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July 10, 2025

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कंटेंट के पीछे इंसानी दिमाग या ChatGPT का हाथ! मिनटों में चलेगा पता, जानिए कैसे कर सकते हैं वेरिफाई

आज के समय में हर कोई अपना काम ChatGPT से करवा रहा है. फिर चाहे स्टूडेंट हो या कोई इंप्लॉइ हर कोई ChatGPT की मदद ले रहा है. ज्यादातर ChatGPT की मदद से लोग लिखने वाले काम करवा रहे हैं. स्टूडेंट्स अपना पूरा का पूरा असाइनमेंट ChatGPT से करवा रहे हैं तो वहीं इंप्लॉइस भी बढ़िया कंटेंट के लिए AI कंटेंट जनरेटिंग टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि, इससे समय और मेहनत दोनों की ही बचत होती है. लेकिन इससे एक परेशानी भी है. AI कंटेंट जनरेटिंग टूल्स के इस्तेमाल से काम तो पूरे हो जा रहे हैं. लेकिन इससे इंसान का क्रिएटिव माइंड कहीं छुप जा रहा है. जिससे इंसान कि काबिलियत सामने नहीं आ पा रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ChatGPT से लिखे गए कंटेंट का पता लगाया जा सकता है? अगर हां, तो कैसे? ChatGPT से कभी न पूछें ये 10 सवाल, ऐसा किया तो जिंदगीभर होगा अफसोस ChatGPT दे रहा समाधान जैसा कि आप जानते हैं ChatGPT हर समस्या का समाधान चुटकियों में दे देता है. ऐसे में इस समस्या का समाधान भी ChatGPT ही दे रहा है. जी हां, अब कई सारे AI टूल्स ऐसे हैं, जो कंटेंट को पहचान कर बता रहे हैं कि आखिर कंटेंट किसने लिखा है. कंटेंट के पीछे ChatGPT का दिमाग है या इंसान का. कंटेंट पहचानने के ये AI टूल्स करें इस्तेमाल AI टूल्स जैसे GPTZero, Sapling AI Detector, Copyleaks AI Content Detector, Originality.ai और Writer.com जैसे टूल्स कंटेंट को गहराई से जांचते हैं. जिसके बाद यह बता देते हैं कि कंटेंट के पीछे इंसान की मेहनत है या AI की. इसके लिए आपको बस इन AI प्लेटफॉर्म्स पर जाना है और अपने कंटेंट कॉपी कर वहां पेस्ट कर देना है. जिसके बाद जांच कर यह आपको बता देगा कि कंटेंट लिखने के लिए किसका दिमाग लगा है. ध्यान रहे कि इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने के लिए आपको सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है. या फिर कभी-कभी आपको किसी इंसान के लिखे कंटेंट में भी AI से लिखा हुआ दिखा सकता है. डेटा और फैक्ट्स भी जांचना जरूरी कई बार AI ChatGPT गलत जानकारी भी दे देता है. ये बातें खुद ChatGPT के फाउंडर सैम ऑल्टमैन ने कही थी. ऐसे में ChatGPT द्वारा दिए गए कंटेंट पर पूरी तरह से भरोसा करना भी सही नहीं है. क्योंकि, कई बार यह फैक्ट्स को गलत तरीके से भी पेश कर देता है. ऐसे में इस तरह के कंटेंट को क्रॉस-चेक करना जरूरी है. इसके अलावा कंटेंट में प्लेजरिज्म चेक करना भी उतना ही जरूरी है. क्योंकि, AI कई बार किसी साइट में दी गई जानकारी को भी कॉपी कर दे देता है. ऐसे में प्लेजरिज्म जांचने के लिए Quetext, Turnitin और Grammarly टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. AI का सही इस्तेमाल कर कमा सकते हैं लाखों, स्मार्ट लोग भी नहीं जानते होंगे ये ट्रिक्स The post कंटेंट के पीछे इंसानी दिमाग या ChatGPT का हाथ! मिनटों में चलेगा पता, जानिए कैसे कर सकते हैं वेरिफाई appeared first on Naya Vichar.

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Bhojpuri: ‘तड़पाओगे, तड़पा लो…’ गाने पर रानी चटर्जी की अदाओं ने फैंस पर किया जादू, इंटरनेट पर मचाई सनसनी

Bhojpuri: भोजपुरी की सुपरहिट एक्ट्रेस रानी चटर्जी ने एक बार फिर अपने फैंस को चौंका दिया है. फिल्म की शूटिंग के बीच में भी रानी इंस्टाग्राम पर खूब एक्टिव रहती हैं और फैंस के लिए नए-नए डांस वीडियो डालती रहती हैं. इसी बीच रानी ने इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो पुराने हिंदी गाने पर डांस करती नजर आ रही हैं. इस वीडियो के साथ उन्होंने ऐसा कैप्शन लिखा है, जिसे पढ़कर लोग पूछने लगे हैं कि आखिर रानी किसके लिए इशारा कर रही हैं? View this post on Instagram A post shared by Rani Chatterjee (@ranichatterjeeofficial) लता मंगेशकर के गाने पर किया डांस  दरअसल, रानी चटर्जी ने अपनी नई रील में लिखा, ‘मैं और मेरा मैन, कितनी बेशर्म हूं ना मैं?’ इस लाइन के साथ ही उन्होंने ढेर सारे हार्ट इमोजी भी डाले हैं. इस वीडियो में रानी ने दिवंगत गायिका लता मंगेशकर का सुपरहिट पुराना गाना ‘तड़पाओगे तड़पा लो’ लगाया है, जिस पर वो प्यारा सा डांस करती दिख रही हैं. फैंस को रानी का ये अंदाज बहुत पसंद आ रहा है. वीडियो के कमेंट बॉक्स में फैंस तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं. किसके लिए रानी ने बनाया है ये वीडियो? कोई कह रहा है कि रानी किसे ये गाना डेडिकेट कर रही हैं, तो कोई उन्हें शादी के लिए कह रहा है. एक फैन ने तो लिखा, ‘फिलहाल तो आप हमें ही तड़पा रही हैं मैम!’ किसी ने लिखा, ‘वाह जी वाह! अब बताओ कौन है वो खुशकिस्मत?’ रानी चटर्जी भोजपुरी इंडस्ट्री की जानी-मानी हीरोइन हैं. उनकी पहली फिल्म ‘ससुरा बड़ा पैसावाला’ ने ही 2003 में धमाका कर दिया था. इसके बाद से वो लगातार फिल्मों में एक्टिव हैं और फैंस के दिलों पर राज कर रही हैं.  ये भी पढ़ें: Top 5 Sawan Special Bhojpuri Song: पवन सिंह से लेकर खेसारी लाल यादव तक, इन 5 गानों से सावन में चढ़ा शिव भक्ति का रंग ये भी पढ़ें: Bhojpuri: पवन सिंह के नए वीडियो ने सोशल मीडिया पर उड़ाया गर्दा, स्पोर्ट्स बाइक पर लग रहे ‘भोजपुरी के ऋतिक रोशन’ The post Bhojpuri: ‘तड़पाओगे, तड़पा लो…’ गाने पर रानी चटर्जी की अदाओं ने फैंस पर किया जादू, इंटरनेट पर मचाई सनसनी appeared first on Naya Vichar.

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Shakti Dubey Marksheet: शक्ति दुबे के UPSC टॉपर बनने को किसने बताया गलत, मार्कशीट देख आप भी होंगे हैरान

Shakti Dubey Marksheet: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा सिविल सर्विस परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट अप्रैल में जारी किया गया था. इस बार प्रयागराज की शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया. उनकी सफलता पर जहां देशभर से बधाइयों का तांता लगा, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर सवाल भी उठे कि क्या 5वीं बार में परीक्षा पास करना टॉपर बनने के लायक है? रिटायर्ड IPS ने उठाए सवाल शक्ति दुबे के टॉपर बनने के बाद रिटायर्ड IPS अधिकारी यशोवर्धन झा आजाद ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली, जिसमें उन्होंने शक्ति को बधाई दी, लेकिन साथ ही एक गंभीर सवाल भी उठाया. उन्होंने लिखा, “शक्ति दुबे को बधाई, लेकिन 5 प्रयास यानी लगभग 6 साल की मेहनत. क्या हम अपने युवाओं को इतनी लंबी अवधि तक कोचिंग सेंटरों में समय बर्बाद करने पर मजबूर कर रहे हैं?” हालांकि, उन्होंने अपने ट्वीट में शक्ति दुबे की तगह साक्षी दुबे लिखा था. उन्होंने यह भी कहा कि लाखों छात्र हर साल UPSC परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सिलेक्शन कुछ ही का होता है. ऐसे में युवाओं का बेशकीमती समय और ऊर्जा एक बेहद कठिन और अनिश्चित प्रतियोगिता में खर्च हो रही है. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की बात भी कही. बता दें कि पूर्व आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन झा आजाद साल 1976 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. Shakti dubey marksheet: शक्ति दुबे के upsc टॉपर बनने को किसने बताया गलत, मार्कशीट देख आप भी होंगे हैरान 2 Shakti Dubey Marksheet: शक्ति दुबे की मार्कशीट शक्ति दुबे को यूपीएससी सिविल सर्विस की प्रीलिम्स परीक्षा में कुल 176.18 मार्क्स प्राप्त हुए थे. उन्हें पेपर 1 में 100.35 मार्क्स और पेपर 2 में 75.83 मार्क्स प्राप्त हुए. वहीं, फाइनल रिजल्ट की बात करें तो उन्हें 1043 मार्क्स प्राप्त हुआ था. इसमें लिखित परीक्षा में उन्हें 843 मार्क्स और पर्सनल इंटरव्यू में 200 मार्क्स प्राप्त हुए थे. ये भी पढ़ें: पापा मैं IAS बनकर रहूंगी… और बिहार की बेटी ने दो बार UPSC में गाड़ दिया झंडा The post Shakti Dubey Marksheet: शक्ति दुबे के UPSC टॉपर बनने को किसने बताया गलत, मार्कशीट देख आप भी होंगे हैरान appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के इस जिले में एक साथ दिखेंगे दुनिया के 7 अजूबे, पर्यटकों को मिलेगा शानदार अनुभव, ये सुविधाएं भी होंगी…

Bihar News: बिहार के लोगों को दुनिया के 7 अजूबों को देखने के लिए कहीं भी जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जी हां, अब बिहार में ही लोग 7 अजूबों का दीदार कर सकेंगे. गयाजी जिले में इसे लेकर बेहद खास तैयारी की जा रही है. एक ऐसा पार्क बनाया जा रहा है जहां, दुनिया के सभी 7 अजूबे वहां रहेंगे. जानकारी के मुताबिक, गयाजी के बोधगया सिलौंजा गांव में सेवेन वंडर्स ऑफ द वर्ल्ड की रेप्लिका बनाने का काम शुरू हो गया है. करीब 40 एकड़ की जमीन पर इसे बनाया जा रहा है. चारदीवारी देने का काम शुरू कर दिया गया है. यहां सिर्फ देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है. 21.81 करोड़ की लागत से होगा तैयार कहा जा रहा है कि, यहां पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव मिलेगा. समाचार की माने तो, लगभग 21.81 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना पर काम किया जा रहा है. वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से यह खास पहल मानी जा रही है. बता दें कि, इस पार्क में हिंदुस्तान का ताजमहल, ब्राजील की क्राइस्ट द रिडीमर की मूर्ति, मिस्र के गीजा का पिरामिड, रोम का कोलोजियम, चीन की दीवार, जॉर्डन का पेट्रा और पेरू का माचू पिच्चू का मनोरम दृश्य देख पायेंगे. इससे पर्यटन को तो बढ़ावा मिलेगी ही. लेकिन, साथ में बोधगया का भी विकास होगा. पर्यटन को बढ़ावा देना उद्देश्य बोधगया की बात करें तो, यहां हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं लेकिन, पार्क का निर्माण होने से एक ही स्थान पर विश्व प्रसिद्ध स्थापत्य कला की झलक देखने कि लिए मिलेगी. इसका उद्देश्य बोधगया में पर्यटन को और समृद्ध करना है. बता दें कि, धार्मिक गतिविधियों के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. ऐसे में इस परियोजना को बच्चों और छात्रों के लिए भी शैक्षणिक दृष्टिकोण से फायदा वाला माना जा रहा है. दुनिया के 7 अजूबे एक ही जगह पर देख सकेंगे. पर्यटकों को मिलेंगी ये सुविधाएं… यहां सुविधाओं की बात करें तो, स्थल को सुंदर उद्यान, बैठने की व्यवस्था, सौर ऊर्जा से रोशनी, जल निकासी और स्वच्छता जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे. होटल, गाइड, हस्तशिल्प और परिवहन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को फायदा पहुंच सकेगा. समाचार की माने तो, इस परियोजना पर काम शुरू होने के बाद करीब डेढ साल में इसे पूरा कर लेने का लक्ष्य तय किया गया है. Also Read: Tejashwi Yadav: बेटे इराज के जन्म के बाद पूरे परिवार संग दिखे तेजस्वी, पटना एयरपोर्ट पहुंचे थे रिसीव करने The post बिहार के इस जिले में एक साथ दिखेंगे दुनिया के 7 अजूबे, पर्यटकों को मिलेगा शानदार अनुभव, ये सुविधाएं भी होंगी… appeared first on Naya Vichar.

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गोविंदगंज विधानसभा सीट पर दल नहीं शख्सियत का रहा है महत्व, सियासी जंग हर बार होती है दिलचस्प

Govindganj Vidhan Sabha Chunav 2025: मोतिहारी. गंडक और नारायणी की गोद में बसी पूर्वी चंपारण की गोविंदगंज विधानसभा सीट. यहां दल नहीं, शख्सियत मायने रखती है. नदी के छाडऩ पाकर यहां के खेत ही नहीं, नेतृत्वक जमीन भी उर्वर बनती रही है. देश में गणतांत्रिक व्यवस्था लागू होने के साथ ही गोविंदगंज क्षेत्र अस्तित्व में आया. इसे मोतिहारी का पहला सांसद देने का भी गौरव हासिल है. यहीं के मंगुराहा निवासी पं विभूति मिश्रा 1952 में सांसद और कांग्रेस के ही शिवधारी पांडेय विधायक हुए. तब से दो मौकों (1969 और 1985) को छोड़ दें, तो दल कोई हो विधायक सिर्फ ब्राह्मण ही हुए. गैर ब्राह्मण विधायक बनने का श्रेय राय हरिशंकर शर्मा और योगेंद्र पांडेय के नाम रहा. ये उस दौर में भी हावी रहे, जब दलों और विचारों के आगे शख्सियतों की आवाज दब जाया करती थी। व्यक्तित्व के आगे फीका पड़ गया था कांग्रेस का प्रभाव यहां जातिगत चेहरे की खूब पहचान रही. तभी तो बार-बार लड़ने के बावजूद कांग्रेस नेता जयप्रकाश पांडेय विधायकी का ख्वाब देखते रह गए. वर्ष 1985 में भी विधायक रमाशंकर पांडेय को किसान नेता योगेंद्र पांडेय ने बिना किसी बैनर निर्दलीय हरा दिया. माना जाता है कि यहीं से चेहरे और शख्सियतों की नेतृत्व शुरू हुई थी. योगेंद्र पांडेय के नेतृत्वक कद को देख लालू प्रसाद ने उन्हें अपने पाले में ले लिया. मंत्रिमंडल में जगह दे लघु सिंचाई मंत्री भी बना दिया. ऐसे में इसबार होने जा रहे विधानसभा चुनाव में क्या गोविंदगंज की सियासी जमीन पर अगले चुनाव में कोई नया मोड़ आएगा. क्या भाजपा अपनी स्थिति को बनाए रखेगी या फिर कांग्रेस कोई नया चेहरा पेश करेंगे? समय बताएगा. लेकिन एक बात तो तय है, गोविंदगंज की सियासी जंग हर बार दिलचस्प होती है, और यह सीट बिहार की नेतृत्व में अहम बनी हुई है. भाजपा का अभी है सीट पर कब्जा 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में गोविंदगंज सीट पर भाजपा के उम्मीदवार सुनील मणि तिवारी ने 65716 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी ब्रजेश कुमार को हराया, जिनके हिस्से 37936 वोट आया था. पिछले तीन विधानसभा चुनावों की बात करें तो, गोविंदगंज की नेतृत्व ने बहुत से उतार-चढ़ाव देखे हैं. 2020 में गोविंदगंज विधानसभा में सुनील मणि तिवारी भाजपा ने अपनी कड़ी मेहनत और मजबूत प्रचार से चुनावी मैदान में जीत हासिल की. यह चुनावी जीत भाजपा के लिए एक बड़ी राहत थी, क्योंकि इससे पहले इस सीट पर उनकी स्थिति उतनी मजबूत नहीं थी. Also Read: छठ के बाद बिहार में विधानसभा चुनाव के आसार, 22 साल बाद आयोग जांच रहा वोटर लिस्ट The post गोविंदगंज विधानसभा सीट पर दल नहीं शख्सियत का रहा है महत्व, सियासी जंग हर बार होती है दिलचस्प appeared first on Naya Vichar.

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हजारीबाग में 7 महीने से बंदोबस्त पदाधिकारी गायब! 6 जिलों में ठप पड़ा जमीन सर्वे

Hazaribagh News | हजारीबाग, आरिफ: उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय के मुख्यालय हजारीबाग में 7 महीने से बंदोबस्त पदाधिकारी का पद खाली है. 31 जनवरी को इंदू बाला गुप्ता (बंदोबस्त पदाधिकारी) सेवानिवृत्ति हुई हैं. इसके बाद 1 फरवरी से बंदोबस्त पदाधिकारी का पद खाली है. 30 जून को सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (मुख्यालय) चमरू महली भी सेवानिवृत हो गए. 38 में से 37 पद पड़े हैं खाली प्रमंडलीय बंदोबस्त कार्यालय की स्थापना 1995 में हुई है. इसके अधीन हजारीबाग के अलावा चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, रामगढ़ एवं बोकारो छह जिला शामिल है. यहां एक बंदोबस्त पदाधिकारी दो प्रभारी पदाधिकारी, 15 सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी एवं 20 कानूनगो (फील्ड कर्मी) को मिलाकर 38 पद है. इसमें मात्र एक सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी सुनामी मिंज कार्यरत हैं. शेष 37 पद खाली पड़ा हुआ है. सभी 6 जिलों में जमीन सर्वे का कार्य ठप बताया गया है कि बंदोबस्त पदाधिकारी के नहीं रहने से सभी छह जिलों में जमीन के सर्वे का कार्य ठप है. कार्यालय में कोर्ट का कार्य प्रभावित है. वहीं, छह जिले के रैयत अपने-अपने जमीन से जुड़ी दस्तावेज जैसे खाता, खतियान, नक्शा सहित जरूरी कागजात की मांग को लेकर प्रतिदिन कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर है. हजारीबाग जिले में बड़कागांव, चुरचू, बरही, बरकट्ठा, चौपारण, रामगढ़ जिले में गोला, मांडू एवं बोकारो जिले में चंद्रपूरा जैसे जगहों पर बंदोबस्त पदाधिकारी के रहते तस्दीक शिविर (इसमें आपत्ती व धारा 83, 89 शामिल) चालू किया गया था. अब बंदोबस्त पदाधिकारी के नहीं रहने से नियमतः तस्दीक शिविर को बंद रखना है. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें खतियान के नाम पर हो रही पैसे की उगाही सात महीने के भीतर आयुक्त पवन कुमार के हस्तक्षेप बाद कुछ तस्दीक शिविर को बंद भी किया गया है. वहीं, कुछ जगहों पर तस्दीक शिविर अभी भी चालू है. आरोप है कि बंदोबस्त कार्यालय के कुछ वरीय कर्मचारी तस्दीक शिविर का संचालन करने में जुटे हैं. रैयतों को उल्टे सीधे पाठ पढ़ाकर खाता-खतियान के नाम पर पैसे की उगाही हो रही है. कई कर्मी (मुनसरिन, परिमाप निरीक्षक एवं सर्वेयर) नियम विरुद्ध अपने गृह अंचल में तस्दीक शिविर एवं धारा 83 में कार्य को अंजाम देने में लगे हैं. जो जांच का विषय है. सबसे अधिक रामगढ़ जिला प्रभावित बंदोबस्त पदाधिकारी के नहीं होने से सबसे अधिक रामगढ़ जिला प्रभावित है. छह जिले में रामगढ़ के पतरातु अंचल में सर्वे कार्य को अंतिम रूप दिया गया है. 1932 के बाद नियमतह 50 वर्षों में रिविजनल के तौर पर पतरातु अंचल में शामिल 55 से 60 गांव का सर्वे कार्य पूरा किया गया है. बताया गया है कि रैयतों के बीच नये खाता-खतियान बांटने की तैयारी हो चुकी है. लेकिन बंदोबस्त पदाधिकारी के नहीं होने से तैयारी पर पानी फिर गया है. कार्यालय कर्मियों के दो महीने का वेतन लंबित प्रधान लिपिक मनीष मोहन दास ने बुधवार को बताया बंदोबस्त पदाधिकारी के पदस्थापन को लेकर राज्स्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग में प्रक्रिया तेज है. कहा बंदोबस्त पदाधिकारी के नहीं होने से सभी 6 जिले में सर्वे का कार्य ठप है. वहीं, आयुक्त के निर्देश बाद सभी जगहों पर तस्दीक शिविर बंद भी किया गया है. श्री दास ने कहा बंदोबस्त पदाधिकारी के नहीं होने से कार्यालय कर्मियों का दो महीने का वेतन लंबित हो गया है. सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (मुख्यालय) की सेवानिवृत्ति बाद जून एवं जुलाई में लगभग 80 कर्मचारियों का वेतन नहीं बना है. इसमें 56 प्रशासनी, 19 दैनिक एवं 5 आउटसोर्सिंग कर्मचारी शामिल है. दैनिक कर्मियों का मानदेय मार्च से लंबित हो गया है. आउटसोर्सिंग कर्मियों को जनवरी 2025 से पैसे का भुगतान बंद है. उन्होंने कहा नियम विरुद्ध शिविर चालू रखने व रैयतों से सर्वे के नाम पर किसी प्रकार से पैसे की वसूली का आरोप निराधार एवं बेबुनियाद है. इसे भी पढ़ें आज पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक, अमित शाह समेत कई VVIP पहुंचे रांची, सीएम हेमंत सोरेन करने वाले हैं बड़ी मांग Ranchi News: पहाड़ी मंदिर के आसपास से हटेंगी दुकानें; मंदिर में अरघा से होगा जलाभिषेक, एसडीओ ने दिए सख्त निर्देश मूसलाधार बारिश के बीच जामताड़ा में बड़ा हादसा, मिट्टी का घर ढहने से दादी व पोते की मौत The post हजारीबाग में 7 महीने से बंदोबस्त पदाधिकारी गायब! 6 जिलों में ठप पड़ा जमीन सर्वे appeared first on Naya Vichar.

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LPG Price: 15 महीने से सस्ता गैस बेच रहीं कंपनियां घाटे में, सरकार देगी अरबों की मदद

LPG Price: केंद्र प्रशासन घरेलू एलपीजी सिलेंडर की लागत से कम कीमत पर बिक्री से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है. प्रशासनी सूत्रों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) को 30,000 से 35,000 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दिए जाने की संभावना है. एक वरिष्ठ प्रशासनी अधिकारी ने बताया कि वित्त मंत्रालय इस समय तेल कंपनियों को हुए वास्तविक घाटे और उसकी भरपाई के लिए उपयुक्त व्यवस्था पर काम कर रहा है. हालांकि, वित्त वर्ष 2025–26 के बजट में इस घाटे की भरपाई के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है. लेकिन प्रशासन अप्रैल में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर करीब 32,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व पहले ही जुटा चुकी है. इस राजस्व का उपयोग एलपीजी से हुए घाटे की भरपाई में किया जा सकता है. अधिकारी के अनुसार, “तेल विपणन कंपनियां प्रशासन का ही हिस्सा हैं. नुकसान की भरपाई की जाएगी. इस पर मूल्यांकन जारी है कि कुल नुकसान कितना हुआ और इसे किस तंत्र से पूरा किया जाए.” नियंत्रित कीमतों की वजह से नुकसान हिंदुस्तान में घरेलू रसोई गैस (LPG) की कीमतें प्रशासन द्वारा नियंत्रित होती हैं ताकि आम जनता को अंतरराष्ट्रीय बाजार की महंगाई से राहत दी जा सके. लेकिन देश में रसोई गैस का उत्पादन स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है, जिसके कारण एलपीजी का आयात करना पड़ता है. यह आयात सऊदी अरब की कीमतों (Saudi CP) के आधार पर होता है, जो वैश्विक मानक हैं. इसका परिणाम यह होता है कि तेल कंपनियों को लागत से कम दर पर घरेलू एलपीजी बेचनी पड़ती है, जिससे उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है. 2024-25 में 40,500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान वित्त वर्ष 2024–25 के लिए अनुमान लगाया गया है कि तेल कंपनियों को एलपीजी की बिक्री से लगभग 40,500 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. इस घाटे की भरपाई के लिए प्रशासन अब राहत पैकेज पर गंभीरता से विचार कर रही है. एक बार जब यह सब्सिडी जारी हो जाती है, तो तेल कंपनियों को यह स्वतंत्रता होगी कि वे इस राशि का उपयोग पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) या अन्य व्यावसायिक आवश्यकताओं में किस प्रकार करें. Also Read: दुनिया का सबसे महंगा क्रेडिट कार्ड, सिर्फ असली अमीर ही ले सकते हैं, कीमत जानकर चौंक जाएंगे The post LPG Price: 15 महीने से सस्ता गैस बेच रहीं कंपनियां घाटे में, प्रशासन देगी अरबों की मदद appeared first on Naya Vichar.

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150 साल पुराना, बादलों की सैर… कहां है दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन

Highest Railway Station: हिंदुस्तानीय रेलवे न केवल देश की लाइफ लाइन है, बल्कि यात्रियों को ऐसी-ऐसी जगहों पर ले जाती है जहां प्राकृतिक सौंदर्य देखने लायक होता है. आरामदायक, किफायती और यादगार सफर के लिए देशभर के करोड़ों लोग ट्रेन यात्रा को प्राथमिकता देते हैं. इन्हीं खूबसूरत और खास अनुभवों में से एक है हिंदुस्तान का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन, जो किसी जन्नत से कम नहीं लगता. देश का सबसे ऊंचा स्टेशन हिंदुस्तान का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में स्थित है, जिसका नाम है घूम रेलवे स्टेशन (Ghum Railway Station). यह स्टेशन समुद्र तल से 2,258 मीटर (7,407 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है. यह अद्भुत स्टेशन दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (DHR) का हिस्सा है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है. बादलों के बीच बना अनोखा स्टेशन घूम रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही ऐसा महसूस होता है जैसे आप बादलों के बीच आ गए हैं. यहां की ऊंचाई इतनी ज्यादा है कि बादल स्टेशन के चारों ओर और सिर के ऊपर तैरते हुए नजर आते हैं. यह दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है और उन्हें प्रकृति के बेहद करीब ले आता है. यही कारण है कि यह स्टेशन दुनियाभर के पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है. इतिहास से भरा पड़ा है स्टेशन इस स्टेशन का निर्माण ब्रिटिश शासन के दौरान 1878 में करवाया गया था. यानी यह स्टेशन करीब 150 साल पुराना है. दार्जिलिंग से महज 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस स्टेशन तक पहुंचने के लिए आपको टॉय ट्रेन से सफर करना होगा, जो खुद में एक रोमांचक अनुभव है. दुनिया के सबसे खूबसूरत स्टेशनों में शामिल घूम स्टेशन को केवल ऊंचाई के कारण ही नहीं, बल्कि इसकी प्राकृतिक खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व के कारण भी पहचान मिली है. यह स्टेशन दुनिया के सबसे खूबसूरत रेलवे स्टेशनों की सूची में 14वें स्थान पर आता है. पहाड़ों की गोद में बसे इस स्टेशन से टॉय ट्रेन में बैठकर दार्जिलिंग की वादियों का नजारा लेना किसी सपने से कम नहीं लगता. The post 150 साल पुराना, बादलों की सैर… कहां है दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन appeared first on Naya Vichar.

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Ramayana: रणबीर-साई पल्ल्वी की ‘रामायण’ में लक्ष्मण का किरदार निभाने पर बोले रवि दुबे, कहा- बड़े संयोग की बात…

Ramayana: नितेश तिवारी की ओर से निर्देशित मेगा बजट पौराणिक फिल्म ‘रामायण’ इन दिनों सुर्खियों में है. इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में नजर आने वाले हैं. हाल ही में फिल्म का पहला टीजर रिलीज हुआ, जिसमें राम और रावण की हल्की झलक ने फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ा दी है. अब हाल ही में फिल्म में लक्ष्मण का किरदार निभा रहे रवि दुबे ने रामायण में काम करने पर खुलकर बात की है. उन्होंने इस मौके को सौभाग्य और एक आध्यात्मिक अनुभव बताया. लक्ष्मण के रोल पर बोले रवि दुबे रवि दुबे ने कहा, “ये कहना कम होगा कि वो बहुत अच्छा महसूस हो रहा है. ये इससे बहुत ज्यादा अच्छा है। बहुत बड़े संयोग की बात होती. अगर आपको राम कथा का हिस्सा बनने का मौका मिला. ये निर्णय आप अपने लिए कभी नहीं ले सकते. मैंने हमेशा ये बात मानी है, जो कर रहे हैं महादेव कर रहे हैं. अगर इस तरह की चीज आपके जीवन में आई है. को आपको लग रहा होगा कि आपके एक्शन से आई है, लेकिन ऐसा होता नहीं है, वो चुनाव भी कहीं और होता है.” उन्होंने देश के सबसे महान फिल्ममेकर्स और सुपरस्टार्स के साथ काम करने पर गर्व जताया और कहा, “रणबीर कपूर, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा जैसे नामों के साथ जुड़ना मेरे लिए सौभाग्य की बात है.” रामायण की दमदार स्टारकास्ट रणबीर कपूर – भगवान राम साई पल्लवी – माता सीता यश – रावण सनी देओल – हनुमान रवि दुबे – लक्ष्मण रामायण की रिलीज डेट रामायण को दो भागों में रिलीज किया जाएगा, जिसमें से पहला भाग- दिवाली 2026 और दूसरा भाग- दिवाली 2027 में आएगा. फिल्म के वीएफएक्स और स्केल की वजह से इसे हिंदुस्तान की सबसे बड़ी पौराणिक फिल्म कहा जा रहा है. यह भी पढ़े: Ramayana में मां सीता का किरदार निभाने पर साई पल्ल्वी ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- मुझे उनकी यात्रा का अनुभव… The post Ramayana: रणबीर-साई पल्ल्वी की ‘रामायण’ में लक्ष्मण का किरदार निभाने पर बोले रवि दुबे, कहा- बड़े संयोग की बात… appeared first on Naya Vichar.

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इटली ने इस टीम को हराकर किया उलटफेर, पहली बार टी20 वर्ल्डकप क्वालिफाई करने के नजदीक पहुंची

Italy Closer to qualify for T20I World Cup 2026: इटली क्रिकेट की दुनिया में इतिहास रचाने के बेहद करीब है. फुटबॉल और टेनिस जैसे स्पोर्ट्सों के लिए मशहूर यह यूरोपीय देश अब टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जगह बनाने की दहलीज पर खड़ा है. यूरोप रीजनल फाइनल क्वालीफायर में स्कॉटलैंड के खिलाफ मिली अहम जीत ने इटली की उम्मीदों को पंख दे दिए हैं. बता दें कि हिंदुस्तान और श्रीलंका में होने वाले आगामी टी20 वर्ल्ड कप में कुल 20 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें से अब तक 13 टीमें क्वालीफाई कर चुकी हैं, जबकि बाकी बचे 7 स्थानों के लिए मुकाबला जारी है. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व इंटरनेशनल खिलाड़ी जो बर्न्स की अगुवाई में स्पोर्ट्स रही इटली की टीम को अब टूर्नामेंट में अपनी जगह पक्की करने के लिए सिर्फ एक नतीजे की जरूरत है.  टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इटली ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 167 रन बनाए. ओपनर जस्टिन मॉस्का (11) और कप्तान जो बर्न्स (8) सस्ते में पवेलियन लौट गए, लेकिन इसके बाद एमिलियो गे ने मोर्चा संभालते हुए महज 21 गेंदों में 50 रनों की ताबड़तोड़ पारी स्पोर्ट्सी, जिसमें 6 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के शामिल थे. गे के आउट होने के बाद हैरी मानेंटी ने उपयोगी 38 रन बनाए और फिर ग्रांट स्टीवर्ट ने अंत में ताबड़तोड़ अंदाज में 44* रन की पारी स्पोर्ट्सी, जिसमें 2 चौके और 3 छक्के शामिल थे. स्कॉटलैंड के लिए माइकल लीस्क सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 3 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट चटकाए. स्कॉटलैंड की साझेदारी बेकार, इटली की गेंदबाजी हावी  168 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी स्कॉटलैंड की शुरुआत धीमी रही. सलामी बल्लेबाज जॉर्ज मुनसे ने 61 गेंदों पर 72 रन बनाए और कप्तान रिची बैरिंगटन ने नाबाद 46 रन जोड़े. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी की, लेकिन बाकी बल्लेबाज लड़खड़ा गए. इटली के स्पिनर हैरी मानेंटी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 31 रन देकर सभी 5 विकेट अपने नाम किए. यह उनके करियर का पहला फाइव-फर था. स्कॉटलैंड 20 ओवर में केवल 155 रन ही बना सका और 12 रन से मुकाबला हार गया. इटली टी20 वर्ल्ड कप के लिए कैसे क्वालिफाई कर सकता है  इटली की टीम ने क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में तीन मैचों में 5 अंक हासिल कर टॉप पोजिशन पर कब्जा किया है. अब 11 जुलाई को होने वाले निर्णायक मुकाबले में उनका सामना नीदरलैंड्स से होगा. इस टूर्नामेंट में नीदरलैंड्स के 4, जबकि स्कॉटलैंड और जर्सी के 3-3 अंक हैं. टॉप दो टीमें सीधे टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेंगी. अगर इटली नीदरलैंड्स को हरा देता है, तो वह सीधे क्वालीफाई कर लेगा. लेकिन हार की सूरत में क्वालीफिकेशन का फैसला नेट रन रेट से होगा. उस स्थिति में जर्सी और स्कॉटलैंड के बीच जीतने वाली टीम भी 5 अंक तक पहुंच जाएगी और फिर इटली, नीदरलैंड्स व अन्य के बीच रन रेट से फैसला होगा कि कौनसी दो टीमें वर्ल्ड कप का टिकट पाती हैं. Wimbledon: जोकोविक ने तोड़ा फेडरर का रिकॉर्ड, लेकिन सेमीफाइनल में आसान नहीं सफर; सिनर के खिलाफ ऐसा है आंकड़ा इस टीम ने रचा इतिहास, T20I में दर्ज की पहली जीत, इन टीमों का खाता खुलना अब भी बाकी आमने-सामने आ गए शुभमन गिल और सारा तेंदुलकर, तिरछी नजरों से ताकते दिखे कैप्टन! वायरल हुआ Video The post इटली ने इस टीम को हराकर किया उलटफेर, पहली बार टी20 वर्ल्डकप क्वालिफाई करने के नजदीक पहुंची appeared first on Naya Vichar.

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