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July 3, 2025

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Trinidad-Tobago : त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री का बिहार से है खास नाता, जानकार रह जाएंगे दंग

Trinidad-Tobago : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के तहत त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचे हैं. पोर्ट ऑफ स्पेन में पीएम कमला ने अपने तमाम मंत्रियों और सांसदों के साथ उनका स्वागत किया. पहले यहां आदिवासी समुदाय रहते थे. 16वीं सदी में कोलंबस के आगमन के बाद स्पेन ने इसे उपनिवेश बना लिया. 1797 में ब्रिटेन ने इसे अपने कब्जे में ले लिया और 1889 में टोबैगो को त्रिनिदाद में मिला दिया. वर्ष 1962 में त्रिनिदाद एंड टोबैगो को ब्रिटेन से आजादी मिली. कमला प्रसाद बिसेसर का बिहार से है खास नाता कैरीबियाई देश त्रिनिदाद और टोबैगो में कमला प्रसाद बिसेसर प्रधानमंत्री हैं. उनका बिहार से खास नाता है. जी हां…उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद इसकी चर्चा वहां से हजारों किलोमीटर दूर बिहार के गांव भेलूपुर में हुई. दरअसल, बिहार के बक्सर जिले का भेलूपुर गांव कमला प्रसाद बिसेसर का पैतृक गांव है. उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूर कैसे पहुंचे त्रिनिदाद और टोबैगो हिंदुस्तान ने त्रिनिदाद एंड टोबैगो की स्वतंत्रता के बाद सबसे पहले राजनयिक संबंध स्थापित किए थे. दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंध 1845 में शुरू हुए, जब ‘फातेल रज्जाक’ नाम का जहाज 225 हिंदुस्तानीय मजदूरों को त्रिनिदाद लेकर पहुंचा. इनमें अधिकांश मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार से थे, जिन्हें 5 से 7 साल के अनुबंध पर काम के लिए ले जाया गया था. इन मजदूरों के साथ हुए इस अनुबंध को बोलचाल की भाषा में ‘गिरमिट’ कहा जाने लगा, जिससे ‘गिरमिटिया’ शब्द प्रचलित हुआ. एग्रीमेंट पर काम करने वाले मजदूर ‘गिरमिटिया’ कहलाए. उनके वंशज आज भी त्रिनिदाद और टोबैगो में बसे हैं और देश की 13 लाख की आबादी में लगभग 40% हिस्सा रखते हैं. वर्तमान में वहां 5 लाख से ज्यादा लोग हिंदुस्तानीय मूल के हैं, जो अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं. गिरमिटिया मजदूरों की वंशज हैं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री साल 1834 में ब्रिटेन ने अफ्रीका में गुलामी प्रथा खत्म की, जिससे यूरोपीय उपनिवेशों में मजदूरों की भारी कमी हो गई. इस कमी को पूरा करने के लिए हिंदुस्तान जैसे देशों से मजदूर लाए गए. त्रिनिदाद की राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री उन्हीं गिरमिटिया मजदूरों की वंशज हैं. पीएम कमला के परदादा राम लखन मिश्रा बिहार के बक्सर जिले के थे. The post Trinidad-Tobago : त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री का बिहार से है खास नाता, जानकार रह जाएंगे दंग appeared first on Naya Vichar.

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Viral Video: हेलमेट पहने, बाइक पर गैस बेचता डॉगी, वीडियो देख हंसी नहीं रुकेगी

Viral Video: डॉगी को सबसे वफादार जानवर माना जाता है. वो अपने मालिक के लिए अपनी जान भी दे सकता है, तो किसी की जान भी ले सकता है. डॉगी बहुत जल्द मालिक के अनुरूप काम भी सिख लेता है. सोशल मीडिया पर एक डॉगी का जो वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. उसमें आप देख सकते हैं कि एक डॉगी बाइक पर बैठा दिख रहा है. उसने मास्क और हेलमेट पहन रखे हैं. बाइक पर एलपीजी सिलेंडर दिखाई दे रहा है. डॉगी इधर-ऊधर घुमकर देखता है, मानो वो लोगों को गैस लेने के लिए बुला रहा हो. वीडियो बहुत प्यारा है. View this post on Instagram A post shared by Galeri Video Kucing Indonesia (@kucingthecat) वीडियो पर आ रहे मजेदार कमेंट्स गैस वेंडर वाले डॉगी के वीडियो को kucingthecat नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर ने शेयर किया है. वीडियो को अब तक हजारों लोगों ने देख लिया है और 15 हजार से अधिक लोगों ने लाइक किया है. हजारों यूजर्स ने वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है. The post Viral Video: हेलमेट पहने, बाइक पर गैस बेचता डॉगी, वीडियो देख हंसी नहीं रुकेगी appeared first on Naya Vichar.

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टमाटर हुआ लाल और आलू ने तरेरी आंखें, आम आदमी की जेब को तसल्ली से धो रही बारिश

Vegetables Price Hike: साल 2025 के मानसून की बारिश आम आदमी की जेब को तसल्ली से धो रही है. देश में करीब एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश की वजह से लोगों का खाना-पीना दुश्वार हो गया है. खुदरा और थोक मंडियों में आलू, टमाटर, प्याज और हरी सब्जियों की कीमतों में एक बार फिर जोरदार उछाल आई है. आलू की कीमत जहां 30-35 रुपये किलो पहुंच गया है, वहीं टमाटर और बैंगन 60 से 80 रुपये किलो बिक रहे हैं. इस कारण, भरी बरसात में लोगों की थाली सब्जियां गायब हो गई हैं. बढ़ते दाम के बीच आम आदमी हरी सब्जी खरीदने में भी हिचक रहा है. आइए, जानते हैं कि बिहार-झारखंड समेत देश के प्रमुख मंडियों में सब्जियों की थोक और खुदरा कीमतें क्या हैं? पटना-रांची में सब्जियों के भाव बिहार की राजधानी पटना में आलू 30-35 रुपये, टमाटर 50-70 रुपये, प्याज 40-50 रुपये, भिंडी 40-50 रुपये, लौकी 40-50 रुपये, करैली 50-60 रुपये, कच्चू 40-50 रुपये, पालक 20-30 रुपये, हरी मिर्च 80-100 रुपये और धनिया 200-250 रुपये प्रति किलो के भाव बेचे जा रहे हैं. झारखंड की राजधानी में आलू 35-40 रुपये, टमाटर 60-80 रुपये, प्याज 40-50 रुपये, भिंडी: 40-50 रुपये, हरी मिर्च 80-100 रुपये, लौकी 40-50 रुपये किलो, करैली 50 रुपये किलो, कच्चू 50 रुपये और धनिया 200-250 रुपये प्रति किलो बेचे जा रहे हैं. देश की दूसरी मंडियों में आलू के थोक भाव दिल्ली की आजादपुर मंडी में आलू 30-40 रुपये भोपाल में आलू 40 रुपये प्रयागराज में 25-30 रुपये टमाटर के थोक भाव दिल्ली की आजादपुर मंडी में 30-40 रुपये भोपाल में 80 रुपये प्रयागराज में 40-50 रुपये कोलकाता में 80-100 रुपये प्याज के थोक भाव दिल्ली की आजादपुर मंडी में 50-60 रुपये भोपाल में 50 रुपये प्रयागराज में 20-30 रुपये अन्य हरी सब्जियों के भाव दूसरी हरी सब्जियों में दिल्ली और भोपाल में भिंडी 60 रुपये, दिल्ली में हरी मिर्च 40 रुपये और भोपाल में 60 रुपये दिल्ली में धनिया 300 रुपये और बरेली में भी 300 रुपये किलो बिक रही हैं. क्यों महंगी हुईं सब्जियां मानसून की पहली बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया, जिससे कीमतें ऊंची हो गईं. बारिश की वजह से देश के राज्यों से सब्जियों की आवक कम हो गई और स्थानीय फसलों को काफी नुकसान हुआ. इसके साथ ही, सप्लाई चेन भी पूरी तरह से ठप गया, जिसके चलते सब्जियों की कीमतों में उछाल आ गई. इसे भी पढ़ें: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता क्या है एमएसपी, जान जाएगा तो हर किसानों के खातों में होंगे लाखों रुपये कब सस्ती होंगी सब्जियां प्रशासन का कहना है कि कर्नाटक और महाराष्ट्र से नई फसल (अगस्त 2025) आने पर टमाटर और प्याज के दाम 50-60 रुपये तक गिर सकते हैं. आलू के दाम स्थिर रहने की संभावना है. क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि शाकाहारी थाली की लागत जुलाई 2024 में 11% बढ़ी, जिसमें आलू, टमाटर और प्याज की कीमतें मुख्य कारक रहीं. इसे भी पढ़ें: एफएमसीजी कारोबार को अलग करेगी रिलायंस रिटेल , नई कंपनी को जिम्मेदारी देंगे मुकेश अंबानी The post टमाटर हुआ लाल और आलू ने तरेरी आंखें, आम आदमी की जेब को तसल्ली से धो रही बारिश appeared first on Naya Vichar.

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IND vs ENG: गिल के 269 रन, इंग्लैंड के 3 विकेट, दूसरे दिन का पूरा लेखा-जोखा

IND vs ENG: कप्तान शुभमन गिल के रिकॉर्ड दोहरे शतक से पहली पारी में 587 रन बनाने के बाद इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर 77 रन करके हिंदुस्तान ने दूसरे क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन गुरुवार को यहां अपना पलड़ा भारी रखा. गिल ने 387 गेंद में 30 चौकों और तीन छक्कों से 269 रन की पारी स्पोर्ट्सने के अलावा रवींद्र जडेजा (89 रन, 137 गेंद, 10 चौके, एक छक्का) के साथ छठे विकेट के लिए 203 और वाशिंगटन सुंदर (42) के साथ सातवें विकेट के लिए 144 रन की साझेदारी की. सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने भी कल 87 रन की पारी स्पोर्ट्सी थी. गिल ने इंग्लैंड में किसी हिंदुस्तानीय बल्लेबाज द्वारा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर के मामले में महान सुनील गावस्कर और राहुल द्रविड़ को पीछे छोड़ दिया. वह इंग्लैंड में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले एशियाई कप्तान भी बने. जैक क्रॉली, डकेट और ओली पोप के विकेट गिरे इंग्लैंड ने इसके जवाब में दिन का स्पोर्ट्स खत्म होने तक सलामी बल्लेबाजों जैक क्रॉली (19) और बेन डकेट (00) तथा ओली पोप (00) के विकेट गंवाकर 77 रन बनाए. डकेट और पोप दोनों को आकाश दीप (36 रन पर दो विकेट) ने लगातार गेंदों पर पवेलियन भेजा. आकाश दीप के पारी के तीसरे ओवर की चौथी गेंद पर गिल ने स्लिप में डकेट का शानदार कैच लपका जबकि अगली गेंद पर पोप ने भी स्लिप में लोकेश राहुल को कैच थमाया. क्रॉली भी शरीर से दूर शॉट स्पोर्ट्सने की कोशिश में मोहम्मद सिराज (21 रन पर एक विकेट) की गेंद पर स्लिप में करुण नायर को कैच दे बैठे. Stumps on Day 2 in Edgbaston! End of a tremendous day with the bat and ball for #TeamIndia 🙌 England 77/3 in the first innings, trail by 510 runs Scorecard ▶️ https://t.co/Oxhg97g4BF#ENGvIND pic.twitter.com/GBKmE34pgM — BCCI (@BCCI) July 3, 2025 दिन का स्पोर्ट्स खत्म होने पर हैरी ब्रूक 30 जबकि जो रूट 18 रन बनाकर स्पोर्ट्स रहे थे. दोनों चौथे विकेट के लिए 52 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं. इंग्लैंड की टीम अब भी हिंदुस्तान से 510 रन पीछे है. इससे पहले गिल ने चाय के बाद जोश टंग (119 रन पर दो विकेट) के दूसरे ओवर में पोप को आसान कैच थमाया. हिंदुस्तानीय कप्तान लगभग साढ़े आठ घंटे क्रीज पर रहे. स्पिनर शोएब बशीर (167 रन पर तीन विकेट) ने इसके बाद आकाश दीप (06) और मोहम्मद सिराज (08) को आउट करके हिंदुस्तानीय पारी का अंत किया. हालांकि बल्लेबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियां गिल के शानदार दोहरे शतक की चमक को कम नहीं कर पाई. इंग्लैंड के गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटे गिल सीरीज का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बनने की इच्छा व्यक्त करने वाले गिल इंग्लैंड में दोहरा शतक बनाने वाला पहला एशियाई कप्तान बनने के बाद अपने लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. गिल की उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि यह प्रतिष्ठित सीरीज टेस्ट कप्तान के तौर पर उनकी पहली सीरीज है. विराट कोहली के संन्यास के बाद उन्होंने चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की है. गिल ने सुनिश्चित किया कि लीड्स में पहले टेस्ट की तरह यहां इंग्लैंड को वापसी का मौका नहीं दिया जाए. इंग्लैंड की शॉर्ट गेंदबाजी की रणनीति काम नहीं कर रही थी और बशीर के खिलाफ गिल ने आसानी से रन जुटाए. इंग्लैंड ने इसके बाद कामचलाऊ स्पिनरों हैरी ब्रूक और जो रूट को मौका दिया। गिल ने ब्रूक की गेंदों पर पांच चौके जमाए जबकि वाशिंगटन ने भी अपनी पकड़ बनाए रखी. Innings Break! A mighty batting display from #TeamIndia! 🙌 🙌 2⃣6⃣9⃣ for captain Shubman Gill8⃣9⃣ for Ravindra Jadeja8⃣7⃣ for Yashasvi Jaiswal4⃣2⃣ for Washington Sundar Updates ▶️ https://t.co/Oxhg97g4BF#ENGvIND | @ShubmanGill | @imjadeja | @ybj_19 | @Sundarwashi5 pic.twitter.com/WkhwqLxXJB — BCCI (@BCCI) July 3, 2025 गिल के तारीफ से गूंज उठा स्टेडियम गिल कुछ देर के लिए 199 रन पर अटके रहे लेकिन फिर उन्होंने जोश टंग की गेंद को फाइन लेग की तरफ एक रन के लिए पुल करके अपने करियर का पहला दोहरा शतक पूरा किया. उनके जश्न से पता चलता है कि उनके लिए यह प्रयास कितना मायने रखता है जिसकी विपक्षी टीम और इंग्लैंड के प्रशंसकों ने सराहना की. दूसरे सत्र के अंतिम लम्हों में रूट ने सुंदर को बोल्ड करके टीम को दिन की दूसरी सफलता दिलाई. इससे पहले हिंदुस्तान ने दूसरे दिन की शुरुआत पांच विकेट पर 310 रन से की और सुबह के सत्र में 25 ओवर में जडेजा के रूप में एक विकेट खोकर 109 रन जोड़े. सुबह के सत्र में अधिकांश समय शॉर्ट गेंदबाजी की रणनीति कारगर नहीं रही. दोहरा शतक के बाद गिल ने तेजी से बनाए रन टंग ने सत्र के अंत में शॉर्ट गेंद से सत्र की एकमात्र सफलता हासिल की. जडेजा उछाल लेती गेंद को नियंत्रित नहीं कर सके और विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने आसान कैच लपका. एजबस्टन में तेज धूप के बीच जडेजा ने कवर क्षेत्र में बैकफुट पंच और बेन स्टोक्स की गेंद को कट करके दिन की शुरुआत की. गिल ने क्रिस वोक्स पर थर्ड मैन क्षेत्र में दिन की अपनी पहली बाउंड्री लगाई. गिल ने बशीर के खिलाफ रिवर्स स्वीप स्पोर्ट्से. हिंदुस्तानीय कप्तान को यह शॉट स्पोर्ट्सते हुए देखना हैरानी भरा था. गिल ने बशीर पर स्क्वायर लेग पर स्वीप करके छक्का भी लगाया. जडेजा ने भी क्रीज से आगे बढ़कर बशीर की गेंद को लॉन्ग ऑन के ऊपर से छह रन के लिए भेजा. ये भी पढ़ें… सचिन से लेकर युवराज तक, गिल के दोहरे शतक पर दिग्गजों ने दिल खोलकर लुटाया प्यार गावस्कर और द्रविड़ के रिकॉर्ड हुए चकनाचूर, गिल ने इंग्लैंड में मचाया तहलका The post IND vs ENG: गिल के 269 रन, इंग्लैंड के 3 विकेट, दूसरे दिन का पूरा लेखा-जोखा appeared first on Naya Vichar.

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महिला एवं बाल विकास में तकनीकी परिवर्तन के 10 साल : सशक्तिकरण की शुरुआत सेवाओं, सुरक्षा और अवसरों तक पहुंच से होनी चाहिए

women and child development : सशक्तिकरण की शुरुआत पहुंच – अधिकारों, सेवाओं, सुरक्षा और अवसरों तक पहुंच से होती है . बीते दशक में, अधिक समावेशी और डिजिटल रूप से सशक्त हिंदुस्तान का निर्माण करने पर केंद्रित मोदी प्रशासन की प्रतिबद्धता के माध्यम से इस पहुंच को नए सिरे से परिभाषित किया गया है और सभी के लिए सुलभ बनाया गया है. स्त्री एवं बाल विकास मंत्रालय इस परिवर्तन में सबसे अग्रणी रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित हिंदुस्तान @2047 के विजन से निर्देशित, मंत्रालय ने लाभ को अंतिम छोर तक त्‍वरित, पारदर्शी और कुशल तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए अपने कार्यक्रमों में प्रौद्योगिकी को व्यवस्थित रूप से एकीकृत किया है. हम अक्सर कहते हैं: ‘सशक्त स्त्रीएं, सशक्त हिंदुस्तान.’और सशक्तिकरण की शुरुआत पहुंच – अधिकारों, सेवाओं, सुरक्षा और अवसरों तक पहुंच से होनी चाहिए . आज, यह पहुंच तेजी से डिजिटल होती जा रही है. जो कभी आकांक्षापूर्ण था, वह अब क्रियाशील बन चुका है –ऐसा प्रशासन द्वारा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, रियल-टाइम डेटा सिस्टम और उत्तरदायी शासन पर जोर दिए जाने की बदौलत संभव हुआ है. मंत्रालय ने देखरेख, संरक्षण और सशक्तीकरण पर दृढ़ता से ध्यान केंद्रित करते हुए – पोषण, शिक्षा, कानूनी सुरक्षा और आवश्यक अधिकारों तक पहुंच को मजबूत किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्त्रीएं और शिशु न केवल अधिक स्वस्थ, अधिक सुरक्षित जीवन जी सकें, बल्कि वे आत्मविश्वासी नेतृत्‍वकर्ता और अमृत काल के परिवर्तनकर्ता के रूप में भी उभर सकें. जैसा कि प्रधानमंत्री ने बहुत सटीक रूप से कहा है, ‘मैं प्रौद्योगिकी को सशक्त बनाने के साधन के रूप में तथा आशा और अवसर के बीच की दूरी को पाटने वाले उपकरण के रूप में देखता हूं.’ इस लोकाचार ने मैनुअल प्रक्रियाओं से लेकर रियल-टाइम डैशबोर्ड तक, असंबद्ध योजनाओं से लेकर एकीकृत प्लेटफार्मों तक हमारे परिवर्तन का मार्गदर्शन किया है. इस परिवर्तन की आधारशिला सक्षम आंगनवाड़ी पहल है. हिंदुस्तान भर में 2 लाख से ज़्यादा आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक और सशक्त बनाने के लिए निरुपित यह कार्यक्रम बाल्‍यावस्‍था देखरेख और विकास की अगली पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है. पोषण, स्वास्थ्य सेवा और पूर्व-विद्यालयी शिक्षा सेवाओं की ज़्यादा प्रभावी प्रदायगी संभव बनाते हुए इन केंद्रों को स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल डिवाइस और नए-नए लर्निंग टूल्स के साथ अपग्रेड किया जा रहा है. देश भर में 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं को पोषण ट्रैकर के साथ एकीकृत करने से रियल-टाइम डेटा एंट्री, कार्य निष्‍पादन की निगरानी और साक्ष्य-आधारित नीतिगत हस्तक्षेप संभव हो पाया है. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन और व्यापक प्रशिक्षण से लैस करके, यह पहल अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदायगी सुनिश्चित करती है. यह 2014 से पहले मौजूद मैनुअल रिकॉर्ड-कीपिंग और डेटा ब्लाइंड स्पॉट से एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है. एक दशक पहले, आईसीडीएस प्रणाली असंबद्ध डेटा, विलंबित प्रतिक्रियाओं और रियल-टाइम ट्रैकिंग की कमी से दबी हुई थी. पोषण ट्रैकर ने – पोषण सेवा प्रदायगी में सटीकता, दक्षता और जवाबदेही की शुरुआत कर इस परिदृश्य को बदल दिया है .10-14 करोड़ से ज़्यादा लाभार्थी अब इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं- जिनमें गर्भवती स्त्रीएँ, स्तनपान कराने वाली माताएं, छह साल से कम उम्र के शिशु और किशोरियां शामिल हैं. यह प्‍लेटफॉर्म विकास की निगरानी और पूरक पोषण प्रदायगी पर रियल-टाइम अपडेट को सक्षम बनाते हुए समय पर हस्तक्षेप और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण सुनिश्चित करता है. डिजिटल रूप से सशक्त सामुदायिक केंद्रों के रूप में आंगनवाड़ी केंद्रों की नए सिरे से परिकल्पना कर, शहरी-ग्रामीण विभाजन को पाटते हुए- पोषण ट्रैकर महत्‍वपूर्ण रूप से स्वस्थ हिंदुस्तान, सुपोषित हिंदुस्तान के राष्ट्रीय विजन को आगे बढ़ा रहा है. लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार (2025) से सम्मानित यह मंच ‘पोषण भी पढाई भी’ का भी समर्थन करता है, जो प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण मॉड्यूल प्रदान करते हुए विकसित हिंदुस्तान के अमृत काल में समग्र देखभाल को बढ़ावा दे रहा है. पूरक पोषण कार्यक्रम (एसएनपी) में पारदर्शिता को और मजबूत करने तथा लीकेज कम करने के लिए एक फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम शुरू किया गया है. इस डिलिवरी तंत्र को सुरक्षित, सटीक और सम्मानजनक बनाते हुए यह सुनिश्चित करता है कि पोषण सहायता केवल पात्र लाभार्थियों को ही मिले. प्रौद्योगिकी-आधारित प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से यह मंत्रालय पोषण से बढ़कर, स्त्रीओं के लिए सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित कर रहा है. शी-बॉक्स पोर्टल हर स्त्री को, चाहे वह किसी भी रोजगार की स्थिति में हो या संगठित या असंगठित, निजी या सार्वजनिक क्षेत्र में काम करती हो, पॉश अधिनियम के तहत उसे शिकायत दर्ज कराने के लिए सिंगल-विंडो एक्सेस प्रदान करता है – जिससे ऑनलाइन निवारण और ट्रैकिंग संभव हो पाती है. इस बीच, मिशन शक्ति डैशबोर्ड एंड मोबाइल ऐप संकट से घिरी स्त्रीओं को एकीकृत सहायता प्रदान करता है, उन्हें निकटतम वन स्टॉप सेंटर से जोड़ता है – जो अब लगभग हर जिले में चालू है. ये कदम इस बात का उदाहरण हैं कि तकनीक का उपयोग न केवल दक्षता के लिए, बल्कि न्याय, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए भी किया जा रहा है. एक दशक पहले, मातृत्व लाभ की निगरानी करना मुश्किल था और इसमें देरी होती थी. मोदी प्रशासन ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) की शुरूआत की है – जो मातृ कल्याण की दिशा में बहुत बड़ा बदलाव है. पीएमएमवीवाई नियम, 2022 के तहत, गर्भवती स्त्रीओं को उनके पहले शिशु के लिए 5,000 रुपये की राशि मिलती है . मिशन शक्ति के तहत, अगर दूसरा बच्चा लड़की है, तो – बेटियों के लिए सकारात्मक सुदृढ़ीकरण को बढ़ावा देते हुए लाभ की राशि 6,000 रुपये तक बढ़ जाती है. कागज रहित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से वितरित, शुरुआत से अब तक 4 करोड़ से अधिक स्त्री लाभार्थियों तक 1,9000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंच चुकी है. पीएमएमवीवाई – आधार-आधारित प्रमाणीकरण, मोबाइल-आधारित पंजीकरण, आंगनवाड़ी/आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर सहायता और रियल-टाइम डैशबोर्ड का लाभ उठाते हुए एक पूर्णतः डिजिटल कार्यक्रम है. एक समर्पित शिकायत निवारण मॉड्यूल तथा पारदर्शिता, विश्वास और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाला नागरिकों से संबंधित पोर्टल है – जो बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है. ये लक्षित प्रयास ठोस नतीजे दे रहे हैं. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) की

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स्वामी विवेकानंद के ये 5 मंत्र बदल सकते हैं युवाओं की सोच, फॉलो कर लिया तो जीत पक्की

Swami Vivekananda Death Anniversary: जिंदगी की राह में युवा आज कई प्रकार की परेशानियों का सामना करते हैं. वे अक्सर जीवन के हर मोड़ पर असमंजस में फंस जाते हैं. उन्हें समझ नहीं आता है उन्हें कदम क्या उठाना चाहिए. ऐसे में स्वामी विवेकानंद के विचार आज के भाग दौड़ भरी जिंदगी में नयी दिशा दिखा सकते हैं. क्योंकि वे केवल एक आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि युवाओं के लिए एक रोल मॉडल थे जिन्होंने आत्मबल, चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम पर जोर दिया. आज हम उनके उन बातों को बताएंगे जिनसे आज के युवा को सीख लेनी चाहिए. आत्म-विश्वास था स्वामी विवेकानंद का सबसे बड़ा संदेश स्वामी विवेकानंद का सबसे बड़ा संदेश था- “अपने आप पर विश्वास करो”. उनका साफ कहना था कि जब तक आप खुद पर भरोसा नहीं करेंगे, तब तक कोई दूसरा भी आप पर भरोसा नहीं करेगा. आज के युवाओं को चाहिए कि वे खुद को दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी क्षमताओं को पहचानें और आत्मबल के साथ आगे बढ़ें. Also Read: Chanakya Niti: मरते दम तक नहीं सुधरते ये लोग, ज्ञान की सारी बातें हैं इनके सामने बेकार शिक्षा का असली उद्देश्य चरित्र निर्माण स्वामी विवेकानंद का मानना था कि “शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, मानसिक ताकत और आत्मनिर्भरता होनी चाहिए.” आज जब युवा केवल अच्छी डिग्री और बेहतर नौकरी के पीछे भाग रहे हैं, उन्हें विवेकानंद के इस दृष्टिकोण से प्रेरणा लेकर अपने व्यक्तित्व और सोच को विकसित करने की सीख लेनी चाहिए. राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी होनी चाहिए युवाओं की सोच स्वामी विवेकानंद ने युवाओं से कहा था, “तुम युवा हो, राष्ट्र की नींव हो, अपने कंधों पर हिंदुस्तान का भविष्य उठाओ.” ऐसे में आज के युवाओं को केवल अपने करियर के बारे में नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के बारे में भी सोचना चाहिए. मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्वामी विवेकानंद का जीवन योग, ध्यान और अनुशासन से भरा था. उनका मानना था कि मानसिक शांति और आंतरिक शक्ति पाने के लिए रोज थोड़ी देर ध्यान और आत्मचिंतन जरूरी है. यह आज के तनावग्रस्त युवाओं के लिए सबसे जरूरी है. डर पर विजय और कार्य में निरंतरता जरूरी स्वामी विवेकानंद कहते थे, “डरो मत, आगे बढ़ो!” वे हमेशा कठिनाइयों से भागने के बजाय उन्हें चुनौती देने की बात करते थे. उन्होंने युवाओं को बताया कि असफलता से डरें नहीं. क्योंकि इससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है. स्वामी विवेकानंद के इन प्रेरणादायक विचारों से भी काफी कुछ सीख सकते हैं युवा “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए.” “जो आग तुम्हारे अंदर है, उसे बुझने मत दो.” “ताकत जीवन है, मृत्यु कमजोरी” “सच्ची सफलता वही है जो दूसरों के जीवन में भी रोशनी लाए.” Also Read: Chanakya Niti: चाणक्य के इन उपायों से दें अपमान का जवाब, सामने वाला बाप बाप कहेगा The post स्वामी विवेकानंद के ये 5 मंत्र बदल सकते हैं युवाओं की सोच, फॉलो कर लिया तो जीत पक्की appeared first on Naya Vichar.

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वैभव सूर्यवंशी को ऐसे घातक बना रहा BCCI, अंडर-19 में धमाल के बाद भेजा एजबेस्टन

IND vs ENG: टीम इंडिया के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच चल रहे दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन एजबेस्टन के स्टैंड में देखा गया. वैभव ने स्टेडियम में बैठकर टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की प्रलयंकारी पारी को देखा. 14 साल के वैभव ने इसी साल आईपीएल 2025 सीजन के दौरान अपने तेजतर्रार प्रदर्शन से विश्व क्रिकेट में तहलका मचा दिया था. इसके बाद इंग्लैंड के चल रहे अंडर-19 वनडे दौरे में सूर्यवंशी आतिशी पारियां स्पोर्ट्स रहे हैं. अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए और रात भर की शतकीय पारी में गिल ने दूसरे दिन शतक लगाया और इंग्लैंड में टेस्ट मैच में दोहरा शतक बनाने वाले पहले हिंदुस्तानीय कप्तान बन गए. बीसीसीआई चाहता होगा कि युवा खिलाड़ी सीनियर खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखें और उनसे सीखने का प्रयास करें. नि:संदेह वैभव ने गिल की दमदार पारी का आनंद लिया होगा और खुद भी ऐसा स्पोर्ट्सने का प्रयास जरूर करेंगे. Vaibhav Suryavanshi watching match at Edgbaston thrilled by Gill innings SENA देशों में 200 रन बनाने वाले पहले एशियाई कप्तान बने गिल गिल SENA देश में 200 रन बनाने वाले पहले एशियाई कप्तान भी बने, उन्होंने 2011 में लॉर्ड्स में तिलकरत्ने दिलशान द्वारा बनाए गए 193 रन के पिछले सर्वश्रेष्ठ स्कोर को पीछे छोड़ दिया, जबकि यह पारी इतिहास में केवल दूसरी घटना थी जब किसी हिंदुस्तानीय कप्तान ने विदेशी टेस्ट में दोहरा शतक बनाया. इससे पहले 2016 में नॉर्थ साउंड में विराट कोहली ने 200 रन बनाए थे. बर्मिंघम में गिल के जश्न के कुछ क्षण बाद, जब हिंदुस्तान का स्कोर 500 के पार पहुंचा, कैमरामैन ने वैभव को स्टैंड में कैद कर लिया, जिन्हें बीसीसीआई ने सीनियर टीम की एक झलक पाने के लिए भेजा था. Vaibhav Suryavanshi in the stands at the Edgbaston. pic.twitter.com/p7xMZoZdQf — Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) July 3, 2025 अंडर 19 टीम में धूम मचा रहे हैं वैभव सूर्यवंशी सूर्यवंशी ने इंग्लैंड अंडर-19 के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में 86 रन की पारी स्पोर्ट्सी थी. वैभव, जो पिछले आईपीएल सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए स्पोर्ट्से थे, जहां वह पुरुषों के टी 20 इतिहास में सबसे कम उम्र के शतक बनाने वाले खिलाड़ी बने थे, हिंदुस्तान की अंडर 19 टीम के बाकी खिलाड़ी भी इस अवसर पर मौजूद थे, जिसमें कप्तान आयुष म्हात्रे भी शामिल थे, जिन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अपने प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद आईपीएल 2025 के दौरान भी शानदार प्रदर्शन किया था. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक एथर्टन ने कमेंट्री करते हुए कहा, ‘अंडर-19 टीम को यहां देखकर अच्छा लगा. वे इस समर में इंग्लैंड के साथ सीरीज स्पोर्ट्सेंगे.’ दिनेश कार्तिक ने की सूर्यवंशी की तारीफ साथी कमेंटेटर दिनेश कार्तिक ने कहा, ‘कप्तान आयुष म्हात्रे इस साल चेन्नई सुपर किंग्स के लिए स्पोर्ट्से. उन्होंने वाकई अच्छा प्रदर्शन किया. हमें वैभव सूर्यवंशी पर गर्व है, जिन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए स्पोर्ट्सा और मुझे यकीन है कि इस टीम का हिस्सा बनने वाले इनमें से कई खिलाड़ी अंततः देश के लिए और निश्चित रूप से आईपीएल में भी स्पोर्ट्सेंगे.’ हिंदुस्तान की नजरें दूसरे टेस्ट में जीत पर होंगी, जहां बल्लेबाजों के बाद गेंदबाजों ने भी जलवा बिखेरा है. हिंदुस्तान ने दूसरे ही दिन 587 रन बनाने के बाद इंग्लैंड के तीन दिग्गज बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया है. ये भी पढ़ें… सचिन से लेकर युवराज तक, गिल के दोहरे शतक पर दिग्गजों ने दिल खोलकर लुटाया प्यार गावस्कर और द्रविड़ के रिकॉर्ड हुए चकनाचूर, गिल ने इंग्लैंड में मचाया तहलका The post वैभव सूर्यवंशी को ऐसे घातक बना रहा BCCI, अंडर-19 में धमाल के बाद भेजा एजबेस्टन appeared first on Naya Vichar.

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एफएमसीजी कारोबार को अलग करेगी रिलायंस रिटेल , नई कंपनी को जिम्मेदारी देंगे मुकेश अंबानी

Reliance Retail: हिंदुस्तान की अग्रणी खुदरा कंपनी रिलायंस रिटेल लिमिटेड (आरआरएल) अब अपने उपभोक्ता उत्पाद कारोबार (एफएमसीजी) को एक नई इकाई ‘न्यू रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ को स्थानांतरित करने जा रही है. कंपनी ने यह जानकारी राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के सामने दायर एक पुनर्गठन योजना में दी गई है. एनसीएलटी से पुनर्गठन की प्रक्रिया को मंजूरी एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने 25 जून 2025 को इस पुनर्गठन योजना पर विचार के लिए एक बैठक बुलाने का आदेश दिया है. यह बैठक 70 दिनों के भीतर होगी, जिसमें आरआरएल, आरआरवीएल और आरसीपीएल के असुरक्षित लेनदारों की सहमति ली जाएगी. “जैसा है, वैसे ही” के आधार पर होगा स्थानांतरण एनसीएलटी के सामने दायर योजना के अनुसार, रोजमर्रा के उपभोग वाले उत्पादों (एफएमसीजी) का संपूर्ण कारोबार ‘जैसा है, वैसे ही’ आधार पर न्यू आरसीपीएल को स्थानांतरित किया जाएगा. रिलायंस ग्रुप ने कहा है कि उपभोक्ता उत्पाद कारोबार में ब्रांड निर्माण, शोध, विकास, उत्पादन, वितरण और विपणन जैसे समस्त चक्र शामिल हैं. यह एक स्वतंत्र और विशेष रणनीति की मांग करता है, जो रिटेल कारोबार से भिन्न है. निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति रिलायंस रिटेल का मानना है कि उपभोक्ता ब्रांड व्यवसाय में विशेषज्ञता, कौशल और पूंजी निवेश की जरूरत है, जो अलग संरचना में बेहतर तरीके से संभव है. यह नई इकाई भविष्य में निवेशकों के विभिन्न वर्गों को आकर्षित करने की क्षमता भी रखती है. यह रणनीतिक बदलाव रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की समग्र आंतरिक पुनर्गठन योजना का हिस्सा है, जिससे समूह अपने विभिन्न व्यावसायिक खंडों को ज्यादा फोकस्ड और दक्षता आधारित बना सके. इसे भी पढ़ें: हिंदुस्तान की विदेशी शराबों में ‘मेंशन हाउस’ ब्रांडी नंबर वन, दुनिया में दूसरे पायदान पर पूरी मजबूती के साथ बाजार में उतरेगी नई कंपनी ‘न्यू रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ के गठन और उपभोक्ता कारोबार के हस्तांतरण के इस कदम से रिलायंस एफएमसीजी बाजार में अधिक संगठित, केंद्रित और प्रतिस्पर्धात्मक रणनीति के साथ उतर सकेगा. इससे भविष्य में ब्रांड वैल्यू और निवेशकों के विश्वास को भी बल मिलेगा. इसे भी पढ़ें: टैरिफ के मामले में हिंदुस्तान को बख्श देंगे डोनाल्ड ट्रंप, एशिया प्रशांत देशों से कम होगा शुल्क? The post एफएमसीजी कारोबार को अलग करेगी रिलायंस रिटेल , नई कंपनी को जिम्मेदारी देंगे मुकेश अंबानी appeared first on Naya Vichar.

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Success Story: बर्थडे पर कुंदन को मिला बेस्ट गिफ्ट, Rank 27 लाकर टॉपर लिस्ट में शामिल

Success Story: झारखंड के कुंदन कुमार महतो के लिए उनका जन्मदिन यादगार बन गया. दरअसल कुंदन कुमार ने झारखंड पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा (JCECEB Jharkhand Polytechnic Exam 2025) में शानदार प्रदर्शन करते हुए रैंक 27 हासिल की है. खास बात यह रही कि रिजल्ट ठीक उसी दिन आया जिस दिन उनका जन्मदिन था, जिससे यह पल उनके लिए और भी खास बन गया. कुंदन की इस सफलता ने उनके परिवार और दोस्तों को भी गर्व महसूस कराया है. Success Story: झारखंड पॉलिटेक्निक टॉपर्स लिस्ट में कुंदन झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (JCECEB) की ओर से झारखंड पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी हो गया है. रिजल्ट चेक करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट- jceceb.jharkhand.gov.in पर जाना होगा. इस परीक्षा में कुल 43540 छात्र पास हुए हैं. इसमें ज्योति शुक्ला को रैंक 1 प्राप्त हुआ है. इसी टॉपर्स लिस्ट में कुंदन कुमार महतो ने रैंक 27 हासिल करके राज्य में अपनी अलग पहचान बनाई है. JCECEB Jharkhand Polytechnic Entrance Result 2025 यहां डायरेक्ट लिंक से चेक करें. झारखंड पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा में 133 मार्क्स झारखंड पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट 2 जुलाई को जारी हुआ. कुंदन कुमार महतो को इस परीक्षा में रैंक 27 प्राप्त हुआ. उन्हें इस परीक्षा में 133 अंक प्राप्त हुए हैं. कुंदन के पिता का नाम हरिशंकर प्रसाद महतो है. इस परीक्षा में पास हुए छात्रों को जल्द ही काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होगा, ताकि उन्हें अपनी पसंद की पॉलिटेक्निक शाखा में एडमिशन मिल सके. विवरण जानकारी रजिस्ट्रेशन नंबर 11038842 रोल नंबर 2525250291 अभ्यर्थी का नाम कुंदन कुमार महतो लिंग पुरुष जन्म तिथि 02-जुलाई-2006 पिता का नाम हरि शंकर प्रसाद महतो प्राप्त अंक 133 झारखंड के पॉलिटेक्निक कॉलेज में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन 18 मई 2025 को हुआ था. इस परीक्षा में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स का रिजल्ट जारी हो गया है. झारखंड पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट के अनुसार टॉप 10 में एक ही लड़की का नाम है. Jharkhand Polytechnic Counselling 2025: झारखंड पॉलिटेक्निक काउंसलिंग का शेड्यूल जारी, इस दिन आएगा अलॉटमेंट रिजल्ट The post Success Story: बर्थडे पर कुंदन को मिला बेस्ट गिफ्ट, Rank 27 लाकर टॉपर लिस्ट में शामिल appeared first on Naya Vichar.

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भारत के इस गांव में कोबरा है घर का अहम सदस्य! साथ सोते और खेलते हैं

Maharashtra Tourism: क्या आपने कभी ऐसा गांव के बारे में सुना है जहां लोग पालतू जानवर के जैसा सांपों को पालते हैं. वे साथ स्पोर्ट्सते और बेडरूम में साथ भी रहते हैं. जी हां आपने बिल्कुल सही सुना. यह गांव महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में स्थित है. इस गांव का नाम शेतफल है. हिंदुस्तान के सबसे जहरीले सांपों में से एक कोबरा के साथ यहां के शिशु इस तरह स्पोर्ट्सते हैं जैसे कोई कुत्ते और बिल्ली के साथ स्पोर्ट्स रहे हों. भगवान शिव का प्रतीक मानते हैं सांपों को यहां के लोग सांपों को किसी खतरनाक जीव की तरह नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रतीक के रूप में मानते हैं. शेतफल में कई मंदिर हैं जहां नाग देवता की पूजा होती है. लोगों की आस्था इतनी गहरी है कि उनके लिए सांप सिर्फ एक जीव नहीं, बल्कि घर का सदस्य है. Also Read: Idli Upma Recipe: ब्रेकफास्ट का बेसब्री से इंतजार करेंगे शिशु, इस तरह बची हुए इडली से बनाएं स्वादिष्ट और हेल्दी इडली उपमा सदियों से चलती आ रही है परंपरा गांववालों के मुताबिक, उनके पूर्वजों ने सांपों के साथ रहना शुरू किया था और तब से ये परंपरा आज तक चली आ रही है. यहां के शिशु बचपन से ही सीख जाते हैं कि सांपों को कैसे संभालना है, उनसे कैसे बातचीत करनी है और कैसे उनका सम्मान करना है. कोई भी सांप काटता नहीं है सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इतने जहरीले सांपों के बीच रहने के बावजूद यहां सांप के काटने की घटना न के बराबर होती है. विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गांववालों का मानना है कि अगर आप प्यार और सम्मान दिखाएं, तो सांप भी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं. यह विश्वास ही इस गांव की सबसे बड़ी ताकत है. बन गया है पर्यटन स्थल शेतफल गांव आज के समय में केवल एक गांव नहीं, बल्कि एक अनोखा पर्यटन स्थल बन चुका है. देश-विदेश से लोग यहां सिर्फ ये देखने आते हैं कि कैसे इंसान और जहरीले जीव एक साथ बिना किसी डर के रह सकते हैं. गांव वाले पर्यटकों को सांपों के बारे में जानकारी देते हैं और कभी-कभी उन्हें पकड़ना भी सिखाते हैं. Also Read: Honeymoon Travel Tips: हनीमून में जाए हैदराबाद की ये जगहें, गहरा हो जाएगा प्यार The post हिंदुस्तान के इस गांव में कोबरा है घर का अहम सदस्य! साथ सोते और स्पोर्ट्सते हैं appeared first on Naya Vichar.

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