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July 3, 2025

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खुशी से खिल उठे किसान, सरायकेला-खरसावां में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश, देखिए पिछले 15 सालों का आंकड़ा

Jharkhand Weather | सरायकेला-खरसावां, शचिंद्र कुमार दाश: सरायकेला-खरसावां जिले में इस साल मानसून की अच्छी बारिश हुई है. किसानों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे हैं. मानसून की शुरुआत में ही बारिश ने इस बार सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिये. वर्ष 2008 के बाद पहली बार जून माह में इतनी भारी बारिश हुई है. सामान्य तौर पर सरायकेला-खरसावां जिला में जून माह का औसत वर्षापात 122.8 मिमी होता है. लेकिन, इस वर्ष जून माह में औसत वर्षापात 468 मिमी बारिश का रिकार्ड दर्ज किया गया है. 19 जून को हुई सबसे अधिक बारिश जून माह में जिले में कुल वर्षापात 4219 मिमी दर्ज किया गया है. इसमें सर्वाधिक 609.5 मिमी बारिश केवल सरायकेला में दर्ज की गयी है. आंकड़ों पर नजर डालें तो 19 जून को जिला में सर्वाधिक बारिश हुई. इस दिन 1562 मिमी बारिश का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है. 17 से 20 जून और 28 जून को काफी बारिश हुई. कृषि कार्यों में जुटे किसान मानसून की बारिश थमने के साथ ही सरायकेला-खरसावां जिले के किसान कृषि कार्यों में जुट गये हैं. मानसून की पहली फुहार से किसानों में उत्साह देखी जा रही है. ट्रैक्टर और हल के जरिये खेतों की जुताई की जा रही है. साथ ही धान के बीज डालने का कार्य भी शुरु हो गया है. इसके अलावा जहां धान के बिछड़े तैयार हो गये हैं, वहां रोपाई भी शुरु हो गयी है. कृषि कार्यों में जुटे किसान कई जगह धान के बिछड़े हुए खराब पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण कई खेतों में तैयार किये गये धान के बिछड़े भी खराब हो गये है. अब किसान फिर से खेतों में धान के बीज डाल कर बिछड़े तैयार करने में जुट गये है. किसान बाजार से ऊंचे दाम पर बीज खरीदने को मजबूर हैं. राजनगर प्रखंड में वर्षा मापी यंत्र खराब राजनगर प्रखंड में बीते एक साल से अधिक समय से वर्षा मापी यंत्र खराब पड़ा हुआ है. इस कारण राजनगर प्रखंड में हो रही वर्षापात के सही आंकड़ों का पता नहीं चल पा रहा है. पिछले वर्ष फरवरी माह में ही राजनगर के तत्कालिन बीडीओ ने वर्षामापी यंत्र के क्षतिग्रस्त होने की सूचना विभाग को दे दी थी. परंतु अब तक न तो इसकी मरम्मत करायी गयी और न ही नया वर्षामापी यंत्र लगाया गया. पिछले 15 सालों का आंकड़ा वर्ष बारिश का आंकड़ा 2024 40.6 मिमी 2023 71.8 मिमी 2022 128.4 मिमी 2021 205.5 मिमी 2020 188.5 मिमी 2019 114.8 मिमी 2018 114 मिमी 2017 122.7 मिमी 2016 80.2 मिमी 2015 116.9 मिमी 2014 174 मिमी 2013 147.1 मिमी 2012 131.4 मिमी 2011 347.3 मिमी 2010 66.7 मिमी सरायकेला-खरसावां जिले में पिछले 15 सालों बारिश का आंकड़ा The post खुशी से खिल उठे किसान, सरायकेला-खरसावां में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश, देखिए पिछले 15 सालों का आंकड़ा appeared first on Naya Vichar.

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Facebook पेज मोनेटाइज कराने का क्या है तरीका? क्या सिर्फ 1000 फॉलोवर्स से भी हो सकती है कमाई?

आज के समय में Facebook सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए नहीं रह गया बल्कि अब ये लोगों की कमाई का एक अच्छा-खासा सोर्स बन गया है. कई कंटेंट क्रिएटर्स Facebook से हर महीने हजारों से लाखों रुपये कमा रहे हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल होता है कि आखिर Facebook से पैसे कमाने के लिए व्यूज कितने होने चाहिए और चैनल कैसे मोनेटाइज किया जा सकता है? क्या सिर्फ 1000 फॉलोवर्स होने से भी पैसे मिलेंगे? अगर आप भी इन्हीं सवालों से घिरे हुए हैं, तो आज हम आपको विस्तार से इसके बारे में बताएंगे. एक छोटी सी चेन कैसे रोक देती है पूरी ट्रेन? जानिए पीछे की टेक्नोलॉजी UPI इस दिन होगा ठप! जेब में रख लें पैसे, वरना होटल में धोने पड़ सकते हैं बर्तन कैसे मोनेटाइज होता है Facebook सबसे पहले जानते हैं कि आखिर फेसबुक पर पेज कैसे मोनेटाइज होता है. बता दें कि, Meta for Creators प्रोग्राम के तहत Facebook का मोनेटाइजेशन सिस्टम चलता है. यह उन्हीं कंटेंट क्रिएटर्स को टारगेट करता है, जो ऑडियंस को रेगुलर टाइम टू टाइम कंटेंट देते हैं. वहीं, चैनल मोनेटाइज करने के लिए Facebook अपने यूजर्स को कई तरह के टूल्स भी ऑफर करता है. जैसे कि- Fan Subscriptions: सब्सक्राइबर्स से कमाई. यानी कि क्रिएटर्स अपने कंटेंट के लिए सब्सक्राइबर्स/फॉलोवर्स को मंथली सब्सक्रिप्शन की सुविधा दे सकते हैं. in-stream ads: वीडियो के बीच आने वाले विज्ञापन (AD) Branded Content: किसी भी ब्रांड के साथ collab कर उसे प्रोमोट करना. Facebook Reels Bonuses: Facebook का ये टूल क्रिएटर्स को उनके रील्स के परफॉर्मेंस के आधार पर पैसे देता है. कैसे कर सकते हैं कमाई अगर आप वीडियो बनाते हैं और Facebook पर टाइम टू टाइम वीडियो बना कर पोस्ट करते हैं, तो in-stream ads से आप पैसे कमाना शुरू कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए आपके फेसबुक पेज पर कम से कम 10,000 फॉलोवर्स होने ही चाहिए. इसके अलावा 60 दिन यानी 2 महीनों में 60,000 मिनट की आपकी वीडियो वॉच टाइम होनी चाहिए. साथ ही फेसबुक की कम्युनिटी गाइडलाइंस और मोनेटाइजेशन पॉलिसी के अनुसार आपका वीडियो होना चाहिए. 1000 फॉलोवर्स पर मिलेगा पैसा? अब आते हैं 1000 फॉलोवर्स वाले सवाल पर कि 1000 फॉलोवर्स पर फेसबुक आपको पैसे देगा या नहीं. आपको बता दें कि इसका जवाब है नहीं. जी हां, Facebook आपको सिर्फ 1000 फॉलोवर्स पर पैसे नहीं देगा. लेकिन अगर आपके वीडियो पर व्यूज आ रहे हैं और उसकी रीच भी अच्छी है तो आप किसी ब्रांड के साथ स्पॉन्सरशिप के जरिए मोती कमाई कर सकते हैं. लेकिन Meta Official Monetization Policy के अनुसार, जब आपका फॉलोअर्स और वीडियो वॉच टाइम ज्यादा होगा तब ही आप in-stream ads और bonus जैसी सुविधाओं का फायदा उठा सकेंगे. कैसे कर सकते हैं आप कमाई? अगर आपको Facebook के जरिए पैसे कमाना है, तो आप Facebook Reels ट्राई कर सकते हैं. Meta ने हाल ही में Reels Bonus Program शुरू किया है. जिसमें चुनिंदा क्रिएटर्स को उनके रील्स की परफॉर्मेंस के आधार पर हर महीने बोनस दिया जाता है. इसके अलावा आप Fan Subscriptions टूल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. यानी कि आप अपने कंटेंट के लिए अपने सब्सक्राइबर्स को मंथली सब्सक्रिप्शन की सुविधा दे सकते हैं. कुल मिलकर देखा जाए तो पैसे कमाने के लिए Facebook पर सिर्फ ज्यादा फॉलोअर्स होना काफी नहीं है. जरूरी है कि आप अपने पेज पर रेगुलर कंटेंट डालें, फेसबुक की पॉलिसी के अनुसार काम करें. PAN Card बनवाने के लिए अब यह डॉक्यूमेंट हुआ जरूरी, जानें घर बैठे कैसे करें अप्लाई Apna Ghar: नेशनल हाईवे पर मिलेगा फ्री AC रूम, बस करना होगा यह छोटा काम, जान लें बुकिंग प्रोसेस The post Facebook पेज मोनेटाइज कराने का क्या है तरीका? क्या सिर्फ 1000 फॉलोवर्स से भी हो सकती है कमाई? appeared first on Naya Vichar.

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How Many BTech Seats: IIT BHU में कितने मार्क्स पर एडमिशन, देखें बीटेक कंप्यूटर साइंस में कितनी सीटें

How Many BTech Seats: इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के लिए JoSAA Counselling 2025 की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. तीसरे राउंड की मेरिट लिस्ट भी जारी हो चुकी है. अगर आप आईआईटी बीएचयू जैसे टॉप इंस्टीट्यूट में दाखिला लेना चाहते हैं तो आपके लिए जरूरी है कि यहां की सीटों और कटऑफ के बारे में सही जानकारी हो. यहां हम विस्तार से बता रहे हैं कि IIT BHU में बीटेक की कितनी सीटें हैं और किस ब्रांच में कितने एडमिशन होते हैं. IIT BHU How Many BTech Seats: IIT BHU में कुल सीटें कितनी हैं IIT BHU (वाराणसी) देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज की लिस्ट में गिना जाता है. यहां बीटेक कोर्स के लिए कुल 1589 सीटें उपलब्ध हैं. इन सीटों पर हर साल देशभर के हजारों स्टूडेंट्स एडमिशन के लिए आवेदन करते हैं. सीटों का आवंटन JoSAA काउंसलिंग के माध्यम से होता है जो JEE Advanced के परिणाम के आधार पर किया जाता है. Which Branch Have Highest Seat: सबसे ज्यादा सीटें किस ब्रांच में? अगर बात की जाए सबसे ज्यादा सीटों की तो IIT BHU में मैकेनिकल इंजीनियरिंग ब्रांच में सबसे अधिक 152 सीटें हैं. इसके अलावा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग जैसी लोकप्रिय ब्रांचों में भी बड़ी संख्या में सीटें उपलब्ध हैं. लेकिन केमिकल इंजीनियरिंग में सबसे ज्यादा छात्रों को दाखिला मिलता है क्योंकि इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है. IIT BHU Admission 2025 Notification यहां डायरेक्ट लिंक से चेक करें. JoSAA काउंसलिंग की प्रक्रिया JoSAA काउंसलिंग 2025 में छात्रों को उनके रैंक और पसंदीदा कॉलेज के अनुसार सीट आवंटित की जा रही हैं. पहले और दूसरे राउंड के बाद तीसरे राउंड की मेरिट लिस्ट भी जारी हो चुकी है. छात्रों को मेरिट लिस्ट के आधार पर कॉलेज और ब्रांच चुननी होती है और फिर डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के बाद एडमिशन कन्फर्म किया जाता है. अगर कोई छात्र अलॉटेड सीट से संतुष्ट नहीं है तो वह अगले राउंड में अपग्रेड का विकल्प भी चुन सकता है. IIT BHU की ब्रांचवार सीट डिटेल्स IIT BHU में उपलब्ध कुछ प्रमुख ब्रांचों की सीटों की जानकारी इस प्रकार है. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में लगभग 124 सीटें हैं. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में करीब 135 सीटें हैं. केमिकल इंजीनियरिंग में 135 सीटें मिलती हैं. सिविल इंजीनियरिंग में करीब 130 सीटें हैं. इसी तरह मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग, फार्मास्युटिकल इंजीनियरिंग सहित अन्य कोर्सेज में भी अलग-अलग सीटों का निर्धारण किया गया है. कुल मिलाकर 1589 सीटों पर छात्रों को मौका मिलता है. कटऑफ को लेकर क्या रखें ध्यान IIT BHU में दाखिला लेने के लिए कटऑफ भी एक बड़ा फैक्टर है. हर ब्रांच की अलग-अलग कटऑफ होती है जो छात्रों की रैंक, सीटों की संख्या और पिछले वर्षों की ट्रेंड पर निर्भर करती है. आमतौर पर कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रिकल जैसी ब्रांचों में कटऑफ काफी हाई रहती है. वहीं कुछ ब्रांचों में कम रैंक पर भी सीट मिल सकती है. इसलिए छात्रों को पिछले सालों की कटऑफ जरूर देखनी चाहिए ताकि उन्हें एक अंदाजा हो सके कि किस रैंक पर कौन सी ब्रांच मिलने की संभावना है. ये भी पढ़ें: इतने मार्क्स पर IIT Delhi में तुरंत मिल जाएगा एडमिशन, देखें बीटेक कंप्यूटर साइंस की कितनी सीटें एडमिशन की तैयारी कैसे करें IIT BHU जैसे टॉप इंस्टीट्यूट में बीटेक करना चाहते हैं तो डॉक्यूमेंट्स का ध्यान रखना जरूरी है. जैसे 12वीं की मार्कशीट, कैटेगरी सर्टिफिकेट, जेंडर सर्टिफिकेट और फोटो पहचान पत्र पहले से तैयार रखें. काउंसलिंग के दौरान किसी भी तरह की गलती से बचने के लिए सभी निर्देश ध्यान से पढ़ें और सही समय पर सीट कन्फर्म करें. JoSAA पोर्टल पर दी गई टाइमलाइन का पालन करना बहुत जरूरी है क्योंकि किसी भी स्टेप में देरी होने पर आपका एडमिशन खतरे में पड़ सकता है. ये भी पढ़ें: JEE में हार नहीं मानी, ड्रॉप ईयर में प्लानिंग बदली, और बन गए IITian! The post How Many BTech Seats: IIT BHU में कितने मार्क्स पर एडमिशन, देखें बीटेक कंप्यूटर साइंस में कितनी सीटें appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Elections 2025: अभिनेता से नेता बने लोग बनना चाहते हैं मुख्यमंत्री, हम का चिराग पर निशाना 

Bihar Elections 2025, मृणाल कुमार: बिहार विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही एनडीए गठबंधन के भीतर जुबानी लड़ाई तेज होती जा रही है. गया में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता इंजीनियर नंदलाल मांझी ने केंद्रीय मंत्री औक लोक जन शक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान पर बिना नाम लिए जोरदार निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अभिनेता से नेता बने लोग बिहार के मुख्यमंत्री बनने की हड़बड़ी में है, जबकि एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगी.   जमुई सांसद के पोस्ट ने मचाया बवाल दरअसल बीते दिनों में जमुई के भाजपा सांसद अरुण हिंदुस्तानी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि चिराग पासवान को विधानसभा में बहुमत साबित करने से पहले इस्तीफा देने का अनुभव नहीं है. उन्होंने इस बयान से हम के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पर निशाना साधा था, जिन्होंने 2015 में बिना बहुमत साबित किये ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. नंदलाल मांझी हम के नेता भड़के इस बयान के बाद हम पार्टी के नेता भड़क गए. नंदलाल मांझी ने पलटवार करते हुए कहा कि मांझी पर सवाल उठाने से पहले लोगो को यह समझना चाहिए कि मांझी जितने साल विधानसभा में रहे हैं, उतनी तो कुछ नेताओं की उम्र नहीं है. उन्होंने 13 मुख्यमंत्रियों के साथ काम किया है और अपने संघर्ष के दम  पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री बने हैं न कि किसी की कृपा से. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें जीतन होने के लिए जिगरा चाहिए  उन्होंने कहा कि जीतनराम मांझी होना आसान नहीं है इसके लिए ‘जिगरा’ चाहिए. मांझी आज भी दलित, वंचित और गरीबों के लिए आवाज उठाने वाले नेता हैं. हम पार्टी ने एनडीए के साथ रहते हुए हमेशा सामाजिक न्याय की बात की है और आगे भी हमेशा करते रहेंगे. नंदलाल ने कहा की मांझी पर सवाल उठाने वालों को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए.   इसे भी पढ़ें: Bihar Chunav: ‘वोटर लिस्ट से नाम हटाने आ रहे बीएलओ, गांवों में घुसने नहीं देंगे’, बिहार के निर्दलीय सांसद का ऐलान  The post Bihar Elections 2025: अभिनेता से नेता बने लोग बनना चाहते हैं मुख्यमंत्री, हम का चिराग पर निशाना  appeared first on Naya Vichar.

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लोजपा की नव संकल्प महासभा को सफल बनायेंगे कार्यकर्ता : डॉ शशि प्रकाश

गोपालगंज. बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट के साथ विधानसभा चुनाव में लोजपा रा मैदान में उतरेगी. लोजपा रामविलास के प्रदेश प्रवक्ता डॉ शशि प्रकाश ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि छह जुलाई को राजेंद्र स्टेडियम छपरा में होने वाली नवसंकल्प महासभा को सफल बनाने के लिए जिले के सभी कार्यकर्ता शामिल होंगे. वहीं जिला उपाध्यक्ष सह भोरे विधानसभा क्षेत्र प्रभारी अंशु कुमार मिश्र ने आश्वस्त किया कि भोरे से सौ बड़ी गाड़ी और हजारों कार्यकर्ता जायेंगे. वहीं युवा जिलाध्यक्ष डिंपल तिवारी ने कहा कि जिले की तरफ से हजारों कार्यकर्ता संकल्प महासभा में उपस्थित रहेंगे. मुख्य रूप से बरौली विधानसभा क्षेत्र प्रभारी ऋषि रंजन, कुचायकोट से मणिंद्र ओझा, अमित दुबे, सहित सभी प्रखंड अध्यक्ष एवं जिला पदाधिकारी मौजूद रहे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post लोजपा की नव संकल्प महासभा को सफल बनायेंगे कार्यकर्ता : डॉ शशि प्रकाश appeared first on Naya Vichar.

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धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य सायन कुणाल ने सूर्य मंदिर में की पूजा

देव. धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य सायन कुणाल सूर्य नगरी देव पहुंचे एवं मंदिर में पूजा अर्चना की. पुजारी राजेश पाठक ने विधि विधान से पूजा कराया. सूर्य मंदिर न्याय समिति के सचिव विश्वजीत राय, सदस्य योगेंद्र सिंह ने अंगवस्त्र व देव सूर्य मंदिर का प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया. न्यास समिति के सदस्यों ने देव के पाताल गंगा में बनने वाली मेडिकल कॉलेज पर चर्चा की. वहीं, स्थानीय लोगों से मुलाकात की. सायन कुणाल ने पूजा के दौरान मंदिर की ख्याति की सराहना की और कहा कि क्षेत्र के विकास को लेकर सकारात्मक पहल हो रही है. यह सूर्य मंदिर पौराणिक है. देव के पातालगंगा में मेडिकल कॉलेज निर्माण की विशेष जानकारी नहीं है, पर वहां जाकर अध्यक्ष से बात की जायेगी. उन्होंने आश्वस्त किया कि देव के पातालगंगा में ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण होगा. न्यास बोर्ड के तहत किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं होगा. देव के विकास के लिए हर संभव प्रयास व पहल करेंगे. इस दौरान नगर उपाध्यक्ष गोलू गुप्ता आदि लोग मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य सायन कुणाल ने सूर्य मंदिर में की पूजा appeared first on Naya Vichar.

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हरियाली से ही होगी खुशहाली : डॉ शंभू

विवेकानंद स्कूल में वन महोत्सव आयोजित औरंगाबाद कार्यालय. गुरुवार को विवेकानंद वीआइपी स्कूल में वन महोत्सव के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया. सुबह की प्रार्थना सभा में निदेशक डॉ शंभू शरण सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए पौधों का महत्व बताया और कहा कि वन महोत्सव हिंदुस्तान में हर साल जुलाई के पहले सप्ताह में मनाया जाता है. यह पेड़ लगाने को समर्पित पर्व है. पारिस्थितिक सद्भाव को बनाये रखने और पारिस्थितिक अखंडता सुनिश्चित करने में पेड़ों तथा जंगलों के महत्व को उजागर करने के लिए यह समर्पित है. वन महोत्सव सप्ताह के दौरान जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए वनों और पेड़ों की कीमत के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित इस महोत्सव का ध्येय पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने की है, जिसमें मिट्टी के कटाव को कम कर उसकी क्षमता बढ़ाने, स्वच्छ हवा, पानी व जैव विविधता का समर्थन करना शामिल है. उन्होंने औरंगाबाद वन विभाग के प्रति भी आभार जताया की पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उठाये गये ठोस कदम में विवेकानंद वीआइपी स्कूल को भी शामिल किया है. जिला वन पदाधिकारी रुचि सिंह व क्षेत्रीय वन पदाधिकारी मनोज मिश्रा ने आम, अमरूद, सागवान, महोगनी सहित विविध प्रकार के पौधे विद्यालय को उपलब्ध कराये हैं, जिसे विद्यालय परिवार के सहयोग से विविध स्थानों पर रोपण कर वहां के लोगों द्वारा इसे संरक्षित करने का प्रावधान किया जायेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post हरियाली से ही होगी खुशहाली : डॉ शंभू appeared first on Naya Vichar.

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नेशनल सीनियर सिटीजन एसोसिएशन ने प्रखंड मुख्यालय पर दिया धरना

आयुष्मान योजना की उम्र सीमा 60 साल करने और रेल किराये में छूट की मांग प्रतिनिधि, चेनारी वरिष्ठ नागरिकों की लंबित मांगों को लेकर नेशनल सीनियर सिटीजन एसोसिएशन ने प्रखंड मुख्यालय पर धरना दिया. जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया. इस दौरान वृद्धापेंशन बढ़ाकर 1100 किये जाने पर प्रशासन का आभार जताने के बाद में धरना विजयसभा में तबदील हो गयी. संघ के राष्ट्रीय महासचिव रामायण पांडेय एलौन ने कहा कि लबे संघर्ष के बाद यह सफलता मिली. केंद्र प्रशासन वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में मिलने वाली छूट को पुनः बहाल करने पर टाल-मटौल कर रही है. वहीं किराये में वृद्धि भी कर दिया गया है. जब वरिष्ठ नागरिकों की उम्र 60 साल निर्धारित है, तो आयुष्मान हिंदुस्तान स्वास्थ्य योजना में सिर्फ 70 साल पार वालों को ही शामिल कर उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है, जो कि गलत है. सीनियर सिटीजन एक्ट के मामले लंबित होने से त्वरित न्याय नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि वृद्धापेंशन बढ़वाने के बाद रेल किराया छूट की पुनः बहाली व आयुष्मान योजना की उम्र सीमा 60 साल कराना मुख्य एजेंडा है. इसके लिए हम केंद्र प्रशासन के समक्ष आंदोलन को तेज करेंगे. मुखिया अशोक भारद्वाज ने बुजुर्गों के लिए हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया. धरना के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रियंका कुमारी और अंचलाधिकारी पूजा शर्मा को नौ सूत्री मांगपत्र सौपा गया. वहीं संघ सदस्य शंभूलाल व गरजन सिह के निधन पर शोक व्यक्त कर श्रद्धाजलि दी गई. मौके पर यमुना शुक्ला, नगीना सिंह उर्फ नागेश्वर सिह, बबन सिह, सच्चितानंद सिंह, रामाशंकर पांडेय, बिहारीलाल पाल, संतन सिह, सूर्यनाथ सिंह, शिवमूरत सिंह, कुशुम देवी, देवी बसतीं त्रिपाठी, बद्रीनारायण सिंह, शिवपूजन शर्मा,विमल पांडेय, द्वारिका चौबे, गोविंद पांडेय, डॉ.नारायण पांडेय, दिवाकर तिवारी, राजाराम बिन्द, जयराम चौबे, अयोध्या प्रजापति, दयानंद दुबे, टेंगर पासवान, मुखदेव तिवारी , इमरान खान, राही शाहाबादी, रामएकबाल चौबे, विनोद सिह, कन्हैया मिश्रा आदि उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नेशनल सीनियर सिटीजन एसोसिएशन ने प्रखंड मुख्यालय पर दिया धरना appeared first on Naya Vichar.

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अस्पताल में प्रसूति महिलाओं को मिल रहा जच्चा-बच्चा किट

प्रतिनिधि, राजपुर प्रसव के लिए अस्पताल आने वाली माताओं को जच्चा बच्चा किट मिल रहा है. किट में प्रसूति को सपूर्ण एनर्जी प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रदान किये गये हैं. इसकी जानकारी देते हुए बीसीएम विकास कुमार ने बताया कि प्रसव बाद स्त्रीओं को काफी कमजोरी का सामना करना होता है. कमजोरी की भरपाई के लिए प्रशासन की तरफ से जच्चा बच्चा किट प्रदान दिया जा रहा हैं.किट में दो सौ एमएल सुधा का घी, 350 ग्राम नमकीन दलिया प्रिमिक्स, खिचड़ी प्रिमिक्स, खीर प्रिमिक्स के पैकेट व तीन नग बेसन बर्फी, दो नग प्रोटीन बार प्रदान किये गये हैं. प्रसूति आशाओं को जच्चा बच्चा किट वितरण के दौरान गुरुवार को डॉ राकेश कुमार, डॉ मोबीन आलम, एकाउंटेंट बिनोद द्विवेदी,नवीन कुमार गौतम, मनोकज कुमार, धीरज कुमार, एएनएम पूनम कुमारी आदि मौजूद रहे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post अस्पताल में प्रसूति स्त्रीओं को मिल रहा जच्चा-बच्चा किट appeared first on Naya Vichar.

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मौसम में बदलाव से बीमार पड़ रहे लोग, रहें सतर्क

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेनारी में रोजाना पहुंच रहे 100-120 मरीज डायरिया, सर्दी, खांसी, बुखार, सिर, बदन दर्द, चर्म रोग की हो रही समस्या प्रतिनिधि, चेनारी मौसम में लगातार हो रहे है बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है. कभी बारिश और कभी तीखी धूप से समन्वय नहीं बना पाने के कारण आमजन मौसमजनित बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं. डायरिया, सर्दी, खांसी, बुखार, सिर, बदन दर्द, चर्म रोग के रोजाना 100-120 मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेनारी (अस्पताल) में इलाज कराने आ रहे हैं. इनमें से डायरिया, मलेरिया, बुखार के गंभीर रोगियों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. जबकि सामान्य मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर दवाएं और सलाह देकर घर भेज दिया जा रहा है. दरअसल प्रखंड क्षेत्र में सोमवार से लगातार बारिश हो रही है, इसके कुछ देर बाद धूप निकल रही है. जिसका लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है. गुरुवार को भी झमाझम बारिश के बाद हल्की धूप निकली. अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 28 डिग्री था. हालांकि अगले एक दिन बाद बादल रहने के भी संकेत मिल रहे हैं. चार- पांच जुलाई को बारिश होने की भी आशंका है. दूसरी ओर बारिश से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे संक्रमित रोगों के होने पर डर भी लोगों में बना हुआ है. बरसात में स्वच्छता पर ध्यान देना जरूरी सीएचसी अस्पताल डॉ. कृष्णा कुमार बताते हैं कि बरसात में वर्षा का पानी, धूप व गंदगी से बचने की जरूरत है. स्वच्छता पर ध्यान दें और जमा पानी में किरासन तेल डालें. बरसात में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है. ऐसे में कारण खान-पान व रहन-सहन पर ध्यान देना जरूरी है. इस मौसम में हल्का व शीघ्र पचने वाला आहार लेना चाहिए. गरिष्ठ भोजन व तले हुए चटपटे स्वाद वाले खाद्य पदार्थ से बचना चाहिए. खुल में बिक रही खाद्य सामग्री को खाने से परहेज करें. मलेरिया के लक्षण और बचाव के उपाय बरसात में मच्छरों के काटने से मलेरिया बुखार होता है. तेज बुखार, ठंड लगना और शरीर में दर्द इसके लक्षण हैं. इससे बचाव के लिए मच्छरदानी के नीचे सोएं. शरीर को ढंकने के लिए लंबी पैंट और लंबी आस्तीन वाले कपड़े पहनें. आसपास उचित जल निकासी सुनिश्चित करें. टाइफाइड की रोकथाम के उपाय टाइफाइड एक जीवाणु संक्रमण है, जो दूषित भोजन और पानी से फैलता है. बुखार, कमजोरी, पेट दर्द, सिरदर्द और भूख न लगना इसके लक्षण हैं. उबालकर या आरओ का पानी पियें. हाथों कों साबुन से धोते रहें. खुले में बिकनेवाले खाद्य पदार्थ न खायें. ताजा और पूरी तरह पका हुआ भोजन करें. डायरिया से ऐसे करें बचाव डायरिया गंभीर दस्त रोग है, जो विब्रियो कोलेरा बैक्टीरिया से दूषित भोजन या पानी के सेवन से होता है. इससे पानी जैसा दस्त और निर्जलीकरण होता है. स्वच्छ पानी पीएं. हाथों को नियमित साबुन और पानी से धोएं. पका हुआ भोजन खाएं और कच्चा या अधपका भोजन खाने से बचें. वायरल बुखार बरसात में वायरल बुखार आम है. बुखार, शरीर में दर्द, जोड़ों में दर्द, थकान, कमजोरी इसके लक्षण हैं. व्यक्तिगत स्वच्छता बनाये रखें. संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क से बचें.संतुलित आहार और पर्याप्त आराम जरूरी है. मौसम में बदलाव होने पर 100-120 मौसमजनित रोग के मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर दवाएं और सलाह दी जा रही है. गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. दवाएं पर्याप्त हैं. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अविनाश सिंहB डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मौसम में बदलाव से बीमार पड़ रहे लोग, रहें सतर्क appeared first on Naya Vichar.

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