केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई; देश भर में अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस सेवाओं की कुल संख्या बढ़कर 30 हुई, जिसमें 26 सेवाएं बिहार से शुरू होंगी नया विचार न्यूज़ दिल्ली – केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के साथ मिलकर बिहार में कुल सात नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिनमें तीन अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। ये नई ट्रेनें बिहार में कनेक्टिविटी को एक नया आयाम प्रदान करेंगी और यात्रियों को बेहतर यात्रा सेवाएं प्रदान करेंगी। इन नई ट्रेनों के उद्घाटन के साथ, अब देश भर में चलने वाली 30 अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस सेवाओं में से बिहार में कुल 26 अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस सेवाएं चालू हो गई हैं। मुजफ्फरपुर-चरलापल्ली अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर से दक्षिण हिंदुस्तान के लिए पहली अमृत हिंदुस्तान ट्रेन है, जबकि छपरा-आनंद विहार अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस बिहार से दिल्ली के लिए छठी अमृत हिंदुस्तान ट्रेन बन गई है। ये अत्याधुनिक स्वदेशी ट्रेन यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी। ये ट्रेनें देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर उत्तर और दक्षिण हिंदुस्तान से बिहार की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी। इनके परिचालन से राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन, व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा कि बिहार में विकास की गति ऐसी है कि निकट भविष्य में यह राज्य एक स्वर्णिम राज्य के रूप में उभरेगा। ये ट्रेनें बिहार में कनेक्टिविटी का एक नया स्तर प्रदान करेंगी, यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएंगी और राज्य के समग्र विकास को गति देंगी। श्री वैष्णव ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री श्री मोदी के पदभार ग्रहण करने के बाद से, उन्होंने राज्यों पर विशेष ध्यान देते हुए रेलवे को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले बिहार का वार्षिक रेल बजट केवल लगभग 1,000 करोड़ रुपये था, जबकि आज यह लगभग 10,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बिहार के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जिसके तहत बिहार में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का रेलवे नेटवर्क पूरी तरह से विद्युतीकृत हो चुका है और 1,899 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई गई हैं। हिंदुस्तानीय रेल द्वारा विकसित, अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस देश की रेल व्यवस्था में आधुनिकीकरण का प्रतीक बन गई है। यह ट्रेन यात्रा का न केवल एक तेज और किफायती विकल्प है, बल्कि इसमें सेमी-ऑटोमैटिक कपलर, अग्नि सूचक प्रणाली, सीलबंद गैंगवे और टॉक-बैक यूनिट जैसी उन्नत सुविधाएं भी हैं। पहली बार, गैर-वातानुकूलित डिब्बों में यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए ऐसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह “विकसित बिहार से विकसित हिंदुस्तान” के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस ट्रेनों का संक्षिप्त विवरण : दरभंगा-अजमेर (मदार) अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर-हैदराबाद (चरलापल्ली) अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस छपरा- दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस रेल सेवाओं में आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने चार यात्री ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई। यात्री ट्रेनों का संक्षिप्त विवरण: पटना-बक्सर पैसेंजर झाझा – दानापुर पैसेंजर नवादा-पटना पैसेंजर पटना-इस्लामपुर पैसेंजर राज्य में पूरी हो चुकी कुछ प्रमुख रेलवे परियोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि 28 किलोमीटर लंबा पटना रेल-सह-सड़क पुल, 15 किलोमीटर लंबा मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल और लंबे समय से प्रतीक्षित कोसी पुल का निर्माण पूरा हो चुका है। 2014 से पूर्णतः चालू महत्वपूर्ण परियोजनाएं पटना रेल-सह-सड़क पुल मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल कोसी पुल दनियावां-बिहारशरीफ नई लाइन चांदन-बांका नई लाइन रामपुरहाट-मंदारहिल नई लाइन महाराजगंज-मसरख नई लाइन राजगीर-तिलैया और नटेसर-इस्लामपुर नई लाइन मानसी-सहरसा-पूर्णिया आमान परिवर्तन जयनगर-नरकटियागंज आमान परिवर्तन कप्तानगंज-छपरा आमान परिवर्तन सकरी-निर्मली एवं सहरसा-फारबिसगंज आमान परिवर्तन मानसी-सहरसा-सहरसा-पूर्णिया एवं बनमनखी-बिहारीगंज आमान परिवर्तन साहिबगंज-पीरपैंती दोहरीकरण महेशखुट-थानाबिहपुर दोहरीकरण हाजीपुर-रामदयालु नगर दोहरीकरण पीरपैंती-भागलपुर दोहरीकरण बख्तियारपुर-बाढ़ दोहरीकरण किउल-गया दोहरीकरण हाजीपुर-बछवाड़ा दोहरीकरण दरभंगा बाईपास इसके अतिरिक्त, अररिया-गलगलिया (ठाकुरगंज) नई लाइन का काम पूरा हो चुका है और इसका शीघ्र ही उद्घाटन किया जाएगा। क्रियान्वयन के अंतर्गत मुख्य परियोजनाएं नई लाइनें : सकरी-हसनपुर, खगड़िया-कुशेश्वरस्थान, कुरसेला-बिहारीगंज, तिलैया-कोडरमा, हाजीपुर-सुगौली, सीतामढी-शिवहर, छपरा-मुजफ्फरपुर, अररिया-सुपौल, विक्रमशिला-कटरिया (गंगा पुल सहित), झाझा-बटिया, पीरपैंती-जसीडीह, छितौतिनी-तुमकुई रोड, जलालगरनी-किशनगंज, जोगबनी-विराटनगर, औरंगाबाद टर्मिनल-अनुग्रह नारायण रोड, जयनगर-बिजलपुरा, धनबाद-सोननगर, आदि। तीसरी/चौथी लाइन दोहरीकरण कार्य: समस्तीपुर-दरभंगा, सुगौली-वाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर-सुगौली, नरकटियागंज-दरभंगा-सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर, छपरा-बलिया, कटिहार-कुमेदपुर, बरौनी-बछवारा (तीसरी और चौथी लाइन), सोननगर-अंडाल (तीसरी और चौथी लाइन), पुनारख-बक्तियारपुर (तीसरी और चौथी लाइन) इत्यादि। केंद्रीय मंत्री श्री वैष्णव ने कहा कि कई अन्य परियोजनाओं पर काम चल रहा है और अतिरिक्त परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में, बिहार में 13 अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस ट्रेनें यानी 26 सेवाएं चल रही हैं, जो 25 जिलों के 42 स्टॉप को कवर करती हैं। इसके अलावा, वंदे हिंदुस्तान सेवा की 10 जोड़ी ट्रेनें (20 सेवाएं) 28 जिलों को कवर करती हैं। राज्य में नमो हिंदुस्तान रैपिड रेल सेवाएं भी चल रही हैं। बिहार से चलने वाली ये नई ट्रेनें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाएंगी और आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। इन ट्रेनों का उद्देश्य न केवल बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा भी प्रदान करना है।