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November 10, 2025

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देश में शोध और नवाचार का नया दौर

Research And Innovation : हाल ही में प्रधानमंत्री ने हिंदुस्तान मंडपम में इमर्जिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन कॉन्क्लेव (एस्टिक), 2025 का शुभारंभ करने के साथ एक लाख करोड़ रुपये के रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (आरडीआइ) फंड लॉन्च करते हुए कहा कि यह फंड देश के अनुसंधान एवं विकास पारिस्थितिकी तंत्र को बड़ा बल देगा. इस फंड के माध्यम से प्रशासन निजी क्षेत्र को तकनीकी शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन और औद्योगिक विकास में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगी. चूंकि हिंदुस्तान अब टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी के जरिये ट्रांसफॉर्मेशन का नेतृत्वकर्ता बन चुका है, अतएव आरडीआइ फंड से विज्ञान, उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग को नयी मजबूती मिलेगी और विज्ञान के वैश्विक नेतृत्व की दिशा में हिंदुस्तान आगे बढ़ सकेगा. गौरतलब है कि आरडीआइ फंड के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को नोडल मंत्रालय बनाया गया है. यह कोष सीधे कंपनियों और स्टार्टअप्स में निवेश नहीं करेगा. फंडिंग का काम दूसरे फंड मैनेजरों द्वारा किया जायेगा. खास बात यह है कि इस फंड के तहत फंडिंग के तरीकों में कम या शून्य ब्याज दर पर दीर्घकालीन ऋण, पूंजी प्रदाय और डीप-टेक फंड ऑफ फंड्स में योगदान प्रमुख रूप से शामिल हैं. इस फंड में शोध और नवाचार के लिए जिन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा, उनमें मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायो-मैन्युफैक्चरिंग, ब्लू इकोनॉमी, डिजिटल कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण, उभरती कृषि तकनीक, ऊर्जा, पर्यावरण और जलवायु, स्वास्थ्य व चिकित्सा तकनीक, क्वांटम विज्ञान व अंतरिक्ष तकनीक शामिल हैं. चूंकि अपने यहां प्रशासन और निजी क्षेत्र का शोध व विकास में निवेश पिछले लंबे समय से चिंता का विषय रहा है, इसलिए अब एक लाख करोड़ रुपये का आरडीआइ फंड अनुसंधान की दिशा में महत्वपूर्ण है. अभी देश के जीडीपी में शोध व विकास की हिस्सेदारी करीब 0.70 फीसदी है, जो अमेरिका, जापान और चीन जैसे देशों की दो से पांच फीसदी हिस्सेदारी के मुकाबले बहुत कम है. अतएव आरडीआइ फंड से शोध के रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों को जरूरी जोखिम पूंजी प्राप्त होगी. हालांकि हिंदुस्तान ने शोध व नवाचार में पिछले एक दशक में तेजी से कदम बढ़ाये हैं. विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआइपीओ) द्वारा प्रकाशित ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआइआइ), 2024 की रैंकिंग में 133 वित्तीय स्थितिओं में हिंदुस्तान ने 39वां स्थान हासिल किया है. जबकि 2015 में हिंदुस्तान 81वें स्थान पर था. देश के प्रमुख शहर मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई दुनिया के शीर्ष 100 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टरों में सूचीबद्ध हैं तथा हिंदुस्तान अमूर्त संपत्ति तीव्रता में वैश्विक स्तर पर सातवें स्थान पर है. यदि हम बौद्धिक संपदा, शोध एवं नवाचार से जुड़े अन्य वैश्विक संगठनों की रिपोर्टें देखें, तो पाते हैं कि हिंदुस्तान इस क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा हैं. देश में शोध एवं नवाचार को बढ़ाने में डिजिटल ढांचे और डिजिटल सुविधाओं की भी अहम भूमिका है. हिंदुस्तान आइटी सेवा निर्यात और वेंचर कैपिटल हासिल करने के मामले में आगे बढ़ रहा है. विज्ञान और इंजीनियरिंग ग्रेजुएट तैयार करने में भी हिंदुस्तान सबसे आगे है. देश के उद्योग-कारोबार समय के साथ आधुनिक हो रहे हैं. विज्ञान व प्रौद्योगिकी का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग कर हिंदुस्तान कृषि विकास की डगर पर तेजी से आगे बढ़ा है. देश के लिए बौद्धिक संपदा, शोध एवं नवाचार के बहुआयामी लाभ लगातार बढ़ रह हैं. देश में इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कृत्रिम बुद्धिमता और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में शोध एवं विकास और जबरदस्त स्टार्टअप माहौल के चलते अमेरिका, यूरोप और एशियाई देशों की बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने ग्लोबल इन हाउस सेंटर (जीआइसी) तेजी से शुरू कर रही हैं. ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में तेजी से बढ़ने से हिंदुस्तान में ख्यातिप्राप्त वैश्विक फाइनेंस और कॉमर्स कंपनियां अपने कदम तेजी से बढ़ा रही हैं. शोध एवं नवाचार बढ़ने से देश में एफडीआइ में वृद्धि हो रही है. इसके बावजूद बौद्धिक संपदा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्रों में ऊंचाई हासिल करने के लिए प्रशासन व निजी क्षेत्र का परिव्यय बढ़ाना होगा. छह-सात दशक पहले अमेरिका ने आरएंडडी पर तेजी से अधिक खर्च कर सूचना प्रौद्योगिकी, संचार, दवाओं, अंतरिक्ष अन्वेषण, ऊर्जा और अन्य तमाम क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़कर दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनने का अध्याय लिखा. हमें अपने औद्योगिक ढांचे में बदलाव लाना होगा, कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए बदलाव को आकार देना होगा, अपनी कंपनियों पर प्रतिस्पर्धी होने का दबाव बनाने के लिए व्यापार नीति का इस्तेमाल करना होगा तथा सार्वजनिक शोध प्रणाली में परिवर्तन करना होगा. उम्मीद करें कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक लाख करोड़ रुपये के शोध, विकास और नवाचार के जिस आरडीआइ फंड को लॉन्च किया गया है, उसके पूरे उपयोग के लिए रणनीतिक रूप से आगे बढ़ा जायेगा. उम्मीद करें कि आरडीआइ फंड के माध्यम से मुश्किलों का सामना रही हिंदुस्तानीय प्रतिभाओं को हिंदुस्तान लाकर शोध और नवाचार को आगे बढ़ाते हुए देश के विकास के नये अध्याय लिखे जायेंगे.(ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post देश में शोध और नवाचार का नया दौर appeared first on Naya Vichar.

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Laughter Chefs 3: लाफ्टर शेफ्स 3 में धमाल मचाने आ रहे हैं 6 नए सितारे, जानें कौन-कौन करेगा दर्शकों को हंसाने का काम

Laughter Chefs 3: रियलिटी कुकिंग शो ​लाफ्टर शेफ्स सीजन 3 एक बार फिर से दर्शकों को हंसाने के लिए वापस आ रहा है. शो 22 नवंबर 2025 से कलर्स टीवी पर आएगा और इसे आप हर वीकेंड रात 9 बजे देख पाएंगे. इसके दोनों सीजन सुपरहिट थे और अब तीसरे सीजन को लेकर दर्शक काफी उत्साहित है. मेकर्स ने इस सीजन 6 नये चेहरों की शो में एंट्री करवाई है. चलिए आपको बताते हैं कि वह नये कंटेस्टेंट कौन-कौन है. तेजस्वी प्रकाश लाफ्टर शेफ्स सीजन 3 में करण कुंद्रा की पार्टनर बनकर तेजस्वी प्रकाश आ रही है. दोनों रियल लाइफ में एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं. ऐसे में शो में दोनों को देखने के लिए फैंस काफी उत्साहित है. हालांकि तेजस्वी पिछले सीजन में एक-दो एपिसोड में नजर आई थी. गुरमीत चौधरी गुरमीत चौधरी भी लाफ्टर शेफ्स सीजन 3 का हिस्सा है और उनके साथ शो में उनकी पत्नी देबिना बनर्जी नजर आएंगी. दोनों पति-पत्नी कितना अच्छा खाना बनाते है, ये देखना काफी दिलचस्प होगा. देबिना बनर्जी लाफ्टर शेफ्स सीजन 3 में देबिना बनर्जी है. देबिना अपने पति गुरमीत चौधरी के साथ शो में भाग ले रही है. विवियन डीसेना बिग बॉस 18 के बाद दर्शक विवियन डीसेना को एक नये रूप में लाफ्टर शेफ्स सीजन 3 में देखेंगे. शो के प्रोमो में वह नजर आ चुके हैं. ईशा सिंह बिग बॉस 18 फेम ईशा सिंह अपने पाक कला का प्रदर्शन लाफ्टर शेफ्स सीजन 3 में करती दिखेंगी. ईशा मालवीय लाफ्टर शेफ्स सीजन 3 में ईशा मालवीय भी नजर आएंगी. हालांकि वह पिछले सीजन एक-दो एपिसोड में नजर आई थी. किस शो को रिप्लेस करेगा लाफ्टर शेफ्स सीजन 3? लाफ्टर शेफ्स सीजन 3 पॉपुलर शो पति पत्नी और पंगा को रिप्लेस करने जा रहा है. इस शो को मुनव्वर फारुकी और सोनाली बेंद्रे होस्ट करते हैं. लाफ्टर शेफ्स 3 का प्रीमियर 22 नवंबर को जियो हॉटस्टार के साथ-साथ ओटीटी प्ले प्रीमियम पर होने वाला है. यह भी पढ़ें– Laughter Chefs 3: ना एल्विश यादव, ना विवियन डीसेना , इस कंटेस्टेंट को मिल रही सबसे ज्यादा फीस, चौंका देगी तेजस्वी प्रकाश की Fees The post Laughter Chefs 3: लाफ्टर शेफ्स 3 में धमाल मचाने आ रहे हैं 6 नए सितारे, जानें कौन-कौन करेगा दर्शकों को हंसाने का काम appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप के लिए झटका है ममदानी की जीत

Zohran Mamdani : न्यूयॉर्क सिटी के नये मेयर के रूप में जोहरान ममदानी का उदय केवल एक चुनावी परिणाम नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी नेतृत्व में हो रहे व्यापक बदलावों का संकेत भी है. ममदानी की जीत कई मायनों में ऐतिहासिक है-वह शहर के सौ वर्षों में सबसे युवा मेयर बने हैं, पहली बार किसी मुस्लिम, हिंदुस्तानीय मूल के और दक्षिण एशियाई व्यक्ति ने अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण नगर का नेतृत्व संभाला है. पर इन प्रतीकों से कहीं अधिक, ममदानी की जीत दर्शाती है कि अमेरिकी जनता डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और नेतृत्व शैली से असंतुष्ट होती जा रही है. वर्ष 2026 के मिड-टर्म चुनाव से पहले यह चेतावनी रिपब्लिकन पार्टी के लिए और भी गंभीर है. ममदानी और ट्रंप, दोनों ने इस चुनाव को अमेरिका में जारी जीवन-यापन संकट पर केंद्रित किया था. महंगाई, आवास संकट, किराये की मार और आर्थिक असुरक्षा ने अमेरिकी नेतृत्वक सोच को बदल दिया है. ट्रंप का दावा है कि उनकी टैरिफ नीति और बाहरी प्रतिस्पर्धा पर कड़ी कार्रवाई ही अमेरिकी परिवारों की आर्थिक परेशानी दूर कर सकती है. जबकि ममदानी का तर्क है कि असली समस्या असमानता, कॉरपोरेट दबदबे और ऐसी शासन प्रणाली में छिपी है, जो आम लोगों के बजाय अमीरों और कंपनियों को प्राथमिकता देती है. समाधान के रूप में उन्होंने समाजवादी प्रकृति वाली योजनाएं रखीं-किराया फ्रीज हो, शहर द्वारा संचालित किराना स्टोर हों, मुफ्त बस सेवा और सार्वभौमिक बाल-देखभाल हों, और अमीरों व कंपनियों पर अधिक कर लगाये जायें. इन योजनाओं की सफलता समय बतायेगी, पर यह निर्विवाद है कि ममदानी के विचारों ने युवाओं, मजदूर वर्ग, किरायेदारों और प्रवासी समुदायों में अभूतपूर्व ऊर्जा जगायी. ममदानी की जीत ने ट्रंप के नेतृत्वक प्रभाव पर भी सवाल खड़ा कर दिया है. न्यूयॉर्क समेत न्यू जर्सी, वर्जीनिया, कैलिफोर्निया के चुनावों में ट्रंप समर्थित कई उम्मीदवारों की हार इस बात का संकेत है कि मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग ट्रंप से दूरी बनाने लगा है. एग्जिट पोल्स ने यह भी दिखाया कि कई मतदाताओं ने सिर्फ ट्रंप का विरोध करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को वोट नहीं दिया. आर्थिक असुरक्षा, महंगाई और ट्रंप की टकराववादी नेतृत्व मिलकर एक ऐसा माहौल बना रहे हैं, जिसमें उनका प्रभाव धीरे-धीरे सीमित होता दिख रहा है. रिपब्लिकन रणनीतिकार भी स्वीकारने लगे हैं कि अगर पार्टी ने आर्थिक चिंताओं, महंगाई और सामाजिक विभाजन को गंभीरता से नहीं लिया, तो 2026 के चुनाव उनके लिए चुनौतीपूर्ण साबित होंगे. ममदानी की जीत अमेरिकी शहरी नेतृत्व में हो रहे सांस्कृतिक और सामाजिक बदलाव की ओर भी इशारा करती है. उनकी चुनावी रणनीति बिल्कुल अलग थी—डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सक्रियता, टिकटॉक और इंस्टाग्राम के माध्यम से युवा मतदाताओं से संवाद, बहुभाषी संदेश तथा हास्य व रचनात्मकता के माध्यम से जनसमर्थन बनाना. उन्होंने खुले तौर पर अपनी शिया मुस्लिम पहचान, दक्षिण एशियाई जड़ें और अपने परिवार की बहुधार्मिक परंपरा को स्वीकार किया. उन्होंने न केवल इस्लामोफोबिया पर खुलकर बात की, बल्कि यह भी बताया कि 9/11 के बाद मुस्लिम समुदाय के साथ हुए भेदभाव ने उनके दृष्टिकोण को कैसे आकार दिया.हालांकि, ममदानी की जीत ने न्यूयॉर्क को पूरी तरह एकजुट नहीं किया है. कई सर्वेक्षणों में बताया गया कि करीब नौ फीसदी न्यूयॉर्कवासी शहर छोड़ने पर विचार कर रहे हैं, जबकि 25 फीसदी लोग इस बारे में ‘विचार कर सकते हैं’. अमीर न्यूयॉर्कवासी सबसे अधिक चिंतित हैं, जिन्हें डर है कि उनकी टैक्स देनदारी और बढ़ जायेगी. पुलिस विभाग में भी कुछ अधिकारी इस्तीफा दे रहे हैं, जबकि व्यावसायिक समुदाय को चिंता है कि ममदानी की प्रगतिशील नीतियां प्रशासनिक बोझ बढ़ायेंगी. इस डर और असंतोष का उपयोग ट्रंप और उनके समर्थक नेतृत्वक हथियार के रूप में कर रहे हैं. उन्होंने ममदानी को ‘कम्युनिस्ट’ करार दिया और धमकी दी कि यदि न्यूयॉर्क प्रशासन उनके साथ ‘अच्छे संबंध’ नहीं रखता, तो वह शहर की संघीय फंडिंग रोक सकते हैं. इससे नेतृत्वक ध्रुवीकरण और गहरायेगा. ममदानी द्वारा एक ऑल वुमैन ट्रांजिशन टीम की घोषणा ने भी-जिसमें पाकिस्तानी मूल की प्रगतिशील विधिवेत्ता लीना खान शामिल हैं—दक्षिणपंथी हलकों में आक्रोश पैदा किया है. इस हिंदुस्तान-पाक मुस्लिम नेतृत्व की प्रतीकात्मक साझेदारी को ‘मागा’ यानी ट्रंप के नेतृत्व वाली ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ लॉबी ने ‘संस्कृति पर कब्जा’ बताया और इसे लेकर नस्लवादी और इस्लामोफोबिक प्रतिक्रियाएं सामने आयीं. पर ये प्रतिक्रियाएं यह भी दर्शाती हैं कि अमेरिकी समाज में विविधता और समावेशन के प्रश्न किस तरह नेतृत्व का केंद्र बनते जा रहे हैं. फिर भी, यह कहना गलत होगा कि ममदानी की जीत केवल पहचान-आधारित नेतृत्व का परिणाम है. यह जीत उन समुदायों की आवाज है, जिन्हें लंबे समय से नेतृत्वक रूप से हाशिये पर रखा गया था—किरायेदार, प्रवासी, युवा, मजदूर और वे लोग, जिनके लिए न्यूयॉर्क दिन-प्रतिदिन महंगा और अस्थिर होता जा रहा है. ममदानी के विजय-संदेश में नेहरू के ‘ट्रिस्ट विथ डेस्टिनी’ के उद्धरण का उपयोग केवल एक साहित्यिक संकेत नहीं था, बल्कि उस आकांक्षा का भी प्रतीक था कि शहर ‘पुराने से नये’ की ओर बढ़ सकता है. लाखों न्यूयॉर्कवासियों के लिए ममदानी परिवर्तन का वाहक बनकर उभरे हैं. अब चुनौती शासन की है. न्यूयॉर्क जैसा विशाल शहर, 116 अरब डॉलर के बजट के साथ जटिल प्रशासनिक संरचना और अनेक सामाजिक-आर्थिक समस्याओं से जूझता है. ममदानी के वादों का वास्तविक परीक्षण अब शुरू होता है—क्या वह किराया नियंत्रण लागू कर पायेंगे, क्या उनकी नीतियों से व्यापारिक समुदाय नाराज होकर शहर नहीं छोड़ेगा, और क्या वह पुलिसिंग, बेघरपन, और बढ़ती असमानता जैसी गंभीर समस्याओं से निपट पायेंगे? ममदानी समर्थक कहते हैं कि मौजूदा ढांचा पहले ही विफल हो चुका है, इसलिए नये प्रयोगों की आवश्यकता है. जबकि उनके आलोचक मानते हैं कि उनकी नीतियां आर्थिक रूप से अव्यावहारिक हैं. फिलहाल इतना स्पष्ट है कि अमेरिकी नेतृत्व एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है. ममदानी की जीत ने यह संदेश दिया है कि जनता नारों या टकराव की नेतृत्व से ऊपर उठकर बदलाव चाहती है. न्यूयॉर्क भले आज विभाजित हो, लेकिन इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि एक नयी नेतृत्वक संवेदना जन्म ले रही है, जो विविधता, समानता और आर्थिक न्याय के विचारों को केंद्र में 
रखती है. (ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post ट्रंप के लिए झटका है ममदानी की जीत appeared first on Naya Vichar.

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Thamma Box Office Record: रश्मिका ने अपनी ही फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ा, सलमान खान की इस मूवी को छोड़ा पीछे, 20 दिनों का कलेक्शन चौंकाने वाला

Thamma Box Office Record: आयुष्मान खुराना इन दिनों अपनी लेटेस्ट फिल्म ‘थामा’ को लेकर चर्चा में बने हुए है. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 130 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है. मूवी में उनके अपोजिट एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना नजर आई है. मैडॉक हॉरर कॉमेडी यूनिवर्स की इस फिल्म का निर्देशन आदित्य सरपोतदार ने किया है. फिल्म की कमाई अब धीमी हो गई है, लेकिन फिर भी इसने एक रिकॉर्ड बना लिया. आइए आपको उसके बारे में बताते हैं. रश्मिका मंदाना ने तोड़ा अपनी ही फिल्म का रिकॉर्ड Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, ‘थामा’ ने 20 दिनों में करीब 131.05 कोरड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है. पहले हफ्ते में फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन दूसरे वीक में इसकी कमाई घट गई. फिर भी मूवी ने सलमान खान की फिल्म सिकंदर का रिकॉर्ड चकनाचूर कर दिया. सिकंदर का हिंदुस्तान में लाइफटाइम कलेक्शन 129.55 करोड़ रुपये था. इस रिकॉर्ड को थामा ने तोड़ दिया. सबसे दिलचस्प बात है कि इस फिल्म में सलमान के अपोजिट रश्मिका मंदाना है. ऐसे में रश्मिका ने अपनी ही फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ दिया. थामा का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन Thamma Day 1- 24 करोड़ रुपये Thamma Day 2- 18.6 करोड़ रुपये Thamma Day 3- 13 करोड़ रुपये Thamma Day 4- 10 करोड़ रुपये Thamma Day 5- 13.1 करोड़ रुपये Thamma Day 6- 12.6 करोड़ रुपये Thamma Day 7- 4.25 करोड़ रुपये Thamma Day 8- 0.26 करोड़ रुपये Thamma Day 9- 3.35 करोड़ रुपये Thamma Day 10- 3.4 करोड़ रुपये Thamma Day 11- 3 करोड़ रुपये Thamma Day 12- 4.4 करोड़ रुपये Thamma Day 13- 4.5 करोड़ रुपये Thamma Day 14- 1.5 करोड़ रुपये Thamma Day 15- 2.25 करोड़ रुपये Thamma Day 16- 1.9 करोड़ रुपये Thamma Day 17- 1.15 करोड़ रुपये Thamma Day 18- 0.8 करोड़ रुपये Thamma Day 19- 1.5 करोड़ रुपये Thamma Day 20- 1.65 करोड़ रुपये Total Collection- 125.97 करोड़ रुपये यह भी पढ़ें– Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah की सोनू बनने वाली थी ये एक्ट्रेस, बोली- लगभग फाइनल हो गई थी रोल के लिए, इस वजह से हो गई रिजेक्ट The post Thamma Box Office Record: रश्मिका ने अपनी ही फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ा, सलमान खान की इस मूवी को छोड़ा पीछे, 20 दिनों का कलेक्शन चौंकाने वाला appeared first on Naya Vichar.

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Hong Kong Sixes Final: हार्दिक की नकल पर वायरल हुए पाकिस्तानी खिलाड़ी, पाक टीम ने खिताब जीतकर रचा इतिहास

Hong Kong Sixes Final:  पाकिस्तान ने हिंदुस्तान से मिली शुरुआती हार को पीछे छोड़ते हुए शानदार वापसी की और लगातार जीतों के दम पर रिकॉर्ड छठी बार हांगकांग सिक्सेस का खिताब अपने नाम कर लिया. जीत के बाद टीम के स्टार खिलाड़ी मुहम्मद शहजाद (Muhammad Shehzad) का हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) स्टाइल में ट्रॉफी के साथ पोज देना सोशल मीडिया पर छा गया है. शहजाद ने हिंदुस्तानीय ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या के उस अंदाज की नकल की, जिसे टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने के बाद पंड्या ने दुनिया के सामने दिखाया था. उनका यह अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है और इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया है. (Muhammad Shehzad Imitate Hardik Pandya trophy winning pose). शहजाद का हार्दिक स्टाइल पोज  फाइनल जीतने के बाद एक्स पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें मुहम्मद शहजाद ट्रॉफी के बगल में कंधे उचकाते हुए ठीक उसी अंदाज में खड़े हैं, जैसे हार्दिक पंड्या ने टी20 विश्व कप की ट्रॉफी के साथ किया था.  🚨 Muhammad Shehzad posing with the trophy like his idol Hardik Pandya! ❤️ pic.twitter.com/lcyOyljN1O — ICC Asia Cricket (@ICCAsiaCricket) November 9, 2025 फैंस ने इस पोस्ट को हार्दिक पंड्या के वायरल पोज से जोड़कर खूब मजे लिए और इसे पाकिस्तान की जीत का सबसे मजेदार पल बताया. कई हिंदुस्तानीय फैंस ने भी इस पर रिएक्ट किया, और पंड्या के स्टाइल की लोकप्रियता एक बार फिर सामने आ गई. पाकिस्तान ने रचा इतिहास अकसर रोमांच से भरपूर रहने वाला हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट इस बार भी धमाकेदार रहा, लेकिन पाकिस्तान के सामने कोई नहीं टिक पाया. कप्तान अब्बास अफरीदी की लीडरशिप में टीम ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और छठा खिताब जीतकर नया रिकॉर्ड बना दिया. बात अगर इस टूर्नामेंट की करें तो अबतक पाकिस्तान के पास सबसे ज्यादा 6 खिताब है उसके बाद दूसरे स्थान पर इंग्लैंड है जिन्होंने 5 बार ट्रॉफी अपने नाम की है. वहीं साउथ अफ्रीका तीसरे स्थान पर है लेकिन वो भी पांच बार विजेता रहे है. फाइनल में अफरीदी और समद की तूफानी बल्लेबाजी कुवैत के खिलाफ फाइनल में पाकिस्तान ने शुरुआत से ही आक्रामक स्पोर्ट्स दिखाया. पाक टीम से अब्दुल समद ने सिर्फ 13 गेंदों में 42 रन उड़ाए तो वहीं कप्तान अब्बास अफरीदी ने केवल 11 गेंदों पर 52 रन ठोक दिए. दोनों खिलाड़ियों की विस्फोटक पारियों की मदद से पाकिस्तान ने 3 विकेट खोकर 135 रन का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया, जो सिक्सेस फॉर्मेट में किसी भी टीम पर भारी पड़ जाता है. कुवैत की ओर से मीत भावसार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट जरूर झटके, लेकिन बैटिंग लाइन-अप पाकिस्तान के टोटल के सामने टिक नहीं सकी. पाकिस्तान के गेंदबाजों ने स्पोर्ट्स बदला टारगेट का पीछा करते हुए कुवैत ने धमाकेदार शुरुआत की. सलामी बल्लेबाज अदनान इदरीस ने पहले ही ओवर में 5 छक्के उड़ाते हुए टीम को तेज शुरुआत दिलाई. लेकिन पाकिस्तान के अनुभवी और अनुशासित गेंदबाजों ने जल्दी ही मैच पर पकड़ बना ली. कुवैत की टीम पूरी तरह दबाव में आ गई और 6 ओवरों में 92/6 ही बना सकी. 43 रनों की यह बड़ी जीत पाकिस्तान के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन का नतीजा थी. हिंदुस्तान से मिली एकमात्र हार पाकिस्तान के लिए पूरे टूर्नामेंट में एक ही मैच चुनौतीपूर्ण रहा और वह था हिंदुस्तान के खिलाफ ग्रुप मैच. दिनेश कार्तिक की अगुवाई वाली हिंदुस्तानीय टीम ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में DLS Method से 2 रन से पाकिस्तान को हराया था. लेकिन हिंदुस्तानीय टीम इस जीत को आगे नहीं बढ़ा सकी और अपने अगले चार मुकाबले हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई. दूसरी ओर पाकिस्तान ने इस हार को अपनी प्रेरणा बना लिया और लगातार तीन नॉकआउट मैच जीतकर इतिहास रच दिया. ये भी पढ़ें- IND A vs SA A Unofficial Test: दूसरे टेस्ट में हिंदुस्तान को 5 विकेट से मिली हार, साउथ अफ्रीका के साथ सीरीज 1-1 से बराबर वानखेड़े स्टेडियम करेगा T20 World Cup 2026 के सेमीफाइनल की मेजबानी, रिपोर्ट में खुलासा IPL 2026: इस तारीख हो होगी मिनी नीलामी, 2022 के बाद पहली बार हिंदुस्तान में सजेगा बाजार The post Hong Kong Sixes Final: हार्दिक की नकल पर वायरल हुए पाकिस्तानी खिलाड़ी, पाक टीम ने खिताब जीतकर रचा इतिहास appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Election 2025: स्ट्रांग रूम पहुंचे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, डीएम को दिए जरूरी निर्देश

Bihar Election 2025: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने पटना के एएन कॉलेज में स्ट्रांग रूम व मतगणना केंद्र का निरीक्षण किया. इस दौरान रविवार को उन्होंने 14 नवंबर को मतगणना को लेकर हो रही तैयारियों की जानकारी ली और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी निर्देश भी दिए. इस दिन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने डीएम डॉ त्यागराजन एसएम को चुनाव आयोग के एसओपी के अनुसार निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया. डबल लॉक सिस्टम से सील स्ट्रांग रूम इस दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि स्ट्रांग रूम की सीसीटीवी से निगरानी होती रही है. सभी 14 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में छह नवंबर को मतदान पूरी होने के बाद 5677 मतदान केंद्रों का पोल्ड इवीएम एएन कॉलेज में जमा है. इवीएम स्ट्रांग रूम को डबल लॉक सिस्टम के तहत सील किया गया है. चुनाव आयोग के दिशा-निदेशों व प्रोटोकॉल के अनुसार स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था की गई है. तीन स्तरीय सुरक्षा से घिरा स्ट्रांग रूम स्ट्रांग रूम में रखे गए इवीएम की सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था है. स्ट्रांग रूम के अंदरूनी सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों को दिया गया है. सीआइएसएफ के एक प्लाटून व सीआरपीएफ के दो प्लाटून की तैनाती की गई है. सुरक्षा की समीक्षा इस दिन डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस से आयोजित बैठक में सभी निर्वाची पदाधिकारियों व कोषांगों के नोडल अधिकारियों को चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करने को कहा है. उन्होंने पदाधिकारियों को कहा कि 14 नवंबर को मतगणना के समय हजारों की संख्या में मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक, प्राधिकृत कर्मी, अधिकारी, अभ्यर्थी व उनके प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें ड्रॉप गेट का होगा निर्माण मतगणना वाले दिन अधिक संख्या में वाहनों का आवागमन भी होगा. सबको ध्यान में रखते हुए तैयारी करना है. इसके लिए उन्होंने पर्याप्त संख्या में उपयुक्त स्थानों पर ड्रॉप गेट का निर्माण करने को कहा. उन्होंने अधिकारियों को हेल्पडेस्क का निर्माण, परिसर में साइनेज प्लान बनाने को कहा है. निर्बाध विद्युत आपूर्ति, अग्निशमन व्यवस्था, मेडिकल टीम की तैनाती समेत प्रभावी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, परिसर की साफ-सफाई, मतगणना कक्षों, बैरिकेडिंग आदि पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है. इसे भी पढ़ें: चुनाव को लेकर अलर्ट पर प्रशासन, बिहार के इस जिले में विशेष सशस्त्र घुड़सवार दस्ता रखेगी कड़ी नजर The post Bihar Election 2025: स्ट्रांग रूम पहुंचे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, डीएम को दिए जरूरी निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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Winter Special Aloo Matar Ki Sabji: मेहमानों को परोसे गर्मागर्म आलू मटर की सब्जी, सर्दियों का स्वाद और सेहत एक साथ

Winter Special Aloo Matar Ki Sabji: सर्दियां आते ही लोगों को ऐसा खाना खाने का मन करता है, जो स्वाद और सेहत दोनों से भरपूर हो. सर्दियों में हर किसी को गर्म खाना बहुत ज्यादा पसंद होता है. सर्दी के मौसम में हरी मटर ताजी और फ्रेश मिलती है. मटर और आलू की सब्जी हर किसी को बहुत ज्यादा पसंद होती है. यह स्वादिष्ट सब्जी आलू और हरी मटर को टमाटर, प्याज और मसालों के मेल से बनाई जाती है. इसका स्वाद हल्का मसालेदार और खुशबूदार होता है.इसे बनाना बहुत आसान है और यह झटपट तैयार हो जाती है, इसलिए इसे रोज़मर्रा के खाने में अक्सर बनाया जाता है. चाहे सुबह के नाश्ते में पराठे के साथ हो या दोपहर के खाने में चावल के साथ आलू मटर की सब्जी हर थाली का स्वाद बढ़ा देती है. आलू मटर की सब्जी बनाने के लिए कौन-कौन सी चीजों की जरूरत पड़ती है? 2 बड़े आलू  250 ग्राम मटर (छिले हुए) 1 प्याज बारीक कटी हुई 1 चम्मच अदरक, लहसुन, मिर्च का पेस्ट  1 टी स्पून जीरा  2 तेज पत्ता  चुटकी भर हिंग  2 बड़े टमाटर बारीक कटे हुए  हल्दी 1 चम्मच  लाल मिर्च पाउडर 1 चम्मच  नमक स्वादनुसार हरा धनिया बारीक कटी हुई  आलू मटर की सब्जी को कैसे बनाते हैं? एक कड़ाही या प्रेशर कुकर में तेल गर्म करें. उसमें जीरा डालें और तड़कने दें. फिर प्याज डालकर सुनहरा भूनें. अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालकर 1 मिनट भूनें. टमाटर, हल्दी, लाल मिर्च, और नमक डालें. मसाले को तब तक पकाएं जब तक तेल अलग न हो जाए. अब आलू और मटर डालकर अच्छी तरह मिलाएं. 1 कप पानी डालें और ढककर 2–3 सीटी तक प्रेशर कुकर में पकाएं. ढक्कन खोलकर गरम मसाला डालें और हरा धनिया से गार्निश करें. क्या यह सब्जी बिना लहसुन प्याज के बनाई जा सकती है? हां, बिलकुल इस सब्जी को सात्विक तरीके से बनाया जा सकता है. इसके रस को गाढ़ा करने के लिए टमाटर का रस मिला सकते हैं. आलू मटर की सब्जी को किस चीज के साथ परोस सकते हैं? आलू मटर की सब्जी को गरमा, गर्म रोटी या फिर जीरा राइस के साथ परोस सकते हैं. यह भी पढ़ें: Nihari Recipe: मुगलई स्वाद का मजा अब घर पर, इस तरह तैयार कीजिए परफेक्ट निहारी  यह भी पढ़ें: Winter Fruits In India: सर्दियों में खाएं ये 10 फल, रहेंगे पूरे मौसम फिट और एनर्जेटिक यह भी पढ़ें: Egg Roll Recipe Street Style: मिनटों में तैयार करें मार्केट जैसा एग रोल, बिना किसी झंझट के The post Winter Special Aloo Matar Ki Sabji: मेहमानों को परोसे गर्मागर्म आलू मटर की सब्जी, सर्दियों का स्वाद और सेहत एक साथ appeared first on Naya Vichar.

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एक बार रिचार्ज और 300 दिनों की राहत, BSNL के इस प्लान में मिलेगा अनलिमिटेड कॉलिंग और 32GB डेटा का भी मजा

BSNL Recharge Plan: प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां Jio-Airtel के मुकाबले प्रशासनी टेलीकॉम कंपनी BSNL के प्लान्स काफी सस्ते हैं. वहीं, कंपनी भी अपने यूजरबेस को बढ़ाने के लिए समय-समय पर प्लान्स और ऑफर पेश करते रहती है. हाल ही में, BSNL ने अपनी 4G सर्विस की शुरुआत की है. ऐसे में कंपनी ने कई सारे प्लान्स पेश किए हैं. इन्हीं प्लान्स में से एक है 1499 रुपये वाला प्लान. कंपनी का 1499 रुपये वाला प्लान उन यूजर्स के लिए एक अच्छा ऑप्शन हैं, जो लंबी वैलिडिटी वाले प्लान्स की तलाश में रहते हैं. अगर आप भी BSNL यूजर हैं और हर महीने के रिचार्ज के टेंशन से मुक्ति चाहते हैं, तो फिर आप इस प्लान को ले सकते हैं. आइए जानते हैं इस प्लान के बारे में. क्या है BSNL का 1499 रुपये का प्लान? BSNL का 1499 रुपये वाला प्लान एक लॉन्ग टर्म प्लान है, जिसमें कंपनी लंबी वैलिडिटी देती है. 1499 रुपये वाले प्लान में कंपनी यूजर्स को 300 दिन यानी कि पूरे 10 महीने की वैलिडिटी ऑफर कर रही है. ऐसे में अगर आप आज इस प्लान को रिचार्ज करते हैं, तो आपको अगले 10 महीने तक रिचार्ज नहीं करना पड़ेगा. बीएसएनएल का 1499 रुपये वाला प्लान BSNL के 1499 रुपये वाले प्लान में क्या बेनिफिट्स मिलेंगे? BSNL के 1499 रुपये वाले प्लान में यूजर्स किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग का फायदा उठा सकते हैं. इसके साथ ही हर दिन 100 फ्री SMS और 300 दिनों के लिए टोटल 32GB डेटा का फायदा मिलेगा. यानी कि लंबी वैलिडिटी के साथ-साथ आप कॉलिंग, मैसेजिंग और डेटा का फायदा भी उठा सकते हैं. क्या इस प्लान को BSNL ऐप या वेबसाइट से ऑनलाइन रिचार्ज किया जा सकता है? जी हां, आप इस प्लान को MyBSNL App, BSNL वेबसाइट या किसी UPI प्लेटफॉर्म (जैसे Paytm, Google Pay, PhonePe) से आसानी से रिचार्ज कर सकते हैं. किन यूजर्स के लिए यह प्लान बेस्ट है? BSNL का यह प्लान उन यूजर्स के लिए बेस्ट है, जिन्हें हर महीने रिचार्ज की टेंशन से छुटकारा चाहिए. साथ ही ऐसे यूजर्स जिन्हें सिर्फ कॉलिंग की जरूरत है, डेटा की नहीं. ऐसे यूजर्स इस प्लान को ले सकते हैं. यह भी पढ़ें: BSNL दे रहा सस्ते में 50 दिनों की वैलिडिटी और डेली 2GB डेटा भी, कीमत 350 रुपये से भी कम यह भी पढ़ें: Jio ने BSNL के साथ शुरू किया नया ICR Plan, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में दूर होगी नेटवर्क की टेंशन The post एक बार रिचार्ज और 300 दिनों की राहत, BSNL के इस प्लान में मिलेगा अनलिमिटेड कॉलिंग और 32GB डेटा का भी मजा appeared first on Naya Vichar.

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Rava Bajra Idli Recipe: तेल-घी वाले नाश्ते को कहें बाय, ब्रेकफास्ट में बनाएं रवा-बाजरा इडली 

Rava Bajra Idli Recipe: सुबह का नाश्ता हल्का और हेल्दी हो तब दिनभर शरीर तंदुरुस्त रहता है. बिजी लाइफस्टाइल की वजह से हम अक्सर नाश्ते में पूरी या पराठे बना लेते हैं. ऐसे में आज हम आपके लिए रवा और बाजरे के आटे से इडली बनाने की रेसिपी लेकर आए हैं, इसे आप आसानी से घर पर बनाकर नाश्ते में सबको सर्व कर सकते हैं. ये रेसिपी जल्दी बनने के साथ खाने में भी बहुत हल्की और टेस्टी होती हैं. तो आइए जानते हैं घर पर सुबह के नाश्ते में आसानी से रवा-बाजरा इडली बनाने की रेसिपी.  रवा-बाजरा इडली बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? सूजी – 1 कप  बाजरे का आटा – आधा कप  पानी – जरूरत अनुसार  दही – 1 कप  नमक – स्वाद के अनुसार  बेकिंग सोडा – आधा छोटा चम्मच  सरसों के दाने – आधा छोटा चम्मच  तेल – 1 चम्मच  करी पत्ता – 6-8  हरी मिर्च – बारीक कटी हुई  यह भी पढ़ें- Idli Recipe: बिना चावल-दाल के बनाएं झटपट हेल्दी बेसन की इडली यह भी पढ़ें- Corn Idli Recipe: सुबह के नाश्ते के लिए ट्राई करें हल्की-फुल्की कॉर्न इडली, फॉलो करें रेसिपी  रवा-बाजरा इडली बनाने की विधि क्या है? सबसे पहले तड़का बनाएं: एक पैन में तेल गरम करें. इसमें सरसों, करी पत्ते और हरी मिर्च डालकर भूनें. अब इसमें सूजी और बाजरे का आटा डालकर हल्के आंच में 5-6 मिनट भूनें. इसे कुछ देर ठंडा होने दें.   ठंडा होने के बाद इसे एक बड़े बाउल में निकालकर दही और पानी डालकर गाढ़ा बैटर तैयार करें. फिर इसमें नमक डालें और अच्छी तरह मिक्स करके 10-20 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें.  इसके बाद इसमें बेकिंग सोडा डालकर हल्के हाथ से मिलाएं. फिर इडली बनाने वाले सांचों में थोड़ा तेल लगाएं और तैयार हुआ बैटर भरें. इसके बाद इसे स्टीमर में डालकर 10-12 मिनट अच्छे से हल्के आंच में पकाएं.  जब इडली पक जाए तब इसे चम्मच की मदद से निकालकर नारियल की चटनी या सांभर के साथ सर्व करें.  यह भी पढ़ें- Makki Ki Roti: पंजाबी स्वाद का असली टेस्ट, बनाएं गरमा-गरम मक्की की रोटी यह भी पढ़ें- Masala French Fries: क्रंची स्वाद का मसालेदार ट्विस्ट, घर पर इस तरह बनाएं मसाला फ्रेंच फ्राइज The post Rava Bajra Idli Recipe: तेल-घी वाले नाश्ते को कहें बाय, ब्रेकफास्ट में बनाएं रवा-बाजरा इडली  appeared first on Naya Vichar.

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तीन मंजिला मकान से कूद कर दी जान, इलाके में मातम पसरा

बेटे की मौत का सदमा नहीं झेल सकी मांकोलाघाट में मां-बेटे की मौत से मातम हल्दिया. कोलाघाट में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है. बेटे की अचानक मौत का सदमा सह न पाने पर मां द्वारा अपने ही घर की तीसरी मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर लेने की घटना प्रकाश में आयी है. मां और बेटे की मौत से पूरे इलाके में शोक है. घटना कोलाघाट बीट हाउस थाना क्षेत्र के राइन गांव की है. मृत शुभाद्री वैद्य (21) कॉलेज का छात्र था. शुक्रवार दोपहर शुभाद्री अचानक घर में गिर पड़ा था. परिजन उसे तुरंत कोलाघाट के पाइकपाड़ा ब्लॉक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी मौत सेरेब्रल हार्ट अटैक से हुई. शुभाद्री के पिता रमेश वैद्य पूर्व मेदिनीपुर जिले के डिस्ट्रिक्ट एनफोर्समेंट ब्रांच (डीइबी) में कार्यरत हैं. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ताम्रलिप्त मेडिकल कॉलेज भेज दिया था. शनिवार रात शुभाद्री का शव जब घर लाया गया, तो बेटे का चेहरा देखते ही मां मानसी वैद्य (जिला स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी) गहरे सदमे में चली गयीं. कुछ ही देर बाद सबकी नजरों से बचकर उन्होंने अपने घर की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी. गंभीर रूप से घायल मानसी को तुरंत मेचेदा के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया. एक ही परिवार में बेटे के बाद मां की इस तरह की दर्दनाक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गयी. स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसी का अपने बेटे से बेहद लगाव था. वह शुभाद्री की मौत का सदमा सह नहीं पायीं और आत्महत्या कर ली. शनिवार रात बेटे का अंतिम संस्कार किया गया, जबकि रविवार को मां का पोस्टमॉर्टम ताम्रलिप्त मेडिकल कॉलेज में किया गया. कोलाघाट पुलिस ने दोनों मौत के मामले की जांच शुरू कर दी है. इलाके में मातम पसरा हुआ है. हर कोई इस घटना से स्तब्ध है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post तीन मंजिला मकान से कूद कर दी जान, इलाके में मातम पसरा appeared first on Naya Vichar.

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