Hot News

July 6, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर बहन को दें ये खास गिफ्ट, सालभर याद रखेगी आपका प्यार

Raksha Bandhan 2025: रक्षा बंधन सिर्फ राखी बांधने का त्यौहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्यार, विश्वास और साथ के बंधन का भी दिन होता है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती हैं. साथ ही भाई अपनी बहन को जीवन भर उनकी रक्षा करने का वादा करता है. इस खास मौके पर भाई अपनी बहन को गिफ्ट देकर इस रिश्ते को और भी मजबूत बनाता है. ऐसे में आज हम आपके लिए इस रक्षाबंधन अपनी बहन को देने के लिए बहुत ही बेस्ट गिफ्ट आइडियाज लेकर आए हैं. तो आइए जानते हैं इस रक्षाबंधन अपनी बहन के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए आप उन्हें क्या गिफ्ट दे सकते हैं. रक्षा बंधन गिफ्ट आइडियाज (Raksha Bandhan Gift Ideas) Raksha bandhan gift ideas ज्वेलरी (Jewellery) अगर आपकी बहन को सजना-संवरना पसंद है, तो आप उन्हें  एक सुंदर नेकलेस, ईयररिंग्स या ब्रेसलेट गिफ्ट कर सकते हैं.  पर्सनलाइज्ड गिफ्ट्स आप अपनी बहन के लिए उनका नाम या फोटो वाले मग, कुशन, फोटो फ्रेम या डायरी गिफ्ट कर सकते हैं. ये गिफ्ट आपके इस खास दिन को याद रखने का बेस्ट आइडिया है. यह भी पढ़ें: Bangles Design: सावन में चूड़ियों की खनक से सजाएं अपने हाथ, ये हैं लटेस्ट डिजाइन  ब्यूटी या स्किनकेयर हैम्पर अगर आपकी बहन को स्किनकेयर या मेकअप पसंद है, तो आप उन्हें एक सुंदर सा ब्यूटी हैंपर गिफ्ट करें. इसमें फेस वॉश, फेस मास्क, मॉइस्चराइजर, लिप बाम, नेल पॉलिश रखें. स्टाइलिश पर्स या हैंडबैग हर लड़की को पर्स या हैंडबैग बहुत पसंद होता है. आप अपनी बहन को एक ट्रेंडी और रंग-बिरंगा हैंडबैग गिफ्ट कर सकते हैं, जिसे वे अपने कॉलेज, ऑफिस या शॉपिंग के दौरान इस्तेमाल कर सके.  चॉकलेट बॉक्स या मिठाई का डिब्बा आप अपनी बहन को एक डिलीशियस चॉकलेट हैंपर या उनकी पसंदीदा मिठाई से भरा डिब्बा गिफ्ट कर सकते हैं. इसके अलावा, इसके साथ आप एक छोटा सा हैंड रिटन नोट भी लिखकर गिफ्ट कर सकते हैं, जो आप दोनों के रिश्तों को और भी मजबूत बनाएगा.  फैशन एक्सेसरीज या कपड़े रक्षाबंधन के दिन आप अपनी बहन को ट्रेंडी कुर्ता, सूट, स्कार्फ या फ्रॉक गिफ्ट कर सकते हैं. साथ ही कुछ स्टाइलिश फैशन एक्सेसरीज जैसे हेयर क्लिप्स, बेल्ट, सनग्लासेस बेस्ट ऑप्शन हो सकता है.  यह भी पढ़ें: Saree Design: साड़ी की छांव में दमकेगा दुल्हन का रूप, हर रस्म में पहनें ये बेस्ट साड़ी डिजाइन  यह भी पढ़ें: Sawan Special Kurti: सावन में पहनें ये टॉप 10 खूबसूरत लेटेस्ट कुर्ती डिजाइन  The post Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर बहन को दें ये खास गिफ्ट, सालभर याद रखेगी आपका प्यार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Swapna Shastra: सपनों में मृतक परिजनों का आना… सुख-शांति या खतरे की घंटी? जानें क्या हैं संकेत 

Swapna Shastra: सपने अक्सर हमारी गहरी भावनाओं, विचारों और यादों को दर्शाते हैं. जब कोई मृत व्यक्ति सपने में दिखाई देता है, तो यह रहस्यमय, भावनात्मक या आध्यात्मिक भी लग सकता है. चाहे वह कोई प्रियजन हो या आपके अतीत का कोई व्यक्ति, माना जाता है कि ऐसे सपने छिपे हुए अर्थ या संदेश लेकर आते हैं. कई संस्कृतियों में, सपने में मृत व्यक्ति को देखना सिर्फ़ एक संयोग नहीं है-यह एक संकेत, आंतरिक उपचार का एक रूप या इस दुनिया से परे एक संबंध हो सकता है. 1. अधूरी भावनाएँ या दुःख यह आपकी अनसुलझी भावनाओं, यादों या दुःख को दर्शा सकता है जिसे आप अभी भी अपने साथ लेकर चल रहे हैं. सपना आपके अवचेतन मन के लिए आपके नुकसान को संसाधित करने का एक तरीका हो सकता है. 2. संदेश या चेतावनी कुछ लोगों का मानना ​​है कि किसी मृत प्रियजन की उपस्थिति एक आध्यात्मिक संकेत है – संभवतः एक संदेश, आशीर्वाद या चेतावनी भी. सपने में वे क्या कहते हैं या क्या करते हैं, इस पर ध्यान दें. 3. मार्गदर्शन या आश्वासन यदि व्यक्ति सपने में आपको दिलासा देता है, तो यह इस बात का प्रतीक हो सकता है कि वे शांति में हैं और भावनात्मक समर्थन दे रहे हैं.  4. अपराधबोध या पछतावा यदि कुछ बातें अनकही रह गई हैं या कुछ ऐसे काम हैं जिनका आपको पछतावा है, तो सपना आपके दिमाग का उससे निपटने का तरीका हो सकता है. 5. आध्यात्मिक संबंध कई आध्यात्मिक मान्यताओं में, सपनों को आत्मा से संचार का एक रूप माना जाता है. व्यक्ति के साथ आपका बंधन अभी भी आध्यात्मिक रूप से सक्रिय हो सकता है. यह भी पढ़ें: अगर सपने में मिल रहे हैं ये 7 संकेत तो खुश हो जाइए, हाथ लगने वाली है बड़ी चीज, होगा दुखों का अंत यह भी पढ़ें: Honeymoon Travel Tips: हनीमून में जाए हैदराबाद की ये जगहें, गहरा हो जाएगा प्यार  Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Swapna Shastra: सपनों में मृतक परिजनों का आना… सुख-शांति या खतरे की घंटी? जानें क्या हैं संकेत  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Shravani Mela 2025: 11 जुलाई से निकलने लगेगा कांवरियों का जत्था, 10 जोन में होगी टाइट मॉनिटरिंग, जानिए पूरी व्यवस्था

Shravani Mela 2025: बिहार में श्रावणी मेले का इंताजर अब खत्म होने वाला है. 11 जुलाई से कांवरियों का जत्था निकलना शुरू हो जाएगा. जिसको लेकर तैयारियों को अब तेजी से निपटाया जा रहा और अंतिम रूप दिया जा रहा है. बता दें कि, यह महीना बेहद ही पावन माना जाता है. देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में जलाभिषेक के लिए लाखों कावरियों की भीड़ हर रोज उमड़ती है. ये कांवरिया सुल्तानगंज से जल लेकर करीब 110 किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हैं. जिसके बाद वे देवघर पहुंचते हैं. ऐसे में कांवरियों को कोई परेशानी रास्ते में ना झेलनी पड़ी, उसे लेकर सभी व्यवस्थाएं की गई है. कांवरियों पथ को किया गया तैयार दरअसल, कांवरिया पथ को सजाया और संवारा गया है. भागलपुर के सुल्तानगंज में देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी लोग पहुंचते हैं. कुछ ही दिनों में कांवर यात्रा की शुरुआत हो जाएगी. इधर, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन की ओर से कांवर यात्रा के लिए विभाग द्वारा कराए जा रहे तमाम कार्यों की समीक्षा की. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को लेकर सभी व्यवस्थाएं की जा रही है. वहीं, मंत्री नितिन नवीन के मुताबिक, इसको ध्यान में रखकर पथ निर्माण विभाग बड़ा गिफ्ट देने वाला है. दरअसल, भागलपुर से मुंगेर के बीच गंगा नदी किनारे पटना के मरीन ड्राइव की तरह ही फोर लेन गंगा पथ बनाया जाएगा. इसके लिए मंजूरी भी ले ली गई है. 10 जोन में बंटा कांवरिया पथ समाचार की माने तो, 82 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ का शुभारंभ मंत्री नितिन नवीन ने किया. श्रावणी मेले में को लेकर 110 किलोमीटर लंबे पथ में 82 किलोमीटर का हिस्सा बिहार में पड़ता है तो वहीं बाकी का मार्ग झारखंड में पड़ता है. खास बात यह है कि, कांवरिया पथ को 10 जोन में बांटा गया है. सभी जोन के मॉनिटरिंग का प्रभार अलग-अलग सौंपा गया है. यानि कि, श्रद्धालुओं को कई परेशानी ना हो, उसकी उचित व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही मंत्री नितिन नवीन की ओर से ही व्यवस्थाओं को और अधिक सुगम और प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. Also Read: Bihar Monsoon Update: बिहार में मानसून पड़ रहा कमजोर! 24 घंटे में उम्मीद से कम हुई बारिश, उमस वाली गर्मी ने किया परेशान The post Shravani Mela 2025: 11 जुलाई से निकलने लगेगा कांवरियों का जत्था, 10 जोन में होगी टाइट मॉनिटरिंग, जानिए पूरी व्यवस्था appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Top Five Dirty Country in World: भारत-पाकिस्तान में ज्यादा ‘गंदा’ देश कौन? मात्र 1 मिनट के वीडियो में जानें सच्चाई

Top Five Dirty Country in World: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक यूट्यूबर लोगों से पूछ रहा है कि दुनिया का सबसे गंदा देश कौन सा है. चौंकाने वाली बात यह रही कि अधिकतर लोगों ने बिना किसी हिचकिचाहट के “हिंदुस्तान” का नाम लिया. हालांकि, इस सवाल का सही जवाब हिंदुस्तान नहीं है. वीडियो को यूट्यूबर सुमोन काइस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया है. कैप्शन में उन्होंने लिखा, “मुझे नहीं पता कि लोग इतने कॉन्फिडेंट क्यों हैं… आपको पता है?” यह वीडियो अब तक 3 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और नेटिजन्स की ओर से दिलचस्प प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं. वीडियो में दिखाया गया है कि एक व्यक्ति सड़क पर लोगों से पूछ रहा है कि दुनिया का सबसे गंदा देश कौन सा है. वह यह भी कहता है कि सही जवाब देने वाले को वह 20 डॉलर का इनाम देगा. लेकिन अधिकतर जवाब में लोगों ने “इंडिया” कहा. एक शख्स ने सवाल का जवाब देने की बजाय कहा, “मुझे लग रहा है कि आप ट्रंप के कोई करीबी होंगे…” I don’t know why people’s are so confident here…..do you? pic.twitter.com/KIDxlHqaXk — Sumon Kais (@sumonkais) March 10, 2025 क्या हिंदुस्तान वास्तव में सबसे गंदा देश है? (Top Five Dirty Country in World)  इस सवाल का जवाब है नहीं. स्विट्ज़रलैंड की एयर क्वालिटी टेक्नोलॉजी कंपनी IQAir की 11 मार्च को जारी ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया का सबसे गंदा देश अफ्रीका का चाड (Chad) है. रिपोर्ट में बताया गया कि केवल 7 देश ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की PM2.5 गाइडलाइन्स पर खरे उतरते हैं. PM2.5 वे सूक्ष्म कण होते हैं जिनका आकार 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है, जो फेफड़ों में गहराई तक जाकर खून में मिल सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी है, जबकि चाड की राजधानी एन’जामेना दूसरे नंबर पर है. इसे भी पढ़ें: ईरानी फौज के सामने घुटने पर बैठ रोने लगे अमेरिका के सैनिक, देखें 49 सेकेंड का वीडियो टॉप 5 सबसे प्रदूषित देश (Top Five Dirty Country in World) चाड (Chad) बांग्लादेश पाकिस्तान कांगो (Democratic Republic of the Congo) हिंदुस्तान इन सभी देशों में PM2.5 का स्तर WHO की तय सीमा से कम से कम 10 गुना अधिक पाया गया. खासतौर पर चाड में यह स्तर 18 गुना अधिक है. वीडियो में भले ही हिंदुस्तान को सबसे गंदा देश बताया गया हो, लेकिन वास्तविक डेटा के अनुसार, हिंदुस्तान इस सूची में पांचवें स्थान पर है, न कि पहले. वायरल वीडियो में जो धारणा सामने आई है, वह आंकड़ों पर आधारित नहीं है. इसे भी पढ़ें: बच्चा पैदा करो, लाखों का इनाम पाओ, नाबालिग लड़कियों को भी गर्भवती होने की छूट इसे भी पढ़ें: ट्रंप के सिर पर मंडराया खतरा, नो-फ्लाई जोन में घुसा विमान, देखें वीडियो The post Top Five Dirty Country in World: हिंदुस्तान-पाकिस्तान में ज्यादा ‘गंदा’ देश कौन? मात्र 1 मिनट के वीडियो में जानें सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Midday Meal: आधार और अपार की अनिवार्यता की वजह से घटी साढ़े आठ लाख विद्यार्थियों की संख्या

राजदेव पांडेय/ Midday Meal: पटना. पिछले शैक्षणिक सत्र की तुलना में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में मध्याह्न भोजन योजना का लाभ उठाने वाले बच्चों की संख्या लगभग 8.53 लाख घट गयी है. बच्चों की संख्या में आयी इस कमी की मुख्य वजह नामांकन के लिए आधार और अपार कार्ड की अनिवार्यता है. शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि इन दोनों अनिवार्यताओं से वह शिशु छंट गये हैं, जिनके प्रशासनी स्कूल में नामांकन प्रशासनी योजनाओं का लाभ उठाने के मकसद से उनके अभिभावकों ने कराये थे. केवल दो जिलों में बढ़ी बच्चों की संख्या आधिकारिक जानकारी के अनुसार वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-2026 में प्रशासनी स्कूलों में कक्षा एक से आठ वीं तक की कक्षाओं में कुल नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 1.64 करोड़ (1,64,54,862) है. जबकि पिछले शैक्षणिक सत्र 2024-2025 में कुल नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 1.73 करोड़ (1,73,08, 297) थी. इस तरह पिछले साल की तुलना में इस साल कक्षा एक से आठ में कुल 8,53, 435 बच्चों की संख्या घटी है. अगर जिला स्तर के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो दो जिले किशनगंज और सिवान में पिछले साल की तुलना में इस शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की संख्या घटने की बजाय बढ़ी है. पिछले शैक्षणिक सत्र की तुलना में किशनगंज में करीब 1069 अधिक शिशु नाामंकित हुए हैं. कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों की संख्या में कमी सिवान में तुलनात्मक रूप में बढ़े हुए बच्चों की संख्या 455 है. शेष सभी 36 जिले में कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों की संख्या में कमी दर्ज की गयी है. उल्लेखनीय है कि आधार कार्ड की भांति स्कूली बच्चों के अपार कार्ड बनाये जा रहे हैं. अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट अकादमिक रजिस्ट्री) आधार कार्ड की तरह 12 अंकों का होता है. यह एक तरह का डिजिटल आईडी कार्ड है जो बचपन से लेकर पढ़ाई खत्म होने तक एक ही रहेगा. इसमें शैक्षिक रिकॉर्न शैक्षिक उपलब्धियों और शिक्षा संबंधित अन्य सारी जानकारियां उपलब्ध रहेंगी. चूंकि इन कार्ड में दोहरापन संभव नहीं है, इसलिए एक शिशु का पंजीयन दो जगह नहीं हो सकता है. इसलिए दोहरे नामांकन वाले शिशु पकड़ में आ जाते हैं. राज्य के टॉप टेन जिले जहां कक्षा एक से आठ वीं तक में बच्चों की संख्या घटी जिला–तुलनात्मक रूप में घटे विद्यार्थियों की संख्या नालंदा- 66545 बेगूसराय-63885 खगड़िया-58390 पूर्णिया-52145 सारण- 50343 सीतामढ़ी- 50001 रोहतास- 48386 समस्तीपुर- 44071 गया- 33001 पटना – 32829 Also Read: Bihar Road Project: रक्सौल-हल्दिया सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे के अलाइनमेंट को मिली मंजूरी, 39600 करोड़ रुपये होंगे खर्च The post Midday Meal: आधार और अपार की अनिवार्यता की वजह से घटी साढ़े आठ लाख विद्यार्थियों की संख्या appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bhojpuri Song: अरविंद अकेला कल्लू ने ‘कजरौटा’ गाने में किया जबरदस्त रोमांस, मुस्कान खान संग लगाए जमकर ठुमके

Bhojpuri Song: भोजपुरी इंडस्ट्री के मशहूर सिंगर और एक्टर अरविंद अकेला कल्लू एक बार फिर अपने फैंस के लिए नया गाना लेकर आए हैं. उनका नया गाना ‘कजरौटा’ 4 जुलाई को यूट्यूब पर रिलीज हो चुका है. इस गाने में उनके साथ खूबसूरत एक्ट्रेस मुस्कान खान नजर आ रही हैं. इससेे पहले हाल ही में उनका एक भक्ति सॉन्ग ‘जागी जागी महादेव’ आया था, जो सावन से पहले रिलीज हुआ था. उस गाने को भोलेनाथ के भक्तों ने काफी पसंद किया है. अब कल्लू ने रोमांटिक अंदाज में ‘कजरौटा’ से सबका दिल जीत लिया है. अरविंद-मुस्कान की केमिस्ट्री फैंस को आ रही पसंद  इस गाने का पोस्टर 3 जुलाई को उत्तम पांडे के इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया था. पोस्टर में अरविंद अकेला और मुस्कान खान की केमिस्ट्री देखने में ही जबरदस्त लग रही थी. पोस्टर आने के बाद गाने का टीजर भी रिलीज किया गया और अब पूरा गाना यूट्यूब पर आ चुका है. ‘कजरौटा’ को आईवीवाई भोजपुरी नाम के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है. इस गाने को अरविंद अकेला के साथ शिवानी सिंह ने गाया है. गाने के लिरिक्स को भागीरथ पाठक ने लिखा हैं और इसका म्यूजिक सरगम आकाश ने दिया है.  जल्द रिलीज होगी नई फिल्म  गाने में मुस्कान खान और कल्लू की जोड़ी दर्शकों को बहुत पसंद आ रही है और रिलीज होते ही गाने को काफी व्यूज मिल रहे हैं. गाने के अलावा अरविंद अकेला अपनी फिल्मों को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. 1 जुलाई को उनकी आने वाली फिल्म ‘जलवा’ का ट्रेलर रिलीज हुआ था. इस फिल्म में अरविंद अकेला डबल रोल में नजर आएंगे और उनके साथ दो हीरोइनें भी होंगी. हालांकि अभी फिल्म की रिलीज डेट का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन ट्रेलर देखकर फैंस को फिल्म का बेसब्री से इंतजार है. ये भी पढ़ें: Rudra-Shakti Movie: इस दिन सिनेमाघरों में दस्तक देगी विक्रांत सिंह और अक्षरा की फिल्म, महादेव की कृपा से पूरी होगी ‘रूद्र-शक्ति’ की प्रेम कहानी? ये भी पढ़ें: Bhojpuri: अरविंद अकेला कल्लू की नई फिल्म ‘जलवा’ का दमदार ट्रेलर हुआ जारी, डबल रोल में दो हीरोइन संग करेंगे रोमांस The post Bhojpuri Song: अरविंद अकेला कल्लू ने ‘कजरौटा’ गाने में किया जबरदस्त रोमांस, मुस्कान खान संग लगाए जमकर ठुमके appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar Monsoon Update: बिहार में मानसून पड़ रहा कमजोर! 24 घंटे में उम्मीद से कम हुई बारिश, उमस वाली गर्मी ने किया परेशान

Bihar Monsoon Update: बिहार के मौसम में इन दिनों हर रोज उतार-चढाव देखा जा रहा है. बादलों की आवाजाही हो रही. कहीं बारिश हो रही तो कहीं सिर्फ बादल गरज कर रह जा रहे. देखा जाए तो मानसून कमजोर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है. पिछले 24 घंटे में उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई. इसके अलावा कहीं-कहीं छिटपुट फुहारे वाली बारिश हुई, जिसके बाद लोग उमस वाली गर्मी से परेशान रहे. राजधानी पटना में लोगों को अच्छी-खासी गर्मी का एहसास हुआ. हालांकि, सीमांचल इलाकों के कुछ जिले जैसे किशनगंज, अररिया और भभुआ के आस-पास अच्छी-खासी बारिश हुई. इन जिलों में हुई ज्यादा बारिश… इधर, मौसम विभाग की माने तो, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से पहले बिहार पहुंच गया था, लेकिन अब उसकी सक्रियता कम होती दिख रही है. जिसका असर यह है कि, राजधानी पटना में अब तक पिछले साल की तुलना में 13 मिमी कम बारिश हुई है तो वहीं गया में 144 मिमी अधिक वर्षा दर्ज की गई है. मौसम विभाग की माने तो, अधिक नमी और कम बारिश की वजह से पूरे राज्य के लोगों को उमस वाली गर्मी झेलनी पड़ी. जानकारी के मुताबिक, फारबिसगंज, वाल्मीकि नगर, दरभंगा, भागलपुर और डेहरी में पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा बारिश हुई. जुलाई महीने के लिए संभावना वहीं, मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि, जुलाई महीने में भी सामान्य से कम ही बारिश हो सकती है. इधर, आज राजधानी पटना के साथ-साथ दक्षिण बिहार के कई जिलों में अच्छी बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर बिहार में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं. इन इलाकों में अधिकतम तापमान 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने की उम्मीद जताई गई है. हालांकि, लोगों को इस दौरान गर्मी महसूस होगी. कई इलाकों में चिपचिपी गर्मी और कम बारिश से लोग परेशान रह सकते हैं. Also Read: बिहार में दो जगह दुष्कर्म की घटना, 16 साल की लड़की के साथ बंद कमरे में हैवानियत, इधर मासूम को बनाया निशाना The post Bihar Monsoon Update: बिहार में मानसून पड़ रहा कमजोर! 24 घंटे में उम्मीद से कम हुई बारिश, उमस वाली गर्मी ने किया परेशान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार में अररिया-गलगलिया रेल लाइन के उद्घाटन की आयी जानकारी, सीमांचल का इंतजार होगा खत्म!

बिहार में हिंदुस्तान-नेपाल सीमा पर सीमांचल इलाके के लोगों को गलगलिया-अररिया रेलखंड पर ट्रेन सेवाओं के उद्घाटन का इंतजार बेसब्री से है. अररिया और किशनगंज समेत आसपास के लोगों को इससे अधिक सहूलियत मिलेगी. नए रेलखंड पर ट्रेन कब से दौड़ेगी, इसकी जानकारी अभी रेलवे की तरफ से भी नहीं दी गयी है. लेकिन इस रेलखंड पर सीआरएस निरीक्षण के बारे में जानकारी सामने आयी है. पौआखाली से रहमतपुर तक होगा सीआरएस निरीक्षण गलगलिया-अररिया रेलखंड के पौआखाली से रहमतपुर तक करीब 80 किलोमीटर की दूरी में सीआरएस निरीक्षण हो सकता है. 8 जुलाई से 11 जुलाई तक यह निर्धारित किया गया है, ऐसी जानकारी सूत्रों से मिली है. रेलवे के सूत्र ने बताया कि 110 किलोमीटर लंबा यह नया रेलमार्ग है. जो ठाकुरगंज से शुरू होकर पौआखाली, बीबीगंज, लक्ष्मीपुर, रहमतपुर होते हुए अररिया तक जाएगा. सभी रेलवे स्टेशन तैयार कर लिए गए हैं. अब केवल सीआरएस निरीक्षण का इंतजार है. ALSO READ: पटना में गोपाल खेमका का मर्डर करने 1 घंटे इंतजार करता रहा हत्यारा, सिग्नल मिलते ही हो गया था अलर्ट! गलगलिया-अररिया रेलखंड के बारे में जानिए गलगलिया-अररिया रेलखंड पूर्वोत्तर हिंदुस्तान को सीमांचल-मिथिलांचल के रास्ते दिल्ली और अन्य राज्यों से जोड़ने वाली परियोजना है. 534 करोड़ की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट को तत्कालीन रेलमंत्री लालू यादव के द्वारा 2006-07 के बजट में मंजूरी दी गयी थी. अब इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर 2145 करोड़ कर दी गयी है. दो खंडों में हो चुका है सीआरएस सीआरएस कार्यालय से जानकारी मिली है कि सीआरएस सुमित सिंघल 8 जुलाई को कामरूप एक्सप्रेस से न्यू जलपाईगुड़ी आएंगे. उनकी टीम पौआखाली स्टेशन से सीआरएस जांच शुरू करेगी. 11 जुलाई तक यह निरीक्षण चलेगा. इस दौरान मोटर ट्रॉली से भी नयी रेल लाइन का निरीक्षण होगा. बता दें कि सीआरएस निरीक्षण में रेलवे लाइन, पुल व अन्य रेलवे सुविधाओं की सुरक्षा और संरक्षा चेक की जाती है. पिछले वर्ष ठाकुरगंज से पौआखाली के बीच निरीक्षण किया गया था. बाद में 12 जून को हुए सीआरएस जांच में इस रेलखंड पर ट्रेन चलाने के लिए हरी झंडी दे दी गयी थी. फिर अररिया कोर्ट-रहमतपुर और अररिया-रहमतपुर सेक्शन से वाई-कनेक्शन को चालू करने की अनुमति सीआरएस ने दी. अबतक करीब 31 किलोमीटर हिस्से को स्वीकृति दी जा चुकी है. 110.75 किलोमीटर लंबा यह रेलखंड है. अररिया-गलगलिया रेलखंड का शुभारंभ कब होगा अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने रेलमंत्री अश्विणी वैष्णव से मुलाकात की है. उन्होंने बताया कि अगले महीने अगस्त में पीएम मोदी पूर्णिया आएंगे. यहीं अररिया-गलगलिया रेलखंड का शुभारंभ भी पीएम करेंगे. The post बिहार में अररिया-गलगलिया रेल लाइन के उद्घाटन की आयी जानकारी, सीमांचल का इंतजार होगा खत्म! appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Pahari Mandir: संकट में रांची का पहाड़ी मंदिर, चूहे कर रहे नींव को खोखला , तकनीकी दल ने किया बड़ा खुलासा

Pahari Mandir Ranchi | रांची,राजेश तिवारी: रांची पहाड़ी और उस पर स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र पहाड़ी मंदिर (शिवालय) पर ध्यान देने की जरूरत है. यह पहाड़ी अब किसी भी तरह के नये निर्माण कार्य को बर्दाश्त नहीं कर पायेगी. ये हम नहीं,बल्कि प्रशासन की ओर से गठित उस तकनीकी दल ने कहा है,जो कुछ दिन पहले रांची पहाड़ी और उस स्थापित महादेव के मंदिर की भौतिक जांच करने पहुंची थी. तकनीकी दल के सदस्य ने दी जानकारी नाम नहीं छापने की शर्त पर तकनीकी दल के एक सदस्य ने बताया कि रांची पहाड़ी संकट में है. उनके दल ने मौका-मुआयना करने के बाद यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब पहाड़ी और इस पर स्थित मंदिर में निर्माण से संबंधित कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए. क्योंकि, पहाड़ी की मिट्टी ढीली हो गयी है. दल के सदस्य ने बताया कि फिलहाल वस्तुस्थिति का अध्ययन किया जा रहा है. टीम छह माह में अपनी रिपोर्ट राज्य प्रशासन को सौंप देगी. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मंदिर परिसर को खोखला कर रहे चूहे मंदिर को खोखला कर रहे चूहे इधर, पहाड़ी मंदिर इन दिनों नयी समस्या से जूझ रहा है. यहां दिन-ब-दिन चूहों की तादाद बढ़ रही है, जो मंदिर की दीवारों, फर्श और नींव में सुरंगें बनाकर इसे अंदर से खोखला कर रहे हैं. चूहों ने मंदिर परिसर में लगे पेड़ों की जड़ों को भी खोखला कर दिया है. समय रहते उपाय नहीं किया गया, तो मंदिर को भारी नुकसान हो सकता है. सुरंग की वजह से मंदिर परिसर में कई जगहों पर फर्श धंस गयी है. जिस जगह जमीन खोखली हो गयी है, उसे टाइल्स के जरिये ढंकने की कोशिश की जा रही है. गार्डवॉल बनाने का काम नहीं हुआ पूरा पहाड़ी की मिट्टी को रोकने के लिए गार्डवॉल बनाया जा रहा है, जो आज तक अधूरा है. इससे बारिश में पहाड़ी से मिट्टी कट कर धीरे-धीरे नीचे आ रही है. इससे पहाड़ी और इस पर लगे पेड़-पौधों को नुकसान हो रहा है. आसपास की आबादी भी खतरे में है. इसे भी पढ़ें Shravani Mela 2025: श्रावणी मेला में सुरक्षा बढ़ाने का अलर्ट, स्पेशल ब्रांच के आईजी ने किया बड़ा खुलासा पहाड़ी की सेहत से किया गया खिलवाड़ पहाड़ी पर पेड़ के आसपास मिट्टी का कटाव पहाड़ी मंदिर के सौंदर्यीकरण के नाम पर 10 सालों में करोड़ों रुपये खर्च हुए. साल 2016 में मुख्य मंदिर के ठीक नीचे बने यात्री शेड को तोड़ दिया गया. इससे मुख्य मंदिर की नींव कमजोर हो गयी. दीवार के नीचे की मिट्टी बह रही है. इसके बाद नये निर्माण के लिए जगह-जगह पिलर खड़े किये गये. मंदिर का सौंदर्यीकरण तो हुआ नहीं, उल्टे पहाड़ी की सूरत बिगड़ती चली गयी. सौंदर्यीकरण के नाम पर केवल सीढ़ियां हुईं दुरुस्त पहाड़ी मंदिर में सौंदर्यीकरण के नाम पर केवल सीढ़ियां दुरुस्त होती चली आयी है. अब तक पांच बार मंदिर की सीढ़ियों को ठीक किया गया है. सबसे पहले साल 1947 में स्व सागरमल चौधरी व शीशा महाराज ने मिलकर मंदिर की सीढ़ियां बनायी थीं. सागरमल ने 5000 और शीश महाराज ने 120 रुपये दिये थे. इसके बाद साल 1985 में स्व जगदीश मुरारका व जूलि चंद मित्तल ने पुरानी सीढ़ी को तोड़कर पत्थर की सीढ़ी बनवायी. इसे भी पढ़ें Jharkhand HC: कंपोजिट यूजर शुल्क मामले में हाईकोर्ट के फैसले से प्रार्थियों को बड़ी राहत, इस दिन होगी अगली सुनवाई फिर, साल 1992 में पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने स्थापना काल से ही सीढ़ी बनाना शुरू किया और 1995 में निर्माण कार्य पूरा किया. साल 2003 में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में सीढ़ियों में टाइल्स लगाया गया, जिसकी लागत 78 लाख थी. साल 2025 में करोड़ों की लागत से सीढ़ियों को तोड़कर अब लाल पत्थर लगाया जा रहा है. इसके निर्माण कार्य का काम अंतिम चरण में है. इसे भी पढ़ें Monsoon Travel Tips: मानसून में नेतरहाट घूमने का है प्लान, तो अपने साथ रखना न भूलें ये जरूरी चीजें Hazaribagh News: हजारीबाग के इस प्रशासनी कार्यालय में बड़ा हादसा, बारिश के बीच ढह गयी जर्जर चहारदीवारी Shravani Mela: कांवरियों के पैर में नहीं पड़ेंगे छाले, श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किये जा रहे ये खास इंतजाम The post Pahari Mandir: संकट में रांची का पहाड़ी मंदिर, चूहे कर रहे नींव को खोखला , तकनीकी दल ने किया बड़ा खुलासा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार में अब बिना चालान बालू सप्लाई की तो होगी FIR, सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश

Bihar Sand News: बिहार प्रशासन ने अब सभी प्रशासनी परियोजनाओं में उपयोग होने वाले बालू पर कड़ा नियंत्रण लागू कर दिया है. अब किसी भी प्रशासनी योजना में अगर बालू का उपयोग किया जा रहा है, तो उसका वैध चालान दिखाना अनिवार्य होगा. खान एवं भूतत्व विभाग ने इस संबंध में सभी संबंधित कार्य विभागों को निर्देश जारी कर दिया है. बिना चालान बालू मिला तो होगी कार्रवाई सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन को हाल के दिनों में जानकारी मिली थी कि कई प्रशासनी निर्माण कार्यों में भी अवैध रूप से बालू की आपूर्ति की जा रही है. इससे न केवल प्रशासन के राजस्व को नुकसान पहुंच रहा था, बल्कि बालू माफियाओं को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा था. अब विभागीय निर्देश के तहत, बालू के स्रोत की वैधता और चालान की प्रति अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी. मुख्य सचिव ने दी चेतावनी, दोषी विभागों पर होगी कार्रवाई बीते दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक में यह मामला गंभीरता से उठाया गया.बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि जिन प्रशासनी परियोजनाओं में अवैध बालू के उपयोग के प्रमाण मिलते हैं, वहां संबंधित विभागों और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए. पंचायतों को भी भेजी जाएगी सूची बैठक में एक और अहम फैसला यह हुआ कि प्रशासनी कार्य एजेंसियों को कानूनी तौर पर बालू की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए उन्हें पट्टा आधारित बालू घाट उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके लिए सभी अनीलामित बालू घाटों की सूची तैयार कर संबंधित कार्य विभागों और पंचायतों को भेजी जाएगी, ताकि वे आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर वैध खनन के लिए आवेदन कर सकें. अवैध खनन पर लगेगा ब्रेक इस पहल का उद्देश्य राज्य में बालू के अवैध कारोबार पर लगाम लगाना है और प्रशासनी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाना है. अब से हर बालू ट्रक की निगरानी की जाएगी और चालान का डिजिटल रिकॉर्ड भी रखा जाएगा. Also Read: पटना-बख्तियारपुर फोरलेन पर भीषण टक्कर में राजद नेता की मौत, घायलों से मिलने PMCH पहुंचे तेजस्वी यादव  The post बिहार में अब बिना चालान बालू सप्लाई की तो होगी FIR, प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top