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June 25, 2025

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Sugarcrete School: Waste से Wonder तक…गन्ने के कचरे से बना देश का पहला स्कूल

Sugarcrete School: क्या आपने कभी सुना है कि किसी स्कूल की दीवारें गन्ने के कचरे से बनी हों? अब यह सिर्फ कल्पना नहीं, हकीकत है. उत्तर प्रदेश के नोएडा में हिंदुस्तान का पहला ऐसा स्कूल बना है जो गन्ने के वेस्ट यानी बगास से तैयार ईंटों (Sugarcrete Bricks) से बनाया गया है. यह कदम कम कार्बन उत्सर्जन वाली ग्रीन बिल्डिंग तकनीक को बढ़ावा देता है. यहां इसके बारे में विस्तार से जानें. क्या है शुगरक्रीट (Sugarcrete)? indiatoday.in की रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुगरक्रीट एक नई ईंट है जो गन्ने से रस निकालने के बाद बचने वाले बगास और खनिज पदार्थों को मिलाकर बनाई जाती है. यह ईंट सामान्य मिट्टी की ईंटों की तुलना में 6 गुना कम कार्बन उत्सर्जन करती है. इसे पहली बार 2023 में University of East London (UEL) के प्रोफेसरों Alan Chandler और Armor Gutierrez Rivas ने विकसित किया था. Sugarcrete School की खासियत दीवारें: इंटरलॉकिंग Sugarcrete ईंटों से बनीं हैं, जो लाइम मोर्टार से जुड़ी हैं. छत: स्टील फ्रेम से बनी हुई है और ऊपर की तरफ प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन के लिए खिड़की दी गई है. वरांडा: बच्चों को बरसात में बचाने के लिए डिजाइन किया गया है. बच्चों और पर्यावरण के लिए फायदेमंद (Sugarcrete School) इस परियोजना में University of East London, Chemical Systems Technologies (CST) और पंचशील बालक इंटर कॉलेज (PBIC) की भागीदारी रही. इस स्कूल का उद्देश्य सिर्फ पर्यावरण-संरक्षण नहीं बल्कि समाज में टिकाऊ विकास की भावना को बढ़ावा देना है. शुगरक्रीट एक नई सोच है जो ग्रामीण हिंदुस्तान के स्कूलों और भवनों की तस्वीर बदल सकती है. देशभर में हो रहा विस्तार (Sugarcrete School) अब हरियाणा के हिसार में भी ऐसा ही स्कूल बनाया जा रहा है, जिसमें 150 वंचित बच्चों के लिए शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट की सुविधा होगी. CCS हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के साथ रिसर्च और ट्रेनिंग के लिए समझौता किया गया है. CST और UEL अब देशभर में शुगरक्रीट तकनीक को फैलाने की योजना बना रहे हैं. यह भी पढ़ें- MBBS Admission without NEET: क्या बिना नीट के बन सकते हैं Docter? यहां हैं एडमिशन के Best Options यह भी पढ़ें- Success Story: पिता को पहला सैल्यूट और नम हो गई आंखें…तीसरी पीढ़ी की बेटी बनी Army Officer The post Sugarcrete School: Waste से Wonder तक…गन्ने के कचरे से बना देश का पहला स्कूल appeared first on Naya Vichar.

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शुभांशु शुक्ला आज भरेंगे अंतरिक्ष की उड़ान, Axiom-4 मिशन से रचेगा इतिहास

Shubhanshu Shukla: हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला आज (25 जून) अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) जाने के लिए रवाना होंगे. शुभांशु एक्सिओम-4 मिशन के तहत ISS के लिए रवाना होंगे. इस मिशन में उनके साथ हंगरी के तिबोर कापु और पोलैंड के स्लावोस उज्नानस्की विस्नेव्स्की जाएंगे. अंतरिक्ष यात्रियों की इस टीम का नेतृत्व नासा की स्त्री अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन करेंगी. इस समय होगा लॉन्च होगा Axiom-4 मिशन नासा ने दोपहर 12 बजकर 1 मिनट पर एक्सिओम-4 मिशन की लॉन्चिंग का समय निर्धारित किया है. इस मिशन के लिए स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट का इस्तेमाल किया जा रहा है. शुभांशु अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर सात हिंदुस्तानीय वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे. वे राकेश शर्मा के बाद दूसरी बार अंतरिक्ष में जाने वाले हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष यात्री होंगे. शुभांशु करेंगे अंतरिक्ष ने सात प्रयोग यह मिशन पहले 7 बार टल चुका है और यह 14 दिनों का होगा. इस दौरान अंतरिक्ष स्टेशन पर 60 से ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे, जिनमें से 7 हिंदुस्तानीय प्रयोग होंगे. हिंदुस्तान के लिए यह पल बेहद खास है क्योंकि यह पहली बार है जब कोई हिंदुस्तानीय ISS पर पहुंचेगा. शुभांशु के प्रयोग कम गुरुत्वाकर्षण में कृषि, जैविक और मानव अनुकूलन से संबंधित होंगे. वह इस मिशन में पायलट के तौर पर तैनात किए गए हैं, जबकि हंगरी के तिबोर कापु और पोलैंड के स्लावोस उज्नानस्की विस्नेव्स्की विशेषज्ञ के रूप में कार्य करेंगे. लॉन्चिंग के अगले दिन, 26 जून की शाम 4 बजकर 30 मिनट पर ड्रैगन कैप्सूल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से डॉक करेगा. यह भी पढ़े: Donald Trump On Ceasefire: बम मत गिराओ…सीजफायर उल्लंघन पर भड़के ट्रंप, कहा- ईरान-इजराइल से खुश नहीं हूं | Israel-Iran conflict Donald Trump says both Iran Israel violated ceasefire यह भी पढ़े: Shubhanshu Shukla: Axiom-4 मिशन की नई लॉन्च डेट घोषित, 25 जून को रवाना होंगे शुभांशु शुक्ला The post शुभांशु शुक्ला आज भरेंगे अंतरिक्ष की उड़ान, Axiom-4 मिशन से रचेगा इतिहास appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 85 पुल का पहली बार होगा डिजिटल ऑडिट, IIT की निगरानी में होगा ड्रोन और सेंसर से हर ब्रिज का जांच

Bridge Safety Audit in Bihar: बिहार में पुलों की सुरक्षा को लेकर अब कोई समझौता नहीं होगा. राज्य प्रशासन ने देश की पहली ब्रिज मेंटेनेंस पॉलिसी 2025 लागू करते हुए बड़ा कदम उठाया है. मंगलवार, 24 जून 2025 को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने IIT पटना और IIT दिल्ली के साथ ऐतिहासिक समझौता किया. इसके तहत पहले चरण में 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले 85 बड़े पुलों की संरचनात्मक और सुरक्षा जांच की जाएगी. IIT पटना और दिल्ली को सौंपी गई ज़िम्मेदारी समझौते के तहत IIT पटना दक्षिण बिहार के 45 पुलों का स्ट्रक्चरल और सेफ्टी ऑडिट करेगा, वहीं IIT दिल्ली उत्तर बिहार के 40 पुलों की जांच करेगा. पटना में आयोजित कार्यक्रम में पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन की उपस्थिति में इस करार पर हस्ताक्षर किए गए. मंत्री ने इसे बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास में मील का पत्थर बताया. तकनीक से होगा हर पुल का डिजिटल हेल्थ चेकअप ऑडिट के दौरान ड्रोन कैमरे, सेंसर, नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग, डिजिटल इमेजिंग और लोड टेस्ट जैसे अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया जाएगा. इसके आधार पर प्रत्येक पुल का ब्रिज हेल्थ इंडेक्स और मेंटेनेंस प्रायोरिटी इंडेक्स तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर मरम्मत और रेट्रोफिटिंग की कार्य योजना बनेगी. 17 करोड़ की स्वीकृति, तीसरे पक्ष से होगा मरम्मत कार्य पथ निर्माण विभाग ने इस प्रोजेक्ट के लिए 17 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है. पुल निर्माण निगम इन पुलों की मरम्मत का काम थर्ड पार्टी एजेंसियों से कराएगा, जिससे गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके. IIT के विशेषज्ञ करेंगे निगरानी, इंजीनियरों को विशेष प्रशिक्षण इस परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों में IIT पटना के डॉ. वैभव सिंघल और डॉ. अरविंद के झा, जबकि IIT दिल्ली से डॉ. अर्पित जैन और डॉ. सुप्रतीक गुप्ता प्रमुख भूमिका निभाएंगे. इसके अतिरिक्त 600 इंजीनियरों को भौतिक निरीक्षण के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है. मेगा पुलों पर रीयल टाइम मॉनिटरिंग की तैयारी विशेष रूप से आरा-छपरा और अरवल-साहर जैसे मेगा पुलों के लिए रीयल टाइम स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने की दिशा में भी काम हो रहा है. IIT दिल्ली को इसका प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है. बिहार में बन चुके हैं 3968 पुल, ज़रूरत है समय पर निगरानी की पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि पिछले 18 वर्षों में राज्य में 3,968 छोटे-बड़े पुलों का निर्माण हुआ है, जिनमें 532 मेगा या बड़े पुल हैं। लेकिन इनकी नियमित निगरानी और रखरखाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। Also Read: जब अफसर की अलमारी से निकला करोड़ों का खजाना, पटना में DFO की गुप्त कमाई पर चला विजिलेंस का हंटर पुल टूटने की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता हाल के वर्षों में कई पुलों के ढहने की घटनाएं, जैसे समस्तीपुर के बैरियाहाटी घाट पुल की स्थिति, ने सिस्टम की गंभीरता उजागर कर दी थी. इसलिए यह नया ऑडिट सिस्टम बिहार को देश का पहला ऐसा राज्य बना रहा है जो हर पुल की स्थिति को वैज्ञानिक रूप से ट्रैक करेगा. The post बिहार में 85 पुल का पहली बार होगा डिजिटल ऑडिट, IIT की निगरानी में होगा ड्रोन और सेंसर से हर ब्रिज का जांच appeared first on Naya Vichar.

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14 लाख लोगों के लिए घर, 8.5 लाख के लिए रोजगार… यमुना एक्सप्रेसवे पर बसेगा सपनों का शहर

YEIDA New Scheme: यमुना एक्सप्रेसवे से सटे इलाकों की तस्वीर आने वाले सालों में पूरी तरह बदलने वाली है. दरअसल, जेवर से लेकर कुबेरपुर तक यमुना एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर एक नया आगरा अर्बन सेंटर बसने जा रहा है, जो आधुनिकता और सुविधाओं में सपनों के शहर जैसा होगा. इसमें थीम पार्क, बड़े होटल, कन्वेंशन सेंटर, स्पोर्ट्स परिसर, औद्योगिक क्षेत्र और रिहायशी कॉलोनियों का विकास किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट का मास्टर प्लान तैयार हो चुका है. मंगलवार को यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सीईओ ने जेपी होटल में स्टेकहोल्डर्स की बैठक में इस प्रोजेक्ट की प्रस्तुति दी. 12 हजार हेक्टेयर जमीन में बनेगा शहर अर्बन सेंटर के मास्टर प्लान पर जानकारी देते हुए YEIDA के CEO अरुणवीर सिंह ने बताया कि यह शहर करीब 12 हजार हेक्टेयर जमीन में फैलेगा. इसमें से 25 प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक विकास के लिए आरक्षित रहेगा, जहां प्रदूषणरहित उद्योगों और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा. इसमें करीब 2 हजार हेक्टेयर क्षेत्र उद्योगों के लिए और 1 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर्यटन गतिविधियों के लिए रखा गया है. इस नए शहर में लगभग 14 लाख लोगों के रहने की व्यवस्था होगी. यह शहर चार चरणों में तैयार किया जाएगा, जिसका पहला चरण 2025 से 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है. 2041 तक पूरा होगा लक्ष्य मास्टर प्लान के मुताबिक इस पूरे शहर का विकास वर्ष 2041 तक पूरा कर लिया जाएगा. शहर के लिए पानी की आपूर्ति यमुना नदी और लोअर गंगा कैनाल से की जाएगी. इस बैठक में फुटवियर और चर्म उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने जेवर में लेदर पार्क के लिए 100 एकड़ भूमि देने का सुझाव दिया. वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. स्टेकहोल्डर्स से 15 दिनों के भीतर मांगे सुझाव मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने बैठक में कहा कि टीटीजेड क्षेत्र में उद्योगों पर जो प्रतिबंध हैं, वे जल्द ही समाप्त होने की संभावना है. इसके लिए प्रशासन सुप्रीम कोर्ट में पूरी सक्रियता से पैरवी कर रही है. प्रजेंटेशन के बाद यीडा के सीईओ ने स्टेकहोल्डर्स से 15 दिनों के भीतर अपने सुझाव और आपत्तियां देने को कहा है. इन सुझावों के आधार पर ही अर्बन सिटी योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा. लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन इस नए शहर का विकास औद्योगिक क्षेत्र से शुरू किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे. इस स्मार्ट सिटी में लगभग 14.6 लाख लोगों के लिए रिहायशी सुविधाएं और करीब 8.5 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की योजना है. शुरुआत में 36 गांवों में विकास कार्य किए जाएंगे और इसके बाद बाकी के 58 गांवों की 9500 हेक्टेयर भूमि को इस योजना में शामिल करते हुए शहर का विस्तार होगा. प्रस्तावित योजना में आवासीय, औद्योगिक, व्यापारिक, हरित क्षेत्र और अत्याधुनिक परिवहन की सुविधाएं शामिल हैं. The post 14 लाख लोगों के लिए घर, 8.5 लाख के लिए रोजगार… यमुना एक्सप्रेसवे पर बसेगा सपनों का शहर appeared first on Naya Vichar.

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पहले टेस्ट में भारत की गलतियां, इन 5 कारणों से डूबी टीम इंडिया की नैया और मिली हार

5 Reason India Lost IND vs ENG 1st Test at Leeds: शुभमन गिल की टेस्ट कप्तानी की शुरुआत जितनी शानदार रही, अंत उतना ही दिल तोड़ने वाला साबित हुआ. हिंदुस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली इनिंग में तीन शतकों की बदौलत 471 रन बनाए और ऐसा लगा कि हिंदुस्तान ने मैच पर नियंत्रण बना लिया था. लेकिन चार दिन बाद, इंग्लैंड ने 371 रन का लक्ष्य 5 विकेट शेष रहते हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया. अधिकांश समय तक हावी रहने के बावजूद हिंदुस्तान ने कई मौके गंवाए, और इंग्लैंड ने मिलते ही उन्हें भुनाकर जीत छीन ली. हिंदुस्तान शायद कुछ अलग रणनीति आजमा सकता था, लेकिन पहले टेस्ट में कप्तानी कर रहे युवा शुभमन गिल के लिए यह सब तेजी से बदलता हुआ अनुभव था. इंग्लैंड लगातार हमलावर रहा, हिंदुस्तान चूका और आखिरी दिन की एक झपकी में जीत की ओर बढ़ती तस्वीर हार की धूल में बदल गई. आइये जानते हैं वे पांच बड़े कारण जिनकी वजह से हिंदुस्तान ने पहला टेस्ट मैच गंवाया.  कैच जीतते हैं मैच पर अगर 10 छोड़ दो तो? ये विडंबना है कि कहा जाता है ‘कैच जीतते हैं मैच’, लेकिन एक-दो छोड़े गए कैचों से मैच नहीं हारते. पर शायद हारते हैं, अगर आप करीब 10 कैच छोड़ दें. हेडिंग्ले को कठिन फील्डिंग ग्राउंड माना जाता है और दोनों टीमों से कैच छूटे, लेकिन हिंदुस्तान की मिसफील्डिंग का असर ज्यादा पड़ा. यशस्वी जायसवाल ने दोनों पारियों में मिलाकर कम से कम चार कैच गिराए, ओली पोप, बेन डकेट और हैरी ब्रूक के. इनमें से पोप ने ड्रॉप होने के बाद 46, ब्रूक ने 16, और डकेट ने दोनों पारियों में क्रमशः 51 और 52 रन जोड़े. इसके अलावा रविंद्र जडेजा ने पहली पारी में बैकवर्ड पॉइंट पर कैच छोड़ा, ऋषभ पंत ने ब्रूक का कैच गंवाया और साई सुदर्शन से भी एक मौका छूटा. वहीं ब्रूक पहली पारी में शून्य पर आउट हो गए थे, लेकिन जसप्रीत बुमराह का नो बॉल उनके लिए जीवनदान बन गई. जब मैच इतने नजदीक गया, तो अगर इन मौकों में से आधे भी लपक लिए जाते, परिणाम शायद अलग होता. शतक तो लगे, पर फिनिशिंग नहीं हुई हेडिंग्ले में हिंदुस्तान के चार बल्लेबाजों ने मिलकर पांच शतक जमाए एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड. लेकिन यही टीम टेस्ट इतिहास की पहली ऐसी बन गई जिसने इतने शतकों के बावजूद हार झेली. पहली पारी में यशस्वी जायसवाल (101), शुभमन गिल (147), दूसरी पारी में केएल राहुल (137), ऋषभ पंत ( पहली इनिंग में 134 और दूसरी इनिंग में 118). लेकिन हिंदुस्तान का लोअर ऑर्डर दोनों ही पारियों में ढह गया. पहली पारी में 41 रन पर 7 विकेट गंवाए, तो दूसरी पारी में 35 रन पर पांच विकेट ढह गए.  दो बार निचले क्रम की बड़ी नाकामी हिंदुस्तान पहली पारी में 430/3 से 471 ऑल आउट और दूसरी में 333/4 से 364 ऑल आउट हो गया. दोनों बार शतकवीरों के आउट होते ही निचले क्रम ने पूरी तरह हथियार डाल दिए. हिंदुस्तान के नंबर 8 से 11 तक के बल्लेबाजों ने पहली पारी में 1, 0, 3, 1 और दूसरी में 4, 0, 0, 0 रन बनाए कुल मिलाकर केवल 9 रन. इसके विपरीत इंग्लैंड के अंतिम चार बल्लेबाजों ने अकेले पहली पारी में 72 रन जोड़ दिए. चयन और रणनीति पर उठे सवाल हिंदुस्तान ने शार्दुल ठाकुर को चौथे सीमर के रूप में चुना ताकि बल्लेबाजी में गहराई मिले. लेकिन उनका गेंद से इस्तेमाल सवालों के घेरे में रहा. पहली पारी में उन्हें 40वें ओवर में गेंद दी गई और उन्होंने 6 ओवर में 6+ की इकॉनमी से रन दिए. दूसरी पारी में उन्होंने दो विकेट लेकर थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन कुल मिलाकर ऐसा लगा मानो हिंदुस्तान 10 खिलाड़ियों के साथ स्पोर्ट्स रहा हो. अगर उनका गेंद से इतना सीमित उपयोग ही होना था, तो बेहतर बल्लेबाज नितीश रेड्डी या विकेट टेकर स्पिनर कुलदीप यादव को खिलाना ज़्यादा तर्कसंगत होता. इसके साथ ही करुण नायर और साई सुदर्शन की बल्लेबाजी ने भी हिंदुस्तान को नुकसान पहुंचाया. नायर के 0 और 20 के स्कोर और सुदर्शन के 0 और 30 के स्कोर बहुत ज्यादा काम नहीं आए.  गेंदबाजी में धार की कमी जसप्रीत बुमराह को छोड़कर हिंदुस्तान के अन्य गेंदबाज असरदार नहीं दिखे. सिराज ने दूसरी पारी में बेहतर गेंदबाजी की लेकिन विकेट नहीं ले पाए. प्रसिद्ध कृष्णा काफी महंगे साबित हुए और दोनों पारियों में 6 से अधिक की इकॉनमी से रन लुटाए. शार्दुल ठाकुर का योगदान भी ना गेंद से असरदार रहा, ना बल्ले से. दूसरी पारी में तो बुमराह भी सफल नहीं रहे.  ‘बैजबॉल’ भी एक बड़ा कारण हो जाता है अपनी सभी गलतियों और चूकों के बावजूद हिंदुस्तान ने इंग्लैंड को 371 रन का लक्ष्य दिया था. इससे बड़ा स्कोर हिंदुस्तान ने इतिहास में सिर्फ एक बार डिफेंड नहीं किया था वो भी तीन साल पहले इंग्लैंड के खिलाफ ही. बारिश की संभावना, पांचवें दिन की पिच और 4 रन प्रति ओवर का रनरेट ऐसा लगा हिंदुस्तान के पास मैच जीतने का मौका है. लेकिन इंग्लैंड की बैजबॉल शैली के सामने सब बौना पड़ गया. बेन डकेट ने रफ पर खड़े होकर रिवर्स स्वीप में शतक लगाया, क्रॉली और जो रूट ने अर्धशतक बनाए और अंत में जेमी स्मिथ ने फिनिशिंग टच दिया. इंग्लैंड की रणनीति ही यही है कि मैच को अंतिम दिन तक खींचा जाए और तेजी से रन बनाकर जीत दर्ज की जाए. 148 साल में पहली बार, गिल की कप्तानी में इंडिया को मिली ऐसी शर्मनाक हार हिंदुस्तानीय टीम की तुलना डॉबरमैन कुत्ते से, दिनेश कार्तिक ने ‘सोशल पोस्ट’ के बहाने दबाई ‘पूंछ’ कहां हुई चूक, किसने की सबसे ज्यादा गलती? कप्तानी के पहले मैच में हार के बाद शुभमन गिल ने गिनाए कारण The post पहले टेस्ट में हिंदुस्तान की गलतियां, इन 5 कारणों से डूबी टीम इंडिया की नैया और मिली हार appeared first on Naya Vichar.

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Potato Skin Chips: बेकार समझकर न फेंके आलू के छिलके, बनाए स्वादिष्ट और कुरकुरी चिप्स

Potato Skin Chips: जब भी हम आलू का उपयोग किसी रेसिपी में करते हैं, तो अक्सर उसके छिलकों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हीं छिलकों से हम चिप्स बना सकते हैं? ये न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि सेहतमंद भी होती है. पोटैटो स्किन चिप्स, आलू के छिलकों से तैयार किए गए कुरकुरे चिप्स है. जिसमें  फाइबर, आयरन, पोटैशियम और विटामिन C जैसे कई पोषक तत्व पाएं जाते हैं. तो चलिए जानते हैं इसे घर पर आसानी से बनाने के बारे में.  चिप्स बनाने के लिए सामग्री  छिलके – 5-6 आलू के साफ छिले हुए तेल – आवश्यकताअनुसार  नमक – स्वाद अनुसार काली मिर्च पाउडर – आधा चम्मच चाट मसाला – स्वाद अनुसार यह भी पढ़ें: Gulab Jamun Recipe: आलू से सिर्फ नमकीन डिश नहीं, अब बनाएं टेस्टी गुलाब जामुन यह भी पढ़ें: Chilla Recipe: सुबह के नाश्ते में बनाएं एनर्जी से भरपूर ये चीला, जानें विधि  यह भी पढ़ें: Roasted Chana: बिना तेल घर पर आसानी से बनाएं हेल्दी चना स्नैक्स यह भी पढ़ें: Sabudana Ke Pakode: बेसन नहीं, इस बार बारिश में ट्राई करें साबूदाने के पकौड़े चिप्स बनाने के लिए विधि  सबसे पहले आलू के छिलकों को अच्छे से धोकर सुखा लें.  अब एक बाउल में छिलकों को तेल और मसालों के साथ अच्छे से मिला लें.  अब एक कढ़ाई में तेल गरम करके, इसे डीप फ्राई भी करें.  चिप्स को सुनहरे और कुरकुरे होने पर निकाल लें और गरमा गरम परोसें.  यह भी पढ़ें: नाश्ता हो या रात का डिनर, बनाएं झटपट रेस्टोरेंट स्टाइल गार्लिक पराठा यह भी पढ़ें: Sabudana Dosa: क्रंची के साथ हेल्दी भी, घर पर बनाएं मिनटों में साबूदाना डोसा  यह भी पढ़ें: Atta Noodles Recipe: अब मैदा नहीं! बनाएं घर पर टेस्टी और हेल्दी आटा नूडल्स यह भी पढ़ें: Chowmein Recipe: अब रेस्टोरेंट जैसा स्वाद आपके घर में, जानिए बाजार जैसा चाउमीन बनाने की विधि The post Potato Skin Chips: बेकार समझकर न फेंके आलू के छिलके, बनाए स्वादिष्ट और कुरकुरी चिप्स appeared first on Naya Vichar.

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Sarkari Naukri Railway 2025: रेलवे में इन पदों पर सरकारी नौकरी का मौका, ऐसे होगा Selection

Sarkari Naukri Railway 2025: अगर आप प्रशासनी नौकरी की तलाश में हैं तो रेलवे में प्रशासनी नौकरी का सुनहरा मौका है. रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) जल्द ही RRB Paramedical Notification 2025 जारी करने वाला है. इस भर्ती के तहत 403 पदों पर नियुक्तियां होंगी, जिनमें नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट, फार्मासिस्ट, ECG टेक्नीशियन, डायलिसिस टेक्नीशियन जैसे पद शामिल हैं. नोटिफिकेशन जुलाई-अगस्त 2025 के बीच आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा. कौन कर सकता है आवेदन? (Sarkari Naukri Railway 2025) इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स के लिए योग्यता इस प्रकार है- B.Sc नर्सिंग/डिप्लोमा इन नर्सिंग डिप्लोमा इन फार्मेसी या अन्य संबंधित योग्यता प्राप्त की हो (पद अनुसार). यह भी पढ़ें- DU ADMISSION 2025: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने जारी किया काउंसलिंग राउंड 2 रिजल्ट, इस दिन तक आगे का प्रोसेस पदों का विवरण (Vacancy Details) पद का नाम कुल रिक्तियां डायलिसिस टेक्नीशियन 4 ECG टेक्नीशियन 4 लैब असिस्टेंट ग्रेड II 12 नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट 246 फार्मासिस्ट (एंट्री ग्रेड) 100 रेडियोग्राफर (X-Ray) 4 हेल्थ एंड मलेरिया इंस्पेक्टर II 33 कुल 403 Sarkari Naukri Railway 2025 के लिए Selection Process उम्मीदवारों का चयन 3 चरणों के आधार पर किया जाएगा: कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) दस्तावेज सत्यापन मेडिकल जांच. Sarkari Naukri Railway 2025 की Salary सभी चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-2 से लेवल-5 तक सैलरी मिलेगी. कैंडिडेट्स को बता दें कि अभी इस भर्ती के लिए शाॅर्ट नोटिस जारी किया है. रेलवे की ओर से जल्द ही डिटेल नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. इसके बाद ही कैंडिडेट्स अप्लाई कर सकते हैं. उम्मीदवार आवेदन और नोटिफिकेशन देखने के लिए www.rrbcdg.gov.in पर जा सकते हैं. यह भी पढ़ें- MBBS Admission without NEET: क्या बिना नीट के बन सकते हैं Docter? यहां हैं एडमिशन के Best Options यह भी पढ़ें- Success Story: पिता को पहला सैल्यूट और नम हो गई आंखें…तीसरी पीढ़ी की बेटी बनी Army Officer The post Sarkari Naukri Railway 2025: रेलवे में इन पदों पर प्रशासनी नौकरी का मौका, ऐसे होगा Selection appeared first on Naya Vichar.

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पटना में एक बार फिर पुलिसवालों को कुचलने की कोशिश, थार चालक गाड़ी लेकर फरार

Bihar News: पटना. बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर पुलिसकर्मियों को कुचलनेका प्रयास किया गया है. इस बार पटना के चितकोहरा पुल पर पुलिसवालों को निशाना बनाया गया है. इस पुल पर पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी. इसी दौरान पुलिस की नजर एक काले रंग की थार पर पड़ी. वहां तैनात पटना यातायात पुलिस के कर्मियों ने थार चालक को गाड़ी रोकने का इशारा किया, लेकिन ट्रैफिक पुलिस के द्वारा इशारा किए जाने के बाद भी थार चालक ने गाड़ी नहीं रोकी. बाल बाल बचे पुलिसकर्मी बताया जाता है कि इस दौरान एक स्त्री और पुरुष पुलिसकर्मी गाड़ी के सामने आ गए, लेकिन फिर भी वाहन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी. किसी तरह इन पुलिसकर्मियों ने अपनी जान बचाई. गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई भी पुलिसकर्मी चोटिल नहीं हुआ. इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने कंट्रोल रूम को काले रंग के थार के बारे में जानकारी दी. रिपोर्ट के मुताबिक, थार चालक वाहन को लेकर गर्दनीबाग की तरफ भाग गया था. पिछले दिनों हुई थी एक की मौत पुलिसकर्मियों का कहना है कि जब तक वे लोग इस हादसे से संभलते थार चालक वाहन लेकर भागने में सफल रहा. फिलहाल इस मामले में पुलिस के हाथ खाली है. पुलिस इस वाहन के बारे में पता लगाने में जुटी हुई है. यह हादसा इस लिए गंभीर है क्यों कि इससे पहले 12 जून को भी वाहन चेकिंग के दौरान एक वाहन चालक ने तीन पुलिसकर्मियों को कुचल दिया था. इसके बाद एक स्त्री पुलिसकर्मी कोमल कुमारी की मौत हो गई थी. इसमें दो पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे. Also Read: Bihar Cabinet Meeting: बिहार के 6 शहरों में खुलेंगे एयरपोर्ट, केंद्र प्रशासन से समझौते पर कैबिनेट की मुहर The post पटना में एक बार फिर पुलिसवालों को कुचलने की कोशिश, थार चालक गाड़ी लेकर फरार appeared first on Naya Vichar.

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खुशखबरी: साइबर अपराध का शिकार हुए लोगों को वापस मिलेंगे उनके पैसे, केस दर्ज नहीं कराने वालों को भी बड़ी राहत

Cyber Fraud: झारखंड के उन हजारों लोगों के लिए बड़ी खुशसमाचारी है, जिन्हें साइबर अपराध का शिकार बनाकर उनके पैसे ठग लिये गये. राज्य में लोगों से साइबर अपराध के जरिये लूटे पैसे वापस होंगे. इसमें एक और राहत भरी समाचार यह है कि अगर किसी मामले में पीड़ित द्वारा केस नहीं भी दर्ज कराया गया है, तब भी उन्हें पैसा वापस पाने के लिए भटकना नहीं होगा. हाइकोर्ट के निर्देश पर ऐसे सभी मामले में पीड़ित को तत्काल पैसे दिलाने की पहल डीजीपी अनुराग गुप्ता ने शुरू कर दी है. डीजीपी द्वारा सभी जिलों के एसपी को पत्र लिखा गया है. डीजीपी ने सभी जिलों के एसपी को लिखा पत्र हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मनोज की ओर से डीजीपी को पत्र लिखा गया था. इसके अलावा जिलों के प्रधान न्यायायुक्त और झालसा को भी पत्र लिखा गया था. पत्र में उल्लेख था कि हाइकोर्ट का निर्देश है कि साइबर अपराध के जरिये लूटे गये पैसे तत्काल पीड़ित को दिलाने का काम किया जाये. अगर किसी मामले में पीड़ित ने केस नहीं दर्ज कराया हो, तब भी पीड़ित को पैसा वापस दिलाने की कार्रवाई की जाये. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें बिना केस दर्ज के मामले में ऐसे होगा आवेदन बिना केस दर्ज के मामले में पैसे वापस लौटाने के लिए न्यायालय में कैसे आवेदन देना है, इसके लिए रजिस्ट्रार जनरल द्वारा एक फॉरमेट तैयार कर उपलब्ध कराया गया है. इसमें पीड़ित और उनके एकाउंट नंबर के बारे में जानकारी देनी होगी. इसके अलावा यह भी बताना होगा कि पीड़ित द्वारा हेल्पलाइन नंबर 1930 में शिकायत की गयी थी और उनका पैसा बैंक एकाउंट में फ्रीज किया गया है तथा इस बाबत नोटिस जारी किया गया है. 10 फीसदी से भी कम लोग दर्ज कराते हैं केस पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राज्य में साइबर फ्रॉड को लेकर लोग 1930 पर शिकायत तो दर्ज कराते हैं, लेकिन इनकी संख्या के मुकाबले 10 फीसदी से भी कम लोग मामले में केस दर्ज कराते हैं. पहले बिना केस दर्ज कराये पैसे नहीं मिलते थे, लेकिन हाइकोर्ट के नये निर्देश के अनुसार अब शिकायत दर्ज होने पर भी पैसे वापस कराने की कार्रवाई होगी. झारखंड में साइबर फ्रॉड के आंकड़ें झारखंड में साइबर फ्रॉड को लेकर वर्ष 2024 में 17633 लोगों ने शिकायत दर्ज करायी थी, जिनसे कुल 297 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी. जबकि इस दौरान 1498 लोगों ने ही केस दर्ज कराया था. इनमें कुल 32,69,655 रुपये जब्त हुए थे. वर्ष 2025 जून माह के मध्य तक 9912 लोगों ने शिकायत दर्ज करायी थी, जिनसे कुल 93 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी. लेकिन इन मामलों में सिर्फ 342 लोगों ने ही केस दर्ज कराया. दर्ज कराये गये इन मामलों के तहत कुल 8,29,600 रुपये जब्त किये गये थे. इसे भी पढ़ें आज 25 जून 2025 को 14.2 किलो के एलपीजी गैस सिलेंडर की क्या है कीमत, यहां जानें एक-एक जिले का रेट खुशसमाचारी: अब किसी भी जुलूस के दौरान नहीं कटेगी बिजली, झंडों और डीजे वाहनों की ऊंचाई रहेगी कम, निर्देश जारी अगर आपमें भी है ये 4 विशेष गुण तो खुश हो जाइये, संकट की घड़ी में भी आपके चेहरे पर बनी रहेगी मुस्कुराहट The post खुशसमाचारी: साइबर अपराध का शिकार हुए लोगों को वापस मिलेंगे उनके पैसे, केस दर्ज नहीं कराने वालों को भी बड़ी राहत appeared first on Naya Vichar.

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Gulab Jamun Recipe: आलू से सिर्फ नमकीन डिश नहीं, अब बनाएं टेस्टी गुलाब जामुन

Gulab Jamun Recipe: आज तक आपने आलू से बनी कई नमकीन रेसिपी बनाई और खाई होंगी, जैसे आलू के पराठे, चाट, टिक्की या सब्जी. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आलू से एक लाजवाब मिठाई बन सकती हैं? जी हां, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक खास रेसिपी, आलू के गुलाब जामुन. ये मिठाई ना सिर्फ बनाने में आसान है, बल्कि खाने में इतनी स्वादिष्ट है कि एक बार चखने के बाद आप बार-बार बनाना चाहेंगे. ऐसे में चलिए जानते हैं इस लेख में घर पर आलू के गुलाब जामुन बनाने के बारे में.  गुलाब जामुन की सामग्री  उबले हुए आलू – 2 (मध्यम आकार) मावा (खोया) – आधा कप (वैकल्पिक) मैदा – 2-3 चम्मच  सूजी – 2 चम्मच (कुरकुरा पन के लिए) बेकिंग सोडा – 1 चुटकी तेल – तलने के लिए चीनी – 2 कप पानी – आधा कप इलायची पाउडर – आधा छोटा चम्मच  केसर के धागे – 4-5  यह भी पढ़ें: Bread Ki Rasmalai: ना लड्डू, ना गुलाब जामुन, सिर्फ 10 मिनट में मेहमानों के लिए बनाएं ब्रेड की रसमलाई यह भी पढ़ें: Chicken Salad Recipe: डाइट में लाएं स्वाद, फिट रहने के लिए बनाएं हेल्दी चिकन सलाद गुलाब जामुन की विधि  सबसे पहले एक पैन में पानी और चीनी डालकर मध्यम आंच पर पकाएं.  जब चीनी घुल जाए, तब इसमें इलायची पाउडर डालें.  इसे 6-7 मिनट तक उबालें जब तक चाशनी न बन जाए और गैस बंद कर दें.  अब उबले हुए आलू को अच्छे से मैश करें, फिर उसमें मावा, मैदा, सूजी और बेकिंग सोडा डालें.  सभी चीजों को मिलाकर नरम आटा गूंध लें. आटे को 10 मिनट ढककर रख दें.  अब छोटे-छोटे इससे गोले बना लें. फिर एक कढ़ाई में तेल गरम करें.  अब बने हुए जामुन को सुनहरा होने तक धीरे-धीरे तलें.  तले हुए गुलाब जामुन को गरम चाशनी में 1-2 घंटे के लिए भिगो दें.  तैयार हुए गुलाब जामुन को गरम या ठंडे परोसें, सजाने के लिए इसके ऊपर से पिस्ता-बादाम डालें.  यह भी पढ़ें: Sattu Recipe: बाजार से नहीं, अब घर आसानी से बनाएं शुद्ध चना सत्तू  यह भी पढ़ें: Masala Peanuts: चाय के साथ अब हर शाम होगी मजेदार, मिनटों में बनाएं टेस्टी मसाला मूंगफली The post Gulab Jamun Recipe: आलू से सिर्फ नमकीन डिश नहीं, अब बनाएं टेस्टी गुलाब जामुन appeared first on Naya Vichar.

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