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July 2, 2025

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77 साल की दुश्मनी खत्म! क्या इजरायल से नहीं लड़ेगा ये मुस्लिम देश? 

Will Hostility Israel Syria End After US Lifts Sanctions: करीब 14 वर्षों तक गृह युद्ध की आग में झुलसने के बाद सीरिया अब स्थिरता की ओर बढ़ रहा है. देश में नेतृत्वक और आर्थिक हालात सामान्य होते दिखाई दे रहे हैं. अमेरिका ने हाल ही में सीरिया पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटा लिए हैं. यह फैसला उस समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया के नए राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से मुलाकात की. इसके बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि यह सिर्फ मानवीय रियायत नहीं, बल्कि एक बड़ी नेतृत्वक डील का हिस्सा है. ऐसी समाचारें आ रही हैं कि सीरिया और इजरायल के बीच पहली बार सीधे स्तर पर बातचीत हुई है. यह बातचीत संयुक्त अरब अमीरात की मध्यस्थता में बैकचैनल के जरिए कराई गई. यूएई 2020 में अब्राहम अकॉर्ड का हिस्सा बना था और माना जा रहा है कि सीरिया-इजरायल बातचीत इसी समझौते के विस्तार की दिशा में उठाया गया कदम है. अब्राहम अकॉर्ड की शुरुआत ट्रंप प्रशासन ने ही की थी, जिसके तहत यूएई, बहरीन, मोरक्को और सूडान जैसे इस्लामिक देशों ने इजरायल को मान्यता दी थी और उससे राजनयिक संबंध स्थापित किए थे. इसे भी पढ़ें: बिग ब्यूटीफुल बिल क्या है? जिसे पास कराने में डोनाल्ड ट्रंप के छूट गए पसीने विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका ने सीरिया पर से प्रतिबंध हटाने की शर्त के रूप में इजरायल से संबंध सुधारने की मांग की होगी. यदि सीरिया इस दिशा में आगे बढ़ता है, तो यह पश्चिम एशिया की नेतृत्व में बड़ा बदलाव होगा. 1948 से दोनों देशों के बीच शत्रुता चली आ रही है और 1967 की छह दिवसीय जंग के बाद तो रिश्ते और भी बिगड़ गए थे, जब इजरायल ने सीरिया के गोलान हाइट्स पर कब्जा कर लिया था. यह मुद्दा अब भी प्रमुख बाधा बना हुआ है. सीरिया के लेखक रॉबिन यासिन कसाब का मानना है कि इजरायल से संबंध सामान्य करना आसान नहीं होगा, जब तक कि गोलान हाइट्स के मसले पर कोई समाधान नहीं निकलता. उधर, इजरायली रक्षा मंत्री गिदिओन सार ने स्पष्ट किया है कि इजरायल गोलान हाइट्स पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा. इसके बावजूद, सीरिया में अब ऐसी आवाजें बढ़ रही हैं जो इजरायल से रिश्ते सुधारने की वकालत कर रही हैं. गृह युद्ध, आर्थिक बदहाली और अंतरराष्ट्रीय अलगाव से थक चुके सीरियाई नागरिक अब स्थिरता और पुनर्निर्माण चाहते हैं. यही कारण है कि यह बदलाव भले ही चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन असंभव नहीं माना जा रहा. अगर यह प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो मध्य पूर्व में एक नया भू-नेतृत्वक अध्याय शुरू हो सकता है. इसे भी पढ़ें: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता, ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल क्यों नहीं करता रूस? The post 77 साल की दुश्मनी खत्म! क्या इजरायल से नहीं लड़ेगा ये मुस्लिम देश?  appeared first on Naya Vichar.

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Vegetable Pulao Recipe: मिनटों में कुकर में आसानी से बनाएं वेजिटेबल पुलाव, जानें विधि  

Vegetable Pulao Recipe: जब कभी खाने में कुछ हल्का, फटाफट बनने वाला और स्वाद से भरपूर चाहिए होता है, तो सबसे पहला ख्याल वेजिटेबल पुलाव का ही आता है. इसकी  चावल और ताजी सब्जियों की खुशबू जब मसालों के साथ मिलती है, तो इसका हर निवाला बहुत टेस्टी लगता है. ये एक ऐसा व्यंजन है जो ना सिर्फ पेट भरता है, बल्कि दिल को भी खुश करता है. शिशु हों या बड़े सब्जियों के साथ बना ये पौष्टिक और स्वादिष्ट पुलाव सभी को पसंद आता है. तो चलिए जानते हैं इस लेख में पुलाव बनाने के बारे में विस्तार से.  पुलाव बनाने के लिए सामग्री  बासमती चावल -1 कप गाजर, बीन्स, मटर, फूलगोभी – 1 कप (कटी हुई) प्याज – 1 (पतला कटा हुआ) टमाटर – 1 (कटा हुआ) हरी मिर्च – 1-2 (कटी हुई) अदरक-लहसुन का पेस्ट – 1 चम्मच तेज पत्ता – 1 दालचीनी – 1 टुकड़ा लौंग – 2-3 हरी इलायची – 2 जीरा – 1 चम्मच गरम मसाला, हल्दी – आधा चम्मच नमक – स्वादानुसार तेल या घी – 2 चम्मच पानी – 2 कप हरा धनिया (गार्निश के लिए) यह भी पढ़ें: Aloo Chaat: बारिश हो या शाम की भूख, घर पर आसानी से बनाएं चटपटी आलू चाट पुलाव बनाने की विधि  सबसे पहले चावल को धोकर 15-20 मिनट के लिए भिगो दें, फिर इसे छानकर अलग रख दें.  अब एक एक कुकर में तेल या घी गरम करें, फिर उसमें जीरा, तेजपत्ता, दालचीनी, लौंग और इलायची डालकर अच्छे से भूनें.  अब इसमें प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालें और अच्छे से सारी चीजों को पकाएं.  अब टमाटर डालें और नरम होने तक पकाएं, फिर सारी कटी हुई सब्जियां, हल्दी पाउडर, नमक और गरम मसाला अच्छे से मिलाकर 2-3 मिनट तक धीमी आंच में भूनें.  अब इस मिश्रण में चावल और पानी डालकर नमक मिलाएं, फिर कुकर में 1 सीटी चावल पकने तक पकाएं.  तैयार हुए वेजिटेबल पुलाव को दही, बूंदी का रायता, पापड़ या अचार के साथ गरमा-गरम परोसें.  यह भी पढ़ें: Sabudana Dosa: क्रंची के साथ हेल्दी भी, घर पर बनाएं मिनटों में साबूदाना डोसा  यह भी पढ़ें: Homemade Rusk Recipe: चाय की हर चुस्की को बनाएं खास, घर पर आज ही ट्राई करें होममेड रस्क The post Vegetable Pulao Recipe: मिनटों में कुकर में आसानी से बनाएं वेजिटेबल पुलाव, जानें विधि   appeared first on Naya Vichar.

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AIIMS Jodhpur Fees 2025: AIIMS जोधपुर में MBBS की पढ़ाई, जानें कितनी लगेगी फीस और अन्य खर्चे

AIIMS Jodhpur Fees 2025 in Hindi: एम्स जोधपुर में एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन के लिए सबसे पहले NEET UG परीक्षा पास करना अनिवार्य है. यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाती है. इसके बाद मेडिकल काउंसलिंग कमिटी (MCC) की ओर से काउंसलिंग कराई जाती है. काउंसलिंग प्रक्रिया में छात्र अपनी पसंद के कॉलेज का विकल्प चुनते हैं और फिर रैंक और सीटों की उपलब्धता के आधार पर सीट अलॉट होती है. अलॉटमेंट के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फीस भुगतान करके एडमिशन प्रक्रिया पूरी होती है.  AIIMS Jodhpur में कितनी सीटें हैं? एम्स जोधपुर देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में से एक है. यहां हर साल MBBS कोर्स के लिए कुल 125 सीटें होती हैं. सीटों की संख्या सीमित और प्रतिस्पर्धा अधिक होने के कारण यहां एडमिशन उन्हीं छात्रों को मिलता है जिनकी रैंक बहुत अच्छी होती है. इसलिए तैयारी के साथ-साथ कटऑफ का भी ध्यान रखना जरूरी है.  पढ़ें: AIIMS Jodhpur Admission 2025: एम्स जोधपुर में कैसे लें एडमिशन? इस बार इतनी जा सकती है कटऑफ एम्स जोधपुर MBBS फीस 2025 AIIMS जैसे प्रशासनी संस्थानों में फीस काफी किफायती होती है. AIIMS Jodhpur में MBBS कोर्स की वार्षिक ट्यूशन फीस लगभग 60,000 है, जबकि पूरे कोर्स (5.5 साल) की कुल फीस करीब 3,40,000 के आस-पास होती है. हालांकि इसमें हॉस्टल और अन्य फीस अलग हो सकते हैं.  पढ़ें: NEET 2025 Admission: नीट के बाद प्रशासनी मेडिकल कॉलेज की तलाश? रिम्स रांची है बेहतर ऑप्शन  AIIMS Jodhpur Fees 2025 in Hindi: NEET UG 2025 की संभावित कटऑफ NEET UG 2025 की कटऑफ अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं की गई है, लेकिन पिछले वर्षों के रुझानों के आधार पर AIIMS जोधपुर में एडमिशन के लिए संभावित रैंक का अनुमान लगाया जा सकता है. जनरल वर्ग के उम्मीदवारों को लगभग 374 रैंक तक, ओबीसी वर्ग के लिए 695 रैंक तक, एससी वर्ग के लिए लगभग 4912 रैंक तक और एसटी वर्ग के लिए लगभग 10281 रैंक तक की ऑल इंडिया रैंक पर सीट मिल सकती है.  हालांकि, यह सभी आंकड़े अनुमानित हैं और वास्तविक कटऑफ मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) कीआधिकारिक वेबसाइट पर ही घोषित की जाएगी. इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक सूचना का इंतजार करें और नियमित रूप से वेबसाइट पर नजर बनाए रखें.  पढ़ें: Low Cost Medical Colleges: कम नीट स्कोर? यहां सिर्फ 6 लाख सालाना में कर सकते हैं MBBS, बन सकते हैं डॉक्टर The post AIIMS Jodhpur Fees 2025: AIIMS जोधपुर में MBBS की पढ़ाई, जानें कितनी लगेगी फीस और अन्य खर्चे appeared first on Naya Vichar.

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अपना दल में ‘तख्तापलट’ की तैयारी! अनुप्रिया को हटाने की साजिश, 9 विधायक NDA से टूट सकते हैं?

UP News: पंचायत चुनावों से पहले कुर्मी बिरादरी के वोटबैंक पर पकड़ मजबूत करने की होड़ में बड़ा नेतृत्वक घटनाक्रम सामने आया है. अपना दल (सोनेलाल) के कई बागी नेताओं ने मंगलवार को ‘अपना मोर्चा’ नाम से एक नया फ्रंट बनाने की घोषणा की. प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए फ्रंट के संयोजक चौधरी ब्रजेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने दावा किया कि यही संगठन असली अपना दल है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा से बातचीत होते ही अपना दल (एस) के नौ विधायक उनके साथ आ जाएंगे. अनुप्रिया पर परिवारवाद और तानाशाही का आरोप ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने जिस पार्टी को मेहनत से खड़ा किया था, उसे अनुप्रिया पटेल ने हाईजैक कर लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में पिछले दस सालों से आंतरिक चुनाव नहीं हुए हैं और पदों पर केवल उनके पति व परिवार का कब्जा है. यह पूरी तरह से परिवारवादी नेतृत्व है, जिससे कुर्मी समाज का भरोसा उठता जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में लोकतंत्र की जगह अब तानाशाही आ गई है. NDA से दूरी की चेतावनी, अमित शाह को मिलेगा प्रतिनिधिमंडल मोर्चा संयोजक ने साफ किया कि फिलहाल उनका फ्रंट एनडीए का हिस्सा है, लेकिन जल्द ही गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर शिकायत करेंगे कि अनुप्रिया पटेल के परिवारवाद और मनमानी से कुर्मी समाज एनडीए से नाराज होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह नाराजगी पंचायत चुनावों में भारी नुकसान पहुंचा सकती है. उनका दावा है कि पूरी बिरादरी अब मोर्चे के साथ खड़ी हो गई है. सोनेलाल पटेल की मौत पर उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांग ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने डॉ. सोनेलाल पटेल की मौत को रहस्यमय बताते हुए सीबीआई से जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि जिस तरह से पार्टी संस्थापक की असमय मृत्यु हुई, उस पर कभी निष्पक्ष जांच नहीं हुई. इस मुद्दे को लेकर भी समाज में असंतोष है, और अब वक्त आ गया है कि सच सामने लाया जाए. मोर्चे में शामिल हुए कई पुराने सहयोगी और संगठन प्रेस वार्ता में ‘अपना दल बलिहारी’ के अध्यक्ष धर्मराज पटेल, ‘राष्ट्रीय जनसरदार पार्टी’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत चौधरी, ‘अपना दल यूनाइटेड’ के अध्यक्ष बच्चा सिंह पटेल, ‘किसान-नौजवान संघ’ के कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र सिंह पटेल, पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य बौद्ध अरविंद सिंह पटेल, तथा अपना दल (एस) के पूर्व राष्ट्रीय सचिव केदारनाथ सचान जैसे कई प्रभावशाली नेता और संगठन मौजूद रहे. इन सभी ने एकजुट होकर मोर्चे को मजबूत करने का ऐलान किया. अनुप्रिया खेमा बोला- यह बदनाम करने की साजिश अपना दल (सोनेलाल) के प्रदेश अध्यक्ष आरपी गौतम ने मोर्चे को पार्टी के खिलाफ साजिश बताया. उन्होंने कहा कि ये वे नेता हैं जिन्हें पार्टी से पांच साल पहले निष्कासित किया गया था और अब वे संस्थापक सोनेलाल पटेल की जयंती पर विघ्न डालने की कोशिश कर रहे हैं. गौतम ने कहा कि हमारे सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों की पार्टी में पूरी निष्ठा है और वे जयंती समारोह में मौजूद रहेंगे. पल्लवी पटेल बोलीं- मुझे जानकारी नहीं, कोई टिप्पणी नहीं करूंगी समाजवादी पार्टी की विधायक और अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने इस मामले से खुद को अलग रखा. जब पत्रकारों ने उनसे मोर्चा के गठन पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस विषय की कोई जानकारी नहीं है और वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगी. यह नेतृत्वक हलचल न केवल अपना दल के भविष्य पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आगामी पंचायत चुनावों में कुर्मी वोटबैंक की भूमिका को भी निर्णायक बना सकती है. The post अपना दल में ‘तख्तापलट’ की तैयारी! अनुप्रिया को हटाने की साजिश, 9 विधायक NDA से टूट सकते हैं? appeared first on Naya Vichar.

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दूसरे टेस्ट में बुमराह क्यों नहीं खेल रहे? शुभमन गिल ने बताया, 3 बदलावों के साथ ऐसी टीम इंडिया की प्लेइंग XI

Why Jasprit Bumrah is not Playing IND vs ENG 2nd Test: हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच एंडरसन तेंदुलकर ट्रॉफी का दूसरा टेस्ट मैच आज से एजबैस्टन में स्पोर्ट्सा जा रहा है. हिंदुस्तानीय टीम पहला मैच 5 विकेट से गंवा चुकी है. ऐसे में यह मैच हिंदुस्तान के लिए काफी अहम है. इस मैच में हिंदुस्तान ने तीन बदलाव किए हैं. जसप्रीत बुमराह भी इस मैच में टीम इंडिया का हिस्सा नहीं हैं. उनकी जगह आकाशदीप को मौका दिया गया है. हिंदुस्तानीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस गंवा दिया है, ऐसे में हिंदुस्तान को पहले बल्लेबाजी करनी पड़ेगी. गिल ने बुमराह के न स्पोर्ट्सने पर अपडेट दिया है. क्यों नहीं स्पोर्ट्स रहे बुमराह हिंदुस्तानीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस के बाद कहा, हमने भी पहले भी गेंदबाजी की होती. अगर विकेट में कुछ है, तो वह पहले दिन है. हमारी टीम में तीन बदलाव हैं. नितीश रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर और आकाश दीप आए हैं. जसप्रीत बुमराह नहीं हैं. बस उनका कार्यभार संभालने के लिए. तीसरा टेस्ट लॉर्ड्स में है, हमें लगता है कि उस पिच में और भी बहुत कुछ होगा, इसलिए हम उन्हें वहां इस्तेमाल करेंगे. हम कुलदीप को खिलाने के लिए ललचा रहे थे, लेकिन बल्लेबाजी में कुछ गहराई जोड़ने का फैसला किया. हिंदुस्तान इस मैदान पर स्पोर्ट्से गए 8 मैचों में से अब तक एक भी नहीं जीत सका है. सात मैचों में हिंदुस्तान को हार का सामना करना पड़ा है, जबकि 1 मैच ड्रॉ रहा था. पिछली बार हिंदुस्तान 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ उतरा था, तो अंग्रेज टीम ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर चेज किया था. इस सीरीज के पहले मैच में पांच हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों ने शतक लगाया था, लेकिन हिंदुस्तान इसके बावजूद मैच नहीं बचा सका था, ऐसे में हिंदुस्तान के ऊपर इस मैच में दोहरा दबाव होगा. पिच और मौसम का हाल कैसा रह सकता है? बर्मिंघम में पहले टेस्ट के दौरान अच्छी धूप देखने को मिली है, लेकिन पिच की कहानी कुछ और ही है. दो दिन पहले तक पिच पर 11 मिमी घास थी, फिर भी उसकी नीचे की सतह सूखी हुई है. ऐसे में पहली पारी में बड़े स्कोर की संभावना बनती है, जैसा कि हेडिंग्ले टेस्ट या हाल ही में यहां हुए काउंटी मैच में हुआ था. इस मैदान पर स्पिन गेंदबाजी को बाज़बॉल युग में खास मदद नहीं मिली है, लेकिन ऑफ स्पिनरों ने कुछ अच्छे प्रदर्शन किए हैं. 2023 की एशेज सीरीज़ में नाथन लियोन और मोइन अली ने असर डाला था और 2018 में रविचंद्रन अश्विन ने भी यहां शानदार गेंदबाजी की थी. मौसम की बात करें तो पहले, चौथे और पांचवें दिन हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन इससे स्पोर्ट्स में ज्यादा रुकावट नहीं आने की उम्मीद है. दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन हिंदुस्तान (प्लेइंग इलेवन): यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, करुण नायर, शुबमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जड़ेजा, वॉशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा इंग्लैंड (प्लेइंग इलेवन): जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोश टंग, शोएब बशीर. टीम इंडिया की ‘पंचायत’, कौन हैं सचिव जी और कौन है बनराकस, प्रहलाद चा से सुनिए …तो आप उसे हमेशा के लिए खो देंगे, तेज गेंदबाज की पत्नी ने हिंदुस्तान को चेताया, बुमराह को लेकर जताई चिंता अगर टीम में नहीं शामिल हुआ तो अन्याय, अश्विन की वजह से उसने 8 साल में केवल 13 टेस्ट स्पोर्ट्से; कैफ  The post दूसरे टेस्ट में बुमराह क्यों नहीं स्पोर्ट्स रहे? शुभमन गिल ने बताया, 3 बदलावों के साथ ऐसी टीम इंडिया की प्लेइंग XI appeared first on Naya Vichar.

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सहायक आचार्य के गणित और विज्ञान का रिजल्ट जुलाई के दूसरे हफ्ते में होगा जारी, झारखंड हाईकोर्ट में JSSC ने दायर किया शपथ पत्र

Jharkhand High Court: रांची, राणा प्रताप-झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के गणित और विज्ञान का रिजल्ट जुलाई के दूसरे हफ्ते में जारी करेगा. सामाजिक विज्ञान का रिजल्ट जुलाई के तीसरे या चौथे हफ्ते में जारी करेगा. जेएसएससी ने झारखंड हाईकोर्ट में इस बाबत शपथ पत्र दायर किया है. पिछली सुनवाई में झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रगति रिपोर्ट पर नाराजगी जाहिर की थी और समय सीमा निर्धारित करते हुए शपथ पत्र दायर करने का निर्देश दिया था. प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज की ओर से जनहित याचिका दायर की गयी है. पिछली सुनवाई में प्रगति रिपोर्ट देख नाराज थी खंडपीठ झारखंड हाईकोर्ट ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति मामले में पिछली सुनवाई में जेएसएससी पर नाराजगी जाहिर की थी. प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रगति रिपोर्ट पर खंडपीठ नाराज दिखी थी. जेएसएससी ने 26 हजार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए समय सीमा देने का आग्रह किया था, लेकिन उसके अनुसार भी नियुक्ति प्रक्रिया में प्रगति नहीं हुई थी. झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए JSSC को समय सीमा निर्धारित कर शपथ पत्र दायर करने का निर्देश दिया था. The post सहायक आचार्य के गणित और विज्ञान का रिजल्ट जुलाई के दूसरे हफ्ते में होगा जारी, झारखंड हाईकोर्ट में JSSC ने दायर किया शपथ पत्र appeared first on Naya Vichar.

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कहीं आपके फोन की गैलरी में ताक-झांक तो नहीं कर रहा Facebook? बचने का ये है तरीका

आज के समय में हर कोई Facebook का इस्तेमाल करता है. Facebook न सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए बल्कि यूजर्स के कमाने का एक बढ़िया सोर्स भी बन गया है. लेकिन क्या हो जब आपको पता चले कि आपका फेसबुक आपके गैलरी में ताक-झांक कर रहा है. जी हां, प्राइवेसी को लेकर एक बार फिर Meta चर्चे में आ गया है. अब तक Meta पर यूजर्स के फोटोज और डेटा का इस्तेमाल Meta AI को ट्रेन करने का आरोप लगता रहा. लेकिन अब जो नया खुलासा हुआ है, उसने यूजर्स को टेंशन में डाल दिया है. एक रिपोर्ट के अनुसार, Meta अब अपने यूजर्स के फोन के कैमरा रोल में भी तांक-झांक कर रहा है. चलिए जानते हैं इस बारे में डिटेल्स में. नहीं मिल रही ड्रीमजॉब? ChatGPT का बस ऐसे करें इस्तेमाल, फिर देखें कमाल क्या है मामला? हाल ही में Meta के Facebook यूजर्स को एक Pop-Up Notification भेजा गया. जिसमें यूजर्स को एक नया फीचर “Cloud Processing” ऑन करने के लिए सजेस्ट किया गया. Meta का ये “Cloud Processing” फीचर देखने में नॉर्मल और काफी फायदेमंद लगता है. जिसे लेकर Facebook का कहना है कि इस फीचर से वह यूजर्स के कैमरा रोल (Camera Roll) से फोटो को ऑटोमैटिकली स्कैन कर उन्हें Meta के Cloud पर रेगुलर अपलोड करते रहेगा. वहीं, इसके बदले में यूजर्स को AI Creative फीचर्स जैसे Photo Collage, AI-जनरेटेड फिल्टर्स (AI-generated filters) और बर्थडे या ग्रेजुएशन जैसे इवेंट्स के लिए थीम का सुझाव देगा. ये फीचर क्यों है खतरनाक? ये फीचर देखने में नॉर्मल और फायदेमंद लगता है. लेकिन अगर आप इसे ऑन करते हैं, तो आप Meta को अपने फोन के गैलरी को एक्सेस करने की परमिशन दे देंगे. सरल भाषा में कहा जाए तो, आपने जो भी फोटो अब तक अपने फेसबुक अकाउंट में शेयर नहीं किए हैं, Meta उन फोटोज तक को भी स्कैन कर सकेगा. साथ ही आपके चेहरे के साथ-साथ फोटो की तारीख, लोकेशन और चीजें जैसी जानकारी भी निकाली जा सकेगी. इस के पीछे Meta का मकसद अपने AI को स्मार्ट बनाना है. 2007 से अब तक कंपनी कर रही डेटा का इस्तेमाल वहीं, इस फीचर को लेकर Meta ने कहा है कि, यह एक Opt-In फीचर है. यानी कि आपके मर्जी के बिना इसे ऑन नहीं किया जा सकेगा. लेकिन Facebook के पुराने रिकॉर्ड्स को देखा जाए, तो Meta भी यह मान चुका है कि 2007 से अब तक यूजर्स के Facebook-Instagram पर अपलोड किए गए सभी पब्लिक डेटा का इस्तेमाल कंपनी AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए कर रही है. लेकिन कंपनी ने कभी भी इस सवाल का सही तरीके से जवाब नहीं दिया है कि पब्लिक की परिभाषा क्या है? और 2007 से अब तक किस उम्र के लोगों को एडल्ट मान कर उनके डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा, 23 जून 2024 से जो Meta की नई शर्तें लागू की गई हैं, वह भी यह नहीं बताती कि Cloud में अपलोड की गई अनपब्लिश्ड फोटोज को AI ट्रेनिंग से रखा गया है या नहीं. जो प्राइवेसी को लेकर और सवाल खड़े कर रहा है. कैसे करें बचाव? ऐसे में अगर आप अपने पर्सनल फोटोज को Meta Cloud पर शेयर नहीं करना चाहते, तो आप Settings में जाकर Cloud Processing फीचर को बंद कर दें. क्योंकि, इसे लेकर Meta का कहना है कि अगर कोई भी यूजर इस फीचर को ऑफ रखता है, तो उसके अनपब्लिश्ड फोटोज (Unpublished Photos) को Cloud से 30 दिनों के अंदर डिलीट कर दिया जाएगा. इसके अलावा सावधानी भी जरूरी है. क्योंकि, जिस तरह से टेक कंपनियां AI के रेस में शामिल हैं, वे यही जांच कर रही है कि वे यूजर्स से कितना डेटा इकट्ठा कर सकती है. सुविधा के नाम पर यूजर्स के डेटा को कंपनियां कलेक्ट कर रही है. इससे यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा बिल्कुल सेफ नहीं रहेंगे. Bigg Boss 19 में पहली बार AI डॉल बनेगी कंटेस्टेंट! जानिए ‘हबूबू’ को, जो सलमान खान के शो में रचेगी इतिहास What Is AI Relationship: Gen Z को ले डूबेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस! क्या रिश्ते और शादी में भी इंसान की जगह ले लेगा AI? The post कहीं आपके फोन की गैलरी में ताक-झांक तो नहीं कर रहा Facebook? बचने का ये है तरीका appeared first on Naya Vichar.

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फर्जी फाइनेंस कंपनी बनाकर ऑनलाइन लोन के नाम पर ठगी, नवादा से दो साइबर ठग गिरफ्तार

Bihar News: बिहार के नवादा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चैनपुरा गांव से ऑनलाइन लोन फ्रॉड के दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों की पहचान मृत्युंजय कुमार (24) और राम कुमार (25) के रूप में हुई है. दोनों आरोपी खुद को फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर कम ब्याज दर पर तुरंत लोन देने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे. एसपी के निर्देश पर साइबर डीएसपी की बड़ी कार्रवाई SP अभिनव धीमान के आदेश पर साइबर डीएसपी प्रिया ज्योति के नेतृत्व में गठित SIT (विशेष जांच टीम) ने यह कार्रवाई की. टीम ने गृह मंत्रालय के प्रतिबिंब पोर्टल की तकनीकी मदद से आरोपियों को ट्रैक किया. उनके पास से कई डिजिटल उपकरण और पहचान दस्तावेज बरामद हुए हैं. मोबाइल, सिम, पासबुक और आधार जैसे दस्तावेज बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 स्मार्टफोन, 3 की-पैड मोबाइल, 3 पैन कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 2 सिम कार्ड, एक एटीएम कार्ड, एक आधार कार्ड, एक कस्टमर डेटाशीट और एक बाइक जब्त की है. मोबाइल की जांच में वाट्सएप चैटिंग, ऑनलाइन पेमेंट ट्रांजैक्शन और फर्जी लोन अप्रूवल लेटर भी बरामद किए गए हैं. Also Read: पटना में ट्रक ने सुपरवाइजर को रौंदा, शव के साथ सड़क पर उतरे ग्रामीण, नेशनल हाईवे पर लगा भीषण जाम कस्टमर डेटा से टारगेट करते थे देशभर के लोग गिरफ्तार साइबर ठग फर्जी फायनेंस कंपनी बनाकर अलग-अलग राज्यों के आम लोगों को अपना निशाना बनाते थे. वे आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और बैंक डिटेल्स की मांग करते थे. लोन अप्रूव होने का फर्जी लेटर भेजते और फिर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये की ठगी कर लेते थे. The post फर्जी फाइनेंस कंपनी बनाकर ऑनलाइन लोन के नाम पर ठगी, नवादा से दो साइबर ठग गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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राजा भइया की पत्नी भानवी का छलका दर्द: ‘क्या मां-बाप से मिलना अब गुनाह है?’ बहन ने रोका, पुलिस खामोश

Lucknow News: लखनऊ में सियासत के चर्चित चेहरे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया की पत्नी भानवी सिंह ने अपनी छोटी बहन साध्वी सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. भानवी का कहना है कि वह अपनी बड़ी बहन प्रत्यूषा सिंह के साथ बुजुर्ग माता-पिता से मिलने हजरतगंज स्थित सिल्वर ओक अपार्टमेंट गई थीं, लेकिन साध्वी ने ना केवल मिलने से रोका बल्कि पुलिस बुलाकर पूरे मामले को ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’ की तरह पेश किया. एक्स पर दी विस्तृत जानकारी, लगाए गंभीर आरोप भानवी सिंह ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट में पूरी घटना का विवरण दिया. उन्होंने दो वीडियो और एक ऑडियो क्लिप साझा करते हुए दावा किया कि उनकी बड़ी बहन प्रत्यूषा ने बहुत ही शांति और विनम्रता से माता-पिता से मिलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया. वीडियो में घर की कामवाली भी यह बताती नजर आ रही है कि मां-बाप दोनों बेटियों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोका गया. “हम ड्रामा नहीं, सिर्फ माता-पिता से मुलाकात चाहते हैं” भानवी सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा…. “क्या अपने माता-पिता से मिलने जाना अब अपराध हो गया है? क्या पुलिस और मीडिया का इस तरह से दुरुपयोग उचित है? पहले भी हमारी छोटी बहन पुलिस और मीडिया को बुलाकर गलत प्रचार करती रही है.” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पिता को कमरे में बंद कर दिया गया था, और चूंकि वे ठीक से सुन नहीं सकते, उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उनकी बेटियाँ उनसे मिलने आई थीं. मीडिया से किया अपील: “तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश न करें” भानवी ने मीडिया से आग्रह किया कि वे घटना को नेतृत्वक या नाटकीय रंग न दें. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा…. “जिन लोगों ने हमें ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’ कहा है, वे कृपया सबूत दें कि ड्रामा कहां और कैसे हुआ. अन्यथा मुझे मानहानि का मुकदमा दायर करना पड़ेगा.” पुलिस पर लगाया तहरीर न लेने का आरोप भानवी सिंह ने दैनिक जागरण को दिए बयान में कहा कि वह शिकायत दर्ज कराने के लिए हजरतगंज की सुलतानगंज चौकी गई थीं, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें थाने जाने की बात कहकर शिकायत लेने से इनकार कर दिया. अब उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने की बात कही है. सोशल मीडिया पर हलचल, वायरल हो रहे वीडियो इस प्रकरण के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. भानवी सिंह द्वारा साझा किए गए वीडियो और ऑडियो को लेकर लोगों में प्रतिक्रिया तेज हो गई है. कई लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि कुछ इसे पारिवारिक विवाद बताकर सोशल मीडिया पर उछालने को लेकर सवाल उठा रहे हैं. यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि उस पीड़ा को सामने लाता है, जब कोई संतान अपने ही माता-पिता से मिलने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो. अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या इस पारिवारिक तनाव को नेतृत्वक रंग से बचाया जा सकेगा. The post राजा भइया की पत्नी भानवी का छलका दर्द: ‘क्या मां-बाप से मिलना अब गुनाह है?’ बहन ने रोका, पुलिस खामोश appeared first on Naya Vichar.

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Relationship Tips: हर रिश्ता टूटने से पहले देता है ये संकेत, समय रहते पहचानें

Relationship Tips: रिश्ते हमारी जिंदगी की सबसे अनमोल पूंजी होते हैं, लेकिन जब इनमें दरारें पड़ने लगती हैं, तो अक्सर हम समय रहते उसे पहचान नहीं पाते. हर रिश्ता टूटने से पहले कुछ संकेत जरूर देता है, जिन्हें समझना और उस पर समय पर ध्यान देना बेहद जरूरी होता है. कई बार ये संकेत बेहद छोटे और सामान्य लगते हैं, लेकिन असल में यही छोटी बातें आगे चलकर दूरी का कारण बनती हैं. अगर इन इशारों को नजरअंदाज कर दिया जाए, तो मजबूत से मजबूत रिश्ता भी कमजोर पड़ने लगता है. इस आर्टिकल में हम ऐसे ही संकेतों के बारे में जानेंगे जो हर टूटते रिश्ते में दिखते हैं. Relationship Tips: बातचीत में कमी आना जब दो लोग पहले जैसे खुलकर बात नहीं करते और बातचीत सिर्फ जरूरतों तक सिमट जाए, तो यह खतरे की घंटी हो सकती है. अगर बातें छोटी-छोटी भी चुभने लगें या लंबे समय तक चुप्पी बनी रहे, तो रिश्ता कमजोर हो रहा है. Relationship Tips: एक-दूसरे से दूरी बनाना अगर आपका पार्टनर पहले जैसा समय नहीं बिताता या मिलने से कतराने लगे, तो यह संकेत है कि कुछ ठीक नहीं है. जब लोग भावनात्मक रूप से अलग महसूस करने लगते हैं, तो उनका साथ भी धीरे-धीरे कम हो जाता है. यह दूरी आगे चलकर रिश्ते को तोड़ सकती है. Relationship Tips: रिलेशनशिप में हर रोज झगड़ा होता है? जानिए इसके पीछे की असली वजह Relationship Tips: छोटी बातों पर झगड़ा होना जब हर छोटी बात पर तकरार हो और सहनशीलता खत्म हो जाए, तो समझिए कि रिश्ता खींच रहा है. झगड़े का होना सामान्य है, लेकिन जब वे रोज की बात बन जाएं, तो यह रिश्ते की नींव को हिला सकता है. हर बहस रिश्ते को और कमजोर बना देती है. Relationship Tips: भविष्य की प्लानिंग से दूरी अगर आप दोनों मिलकर भविष्य की बातें नहीं करते या कोई भी प्लानिंग साथ में नहीं करते, तो यह संकेत है कि रिश्ता अब स्थायी नहीं रहा. जब दो लोग भविष्य में एक-दूसरे को नहीं देख पाते, तो रिश्ता कमजोर होने लगता है. साथ जीने का सपना ही रिश्ते को जिंदा रखता है. ये भी पढ़ें: Relationship Tips: क्यों टूट रहे हैं रिश्ते? जानिए 5 चौंकाने वाले कारण और उनके समाधान ये भी पढ़ें: Relationship Tips: सच्चा प्यार कैसे निभाएं? जानिए एक्सपर्ट्स से 6 खास रिलेशनशिप टिप्स Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Relationship Tips: हर रिश्ता टूटने से पहले देता है ये संकेत, समय रहते पहचानें appeared first on Naya Vichar.

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