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October 4, 2025

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दुकान में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, लाखों का नुकसान

मोहनिया शहर. स्थानीय शहर के वार्ड सात स्थित स्टूवरगंज बाजार में शुक्रवार की रात शॉर्ट सर्किट से एक आभूषण दुकान में आग लग गयी, जिससे लाखों का नुकसान हुआ है. स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया. घटना के संबंध में पीड़ित दुकानदार पप्पू कुमार ने बताया कि हमें फोन से जानकारी मिली कि दुकान में आग लग गयी है, जब तक लोग आग बुझाते, दुकान का अधिकांश सामान जल चुका था. इधर, आग लगने की सूचना दमकल विभाग को भी दी गयी, लेकिन स्टूवरगंज में रास्ता संकरा होने के कारण दमकल की गाड़ी दुकान तक नहीं पहुंच सकी. इस संबंध में दमकल विभाग के अधिकारी वीरेश कुमार ने बताया हमें देर रात सूचना मिली कि स्टूवरगंज बाजार में एक दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गयी है. हमने तुरंत दमकल की गाड़ी भेजी, लेकिन बाजार का रास्ता इतना तंग और अवरुद्ध था कि वाहन दुकान तक नहीं जा सका. मौके पर पहुंचने के बाद पाया कि आसपास के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पा लिया था. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post दुकान में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, लाखों का नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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कार्यपालक सहायक व आइटी सहायकों के सामूहिक अवकाश पर जाने से लोगों की बढ़ी परेशानी

मोहनिया सदर. कार्यपालक सहायक व आइटी सहायकों के सामूहिक अवकाश पर जाने से अंचल मुख्यालय से लेकर पंचायत मुख्यालय में संचालित होने वाले आरटीपीएस काउंटर से आय, जाति, निवास, जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र व राशन कार्ड सहित लोगों को मिलने वाली तमाम तरह की सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गयी हैं. इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इन दो दिनों में उक्त सेवाओं से संबंधित लगभग 2500 आवेदन लंबित पड़े हैं. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्य भर के सभी आइटी सहायक व कार्यपालक सहायक सामूहिक अवकाश पर चले गये हैं, जो अपनी मांगों को लेकर पटना में प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए नारेबाजी कर रहे हैं. हालांकि, इनके दो दिन के सामूहिक अवकाश पर जाने से आरटीपीएस काउंटर से मिलने वाली सभी सेवाएं पूरी तरह बाधित है, जिससे खासकर उन युवाओं को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. जिनको आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र की सख्त जरूरत है. यदि प्रशासन इनकी मांगों पर अमल नहीं करती है तो सोमवार से सभी आइटी सहायक व कार्यपालक सहायक अपने संघ के आह्वान पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाने से संबंधित पत्र वरीय पदाधिकारी को भी सौंप चुके हैं. हालांकि, इनकी मांगों को लेकर प्रशासन और इन कर्मियों के बीच चल रही रस्साकशी में आरटीपीएस काउंटर से मिलने वाली तमाम सेवाओं से जुड़े लोग ही पिस रहे हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कार्यपालक सहायक व आइटी सहायकों के सामूहिक अवकाश पर जाने से लोगों की बढ़ी परेशानी appeared first on Naya Vichar.

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MBBS-BDS के लिए नीट काउंसलिंग राउंड 3 में 138 नई सीटें, जल्द करें रजिस्ट्रेशन

MCC NEET UG Counseling 2025: नीट यूजी 2025 के बाद MBBS-BDS की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक अहम अपडेट आया है. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने NEET UG राउंड 3 काउंसलिंग 2025 के लिए सीट मैट्रिक्स जारी कर दी है. इस बार MBBS और BDS कोर्सेज में 138 नई सीटें जोड़ी गई हैं. अगर आप मेडिकल एडमिशन का सपना देख रहे हैं, तो यह मौका आपके लिए बेहद खास हो सकता है. यहां आप डिटेल में राउंड 3 का प्रोसेस और बढ़ी सीटों की जानकारी पीडीएफ में देखें. MCC NEET UG Counseling 2025: कितनी सीटें उपलब्ध हैं? MCC द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, MBBS और BDS कोर्सेस में कुल 138 नई सीटें जोड़ी गई हैं. राउंड 3 की काउंसलिंग में 4,821 सीटें क्लियर वेकेंसी के तहत हैं. वहीं, 10,737 सीटें वर्चुअल वेकेंसी में शामिल की गई हैं. इस तरह कुल मिलाकर 15,796 उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया आयोजित की जा रही है. MCC NEET UG Counseling 2025: रजिस्ट्रेशन कब तक करना है? जो भी छात्र NEET UG 2025 राउंड 3 काउंसलिंग में शामिल होना चाहते हैं, उनके लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 5 अक्टूबर 2025 है. यानी आपके पास अब सिर्फ कल तक का समय है. छात्र MCC की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. यह भी पढ़ें- Bihar NEET UG Counseling 2025: बिहार नीट Round 3 Registration और शेड्यूल जारी, देखें पूरी डिटेल MCC NEET UG Counseling 2025: कब शुरू हुई थी काउंसलिंग? NEET UG 2025 राउंड 3 काउंसलिंग प्रक्रिया 27 सितंबर 2025 से शुरू हो चुकी है. जो उम्मीदवार NEET UG 2025 क्वालिफाई कर चुके हैं, वे इस राउंड में भाग लेकर अपनी पसंदीदा मेडिकल सीट हासिल करने का मौका पा सकते हैं.

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Kartik Month 2025 Start Date: कब से शुरू हो रहा है कार्तिक मास? इस महीने करें ये काम, मिलेगी भगवान विष्णु की कृपा, दूर होंगे सारे दुख

Kartik Month 2025 Start Date: कार्तिक मास भगवान विष्णु को समर्पित है. यह हिंदू कैलेंडर का आठवां महीना है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु चार महीनों की निद्रा के बाद इस समय जागते हैं और जल में निवास करते हैं. कहा जाता है कि इस समय भगवान विष्णु की आराधना करने से लालच, वासना और अहंकार का नाश होता है. साल 2025 में कब से शुरू होगा कार्तिक मास? साल 2025 में कार्तिक मास 8 अक्टूबर 2025 (बुधवार) से शुरू हो रहा है और इसका समापन 5 नवंबर 2025 को होगा. इस महीने पूजा-पाठ और दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ और फलदायक माना जाता है. कार्तिक मास में क्या करना चाहिए? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए.संध्या के समय तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है. इसके साथ ही इस महीने दान-पुण्य के कार्य करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है तथा नकारात्मकता का नाश होता है.इसके अलावा, जीवन में खुशहाली और सौभाग्य भी बढ़ता है. कार्तिक मास में स्नान का महत्व हिंदू धर्म में कार्तिक मास को अत्यंत पवित्र महीना माना गया है. इस महीने ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस समय भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागकर जल में निवास करते हैं.इसलिए कार्तिक मास में प्रातःकाल स्नान करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है और शरीर व मन दोनों की शुद्धि होती है. Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. यह भी पढ़े: Valmiki Jayanti 2025: इस साल कब मनाई जाएगी वाल्मीकि जयंती, जानें सही तिथि The post Kartik Month 2025 Start Date: कब से शुरू हो रहा है कार्तिक मास? इस महीने करें ये काम, मिलेगी भगवान विष्णु की कृपा, दूर होंगे सारे दुख appeared first on Naya Vichar.

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Bhojpuri Film: पहले पति की मौत और दो सास के अत्याचार के बीच फंसी संजना पांडे, ‘नईहर ससुराल’ का ट्रेलर देख निकले आंसू

Bhojpuri Film: भोजपुरी एक्ट्रेस संजना पांडे की नई फिल्म ‘नईहर ससुराल’ का ट्रेलर 3 अक्टूबर यानी शुक्रवार को रिलीज किया गया है. यह फिल्म एक बहू की कहानी पर बनी एक इमोशनल फिल्म है, जिसकी जिंदगी में दो शादियां होती हैं, लेकिन दोनों ही बार उसे ससुराल वालों से परेशानियों का सामना करना पड़ता है. पहली शादी में पति की अचानक मौत हो जाती है और ससुराल वाले उसे और उसकी बच्चियों को प्रताड़ित करने लगते हैं. दूसरी शादी में भी सास से परेशानियां कम नहीं होती.  फिल्म की स्टारकास्ट  संजना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर इसका पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, “ट्रेलर आ गया है, यूट्यूब चैनल पर जाकर देख सकते हैं.” ट्रेलर को अब तक दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है और सोशल मीडिया पर लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं. संजीव बोहरपी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में संजना पांडे के साथ विनीत विशाल, साहिल खान, स्लेशा मिश्रा, विद्या सिंह, सुजान सिंह, सत्य प्रकाश, प्रेम दुबे, कंचन मिश्रा, निशा तिवारी, भूपेंद्र सिंह, प्रिया दीक्षित, स्वस्तिका, गौरांसी, सौर्य और आयन जैसे कलाकार भी नजर आएंगे. ‘नईहर ससुराल’ की कहानी  फिल्म की कहानी एक स्त्री और उसकी बेटियों की है. पहली शादी में पति की मौत के बाद उन पर ससुरालवाले अत्याचार करते हैं. मायके वाले उन्हें अपनी देखभाल में ले लेते हैं. लेकिन कहानी में नया मोड़ तब आता है जब परिवार उसकी दूसरी शादी करवाता है. लेकिन इस बार भी उसे सास से परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यह फिल्म केवल पारिवारिक रिश्तों को ही नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों को भी उजागर करती है. ट्रेलर में संजना पांडे का इमोशनल अभिनय और उनके दमदार डायलॉग्स दर्शकों का ध्यान खींचते हैं. ये भी पढ़ें: Karwa Chauth Special Bhojpuri Song: ‘चांद के सुरतिया’ ने मचाया धमाल, करवा चौथ से पहले शिल्पी राज का गाना बना सोशल मीडिया सेंसेशन ये भी पढ़ें: Karwa Chauth Special Bhojpuri Song: करवाचौथ से पहले सुहागिनों के बीच छाया प्रियंका सिंह का गाना, यूट्यूब पर वायरल हुआ ‘सिंहोरवा में सेनुरवा’ The post Bhojpuri Film: पहले पति की मौत और दो सास के अत्याचार के बीच फंसी संजना पांडे, ‘नईहर ससुराल’ का ट्रेलर देख निकले आंसू appeared first on Naya Vichar.

बिहार

अमहा पिपरा – सहरसा पैसेंजर ट्रेन का त्रिवेणीगंज तक विस्तार

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर– रेलवे बोर्ड द्वारा अमहा पिपरा – सहरसा पैसेंजर ट्रेन सं. 75249/75250 के विस्तार को मंजूरी प्रदान की गई है। अब इस ट्रेन का विस्तार त्रिवेणीगंज स्टेशन तक कर दिया गया है। इसी क्रम में आज दिनांक 04.10.25 को माननीय सांसद श्री दिलेश्वर कामैत जी द्वारा त्रिवेणीगंज स्टेशन पर गाड़ी सं. 05599 त्रिवेणीगंज-सहरसा पैसेंजर के विस्तार को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मंडल के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। उद्घाटन विशेष इस अवसर पर उद्घाटन विशेष ट्रेन सं. 05599 “त्रिवेणीगंज – सहरसा पैसेंजर” का संचालन दिनांक 04.10.2025 को सुबह 11:00 बजे (ओपन टाइम) त्रिवेणीगंज स्टेशन से किया गया। दिनांक 05.10.2025 से इस ट्रेन का नियमित संचालन निम्नानुसार किया जाएगा– ट्रेन सं. 75249/50 त्रिवेणीगंज – सहरसा पैसेंजर : त्रिवेणीगंज से 05.10.2025 से नियमित रूप से चलेगी। विस्तारित खंड पर समय सारणी इस प्रकार होगी : ट्रेन सं. 75250 सहरसा – त्रिवेणीगंज पैसेंजर ट्रेन सं. सहरसा प्रस्थान :14:05 अमहा पिपरा आगमन :16:55 बजे प्रस्थान :17:00 बजे त्रिवेणीगंज आगमन :17:30 ट्रेन संख्या 75249 त्रिवेणीगंज- सहरसा पैसेंजर त्रिवेणीगंज प्रस्थान :05:30 अमहा पिपरा आगमन : 05:55, प्रस्थान:06:00 सहरसा आगमन: 08:50 कोच संरचना:- इस ट्रेन में कुल 09 कोच रहेंगे जिनमें 07 साधारण द्वितीय श्रेणी कोच तथा 02 गार्ड सह लगेज ब्रेक-वैन्स (GSLRD) शामिल होंगे।

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Health Benefits: जानिए, सर्दियों के सुपरफूड के बारे में, जिसे खाने से मिलते हैं कमाल के लाभ

Health Benefits: इन दिनों बाजार में सिंघाड़ा, जिसे बिहार में पानीफल, या पानीफल सिंघाड़ा भी कहा जाता है, खूब देखने को मिल रहा है. हरे और लाल रंग का यह फल पानी में उगता है. इसे कच्चा भी खाया जाता है और उबालकर भी. इतना ही नहीं, व्रत में तो में इसके आटे का हलवा या पूड़ी खाने का चलन भी अपने यहां खूब है. पर क्या आप जानते हैं कि यह मौसमी फल अपने भीतर किन गुणों को समेटे हुए है. इन्हीं गुणों के कारण इसे सर्दियों का सुफरफूड भी कहा जाता है. तो चलिए, आज आपको बताते हैं कि इस मौसमी फल का सेवन हमें किस तरह का लाभ देता है. पोषण से भरपूर होता है पानीफल सिंघाड़ा पोषण से भरपूर होता है. इसमें फाइबर, पोटैशियम, मैंगनीज, कॉपर, सोडियम, विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन बी2, कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्व पाये जाते हैं. इस पानीफल में 70 प्रतिशत से अधिक पानी होता है. इसलिए लाभदायक है सिंघाड़ा खाना वजन को करता है कंट्रोल : सिंघाड़ा एक कम कैलोरी वाला फल है, जिसमें नाममात्र का वसा पाया जाता है. फाइबर से भरपूर होने के कारण इसे खाने के बाद देर तक भूख नहीं लगती है. इन सब कारणों से वजन नियंत्रण में बना रहता है. जिन लोगों का वजन अधिक है, उन्हें अपने आहार में सिंघाड़े को शामिल करने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है. पाचन को बनाता है बेहतर : पानीफल सिंघाड़ा फाइबर का अच्छा स्रोत होता है, जो हमारे पाचन को सुधारता है. इस फल को खाने से जहां कब्ज की समस्या से राहत मिलती है, वहीं हमारा पाचन भी सही बना रहता है. इसके सेवन से हमें नियमित मल त्याग में मदद मिलती है. ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है : सिंघाड़े का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण डायबिटीज रोगियों के लिए इसका सेवन फायदेमंद होता है. जिन लोगों को डायबिटीज है, वे यदि अपने आहार में सिंघाड़े को शामिल करें, तो उनके ग्लूकोज लेवल को स्थिर करने में मदद मिल सकती है. इम्यूनिटी को बनाता है स्ट्रांग : सिंघाड़ा इम्यूनिटी बूस्टर भी होता है. इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है, सो इसके नियमित सेवन से हमारी इम्यूनिटी स्ट्रांग होती है. इस कारण बीमारियों से लड़ने की हमारी क्षमता बढ़ती है और हम कई तरह के संक्रमण से बचे रहते हैं. ब्लड प्रेशर रहता है कंट्रोल में : यदि आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं रहता है, तो आपको अपनी डाइट में सिंघाड़े को शामिल करना चाहिए. इसमें मौजूद पोटैशियम और सोडियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में सहायता करते हैं. सर्दियों के मौसम में ब्लड प्रेशर हाई होने की समस्या से कई लोग परेशान रहते हैं, ऐसे लोगों को नियमित इस पानीफल को खाना चाहिए. शरीर को बनाये रखता है हाइड्रेट : सिंघाड़ा में 70 प्रतिशत से अधिक पानी होता है, जबकि पोटैशियम भी अच्छी मात्रा में मौजूद रहता है. इस कारण इसका सेवन शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता. यदि आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो आपको सिंघाड़े का नियमित सेवन लाभ देगा. त्वचा को बनाता है चमकदार : सिंघाड़ा त्वचा के लिए बेहद लाभदायक माना जाता है. इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है, ऐसे में इसके सेवन से हमारे शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स दूर होते हैं, जिससे त्वचा हेल्दी बनी रहती है. इतना ही नहीं, यह ड्राइनेस को भी दूर करता है, इस कारण त्वचा की चमक बरकरार रहती है. The post Health Benefits: जानिए, सर्दियों के सुपरफूड के बारे में, जिसे खाने से मिलते हैं कमाल के लाभ appeared first on Naya Vichar.

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Amit Shah On Naxals: गृह मंत्री शाह ने नक्सलियों को दी बड़ी चेतावनी, लाल आतंक के अंत का बताया आखिरी डेट

Amit Shah On Naxals: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने माओवादियों से किसी भी तरह से बातचीत की संभावना से इंकार कर दिया और कहा- वे आत्मसमर्पण करें और बस्तर के विकास में सहभागी बनें. शाह ने जगदलपुर के लालबाग परेड मैदान में आयोजित बस्तर दशहरा लोकोत्सव, 2025 और ‘स्वदेशी मेला’ के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक बार फिर 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के खात्मे के संकल्प को दोहराया. बस्तर की शांति भंग करने वालों को मिलेगी मुंहतोड़ जवाब गृह मंत्री ने कहा कि हथियारों के बल पर बस्तर की शांति भंग करने वालों को सुरक्षा बल मुंहतोड़ जवाब देंगे. शाह ने कहा, ‘‘मैं सभी आदिवासी भाइयों बहनों को कहना चाहता हूं कि आपके ग्राम के युवाओं को हथियार डालने के लिए समझाइए. वह हथियार डाल दें, मुख्यधारा में आएं तथा बस्तर के विकास में सहभागी बनें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग वार्ता की बात करते हैं, मैं फिर से एक बार स्पष्ट कर देता हूं, हमारी दोनों प्रशासनें – छत्तीसगढ़ और केंद्र प्रशासन – बस्तर और नक्सल प्रभावित हर क्षेत्र के विकास को समर्पित है, किस चीज की वार्ता करनी है, बहुत मोहक आत्मसमर्पण नीति हमने बनाई है, आइए हथियार डाल दीजिए. हथियार के बल पर बस्तर की शांति को अगर आपने छिन्न-भिन्न करने का काम किया तो हमारे सशस्त्र बल इसका जवाब देंगे. 31 मार्च 2026 की तिथि नक्सलवाद को इस देश की भूमि पर से विदाई देने के लिए तय है.’’ #WATCH | Bastar, Chhattisgarh: Union Home Minister Amit Shah says, “…the date of 31/3/2026 has been fixed to bid farewell to Naxalism from the soil of this country.” “Some people talk about talks (with Naxals). I want to make it clear once again: both our governments, the… pic.twitter.com/X3xG0O9HeE — ANI (@ANI) October 4, 2025 गृह मंत्री ने नक्सलवाद को बस्तर के विकास के लिए सबसे बड़ा रोड़ा बताया केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलवाद को बस्तर के विकास के लिए सबसे बड़ा रोड़ा बताया और विश्वास जताया कि अगले वर्ष तक यह समस्या समाप्त हो जाएगी. शाह ने कहा, ‘‘आज सुबह मैंने दंतेश्वरी माई का दर्शन और पूजन किया. मां के चरणों में प्रार्थना की है कि 31 मार्च, 2026 को पूरे बस्तर क्षेत्र को लाल आतंक से मुक्त करने की हमारी सुरक्षा बलों को शक्ति दे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में कुछ लोगों ने वर्षों तक भ्रांति फैलाई कि नक्सलवाद का जन्म विकास की लड़ाई है, पर मैं आदिवासी भाइयों को बताने आया हूं कि पूरा बस्तर विकास से महरूम रहा, विकास आप तक नहीं पहुंचा है इसका मूल कारण नक्सलवाद है. आज देश के हर गांव में बिजली, पीने का पानी, रोड, हर घर में शौचालय, पांच लाख तक का स्वास्थ्य का बीमा, पांच किलो मुफ्त चावल और आपके धान को 3100 रूपए (प्रति क्विंटल) तक पहुंचाने की व्यवस्था हुई है. लेकिन बस्तर इसमें पीछे रह गया है.’’ ये भी पढ़ें: बिहार विधानसभा चुनाव में मोदी-शाह की साख कसौटी पर नक्सलवाद से जुड़े लोग मुख्य धारा से जुड़ें : शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- ‘‘मैं आप सभी से अपील करने भी आया हूं कि जो शिशु गुमराह होकर नक्सलवाद से जुड़े हैं, आप ही के गांव के हैं, उनको समझाइए कि शस्त्र डाल दें और मुख्य धारा में आ जाएं. छत्तीसगढ़ शासन ने हिंदुस्तान में सबसे अच्छी आत्मसमर्पण नीति बनाई है. एक ही माह में 500 से ज्यादा लोगों ने हथियार डाले हैं. सभी लोग हथियार डालें. आपका गांव नक्सली मुक्त होते ही गांव के विकास के लिए एक करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ शासन आपको देगा. The post Amit Shah On Naxals: गृह मंत्री शाह ने नक्सलियों को दी बड़ी चेतावनी, लाल आतंक के अंत का बताया आखिरी डेट appeared first on Naya Vichar.

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Weather Jharkhand: झारखंड के 11 जिलों में वर्षा की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी

Table of Contents झारखंड में एक दिन में हुई 13.2 मिलीमीटर वर्षा 24 घंटे में कहां-कितनी बारिश हुई सबसे ज्यादा 185 मिलीमीटर वर्षा गढ़वा के भवनाथपुर में झारखंड में अक्टूबर में 277 फीसदी अधिक हुई वर्षा Weather Jharkhand: सबसे अधिक उच्चतम तापमान गोड्डा में Weather Jharkhand: झारखंड के 11 जिलों में वर्षा की चेतावनी दी गयी है. मौसम विभाग ने इस संबंध में येलो अलर्ट जारी कर दिया है. रांची स्थित मौसम केंद्र के डिप्टी डायरेक्टर अभिषेक आनंद ने शनिवार को बताया कि 4 और 5 अक्टूबर को राज्य के 11 जिलों में वर्षा होने की संभवाना है. उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्वी एवं निकटवर्ती उत्तर-मध्य झारखंड (चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिले) में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. कुछ जगहों पर गरज के साथ वज्रपात होने की भी आशंका है. झारखंड में एक दिन में हुई 13.2 मिलीमीटर वर्षा उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान 21 वर्षा केंद्रों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. कुछ जगहों पर भारी वर्षा भी हुई. मौसम वैज्ञानिक ने बताया है कि गढ़वा, पलामू, दुमका, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम जिले में कहीं-कहीं गरज के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. कुछ जगहों पर वज्रपात भी हुए. इस दौरान झारखंड में 13.2 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य वर्षा 3.9 मिलीमीटर से 238 प्रतिशत अधिक है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 24 घंटे में कहां-कितनी बारिश हुई वर्षा केंद्र वर्षापात भवनाथपुर 185.0 मिलीमीटर रमना 143.0 मिलीमीटर नगरऊंटारी 115.0 मिलीमीटर खरौंधी 84.50 मिलीमीटर सगमा ब्लॉक 78.60 मिलीमीटर बिशनपुरा 76.20 मिलीमीटर बड़डीहा 70.00 मिलीमीटर गढ़वा 56.00 मिलीमीटर सोनुवा 52.20 मिलीमीटर मसानजोड़ 46.80 मिलीमीटर भुरकुंडा 45.00 मिलीमीटर गुदड़ी 27.60 मिलीमीटर महारो 26.00 मिलीमीटर जेडआरएस दुमका 25.60 मिलीमीटर महेशपुर 25.20 मिलीमीटर चक्रधरपुर 25.00 मिलीमीटर कुंडहित 23.20 मिलीमीटर गारू 22.40 मिलीमीटर हरिहरगंज 22.20 मिलीमीटर चकुलिया 21.80 मिलीमीटर जपला 21.40 मिलीमीटर Source : IMD, Mausam Kendra Ranchi सबसे ज्यादा 185 मिलीमीटर वर्षा गढ़वा के भवनाथपुर में दूसरी तरफ, 21 वर्षा केंद्रों की बात करें, तो इन जगहों पर सबसे ज्यादा बारिश गढ़वा जिले के भवनाथपुर में हुई. यहां 185 मिलीमीटर वर्षा हुई. पलामू के जपला में सबसे कम 21.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गयी. इस दौरान राज्य के लगभग सभी जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश भी हुई. इस दौरान अधिकतम या न्यूनतम तापमान में कोई बहुत बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला. Weather jharkhand: झारखंड के 11 जिलों में वर्षा की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी 2 झारखंड में अक्टूबर में 277 फीसदी अधिक हुई वर्षा अगर पूरे झारखंड में हुई बारिश की बात करें, तो 1 से 4 अक्टूबर के बीच 58.9 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य वर्षा 15.6 मिलीमीटर से 277 प्रतिशत अधिक है. सिमडेगा और पाकुड़ 2 ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से कम बारिश हुई है. मौसम विभाग ने इन दोनों जिलों को रेड जोन में रखा है. साहिबगंज को स्काई जोन में और बाकी सभी 23 जिलों को ब्लू जोन में रखा गया है. ब्लू जोन वाले जिलों में 60 फीसदी या उससे अधिक बारिश हुई है. साहिबगंज में सामान्य वर्षा हुई है. Weather Jharkhand: सबसे अधिक उच्चतम तापमान गोड्डा में पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड का सबसे अधिक उच्चतम तापमान 30 डिग्री सेंटीग्रेड गोड्डा में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेंटीग्रेड लातेहार में रिकॉर्ड किया गया. मौसम वैज्ञानिक ने कहा है कि अगले 3 दिन के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 4 से 5 डिग्री सेंटीग्रेड तक की वृद्धि होगी. इसके बाद अगले 2 दिन तक इसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. इसे भी पढ़ें बोकारो के दुंदीबाग में 6 दुकानों में लगी आग, लाखों के नुकसान की आशंका झारखंड की ओर आ रहा लो प्रेशर, गढ़वा, गुमला समेत 6 जिलों में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा प्रेम विवाह का दुखद अंत, दंपती ने पेड़ से लटक कर दे दी जान, गांव में मातम http://मूसलधार बारिश से पुल-पुलिया ध्वस्त, गोमो में रेल पटरी पर भरा पानी, मैथन डैम के 5 गेट खोले The post Weather Jharkhand: झारखंड के 11 जिलों में वर्षा की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी appeared first on Naya Vichar.

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Kartik Maas Tulsi Deep Daan: कार्तिक मास में तुलसी के पास किस तरह का दीपक जलाना चाहिए और क्यों ?

Kartik Maas Tulsi Deep Daan: हिंदू धर्म में कार्तिक माह को बेहद महत्वपूर्ण और खास माना जाता है. मान्यता है कि इस महीने जो भी भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु की आराधना करता है, उस पर भगवान विष्णु की कृपा सदा के लिए बनी रहती है. इस महीने को दामोदर मास के नाम से भी जाना जाता है. इस दौरान शाम के समय तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाने की परंपरा है. इस आर्टिकल के माध्यम से हम जानेंगे कि कार्तिक मास में तुलसी के पास दीप जलाने के पीछे का कारण क्या है और किस प्रकार का दीपक जलाना इस समय शुभ माना जाता है. कार्तिक माह में दीपक क्यों जलाया जाता है ? कार्तिक मास में तुलसी के पास दीपक जलाने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि ऐसा करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. साथ ही यह मन के अंधकार और अज्ञानता का भी नाश करता है. इस समय भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद, शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाना चाहिए. कार्तिक मास में किस प्रकार का दीपक जलाना चाहिए? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय तुलसी के पास मिट्टी का दीपक जलाना शुभ होता है. यह प्राकृतिक तत्व से बना होता है और इसे जलाने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है. दीपक जलाने के लिए घी का उपयोग सबसे उत्तम माना गया है. इसके अलावा, यदि आप चाहें तो तिल के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. यह भी पढ़े: Valmiki Jayanti 2025: इस साल कब मनाई जाएगी वाल्मीकि जयंती, जानें सही तिथि The post Kartik Maas Tulsi Deep Daan: कार्तिक मास में तुलसी के पास किस तरह का दीपक जलाना चाहिए और क्यों ? appeared first on Naya Vichar.

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