्तान का सबसे कम जिलों वाला राज्य गोवा- जानें रोचक तथ्य appeared first on Naya Vichar.

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कितना मनहूस है इस बल्लेबाज का शतक, जब-जब जड़ा भारत को नहीं मिली जीत

Rishabh Pant’s Unlucky Centuries for India: पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने हिंदुस्तान को पांच विकेट से हराया. 371 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बेन डकेट ने 149 रन की शानदार शतकीय पारी स्पोर्ट्सी. वहीं हिंदुस्तान को गेंदबाजों की लचर गेंदबाजी और कमजोर फील्डिंग भारी पड़ी. इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली. हिंदुस्तान की ओर से इस मैच में पांच शतक लगे, जिसमें दो ऋषभ पंत के बल्ले से आए. लेकिन उनका शतक एक बार फिर मनहूसियत भरा रहा. हिंदुस्तान के उपकप्तान ऋषभ पंत का भी एक दुर्भाग्यपूर्ण आंकड़ा सामने आया है जब भी उन्होंने विदेशी सरजमीं पर टेस्ट शतक लगाया है, हिंदुस्तान जीत नहीं पाया. ऋषभ पंत जब भी शतक बनाते हैं, उम्मीद जगती है कि हिंदुस्तान जीत की ओर बढ़ेगा, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं. चाहे ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड या दक्षिण अफ्रीका हो, उनकी बेहतरीन पारियों के बावजूद टीम को जीत कम ही मिली है. हिंदुस्तान के बाहर पंत के बल्ले से निकले शतक अक्सर टीम की हार या ड्रॉ के साथ खत्म हुए हैं. उनका शतक हिंदुस्तानीय टीम के लिए जितना खास होता है, उतना ही दुर्भाग्यशाली भी साबित होता है. पंत के देश से बाहर शतक और मैच के नतीजे 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ 118 रन बनाए, हिंदुस्तान हार गया. 2019 में ऑस्ट्रेलिया में नाबाद 159 रन बनाए, मैच ड्रॉ रहा. 2022 में दक्षिण अफ्रीका में 100* रन बनाए, हिंदुस्तान हारा. 2022 में इंग्लैंड में 146 रन बनाए, मैच हार गया. और अब इंग्लैंड में 134 और 118 रन की पारी के बावजूद हिंदुस्तान को हार का सामना करना पड़ा. हिंदुस्तान की रिकॉर्ड हार लीड्स में इस पांच विकेट की हार के साथ, हिंदुस्तान टेस्ट इतिहास की पहली ऐसी टीम बन गया है, जिसने एक ही मैच में पांच अलग-अलग शतक लगाने के बावजूद मैच गंवाया. हिंदुस्तान के लिए यशस्वी जायसवाल (101), शुभमन गिल (147), केएल राहुल (137) और ऋषभ पंत (134 और 118) ने शतक लगाए. इसके अलावा हिंदुस्तान ने इस टेस्ट में कुल 835 रन बनाए, जो टेस्ट इतिहास में हार के बावजूद किसी भी टीम द्वारा बनाया गया चौथा सबसे बड़ा स्कोर है. हिंदुस्तान के पास अब जीत ही विकल्प एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के पहले मैच में जीत के साथ इंग्लैंड ने बढ़त बना ली है. अब इस सीरीज का अगला मुकाबला बर्मिंघम के एजबैस्टन में स्पोर्ट्सा जाएगा. शुभमन गिल की कप्तानी में हिंदुस्तान को अगर सीरीज में बने रहना है, तो अब जीत ही एकमात्र विकल्प है. हिंदुस्तान पिछले 9 मैचों में 7वीं हार झेल रहा है. इंडिया अब इस आंकड़े से भी पीछा छुड़ाना चाहता है.   एक ही दिन में इंग्लैंड से दूसरा मुकाबला हारी इंडिया, अभ्यास मैच में हरलीन के शतक गया बेकार ‘जैसे गहरे समंदर में धकेल दिया…’, पहले टेस्ट में गिल की कप्तानी पर बोले कोच गंभीर पहले टेस्ट में हार के बाद लुढ़की टीम इंडिया, WTC 2025-27 में टॉप पर यह टीम The post कितना मनहूस है इस बल्लेबाज का शतक, जब-जब जड़ा हिंदुस्तान को नहीं मिली जीत appeared first on Naya Vichar.

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Bihar: राजद में 28 साल की अब शुरू होगा युवाओं का दौर, लालू की पार्टी में तेजस्वी के धुरंधरों से सजेगी नयी टीम

Bihar: पटना. 28 साल की आरजेडी बदलाव के दौर से गुजर रही है. यह कहना गलत नहीं होगा कि बड़े बदलाव धीमी गति से हो रहे हैं. प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की गठित होने जा रही टीम में यह बदलाव साफ तौर पर देखने को मिल सकते हैं. सियासी जानकारों के मुताबकि प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सड़कों पर सियासी संघर्ष करने वाले समाजवादी योद्धा भी दिखाई देंगे. वहीं इस टीम में वह नये लोग भी शामिल होंगे, जो लालू के सर्वमान्य उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव की कोर टीम में शामिल विश्वसनीय अपेक्षाकृत युवा चेहरे होंगे. लालू प्रसाद की अपने आगे की पीढ़ी को जवाबदेही सौंपने की इस रणनीति पर बड़े-बड़े सियासी दिग्गज भी चौंके हुए हैंं. युवा बन रहे हैं थिंक टैंक तेजस्वी यादव की कोर टीम में शामिल ये युवा तुलनात्मक रूप में सोशल मीडिया और पार्टी के मूल एजेंडा जातीय समीकरण सांचे में काफी हद तक फिट भी हैं. बेशक राजद के ”थिंक टैंक” में अब अपेक्षाकृत युवा नेताओं का बोलबाला देखने को मिलेगा. महागठबंधन के लिए गठित समिति में राजद के टीम में इसे देखा जा सकता है. यह वह टीम है, जो सीट साझेदारी जैसे अहम काम में प्रभावी भूमिका निभायेगी. रणनीतिकारों की टीम में लालू प्रसाद को छोड़कर अन्य समाजवादी योद्धाओं की स्थिति भी अब किसी से छुपी नहीं रह गयी है. तेजस्वी को बुजुर्गों का सियासी आशीर्वाद जरूरी बेशक राजद ने धरातल पर सबसे ज्यादा युवाओं पर ही भरोसा जताया है. इसका नेतृत्व सिर्फ तेजस्वी करने जा रहे हैं. हां, मंचों पर समाजवादी योद्धा पहली कतार में दिखाइ्र देंगे. दरअसल राजद सुप्रीमो जानते हैं कि उनके बेटे तेजस्वी की किसी भी बड़े पद पर ताजपोशी के लिए आरजेडी के बुजुर्गों का सियासी आशीर्वाद जरूरी है. दूसरे , लालू प्रसाद विभिन्न वर्गों के बुजुर्गों के जरिये ”ए टू जेड” की पार्टी हाेने का सियासी मायाजाल अभी बनाये रखना चाहते हैं. फिलहाल आज की राजद में लालू प्रसाद एक समाजवादी आंदोलन का प्रतिनिधित्व करते है, जिसे सड़क पर उतरकर सियासी विरोधियों को चुनौती देना पसंद है. दूसरी पीढ़ी तेजस्वी की है, जिसे सड़क से ज्यादा लड़ाई सोशल मीडिया पर लड़ना पसंद है. वह वाक युद्ध चाहते हैं. ऐसे में रणनीति यह है कि पार्टी का मुखिया अभी बुजुर्ग ही रहे और उसके सभी सेनापति युवा हों. तेजस्वी की कोर टीम में धुरंधर युवा इस बार प्रदेश और राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इसका असर दिखाई देगा. इस टीम में तेजस्वी की कोर टीम के धुरंधर युवा नेता जैसे आलोक मेहता,कामरान, संजय यादव, रणविजय साहू, सर्वजीत कुमार और शिवचंद्र राम शामिल होंगे. इस टीम में लालू प्रसाद की पीढ़ी के लोग भी होंगे. इसमें शिवानंद तिवारी,जगदानंद सिंह, उदय नारायण चौधरी, अब्दुल बारी सिद्धीकी, रामचंद्र पूर्वे आदि शामिल होंगे. दरअसल आरजेडी सुप्रीमो समझते हैं कि बुजुर्ग नेताओं की यह टीम अभी भी भी वैचारिक लड़ाई में मददगार साबित होंगे. इनके आवाज बिहार के जनमानस को अभी भी भाती है. इसलिए राजद के हर मंच की अग्रिम पंक्ति में यह टीम दिखाई दे जाती है. बुजुर्ग नेताओं को साधना दल की सियासी मजबूरी राजद में पार्टी की कमान आहिस्ता-आहिस्ता ही सही युवाओं की तरफ जार रही है. संगठन के शीर्ष पदों पर अभी भी बुजुर्ग नेताओं काबिज रखा गया है. चाहे प्रदेश अध्यक्ष की कमान मंगनीलाल मंडल को देना हो या राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर खुद लालू प्रसाद का बने रहना हो. पार्टी का मानना है कि एक साथ युवा टीम को पूरी जिम्मेदारी देने का मतलब इस निर्णायक चुनाव में सियासी विरोध को आमंत्रण देना है. भागदारी अति पिछड़ों को मिलना तय राजद के संगठन में इस बार अति पिछड़ा को अधिक से अधिक पद दिया जाना तय है. दरअसल ऐसा 2025 के चुनाव की वजह से है. पार्टी का आकलन है कि पार्टी पिछले कुछ चुनाव से प्रशासन बनाने से इसलिए वंचित रह जा रही है, कि उसे अति पिछड़ों का समुचित वोट नहीं मिल रहा है. बता दें कि राजद में तीन साल पहले से पार्टी में आरक्षण प्रभावी किया गया है. Also Read: Bihar Cabinet Meeting: बिहार के 6 शहरों में खुलेंगे एयरपोर्ट, केंद्र प्रशासन से समझौते पर कैबिनेट की मुहर The post Bihar: राजद में 28 साल की अब शुरू होगा युवाओं का दौर, लालू की पार्टी में तेजस्वी के धुरंधरों से सजेगी नयी टीम appeared first on Naya Vichar.

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Name Personality: करियर के मामले में बहुत समझदार होते हैं इन 3 नाम अक्षर के बच्चे, बनाते हैं सुनहरा भविष्य

Name Personality: नाम केवल हमारी पहचान नहीं होता, बल्कि हमारे स्वभाव, चरित्र और व्यक्तित्व के कई पहलुओं को भी उजागर करता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी व्यक्ति के नाम का पहला अक्षर उसकी ऊर्जा, सोच और जीवन के प्रति दृष्टि को प्रभावित करता है. हर नाम अक्षर की अपनी एक खास विशेषता और ऊर्जा होती है, जो व्यक्ति के व्यवहार और सोच में झलकती है. ऐसे में आज हम इस आर्टिकल ए उन 3 नाम अक्षर के शिशु के आबरे में अबाट करेंगे, जो बहुत मेहनती और बड़े होकर सुख-सुविधाओं से जीवन जीते हैं. चलिए जानते हैं इन बच्चों के नाम अक्षर और स्वभाव के बारे में.  D नाम के शिशु कैसे होते हैं? जिन बच्चों का नाम अंग्रेजी के अक्षर D से शुरू होता है, वे बहुत मेहनती होती हैं. इन बच्चों को अपने लक्ष्य की प्राप्ति करने के लिए कड़ी मेहनत करना पड़ता है. ये शिशु बहुत नेक और साफ दिल के होते हैं, साथ ही, ये बड़े होकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करते हैं.  यह भी पढ़ें- Name Personality: जिद्दी होने के कारण घमंडी समझे जाते हैं इस नाम अक्षर के लोग, प्यार में होते हैं बदकिस्मत G नाम के शिशु कैसे होते हैं?  जिन बच्चों का नाम अंग्रेजी के G अक्षर से शुरू होता है, वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी से कड़ी मेहनत करने को तैयार रहते हैं. ये एक बार फेल होने से कभी हार नहीं मानते हैं. इनको बड़े होकर एक सफल व्यक्ति बनने की जिज्ञासा होती हैं.  K नाम के शिशु कैसे होते हैं? इस नाम के शिशु बहुत ईमानदार और साफ दिल के होते हैं. ये हर किसी से बहुत इज्जत और आदर से पेश आते हैं. इनका स्वभाव बहुत मिलनसार होता हैं. इसके अलावा, ये अपने करियर में बहुत आगे जाते हैं और बड़े होकर ये अपना जीवन बहुत अच्छे से जीते हैं.  यह भी पढ़ें- Name Personality: माता-पिता का सिर गर्व से करते हैं ऊंचा इन 3 नाम अक्षर के शिशु  यह भी पढ़ें- Name Personality: इन 3 नाम अक्षरों के बच्चों का रुतबा किसी राजा से कम नहीं, तारे जैसी चमकती है किस्मत Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Name Personality: करियर के मामले में बहुत समझदार होते हैं इन 3 नाम अक्षर के शिशु, बनाते हैं सुनहरा भविष्य appeared first on Naya Vichar.

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Akshay-Ajay Movie Clash: ‘तू त्रिशूल लेकर आ…’ कन्नापा और मां के क्लैश के बीच अजय देवगन और अक्षय कुमार ने किया दोस्ताना ट्वीट

Akshay-Ajay Movie Clash: बॉलीवुड में फिल्म क्लैश को लेकर अक्सर टेंशन देखने को मिलती है. क्लैश कर रही फिल्मों के मेकर्स में फ्लॉप होने का डर भी बना रहता है. इस शुक्रवार यानी 27 जून को भी अक्षय कुमार की ‘कन्नप्पा’ और अजय देवगन की ‘मां’ एक साथ रिलीज होने वाली है. हालांकि इस बार दोनों के बीच टेंशन नहीं, बल्कि खुशी दिख रही है. अजय और अक्षय एक-दूसरे को खुले दिल से शुभकामनाएं दे रहे हैं. साथ ही दोनों स्टार्स के बीच सोशल मीडिया पर प्यार भरा मजाक देखने को मिला, जिससे उनकी गहरी दोस्ती का अनुमान लगाया जा सकता है.  Yaar Ajay hum dono ki picture aa rahi hai iss Friday. Tu apne fans ki good wishes #Kannappa ko bhej de aur main mere Mahadev ki blessing #Maa ko. Kya bolta hai? 😬Goodluck to Kajol and you bhai…May the power be with you. 😊 @ajaydevgn @itsKajolD pic.twitter.com/FEBDmPVMwE — Akshay Kumar (@akshaykumar) June 24, 2025 अजय-अक्षय के ट्वीट से फैंस हुए खुश  अक्षय कुमार ने ट्वीट कर अजय और काजोल को टैग करते हुए लिखा, “यार अजय, इस शुक्रवार हमारी दोनों फिल्मों की रिलीज है. तू अपने फैंस की शुभकामनाएं कन्नप्पा को भेज दे और मैं अपने महादेव की दुआएं मां को भेजता हूं. बोल भाई, कैसा रहेगा?” अक्षय कुमार के इस ट्वीट के बाद अजय देवगन ने भी तुरंत जवाब देते हुए लिखा, “तू त्रिशूल लेकर आ और मैं मां का आशीर्वाद…हम दोनों पर कृपा बनी रहे!” दोनों के इस बातचीत से फैंस बहुत खुश हो रहे हैं और इसे बॉलीवुड का पॉजिटिव क्लैश बताया जा रहा है. Tu Trishul leke aa aur main Maa ka aashirwad…Good luck to us both 🙏 https://t.co/Kl4XHUQ9Cs — Ajay Devgn (@ajaydevgn) June 24, 2025 दोनों फिल्मों का फैंस को है इंतजार  आपको बता दें, ‘मां’ एक माइथोलॉजिकल हॉरर फिल्म है. फिल्म में काजोल को अब तक के सबसे अलग किरदार में देखा जाएगा. ट्रेलर को दर्शकों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. वहीं ‘कन्नप्पा’ एक तेलुगू भाषा की पौराणिक फिल्म है, जो देशभर में कई भाषाओं में रिलीज की जा रही है. फिल्म के लीड रोल में तेलुगू एक्टर विष्णु मांचू हैं, जबकि अक्षय कुमार इसमें भगवान शिव के रूप में एक दमदार कैमियो करते नजर आएंगे. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इनदोनों फिल्मों में कौन बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाता है.  ये भी पढ़ें: Sardaar Ji 3: दिलजीत दोसांझ के इस गलती ने फैंस को बनाया दुश्मन, सिंगर मीका सिंह ने सुनाई खरी-खोटी ये भी पढ़ें: Abhishek Bachchan: कालीधर लापता के बाद अभिषेक के हाथ लगी एक और फिल्म, गंभीर किरदार में आयेंगे नजर The post Akshay-Ajay Movie Clash: ‘तू त्रिशूल लेकर आ…’ कन्नापा और मां के क्लैश के बीच अजय देवगन और अक्षय कुमार ने किया दोस्ताना ट्वीट appeared first on Naya Vichar.

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विंग कमांडर अभिनंदन को पकड़ने का दावा करने वाले PAK मेजर अब्बास की मौत, TTP ने मार गिराया

Pakistan: पाकिस्तानी सेना के मेजर मोइज अब्बास शाह की मौत की समाचार सामने आई है. यह वही सेना अधिकारी थे जिन्होंने वर्ष 2019 में दावा किया था कि उन्होंने विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को हिरासत में लिया था. मेजर अब्बास की मौत पाकिस्तान के वजीरिस्तान क्षेत्र में हुई है. जानकारी के मुताबिक, वजीरिस्तान क्षेत्र में मेजर अब्बास और तहरीक-ए-तालिबान (TTP) के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें उनकी मौत हो गई. पाकिस्तानी सेना द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इलाके में सुरक्षा बलों की एक टीम तहरीक-ए-तालिबान के खिलाफ ऑपरेशन चला रही थी, जिसका नेतृत्व मेजर अब्बास कर रहे थे. ऑपरेशन के दौरान गोली लगने से मेजर अब्बास और सेना के लांस नायक जिब्रानुल्लाह की मौके पर ही मौत हो गई. पाकिस्तानी सेना के अनुसार, अब्बास स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में मेजर के पद पर तैनात थे. उनकी उम्र 37 वर्ष बताई जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल की शुरुआत से अब तक सेना के 116 जवान तहरीक-ए-तालिबान के साथ मुठभेड़ों में मारे गए हैं, जबकि वर्ष 2024 में कुल 284 सैनिकों के मारे जाने की समाचार सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, तहरीक-ए-तालिबान संगठन की स्थापना वर्ष 2007 में हुई थी. यह संगठन पाकिस्तानी सेना द्वारा लाल मस्जिद पर की गई सैन्य कार्रवाई के विरोध में बनाया गया था. बताया जाता है कि इस संगठन की स्थापना कारी महसूद ने की थी. शुरूआती दौर में यह संगठन आतंकियों को आत्मघाती हमलावर (सुसाइड बॉम्बर) बनने के लिए तैयार करता था. The post विंग कमांडर अभिनंदन को पकड़ने का दावा करने वाले PAK मेजर अब्बास की मौत, TTP ने मार गिराया appeared first on Naya Vichar.

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Screen Time Control for Kids: बच्चों का स्क्रीन टाइम कैसे करें कंट्रोल? जानिए 5 आसान और पावरफुल नियम

Screen Time Control for Kids: आज के समय में शिशु मोबाइल, टीवी और टैबलेट पर बहुत ज्यादा समय बिताते हैं. इससे उनकी आंखें और सेहत खराब हो सकती है. इसलिए मां-बाप के लिए जरूरी है कि वे बच्चों का स्क्रीन टाइम सही तरह से कंट्रोल करें. जब स्क्रीन टाइम सही होगा तो शिशु पढ़ाई, स्पोर्ट्स-कूद और अन्य कामों पर भी ध्यान दे पाएंगे. इससे उनका दिमाग और शरीर दोनों स्वस्थ रहेंगे. इस आर्टिकल में हम बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम कम करने के आसान और असरदार नियम बताएंगे, जो हर शिशु के लिए जरूरी हैं. Screen Time Control for Kids: समय तय करें आपको अपने शिशु के लिए रोजाना स्क्रीन टाइम का एक निश्चित समय तय करना चाहिए. ज्यादा देर तक मोबाइल या टीवी देखने से उनकी आंखों और दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए, रोजाना एक से दो घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम न दें. Screen Time Control for Kids: ब्रेक लेना जरूरी है अगर बच्चा स्क्रीन पर ज्यादा देर तक रहता है तो उसे बीच-बीच में आराम करना चाहिए. हर तीस से चालीस मिनट बाद दस मिनट का ब्रेक देना अच्छा रहता है. ब्रेक में शिशु थोड़ा चल फिर सकते हैं या बाहर स्पोर्ट्स सकते हैं. ये भी पढ़ें: Parenting Tips: बच्चों की सफलता के लिए जानिए ये 5 पेरेंटिंग सीक्रेट्स, जो हर मां-बाप को पता होने चाहिए ये भी पढ़ें: Parenting Tips: बच्चों के साथ बेहतर रिश्ते का ये आसान फॉर्मूला, हर मां-बाप के लिए जरूरी Screen Time Control for Kids: काम पहले पूरा करें बच्चों को स्क्रीन टाइम से पहले अपना होमवर्क या पढ़ाई पूरी करनी चाहिए. इससे उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझ में आती है और वे समय का सही उपयोग करना सीखते हैं. जब काम पूरा हो जाएगा तभी स्क्रीन टाइम मिलेगा. Screen Time Control for Kids: परिवार के साथ स्क्रीन टाइम सीमित करें बच्चों को टीवी या मोबाइल देखते समय परिवार के साथ बैठना चाहिए. इससे शिशु अकेले नहीं रहेंगे और उनकी गतिविधियों पर नजर रहेगी. साथ में समय बिताने से बच्चों को यह भी पता चलता है कि स्क्रीन टाइम सीमित होना चाहिए. Screen Time Control for Kids: स्पोर्ट्स कूद को बढ़ावा दें बच्चों को स्क्रीन टाइम की जगह पढ़ाई, स्पोर्ट्स-कूद या कला जैसी चीजों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें. इससे उनका दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है और वे ज्यादा एक्टिव रहते हैं. यह उनके लिए अच्छा और स्वस्थ रहता है. ये भी पढ़ें: Single Parenting Tips: सिंगल पेरेंटिंग कर रहें? इन 5 बातों को नजरअंदाज किया तो जरूर पछताएंगे ये भी पढ़ें: Parenting Tips: अगर चाहते हैं कि बच्चा बड़ा होकर आपका सम्मान करे, तो आज ही बदलें ये 3 आदतें Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Screen Time Control for Kids: बच्चों का स्क्रीन टाइम कैसे करें कंट्रोल? जानिए 5 आसान और पावरफुल नियम appeared first on Naya Vichar.

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Best Online Courses After 12th: कम समय में देनी है करियर को उड़ान तो 12वीं के बाद करें ये ऑनलाइन कोर्स

Best Online Courses After 12th: आज के समय में अगर आप 12वीं के बाद जल्दी करियर शुरू करना चाहते हैं तो आपके पास कई ऑप्शन हैं. कम समय में करियर को उड़ान देने वाले कोर्स में डिजिटल मार्केटिंग और ग्राॅफिक डिजाइनिंग टाॅप ऑप्शन माने जाते हैं. 3 से 6 महीने के ये कोर्स कंप्लीट करने के बाद आप अच्छे पैकेज पर जाॅब शुरू कर सकते हैं. सबस अहम बात यह है कि ये कोर्स घर बैठे किए जा सकते हैं और अच्छी सैलरी वाली नौकरियों के लिए रास्ता खोलते हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही बेस्ट ऑनलाइन कोर्स (Best Online Courses After 12th) के बारे में. डिजिटल मार्केटिंग कोर्स (Digital Marketing) कोर्स ड्यूरेशन: 3 से 6 महीने संभावित सैलरी: 25,000 से 1,00,000 प्रति माह क्या सीखेंगे: SEO, Social Media Marketing, Google Ads, Email Marketing क्यों करें: आज हर कंपनी ऑनलाइन है और उन्हें अपने ब्रांड को प्रमोट करने के लिए डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट्स की जरूरत है. ग्राफिक डिजाइनिंग (Graphic Designing) कोर्स ड्यूरेशन: 4 से 6 महीने संभावित सैलरी: 20,000 से 80,000 प्रति माह क्या सीखेंगे: Photoshop, Illustrator, Logo Design, UI/UX क्यों करें: इस क्रिएटिव फील्ड में फ्रीलांसिंग और फुल-टाइम दोनों के जबरदस्त मौके हैं. मोबाइल ऐप डेवलपमेंट (Mobile App Development) कोर्स ड्यूरेशन: 6 महीने से 1 साल संभावित सैलरी: 30,000 से 1.5 लाख प्रति माह क्या सीखेंगे: Android, iOS App Development, Java/Kotlin/Swift क्यों करें: ऐप्स की दुनिया तेजी से बढ़ रही है और इसकी डिमांड हर सेक्टर में है. डेटा एनालिटिक्स (Data Analytics) कोर्स ड्यूरेशन: 6 महीने संभावित सैलरी: 40,000 से 2 लाख प्रति माह क्या सीखेंगे: Excel, SQL, Power BI, Python Basics क्यों करें: कंपनियों को निर्णय लेने के लिए डेटा एनालिस्ट की जरूरत होती है. यह भी पढ़ें- Best BTech College 2025: Google-Apple जैसी कंपनियां दे रहीं प्लेसमेंट, इस काॅलेज में मिला Admission तो लाइफ सेट Animation & VFX (Best Online Courses After 12th) कोर्स ड्यूरेशन: 6 महीने से 1 साल संभावित सैलरी: 25,000 से 1.2 लाख प्रति माह क्या सीखेंगे: 2D/3D Animation, Maya, After Effects क्यों करें: फिल्मों, वेब सीरीज और एडवर्टाइजमेंट इंडस्ट्री में इसकी काफी डिमांड है. नोट- Best Online Courses After 12th की जानकारी रिसर्च और रिपोर्ट्स के आधार पर दी गई है. कोर्स, एडमिशन और फीस से अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट देखें. The post Best Online Courses After 12th: कम समय में देनी है करियर को उड़ान तो 12वीं के बाद करें ये ऑनलाइन कोर्स appeared first on Naya Vichar.

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Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah छोड़ने के बाद ऐसी हुई कुश शाह की हालत, बोले- मैं अकेला रह…

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: तारक मेहता का उल्टा चश्मा में ‘गोली’ का किरदार निभाने वाले कुश शाह अब एक्टिंग छोड़कर पढ़ाई पर फोकस कर रहे हैं. उन्होंने शो को अलविदा कह दिया है और अब न्यूयॉर्क में शिफ्ट हो चुके हैं. हाल ही में उन्होंने एक पॉडकास्ट में अपनी लाइफस्टाइल को लेकर कुछ दिलचस्प खुलासे किए. आइए बताते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा है. न्यूयॉर्क में अकेले रह रहे हैं कुश शाह टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में कुश ने बताया कि वो न्यूयॉर्क में अकेले रह रहे हैं क्योंकि जो रूममेट आना था, वो आया ही नहीं. कुश ने कहा, ‘किस्मत से मैं अकेला रह रहा हूं क्योंकि जिसे मेरे साथ रूम शेयर करना था वो कभी आया ही नहीं. तो मुझे अकेले ही पूरा प्लेस मिल गया है. मैं न्यूयॉर्क में अकेला रह रहा था. मेरे लिए ये बड़ी बात है क्योंकि तब मुझे एहसास हुआ कि ओह, बिस्तर पर खाना खाने से कॉकरोच आते हैं.’ कुश ने आगे कहा, ‘मैंने तीन महीने में सबकुछ सीख लिया है. लेकिन मुझे हमेशा से हाथ में सबकुछ करा कराया मिला है. मैं सालों तक पेरेंट्स के साथ रह रहा था और लग्जरी जीवन जी रहा था. लेकिन न्यूयॉर्क में सबकुछ खुद से करना होता है. तब मुझे समझ में आया कि क्या गड़बड़ हो रही है. बेड पर खाना खाने से कॉकरोच आ रहे हैं. मैं सोने से पहले बर्तन भी नहीं धोता था. लेकिन मुझे समझ में आने लगा कि चीजें कितनी मुश्किल हैं. ईमानदारी से कहूं तो मैं इसके लिए खुद पर बहुत गुस्सा करता हूं.’ ‘टाइम्स स्क्वायर से बेहतर है घाटकोपर’ कुश ने बताया कि वो न्यूयॉर्क की चकाचौंध से डिस्ट्रैक्ट हो गए थे लेकिन अब उन्हें हिंदुस्तान की सादगी ज्यादा भा रही है. वह बोले, ‘ये न्यूयॉर्क है. मैं बहुत डिस्ट्रैक्ट था. मैं इस दुनिया को देखकर पागल हो गया था. लेकिन ईमानदारी से कहूं तोमुझे लगता है कि मुझे टाइम्स स्क्वायर से घाटकोपर ज़्यादा पसंद है. टाइम्स स्क्वायर वाकई एक भयानक जगह है, चाहे आप न्यूयॉर्क के बारे में कुछ भी कहें.’ बचपन से टीवी पर कुश शाह ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में काम करना शुरू किया था जब वो सिर्फ पांचवी क्लास में थे. शो के साथ-साथ उन्होंने बड़ा होते हुए दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. यह भी पढ़े: Raid 2 OTT Release: अब घर बैठे देखिए अजय देवगन की ब्लॉकबस्टर ‘रेड 2’, जानिए रिलीज डेट और क्या है खास The post Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah छोड़ने के बाद ऐसी हुई कुश शाह की हालत, बोले- मैं अकेला रह… appeared first on Naya Vichar.

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