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July 10, 2025

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Pakistan Developing Nuclear ICBM Missile: पाकिस्तान बना रहा ऐसी मिसाइल, जो अमेरिका को भी बैठे-बैठे कर देगी जलाकर खाक!

Pakistan Developing Nuclear ICBM Missile: पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपे एक रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान अब एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) बना रहा है, जिसकी मारक क्षमता अमेरिका तक होगी. यह पहली बार है जब पाकिस्तान पर ऐसे मिसाइल की योजना बनाने जा रहा है, जिससे अमेरिका को भी इससे खतरा हो सकता है.  FATF की रिपोर्ट में भी अहम खुलासा (Pakistan Developing Nuclear ICBM Missile) वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम का लिंक 2020 में हिंदुस्तान में जब्त किए गए एक संदिग्ध कार्गो से जुड़ा हुआ है.  रिपोर्ट बताती है कि यह कार्गो मिसाइल तकनीक से संबंधित सामग्रियों से जुड़ा था, जो पाकिस्तान की लंबी दूरी की मिसाइल परियोजना का हिस्सा हो सकता है.  Pakistan के दावे और मंशा पर सवाल इस्लामाबाद का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल हिंदुस्तान जैसे पारंपरिक रूप से मजबूत पड़ोसी के खिलाफ ‘रोकथाम’ के लिए है. लेकिन अमेरिकी एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान अब अमेरिका तक पहुंचने वाले हथियार तैयार कर रहा है, ताकि भविष्य में अमेरिका किसी प्रकार की सैन्य कार्रवाई न कर सके, जैसे कि उसके न्यूक्लियर ठिकानों पर प्री-एम्पटिव स्ट्राइक या हिंदुस्तान-पाक युद्ध में अमेरिकी हस्तक्षेप.  यह भी पढ़ें: Drone Attack: आतंकियों ने ड्रोन से थाने पर किया हमला, स्त्री की मौत, तीन शिशु घायल क्या है ICBM? ICBM यानी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल एक ऐसी मिसाइल होती है जिसकी रेंज 5,500 किलोमीटर या उससे अधिक होती है. ये मिसाइलें परमाणु हथियार ले जाने के लिए डिजाइन की जाती हैं. आधुनिक ICBM में MIRV (Multiple Independently Targetable Reentry Vehicles) तकनीक होती है, जिससे एक ही मिसाइल कई अलग-अलग लक्ष्यों को एकसाथ निशाना बना सकती है.  ICBM आमतौर पर अन्य सभी श्रेणी की मिसाइलों जैसे SRBM, MRBM या IRBM से ज्यादा तेज और शक्तिशाली होती है. इनमें उच्च सटीकता होती है और ये छोटे से छोटे और किलेबंद लक्ष्य को भी भेद सकती हैं.  पढ़ें: Death Sentences: मौत की सजा किस देश में सबसे ज्यादा दी जाती है? मुस्लिम या ईसाई… किसके पास है ICBM क्षमता? फिलहाल जिन देशों के पास ICBM की ऑपरेशनल क्षमता है, उनमें शामिल हैं अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, हिंदुस्तान, इज़राइल और उत्तर कोरिया. अब तक पाकिस्तान ऐसा एकमात्र परमाणु शक्ति वाला देश था जिसके पास ICBM नहीं थी, लेकिन अब वह उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.  पाकिस्तान के Nuclear हथियार से अमेरिका क्यों परेशान? वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) के मुताबिक, पाकिस्तान के पास 2024 तक अनुमानित तौर पर लगभग 170 परमाणु हथियार हैं. इस आंकड़े के साथ वह दुनिया का छठा सबसे बड़ा परमाणु शक्ति संपन्न देश बन चुका है. पाकिस्तान के पास कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें मौजूद हैं, जिनकी रेंज हिंदुस्तान के लगभग सभी प्रमुख शहरों को कवर करती है. इनमें प्रमुख मिसाइलें हैं: Shaheen-III: रेंज लगभग 2,750 किलोमीटर, Ghauri: रेंज लगभग 1,300 किलोमीटर और Ababeel (MIRV क्षमता के साथ परीक्षण)  रेंज करीब 2,200 किलोमीटर है. हालांकि पाकिस्तान की कोई भी मौजूदा मिसाइल अमेरिका तक नहीं पहुंच सकती. यही कारण है कि पाकिस्तान की संभावित ICBM (Intercontinental Ballistic Missile) विकास परियोजना को अमेरिका गंभीर खतरे के तौर पर देख रहा है. ऐसी मिसाइलें यदि विकसित होती हैं, तो वे अमेरिका के मुख्य भूभाग तक मार कर सकती हैं और यही अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चिंता बन चुका है. क्या United States बदलेगा अपना रुख? अगर पाकिस्तान ICBM बना लेता है और वह अमेरिका तक मार करने में सक्षम हो जाती है, तो वॉशिंगटन उसकी परमाणु नीति को एक सीधा खतरा मान सकता है. इतिहास बताता है कि अमेरिका ने कभी भी किसी ऐसे देश को अपना ‘सही मायनों में सहयोगी’ नहीं माना जिसके पास उसकी मुख्य भूमि पर हमले की परमाणु क्षमता हो.  रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान पहले से ही अमेरिका के लिए रणनीतिक चुनौती हैं.  अब अगर पाकिस्तान भी इस सूची में शामिल होता है, तो ये खतरा और भी बड़ा हो जाएगा.  विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये देश आपस में सामरिक सहयोग या रणनीतिक तालमेल बढ़ाते हैं, तो दुनिया एक नए किस्म की शीतयुद्ध जैसी स्थिति में प्रवेश कर सकती है.  The post Pakistan Developing Nuclear ICBM Missile: पाकिस्तान बना रहा ऐसी मिसाइल, जो अमेरिका को भी बैठे-बैठे कर देगी जलाकर खाक! appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Election 2025: बिहार वोटर लिस्ट रिविजन पर SC में हुई अहम सुनवाई, जानिए 8 प्रमुख बातें…

Bihar Election 2025: सुप्रीम कोर्ट में आज बिहार वोटर लिस्ट रिवीजन के मुद्दे पर सुनवाई हुई. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया था और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इधर, आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान तीखी बहस हुई. सुप्रीम कोर्ट की ओर से याचिकार्ताओं से चुनाव आयोग के खिलाफ सबूत मांगे. कहा गया कि, यह साबित करके दिखाएं कि, चुनाव आयोग सही नहीं कर रहा है. इसके अलावा जो अन्य प्रमुख बातें निकलकर सामने आई, वे इस प्रकार हैं… यह सुनवाई जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने की. याचिकाकर्ता की ओर से कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और गोपाल शंकर नारायणन तो वहीं चुनाव आयोग के ओर से पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने दलील पेश की. सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण की ओर से कहा गया कि, हम वोटर्स लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण को चुनौती दे रहे हैं. इस प्रक्रिया के लिए चुनाव आयोग ने बेहद कम समय दिया है जो पारदर्शी और निष्पक्ष नहीं है. चुनाव आयोग वही कर रहा जो, उसे नहीं करना चाहिए. यह मनमानी है. कपिल सिब्बल ने कहा कि, आधार कार्ड को नागरिकता का सबूत मानने से इनकार करना और अन्य दस्तावेजों की मांग करना हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए अन्यायपूर्ण है. सुनवाई के दौरान जस्टिस सुधांश धूलिया की तरफ से कहा गया कि, संविधान में जो प्रावधान है, चुनाव आयोग वही कर रहा है. ऐसे में यह कहना सही नहीं है कि, चुनाव आयोग वह कर रहा जो उसे नहीं करना चाहिए. बल्कि संविधान के तहत ही अनिवार्य कार्य किया जा रहा है. इधर, वकील गोपाल शंकर नारायणन ने कहा कि, नई प्रक्रिया के तहत 7.9 करोड़ लोगों को फिर से दस्तावेज देने होंगे और सिर्फ 11 दस्तावेज स्वीकार किए जा रहे हैं. कोर्ट में वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने भी SIR प्रक्रिया का विरोध किया और लाखों वोटर्स के नाम लिस्ट से हटने को लेकर खतरा भी बताया. अधिवक्ता गोपाल शंकर नारायणन ने कहा कि आयोग ने वोटर आईडी कार्ड को भी अमान्य कर दिया गया है. साल 2003 की मतदाता सूची में जिनका नाम है, उन्हें भी एक नया फॉर्म भरना होगा नहीं तो उनका नाम लिस्ट से हटा दिया जाएगा. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि, पहले ये साबित कीजिए कि चुनाव आयोग जो कर रहा है, वह सही नहीं है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आधार कार्ड की मान्यता नहीं होने को लेकर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की गई. कहा गया कि, यह काम गृह मंत्रालय का है. इस पर कोर्ट ने यह भी कहा कि, आपको अगर यह करना है तो फिर इतनी देरी क्यों की. यह चुनाव से ठीक पहले नहीं होना चाहिए. बता दें कि, बिहार वोटर लिस्ट रिविजन के विरोध में 9 पार्टियों ने याचिका दायर की थी. इसके साथ ही कल ही बड़े स्तर पर बिहार में विरोध-प्रदर्शन भी किया गया था. कुल मिलाकर देखें तो, लगातार विपक्षी पार्टी इसका विरोध करते हुए दिख रहे हैं. Also Read: बिहार के इस जिले में एक साथ दिखेंगे दुनिया के 7 अजूबे, पर्यटकों को मिलेगा शानदार अनुभव, ये सुविधाएं भी होंगी… The post Bihar Election 2025: बिहार वोटर लिस्ट रिविजन पर SC में हुई अहम सुनवाई, जानिए 8 प्रमुख बातें… appeared first on Naya Vichar.

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बगावत का अंजाम: सपा के बागी विधायक अब विधानसभा से भी बाहर

UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने बड़ा कदम उठाते हुए समाजवादी पार्टी से निष्कासित तीन विधायकों को असंबद्ध सदस्य घोषित कर दिया है. यह फैसला विधानसभा में जारी आदेश के जरिए सार्वजनिक किया गया. असंबद्ध घोषित किए जाने का मतलब यह है कि अब ये विधायक समाजवादी पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ नहीं बैठ सकेंगे. इनके लिए सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की जाएगी, जैसा कि निर्दलीय या अन्य गैर-पार्टी सदस्यों के लिए होता है. कौन हैं ये विधायक? असंबद्ध घोषित किए गए विधायकों में रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज कुमार पांडेय, अमेठी से विधायक राकेश प्रताप सिंह और गौरीगंज से विधायक अभय सिंह शामिल हैं. यह तीनों नेता अब यूपी विधानसभा में न तो सपा खेमे का हिस्सा रहेंगे और न ही किसी मान्यता प्राप्त दल का, जब तक वे किसी नई पार्टी से औपचारिक रूप से नहीं जुड़ते. राज्यसभा चुनाव में की थी भाजपा के पक्ष में वोटिंग इन तीनों विधायकों के खिलाफ कार्रवाई का मुख्य कारण राज्यसभा चुनाव 2024 में की गई क्रॉस वोटिंग रही. तीनों ने पार्टी लाइन से हटकर भाजपा के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया था, जिसे समाजवादी पार्टी ने गंभीर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए तत्काल निष्कासन का फैसला किया था. अब विधानसभा से असंबद्ध घोषित किए जाने के बाद यह कार्रवाई विधायी स्तर पर भी पूरी हो गई है. मनोज पांडेय की भाजपा में बढ़ती नजदीकी मनोज पांडेय ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी छोड़ दी थी. नेतृत्वक गलियारों में इस बात की चर्चाएं तेज थीं कि उन्हें रायबरेली सीट से भाजपा का टिकट मिल सकता है, लेकिन यह टिकट दिनेश प्रताप सिंह को दे दिया गया. इसके बाद मनोज पांडेय ने दिनेश की चुनावी सभाओं से दूरी बनाए रखी, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि वे भाजपा से नाराज़ हैं. इसी नाराज़गी को शांत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद मनोज पांडेय के घर पहुंचे थे और उन्हें मनाया था. शाह से मुलाकात के बाद ही मनोज भाजपा के पक्ष में प्रचार करते नजर आए थे. अखिलेश यादव ने ली चुटकी, बोले– “तकनीकी दिक्कत दूर कर दी” इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा व्यंग्य किया. उन्होंने कहा, “अगर भाजपा इन विधायकों को मंत्री बनाना चाहती है तो अब कोई तकनीकी अड़चन नहीं है. वे अब सपा के सदस्य नहीं हैं. हमने उनकी सदस्यता से जुड़ी बाधा दूर कर दी है.” उन्होंने आगे कहा, “हम अगली खेप में भी कुछ विधायक उन्हें मंत्री बनाने के लिए दे देंगे.” नेतृत्वक विश्लेषण: भाजपा को मिलेगा फायदा? नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि इस कार्रवाई से समाजवादी पार्टी ने अपने अनुशासन को मज़बूत किया है, लेकिन दूसरी ओर भाजपा को लाभ मिल सकता है. ये तीनों विधायक अपने-अपने इलाकों में प्रभावशाली नेता माने जाते हैं. यदि भाजपा इन्हें सक्रिय रूप से अपने संगठन में शामिल करती है और उन्हें जिम्मेदारी देती है, तो यह पार्टी को जमीनी मजबूती देगा, खासकर पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में. निष्कासन का असर विधानसभा गणित पर विधानसभा में असंबद्ध सदस्य घोषित किए जाने का मतलब यह है कि ये विधायक अब किसी भी मान्यता प्राप्त दल का हिस्सा नहीं रहेंगे. हालांकि, इससे उनकी विधायक सदस्यता पर कोई असर नहीं पड़ेगा जब तक कि वे खुद इस्तीफा न दें या किसी विधिक प्रक्रिया से अयोग्य न ठहरा दिए जाएं. लेकिन इस नए दर्जे के साथ उनकी भूमिका, बैठने की व्यवस्था और विधायी प्रक्रिया में स्थिति अब भिन्न होगी, जिससे सदन में सत्ता पक्ष को रणनीतिक लाभ मिल सकता है. समाजवादी पार्टी के तीन विधायकों को विधानसभा से असंबद्ध घोषित किए जाने के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है. सपा जहां अनुशासनात्मक कार्रवाई के ज़रिए अपनी सख्त नीति दर्शा रही है, वहीं भाजपा के लिए यह अवसर बन सकता है कि वह विपक्ष के प्रभावशाली चेहरों को अपने साथ जोड़कर अपनी नेतृत्वक ताकत और बढ़ाए. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इन विधायकों को भाजपा कोई मंत्री पद या अन्य जिम्मेदारी देती है या नहीं. The post बगावत का अंजाम: सपा के बागी विधायक अब विधानसभा से भी बाहर appeared first on Naya Vichar.

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Sawan Bhojpuri Songs: पवन सिंह के इस गाने की सावन में बढ़ जाती है डिमांड, आप सुना क्या

Sawan Bhojpuri Songs: 11 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू हो जाएगा. ऐसे में भक्त भोलेबाबा की भक्ति में डूब जाएंगे और उनसे मन चाहा वर मांगेंगे. कई भक्त को कांवर लेकर शंकर भगवान पर जल भी चढ़ाएंगे. इसी बीच भोजपुरी इंडस्ट्री में भी एक से बढ़कर एक गाने हर दिन रिलीज हो रहे हैं. कुछ पुराने गाने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और लोगों के फेवरेट बन रहे हैं. इसी में पवन सिंह का गउरा हो हंस द ना’ ट्रेंड कर रहा है. इस सॉन्ग को बार बार सुना जा रहा है. गउरा हो हंस द ना गाना यूट्यूब पर वायरल पवन सिंह का शिव भजन ‘गउरा हो हंस द ना’ को वेभ म्यूजिक के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है और इसे अब तक 53 मिलियन लोगों ने देखा है. इसमें पावर स्टार खुद भगवान शिव का रूप धारण किए हुए हैं. उनके बगल में माता पार्वती बने एक्ट्रेस चांदनी सिंह बैठी भी दिखाई दे रही है. फैंस इसे साल 2025 में भी खूब सुन रहे हैं. गउरा हो हंस द ना के बारे में ‘गउरा हो हंस द ना’ एल्बम को पवन सिंह ने अपनी आवाज दी है. वहीं मनोज मतलबी ने इसके लिरिक्स लिखे हैं. छोटा बाबा इसके म्यूजिक डायरेक्टर हैं और देवेंद्र तिवारी वीडियो डायरेक्टर हैं. फैंस पवन के इस गाने को सुपरहिट बता रहे हैं. हाल ही में भोजपुरी सुपरस्टार को ‘हरियर चूड़िया खातिर’ रिलीज हुआ. इस गाने ने धमाल मचा दिया है और कुछ ही घंटों में इसे 2 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है. The post Sawan Bhojpuri Songs: पवन सिंह के इस गाने की सावन में बढ़ जाती है डिमांड, आप सुना क्या appeared first on Naya Vichar.

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ट्रेंट बोल्ट ने गेंद ही नहीं बल्ले से भी मचाई तबाही, अंतिम ओवरों में दनादन छक्के मारकर दिलाई जीत

MLC 2025 Trent Boult shines in SF Unicorns vs MI New York: टी20 क्रिकेट में डेथ ओवर्स के शानदार गेंदबाज के तौर पर मशहूर ट्रेंट बोल्ट ने गुरुवार को ग्रैंड प्रेयरी स्टेडियम में बल्ले से भी कमाल दिखाया. मेजर लीग क्रिकेट (MLC) के एलिमिनेटर मुकाबले में एमआई न्यूयॉर्क ने सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के खिलाफ 2 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की. बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में एमआई न्यूयॉर्क को 132 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे टीम ने 3 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया. शुरुआत में टीम ने पॉवरप्ले में बिना विकेट गंवाए 37 रन बनाए थे, लेकिन उसके बाद मैच में कई उतार-चढ़ाव आए. अंत में ट्रेंट बोल्ट ने 22 रन बनाकर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित कर दी.  मैच में एमआई न्यूयॉर्क ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसल किया. वहीं बैटिंग करने उतरी सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स को दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवें ओवर में लगातार झटके लगे और 16 रन पर ही उसके 5 विकेट पवेलियन लौट चुके थे. गेंदबाजी में भी बोल्ट और केनजिगे ने यूनिकॉर्न्स की शुरुआत बिगाड़ दी थी. केनजिगे ने मैथ्यू शॉर्ट को आउट किया, जबकि बोल्ट ने टिम सीफर्ट और फिर लगातार दो गेंदों पर जैक फ्रेजर-मकगर्क और हसन खान को आउट किया. वहीं सैन फ्रांसिस्को की ओर से जेवियर बार्टलेट ने 24 गेंदों में 44 रन बनाए, लेकिन उन्हें कोई खास सहयोग नहीं मिला और टीम 19.3 ओवर में 131 रन पर सिमट गई. एमआई न्यूयॉर्क की ओर से रुषिल उगर्कर ने 3 विकेट, ट्रेंट बोल्ट ने 2 और केनजिगे ने 2 विकेट लिए. Yo! Come look at this… 🤩⚡#OneFamily #MINewYork #MLC #SFUvMINY pic.twitter.com/LWzud0ewhK — MI New York (@MINYCricket) July 10, 2025 हसन खान और मैथ्यू शॉर्ट ने कराई यूनिकॉर्न्स की वापसी लक्ष्य का पीछा करने उतरी एमआई की शुरुआत बढ़िया रही. मोनांक पटेल और क्विंटन डिकॉक ने 43 रन की साझेदारी की. लेकिन इसके बाद न्यूयॉर्क ने लगातार विकेट गंवाए. मैथ्यू शॉर्ट और हसन खान ने घातक गेंदबाजी से न्यूयॉर्क को पस्त कर दिया. टी20 के अनुभवी कीरोन पोलार्ड भी कुछ खास नहीं कर सके और जेवियर बार्टलेट ने उन्हें आउट कर दिया. वहीं, हसन खान ने जबरदस्त ओवर डाले और एक ही ओवर में ब्रेसवेल और हीथ रिचर्ड्स को आउट किया. फिर अपने अगले ओवर में तजिंदर सिंह और ट्रिस्टन लूस को भी चलता कर दिया. एमआई न्यूयॉर्क का स्कोर 108/8 हो गया था और जीत के लिए 24 रन बाकी थे. ट्रेंट बोल्ट बने संकटमोचक इसी मुश्किल स्थिति में ट्रेंट बोल्ट ने नौवें विकेट के लिए नॉस्थुश केनजिगे के साथ अहम साझेदारी की, आखिरी 2 ओवर में जीत के लिए 19 रन की जरूरत थी और बैटिंग क्रीज पर बोल्ट थे. उन्होंने पहली गेंद पर दो रन लिए और अगली दो गेदों पर उन्होंने 2 छक्के जड़कर सारा दबाव गायब कर दिया. मैच आखिरी ओवर तक गया, जब 6 गेंद पर 4 रन की जरूरत थी. यहां पर न्यूयॉर्क के दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य दिखाते हुए तीन गेंदों पर 4 रन बनाकर मैच जीत लिया. ट्रेंट बोल्ट को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया. एमआई न्यूयॉर्क अब शुक्रवार को टेक्सास सुपर किंग्स से क्वालिफायर-2 में भिड़ेगी. इटली ने इस टीम को हराकर किया उलटफेर, पहली बार टी20 वर्ल्डकप क्वालिफाई करने के नजदीक पहुंची Wimbledon: जोकोविक ने तोड़ा फेडरर का रिकॉर्ड, लेकिन सेमीफाइनल में आसान नहीं सफर; सिनर के खिलाफ ऐसा है आंकड़ा आमने-सामने आ गए शुभमन गिल और सारा तेंदुलकर, तिरछी नजरों से ताकते दिखे कैप्टन! वायरल हुआ Video The post ट्रेंट बोल्ट ने गेंद ही नहीं बल्ले से भी मचाई तबाही, अंतिम ओवरों में दनादन छक्के मारकर दिलाई जीत appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 1 लाख रिश्वत लेते अमीन रंगेहाथ गिरफ्तार, विजिलेंस टीम की छापेमारी से हड़कंप

Bihar News: बिहार में गुरुवार का दिन भ्रष्ट लोकसेवकों के लिए भारी साबित हुआ. निगरानी विभाग और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की संयुक्त कार्रवाई में रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में तीन अलग-अलग जिलों में बड़ी कार्रवाइयां की गईं. किशनगंज में 1 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया अमीन किशनगंज के दौला पंचायत में तैनात अमीन निरंजन कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने रंगेहाथ 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया है. कार्रवाई गुरुवार सुबह बस स्टैंड के पास की गई. शिकायतकर्ता मोहम्मद अजमेर आलम ने आरोप लगाया था कि जमीन के मुआवजे के बदले अमीन ने 2 लाख रुपये की मांग की थी. 30 जून को दर्ज की गई शिकायत के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन किया और 9 जुलाई को निगरानी थाना कांड संख्या 50/25 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की. डीएसपी संजय कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को गुप्त स्थान पर ले जाकर पूछताछ की जा रही है. तीन जिलों में इंजीनियर प्रमोद कुमार के छह ठिकानों पर रेड पटना, सहरसा और सीतामढ़ी में तैनात कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है. गुरुवार सुबह एक साथ छह ठिकानों पर छापेमारी की गई. प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अभियंता के पास वैध आय से करीब 309 प्रतिशत अधिक संपत्ति है. टीम ने उनके घर, कार्यालय और अन्य ठिकानों से दस्तावेज जब्त किए हैं. खगड़िया में डीएसपी के घर स्पेशल विजिलेंस यूनिट की दबिश इधर, खगड़िया में मद्य निषेध विभाग में पदस्थापित डीएसपी अभय प्रसाद यादव के घर स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने छापेमारी की है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, मामला आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा हुआ है. हालांकि, बरामद सामान या राशि को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. बिहार में भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम तेज इन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि राज्य प्रशासन और निगरानी एजेंसियां भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं. एक ही दिन में तीन वरिष्ठ पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई ने प्रशासनी तंत्र में हलचल मचा दी है. आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं. Also Read: बिना सुनवाई नहीं कटेगा वोटर लिस्ट से किसी का नाम, SC को चुनाव आयोग ने दिलाया भरोसा The post बिहार में 1 लाख रिश्वत लेते अमीन रंगेहाथ गिरफ्तार, विजिलेंस टीम की छापेमारी से हड़कंप appeared first on Naya Vichar.

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IND vs ENG: लॉर्ड्स के मैदान पर भारत के खिलाफ लाल कैप में उतरेगी इंग्लैंड टीम, जानें क्यों?

India vs England Third Test at Lords Stadium: हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला आज(गुरुवार) को लॉर्ड्स के मैदान पर स्पोर्ट्सा जाएगा. इस मैच में इंग्लैंड की टीम कुछ अलग अंदाज में दिखेगी. अभी तक सीरीज के पांच मैचों में से 2 मुकाबले हो चुके हैं, जिसमें से दोनों टीमों ने1-1 मैच जीता है और सीरीज में बराबरी पर खड़े हैं.  इंग्लैंड लॉर्ड्स टेस्ट मैच में कुछ अलग क्यों दिखेगी ये हम आपकों बताते हैं. पूर्व इंग्लिश प्लेयर एंड्रयू स्ट्रॉस का इससे कैसे जुड़े हैं यह सब हम आपको बताएंगे? इंग्लैंड के खिलाड़ी लाल टोपी क्यों पहन रहे हैं? पूर्व इंग्लैंड क्रिकेटर एंड्रयू स्ट्रॉस ने अपनी दिवंगत पत्नी रूथ स्ट्रॉस को श्रद्धांजलि देने के लिए इस पहल की शुरुआत की थी. रूथ स्ट्रॉस का 2018 में एक दुर्लभ प्रकार के लंग के कैंसर से निधन हो गया था. उनकी याद में एंड्रयू स्ट्रॉस ने रूथ स्ट्रॉस फाउंडेशन की स्थापना की, जो फेफड़ों के कैंसर पर शोध और इससे प्रभावित मरीजों व उनके परिवारों को सहायता प्रदान करता है. हिंदुस्तान के खिलाफ आज इंग्लैंड की टीम इसी फाउंडेशन को सपोर्ट करने के लिए लाल रंग की टोपी पहनकर उतरेगी. इस पहल की शुरुआत लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में स्पोर्ट्से गए दूसरे एशेज टेस्ट मैच के दूसरे दिन हुई थी, जिसे “रूथ डे” कहा जाता है. उस दिन सभी खिलाड़ी लाल टोपी पहनते हैं, दर्शकों को भी लाल रंग पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, और इस आयोजन के माध्यम से जागरूकता और फंड इकट्ठा किया जाता है. Ind vs eng: लॉर्ड्स के मैदान पर हिंदुस्तान के खिलाफ लाल कैप में उतरेगी इंग्लैंड टीम, जानें क्यों? 3 यह आयोजन न केवल रूथ स्ट्रॉस को श्रद्धांजलि है, बल्कि उन परिवारों की मदद के लिए भी है जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना कर रहे हैं. फाउंडेशन उन्हें भावनात्मक और व्यावहारिक सहायता देने का काम करता है, खासतौर पर उन माता-पिता को जो जानते हैं कि उनके बच्चों को बिना माता या पिता के बड़ा होना पड़ेगा. रूथ स्ट्रॉस कौन थीं? Ind vs eng: लॉर्ड्स के मैदान पर हिंदुस्तान के खिलाफ लाल कैप में उतरेगी इंग्लैंड टीम, जानें क्यों? 4 रूथ मैकडोनाल्ड, जो बाद में रूथ स्ट्रॉस बनीं, ऑस्ट्रेलिया की एक अभिनेत्री और फिर बिजनेस एक्जीक्यूटिव थीं. वह पूर्व इंग्लैंड क्रिकेट कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस की पत्नी थीं. उनका निधन 29 दिसंबर 2018 को 46 वर्ष की आयु में हो गया था. वह एक दुर्लभ प्रकार के फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित थीं. रूथ स्ट्रॉस फाउंडेशन की स्थापना एंड्रयू स्ट्रॉस ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ग्लेन मैक्ग्राथ की मदद और सलाह से की थी. ग्लेन मैक्ग्राथ की पत्नी जेन मैक्ग्राथ की भी कैंसर से मृत्यु हो गई थी, और उन्होंने McGrath Foundation की स्थापना की थी. उसी से प्रेरित होकर एंड्रयू स्ट्रॉस ने भी यह पहल की. आज, “रूथ डे” क्रिकेट से जुड़ी एक खास तारीख बन गई है, जो न केवल स्पोर्ट्स को जोड़ती है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक भी है. ये भी पढे… इटली ने इस टीम को हराकर किया उलटफेर, पहली बार टी20 वर्ल्डकप क्वालिफाई करने के नजदीक पहुंची ऋषभ पंत ने ड्यूक्स गेंद की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, क्या कहा जानिए? शार्दुल ठाकुर ने जसप्रीत बुमराह के पैर छुए, वीडियो हुआ वायरल The post IND vs ENG: लॉर्ड्स के मैदान पर हिंदुस्तान के खिलाफ लाल कैप में उतरेगी इंग्लैंड टीम, जानें क्यों? appeared first on Naya Vichar.

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Death Sentences: मौत की सजा किस देश में सबसे ज्यादा दी जाती है? मुस्लिम या ईसाई…

Death Sentences: एमनेस्टी इंटरनेशनल (Amnesty International) की ताजा रिपोर्ट ने एक चिंताजनक रुझान को उजागर किया है. रिपोर्ट के अनुसार साल 2024 में दुनियाभर में कम से कम 1518 लोगों को मौत की सजा दी गई, जो कि 2023 की तुलना में 32 फीसदी ज्यादा है. यह पिछले 10 साल में विशेष रूप से 2015 के बाद, मौत की सजा का सबसे बड़ा आंकड़ा है. रिपोर्ट यह भी बताती है कि मौत की सजा देने वाले देशों की संख्या 2023 में 16 थी, जो 2024 में घटकर 15 रह गई है. किस देश में सबसे ज्यादा मौत की सजा? (Death Sentences) उपलब्ध आंकड़ों में ईरान पहले नंबर पर है, जहां साल 2024 में कम से कम 972 लोगों को फांसी दी गई. इनमें 30 स्त्रीएं भी शामिल थीं. 2023 में यह संख्या 853 थी, यानी महज एक साल में करीब 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई. मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि यह बढ़ोतरी सिर्फ अपराध नियंत्रण के मकसद से नहीं, बल्कि आंतरिक अस्थिरता, विरोध प्रदर्शनों और शासन की आलोचना करने वालों को दबाने की नीति का हिस्सा है. स्त्रीओं को भी फांसी (Death Sentences) ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता रोया बोरौमंद ने बताया कि 2022 में 12 और 2023 में 25 स्त्रीओं को मौत की सजा दी गई थी. इनमें से कई स्त्रीओं को ड्रग्स से संबंधित मामलों में दोषी ठहराया गया, जबकि कुछ को शासन विरोधी गतिविधियों के लिए सजा दी गई. बोरौमंद के मुताबिक यह ईरानी स्त्रीओं के लिए एक चेतावनी है, खासकर उन स्त्रीओं के लिए जो भेदभावपूर्ण कानूनों और सामाजिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाती हैं. सऊदी अरब और इराक कितने लोगों को मिली मौत की सजा? (Death Sentences) रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के बाद सऊदी अरब ने 345 और इराक ने 63 लोगों को फांसी दी. नशीली दवाओं की तस्करी और आतंकवाद जैसे अपराधों में इन देशों में मौत की सजा दी गई. एमनेस्टी का कहना है कि ईरान और सोमालिया जैसे देशों में 18 साल से कम उम्र के चार-चार किशोरों को भी फांसी दी गई, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संधियों का स्पष्ट उल्लंघन है. चीन में भी मौत की सजा (Death Sentences) एमनेस्टी इंटरनेशनल का मानना है कि दुनिया में सबसे ज्यादा फांसी चीन में दी जाती है, लेकिन वहां से कोई आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आते. रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन, वियतनाम और उत्तर कोरिया जैसे देशों में मौत की सजा को गोपनीय रखा जाता है. चीन में भ्रष्टाचार और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अपराधों में फांसी की सजा दी जाती है, जो संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के खिलाफ है. (ये जानकारी बीबीसी हिंदी के 8 अप्रैल 2025 के रिपोर्ट के अनुसार है जिसे स्वामीनाथन नटराजन ने तैयार किया है) चीन में मौत की सजा का इतिहास काफी पुराना है. 1983 में आपराधिक गिरोहों को खत्म करने के लिए ‘स्ट्राइक हार्ड’ नीति लागू की गई थी. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान मामूली अपराधों, जैसे मवेशी या वाहन चोरी पर भी लोगों को मौत की सजा दी गई थी. एमनेस्टी की 1996 की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ’26 जून अंतरराष्ट्रीय नशीली दवा विरोधी दिवस’ पर चीन के विभिन्न शहरों में एक ही दिन में 230 से ज्यादा लोगों को मौत की सजा दी गई थी. The post Death Sentences: मौत की सजा किस देश में सबसे ज्यादा दी जाती है? मुस्लिम या ईसाई… appeared first on Naya Vichar.

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Sawan 2025: सावन शुरू होने से पहले घर से हटा दें ये 4 चीजें, नहीं तो रूठ सकते हैं भोलेनाथ

Sawan 2025: सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान घर का माहौल शुद्ध, शांत और सकारात्मक होना बेहद जरूरी है. लेकिन कई बार हम जाने-अनजाने में ऐसी चीजें अपने घर में रख लेते हैं जो नेगेटिव ऊर्जा फैलाती हैं और शुभ फल मिलने में बाधा बनती हैं. खासकर सावन शुरू होने से पहले इन 4 चीजों को घर से हटा देना बेहद जरूरी है, वरना शिव की कृपा मिलने में देर हो सकती है. अब जानिए कौन-सी हैं वो चीजें जो सावन से पहले घर में नहीं होनी चाहिए. Sawan 2025: टूटी-फूटी मूर्तियां या तस्वीरें घर में रखी भगवान की टूटी हुई मूर्तियां या फटी हुई तस्वीरें अशुभ मानी जाती हैं. ये नेगेटिव एनर्जी फैलाती हैं और पूजा का फल भी नहीं मिलता. सावन से पहले ऐसी चीजों को सम्मानपूर्वक हटा देना चाहिए. इससे घर में शांति और सकारात्मकता बनी रहती है. Sawan 2025: सूखे या मुरझाए फूल पूजा में चढ़ाए गए पुराने फूल या माला को कई लोग संभाल कर रखते हैं, लेकिन सूखे या मुरझाए फूल घर में रखना अशुभ होता है. इससे ऊर्जा का प्रवाह रुकता है और घर का वातावरण भारी हो जाता है. सावन से पहले इनका उचित तरीके से विसर्जन कर देना चाहिए. Sawan 2025: टूटे बर्तन या कांच के टुकड़े घर में टूटे हुए बर्तन, शीशे या कांच के टुकड़े रखने से दरिद्रता आती है. ये वास्तु दोष का कारण भी बनते हैं. सावन जैसे पवित्र महीने से पहले इन चीजों को हटा देना चाहिए ताकि घर में सुख-शांति बनी रहे. Sawan 2025: बंद घड़ी या खराब इलेक्ट्रॉनिक्स अगर घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है या कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब है और उपयोग में नहीं आ रहा, तो इसे रखना अशुभ होता है. ये जीवन में रुकावट और ठहराव लाते हैं. सावन से पहले इन्हें दुरुस्त करवा लें या हटा दें. ये भी पढ़ें: Varshavasa 2025: 10 जुलाई से शुरू होगा तीन महीने का ध्यानकाल, जानिए क्यों बौद्ध भिक्षु एक ही स्थान पर रुकते हैं ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: चाणक्य की ये 5 नीतियां अपनाई तो जीवन में कभी हार नहीं होगी Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Sawan 2025: सावन शुरू होने से पहले घर से हटा दें ये 4 चीजें, नहीं तो रूठ सकते हैं भोलेनाथ appeared first on Naya Vichar.

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आ रहे MALE ड्रोन! दुश्मनों की अब खैर नहीं

MALE Drone: हिंदुस्तान प्रशासन ने देश की समुद्री और जमीनी सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. केंद्र प्रशासन ने मीडियम ऑल्टिट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (MALE) ड्रोन की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाते हुए 87 एडवांस ड्रोन स्वदेशी कंपनियों से खरीदने का फैसला किया है. मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस योजना पर करीब 20,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और यह पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ के तहत होगी. इसका मकसद हिंदुस्तान की स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देना और विदेशी कंपनियों पर निर्भरता को कम करना है. यह पहली बार है जब ऐसे हाई-टेक ड्रोन के निर्माण का जिम्मा हिंदुस्तानीय निजी कंपनियों को दिया जा रहा है. इससे पहले हिंदुस्तान इस तरह के ड्रोन इजरायल से खरीदता रहा है. क्या होंगे इन ड्रोन की खासियतें? 30 घंटे से अधिक उड़ान भरने में सक्षम 35,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान रियल-टाइम निगरानी, टोही और इंटेलिजेंस में उपयोगी उन्नत कैमरा और सेंसर टेक्नोलॉजी से लैस हर तरह के जमीनी और समुद्री इलाकों में काम करने में सक्षम लड़ाकू क्षमताएं भी होंगी शामिल कम से कम 60% हिस्सा स्वदेशी होना अनिवार्य इन ड्रोन की मदद से दुश्मन की हर गतिविधि पर दूर से भी नजर रखी जा सकेगी, जिससे पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर सुरक्षा को कई गुना बढ़ाया जा सकेगा. इन ड्रोन्स के शामिल होने से थल सेना, वायुसेना और नौसेना तीनों की निगरानी क्षमताएं और मजबूत होंगी. खासकर वायुसेना को सीमा पर गश्त, निगरानी और रणनीतिक योजना बनाने में बड़ी मदद मिलेगी. यह भी लिखें.. Bihar Election 2025: बिना सुनवाई नहीं कटेगा वोटर लिस्ट से किसी का नाम, SC को चुनाव आयोग ने दिलाया भरोसा यह भी लिखें.. 150 साल पुराना, बादलों की सैर… कहां है दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन The post आ रहे MALE ड्रोन! दुश्मनों की अब खैर नहीं appeared first on Naya Vichar.

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