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October 16, 2025

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Chocolate Barfi For Diwali: इस दिवाली मेहमानों को खिलाएं खास चॉकलेट बर्फी, मिनटों में तैयार हो जाती है स्वीट डिश

Chocolate Barfi For Diwali: मिठाइयों के बिना तो त्यौहार बिल्कुल अधूरा सा लगता है. दिवाली में हर किसी के घर में तरह-तरह की मिठाइयां बनती है. ऐसे में हर किसी को रेगुलर मिठाई नहीं पसंद आती है. इस दिवाली अगर आप अपने घर में मिठाई बनाना चाहते हैं तो ऐसे में जरूरी है कि आप अपने मेहमानों को रेगुलर नहीं कुछ फ्यूजन मिठाई को टेस्ट करवाए. चॉकलेट बर्फ़ी का नाम तो हर किसी ने सुना है, लेकिन क्या आप ये जानते है कि इसे बनाना भी काफी आसान है. चॉकलेट बर्फ़ी एक ऐसा मिठाई है जो कि बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है. इस आर्टिकल में बताते है कि इस टेस्टी मिठाई को आप घर पर कैसे बना सकते हैं.  चॉकलेट बर्फ़ी क्या होता है? चॉकलेट बर्फी एक मीठा और आसान दिवाली स्पेशल डिज़र्ट है. यह पारंपरिक बर्फी का चॉकलेट वर्ज़न है, जिसे बनाने में कम समय लगता है और इसका स्वाद बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आता है. चॉकलेट की बर्फ़ी बनाने के लिए कौन-कौन सी समग्री की जरूरत होती है? 1 कप खोया (मावा)1/2 कप कंडेंस्ड मिल्क1/2 कप डार्क या मिल्क चॉकलेट2-3 टेबलस्पून ककड़ी पाउडर (यदि चाहें)1/2 टीस्पून वनीला एसेंसकाजू, पिस्ता या ड्राय फ्रूट्स सजाने के लिए चॉकलेट बर्फ़ी कैसे तैयार कर सकते हैं घर पर? सबसे पहले कड़ाही में खोया और कंडेंस्ड मिल्क डालकर धीमी आंच पर 5-6 मिनट तक भूनें.अब इसमें चॉकलेट डालें और अच्छे से मिलाएं जब तक चॉकलेट पूरी तरह घुल न जाए.इसमें वनीला एसेंस डालें और मिक्स करें.मिश्रण को ग्रीस किए हुए थाली या ट्रे में डालें और समान रूप से फैला दें.ऊपर से कटे हुए ड्राय फ्रूट्स सजाएं.ठंडा होने के बाद मनचाहे आकार में काट लें. इस मिठाई को कितने दिन तक फ्रेश रखा जा सकता है? इसे एयरटाइट कंटेनर में रख कर 5-6 दिन तक फ्रिज में रखा जा सकता है. क्या बच्चों के लिए एक हेल्दी मिठाई है? हां, चॉकलेट बर्फी बच्चों के लिए बिल्कुल सुरक्षित और हेल्दी मिठाई है. आप इसमें ड्राय फ्रूट्स डालकर इसे और पौष्टिक बना सकते हैं. यह भी पढ़ें: Homemade Ladoo For Diwali: दिवाली पर हर किसी को लुभाएंगे घर के बने लड्डू, जानिए आसान तरीका यह भी पढ़ें: Sugar Free Diwali Sweets: बिना चीनी की दिवाली, त्यौहार में घर पर बनाएं 4 हेल्दी और टेस्टी स्वीट्स यह भी पढ़ें: Diwali Special Mawa Cake: दिवाली पर बनाएं स्वादिष्ट मावा केक, जो मिठाई की जगह देगा फ्यूजन ट्विस्ट The post Chocolate Barfi For Diwali: इस दिवाली मेहमानों को खिलाएं खास चॉकलेट बर्फी, मिनटों में तैयार हो जाती है स्वीट डिश appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप की दीवानी हुई पाकिस्तान सरकार! रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का अजीबोगरीब बयान, बोले- ‘पहले राष्ट्रपति हैं जिन्होंने युद्ध रोके’

Trump Praised By Pakistan Minister Khawaja Asif: दुनिया की सियासत में पाकिस्तान का रोल अक्सर पहेलियों से भरा रहता है. कभी खुद को शांति का पैरोकार बताता है, तो कभी उसी सांस में हिंदुस्तान पर आरोपों की झड़ी लगा देता है. इस बार पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कुछ ऐसा ही किया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए उन्हें “पहले ऐसे राष्ट्रपति बताया जिन्होंने युद्ध रोके हैं” और साथ ही हिंदुस्तान पर तालिबान को प्रायोजित करने का आरोप जड़ दिया. गुरुवार को जियो टीवी पर दिए इंटरव्यू में आसिफ ने तालिबान नियंत्रित अफगानिस्तान से बढ़ते तनाव पर बात करते हुए अमेरिका से मदद मांगी. उन्होंने कहा कि ट्रंप अगर चाहें तो पाकिस्तान और उसके उत्तरी पड़ोसी के बीच शांति स्थापित करने में भूमिका निभा सकते हैं. Trump Praised By Pakistan Minister Khawaja Asif: ट्रंप की तारीफों में पुल बांध दिए आसिफ ने ख्वाजा आसिफ ने डोनाल्ड ट्रंप की खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि  मुझे लगता है कि अमेरिका में राष्ट्रपति आमतौर पर युद्धों के लिए जिम्मेदार रहे हैं. यह पहले राष्ट्रपति (ट्रंप) हैं जिन्होंने युद्ध रोके हैं. पिछले 15-20 वर्षों में अमेरिका ने युद्धों को प्रायोजित किया है, और वह (ट्रंप) शांति वार्ता करने वाले पहले राष्ट्रपति हैं.” आसिफ ने यह भी कहा कि अगर ट्रंप पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष को सुलझाने की कोशिश करते हैं, तो पाकिस्तान उनका स्वागत करेगा. यानी साफ है कि इस्लामाबाद अब भी ट्रंप को एक तरह के ‘शांति मध्यस्थ’ के रूप में देखता है. Trump Praised By Pakistan Minister Khawaja Asif: हिंदुस्तान पर तालिबान को प्रायोजित करने का आरोप इंटरव्यू के दौरान ख्वाजा आसिफ ने हिंदुस्तान को लेकर एक विवादित बयान दे डाला. उन्होंने कहा कि नई दिल्ली तालिबान को प्रायोजित कर रही है और पाकिस्तान के खिलाफ छल से युद्ध छेड़े हुए है. यह बयान पाकिस्तान की उसी पुरानी नीति की याद दिलाता है कि जब भी घरेलू हालात खराब होते हैं या अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता है, तो हिंदुस्तान-विरोधी बयानबाजी से ध्यान हटाने की कोशिश की जाती है. ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करने की मांग यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के नेता ट्रंप की तारीफ कर रहे हों. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर पहले भी ट्रंप को “युद्ध समाप्त करने वाला नेता” बता चुके हैं. ख्वाजा आसिफ ने भी उसी लाइन को दोहराया, और बताया कि इस्लामाबाद के शीर्ष नेतृत्व ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करने की बात कही है. असल में, पाकिस्तान में ट्रंप को लेकर यह ‘फैन क्लब’ तब से बना जब उन्होंने अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और तालिबान के साथ शांति वार्ता की पहल की थी. ऑपरेशन सिंदूर और हिंदुस्तान की प्रतिक्रिया आसिफ के बयान के बाद पाकिस्तान की नेतृत्व में एक और मुद्दा उठा. हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद हिंदुस्तान द्वारा चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर. समाचारों के मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि इस ऑपरेशन के दौरान ट्रंप की मध्यस्थता का स्वागत किया गया. लेकिन हिंदुस्तान ने इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में स्पष्ट कहा है, ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के हिंदुस्तान के फैसले में किसी विदेशी नेता की कोई भूमिका नहीं थी.” हिंदुस्तान का संदेश साफ था कि हमारी आतंकवाद विरोधी नीतियां पूरी तरह स्वतंत्र हैं, और कोई विदेशी नेता उन्हें प्रभावित नहीं कर सकता. पाकिस्तान की सियासत में यह एक पुराना पैटर्न है. जब-जब घरेलू दबाव बढ़ता है, तब-तब वहां के नेता हिंदुस्तान विरोधी बयान देकर राष्ट्रवाद का कार्ड स्पोर्ट्सते हैं. ख्वाजा आसिफ का बयान उसी स्क्रिप्ट का नया अध्याय है. ये भी पढ़ें: ट्रंप को मिली पाकिस्तानी ‘रेअर अर्थ’, चीन के माथे पर नहीं आया शिकन, कहा- बीजिंग और इस्लामाबाद की अटूट दोस्ती मेरा यार है तू… जिगरी दोस्त ने किया अगले साल ट्रंप को नोबेल दिलाने का वादा, युद्ध रोकने की बने दीवार The post ट्रंप की दीवानी हुई पाकिस्तान प्रशासन! रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का अजीबोगरीब बयान, बोले- ‘पहले राष्ट्रपति हैं जिन्होंने युद्ध रोके’ appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Election 2025: बिहार चुनाव में महिला वोटर्स की बढ़ती ताकत, किंगमेकर’ बन रहीं हैं महिलाएं

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, नेतृत्वक समीकरणों में एक नई धुरी तेजी से उभर रही है स्त्री मतदाता. पिछले एक दशक में स्त्रीओं का मतदान प्रतिशत लगातार बढ़ा है और अब यह पुरुषों से आगे निकल चुका है. राज्य में करीब 15 लाख नई स्त्री वोटरों का जुड़ना इस बदलाव को और भी गहरा बना रहा है. नीतीश कुमार की स्त्री-केंद्रित नीतियों, सामाजिक योजनाओं और शिक्षा में निवेश ने स्त्रीओं को नेतृत्वक रूप से सशक्त किया है. आज स्थिति यह है कि जिस क्षेत्र में स्त्रीओं की भागीदारी अधिक होती है, वहां चुनावी नतीजों की दिशा अक्सर बदल जाती है. लंबे समय तक पीछे रहीं,अब बनीं निर्णायक शक्ति बिहार में दशकों तक मतदान में पुरुषों का वर्चस्व रहा.1962 के विधानसभा चुनाव में पुरुषों का मतदान प्रतिशत 55 था जबकि स्त्रीओं का केवल 32. यह लैंगिक अंतर 2000 तक बना रहा. फरवरी 2005 के चुनाव में भी 50 प्रतिशत पुरुषों और 43 प्रतिशत स्त्रीओं ने ही वोट डाला. 2010 में एक ऐतिहासिक मोड़ आया. 54 प्रतिशत स्त्रीओं ने मतदान किया, जो पुरुषों के 51 प्रतिशत था. इसके बाद से यह प्रवृत्ति हर चुनाव में और मजबूत होती गई. 2015 में 60 प्रतिशत स्त्रीओं ने वोट डाला,जबकि पुरुषों का प्रतिशत 50 पर अटका रहा. 2020 के चुनावों में स्त्रीओं का मतदान प्रतिशत 60 था, जबकि पुरुषों का 54. यह आंकड़े बताते हैं कि अब स्त्रीएं बिहार की चुनावी नेतृत्व की सबसे मजबूत और स्थिर वोट बैंक बन चुकी हैं. अभूतपूर्व वृद्धि: 15 लाख नई स्त्री वोटर 2024 के लोकसभा चुनाव में बिहार में स्त्री मतदाताओं की संख्या 3,57,71,306 थी, जो 2025 के विधानसभा चुनाव के लिए बढ़कर 3,72,57,477 हो गई है. यानी सिर्फ एक साल में 14,86,171 नई स्त्री वोटरों का नाम जुड़ा है. यह सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि नेतृत्वक व्यवहार में गहराते बदलाव का भी संकेत है. विगत एक वर्ष में स्त्री वोटरों की संख्या में 15 लाख की बढ़ोतरी हुई है. मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, वैशाली और सीतामढ़ी जैसे जिलों में स्त्री मतदाताओं की संख्या में 50 हजार से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है. इन जिलों की विधानसभा सीटों पर स्त्री वोटरों की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है, क्योंकि यहां पहले से ही स्त्रीओं की मतदान भागीदारी पुरुषों से अधिक रही है. Bihar election 2025 उत्तरी बिहार में स्त्री वोटिंग का असर और एनडीए का फायदा 2020 के विधानसभा चुनावों में 243 में से 167 सीटों पर स्त्रीओं ने पुरुषों से अधिक मतदान किया, जिनमें से अधिकतर सीटें उत्तरी बिहार की थीं. इस क्षेत्र का झुकाव राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर रहा. पूर्णिया जिले के बैसी में स्त्रीओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से 22 प्रतिशत अधिक था और एनडीए ने यह सीट जीती. कुशेश्वरस्थान में भी स्त्रीओं ने पुरुषों से 21 प्रतिशत अधिक मतदान किया और यह सीट भी एनडीए के खाते में गई. मधुबनी, सुपौल, सीतामढ़ी और दरभंगा जैसे जिलों में स्त्रीओं की बढ़ी हुई भागीदारी ने चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाई. मधुबनी की दस सीटों में से आठ, सुपौल की सभी पांच, सीतामढ़ी की आठ में से छह और दरभंगा की दस में से नौ सीटें एनडीए ने जीतीं. इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि स्त्री वोटरों की सक्रियता सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि चुनावी जीत की कुंजी बन चुकी है. नीतीश मॉडल: योजनाओं से बना स्त्री वोट बैंक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शासनकाल में कई योजनाएं चलाईं, जिनका सीधा असर स्त्रीओं की सामाजिक-नेतृत्वक स्थिति पर पड़ा. कन्या उत्थान योजना, शिक्षा में आरक्षण, जीविका कार्यक्रम और हाल ही में राज्य प्रशासन की नौकरियों में स्त्रीओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा—इन सबने ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों की स्त्रीओं को नई पहचान दी. इन्हीं योजनाओं के कारण नीतीश कुमार ने एक स्थिर स्त्री वोट बैंक तैयार किया, जो 2010 से लगातार उनकी चुनावी रणनीति की रीढ़ बना हुआ है. यही वजह है कि 2010, 2015 और 2020 में स्त्री वोटिंग पैटर्न ने एनडीए को निर्णायक बढ़त दिलाई. स्त्री मतदाता अब मुद्दे भी तय कर रही हैं पहले स्त्रीओं की नेतृत्वक भागीदारी सिर्फ मतदान तक सीमित थी, लेकिन अब वे चुनावी मुद्दों को भी आकार दे रही हैं. शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्त्री सशक्तिकरण उनके प्राथमिक मुद्दे बन चुके हैं. कई स्त्री समूहों, स्वयं सहायता समूहों और छात्राओं ने विधानसभा में स्त्रीओं की भागीदारी बढ़ाने की मांग की है. जाहिर है बिहार में “आधी आबादी” अब सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि एक सशक्त नेतृत्वक आवाज बन चुकी है. इस बार स्त्री मतदाता न केवल मतदान करने जा रही हैं, बल्कि वे सत्ता की दिशा और दशा तय करने का माद्दा भी रखती हैं. Bihar election 2025 अब ‘क्वीनमेकर’ हैं आधी-आबादी बिहार चुनाव 2025 में स्त्री वोटर खुद ‘क्वीनमेकर’ बनकर उभर सकती हैं. 2010 से 2020 के बीच स्त्रीओं के मतदान में जो 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, उसने लैंगिक अंतर को मिटा दिया है.अब नेतृत्वक दलों के लिए यह संभव नहीं कि वे स्त्रीओं की उपेक्षा करें या उन्हें केवल प्रतीकात्मक रूप में प्रस्तुत करें. 2020 के चुनाव में 243 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 28 सीटों पर स्त्रीएं विधायक बनीं. JDU की 3, BJP की 9, RJD की 5 और कांग्रेस की केवल 2 स्त्री उम्मीदवार जीत सकीं. यानी स्त्रीओं की टिकट हिस्सेदारी बढ़ाने में सभी दल पीछे रहे, जबकि वोटिंग में उनका प्रतिशत सबसे आगे रहा. करीब 15 लाख नई स्त्री वोटरों के जुड़ने से नेतृत्वक दलों के सामने अब एक साफ चुनौती है. स्त्री प्रतिनिधित्व को गंभीरता से नहीं लेंगे और नीतियों को जमीन पर नहीं उतारेंगे तो इसका सीधा असर सीटों पर पड़ेगा. नेतृत्वक दलों की रणनीति अब महज जातीय समीकरणों या पारंपरिक वोट बैंक पर निर्भर नहीं रह सकती. उन्हें स्त्री मतदाताओं के एजेंडे को समझना और उसमें हिस्सेदारी देनी होगी. Also Read: Bihar Election 2025: नीतीश कुमार ने 13 स्त्री, 4 मुस्लिम को दिया टिकट, जदयू में अतिपिछड़ों को सबसे अधिक हिस्सेदारी The post Bihar Election 2025: बिहार चुनाव में स्त्री वोटर्स की बढ़ती ताकत, किंगमेकर’ बन रहीं हैं स्त्रीएं appeared first on Naya Vichar.

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Best Camera Smartphones: DSLR भी शर्मा जाए इन 5 फोन्स के कैमरे के आगे, लिस्ट में Vivo का नाम भी शामिल

Best Camera Smartphones: कुछी दिनों बाद दिवाली है और इसके साथ ही कई सारी इ-कॉमर्स साइट्स और ऑफलाइन स्टोर्स पर सेल शुरू है. इन सेल्स में एक से बढ़ कर एक स्मार्टफोन्स पर जबरदस्त डील्स मिल रही हैं. अगर आपका बजट थोड़ा हाई है और आप एक ऐसा फोन की तलाश में हैं जिसका कैमरा दमदार हो, तो हम आपके लिए कुछ बढ़िया ऑप्शन लेकर आए हैं. कमाल की बात ये हैं कि इन फोन्स में कैमरा के साथ परफॉरमेंस भी आपको जबरदस्त देखने को मिलते हैं. तो आइए इन फोन्स पर नजर डालते हैं. iPhone 17 Pro iPhone 17 Pro में पीछे की तरफ आपको तीन कैमरों का सेटअप देखने को मिलता है. इसमें 48MP का मेन कैमरा है जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन (OIS) मिलता है, 48MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस और 48MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस शामिल है. कंपनी का कहना है कि इसका कैमरा सिस्टम हर तरह की लाइटिंग में बेहतरीन फोटो लेने में माहिर है. वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 18MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. Google Pixel 10 Pro Google Pixel 10 Pro में पीछे की तरफ ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है. इसमें आपक 50MP का प्राइमरी सेंसर (OIS के साथ), 48MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो सेंसर और 48MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस मिलता है. इस फोन में कई एडवांस्ड AI कैमरा फीचर्स मिलते हैं जो फोटोज की क्वालिटी को एक नया लेवल दे देते हैं. सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 32MP का फ्रंट कैमरा मौजूद है. Vivo X200 Pro Vivo X200 Pro में पीछे की तरफ ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है. इसमें 200MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस, 50MP का प्राइमरी कैमरा (OIS सपोर्ट के साथ) और 50MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस शामिल है. इसका कैमरा रिजल्ट शानदार है और इसमें जबरदस्त जूमिंग कैपेसिटी देखने को मिलती है. वहीं, फ्रंट सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है. iPhone 16 Pro iPhone 16 Pro में पीछे की तरफ आपको तीन कैमरों का सेटअप दिया गया है. इसमें 48MP का मेन कैमरा OIS सपोर्ट के साथ आता है, 48MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस और 12MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस शामिल है. वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए आपको इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. Oppo Find X8 Pro Oppo Find X8 Pro में पीछे की तरफ आपको चार कैमरों का सेटअप दिया गया है. इसमें 50MP का मेन कैमरा OIS सपोर्ट के साथ आता है, 50MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस 3x ऑप्टिकल जूम के साथ, 50MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस 120 डिग्री के फील्ड ऑफ व्यू के साथ और एक और 50MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस 6x ऑप्टिकल जूम के साथ शामिल है. वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में आगे की तरफ आपको 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. यह भी पढ़ें: ₹15,000 से कम वाले बेस्ट 5G स्मार्टफोन: Oppo K13, iQOO Z10x, Infinix Note 50s और बाकी धमाकेदार ऑप्शंस The post Best Camera Smartphones: DSLR भी शर्मा जाए इन 5 फोन्स के कैमरे के आगे, लिस्ट में Vivo का नाम भी शामिल appeared first on Naya Vichar.

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Weather Alert : भारत में 30 दिन लंबा होगा अब गर्मी का मौसम, इस दावे से बढ़ी टेंशन

Weather Alert : एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि इस सदी के अंत तक दुनिया हर साल लगभग दो महीने तक ‘‘अत्यधिक गर्म’’ दिनों का सामना करेगी. इसका सबसे ज्यादा असर छोटे और गरीब देशों पर होगा, जबकि सबसे बड़े कार्बन उत्सर्जक देशों को कम असर पड़ेगा. हालांकि, 2015 के पेरिस जलवायु समझौते के बाद उत्सर्जन कम करने के प्रयासों ने इस गंभीर स्थिति को कुछ हद तक रोकने में मदद की है, लेकिन चुनौती अभी भी बनी हुई है. स्टडी के अनुसार, अगर पेरिस जलवायु समझौता नहीं हुआ होता, तो पृथ्वी को हर साल 114 और घातक गर्म दिनों का सामना करना पड़ता. ‘वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन’ और अमेरिका स्थित ‘क्लाइमेट सेंट्रल’ के वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर मॉडल की मदद से वास्तविक समय से तुलना कर यह गणना की कि पेरिस समझौते से कितनी राहत मिली है. दुनिया को अब की तुलना में 57 अतिरिक्त गर्म दिन झेलने होंगे स्टडी के अनुसार, यदि सभी देश अपने वादों को पूरा करते हैं और वर्ष 2100 तक तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस बढ़ता है तो दुनिया को अब की तुलना में 57 अतिरिक्त गर्म दिन झेलने होंगे. लेकिन यदि तापमान चार डिग्री सेल्सियस बढ़ा तो यह संख्या दोगुनी हो जाएगी. ‘क्लाइमेट सेंट्रल’ की वैज्ञानिक क्रिस्टिना डाल ने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन से दर्द और नुकसान तो होगा, लेकिन यह प्रगति भी दिखाती है कि पिछले 10 सालों में किए गए प्रयास असरदार रहे हैं.’’ औसतन बढ़ चुके हैं 11 अतिरिक्त ‘‘अत्यधिक गर्म’’ दिन साल 2015 से अब तक दुनिया में औसतन 11 अतिरिक्त ‘‘अत्यधिक गर्म’’ दिन बढ़ चुके हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं. स्टडी में पाया गया कि छोटे द्वीपीय और समुद्र पर निर्भर देश जैसे सोलोमन द्वीप, समोआ, पनामा और इंडोनेशिया को सबसे अधिक नुकसान होगा. उदाहरण के लिए, पनामा को 149 अतिरिक्त गर्म दिनों का सामना करना पड़ेगा. हिंदुस्तान में केवल 23-30 अतिरिक्त गर्म दिन बढ़ेंगे इसके विपरीत अमेरिका, चीन और हिंदुस्तान जैसे प्रमुख उत्सर्जक देशों में केवल 23-30 अतिरिक्त गर्म दिन बढ़ेंगे. वे हवा में 42 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन उन्हें अतिरिक्त अत्यधिक गर्म दिनों का एक प्रतिशत से भी कम हिस्सा मिल रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह असमानता जलवायु न्याय की गहराई को दिखाती है कि जिन देशों ने कम प्रदूषण फैलाया है, वही सबसे ज्यादा जलवायु संकट झेलेंगे. The post Weather Alert : हिंदुस्तान में 30 दिन लंबा होगा अब गर्मी का मौसम, इस दावे से बढ़ी टेंशन appeared first on Naya Vichar.

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Diwali 2025 : 4 फूलझड़ियां ओजोन में बड़ा छेद कर देंगी, दिवाली पर ज्ञान देने वालों पर कुमार विश्वास का तंज, देखें Video

Diwali 2025 : प्रख्यात हिंदी कवि डॉ. कुमार विश्वास ने दिवाली पर पटाखों के विरोधियों पर तंज कसा है. इसका वीडयो सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. उन्होंने दुनिया में चल रहे युद्धों का जिक्र किया, और कहा कि इन युद्धों के हथियार ओजोन परत को नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन दिवाली के फूलझड़ियां इसमें बड़ा छेद डाल देंगी. आप भी देखें ये वायरल वीडियो. Kumar Vishwas spitting facts on Diwali firecrackers and pollution 🧨🔥 pic.twitter.com/r9ltUi0v7p — Yo Yo Funny Singh (@moronhumor) October 15, 2025 चार फूलझड़ियां ओजोन में बड़ा छेद कर देंगी मुंबई के शानमुखानंद हॉल में आयोजित कविता संगोष्ठी में डॉ. कुमार विश्वास ने कहा, “यूक्रेन और रूस पिछले तीन साल से टकरा रहे हैं. इतनी सारी गोला-बारूद बर्बाद हो गई. गाजा में भी गोला-बारूद इस्तेमाल हो रहा है.” उन्होंने इस दौरान हिंदुस्तान के ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया. इसके बाद उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इतनी सारी गोला-बारूद होने के बावजूद ओजोन परत पूरी तरह सुरक्षित रही, लेकिन दिवाली पर सिर्फ चार फूलझड़ियां ओजोन में बड़ा छेद कर देंगी. यह छेद इतना बड़ा होगा कि कई विद्वान इसके अंदर से ऊपर और नीचे जा सकते हैं.” यह भी पढ़ें : Dhanteras Special Kheer Recipe: धनतेरस पर बनाएं 3 तरह की पारंपरिक खीर – कद्दू मलाई खीर, काजू मावा खीर, गुड़ चावल की खीर पटाखे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं यदि आपको याद हो तो हर साल दिवाली पर यह बहस होती है कि इस दिन के पटाखे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं. इस विषय में एक पक्ष कहता है कि पर्यावरण का बहाना सिर्फ हिंदू त्योहारों को निशाना बनाने की साजिश का हिस्सा है. वहीं, दूसरा पक्ष कहता है कि दिवाली में पटाखे जलाने से प्रदूषण होता है और यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है. ऐसे ही ज्ञान देने वालों पर कुमार विश्वास ने तंज कसा जिसके बाद जमकर ठहाके लगने लगे. The post Diwali 2025 : 4 फूलझड़ियां ओजोन में बड़ा छेद कर देंगी, दिवाली पर ज्ञान देने वालों पर कुमार विश्वास का तंज, देखें Video appeared first on Naya Vichar.

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How to Reduce Food Waste at Home: घर में खाने की बर्बादी को करें कम, जानिए आसान टिप्स और बच्चों के साथ अपनाने वाले उपाय

How to Reduce Food Waste at Home: हर किसी के खाना  लिए बेहद जरूरी है. इसके साथ ये भी बहुत जरूरी है कि लोगों को ये भी मालूम चले कि आखिर वो खाना आता कहां से है. कई घरों में ज्यादा खाना बनने के कारण खाना बेकार भी होता है. खाने की  बर्बादी आज के समय में एक बड़ी समस्या है. ये खाने की बर्बादी को बचाने के लिए आपके घर में कई सारी चीजों को कम करके सकते हैं. अगर आप अपने घर में खाने की  बर्बादी को रोकेंगे तो  ये न सिर्फ आपके बजट कि बचत करता है बल्कि पर्यावरण कि सुरक्षा भी होती है. ऐसे में इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि कैसे आप घर में छोटे-छोटे चीजों का ध्यान रख कर खाने की  बर्बादी को रोक सकते हैं.  घर में खाने की बर्बादी को कम करना क्यों जरूरी है? खाने की बर्बादी न केवल आपके पैसे की बचत करती है बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा में भी मदद करती है. इससे संसाधनों का सही इस्तेमाल होता है और अनावश्यक कचरे में कमी आती है. घर पर खाने की बर्बादी को कैसे काम करें? केवल उतना ही खाना बनाएं जितना खाया जा सके.बचे हुए खाने को सही तरीके से स्टोर करें.सब्जियों और फलों को समय पर उपयोग करें.खाने की प्लानिंग करें और शॉपिंग लिस्ट का पालन करें. बचे हुए खाने को सुरक्षित कैसे रखें? बचे हुए खाने को एयरटाइट कंटेनर में रखकर फ्रिज या फ्रीजर में स्टोर करें.अलग-अलग भोजन के लिए अलग डिब्बे का इस्तेमाल करें.ज्यादा दिन तक न रखें, समय पर खा लें. सब्जियों और फलों को लंबे समय तक ताजा कैसे रख सकते हैं? ताजे सब्जियों और फलों को सही तापमान और पैकेजिंग में रखें.पत्तेदार सब्जियों को पेपर टॉवल में लपेटकर फ्रिज में रखें.फल और सब्जियों को अलग रखें, ताकि जल्दी खराब न हों. क्या बचा हुआ खाना दुबारा इस्तेमाल लाया जा सकता है? सब्जियों और रोटी को स्टू, सूप या पराठे में बदल सकते हैं.चावल और दाल से नया व्यंजन तैयार कर सकते हैं.बचे हुए खाने से कंपोस्ट बनाकर किचन गार्डन में उपयोग कर सकते हैं. खाने की बर्बादी को कम करने के लिए  बच्चों की मदद कैसे ली जा सकती है? बच्चों को खाने की मात्रा देखकर ही खाने की आदत डालें.बचे हुए खाने से नए व्यंजन बनाने में बच्चों को शामिल करें.उन्हें बताएं कि भोजन की बर्बादी क्यों हानिकारक है. यह भी पढ़ें: यह भी पढ़ें: World Food Day 2025: क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड फूड डे? जानिए इसका महत्व  The post How to Reduce Food Waste at Home: घर में खाने की बर्बादी को करें कम, जानिए आसान टिप्स और बच्चों के साथ अपनाने वाले उपाय appeared first on Naya Vichar.

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Bhojpuri: ‘प्रेम विवाह’ करने के बाद आशीर्वाद लेने मंदिर पहुंचे अरविंद अकेला कल्लू और काजल राघवानी, इंटरनेट पर वायरल हुई तस्वीरें

Bhojpuri: भोजपुरी सुपरस्टार अरविंद अकेला कल्लू और एक्ट्रेस काजल राघवानी अपनी आने वाली फिल्म को लेकर सुर्खियों में है. कुछ दिनों पहले ही उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘प्रेम विवाह’ के मुहूर्त की तस्वीरें फैंस के साथ शेयर की थी. इसके बाद दोनों ने अब एक नई तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें वह ‘प्रेम विवाह’ के बाद माता के दर्शन करने और आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर पहुंचे. अरविंद और काजल ने पहली बार एक साथ फिल्म में काम किया है, जिसके बाद फैंस उनकी नई जोड़ी ऑन स्क्रीन देखने के लिए बहुत उत्साहित है.  View this post on Instagram A post shared by Kajal Sharda🦋 (@kajalraghwani) जल्द आ रही है अरविंद-काजल की ‘प्रेम विवाह’ अरविंद अकेला कल्लू और काजल राघवानी ने एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें दोनों माता की मूर्ति के सामने हाथ जोड़े बैठे नजर आ रहे है. इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, ‘प्रेम विवाह के बाद मिल गया माता चंद्रिका देवी जी का आशीर्वाद, जय माता दी. प्रेम विवाह कमिंग सून.’ इस पोस्ट के बाद फैंस की उत्सुकता और बढ़ गई है. फिल्म के टाइटल से ही इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह एक लव स्टोरी पर बनी फिल्म है, जिसमें दोनों के प्यार और शादी की कहानी को दिखाया जायेगा.  काजल और अरविंद का पिछला गाना इस फिल्म के अलावा हाल ही में काजल राघवानी का छठ स्पेशल भोजपुरी गीत यूट्यूब पर रिलीज हुआ है, जो रिलीज होते ही फैंस के बीच वायरल हो गया है. ‘छठी माई के पावन परबिया’ गीत को समाचार लिखे जाने तक 23 हजार से ज्यादा व्यूज मिल चुके है. अगर बात करें अरविंद अकेला कल्लू की, तो कुछ दिनों पहले ही उनका नया और धमाकेदार गाना ‘टिकुलिया’ रिलीज हुआ है, जिसने आते ही फैंस को दीवाना बना दिया है. साथ ही अरविंद ने अपने वाले नए गाने ‘रात वाला दरद’ का ऐलान कर दिया है, जो जल्द ही रिलीज हो जायेगी.   ये भी पढ़ें: Chhath Special Geet: पवन सिंह-पलक मुच्छल का छठ गीत हुआ वायरल, ‘सभे घाटे चल गईल’ में दिखा भक्ति और इमोशन का संगम ये भी पढ़ें:ये भी पढ़ें: Akshara Singh Chhath Geet: परिवार के साथ छठ मनाने के लिए अक्षरा सिंह ने छोड़ी फिल्म की शूटिंग, वायरल हुआ ‘छठी मैया’ गीत The post Bhojpuri: ‘प्रेम विवाह’ करने के बाद आशीर्वाद लेने मंदिर पहुंचे अरविंद अकेला कल्लू और काजल राघवानी, इंटरनेट पर वायरल हुई तस्वीरें appeared first on Naya Vichar.

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Dhanteras 2025 Shopping: धनतेरस पर क्या स्टील के बर्तन खरीदना माना जाता है अशुभ

Dhanteras 2025 Shopping: दीपावली की शुरुआत करने वाला सबसे पहला त्योहार धनतेरस है. यह दिन हर साल न सिर्फ खरीदारी के लिए बल्कि घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली लाने के लिए भी खास माना जाता है. मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय इसी दिन मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था. इसलिए धनतेरस पर उनकी पूजा करने से घर में धन, सौभाग्य और समृद्धि आती है. धनतेरस की तिथि और शुभ मुहूर्त इस साल धनतेरस 18 अक्टूबर 2025, शनिवार को मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 18 अक्टूबर दोपहर 12:18 बजे से शुरू होकर 19 अक्टूबर दोपहर 1:51 बजे तक रहेगी. यानी इस दिन का शुभ मुहूर्त 18 अक्टूबर दोपहर 12:18 बजे से 19 अक्टूबर दोपहर 1 बजे तक है. इस समय में पूजा और खरीदारी करने को सबसे शुभ माना जाता है. धनतेरस पर स्टील के बर्तन क्यों नहीं खरीदने चाहिए धनतेरस पर ज्योतिष के अनुसार स्टील के बर्तन खरीदना शुभ नहीं होता. इस दिन भगवान धनवंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. धनतेरस शुक्र ग्रह से जुड़ा होता है, जो सोना, चांदी, तांबा और पीतल जैसी शुभ धातुओं का प्रतिनिधि है. स्टील एक मिश्र धातु है, जिसमें लोहा और कार्बन मिलते हैं. लोहा शनि ग्रह से जुड़ा होता है, जो अनुशासन और देरी का प्रतीक है. इसलिए स्टील खरीदने से शनि की धीमी ऊर्जा सक्रिय होती है और लक्ष्मी जी से जुड़ी शुभता कम हो जाती है. ये भी देखें: कितने बजे करें लक्ष्मी पूजा? जानिए दिल्ली, जयपुर, मुंबई समेत हिंदुस्तान के मुख्य शहरों में पूजा का समय धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए धनतेरस पर चमकदार और शुभ धातुओं की चीज़ें खरीदना सबसे अच्छा माना गया है. स्टील या लोहे की चीजें खरीदने से बचें. सही चीज़ों की खरीदारी और शुभ मुहूर्त में पूजा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और साल भर सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है. ये भी पढ़े: Dhanteras Puja Vidhi ये भी पढ़े: Ganesh Ji Ki Aarti ये भी पढ़े: Maata Laxmi Mantra ये भी पढ़े:  Laxmi Ji Ki Aarti जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है . ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्राज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ8080426594/9545290847 The post Dhanteras 2025 Shopping: धनतेरस पर क्या स्टील के बर्तन खरीदना माना जाता है अशुभ appeared first on Naya Vichar.

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JDU Candidates Second List: जदयू की दूसरी लिस्ट जारी, 44 कैंडिडेट्स के नाम की घोषणा

JDU Candidates Second List| Bihar Election 2025: बिहार चुनाव में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. कल शुक्रवार को फर्स्ट फेज चुनाव के नामांकन की अंतिम तिथि है. सभी सियासी दलों ने उम्मीदवारों की घोषणा तेज कर दी है. इसी क्रम में जदयू ने भी उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है. जिसमें 44 उम्मीदवारों के नाम हैं. बुधवार को जदयू ने पहली लिस्ट जारी की थी. जिसमें 57 कैंडिडेट्स के नाम थे. इस चुनाव में JDU 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. 2020 के चुनाव में 115 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. जिसमें से 43 सीटों पर जीत मिली थी. बिहार विधानसभा चुनाव 2025: जदयू ने जारी की दूसरी लिस्ट.#Bihar #BiharElection #biharvidhansabhaelection2025 #prabhatkhabar #jduSecoundList #BreakingNews @Jduonline @NitishKumar pic.twitter.com/wdFrrqQTt0 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) October 16, 2025 The post JDU Candidates Second List: जदयू की दूसरी लिस्ट जारी, 44 कैंडिडेट्स के नाम की घोषणा appeared first on Naya Vichar.

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