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October 4, 2025

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Pawan Singh: अपनी शर्तों पर BJP में शामिल हुए पवन सिंह, विधानसभा चुनाव जीतने के लिए पार्टी ने दी कुर्बानी

Pawan Singh: भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह 16 महीने बाद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी में शामिल हो गए है. बताया जा रहा है कि एक्टर ने बीजेपी में वापसी के लिए पार्टी के सामने शर्त रखा था कि वह पार्टी में तभी आएंगे जब पार्टी उन्हें आरा विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाएगी. लोकसभा चुनाव में पवन सिंह की ताकत की वजह से कई सीटों पर हार का सामना कर चुकी बीजेपी ने भी एक्टर की बात को मान लिया. हालांकि चर्चा तो यह भी थी कि पवन बीजेपी से टिकट ना मिलने की स्थिती में तेजस्वी यादव की राष्ट्रीय जनता दल या जन सुराज से चुनावी मैदान में उतर सकते थे और उनके राजद और जन सुराज के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में रहने की भी चर्चा आम थी.  पवन सिंह चुनाव लड़ने के लिए आरा सीट को ही क्यों चुना पवन ने? लोकसभा चुनाव में हार का सामना कर चुके पवन सिंह विधानसभा चुनाव में जीतकर अपने दर्द को कम करने की कोशिश में है. लेकिन विधानसभा और लोकसभा चुनाव दोनों के मुद्दे अलग-अलग और समीकरण दोनों अलग होते हैं. ऐसे में पवन सिंह ने इस सीट के जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर अपने लिए इस सीट की मांग की है. बात करें इस विधानसभा में जातिवार वोटरों को तो यहां 35 हजार राजपूत, 28 हजार यादव मतदाता हैं. साथ ही विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण और दलित मतदाता भी अच्छी संख्या में हैं. ब्राह्मण जहां बीजेपी का कोर वोट बैंक माना जाता है वहीं, दलित चिराग पासवान और जीतनराम मांझी की पार्टियों के मजबूत वोटर हैं. ऐसे में इन सारे समीकरणों को ध्यान में रखकर पवन सिंह ने आरा सीट को चुना है आरा सीट पर है BJP का दबदबा वहीं, आरा विधानसभा सीट पर साल 2000 से लगातार बीजेपी का कब्जा है. पार्टी के बड़े नेता अमरेंद्र प्रताप सिंह इस सीट पर पांच बार से विधायक हैं. हालांकि 2015 के विधानसभा चुनाव में यह सीट राजद के खाते में चली गई और मोहम्मद नवाज आलम विधायक बने. इसके पीछे कारण ये था कि जेडीयू उस समय महागठबंधन के साथ थी. लेकिन 2020 में जेडीयू के एनडीए में आने के बाद एक बार फिर से यह सीट बीजेपी के खाते में आई और सिंह पांचवी बार विधायक बनें. वहीं, अब उनकी उम्र 78 साल हो गई है और पार्टी अपने नियम के मुताबिक इस सीट के लिए कोई मजबूत और नया उम्मीदवार ढूढ़ रही है और पवन सिंह में पार्टी को मौका दिखता है. ऐसे में पार्टी अपने बड़े नेता की नाराजगी भी मोल उठाने की तैयारी में है.  बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें पवन सिंह में बीजेपी को दिखता है मौका  बीजेपी भी पवन सिंह में मौका देख रही है. इसके पीछे दो कारण हैं पहला कि पवन सिंह के पास अपना फैन बेस है. दूसरा की पवन सिंह भोजपुर के साथ ही आसपास के इलाकों में भी लोकप्रियता रखते हैं. वहीं, बीजेपी पवन के सहारे राजपूत वोटरों को भी साधने की कोशिश में है. इसे भी पढ़ें: बिहार में BJP की चुनावी कमान संभालेंगे UP के सांसद-विधायक, गृहमंत्री अमित शाह ने बनाई खास स्ट्रैटेजी The post Pawan Singh: अपनी शर्तों पर BJP में शामिल हुए पवन सिंह, विधानसभा चुनाव जीतने के लिए पार्टी ने दी कुर्बानी appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Congress: ’20 साल, 20 सवाल’ कैंपेन के जरीय NDA को घेरने की तैयारी में कांग्रेस, कन्हैया बोले- वोट चोरी हो रही है

Bihar Congress: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले NDA प्रशासन को घेरने के लिए कांग्रेस ने ’20 साल- 20 सवाल’ अभियान शुरू करने जा रही है. शनिवार को पटना के सदाकत आश्रम में प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनएसयूआई के प्रभारी कन्हैया कुमार ने इस अभियान के बारे में बताया. कन्हैया कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के नेता लगातार 20 दिनों तक डबल इंजन की प्रशासन से बिहार से जुड़े मुद्दों पर जनता की ओर से सवाल पूछेंगे. ये ‘वोट चोर’ प्रशासन- ‘जमीन चोर’ है। कई दिनों से ये हल्ला हो रहा था कि बिहार में सर्वे होगा। ऐसे में वहां के लोग अपनी जमीनों के कागज लेकर, प्रशासनी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे और घूसखोरी के नेक्सस में फंस रहे थे। सच्चाई ये है कि प्रशासन को सर्वे नहीं करना है, इनकी गिद्ध नजर बिहार की… pic.twitter.com/RKUdk2lr6W — Congress (@INCIndia) October 4, 2025 कन्हैया कुमार ने लगाए गंभीर आरोप कन्हैया कुमार ने शनिवार को पीरपैंती बिजली घर से जुड़ा मुद्दा उठाया और कहा कि यह प्रोजेक्ट यूपीए प्रशासन के दौरान शुरू हुआ था, जिसे केंद्र और राज्य प्रशासन के सहयोग से पूरा किया जाना था. लेकिन बाद में इसे पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी अडानी को सौंप दिया गया. उन्होंने सवाल किया कि इस परियोजना के लिए तय बजट की राशि आखिर कहां गायब हो गई. कन्हैया ने आगे कहा कि किसानों से सस्ती जमीन लेकर महंगे दाम पर बिजली खरीदना बिहार के हित में नहीं है. दूसरे राज्यों में अडानी 3 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली सप्लाई कर रहे हैं और बिहार में 6 रुपए प्रति यूनिट पर सौदा हुआ है. इससे बिहार को लगभग 56000 करोड़ रुपए की हानि हो रही है. उन्होंने कहा, ‘तुम मुझे चंदा दो, मैं तुम्हें धंधा दूंगा’ यही आज की नेतृत्व का सच बन गया है और इसी के सहारे बिहार में वोटर के साथ धोखा किया जा रहा है. बिहार चुनाव की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें SIR पर फिर उठाये सवाल कांग्रेस ने विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग द्वारा जारी अंतिम मतदाता सूची पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि हटाए गए नामों की संख्या जोड़े गए नामों से कहीं अधिक है. कांग्रेस कार्यकर्ता अब इन सूचियों का बारीकी से विश्लेषण करेंगे. राजेश राम ने कहा कि यह मामला यहीं खत्म नहीं होगा. पार्टी वोटर के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया शुरू से ही अस्पष्ट और अविश्वसनीय रही है. इसकी लापरवाही और अपारदर्शिता इतनी बढ़ी कि कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा. मुख्य चुनाव आयुक्त इसे सफल बता रहे हैं, लेकिन वास्तव में यह प्रक्रिया निष्पक्षता के मानकों पर खरी नहीं उतरती. उन्होंने कहा कि कई योग्य मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए गए हैं. यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है. इसे भी पढ़ें: बिहार के 12 जिलों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी किया रेड और ऑरेंज अलर्ट The post Bihar Congress: ’20 साल, 20 सवाल’ कैंपेन के जरीय NDA को घेरने की तैयारी में कांग्रेस, कन्हैया बोले- वोट चोरी हो रही है appeared first on Naya Vichar.

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HPZ क्रिप्टोकरेंसी टोकन धोखाधड़ी मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, 5 गिरफ्तार

Crypto Currency Token Fraud Case: सीबीआई ने 3 अक्टूबर 2025 को दिल्ली एनसीआर, हैदराबाद और बेंगलुरु में 7 स्थानों पर समन्वित तलाशी अभियान चलाया. जिसमें महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय रिकॉर्ड बरामद किए गए. CBI Conducts Searches in HPZ Crypto Currency Token Fraud CaseFive Arrested in Pan-India Action under Operation Chakra-V pic.twitter.com/NK4TrzMg0m — Central Bureau of Investigation (India) (@CBIHeadquarters) October 4, 2025 क्या है मामला? यह मामला, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दर्ज किया गया, विदेशी मास्टरमाइंड्स और हिंदुस्तानीय नागरिकों की मिलीभगत से रची गई आपराधिक साजिश से संबंधित है. 2021 से 2023 के बीच, हिंदुस्तान भर में संगठित साइबर धोखाधड़ी को लोन, नौकरी, निवेश और क्रिप्टोकरेंसी योजनाओं के नाम पर अंजाम दिया गया. इन धोखाधड़ी को कई शेल कंपनियों के माध्यम से आसान बनाया गया, जिनका उपयोग म्यूल बैंक खातों को खोलने के लिए किया गया. इस चैनल के माध्यम ये विदेश भेजे गए पैसे सीबीआई ने बताया- पीड़ितों से एकत्र किए गए धन को इन खातों के माध्यम से भेजा गया, क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित किया गया, और बाद में विदेशों में स्थानांतरित किया गया. जांच से पता चला है कि विदेशी अपराधियों के इशारे पर हिंदुस्तान में कई शेल कंपनियां बनाई गई थीं. इन कंपनियों को विभिन्न फिनटेक और भुगतान एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर शामिल किया गया था ताकि जनता के धन को एकत्र और चैनलाइज किया जा सके. एकत्र किए गए धन को क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित किया गया, और विभिन्न क्रिप्टो वॉलेट्स में स्थानांतरित किया गया, जिसके बाद अपराध की आय को छिपाने के लिए इसे सीमा पार भेज दिया गया. सीबीआई कर रही विस्तृत जांच सीबीआई ने धोखाधड़ी को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सीमा पार वित्तीय लेनदेन का पता लगाने, अन्य शामिल व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान करने, और साजिश को उजागर करने के लिए आगे की जांच की जा रही है. The post HPZ क्रिप्टोकरेंसी टोकन धोखाधड़ी मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, 5 गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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Easy Winter Vine Vegetables: सर्दियों में आसानी से उगाएं बेल वाली सब्जियां – टमाटर, मटर, लौकी, कद्दू, खीरा, करेला और सेम

Easy Winter Vine Vegetables: सर्दियों का मौसम ताजी सब्जियों का आनंद लेने का परफेक्ट समय होता है. इस मौसम में अगर आप अपने घर के बगीचे या गमलों में बेल वाली सब्जियां उगाएं तो न केवल आपको ताजी और ऑर्गेनिक सब्जियां मिलेंगी बल्कि आपका घर भी हरियाली से भर जाएगा. टमाटर, मटर, लौकी, कद्दू, खीरा, करेला और सेम जैसी सब्जियां इस मौसम में आसानी से उगाई जा सकती हैं और इनकी देखभाल भी ज्यादा कठिन नहीं होती. Easy Winter Vine Vegetables: गमलों में उगाएं ताजे-ताजे मटर और भरवा करेला – सर्दियों में उगाई जाने वाली बेल वाली सब्जियां Easy winter vegetables to grow: गमलों में उगाएं ताजे-ताजे मटर और भरवा करेला – सर्दियों में उगाई जाने वाली बेल वाली सब्जियां मटर सर्दियों की खास सब्जी है जिसे गमलों और छोटे गार्डन में आसानी से उगाया जा सकता है. इसके पौधे को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती और कुछ ही दिनों में पौधों पर हरी-हरी फलियां आने लगती हैं. वहीं, करेला को बेल वाली जगह चाहिए जहां वह फैल सके. और भी ऐसी सब्जियां है जिन्हें आप आसानी से उगा सकते है. Also Read: Winter Gardening Tips: सर्दियों के मौसम में उगाना चाहते हैं बेल वाली सब्जियां तो अभी से कर लें ये काम Vine Vegetables for Home Gardening: येOrganic vegetables to grow at home सब्जियां उगाएं अपने ही गार्डन में Vine vegetables for home gardening: ये सब्जियां उगाएं अपने ही गार्डन में 1. टमाटर सर्दियों में टमाटर की खेती करना सबसे आसान होती है. आप गमलों या छोटे प्लांटर में टमाटर उगा सकते हैं. टमाटर के पौधे को बस धूप वाली जगह और नियमित पानी की जरूरत होती है. ध्यान रखें की पौधे को कोहरे से बचाकर रखें. कोहरे से पौधे की पत्तियां जल जाती है. 2. मटर सर्दी में हरे ताजे मटर खाना सभी को पसंद होता है. ठंडी जलवायु में इसकी बेल तेजी से बढ़ती है. इसे गार्डन की क्यारियों या गमलों में आसानी से उगाया जा सकता है. घर की बनी ताजी मटर सब्जियों और पुलाव में अलग ही स्वाद देती है. 3. लौकी लौकी की बेल को थोड़ी खुली जगह की जरूरत होती है. अगर आपके पास टेरेस या छोटा बगीचा है तो लौकी की बेल फैला कर खूब सारी सब्जी उगाई जा सकती है. ये आपको इतनी लौकी देगी की आप और आपके पड़ोसी दोनों आराम से खा सकते है. 4. कद्दू कद्दू की बेल तेजी से फैलती है और बड़े आकार के फल देती है. इसे गार्डन की मिट्टी में उगाना बेहतर होता है. अगर आपके गार्डन में अच्छी फैली हुई जगह है तो आप कद्दू भी उगा सकती है. 5. खीरा सर्दियों की हल्की धूप और नमी खीरे की बेल के लिए परफेक्ट होती है. इसे गमलों और प्लास्टिक ग्रो बैग्स में भी उगाया जा सकता है. 6. करेला करेले की बेल को सहारा देकर उगाया जा सकता है. सर्दियों में इसकी कड़वाहट कम हो जाती है और भरवा करेला खास स्वाद देता है. 7. सेम सेम की बेल तेजी से बढ़ती है और सर्दियों की ठंडक में खूब फलती-फूलती है. इसे घर के गार्डन में उगाना बेहद आसान है. अगर आप सर्दियों में ताजी और हेल्दी सब्जियों का आनंद लेना चाहते हैं, तो अपने ही घर पर बेल वाली सब्जियां उगाना सबसे अच्छा विकल्प है. इससे न केवल आपको केमिकल-फ्री सब्जियां मिलेंगी बल्कि गार्डनिंग का मजा भी दोगुना हो जाएगा. Also Read: Vegetable to Grow in October: अक्टूबर महीने में आसानी से ग्रो करती है ये सब्जियां Also Read: Best Food List for Healthy Heart: दिलखुश तो जिंदगी खुश – दिल की तंदुरुस्ती चाहते है तो डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड The post Easy Winter Vine Vegetables: सर्दियों में आसानी से उगाएं बेल वाली सब्जियां – टमाटर, मटर, लौकी, कद्दू, खीरा, करेला और सेम appeared first on Naya Vichar.

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Gmail यूजर्स के लिए अलर्ट: Google Calendar की यह सेटिंग तुरंत बंद करें, वरना खतरा तय

2.5 अरब Gmail यूजर्स पर साइबर खतरा मंडरा रहा है! दुनिया भर में Gmail के 2.5 अरब से अधिक यूजर्स हैं, और यही वजह है कि साइबर अपराधियों की नजर इस प्लेटफॉर्म पर टिकी रहती है. हाल ही में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि Gmail की एक डिफॉल्ट सेटिंग, जो Google Calendar से जुड़ी है, यूजर्स की संवेदनशील जानकारी को उजागर कर सकती है. Google Calendar की खामी क्या है? Gmail की एक डिफॉल्ट सेटिंग Google Calendar के Events फीचर से जुड़ी होती है. इस सेटिंग के कारण आपकी मीटिंग्स, लोकेशन, नाम और यहां तक कि मेडिकल अपॉइंटमेंट्स जैसी जानकारी दूसरों को दिख सकती है. साइबर अपराधी इन जानकारियों का इस्तेमाल कर फिशिंग ईमेल को और भी विश्वसनीय बना देते हैं. स्कैमर्स कैसे करते हैं शोषण? छोटी-छोटी जानकारी जैसे “किससे मिलना है” और “कहां जाना है” का इस्तेमाल कर स्कैमर्स ऐसे ईमेल तैयार करते हैं जो असली लगते हैं. इससे यूजर्स आसानी से धोखा खा जाते हैं. कैसे करें खुद को सुरक्षित? Google Calendar की सेटिंग्स में जाएं Events सेक्शन में जाकर “Add/View Permissions” को सीमित करें अनावश्यक एक्सेस को बंद करें अपने डेटा को लोकल स्टोरेज में सेव करें हर यूजर के लिए जरूरी भले ही आप Google Calendar का नियमित उपयोग न करते हों, यह सेटिंग डिफॉल्ट रूप से ऑन होती है. इसलिए इसे चेक करना और अपडेट करना बेहद जरूरी है. सेटिंग में छोटा सा बदलाव सेटिंग में छोटा सा बदलाव करके आप बड़े साइबर खतरे से बच सकते हैं. Gmail यूजर्स को तुरंत यह बदलाव करना चाहिए ताकि उनकी निजी जानकारी सुरक्षित रहे. Google का त्योहारी सीजन में बड़ा तोहफा, Gmail में आया नया Purchases टैब फीचर Gmail पर आया AI सर्च फीचर, यह ढूंढ कर लायेगा आपके काम का ईमेल The post Gmail यूजर्स के लिए अलर्ट: Google Calendar की यह सेटिंग तुरंत बंद करें, वरना खतरा तय appeared first on Naya Vichar.

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सरकार ने रबी सीजन का MSP बढ़ाया, किसानों को फायदा, महंगाई स्थिर रहेगी

MSP: त्योहारों के मौसम में केंद्र प्रशासन ने किसानों के लिए बड़ा तोहफा दिया है. रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है. हालांकि यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि खुदरा महंगाई पर इसका असर सीमित रहेगा. ICICI बैंक ग्लोबल मार्केट्स की रिपोर्ट ने साफ किया है कि पर्याप्त बफर स्टॉक और अच्छे जलाशय स्तर की वजह से महंगाई में उछाल की संभावना कम है. 2026-27 रबी सीजन के लिए MSP में बढ़ोतरी 1 अक्टूबर 2025 को केंद्र ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए संशोधित MSP घोषित किए. इसमें गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और सूरजमुखी जैसी प्रमुख फसलों के दाम 4% से लेकर 10.1% तक बढ़ाए गए हैं. गेहूं: ₹2,585 प्रति क्विंटल (+6.6%) जौ: ₹2,150 प्रति क्विंटल (+8.6%) चना: ₹5,875 प्रति क्विंटल (+4.0%) मसूर: ₹7,000 प्रति क्विंटल (+4.5%) सरसों/रायड़ा: ₹6,200 प्रति क्विंटल (+4.2%) सूरजमुखी: ₹6,540 प्रति क्विंटल (+10.1%) उत्पादन लागत से अधिक समर्थन मूल्य 2018-19 के बजट में प्रशासन ने वादा किया था कि MSP उत्पादन लागत से कम से कम 50% अधिक होगा. इस बार भी वही नीति अपनाई गई है. उदाहरण के तौर पर गेहूं का MSP उत्पादन लागत से 109% ज्यादा है, मसूर में 89% और सरसों में 93% का मार्जिन दिया गया है. इससे किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर दाम मिलेगा और फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा. महंगाई पर असर सीमित क्यों? MSP बढ़ोतरी से खाद्य कीमतों पर दबाव आने की संभावना रहती है, लेकिन रिपोर्ट कहती है कि इस बार इसका असर सीमित रहेगा. वजहें हैं: पर्याप्त बफर स्टॉक का होना जलाशयों में अच्छे जलस्तर आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के हिसाब से औसत MSP बढ़ोतरी 5.6% रही है, जो 2025-26 की 5.9% और 2024-25 की 5.8% की तुलना में कम है. इसका अर्थ है कि इस बार MSP बढ़ोतरी खुदरा महंगाई को ज्यादा नहीं बढ़ाएगी. MSP बढ़ोतरी किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी क्योंकि उन्हें फसलों का बेहतर दाम मिलेगा. वहीं उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की कीमतों में अचानक उछाल की संभावना कम है. Also Read: अब चेक का पैसा मिलेगा फटाफट, RBI ने बदले क्लियरेंस के नियम The post प्रशासन ने रबी सीजन का MSP बढ़ाया, किसानों को फायदा, महंगाई स्थिर रहेगी appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

जन सुराज पार्टी ने विधानसभा चुनाव की तैयारी और प्रत्याशी चयन को लेकर की बैठक,  संभावित प्रत्याशियों पर हुई चर्चा

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – जन सुराज पार्टी ने विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। प्रत्याशी चयन को लेकर राज्य की सभी विधानसभाओं में संस्थापक और प्राथमिक सदस्यों की बैठक आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में आज शनिवार को समस्तीपुर के विभूतिपुर विधानसभा में जन सुराज के सभी संस्थापक और प्राथमिक सदस्यों, संभावित प्रत्याशियों, संगठन से जुड़े पदाधिकारियों की बैठक राज्य मुख्यालय स्तर से नियुक्त पर्यवेक्षकों की निगरानी में संपन्न हुई। आज की बैठक को विधानसभा के सभी संभावित प्रत्याशियों ने संबोधित किया। सभी ने अपनी उम्मीदवारी के समर्थन में अपनी बातें कहीं। इस दौरान जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, जिला संगठन महामंत्री और जिला चुनाव अभियान समिति के संयोजक के साथ ही सभी संबंधित प्रखंड अध्यक्ष भी शामिल रहे। उम्मीदवारों की बातें सुनने के बाद संस्थापक और प्राथमिक सदस्यों ने अपनी राय बंद लिफाफे में मौजूद पर्यवेक्षक बसंत चौधरी व चंद्रमणि सिंह को सौंपी। राज्य मुख्यालय स्तर से नियुक्त पर्यवेक्षक इन संस्थापक और प्राथमिक सदस्यों की राय के आधार पर अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेंगे। यह कार्यक्रम 3 से 8 अक्टूबर तक बिहार के सभी विधानसभाओं में आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले सभी विधानसभा में प्रत्याशी चयन को लेकर दो स्तरों पर संगठन से जुड़े पदाधिकारियों की राय ली गई है। अब पार्टी विधानसभा स्तर पर अपने सभी संस्थापक और प्राथमिक सदस्यों से राय लेकर प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने जा रही है।

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0.12 ग्राम के हथियार से अमेरिका हिला! जानें ये क्या चीज है जिससे ट्रंप भी चीन के आगे गिड़गिड़ाने पर हो गए मजबूर

Trump Tariff Policy China Shook US Economy: कभी-कभी जंग बंदूकों से नहीं, दानों से लड़ी जाती है. और इस बार जंग का मैदान है  अमेरिका के खेत. वजन सिर्फ 0.12 ग्राम, पर असर ऐसा कि पूरी अमेरिकी वित्तीय स्थिति हिल गई. ये कहानी है सोयाबीन के उस छोटे से दाने की, जिसने चीन के हाथों अमेरिका को झुका दिया है और ये सब हुआ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति की वजह से. जो बीज उन्होंने लगाया था, वही अब अमेरिका के किसानों की तबाही बन गया है. ये कहावत ठीक साबित हो रही है कि अगर बोए पेड़ बबूल का आम कहां से पाये. ‘मूक हथियार’ बना सोयाबीन अमेरिका को भरोसा था कि टैरिफ की धमकी से चीन झुक जाएगा. ट्रंप ने सोचा कि अगर चीन को व्यापार में कुछ और चाहिए, तो उसे अमेरिकी शर्तें माननी पड़ेंगी. लेकिन चीन ने सबक सिखा दिया है कि कभी-कभी चुप रहकर जवाब देना ज्यादा असरदार होता है. अप्रैल 2025 में चीन ने ट्रंप के टैरिफ के जवाब में अमेरिकी सोयाबीन की खरीद पूरी तरह रोक दी. ये वही फसल थी जो कभी अमेरिकी किसानों की रीढ़ मानी जाती थी और चीन उसका सबसे बड़ा खरीदार था. कुल अमेरिकी सोयाबीन का लगभग आधा हिस्सा. अब खेतों में 4.5 अरब बुशल की रिकॉर्ड फसल पड़ी है, साइलो भर चुके हैं, और कीमतें गिरकर 10 डॉलर प्रति बुशल तक पहुंच गई हैं. मध्य-पश्चिम के किसान, जो कभी ट्रंप के कट्टर समर्थक थे, अब प्रशासन की राहत योजनाओं की राह देख रहे हैं. Trump Tariff Policy China Shook US Economy: ‘ट्रंप टैरिफ’ का उल्टा असर ट्रंप प्रशासन ने शुरुआत की थी चीन के आयात पर भारी टैरिफ लगाकर. मकसद था कि बीजिंग को व्यापार में रियायतें देने के लिए मजबूर करना. लेकिन हुआ उल्टा. चीन ने भी जवाबी वार करते हुए अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा दिया और सीधे निशाने पर लिया सोयाबीन उद्योग को. नतीजा सामने है कि मई 2025 तक चीन को अमेरिका से सोयाबीन की बिक्री शून्य हो गई. इसका मतलब है 52% की गिरावट और करीब 12.6 अरब डॉलर का नुकसान. किसानों की हालत ये है कि खेतों में फसल पड़ी है, गोदाम फट रहे हैं, पर खरीदार नहीं. भले ही वाशिंगटन बेलआउट पैकेज का एलान करे, पर नुकसान का दर्द मिट नहीं रहा. ट्रंप की दलीलें और ‘किसानों का प्यार’ किसानों के गुस्से के बीच ट्रंप ने एक बार फिर वही पुरानी स्टाइल अपनाई बयानबाजी और भरोसे का तड़का. उन्होंने कहा कि हमारे देश के सोयाबीन किसानों को नुकसान हो रहा है क्योंकि चीन सिर्फ बातचीत के लिए सोयाबीन नहीं खरीद रहा है. हमने टैरिफ से इतना पैसा कमाया है कि उसी में से हम किसानों की मदद करेंगे. मैं अपने किसानों को कभी निराश नहीं करूंगा! इसके साथ ही ट्रंप ने बाइडेन पर भी हमला बोला कि सुस्त जो बाइडेन चीन के साथ वह समझौता लागू नहीं करवा पाए जिसमें अरबों डॉलर के हमारे कृषि उत्पाद खरीदने की बात थी. लेकिन मैं करूंगा. उन्होंने एलान किया कि वे चार हफ्तो में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वाले हैं, और इस मीटिंग में सोयाबीन चर्चा का मुख्य विषय रहेगा. ट्रंप का नया नारा भी तैयार है कि सोयाबीन और दूसरी पंक्ति की फसलों को फिर से महान बनाओ! चीन का शांत पलटवार ट्रंप की बयानबाजी के बीच चीन ने एक शब्द भी ज्यादा नहीं कहा. बीजिंग ने न तो अमेरिका की नाराजगी का जवाब ट्वीट में दिया, न धमकी से. उसने सीधा रास्ता चुना नए सप्लायर तलाशने का. अब चीन की सोयाबीन आ रही है ब्राजील, अर्जेंटीना और यहां तक कि उरुग्वे से. क्योंकि चीन के लिए भरोसे की कीमत ज्यादा है, और इन देशों को वो “ज्यादा स्थिर, ज्यादा विश्वसनीय और कम आक्रामक” मानता है. अमेरिका का बाजार पीछे छूट गया, और चीन ने बिना कोई गोली चलाए, अमेरिका की खेती और नेतृत्व दोनों को झटका दे दिया. इस आर्थिक जंग की मार सिर्फ़ किसानों तक सीमित नहीं है. अर्थशास्त्रियों की मानें तो अगर यही टैरिफ युद्ध चलता रहा, तो अमेरिका की वित्तीय स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है. अनुमान है कि GDP में 0.5% से 6% तक की गिरावट आ सकती है, मजदूरी 5% तक घट सकती है, और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं. दुनिया की विकास दर घटकर 3% रह सकती है, जिससे बाकी देशों की वित्तीय स्थितिएं भी प्रभावित होंगी. एक छोटे से दाने की वजह से अब पूरी आर्थिक मशीनरी हिचकिचाने लगी है. ये भी पढ़ें: जापान में बदलने जा रहा है इतिहास! साने ताकाइची बनने जा रही हैं देश की पहली स्त्री प्रधानमंत्री घूमने गए थे सिंगापुर पहुंच गए जेल, दो हिंदुस्तानीयों ने वेश्याओं को होटल में बुलाकर गहने और पैसे लूटे इस्लाम का गढ़ सऊदी में रेत के नीचे छिपा मिला 12000 साल पुराना रहस्य, इंसानों ने पत्थरों पर क्या छोड़े थे निशान? The post 0.12 ग्राम के हथियार से अमेरिका हिला! जानें ये क्या चीज है जिससे ट्रंप भी चीन के आगे गिड़गिड़ाने पर हो गए मजबूर appeared first on Naya Vichar.

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IRCTC Tatkal टिकट बुकिंग: मिनटों में कन्फर्म टिकट पाने के 5 जरूरी टिप्स

त्योहारों का मौसम आते ही हिंदुस्तानीय रेलवे की टिकट बुकिंग एक चुनौती बन जाती है. लाखों लोग घर लौटने की कोशिश में टिकट की दौड़ में शामिल होते हैं, और ऐसे में IRCTC की Tatkal सेवा एक संजीवनी की तरह काम करती है. यह सेवा उन यात्रियों के लिए है जिन्हें आपातकालीन स्थिति में यात्रा करनी होती है और टिकट की जरूरत होती है यात्रा से ठीक एक दिन पहले. लेकिन Tatkal टिकट पाना आसान नहीं-हर मिनट कीमती होता है, और थोड़ी सी चूक टिकट से वंचित कर सकती है. इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे आप स्मार्ट तरीकों से IRCTC की Tatkal सेवा का उपयोग कर सकते हैं और मिनटों में कन्फर्म टिकट पा सकते हैं. जानिए बुकिंग का सही समय, जरूरी तैयारी, और वो टिप्स जो आपको टिकट की दौड़ में आगे रखेंगे. Tatkal टिकट कब और कैसे बुक करें? Tatkal टिकट केवल ट्रेन के प्रस्थान से एक दिन पहले ही बुक की जा सकती है. जबकि सामान्य टिकट 120 दिन पहले तक बुक किए जा सकते हैं. Tatkal कोटा सीमित होता है- कुल सीटों का केवल 10 – 30%. यही कारण है कि टिकट कुछ ही मिनटों में खत्म हो जाते हैं, खासकर दिल्ली-मुंबई, चेन्नई-बेंगलुरु और कोलकाता-पटना जैसे व्यस्त रूट्स पर. बुकिंग का सही समय AC क्लास (1A, 2A, 3A, CC, EC): सुबह 10 बजे से बुकिंग शुरू Non-AC क्लास (Sleeper, 2S): सुबह 11 बजे से बुकिंग शुरू समय पर लॉगिन न करने पर टिकट मिलना लगभग असंभव हो जाता है. स्मार्ट बुकिंग टिप्स पहले से IRCTC पर लॉगिन करें यात्री और यात्रा विवरण सेव रखें UPI, नेट बैंकिंग या ई-वॉलेट जैसे तेज पेमेंट विकल्प चुनें ब्राउजर ऑटोफिल और IRCTC QuickBook का उपयोग करें. Tatkal टिकट की कीमत Tatkal टिकट सामान्य टिकट से महंगे होते हैं क्योंकि यह प्राथमिकता सेवा है. प्रीमियम Tatkal टिकट की कीमतें डायनामिक होती हैं, जैसे एयरलाइन टिकट. ChatGPT पर शेयर कर दी पर्सनल डिटेल्स? कोई पढ़ ले उससे पहले डिलीट कर दें चैट हिस्ट्री, जानें आसान तरीका Android यूजर्स की टेंशन हुई खत्म! बस टाइप करें ये सीक्रेट कोड्स, फ्री में पता चलेगा फोन की हेल्थ रिपोर्ट The post IRCTC Tatkal टिकट बुकिंग: मिनटों में कन्फर्म टिकट पाने के 5 जरूरी टिप्स appeared first on Naya Vichar.

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IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान, रोहित-कोहली की वापसी, गिल को मिली बड़ी जिम्मेदारी

IND vs AUS: हिंदुस्तानीय टीम का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली वनडे और टी20 सीरीज के लिए ऐलान हो गया है. बीसीसीआई ने शनिवार को इसकी घोषणा की. इसके साथ ही चयनकर्ताओं ने टेस्ट और टी20 से संन्यास ले चुके स्टार प्लेयर रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की जगह युवा बल्लेबाज शुभमन गिल (Shubman Gill) को टीम की कमान सौप दी है. गिल अब वनडे और टेस्ट फॉर्मेट में टीम इंडिया की कप्तानी करेंगे. वहीं विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा इस दौरे पर स्पोर्ट्सते हुए नजर आएंगे. गिल बने नए वनडे कप्तान चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस दौरे के लिए टीम का ऐलान किया. उन्होंने साफ किया कि अब वनडे फॉर्मेट की कमान शुभमन गिल को सौंपी गई है. इसका मतलब यह है कि रोहित शर्मा अब केवल बतौर बल्लेबाज टीम में स्पोर्ट्सते नजर आएंगे. गिल हाल के समय में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम मैनेजमेंट उन्हें भविष्य का कप्तान मानकर चल रहा है. इस फैसले के साथ ही हिंदुस्तान को अब टेस्ट और वनडे, दोनों फॉर्मेट में गिल की कप्तानी में उतरते देखा जाएगा. India’s squads for the upcoming bilateral series comprising three ODIs and five T20Is against Australia in October-November have been announced India’s ODI squad: Shubman Gill (Captain), Rohit Sharma, Virat Kohli, Shreyas Iyer (VC), Axar Patel, KL Rahul (WK), Nitish Kumar… pic.twitter.com/4IAKTxig1J — ANI (@ANI) October 4, 2025 रोहित और कोहली की वापसी रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों को वनडे टीम में शामिल किया गया है. यह दोनों दिग्गज आखिरी बार हिंदुस्तान के लिए 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान स्पोर्ट्से थे, जिसमें हिंदुस्तान ने खिताब अपने नाम किया था. यानी करीब सात महीने बाद ये दोनों खिलाड़ी फिर से नीली जर्सी में नजर आएंगे. खास बात यह है कि रोहित शर्मा दिसंबर 2021 के बाद पहली बार बतौर खिलाड़ी किसी वनडे सीरीज का हिस्सा बनेंगे. आईपीएल 2025 के बाद यह पहली बार होगा जब रोहित और विराट मैदान पर एकसाथ उतरेंगे. जसप्रीत बुमराह को आराम टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को इस दौरे पर आराम दिया गया है. वह फिलहाल वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज स्पोर्ट्स रहे हैं और लगातार क्रिकेट से बचाने के लिए सेलेक्टर्स ने उन्हें वनडे सीरीज से बाहर रखा है. वहीं, विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत अब भी चोट से उबर रहे हैं, जो उन्हें इंग्लैंड दौरे पर लगी थी. हार्दिक पंड्या भी फिटनेस समस्या के चलते इस दौरे से बाहर हैं. इन तीन बड़े खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी टीम इंडिया के लिए एक चुनौती हो सकती है. ऑस्ट्रेलिया में वनडे सीरीज यह दौरा हिंदुस्तानीय क्रिकेट के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद हिंदुस्तान पहली बार किसी वनडे सीरीज में उतरेगा. इसके साथ ही दिसंबर 2020 के बाद हिंदुस्तान पहली बार ऑस्ट्रेलिया में वनडे सीरीज स्पोर्ट्सने जा रहा है. ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर हमेशा हिंदुस्तानीय टीम को कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा है, ऐसे में यह सीरीज युवा कप्तान शुभमन गिल के लिए भी बड़ा इम्तिहान होगी. टीम इंडिया के सामने बड़ी चुनौती ऑस्ट्रेलिया हमेशा से हिंदुस्तान के लिए मुश्किल विरोधी रहा है. तेज और उछालभरी पिचों पर बल्लेबाजों को धैर्य और तकनीक दोनों का परिचय देना होगा. रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी से टीम का अनुभव जरूर बढ़ेगा, लेकिन बुमराह, पंत और पंड्या की गैरमौजूदगी टीम की ताकत को प्रभावित कर सकती है. दूसरी ओर, युवा खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा. शुभमन गिल के नेतृत्व में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया किस तरह से ऑस्ट्रेलियाई चुनौती का सामना करती है. वनडे के लिए हिंदुस्तानीय टीम का स्क्वाड- शुभमन गिल (कप्तान), श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, अक्षर पटेल, केएल राहुल, नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, ध्रुव जुरेल और यशस्वी जायसवाल. टी20 के लिए हिंदुस्तानीय टीम का स्क्वाड- सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, संजू सैमसन, रिंकू सिंह और वॉशिंगटन सुंदर. ये भी पढ़ें- IND vs WI, 1st Test: अहमदाबाद टेस्ट में हिंदुस्तान की एकतरफा जीत, वेस्टइंडीज को पारी और 140 रन से हराया Women World Cup 2025: प्रैक्टिस के दौरान मैदान पर आया सांप, टीम इंडिया के खिलाड़ी हैरान IND vs WI: वाह क्या कैच है! नितीश रेड्डी की छलांग देखकर सब हैरान, वायरल वीडियो ने मचाया तहलका The post IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान, रोहित-कोहली की वापसी, गिल को मिली बड़ी जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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