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July 1, 2025

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जदयू कार्यालय में लगी नरेंद्र मोदी की तस्वीर, NDA ने दिया साझा नेतृत्व और समान विचारधारा का संदेश

Bihar Politics: पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश कार्यालय में बड़ा नेतृत्वक संकेत दिखा. पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ जेडीयू दफ्तर में लगाई गई है. ये पोस्टर पार्टी मुख्यालय के मुख्य द्वार की दीवारों से लेकर अंदर तक लगाए गए हैं. विपक्ष को जवाब देने की कोशिश की गई है कि हम एक हैं. एनडीए में कोई बिखराव नहीं है. नीतीश-मोदी की यह साझा तस्वीरें सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि यह संकेत हैं कि जेडीयू अब पूरी तरह से एनडीए के साथ मजबूती से आगे बढ़ना चाहती है. विपक्ष की तरफ से उठाए गए नेतृत्व और विचारधारा के सवालों का जवाब इन पोस्टरों के जरिए दिया गया है. इन मुद्दों पर बनाया गया पोस्टर का थीम इन पोस्टरों में नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की साझा तस्वीरों के साथ केंद्र और राज्य प्रशासन की योजनाओं को प्रमुखता से दिखाया गया है. रोजगार, स्त्री सशक्तिकरण और उद्योग स्थापना जैसे मुद्दों को पोस्टर की थीम बनाया गया है. नारे दिए गए हैं- “लग रहे उद्योग, मिल रहा रोजगार, फिर से NDA प्रशासन”, “स्त्रीओं की जय-जयकार, फिर से NDA प्रशासन”. चुनावी साल में जदयू का यह बदला हुआ रुख कई सियासी सवाल खड़े कर रहा है. आने वाले दिनों में इस पर नेतृत्वक हलचलों का असर देखने को मिल सकता है. पोस्टर में होती थी सिर्फ नीतीश की तस्वीर जदयू ने 2024 में पॉलिटिकल क्राइसिस के समय निर्णय लिया था कि पार्टी के पोस्टरों में केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर रहेगी. उस फैसले को अब बदल दिया गया है. पोस्टरों में अब प्रधानमंत्री मोदी के साथ साझा प्रचार किया जा रहा है. विपक्ष लगातार यह सवाल उठा रहा था कि जेडीयू एनडीए में होकर भी पीएम मोदी के साथ खुलकर नहीं आ रही. अब पहली बार मोदी की तस्वीरों के जरिए पार्टी दफ्तर में ‘डबल इंजन प्रशासन’ की झलक पेश की गई है. जेडीयू कार्यालय में नरेंद्र मोदी की तस्वीर की ‘एंट्री’ सियासी दृष्टिकोण से बड़ा बदलाव मानी जा रही है. Also Read: छठ के बाद बिहार में विधानसभा चुनाव के आसार, 22 साल बाद आयोग जांच रहा वोटर लिस्ट The post जदयू कार्यालय में लगी नरेंद्र मोदी की तस्वीर, NDA ने दिया साझा नेतृत्व और समान विचारधारा का संदेश appeared first on Naya Vichar.

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Schools Closed Today : अचानक स्कूल किए गए बंद

Schools Closed Today : उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण मंगलवार को रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद हैं. भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने प्रशासनी और प्राइवेट दोनों तरह के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है. छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया गया है. आज यानी 1 जुलाई को आंगनवाड़ी भी बंद रहेंगी. इसके अलावा चमोली और उत्तरकाशी में भी स्कूल बंद रहेंगे. उत्तराखंड में चारधाम यात्रा फिर से शुरू उत्तराखंड में अधिकतर स्थानों पर बारिश कम होने के साथ सोमवार को चारधाम यात्रा फिर से शुरू हो गई. हालांकि, अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है. मौसम विभाग द्वारा विभिन्न जिलों में दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दिए जाने के बाद तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर एक दिन के लिए चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई थी, जिसे सोमवार को फिर से शुरू कर दिया गया. सात निर्माण श्रमिकों की तलाश जारी इस बीच बचाव दल लगातार दूसरे दिन सोमवार को यमुनोत्री राजमार्ग पर भूस्खलन और बादल फटने के बाद लापता हुए सात निर्माण श्रमिकों की तलाश करने में लगा रहा. उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, हिंदुस्तान तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और जिला प्रशासन की टीम लापता श्रमिकों की तलाश में यमुना नदी और भूस्खलन के मलबे में तलाश कर रही हैं. रविवार को तड़के बादल फटने से हुए भूस्खलन में शिविर के ध्वस्त होने के बाद नौ श्रमिक लापता हो गए. दो श्रमिकों के शव रविवार को बरामद किए गए. ये श्रमिक होटल के निर्माण में लगे थे. The post Schools Closed Today : अचानक स्कूल किए गए बंद appeared first on Naya Vichar.

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People Born in July: जुलाई में जन्मे लोग कैसे होते हैं? जानिए स्वभाव, खूबियां और कमजोरियां

People Born in July: जुलाई वर्ष का मध्य चरण होता है, जब बरसात की बूँदें धरती को ताजगी देती हैं और चारों ओर हरियाली छा जाती है. इसी प्राकृतिक बदलाव की तरह जुलाई में जन्मे लोग भी अपने भीतर गहराई, भावनात्मकता और आकर्षक व्यक्तित्व का मिश्रण लेकर आते हैं. इनका ज्योतिषीय संबंध मुख्यतः कर्क (Cancer) और सिंह (Leo) राशि से होता है, जो इन्हें भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नेतृत्व क्षमता का खास संतुलन प्रदान करता है. भावनाओं से भरपूर और सहानुभूतिपूर्ण स्वभाव जुलाई में जन्म लेने वाले लोग दूसरों की भावनाओं को खूब समझते हैं. यह लोग बेहद केयरिंग और दयालु होते हैं. ये परिवार को सर्वोपरि मानते हैं और अपनों की भलाई के लिए हरसंभव प्रयास करते हैं. किसी को दुखी देखना इन्हें असहज कर देता है. जुलाई 2025 का मेष से लेकर मीन राशि का मासिक राशिफल रचनात्मक और कल्पनाशील इनके भीतर कलात्मकता कूट-कूट कर भरी होती है. चाहे वह लेखन हो, संगीत, पेंटिंग या डिज़ाइन—हर रचनात्मक क्षेत्र में इनका झुकाव दिखाई देता है. इनकी कल्पनाशक्ति इन्हें भीड़ से अलग बनाती है और खुद को व्यक्त करने की कला इन्हें खास बनाती है. वफादार लेकिन अंतर्मुखी ये लोग अधिक लोगों से घुलते-मिलते नहीं, लेकिन जिनसे जुड़ते हैं, उनके लिए पूरी तरह समर्पित रहते हैं. रिश्तों में सच्चाई और भावनात्मक गहराई इनके मूल में होती है. एक बार जुड़ गए तो अंत तक निभाते हैं. आत्मविश्वास से भरपूर और प्रेरणादायक जुलाई के उत्तरार्ध में जन्मे, खासकर सिंह राशि वाले लोग जन्मजात लीडर होते हैं. इनका आत्मबल और प्रेरक व्यक्तित्व लोगों को प्रभावित करता है. ये सराहना पसंद करते हैं और जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचने की काबिलियत रखते हैं. कमजोर पक्ष भी ध्यान देने योग्य इनकी भावनात्मकता कभी-कभी इनकी कमजोरी बन जाती है. निर्णय लेने में अधिक सोच-विचार करते हैं और कई बार भावनाओं में बहकर गलत निर्णय भी ले सकते हैं. ऐसे में इन्हें मानसिक संतुलन बनाए रखने की जरूरत होती है. जुलाई में जन्मे लोग एक मजबूत दिल, गहरी भावनाएं और रचनात्मक ऊर्जा के साथ जीवन जीते हैं. अगर ये अपनी भावनाओं को संतुलित रख सकें, तो जीवन में हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं. The post People Born in July: जुलाई में जन्मे लोग कैसे होते हैं? जानिए स्वभाव, खूबियां और कमजोरियां appeared first on Naya Vichar.

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Sundar Pichai: किस देश के नागरिक हैं गूगल CEO? जानिए सुंदर पिचाई की पासपोर्ट वाली सच्चाई

Sundar Pichai: गूगल और उसकी पैरेंट कंपनी Alphabet Inc. के सीईओ सुंदर पिचाई का नाम आज दुनिया के सबसे प्रभावशाली तकनीकी नेताओं में लिया जाता है. मदुरै (तमिलनाडु) में जन्मे पिचाई की परवरिश एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुई. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई हिंदुस्तान में पूरी की, IIT खड़गपुर से बीटेक किया और फिर अमेरिका जाकर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमएस तथा व्हार्टन बिजनेस स्कूल से MBA की डिग्री प्राप्त की. अब उनके पास कौन सी नागरिकता है? आज सुंदर पिचाई अमेरिकी नागरिकता (U.S. Citizenship) रखते हैं. उन्होंने हिंदुस्तान की नागरिकता छोड़कर अमेरिका की नागरिकता ग्रहण की है. इसके पीछे वजह है – हिंदुस्तान में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं होना. हिंदुस्तान का नागरिकता अधिनियम, 1955 यह स्पष्ट करता है कि यदि कोई हिंदुस्तानीय नागरिक किसी अन्य देश की नागरिकता स्वीकार कर लेता है, तो उसकी हिंदुस्तानीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है. तो क्या Sundar Pichai का हिंदुस्तान से रिश्ता खत्म हो गया? बिलकुल नहीं. भले ही सुंदर पिचाई अब हिंदुस्तानीय नागरिक नहीं हैं, लेकिन उन्होंने हिंदुस्तान से जुड़ाव बनाए रखने के लिए OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड लिया है. यह कार्ड हिंदुस्तान प्रशासन उन लोगों को देती है जो हिंदुस्तानीय मूल के हैं लेकिन अब विदेशी नागरिक बन चुके हैं. OCI कार्ड से क्या-क्या फायदे हैं? OCI कार्डधारकों को हिंदुस्तान में कई अधिकार मिलते हैं, जैसे: हिंदुस्तान आने के लिए वीजा  की जरूरत नहीं होती हिंदुस्तान में अनिश्चितकाल तक रह सकते हैं प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं व्यापार और निजी नौकरी कर सकते हैं लेकिन कुछ अधिकार नहीं मिलते: वोट देने का अधिकार नहींप्रशासनी नौकरी नहीं मिल सकती संवैधानिक पदों (जैसे राष्ट्रपति, सांसद) पर नियुक्ति नहीं हो सकती हिंदुस्तान से जुड़ा है उनका दिल सुंदर पिचाई कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि उनका दिल आज भी हिंदुस्तान में बसता है. उन्होंने बताया कि कैसे उनके घर में रोटरी फोन पाने के लिए 5 साल इंतजार करना पड़ा और पानी के लिए लाइन लगानी पड़ती थी. वो मानते हैं कि उनकी सफलता की प्रेरणा इन्हीं संघर्षों से मिली. Also Read : किस देश में तकिए के नीचे रखा है अरबों का सोना! मुश्किल में वित्तीय स्थिति The post Sundar Pichai: किस देश के नागरिक हैं गूगल CEO? जानिए सुंदर पिचाई की पासपोर्ट वाली सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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घर में है कम जगह या रहते हैं फ्लैट में, तो इन आसान तरीकों से घर में लगाएं फलदार पौधे

How to Grow Plant At Home: शहर में या घर में सीमित बाहरी जगह होने का मतलब यह नहीं है कि आप अपने बगीचे से ताज़े फलों का आनंद नहीं ले सकते. पौधों के सही चुनाव से आप अपनी बालकनी, छत या छोटे पिछवाड़े की जगहों पर स्वादिष्ट और सेहतमंद फल उगा सकते हैं – सभी गमलों या कंटेनरों में, कंटेनर गार्डनिंग न केवल जगह बचाती है बल्कि आपके आस-पास हरियाली और ताज़गी भी लाती है. यहाँ 5 फल देने वाले पौधे हैं जो घर पर गमलों में उगाने के लिए एकदम सही हैं – इनकी देखभाल करना आसान है और ये बहुत फ़ायदेमंद भी हैं.’ ये हैं वो पेड़-पौधे  1. नींबू का पेड़ यह बढ़िया क्यों है: कंटेनर में आसानी से उगता है, लगभग पूरे साल नींबू देता है. पॉट का आकार: 18-24 इंच गहरा. देखभाल के सुझाव: पूरी धूप और नियमित पानी की ज़रूरत होती है. खाद युक्त मिट्टी का उपयोग करें.  2. केले का पौधा यह बढ़िया क्यों है: तेज़ी से बढ़ता है, फल देता है, और उष्णकटिबंधीय और सजावटी भी दिखता है. पॉट का आकार: बहुत बड़ा पॉट या ड्रम (कम से कम 20-24 इंच चौड़ा). देखभाल के सुझाव: पूरी धूप में रखें, बार-बार पानी दें, और अक्सर खाद डालें.  3. नारंगी या किन्नू का पेड़ यह बढ़िया क्यों है: एक सुंदर पेड़ से सुगंधित फूल और स्वादिष्ट फल. पॉट का आकार: 20-24 इंच गहरा, अच्छी जल निकासी आवश्यक है. देखभाल के सुझाव: पूरी धूप, हल्की छंटाई, और कभी-कभी साइट्रस उर्वरक का उपयोग करें.  4. स्ट्रॉबेरी का पौधा यह क्यों बढ़िया है: कॉम्पैक्ट, छोटे कंटेनरों के लिए एकदम सही, मीठे जामुन देता है. पॉट का आकार: उथले पॉट, हैंगिंग बास्केट या ग्रो बैग. देखभाल के सुझाव: आंशिक धूप, ठंडा तापमान और नियमित रूप से पानी देना.  5. बौना आम का पेड़ (जैसे आम्रपाली किस्म) यह क्यों बढ़िया है: खास बौनी किस्में बड़े गमलों में अच्छी तरह उगती हैं और आम देती हैं! पॉट का आकार: कम से कम 20 इंच गहरा और चौड़ा. देखभाल के सुझाव: पूरी धूप, मिट्टी सूखने पर पानी दें और फलों के पेड़ के लिए हर महीने खाद डालें. यह भी पढ़ें: How To Grow Litchi Tree: घर में उगायें फलदार लीची का पेड़, गर्मियों में नही होंगे परेशान  यह भी पढ़ें: शाम के नाश्ते में बच्चों को करना है खुश तो आज ही ट्राय करें ये हेल्दी रेसिपी  यह भी पढ़ें: जामुन का नया अंदाज, ट्राय करें ये मज़ेदार फालूदा रेसिपी इस मॉनसून यह भी पढ़ें: How To Grow Mango Tree: गुठली से कैसे पाए फलदार आम का पेड़, जानिए लगाने का सही समय और तरीका The post घर में है कम जगह या रहते हैं फ्लैट में, तो इन आसान तरीकों से घर में लगाएं फलदार पौधे appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के जंगलों में मॉनसून की दस्तक, सेहत और स्वाद से भरपूर मशरूम से सजा बाजार

Monsoon in Jharkhand: झारखंड में मॉनसून के दस्तक देते ही जंगल में हरियाली झूम उठती है. इसी बीच जंगल से पोषण और स्वाद की नयी सौगात मिलने लगती है. झारखंड के जंगलों से सालों भर विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ निकलते हैं. वहीं, बारिश के दिनों में कुछ खास वनोपज निकलते हैं, जो खाने में तो स्वादिष्ट होते ही हैं, सेहत के लिए भी लाभदायक होते हैं. जंगलों से निकलती है मशरूम की वेराइटी झारखंड के घने जंगलों में मॉनसून के दस्तक देते ही खुखड़ी, रुगड़ा जैसे मशरूम के विभिन्न प्रकार निकलने शुरू हो गये हैं. इसके साथ ही कई प्रकार के साग, कंद आदि भी जंगलों से निकलते हैं. वन क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण इन वनोपजों को जमा कर न केवल अपने भोजन का प्रबंध करते हैं. बल्कि अब ये उत्पाद शहरों की मंडियों और बाजारों तक भी पहुंचा रहे हैं. मॉनसून के दिनों में ऐसे पारंपरिक खाद्य पदार्थ ग्रामीण वित्तीय स्थिति को भी मजबूत कर रहे हैं. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ग्रामीण वित्तीय स्थिति को मिल रहा सहारा झारखंड के जंगल अब सिर्फ पारंपरिक जीवनशैली का हिस्सा नहीं. बल्कि ग्रामीण वित्तीय स्थिति को गति देने वाले स्तंभ भी बनते जा रहे हैं. मॉनसून में निकलने वाली यह वन संपदा, जहां एक ओर ग्रामीणों के लिए रोजगार का साधन बन रही है. वहीं, दूसरी ओर शहरी लोगों को भी सेहतमंद विकल्प मुहैया करा रही है. जंगल से निकलने वाले रुगड़ा की शहर के बाजार में 700 से 800 रुपये प्रति किलो और खुखड़ी की 1000 से 1200 रुपये प्रति किलो कीमत है. पोषण से भरपूर जंगली मशरूम और साग पीसीसीएफ सह सदस्य सचिव झारखंड जैव विविधता पार्षद संजीव कुमार ने बताया कि मशरूम की पहचान उनके रंग, गंध, स्वाद और संरचना के आधार पर की जाती है. कुछ प्रजातियां खाने योग्य है. इसलिए इन्हें सावधानी से पहचाना जाना चाहिए. ये सभी कवक प्रजातियां जंगलों, आर्द्र स्थानों, शीतल और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पायी जाती हैं. इसे भी पढ़ें Rain in Ranchi: बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय, रांची के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होम्योपैथी में प्रयोग किया गया मशरूम संजीव कुमार ने कहा कि मशरूम की कुछ प्रजातियों का आयुर्विज्ञान और होम्योपैथी में प्रयोग किया गया है. मशरूम में उपस्थित क्षारीय राख पाचन शक्ति को प्राकृतिक रूप से बढ़ाता है, जिससे भूख लगना शुरू हो जाती है. कब्ज भी ठीक हो जाते हैं. ब्लड प्रेशर वाले रोगियों के लिए कब्ज या अजीर्ण रोग, मोटापा, हृदय रोग, कैंसर रोगियों व कुपोषण रोगियों के लिए मशरूम का सेवन काफी लाभदायक है. मशरूम में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन व खनिज उपलब्ध है. साग-कंद से भरपूर है जंगल की रसोई बरसात के मौसम में केवल मशरूम ही नहीं, बल्कि जंगलों से निकलने वाले पारंपरिक साग और कंद भी लोगों के भोजन और पोषण का अहम हिस्सा बनते हैं. इनमें करमी साग, कोयनार, पाइ साग, ठेपा साग, भटकोंदा, सुरन, खनिया कंदा, पिटूर कंदा, कचनार की कलियां, चार (चिरौंजी) और बांस की कोपलें (करील, सधना, हडुआ) प्रमुख हैं. इसे भी पढ़ें यात्रीगण कृपया ध्यान दें! रांची रेल मंडल की 3 ट्रेनों में कोच की संख्या बढ़ी, कई ट्रेनें रद्द Ranchi News: रांची के कई मुहल्लों में 1 जुलाई को नहीं रहेगी बिजली, देख लें लिस्ट में आपका भी इलाका तो नहीं Palamu News: पलामू में आज से बंद रहेगी शराब की 79 दुकानें, प्रशासन को हर दिन लाखों का नुकसान The post झारखंड के जंगलों में मॉनसून की दस्तक, सेहत और स्वाद से भरपूर मशरूम से सजा बाजार appeared first on Naya Vichar.

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भारतीय टीम में है दूसरा शेन वॉर्न, जिसे ग्रेग चैपल ने बताया वर्तमान क्रिकेट में का कलाई बेस्ट स्पिनर

Greg Chappell on Who is Best Wrist Spinner after Shane Warne: शेन वॉर्न को दुनिया के सबसे बेहतरीन स्पिनर्स में से एक माना जाता है. वे टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज हैं. उनके नाम पर 708 विकेट दर्ज हैं. वर्तमान क्रिकेट में उनके जैसा गेंदबाज ढूंढना मुश्किल है. हालांकि उनके ही हमवतन और हिंदुस्तान के पूर्व कोच ग्रेग चैपल का मानना है कि हिंदुस्तानीय टीम में दूसरा शेन वॉर्न मौजूद है. आस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज ग्रेग चैपल का मानना है कि इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में हिंदुस्तान को गेंदबाजी आक्रमण में विविधता के अभाव का खामियाजा भुगतना पड़ा. उन्होंने कुलदीप यादव को शेन वॉर्न के बाद सर्वश्रेष्ठ कलाई का स्पिनर करार देते हुए उन्हें और अर्शदीप सिंह को टीम में शामिल करने की सलाह दी. हिंदुस्तान को पांच मैचों की श्रृंखला के पहले मैच में इंग्लैंड ने पांच विकेट से हराया. हिंदुस्तानीय टीम ने पहले टेस्ट में आठ कैच टपकाये. चैपल ने ‘ईएसपीएन क्रिकइन्फो’ के लिये अपने कॉलम में लिखा ,‘‘ हेडिंग्ले में फील्डिंग बहुत निराशाजनक थी लेकिन हार का यह अहम कारण नहीं था. हिंदुस्तान ने अपनी परेशानियां खुद खड़ी की थी. सबसे बड़ी गलती तो वह नो बॉल थी जिससे दूसरी पारी की शुरूआत में ही हैरी ब्रूक को जीवनदान मिला.’’ Kuldeep yadav. Image: x. हिंदुस्तान के पास विकल्प नहीं था आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ने कहा कि हिंदुस्तान के सामने समस्या यह भी थी कि उसके दाहिने हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दुल ठाकुर लगभग एक से ही थे. उन्होंने कहा, ‘‘हिंदुस्तानीय गेंदबाजी आक्रमण में विविधता का अभाव था. जसप्रीत बुमराह को छोड़कर बाकी तेज गेंदबाज एक जैसे ही थे. गेंदबाजी में बदलाव के तुरंत बाद विकेट गिरने का कारण यह होता है कि बल्लेबाज को ढलने में समय लगता है. लेकिन हिंदुस्तानीय टीम के पास यह विकल्प नहीं था.’’ OMG लौट आए स्टेन और वार्न! उसी तेजी और टर्न से उड़े स्टंप्स-बिखरी गिल्लियां, गेंदों से बरपा कहर; विश्वास करना मुश्किल बुमराह की गैरमौजूदगी में अर्शदीप को दें मौका हिंदुस्तान के पूर्व कोच ने कहा, ‘‘बुमराह की गैर मौजूदगी में अर्शदीप सिंह को टीम में जगह मिलनी चाहिये. इसके साथ ही कुलदीप यादव को भी उतारना चाहिये जो शेन वॉर्न के बाद कलाई का सर्वश्रेष्ठ स्पिनर है.’’ हिंदुस्तान और इंग्लैंड दूसरे टेस्ट के लिए एजबैस्टन में 2 जुलाई से उतरेंगे. पहले टेस्ट मैच में पांच विकेट से हार के बाद हिंदुस्तानीय टीम को अपने गेंदबाजी विभाग में काम करने की जरूरत है, क्योंकि पहले मैच में शीर्ष क्रम को आउट करने के बाद हिंदुस्तान इंग्लैंड के पुछल्ले बल्लेबाजों को आउट करने में नाकाम रहा था.  IND vs ENG 2nd Test: बल्लेबाज या गेंदबाज किसका होगा फायदा? एजबैस्टन की पिच रहेगी ऐसी; क्रिस वोक्स ने बताया 125 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, एक ही मैच में ट्रिपल सेंचुरी के साथ आए चार शतक, पहाड़-सा बना स्कोर IND vs ENG 2nd Test मैच जीतने के लिए शुभमन गिल को क्या करना चाहिए? रवि शास्त्री ने दी ये सलाह The post हिंदुस्तानीय टीम में है दूसरा शेन वॉर्न, जिसे ग्रेग चैपल ने बताया वर्तमान क्रिकेट में का कलाई बेस्ट स्पिनर appeared first on Naya Vichar.

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बच्चों के नामांकन के लिए घर-घर दस्तक, आज से शुरू होगा स्कूल चलो अभियान

UP School Chalo Abhiyan: उत्तर प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी स्कूल मंगलवार, 1 जुलाई से खुल गए हैं. गर्मी की छुट्टियों के बाद नए शैक्षिक सत्र 2025-26 की शुरुआत के साथ ही ‘स्कूल चलो अभियान’ का दूसरा चरण भी पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा. इसके तहत बच्चों के नामांकन को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों, विद्यालय प्रबंध समिति और मां समूह के सदस्य घर-घर जाकर संपर्क करेंगे. हर जिले को मिलेगा 2 लाख रुपए का बजट बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक, कक्षा 1-3 तक पढ़ने वाले 45 लाख से ज्यादा बच्चों को नए सत्र की किताबें भी वितरित की जाएंगी. राज्य प्रशासन ने ‘स्कूल चलो’ अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक जिले को दो लाख रुपये का बजट दिया है. अभियान के तहत विशेष ध्यान उन बच्चियों के नामांकन पर दिया जाएगा, जो घरेलू काम या सामाजिक कारणों से स्कूल से दूर हैं. जानकारी के मुताबिक, अब तक प्रदेश में 1.40 करोड़ बच्चों का नामांकन पूरा हो चुका है. बच्चों को डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी धनराशि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के लिए स्कूल पहले ही खुल चुके थे, लेकिन बच्चों के लिए गर्मी की छुट्टियां 30 जून तक बढ़ा दी गई थीं. बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों को डीबीटी के माध्यम से भेजी गई राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करें और शिशु ड्रेस में स्कूल आएं. दोपहर 2 बजे तक ही चलेगा बेसिक स्कूल माध्यमिक विद्यालयों में भी 1 जुलाई से कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक संचालित होंगी. बेसिक स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेंगे. इस बार गर्मी की छुट्टियों में पहली बार समर कैंप भी आयोजित किए गए, जिससे बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया गया. The post बच्चों के नामांकन के लिए घर-घर दस्तक, आज से शुरू होगा स्कूल चलो अभियान appeared first on Naya Vichar.

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Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: प्रधानमंत्री के एक फोन आते ही स्मृति ईरानी ने छोड़ा था शो की शूटिंग, कहा- ‘शो का सेट तैयार था…’

Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: टेलीविजन का सबसे पॉपलर शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ फिर से लौट रहा है और इस बार भी तुलसी विरानी का रोल स्मृति ईरानी निभा रही हैं. इस शो ने पहले भी घर-घर में खूब लोकप्रियता पाई थी और अब इसके दूसरे भाग को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है. करीब 11 साल बाद स्मृति फिर से उसी रोल में लौट रही हैं. स्मृति के साथ अमर उपाध्याय, हितेन तेजवानी और गौरी प्रधान जैसे पुराने कलाकार भी नजर आएंगे. हाल ही में स्मृति कारण जौहर के शो में गई थी, जहां उन्होंने शो को लेकर कई राज खोले है.  ‘वी द वूमन’ में स्मृति ने खोले राज  स्मृति ईरानी ने करण जौहर के शो ‘वी द वूमन’ में शो के राज खोलते हुए एक दिलचस्प बात बताई. उन्होंने कहा कि ‘सीजन 2 की प्लानिंग तो 2014 में ही हो गई थी. लेकिन उसी समय उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानव संसाधन विकास मंत्री बना दिया था, इसलिए उन्हें एक्टिंग छोड़कर नेतृत्व में पूरी तरह सक्रिय होना पड़ा. स्मृति ने कहा कि उस वक्त शो का सेट तक तैयार था लेकिन अचानक पीएम ऑफिस से कॉल आया कि अब उन्हें मंत्री पद की शपथ लेनी है. इसी कारण उन्हें शो छोड़ना पड़ा.’  कड़ी सुरक्षा में हो रही शूटिंग  इस बार शूटिंग में सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें Z+ लेवल की सिक्योरिटी दी गई है. साथ ही सेट पर सुरक्षा के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं. पूरी कास्ट को मोबाइल फोन लेकर जाना मना है, ताकि कोई भी शूटिंग से जुड़ी जानकारी लीक न हो. नए सीजन में करीब 150 एपिसोड होंगे. पहले इसे 3 जुलाई 2025 से रिलीज करना था. लेकिन अब इसे नई तारीख तय कर लॉन्च किया जाएगा. फैंस को इस बार भी इस शो से काफी उम्मीद है कि ये सीजन भी पहले की तरह ही दर्शकों को जोड़ने में कामयाब होगा.  ये भी पढ़ें: Sanjay Dutt Viral Video: इवेंट में अपनी इस हरकत से सबको चौंका गए संजय दत्त, वायरल Video ने मचाया बवाल ये भी पढ़ें: Panchayat 4 की रिंकी बनी गद्दार! बनराकस के प्रधानी जीतने के बाद सचिव जी को छोड़ बदल लिया पार्टी, तस्वीरें वायरल The post Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: प्रधानमंत्री के एक फोन आते ही स्मृति ईरानी ने छोड़ा था शो की शूटिंग, कहा- ‘शो का सेट तैयार था…’ appeared first on Naya Vichar.

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आधा भारत नहीं जानता सबसे बड़े रेलवे स्टेशन के बारे में, नाम लेगा तो लग जाएगा टाइम

India Biggest Name Railway Station: हिंदुस्तानीय रेलवे नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है. यहां हर दिन करीब 22,593 ट्रेनें दौड़ती हैं. जिनमें से 13,452 ट्रेनें यात्री सेवा देती हैं. पूरे देश में फैले 7,349 से अधिक रेलवे स्टेशन हिंदुस्तान के लोगों की आवाजाही की रीढ़ हैं. इनमें कुछ स्टेशन अपने ऐतिहासिक महत्व या सुविधाओं के कारण चर्चा में रहते हैं, तो कुछ अपने अनोखे नामों की वजह से लोगों को हैरान कर देते हैं. ऐसा ही एक स्टेशन है जिसका नाम एक बार में बोलना तो दूर, याद रखना भी आसान नहीं है. यह स्टेशन है “पुराट्ची थलाइवर डॉ. मारुदुर गोपालन रामचंद्रन सेंट्रल रेलवे स्टेशन”. कहां स्थित है यह स्टेशन? यह स्टेशन तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में स्थित है और इसे पहले मद्रास सेंट्रल के नाम से जाना जाता था. साल 1873 में स्थापित यह स्टेशन दक्षिण हिंदुस्तान के सबसे व्यस्त और प्रमुख रेलवे जंक्शनों में से एक है. नामकरण का इतिहास इस स्टेशन का नाम तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और साउथ फिल्मों के महान अभिनेता डॉ. एम.जी. रामचंद्रन के सम्मान में रखा गया है. वे ‘पुराट्ची थलाइवर’ यानी ‘क्रांतिकारी नेता’ के नाम से प्रसिद्ध थे और आज भी तमिलनाडु की नेतृत्व और संस्कृति में एक बड़ा नाम हैं. यह भी पढ़ें.. राजस्थान में हाई स्पीड रेल , इन 7 जिलों से गुजरेगी बुलेट ट्रेन क्या है खासियत? यह स्टेशन हिंदुस्तान में सबसे लंबे नाम वाला रेलवे स्टेशन है.यहां से देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं.रोजाना हजारों यात्री यहां से सफर करते हैं और यह दक्षिण हिंदुस्तान के लिए एक केंद्रीय यात्री केंद्र के रूप में काम करता है. यह भी पढ़ें.. Petrol-Piesel in Delhi : पेट्रोल पंप में नहीं मिल रहा पेट्रोल–डीजल, काटा जा रहा है चालान The post आधा हिंदुस्तान नहीं जानता सबसे बड़े रेलवे स्टेशन के बारे में, नाम लेगा तो लग जाएगा टाइम appeared first on Naya Vichar.

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