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July 3, 2025

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अररिया में शादी के दिन दूल्हा फरार, मायूस दुल्हन ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

अररिया: अररिया जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां शादी के दिन दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा, जिससे दुल्हन और उसका पूरा परिवार सदमे में है. यह घटना रानीगंज थाना क्षेत्र के विस्टोरिया पंचायत के वार्ड 18 स्थित कोठीहाट गांव की है. दुल्हन पक्ष ने मीरगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले लड़के के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. दो जुलाई को आनी थी बारात  प्राप्त जानकारी के अनुसार, लड़की की शादी दो जुलाई को बनमनखी के प्रसिद्ध भक्त प्रह्लाद मंदिर में होनी थी. शादी की सभी रस्में फलदान से लेकर कुम्हरन तक पूरी की जा चुकी थीं. लड़की पक्ष की ओर से वर पक्ष को डेढ़ लाख रुपये नकद और फर्नीचर सहित अन्य उपहार भी दिए गए थे.  पुलिस से शिकायत की तो पता चला कि दुल्हा है फरार शादी के दिन दुल्हन पक्ष ने करीब 100 बारातियों और मेहमानों के लिए भोजन एवं स्वागत की पूरी व्यवस्था कर रखी थी. लेकिन पूरे दिन इंतजार करने के बाद न तो दूल्हा पहुंचा, न बारात. जब गुरुवार सुबह लड़की के परिजन लड़के के घर पहुंचे तो पता चला कि दूल्हा घर छोड़कर फरार हो चुका है. जिसके बाद दुल्हन के परिजन न्याय के लिए रानीगंज थाना पहुंचे.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें आरोपी दूल्हे के खिलाफ कार्रवाई की मांग  वहीं, इस मामले पर थानाध्यक्ष रवि रंजन ने बताया कि फिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसलिंग की जा रही है. थानाध्यक्ष के मुताबिक, लिखित आवेदन मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस अप्रत्याशित घटना से दुल्हन मानसिक रूप से आहत और बेहद मायूस है. परिजन इसे धोखाधड़ी मान रहे हैं और आरोपी युवक पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.  इसे भी पढ़ें: Bihar Elections 2025: बीजेपी दफ्तर में हुई सीएम नीतीश की एंट्री, चुनाव से पहले दोनों पार्टियों में दिख रहा गजब का बॉन्ड The post अररिया में शादी के दिन दूल्हा फरार, मायूस दुल्हन ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार appeared first on Naya Vichar.

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अखिलेश यादव का सत्ता संकल्प, हर घर बिजली फ्री, हर महिला को ₹3000, युवाओं के हाथ में iPad

Akhilesh Yadav 2027 Promise: आजमगढ़ नगर से सटे अनवरगंज में अपने 68 बिस्वा के नए आलीशान आवास और समाजवादी पार्टी के कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर अखिलेश यादव ने प्रदेश की जनता को कई बड़े वादे किए. उन्होंने कहा कि अगर 2027 में समाजवादी पार्टी की प्रशासन बनती है तो हर परिवार को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी. साथ ही युवाओं को शिक्षा और तकनीक से जोड़ने के लिए आईपैड देने का वादा किया और स्त्रीओं को आर्थिक संबल देने के लिए ₹3000 प्रतिमाह की समाजवादी पेंशन योजना फिर से लागू करने की बात कही. अग्निवीर योजना खत्म कर सीमा सुरक्षा मजबूत करेंगे केंद्र प्रशासन की अग्निवीर योजना पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने इसे देश के नौजवानों के साथ अन्याय और सेना की मजबूती से समझौता बताया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सत्ता में आने पर इस योजना को पूरी तरह खत्म कर देगी और सेना में स्थायी भर्ती की पारंपरिक प्रणाली को फिर से लागू करेगी. उनका कहना था कि देश की सीमाओं की सुरक्षा कोई प्रयोग नहीं बल्कि गंभीर जिम्मेदारी है, जिसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती. शिक्षा व्यवस्था पर हमला, बंद हो रहे स्कूलों पर जताई चिंता अखिलेश यादव ने भाजपा प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कटौती कर रही है. हजारों प्रशासनी स्कूलों को बंद किया जा रहा है, जिससे गरीब और ग्रामीण बच्चों की शिक्षा पर संकट गहरा गया है. उन्होंने कहा कि भाजपा उन मतदान केंद्रों और इलाकों को टारगेट कर रही है जहां उसे हार मिली थी. इसके विपरीत, शराब की दुकानें हर गली-मोहल्ले में खुल रही हैं, जो समाज को खोखला कर रही हैं. जल जीवन मिशन बना भ्रष्टाचार का शिकार उन्होंने जल जीवन मिशन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि गांवों में भारी बजट से बनाई गई पानी की टंकियां भ्रष्टाचार के बोझ तले फट रही हैं. महीने दर महीने किसी न किसी जिले से टंकी फटने और उससे जनहानि की समाचारें आती हैं, लेकिन प्रशासन मौन है. यह दर्शाता है कि जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के नाम पर सिर्फ घोटाले हो रहे हैं. एक्सप्रेसवे की तुलना में पूर्ववर्ती प्रशासन को बेहतर बताया अखिलेश यादव ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की तुलना करते हुए दावा किया कि समाजवादी प्रशासन में जो सड़कें बनीं वे उच्च गुणवत्ता की छह लेन की सड़कों थीं. उन्होंने कहा कि भाजपा की परियोजनाएं ठेकेदारों के हवाले हैं और जनता के पैसे की बर्बादी हो रही है. सपा प्रशासन के समय पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया और बेहतर इंजीनियरिंग पर जोर दिया गया था. आरक्षण और धर्मनिरपेक्षता पर भाजपा को घेरा उन्होंने कहा कि भाजपा प्रशासन संविधान से छेड़छाड़ कर आरक्षण को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. साथ ही धर्मनिरपेक्षता, जो हिंदुस्तान की आत्मा है, उस पर लगातार हमला हो रहा है. समाजवादी पार्टी ने हमेशा हर धर्म, जाति और समुदाय के साथ समानता का व्यवहार किया है और सत्ता में लौटकर वह सामाजिक न्याय को और मजबूत करेगी. गाजीपुर में मंडी और पूरे पूर्वांचल पर फोकस अखिलेश यादव ने पूर्वांचल की उपेक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा प्रशासन ने किसानों के लिए एक भी बड़ी मंडी नहीं बनाई, जिससे फसलों के सही दाम नहीं मिलते. उन्होंने वादा किया कि सपा प्रशासन आने पर गाजीपुर में आधुनिक मंडी का निर्माण किया जाएगा. साथ ही गाजियाबाद से लेकर सोनभद्र तक हर सीट पर पीडीए उम्मीदवारों को जिताने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पूर्वांचल की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली जा सके. The post अखिलेश यादव का सत्ता संकल्प, हर घर बिजली फ्री, हर स्त्री को ₹3000, युवाओं के हाथ में iPad appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand Polytechnic Counselling 2025: झारखंड पॉलिटेक्निक काउंसलिंग का शेड्यूल जारी, इस दिन आएगा अलॉटमेंट रिजल्ट

Jharkhand Polytechnic Counselling 2025: झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (JCECEB) की ओर से पॉलिटेक्निक एडिशन के लिए सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी हो गया है. इस परीक्षा में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट jceceb.jharkahnd.gov.in पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं. रिजल्ट के साथ-साथ टॉपर्स लिस्ट भी जारी की गई है. इस परीक्षा में कुल 43540 कैंडिडेट्स पास हुए हैं. Jharkhand Polytechnic Counselling 2025: सीट अलॉटमेंट रिजल्ट काउंसलिंग प्रक्रिया झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद यानी JCECEB द्वारा आयोजित की जा रही है. काउंसलिंग के तहत उम्मीदवारों को रैंक के आधार पर सीट अलॉट की जाएगी. पहले राउंड की सीट अलॉटमेंट लिस्ट 13 जुलाई 2025 को प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद जिन छात्रों का नाम पहले राउंड में आएगा उन्हें दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा करने की प्रक्रिया को पूरा करना होगा. Jharkhand Polytechnic Counselling Schedule: देखें काउंसलिंग शेड्यूल कार्य तारीख ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और विकल्प भरना 3 जुलाई से 8 जुलाई 2025 च्वाइस एडिटिंग (विकल्प में बदलाव) 9 और 10 जुलाई 2025 सीट आवंटन का परिणाम 13 जुलाई 2025 अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड और एडमिशन प्रक्रिया 14 जुलाई से 19 जुलाई 2025 अगर किसी उम्मीदवार को पहले राउंड में सीट नहीं मिलती है तो वह अगले राउंड में भाग ले सकता है. इसके लिए जरूरी होगा कि उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन कराएं और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया को पूरा करें. झारखंड पॉलिटेक्निक काउंसलिंग में कुल तीन राउंड तक सीट अलॉटमेंट होने की संभावना है. सीट मिलने के बाद छात्र को तय समय में रिपोर्ट करना अनिवार्य रहेगा वरना सीट रद्द हो सकती है. झारखंड पॉलिटेक्निक में दाखिले के लिए इस साल बड़ी संख्या में छात्रों ने आवेदन किया था. सीट अलॉटमेंट के दौरान उम्मीदवारों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज जैसे 10वीं की मार्कशीट, एडमिट कार्ड, पहचान पत्र आदि साथ रखने होंगे. किसी भी तरह की गलती से बचने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जारी निर्देशों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है. ये भी पढ़ें: झारखंड पॉलिटेक्निक परीक्षा का रिजल्ट जारी, देखें टॉपर्स लिस्ट The post Jharkhand Polytechnic Counselling 2025: झारखंड पॉलिटेक्निक काउंसलिंग का शेड्यूल जारी, इस दिन आएगा अलॉटमेंट रिजल्ट appeared first on Naya Vichar.

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Son of Sardaar 2 में अजय देवगन संग काम करने पर नीरू बाजवा ने तोड़ी चुप्पी, कहा- लोग फिल्म देखकर….

Son of Sardaar 2: पंजाबी एक्ट्रेस नीरू बाजवा 12 साल बाद बॉलीवुड में वापसी कर रही हैं और उनकी अगली फिल्म सन ऑफ सरदार 2 है, जिसमें वह अजय देवगन के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आएंगी. हाल ही में मोस्ट अवेटेड मूवी का धमाकेदार टीजर रिलीज किया गया था. इसमें अजय जस्सी सरदार के रूप में वापसी करते हैं. वहीं एक अन्य क्लिप में वह सिंघम एक्टर संग डांस कर रही है. दोनों के बीच की केमिस्ट्री जबरदस्त लग रही है. अब उन्होंने अजय संग काम करने पर बात की. नीरू बाजवा ने अजय संग काम करने पर क्या कहा नीरू बाजवा ने एक इंटरव्यू में बताया कि सन ऑफ सरदार 2 गाने की शूटिंग से पहले उन्होंने दो दिन तक रिहर्सल की, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि स्टेप्स एकदम अच्छे लगे. उन्होंने सेट पर असली पंजाबी फील लाने में भी मदद की और क्रू को लय में आने के लिए प्रोत्साहित किया. अजय संग शूट करने पर उन्होंने कहा, ”हमारे स्वाभाविक पंजाबी कनेक्शन के कारण हम बहुत आसानी से घुलमिल गए. अजय सर विनम्र हैं और उनके साथ काम करना आसान है.” सन ऑफ सरदार 2 फिल्म को लेकर क्या बोली नीरू बाजवा उन्होंने यह भी बताया कि सन ऑफ सरदार 2 सिर्फ कॉमेडी और डांस के बारे में नहीं है, बल्कि यह पंजाबी संस्कृति और परंपराओं को भी दर्शाता है. उन्होंने कहा, “यह फिल्म पंजाब की भावना को दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाती है. हमें इस पर काम करने में वाकई मजा आया और उम्मीद है कि लोग इसे देखकर ऐसा ही महसूस करेंगे.” सन ऑफ सरदार 2 के बारे में नीरू सन ऑफ सरदार 2 में अजय की जस्सी के विपरीत डिंपल सरदारनी की भूमिका निभा रही हैं. फिल्म में कई बड़े कलाकार हैं, जिसमें मृणाल ठाकुर, रवि किशन, संजय मिश्रा, विंदू दारा सिंह, चंकी पांडे, दीपक डोबरियाल, कुबरा सैत, शरत सक्सेना, अश्विनी कालसेकर, रोशनी वालिया, साहिल मेहता और दिवंगत अभिनेता मुकुल देव जैसे स्टार्स का नाम शामिल है. यह फिल्म 25 जुलाई 2025 को बड़े पर्दे पर आने के लिए पूरी तरह तैयार है. यह भी पढ़ें-Ramayana: 835 करोड़ की मेगा फिल्म में कौन निभा रहा है राम, रावण और सीता का किरदार? देखें पूरी डिटेल, बढ़ेगी एक्साइटमेंट The post Son of Sardaar 2 में अजय देवगन संग काम करने पर नीरू बाजवा ने तोड़ी चुप्पी, कहा- लोग फिल्म देखकर…. appeared first on Naya Vichar.

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औरंगाबाद सिविल कोर्ट की नियुक्तियों में अनियमितता का मामला: पटना हाईकोर्ट का जबाव तलब

Patna High Court: औरंगाबाद सिविल कोर्ट में अभियोजन पदाधिकारी, अपर अभियोजन पदाधिकारी, गवर्नमेंट प्लीडर और एडिशनल गवर्नमेंट प्लीडर के लिए की जा रही नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई की. मामले में जस्टिस डॉ. अंशुमान ने सुरेश कुमार व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यथास्थिति बनाए रखने को कहा. अधिकारियों से जवाब तलब अदालत में सुनवाई के दौरान राज्य के विधि सचिव, महाधिवक्ता और औरंगाबाद के डीएम को निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट करते हुए अपना जवाब दाखिल करें. मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी. कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह ने पक्ष रखते हुए बताया कि औरंगाबाद सिविल कोर्ट में प्रशासनी अधिवक्ताओं की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की संभावना है. नियम के अनुसार पहले विज्ञापन प्रकाशित कर प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें योग्य अधिवक्ताओं को महत्व नहीं देने की आशंका याचिकाकर्ता के अनुसार अगर नियमानुसार प्रक्रिया नहीं अपनाई गई तो उन पदों पर ऐसे लोग नियुक्त हो सकते हैं, जो पैरवी वाले हैं.  जबकि योग्य अधिवक्ता बाहर रह जाएंगे. याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की. मामले में याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह और अधिवक्ता अभिषेक कुमार सिंह ने कोर्ट के समक्ष पक्ष रखा. मामले पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी. इसे भी पढ़ें: भागलपुर वालों के लिए खुशसमाचारी, अब फोरलेन हो जाएगा यह पुल और लंबाई भी बढ़ेगी The post औरंगाबाद सिविल कोर्ट की नियुक्तियों में अनियमितता का मामला: पटना हाईकोर्ट का जबाव तलब appeared first on Naya Vichar.

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बबलू बंदर बना संत, तो डॉगेश भाई घुमा रहे केदारनाथ; ऐसे वीडियो बनाकर हो जाएंगे मालामाल, जानिए कमाई का फॉर्मूला

How to Make AI Videos: इन दिनों सोशल मीडिया पर AI से बने बिल्ली, बंदर, कुत्ता और शेर खूब वायरल हो रहे हैं. अब तक सिर्फ इंस्टाग्राम पर बिल्ली की कहानी देखने को मिलती थी तो अब इस लिस्ट में बबलू बंदर और डॉगेश भाई भी शामिल हो गए हैं. एक तरफ बबलू बंदर सोशल मीडिया पर प्रवचन दे रहा है तो दूसरी तरफ डॉगेश भाई लोगों को केदारनाथ की यात्रा करवा रहे हैं. बबलू बंदर और डॉगेश भाई के ये वीडियोज लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं. बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़े सब इनके वीडियोज को देखकर लोट-पोट हो रहे हैं. खैर ये तो हो गई एंटरटेनमेंट की बात. आपको शायद इस बात का अंदाजा भी नहीं होगा कि ये क्रिएटर्स इन AI कैरेक्टर्स के जरिए सोशल मीडिया से अच्छा-खासा मोटा पैसा कमा रहे हैं. ऐसे में आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये कैसे बनाए जा रहे हैं? आपको बता दें, ये सारा कमाल AI का है. जी हां, आप भी AI का इस्तेमाल कर इस तरह के मजेदार कैरेक्टर्स बना सकते हैं. यहां जानिए इस तरह के वीडियो को बनाने का पूरा प्रोसेस. AI में भी है दिल! बबलू बंदर के व्लॉग्स में छिपा इमोशन और मजा, सोशल मीडिया पर मचा रहा धमाल सबसे पहले तैयार करें स्क्रिप्ट इस तरह के फनी वीडियो को बनाने के लिए अआपको सबसे पहले एक स्क्रिप्ट तैयार करनी होगी. जैसे कि आपका बनाया हुआ कैरेक्टर क्या बोलेगा. कसी बात पर मजाक करेगा, बैकग्राउंड कहां का होगा आदि. आपकी स्क्रिप्ट छोटी और आसान भाषा में होनी चाहिए. क्योंकि, इस तरह के वीडियो ज्यादातर 30 सेकेंड से लेकर 2 मिनट तक के होते हैं. अगर आप स्क्रिप्ट नहीं बना पा रहे हैं, तो आप इसके लिए AI ChatGPT की मदद ले सकते हैं. ChatGPT आपको तुरंत ट्रेंडिंग टॉपिक पर मजेदार स्क्रिप्ट बना कर दे देगा. इसके लिए आपको बस AI को टॉपिक और अपने कैरेक्टर के बारे में बताना होगा ताकि वह अच्छी सी स्क्रिप्ट तैयार करके आपको दे दे. AI से तैयार कर सकते हैं आवाज स्क्रिप्ट तैयार होने के बाद उसे आप AI Voice Generator की मदद से किसी भी कैरेक्टर की आवाज तैयार कर सकते हैं. Murf.ai, ElevenLabs या Google Text-to-Speech जैसे टूल्स में आपको सिर्फ अपनी स्क्रिप्ट डालनी होगी. साथ ही आपको बताना होगा कि आपको अपने कैरेक्टर के लिए किस तरह की आवाज चाहिए. उसके बाद ये AI टूल्स खुद स्क्रिप्ट को एक इंसान की आवाज में कन्वर्ट कर आपको दे देगा. आप अपने कैरेक्टर के हिसाब से AI से वॉइस रिकॉर्ड करवा सकते हैं. ऐसे बनाएं कैरेक्टर अब बारी है कैरेक्टर को बनाने की. इसके लिए आप AI या 2D एनिमेशन टूल्स Vyond, Animaker, या Adobe Character Animator मदद ले सकते हैं. यहां आपको बंदर, बिल्ली-कुत्ता जैसे कई कैरेक्टर्स मिल जाएंगे. जिन्हें आप अपने हिसाब से बना सकते हैं. जैसे कि इन टूल्स के जरिए आप अपने कैरेक्टर का पहनावा, बाल, चेहरे का एक्स्प्रेशन आदि वगैरह चुन सकते हैं. आप चाहे तो AI टूल जैसे Midjourney या DALL·E से भी बंदर या बिल्ली की इमेज को बनाकर उसे एनिमेट कर सकते हैं. अब बारी है लिप-सिंक और मूवमेंट की कैरेक्टर बन जाने के बाद बारी आती है उसके मुंह से उसकी आवाज को मैच करना. जिसे लिप-सिंक कहा जाता है. इसके लिए Adobe Character Animator, Reallusion iClone या D-ID का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये AI टूल्स खुद से डायलॉग के हर शब्द को कैरेक्टर के मुंह के मूवमेंट से मैच कर देता है. यानी कि AI खुद से पहचान लेता है कि किस शब्द के लिए मुंह कैसे खुलना चाहिए और चेहरे का एक्स्प्रेशन भी कैसा होना चाहिए. इसके अलावा आप फेस ट्रैकिंग भी कर सकते हैं. यानी कि आप खुद से कैमरे में बोल कर कैरेक्टर का लिप-सिंक कर सकते हैं. जिसके बाद आपके चेहरे को आपका कैरेक्टर कॉपी कर लेगा. अब है फाइनल एडिटिंग की बारी कैरेक्टर की आवाज और उसका मूवमेंट सिंक हो जाने के बाद CapCut, VN Editor, या Adobe Premiere Pro जैसे वीडियो एडिटिंग टूल्स से फाइनल एडिट कर लीजिए. इसमें आप बैकग्राउंड म्यूजिक, साउंड इफेक्ट्स और टेक्स्ट जोड़े जाते हैं. कुछ लोग इसमें फनी साउंड इफेक्ट्स या म्यूजिक डालते हैं ताकि वीडियो और फनी लगे. इस तरह से आप भी वीडियो तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते हैं और अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं. नहीं मिल रही ड्रीमजॉब? ChatGPT का बस ऐसे करें इस्तेमाल, फिर देखें कमाल The post बबलू बंदर बना संत, तो डॉगेश भाई घुमा रहे केदारनाथ; ऐसे वीडियो बनाकर हो जाएंगे मालामाल, जानिए कमाई का फॉर्मूला appeared first on Naya Vichar.

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धनंजय सिंह को मिली राहत या साजिश हुई कामयाब? 15 साल पुराने डबल मर्डर केस से बरी!

Dhananjay Singh Murder Case: जौनपुर जिले के केराकत के बेलांव गांव में वर्ष 2010 में हुए बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया. कोर्ट ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत चारों आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. यह फैसला करीब 15 वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आया है. क्या था पूरा मामला 1 अप्रैल 2010 की सुबह करीब 5:15 बजे बेलांव घाट बैरियर के पास टोल टैक्स के विवाद में संजय निषाद और नंदलाल निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने इस मामले में ठेकेदारी की रंजिश को वजह माना था और तत्कालीन सांसद धनंजय सिंह के अलावा आशुतोष सिंह, पुनीत सिंह और सुनीत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी. गवाहों के बयान और कोर्ट की कार्यवाही इस केस में कुल 20 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिन्हें एडीजीसी लाल बहादुर पाल ने परीक्षित कराया. कोर्ट में सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया. धनंजय सिंह ने कहा कि उन्हें नेतृत्वक रंजिश के चलते फंसाया गया था. धनंजय सिंह का बयान: “मुझे न्यायपालिका पर था भरोसा” निर्णय आने के बाद धनंजय सिंह ने कहा…. “मुझे पहले से भरोसा था कि न्यायपालिका से मुझे न्याय मिलेगा. यह एक नेतृत्वक द्वेष से प्रेरित मामला था, जिसमें मुझे फंसाया गया. मुझे पार्टी से निष्कासित किया गया, जिले में आने पर धारा 144 लगा दी गई. आज वही मामला खत्म हुआ. मैं न्यायपालिका का आभार व्यक्त करता हूं कि 15 वर्षों बाद मुझे न्याय मिला.” The post धनंजय सिंह को मिली राहत या साजिश हुई कामयाब? 15 साल पुराने डबल मर्डर केस से बरी! appeared first on Naya Vichar.

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Shefali Jariwala: ‘द ट्रेटर्स’ का हिस्सा बनने वाली थी शेफाली जरीवाला! मेकर्स ने इस एक्ट्रेस से कर दिया था रिप्लेस

Shefali Jariwala एक जानी-मानी एक्ट्रेस और मॉडल थी, जिन्होंने ‘कांटा लगा’ गाने से खूब पॉपुलैरिटी हासिल की थी. इसके बाद बिग बॉस 13 में भी उनकी दमदार पर्सनालिटी ने लाखों फैंस बना दिए. हालांकि 27 जून को दिल का दौरा पड़ने से सिर्फ 42 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका बीपी अचानक बहुत गिर गया था, जिस वजह से उन्हें हार्ट अटैक आया. मौत से कुछ घंटे पहले तक शेफाली पूरी तरह से ठीक थी, इसलिए ये समाचार सुनकर हर कोई हैरान रह गया. शेफाली के जगह इस एक्ट्रेस की हुई एंट्री  कहा जा रहा है कि करण जौहर के रियलिटी शो द ट्रेटर्स के लिए शेफाली को पहले ही फाइनल कर लिया गया था. इस शो में 20 सेलेब्रिटी हिस्सा लेते हैं और इसमें धोखेबाज और मासूम लोगों के बीच दिमागी स्पोर्ट्स होता है. दर्शकों को यह इंटरनेशनल शो का हिंदुस्तानीय वर्जन काफी पसंद आ रहा है. लेकिन आखिरी वक्त पर मेकर्स ने शेफाली को रिप्लेस कर दिया और उनकी जगह एक्ट्रेस एलनाज नौरोजी को शो में ले लिया. उनके फैंस जो उन्हें शो में देखने के लिए एक्साइटेड थे, वो इस फैसले से काफी दुखी हुए. 6-7 सालों से विटामिन सी ड्रिप ले रही थी एक्ट्रेस  कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि शेफाली पिछले कुछ सालों से एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट करवा रही थी. वह करीब 6-7 साल से विटामिन सी ड्रिप ले रही थी. उनकी करीबी दोस्त पूजा घई ने यह जानकारी दी थी. शेफाली के पति पराग त्यागी ने उनका अंतिम संस्कार परिवार के साथ मिलकर किया. अंतिम संस्कार की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. बता दें, इस शो में उर्फी जावेद, अंशुला कपूर, साहिल सलाथिया, लक्ष्मी मंचू, करण कुंद्रा, राज कुंद्रा और अपूर्वा मुखीजा जैसे कई कलाकार शामिल है और आज यानी 3 जुलाई को शो का फिनाले है.  ये भी पढ़ें: Hera Pheri 3 में वापसी के बाद परेश रावल ने प्रियदर्शन से मांगी माफी, बाबूराव संग राजू, श्याम की तिकड़ी फिर करेगी धमाल ये भी पढ़ें: Aankhon Ki Gustaakhiyan Trailer: शनाया कपूर के प्यार में पड़े विक्रांत मैसी, फिल्म के रोमांटिक ट्रेलर ने फैंस को बनाया दीवाना The post Shefali Jariwala: ‘द ट्रेटर्स’ का हिस्सा बनने वाली थी शेफाली जरीवाला! मेकर्स ने इस एक्ट्रेस से कर दिया था रिप्लेस appeared first on Naya Vichar.

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India Brahmos Strike On Noor khan Airbase: ब्रह्मोस हमले से थर्राया पाकिस्तान, फैसले के लिए थे सिर्फ 30 सेकंड

India Brahmos Strike On Noor khan Airbase: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 हिंदुस्तानीयों की जान जाने के बाद हिंदुस्तान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत कड़ा जवाब दिया. मई की शुरुआत में शुरू हुए इस अभियान में हिंदुस्तान ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों की कई ठिकानों को तबाह कर दिया. इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान ने जम्मू से लेकर गुजरात तक ड्रोन के जरिए हमलों की कोशिश की, लेकिन हिंदुस्तानीय वायुसेना ने सतर्कता दिखाते हुए उन्हें हवा में ही मार गिराया. इसके बाद हिंदुस्तान ने एक और बड़ा कदम उठाया और पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें इस्लामाबाद के पास स्थित नूर खान एयरबेस भी शामिल था. इसे भी पढ़ें: दुबई आज हिंदुस्तान का हिस्सा होता, अगर वो फैसला न होता…  अब इस ऑपरेशन को लेकर पाकिस्तान के भीतर से बड़ा बयान सामने आया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी और उनके विशेष सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने पत्रकार हामिद मीर से बातचीत में माना कि हिंदुस्तान के हमले ने पाकिस्तान की लीडरशिप को झकझोर दिया था. उन्होंने बताया कि जब हिंदुस्तान ने ब्रह्मोस मिसाइल दागी और वह नूर खान एयरबेस पर गिरी, तब पाकिस्तानी नेतृत्व के पास यह तय करने के लिए सिर्फ 30 सेकंड का समय था कि मिसाइल परमाणु हथियार से लैस है या नहीं. इतनी कम समय में सही निर्णय लेना बेहद मुश्किल था और अगर कोई गलत फैसला हो जाता, तो नतीजा परमाणु युद्ध हो सकता था. इसे भी पढ़ें: अल-कायदा से जुड़ा संगठन ‘अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन’ कौन है? जिस पर 3 हिंदुस्तानीयों के अपहरण का शक सनाउल्लाह ने कहा कि इस स्थिति में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका अहम रही, जिन्होंने दुनिया को संभावित परमाणु संकट से बचाने में मदद की. हालांकि हिंदुस्तान ने इस दावे को खारिज किया है और स्पष्ट किया कि सीजफायर को लेकर दोनों देशों के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) स्तर पर बातचीत हुई थी, जिसमें किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी. हिंदुस्तान के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को भारी सैन्य और मनोवैज्ञानिक नुकसान झेलना पड़ा. यह कार्रवाई दिखाती है कि हिंदुस्तान अब आतंकी हमलों के जवाब में सीधे और निर्णायक कदम उठाने से पीछे नहीं हटता. इसे भी पढ़ें: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता, ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल क्यों नहीं करता रूस? The post India Brahmos Strike On Noor khan Airbase: ब्रह्मोस हमले से थर्राया पाकिस्तान, फैसले के लिए थे सिर्फ 30 सेकंड appeared first on Naya Vichar.

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बिहारियों को क्यों काटता है आईएएस बनने का कीड़ा, इतिहास से जानिए वजह

Table of Contents अंग्रेजों से पहले बिहार में शिक्षा की स्थिति बिहारियों का झुकाव आईएएस बनने की ओर क्यों हुआ बिहार में तकनीकी शिक्षा का अभाव गांवों -टोलों के नाम गणित आधारित रखे गए आईएएस फैक्ट्री माने वाले बनगांव में लोगों का फोकस शिक्षा पर IAS In Bihar : बिहार राज्य में नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालय हुए, जहां देश-विदेश से आकर लोग शिक्षा ग्रहण करते थे. बिहारियों के डीएनए में ही शिक्षा को लेकर जागरूकता बहुत ज्यादा रही है. यहां के लोग तर्क के आधार पर ही चीजों को स्वीकारने की परंपरा के वाहक हैं, जो शिक्षा के बिना असंभव है. आचार्य चाणक्य जिन्होंने नेतृत्वशास्त्र पर महान किताब लिखी, वे इसी बिहार के रहने वाले थे. इन उदाहरणों से यह स्पष्ट है कि बिहार में शिक्षा का महत्व हजारों साल से रहा है. अंग्रेजों से पहले बिहार में शिक्षा की स्थिति बिहार के इतिहास पर अगर नजर डालें तो हम पाएंगे कि यहां शिक्षा हर वर्ग को लुभाती थी. यह अलग बात है कि यहां की जातीय व्यवस्था में रहने वाले लोग अपने पेशे को लेकर इतने जागरूक थे कि उन्होंने अपने पेशे में ही बेहतरीन काम किया, लेकिन यह कहना गलत होगा कि यहां यहां शिक्षा सिर्फ सवर्णों में थी और बाकी जातियां शिक्षा से अनभिज्ञ थी. The Beautiful Tree: Indigenous Indian Education in the Eighteenth Century के लेखक धर्मपाल ने अपनी किताब में लिखा है कि विलियम एडम के 1835–38 के सर्वेक्षण के अनुसार, बंगाल और बिहार की लगभग 1,50,748 गांवों में से लगभग 1,00,000 गांवों में एक‑एक स्कूल था. यानी लगभग हर गांव में प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध थी. इन स्कूलों में ब्राह्मण और कायस्थ जाति के अलावा निम्न जातियों (डोम व चांडाल ) भी पढ़ते थे. बिहार से जुड़े प्रमुख आंकड़ों के मुताबिक पटना और बक्सर में औसतन 100–150 विद्यालय थे. इन विद्यालयों में 30% विद्यार्थी ब्राह्मण, कायस्थ वर्ग से थे. 40% से अधिक विद्यार्थी कोइरी, कुर्मी, तेली आदि जातियों से थे. 15–20% विद्यार्थी शूद्र और तथाकथित ‘निचली’ जातियों से थे, जैसे डोम, चांडाल आदि. कुछ स्थानों पर मुस्लिम बच्चों की उपस्थिति भी स्कूलों में बताई जाती है. यह विद्यालय पारंपरिक तरीके के थे और यहां शिक्षा स्थानीय भाषाओं में दी जाती थी. अंग्रेजों के आने के बाद माॅर्डन शिक्षा का प्रसार यहां बढ़ा और पारंपरिक विद्यालय नष्ट हुए. बिहारियों का झुकाव आईएएस बनने की ओर क्यों हुआ बिहारियों का झुकाव प्रशासनी नौकरी और आईएएस जैसे पदों की ओर होने की बड़ी वजह यह है कि यहां एकेडेमिक फील्ड ही रोजगार का सबसे बड़ा सोर्स था. हालांकि आज के परिदृश्य में परिस्थितियां बदली हैं, लेकिन इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि शिक्षा और प्रशासनी नौकरी बिहारी की पहली पसंद रहा है. इस संबंध में बात करते हुए रिटायर्ड आईएएस अधिकारी विजय प्रकाश बताते हैं कि बिहार में एग्रीकल्चर तो बहुत अच्छा था, लेकिन हमारे यहां बिजनेस का कल्चर नहीं है. हमारे यहां इंडस्ट्री भी बहुत कम है, जिसकी वजह से आम बिहारी शिक्षा के जरिए ही नौकरी पाने की लालसा रखता है. साथ ही इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि बिहार में शिक्षा का कल्चर रहा है. हमारे यहां कई शिक्षाविद्‌, फिलाॅसफर हुए जिन्होंने शिक्षा का प्रसार किया. बिहार के लोगों का एकेडेमिक फील्ड से जुड़ाव होने का एक और वजह यह है कि यहां के लोग अगर समुद्री रास्ते से बाहर जाकर कोई व्यवसाय करते थे, तो उन्हें एक तरह से जाति से निकाल दिया जाता था, जिसकी वजह से यहां के लोग बाहर जाना नहीं चाहते थे. इस वजह से उनके पास रोजगार का एकमात्र साधन शिक्षा ही बचता था. बिहार में तकनीकी शिक्षा का अभाव बिहार के इतिहास पर नजर डालें तो हम पाएंगे कि तकनीकी क्षेत्र में बिहार पिछड़ा था. यहां इतने इंजीनियरिंग काॅलेज ही नहीं थे कि शिशु उनकी ओर रुख करते. यहां तक की आईटीआई की शिक्षा भी बमुश्किल मिलती थी. इन हालात में उनके पास जेनरल एजुकेशन ही रोजगार का एकमात्र जरिया था. विजय प्रकाश बताते हैं कि जेनरल एजुकेशन के जरिए आईएएस, आईपीएस और बीडीओ-सीओ बनना आसान होता है, इसलिए बिहारियों का झुकाव इस ओर हुआ. गांवों -टोलों के नाम गणित आधारित रखे गए बिहार में शिक्षा का महत्व कितना अधिक था इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि यहां गांवों और टोलों को गणितीय नाम दिया गया. विजय प्रकाश बताते हैं कि कई गांवों के नाम गणित आधारित हैं, जैसे दानापुर यानी प्वाइंट सेंटर, सगुना मोड़ यानी सौ गुना मोड़, करोड़ी चक, खगौल इत्यादि. उत्तर बिहार में तो गांवों के नाम वेदों पर आधारित हैं, जैसे रीगा, जो ऋगवेद से निकला है और भी कई ऐसे नाम हैं. आईएएस फैक्ट्री माने वाले बनगांव में लोगों का फोकस शिक्षा पर बिहार के सहरसा जिले का बनगांव जिसे आईएएस फैक्ट्री कहा जाता है, वहां शिक्षा का प्रसार बहुत ज्यादा है. आधुनिक समय की बात करें , तो यहां के शिशु अब सिर्फ आईएएस और आईपीएस ही नहीं बनना चाहते वे अन्य क्षेत्रों में भी भाग्य आजमा रहे हैं. इस बारे में बात करते हुए प्रजिल मिश्र(उपाध्यक्ष उग्रतारा न्यास परिषद) का कहना है कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि गांव में शिक्षा के प्रति लोगों का झुकाव बहुत ज्यादा है, इसी वजह से यहां बड़े अधिकारी बनते हैं. विगत कुछ वर्षों में शिशु डाॅक्टर -इंजीनियर और अन्य फील्ड में जाकर भी नाम कमा रहे हैं. सबसे बड़ी यह है कि बनगांव के लोगों में शिक्षा को लेकर एक अलग जुड़ाव है, वे जानते हैं कि शिक्षा हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, इसलिए वे विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमा रहे हैं. 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