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July 3, 2025

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बिहार के नाम दर्ज हुई एक और उपलब्धि, इस खोज के लिए सबौर कृषि विश्वविद्यालय को मिला पेटेंट

बिहार के नाम पर एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है. दरअसल केंद्र प्रशासन ने भागलपुर के सबौर में स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय को मखाना में एक नवीन जैव-सक्रिय यौगिक की पहचान करने के लिए पेटेंट दिया है. माना जा रहा है कि यह खोज कृषि नवाचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है.  इन लोगों ने की खोज  जानकारी के अनुसार, यह शोध कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ. यह सफलता अनुसंधान निदेशक डॉ. ए.के. सिंह के मार्गदर्शन में विकसित मजबूत अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र के कारण संभव हो पाई. इस शोध कार्य का नेतृत्व पादप जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. वी. शाजिदा बानो, मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रीतम गांगुली और उद्यान विभाग के डॉ. अनिल कुमार ने किया.  सबौर की एनएबीएल प्रमाणित प्रयोगशाला में की गई खोज  यह शोध कार्य बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की एनएबीएल प्रमाणित प्रयोगशाला में किया गया.  विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह यौगिक एंटीमाइक्रोबियल और कैंसर रोधी गतिविधियों के लिए संभावित रूप से उपयोगी है. इसकी क्रिया विधि में हाइड्रोजन और हैलोजन बॉन्ड बनाना शामिल है, जो विभिन्न जैव-रासायनिक मार्गों को प्रभावित कर सकता है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें किसको मिलेगा पेटेंट का लाभ  इस पेटेंट से जुड़े अनुसंधान का लाभ बिहार के उन किसानों को विशेष रूप से मिलेगा जो मिथिलांचल और सीमांचल क्षेत्रों में मखाना की खेती करते हैं. इससे मखाना की व्यावसायिक कीमत में वृद्धि होगी और इसके कच्चे और प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए प्रीमियम बाजार बनेंगे तथा एग्रीप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप्स को पोषण-आधारित उत्पादों के क्षेत्र में प्रोत्साहन मिलेगा. बता दें कि बिहार के मखाना को पहले ही जीआई-टैग मिला हुआ है. इसे भी पढ़ें: अररिया में शादी के दिन दूल्हा फरार, मायूस दुल्हन ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार The post बिहार के नाम दर्ज हुई एक और उपलब्धि, इस खोज के लिए सबौर कृषि विश्वविद्यालय को मिला पेटेंट appeared first on Naya Vichar.

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LOCAL SELF-GOVERNANCE: भारत के सांस्कृतिक ताने-बाने का हमेशा से अभिन्न अंग रहा है स्थानीय स्वशासन

LOCAL SELF-GOVERNANCE: मानेसर (गुरुग्राम) में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन गुरुवार को शुरू हुआ, जिसमें शहरी स्थानीय निकायों से जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए नियमित बैठकें करने , सुदृढ़ समिति प्रणालियां विकसित करने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं को अपनाने का आह्वान किया गया.  3-4 जुलाई, 2025 को गुरुग्राम में इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी), आईएमटी मानेसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन पूरे हिंदुस्तान के शहरों में भागीदारी पूर्ण शासन संरचनाओं के माध्यम से संवैधानिक लोकतंत्र को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण में शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका पर चर्चा करने की ऐतिहासिक पहल है. शहरी स्थानीय निकायों के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने  शहरी स्थानीय निकायों में प्रश्न काल और शून्य काल जैसी सुस्थापित लोकतांत्रिक प्रथाओं को शामिल करने के महत्व पर जोर देते हुए प्रतिनिधियों को बताया कि संसद में ऐसे प्रावधानों ने कार्यपालिका को जवाबदेह बनाए रखने और जनता के सरोकारों को व्यवस्थित रूप से मुखरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इस बात का उल्लेख करते हुए कि नगरपालिका की कम अवधि की, अनियमित या तदर्थ बैठकें स्थानीय शासन को कमजोर करती हैं. उन्होंने  नियमित, संरचित सत्रों, स्थायी समितियों के गठन और व्यापक जन परामर्श का समर्थन करते हुए कहा कि संसद की तरह, शहरी स्थानीय निकायों को भी व्यवधानों से बचना चाहिए तथा रचनात्मक और समावेशी चर्चाएं करनी चाहिए. शहरी क्षेत्रों में 600 मिलियन से अधिक लोगों के रहने का अनुमान  बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि 2030 तक 600 मिलियन से अधिक लोगों के शहरी क्षेत्रों में रहने का अनुमान है, इसलिए शहरी शासन का पैमाना और दायरा उसी के अनुसार विकसित किया जाना चाहिए. शहरी स्थानीय निकायों को सेवाएं पहुंचाने की पारंपरिक भूमिकाओं तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्व-शासन की सच्ची संस्थाओं के रूप में उभरते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान करना चाहिए. उन्होंने इस बात को दोहराया कि सम्मेलन का विषय-“संवैधानिक लोकतंत्र को सुदृढ़ करने और राष्ट्र निर्माण में शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका” समयोचित और दूरदर्शी है. उन्होंने प्रतिनिधियों से सम्मेलन को नीतिगत संवाद से आगे बढ़कर लोकतंत्र को सुदृढ़ करने और संस्थागत विकास के मंच के रूप में देखने का आग्रह किया.  शहरी स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि बुनियादी ढांचे के विकास, सीवेज और सफाई व्यवस्था, अपशिष्ट प्रबंधन, सड़क निर्माण और प्रदूषण नियंत्रण जैसे आवश्यक क्षेत्रों में काम करते हुए लोगों के दैनिक जीवन पर कितना महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं. ये केवल स्थानीय कार्य नहीं हैं, बल्कि प्रमुख दायित्व हैं जो शहरों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करते हैं.. इन कार्यों को पूरा करने में शहरी स्थानीय निकायों की प्रभावशीलता से न केवल जनता का विश्वास बढ़ता है बल्कि दीर्घकालिक, सतत शहरी विकास का आधार भी मजबूत होता है. उन्होंने कहा कि लोगों तक सीधे और मूर्त रूप से सेवाएं पहुंचाने के कारण स्थानीय निकायों के कार्य लोगों की स्मृति में अंकित रहते हैं. सभी नेतृत्वक दल सदन में व्यवधान कम करें संसद के मानसून सत्र से पहले, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को सभी नेतृत्वक दलों से निचले सदन की कार्यवाही में व्यवधान कम करने का आग्रह किया और कहा कि यह समय पुरानी प्रथाओं को बदलने का है. शहरी स्थानीय निकायों के राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि लोग उन नेतृत्वक दलों को सबक सिखाएंगे जो सदन की कार्यवाही में व्यवधान पैदा करते हैं. बिरला ने कहा कि 18वीं लोकसभा में सदन की कार्यवाही में व्यवधान कुछ कम हुआ है, जिसकी पहली बैठक पिछले साल जून में हुई थी. उन्होंने कहा, “परिवर्तन का समय आ गया है. अगर हमें लोकतंत्र को मजबूत करना है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को जवाबदेह बनाना है, तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सदन ठीक से काम करें.” सभी नेतृत्वक दलों को सदन की कार्यवाही में व्यवधान कम करने के प्रयास करने चाहिए. बिरला ने कहा कि प्रशासन आने वाले वर्षों में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में स्त्रीओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के कानून को लागू करेगी. “हमें शहरी स्थानीय निकायों में स्त्री नेताओं को प्रोत्साहित करना होगा क्योंकि यहीं से एक नई राष्ट्रीय नेतृत्व उभरेगा.”  उन्होंने उल्लेख किया कि देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल 1922 में राष्ट्रीय व्यक्तित्व बनने से पहले अहमदाबाद नगर निगम के अध्यक्ष थे. The post LOCAL SELF-GOVERNANCE: हिंदुस्तान के सांस्कृतिक ताने-बाने का हमेशा से अभिन्न अंग रहा है स्थानीय स्वशासन appeared first on Naya Vichar.

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मुजफ्फरपुर: रीढ़ की हड्डियों को नुकसान पहुंचा रही टीबी, डॉक्टर के पास पहुंच रहे मरीज

मुजफ्फरपुर. लंबे समय तक टीबी रहने से मरीजों की हड्डियां खोखली होने लगती है. जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है. अधिकतर मरीज को पता ही नहीं होता कि वह हड्डी की बीमारी से ग्रसित हैं. टीबी ठीक होने के बाद जब हड्डी की बीमारी से निजात नहीं मिलती तो वह हड्डी रोग विशेषज्ञ के यहां पहुंचते हैं. इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है जो बीमारी ठीक होने के बाद डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं. पूछने पर वह बताते हैं कि उन्हें पहले टीबी हुआ था.  फेफड़ों को प्रभावित करता है टीबी  डॉक्टरों की माने तो टीबी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करते हैं. लेकिन जब बैक्टीरिया सीधे हड्डियों में फैल जाता है तो यह हड्डियों के ऊतकों को नष्ट कर देता है और गंभीर क्षति पहुंचाता है, जिससे वे खोखली और कमजोर हो जाती हैं. रीढ़ की हड्डी में संक्रमण से दर्द और तंत्रिका संबंधी समस्याएं होने लगती है. पहले इस तरह की समस्या कम थी, लेकिन अब मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. गंभीर टीबी वाले मरीजों की हड्डियां प्रभावित हो जाती है. इसके लिये दवाओं के साथ हड्डियों को मजबूत रखने के लिये व्यायाम की आवश्यकता होती है.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें समय पर टीबी का इलाज जरूरी हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ कुमार गौतम ने कहा कि टीबी के मरीजों में हड्डियों का खोखला होना एक चिंताजनक स्थिति है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. ऐसे कई मामले आ रहे हैं, जिसमे लंबे समय तक टीबी से ग्रस्त मरीजों को हड्डियों में दर्द, फ्रैक्चर और चलने-फिरने में कठिनाई हो रही थी. इसका मुख्य कारण हड्डी का संक्रमित होना है. टीबी का समय पर और पूरा इलाज हड्डियों की इस जटिलता को रोकने के लिये जरूरी है. इसे भी पढ़ें: अररिया में शादी के दिन दूल्हा फरार, मायूस दुल्हन ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार The post मुजफ्फरपुर: रीढ़ की हड्डियों को नुकसान पहुंचा रही टीबी, डॉक्टर के पास पहुंच रहे मरीज appeared first on Naya Vichar.

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Shubman Gill Networth: कितने दौलतमंद हैं बर्मिंघम में इतिहास रचने वाले शुभमन गिल, कितनी मिलती है मैच फीस?

Shubman Gill Net worth: टीम इंडिया के धुरंधर बल्लेबाज शुभमन गिल ने बर्मिंघम टेस्ट में गुरुवार को दोहरा शतक जड़कर ऐतिहासिक पारी स्पोर्ट्सी है. उनकी इस रिकॉर्डतोड़ पारी के बाद लोग उनकी आमदनी, संपत्ति और मैच फीस के बारे में जानने के प्रति काफी उत्सुक दिखाई दे रहे हैं. उनकी आमदनी के बारे में बीसीसीआई (बीसीसीआई) अनुबंध, आईपीएल (आईपीएल) सैलरी, ब्रांड एंडोर्समेंट और मैच फीस से पता चलता है. आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. शुभमन गिल की कुल संपत्ति और आय के साधन टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुभमन गिल की कुल संपत्ति करीब 32 करोड़ रुपये से 35 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है. यह राशि उनकी क्रिकेट की मैच फीस, ब्रांड एंडोर्समेंट और निवेश से प्राप्त हुई है. बीसीसीआई अनुबंध: शुभमन गिल बीसीसीआई के ग्रेड A कॉन्ट्रैक्ट में शामिल हैं, जिसके तहत उन्हें सालाना 5 करोड़ रुपये की सैलरी मिलती है. उन्हें ग्रेड बी (3 करोड़ रुपये) या ग्रेड सी (1 करोड़ रुपये) की श्रेणी में रखा गया था, लेकिन 2024 में उनका कॉन्ट्रैक्ट अपग्रेड किया गया है. आईपीएल सैलरी: शुभमन गिल वर्तमान में गुजरात टाइटंस के कप्तान हैं और उन्हें प्रति सीजन 8 करोड़ रुपये मिलते हैं. 2018 से 2021 तक कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने उन्हें 1.8 करोड़ रुपये प्रति सीजन दिए थे, जिसके बाद 2022 से गुजरात टाइटंस ने उन्हें 8 करोड़ रुपये में खरीदा. ब्रांड एंडोर्समेंट: शुभमन गिल कई बड़े ब्रांड्स जैसे टाटा कैपिटल, सीएट, नाइक, जेबीएल, जिलेट, हिंदुस्तानपे और माई11 सर्किल के ब्रांड एंबेसडर हैं. इन विज्ञापनों से उनकी सालाना आय 2-3 करोड़ रुपये तक हो सकती है. निवेश और संपत्ति: शुभमन गिल के पास पंजाब के फिरोजपुर में एक आलीशान घर है, जिसकी अनुमानित कीमत 3.2 करोड़ रुपये है. उनके पास रेंज रोवर वेलार (लगभग 90 लाख रुपये), मर्सिडीज बेंज ई350 और 2021 में आनंद महिंद्रा की ओर से गिफ्ट के तौर पर दी गई महिंद्रा थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी हैं.। इसे भी पढ़ें: घाना में किस भाव बिकता है सोना? दाम जानकर पैर के नीचे खिसक जाएगी जमीन शुभमन गिल की मैच फीस शुभमन गिल को बीसीसीआई की ओर से प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए फीस दी जाती है. उन्हें टेस्ट मैच के लिए 15 लाख रुपये प्रति मैच दिए जाते हैं. इसके अलावा, एकदिवसीय मैच के लिए उन्हें 6 लाख रुपये प्रति मैच और टी20 इंटरनेशनल के लिए 3 लाख रुपये प्रति मैच दिए जाते हैं. ये राशियां बीसीसीआई के मानक अनुबंध के अनुसार हैं और सभी खिलाड़ियों के लिए एकसमान हैं. इसके अतिरिक्त, गिल को प्लेयर ऑफ द मैच या टूर्नामेंट जैसे पुरस्कारों से अतिरिक्त आय होती है. साल 2018 में अंडर-19 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के लिए उन्हें पुरस्कार दिया गया था. इसे भी पढ़ें: ITR Filing: इस बार आयकर रिफंड में हो सकती है देर, 75 लाख करदाताओं ने फाइल कर दिए रिटर्न The post Shubman Gill Networth: कितने दौलतमंद हैं बर्मिंघम में इतिहास रचने वाले शुभमन गिल, कितनी मिलती है मैच फीस? appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: शराबी और शराब तस्करों के लिए काल बनीं बिहार की महिलाएं, बड़ी संख्या में दर्ज करा रहीं शिकायतें

Bihar News: बिहार में 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को आम लोगों, खासकर स्त्रीओं का खूब सहयोग मिल रहा है. सीएम नीतीश कुमार ने इस कानून को स्त्रीओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और घरेलू हिंसा को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू करवाया था. समय गुजरने के साथ-साथ स्त्रीएं खुद इस अभियान की अगुवा बन चुकी हैं और अवैध शराब के खिलाफ खुलकर सामने आ रही हैं. स्त्रीएं कर रही प्रशासन की मदद मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर 15545 और 18003456268 पर प्रतिदिन 200 से 300 शिकायत कॉल आ रहे हैं. इनमें बड़ी संख्या में स्त्रीएं अपने पति, बेटे, भाई या अन्य परिजनों द्वारा शराब सेवन या तस्करी की शिकायतें दर्ज करवा रही हैं. विभागीय आंकड़ों के अनुसार 2025 के पहले छह महीनों में ही 1211 स्त्रीओं ने शराब से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं. जनवरी में सबसे अधिक 270 कॉल दर्ज किए गए और जून में 189 शिकायतें सामने आईं. इसे भी पढ़ें:  बिहार में अगले 96 घंटे तक फ्लैश फ्लड का खतरा, IMD ने भारी बारिश और आंधी-तूफान का जारी किया अलर्ट इस साल किस महीने में कितने कॉल दर्ज किये गए यह ट्रेंड पिछले कुछ वर्षों से लगातार बनी हुई है. 2022 से 2025 के बीच इन टोल-फ्री नंबरों पर 396305 शिकायतें दर्ज की गई हैं. 2022 में औसतन प्रतिदिन 331, 2023 में 337, 2024 में 308 और 2025 के पहले पांच महीनों में प्रतिदिन औसतन 200-300 कॉल प्राप्त हुए. इस साल जनवरी में 310, फरवरी में 319, मार्च में 279, अप्रैल में 200 और मई में लगभग 215 कॉल प्रतिदिन दर्ज किए गए. स्त्रीओं की इस जागरूक भागीदारी से शराबबंदी को जमीन पर लागू कराने में काफी सफलता मिल रही है. विभाग द्वारा जारी टोल-फ्री नंबरों को खूब प्रचारित किया गया है. बिजली के खंभों पर भी ये नंबर लिखवाए गए हैं ताकि अधिक से अधिक लोग इसकी जानकारी पा सकें. विभाग की ओर से गुप्त सूचनाओं के आधार पर निरंतर छापेमारी की जा रही है. पिछले तीन वर्षों में कुल 20000 से अधिक छापेमारी की गई हैं, जिनमें 14000 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई है. वर्ष 2025 में अब तक औसतन दो गिरफ्तारियां प्रतिदिन हो रही हैं. बिहार चुनाव की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें The post Bihar News: शराबी और शराब तस्करों के लिए काल बनीं बिहार की स्त्रीएं, बड़ी संख्या में दर्ज करा रहीं शिकायतें appeared first on Naya Vichar.

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चिराग पासवान ने INDIA गठबंधन के नताओं को बताया ‘तथाकथित नेता’, बोले- जीतन राम मांझी पिता समान 

Chirag Paswan on Jitan Ram Manjhi: बिहार के हाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद, लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलस (LJP-R) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और खाद्य प्रसंस्कृत उद्योग मंत्री (Minister of Food Processing Industries) चिराग पासवान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मिलने के लिए पटना राजभवन पहुंचे. उन्होंने INDIA गठबंधन, अरविंद केजरीवाल और जीतन राम मांझी को लेकर बड़े बयान दिए. मंत्री चिराग पासवान ने राज्यपाल से मुलाकात के करण भी बताए.  चिराग पासवान ने क्या कहा ?    इंडिया ब्लॉक पर केंद्रीय मंत्री और लोजपा-रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, “इंडिया गठबंधन के तथाकथित नेता नवंबर के लिए बहाने ढूंढ रहे हैं. जिस तरह से NDA आगे बढ़ रहा है और जीत का गठबंधन है, उससे इंडिया गठबंधन को पता है कि उनकी जीत संभव नहीं है. RJD को पता होना चाहिए कि अगर हम अपने मूल स्वरूप में होते, तो वे न्यूनतम अंक भी पार नहीं कर पाते.” केजरीवाल पर साधा निशाना  AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बयान पर चिराग पासवान ने कहा, “बिहार को उन्हें जानने में समय लगेगा. दिल्ली में बिहार की एक बड़ी आबादी ने उन्हें नकार दिया. वे बिहार आ सकते हैं लेकिन उन्हें यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि राज्य ऐसे व्यक्ति का समर्थन करेगा, जिसने नेतृत्वक मंच का इस्तेमाल केवल अपनी निजी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किया.” #WATCH | Patna | On INDIA bloc, Union Minister and LJP- Ramvilas National President, Chirag Paswan says, “The so-called leaders of INDI alliance are finding excuses for November. The way NDA is moving ahead and is a winning combination, INDI alliance knows their victory is not… pic.twitter.com/rKH8S287BV — ANI (@ANI) July 3, 2025 जीतन राम मांझी पिता समान: चिराग पासवान  चिराग पासवान ने कहा, “जीतन राम मांझी मेरे लिए पिता समान हैं. भले ही वे कुछ कठोर शब्द कहें, मैं उन्हें सहर्ष स्वीकार करूंगा. अगर विपक्ष इसे गठबंधन में असहमति के रूप में चित्रित करना चाहता है, तो वे ऐसा करने में विफल रहेंगे.” Also Read: महागठबंधन में शामिल होगी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी, पशुपति कुमार पारस ने किया बड़ा ऐलान  क्यों राज्यपाल से मिलने गए चिराग पासवान ?  केंद्रीय मंत्री और लोजपा-रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद कहां से मुलाकात की वजह बताए और कहा, “इस बैठक का मुख्य कारण मेरे पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती से जुड़ा था, जो 5 जुलाई को पड़ती है और हर साल की तरह हम इसे हाजीपुर में मनाएंगे. मैं 5 जुलाई को अक्टूबर 2023 में शुरू की गई एक पहल के बारे में और जानकारी साझा करूंगा. 5 जुलाई को ऊर्जा भवन में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में विवरण भी साझा किया जाएगा. मैंने आज राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया और अपने पिता के साथ हमारे लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव की यादें साझा कीं.” #WATCH | Patna | Union Minister and LJP- Ramvilas National President, Chirag Paswan says, “The main reason for the meeting was related to my father, Late Ram Vilas Paswan’s birth anniversary that falls on 5th July and like every year, we will celebrate it in Hajipur… I will… https://t.co/1U67BkzeSL pic.twitter.com/xMlGoCvHYP — ANI (@ANI) July 3, 2025 BITO के बारे में चिराग पासवान ने क्या कहा ?  बिहार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन (BITO) जिसे दुनिया भर में गैर-निवासी बिहारियों को जोड़ने के लिए एक मंच के रूप में बनाया गया था, जो बिहार के विकास में योगदान देना चाहते हैं. इसका उद्देश्य बिहार पहले, बिहारी पहले के विचार को बढ़ावा देना है. यह वर्तमान में 17 देशों में सक्रिय है, इस साल इसे 25 तक विस्तारित करने की योजना है.  BITO के माध्यम से, विदेशों में रहने वाले बिहारी जो अपने देश में बुनियादी ढांचे और विकास में निवेश करना चाहते हैं, उन्हें एक साथ लाया जा रहा है.  The post चिराग पासवान ने INDIA गठबंधन के नताओं को बताया ‘तथाकथित नेता’, बोले- जीतन राम मांझी पिता समान  appeared first on Naya Vichar.

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बीडीओ व सीओ ने गणना प्रपत्र का वितरण कर मतदाताओं को किया जागरूक

पुपरी. विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से शुरू किये गये विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत गुरुवार को बीडीओ सुगंध सौरभ व सीओ रामकुमार पासवान ने बलहा मधुसूदन पंचायत के विभिन्न बूथों पर बीएलओ के साथ गणना प्रपत्र प्रारुप वितरित कराया. उन्होंने बूथ संख्या 211 से 225 तक के मतदाताओं को बीएलओ के द्वारा घर- घर जाकर सभी निर्वाचक को गणना प्रपत्र देते समय प्रपत्र को भरने के तरीके को समझाया. साथ ही प्रपत्र के साथ लगने वाले दस्तावेज के बारे में बताया. मतदाताओं से अपील किया कि जब बूथ स्तरीय अधिकारी उनके घर आवें तो आवश्यक प्रमाण-पत्र दिखाकर सहयोग करें. ताकि त्रुटिरहित व अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सके. मालूम हो कि मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 25 जून से शुरू है. आगामी 26 जुलाई तक बीएलओ घर- घर जाकर मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित कर भरा हुआ फॉर्म लेंगे. बीडीओ ने प्रत्येक मतदाता से अपील किया है कि वे समय रहते अपना गणना प्रपत्र भर ले. ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से सत्यापन सुनिश्चित करें. किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए बीएलओ व पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बीडीओ व सीओ ने गणना प्रपत्र का वितरण कर मतदाताओं को किया जागरूक appeared first on Naya Vichar.

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Motihari: हाइटेंशन तार की चपेट में आने से मजदूर घायल

Motihari: रक्सौल . शहर के कोइरिया टोला स्थित अम्बेडकर चौक के समीप गुरुवार की दोपहर युनी पोल पर बैनर लगाते समय एक मजदूर की हाईटेंशन तार की चपेट में आने से बुरी तरह घायल हो गया. घटना के संंबंध में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युनी पोल पर मजदूर के द्वारा बैनर लगाने के लिए चढ़ा गया था कि युनी पोल के उपर से गुजर रही हाईटेंशन की तार की चपेट में आ गया जिससे मजदूर युनी पोल में ही फंस गया. स्थानीय लोगों के द्वारा जेसीबी की मदद से उक्त घायल मजदूर को युनी पोल से नीचे उतारा गया. जहां स्थानीय लोग व पुलिस के सहयोग से घायल मजदूर को डंकन अस्पताल में पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद डंकन अस्पताल के द्वारा रेफर करने के बाद घायल मजदूर का इलाज शहर के एसआरपी अस्पताल में चल रहा है. घायल मजदूर की पहचान प्रखंड के जोकियारी पंचायत के चिकनी गांव स्थित वार्ड नम्बर दो निवासी नकुल दास उर्फ नंदू के रूप में की गयी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Motihari: हाइटेंशन तार की चपेट में आने से मजदूर घायल appeared first on Naya Vichar.

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Motihari: बिहार में सरकार बनने पर महिलाओं के खाते में जाएगी 2500

Motihari: रक्सौल. कांग्रेस के बैनर तले बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव प्रो. अखिलेश दयाल के नेतृत्व में सैकड़ों स्त्रीओं के बीच नारी न्याय संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड अध्यक्ष मनोरंजन तिवारी ने कहा कि बिहार में इंडिया गठबंधन की प्रशासन जब बनेगी तो आर्थिक रूप से कमजोर स्त्रीओं के खाते में 2500 रुपए प्रत्येक माह दिए जाएंगे. इस दौरान कार्यक्रम में शामिल मुख्य अतिथि युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सह बिहार युवा कांग्रेस के वरिष्ठ प्रभारी मो. शाहिद ने कहा कि बिहार में 20 वर्षों से डबल इंजन की प्रशासन है लेकिन विकास दर के मामले से सबसे पीछे है. महंगाई इतनी अधिक है कि स्त्रीओं को घर चलाना मुश्किल हो गया है. घरेलू गैस के दाम 1000 रुपए हो चुके हैं. चावल, दाल, दूध घरेलू सामग्रियों के दाम आसमान छू रहे हैं. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जब बिहार के गयाजी में बिहार के कोने-कोने से आये स्त्रीओं के साथ संवाद किया तो कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में स्त्रीओं के खाते में सीधे 2500 रुपए प्रत्येक माह भेजने का प्रस्ताव रखा. झारखंड, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक में जहां कांग्रेस की प्रशासन है वहां के स्त्रीओं को इसका लाभ विगत कई वर्षों से मिल रहा है. वहीं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ई. शशिभूषण राय उर्फ गप्पू राय ने कहा कि आने वाले वक्त में बिहार में इंडिया गठबंधन की प्रशासन बनने जा रही है. वही युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बिट्टू यादव ने कहा कि राहुल गांधी का वादा है बिहार की आर्थिक रूप से कमजोर स्त्रीओं को उनके सम्पन्नता पढ़ाई, दवाई के लिए यह कांग्रेस का स्वर्णिम घोषणा है. मौके पर स्त्री कांग्रेस अध्यक्ष अंजलि गुप्ता, प्रो. विजय शंकर पांडेय, शैलेन्द्र कुमार सिंह, ओमप्रकाश कुशवाहा, बिट्टू यादव, मदन कुमार कुशवाहा, अजय झा, प्रदीप कुमार गुप्ता, आकाश रंजन, जिशान अंसारी, मुक्तिनाथ ओझा, अमन कुमार, छोटेलाल चौरसिया, रितेश सर्राफ, आबिद हुसैन, रंभा देवी, मनीषा देवी, श्याम बिहारी तिवारी, मनोरमा देवी, शकीना खातून, मनीरा देवी, मनीषा देवी सहित अन्य मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Motihari: बिहार में प्रशासन बनने पर स्त्रीओं के खाते में जाएगी 2500 appeared first on Naya Vichar.

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बज्जिका को अष्टम सूची में शामिल कराना बहुत जरूरी

सीतामढ़ी. बज्जिका कवि राम किशोर सिंह चकवा द्वारा चलाए गए अभियान चलो गांव की ओर के तहद अब बज्जिका गोष्ठी का आयोजन गली मोहल्ला और सार्वजनिक स्थल में भी शुभारंभ किया गया है. इस क्रम में बुधवार को क्रिकेट प्रेमियों के बीच आलोक राय और कुंदन कुमार के सहयोग से आयोजित नौ दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट बसवरिया के मैदान में बज्जिका कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया. अध्यक्षता आलोक राय व संचालन राम किशोर सिंह चकवा ने किया. श्री चकवा ने अपनी बज्जिका कविता “अब न जागब त कहिया जागब समय बीतल जाइअ, सब भाषा मोकाम पा लेलक बज्जिका कही न दिखाइय ” प्रस्तुत किया. श्री चकवा ने कहा कि अब देर न कीजिए. आपके बच्चों के भविष्य के लिए बज्जिका को अष्टम सूची में शामिल होना बहुत जरूरी है. बज्जिका संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित विधानसभा के सामने 23 जुलाई को पटना में होने वाले एकदिवसीय धरना में शामिल होकर प्रशासन को बज्जिका को मान्यता देने के लिए बाध्य करने की अपील की. संस्था के महासचिव प्रभाकर कुमार मिश्रा, व बज्जिका संयुक्त संघर्ष समिति के विभिष्ट उपाध्यक्ष आलोक राय आदि ने भी अपने विचार रखे. कार्यकम में राजकुमार बैठा, राहुल रंजन, अनुराग कुमार, प्रदुम्न साह, शिवांशु शेखर, राजकुमार सहनी, लखींद्र साह, ब्रह्मदेव मंडल, विक्की कुमार सिंह, कुंदन कुमार, मनी भूषण, बिट्टू, उज्जवल राजपूत, हिमांशु कुमार, आशीष कुमार, निहाल सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, कुंदन कुमार राय, आशीष सिंह, अमन कुमार, राजा कुमार व अन्य शामिल हुए. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बज्जिका को अष्टम सूची में शामिल कराना बहुत जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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