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October 2, 2025

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आधा भारत नहीं जानता SIF क्या है? जान जाएगा तो लगा देगा 1 करोड़

SIF: एसआईपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और म्यूचुअल फंड मोटी कमाई करने और बेहतर रिटर्न करने के सबसे लोकप्रिय विकल्प हैं. लेकिन, अगर आपमें हाई रिस्क सहने की क्षमता है और आप मोटी रकम निवेश करना चाहते हैं, तो निवेश का एक और विकल्प है, जिसे ‘स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड’ (एसआईएफ) कहा जाता है. हालांकि, हिंदुस्तान के अधिकतर लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है. जो इस विकल्प को जानते हैं और हाई रिस्क के साथ मोटी कमाई करना चाहते हैं, वे इसके जरिए मोटी रकम निवेश कर रहे हैं. आइए, जानते हैं कि एसआईएफ क्या है और यह कैसे काम करता है? एसआईएफ क्या है? आदित्य बिड़ला कैपिटल की एक रिपोर्ट के अनुसार, एसआईएफ एक सेबी की ओर से पेश किया गया विनियमित निवेश उत्पाद है, जो पारंपरिक म्यूचुअल फंड्स से अधिक लचीलापन प्रदान करता है. यह विशेष रूप से उन निवेशकों के लिए डिजाइन किया गया है जो हाई रिस्क उठाने की क्षमता रखते हैं और बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं. एसआईएफ में निवेशकों को विशेष रणनीतियों के माध्यम से विविधीकरण, टैक्स बेनिफिट और हाई रिटर्न की संभावनाएं मिलती हैं. एसआईएफ कब पेश किया गया था? हिंदुस्तानीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 1 अप्रैल 2025 से एक नई निवेश श्रेणी की शुरुआत की है. यह म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस (पीएमएस) के बीच का अंतर भरने का प्रयास है, जिससे निवेशकों को अधिक लचीले और विविध निवेश विकल्प मिल सकें. एसआईएफ की खासियत क्या है? लचीलापन: एसआईएफ पारंपरिक म्यूचुअल फंड्स की तुलना में अधिक लचीले होते हैं, जिससे फंड मैनेजर्स को विभिन्न निवेश रणनीतियां अपनाने की आजादी मिलती है. हाई रिस्क और बंपर रिटर्न: यह उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है, जो हाई रिस्क सहने की क्षमता रखते हैं और बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं. विशेष रणनीतियां: एसआईएफ में निवेशकों को विभिन्न रणनीतियों के माध्यम से विविधीकरण, टैक्स बेनिफिट और बंपर रिटर्न की संभावनाएं मिलती हैं. एसआईएफ में निवेश की पात्रता क्या है? न्यूनतम निवेश: एसआईएफ में न्यूनतम निवेश 10 लाख रुपये है, जो इसे अमीर निवेशकों के लिए उपयुक्त है. निवेशकों की श्रेणी: यह उन निवेशकों के लिए डिजाइन किया गया है, जो हाई रिस्क सहने की क्षमता रखते हैं और बेहतर रिटर्न पाना चाहते हैं. क्या दूसरे निवेश विकल्पों से एसआईएफ बेहतर है? एसआईएफ: एसआईएफ (स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड) में न्यूनतम 10 लाख रुपये से निवेश किया जा सकता है. इसमें लचीलापन और जोखिम स्तर दोनों उच्च हैं और यह उच्च नेटवर्थ वाले निवेशकों के लिए उपयुक्त है. म्यूचुअल फंड: म्यूचुअल फंड में मात्र 5,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है. इसमें मध्यम लचीलापन और मध्यम जोखिम होता है. इसलिए यह सामान्य निवेशकों के लिए सबसे उपयुक्त है. पीएमएस: पीएमएस (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस) में न्यूनतम 50 लाख रुपये का निवेश आवश्यक है. इसका लचीलापन और जोखिम स्तर उच्च है और यह उच्च नेटवर्थ वाले निवेशकों के लिए उपयुक्त है. एआईएफ: एआईएफ (अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड) में निवेश के लिए न्यूनतम 1 करोड़ रुपये की जरूरत होती है. इसमें उच्च लचीलापन और उच्च जोखिम होता है और यह मुख्य रूप से संस्थागत निवेशकों के लिए डिजाइन किया गया है. एसआईएफ में निवेश कैसे करें? फंड हाउस का चयन: सेबी से अनुमोदित फंड हाउस का चयन करें, जो एसआईएफ प्रदान करते हैं. निवेश प्रक्रिया: फंड हाउस की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें और आवश्यक दस्तावेज पेश करें. निवेश की निगरानी: निवेश के बाद अपने पोर्टफोलियो की नियमित निगरानी करें और आवश्यकतानुसार एडजस्ट करें. इसे भी पढ़ें: 3 अक्टूबर को शेयर बाजार में धमाल मचाएगा वीवर्क इंडिया का आईपीओ, एंकर निवेशकों से जुटाए 1,348 करोड़ रुपये निवेशकों को बंपर रिटर्न दिलाता है एसआईएफ सेबी द्वारा पेश किया गया एसआईएफ एक महत्वपूर्ण कदम है, जो निवेशकों को अधिक लचीले और विविध निवेश विकल्प प्रदान करता है. यह हाई रिस्क सहने की क्षमता रखने वाले निवेशकों के लिए उपयुक्त है, जो बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं. हालांकि, एसआईएफ में निवेश करने से पहले, निवेशकों को अपनी जोखिम सहने की क्षमता और निवेश लक्ष्यों का मूल्यांकन करना चाहिए. इसे भी पढ़ें: Nuvama Mutual Fund: बाजार में सबकी वाट लगाने आ रहा एक नया म्यूचुअल फंड, सेबी से मिल गई है मंजूरी The post आधा हिंदुस्तान नहीं जानता SIF क्या है? जान जाएगा तो लगा देगा 1 करोड़ appeared first on Naya Vichar.

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Bareilly violence: विजयादशमी पर बरेली में हाई अलर्ट, 48 घंटे और बढ़ी इंटरनेट पर लगी पाबंदी, भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात

Bareilly violence: दुर्गा पूजा और विजयादशमी को लेकर बरेली में सुरक्षा के टाइट इंतजाम हैं. बरेली मंडल के चार जिलों में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त भी किये गये हैं. बवाल के बाद बरेली में मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाओं पर लगी पाबंदी अगले 48 घंटे के लिए और बढ़ा दी गयी है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया है, ड्रोन के जरिये निगरानी की जा रही है. बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कोतवाली क्षेत्र की एक मस्जिद के बाहर दो हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ जमा हो गई थी. इस दौरान हुए पथराव और लाठीचार्ज में कुछ पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गये थे. हिंसा के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. साथ ही भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. बरेली में हाई अलर्ट मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि बरेली में हाल में हुई हिंसा के बाद आज (2 अक्टूबर) दशहरे के त्योहार को देखते हुए बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि गृह विभाग के गोपनीय अनुभाग-3 की ओर से जारी अधिसूचना के तहत जिले में मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं अगले 48 घंटे के लिए निलंबित कर दी गई हैं. उन्होंने कहा कि यह आदेश दो अक्टूबर दोपहर तीन बजे से चार अक्टूबर दोपहर तीन बजे तक प्रभावी रहेगा. गृह विभाग के सचिव गौरव दयाल ने आदेश में कहा कि हालात को देखते हुए सोशल मीडिया मंचों जैसे फेसबुक, यूट्यूब, व्हाट्सऐप और मैसेजिंग सिस्टम के दुरुपयोग से अफवाह फैलने और सांप्रदायिक तनाव भड़कने की आशंका है, ऐसे में जिले में शांति-व्यवस्था बनाये रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है. पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने का निर्देश मंडलायुक्त चौधरी ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों- रामलीला, दुर्गा पूजा मेलों और रावण दहन कार्यक्रमों के दौरान सतर्क रहने के विशेष निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि विजयादशमी और उससे जुड़े त्योहारों के शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन कड़ी निगरानी रख रहा है. चौधरी ने अधिकारियों को शरारती तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए और कर्तव्य में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा ‘सभी जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें. किसी भी तरह की चूक पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’ अधिकारियों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है. सशस्त्र पुलिस बल भी तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर सशस्त्र पुलिस बल तैनात किये गए हैं. उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह से पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं ताकि बरेली में हुई घटना जैसी कोई वारदात पड़ोसी जिलों में न हो. निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किये गये हैं. बरेली में 26 सितंबर को हुई हिंसा के सिलसिले में बुधवार तक 81 लोगों को गिरफ्तार किया गया. बता दें , ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां की ओर से प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को रद्द किये जाने के बाद हिंसा शुरू हुई. The post Bareilly violence: विजयादशमी पर बरेली में हाई अलर्ट, 48 घंटे और बढ़ी इंटरनेट पर लगी पाबंदी, भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात appeared first on Naya Vichar.

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Bihar: थर्मल पावर प्लांट के खिलाफ पीरपैंती पहुंचे दीपांकर भट्टाचार्य, बोले- किसानों के साथ अन्याय कर रही सरकार 

Bihar, असद अशरफी, कहलगांव ( भागलपुर): कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने पीरपैंती में प्रस्तावित थर्मल पावर प्लांट के लिए अधिग्रहित जमीन का भौतिक निरीक्षण करने पीरपैंती पहुंचे.इस दौरान उन्होंने किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को बारीकी से सुना.उन्होंने  प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि  प्रशासन बंजर भूमि बताकर किसानों की उपजाऊ जमीन छीन रही है, जबकि यहां वर्षों से फसल होती है और लाखों पेड़-पौधे लगे हुए हैं. किसानों को प्रशासन ने क्यों किया गुमराह: भट्टाचार्य भट्टाचार्य ने  साथ ही कहा कि प्रशासन ने अडानी पावर कंपनी को महज एक रुपये की लीज़ पर हजारों एकड़ जमीन सौंप दी है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह जमीन उपजाऊ है तो इसे बंजर बताकर किसानों को क्यों गुमराह किया गया है. अब तक किसी भी किसान को नहीं मिला मुआवजा   उन्होंने आगे कहा कि किसानों से जमीन अधिग्रहित कर ली गई, यहां तक कि प्लांट का शिलान्यास भी कर दिया गया, लेकिन अब तक किसी भी किसान को वास्तविक मुआवजा राशि नहीं मिली है. अलग-अलग किसानों की जमीन अलग-अलग दरों पर ली गई है और कमजोर व गरीब किसानों को बहुत कम दाम पर जमीन से बेदखल किया गया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें किसानों के धमकी दे रही प्रशासन  उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना की जद में सैकड़ों घर आ रहे हैं, लेकिन उनके मालिकों को अबतक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है. उल्टे प्रशासन और प्रशासन बार-बार उन्हें घर खाली करने की धमकी दे रहे हैं. मौके पर घोषी के विधायक रामबली सिंह यादव, पूर्व विधायक मनोज मंजिल, राजद नगर अध्यक्ष जानिसार असलम,  सहित कई नेतृत्वक व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे. विपक्ष के नेताओं ने एकजुट होकर किसानों की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया और कहा कि यदि प्रशासन ने किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा. इसे भी पढ़ें: Bihar Elections 2025: बिहार में चुनाव की उलटी गिनती शुरू! अगले हफ्ते हो सकता है तारीखों का ऐलान The post Bihar: थर्मल पावर प्लांट के खिलाफ पीरपैंती पहुंचे दीपांकर भट्टाचार्य, बोले- किसानों के साथ अन्याय कर रही प्रशासन  appeared first on Naya Vichar.

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IIT मद्रास से लेकर Microsoft तक, जानिए नये Windows चीफ पवन दवुलुरी की प्रेरक कहानी

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने Windows डिवीजन में बड़ा बदलाव करते हुए हिंदुस्तानीय मूल के पवन दवुलुरी (Pavan Davuluri) को Windows और Devices का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. IIT मद्रास से पढ़े और 2001 से माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े दवुलुरी अब कंपनी के AI-ड्रिवन Windows विजन को आगे बढ़ाएंगे. कौन हैं पवन दवुलुरी? पवन दवुलुरी ने IIT मद्रास से स्नातक और यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड से मास्टर्स किया 2001 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े और Surface डिवाइसेस औरव Windows OS के विकास में अहम भूमिका निभाई 2023 में Panos Panay के जाने के बाद उन्होंने Windows और हार्डवेयर टीम की जिम्मेदारी संभाली अब उन्हें Windows और Devices का प्रेसिडेंट बनाया गया है. Windows में क्या बदलाव आएंगे? पहले Windows की इंजीनियरिंग टीम Azure और Devices में बंटी हुई थी अब सभी को एकीकृत कर दिया गया है, जिससे निर्णय तेज़ और स्पष्ट होंगे Windows को “Agentic OS” में बदला जाएगा, जिसमें AI यूजर की जरूरतों को समझेगा और स्मार्ट सुझाव देगा. यूजर्स को क्या मिलेगा? AI आधारित फीचर्स से Windows अब ज़्यादा समझदार और इंट्यूटिव होगा डिवाइसेस के बीच बेहतर इंटीग्रेशन और स्मार्ट अपडेट्स मिलेंगे यह बदलाव Windows को एक नए युग में ले जाएगा, जहां OS खुद यूजर की मदद करेगा. Who Is Pavan Davuluri: FAQs Q1. पवन दवुलुरी कौन हैं? IIT मद्रास के पूर्व छात्र और माइक्रोसॉफ्ट के लंबे समय से जुड़े इंजीनियर हैं. Q2. Agentic OS का मतलब क्या है? ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम जो AI से यूजर की जरूरतों को समझे और स्मार्ट तरीके से काम करे. Q3. Windows में क्या नए फीचर्स आएंगे? AI आधारित सुझाव, बेहतर डिवाइस इंटीग्रेशन और स्मार्ट अपडेट्स. Q4. क्या यह बदलाव यूजर्स के लिए फायदेमंद होगा? हां, इससे Windows ज़्यादा तेज, स्मार्ट और यूजर-फ्रेंडली बनेगा. Windows 11 का यह एडिशन बंद कर रही माइक्रोसॉफ्ट, आपके कंप्यूटर पर इसका क्या असर होगा? Windows 11 के लिए Microsoft लायी Adaptive Energy Saver फीचर, इससे लैपटॉप की बैटरी चलती जाएगी The post IIT मद्रास से लेकर Microsoft तक, जानिए नये Windows चीफ पवन दवुलुरी की प्रेरक कहानी appeared first on Naya Vichar.

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कटिहार: दशहरे की खुशियां मातम में बदली, गंगा नदी में पलटी नाव, 5 लोग डूबे, 2 लापता

कटिहार जिले के कुरसेला प्रखंड स्थित कोसी गंगा के संगम तट पर गुरुवार को छोटी नाव (डेंगी) तेज हवा में नदी में डुब गई. नाव पर सवार पांच किसानों में तीन तैर कर बाहर निकले. जबकि दो किसान नदी में लापता हैं. नदी में लापता किसानों का नाविकों व गोताखोरों की सहायता से खोज जारी था. किसान पत्थल टोला से डैंगी पर सवार होकर गंगा पार दियारा खेसारी फसल की बुआई करने जा रहे थे. बताया गया कि दियारा के तट के करीब पहुंच कर तेज हवा से नाव पलटी खा गया.  तीन किसान नदी से तैर कर बाहर निकले  नदी में लापता किसानों में कुरसेला थाना क्षेत्र के संतलाल सहनी (70) खेरिया सहनी टोला, फुलेश्वर मंडल (65) खेरिया निवासी शामिल हैं. किसान इंदल मंडल, वकील चौधरी व अन्य एक किसान नदी के उफनती धारा से तैर कर बाहर निकल आये.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें किसानों की खोज जारी  घटना को लेकर खेरिया घाट पर लोगों की भीड़ जुट गयी. माना जा रहा है कि नदी के तेज बहाव में लापता दोनों किसान तैर कर गंगा में दूर बह गये है. खैरिया घाट पर मौजूद राजस्व कर्मचारी आकाश कुमार ने बताया कि लापता किसान के बरामदगी के लिये नावों व गोताखोर के सहयोग से तलाश किया जा रहा है. समाचार प्रेषण तक लापता किसान बरामद नहीं हो सके थे. इसे भी पढ़ें: Bihar: राहुल गांधी के लिए तेज प्रताप ने कही बड़ी बात, इशारों में समझ पर उठाया सवाल! The post कटिहार: दशहरे की खुशियां मातम में बदली, गंगा नदी में पलटी नाव, 5 लोग डूबे, 2 लापता appeared first on Naya Vichar.

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अलका तिवारी ने झारखंड की पहली महिला राज्य निर्वाचन आयुक्त का पदभार संभाला, पति डीके तिवारी के बाद बनीं 8वीं SEC

Table of Contents 30 सितंबर को मुख्य सचिव के पद से हुईं रिटायर 1 अक्टूबर को राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर हुई नियुक्ति 2 अक्टूबर को अलका तिवारी ने संभाला SEC का पद पहली स्त्री आईएएस हैं, जो झारखंड में राज्य निर्वाचन आयुक्त बनीं हैं झारखंड के अब तक के राज्य निर्वाचन आयुक्त Alka Tiwari Assumes Office of SEC Jharkhand: झारखंड की रिटायर्ड मुख्य सचिव अलका तिवारी ने राज्य के 8वें राज्य निर्वाचन आयुक्त (State Election Commissioner) के रूप पदभार संभाल लिया है. उन्होंने विजयदशमी के दिन 2 अक्टूबर 2025 को राजधानी रांची के रातू रोड स्थित राज्य निर्वाचन आयुक्त (SEC) कार्यालय में पदभार ग्रहण किया. इसके पहले उनके पति और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव डीके तिवारी राज्य निर्वाचन आयुक्त थे. डीके तिवारी ने 12 फरवरी 2021 को पदभार संभाला था और 13 अगस्त 2024 तक इस पद पर रहे. इसके बाद से यह पद रिक्त था. 30 सितंबर को मुख्य सचिव के पद से हुईं रिटायर अलका तिवारी 30 सितंबर को झारखंड के मुख्य सचिव के पद से रिटायर हुईं थीं. उनके विदाई समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत तमाम वरीय पदाधिकारी मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने उसी दिन घोषणा कर दी थी कि अलका तिवारी के अनुभव का ला आने वाले दिनों में राज्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में लिया जायेगा. 1 अक्टूबर को राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर हुई नियुक्ति मुख्यमंत्री की इस घोषणा के अगले ही दिन यानी 1 अक्टूबर 2025 को अलका तिवारी को झारखंड को राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किये जाने की अधिसूचना जारी कर दी गयी. अलका तिवारी 1988 बैच की झारखंड कैडर की हिंदुस्तानीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी हैं. उन्होंने झारखंड में विभिन्न पदों पर योगदान दिया है. उनके पति डीके तिवारी भी झारखंड के मुख्य सचिव और राज्य निर्वाचन आयुक्त रह चुके हैं. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 2 अक्टूबर को अलका तिवारी ने संभाला SEC का पद अलका तिवारी से पहले झारखंड को 7 राज्य निर्वाचन आयुक्त मिले. सबसे पहले बी लाल वर्ष 2001 में इस पद पर नियुक्त किये गये थे. वह वर्ष 2004 तक इस पद पर रहे. इसके बाद क्रमश: जी कृष्णन, एमके मंडल, एसडी शर्मा, शिव बसंत, एनएन पांडेय और डॉ डीके तिवारी राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाये गये. पहली स्त्री आईएएस हैं, जो झारखंड में राज्य निर्वाचन आयुक्त बनीं हैं अब अलका तिवारी को 4 साल तक इस पद पर काम करने का मौका मिलेगा, क्योंकि उनका कार्यकाल 4 साल तय किया गया है. हालांकि, अगर इससे पहले उनकी उम्र 65 साल हो जाती है, तो उन्हें उसी वक्त यह पद छोड़ देना पड़ेगा. अलका तिवारी पहली स्त्री आईएएस अधिकारी हैं, जिन्हें झारखंड का राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाया गया है. झारखंड के अब तक के राज्य निर्वाचन आयुक्त झारखंड के अब तक के राज्य निर्वाचन आयुक्तों के नाम राज्य निर्वाचन आयुक्त के पदभार संभालने की तारीख रिटायर होने या पदभार छोड़ने की तारीख बी लाल 14.05.2001 15.05.2004 जी कृष्णन 01.10.2004 12.12.2006 एमके मंडल 15.05.2007 15.05.2010 एसडी शर्मा 16.05.2010 14.07.2013 शिव बसंत 11.02.2014 07.07.2016 एनएन पांडेय 16.06.2017 15.06.2020 डॉ डीके तिवारी 12.02.2021 11.02.2024 अलका तिवारी 02.10.2025 Source : State Election Commission Jharkhand इसे भी पढ़ें जयंती पर याद किये गये गांधी और शास्त्री, झारखंड के गवर्नर संतोष गंगवार और सीएम हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि महात्मा गांधी की झारखंड यात्रा के 100 साल, विद्यार्थी के चरित्र निर्माण में आज भी प्रासंगिक ‘सत्य के प्रयोग’ रावण दहन पर बारिश का साया, रांची समेत झारखंड के 11 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट सारंडा के जंगल में एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान कोबरा 209 बटालियन के जवान को सांप ने काटा, मौत The post अलका तिवारी ने झारखंड की पहली स्त्री राज्य निर्वाचन आयुक्त का पदभार संभाला, पति डीके तिवारी के बाद बनीं 8वीं SEC appeared first on Naya Vichar.

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Kantara: Chapter 1: जाट डायरेक्टर गोपीचंद मालिनेनी ने ऋषभ शेट्टी की फिल्म का किया रिव्यू, बोले- मास्टपीस काम करने के लिए बधाई

Kantara Chapter 1: ऋषभ शेट्टी की ओर से निर्देशित ‘कांतारा चैप्टर 1’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से जबरदस्त रिस्पांस मिला है और यह बंपर ओपनिंग करने के लिए पूरी तरह तैयार है. जूनियर एनटीआर से लेकर कई बड़े साउथ स्टार ने मूवी की जमकर तारीफ की. इधर सोशल मीडिया पर भी नेटिजन्स इसे ब्लॉकबस्टर और मस्ट वॉच कर रहे हैं. मूवी के विजुअल और वीएफएक्स की भी तारीफ हो रही है. अब जाट के डायरेक्टर गोपीचंद मालिनेनी ने ‘कांतारा चैप्टर 1 का रिव्यू किया. जाट डायरेक्टर गोपीचंद मालिनेनी ने ‘कांतारा चैप्टर 1 का किया रिव्यू जाट डायरेक्टर गोपीचंद मालिनेनी ने कांतारा चैप्टर 1 का रिव्यू करते हुए एक्स पर लिखा, ‘’#KantaraChapter1 एक खूबसूरत सिनेमाई अनुभव है… मुझे इस यूनिवर्स,  इसके किरदारों और इस ग्रैंड तमाशे का हर पहलू बेहद पसंद आया… @shetty_rishab garu को एक्टिंग और निर्देशन, दोनों में मास्टपीस काम करने के लिए बधाई. @rukminitweets शानदार हैं और DOP #ArvindKashyap का काम अद्भुत है. पूरी टीम को बधाई. @hombalefilms, @AJANEESHB, #DivineBlockbusterKantara.’’ ऋषभ शेट्टी ने इस तारीफ को स्वीकार किया और लिखा, ‘’थैंक्यू.’’ #KantaraChapter1 is a beautiful cinematic experience. Absolutely loved the world, the characters, and every bit of this grand spectacle.Kudos to @shetty_rishab garu for excelling in both acting & direction, @rukminitweets is brilliant and DOP #ArvindKashyap’s work is… — Gopichandh Malineni (@megopichand) October 2, 2025 जूनियर एनटीआर ने कांतारा चैप्टर 1 को लेकर क्या कहा तेलुगु सिनेमा के सुपरस्टार जूनियर एनटीआर ने ‘कांतारा: चैप्टर 1’ के लिए पूरी टीम को बधाई दी. जूनियर एनटीआर ने लिखा, “#कांताराचैप्टर1 की टीम को शानदार सफलता के लिए बधाई…. @shetty_rishab सर ने एक अद्भुत अभिनेता और एक शानदार निर्देशक के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके अकल्पनीय कर दिखाया…ऋषभ सर के विजन का निडरता से समर्थन करने के लिए @hombalefilms के साथ-साथ पूरी कास्ट और क्रू को मेरी शुभकामनाएं.” ऋषभ शेट्टी की ओर से लिखित, निर्देशित और अभिनीत, ‘कांतारा: चैप्टर 1’ कदंब राजवंश के दौरान घटित मिथकों, परंपराओं और पैतृक संघर्षों की पड़ताल करती है. यह फिल्म 2 अक्टूबर को दुनिया भर में रिलीज हुई. इसकी बॉक्स ऑफिस पर टक्कर वरुण धवण की सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी से हो रही है. यह भी पढ़ें- Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Box Office Day 1: वरुण धवण की फिल्म हिट हुई या फेल, ओपनिंग डे का कलेक्शन है चौंकाने वाला The post Kantara: Chapter 1: जाट डायरेक्टर गोपीचंद मालिनेनी ने ऋषभ शेट्टी की फिल्म का किया रिव्यू, बोले- मास्टपीस काम करने के लिए बधाई appeared first on Naya Vichar.

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मछलियां बेची, मिस्त्री का किया काम, फिर पान की दुकान चलाते हुए लिख दी 12 किताबें

Pintu Pohan Success Story: पिंटू का जीवन संघर्षों से भरा रहा. उन्होंने दसवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ दिया और जीविका के लिए मछली, फूल बेचे, मिस्त्री का काम किया और इलेक्ट्रिशियन की नौकरी की. कभी-कभी पिंटू पोहान (Pintu Pohan) के पास एक दिन में सिर्फ 30 रुपये ही आते थे. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हमेशा अपनी लेखनी को थामे रखा. Pintu Pohan Success Story: 1500 रुपये में खोली दुकान 1998 में उन्होंने सिर्फ 1,500 रुपये से अपनी पान की दुकान शुरू की. यही दुकान उनका काम और उनकी लिखने की जगह दोनों बन गई. लोगों ने उन्हें पान की दुकान में लिखते देखकर हंसी उड़ाई, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. “मैंने हमेशा लिखा, चाहे सुपारी और धुएँ के बीच ही क्यों न हो,” पिंटू ने साझा किया. कड़ी मेहनत और लगन के साथ उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू की. उन्होंने ग्रेजुएशन और बंगाली में मास्टर्स की डिग्री पूरी की, जबकि 16 घंटे की शिफ्ट में काम करते रहे. इसी दौरान उनके छोटे-छोटे लेख और कविताएं धीरे-धीरे पाठकों तक पहुंचने लगीं. मशहूर हुई किताबें उनकी किताबें अब बच्चों के बीच लोकप्रिय हैं. Thakurdar Ascharya Galpo, Parulmashir Chagolchana और Jhinook Kumar बच्चों के बीच पसंदीदा किताबें बन गई हैं. पिंटू के लेखन ने न सिर्फ उन्हें पहचान दिलाई बल्कि उनके परिवार के जीवन में भी स्थिरता लाई. आज पिंटू अपनी पत्नी, कॉलेज में पढ़ रही बेटी और स्कूल जाने वाले बेटे का पालन-पोषण कर रहे हैं. इसके बावजूद वह ग्राहकों के बीच समय निकालकर लिखते रहते हैं. उनका मानना है कि गरीबी अपराध नहीं है, असली अपराध अपने सपनों को छोड़ देना है. पिंटू पोहान की कहानी हमें यह सिखाती है कि संघर्ष चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर हिम्मत और लगन साथ हो तो सफलता अवश्य मिलती है. पान की दुकान से लेखक तक का उनका सफर यह साबित करता है कि कठिनाइयां केवल हमें मजबूत बनाती हैं और सपने हमेशा साकार हो सकते हैं. यह भी पढ़ें: 16 की उम्र में शादी, ससुराल में पिटाई, घरेलू हिंसा से लड़ते हुए सविता बनीं कमिश्नर The post मछलियां बेची, मिस्त्री का किया काम, फिर पान की दुकान चलाते हुए लिख दी 12 किताबें appeared first on Naya Vichar.

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Zoho Arattai ऐप बना WhatsApp किलर, लेकिन क्या आपकी चैट सुरक्षित है?

हिंदुस्तान में डिजिटल आत्मनिर्भरता की लहर के बीच Zoho Corporation का देसी मैसेजिंग ऐप Arattai तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. “Made in India, Made for the World” के नारे के साथ Arattai ने WhatsApp को टक्कर देने की ठानी है. लेकिन जहां एक ओर डाउनलोड्स और यूजर्स की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है, वहीं दूसरी ओर प्राइवेसी को लेकर चिंता भी बढ़ रही है. क्यों बढ़ रही है Arattai की लोकप्रियता? Arattai का मतलब तमिल में “चिट-चैट” होता है 2021 में लॉन्च हुआ यह ऐप अब हिंदुस्तान के टॉप ऐप्स में शामिल हो चुका है डेटा प्राइवेसी, ग्लोबल सर्विलांस और टेक सॉवरेन्टी के मुद्दों पर लोगों की जागरूकता ने इसे बढ़ावा दिया केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इसे अपनाने की अपील की टेक विशेषज्ञ Vivek Wadhwa ने इसे “India’s WhatsApp Killer” बताया. प्राइवेसी पर सवाल: E2EE की कमी Arattai खुद को प्राइवेसी-फर्स्ट ऐप बताता है लेकिन फिलहाल इसमें टेक्स्ट चैट्स के लिए डिफॉल्ट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) नहीं है WhatsApp, Signal और Telegram जैसी ऐप्स यह सुविधा पहले से देती हैं. बढ़ती मांग से जूझता इंफ्रास्ट्रक्चर Zoho ने माना है कि अचानक बढ़े ट्रैफिक से OTP डिले, कॉन्टैक्ट सिंक स्लो और साइन-अप में लैग जैसी समस्याएं आ रही हैं कंपनी ने इमरजेंसी आधार पर सर्वर विस्तार शुरू कर दिया है. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) Q1: क्या Arattai WhatsApp से बेहतर है? A: फीचर्स में अभी WhatsApp आगे है, लेकिन Arattai का देसी और प्राइवेसी-फोकस्ड अप्रोच इसे खास बनाता है. Q2: क्या Arattai में चैट्स सुरक्षित हैं? A: फिलहाल टेक्स्ट चैट्स में डिफॉल्ट E2EE नहीं है, जो एक चिंता का विषय है. Q3: क्या Arattai पूरी तरह हिंदुस्तानीय ऐप है? A: हां, यह Zoho Corporation द्वारा विकसित एक पूर्णतः हिंदुस्तानीय ऐप है. Zoho Arattai वो फीचर लाया जो WhatsApp ने अभी तक नहीं दिया देसी मैसेजिंग ऐप Arattai का कमाल, App Store पर बना नंबर 1, WhatsApp को दे रहा सीधी टक्कर! The post Zoho Arattai ऐप बना WhatsApp किलर, लेकिन क्या आपकी चैट सुरक्षित है? appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

गांधी जयंती के अवसर पर जिला गंगा समिति एवं नगर निगम के संयुक्त तत्वाधान में स्वच्छ भारत दिवस कार्यक्रम आयोजित

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – गांधी जयंती के अवसर पर जिला गंगा समिति जिला प्रशासन समस्तीपुर एवं नगर निगम समस्तीपुर के संयुक्त तत्वाधान में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत “स्वच्छ हिंदुस्तान दिवस कार्यक्रम” का आयोजन बूढ़ी गंडक नदी के किनारे खाटू श्याम मंदिर के समीप प्रसाद घाट पर आयोजित किया गया।उक्त कार्यक्रम में श्री ज्ञान प्रकाश नगर आयुक्त समस्तीपुर, नीरजेश कुमार डीपीओ नमामि गंगे समस्तीपुर,विवेक कुमार स्वच्छता पदाधिकारी नगर निगम समस्तीपुर,स्वच्छता कर्मी, स्वयंसेवकों इत्यादि द्वारा घाटों की सफाई की गई।डीपीओ नमामि गंगे द्वारा सभी को नदियों एवं जलाशयों को स्वच्छ रखने हेतु सामूहिक रूप से स्वच्छता हेतु शपथ दिलाया गया एवं नदियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु स्वच्छता कर्मी के बीच कपड़े के थैले का वितरण किया गया। साथ ही नदियों को स्वच्छ एवं अविरल बनाने हेतु हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।नगर आयुक्त द्वारा नदियों एवं जलाशयों में कचरा नहीं डालने को लेकर आमजनों से अपील की गई।स्वच्छता अभियान में सफाई इंस्पेक्टर मनोज कुमार, मो अलिशेर, विपिन कुमार,सफाई जमादार मो हाफिज,बबलू कुमार, वार्ड सुपरवाइजर रूपेश कुमार,वार्ड जमादार लखींद्र पासवान,बिजली पासवान, स्वयंसेवक अमन कुमार इत्यादि ने अपना बहुमूल्य योगदान किया।

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