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September 29, 2025

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Bigg Boss 19: अवेज दरबार के एविक्शन पर एल्विश यादव का आया शॉकिंग रिएक्शन, कह दी ये बड़ी बात, Video

Bigg Boss 19: बिग बॉस 19 अपने जबरदस्त ट्विस्ट से दर्शकों को टीवी स्क्रीन से बांधे रखता है. हाल ही के वीकेंड का वार में दर्शकों को तब झटका लगा जब अवेज दरबार को कम वोटो के चलते एविक्ट होना पड़ा. सोशल मीडिया पर नेटिजन्स इस डिसीजन से खुश नहीं है और बिग बॉस को कह रहे हैं कि वह उन्हें सीक्रेट रूम में रख सकते थे. अब बिग बॉस ओटीटी 2 विनर एल्विश यादव भी अवेज के सपोर्ट में आ गए हैं. अवेज दरबार के एविक्शन पर एल्विश यादव का आया रिएक्शन यूट्यूबर एल्विश यादव ने निराशा व्यक्त करते हुए इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया. जिसमें कहा, “अभी-अभी मेरा इवेंट खत्म हुआ… फिर अचानक से पता लगा कि बिग बॉस से आवेज भाई बाहर हो गए हैं. गौहर खान भी आई थी उनके समझाने कि वह क्या सही कर रहा है और क्या गलत कर रहा है, लेकिन उसी दिन उनसे निकाल दिया गया. मुझे ये अनफेयर लगा, क्योंकि वह उन्हें ले जाने तो नहीं आई थी. वह बहुत अच्छा स्पोर्ट्स रहा था. मुझे तो यह एविक्शन सही नहीं लगा.” #ElvishYadav Openly saying Awez Eviction is UNFAIR 👏 This is called “BB wale jo sochna h soche i will tell what i feel” 🔥 Issliye @ElvishYadav is different from others 🫡 He is a BB winner still he has guts to say against biased #BiggBoss19 BRAVO 👏#ElvishYadav pic.twitter.com/nggNYDI6OU — Lady Don (@Avi_Deewani) September 29, 2025 अवेज दरबार के बारे में अवेज दरबार का एविक्शन तब हुआ, जब वह अशनूर कौर और प्रणित मोरे के साथ बॉटम 3 में थे. अवेज एक पॉपुलर कंटेंट क्रिएटर हैं, जिनकी सोशल मीडिया पर तगड़ी फैन फॉलोइंग है. उनके इंस्टाग्राम पर 30 मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स हैं. वह संगीतकार इस्माइल दरबार के बेटे और अभिनेत्री गौहर खान के देवर हैं. अवेज अपनी गर्लफ्रेंड नगमा मिराजकर के साथ बिग बॉस में एंटर हुए थे. यह भी पढ़ें- IND vs PAK: अमिताभ बच्चन ने पाकिस्तान की हार पर ली चुटकी, अभिषेक पर तंज कसने वालों को कहा- लड़खड़ा दिया दुश्मन को The post Bigg Boss 19: अवेज दरबार के एविक्शन पर एल्विश यादव का आया शॉकिंग रिएक्शन, कह दी ये बड़ी बात, Video appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: पति-पत्नी के रिश्तों में दूरियां बढ़ाती है ये आदतें – आप ना करें ये गलतियां

Chanakya Niti: रिश्तों की खुशहाली और मजबूती के पीछे समझदारी और सही दृष्टिकोण होना बेहद मायने रखता है. कूटनीति के गुरु आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में इस बात पर जोर दिया है कि रिश्तों में अधिपत्य या अधिकार की भावना रखने से अक्सर दूरियां बढ़ती हैं. चाणक्य नीति के अनुसार, जितना ज़ोर से हम रस्सी को पकड़ते हैं और जितनी मेहनत से उसे अपनी ओर खींचने की कोशिश करते हैं, उतना ही कष्ट और नुकसान वह आपके हाथों को पहुंचाती है. अगर आप और अधिक बल लगाते हैं, तो यह रस्सी टूट भी सकती है. यही सिद्धांत मानव संबंधों पर भी लागू होता है. Chanakya niti: पति-पत्नी के रिश्तों में दूरियां बढ़ाती है ये आदतें – आप ना करें ये गलतियां पति-पत्नी के बीच अगर कोई भी साथी हमेशा अपनी इच्छाओं और अधिकारों को प्राथमिकता देता है, तो रिश्ते में तनाव और दूरी बढ़ती है. यह अधिपत्य की भावना रिश्ते को मजबूती देने के बजाय कमजोर कर देती है. इसके बजाय चाणक्य का सुझाव है कि संबंधों को अधिकार की भावना से नहीं, बल्कि सहयोग की भावना से निभाना चाहिए. Chanakya Niti for Relationships: रिश्तों में सहकार की भावना कैसे लाएं Chanakya niti for healthy relationship अपने पार्टनर की बातों को आराम से सुनें और उनके पॉइंट ऑफ व्यू को समझने की भी कोशिश करें. भलें ही आप किसी निर्णय से असहमत हों, तब भी अपने पार्टनर की भावनाओं और इच्छाओं का सम्मान करें और आपस में चीजें शेयर करें. घर और रिश्ते के कामों में बराबरी की जिम्मेदारी लें, ताकि एकतरफा बोझ न बने. हर समस्या पर खुलकर बात करें और एक दूसरें को ब्लेम करने की बजाय समाधान पर ध्यान दें. छोटे-छोटे कामों की सराहना करें और डेली एक दूसरें से प्यार जताएं. एक दूसरें को लेकर प्यार की भावनाएं जताते रहें. चाणक्य नीति के अनुसार जब रिश्तों में अधिकार और दबाव की बजाय सहयोग और सहकार की भावना होती है, तो दूरियां कम होती हैं और संबंध मजबूत बनते हैं. पति-पत्नी के बीच यही समझदारी और संतुलन उन्हें एक-दूसरे के और करीब लाता है. रिश्तों में दूरियां केवल भावनात्मक और मानसिक दूरी ही नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने का कारण भी बन सकती हैं. इसलिए, सहकार की भावना अपनाकर, पति-पत्नी अपने रिश्ते को मजबूत, खुशहाल और स्थायी बना सकते हैं. Also Read: Chanakya Niti: असफलता से निराश ना हो बल्कि याद रखें आचार्य चाणक्य की ये बातें Also Read: Chanakya Niti: अपनी चतुराई से दुश्मन को देना है मात तो लोमड़ी के ये गुण हैं आपके काम के The post Chanakya Niti: पति-पत्नी के रिश्तों में दूरियां बढ़ाती है ये आदतें – आप ना करें ये गलतियां appeared first on Naya Vichar.

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Bihar politics: भाजपा प्रचार रथ पर हमला, पोस्टर फाड़कर फरार हुए बदमाश, बिहार में चढ़ा चुनावी पारा

Bihar politics: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच गया जिले से बड़ी समाचार सामने आई है. रविवार देर शाम भाजपा के प्रचार रथ पर असामाजिक तत्वों ने हमला किया. हमलावरों ने न सिर्फ वाहन चालक के साथ अभद्रता की बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर फाड़ने का भी प्रयास किया. घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है. बाइक सवार बदमाशों ने बनाया निशाना भाजपा का प्रचार रथ गांवों में कार्यक्रम समाप्त कर लौट रहा था. इसी दौरान पहाड़पुर रेलवे फाटक के पास दो बाइक पर सवार चार बदमाश पहुंचे. उन्होंने चालक से झगड़ा किया और विरोध करने पर वाहन पर लगे पोस्टरों को फाड़ने की कोशिश की. अचानक हुई इस वारदात से अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घटना की सूचना मिलते ही फतेहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. थानाध्यक्ष मोहन कुमार ने बताया कि प्रचार वाहन तब तक वहां से निकल चुका था. फिलहाल किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है, जिसके चलते प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी. पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलते ही जांच आगे बढ़ाई जाएगी. भाजपा ने राजद पर साधा निशाना घटना के बाद भाजपा नेताओं ने इसे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश बताया. मंडल अध्यक्ष संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे राजद समर्थक हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ऐसे कृत्य अस्वीकार्य हैं और चुनाव आयोग को इस पर सख़्त कार्रवाई करनी चाहिए. स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना की निंदा की और पुलिस से हमलावरों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की मांग की. उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल चुनावी माहौल बिगाड़ती हैं, बल्कि गांवों में डर का वातावरण भी पैदा करती हैं. पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं गया में चुनावी हिंसा की यह पहली वारदात नहीं है. पिछले साल उपचुनाव के दौरान इमामगंज थाना क्षेत्र में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रचार वाहन को नुकसान पहुंचाया गया था और पोस्टर फाड़ दिए गए थे. वहीं हाल ही में एनडीए समर्थक के घर पर देर रात फायरिंग की घटना भी सामने आई थी. भाजपा प्रचार रथ पर हमले की इस घटना ने गया जिले में चुनावी पारा और बढ़ा दिया है. विपक्ष और सत्ताधारी गठबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के आसार हैं. साथ ही सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं. Also Read: Amrit Bharat Train: बिहार को मिली 3 और अमृत हिंदुस्तान, रेल मंत्री ने दिखाई हरी झंडी The post Bihar politics: भाजपा प्रचार रथ पर हमला, पोस्टर फाड़कर फरार हुए बदमाश, बिहार में चढ़ा चुनावी पारा appeared first on Naya Vichar.

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Religious Conversion : खेत में मलखान ने बनाया चर्च, लोगों को चुपचाप बुलाकर बनाता था ईसाई

Religious Conversion : लखनऊ पुलिस ने एक धर्मांतरण गिरोह के कथित सरगना को गिरफ्तार किया है, जिस पर अनुसूचित जाति के लोगों को लालच देकर और “चमत्कारी इलाज” के बहाने ईसाई धर्म अपनाने के लिए लुभाने का आरोप है. लखनऊ दक्षिण के डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि आरोपी की पहचान 43 वर्षीय मलखान के रूप में हुई है, जो निगोहां थाना क्षेत्र के बकतौरी खेड़ा का निवासी है. पुलिस ने उसे रविवार को हुलासखेड़ा रोड से पकड़ा. पुलिस के अनुसार, वह अपने खेत में बने हॉल को अस्थायी चर्च की तरह इस्तेमाल करता था और इसी आधार पर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश करता था. खेत में बनाए हॉल को अस्थायी चर्च के रूप में यूज करता था आरोपी डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से मलखान फरार था, लेकिन पुलिस टीम ने उसकी तलाश कर उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार, मलखान ने अपने खेत पर एक हॉल बनाया था, जिसे अस्थायी चर्च की तरह इस्तेमाल किया जाता था. वहां वह हर रविवार और गुरुवार को अनुसूचित जाति के लोगों को बुलाता था. इन सभाओं में वह बीमारियों के इलाज का दावा करता और लालच देकर लोगों को आकर्षित करता था. पुलिस का कहना है कि इसी दौरान वह लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए कथित तौर पर बपतिस्मा भी दिलाता था. पुलिस ने कहा कि मलखान ने खुद ईसाई धर्म अपना लिया था और अपने बच्चों और रिश्तेदारों के नाम बदलकर ईसाई नाम रख लिए थे. बयान में कहा गया है कि वह अनुसूचित जाति के सदस्यों तक पहुंचने के लिए “येशु चंगाई सभा” नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप भी चलाता था. मलखान की गिरफ्तारी के समय क्या हुआ बरामद पुलिस ने बताया कि मलखान की गिरफ्तारी के समय बाइबिल की शिक्षाओं पर आधारित दो किताबें और अन्य प्रचार सामग्री मिली हैं. उसके पैसों के स्रोत की जांच की जा रही है. पुलिस उन लोगों से भी संपर्क कर रही है, जिनके धर्म परिवर्तन की आशंका है. इस मामले में निगोहां थाने में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. अधिकारियों ने बताया कि मलखान को पकड़ने वाली पुलिस टीम को उनकी कार्रवाई के लिए डीसीपी दक्षिण की ओर से 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया है. The post Religious Conversion : खेत में मलखान ने बनाया चर्च, लोगों को चुपचाप बुलाकर बनाता था ईसाई appeared first on Naya Vichar.

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Medical की इस बड़ी परीक्षा के लिए फटाफट कर दें Apply, चूक गए मौका तो बर्बाद हो जाएगा साल

FMGE EC 2025 Registration: हिंदुस्तान में डॉक्टर बनने का सपना रखने वाले विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए अहम समाचार है. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने FMGE Eligibility Certificate (EC) 2025 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि आज, 29 सितंबर 2025 शाम 6 बजे तय की है. योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट nmc.org.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं. FMGE Eligibility Certificate क्या है? (FMGE EC 2025 Registration) FMGE Eligibility Certificate (EC) उन हिंदुस्तानीय छात्रों या OCI (Overseas Citizen of India) उम्मीदवारों के लिए जरूरी दस्तावेज है जिन्होंने विदेश से MBBS की पढ़ाई की है और हिंदुस्तान में मेडिकल प्रैक्टिस करना चाहते हैं. बिना इस सर्टिफिकेट के उम्मीदवार FMGE Screening Test में शामिल नहीं हो सकते. यह परीक्षा पास करने के बाद ही हिंदुस्तान में डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करने का लाइसेंस मिलता है. इसे भी पढ़ें- GATE 2026 Registration: मास्टर्स और PSU जॉब्स का दरवाजा, गेट के लिए 6 अक्टूबर तक करें Apply FMGE EC 2025 Registration: आवेदन प्रक्रिया FMGE EC 2025 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं: सबसे पहले nmc.org.in पर जाएं. FMGE Eligibility Certificate 2025 के लिंक पर क्लिक करें. अपनी डिटेल्स भरकर रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन करें. जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें, आवेदन शुल्क जमा करें और फॉर्म सबमिट करें. FMGE EC 2025 Registration: किसे मिलेगा फायदा? यह सर्टिफिकेट हिंदुस्तानीय नागरिकों और OCI छात्रों के लिए अनिवार्य है, जिन्होंने विदेश से MBBS पूरा किया है. जिन्होंने पहले से आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है. यदि आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी उम्मीदवार को समस्या आती है, तो वे NMC से ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. FMGE Screening Test कब होगा? NMC ने अभी तक FMGE Screening Test 2025 की डेट घोषित नहीं की है. यह परीक्षा नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस (NBE) द्वारा आयोजित की जाती है. परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को हिंदुस्तान में मेडिकल प्रैक्टिस की अनुमति मिलती है. यह भी पढ़ें- SSC CPO Recruitment 2025: 3073 सब-इंस्पेक्टर पदों पर निकली भर्ती, 16 अक्टूबर तक आवेदन, देखें पूरी डिटेल The post Medical की इस बड़ी परीक्षा के लिए फटाफट कर दें Apply, चूक गए मौका तो बर्बाद हो जाएगा साल appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: आई लव मोहम्मद से जीतनराम मांझी असहमत, बोले- धार्मिक उन्माद से नहीं बनेगी बात

Bihar News: पटना. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने आई लव मोहम्मद जैसे नारों से असहमती जतायी है. उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में सभी को अपने अपने धर्म की बात करने का अधिकार दिया है, लेकिन ऐसी कोई बात नहीं होनी चाहिए जिससे धार्मिक उन्माद पैदा हो. हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के संरक्षक जीतनराम मांझी ने कहा कि आई लव मोहम्मद से सांप्रदायिकता की बू आती है. ऐसे नारों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ईश्वर तक पहुंचने के कई रास्ते हैं, हमें हर धर्म का सम्मान करना चाहिए. धार्मिक उन्माद से कोई बात नहीं बनती है. औवेसी की पार्टी ने दिया है यह नारा पिछले दिनों आई लव मोहम्मद के नारे लगने के बाद बिहार के अररिया में भारी बवाल हुआ था. भाजपा इसके विरोध में है तो ओवैसी की पार्टी समर्थन में है. किशनगंज में ओवैसी ने कहा कि इसमें गलत क्या है. मोहब्बत का विरोध किया जा रहा है तो मुगल-ए-आजम की तरह मोहब्बत जिंदाबाद का नारा बुलंद किया जाएगा. ओवैसी के बयान के बाद मुजफ्फरपुर आए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के कार्यक्रम में मंच पर आई लव शक्ति के पोस्टर लगाए गए. पटना में भी हुए प्रदर्शन रविवार को कौमी एकता मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग शहर के प्रमुख स्थल कारगिल चौक पर इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर और बैनर थे. आंदोलनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन मूल रूप से पैगंबर मोहम्मद साहब के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करने के लिए शुरू हुआ था. हालांकि हाल के दिनों में यह कई जगहों पर पुलिस कार्रवाई और रोक-टोक के विरोध में बदल गया है. Also Read: Bihar News: कृषि नहीं अब टेक्सटाइल और लेदर उद्योग से जाना जायेगा बिहार, प्रशासन ने भी खोला रियायतों का पिटारा The post Bihar News: आई लव मोहम्मद से जीतनराम मांझी असहमत, बोले- धार्मिक उन्माद से नहीं बनेगी बात appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बिहार के इन 10 जिलों में बनाए गए हाइटेक परीक्षा सेंटर, जानिए और क्या कुछ मिलेंगी अभ्यर्थियों को सुविधाएं

Bihar News: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने ‘आदर्श परीक्षा केंद्र’ बनाया है. समिति ने राज्य के 9 शहरों में पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 10 हाइटेक परीक्षा सेंटर स्थापित कर लिया है. ये सेंटर राज्य के 9 प्रमंडलों में तैयार किये गये हैं. इसमें टोटल 11,392 परीक्षार्थियों के बैठकर परीक्षा देने की क्षमता है. इस उद्देश्य से बनाए गए परीक्षा केंद्र बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने एक नई पहल की है. अब राज्य में ‘आदर्श परीक्षा केंद्र’ स्थापित किये जा रहे हैं. इन केंद्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के अनुरूप तैयार किया गया है, ताकि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके. बिहार के 10 जिलों में बने परीक्षा सेंटर बिहार बोर्ड ने पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, मुंगेर, सहरसा, छपरा, पूर्णिया और बापू परीक्षा परिसर (पटना) के साथ कई जिलों में टोटल 11,392 सीटों की व्यवस्था की है. केवल पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में ही 1,168-1,168 सीटें उपलब्ध कराई गई हैं. इन परीक्षा सेंटरों पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा और पेपर आधारित परीक्षा दोनों के लिए पूरी सुविधा होगी. एआई संचालित सीसीटीवी कैमरे लगे इसके साथ ही सभी रूम में एआई संचालित सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जायेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल की संभावना को पूरी तरह समाप्त करने की कोशिश की गयी है. साथ ही, परीक्षार्थियों की पहचान सत्यापित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की जायेगी. किस जिले में कितनी सीटें? 9 प्रमंडलों में पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में 1168-1168 सीटें, मुंगेर और सहरसा में 620-620 सीटें, छपरा में 692 सीटें, पूर्णिया में 640 सीटें और बापू परीक्षा परिसर पटना में 2890 परीक्षार्थियों की बैठने की व्यवस्था की गयी है. बोर्ड पर बढ़ा विद्यार्थियों का भरोसा आनंद किशोर ने बताया कि बिहार बोर्ड ने हाल के वर्षों में परीक्षा व्यवस्था को ठीक करने के लिए कई बदलाव किये हैं. चाहे वो तकनीक की मदद से कॉपियों का मूल्यांकन हो या फिर परीक्षा परिणाम में तेजी. इन सभी बदलावों की वजह बोर्ड पर विद्यार्थियों का भरोसा भी बढ़ा है. Also Read: Expressway In Bihar: गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर डीएम ने किया निरीक्षण, दिया ये बड़ा आदेश The post Bihar News: बिहार के इन 10 जिलों में बनाए गए हाइटेक परीक्षा सेंटर, जानिए और क्या कुछ मिलेंगी अभ्यर्थियों को सुविधाएं appeared first on Naya Vichar.

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Video : 1955 से भुवनेश्वर के इस पंडाल में बैठ रहीं हैं मां दुर्गा, इस बार की मूर्ति और पंडाल देखकर आप भी कहेंगे वाह

Video : ओड़िशा के भुवनेश्वर में दुर्गा पूजा धूमधाम से चल रही है. यहां पंडालों में अनोखे थीम दिखाई दे रहे हैं. ओल्ड स्टेशन बाजार पूजा कमिटी के अध्यक्ष गणेश प्रसाद साहू के अनुसार, यह सबसे पुराना मंडप है, जिसकी शुरुआत 1955 में हुई थी. इस 70वें वर्ष को मनाने के लिए सोने की मात्रा 200 ग्राम बढ़ाई गई है. हर साल पंडाल का थीम सामाजिक संदेश पर आधारित होता है. इस साल का थीम “विश्वास और अंधविश्वास” है. सुरक्षा के लिए पुलिस कमिश्नर ने फोर्स तैनात की है, साथ ही निजी स्वयंसेवक और एआई कैमरे भी लगाए गए हैं. इस पूजा पंडाल का वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. वीडियो में मां दुर्गा की प्रति भव्य तो लग रही है, साथ में पंडाल का डेकोरेशन आकर्षित कर रहा है. आप भी देखें ये वीडियो. #WATCH | Odisha: Durga Puja in Bhubaneswar is in full swing with unique themes across pandals. President, Old Station Bazar Puja Committee, Ganesh Prasad Sahoo says, “This is the oldest mandap. It started in 1955… We have increased the amount of gold by 200 grams to… pic.twitter.com/ICMqJBexps — ANI (@ANI) September 29, 2025 पूजा पंडाल रासुलगड़ दुर्गा पूजा कमिटी के आयोजक श्रीधर बलियारसिंह के अनुसार, इस साल उनकी पूजा 33वीं वर्षगांठ मना रही है. रासुलगड़ पंडाल हर साल अलग थीम पर आधारित होता है. इस बार का थीम आदिवासियों का जीवन और उनकी संस्कृति है. उन्होंने ओड़िशा के सभी लोगों से पंडाल देखने का आमंत्रण दिया है. पूजा की तैयारी 60 दिन में पूरी हुई. इसमें 200 सदस्य काम कर रहे हैं, 40 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. निजी सुरक्षा के लिए 100 लोग तैनात हैं. #WATCH | Odisha: Durga Puja in Bhubaneswar is in full swing with unique themes across pandals. Organiser, Rasulgad Durgapuja Committee, Sridhar Baliarsingh says, “This year we are completing 33 years.. This Rasulgad pandal has different themes every year..Our theme is the… https://t.co/mRNtl9bczN pic.twitter.com/7F7r1aOhB3 — ANI (@ANI) September 29, 2025 The post Video : 1955 से भुवनेश्वर के इस पंडाल में बैठ रहीं हैं मां दुर्गा, इस बार की मूर्ति और पंडाल देखकर आप भी कहेंगे वाह appeared first on Naya Vichar.

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Trualt Bioenergy IPO में 2.25 गुना ओवरसब्सक्राइब, ग्रे मार्केट में ₹109 प्रीमियम, निवेशकों में उत्साह

Trualt Bioenergy IPO: हिंदुस्तान की प्रमुख एथेनॉल निर्माता कंपनी Trualt Bioenergy का आईपीओ 25 सितंबर, 2025 को खुला और आज, 29 सितंबर को इसके लिए सब्सक्रिप्शन की अंतिम तारीख है. यह आईपीओ ₹839.28 करोड़ का है, जिसमें प्रत्येक शेयर की कीमत ₹472-496 के बीच तय की गई है. आईपीओ की सब्सक्रिप्शन स्थिति आईपीओ के तीसरे दिन सुबह 10:35 बजे तक Trualt Bioenergy का आईपीओ 2.25 गुना ओवर सब्सक्राइब हो गया था, जिसमें कुल 1.18 करोड़ शेयरों के मुकाबले 2.66 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगी. रिटेल निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन 1.64 गुना रहा, जबकि नॉन-इंस्टिट्यूशनल निवेशकों (NII) की बोली 5.48 गुना रही और क्वालिफाइड इंस्टिट्यूशनल बायर्स (QIBs) का हिस्सा 0.90 गुना बिका. वहीं, ग्रे मार्केट में आईपीओ को ₹109 का प्रीमियम मिल रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि शेयर संभावित रूप से ₹605 के आसपास लिस्टिंग कर सकते हैं, जो तय किए गए उच्चतम प्राइस बैंड ₹496 से लगभग 22% अधिक है. Trualt Bioenergy का आईपीओ दो हिस्सों में है Trualt Bioenergy का आईपीओ दो हिस्सों में जारी किया गया है, जिसमें फ्रेश इश्यू के तहत 1.51 करोड़ शेयर कुल ₹750 करोड़ के और ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत 0.18 करोड़ शेयर कुल ₹89.28 करोड़ के शामिल हैं. रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन 30 शेयर है, जो ऊपरी प्राइस बैंड पर ₹14,880 के निवेश के बराबर है. आवंटन की घोषणा 30 सितंबर को की जाएगी और 3 अक्टूबर को NSE और BSE पर लिस्टिंग होगी. आईपीओ से पहले, 24 सितंबर, 2025 को एंकर निवेशकों से ₹251.78 करोड़ जुटाए गए. फ्रेश इश्यू की राशि में से ₹150.68 करोड़ का उपयोग मल्टी-फीड स्टॉक ऑपरेशंस स्थापित करने में किया जाएगा, ₹425 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए आवंटित होंगे, और शेष राशि कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जाएगी. आवेदन करें या न करें? Reliance Securities के अनुसार, हिंदुस्तान की बायोएनेर्जी सेक्टर में बड़ी संभावनाएँ हैं. उन्होंने कहा कि Trualt Bioenergy को रणनीतिक योजना, तकनीकी नवाचार और नीति सहयोग के जरिए जोखिम प्रबंधित करना चाहिए. SBI Securities ने भी आईपीओ नोट में कहा कि कंपनी CBG और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल में विस्तार करेगी. FY22–25 के बीच कंपनी का Revenue/EBITDA/PAT CAGR क्रमशः ~58%, 72%, 103% रहा है. आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड ₹496 पर, कंपनी का FY25 PE मल्टीपल 29x है. विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और विविध उत्पाद पोर्टफोलियो के कारण, IPO सब्सक्राइब करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. Also Read: शेयर बाजार सोमवार को हरे निशान में खुले, IT सेक्टर पर दबाव जारी The post Trualt Bioenergy IPO में 2.25 गुना ओवरसब्सक्राइब, ग्रे मार्केट में ₹109 प्रीमियम, निवेशकों में उत्साह appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Election: बिहार में कई नये दलों की इंट्री, 2020 में इतनी पार्टियों ने लड़ा था विधानसभा चुनाव

Bihar Election: पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार भी कई नये दलों की इंट्री होने जा रही है. हालांकि, हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग ने हाल ही में 334 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त नेतृत्वक दलों को चुनावी सूची से हटाने का निर्णय लिया है, जिनमें बिहार के 17 दल शामिल हैं. बिहार में पांच साल बाद हो रहे विधानसभा चुनाव में 200 से अधिक नेतृत्वक दलों की हिस्सेदारी देखी जा सकती है. 2020 के विधानसभा चुनाव में 6 राष्ट्रीय दलों ने हिस्सा लिया था तो 4 राजस्तरीय दल भी शामिल हुए थे. कुल मिलाकर उस चुनाव में 212 नेतृत्वक दलों ने हिस्सा लिया था. बिहार में पंजीकृत नेतृत्वक दलों की संख्या 184 हैं. 1299 निर्दलीय प्रत्याशियों में केवल एक को मिली जीत कुल 212 नेतृत्वक दलों के अलावा 2020 विधानसभा चुनाव में 1299 निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपना भाग्य आजमाया था और केवल एक ने जीत हासिल की थी. कुल मिलाकर 3733 उम्मीदवार मैदान में थे. इनमें से 3205 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी. उस चुनाव में वोटों की हिस्सेदारी के हिसाब से देखें तो मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के बीच ही था. राष्ट्रीय जनता दल को 97,38,855 वोट हासिल हुए थे तो हिंदुस्तानीय जनता पार्टी को 82,02,067. तीसरे स्थान पर रहने वाली जेडीयू को 64,85,179 वोटों से ही संतोष करना पड़ा था, सत्तारूढ़ दल और विपक्षी दलों के गठबंधनों के बीच बहुत नजदीकी मुकाबला देखने को मिला था. पूरे राज्य में केवल 12,000 वोटों के अंतर से महागठबंधन पिछड़ गया था और एनडीए के नेता नीतीश कुमार ने प्रशासन बनाई थी. 2025 में पहली बार लड़ेंगी ये पार्टियां जनसुराज पार्टी: प्रशांत किशोर की जनसुराज बिहार में पहले लोकसभा और विधानसभा का उपचुनाव लड़ चुकी है, लेकिन विधानसभा चुनाव पहली बार लड़ने जा रही है. इंडियन इंकलाब पार्टी: आईपी गुप्ता ने इस पार्टी का गठन किया है और वे बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर चुके हैं. जनशक्ति जनता दल: तेज प्रताप यादव ने आरजेडी से अलग होकर इस पार्टी का गठन किया है और वे महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. आरसीपी सिंह की नई पार्टी: पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने अपनी नई पार्टी का ऐलान किया है, जो बिहार विधानसभा चुनाव में उतरेगी. आजाद समाज पार्टी: चंद्रशेखर आजाद की पार्टी भी बिहार में चुनाव लड़ने की तैयारी में है. सुहेलदेव हिंदुस्तानीय समाज पार्टी: ओम प्रकाश राजभर ने बिहार में 150 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है और सम्मानजनक सीटों की मांग की है. 2020 में हिस्सा लेनेवाली राष्ट्रीय पार्टियां हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) बहुजन समाज पार्टी (BSP) कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) 2020 में हिस्सा लेनेवाली क्षेत्रीय पार्टियां जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) राष्ट्रीय जनता दल (RJD) लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP(R) राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) (HAM) विकासशील इंसान पार्टी (VIP) चुनाव लड़नेवाने अन्य प्रमुख दल ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM)अखिल हिंदुस्तानीय फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB)हिंदुस्तानीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM)प्लूरल्स पार्टीअन्य राज्यों के राज्यस्तरीय दलों ने भी बिहार में अपने भाग्य आजमाए थे. ऐसे दलों में जेडीएस, जेएमएम, एनपीईपी, एसएचएस, एआईएफबी आदि दल शामिल हुए थे. Also Read: Bihar News: कृषि नहीं अब टेक्सटाइल और लेदर उद्योग से जाना जायेगा बिहार, प्रशासन ने भी खोला रियायतों का पिटारा The post Bihar Election: बिहार में कई नये दलों की इंट्री, 2020 में इतनी पार्टियों ने लड़ा था विधानसभा चुनाव appeared first on Naya Vichar.

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