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July 1, 2025

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जगदल में एक्साइड फैक्टरी गेट पर सभा की अनुमति नहीं मिलने पर अर्जुन सिंह बिफरे

बैरकपुर. जगदल की श्यामनगर एक्साइड फैक्टरी परमानेंट मजदूर यूनियन द्वारा सोमवार को जीएसटी चोरी, बढ़ते प्रदूषण और ठेकेदारी प्रथा जैसे मुद्दों पर फैक्टरी गेट पर सभा बुलायी गयी थी. लेकिन पुलिस की अनुमति न मिलने के कारण सभा नहीं हो सकी. इसे लेकर बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने राज्य प्रशासन और पुलिस पर निशाना साधा. मीडिया से बातचीत में अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी अब फासीवादी नेतृत्व की नायक बन गयी हैं और जिन्हें पसंद न हो, उन्हें लोकतांत्रिक ढंग से भी विरोध या आंदोलन करने नहीं देतीं. उन्होंने कहा कि बंगाल के कल-कारखानों और जूट मिलों में ठेकेदारी राज चल रहा है, और इस पर आवाज उठाना भी मुश्किल हो गया है. सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर जूट मिल अधिकारियों के दबाव में सभा की अनुमति रद्द कर दी. उन्होंने कहा कि अब वह हाइकोर्ट से अनुमति लेकर फैक्टरी गेट पर सभा करेंगे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जगदल में एक्साइड फैक्टरी गेट पर सभा की अनुमति नहीं मिलने पर अर्जुन सिंह बिफरे appeared first on Naya Vichar.

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वृद्धा व उसके बेटे की पिटाई तृणमूल नेता हुए गिरफ्तार

बैरकपुर. मोहनपुर थाना क्षेत्र की शिउली एक नंबर ग्राम पंचायत की तृणमूल पंचायत सदस्य के पति और तृणमूल नेता सैदुल गाजी को एक वृद्ध स्त्री और उनके बेटे की बेरहमी से पिटाई करने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस घटना में पीड़िता आइसीयू में भर्ती हैं. पुलिस के अनुसार, सैदुल गाजी पर आरोप है कि उन्होंने फिरोजा बीबी (तृणमूल की पंचायत सदस्य) के पति होने का फायदा उठाकर एक वृद्ध स्त्री सबीरन बीबी से उनके बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर हजारों रुपये ऐंठे थे. जब सबीरन बीबी और उनके बेटे सैदुल रहमान मंडल ने अपने पैसे वापस मांगे या नौकरी की मांग की, तो आरोप है कि सैदुल गाजी ने अपने भाई वहीदुल के साथ मिलकर उनकी बेरहमी से पिटाई की. सबीरन बीबी बैरकपुर-बारासात रोड के शिउली मुदीबारी इलाके की रहने वाली हैं. पिटाई के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वे आइसीयू में हैं. पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले सैदुल के भाई वहीदुल को गिरफ्तार किया था और अब मुख्य आरोपी सैदुल गाजी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post वृद्धा व उसके बेटे की पिटाई तृणमूल नेता हुए गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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छिनतई और हमले के दोषी को आजीवन कारावास

हावड़ा. हावड़ा-बंडेल लोकल ट्रेन में छिनतई करने और एक स्त्री यात्री पर हथियार से हमला करने के जुर्म में हावड़ा कोर्ट के पंचम अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार पंडा ने अभियुक्त सबर अली उर्फ गुड्डू को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. यह घटना 23 नवंबर 2018 की रात को हुई थी. रात 10:20 बजे हावड़ा-बंडेल लोकल ट्रेन जैसे ही प्लेटफॉर्म नंबर तीन से खुली, सबर अली स्त्री कोच में घुस गया और लूटपाट करने लगा. जब एक स्त्री यात्री ने इसका विरोध किया, तो उसने उस पर हथियार से हमला कर दिया. यात्रियों ने तुरंत चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया. ट्रेन रुकते ही सबर अली भागने लगा, लेकिन आरपीएफ जवानों ने उसे पकड़ लिया और जीआरपी के हवाले कर दिया. इस मामले की सुनवाई हावड़ा कोर्ट में चल रही थी, जिसने सोमवार को दोषी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post छिनतई और हमले के दोषी को आजीवन कारावास appeared first on Naya Vichar.

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हिल्सा मछली पकड़ने जा रहा ट्रॉलर नदी में डूबा

कोलकाता. दक्षिण 24 परगना के रायदीघी जेटी पर एक बड़ा हादसा हो गया. ‘मां अन्नपूर्णा’ नामक एक मछली पकड़ने वाला ट्रॉलर मणि नदी में डूब गया, जिससे मछुआरों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह ट्रॉलर बंगाल की खाड़ी में हिल्सा मछली पकड़ने जा रहा था. इसमें लगभग चार हजार लीटर डीजल, महंगे जाल और बड़ी मात्रा में बर्फ लदे हुए था. जानकारी के मुताबिक, हादसा तड़के करीब तीन बजे रायदीघी जेटी पर हुआ. ट्रॉलर लंगर डाल रहा था, तभी जेटी से बाहर निकली लोहे की दो मोटी छड़ें उसके निचले हिस्से में घुस गयीं. इससे ट्रॉलर में तेजी से पानी भरने लगा और कुछ ही मिनटों में वह पूरी तरह पानी में डूब गया. मछुआरों ने ट्रॉलर को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाये. इस दुर्घटना से ट्रॉलर मालिक और मछुआरों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिसका प्रारंभिक अनुमान लाखों रुपये में है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से रायदीघी जेटी की खराब स्थिति की शिकायत कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया. मछली पकड़ने के व्यस्त मौसम में इस तरह की घटना से मछुआरों के परिवारों में चिंता बढ़ गयी है. प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post हिल्सा मछली पकड़ने जा रहा ट्रॉलर नदी में डूबा appeared first on Naya Vichar.

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मरीजों का करते हैं नि:शुल्क इलाज

समाज सेवा के कारण नहीं कर पाते हैं प्राइवेट प्रैक्टिस संवाददाता, कोलकाता मेडिकल साइंस के इस युग में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के साथ ही चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस शुरू कर देते हैं. एमबीबीएस करनेवाले हर छात्र प्राइवेट प्रैक्टिस की चाह रखते हैं. खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं, पर आज के इस दौर में पश्चिम बंगाल में एक ऐसे भी चिकित्सक हैं, जो खुद को पैसा कमाने की होड़ से खुद को दूर रखते हैं. यह चिकित्सक आज भी अपने आवास पर फीस लिए बगैर अपने आवास पर मरीजों का इलाज करते हैं. आपको बता दे कि यहां हम डॉ सपन विश्वास की बात कर रहे हैं. डॉ सपन विश्वास एनआरएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की. 1992 में उनका एडमिशन हुआ था 1997 में एमबीबीएस को पूरा किया. इसके बाद उन्होंने शंभू नाथ पंडित और एनआरएस अस्पताल में हाउस स्टॉफ के तौर पर कार्य किया. 2004 में डॉ विश्वास प्रशासनी स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े. 2004 से 2008 तक उन्होंने मालदा जिला के एक ब्लॉक अस्पताल से जुड़े रहे. इसके बाद करीब सात वर्षों तक दक्षिण 24 परगना के कुलतली में मरीज की चिकित्सा की. यानी करीब 11 वर्षों तक डॉ विश्वास ग्रामीण अस्पतालों में कार्य किये. आज के दौर में युवा चिकित्सक ग्रामीण अस्पताल में कार्य करने से कतराते हैं. वहीं डॉ सपन विश्वास 11 वर्षों तक ग्रामीण क्षेत्र में रह कर मरीजों का इलाज किया. अब वह उत्तर 24 परगना जिले में स्थित भाटपाड़ा स्टेट जनरल अस्पताल में 2015 से जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर (जीडीएमओ) के पद पर कार्यरत हैं. नहीं करते प्राइवेट प्रैक्टिस :डॉ विश्वास ने बताया कि प्रशासनी अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक यदि प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करते हैं तो उन्हें नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) मिलता है. पर ऐसे कई चिकित्सक है जो अवैध तरीके से इस भत्ता को भी ले रहे हैं और प्राइवेट प्रैक्टिस भी कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वह एनपीए लेते हैं इसलिए प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करते हैं. उन्होंने बताया कि वह अपने घर पर कुछ मरीज को देखते हैं. पर इलाज के बदले फीस नहीं लेते हैं. नि:शुल्क मरीजों का इलाज करते हैं. समाज सेवा से भी जुड़े: डॉ विश्वास चिकित्सक होने के साथ वह एक समाज सेवक भी हैं. वह सर्विस डॉक्टर फोरम और मेडिकल सर्विस सेंटर से जुड़े हुए हैं. दोनों हगी चिकित्सक संगठन के जरिए वे हजारों मरीजों का नि:शुल्क इलाज करते हैं. 2013 में उत्तराखंड के केदारनाथ में आये बाढ़ के दैरान उन्होंने 10-12 दिन रह कर प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगा कर पीड़िता का इलाज किया था. 2014 में कश्मीर में आयी बाढ़ और 2015 में नेपाल में आये भूकंप के बाद मेडिकल कैंप लगा कर पीड़िता का इलाज किये थे. डॉ विश्वास बताते हैं कि इस तरह के कैंप लगाने के लिए उन्हें सह अन्य चिकित्सकों को अस्पताल से छुट्टी लेकर सेवा कार्य में जुड़ाना पड़ता है. वह बताते है कि समाज सेवा कार्य के करने की वजह से वह प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें अधिक पैसा कमाने की चाह नहीं है. उन्हें जितना वेतन मिलता है उसी से वह अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं. डॉ विश्वास के अन्य दो भाई भी चिकित्सक हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मरीजों का करते हैं नि:शुल्क इलाज appeared first on Naya Vichar.

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जंगलमहल में श्रद्धा और गर्व के साथ मनाया गया हूल दिवस

सिदो-कान्हो की मूर्ति का अनावरण, वीर शहीदों को नमन प्रतिनिधि, खड़गपुर. पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिले के जंगलमहल इलाके में सोमवार को हूल दिवस पर जनजातीय वीरों के अदम्य साहस और असाधारण वीरता को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. इस अवसर पर झाड़ग्राम शहर के वार्ड नंबर 18 स्थित विद्यासागरपल्ली इलाके में राज्य की मंत्री बीरबाहा हांसदा ने ऐतिहासिक संथाल क्रांति की याद में सिदो-कान्हू की मूर्ति का अनावरण किया. मंत्री बीरबाहा हांसदा ने कहा कि हूल दिवस हमें अपने आदिवासी समाज के अदम्य साहस और पराक्रम की याद दिलाता है. उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो समेत अनगिनत वीर जनजातीय शहीदों को नमन किया, जिन्होंने औपनिवेशिक उत्पीड़न के खिलाफ अपने प्राणों की आहुति दी. उन्होंने कहा कि इनकी शौर्यगाथा देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिये प्रेरित करती रहेगी. सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा हूल दिवस का उत्सव हूल दिवस के मौके पर दोनों जिलों के विभिन्न इलाकों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया. इन कार्यक्रमों के जरिये ऐतिहासिक संथाल क्रांति की गाथा और जनजातीय समाज के संघर्ष को स्मरण करते हुए नयी पीढ़ी को जागरूक किया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जंगलमहल में श्रद्धा और गर्व के साथ मनाया गया हूल दिवस appeared first on Naya Vichar.

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करया के किशोर का शव खाली मकान में मिला

तिलजला रोड का रहनेवाला था किशोर, पिछले कुछ दिनों से था लापता कोलकाता. महानगर के करया इलाके में 17 वर्षीय किशोर का घर से कुछ दूरी पर स्थित खाली मकान में शव मिलने से इलाके में लोग आतंकित हो गये. घटना तिलजला रोड की है. मृत किशोर का नाम शेख आजाद बताया गया है. वह करया थानाक्षेत्र में स्थित तिलजला रोड का रहनेवाला था. पुलिस सूत्र बताते हैं कि उन्हें प्राथमिक जांच में पता चला कि, रविवार को जब स्थानीय एक व्यक्ति खाली पड़े मकान के पास शौच के लिए गये तो उन्हें काफी दुर्गंध आयी. इसके बाद उसने इसकी सूचना स्थानीय लोगों और करया थाने की पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि वह एक किशोर का सड़ा-गला शव पड़ा है. मृतक के पोस्टमॉर्टम करने वाले चिकित्सकों ने प्राथमिक तौर पर पुलिस को बताया कि उसकी मौत करंट लगने से हुई है.पुलिस को किशोर के परिवार के सदस्यों ने बताया कि शेख आजाद पिछले कुछ दिनों से लापता था. अनुमान लगाया जा रहा है कि वह उक्त खाली मकान में छिपा था. शायद मकान में छिपने के दौरान अंधेरा होने के कारण किसी तरह वह करंट की चपेट में आ गया. जिससे करंट लगने के कारण उसकी मौत हो गयी. इस घटना को लेकर किसी भी परिवार की तरफ से स्थानीय थाने में किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं दर्ज करायी गयी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post करया के किशोर का शव खाली मकान में मिला appeared first on Naya Vichar.

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सिर्फ संविदा कर्मियों के जरिये नहीं चलाया जा सकता विभाग : हाइकोर्ट

कर्मचारियों को पेंशन व पदोन्नति से वंचित करने पर जतायी चिंता कोर्ट ने रिक्त पदों पर वर्षों से संविदा पर काम कर रहे कर्मियों को स्थायी रूप से नियुक्त करने का दिया आदेश संवाददाता, कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि प्रशासनी विभागों को केवल संविदा कर्मियों के भरोसे नहीं चलाया जा सकता. अदालत ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया है कि रिक्त पदों पर वर्षों से संविदा के आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी रूप से नियुक्त किया जाये और उन्हें सभी उचित लाभ व पदोन्नति दी जाये. हाल के दिनों में प्रशासनी संस्थानों में रिक्तियों के बावजूद संविदा के आधार पर नियुक्ति का चलन तेजी से बढ़ा है. संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने के बजाय, उन्हें वर्षों तक संविदा पर ही काम कराया जा रहा है. भले ही उनकी कार्यशैली स्थायी कर्मचारियों जैसी ही हो, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों से वंचित रखा जाता है. हाइकोर्ट ने इसे अस्वीकार्य मानते हुए इस स्थिति को जारी न रखने का फैसला सुनाया है. यह फैसला राज्य चिकित्सा सेवा निगम में संविदा के आधार पर काम कर रहे इंजीनियरों द्वारा दायर एक मामले की सुनवाई के दौरान आया है. न्यायमूर्ति पार्थसारथी चटर्जी ने अपने फैसले में कहा कि स्थायी कर्मचारियों के लिए रिक्तियां होने के बावजूद उन्हें संविदा के आधार पर काम कराकर वंचित नहीं किया जा सकता. अदालत का मानना है कि प्रशासनी या प्रशासनी प्रायोजित संगठनों में कर्मचारियों को पेंशन और पदोन्नति जैसे लाभों से वंचित करने के प्रयास में अंशकालिक नौकरी, आउटसोर्सिंग या परियोजना आधारित नियुक्ति का चलन बढ़ रहा है. हाइकोर्ट ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया है कि वर्षों से काम कर रहे इन इंजीनियरों को उचित पदों पर नियुक्त किया जाये और उन्हें उचित लाभ देकर पदोन्नति दी जाये. इसके लिए प्रशासन को 12 सप्ताह का समय दिया गया है. यह उल्लेखनीय है कि 2014 में राज्य चिकित्सा सेवा निगम में सहायक अभियंता और उप सहायक अभियंता के पदों के लिए पहली भर्ती अधिसूचना जारी की गयी थी. इन नियुक्तियों में 20,000 से 30,000 रुपये मासिक वेतन पर अनुबंध के आधार पर भर्तियां की गयी थीं. इसके पहले और बाद में भी इसी तरह से नियुक्तियां की गयीं. 2014 की अधिसूचना के तहत नियुक्त लोगों ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि अनुबंध कर्मचारियों की नियुक्ति के फार्मूले के अनुसार उनका रोजगार दो साल के लिए होता है. उनके वकील एकरामुल बारी ने अदालत में तर्क दिया कि कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लगातार दो साल तक अनुबंध के आधार पर सफलतापूर्वक काम करता है, तभी उसे स्थायी नियुक्ति के लिए योग्य माना जाता है. हालांकि, इस मामले में राज्य प्रशासन साल दर साल विभिन्न पदों पर कार्यरत इंजीनियरों को सभी विशेषाधिकारों से वंचित कर रही है और उन्हें ठेके पर काम करवा रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post सिर्फ संविदा कर्मियों के जरिये नहीं चलाया जा सकता विभाग : हाइकोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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seraikela kharsawan news: हेरा पंचमी पर प्रभु जगन्नाथ के रथ ‘नंदीघोष’ तोड़ेंगी मां लक्ष्मी

खरसावां. ओड़िशा के जगन्नाथपुरी की तर्ज पर खरसावां और हरिभंजा में प्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा के धार्मिक अनुष्ठान और परंपराएं पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभायी जा रही हैं. रथ यात्रा के पांचवें दिन(मंगलवार) की रात हेरा पंचमी पर प्रसिद्ध रथ भंगिनी परंपरा का आयोजन किया जायेगा. इस परंपरा के अनुसार, मंगलवार की शाम देवी लक्ष्मी, श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर पहुंचेंगी और वहां मुख्य द्वार के समीप खड़े महाप्रभु जगन्नाथ के रथ ‘नंदीघोष’ को क्रोधित होकर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त करेंगी. इसके बाद पुजारी उन्हें मनाकर वापस लक्ष्मी मंदिर ले जायेंगे. यह पूरा आयोजन धार्मिक परंपराओं और रस्मों के अनुसार संपन्न होगा. रथ भंगिनी परंपरा की तैयारी पूरी खरसावां और हरिभंजा के गुंडिचा मंदिरों के सामने खड़े नंदीघोष रथ को प्रतीकात्मक रूप से क्षतिग्रस्त कर रथ भंगिनी परंपरा का निर्वहन किया जायेगा. मंगलवार की शाम होने वाले इस अनुष्ठान की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. देवी लक्ष्मी के भक्त निभाते हैं प्रमुख भूमिका हेरा पंचमी पर होने वाले रथ भंगिनी अनुष्ठान में भगवान जगन्नाथ नहीं, बल्कि माता लक्ष्मी के भक्तों की विशेष भूमिका होती है. इसमें अधिकतर स्त्रीएं भाग लेती हैं. मंगलवार की रात लक्ष्मी मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद देवी लक्ष्मी की कांस्य प्रतिमा को पालकी में लेकर भक्त गुंडिचा मंदिर पहुंचते हैं. वहां मंदिर के द्वार पर दस्तक देने के बाद सभी धार्मिक रस्में निभायी जाती हैं. इसके पश्चात श्रद्धालु रथ के समीप जाकर प्रतीकात्मक रूप से रथ की एक लकड़ी तोड़ते हैं और फिर देवी की प्रतिमा को लेकर लक्ष्मी मंदिर लौट जाते हैं. क्या है धार्मिक मान्यता हेरा पंचमी का संबंध भगवान जगन्नाथ की पत्नी देवी लक्ष्मी से है. मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ जब रथ यात्रा के दौरान अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ पांच दिनों तक श्रीमंदिर नहीं लौटते, तो देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं. वह स्वयं गुंडिचा मंदिर पहुंचती हैं और रथ का एक हिस्सा तोड़ देती हैं. यह घटना पति-पत्नी के बीच प्रतीकात्मक संवाद के रूप में प्रस्तुत की जाती है, जिसे पुजारी पारंपरिक शैली में निभाते हैं. मुख्य सेवायतों के अनुसार, देवी लक्ष्मी को यह पसंद नहीं आता कि भगवान जगन्नाथ उन्हें छोड़कर मौसी के घर चले गये. गुस्से में वह नंदीघोष रथ की एक लकड़ी निकालकर उसे आंशिक रूप से तोड़ देती हैं और फिर मौन विरोध जताते हुए अपने मंदिर लौट जाती हैं. रथ भंगिनी की इस परंपरा के बाद भगवान जगन्नाथ के रथ दक्षिणामुख होकर श्रीमंदिर लौटने की तैयारी शुरू हो जाती है. यह धार्मिक आयोजन दक्षिणामुख संस्कार के रूप में जाना जाता है और इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post seraikela kharsawan news: हेरा पंचमी पर प्रभु जगन्नाथ के रथ ‘नंदीघोष’ तोड़ेंगी मां लक्ष्मी appeared first on Naya Vichar.

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seraikela kharsawan news: महाप्रभु से क्षेत्र की खुशहाली की कामना

सरायकेला. सिंहभूम की सांसद जोबा माझी सोमवार को सरायकेला मौसीबाडी पहुंच कर भगवान जगन्नाथ का दर्शन किया और क्षेत्र की सुख-शांति व खुशहाली की कामना की. सांसद के गुंडिचा मंदिर पहुंचने पर मनोज चौधरी के नेतृत्व में स्वागत किया गया. मौके पर सांसद ने कहा कि सरायकेला की रथयात्रा काफी ऐतिहासिक है. महाप्रभु सभी को स्वस्थ और खुशहाल रखें. उन्होंने दिशोम गुरु शिबु सोरेन के स्वास्थ्य की मंगलकामना महाप्रभु से की. मेला कमेटी के अध्यक्ष मनोज चौधरी ने मेले का बढ़ते हुए स्वरूप एवं जगह की कमी से सांसद को अवगत कराया. उन्होंने सांसद से अनमुंडलीय अस्पताल की खाली जमीन को मैदान के रूप में तब्दील कराने का आग्रह किया. इसके पश्चात सांसद ने राजनगर प्रखंड के कुमडीह में हूल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया. मौके पर झामुमो जिला उपाध्यक्ष भोला मोहंती, जॉनी हाजरा, गोविंद साहू, छोटलाल साहू, शंभू आचार्य समेत काफी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post seraikela kharsawan news: महाप्रभु से क्षेत्र की खुशहाली की कामना appeared first on Naya Vichar.

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