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July 9, 2025

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बारिश से बिगड़ी हालत, घुटनों तक पानी में चलने को मजबूर हुए लोग

पानागढ़. पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा ग्राम पंचायत अंतर्गत पानागढ़ रेल पार टंकी तला इलाके में बुधवार को बारिश के दौरान भयावह स्थिति देखने को मिली. घुटनों तक पानी जमा होने से लोग पक्की सड़क से गुजरने को मजबूर रहे. छात्र-छात्राओं के अलावा बुजुर्गों को भी बहते पानी में कठिनाई से रास्ता पार करना पड़ा. स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में समय रहते निकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गयी, जिसके चलते इस बार बरसात में परेशानी और भी बढ़ी है. नेतृत्वक स्तर पर पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. इलाके की हालत भगवान भरोसे स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में पश्चिम बर्दवान जिला परिषद के सदस्य और तृणमूल के जिला स्तर के नेता रहते हुए भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है. लोगों में इसको लेकर भारी नाराजगी है. उनका कहना है कि इलाके की बदहाल स्थिति अब भगवान भरोसे ही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बारिश से बिगड़ी हालत, घुटनों तक पानी में चलने को मजबूर हुए लोग appeared first on Naya Vichar.

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बैंक पहुंचे कर्मचारी, बंद रखा काम, ग्राहकों को हुई दिक्कत

दुर्गापुर. केंद्र प्रशासन की कथित तौर पर श्रमिक व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बुधवार को देशभर में बैंक कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे. इस दिन शहर के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), बैंक ऑफ बड़ौदा सहित विभिन्न बैंकों में तैनात कर्मचारियों ने हड़ताल को समर्थन देते हुए कार्य बहिष्कार किया. विभिन्न बैंकों के बाहर कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया. कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण लेनदेन सहित अन्य कामकाज के लिए पहुंचे उपभोक्ताओं को बैरंग होकर वापस लौटना पड़ा. जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. सबसे अधिक परेशानी व्यापारी वर्ग के लोगों को उठानी पड़ी. यूनियन नेता डी राम ने बताया कि ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन एवं बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में सड़क पर उतरे. उन्होंने कहा कि यह हड़ताल जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ और बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों की मांगों को लेकर है. उन्होंने बताया कि बैंक यूनियन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों को मजबूत करने. बैकों और एलआईसी में निजीकरण और विनिवेश को रोकने ,बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई बढ़ाना बंद करने. सभी सामान्य बीमा कंपनियों को सार्वजनिक क्षेत्र में एकीकृत करन पर्याप्त भर्ती सुनिश्चित करने, आउटसोर्सिंग और अनुबंध नौकरियों को रोकने,एनपीएस को रद्द करने एवं ओपीएस को फिर से लागू करने के अलावा सामान्य ग्राहकों के लिए बैंक सेवा शुल्क कम करने, कॉर्पोरेट्स से बकाया वसूलने के लिए सख्त कदम उठाने सहित विभिन्न मुद्दे को लेकर हड़ताल में शामिल हुए. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बैंक पहुंचे कर्मचारी, बंद रखा काम, ग्राहकों को हुई दिक्कत appeared first on Naya Vichar.

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पूर्व बर्दवान व बीरभूम में भी हड़ताल असरदार, कहीं रोकी ट्रेन, तो कहीं रोड

बर्दवान/बीरभूम. दक्षिण बंगाल के पूर्व बर्दवान और बीरभूम जिले में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के बुधवार को बुलायी देशव्यापी हड़ताल का मिला-जुला असर देखा गया. हड़ताल समर्थक माकपा कैडरों ने सड़क व पटरियों पर उतर कर प्रतिवाद जताया. कहीं रेल रोकी, तो कहीं सड़क जाम की. अन्य दिनों की चल रही प्रशासनी बसों की राह में भी माकपा कैडर व समर्थक आये और सारा दिन विक्षोभ जताया. इसके कारण आम लोगों को विशेषकर दैनिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. पूर्व बर्दवान जिले के पूर्वस्थली एक एरिया सीपीएम कमेटी की बुधवार को समुद्र गढ़ रेलवे स्टेशन पर हावड़ा कटवा लोकल ट्रेन को रोक कर आम हड़ताल को लेकर प्रदर्शन किया गया. इस दौरान आरपीएफ और जीआरपी के साथ विक्षोभ कारी सीपीएम कार्यकर्ताओं की झड़प की भी घटना घटी. कटवा में भी बंद का असर सुबह दस बजे तक देखा गया.कचहरी रोड सोना पट्टी आदि इलाके बंद रहे. कटवा बस स्टैंड पर हड़ताल का असर साफ देखने को मिला. निजी बसों को चलने नहीं दिया गया. प्रशासनी बसे चली लेकिन बुदबुद और मानकर आदि स्थानों पर सीपीएम कार्यकताओं ने रोक दिया. हालांकि पुलिस इस दिशा में तत्पर दिखी. कटवा में सभी बड़े दस बैंक बंद रहे. भारी बारिश के बावजूद बर्दवान शहर में पार्कस रोड से पारबीरहाट तक सीपीएम द्वारा बंद क समर्थन में जुलूस निकाला गया.यहां से जुलूस पुनः कर्ज़न गेट गई. सड़क अवरोध कर यहां सीपीएम नेता आभास राय चौधरी,सैयद हुसैन आदि ने सभा कर केंद्र प्रशासन के खिलाफ जमकर साधा. जिले के कालना, केतुग्राम, मंत्रेश्वर, मेमारी, मंगलकोट आदि ब्लॉक में भी बंद का मिला जुला असर देखने को मिला. दूसरी ओर बीरभूम जिले के रामपुरहाट रेलवे स्टेशन पर सीपीएम कार्यकताओं ने स्टेशन परिसर में घुस कर विक्षोभ जताया. इस दौरान मौजूद आरपीएफ और जीआरपी से आंशिक झड़प की घटना घटी.दुबराजपुर, सिउड़ी , बोलपुर, इलम बाजार, नानूर, नलहाटी आदि ब्लॉक में भी सीपीएम नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हड़ताल के समर्थन में जगह जगह सड़क और रेल अवरोध किया.सीपीएम नेताओं ने कहा कि चार श्रम कोड रद्द करने और 17 सूत्री मांग को लेकर ही आज समूचे देश भर में यह आम हड़ताल चल रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पूर्व बर्दवान व बीरभूम में भी हड़ताल असरदार, कहीं रोकी ट्रेन, तो कहीं रोड appeared first on Naya Vichar.

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बांकुड़ा में भी आंशिक प्रभाव

बांकुड़ा. श्रम संहिता को निरस्त करने, समान काम के लिए समान वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा बुलायी गयी हड़ताल के समर्थन में जिले भर में जुलूस और विरोध प्रदर्शन हुए. बंद का जिले में आंशिक असर देखा गया. निजी बसें बंद रहीं और यातायात सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे दैनिक यात्रियों को दुपहिया वाहनों पर निर्भर करना पड़ा. हालांकि बैंक, डाकघर, शैक्षणिक संस्थान और प्रशासनी कार्यालय खुले रहे, और कार्यालयों में उपस्थिति सामान्य दिनों की तरह रही. स्टेशन मोड़ पर मुटिया मजदूरों ने करीब आधे घंटे तक सड़क जाम किया, जिसे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हटाया गया. वामपंथी मजदूर संगठनों ने बांकुड़ा शहर में कई जगहों पर जुलूस निकाले और प्रदर्शन किया. बरजोरा में सड़क अवरोध, 25 मिनट तक यातायात ठप बरजोरा में प्रदर्शनकारियों ने बांकुड़ा-दुर्गापुर राज्य राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया. सुबह हड़ताल शुरू होते ही हड़ताली सड़कों पर उतरे और बरजोरा बाजार से बरजोरा चौराहे तक मार्च निकाला. उन्होंने सड़क जाम कर विरोध जारी रखा, जिससे लगभग 25 मिनट तक यातायात ठप रहा. बाद में बाराजोरा थाने की पुलिस ने मार्ग से अवरोधकों को हटाया. जिले के अन्य भागों में भी बंद का आंशिक असर देखने को मिला. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बांकुड़ा में भी आंशिक प्रभाव appeared first on Naya Vichar.

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पुरुलिया में हड़ताल का मिला-जुला रहा असर

पुरुलिया. केंद्र व राज्य प्रशासन की नीतियों के खिलाफ 10 केंद्रीय मजदूर संगठनों की बुधवार को बुलायी देशव्यापी हड़ताल का पुरुलिया जिले में मिला-जुला असर देखा गया. इस दिन सुबह से ही जिला के सभी हिस्सों में निजी बसें पूरी तरह से बंद रहीं, जबकि प्रशासनी बसें अन्य दिनों की तरह चलती रहीं. माकपा के मजदूर संगठन और किसान संगठन की ओर से इस दिन जिला के अधिकांश हिस्सों में बंद के समर्थन में जुलूस निकाला गया. आड़शा थाना क्षेत्र के कांटाडी मोड़ पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बंद के समर्थन में संगठन के लोगों ने घंटाभर सड़क जाम कर दिया. भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंच कर प्रदर्शनकारियों को रास्ते से हटाया, तब जाकर आवाजाही सामान्य हुई. इस दिन जिला के अधिकतर निजी बैंक बंद रहे. वामपंथी संगठन ने इस हड़ताल के सफल रहने का दावा करते हुए कहा कि जिला के अधिकांश क्षेत्रों में निजी बसों के साथ दुकानें, बाजार-हाट पूरी तरह से बंद कर लोगों ने केंद्र व राज्य प्रशासन की नीतियों के खिलाफ अपना राय जतायी. कुछ स्थानों पर पुलिस ने जबरन बंद को विफल करने का प्रयास किया. अलबत्ता, इस दिन तृणमूल की ओर से दावा किया गया कि जिला के सभी स्थानों पर दुकान, प्रतिष्ठान अन्य दिनों जैसे खुले रहे एवं जिला के सभी शिक्षण संस्थानों के साथ प्रशासनी कार्यालय एवं कारखाना पूरी तरह से खुले हुए थे. उपस्थित भी सामान्य रही. तृणमूल ने इस हड़ताल को फेल बताया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पुरुलिया में हड़ताल का मिला-जुला रहा असर appeared first on Naya Vichar.

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हड़ताल के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने निकाली रैली

दुर्गापुर. नयी केंद्रीय श्रम संहिता के खिलाफ विभिन्न ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बुधवार की तृणमूल कांग्रेस के लोगों ने सड़क पर उतर कर विरोध किया. इस दिन शासक दल के लोगों ने सड़क पर उतर कर व्यापारियों सहित आम लोगों को हड़ताल में शामिल नहीं होने की अपील करते हुए रैली निकाली. मौके पर उपस्थित तृणमूल कांग्रेस नेता रमा प्रसाद हालदार ने कहा बेनाचिति बाज़ार में हड़ताल का कोई असर नहीं हुआ. इलाके के आम लोगों और व्यापारियों ने इसे नाकाम कर दिया और इतनी भारी बारिश के बावजूद जन-जीवन को सुचारू रखा. उन्होंने कहा कि माकपा शासित केरल प्रशासन ने केंद्र द्वारा प्रस्तावित इस कानून को लागू कर दिया है, जबकि पश्चिम बंगाल प्रशासन ने इसका विरोध किया है. इस कानून को लेकर वामपंथी पाखंड फैला रहे हैं. लोगो को बरगलाने का काम कर रहे हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post हड़ताल के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने निकाली रैली appeared first on Naya Vichar.

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रानीगंज में हड़ताल के समर्थन में उतरे श्रमिक और किसान, चार वामपंथी हुए अरेस्ट, फिर छूटे

रानीगंज. केंद्र की भाजपा प्रशासन की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ देशभर में श्रमिक, किसान और खेतमजदूरों ने बुधवार को देशव्यापी हड़ताल में शामिल होकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया.भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद रानीगंज क्षेत्र में श्रमजीवी जनता सुबह से ही सड़कों पर उतर आई. असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, किसानों और खेत-मजदूरों ने काम पर न जाकर हड़ताल का पूर्ण समर्थन किया. रानीगंज बाजार के हृदयस्थल नेताजी मूर्ति के पास शांतिपूर्ण पिकेटिंग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर राज्य प्रशासन की पुलिस ने हस्तक्षेप किया. हड़तालियों ने केंद्र प्रशासन की नई श्रम संहिता (लेबर कोड) को रद्द करने, आवश्यक वस्तुओं की मूल्यवृद्धि पर रोक लगाने, किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने, 100 दिनों का काम फिर से चालू करने, न्यूनतम मजदूरी, रोजगार की गारंटी, और जीवन-यापन के अधिकार की मांग को लेकर ज़ोरदार नारेबाज़ी की.नेशनल हाइवे 60 अवरोध किये.पुलिस द्वारा उन्हें हटाने के क्रम में धक्का-मुक्की हुई. पिकेटिंग में शामिल गौरव ढल्ल, रामशंकर दास, राजू केवड़ा और सुकांत चटर्जी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद श्रमिक नेता रुनु दत्त, सुप्रियो राय, अनुप मित्रा और किसान नेता मलय मंडल ने उनकी निःशर्त रिहाई की मांग की. स्थानीय जनता ने सवाल उठाया कि जब नारे भाजपा प्रशासन के खिलाफ थे, तब तृणमूल कांग्रेस की पुलिस को इतनी आपत्ति क्यों हुई? प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि तृणमूल प्रशासन हड़ताल तोड़ने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही थी. उन्होंने बताया कि दुकानें जबरन खुलवायी जा रही थीं और बसों को चलाने के लिए परिवहन कर्मचारियों पर दबाव डाला जा रहा था. पुलिस ने कुछ घंटों की हिरासत के बाद चारों कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया. उसके बाद मजदूरों व किसानों का एक विशाल जुलूस तारबांग्ला मोड़ तक निकाला गया. अन्य क्षेत्रों में भी व्यापक असर सियारशोल राजबाड़ी मोड़ और जेकेनगर में भी लाल झंडा लिए श्रमिकों ने पिकेटिंग, जुलूस और सड़क जाम किया. पुलिस ने इन इलाकों में भी प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, लेकिन श्रमिकों का दृढ़ संकल्प बरकरार रहा. बाज़ारों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं,हालांकि तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने कुछ दुकानदारों पर दुकान खोलने का दबाव डाला, लेकिन ग्राहक नदारद रहे. सब्ज़ी बाजार में किसान अपनी उपज बेचने नहीं आये, जिससे बाज़ार बंद जैसा हो गया. खेतमजदूरों ने खेतों में काम नहीं किया, जिससे कृषि कार्य ठप पड़ गया.रानीगंज की केवल एक बैंक को छोड़कर सभी सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकें बंद रहीं.तृणमूल नेताओं ने बैंक मैनेजरों पर दबाव डाला, लेकिन बैंक कर्मचारी हड़ताल पर कायम रहे . स्कूल-कॉलेजों में छात्र उपस्थिति बहुत कम रही और प्रशासनी कार्यालयों में कामकाज लगभग ठप रहा। मंगलपुर औद्योगिक क्षेत्र की 10 लोहे-इस्पात की फैक्ट्रियों में हड़ताल को सीआईटीयू से संबद्ध श्रमिक यूनियनों का पूरा समर्थन मिला यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ है और जब तक ये नीतियां वापस नहीं ली जातीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post रानीगंज में हड़ताल के समर्थन में उतरे श्रमिक और किसान, चार वामपंथी हुए अरेस्ट, फिर छूटे appeared first on Naya Vichar.

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Madhubani News : जिला अधिवक्ता संघ चुनाव के लिए प्रारंभिक मतदाता सूची जारी

मधुबनी. जिला अधिवक्ता संघ के आगामी कार्यकाल 2025-2027 के लिए चुनाव प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो गई है. निर्वाचन अधिकारी सुधीर प्रसाद ने बुधवार को प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है. निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि यदि किसी अधिवक्ता सदस्य को इस सूची के संदर्भ में कोई आपत्ति हो, तो वे दिनांक 10 जुलाई और 11 जुलाई 2025 की अपराह्न 4 बजे तक लिखित रुप में आवेदन दाखिल कर सकते हैं. आपत्तियां अधिवक्ता संघ के पुस्तकालय भवन स्थित चुनाव कार्यालय में जमा की जाएंगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Madhubani News : जिला अधिवक्ता संघ चुनाव के लिए प्रारंभिक मतदाता सूची जारी appeared first on Naya Vichar.

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Madhubani News : आर के कॉलेज में बीबीए व बीसीए सत्र 2025-28 के लिए इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन

मधुबनी. राम कृष्ण महाविद्यालय, मधुबनी के बीबीए एवं बीसीए विभाग में सत्र 2025-28 के प्रथम सेमेस्टर में नामांकित छात्र-छात्राओं के लिए आज एक दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ अनिल कुमार मंडल की अध्यक्षता में किया गया. प्रधानाचार्य डॉ. मंडल ने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह तीन वर्षीय व्यावसायिक पाठ्यक्रम न केवल छात्रों के अकादमिक विकास का माध्यम बनेगा, बल्कि उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी दक्षता को भी निखारने में सहायक होगा. आपका यह निर्णय एक महत्वपूर्ण मोड़ है. अनुशासन, समर्पण और नवाचार के साथ आप न केवल खुद को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी ला सकते हैं. मंच संचालन की जिम्मेदारी बीबीए विभाग के समन्वयक धीरेंद्र कुमार रॉय ने किया. बीसीए विभाग के समन्वयक डॉ. विजय कुमार ने पाठ्यक्रम की संरचना, मूल्यांकन प्रणाली, प्रैक्टिकल, इंटर्नशिप तथा करियर संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने छात्रों से तकनीकी नवाचारों के साथ तालमेल बनाते हुए सक्रिय रूप से भागीदारी की अपेक्षा व्यक्त की. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अरविंद कुमार ने किया. कार्यक्रम में विभागीय शिक्षकगण सुनीता कुमारी, मोहम्मद शाकिर, खुशबु, अभिषेक कुमार झा, उमर खैयाम इत्यादि शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी, सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Madhubani News : आर के कॉलेज में बीबीए व बीसीए सत्र 2025-28 के लिए इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन appeared first on Naya Vichar.

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Bharat ‍Bandh: बोकारो में बैंक और बीमा सेक्टर में हड़ताल असरदार, बीएसएल में बेअसर

Bharat ‍Bandh 2025: बोकारो-श्रम कानून में बदलाव समेत केंद्र प्रशासन की नीतियों को लेकर संयुक्त मोर्चा की ओर से आहूत एक दिवसीय हड़ताल का बोकारो में मिलाजुला असर देखने को मिला. बैंक व बीमा सेक्टर में हड़ताल का खासा असर देखा गया. वहीं बोकारो इस्पात संयंत्र में हड़ताल बेअसर रहा. सभी शिफ्ट में मजदूर व ठेका मजदूर आम दिनों की तरह काम करने पहुंचे. हालांकि, मजदूर यूनियन की ओर से हड़ताल को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गयी. हड़ताल को सफल बनाने के लिए मजदूर यूनियन की विभिन्न इकाई मजूदरों की इंट्री प्वाइंट पर जमे रहें. अहले सुबह से हड़ताल समर्थक शहर में मोर्चाबंदी करने में लगे थे. नया मोड़ समेत शहर में मुख्य चौक-चौराहों पर हड़ताल समर्थक देखे गये. बैनर-पोस्टर के जरिये प्रशासन की नीतियों का विरोध करते दिखे. बैंक संबंधित यूनियन शहर के विभिन्न शाखा पहुंचकर बैंक बंद करवाते दिखे. बीमा संबंधित यूनियन ने हड़ताल को सफल बनाने में पुरा योगदान दिया. बैंकों में लटके रहे ताले सेंट्रल ट्रेड यूनियन संगठन के आह्वान पर हो रहे हड़ताल में बैंक व बीमा कर्मियों के संगठनों एआइबीइए, बीइएफआइ, एआइआइइए, जीआइइएआईए, एआइएलआइसीइएफ ने नैतिक समर्थन दिया. बैंक व बीमा में कामकाज पूरी तरह से बंद रहा. बैंक व बीमा सेक्टर में ताले लटके रहे. कर्मचारियों ने शाखाओं के सामने खड़े होकर नारेबाजी की. प्रशासन से मांग की की श्रम सुधार कानून व बैंकिंग सुधार कानून को वापस लिया जाये. वक्ताओं ने कहा कि बैंकों का निजीकरण करने का प्रयास अविलंब बंद किया जाए, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को और सुदृढ़ किया जाये. कॉरपोरेट घराने द्वारा ऋण लेकर बैंकों का पैसा नहीं चुकाने से हो रही आमजन के जमा पूंजी की लूट पर रोक लगाने के लिए कड़े कानून का प्रावधान किया जाए. जानबूझकर बैंकों का ऋण नहीं चुकाने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो. बैंकों के दैनंदिन कार्यों में आउटसोर्सिंग बंद की जाये. सार्वजनिक क्षेत्र के बीमा उद्योग पर हमले जारी एलआइसी में 6.5 प्रतिशत प्रशासन की हिस्सेदारी बेचने के विरोध समेत सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण समेत अन्य मांग को लेकर बीमा सेक्टर में हड़ताल किया गया. अखिल हिंदुस्तानीय बीमा कर्मचारी संघ के बैनर तले हड़ताल किया गया. संयुक्त सचिव दिलीप कुमार झा ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बीमा उद्योग पर हमले जारी है. प्रशासन आगामी माॅनसून सत्र में बीमा कानून संशोधन विधेयक पेश करने पर आमदा है. इसमें तीन कानून बीमा अधिनियम 1938 ,जीवन बीमा निगम अधिनियम 1956 व बीमा विनियम विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम 1999 में संशोधन लाने का प्रस्ताव है. मौके पर सहायक सचिव राकेश चंद्र शर्मा, अजय कुमार, विनोद कुमार दास, निताई बनर्जी, राजेश कुमार सिंह, तरूण कुमार, राजेश कुमार चौधरी, महावीर, रीतु कुमारी, विचित्रा, शांता सिंह, संजय कुमार, उज्जवल कुमार, गोविंद मांझी, लालजी दूबे, मोहन कुमार,इंदू भूषण व अन्य मौजूद थे. ये भी पढ़ें: झारखंड की एक स्त्री मुखिया पर गिरी गाज, सस्पेंड के साथ वित्तीय शक्तियां जब्त बैंकों के निजीकरण का हो रहा प्रयास वक्ताओं ने कहा कि नयी पेंशन स्कीम को समाप्त करते हुए सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम बहाल हो. सेवा शुल्क को समाप्त किया जाये. ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के सदस्य व पदाधिकारियों ने कहा कि तथाकथित बैंकिंग सुधार के नाम पर जनता की जमा पूंजी से खिलवाड़ करने की साजिश करते हुए बैंकों के निजीकरण का प्रयास किया जा रहा है, वहीं एक तरफ निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए बैंकों का विलय किया गया है. मौके पर राजेश कुमार ओझा, राजेश श्रीवास्तव, अरुण कुमार, विभाष झा, राकेश मिश्रा, प्रदीप झा, नीरज कुमार तिवारी, पंकज कुमार सिंह, रजनीश कुमार तिवारी, प्रशांत कुमार, पीके श्रीवास्तव, सुजाता कुमारी, ममता रावत व अन्य मौजूद थे. जिनको काम करना है उसे तो जाने दीजिये… हड़ताल को सफल बनाने को लेकर समर्थक बैंक के पास एकत्रित थे. सेक्टर चार स्थित बैंक ऑफ इंडिया परिसर के पास जोरदार नारेबाजी हो रही थी. इसी बीच जोनल मैनेजर अश्विनी मित्तल भी वहां पहुंचे. ग्राहक सेवा बाधित होने की बात कह हड़ताल खत्म करने की मांग की. उन्होंने कहा कि जिसे हड़ताल करना है करे, लेकिन जिसे काम करना है उसे काम में जाने दिया जाये. बंद समर्थकों ने इसका विरोध किया. बैंक में जड़ा ताला को खोलने से इंकार किया. इसके बाद जोनल मैनेजर से पुलिस व मजिस्ट्रेट को बुलाया. पुलिस ने हड़ताल समर्थकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोशिश बेकार ही हुई. डिजिटल युग में एक दिवसीय हड़ताल का नहीं होता असर जोनल मैनेजर अश्विनी कुमार मित्तल ने बताया कि हड़ताल के कारण लोगों को एकदिनी परेशानी हुई है, लेकिन ट्रांजेक्शन को लेकर कम परेशानी हुई होगी. डिजिटल युग में बैंकिंग संबंधित बहुत काम यूपीआइ के जरिये हो जाती है. पेपर वर्क प्रभावित हुआ है, जिसे अगले दिन पुरा कर लिया जायेगा. ये भी पढ़ें: झारखंड में 4 लोगों की हत्या मामले में आया फैसला, एक को फांसी, दो को उम्रकैद की सजा The post Bharat ‍Bandh: बोकारो में बैंक और बीमा सेक्टर में हड़ताल असरदार, बीएसएल में बेअसर appeared first on Naya Vichar.

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