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July 4, 2025

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बिहार में मानसून ने पकड़ी रफ्तार! तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

Bihar Rain Alert: बिहार में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है. शुक्रवार को मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. अगले पांच दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा. बांका में सर्वाधिक बारिश, नवादा में जलजमाव बीते 24 घंटे के दौरान बांका जिले में 41.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में सर्वाधिक रही. हाजीपुर, जमुई और नवादा में भी गुरुवार सुबह से तेज बारिश हुई, जिससे नवादा में कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. इसके विपरीत, राजधानी पटना में तेज धूप रही, जिससे उमस में इजाफा हुआ. पटना में उमस वाली गर्मी, हल्की बारिश की संभावना पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री के बीच बना रहेगा. शहर में आंशिक बादल छाए रहेंगे और दोपहर में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे उमस में और वृद्धि हो सकती है. बिहार में मानसून ने पकड़ी रफ्तार! तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश का अलर्ट, imd ने जारी की चेतावनी 2 छपरा सबसे गर्म, बंगाल-ओडिशा से मानसूनी असर पिछले 24 घंटे में छपरा राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बंगाल और उत्तर ओडिशा के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर बिहार के दक्षिणी और मध्य जिलों पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है. पूर्वी-पश्चिमी बिहार में बनी रहेगी बारिश की संभावना पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून की टर्फ रेखा इस समय बीकानेर से होते हुए दीघा और बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जो बिहार के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में नमी बनाए रखने में सहायक है. जमुई, गया, और बांका जैसे जिलों में इस कारण बारिश के आसार हैं. साथ ही मध्य असम और मध्य प्रदेश के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से पूर्वी और पश्चिमी बिहार के जिलों- जैसे सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, भोजपुर और बक्सर में भी मानसूनी बारिश की स्थिति बनी रहेगी. Also Read: बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी AAP, केजरीवाल का बड़ा ऐलान, बोले- जीतकर बनाएंगे प्रशासन The post बिहार में मानसून ने पकड़ी रफ्तार! तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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श्रमिकों के लिए चौक चौराहों पर बनेंगे शेड

पटना. राज्यभर के विभिन्न शहरों में दो-चार लेबर चौक हैं. जहां सुबह-सुबह श्रमिकों की भीड़ रहती है. इसमें सबसे अधिक दिहाड़ी मजदूर होते हैं. यह आसपास के गांवों से हर दिन कमाने के लिए शहरों में आते हैं, लेकिन इनके लिए बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं होती है. श्रम संसाधन विभाग ने ऐसे श्रमिकों की परेशानियों को देखते हुए राज्यभर में शेड निर्माण करने का निर्णय लिया है. बिहार के सभी चौक-चौराहों पर श्रमिकों के लिए शेड का निर्माण किया जायेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post श्रमिकों के लिए चौक चौराहों पर बनेंगे शेड appeared first on Naya Vichar.

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गतिरोध दूर करने के लिए सुब्रत ने आठ को बुलायी बैठक

कोलकाता. जंगीपुर नगरपालिका में गतिरोध को दूर करने के लिए तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी ने आठ जुलाई को अपराह्न तीन बजे बैठक बुलायी है. बैठक में विधायक जाकिर हुसैन, सांसद खलीलुर रहमान, जंगीपुर नगरपालिका के तृणमूल के16 पार्षद और दो नगर अध्यक्षों को भी बुलाया गया है. जंगीपुर नगरपालिका चेयरमैन के खिलाफ पार्टी के पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था. इसके बाद गतिरोध की स्थिति बन गयी थी. गतिरोध को दूर करने के लिए तृणमूल ने पहल की. प्रदेश उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने पार्टी के पार्षदों को संदेश भेज कर बताया कि वह बैठक में उपस्थित रहेंगे. सूत्रों का कहना है कि नगरपालिका मंत्री फिरहाद हकीम भी बैठक में मौजूद रहेंगे. पार्टी के पार्षदों ने जंगीपुर नगरपालिका के चेयरमैन मोफिजुल इस्लाम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था. उनके साथ भाजपा के एक और कांग्रेस के दो पार्षद भी थे. इनमें से कांग्रेस पार्षद बाद में तृणमूल में शामिल हो गये. पार्षदों ने शिकायत की थी कि चेयरमैन उन्हें काम नहीं करने दे रहे हैं. विकास बाधित हो रहा है. वहीं, इस संबंध में जंगीपुर नगरपालिका के चेयरमैन मोफिजुल इस्लाम ने कहा : मैंने पार्टी को अविश्वास प्रस्ताव के बारे में जानकारी दे दी है. पार्टी जो भी निर्णय लेगी, उसका पालन करूंगा. इस बार गतिरोध को खत्म करने के लिए पार्टी ने हस्तक्षेप किया. सूत्रों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव वापस लेने पर चर्चा होगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post गतिरोध दूर करने के लिए सुब्रत ने आठ को बुलायी बैठक appeared first on Naya Vichar.

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नागरिकता साबित करने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी

बांग्लाभाषी श्रमिकों को प्रताड़ित करने की घटना के खिलाफ मुख्य सचिव मनोज पंत ने ओडिशा प्रशासन को लिखा पत्र संवाददाता, कोलकातातृणमूल सांसद समीरुल इस्लाम ने गुरुवार को पड़ोसी राज्य ओडिशा में पश्चिम बंगाल के बांग्ला भाषी प्रवासियों के उत्पीड़न का दावा करते हुए सवाल उठाया कि हिंदुस्तानीय नागरिकता साबित करने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है? विभिन्न राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासियों को बांग्लादेशी बताये जाने के मुद्दे को लगातार उठा रहे सांसद ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत द्वारा ओडिशा के मुख्य सचिव मनोज आहूजा को लिखा एक पत्र साझा किया. इस पत्र में कहा गया है कि ओडिशा के अधिकारी आधार और मतदाता फोटो पहचान पत्र (इपीआइसी) जैसे केंद्र प्रशासन द्वारा जारी पहचान दस्तावेजों को स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं. समीरुल इस्लाम ने ””””””””एक्स”””””””” पर एक पोस्ट में कहा : आज पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत ने ओडिशा के अपने समकक्ष को पत्र लिखकर बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों के उत्पीड़न को रोकने का आग्रह किया. ओडिशा के अधिकारियों ने आधार और इपीआइसी समेत केंद्र द्वारा जारी किसी भी पहचान दस्तावेज को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और बंगाल प्रशासन से सत्यापन की मांग की. ओडिशा के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में डॉ पंत ने कहा कि ओडिशा में बांग्ला भाषी प्रवासियों को उनकी मातृभाषा के कारण गलत तरीके से बांग्लादेशी करार देकर परेशान किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल प्रशासन की ओर से आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने के बावजूद ओडिशा में पुलिस प्रवासी श्रमिकों को रिहा करने से इनकार कर रही है. पत्र में आगे कहा गया है : लेकिन इससे भी उन्हें संतुष्टि नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने मतदाता सूची मांगी, जिसमें इन व्यक्तियों के नाम सूचीबद्ध थे. एक बार फिर, बंगाल प्रशासन ने अनुपालन किया और संबंधित दस्तावेज भेजे. तृणमूल नेता ने आरोप लगाया : अब, ओडिशा के पास कोई और मांग नहीं बची है. लेकिन फिर भी, उनकी पुलिस कई मामलों में इन गरीब प्रवासी श्रमिकों को रिहा करने से इनकार कर रही है. वे उन प्रवासी श्रमिकों को अदालत में पेश किये बिना 24 घंटे के बाद अवैध रूप से हिरासत में ले रहे हैं. समीरुल इस्लाम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से विनम्रतापूर्वक पूछा : इन गरीब नागरिकों को हिंदुस्तानीय के रूप में मान्यता देने के लिए आपको किस विशिष्ट दस्तावेज की आवश्यकता है? आपको इससे अधिक और क्या चाहिए? डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नागरिकता साबित करने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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ममता ने की भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना

कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लिया और उनसे मानव जाति के लिए शांति व समृद्धि की कामना की. ममता बनर्जी गुरुवार को मैदान क्षेत्र में स्थापित इस्कॉन रथ यात्रा मेला ग्राउंड में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को देखने पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने तीनों देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की और ””आरती”” में भी शामिल हुईं. मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुजारियों की मौजूदगी में कहा : कृपया हमें शक्ति दीजिये, हमारे हृदय को भक्ति से भर दीजिये. मैं भगवान से प्रत्येक मानव की शांति और समृद्धि की प्रार्थना करती हूं. गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा स्थित नये जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा का उद्घाटन किया था, जिससे इस उत्सव की शुरुआत हुई थी. ””उल्टा रथ”” अनुष्ठान यानी रथों की वापसी पांच जुलाई को होनी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ममता ने की भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना appeared first on Naya Vichar.

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5.50 ग्राम चरस के साथ दो ड्रग तस्कर गिरफ्तार

संवाददाता, कोलकाता नॉर्थ पोर्ट थानाक्षेत्र स्थित शोभाबाजार फेरी घाट के पास 5.50 ग्राम चरस के साथ पुलिस ने दो ड्रग्स सप्लायरों को गिरफ्तार किया. पकड़े गये आरोपियों के नाम शिव शंकर ओझा (40) और अर्पण मल्लिक (27) हैं. शिव शंकर बहूबाजार थानाक्षेत्र स्थित बीबी गांगुली स्ट्रीट का निवासी है. वहीं, अर्पण बड़ाबाजार थानाक्षेत्र स्थित सिकदरपाड़ा स्ट्रीट का निवासी है. दोनों से पूछताछ कर पुलिस इनके साथ गिरोह के शामिल अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. कैसे हुई गिरफ्तारी पुलिस सूत्र बताते हैं कि उन्हें समाचार मिली थी कि नॉर्थ पोर्ट थानाक्षेत्र में बड़े पैमाने पर ड्रग्स की सप्लाई के लिए कुछ तस्कर एकत्रित होने वाले हैं. इस जानकारी के बाद नॉर्थ पोर्ट थाने की पुलिस प्लेन ड्रेस में इलाके में गतिविधियों की निगरानी रख रही थी. अचानक साधू के वेश में दो लोगों की गतिविधि पर पुलिस को संदेह हुआ. उनसे पूछताछ करने पर दोनों वहां से भागने की कोशिश करने लगे. उनके पास मौजूद बैग की तलाशी लेने पर भीतर 5.50 ग्राम चरस पाया गया. दोनों कहां से इसे लेकर आये थे और किन-किन लोगों को इनकी सप्लाई करने वाले थे, इस बारे में दोनों से पूछताछ की जा रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post 5.50 ग्राम चरस के साथ दो ड्रग तस्कर गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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कॉलेजों-विश्वविद्यालयों की प्रबंधन समितियों का बढ़ेगा कार्यकाल

संवाददाता, कोलकाता साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में हाल ही में हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है. इस घटना में कॉलेज प्रबंधन समिति पर सवाल उठने लगे हैं. ऐसे में पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा विभाग ने राज्यभर के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की प्रबंधन समितियों का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाने का आदेश दिया है. पिछले कुछ वर्षों से कॉलेज प्रबंधन समितियों की कार्यप्रणाली को लेकर शिक्षा जगत में कई तरह के सवाल उठते रहे हैं. कई मामलों में आरोप लगाये गये हैं कि प्रशासन उच्च शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी कॉलेजों की प्रबंधन समितियों में सत्तारूढ़ दल के विधायकों या नेताओं की मौजूदगी बनाये रखकर अपना दबदबा कायम करना चाहती है. उदाहरण के तौर पर कसबा स्थित लॉ कॉलेज की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अशोक देब हैं, जो बजबज से तृणमूल विधायक हैं. यह बात सामने आयी है कि कसबा लॉ कॉलेज कांड का मुख्य आरोपी ””मांगो”” अशोक देब को ””जेठू”” कहकर बुलाता था. कसबा कांड में प्रबंधन समिति की गतिविधियों को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं, इसलिए इस घटना के संदर्भ में प्रबंधन समिति के कार्यकाल विस्तार की घोषणा को लेकर विभिन्न हलकों में चर्चा शुरू हो गयी है. शिक्षा विधेयक 2017 के अनुसार, कॉलेज प्रबंधन समिति के लिए चुनाव नहीं होते हैं. इसमें प्रशासन की ओर से चार सदस्य होते हैं: एक अध्यक्ष, दो मनोनीत सदस्य और एक उच्च शिक्षा विभाग का प्रतिनिधि. इनकी नियुक्ति सीधे प्रशासन करती है. इसके अलावा, तीन कॉलेज शिक्षक और एक निर्वाचित छात्र प्रतिनिधि होते हैं. हालांकि, वर्ष 2019 के बाद से किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में प्रबंधन समिति में कोई छात्र प्रतिनिधि नहीं रहा है. ऑल बंगाल प्रिंसिपल काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष पूर्ण चंद्र माइती का दावा है कि राज्य विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कॉलेज प्रबंधन समितियों का कार्यकाल बढ़ाया गया है. उनके अनुसार : प्रबंधन समितियों का भ्रष्टाचार बार-बार उजागर हुआ है, लेकिन अगले साल विधानसभा चुनाव हैं. इसे ध्यान में रखते हुए यह अवधि बढ़ायी गयी है. कोई कितना भी भ्रष्ट क्यों न हो, प्रशासन चुनाव से पहले किसी को परेशान नहीं करना चाहती है. हालांकि, उच्च शिक्षा विभाग ने जानकारी दी है कि छात्रों के हित में और कॉलेज प्रशासन के सुचारु संचालन के लिए यह अवधि बढ़ायी गयी है. यह उल्लेखनीय है कि 25 जून को कसबा स्थित साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज के परिसर के अंदर गार्ड के कमरे में एक छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया था. इस घटना में कॉलेज के दो छात्रों और एक पूर्व छात्र को गिरफ्तार किया गया है. पूर्व छात्र भी कॉलेज में अस्थायी कर्मचारी के तौर पर कार्यरत था. सभी आरोपी तृणमूल छात्र परिषद से जुड़े हैं. आरोप है कि छात्रा को शादी का प्रस्ताव दिया गया था, और उसके द्वारा मना करने पर ही उसके साथ दुष्कर्म किया गया. बयान में विसंगतियों के कारण पुलिस ने कॉलेज के सुरक्षा गार्ड को भी गिरफ्तार किया है.कसबा सामूहिक दुष्कर्म मामले में कॉलेज प्रबंधन समिति ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. आरोपी दो छात्रों को निष्कासित कर दिया गया है और प्रबंधन समिति ने निर्णय लिया है कि उन्हें किसी अन्य कॉलेज में प्रवेश न मिलने दिया जाए. मुख्य आरोपी ””एम”” को कॉलेज के अस्थायी शिक्षण स्टाफ की नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कॉलेजों-विश्वविद्यालयों की प्रबंधन समितियों का बढ़ेगा कार्यकाल appeared first on Naya Vichar.

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फर्जी पासपोर्ट के जरिये केन्या से आयी महिला गिरफ्तार

संवाददाता, कोलकाता फर्जी पासपोर्ट बनाकर केन्या से कोलकाता आयी एक स्त्री को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी स्त्री का नाम मार्गरेट वारिंगा बताया गया है. उसे महानगर के रफी अहमद किदवई रोड स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया गया. गुरुवार को पुलिस ने उसे बैंकशाल कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 16 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया गया. पुलिस सूत्र बताते हैं कि उन्हें गुप्त जानकारी मिली कि केन्या की एक स्त्री के नाम पर जारी पासपोर्ट की नकल कर फर्जी पासपोर्ट बनाकर एक स्त्री हिंदुस्तान आयी है. वह रफी अहमद किदवई रोड स्थित एक होटल में रह रही है. कोलकाता पुलिस के सिक्योरिटी कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) को इससे संबंधित सूचना मिली. जांच में पता चला कि वह स्त्री कोलकाता आकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए ई-वीजा हासिल करने की कोशिश कर रही थी. इसी बीच, केन्या से वह स्त्री हिंदुस्तान आ गयी, जिसके पासपोर्ट की नकल कर मार्गरेट ने जाली पासपोर्ट बनवाया था. उसके पासपोर्ट को देखने के बाद संबंधित विभाग को पता चला कि इसी पासपोर्ट पर एक स्त्री पहले ही यहां आ चुकी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post फर्जी पासपोर्ट के जरिये केन्या से आयी स्त्री गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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शुभेंदु का आरोप, ठगी के मामले में मंत्री-विधायक भी संलिप्त

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले नकली प्रवर्तन निदेशालय (इडी) अधिकारी शेख जिन्ना अली को लेकर नेतृत्वक गलियारों में हंगामा मच गया है. विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले में राज्य प्रशासन के मंत्रियों और विधायकों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है. शुभेंदु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ””एक्स”” पर जिन्ना अली की राज्य के मंत्रियों और विधायकों के साथ कथित तस्वीरें साझा करते हुए कटाक्ष किया. उन्होंने लिखा : प्रसिद्ध ठग शेख जिन्ना अली ने नकली इडी अफसर बनकर व्यापारियों से करोड़ों रुपये की ठगी की है. अधिकारी ने इडी के उच्चाधिकारियों से इस पूरे मामले की गहन जांच करने का आग्रह किया है. उन्होंने मांग की कि आरोपित के साथ संबंध रखने वाले सभी प्रभावशाली लोगों को भी जांच के दायरे में लाया जाए. नेता प्रतिपक्ष ने तृणमूल कांग्रेस प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में बालू चोरी, कोयला तस्करी, गायों की अवैध तस्करी, नौकरी की बिक्री, बलात्कार, हत्या और चुनाव लूट के बाद अब नया अध्याय जुड़ा है, नकली इडी अधिकारी बनकर ठगी करना. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यह सब तृणमूल की सरपरस्ती के बिना संभव नहीं. आरोपित को यह हिम्मत प्रशासन और उसके नेताओं से ही मिलती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर ठग शेख जिन्ना अली के सिर पर तृणमूल नेताओं का हाथ नहीं होता, तो वह इतनी बड़ी ठगी का जाल नहीं बिछा पाता. शुभेंदु अधिकारी ने कसबा लॉ कॉलेज मामले के मुख्य आरोपित मनोजित मिश्रा का भी हवाला दिया, यह कहते हुए कि ऐसे लोग इसीलिए खुलेआम अपराध कर पाते हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post शुभेंदु का आरोप, ठगी के मामले में मंत्री-विधायक भी संलिप्त appeared first on Naya Vichar.

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जाल बिछाकर फर्जी इडी अधिकारी को किया अरेस्ट

संवाददाता, कोलकाता फर्जी इडी अधिकारी बनकर लोगों को झूठे मामलों में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप में केंद्रीय जांच एजेंसी इडी की टीम ने जिन्नार अली नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है. इडी ने उसे आनंदपुर इलाके के मदुरदाह स्थित उसके आवास स्थल से पकड़ा है. उसके ठिकाने से अधिकारियों ने इडी से संबंधित कई कागजात एवं रबड़ स्टैंप जब्त किया है. गुरुवार को उसे कोलकाता सिटी सेशंस कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुकुमार रॉय की अदालत में पेश किया गया. वहां आरोपी को 16 जुलाई तक इडी हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया है. ठगने का तरीका : अदालत सूत्र बताते हैं कि इस दिन सुनवाई के दौरान अदालत में इडी के वकील अरिजीत चक्रवर्ती ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति खुद को इडी अधिकारी बताकर लोगों को फोन कर उनके नाम पर गंभीर शिकायत मिलने की धमकी देकर मोटी रकम ठग लेता था. इसी प्रकार से पिछले 3 वर्षों से इडी को उसके बैंक खाते में 4.5 करोड़ रुपये के लेन-देन किये जाने से जुड़े सबूत मिले हैं. उसने केंद्र प्रशासन के विभिन्न संगठनों के निदेशक होने का दिखावा कर एक वेबसाइट खोली थी. इस वेबसाइट के जरिये विभिन्न लोगों को इडी की ओर से गिरफ्तार किये जाने का डर दिखाकर उसने करोड़ों रुपये वसूले थे.फर्जी इडी अफसर की जानकारी मिलते ही पहुंचे असली इडी अधिकारी इडी सूत्रों ने अदालत में बताया कि जिन्नार अली के मदुरदाहा स्थित घर से केंद्र प्रशासन के कई दस्तावेज जब्त किये गये हैं. उस शख्स के घर से कई फर्जी स्टैंप और लेटर हेड भी जब्त किये गये हैं. इडी के वकील ने अदालत में बताया कि हाल ही में जून महीने में विधाननगर थाने में जिन्नार अली के खिलाफ इडी अधिकारी बनकर ठगी करने की शिकायत भी दर्ज कराई गयी थी. इस शिकायत के बाद इडी को इसकी जानकारी मिली. फिर आरोपी जिन्नार अली के ठिकाने पर अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार किया गया. अदालत में पेश करने पर आरोपी को 16 जुलाई तक इडी की हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है. उससे पूछताछ कर उसके कब्जे से ठगी की राशि को बरामद करने की कोशिश की जा रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जाल बिछाकर फर्जी इडी अधिकारी को किया अरेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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