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October 2, 2025

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Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: इस शख्स की वजह से नोइना का डांस देखेगा मिहिर, वृंदा को अंगद की बाहों में देखकर उसपर भड़केगा सुहास

Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: सीरियल क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 दिखाया जाएगा कि नवरात्रि समारोह में नोइना शांति निकेतन में डांस करती है. परी अपने पिता मिहिर को वीडियो कॉल करती है. नोइना का डांस वह वीडियो कॉल पर देखता है. उत्सव जारी रहता है और तुलसी नोइना की डांस की तारीफ करती है. हालांकि तुलसी का ध्यान बार-बार मिहिर पर जाता है और वह उसके घर लौटने का इंतजार करती है. तभी वृंदा वहां एक खूबसूरत लहंगा चौली पहनकर आती है. ये लहंगे चोली को तुलसी ने परी को गिफ्ट किया था, जिसने इसे पहनने से मना कर दिया था. अंगद, वृंदा को देखता रह जाता है और मिताली को इससे जलन हो जाती है. वृंदा पर परी होगी गुस्सा क्योंकि सास भी कभी बहू थी में दिखाया जाएगा कि अंगद और वृंदा साथ में डांस करते हैं और हर कोई उनकी केमेस्ट्री की तारीफ करते हैं. परी, वृंदा को देखती है उस आउटफिट में जिसे पहनने से उसने मना कर दिया था. परी को बहुत गुस्सा आता है और वह वृंदा पर नाराज होती है. परी उसे बुरा-भला कहती है और उसपर ड्रेस चोरी करने का इल्जाम लगाती है. तुलसी और शोभा उसकी बात को सुनते हैं. शोभा उसे रोकती है, लेकिन परी फिर उसे ही बुरा-भला कहने लगती है.वृंदा, तुलसी और परी से माफी मांगती है और बताती है कि उसने शुरुआत में वह पोशाक इसलिए नहीं पहनी थी क्योंकि वह परी के लिए थी. वृंदा का मंगतेर करेगा तमाशा तुलसी दरवाजे पर खड़ी होकर मिहिर का इंतजार करती है. शोभा कहती है कि शायद मिहिर ना आए. परी जानबूझकर अपनी मां से कहती है कि मिहिर ने नोइना का डांस वीडियो कॉल पर देखा. वह कहती है कि शायद अभी भी पापा उससे नाराज है. दूसरी तरफ नोइना सपना देखती है कि मिहिर शांति निकेतन आया है और वह उसके साथ डांस कर रहा है. तभी उसका सपना टूटता है और वह मिहिर को अपने पास ना पाकर दुखी हो जाती है. अंगद और वृंदा साथ में डांडिया करते हैं. परी, वृंदा को धक्का दे देती है और वह अंगद की बाहों में गिर जाती है. तभी वृंदा का मंगेतर वहां आ जाता है और दोनों को ऐसे देखकर खूब तमाशा करता है. यह भी पढ़ें- Kantara Chapter 1 X Reviews: ऋषभ शेट्टी की फिल्म को मीडिया यूजर्स बता रहे शानदार, क्लाइमेक्स में खड़े होंगे रोंगटे, देखने से पहले पढ़ लें रिव्यू The post Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: इस शख्स की वजह से नोइना का डांस देखेगा मिहिर, वृंदा को अंगद की बाहों में देखकर उसपर भड़केगा सुहास appeared first on Naya Vichar.

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Mahatma Gandhi Slogan in Hindi 2025: सत्य और अहिंसा के साथ जिंदगी संवारें, ‘बापू’ के नारे युवाओं के लिए प्रेरणा

Mahatma Gandhi Slogan in Hindi 2025: महात्मा गांधी, जिन्हें हम राष्ट्रपिता, बापू और महात्मा के नाम से जानते हैं, हिंदुस्तान के स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता थे. उनका जीवन सत्य, अहिंसा और त्याग का प्रतीक रहा. हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती (Gandhi Jayanti in Hindi) मनाई जाती है, जिसे विश्व स्तर पर अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. गांधी जी ने अपनी दूरदर्शिता और विचारों से देशवासियों को सिखाया कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही जीवन में सच्ची सफलता और शांति मिलती है. उनके नारे और स्लोगन (Mahatma Gandhi Slogan in Hindi 2025) आज भी युवाओं और सभी नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं. महात्मा गांधी के स्लोगन (Mahatma Gandhi Slogan in Hindi 2025) महात्मा गांधी के स्लोगन (Mahatma Gandhi Slogan in Hindi 2025) इस प्रकार हैं- Do or Die (करो या मरो) – अपने लक्ष्य के लिए पूरी मेहनत करो. Quit India (हिंदुस्तान छोड़ो आंदोलन) – स्वतंत्रता के लिए साहस दिखाओ. Where there is love, there is life (जहां प्रेम है, वहां जीवन है) – प्रेम जीवन की असली शक्ति है. God has no religion (ईश्वर की कोई धर्म नहीं) – सभी धर्मों का समान सम्मान. Where there is purity, there is fearlessness (जहां शुद्धता है, वहां निडरता है) – नैतिकता से डर दूर होता है. Seeking someone’s favor is like selling one’s freedom (किसी की कृपा माँगना अपनी स्वतंत्रता बेचना है) – आत्मनिर्भर बनो. Misusing the ears pollutes and disturbs the mind (कानों का गलत इस्तेमाल मन को अशुद्ध करता है) – ध्यान और समझदारी से सुनो. The heart has no language; it speaks to the heart (हृदय की कोई भाषा नहीं होती, यह हृदय से हृदय तक बोलता है) – भावनाओं की शक्ति. I am ready to die, but there is no reason for which I am willing to kill (मैं मरने को तैयार हूं, लेकिन मारने को नहीं) – अहिंसा का संदेश. Democracy requires education, not superficial knowledge (लोकतंत्र के लिए शिक्षा जरूरी है, सतही ज्ञान नहीं) – शिक्षित नागरिक ही मजबूत लोकतंत्र बनाते हैं. We must live as if we were to die tomorrow; we must learn as if we were to live for years (ऐसा जियो मानो कल मरने वाले हो; ऐसा सीखो मानो हजारों साल जीना है) – जीवन और शिक्षा का सही दृष्टिकोण. It is a sin to make a mistake, but it is an even greater sin to hide it (गलती करना पाप है, लेकिन उसे छुपाना और बड़ा पाप) – ईमानदारी से जीवन जियो. An eye for an eye will make the whole world blind (आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देगी) – बदले की भावना छोड़ो. Freedom is not worth having if it does not include the freedom to make mistakes (स्वतंत्रता का मूल्य तभी है जब उसमें गलतियां करने की स्वतंत्रता हो) – सीखने की आजादी जरूरी है. The best way to find yourself is to lose yourself in the service of others (खुद को पाने का सबसे अच्छा तरीका दूसरों की सेवा में खो जाना है) – सेवा ही सच्ची पहचान है. Happiness is when what you think, what you say, and what you do are in harmony (सुख वह है जब सोच, वचन और क्रिया एक हों) – जीवन का संतुलन. It is health that is real wealth and not pieces of gold and silver (सच्ची दौलत स्वास्थ्य है, सोना नहीं) – स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है. Strength does not come from physical capacity, it comes from indomitable will (शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं, अटूट इच्छा से आती है) – इच्छाशक्ति की ताकत. The future depends on what you do today (भविष्य आज किए गए कर्मों पर निर्भर करता है) – समय का सदुपयोग करो. Satisfaction lies in the effort, not in the attainment (संतोष प्रयास में है, उपलब्धि में नहीं) – प्रयास का महत्व समझो. इसे भी पढ़ें- Mahatma Gandhi Quotes in Hindi 2025: गांधीजी के सबसे प्रभावशाली विचार, सीखें सफलता, सच्चाई और अहिंसा की राह शिक्षा में बापू की थी खास रुचि (Gandhi Jayanti in Hindi) महात्मा गांधी को बचपन से ही पढ़ाई और स्कूल की शिक्षा में खास रुचि थी. स्पोर्ट्सों में उनकी दिलचस्पी कम थी और उनकी लिखावट भी बहुत अच्छी नहीं थी. गांधी जी ने अपनी आत्मकथा में खुद बताया कि उनकी हेंडराइटिंग पर कई बार मेहनत करने के बावजूद सुधार नहीं आया. इसके बावजूद उन्होंने हमेशा दूसरों को अच्छी लिखावट अपनाने और पढ़ाई पर ध्यान देने की प्रेरणा दी.  स्टूडेंट्स के लिए महात्मा गांधी का संदेश (Gandhi Jayanti in Hindi) गांधी जी को किताबों और ज्ञान हासिल करने में ज्यादा आनंद आता था, जबकि स्पोर्ट्सों में उनकी रुचि थोड़ी सीमित थी. गांधी जी का मानना था कि शिक्षा और पढ़ाई ही जीवन में सही दिशा देने वाली शक्ति है. वे चाहते थे कि शिशु अपनी पढ़ाई और लेखन पर ध्यान दें और खुद को लगातार सुधारें. इस तरह, गांधी जी ने शिक्षा को अपने जीवन का अहम हिस्सा माना और बच्चों को भी इसे अपनाने की सलाह दी. इसे भी पढ़ें- Speech on Gandhi Jayanti in Hindi: गांधी जयंती पर भाषण ऐसे दें, ‘बापू’ के सम्मान में नम हो जाएंगी आंखें यह भी पढ़ें- महात्मा गांधी पर 10 लाइन, बापू की जयंती से पहले जरूर पढ़ लें | 10 Lines on Mahatma Gandhi in Hindi 2025 The post Mahatma Gandhi Slogan in Hindi 2025: सत्य और अहिंसा के साथ जिंदगी संवारें, ‘बापू’ के नारे युवाओं के लिए प्रेरणा appeared first on Naya Vichar.

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Nitish Kumar: SIR ने बढ़ा दी जदयू की टेंशन, वोटर लिस्ट में कटे महिलाओं के अधिक नाम

Nitish Kumar: पटना. चुनाव आयोग की ओर से जारी वोटर लिस्ट के आंकड़े अब धीरे-धीरे नेतृत्वक दलों को टेंशन देने लगे हैं. नीतीश कुमार का वोट बैंक पर भी SIR का असर देखने को मिल सकता है. आंकड़े बताते हैं कि बिहार में पुरुषों से ज्यादा स्त्रीओं के नाम सूची से बाहर किये गये हैं. स्त्री वोट नीतीश कुमार का माना जाता है. इसको लेकर जदयू के अंदर भी चिंता दिखाई दे रही है. हालांकि आयोग की ओर से इस संबंध में बताया जा रहा है कि स्त्रीओं के नाम मायके और ससुराल दोनों जगहों पर दर्ज थे. ऐसे में एक जगह से उनका नाम हटाया गया है. कुल मिलाकर स्त्री वोटरों की संख्या में कमी आयी है और इसका असर मतदान पर पड़ सकता है. निर्णायक शक्ति बनकर उभरी स्त्री वोटर नीतीश कुमार के कार्यकाल में स्त्री वोटर एक नई और निर्णायक शक्ति बनकर उभरी हैं. बिहार की नेतृत्व में स्त्री एक जाति के रूप में देखी जाने लगी है. सभी नेतृत्वक दल इन्हें साधने में जुटे हैं. पिछले कुछ चुनावों के आंकड़ों को अगर देखा जाये तो पुरुषों से अधिक स्त्रीओं ने मतदान किया है, जिससे यह एक महत्वपूर्ण वोट बैंक बन गया है. 2015 से लेकर 2024 तक हर चुनाव में स्त्रीओं की भागीदारी पुरुषों से ज्यादा रही. पिछले एक दशक से बिहार में सत्ता की दिशा तय करनेवाला यह वोट बैंक क्या SIR से कमजोर होगा. इस बात को लेकर नेतृत्वक गलियारे में विर्मश जारी है. वोटर लिस्ट का अंतर 1 अगस्त को 65 लाख नाम हटे.30 सितंबर 3.66 लाख नाम और हटे. क्या रहे कारण 62,000 नाम मृत्यु के कारण हटे. 1.64 लाख नाम पता बदलने के कारण हटे. 81 हजार नाम डुप्लिकेट प्रविष्टियों के कारण हटे. 48 हजार नाम लापता होने के कारण हटे. 100 मामले कम उम्र के आवेदकों निकले. इन जिलों में सबसे अधिक कटे स्त्री वोटरों के नाम पूर्णिया जिला76,000 स्त्री वोटर कम है.40,000 पुरुष वोटर कम है. सुपौल जिला40000 स्त्री वोटर कम है.11000 पुरुष वोटर कम है. सीवान जिला78,000 स्त्री वोटर कम है.28,000 पुरुष वोटर कम है. पटना जिला50,000 स्त्री वोटर कम है.36,000 पुरुष वोटर कम है. कोई नहीं लगा पाया सेंध बिहार में 2.99% कुर्मी स्त्री मतदाता हैं, जबकि 14.46 प्रतिशत यादव, 0.6% कायस्थ, 19.6 प्रतिशत शेड्यूल कास्ट, 17.8 प्रतिशत मुस्लिम, 3.7% ब्राह्मण, 3.4% राजपूत, 2.9% भूमिहार स्त्री मतदाता हैं. इस वोटबैंक पर नीतीश कुमार का कब्जा है. यह वोट बैंक बिहार में सबसे मजबूत है. अब तक इस वोट बैंक में सेंध लगाने में कोई दल या नेता सफल नहीं हो पाये हैं. इस चुनाव में भी नीतीश कुमार की प्राथमिकता स्त्री वोटर ही रही है. पिछले कुछ दिनों में नीतीश कुमार ने बिहार की हर स्त्री वर्ग के लिए कुछ न कुछ घोषणा की है. इनमें जीविका दीदी, आशा वर्कर से लेकर के आंगनबाड़ी स्त्रीएं तक शामिल हैं. बिहार में बड़ी संख्या में स्त्री शिक्षिका कार्यरत हैं, नीतीश कुमार ने उनकी मांग भी पूरी कर दी है. Also Read: Bihar News: कृषि नहीं अब टेक्सटाइल और लेदर उद्योग से जाना जायेगा बिहार, प्रशासन ने भी खोला रियायतों का पिटारा The post Nitish Kumar: SIR ने बढ़ा दी जदयू की टेंशन, वोटर लिस्ट में कटे स्त्रीओं के अधिक नाम appeared first on Naya Vichar.

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Papankusha Ekadashi 2025: इस दिन मनाई जाएगी पापांकुशा एकादशी, जानें महत्व

Papankusha Ekadashi 2025: हिन्दू परंपराओं में एकादशी को बेहद पवित्र और शुभ माना गया है. इस दिन व्रत और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. साल में 24 एकादशियां पड़ती हैं, लेकिन जब अधिकमास आता है तो इनकी संख्या 26 हो जाती है. हिन्दू कैलेंडर के अनुसार हर महीने की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी कहते हैं. यह तिथि महीने में दो बार आती है – अमावस्या के बाद और पूर्णिमा के बाद. पापांकुशा एकादशी का महत्व आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहा जाता है. मान्यता है कि इस व्रत से व्यक्ति को दिव्य फल प्राप्त होता है और सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. इस दिन व्रत रखकर सोना, तिल, गाय, अन्न, जल, छाता और जूते का दान करने से पिछले जन्म के पाप भी मिट जाते हैं. कहा जाता है कि यह व्रत यमलोक के दुखों से बचाता है और सुख-समृद्धि देता है. एकादशी का व्रत ग्रह दोषों को शांत करता है और मन-तन को स्वस्थ रखता है. मान्यता है कि इस व्रत का पालन करने वाले पर कमजोर चंद्रमा का असर नहीं पड़ता. विजयादशमी के बाद राम और भरत का मिलन भी इसी तिथि को हुआ था. पापांकुशा एकादशी 2025 तिथि पापांकुशा एकादशी अश्विन शुक्ल पक्ष में आती है. साल 2025 में इसकी तिथि 2 अक्टूबर गुरुवार शाम 7:10 बजे से शुरू होकर 3 अक्टूबर शुक्रवार शाम 6:32 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार व्रत 3 अक्टूबर को रखा जाएगा. इस शुभ मुहूर्त में करें भगवान विष्णु की पूजा   इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का शुभ समय सुबह 11:46 से दोपहर 12:34 तक रहेगा. मान्यता है कि इस मुहूर्त में पूजा करने से पापों का नाश होता है, पुण्य बढ़ते हैं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. पापांकुशा एकादशी पूजा विधि एकादशी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. फिर हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें. पूजा स्थल पर भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें. पंचामृत से अभिषेक करें और पीले फूल, खासकर गेंदे, अपराजिता और हरसिंगार चढ़ाएं. भगवान को तुलसी दल अर्पित करना न भूलें. अंत में धूप, दीप, चंदन और नैवेद्य अर्पित कर पूजा पूरी करें. Also Read: Dussehra 2025 Shami Ke Upay: दशहरा पर शमी के पत्तों की पूजा से मिलता है विशेष आशीर्वाद, जानें ज्योतिषीय महत्व Dussehra 2025: दशहरा के दिन इस पक्षी को देख लिया तो पूरी हो सकती है आकांक्षा, जानें इसकी मान्यता और महत्व The post Papankusha Ekadashi 2025: इस दिन मनाई जाएगी पापांकुशा एकादशी, जानें महत्व appeared first on Naya Vichar.

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Kantara Chapter 1 vs Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari: बॉक्स ऑफिस क्लैश पर ऋषभ शेट्टी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- पूरा ध्यान सिर्फ फाइनल आउटपुट पर है

Kantara Chapter 1 vs Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari: 2 अक्टूबर को दो बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में आमने-सामने आई हैं, एक ऋषभ शेट्टी की ‘कंतारा: चैप्टर 1’ और दूसरी करण जौहर निर्मित ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’. जहां कंतारा का प्रीक्वल एक पौराणिक गाथा है, वहीं सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी पूरी तरह से एक हल्की-फुल्की रोमांटिक कॉमेडी. दोनों फिल्मों को लेकर दर्शकों में अच्छा-खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. इसी बीच, अभिनेता-निर्देशक ऋषभ शेट्टी ने इस मच अवेटेड क्लैश पर अपनी चुप्पी तोड़ी और दोनों फिल्मों की टीमों को शुभकामनाएं दीं. आइए बताते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा है. ऋषभ शेट्टी ने बॉक्स ऑफिस क्लैश पर क्या कहा? बॉक्स ऑफिस क्लैश पर Zoom की तरफ से पूछे गए सवाल पर ऋषभ शेट्टी ने कहा, “मैं इतना सोचता नहीं हूं. पूरा ध्यान सिर्फ फाइनल आउटपुट पर है. अभी-अभी मैं पोस्ट-प्रोडक्शन से बाहर निकला हूं. तीन साल बाद गांव से शहर आया हूं, तो सबकुछ नया लग रहा है. हर फिल्म के पीछे हजारों लोगों की मेहनत और परिवारों की उम्मीदें जुड़ी होती हैं. इसलिए मेरी शुभकामनाएं हर फिल्म को हैं. हर डायरेक्टर, हर एक्टर और हर टीम को अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए.” उन्होंने साफ किया कि उनके लिए यह मुकाबला नहीं, बल्कि सिनेमा का जश्न है. दोनों फिल्मों की खासियत दोनों फिल्मों की रिलीज ने दशहरे के मौके पर बड़ा सिनेमाई माहौल बना दिया है. कंतारा: चैप्टर 1 की खासियत इसकी कहानी और लोककथाओं से जुड़ा वातावरण है, वहीं सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी अपनी स्टारकास्ट और म्यूजिक के कारण चर्चा में है. कौन सी फिल्म दर्शकों के दिल जीत पाएगी, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा. यह भी पढ़े: Param Sundari Final Box Office: हिट या फुस्स? जान्हवी कपूर-सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘परम सुंदरी’ का स्पोर्ट्स खत्म, जानें कितनी हुई फाइनल कमाई यह भी पढ़े: Kantara Chapter 1 vs Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Box Office: ओपनिंग डे पर कौन मारेगा बाजी, किसे मिलेगी मात? ट्रेड एक्सपर्ट्स से जानें The post Kantara Chapter 1 vs Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari: बॉक्स ऑफिस क्लैश पर ऋषभ शेट्टी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- पूरा ध्यान सिर्फ फाइनल आउटपुट पर है appeared first on Naya Vichar.

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Mahatma Gandhi Quotes in Hindi 2025: गांधीजी के सबसे प्रभावशाली विचार, सीखें सफलता, सच्चाई और अहिंसा की राह

Mahatma Gandhi Quotes in Hindi 2025: महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहा जाता है. उनकी सादगी, सत्य और अहिंसा की राह ने पूरी दुनिया को एक नई दिशा दी. आज भी उनके विचार न केवल हिंदुस्तान में बल्कि पूरे विश्व में लोगों को जीवन जीने का मार्ग दिखाते हैं. गांधीजी के कोट्स हमें ईमानदारी, अनुशासन, सत्य, और आत्मबल का महत्व सिखाते हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों, सामाजिक कार्यों से जुड़े युवाओं और आम जीवन में प्रेरणा पाने वाले हर व्यक्ति के लिए महात्मा गांधी के विचार आज भी उतने ही उपयोगी हैं. आइए जानते हैं Mahatma Gandhi Quotes in Hindi 2025 यहां, जिनसे आप प्रेरणा ले सकते हैं. महात्मा गांधी के 20 कोट्स (Mahatma Gandhi Quotes in Hindi 2025) महात्मा गांधी के 20 कोट्स (Mahatma Gandhi Quotes in Hindi 2025) इस प्रकार हैं- “सत्य ही ईश्वर है और ईश्वर ही सत्य है.” “अहिंसा मानव जाति का सबसे बड़ा धर्म है.” “खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं.” “कमजोर कभी माफ नहीं कर सकते, माफ करना मजबूत का गुण है.” “सच्चा धन केवल संतोष में है, सोने-चांदी में नहीं.” “पहले वे आपको अनदेखा करेंगे, फिर आपका मजाक उड़ाएंगे, फिर आपसे लड़ेंगे और अंत में आप जीत जाएंगे.” “आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देगी.” “सत्य की राह पर चलना कठिन हो सकता है, लेकिन यही सच्ची जीत दिलाती है.” “शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं आती, यह अडिग इच्छाशक्ति से आती है.” “जो लोग अपनी गलतियों को स्वीकारते हैं, वही असली विजेता होते हैं.” “किसी भी समाज का मूल्यांकन इस बात से होता है कि वह अपने सबसे कमजोर लोगों के साथ कैसा व्यवहार करता है.” “खुशी तब मिलती है जब आप जो सोचते हैं, कहते हैं और करते हैं, वह सामंजस्य में हो.” “आपका भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आप आज क्या करते हैं.” “गरीबों की सेवा करना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है.” “सत्य और प्रेम ही दुनिया को बदल सकते हैं.” “डर पाप और अन्याय का जनक है.” “जो अपने ऊपर नियंत्रण नहीं रख सकता, वह दूसरों को कभी नियंत्रित नहीं कर सकता.” “अच्छे काम में देरी करना, उस काम को खो देना है.” “जहां प्रेम है, वहां जीवन है.” “सच्चा लोकतंत्र तभी आ सकता है जब हर व्यक्ति का जीवन सुरक्षित और स्वतंत्र हो.” इसे भी पढ़ें- Speech on Gandhi Jayanti in Hindi: गांधी जयंती पर भाषण ऐसे दें, ‘बापू’ के सम्मान में नम हो जाएंगी आंखें सादगी का महत्व सिखाते हैं ‘बापू’ के विचार महात्मा गांधी के ये विचार (Mahatma Gandhi Quotes in Hindi 2025) न केवल जीवन को सकारात्मक दिशा देते हैं बल्कि हमें नैतिकता और सादगी का महत्व भी सिखाते हैं. आज की बदलती दुनिया में यदि हम गांधीजी की सीख को अपनाएं, तो जीवन और समाज दोनों ही बेहतर हो सकते हैं. यह भी पढ़ें- महात्मा गांधी पर 10 लाइन, बापू की जयंती से पहले जरूर पढ़ लें | 10 Lines on Mahatma Gandhi in Hindi 2025 The post Mahatma Gandhi Quotes in Hindi 2025: गांधीजी के सबसे प्रभावशाली विचार, सीखें सफलता, सच्चाई और अहिंसा की राह appeared first on Naya Vichar.

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CM Women Employment Scheme: जीविका योजना के पहली किस्त के बाद गांव-शहर में मची होड़, 10 लाख नए आवेदन दर्ज

CM Women Employment Scheme: मुख्यमंत्री स्त्री रोजगार योजना की शुरुआत को लेकर जिस उत्साह की उम्मीद प्रशासन ने जताई थी, वह अब वास्तविकता में बदलती दिख रही है. ग्रामीण इलाकों से शुरू हुई जीविका योजना अब शहरों में भी उतनी ही तेजी से पैर पसार रही है. पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये सीधे बैंक खाते में मिलने के बाद शहरी स्त्रीओं का रुझान हैरान करने वाला है. आंकड़े बताते हैं कि एक सप्ताह में ही 10 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं. यह तस्वीर बताती है कि स्त्रीओं के लिए यह योजना न सिर्फ राहत का साधन बनी है, बल्कि उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया भरोसा भी दे रही है. गांव से शहर तक पहुंची जीविका की ताकत शुरुआत में जीविका योजना को ग्रामीण स्त्रीओं की आर्थिक सशक्तिकरण का औजार माना गया था. समूह बनाकर स्त्रीएं बचत और लोन की प्रक्रिया से छोटे स्तर पर रोजगार और कारोबार शुरू करती थीं. धीरे-धीरे इसका असर पंचायत स्तर से ब्लॉक और जिले तक दिखने लगा. लेकिन अब जब मुख्यमंत्री स्त्री रोजगार योजना के तहत सीधा 10,000 रुपये की पहली किस्त दी जा रही है, तो शहरों की स्त्रीएं भी बड़ी संख्या में इससे जुड़ रही हैं.शहरी क्षेत्रों में पहले से सक्रिय समूह अब रसोई संचालन, अस्पताल और प्रशासनी दफ्तरों में सेवाएं देने से आगे बढ़कर नए काम शुरू करने की तैयारी में हैं. आवेदन का अंबार और बढ़ती उम्मीदें महज सात दिनों में 4.5 लाख नए आवेदन और कुल मिलाकर 10 लाख से ज्यादा आवेदन इस बात का सबूत हैं कि स्त्रीएं इस योजना से जुड़ने को लेकर कितनी गंभीर हैं. अभी राज्य में 3.12 लाख स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, लेकिन नए आवेदनों की बाढ़ से यह संख्या और बढ़ने वाली है. प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में यह आंकड़ा और चौंकाने वाला होगा. किस्तों में मिलेगी राशि, बनी है पूरी योजना, प्रशासन ने साफ किया है कि एक साथ सभी स्त्रीओं को राशि नहीं दी जाएगी. इसके लिए चरणबद्ध व्यवस्था बनाई गई है. 3 अक्टूबर को 25 लाख स्त्रीओं को पहली किस्त दी जाएगी. इसके बाद 6 और 17 अक्टूबर को भी धनराशि ट्रांसफर होगी. पूरी प्रक्रिया 26 दिसंबर तक पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है. इसका फायदा यह होगा कि न केवल प्रशासन को पारदर्शिता बनाए रखने का समय मिलेगा, बल्कि भौतिक सत्यापन और बैंक खातों की जांच भी ठीक ढंग से की जा सकेगी. शहरी स्त्रीओं की बदलती तस्वीर पहले यह माना जाता था कि जीविका समूह केवल ग्रामीण स्त्रीओं के लिए ही कारगर है. लेकिन ऑनलाइन आवेदन और बैंक ट्रांसफर की सुविधा ने शहरी स्त्रीओं को भी आकर्षित किया है. छोटे-छोटे कारोबार, घरेलू उद्योग और स्वरोजगार की दिशा में यह किस्त उनके लिए शुरुआती पूंजी की तरह काम करेगी. घर-घर जाकर जीविका कर्मचारी पहचान पत्र, बैंक पासबुक और अन्य कागजातों की जांच कर रहे हैं ताकि गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे. प्रशासनी रिकॉर्ड बताते हैं कि अब तक 75 लाख स्त्रीओं को कुल 7,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं. इस पैसे से स्त्रीएं अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, छोटे व्यापार कर रही हैं और धीरे-धीरे आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रही हैं. त्योहारों और चुनावी मौसम के बीच बिहार की स्त्रीओं के लिए जीविका योजना उम्मीद और आत्मनिर्भरता का नया दरवाजा खोल रही है. गांव हो या शहर, स्त्रीएं अब केवल समूह का हिस्सा बनने के लिए ही नहीं, बल्कि अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए भी इसमें शामिल हो रही हैं. 10,000 की पहली किस्त ने उन्हें यह विश्वास दिया है कि बदलाव की शुरुआत उनके हाथों से हो सकती है. Also Read: Flight Ticket Price Diwali: फ्लाइट टिकट ने ली उड़ान , दिवाली-दशहरा पर आसमान छू रहा पटना का किराया The post CM Women Employment Scheme: जीविका योजना के पहली किस्त के बाद गांव-शहर में मची होड़, 10 लाख नए आवेदन दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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Gandhi Jayanti 2025: महात्मा गांधी के सत्य-अहिंसा के विचारों को याद कर भेजें खूबसूरत शुभकामनाएं

Gandhi Jayanti 2025: हर साल 2 अक्टूबर को पूरे देश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती धूमधाम से मनाई जाती है. यह दिन महात्मा गांधी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें ‘राष्ट्रपिता’ और ‘बापू’ के नाम से भी पुकारा जाता है. सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर चलकर उन्होंने न केवल हिंदुस्तान को आज़ादी दिलाई बल्कि पूरे विश्व में शांति और एकता का संदेश भी दिया. गांधी जयंती का यह अवसर हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर सादगी, सत्य और प्रेम का मार्ग अपनाने की सीख देता है. इस खास दिन पर लोग सोशल मीडिया के जरिए अपने मित्रों और परिवारजनों को शुभकामनाएं भेजते हैं और बापू के विचारों को शेयर करते हैं. गांधी जयंती का यह दिन हमें याद दिलाता है कि जीवन में सच्चाई और ईमानदारी कितनी जरूरी है. गांधी जी ने कहा था – आप स्वयं वो बदलाव बनिए, जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं. – महात्मा गांधी आइए पढ़ें गांधी जयंती की कुछ खास शुभकामनाएं, जिन्हें आप अपनों को भेज सकते हैं- Happy Gandhi Jayanti 2025 Wishes, Quotes and Status: गांधी जयंती शुभकामना संदेश शायरी Gandhi jayanti 2025 गांधी जयंती पर शुभकामनाएंसत्य और अहिंसा का जो दीप जलाया,उससे ही हिंदुस्तान ने आज़ादी का सूरज पाया.गांधी जी की राह पर चलें हम सब सदा,आए हर दिल में प्यार और भाईचारा.गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं! 2. सादा जीवन, उच्च विचार,यही था बापू का उपहार.उनके दिखाए पथ पर हम चलें,शांति और प्रेम से जीवन को ढलें.गांधी जयंती पर शुभकामनाएं! 3. बापू ने हमें सिखाया था,सत्य-अहिंसा का मंत्र.उनकी सोच से ही तो,आज़ादी का हुआ आरंभ.गांधी जयंती मुबारक! 4. जिस धरती पर बापू ने जन्म लिया,वह भूमि कितनी पावन हुई.उनके आदर्शों से ही,हिंदुस्तान ने अहिंसा की राह चुनी.गांधी जयंती की शुभकामनाएं! 5. चलो मिलकर संदेश फैलाएं,सत्य और प्रेम से दिल जगाएं.गांधी जयंती पर प्रण करें हम,अहिंसा का दीप हर मन में जलाएं.Happy Gandhi Jayanti! Gandhi jayanti 2025 wishes, quotes and status: गांधी जयंती शुभकामना संदेश शायरी 6. सत्य की राह दिखाने वाले,अहिंसा का दीप जलाने वाले.बापू को हम नमन करें,उनके आदर्श जीवन में धरें.गांधी जयंती की शुभकामनाएं! 7. ना हथियार, ना ही संग्राम,सत्य-अहिंसा से पाया नाम.बापू की शिक्षाओं को याद करें,हर दिन उन्हें हम सलाम करें.Happy Gandhi Jayanti! 8. शांति और प्रेम का संदेश दिया,हर इंसान को समान समझना सिखाया.गांधी जयंती पर मिलकर बोलें,उनके सपनों को हम फिर से टोले.गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं! 9. सादा जीवन, गहरी सोच,बापू का जीवन है अनमोल संयोग.आओ उनके आदर्श अपनाएं,जीवन को सार्थक बनाएं.गांधी जयंती मुबारक! 10. हिम्मत से हर मुश्किल का सामना करो,सत्य के मार्ग पर चलकर जीना सीखो.बापू के संदेश को दिल में बसाएं,गांधी जयंती पर खुशियां मनाएं.Happy Gandhi Jayanti! गांधी जयंती हमें यह याद दिलाती है कि महात्मा गांधी केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं बल्कि मानवता और नैतिकता के प्रतीक भी थे. उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को सही दिशा दिखाते हैं. इस खास दिन पर हमें उनके सिद्धांतों को अपनाकर अपने जीवन को सार्थक बनाने का प्रयास करना चाहिए. Also Read: महात्मा गांधी पर 10 लाइन, बापू की जयंती से पहले जरूर देख लें Also Read: Gandhi Jayanti Best Wishes: भीतर का अहंकार छोड़, गांधी जयंती पर दोस्तों को WhatsApp करें ये 15 संदेश  The post Gandhi Jayanti 2025: महात्मा गांधी के सत्य-अहिंसा के विचारों को याद कर भेजें खूबसूरत शुभकामनाएं appeared first on Naya Vichar.

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Video : अयोध्या राम मंदिर के आरती का लाइव वीडियो देखें

Video : यूपी के अयोध्या राम मंदिर में इस बार दशहरा खास होने वाला है. संत-महंतों की उपस्थिति में रामलला का राज्याभिषेक किये जाने की तैयारी है. विशेष श्रृंगार और 56 भोग का आयोजन भी मंदिर में किया जाएगा. इस बीच आरती का वीडियो सामने आया है. देखें वीडियो. Watch Ram Lala’s aarti live from the sacred Ram Mandir in Ayodhya. 📺https://t.co/oeCA56v4cm#Ayodhya #RamAarti #RamMandir pic.twitter.com/8mJ50TTuqh — DD News (@DDNewslive) October 2, 2025 इस साल अयोध्या राम मंदिर में दशहरा बहुत खास होने जा रहा है. विजयदशमी पर पहली बार संत-महंतों की उपस्थिति में भगवान रामलला का राज्याभिषेक समारोह देखने को मिलेगा. पहले भगवान रामलला और प्रथम तल पर विराजित राजा राम का औषधीय द्रव्यों से अभिषेक कर विधिपूर्वक पूजन किया जाएगा. इसके बाद विशेष श्रृंगार किया जाएगा और 56 भोग अर्पित किए जाएंगे. फिर दोपहर 12 बजे राजभोग आरती होगी. यह समारोह भक्ति और परंपरा का अद्भुत अनुभव होगा. यह भी पढ़ें : अयोध्या बना वैश्विक धार्मिक स्थल, 5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन राम दरबार में क्या है खास अयोध्या राम मंदिर में भगवान राम और माता सीता की मूर्ति 4.5 फीट की है. लक्ष्मण और शत्रुघ्न भी 4.5 फीट के हैं और राम-सीता के पीछे स्थित हैं. भरत और हनुमान तीन-तीन फीट के हैं और राम के चरणों में बैठे दिखाई देते हैं. सभी मूर्तियां साढ़े तीन फीट के सिंहासन पर विराजमान हैं. राम दरबार में मूर्तियों के कपड़े और आभूषण बदले जाएंगे, हालांकि सभी में पहले से रंगीन वस्त्र और आभूषण उकेरे गए हैं. The post Video : अयोध्या राम मंदिर के आरती का लाइव वीडियो देखें appeared first on Naya Vichar.

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Shastra Puja 2025: दशहरा के दिन ही क्यों की जाती है शस्त्र पूजा, जानें यहां

Shastra Puja 2025: अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि यानी दशहरा का पर्व हर वर्ष उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. यह दिन केवल रावण पर भगवान राम की विजय के लिए नहीं बल्कि शस्त्र पूजन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. शस्त्र पूजा या आयुध पूजा का उद्देश्य जीवन में विजय, साहस और सफलता प्राप्त करने के लिए भगवान से आशीर्वाद लेना है. शस्त्र पूजा का महत्व प्राचीन काल में शस्त्रों की पूजा इसलिए की जाती थी क्योंकि इन्हीं हथियारों द्वारा दुश्मन पर विजय प्राप्त की जाती थी. जैसे माँ दुर्गा के चामुंडेश्वरी रूप ने महिषासुर का वध किया, उसी स्मरणार्थ आयुध पूजा की परंपरा आज भी जीवित है. इस दिन केवल तलवार, धनुष, भाले जैसे हथियार ही नहीं, बल्कि छोटी-छोटी चीज़ें जैसे पिन, कैंची, चाकू और आधुनिक युग में वाहन, मशीनें और उपकरण भी पूजा के दायरे में आते हैं. इस वर्ष का शुभ मुहूर्त सनातन परंपरा के अनुसार, इस साल आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 02 अक्टूबर 2025, गुरुवार के दिन पड़ रही है. शस्त्र पूजन का सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 02:09 से 02:56 बजे तक रहेगा. इसके अतिरिक्त 01:28 से 02:51 बजे तक भी पूजा की जा सकती है. इस समय किसी भी पूजा या कार्य को करने से अच्छे परिणाम मिलने की मान्यता है. परंपरा और अनुष्ठान विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजन की परंपरा इस विश्वास पर आधारित है कि भगवान राम ने रावण का वध करने से पहले अपने शस्त्रों की पूजा की थी. उसी तरह, शरद नवरात्रि के नौ दिनों की शक्ति उपासना के बाद दशमी तिथि पर शस्त्रों की आराधना जीवन में हर क्षेत्र में विजय की कामना के साथ की जाती है. लोग इस अवसर पर अपने हथियारों और उपकरणों को साफ़ करके तिलक लगाते हैं और उन्हें श्रद्धा से पूजते हैं. शस्त्र पूजा का आध्यात्मिक संदेश आयुध पूजा केवल हथियारों की पूजा नहीं है, बल्कि यह हमारी आंतरिक शक्ति, साहस और विजय की इच्छा का प्रतीक भी है. यह हमें याद दिलाती है कि मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं. पूजा के समय ध्यान रहे कि अपने शस्त्रों और उपकरणों की साफ़-सफाई और उचित सम्मान के साथ पूजा करना अनिवार्य है. इस दशहरे पर शस्त्र पूजा केवल परंपरा नहीं, बल्कि जीवन में साहस और विजय की भावना को मजबूत करने का प्रतीक है. The post Shastra Puja 2025: दशहरा के दिन ही क्यों की जाती है शस्त्र पूजा, जानें यहां appeared first on Naya Vichar.

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