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October 29, 2025

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आसियान में मोदी के वर्चुअल संबोधन का अर्थ, पढ़ें, प्रभु चावला का खास आलेख

PM Modi : क्वालालंपुर स्थित कॉन्वेंशन सेंटर के जिस चमचमाते गलियारे में दक्षिण एशिया के नेता संवाद कर रहे थे, वहां एक खाली कुर्सी बहुत कुछ बता रही थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 47वें आसियान शिखर सम्मेलन और 22वें आसियान-हिंदुस्तान शिखर सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया. सम्मेलन में उनकी सुनियोजित अनुपस्थिति ने कई चर्चाओं को जन्म दिया. क्या नयी दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप से सार्वजनिक संपर्क बनाने से कतरा रही है? क्वालालंपुर में प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी को उनके व्यस्त रूटीन या कार्यक्रम से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. नयी दिल्ली की तरफ से उस वाशिंगटन से जानबूझकर दूरी बनायी गयी है, जो आतंक के सौदागरों को दोस्त के रूप में पेश करता है, और जहां मॉस्को के साथ आजमायी हुई दोस्ती को राजद्रोह बताया जाता है. दुनिया के दो सबसे प्रभावशाली नेता- हिंदुस्तानीय प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक-दूसरे से कन्नी काटने के विचित्र कूटनीतिक दांव चल रहे हैं. दोनों अपने-अपने देश को लोकतंत्र के प्रणेता के रूप में चित्रित करते हैं, लेकिन इधर दोनों आमने-सामने खड़े होने से बच रहे हैं. क्वालालंपुर के सम्मेलन को, जहां ट्रंप ने आने का फैसला किया, और मोदी ने ऑनलाइन संबोधित करने का निर्णय लिया, दो ताकतवर लेकिन अविश्वासी नेताओं के असहज रिश्तों का नया प्रमाण बताया जा रहा है. मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मेजबानी में संपन्न हुए सम्मेलन में आसियान के दस सदस्य देशों- इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस, ब्रुनेई, कंबोडिया, लाओस और म्यांमार- की तो मौजूदगी थी ही, हिंदुस्तान, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे संवाद साझेदारों की भी उपस्थिति थी. सम्मेलन की थीम ‘कनेक्टिविटी और रीसिलिएंस’ थी, जो आर्थिक बेहतरी, सामुद्रिक सहयोग और हिंद-प्रशांत में डिजिटल समावेशन की आसियान की महत्वाकांक्षा को रेखांकित करती थी. हिंदुस्तान अपनी एक्ट ईस्ट पॉलिसी के जरिये लंबे अरसे से आसियान को अपने क्षेत्रीय विस्तार का केंद्रीय स्तंभ मानता रहा है. इसी कारण क्वालालंपुर के मंच पर मोदी की अनुपस्थिति को उनके कूटनीतिक तौर-तरीके में आये महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. वर्ष 2014 से आसियान-हिंदुस्तान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की नियमित उपस्थिति रही है. शारीरिक रूप से मौजूद न होने पर उन्होंने सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया है. उन्होंने इन बैठकों और सम्मेलनों का इस्तेमाल दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ हिंदुस्तान की आर्थिक मजबूती और रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने के लिए तो किया ही, एक अनिश्चित भूगोल में उन्होंने चीन के वर्चस्ववादी रवैये और अमेरिका की अनिश्चित नीति के बीच नयी दिल्ली को एक संतुलनकारी शक्ति के रूप में पेश किया. क्वालालंपुर में मोदी की अनुपस्थिति के बारे में नयी दिल्ली की तरफ से आधिकारिक बयान में कहा गया कि बिहार चुनाव और दीपावली के बाद के औपचारिक आयोजनों के कारण प्रधानमंत्री बहुत व्यस्त हैं. पर यह कारण बहुत आश्वस्त नहीं करता. प्रधानमंत्री मोदी की अनुपस्थिति का बड़ा कारण यह रहा कि क्वालालंपुर में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मौजूदगी थी. इस साल की शुरुआत में वाशिंगटन में मोदी और ट्रंप की संक्षिप्त मुलाकात हुई थी. उस अवसर पर न तो कोई साझा बयान जारी हुआ था, न कोई ठोस समझौता हुआ था. तब से दोनों की आमने-सामने की मुलाकात नहीं हुई है. ट्रंप की अहंकारी टिप्पणियों ने हिंदुस्तान को लगातार परेशानी में डाला है. हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने के ट्रंप के सार्वजनिक दावे ने नयी दिल्ली को असहज किया है. ट्रंप के इस दावे का, कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे रूसी तेल न खरीदने का वादा किया है, हिंदुस्तानीय अधिकारियों ने लगातार खंडन किया है. इससे भी दोनों देशों के बीच के तनाव का पता चलता है. डींग हांकने के अलावा ट्रंप की नीतियों से हिंदुस्तान को आर्थिक नुकसान पहुंचा है. अमेरिका ने हिंदुस्तानीय निर्यात पर भारी टैरिफ लगाया है. ऊर्जा क्षेत्र पर भी इस तनातनी का असर पड़ा है. रूसी कच्चे तेल पर हिंदुस्तान की निर्भरता भी ट्रंप की सख्त नीतियों से प्रभावित हुई है. रोजनेफ्ट और ल्यूकॉयल जैसी रूसी तेल कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध से हिंदुस्तानीय रिफाइनरी क्षेत्र में अनिश्चितता व्याप्त हो गयी है, इससे भुगतान और बीमा के मामले में जटिलता बनी है. ट्रंप बार-बार यह कह कर, कि रूस से तेल खरीदने वाले देश परोक्ष रूप से रूसी आक्रामकता की मदद कर रहे हैं, नयी दिल्ली को ही निशाना बना रहे हैं. इस बीच दिल्ली और वाशिंगटन के बीच रिश्तों को सुधारने की कूटनीति का कोई नतीजा नहीं निकला है. दावों और वास्तविकता के बीच इतना अंतर है कि दोतरफा रिश्तों की गहरी खाई दिखाई देती है. ऐसे तनाव भरे माहौल में क्वालालंपुर में ट्रंप के साथ मोदी की मौजूदगी जोखिम भरी हो सकती थी. वहां ट्रंप की एक लापरवाह टिप्पणी दुनियाभर की सुर्खियां बटोर सकती थी, दूसरी ओर, व्यापार तथा ऊर्जा के मोर्चे पर हिंदुस्तान ने सावधानीपूर्वक अपनी जो स्थिति बना रखी है, वह खतरे में पड़ सकती थी. ऐसे में, क्वालालंपुर न जाकर प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को एक गैरजरूरी कूटनीतिक जोखिम से बचा लिया है. उनकी वर्चुअल मौजूदगी से क्वालालंपुर में हिंदुस्तान ने अपनी उपस्थिति बनाये रखी है. हालांकि प्रधानमंत्री मोदी को इसकी कीमत चुकानी पड़ी है. मोदी की नेतृत्वक पहचान उनके आत्मविश्वास और वैश्विक मौजूदगी से बनी है. जिस सम्मेलन में मोदी की महत्वपूर्ण मौजूदगी रहती आयी है, वहां उनके न होने से हिंदुस्तान की कूटनीति पर सवाल उठे हैं. विदेश नीति में कई बार उपस्थिति की तुलना में अनुपस्थिति ज्यादा ध्यान खींचती है. इस कारण मोदी विपक्षी नेताओं के निशाने पर हैं. प्रधानमंत्री के क्वालालंपुर न जाने से महत्वपूर्ण दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ मजबूत साझेदारी बनाने का मौका भी हिंदुस्तान ने गंवा दिया. इससे हिंदुस्तान-अमेरिकी रिश्ते में आयी भरोसे की कमी का भी पता चलता है. ट्रंप के आर्थिक राष्ट्रवाद और लेन-देन की कूटनीति ने सहयोग को विवाद में बदल दिया है. जबकि मोदी संयम का परिचय दे रहे हैं. एक समय आयेगा, जब मोदी को कूटनीतिक खामोशी छोड़ कर ट्रंप की धमकाने वाली शैली का मुकाबला करना पड़ेगा. दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र हिंदुस्तान विश्व के सबसे धनी देश से डर कर नहीं रह सकता. नेतृत्व की सफलता को इससे नहीं आंका जाता कि आपने कितने शिखर सम्मेलन में भाग लिया, बल्कि सफलता इससे तय होती है कि अनिश्चित माहौल के बीच आपने कितने दृढ़ निश्चय का परिचय

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Bihar Election 2025: ओवैसी पर बात तक नहीं करना चाहते तेजस्वी, गिरिराज सिंह को दिया तगड़ा जवाब

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक्शन मोड में आ गये हैं. इसके साथ ही ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रहे हैं. इसी क्रम में आज उन्होंने एनडीए को फिर निशाने पर लिया. साथ ही एआईएमआईएम के सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी से जुड़े सवाल पर बात तक करना नहीं चाहा. गिरिराज सिंह पर किया हमला दरअसल, आज मीडियाकर्मियों की तरफ से उनसे असदुद्दीन ओवैसी के मुस्लिम मुख्यमंत्री वाले बयान से जुड़ा सवाल किया गया. जिस पर तेजस्वी यादव ने बात नहीं करना चाहा और कहा, छोड़िये ना. हालांकि, उन्होंने इस दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को करारा जवाब दिया. तेजस्वी यादव ने कहा, 17 महीने में मैंने जितना काम किया उतना गिरिराज सिंह ने जीवनभर में नहीं किया होगा. दरअसल, गिरिराज सिंह ने तेजस्वी के घोषणापत्र जारी करने पर कहा था कि वे तीन साल तक उपमुख्यमंत्री रहे थे. उस समय संविदाकर्मियों को परमानेंट क्यों नहीं किया. इसके साथ ही 30 हजार रुपये वेतन क्यों नहीं कराया. एनडीए पर फिर साधा निशाना तेजस्वी के घोषणापत्र को लेकर एनडीए लगातार हमलावर है. इसके साथ ही उनका कहना है कि तेजस्वी जो घोषणाएं कर रहे हैं, उसके लिये वे पैसे कहां से लायेंगे. इसके साथ ही उनका ब्लू प्रिंट क्या है. इस पर आज तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए ये कहा कि हमने तो अपना विजन बता दिया है. लेकिन उन्होंने अभी तक घोषणापत्र जारी नहीं किया है. वे बताएं कि उनका घोषणापत्र कहां है. इस तरह से तेजस्वी यादव ने प्रशासन पर जमकर तंज कसा. ‘घोषणापत्र में किये गए वादों को करेंगे पूरा’ इस दौरान तेजस्वी यादव ने एक बार फिर अपने घोषणापत्र में किये गए वादों को दोहराया. उन्होंने कहा, कल हमने अपना संकल्प पत्र जारी किया है. संकल्प पत्र में की गई सारी घोषणाएं हम पूरी करेंगे. हम पत्रकारों के लिए प्रमंडलीय स्तर पर प्रेस क्लब बनाएंगे, स्त्रीओं के लिए हमने योजनाएं बनाई है वह पूरा करेंगे. हमने जितना कुछ संकल्प पत्र में जारी किया है सबकुछ पूरा करेंगे. Also Read: Bihar Chunav 2025: बिहार में तेजस्वी संग राहुल की बड़ी रैली से पहले ही कांग्रेस सांसद का पोस्ट वायरल, ऐसा क्या लिखा? The post Bihar Election 2025: ओवैसी पर बात तक नहीं करना चाहते तेजस्वी, गिरिराज सिंह को दिया तगड़ा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Election 2025: सपा प्रमुख अखिलेश यादव आ रहे हैं बिहार, राहुल गांधी-तेजस्वी यादव के साथ करेंगे चुनावी सभा

Bihar Election 2025: पटना. बिहार में छठ महापर्व के बाद अब चुनाव महापर्व की तैयारी है. देश भर से तमाम नेतृत्वक दलों के नेता बिहार आ रहे हैं. पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश से मुलायम सिंह यादव के कई पारिवारिक सदस्य भी बिहार आनेवाले हैं. करहल विधायक और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के दामाद तेज प्रताप यादव गुरुवार से बिहार में डेरा डालेंगे. एक नवंबर को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी बिहार के रण में उतरेंगे. अखिलेश यादव के साथ उनकी पत्नी और सपा सांसद डिंपल यादव के बिहार आने की भी सूचना है. आधा दर्जन सीटों पर करेंगे चुनावी सभा बिहार में समाजवादी पार्टी का कोई उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ रहा है. बिहार विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सक्रियता को गठबंधन की एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव यहां महागठबंधन के उम्मीदवारों के लिए वोट मागेंगे. चुनाव अभियान के दौरान अखिलेश यादव के करीब आधा दर्जन जगहों पर रैलियों को संबोधित करने की संभावना है. डिंपल यादव भी बिहार में चुनावी जनसभा संबोधित कर सकती हैं. हालांकि पार्टी की ओर से विस्तृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन अगले एक-दो दिनों में प्रचार कार्यक्रम का अंतिम खाका तैयार कर लिया जाएगा. इंडिया गठबंधन में सपा की सक्रियता बढ़ी सपा के नेताओं की माने तो अखिलेश यादव लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार में इंडिया गठबंधन से मुख्यमंत्री पद के दावेदार तेजस्वी यादव के साथ संयुक्त रैली भी संबोधित करेंगे. अखिलेश यादव के दौरे से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह है, जबकि विपक्षी दलों में नई रणनीति पर मंथन शुरू हो गया है. बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में वोटिंग होगी. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पहले चरण की 121 सीटों के लिए 6 नवंबर को, जबकि दूसरे चरण की 122 सीटों के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. सभी 243 सीटों के लिए मतगणना 14 नवंबर को होगी. Also Read: Bihar Election 2025: बिहार भाजपा में नयी पीढ़ी की नेतृत्व, 16 पुराने विधायक हुए बेटिकट Also Read: Bihar News: बिहार चुनाव में सितारों की जमघट, पवन सिंह, मैथिली ठाकुर खुद तो खेसारी अपनी पत्नी को उतारेंगे मैदान में The post Bihar Election 2025: सपा प्रमुख अखिलेश यादव आ रहे हैं बिहार, राहुल गांधी-तेजस्वी यादव के साथ करेंगे चुनावी सभा appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Chunav 2025: शहाबुद्दीन के गढ़ में गरजे योगी, बिहार में नीतीश सरकार का अपराध पर जीरो टॉलरेंस तो यूपी में बुलडोजर तैयार

Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच एनडीए के समर्थन में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार (29 अक्टूबर) को सीवान के रघुनाथपुर में जनसभा कर विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने शहाबुद्दीन के गढ़ माने जाने वाले इलाके में आरजेडी उम्मीदवार पर निशाना साधते हुए कहा,“नाम भी देखो न, जैसा नाम वैसा काम…!” योगी ने बिना नाम लिए कहा कि आरजेडी ने जिस प्रत्याशी को रघुनाथपुर से मैदान में उतारा है, वह अपनी खानदानी आपराधिक पृष्ठभूमि के लिए पूरे देश-दुनिया में बदनाम है. सभा स्थल पर मौजूद भीड़ ने “जय श्रीराम” के नारे लगाकर उनका समर्थन किया. राम मंदिर के रथ को रोकने का पाप RJD ने किया योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में धर्म और विकास दोनों मुद्दों को साधने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि आरजेडी ने राम मंदिर के रथ को रोकने का ‘पाप’ किया था. यूपी का उदाहरण देते हुए बोले, “समाजवादी पार्टी ने वहां राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, और बिहार में आरजेडी ने राम मंदिर आंदोलन को रोकने का काम किया था.” उन्होंने आगे कहा, “विपक्ष की नेतृत्व अपराध, तुष्टिकरण और वोट बैंक तक सीमित है. जब भी मौका मिला, इन्होंने नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया. लेकिन आज डबल इंजन की प्रशासन ने बिहार और यूपी दोनों जगह सम्मान की पहचान वापस दिलाई है.” अब बिहार में सब बा-सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि आज बिहार विकास की नई रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. “हमने 6,100 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या धाम को सीतामढ़ी से जोड़ने के लिए राम-जानकी मार्ग के निर्माण को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया है,” उन्होंने कहा. योगी ने कहा कि आज बिहार में एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और गरीब कल्याण योजनाओं की बाढ़ है. उन्होंने कहा कि एनडीए प्रशासन नीतीश कुमार के नेतृत्व में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है — “जो बच जाता है, यूपी का बुलडोजर उसे पूरा कर देता है.” इसको एक शानदार हेंडीग में बदले RJD और SP पर तीखा हमला योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस का संदेश अब पूरे बिहार में पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि “आरजेडी और समाजवादी पार्टी, दोनों ही राज्यों में अराजकता और भ्रष्टाचार की नेतृत्व करती रही हैं. लेकिन अब बिहार और यूपी दोनों विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं.” उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पहचान की लड़ाई अब खत्म हो चुकी है — “हर बिहारी आज अपने गौरव और स्वाभिमान के साथ देश-दुनिया में जाता है.” जनसभा में ‘डबल इंजन’ की हुंकार योगी की सभा में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. मंच से उन्होंने कहा— “डबल इंजन की प्रशासन जनता की सुरक्षा, सम्मान और विकास के लिए प्रतिबद्ध है. जो लोग अराजकता फैलाना चाहते हैं, उनके लिए जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी.” सभा के अंत में उन्होंने लोगों से अपील की— “नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए प्रशासन को फिर से बहुमत दिलाएं, ताकि बिहार में विकास की गंगा बहे और अपराध पर बुलडोजर चलता रहे.” Also Read: Bihar Chunav 2025: तेजस्वी का शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा एलान,जारी रहेगी बिहार में शराबबंदी The post Bihar Chunav 2025: शहाबुद्दीन के गढ़ में गरजे योगी, बिहार में नीतीश प्रशासन का अपराध पर जीरो टॉलरेंस तो यूपी में बुलडोजर तैयार appeared first on Naya Vichar.

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आपकी ये 3 आदतें धीरे-धीरे खत्म कर रही हैं लैपटॉप बैटरी की लाइफ, आज के आज बदल डालें इन्हें

Laptop Battery Tips: आजकल के लैपटॉप्स इतनी स्मार्ट टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं कि वो बैटरी से पूरा-पूरा फायदा उठा लेते हैं. लेकिन जितना भी एडवांस इंजीनियरिंग कर ली जाए, हमारे इस्तेमाल करने के तरीकों से उन्हें बचाना मुश्किल है. हम अक्सर ‘बैटरी डिग्रेडेशन’ यानी बैटरी खराब होने की बात ऐसे करते हैं जैसे ये कोई अदृश्य समस्या हो, जबकि असल में ऐसा नहीं है. धीरे-धीरे हमारी छोटी-छोटी गलतियां बैटरी की हेल्थ को कमजोर करती जाती हैं. तो अगर आपको लगने लगा है कि आपके लैपटॉप की बैटरी पहले जितनी देर नहीं चल रही, तो इसकी वजह शायद आपकी रोजमर्रा की कुछ आदतें ही हैं जो चुपचाप बैटरी लाइफ घटा रही हैं. आइए जानते हैं इन्हें. बिस्तर, सोफे या कंबल पर रखकर लैपटॉप यूज करना कई लोगों की आदत होती है कि वो अपने लैपटॉप को बिस्तर, सोफे या कंबल पर रख कर यूज करते हैं. लेकिन ऐसा करना सही नहीं है क्यूंकि ऐसे नरम सतहों पर लैपटॉप रखने से हवा का रास्ता बंद हो जाता है और सिस्टम जरूरत से जायदा गर्म चलने लगता है. अगर आपका लैपटॉप नीचे से या कीबोर्ड के पास से हाथ सेकने जितना गर्म महसूस हो रहा है, तो समझ जाइए कि उसकी बैटरी पर असर पड़ रहा है. ऐसे में लैपटॉप को थोड़ा ऊंचा रखिए या फिर किसी सॉलिड टेबल पर इस्तेमाल कीजिए ताकि नीचे से हवा पास हो सके. चाहें तो आप एक कूलिंग पैड या लैपटॉप कूलर भी ले सकते हैं और समय-समय पर वेंट्स और फैन की सफाई करते रहें. हमेशा 100% चार्ज पर रखना कई लोग सोचते हैं कि लैपटॉप को हर वक्त चार्जिंग पर लगाए रखना सही है, लेकिन यही आदत धीरे-धीरे बैटरी को कमजोर करती है. आजकल ज्यादातर लैपटॉप्स में लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलीमर बैटरियां होती हैं, जिनमें पुरानी ‘मेमोरी इफेक्ट’ वाली दिक्कत नहीं होती, लेकिन अगर इन्हें लगातार 100% चार्ज पर रखा जाए, तो बैटरी की हेल्थ तेजी से गिरती है. गेम्स स्पोर्ट्सते समय चार्जर यूज न करना अगर आप बिना चार्जर लगाए अपने लैपटॉप पर गेम्स स्पोर्ट्सते हैं, तो ये आदत जरूर बदल दें. ऐसा करने से लैपटॉप की बैटरी पर बुरा असर पड़ सकता है. भारी गेम्स या 3D ग्राफिक्स वाले काम बैटरी को बहुत तेजी से डिस्चार्ज कर देते हैं और साथ ही लैपटॉप को गर्म भी कर देते हैं. इसलिए अगर आप कोई भारी काम करने जा रहे हैं तो पहले चार्जर लगा लें या ‘बैटरी सेवर’ मोड ऑन कर लें और कोशिश करें कि लैपटॉप ठंडा रहे. यह भी पढ़ें: Laptop Tips: लैपटॉप के फैन से आ रही है तेज आवाज? घर बैठे इन टिप्स की मदद से करें ठीक The post आपकी ये 3 आदतें धीरे-धीरे खत्म कर रही हैं लैपटॉप बैटरी की लाइफ, आज के आज बदल डालें इन्हें appeared first on Naya Vichar.

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Farmers Protest : नागपुर में किसानों ने भरी हुंकार-बिना शर्त किसानों का ऋण माफ करे सरकार

Table of Contents क्या है किसानों की मांग? क्या है प्रशासन का पक्ष? Farmers Protest in Nagpur : कर्ज माफी की मांग को लेकर महाराष्ट्र के नागपुर में किसानों का प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी है. पूर्व मंत्री और प्रहार पार्टी के नेता बच्चू कडू के नेतत्व में आयोजित किसानों के प्रदर्शन में तत्काल किसानों के लिए कर्ज माफी की मांग की जा रही है. किसान यह मांग कर रहे हैं कि प्रशासन बिना किसी शर्त के उनकी ऋण की माफी करे. बच्चू कडू प्रदर्शन के दौरान यह आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन, किसानों से किए वादे को भूल गई है. उन्होंने कहा कि जबतक प्रशासन किसानों का ऋण माफ नहीं करती है, तबतक उनका आंदोलन जारी रहेगा. किसानों ने नागपुर-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) को जाम कर दिया है. क्या है किसानों की मांग? महाराष्ट्र में किसानों की ऋण माफी बड़ा मुद्दा है, जो चुनाव के वक्त भी काफी जोर-शोर से उठाया जाता रहा है. किसान यह मांग कर रहे हैं कि उनके कृषि ऋण को बिना शर्त माफ कर दिया जाए. साथ ही किसान यह मांग भी कर रहे हैं कि कर्ज चुकाने में असमर्थ किसानों के साथ कोई जोर जबरदस्ती ना की जाए. सूखा से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग भी किसान कर रहे हैं. इन मांगों के अतिरिक्त किसान एमएसपी की मांग भी कर रहे हैं. क्या है प्रशासन का पक्ष? कर्ज माफी महाराष्ट्र में बड़ा मसला है. कृषि ऋण की वजह से यहां कई किसानों ने अपनी जान तक दी है. इसी वजह से चुनाव के वक्त हमेशा ही यह मुद्दा जोर-शोर से उठता है. किसानों के प्रदर्शन पर अबतक प्रशासन की ओर से कोई अधिकारिक बयान सामने तो नहीं आया है, लेकिन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन किसानों से बातचीत के लिए राजी है. 2017 में किसानों की ऋण माफी हुई थी, लेकिन उसका लाभ किसानों को मिला नहीं. ये भी पढ़ें : VIDEO : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भरी राफेल में उड़ान, सुखोई के बाद राफेल की सवारी कर बढ़ाया सेना का मनोबल Bihar Election 2025 : जाति-धर्म से अलग उभरा नया वोट बैंक, स्त्री-किसान बन सकते हैं किंगमेकर; समझें वोटिंग पैटर्न Cyclone Montha : कमजोर पड़ा चक्रवाती तूफान मोंथा, आंध्रप्रदेश, ओडिशा में तबाही के निशान The post Farmers Protest : नागपुर में किसानों ने भरी हुंकार-बिना शर्त किसानों का ऋण माफ करे प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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IND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया  ने टॉस जीता, भारत की पहले बल्लेबाजी, अर्शदीप प्लेइंंग इलेवन से बाहर

IND vs AUS T20 Live: हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच टी20 मैच की सीरीज का आगाज हो चुका है. इससे पहले स्पोर्ट्सी गई वनडे सीरीज में हिंदुस्तान को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा. लेकिन वनडे सीरीज के तीसरे मैच में हिंदुस्तान ने जीत का स्वाद चखा था. पहले टी20 मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. हिंदुस्तान की ओर से प्लेइंग इलेवन में अर्शदीप सिंह को मौका नहीं मिला है. IND vs AUS T20 Live: कैनबरा में तीन स्पिनर के… IND vs AUS T20 Live: कैनबरा में तीन स्पिनर के साथ उतरा हिंदुस्तान IND vs AUS T20 Live: हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने प्लेइंग इलेवन में तीन स्पिन गेंदबाज खिलाए हैं. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती की तिकड़ी को मौका दिया है. Published on: 2025-10-29T13:30:37+05:30 IND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवनIND vs… IND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवनIND vs AUS T20 Live: मिशेल मार्श (कप्तान), ट्रैविस हेड, जोश इंगलिस (विकेट कीपर), टिम डेविड, मिशेल ओवेन, मार्कस स्टोइनिस, जोश फिलिप, जेवियर बार्टलेट, नाथन एलिस, मैथ्यू कुहनेमैन, जोश हेजलवुड. Published on: 2025-10-29T13:26:27+05:30 IND vs AUS T20 Live: हिंदुस्तान की प्लेइंग इलेवनIND vs… IND vs AUS T20 Live: हिंदुस्तान की प्लेइंग इलेवनIND vs AUS T20 Live: अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह. Published on: 2025-10-29T13:25:21+05:30 IND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता IND… IND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता IND vs AUS T20 Live: हिंदुस्तान के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग का फैसला किया है. टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करेगी. Published on: 2025-10-29T13:19:14+05:30 IND vs AUS T20 Live: अब तक टी20 सीरीज में… IND vs AUS T20 Live: अब तक टी20 सीरीज में जीत के लिए तरसा ऑस्ट्रेलियाIND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया की टीम 2008 से लेकर अब तक ऑस्ट्रेलिया में कोई भी टी20 सीरीज नहीं जीत सका है. कंगारुओं की टीम 17 साल से एक टी20 सीरीज की जीत के लिए तरस रही है, Published on: 2025-10-29T13:14:21+05:30 IND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया में टी20 हेड-टू-हेड रिकॉर्डIND… IND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया में टी20 हेड-टू-हेड रिकॉर्डIND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया में भी टी20 मैच के आकंड़े हिंदुस्तान के पक्ष में हैं. यहां दोनों टीमों के बीच 12 मुकाबले स्पोर्ट्से गए हैं. जिसमें से 7 मैच में हिंदुस्तान ने जीत हासिल की है. वहीं 4 बार मेजबान टीम को जीत का स्वाद चखने को मिला है और एक मैच बेनतीज रहा है. Published on: 2025-10-29T13:08:25+05:30 IND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया की संभावित प्लेइंग इलेवनहिंदुस्तान… IND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया की संभावित प्लेइंग इलेवनहिंदुस्तान के खिलाफ कैनबरा में पहले टी20 मैच के लिए ऑस्ट्रेलिया की प्लइंग इलेवन में ट्रैविस हेड, मिच मार्श (कप्तान), जोश इंगलिस, मार्कस स्टोइनिस, टिम डेविड, मिच ओवेन, जोश फिलिप, नाथन एलिस, जेवियर बार्टलेट/सीन एबॉट, मैथ्यू कुहनेमन, जोश हेजलवुड हो सकते हैं. Published on: 2025-10-29T13:05:49+05:30 IND vs AUS T20 Live: हिंदुस्तान की संभावित 11ऑस्ट्रेलिया के… IND vs AUS T20 Live: हिंदुस्तान की संभावित 11ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी20 मैच के लिए टीम इंडिया की संभावित प्लइंग इलेवन कुछ इस प्रकार हो सकती है. सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, नितीश रेड्डी/हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव/वरुण चक्रवर्ती. Published on: 2025-10-29T13:03:59+05:30 IND vs AUS T20 Live: टी20 में हिंदुस्तान-ऑस्ट्रेलिया हेड-टू-हेडIND vs… IND vs AUS T20 Live: टी20 में हिंदुस्तान-ऑस्ट्रेलिया हेड-टू-हेडIND vs AUS T20 Live: हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया ने टी20 फॉर्मेंट में कुल 32 मुकाबले स्पोर्ट्से हैं. जिसमें हिंदुस्तान का पलड़ा भारी है. टीम इंडिया ने छोटे फॉर्मेंट में 32 में से 20 मैच जीते हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया को 11 मुकाबलों में जीत का सामना किया है. इसके अलावा एक मैच का कोई रिजल्ट नहीं रहा. Published on: 2025-10-29T13:00:29+05:30 IND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया का स्क्वाड IND vs… IND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया का स्क्वाड IND vs AUS T20 Live: मिशेल मार्श (कप्तान), ट्रैविस हेड, मैथ्यू शॉर्ट, टिम डेविड, जोश इंगलिस (विकेट कीपर), मार्कस स्टोइनिस, मिशेल ओवेन, जेवियर बार्टलेट, सीन एबॉट, मैथ्यू कुहनेमन, जोश हेज़लवुड, जोश फिलिप, नाथन एलिस, तनवीर संघा, बेन ड्वार्शुइस. Published on: 2025-10-29T12:51:31+05:30 IND vs AUS T20 Live: हिंदुस्तान का स्क्वाड IND vs… IND vs AUS T20 Live: हिंदुस्तान का स्क्वाड IND vs AUS T20 Live: सूर्यकुमार यादव (कप्तान),अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, नितीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, जितेश शर्मा. Published on: 2025-10-29T12:50:46+05:30 IND vs AUS T20 Live: जीत के साथ शुरुआत चाहेगा… IND vs AUS T20 Live: जीत के साथ शुरुआत चाहेगा हिंदुस्तान IND vs AUS T20 Live: नमस्कार, नया विचार के लाइव बॉलग में आपका स्वागत है. हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज का आगाज आज से हो रहा है. पांच मैचों की इस सीरीज का पहला मैच कैनबरा के मनुका ओवल स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. इससे पहले टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया से 1-2 से वनडे सीरीज हारी है. लेकिन उनको तीसरे वनडे में जीत नसीब हुई थी. अब हिंदुस्तान जीत की इस लय को बरकरार रखना चाहेगा. Published on: 2025-10-29T12:49:36+05:30 The post IND vs AUS T20 Live: ऑस्ट्रेलिया  ने टॉस जीता, हिंदुस्तान की पहले बल्लेबाजी, अर्शदीप प्लेइंंग इलेवन से बाहर appeared first on Naya Vichar.

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Vastu Benefits of Aloe Vera Flower: घर में एलोवेरा के फूल का खिलना देता है संपन्नता का संकेत – जानें वास्तु के अनुसार फायदे

Vastu Benefits of Aloe Vera Flower: अगर आपके घर में ऐलोवेरा के पौधे में फूल खिला है, तो इसे साधारण न समझें. वास्तु शास्त्र के अनुसार, एलोवेरा का फूल खिलना एक अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है. यह घर में बढ़ती सकारात्मक ऊर्जा, खुशहाली और धन-समृद्धि का प्रतीक होता है. विशेष रूप से अगर फूल लाल या नारंगी रंग का हो, तो यह संकेत देता है कि आपके घर से आर्थिक तंगी दूर हो रही है और सौभाग्य आपके जीवन में प्रवेश कर रहा है. Vastu Benefits of Aloe Vera Flower: वास्तु शास्त्र में एलोवेरा के फूल का क्या महत्व है? Vastu benefits of aloe vera flower 1. सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य एलोवेरा का पौधा वैसे भी घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सौभाग्य लाता है. जब यह पौधा फूल देता है, तो यह संकेत होता है कि घर में सकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह से सक्रिय हो चुकी है और समृद्धि का वातावरण बन रहा है.  2. धन और समृद्धि को आकर्षित करना वास्तु के अनुसार, एलोवेरा का फूल धन आकर्षित करने वाला फूल माना जाता है. इसका खिलना दर्शाता है कि आपके घर में आर्थिक स्थिरता और धनवृद्धि के योग बन रहे हैं. 3. आर्थिक तंगी से मुक्ति अगर आपके घर में एलोवेरा का पौधा खिल गया है, तो इसे इस बात का प्रतीक माना जाता है कि अब घर में चल रही आर्थिक रुकावटें दूर होंगी और बरकत बढ़ेगी. 4. मानसिक और शारीरिक शांति एलोवेरा के फूल का खिलना केवल आर्थिक नहीं बल्कि मानसिक शांति का भी संकेत देता है. यह घर में शांति, स्वास्थ्य और सुकून लेकर आता है. 5. सुरक्षा और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा एलोवेरा के पौधे के कांटेदार पत्ते नकारात्मक शक्तियों को घर से दूर रखते हैं. यह पौधा घर में सुरक्षात्मक ऊर्जा कवच का काम करता है. ऐलोवेरा फूल के वास्तु उपाय: कैसे बढ़ाएं धन और सौभाग्य? धन लाभ के लिए एलोवेरा के फूल को लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखें. इससे आर्थिक स्थिति में सुधार होता है. फूल को लाल कपड़े में लपेटकर घर के मंदिर में रखने से धन लाभ और शुभता के योग बढ़ते हैं. सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए पौधे को घर के पूर्व या उत्तर दिशा में रखें, जिससे ऊर्जा संतुलित रहती है. एलोवेरा का फूल खिलना केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं बल्कि सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है.वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह संकेत देता है कि आपके घर में खुशहाली और धन की वर्षा होने वाली है. 1. क्या एलोवेरा का पौधा फूल भाग्यशाली है? हां, वास्तु शास्त्र के अनुसार एलोवेरा का पौधा और उसका फूल बहुत भाग्यशाली माना जाता है. यह घर में सकारात्मक ऊर्जा, खुशहाली और धन-संपन्नता का संकेत देता है. 2. एलोवेरा में फूल आने का क्या मतलब है? एलोवेरा में फूल आने का अर्थ है कि आपके घर का वातावरण शुभ है और वहां सकारात्मक ऊर्जा बढ़ रही है. यह संकेत देता है कि घर में समृद्धि और सौभाग्य आने वाला है. 3. अगर मेरा एलोवेरा फूल जाए तो इसका क्या मतलब है? अगर आपके एलोवेरा के पौधे में फूल आ गया है, तो इसे बहुत शुभ संकेत माना जाता है. यह दर्शाता है कि आपकी मेहनत रंग ला रही है और आपके जीवन में आर्थिक और मानसिक स्थिरता आने वाली है. 4. क्या एलोवेरा का फूल भाग्य ज्योतिष से जुड़ा है? हां, भाग्य ज्योतिष में भी एलोवेरा का फूल सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर घर में सुख और सफलता लाता है. 5. घर के लिए सबसे भाग्यशाली पौधा कौन सा है? वास्तु शास्त्र के अनुसार मनी प्लांट, तुलसी, एलोवेरा, बांस (Lucky Bamboo) और स्नेक प्लांट को घर के लिए सबसे भाग्यशाली पौधे माना जाता है, जो धन, स्वास्थ्य और खुशहाली लाते हैं. Also Read: The post Vastu Benefits of Aloe Vera Flower: घर में एलोवेरा के फूल का खिलना देता है संपन्नता का संकेत – जानें वास्तु के अनुसार फायदे appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Chunav 2025: तेजस्वी का शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा एलान,जारी रहेगा बिहार में शराबबंदी

Bihar Chunav 2025: पटना में मंगलवार को महागठबंधन का संयुक्त घोषणा पत्र ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ जारी करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि शराबबंदी कानून ने पासी समाज को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है, जबकि ताड़ी कोई नशे वाला पेय नहीं बल्कि एक प्राकृतिक पेय है.तेजस्वी ने कहा, “हम सत्ता के लिए नहीं, बिहार को बेहतर बनाने के लिए नेतृत्व कर रहे हैं. जिनका मकसद बिहार को कब्जाना है, वे विकास नहीं कर सकते.” शराबबंदी में संशोधन का वादा: पासी समाज को न्याय देने की बात महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने ऐलान किया है कि अगर उनकी प्रशासन बनी तो बिहार के शराबबंदी कानून में संशोधन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ताड़ी को इस कानून से बाहर किया जाएगा ताकि पासी समाज की आजीविका पर कोई असर न पड़े. तेजस्वी ने कहा, “ताड़ी एक प्राकृतिक पेय है, इसमें अल्कोहल नहीं होता. लेकिन मौजूदा कानून ने इसे भी शराब की श्रेणी में डाल दिया है, जिससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी छिन गई है.” उनका यह बयान बिहार के उस तबके के बीच गूंज पैदा कर रहा है, जो पिछले नौ वर्षों से शराबबंदी कानून के तहत प्रशासनिक कार्रवाई का सामना कर रहा है. Bihar Election 2025 : तेजस्वी यादव का बड़ा एलान, “महागठबंधन की प्रशासन बनी तो ताड़ी को शराबबंदी कानून से बाहर करेंगे, पासी समाज से हुआ अन्याय खत्म होगा.”#Bihar #BiharElections #BiharElection2025 #biharvidhansabhaelection2025 #RJD #BREAKING #prabhatkhabar @RJDforIndia… pic.twitter.com/iMsAdhfhMY — Naya Vichar (@prabhatkhabar) October 29, 2025 शराबबंदी की समीक्षा और गरीबों को राहत तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि महागठबंधन की प्रशासन बनी तो ‘बिहार प्रोहिबिशन एंड एक्साइज एक्ट’ की समीक्षा की जाएगी. उन्होंने कहा— “ताड़ी और महुआ पर आधारित पारंपरिक व्यवसायों को मद्यनिषेध कानून के दायरे से बाहर किया जाएगा. इस कानून के तहत जेलों में बंद गरीबों और दलितों को तत्काल राहत दी जाएगी.” आरजेडी नेता ने तर्क दिया कि जो समुदाय पीढ़ियों से ताड़ी के धंधे से जुड़ा है, उसके पास न खेती की जमीन है और न कोई दूसरा रोजगार. ऐसे में प्रतिबंध अन्यायपूर्ण है और इसे हटाना जरूरी है. 2016 से लागू है पूर्ण शराबबंदी नीतीश कुमार प्रशासन ने अप्रैल 2016 में बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी. इस फैसले का मकसद स्त्रीओं की सुरक्षा और सामाजिक सुधार बताया गया था. लेकिन इसके बाद से अवैध शराब कारोबार और निर्दोष गरीबों की गिरफ्तारी जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे हैं. विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में दलित, महादलित और पिछड़े वर्ग के लोग आज भी शराबबंदी कानून के तहत जेलों में बंद हैं. इसी पृष्ठभूमि में तेजस्वी यादव का बयान, एक नेतृत्वक और सामाजिक दोनों संदेश देता है. वाम दलों का भी समर्थन वाम दलों ने भी इस कानून में संशोधन की जरूरत बताई है. सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने इसे “ढोंग” करार देते हुए कहा था कि INDIA ब्लॉक की प्रशासन आने पर “इस कानून की गंभीर समीक्षा की जाएगी.” नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव का यह बयान सिर्फ एक सामाजिक पहल नहीं, बल्कि एक रणनीतिक दांव है. इससे पासी समाज समेत उन पिछड़े और दलित वर्गों में सहानुभूति बढ़ सकती है जो शराबबंदी की मार झेलते रहे हैं. इस मुद्दे पर तेजस्वी ने खुद को “सुधारवादी लेकिन व्यावहारिक नेता” के रूप में पेश किया है जो परंपरा और आजीविका, दोनों के बीच संतुलन बनाना चाहता है. Also Read: Bihar Chunav 2025: सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार, पटना में आंगनबाड़ी सेविका बर्खास्त, सारण में तीन शिक्षक निलंबित The post Bihar Chunav 2025: तेजस्वी का शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा एलान,जारी रहेगा बिहार में शराबबंदी appeared first on Naya Vichar.

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Tulsi Vivah 2025: क्यों मनाया जाता है भगवान विष्णु और देवी तुलसी का विवाह? जानिए इसकी पौराणिक कहानी

Tulsi Vivah 2025: हिंदू धर्म में तुलसी को देवी लक्ष्मी का रूप माना गया है और भगवान विष्णु के बिना उनका अस्तित्व अधूरा माना जाता है. इस शुभ अवसर पर तुलसी और शालिग्राम (भगवान विष्णु के प्रतीक) के दिव्य विवाह का उत्सव मनाया जाता है. माना जाता है कि इस दिन किए गए पूजा से जीवन में खुशहाली, वैवाहिक सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. तुलसी और शंखचूड़ की कहानी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी जी का जन्म वृंदा के रूप में हुआ था. वृंदा शंखचूड़ नामक असुर की पत्नी थीं, जो भगवान विष्णु के परम भक्त थे. शंखचूड़ की मृत्यु के बाद वृंदा ने अपने शरीर का त्याग कर दिया. उनके पतिव्रत और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें देवी तुलसी के रूप में जन्म दिया और आशीर्वाद दिया कि उनका विवाह स्वयं उनसे होगा. इसी घटना की याद में हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी से पूर्णिमा के बीच तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है. तुलसी विवाह महत्व तुलसी को घर का भाग्य और समृद्धि की देवी माना जाता है विवाहित और अविवाहित दोनों को मिलता है वैवाहिक सुख पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम और मधुरता बढ़ती है संतान प्राप्ति की कामना पूरी होने की मान्यता घर में नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होती हैं आरोग्य, धन और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है क्यों है ये दिन शुभ तुलसी विवाह के साथ ही देवउठनी एकादशी के बाद सभी शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है, इसलिए इसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है. कैसे मनाया जाता है तुलसी विवाह? तुलसी को दुल्हन की तरह सजाया जाता है लाल चुनरी, चूड़ियाँ, सिंदूर और मेहंदी से श्रृंगार शालिग्राम को दूल्हा बनाकर तुलसी के पास बैठाया जाता है मंगल गीत और विवाह मंत्रों के साथ विवाह संपन्न होता है घर में प्रसाद और दान-पुण्य का आयोजन किया जाता है तुलसी विवाह कब मनाया जाएगा? 2025 में यह पर्व 2 नवंबर 2025 (रविवार) को मनाया जाएगा.यह तिथि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि (द्वादशी तिथि) में आती है. तुलसी विवाह के दौरान क्या करना शुभ माना जाता है? तुलसी पौधे की पूजा-आराधना करना ये भी पढ़ें: Tulsi Vivah 2025: इस दिन है तुलसी विवाह, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व The post Tulsi Vivah 2025: क्यों मनाया जाता है भगवान विष्णु और देवी तुलसी का विवाह? जानिए इसकी पौराणिक कहानी appeared first on Naya Vichar.

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