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July 9, 2025

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Chanakya Niti: घर में हमेशा बरकत बनी रहे, तो करें चाणक्य के बताए ये 4 काम

Chanakya Niti: हर इंसान चाहता है कि उसके घर में सुख, शांति और समृद्धि हमेशा बनी रहे. लेकिन कई बार लाख मेहनत के बाद भी घर में बरकत महसूस नहीं होती. ऐसे में हमारे प्राचीन ग्रंथों में छिपी चाणक्य नीति आज भी बेहद कारगर साबित हो सकती है. चाणक्य, जिन्हें आचार्य चाणक्य या कौटिल्य भी कहा जाता है, ने अपने अनुभवों से कुछ ऐसे खास सूत्र बताए हैं जो घर की बरकत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में धन, सम्मान और खुशहाली बनी रहे, तो चाणक्य द्वारा बताए गए इन चार कामों को जरूर अपनाएं. Chanakya Niti: घर में हो अच्छे संस्कार और संयमित व्यवहार चाणक्य कहते हैं कि जिस घर में सभी लोग एक-दूसरे से प्रेम और सम्मान से बात करते हैं, वहां देवी लक्ष्मी का वास होता है. गुस्से, झगड़े और अपशब्दों से घर की ऊर्जा नकारात्मक हो जाती है. बच्चों को अच्छे संस्कार सिखाएं और घर का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखें. जब घर का वातावरण सकारात्मक होता है, तो बरकत अपने आप आती है. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: आर्थिक संकट से बचने के लिए पहचानें ये 5 संकेत, चाणक्य नीति से जानें उपाय ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: पैसे की तंगी से परेशान हैं? चाणक्य नीति में छुपा है समाधान Chanakya Niti: न करें अपवित्र चीजों का घर में प्रवेश चाणक्य नीति के अनुसार, जिस घर में अपवित्रता रहती है, वहां लक्ष्मी नहीं ठहरती. जूठन, गंदगी या गलत संगति वाले लोगों को घर में न आने दें. घर को रोज साफ रखें और नियमित पूजा-पाठ करें. साफ-सफाई और पवित्रता से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. Chanakya Niti: सच्चाई और ईमानदारी से कमाई करें चाणक्य कहते हैं कि घर में वही धन बरकत लाता है जो सच्ची मेहनत और ईमानदारी से कमाया गया हो. झूठ, धोखा या गलत रास्तों से कमाया गया पैसा कुछ समय बाद दुख और अशांति देता है. अपने काम में ईमानदारी और निष्ठा रखें. ऐसा धन लंबे समय तक सुख और शांति देता है. Chanakya Niti: दान और जरूरतमंदों की सेवा करें चाणक्य नीति में कहा गया है कि जो लोग दान करते हैं और दूसरों की मदद करते हैं, उनके घर में कभी कमी नहीं आती. ज़रूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या शिक्षा में मदद देना पुण्य का काम होता है. इससे घर में सकारात्मकता बढ़ती है और लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. सेवा का भाव रखने से घर में हमेशा खुशहाली बनी रहती है. ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: चाणक्य की नीति से सीखें सफल बनने के वो 7 तरीके जो कोई नहीं बताता ये भी पढ़ें: Gita Updesh: एक बार पढ़ें ये गीता के उपदेश, जो आपकी तकदीर ही बदल देंगे Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: घर में हमेशा बरकत बनी रहे, तो करें चाणक्य के बताए ये 4 काम appeared first on Naya Vichar.

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खाने के बाद चाहिए कुछ कुरकुरा, आज ही ट्राय करें ये टेस्टी पापड़ 

Sabudana Aloo Papad: साबूदाना आलू पापड़ साबूदाना और उबले हुए आलू से बना एक पारंपरिक हिंदुस्तानीय नाश्ता है.  यह उपवास (व्रत) के दिनों में खास तौर पर लोकप्रिय है, क्योंकि यह हल्का, ग्लूटेन-मुक्त और ऊर्जा से भरपूर होता है.  इन पापड़ों को गर्मियों के महीनों में धूप में सुखाया जाता है और लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए स्टोर किया जाता है.  जब ज़रूरत हो, तो इन्हें डीप-फ्राई करके कुरकुरे, स्वादिष्ट नाश्ते या साइड डिश के रूप में परोसा जा सकता है.  उनकी अनूठी बनावट और हल्का स्वाद उन्हें बच्चों और बड़ों दोनों के बीच पसंदीदा बनाता है.  बनाने और स्टोर करने में आसान, साबूदाना आलू पापड़ एक बेहतरीन घर का बना व्यंजन है जो आपके नाश्ते के संग्रह में विविधता लाता है.  साबूदाना आलू पापड़ बनाने के लिए सामग्री  साबूदाना – 1 कप आलू – 2 बड़े (उबले और मसले हुए) सेंधा नमक – स्वादानुसार जीरा – 1 छोटा चम्मच हरी मिर्च – 1-2 (बारीक कटी हुई, वैकल्पिक) काली मिर्च पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच (वैकल्पिक) नींबू का रस – 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक, तीखे स्वाद के लिए) पानी – आवश्यकतानुसार ऐसे बनाए पापड़  साबूदाना भिगोएँ: साबूदाना को 2-3 बार पानी से अच्छी तरह धोएँ.  इसे सिर्फ़ इतना पानी भिगोएँ कि यह साबूदाना से लगभग 1/2 इंच ऊपर तक डूब जाए.  इसे 4-6 घंटे या रात भर के लिए छोड़ दें.  सुनिश्चित करें कि यह नरम हो और चिपचिपा न हो.  आलू उबालें और मैश करें: आलू को नरम होने तक उबालें.  उन्हें छीलें और अच्छी तरह मैश करें.  चिकने पापड़ के लिए गांठ न पड़ने दें.  मिश्रण तैयार करें: एक बड़े मिक्सिंग बाउल में भिगोया हुआ साबूदाना, मैश किए हुए आलू, जीरा, कटी हुई हरी मिर्च, सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर मिलाएँ.  आटे जैसी स्थिरता बनाने के लिए सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएँ.  अगर इस्तेमाल कर रहे हैं तो नींबू का रस मिलाएँ.  पापड़ को आकार दें: एक प्लास्टिक शीट, साफ कपड़े या स्टील की प्लेट पर थोड़ा सा तेल लगाएँ.  आटे के छोटे-छोटे हिस्से लें, बॉल्स बनाएं और अपनी उंगलियों या चम्मच के पिछले हिस्से का इस्तेमाल करके पतली डिस्क (लगभग 2-3 मिमी मोटी) में चपटा करें.  अगर मिश्रण सख्त है तो आप बेलन का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.  पापड़ सुखाना: आकार के पापड़ को सूरज की रोशनी के हिसाब से 1-2 दिनों तक सीधी धूप में सूखने दें.  सूखने के बीच में एक बार पलट दें.  सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह से सूखे और कुरकुरे हों और फिर उन्हें स्टोर करें.  स्टोर करना: पूरी तरह से सूखने के बाद उन्हें एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें.  ठंडी, सूखी जगह पर स्टोर करने पर वे महीनों तक टिक सकते हैं.  तलना: एक पैन में तेल गरम करें.  मध्यम आंच पर पापड़ को तब तक तलें जब तक वे फूल न जाएं और सुनहरे न हो जाएं.  अतिरिक्त तेल को निकाल कर कागज़ के तौलिये पर रख दें.  नाश्ते या साथ में परोसे.  यह भी पढ़ें: Pindi Chhole Tikki: दिल्ली वाले स्वाद को लाएं घर, बस इस आसान रेसिपी को करें ट्राय यह भी पढ़ें: Papad sabji Recipe: चखना है रेगिस्तान का स्वाद, ट्राय करें आसान तरीका  यह भी पढ़ें: Papaya Halwa: सूजी आटा नहीं इस फल से बनाइए सेहत से भरपूर हलवा, जानिए रेसिपी The post खाने के बाद चाहिए कुछ कुरकुरा, आज ही ट्राय करें ये टेस्टी पापड़  appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Police Admit Card 2025 OUT: बिहार पुलिस कांस्टेबल का एडमिट कार्ड जारी, यहां करें डाउनलोड

Bihar Police Admit Card 2025 OUT in Hindi: सेंट्रल सेलेक्शन बोर्ड ऑफ कांस्टेबल (CSBC) ने 16 जुलाई से शुरू हो रही बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 के लिए एडमिट कार्ड (Bihar Police Admit Card 2025) जारी कर दिए हैं. कैंडिडेट्स CSBC की आधिकारिक वेबसाइट csbc.bihar.gov.in पर जाकर अपना डाउनलोड कर सकते हैं. इससे पहले बोर्ड ने उम्मीदवारों को उनके एग्जाम सिटी की जानकारी देने वाली स्लिप पहले ही जारी की थी. यहां आप Bihar Police Admit Card 2025 OUT होने के बारे में और परीक्षा संबंधित डिटेल देखें. Bihar Police Admit Card 2025 OUT: ऐसे डाउनलोड करें सबसे पहले CSBC की आधिकारिक वेबसाइट csbc.bihar.gov.in पर जाएं. होम पेज पर “Admit Card” लिंक पर क्लिक करें. अब लॉग इन डिटेल्स (रजिस्ट्रेशन नंबर/जन्मतिथि) दर्ज करें. स्क्रीन पर आपका एडमिट कार्ड खुल जाएगा, जिसे आप डाउनलोड करके प्रिंट ले सकते हैं. एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र, रोल नंबर, नाम, पिता का नाम सहित अन्य जानकारी दर्ज होगी. Bihar Police Admit Card 2025 OUT: इस दिन होगी परीक्षा बिहार पुलिस कॉन्स्टेबल की परीक्षा 16 जुलाई 2025 से शुरू होगी. परीक्षा प्रत्येक दिन एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी. परीक्षा का समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक रहेगा, जबकि रिपोर्टिंग टाइम सुबह 9:30 बजे रखा गया है. सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड और एक वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड/पैन कार्ड) साथ लेकर ही परीक्षा केंद्र पहुंचे. बिना डॉक्यूमेंट के प्रवेश नहीं मिलेगा. एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और उनका पालन करें. यह भी पढ़ें- BHU ADMISSION 2025: Counselling के बाद पहली लिस्ट में नहीं तो क्या करें? CUET अंकों से बदलते हैं आंकड़ें! यह भी पढ़ें- CSIR UGC NET JUNE 2025: अब एक ही दिन होगा एग्जाम, जानें नई डेट The post Bihar Police Admit Card 2025 OUT: बिहार पुलिस कांस्टेबल का एडमिट कार्ड जारी, यहां करें डाउनलोड appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में पहली बार 18 नगर आयुक्त बने जिला निर्वाचन पदाधिकारी, मतदाता सत्यापन का देखेंगे काम

Bihar Election: पटना. बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण तेजी से कराने के लिए हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग ने बिहार में बड़े पैमाने पर अधिकारियों की तैनाती की है. आयोग ने पहली बार बिहार के 18 नगर निगमों के आयुक्तों को अतिरिक्त जिला निर्वाचन पदाधिकारी (एडीईओ) की जिम्मेवारी सौंपी हैं. अभी तक डीएम को जिला निर्वाचन पदाधिकारी बनाया जाता है. हालांकि, आयोग ने कहा है कि सर्वेक्षण के बाद यह नियुक्ति प्रभावी नहीं रहेगी. इसके साथ ही सभी विधानसभा क्षेत्रों में कई सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) नियुक्त किये गए हैं. विधानसभा क्षेत्र में दो दर्जन तक एईआरओ एक विधानसभा में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, कल्याण पदाधिकारी, पंचायती राज पदाधिकरी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, राजस्व अधिकारी, प्रखंड सहकारिता, सांख्यिकी पदाधिकारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी जैसे अफसर को एईआरओ की जिम्मेदारी सौंपी है. वजीरगंज के लिए तो 24 एईआरओ की तैनाती की गयी है. विधानसभा क्षेत्र में दो से लेकर दो दर्जन तक एईआरओ बनाये गये हैं. मतदाता पुनरीक्षण के 47 फीसदी ही फार्म जमा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 14 दिनों में 7.90 करोड़ में से 3.70 करोड़ से अधिक मतदाताओं से फॉर्म जमा हो चुके हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि यह 46.95% है. दो सप्ताह में 7.90 करोड़ फॉर्म छापे गये. इनमें से 97% मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं. 18.16% फॉर्म नेट पर अपलोड हो चुके हैं. कई बिहार में 17 दिन बचे हैं. इसमें बाकी फॉर्म एकत्र करने का लक्ष्य है. बीते 24 घंटों में ही 82.78 लाख फॉर्म जमा हुए हैं. Bihar Politics: चक्का जाम करने आज पटना आयेंगे राहुल गांधी, गोपाल खेमका के परिजनों से कर सकते हैं मुलाकात The post बिहार में पहली बार 18 नगर आयुक्त बने जिला निर्वाचन पदाधिकारी, मतदाता सत्यापन का देखेंगे काम appeared first on Naya Vichar.

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Hazaribagh News: श्रम अधीक्षक ने यात्री वाहन और ट्रांसपोर्ट संचालकों के साथ की बैठक, दिये अहम निर्देश

Hazaribagh News | हजारीबाग, आरिफ: हजारीबाग जिले में परिवहन से जुड़े सभी यात्री वाहन एवं ट्रांसपोर्ट में काम करने वाले श्रमिकों को जल्द ही प्रावधान के अनुसार मजदूरी व अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलेगी. ऐसा नहीं करने पर यात्री वाहन जैसे बस व अन्य गाडियां एवं ट्रांसपोर्ट के संचालकों के विरुद्ध नियम संगत कार्रवाई की जायेगी. इसे लेकर 8 जुलाई को एक अहम बैठक हुई. श्रम अधीक्षक ने दिये अहम निर्देश जानकारी के अनुसार, श्रम अधीक्षक अनिल रंजन ने मंगलवार को संचालकों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने यह बातें कहीं. उन्होंने परिवहन से जुड़े श्रमिकों से संबंधित विभिन्न मुद्दों को लेकर जिले भर के यात्री वाहन एवं ट्रांसपोर्ट संचालकों के साथ चर्चा की. बैठक के बाद श्रम अधीक्षक ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए क्लिक करें इस अधिनियम का पालन करना जरूरी उन्होंने बताया कि मोटर परिवहन कर्मचारी अधिनियम 1961 के तहत परिवहन से जुड़ी जगहों पर चालक, उपचालक एवं इससे जुड़े अन्य श्रमिकों को आठ घंटे काम करना है. वहीं, काम के बदले मिलने वाली मजदूरी प्रत्येक महीने की सात तारीख को कामगारों के बैंक खाते में संचालकों को देना है. संचालकों को मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936 का भी पालन करना है. सौतेला व्यवहार कर रहे संचालक श्रम अधीक्षक अनिल रंजन ने कहा शिकायतें मिल रही हैं, संचालक कामगारों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं. अनिल रंजन ने कहा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश बाद बैठक कर परिवहन से जुड़े संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं. संचालकों को दिशा-निर्देश का पालन करना अनिवार्य होगा. परिवहन से जुड़े कार्य में नाबालिगों का कोई रोल नहीं होगा. यह भी पढ़ें Bharat Bandh: झारखंड में कल स्कूल, कॉलेज और बैंक खुले रहेंगे या बंद, जानिए आपके शहर में कितना पड़ेगा असर संचालकों ने अपनी समस्या से कराया अवगत इधर, बैठक में कई बस एवं ट्रांसपोर्ट संचालकों ने भी अपनी-अपनी समस्या से श्रम अधीक्षक को अवगत कराया. मालूम हो कि जिले में यात्री बसों की संख्या 900 से अधिक है. इसमें काम करने वाले चालक, उपचालक, कंडक्टर एवं अन्य सैकड़ों की संख्या में है. बस के अलावा छोटे यात्री वाहनों की संख्या हजारों में है. जिले में ट्रांसपोर्ट गाड़ियां भी भरी पड़ी है. सभी जगह श्रमिक कार्यरत हैं. यह भी पढ़ें झारखंड में 10 बच्चों की मां को पति ने टांगी से वार कर किया जख्मी, हालत गंभीर, 20 दिन पहले दिया था बेटे को जन्म यह भी पढ़ें Bharat Bandh On July 9: हिंदुस्तान बंद के समर्थन में रांची में निकला जुलूस, झारखंड में दो घंटे का रहेगा चक्का जाम यह भी पढ़ें Bharat Bandh: झारखंड में भी दिखेगा हिंदुस्तान बंद का असर, बैंक से कोयला खदान तक कामगार होंगे हड़ताल में शामिल The post Hazaribagh News: श्रम अधीक्षक ने यात्री वाहन और ट्रांसपोर्ट संचालकों के साथ की बैठक, दिये अहम निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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Train लेट होने पर Sorry बोलते हैं अधिकारी, टिकट का पैसा भी होता है वापस, इस देश में अनोखी है रेल सेवा

Japan Train System in Hindi: हिंदुस्तान में ट्रेनों का देरी से चलना आम बात है. कई बार ट्रेनें 5 से 6 घंटे या उससे भी ज्यादा देर से चलती हैं, खासकर सर्दियों में जब कोहरा घना होता है. कुछ ट्रेनें तो 24 घंटे तक लेट हो जाती हैं. ऐसे में लोग इसे सामान्य मान लेते हैं. लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश है, जहां ट्रेन अगर सिर्फ कुछ सेकेंड भी लेट हो जाए तो रेलवे अधिकारी यात्रियों से माफी मांगते हैं. ये देश है जापान, जहां ट्रेन सेवा को समय की पाबंदी और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है. आइए जानें अनोखे Japan Train System के बारे में. Japan Train System: क्या है सिस्टम? रिपोर्ट्स के मुताबिक, जापान में ट्रेनों का समय पर चलना इतना जरूरी है कि अगर ट्रेन 20 से 30 सेकेंड भी पहले या बाद में स्टेशन से चलती है तो उसकी आधिकारिक माफी दी जाती है. यात्रियों को ट्रेनों के रूट और टाइमिंग पर पूरा भरोसा होता है, और रेलवे कंपनियां इस भरोसे को बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश करती हैं. यह भी पढ़ें- CSIR UGC NET JUNE 2025: अब एक ही दिन होगा एग्जाम, जानें नई डेट क्या है Delay Certificate? जापान में अगर 4 या 5 मिनट के लिए ट्रेन लेट हो जाए तो यात्रियों को देरी का सबूत देने के लिए “Delay Certificate” भी मिलता है जिससे उन्हें स्कूल या ऑफिस में कोई समस्या न आए. अगर किसी एक्सप्रेस ट्रेन में ज्यादा देरी होती है या वह रद हो जाती है तो यात्रियों को कुछ मामलों में किराया भी लौटाया जाता है. जापान की रेलवे सेवा केवल समय की पाबंदी नहीं बल्कि यात्रियों के सम्मान और जिम्मेदारी की मिसाल है. यह दिखाता है कि कैसे छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर एक देश अपनी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को दुनिया में सबसे भरोसेमंद बना सकता है. यह भी पढ़ें- BHU ADMISSION 2025: Counselling के बाद पहली लिस्ट में नहीं तो क्या करें? CUET अंकों से बदलते हैं आंकड़ें! 2017 में क्या था सॉरी का मामला? जापानी रेलवे कंपनियां जैसे JR East, Tokyo Metro, और Tsukuba Express 20-25 सेकंड की देरी या जल्दी चलने पर भी औपचारिक रूप से माफी मांगती हैं. 2017 में Tsukuba Express ने एक ट्रेन के 20 सेकंड पहले चलने पर यात्रियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी. नोट- Japan Train System की जानकारी रिपोर्ट्स और रिसर्च के आधार पर दी गई है. नया विचार की टीम ने इसमें खुद से कुछ नहीं जोड़ा है. The post Train लेट होने पर Sorry बोलते हैं अधिकारी, टिकट का पैसा भी होता है वापस, इस देश में अनोखी है रेल सेवा appeared first on Naya Vichar.

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War 2 की शूटिंग हुई खत्म, Hrithik Roshan ने पोस्ट शेयर कर लिखा इमोशनल नोट, कहा- खून, पसीना, चोटें…

War 2: बॉलीवुड के ग्रीक गॉड ऋतिक रोशन इन दिनों अपनी मच अवेटेड फिल्म ‘वॉर 2’ को लेकर खूब चर्चा में हैं. इस फिल्म में एक्शन, इमोशन और थ्रिल से भरपूर कंटेंट दर्शकों को देखने को मिलेगा. हाल ही में ऋतिक रोशन ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताया कि फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और इस मौके पर वह काफी भावुक हो गए. शूटिंग खत्म होने का इमोशनल मोमेंट ऋतिक ने एक फोटो शेयर की, जिसमें वह ‘वॉर 2’ की पूरी टीम के साथ केक काटते नजर आ रहे हैं. कैप्शन में उन्होंने लिखा, “149 दिन का एक्शन, डांस, पसीना, खून, चोटें और मेहनत… और ये सब इसके लायक था.” उन्होंने आगे लिखा कि जूनियर एनटीआर के साथ काम करना सम्मान की बात रही. वहीं, कियारा आडवाणी के बारे में कहा कि “आपका घातक पक्ष दुनिया को दिखाने का इंतजार नहीं हो रहा.” उन्होंने डायरेक्टर अयान मुखर्जी को भी धन्यवाद कहा और कहा कि इस फिल्म को दर्शकों तक पहुंचाने की यात्रा अब शुरू हो चुकी है. View this post on Instagram A post shared by Hrithik Roshan (@hrithikroshan) कब रिलीज होगी वॉर 2? ऋतिक ने अपने पोस्ट के आखिर में बताया कि ‘वॉर 2’ 14 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. यशराज फिल्म्स के बैनर तले बन रही यह फिल्म YRF स्पाई यूनिवर्स का अहम हिस्सा है. यूजर्स का रिएक्शन ऋतिक की इस पोस्ट पर फैन्स ने जबरदस्त रिएक्शन दिया. किसी ने कहा, “अब और इंतजार नहीं होता,” तो किसी ने लिखा, “ये ब्लॉकबस्टर होगी.”सभी को अब इस फिल्म की पहली झलक का बेसब्री से इंतजार है. यह भी पढ़े: Ramayana से पहले इस बॉलीवुड फिल्म में नजर आएंगी मां सीता बनी साई पल्लवी, रिलीज डेट से भी उठा पर्दा यह भी पढ़े: Border 2: सनी देओल की फिल्म से सामने आए अहान के लुक को देख भावुक हुए पापा सुनील शेट्टी, बोले- बिलकुल अपने पिता… The post War 2 की शूटिंग हुई खत्म, Hrithik Roshan ने पोस्ट शेयर कर लिखा इमोशनल नोट, कहा- खून, पसीना, चोटें… appeared first on Naya Vichar.

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Bharat Bandh 2025: क्या भारत बंद करना संविधान के खिलाफ है? जानिए सच्चाई

Bharat Bandh 2025: देशभर में आज 9 जुलाई 2025 को हिंदुस्तान बंद का आह्वान किया गया है. यह बंद केंद्र प्रशासन की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ विभिन्न ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगी संगठनों द्वारा बुलाया गया है. इस दौरान कई सेक्टरों में काम करने वाले कर्मचारी हड़ताल पर जा सकते हैं. ऐसे में आम लोगों के मन में यह सवाल उठना लाजमी है—क्या हिंदुस्तान बंद संवैधानिक है या असंवैधानिक? हिंदुस्तान बंद क्या है? हिंदुस्तान बंद एक प्रकार की हड़ताल है, जिसमें कर्मचारी एक तय समय के लिए काम बंद कर विरोध जताते हैं. यह तरीका आमतौर पर नेतृत्वक या सामाजिक समर्थन के साथ होता है. खासकर दक्षिण एशियाई देशों में यह तरीका लोकप्रिय है. क्या यह संविधान के खिलाफ है? संविधान के अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत सभी नागरिकों को संघ बनाने का अधिकार है. कुछ लोग हिंदुस्तान बंद को इसी के तहत सही ठहराते हैं. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि हड़ताल मौलिक अधिकार नहीं है, लेकिन विरोध करना एक वैध लोकतांत्रिक तरीका है. सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले: 1961: कामेश्वर प्रसाद बनाम बिहार राज्य—कोर्ट ने कहा कि ट्रेड यूनियन को संघ बनाने का अधिकार है, लेकिन हड़ताल करना मौलिक अधिकार नहीं है. बीआर सिंह बनाम हिंदुस्तान संघ—कोर्ट ने दोहराया कि हड़ताल को मौलिक अधिकार नहीं कहा जा सकता. निष्कर्ष हिंदुस्तान बंद पूरी तरह से असंवैधानिक नहीं है, लेकिन यह एक सीमित अधिकार है. इसे शांतिपूर्वक और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित किए बिना करना जरूरी है. Also Read: Bharat Bandh: झारखंड में भी दिखेगा हिंदुस्तान बंद का असर, बैंक से कोयला खदान तक कामगार होंगे हड़ताल में शामिल Also Read: Bharat Bandh: क्या हिंदुस्तान बंद से प्रभावित होगा शेयर बाजार? जानिए 9 जुलाई की पूरी स्थिति The post Bharat Bandh 2025: क्या हिंदुस्तान बंद करना संविधान के खिलाफ है? जानिए सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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Bharat Bandh: एक दिन के Bharat Bandh से देश को कितना होता है नुकसान?

Bharat Bandh: आज Bharat Bandh है, एक दिन के हिंदुस्तान बंद से देश को कितना नुकसान होता है क्या आप जानते है. नहीं जानते तो कोई बात नहीं अब पता चल जाएगा. इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे है कि एक दिन के हिंदुस्तान बंद होने से कितना और क्या क्या नुकसान होता है और क्या इसकी भरपाई हो पाती है कभी. कन्फेडेरेशन इंडियन इंडस्ट्रीज ( CII ) के मुताबिक, हिंदुस्तान बंद से हुए असर की भरपाई कभी नहीं हो पाती है. क्योंकि ये नुकसान काफी बड़ा होता है.नप हिंदुस्तान बंद से इकोनॉमी को नुकसान Bharat Bandh से आम जनता को दिक्कत तो होती ही है. लेकिन क्या आप जानते है कि एक दिन के हिंदुस्तान बंद से इकोनॉमी को कितना नुकसान झेलना पड़ता है. साल 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार और उद्दोग सीआईआई के मुताबिक एक दिन के हिंदुस्तान बंद से इकोनॉमी को करीब 25 से 30 हजार करोड़ का नुकसान होता है. Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry के अनुसार,अलग-अलग सेक्टरों में Bharat Bandh से होने वाला नुकसान अलग-अलग है. देशभर के बैंक कर्मचारी अगर एक दिन के लिए बंद पर चले जाएं तो तकरीबन 25 हजार करोड़ का लॉस होता है. रेलवे का नुकसान एक दिन में 24 सौ करोड़ है. देशभर के मजदूर (असंगठित सेवा) एक दिवसीय हड़ताल करें तो 26 हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है. आज Bharat Bandh बता दें कि आज 9 जुलाई को देशभर के 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के संयुक्त मंच ने ‘हिंदुस्तान बंद’ बुलाया है. ये हड़ताल केंद्र प्रशासन की नीतियों के खिलाफ बुलाई गई है. इसमें बैंकिंग, परिवहन, डाक सेवाएं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के 25 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और ग्रामीण मजदूरों के शामिल होने की उम्मीद है. ये हड़ताल केंद्र प्रशासन की कथित ‘मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक’ नीतियों के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन है. Also Read: Bharat Bandh Tomorrow: कल Bharat Bandh पर बैंक बंद है या नहीं, जानिए क्यों हो रहा है हड़ताल The post Bharat Bandh: एक दिन के Bharat Bandh से देश को कितना होता है नुकसान? appeared first on Naya Vichar.

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एक पेड़ मां के नाम… यूपी में 37 करोड़ पौधों का महाभियान आज से शुरू

Ek Ped Maa Ke Naam Campaign: उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 9 जुलाई को राज्यभर में 37 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे. इस ऐतिहासिक पौधरोपण महाभियान-2025 का नेतृत्व सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे. इस दौरान वे अयोध्या और आजमगढ़ में पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत करेंगे. अयोध्या से करेंगे महाभियान की शुरूआत इस बार अभियान की थीम “एक पेड़ मां के नाम” रखी गई है. पौधरोपण अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधों को नर्सरियों और अन्य जगहों पर तैयार किया गया है. सीएम योगी के निर्देशानुसार सभी मंत्री अपने-अपने जिलों में रहकर पौधरोपण में भाग लेंगे. इस दौरान यहां जनसंवाद करेंगे और कार्बन क्रेडिट योजना के तहत 7 किसानों को चेक भी प्रदान करेंगे. सीएम योगी के साथ वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी अयोध्या व आजमगढ़ में पौधे लगाएंगे. #एक_पेड़_मां_के_नाम 🌴#UPCM श्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में प्रदेश भर में जनसहभागिता से वृहद स्तर पर ‘वृक्षारोपण अभियान’ निरंतर संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से विगत 8 वर्षों में लगभग 205 करोड़ पौधरोपण सम्पन्न किया गया है। इसके फलस्वरूप, पर्यावरण संरक्षण… pic.twitter.com/iAu8IfFZuq — Government of UP (@UPGovt) July 8, 2025 लखनऊ मंडल में लगेंगे सबसे ज्यादा पौधे इस महाअभियान में 26 विभाग और लगभग 25 करोड़ जनता सक्रिय भागीदारी निभाएंगे. लखनऊ मंडल में सबसे अधिक पौधे रोपे जाएंगे. अकेले वन, वन्यजीव व पर्यावरण विभाग मिलकर 14 करोड़ से अधिक पौधे लगाएंगे. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मेरठ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक लखनऊ में और और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बाराबंकी में पौधरोपण करेंगे. CSR फंड से होगी पौधों की देखरेख पौधों की दीर्घकालिक सुरक्षा और देखरेख के लिए प्रशासन कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड का उपयोग करेगी. बैंकों व निजी कंपनियों को रोपण क्षेत्र गोद लेने और सिंचाई व संरक्षण के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जा रही है. The post एक पेड़ मां के नाम… यूपी में 37 करोड़ पौधों का महाभियान आज से शुरू appeared first on Naya Vichar.

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