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July 9, 2025

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Internship programs : जर्नलिज्म, स्टूडेंट काउंसलर एवं ऑपरेशंस समेत अन्य क्षेत्रों में इंटर्नशिप के लिए करें आवेदन

Internship programs : इंटर्नशिप आज लगभग सभी प्रोफेशनल कोर्सेज का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है. यह छात्रों को प्रोफेशनल नॉलेज देने के साथ प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस भी प्रदान करती है. इन अनुभव के साथ छात्र खुद को बेहतर पेशेवर के रूप में तैयार कर पाता है. आप अगर ह्यूमन रिसोर्स एसोसिएट, मार्केट रिसर्च, डिजिटल मार्केटिंग एवं जर्नलिज्म जैसे क्षेत्रों में इंटर्नशिप करने का मौका तलाश रहे हैं, तो निम्न संस्थानों में आवेदन कर सकते हैं… वर्क फ्रॉम होम काम करने का है विकल्प  ह्यूमन रिसोर्स एसोसिएटसंस्थान : क्वांटाजोनस्थान : वर्क फ्रॉम होमस्टाइपेंड : 5000 रुपये प्रतिमाहअंतिम तिथि : 1 अगस्त, 2025विवरण देखें : https://shorturl.at/3WZhq ग्राफिक डिजाइनसंस्थान : क्रेडेक्सस्थान : वर्क फ्रॉम होमस्टाइपेंड : 15,000-20,000 रुपये प्रतिमाहअंतिम तिथि : 1 अगस्त, 2025विवरण देखें : https://shorturl.at/eXeWW मार्केट रिसर्चसंस्थान : रामराज एंटरप्राइजेसस्थान : वर्क फ्रॉम होम  स्टाइपेंड : 4500-8500 रुपये प्रतिमाहअंतिम तिथि : 1 अगस्त, 2025विवरण देखें : https://shorturl.at/M8xmO पटना में इन जगहों पर है मौका  डिजिटल मार्केटिंग    संस्थान : ग्रैविटी (ग्रैविटी इंजीनियरिंग सर्विसेज)स्थान : पटनास्टाइपेंड : 10,000 रुपये प्रतिमाहअंतिम तिथि : 1 अगस्त, 2025विवरण देखें : https://shorturl.at/vhBgZ जर्नलिज्मसंस्थान : डिजिजियो सॉल्यूशंस  स्थान : पटनास्टाइपेंड : 6000-7000 रुपये प्रतिमाहअंतिम तिथि : 31 जुलाई, 2025विवरण देखें : https://shorturl.at/kNiUZ कोलकता में यहां कर सकते हैं इंटर्नशिप  स्टूडेंट काउंसलरसंस्थान : मैथ्रिक्स कोचिंग क्लासेस    स्थान : कोलकातास्टाइपेंड : 5000-6000 रुपये प्रतिमाहअंतिम तिथि : 28 जुलाई, 2025विवरण देखें : https://shorturl.at/L5s9U ऑपरेशंससंस्थान : मेजर इन्फो सर्विसेजस्थान : कोलकातास्टाइपेंड : 6500-8500 रुपये प्रतिमाहअंतिम तिथि : 1 अगस्त, 2025 विवरण देखें : https://shorturl.at/y1Rgv  इसे भी पढ़ें : IBPS PO/MT recruitment : इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन करेगा पीओ/एमटी के 5208 पदों पर भर्ती The post Internship programs : जर्नलिज्म, स्टूडेंट काउंसलर एवं ऑपरेशंस समेत अन्य क्षेत्रों में इंटर्नशिप के लिए करें आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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Education: विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में केंद्रीय विश्वविद्यालयों की भूमिका पर होगा मंथन

Education: शिक्षा मंत्रालय 10 और 11 जुलाई 2025 को गुजरात के केवडिया में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) के पांच साल तक हुए क्रियान्वयन की समीक्षा और भावी दिशा तय करने के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति 10-11 जुलाई तक मंथन करेंगे. गुजरात के केवडिया में केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का सम्मेलन आयोजित किया जायेगा. इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिक्षा राज्य मंत्री डॉक्टर सुकांत मजूमदार और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. इस सम्मेलन में केंद्रीय विश्वविद्यालयों के प्रमुख संस्थागत प्रगति की समीक्षा और सामूहिक तौर पर आगे की दिशा तय करने के लिए व्यापक विचार-विमर्श करेंगे. दो दिवसीय मंथन के दौरान केंद्रीय विश्वविद्यालयों के राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अगले चरण के लक्ष्य तय करने, सहकर्मी शिक्षण और ज्ञान का आदान-प्रदान, संस्थागत नवाचारो, सक्षम वातावरण और साझा चुनौतियों पर चर्चा होगी. इसके अलावा आगामी योजना, नियामक परिवर्तनों और वर्ष 2047 के वैश्विक शैक्षणिक परिदृश्य के लिए संस्थानों को तैयार करने, उच्च शिक्षा के प्रमुख पहलुओं जैसे शिक्षा, अनुसंधान और शासन पर दस विषयगत सत्र पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे. इस चर्चा का मकसद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के के तहत समता, जवाबदेही, गुणवत्ता, पहुंच और सामर्थ्य को शिक्षा व्यवस्था में समग्रता से लागू करना है. गौरतलब है कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव किया गया है.  जरूरत के हिसाब से नये कोर्स शुरू करने की पहल नयी शिक्षा नीति का मकसद बाजार की जरूरत के हिसाब से शिक्षा मुहैया कराना है. इसके लिए शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव किए गए है. ग्रेजुएट कोर्स को और अधिक आकर्षक बनाया गया है. चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूपी) पर ध्यान केंद्रित करते हुए राष्ट्रीय उच्च शिक्षा योग्यता ढांचा (एनएचईक्यूएफ), नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) को लेकर छात्रों में समझ बढ़ाने के लिए शिक्षाविद चर्चा करेंगे ताकि नौकरी की आवश्यकता के अनुसार पाठ्यक्रमों बनाया जा सके. मौजूदा समय में डिजिटल शिक्षा का महत्व काफी बढ़ा है.  इसके लिए स्वयं, स्वयं प्लस, ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (एएपीएआर) क्रेडिट ट्रांसफर पर चर्चा होगा और विश्वविद्यालय प्रशासन प्रणाली ‘समर्थ’ उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने, प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी, वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन, हिंदुस्तानीय भाषा और हिंदुस्तानीय ज्ञान प्रणाली में शिक्षा, हिंदुस्तानीय भाषा पुस्तक योजना, अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान (एएनआरएफ), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई), प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (पीएमआरएफ) सहित अनुसंधान और नवाचार रैंकिंग और मान्यता प्रणाली, मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम जैसे मसलों पर गहन चर्चा होगी.  इस सम्मेलन में दिल्ली विश्वविद्यालय, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, असम विश्वविद्यालय, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय, कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय, विश्व हिंदुस्तानी, राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू), सिक्किम विश्वविद्यालय, त्रिपुरा विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), इलाहाबाद विश्वविद्यालय और कई अन्य शिक्षण संस्थान भाग लेंगे.  The post Education: विकसित हिंदुस्तान के लक्ष्य को हासिल करने में केंद्रीय विश्वविद्यालयों की भूमिका पर होगा मंथन appeared first on Naya Vichar.

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फ्री एजुकेशन के लिए मशहूर है ये 5 देश, सरकार उठाती है खर्चा

Free Education: हिंदुस्तानीय छात्र आज ग्लोबल एजुकेशन की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं, जो न केवल उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है, बल्कि एकेडमिक प्लेटफॉर्म पर हिंदुस्तानीय हुनर को भी उजागर कर रहा है. हाई क्वॉलिटी वाली शिक्षा, मल्टीकल्चर की चाह में ये छात्र विदेशी विश्वविद्यालयों का रुख कर रहे हैं. लेटेस्ट टेक्नोलॉजी, रिसर्च के अवसर और ग्लोबल नेटवर्किंग के साथ, हिंदुस्तानीय युवा आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रहे हैं. दुनिया के कई ऐसे देश हैं जो हायर एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए फ्री एजुकेशन स्कीम ऑर्गेनाइज कर रहे हैं. इसका लाभ दूसरे देश के छात्र भी उठा सकते हैं. ऐसे में यहां 5 देशों के बारे में जानेंगे जहां फ्री एजुकेशन उपलब्ध है और प्रशासन भी छात्रों का खर्चा उठाती है. Free Education in Germany: जर्मनी जर्मनी में ज्यादातर पब्लिक यूनिवर्सिटीज हिंदुस्तानीय छात्रों सहित सभी के लिए मुफ्त शिक्षा देती हैं. आपको केवल एक छोटा सेमेस्टर फीस (लगभग 10,000-20,000 रुपये प्रति सेमेस्टर) देना पड़ता है. इसमें कार्यकारी खर्चे और ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं. कोर्स अंग्रेजी और जर्मन में उपलब्ध हैं, लेकिन जर्मन भाषा सीखना फायदेमंद हो सकता है. जर्मनी मे कुछ टॉप यूनिवर्सिटी जिसमे हिंदुस्तानीय छात्र फ्री मे पढ़ सकते हैं और इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, मेडिकल साइंस, टेक्निकल, मैकेनिकल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साइंस, सोशल साइंस जैसे बेस्ट कोर्स कर सकते हैं. नीचे दिए गए कुछ यूनिवर्सिटी शामिल हैं : TU Munich (TUM) Heidelberg University RWTH Aachen University of Stuttgart Free University of Berlin Norway: नॉर्वे नॉर्वे की पब्लिक यूनिवर्सिटीज में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए भी ट्यूशन फीस नहीं होती. आपको सिर्फ रहने-खाने और किताबों का खर्चा उठाना पड़ता है. यहां अंग्रेजी में कई कोर्स उपलब्ध हैं, खासकर मास्टर्स और पीएचडी के लिए. नॉर्वे मे कुछ टॉप यूनिवर्सिटी जिसमे हिंदुस्तानीय छात्र फ्री मे पढ़ सकते हैं और बहुत कोर्स करने का मौका पा सकते हैं जैसे साइंस, आर्ट्स, लॉ, इंजीनियरिंग, हेल्थ, सोशल साइंस की नीचे दिए गए कुछ यूनिवर्सिटी शामिल हैं : University of Oslo Norwegian University of Science and Technology (NTNU) University of Bergen UiT Arctic University of Norway Finland: फिनलैंड फिनलैंड में पहले सभी के लिए मुफ्त शिक्षा थी, लेकिन अब गैर-यूरोपीय संघ के छात्रों (जैसे हिंदुस्तानीय) के लिए कुछ ट्यूशन फीस लागू हो सकती है. फिर भी, कई स्कॉलरशिप्स (Foreign Scholarship 2025) उपलब्ध हैं जो फी माफ कर सकती हैं. पीएचडी प्रोग्राम और कुछ खास कोर्स अभी भी मुफ्त हो सकते हैं. फिनलैंड मे कुछ टॉप यूनिवर्सिटी जिसमे हिंदुस्तानीय छात्र फ्री मे पढ़ सकते हैं और स्कालरशिप पा सकते हैं नीचे दिए गए कुछ यूनिवर्सिटी शामिल हैं: University of Helsinki Aalto University University of Turku LUT University Tampere University Sweden: स्वीडन स्वीडन में यूरोपीय संघ के बाहर के छात्रों के लिए ट्यूशन फीस होती है, लेकिन कई स्कॉलरशिप्स (जैसे स्वीडिश इंस्टीट्यूट स्कॉलरशिप) हिंदुस्तानीय छात्रों के लिए उपलब्ध हैं जो पूरी फी कवर कर सकती हैं. पीएचडी प्रोग्राम अक्सर मुफ्त होते हैं और स्टाइपेंड भी मिलता है. स्वीडन मे कुछ टॉप यूनिवर्सिटी जिसमें हिंदुस्तानीय छात्र फ्री मे पढ़ सकते हैं और स्कॉलरशिप पा सकते हैं नीचे दिए गए कुछ यूनिवर्सिटी शामिल हैं : Uppsala University KTH Royal Institute of Technology University of Gothenburg Stockholm University Swedish Institute Australia: ऑस्ट्रिया ऑस्ट्रिया की पब्लिक यूनिवर्सिटीज में हिंदुस्तानीय छात्रों के लिए ट्यूशन फीस बहुत कम है (लगभग 40,000-50,000 रुपये प्रति साल). कुछ मामलों में स्कॉलरशिप के जरिए इसे और कम किया जा सकता है. कोर्स जर्मन और अंग्रेजी में उपलब्ध हैं. ऑस्ट्रिया मे कुछ टॉप यूनिवर्सिटी जिसमे हिंदुस्तानीय छात्र फ्री मे पढ़ सकते हैं और स्कॉलरशिप पा सकते हैं नीचे दिए गए कुछ यूनिवर्सिटी शामिल हैं : Deakin University Monash University Melbourne University Macquarie University ये भी पढ़ें: 6 महीने में सीखें, लाखों में कमाएं, ये सर्टिफिकेट कोर्स बदल देंगे आपका करियर The post फ्री एजुकेशन के लिए मशहूर है ये 5 देश, प्रशासन उठाती है खर्चा appeared first on Naya Vichar.

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Paneer Samosa Recipe: हर बाइट में स्वाद और कुरकुरापन का जादू, इस तरह घर पर बनाएं पनीर समोसा

Paneer Samosa Recipe: अगर आप शाम की चाय के साथ कुछ चटपटा और कुरकुरा स्नैक बनाना चाहते हैं तो पनीर समोसा एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. पनीर से बना समोसा खाने में जितना टेस्टी होता है उतना ही क्रिस्पी भी होता है. यह डिश बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी काफी ज्यादा पसंद आता है. खास बात ये है कि इसे बनाना भी बेहद आसान है और यह बहुत अधिक समय भी नहीं लेता. जब आप इस डिश को अपने बच्चों के सामने एक बार परोसते हैं तो वे रोज इसे खाने की जिद करने लगते हैं. तो आइए जानते हैं पनीर समोसा बनाने की आसान रेसिपी. पनीर समोसा बनाने के लिए जरूरी सामग्री मैदा – 1 कप अजवाइन – आधा टीस्पून नमक – स्वादानुसार तेल – 2 टेबलस्पून मोयन के लिए पानी – आवश्यकतानुसार पनीर – 200 ग्राम कद्दूकस किया हुआ उबले हुए आलू – 2 मैश किए हुए हरी मिर्च – 1 बारीक कटी हुई अदरक – 1 टीस्पून कद्दूकस किया हुआ हरा धनिया – 2 टेबलस्पून कटा हुआ लाल मिर्च पाउडर – आधा टीस्पून गरम मसाला – आधा टीस्पून चाट मसाला – 1 टीस्पून नमक – स्वादानुसार तेल – 1 टेबलस्पून स्टफिंग भूनने के लिए तेल – समोसे तलने के लिए ये भी पढ़ें: Suji Sandwich Recipe: टिफिन में हर दिन मचेगा धमाल! ब्रेड नहीं सूजी से बनाएं बच्चों का फेवरेट सैंडविच ये भी पढ़ें: Suji Appe Recipe: बच्चों के लिए शाम के नाश्ते को बनाएं हेल्दी और टेस्टी, इस तरह बिना ऑइल मिनटों में तैयार करें सूजी अप्पे पनीर समोसा बनाने की विधि एक बर्तन में मैदा लें और उसमें नमक, अजवाइन और मोयन के लिए तेल डालें. अब इसे हाथ से अच्छे से मिलाएं. इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए कड़ा आटा गूंथ लें. अब इसे गीले कपड़े से ढककर 15 से 20 मिनट के लिए रख दें. एक पैन में थोड़ा तेल गर्म करें और इसमें अदरक और हरी मिर्च डालकर भूनें. अब आपको इसमें मैश किया हुआ आलू और पनीर डालना है और साथ ही लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, चाट मसाला और नमक डालकर मिला लेना है. कुछ देर भूनने के बाद हरा धनिया डालें और गैस बंद कर दें. स्टफिंग को ठंडा होने दें. अब गूंथे हुए आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और बेलन से बेलकर ओवल शेप में बेल लें. अब इसे बीच से काटकर दो हिस्सों में बांट लें. एक हिस्सा लें और उसमें थोड़ा पानी लगाकर कोन बनाएं. अब उसमें तैयार स्टफिंग भरें और ऊपर से किनारों को चिपका दें. इसके बाद एक कड़ाही में तेल गर्म करें. जब तेल मीडियम गर्म हो जाए तो उसमें एक-एक करके समोसे डालें और धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तलें. गरमागरम पनीर समोसे को हरी चटनी, इमली की चटनी या फिर टमैटो सॉस के साथ सर्व करें. ये समोसे बच्चों के टिफिन, मेहमानों के लिए स्नैक्स या शाम की चाय के साथ परफेक्ट रहते हैं. ये भी पढ़ें: Suji Idli Recipe: 15 मिनट में तैयार होगी हल्की-फुल्की और सॉफ्ट सूजी इडली, जानें बिना झंझट तैयार होने वाली रेसिपी The post Paneer Samosa Recipe: हर बाइट में स्वाद और कुरकुरापन का जादू, इस तरह घर पर बनाएं पनीर समोसा appeared first on Naya Vichar.

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27 लाख बिजलीकर्मियों का फट पड़ा गुस्सा, बोले– निजीकरण का फैसला लिया तो सब कुछ बंद कर देंगे

Electricity Privatization Protest: उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में बुधवार को बिजली कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया. निजीकरण के प्रस्तावित फैसले को जनविरोधी बताते हुए कर्मचारियों ने उपकेंद्रों और कार्यालयों के बाहर एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शन के ज़रिए कर्मचारियों ने यह संदेश दिया कि अगर प्रशासन ने उनकी मांगों को अनसुना किया, तो आंदोलन और तेज होगा. 27 लाख बिजलीकर्मी एकजुट, निजीकरण के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लॉइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर देशभर में करीब 27 लाख बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने सांकेतिक हड़ताल की. यह अब तक का सबसे बड़ा एकदिवसीय विरोध रहा, जिसमें सभी राज्यों के कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों से बाहर आकर निजीकरण के खिलाफ लामबंद हुए. उन्होंने प्रशासन से इस जनविरोधी नीति को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की. यूपी के एक लाख बिजलीकर्मी सड़कों पर उतरे उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के खिलाफ राज्य के लगभग एक लाख बिजलीकर्मी, संविदा कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और वरिष्ठ अभियंता प्रदर्शन में शामिल हुए. उन्होंने अपने कार्यस्थलों से बाहर निकलकर उपकेंद्रों और कार्यालय परिसरों में जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन को चेताया कि यदि यह निर्णय लागू हुआ तो प्रदेश में बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. बिजली नेताओं की दो टूक– फैसला वापस लो वरना होगा देशव्यापी आंदोलन ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे समेत कई बड़े संगठनों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर उत्तर प्रदेश में विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण की योजना को वापस नहीं लिया गया, तो देश के तमाम बिजलीकर्मी चुप नहीं बैठेंगे. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चेतावनी है, अगर उत्पीड़न हुआ या मांगें नहीं मानी गईं तो देशभर में व्यापक हड़ताल की जाएगी. केंद्र व राज्य प्रशासनों की ‘जन विरोधी’ नीति का विरोध बिजली कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि प्रशासनें निजी हाथों में बिजली व्यवस्था सौंपकर जनता को मंहगी बिजली और असुरक्षित भविष्य की ओर धकेल रही हैं. उन्होंने यह भी मांग की कि केंद्र प्रशासन का विद्युत मंत्रालय उत्तर प्रदेश प्रशासन के इस फैसले को रद्द कराने में निर्णायक भूमिका निभाए और देशभर में बिजली व्यवस्था को सुरक्षित रखा जाए. कर्मचारी बोले, निजीकरण लागू हुआ तो पूर्ण हड़ताल करेंगे बिजली कर्मचारियों ने एलान किया है कि यदि प्रशासन निजीकरण को जबरन लागू करती है तो यह सांकेतिक हड़ताल जल्द ही पूर्ण कार्य बहिष्कार में बदल जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी, क्योंकि कर्मचारी अपने हक और सार्वजनिक हित में किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. The post 27 लाख बिजलीकर्मियों का फट पड़ा गुस्सा, बोले– निजीकरण का फैसला लिया तो सब कुछ बंद कर देंगे appeared first on Naya Vichar.

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औरंगाबाद में उत्पाद विभाग की टीम पर हमला, शराबियों को छुड़ाया, दरोगा समेत 4 घायल

औरंगाबाद, मृणाल कुमार: जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र में मंगवाल रात उत्पाद विभाग की टीम पर हमला कर दिया गया. यह घटना बिहार-झारखंड बॉर्डर इलाके के धोबनी गांव के पास की है. घटना में विभाग के एसआई कृष्णनंदन कुमार, वाहन चालक सुमंत कुमार समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी घायलों को पहले कुटुंबा के स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक इलाज के लिए ले जाया गया. वहां से एसआई और चालक को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. तीन शराबियों को पकड़ा गया जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग की टीम टंडवा थाना क्षेत्र के पिछुलिया चेकपोस्ट पर ड्यूटी पर थी. वाहन जांच के वक्त टीम ने झारखंड से शराब पीकर लौट रहे तीन लोगों को पकड़ा और उन्हें स्कॉर्पियो में बैठाकर कार्रवाई के लिए ले जा रही थी. परिजनों ने किया हमला इसी बीच किसी तरह इस बात की सूचना शराबियों के परिजनों और गांव वालों को मिल गई. परिजन और कुछ ग्रामीण एक पिकअप वैन में सवार होकर घटनास्थल पर पहुंचे और स्कॉर्पियो को टक्कर मार दी. इसके बाद उत्पाद टीम पर हमला कर दिया गया. आरोप है की हमलावरों ने एसआई, चालक और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और पकडे गए शराबियों को छुड़ाकर अपने साथ ले गए. इतना ही नहीं, गुस्सैल ग्रामीणों ने स्कॉर्पियो का शीशा फोड़ दिया और दरवाजे भी तोड़ दिए. सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस घटना की सूचना मिलते ही कुटुंबा थाना की पुलिस और उत्पाद विभाग के अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सारे लोग फरार हो चुके थे. कुटुंबा थानाध्यक्ष अक्षयवर सिंह ने बताया कि पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल उत्पाद विभाग की ओर से कोई शिकायत या आवेदन नहीं सामने आया है.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें ग्रामीणों ने लगाया गंभीर आरोप वहीं, ग्रामीणों का दावा है कि उत्पाद विभाग के जवानों ने शराबियों को छोड़ने के बदले परिजनों से पैसे की मांग की थी. इसी बहाने उन्हें धोबनी बुलाया गया था, जहां पर विवाद हुआ और स्तिथि हिंसक हो गई. इस घटना के बाद एक पूरी घटना भी चर्चा में आगई है. दो महीने पहले भी टंडवा इलाके में उत्पाद विभाग की टीम पर हमला हुआ था.  उस समय बारात में शामिल लोगों ने चेकिंग के दौरान उत्पाद विभाग की टीम पर हमला कर दिया था, जिसमें एक दरोगा विनोद कुमार यादव, सिपाही वरुण कुमार, सिपाही धर्मेंद्र और चालक सुमंत घायल हुए थे. इसे भी पढ़ें: Video: बिहार बंद की रैली में राहुल-तेजस्वी के ट्रक में कन्हैया और पप्पू यादव को चढ़ने से रोका, देखें वीडियो The post औरंगाबाद में उत्पाद विभाग की टीम पर हमला, शराबियों को छुड़ाया, दरोगा समेत 4 घायल appeared first on Naya Vichar.

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Shravani Mela: कल होगा राजकीय श्रावणी मेले का उद्घाटन, मंत्री सुदिव्य कुमार समेत कई मंत्री होंगे शामिल, देखिए पूरा शेड्यूल

Shravani Mela: बाबा की नगरी देवघर में लगने वाले श्रावणी मेले का कल 10 जुलाई को शुभारंभ होगा. कल सुबह 10:30 बजे से झारखंड की सीमा पर कांवरिया पथ दुम्मा में उद्घाटन समारोह की शुरुआत होगी. मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडेय सिंह और संजय प्रसाद यादव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे. वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में मंत्री हफीजुल हसन, सांसद निशिकांत दुबे, नलिन सोरेन, विधायक सरेश पासवान, उदय शंकर, देवेंद्र कुंवर और जिला परिषद अध्यक्ष किरण कुमारी मौजूद रहेंगी. श्रावणी मेले को लेकर सभी तैयारियां पूरी देवघर जिला प्रशासन ने श्रावणी मेले को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली है. मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का खास ख्याल रखा जायेगा. इसे लेकर तमाम तैयारियां पूरी हो गयी है. भीड़-भाड़ में भी श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसके भी पुख्ता इंतजाम किये गये हैं. प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किये हैं. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें मंत्री ने की थी समीक्षा बैठक मालूम हो पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने एक दिन पूर्व ही श्रावणी मेले की तैयारियों का जायजा लिया था. वहीं कल 8 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी श्रावणी मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए विभिन्न पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की थी, जिसमें श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गये. इसे भी पढ़ें Jharkhand News: शिबू सोरेन से मिलने दिल्ली पहुंचे बाबूलाल मरांडी, सीएम हेमंत सोरेन से जाना गुरुजी का हाल Deoghar Peda: श्रद्धा के बीच होगा करोड़ों का कारोबार, सजेंगी 400 से अधिक पेड़े की दुकानें, क्या होगी कीमत? हेमंत प्रशासन की मंईयां सम्मान योजना के बाद अब जयराम महतो भी स्त्रीओं को देंगे 1 हजार रुपये की सौगात! खुद कही यह बात The post Shravani Mela: कल होगा राजकीय श्रावणी मेले का उद्घाटन, मंत्री सुदिव्य कुमार समेत कई मंत्री होंगे शामिल, देखिए पूरा शेड्यूल appeared first on Naya Vichar.

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पटना से ऑपरेट हो रहा था हाईटेक साइबर ठगी, पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत तीन को धर दबोचा

Bihar News: बिहार के भोजपुर जिले की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस ने इस गैंग से जुड़े तीन शातिर आरोपियों को पटना के दानापुर से गिरफ्तार किया है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये लोग फर्जी ई-कॉमर्स कंपनी की आड़ में बड़े स्तर पर ठगी को अंजाम दे रहे थे और एक अपार्टमेंट को ही अपने ऑपरेशन हेडक्वार्टर में बदल रखा था. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भोजपुर के भलुहीपुर निवासी सौरभ कुमार (मास्टरमाइंड), बेगमपुर निवासी अभय कुमार और पटना जिले के मड़ियापुर गांव के अमन कुमार के रूप में हुई है. सौरभ ही पूरे गैंग को टेक्निकल ट्रेनिंग देता था और नेटवर्क संभालता था. पंजाब से लेकर ओडिशा तक फैला था गिरोह का जाल डीएसपी स्नेह सेतू के अनुसार, यह गिरोह बिहार के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा जैसे राज्यों में भी सक्रिय था. हर जगह से इनके खिलाफ शिकायतें मिली हैं. ये लोग गरीबों को चंद रुपये का लालच देकर उनके नाम से फर्जी खाते और सिम कार्ड निकलवाते थे और फिर उनका दुरुपयोग करते थे. दानापुर में अपार्टमेंट से चल रहा था पूरा साइबर ऑपरेशन गिरोह ने दानापुर में किराए पर अपार्टमेंट लेकर उसे फर्जी ऑफिस बना रखा था, जिसका नाम रखा गया था ई-कॉमर्स ऑनलाइन वहीं से पूरे ठगी ऑपरेशन को अंजाम दिया जाता था. पुलिस ने छापेमारी के दौरान वहां से बरामद किया 8 फर्जी बैंक की मुहरें 3 पासबुक 13 चेकबुक 7 एटीएम कार्ड 3 स्कैनर 1 DVR 1 पावर बैंक 5 मोबाइल फोन 1 वाई-फाई राउटर वलीगंज के युवक से ठगी थी 50 हजार, वहीं से मिला था सुराग 27 फरवरी को आरा टाउन थाना क्षेत्र के वलीगंज निवासी सूरज कुमार से 50 हजार रुपये की साइबर ठगी हुई थी. उसी केस की जांच में साइबर डीएसपी स्नेह सेतू के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई. दारोगा गांधी पाठक और स्वाती रानी की मदद से तकनीकी जांच हुई और आरोपी एक-एक कर गिरफ़्त में आ गए. कैसे चलता था गिरोह का पूरा सिस्टम? जानिए पूरा मॉडल गरीबों को पैसे का लालच देकर बैंक खाता और सिम कार्ड बनवाते थे उन्हीं खातों के ज़रिए ठगी की रकम का लेन-देन होता था फर्जी दस्तावेजों के लिए खुद बनाते थे नकली मुहरें हर काम ‘ई-कॉमर्स कंपनी’ के नाम से होता था सारा ऑपरेशन हाईटेक तरीक़े से चलता था अब तक एक करोड़ रुपये से ज्यादा का ट्रांजैक्शन ट्रेस शुरुआती जांच में पुलिस को एक करोड़ से ज्यादा की लेन-देन के सुराग मिले हैं. लगभग दो दर्जन फर्जी खातों का इस्तेमाल इस ठगी में हुआ है. पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है और आने वाले समय में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.भोजपुर पुलिस ने न सिर्फ एक हाईटेक गैंग को दबोचा है, बल्कि यह भी साबित किया है कि तकनीक के सहारे होने वाले अपराधों से निपटने के लिए हमारी साइबर यूनिट पूरी तरह सक्षम है. गिरोह के नेटवर्क और बैंक खातों की गहराई से जांच जारी है. Also Read: बीच सड़क पर चादर बिछाकर सोए RJD नेता, भैंस बांधकर किया प्रदर्शन The post पटना से ऑपरेट हो रहा था हाईटेक साइबर ठगी, पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत तीन को धर दबोचा appeared first on Naya Vichar.

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Liquor Scam: हाईकोर्ट ने केजरीवाल की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय से मांगा जवाब

Liquor Scam: दिल्ली में कथित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय के समन को निचली अदालत द्वारा वैध ठहराने के फैसले को चुनौती देने वाली अरविंद केजरीवाल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी कर जवाब देने का आदेश दिया. जांच एजेंसी को 6 हफ्ते में जवाब दाखिल करना होगा. न्यायाधीश रविंदर डुडेजा के समक्ष प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश वकील ने कहा कि केजरीवाल की याचिका स्वीकार करने योग्य नहीं है. केजरीवाल ने सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दूसरी समीक्षा याचिका दाखिल की है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है. इस पर अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को जवाबी हलफनामे में अपनी आपत्ति दर्ज करने को कहा. यही नहीं पीठ ने केजरीवाल की दूसरी याचिका पर भी नोटिस जारी कर जवाब देने का आदेश दिया. केजरीवाल ने दूसरी याचिका में मामले की सुनवाई दूसरी अदालत में हस्तांतरित करने की मांग की है. सेशन कोर्ट ने केजरीवाल की मामले को दूसरे अदालत में हस्तांतरित करने की मांग को अस्वीकार कर दिया था. अब मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी. गौरतलब है कि दिल्ली में आबकारी नीति में हुए भ्रष्टाचार के मामले की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय दोनों कर रहा है. इस मामले में आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं को जेल भी जाना पड़ा. सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को जमानत दी.    क्या है मामला दिल्ली की आबकारी नीति में हुए कथित भ्रष्टाचार से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ के लिए अरविंद केजरीवाल को कई बार समन भेजा. लेकिन केजरीवाल जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने राउज एवेन्यू कोर्ट में केजरीवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी. जांच एजेंसी की शिकायत पर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 2 समन जारी किया. केजरीवाल ने इस समन आदेश और सेशंस कोर्ट के 17 सितंबर 2024 के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. इस फैसले के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया. कई महीने जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. जांच एजेंसी का आरोप है कि दिल्ली में बनायी गयी आबकारी नीति कुछ शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनायी गयी. इसके एवज में शराब कंपनियों ने आम आदमी पार्टी को पैसा दिया.इस पैसे का इस्तेमाल पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव लड़ने में किया. इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय दोनों अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुके हैं और मामला अदालत के विचाराधीन है.  The post Liquor Scam: हाईकोर्ट ने केजरीवाल की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय से मांगा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand Naxal: भाकपा माओवादियों की बड़ी साजिश झारखंड में आज फिर नाकाम, सर्च ऑपरेशन में 18 IED बम बरामद

Jharkhand Naxal: चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम)-भाकपा माओवादियों की बड़ी साजिश आज फिर झारखंड में नाकाम हो गयी. सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल में लगाकर रखे गए 18 आईईडी बम को बरामद कर लिया है. सभी का वजन करीब तीन-तीन किलोग्राम है. बम निरोधक दस्ते की मदद से जंगल में ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी को नष्ट कर दिया गया. पश्चिमी सिंहभूम और खूंटी जिले के बॉर्डर पर मिली सफलता झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम एवं खूंटी जिले के सीमावर्ती इलाके (अड़की थाना के कोचांग के पास) में नक्सलियों द्वारा पहले से लगाए गए लगभग 18 IED बम सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिए हैं. प्रत्येक का वजन लगभग तीन-तीन किलोग्राम है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से उसी स्थान पर बम निरोधक दस्ता की सहायता से सभी को नष्ट कर दिया गया. नक्सलियों के खिलाफ लगातार चलाया जा रहा सर्च अभियान प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, पिंटू लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत, रापा मुंडा एवं अन्य नक्सली अपने दस्ता के सदस्यों के साथ सारंडा/ कोल्हान क्षेत्र में विध्वंसक गतिविधि के लिए भ्रमणशील हैं. इसके आलोक में चाईबासा पुलिस, कोबरा, सीआरपीएफ एवं झारखंड जगुआर की टीमों का एक संयुक्त अभियान दल गठित कर लगातार अभियान चलाया जा रहा है. गुप्त सूचना पर चलाया गया सर्च ऑपरेशन पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक को आठ जुलाई को गुप्त सूचना मिली कि प्रतिबंधित भाकपा माओवादियों द्वारा पश्चिमी सिंहभूम एवं खूंटी जिले के सीमावर्ती जंगली क्षेत्रों में गोला-बारूद छिपाकर सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए रखा गया है. इस सूचना के आलोक में आज बुधवार को सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. इस दौरान सुरक्षा बलों को यह सफलता मिली है. इस ऑपरेशन में चाईबासा पुलिस, खूंटी पुलिस, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ की टीम शामिल थी. ये भी पढ़ें: देवघर चारा घोटाला: लालू प्रसाद यादव समेत 3 की बढ़ेंगी मुश्किलें, झारखंड हाईकोर्ट ने स्वीकार की CBI की ये याचिका The post Jharkhand Naxal: भाकपा माओवादियों की बड़ी साजिश झारखंड में आज फिर नाकाम, सर्च ऑपरेशन में 18 IED बम बरामद appeared first on Naya Vichar.

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