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July 2, 2025

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Monsoon Makeup Mistakes: मेकअप में न करें ये 10 बड़ी गलती, नहीं तो खराब हो जाएगा आपका ग्लो

Monsoon Makeup Mistakes: मानसून का मौसम खूबसूरत तो होता है. लेकिन इस समय स्किन और मेकअप की खास देखभाल करना बहुत जरूरी होता है. बारिश की नमी की वजह से मेकअप जल्दी फैलने लगता है और चेहरा चिपचिपा दिखने लगता है. अगर आप चाहती हैं कि आपका मेकअप इस मौसम में भी टिका रहे और आपका चेहरा हर समय फ्रेश दिखे, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है. आइए जानते हैं मानसून में की जाने वाली 10 बड़ी मेकअप गलतियों के बारे में जो आपको बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. Monsoon Makeup Mistakes: फाउंडेशन का ज्यादा इस्तेमाल मानसून में ज्यादा फाउंडेशन लगाने से स्किन भारी और केकी लगती है. नमी की वजह से ये जल्दी बह जाता है. इससे चेहरे पर लाइनें दिखने लगती हैं. हल्का फाउंडेशन या बीबी क्रीम इस्तेमाल करें जो स्किन पर नेचुरल दिखे. Monsoon Makeup Mistakes: ऑयली प्रोडक्ट्स लगाना बारिश में चेहरे पर पहले से ही नमी और पसीना रहता है. अगर आप ऑयल बेस्ड प्रोडक्ट्स यूज करेंगी तो स्किन और भी चिपचिपी हो जाएगी. इससे पिंपल्स की प्रॉब्लम भी हो सकती है. इसलिए लाइट और ऑयल-फ्री मेकअप ही चुनें. Home Remedies for Acne: 7 दिन में चेहरे के मुंहासों से छुटकारा पाएं, जानिए ये 4 आसान और असरदार देसी उपाय Monsoon Makeup Mistakes: बार-बार पाउडर से टच-अप करना कुछ लोग बार-बार फेस पर पाउडर लगाते हैं. इससे मेकअप मोटा और नकली लगने लगता है. पाउडर की जगह ब्लॉटिंग पेपर से ऑयल हटाना बेहतर होता है. इससे फेस फ्रेश और नैचुरल दिखेगा. Monsoon Makeup Mistakes: वॉटरप्रूफ प्रोडक्ट्स न लगाना मानसून में अगर मेकअप वॉटरप्रूफ नहीं होगा तो जल्दी फैल जाएगा. खासकर मस्कारा, काजल और लाइनर तुरंत खराब हो जाते हैं. इससे लुक बिगड़ जाता है. हमेशा वॉटरप्रूफ मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें. Monsoon Makeup Mistakes: हेवी आई मेकअप करना मानसून में हेवी आई मेकअप जल्दी स्मज हो जाता है. इससे आंखें डार्क और गंदी लगने लगती हैं. हल्के और मैट आईशैडो बेहतर ऑप्शन होते हैं. सिंपल लुक ज्यादा खूबसूरत लगता है. ये भी पढ़ें: Beauty Tips: चेहरा 10 साल छोटा दिखेगा अगर अपनाएं ये 3 ब्यूटी हैबिट्स ये भी पढ़ें: Skincare Tips: आपकी त्वचा के लिए ये 5 स्किनकेयर टिप्स जानना है जरूरी, तुरंत अपनाएं Monsoon Makeup Mistakes: गालों पर ज्यादा ब्लश लगाना बहुत ज्यादा ब्लश लगाने से चेहरा ओवर लुक देने लगता है. बारिश में गालों पर लिक्विड ब्लश जल्दी फैल जाता है. हल्का और नेचुरल ब्लश ही लगाएं. इससे आपका चेहरा फ्रेश और सॉफ्ट दिखेगा. Monsoon Makeup Mistakes: गलत लिपस्टिक का चुनाव मानसून में कुछ लिक्विड लिपस्टिक जल्दी फैल जाती हैं. इससे होंठ गंदे और मैसी दिखते हैं. लॉन्ग लास्टिंग और मैट लिपस्टिक का इस्तेमाल करें. इससे आपके होंठ लंबे समय तक अच्छे दिखेंगे. Monsoon Makeup Mistakes: प्राइमर स्किन को स्मूद बनाता है और मेकअप को टिकने में मदद करता है. बिना प्राइमर के मेकअप जल्दी खराब हो जाता है. मानसून में यह और भी जरूरी हो जाता है. इसलिए हमेशा मेकअप से पहले प्राइमर लगाएं. ये भी पढ़ें: Tips to Stop Hair Fall: बालों के झड़ने से बचाने के लिए अपनाएं ये 5 आसान टिप्स Monsoon Makeup Mistakes: सेटिंग स्प्रे का इस्तेमाल न करना मेकअप को सेट करने के लिए सेटिंग स्प्रे जरूरी होता है. इससे मेकअप लंबे समय तक बना रहता है. मानसून में अगर आप ये स्किप करती हैं तो लुक जल्दी बिगड़ सकता है. इसलिए मेकअप के बाद हल्का सा स्प्रे जरूर करें. Monsoon Makeup Mistakes: स्किन को प्रेप न करना मेकअप से पहले स्किन को अच्छे से साफ और मॉइश्चराइज करना बहुत जरूरी है. गंदगी और ऑयल अगर स्किन पर रहेगा तो मेकअप नहीं टिकेगा. इससे चेहरे पर पिंपल्स भी हो सकते हैं. स्किन को क्लीन और हाइड्रेटेड रखिए, तभी मेकअप सही लगेगा. ये भी पढ़ें: Natural Beauty Hacks: बिना मेकअप भी पाएं दमकती और फ्रेश त्वचा, जानिए आसान और असरदार नुस्खे Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Monsoon Makeup Mistakes: मेकअप में न करें ये 10 बड़ी गलती, नहीं तो खराब हो जाएगा आपका ग्लो appeared first on Naya Vichar.

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BBA डिग्री एक सुनहरा मौका, जानें टॉप जॉब रोल्स और सैलरी पैकेज

BBA Course: BBA यानि बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यह तीन साल का अंडर ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स है, जो कि 6 सेमेस्टर में विभाजित होता है. जो छात्र बिजनेस मैनेजमेंट, फाइनेंस, मार्केटिंग, एचआर और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए कराया बनाना चाहते हैं वो बीबीए कोर्स 12वीं कक्षा के बाद कर सकते हैं. यह कोर्स सबसे अच्छे यूजी प्रोग्राम में से एक है. कुछ जगहों पर बीबीए और एमबीए मिलाकर 5 साल का इंटीग्रेटेड कोर्स भी होता है. BBA Course Eligibility: कौन कर सकता है बिजनेस की पढ़ाई ? बिजनेस की पढ़ाई करने के लिए छात्रों को 12वीं पास होना जरूरी है. किसी भी स्ट्रीम से यानि साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स के छात्र ये कोर्स कर सकते हैं. ज्यादातर कॉलेजों में 12वीं में कम से कम 50% मार्क्स चाहिए, कुछ में 60% भी मांगे जाते हैं. कुछ कॉलेजों में एडमिशन के लिए कम से कम 17 साल की उम्र होनी चाहिए. आपको किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड जैसे CBSE, ICSE, या स्टेट बोर्ड से 12वीं कक्षा पास करनी होगी. कुछ बड़े कॉलेज में 60% मार्क्स भी मांगे जा सकते हैं. How to Apply for BBA: आवेदन कैसे करें कॉलेज की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म भरें.12वीं की मार्कशीट, फोटो, और बाकी जरूरी कागजात जमा करें. अगर एंट्रेंस एग्जाम है, तो उसे पास करें और काउंसलिंग में हिस्सा लें. BBA Course Purpose: बीबीए डिग्री का उद्देश्य बीबीए कोर्स का उद्देश्य छात्रों को विभिन्न व्यावसायिक अवधारणाओं की अच्छी समझ प्रदान करना है. खासकर उन छात्रों के लिए जो कॉर्पोरेट जगत में अपना करियर शुरू करने में रुचि रखते हैं. ये कोर्स मार्केटिंग, फाइनेंस, एचआर और बिजनेस की बुनियादी जानकारी देता है. इस प्रोग्राम में छात्रों को लीडरशिप, प्लानिंग और डिसीजन लेने जैसे स्किल्स सिखाए जाते हैं, जो बिजनेस में जरूरी हैं. बीबीए के बाद आप जॉब शुरू कर सकते हैं या एमबीए जैसे कोर्स के लिए तैयार हो सकते हैं. बीबीए (BBA) कोर्स में एडमिशन के लिए कई प्रवेश परीक्षाएं होती हैं. इनमें से कुछ परीक्षाएं राष्ट्रीय स्तर की हैं, तो कुछ राज्य या विश्वविद्यालय स्तर की हैं. कुछ प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं नीचे बताए गए हैं:- सीयूईटी (CUET UG) आईपीयू सीईटी (IPU CET) एसईटी (SET) डीयू जेएटी (DU JAT) यूजीएटी (UGAT) Details of BBA course: बीबीए की पूरी जानकारी बीबीए एक अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम है जो बिजनेस मैनेजमेंट के बेसिक और एडवांस्ड कॉन्सेप्ट्स सिखाता है. इसमें बिजनेस ऑपरेशंस, मार्केटिंग, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्स (HR), और मैनेजमेंट जैसे विषय शामिल होते हैं. यह कोर्स छात्रों को कॉर्पोरेट दुनिया के लिए तैयार करता है और आगे एमबीए (MBA) करने की नींव रखता है. Best College for BBA: बीबीए के लिए बेस्ट कॉलेज BBA (बैचलर्स ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) कोर्स के लिए हिंदुस्तान में कई अच्छे कॉलेज हैं. कुछ बेस्ट कॉलेज के नाम नीचे दिए गए हैं- शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज (दिल्ली) सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (पुणे) नरसी मोनजी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स (मुंबई) क्राइस्ट यूनिवर्सिटी (बैंगलोर) लोयोला कॉलेज (चेन्नई). बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) कोर्स आज के समय में युवाओं के लिए एक बेहतरीन करियर विकल्प है. यह कोर्स न केवल बिजनेस और मैनेजमेंट की बुनियादी समझ प्रदान करता है, बल्कि छात्रों को प्रोफेशनल स्किल्स जैसे लीडरशिप, कम्युनिकेशन, और डिसीजन मेकिंग में भी बेहतारिन बनाता है. ये भी पढ़ें: Best Career Option: डी फार्मेसी छात्रों के लिए नई राह, जानें एडमिशन से लेकर कमाई तक बीबीए करने के बाद छात्रों के सामने एमबीए, स्टार्टअप, या विभिन्न इंडस्ट्रीज में जॉब के ढेरों अवसर खुलते हैं. यह कोर्स उन लोगों के लिए खास है जो बिजनेस की दुनिया में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं. अगर आप मेहनत और लगन के साथ इस कोर्स को पूरा करते हैं, तो यह आपको एक सफल और आत्मनिर्भर करियर की ओर ले जा सकता है. The post BBA डिग्री एक सुनहरा मौका, जानें टॉप जॉब रोल्स और सैलरी पैकेज appeared first on Naya Vichar.

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Hul Diwas in Ranchi: संताल हूल दिवस पर जागृत हुई आदिवासी प्रतिरोध की स्मृति

Hul Diwas in Ranchi: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र क्षेत्रीय केंद्र रांची एवं डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ऐतिहासिक संथाल हूल (1855–56) की 170वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक दिवसीय संगोष्ठी – ‘संथाल हूल : आदिवासी प्रतिरोध और विरासत की स्मृति’ का आयोजन किया गया. इस अवसर पर प्रख्यात विद्वानों, शोधार्थियों, तथा छात्रों ने सक्रिय सहभागिता की और आदिवासी प्रतिरोध की स्मृति को पुनः जागृत किया. हूल आदिवासी अस्मिता, आत्मसम्मान और सांस्कृतिक संघर्ष का प्रतीक था : डॉ कुमार संजय झा डॉ कुमार संजय झा, क्षेत्रीय निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, रांची ने कार्यक्रम का स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए संताल हूल के समृद्ध किंतु उपेक्षित इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि हूल केवल एक विद्रोह नहीं था, बल्कि आदिवासी अस्मिता, आत्मसम्मान और सांस्कृतिक संघर्ष का प्रतीक था. डॉ झा ने यह भी उल्लेख किया कि यह मंच छात्रों और शोधार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा, क्योंकि इसके माध्यम से इतिहास के उन गुमनाम नायकों की कहानियां सामने लायी जा सकेंगी, जो अब तक इतिहास के पृष्ठों से ओझल रहे हैं. स्वतंत्रता की असली ज्वाला 1855 में संताल हूल से प्रज्वलित हुई : डॉ बिनोद कुमार डॉ बिनोद कुमार, समन्वयक, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए ‘हूल’ शब्द की विविध व्याख्याओं पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने कहा कि यद्यपि अधिकांश इतिहासकार 1857 को हिंदुस्तान के स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत मानते हैं, लेकिन स्वतंत्रता की असली ज्वाला 1855 में संताल हूल आंदोलन के साथ ही प्रज्ज्वलित हो चुकी थी. उन्होंने भोगनाडीह गांव के सिदो-कान्हो, चांद-भैरव और फूलो-झानो जैसे वीर और वीरांगनाओं की बहादुरी को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि इन अल्पज्ञात नायकों की वास्तविक भूमिका को इतिहास में समुचित स्थान मिलना चाहिए. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें इतिहास लेखन में तथ्य के अन्वेषण में सावधानी जरूरी : डॉ नीरद डॉ आरके नीरद ने इस ओर महत्वपूर्ण ध्यान आकर्षित किया कि आधुनिक समय में तकनीकी प्रगति और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता के चलते ऐतिहासिक स्रोतों और तथ्यों तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक सहज हो गयी है. फिर भी, यह चिंता का विषय है कि उपलब्ध स्रोतों और तथ्यों में तथ्यात्मक शुद्धता और प्रामाणिकता का अभाव बना हुआ है. उन्होंने विशेष रूप से नवोदित शोधार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास मात्र अतीत का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि एक उत्तरदायित्व है, जिसे गहन अध्ययन, समर्पण और आलोचनात्मक दृष्टिकोण के साथ समझना आवश्यक है. उन्होंने आग्रह किया कि हमें इतिहास के प्रति उदासीन या लापरवाह नहीं होना चाहिए. उन्होंने संताल हूल सहित झारखंड के सभी जनजातीय आंदोलन के नायकों के नाम, स्थान आदि से जुड़े विषयों पर एक मानक शब्दकोश बनाने की जरूरत बतायी. उपनिवेशवादी सोच से हूल के इतिहास को मुक्त करना होगा : डॉ दिनेश नारायण वर्मा डॉ दिनेश नारायण वर्मा, पूर्व विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग, वीएसके कॉलेज, साहिबगंज ने संथाल हूल को हिंदुस्तानीय इतिहास का एक निर्णायक मोड़ बताते हुए कहा कि इसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्रता की चेतना को जागृत किया. उन्होंने औपनिवेशिक इतिहास लेखन की आलोचना करते हुए कहा कि आदिवासियों को ‘बर्बर’ व ‘जंगली’ जैसे शब्दों से चित्रित किया गया, जबकि वास्तव में संताल हूल एक स्वतःस्फूर्त जनक्रांति थी, जो आदिवासी अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए उभरी थी. प्रो वर्मा ने बताया कि विद्रोह से पहले संताल समाज ने सिंदूर-तेल बांटने और बोंगा देवताओं के आह्वान जैसे सांस्कृतिक अनुष्ठानों के माध्यम से एकजुटता और संघर्ष की शक्ति अर्जित की. उन्होंने जोर दिया कि हिंदुस्तानीय इतिहास को उपनिवेशवादी दृष्टिकोण से मुक्त कर, आदिवासी संघर्षों को यथार्थ रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए. औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध पहला संगठित जनप्रतिरोध था हूल : प्रो पीयूष कमल सिन्हा प्रो पीयूष कमल सिन्हा ने संताल हूल को लेकर एक संतुलित और गहन दृष्टिकोण प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि यद्यपि यह आंदोलन सीधे तौर पर हिंदुस्तानीय स्वतंत्रता संग्राम से नहीं जुड़ा था, फिर भी यह औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध पहला संगठित जनप्रतिरोध था, जिसने आदिवासी चेतना और प्रतिरोध की दिशा तय की. उन्होंने औपनिवेशिक इतिहास लेखन की आलोचना करते हुए कहा कि अक्सर इतिहास को किसी विशेष विचारधारा या दृष्टिकोण से देखा जाता है, जिससे आदिवासी समाज की विविधता, पहचान और संघर्ष की वास्तविकता ओझल हो जाती है. श्री सिन्हा ने अपने वक्तव्य को और भी सशक्त बनाते हुए लोककथाओं का उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि परंपराओं के अनुसार सिदो और कान्हो को एक दिव्य प्रेरणा प्राप्त हुई थी, जिसके पश्चात उन्होंने हूल आंदोलन का नेतृत्व किया. यह न केवल ऐतिहासिक घटनाओं को समझने में सहायक है, बल्कि आदिवासी समाज के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विश्वासों की भी गहराई से व्याख्या करता है. अनेक अज्ञात स्वतंत्रता सेनानी, जिन्हें लाना होगा सामने : संजय कृष्णन संजय कृष्णन ने ध्यान आकर्षित किया कि यद्यपि संताल हूल विद्रोह 1855 में अपने उग्र रूप में सामने आया, इसकी पृष्ठभूमि और हलचल 1853 से ही प्रारंभ हो चुकी थी. उन्होंने बताया कि इस तथ्य की पुष्टि उस कालखंड के अंग्रेज अधिकारियों द्वारा लिखित रिपोर्टों, दस्तावेजों, पत्रिकाओं और समाचार-पत्रों से होती है. कृष्णन ने इस विद्रोह में भाग लेने वाले उन गुमनाम नायकों की ओर ध्यान दिलाया, जिनका योगदान इतिहास के पन्नों में पर्याप्त रूप से नहीं आ पाया है. ऐसे अनेक अज्ञात स्वतंत्रता सेनानी सामने आ सकते हैं, जिन्होंने इस ऐतिहासिक जनआंदोलन को दिशा दी जैसे-छोटराय मांझी, उरजू मांझी, सोना मरांडी और सलोमी बेसरा जैसी स्त्री सेनानी. हूल एक सांस्कृतिक क्रांति भी थी : प्रो एसएन मुंडा विशिष्ट अतिथि प्रो एसएन मुंडा ने कहा कि संताल हूल विद्रोह केवल एक सशस्त्र संघर्ष नहीं था, बल्कि यह जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक और आर्थिक अस्मिता को बचाये रखने का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है. उन्होंने कहा कि आज के समय में हूल विद्रोह से जुड़ी चेतना को आत्मसात करने की आवश्यकता है. जिस प्रकार उस समय आदिवासी समाज ने अपने पारंपरिक जीवन, संस्कृति और संसाधनों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष किया, उसी प्रकार आज भी हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत, ज्ञान परंपराओं और स्थानीय संसाधनों को बचाने के लिए सजग और सक्रिय रहना होगा. हूल विद्रोह हमें अपनी जड़ों से

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Girl Baby Names: अपनी लाडली बिटिया को दें सुंदर और अर्थपूर्ण नाम 

Girl Baby Names: बेटी का जन्म परिवार में खुशियों की नई रौशनी लेकर आता है. हर माता-पिता चाहते हैं कि उनकी लाडली का नाम न सिर्फ सुंदर हो, बल्कि उसमें गहरा अर्थ भी छिपा हो. ऐसे में अगर आप भी अपनी प्यारी बेटी के लिए एक सुंदर नाम की तलाश में हैं, तो यह लेख आपके लिए है. आज हम आपको इस लेख में कुछ प्यारे, आधुनिक और पारंपरिक हिंदी नाम के बारे में बताने जा रहे हैं. ये नाम न केवल सुनने में सुंदर हैं, बल्कि इसके अर्थ भी बेहद खास हैं. तो चलिए जानते हैं.  बेटी के लिए नाम (Girl Baby Names) आराध्या (Aaradhya) – इस नाम का अर्थ पूजनीय होता है.  सान्वी (Saanvi) – मां लक्ष्मी से जुड़ा हुआ नाम.  काव्या (Kavya) – इस नाम का अर्थ कविता होता है.  तन्वी (Tanvi) – इस नाम का मतलब नाज़ुक होता है.  अनन्या (Ananya) – जो अद्वितीय हो.  मीरा (Meera) – जो कृष्ण की भक्त हो.  त्रिशा (Trisha) – इस नाम का मतलब इच्छा होता है.  इशिता (ishita) – जो शक्ति से भरपूर हो.   श्रद्धा (Shraddha) – जिसके अंदर श्रद्धा हो.  यह भी पढ़ें- Hindu Baby Names: नन्हें राजकुमार और राजकुमारी के लिए धर्म से प्रेरित नामों की लिस्ट  Beautiful Girl Baby Names  आराध्या – पूजनीय, जिसकी पूजा की जाए अनाया – देखभाल करने वाली  अवनी – पृथ्वी से जुड़ा प्यारा नाम  सावनी – बारिश की देवी, सावन से जुड़ा नाम कियारा – जो प्रकाश और चमकदार हो. त्रिशा – जिसके अंदर इच्छा और प्यास हो.  ईरा – इस नाम का अर्थ ज्ञान की देवी और पृथ्वी से जुड़ा नाम.  नव्या – जो नई, नवीन, युवा हो.  वाणी – देवी सरस्वती जुड़ा प्यार नाम.  यह भी पढ़ें- Baby Names: बिटिया रानी के लिए रखें ऐसा नाम जो सबका दिल जीत ले यह भी पढ़ें- नाम में हो प्यार और पहचान– जुड़वां बच्चों के लिए सबसे सुंदर नामों की लिस्ट यह भी पढ़ें- Baby Names: दो अक्षर के स्टाइलिश बेबी नेम्स, अपने शिशु के लिए जरूर चुनें The post Girl Baby Names: अपनी लाडली बिटिया को दें सुंदर और अर्थपूर्ण नाम  appeared first on Naya Vichar.

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Bihar: मानसून सत्र से पहले हो सकता है मोदी कैबिनेट का विस्तार, बिहार से ये नेता बन सकते हैं मंत्री

Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मंत्रीमंडल का विस्तार करने की तैयारी में हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम मानसून सत्र के शुरू होने से पहले कैबिनेट विस्तार कर सकते हैं. इस कैबिनेट विस्तार में एक तरफ जहां कई मंत्रियों की विदाई हो सकती है तो वहीं, कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल के पहले कैबिनेट विस्तार में चुनावी राज्यों खासकर बिहार, असम और बंगाल के नेताओं को जगह मिल सकती है.  फिलहाल मोदी कैबिनेट में खाली है 9 मंत्री पद  प्रधानमंत्री मोदी ने जब तीसरी बार पद की शपथ ली तो उनके साथ करीब 71 अन्य नेताओं ने  भी मंत्री पद की शपथ ली. जिनमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 36 राज्य मंत्री शामिल हैं. बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट में मंत्रियों की अधिकतम संख्या लोकसभा के कुल सदस्यों की संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती, जो 543 का 15% है, यानी लगभग 81-82 मंत्री हो सकते हैं. इस तरह से मोदी कैबिनेट में फिलहाल 9 मंत्री पद खाली है.  बिहार से ये नेता बन सकते हैं मंत्री   वहीं, बताया जा रहा है कि मोदी 3.0 के पहले विस्तार में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा का मंत्री बनना तय है. इसके पीछे बताया जा रहा है कि साल के आखिरी में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उपेंद्र कुशवाहा को मंत्री बनकार बीजेपी कुशवाहा समाज के लोगों को यह संदेश देना चाहती है कि बिहार में कुशवाहा जाति को सबसे अधिक वही प्राथमिकता और प्रतिनिधित्व देती है.  ॉ उपेंद्र कुशवाहा पहले भी मोदी कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं कुशवाहा उपेंद्र कुशवाहा मोदी कैबिनेट में 2014 से 2018 तक मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया. कुशवाहा ने 10 दिसंबर 2018 को मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और एनडीए से भी नाता तोड़ लिया. हालांकि अब बिहार चुनाव से पहले उनकी मोदी कैबिनेट में वापसी तय है.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें मोदी कैबिनेट में बिहार से हैं 8 मंत्री 2024 में जब एनडीए की प्रशासन बनी तो उसमें बिहार से 8 मंत्री बनाए गए. इनमें 4 कैबिनेट और 4 राज्य मंत्री बने हैं. जीतन राम मांझी, चिराग पासवान, ललन सिंह और गिरिराज सिंह को केंद्र प्रशासन में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. वहीं रामनाथ ठाकुर, सतीश चंद्र दुबे, राजभूषण चौधरी निषाद और नित्यानंद राय को राज्यमंत्री बनाया गया है.   इसे भी पढ़ें: Bihar Chunav: बिहार के वह नेता जो पहले बने प्रधानमंत्री फिर ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 15 साल तक रहे सीएम The post Bihar: मानसून सत्र से पहले हो सकता है मोदी कैबिनेट का विस्तार, बिहार से ये नेता बन सकते हैं मंत्री appeared first on Naya Vichar.

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CUET UG 2025: दिल्ली यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएट कोर्सेस की फुल लिस्ट— एडमिशन के पहले पढ़ लें

CUET UG 2025 in Hindi: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (CUET UG) 2025 का परिणाम कभी भी घोषित किया जा सकता है. इस परीक्षा के माध्यम से छात्र देशभर के कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला ले सकते हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU).  CUET के स्कोर के आधार पर डीयू और उसके सभी संबद्ध कॉलेजों में विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में एडमिशन मिलेगा. ऐसे में जो छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन की योजना बना रहे हैं, उन्हें अभी से संबंधित कोर्स और कॉलेज की जानकारी जुटा लेनी चाहिए.  CUET UG 2025 in Hindi: डीयू में रैंक के आधार पर मिलेगा एडमिशन डीयू और उसके सभी कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी तरह से CUET UG 2025 के रैंक पर आधारित होगी. NTA ने पहले ही परीक्षा की फाइनल आंसर की जारी कर दी है. इसके बाद अब कभी भी रिजल्ट जारी किया जा सकता है. जैसे ही रिजल्ट आएगा, एडमिशन और काउंसलिंग की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू हो जाएगी. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे वेबसाइट पर नियमित नजर रखें. पढ़ें: CUET Counselling 2025: टॉप कॉलेजों में सीट चाहिए? तो CUET में इतने अंक लाना होगा जरूरी दिल्ली यूनिवर्सिटी में उपलब्ध प्रमुख कोर्सेज क्रम संख्या कोर्स का नाम 1 बीकॉम (ऑनर्स) 2 बीकॉम 3 बीएससी (ऑनर्स) 4 बीएससी 5 बीए 6 बीए (ऑनर्स) 7 बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन (B.El.Ed) 8 बीए प्रोग्राम (History + Political Science) 9 बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (BMS) 10 बीएससी फिजिकल साइंस विथ केमिस्ट्री 11 बीए (VS) 12 बीटेक CUET UG 2025 कैसे चेक करें रिजल्ट? CUET UG 2025 का परिणाम NTA की आधिकारिक वेबसाइट cuet.nta.nic.in पर जारी किया जाएगा. छात्र नीचे दिए गए आसान स्टेप्स से अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं: 1. सबसे पहले वेबसाइट पर जाएं.  2. होमपेज पर उपलब्ध “CUET UG 2025 Result/Scorecard” लिंक पर क्लिक करें.  3. अब अपना एप्लिकेशन नंबर, डेट ऑफ बर्थ और सिक्योरिटी पिन दर्ज करें.  4. सबमिट करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा, जिसे डाउनलोड करके सुरक्षित रख सकते हैं.  सभी कॉलेज वाइज कोर्स की विस्तृत लिस्ट देखने के लिए नीचे दिए गए PDF लिंक पर क्लिक करें. इससे पाठ्यक्रम चयन में सहायता मिलेगी. यह भी पढ़ें: CUET Counselling 2025: कितने मार्क्स पर कितना परसेंटाइल? CUET UG एडमिशन से पहले जान लें, नहीं तो पछताएंगे CUET UG 2025 का रिजल्ट घोषित होते ही दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.  ऐसे में छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे पहले से ही अपने पसंदीदा कोर्स और कॉलेज का चुनाव कर लें.  इससे काउंसलिंग के समय निर्णय लेने में आसानी होगी.  The post CUET UG 2025: दिल्ली यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएट कोर्सेस की फुल लिस्ट— एडमिशन के पहले पढ़ लें appeared first on Naya Vichar.

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Metro In Dino First Review: मेट्रो इन दिनों का पहला रिव्यू आया सामने, जानें फ्लॉप हुई या हिट, मिले इतने स्टार्स

Metro In Dino First Review: अनुराग बसु की साल 2007 में रिलीज हुई लाइफ इन ए मेट्रो बॉक्स ऑफिस पर बहुत बड़ी हिट साबित हुई थी. इसके गाने आज भी ट्रेंडिंग में रहते हैं और फैंस इसे सुनते हैं. अब 18 साल बाद, बेहतरीन फिल्म निर्माता अनुराग बसु सीक्वल मेट्रो इन डिनो के साथ वापस आ गए हैं. यह फिल्म एक म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा है, जिसमें दिल छू लेने वाली कहानियां दिखाई गई हैं और प्रीतम का दिल को छू लेने वाला संगीत है. अब इसका पहला रिव्यू सामने आया. मेट्रो इन डिनो फर्स्ट रिव्यू में फ्लॉप हुई या हिट सोशल मीडिया पर क्रिटिक्स, अभिनेता और मॉडल कुलदीप गढ़वी ने मेट्रो इन डिनो को 4.5 स्टार दिए. उन्होंने लिखा, “मेट्रो…इन डिनो एक ऐसी फिल्म है, जो हर दिशा से दिल को छूती है. यह चार अनोखे जोड़ों की कहानियां बताती है, जिनमें से प्रत्येक की अपनी भावनात्मक धड़कन है. सभी कलाकारों का अभिनय शानदार है. अली और फातिमा ने अपनी गहरी छाप छोड़ी है. पंकज और कोंकणा की केमिस्ट्री शब्दों से ज्यादा जोरदार है. अनुपम और नीना ने कमाल किया है, उनके सीन में फीलिंग्स है. आदित्य और सारा ने युवापन, सुंदरता और भरोसेमंद भावनाएं दिखाई हैं. प्रीतम का संगीत बस जादुई है, हर गाना भावनाओं को छूता है. मेट्रो…इन डिनो एक दिल को छू लेने वाला सिनेमाई अनुभव है.” BookMyShow के अनुसार मेट्रो इन डिनो का रनटाइम 2 घंटे और 42 मिनट है. View this post on Instagram A post shared by Kuldeep (@iamkuldeep23) मेट्रो इन डिनो में ये स्टार्स हैं मौजूद मेट्रो इन डिनो में अनुपम खेर, नीना गुप्ता, कोंकणा सेन शर्मा, पंकज त्रिपाठी, आदित्य रॉय कपूर, सारा अली खान, अली फजल और फातिमा सना शेख हैं. अब तक, यह फिल्म अपने दिलचस्प ट्रेलर और दिल को छू लेने वाले गानों के लिए सुर्खियां बटोर रही है. मोस्ट अवेटेड मूवी 4 जुलाई को सिनेमाघरों में आने वाली है. मेट्रो इन डिनो में काम करने पर क्या बोली सारा अली खान इस बीच, मेट्रो इन डिनो के बारे में बात करते हुए, सारा ने डेक्कन क्रॉनिकल को बताया, “यह फिल्म वास्तव में खास है, क्योंकि मैं हमेशा अनुराग बसु सर के साथ काम करना चाहती थी. मेट्रो देखने और उसे पसंद करने से लेकर अब इसमें काम करने तक, सपने सच होते हैं. मैं अनुराग बसु की फैन रही हूं, अब मैं कह सकती हूं कि मैं अनुराग बसु की हिरोइन भी हूं.” यह भी पढ़ें- Anupama: अनुज कपाड़िया की री-एंट्री को लेकर शो के राइटर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- उस पर टिप्पणी… The post Metro In Dino First Review: मेट्रो इन दिनों का पहला रिव्यू आया सामने, जानें फ्लॉप हुई या हिट, मिले इतने स्टार्स appeared first on Naya Vichar.

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Redmi Note 14 Series की नये रंग में धमाकेदार वापसी, जानें कीमत और खरीदने के फायदे

Redmi Note 14 Series New Color: रेडमी ने हिंदुस्तान में अपने लोकप्रिय स्मार्टफोन Redmi Note 14 Pro+ 5G और Redmi Note 14 Pro+ 5G का नया Champagne Gold कलर वेरिएंट लॉन्च कर दिया है. ये दोनों डिवाइसेज पहले ही दिसंबर 2024 में लॉन्च किए गए थे, लेकिन अब नए आकर्षक लुक के साथ वापस आए हैं. डिवाइस के शैंपेन गोल्ड वेरिएंट की बिक्री Amazon, Flipkart, Xiaomi की वेबसाइट और अधिकृत रिटेल स्टोर्स पर शुरू हो गई है. नयी रंगीन पेशकश के साथ Redmi ने फिर से बजट प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. Redmi Note 14 Series New Color: कीमत की बात Redmi Note 14 Pro 5G: 8GBRAM + 128GB स्टोरेज: ₹22,999 8GBRAM + 256GB स्टोरेज: ₹24,999 Redmi Note 14 Pro+ 5G: 8GB + 128GB: ₹27,999 8GB + 256GB: ₹29,999 12GB + 512GB: ₹32,999 ग्राहकों को चुनिंदा कार्ड्स पर ₹1,000 का इंस्टैंट डिस्काउंट और 9 महीने तक की नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी मिल रहा है. 20 हजार है बजट? तो ये स्मार्टफोन्स आपके लिए हैं बेस्ट ऑप्शन, मिलेंगे धांसू फीचर्स नया OPPO K13 5G: जबरदस्त बैटरी, दमदार परफॉर्मेंस और शानदार डिस्प्ले, 20 हजार में कैसा है यह स्मार्टफोन? Redmi Note 14 Series New Color: स्पेसिफिकेशंस में दम दोनों फोन्स Android 15 बेस्ड Xiaomi HyperOS 2 पर चलते हैं और 4 वर्षों तक अपडेट का वादा करते हैं. इनमें 6.67-इंच 1.5K AMOLED डिस्प्ले (120Hz रिफ्रेश रेट, 3000 निट्स ब्राइटनेस) दी गई है. Note 14 Pro+ 5G:Snapdragon 7s Gen 3 प्रॉसेसर Note 14 Pro 5G: MediaTek Dimensity 7300 Ultra कैमरा और बैटरी IP68 सर्टिफाइड ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ दोनों डिवाइसेज में 50MP प्राइमरी कैमरा और 20MP फ्रंट कैमरा है. Pro+ में 6200mAh बैटरी के साथ 90W चार्जिंग Pro में 5500mAh बैटरी और 45W चार्जिंग. Nothing Phone (3): Glyph की ग्लो और नथिंग का शो, ये है 2025 का सबसे स्टाइलिश फोन The post Redmi Note 14 Series की नये रंग में धमाकेदार वापसी, जानें कीमत और खरीदने के फायदे appeared first on Naya Vichar.

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Ajey The Untold Story of A Yogi Teaser: ‘बाबा आते नहीं, प्रकट होते हैं…’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बायोपिक का टीजर हुआ जारी

Ajey The Untold Story of A Yogi Teaser: उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बायोपिक का टीजर आज रिलीज कर दिया गया है. ‘अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी’ 1 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है. इस बायोपिक में योगी आदित्यनाथ के साधारण परिवार से निकलकर एक बड़े नेता बनने के सफर को दिखाया गया है, जिसमें अभिनेता अनंत जोशी, योगी आदित्यनाथ की भूमिका निभा रहे हैं. टीजर देखने के बाद दर्शकों में फिल्म को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. View this post on Instagram A post shared by Samrat Cinematics (@samratcineindia) अजय से योगी बनने का सफर  टीजर की शुरुआत उत्तराखंड के एक साधारण युवक अजय से होती है, जो छोटी उम्र में ही घर-परिवार छोड़कर संन्यास लेने का फैसला करता है. आगे चलकर यही युवक योगी आदित्यनाथ बनता है और फिर उसकी नेतृत्वक यात्रा शुरू होती है. टीजर में दिखाया गया है कि कैसे अजय से योगी बने यह युवा अपराध और बाहुबलियों के खिलाफ खड़े होते हैं और उत्तरप्रदेश को बदलने का प्रण लेते हैं.   यूजर्स के रिएक्शन  फिल्म में कुछ दमदार डायलॉग्स भी देखने को मिलते हैं. एक सीन में पुलिस वाला कहता है, ‘आज बाबा नहीं आएंगे.’ तभी पीछे से आवाज आती है, ‘बाबा आते नहीं, प्रकट होते हैं.’ इस डायलॉग को सुनकर लोग काफी प्रभावित नजर आ रहे हैं. टीजर देखने के बाद लोग अनंत जोशी के लुक और उनके अभिनय की तारीफ कर रहे हैं. टीजर देखने के बाद एक यूजर ने लिखा, ‘अनंत जोशी ने कमाल का अभिनय किया है, अब फिल्म देखने की उत्सुकता और बढ़ गई है.’ वहीं एक दूसरे ने लिखा, ‘इस तरह की बायोपिक पहले कभी नहीं देखी.’ कई लोगों ने कमेंट कर के फिल्म को हिट बताया है. फिल्म के स्टारकास्ट  फिल्म में सिर्फ अनंत जोशी ही नहीं बल्कि कई और दमदार कलाकार नजर आने वाले हैं. इसमें दिनेश लाल यादव (निरहुआ), परेश रावल, पवन मल्होत्रा, अजय मेंगी, राजेश खट्टर, गरिमा विक्रांत सिंह और सरवर आहूजा जैसे कलाकार शामिल हैं. यह फिल्म लेखक शांतनु गुप्ता की किताब ‘द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर’ पर बनी है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि लोग इस बायोपिक को कितना पसंद करते हैं और बॉक्स ऑफिस पर यह कितनी बड़ी हिट साबित होती है. ये भी पढ़ें: Sitaare Zameen Par Worldwide Collection: 200 करोड़ी क्लब में शामिल हुई आमिर खान की फिल्म, दुनियाभर से कमाए इतने करोड़ रुपए, जानें टोटल कलेक्शन ये भी पढ़ें: Movies Leaving OTT: जुलाई की बाद इन फिल्मों को देखना होगा नामुमकिन, ओटीटी से जल्द हो रही है डिलीट, देखें लिस्ट The post Ajey The Untold Story of A Yogi Teaser: ‘बाबा आते नहीं, प्रकट होते हैं…’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बायोपिक का टीजर हुआ जारी appeared first on Naya Vichar.

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Hasin Jahan: ‘मोहम्मद शमी की हैसियत और कमाई देखेंगे तो’…कोर्ट के फैसले पर क्या बोलीं हसीन जहां?

Hasin Jahan: मोहम्मद शमी के साथ विवाद मामले में कोर्ट के फैसले पर हसीन जहां ने कहा, “मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं कि इतनी लंबी लड़ाई लड़ने के बाद आखिरकार मुझे जीत मिली. अब मैं अपनी बेटी को अच्छी शिक्षा दे पाऊंगी और उसका जीवन आसानी से चला पाऊंगी. अगर आप शमी की जिंदगी, उनकी हैसियत, उनकी कमाई को देखें, तो यह रकम उसके मुकाबले कुछ भी नहीं है. हमने करीब 7 साल पहले कोर्ट से 10 लाख रुपये मांगे थे. तब से शमी की आय और महंगाई दोनों ही बढ़ गई है.” हसीन जहां ने भरण-पोषण के लिए 7 लाख और 3 लाख रुपये का किया था दावा क्रिकेटर मोहम्मद शमी और अलग रह रहीं पत्नी हसीन जहां के तलाक मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले पर जहां के वकील इम्तियाज अहमद ने कहा, “यह हसीन जहां के लिए सबसे अच्छा पल था। 2018 से 2024 तक वह दर-दर भटकती रहीं… आखिरकार, कल खुली अदालत में यह फैसला सुनाया गया कि हसीन जहां को 1.5 लाख रुपये और बेटी को 2.5 लाख रुपये (दोनों को मासिक भुगतान) दिए जाएंगे और जब भी बेटी को सहायता की आवश्यकता होगी, तो मोहम्मद शमी उसे सहायता प्रदान करेंगे. हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को अंतरिम आदेश के मुख्य आवेदन को छह महीने के भीतर निपटाने का निर्देश दिया है. इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि जब वे भरण-पोषण पर सुनवाई पूरी करने के लिए ट्रायल कोर्ट लौटेंगे, तो इसे बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दिया जाएगा क्योंकि हसीन जहां ने अपने भरण-पोषण आवेदन में 7 लाख रुपये और 3 लाख रुपये का दावा किया था.” The post Hasin Jahan: ‘मोहम्मद शमी की हैसियत और कमाई देखेंगे तो’…कोर्ट के फैसले पर क्या बोलीं हसीन जहां? appeared first on Naya Vichar.

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