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November 18, 2025

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Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: पोद्दार फैमिली में आएगी दरार, ये शख्स करेगी बंटवारे की मांग, क्या दो हिस्सों में बंट जाएगा पूरा परिवार?

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है में दिखाया जाएगा कि अभीरा, काजल को केस वापस लेने पर धन्यवाद कहती है. अभीरा कहती है कि अब सबकुछ ठीक हो जाएगा. काजल कहती है ऐसा कुछ नहीं होगा क्योंकि वह ऐसा नहीं चाहती. काजल कहती है कि पोद्दार परिवार ने हमेशा उसका अपमान किया है और अब वह जाग गई है. काजल कहती है कि उसे पोद्दार परिवार ने उसकी फैमिली को कभी कुछ नहीं समझा. वह घर की संपत्ति के बंटवारे की मांग करती है और उसकी बात सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है. बंटवारे की बात करती है काजल ये रिश्ता क्या कहलाता है में दिखाया जाएगा कि अरमान, काजल को ऐसा नहीं कहने के लिए कहता. संजय कहता है अगर काजल अपना हक मांग रही है तो इसमें सब हैरान क्यों है. वह कहता है कि माधव और मनोज ने फर्म को नहीं संभाला, बल्कि उसने हमेशा फर्म को संभाला है. कावेरी उसकी बात सुनकर बहुत ज्यादा गुस्सा हो जाती है. संजय अपनी बात फिर से रखने की कोशिश करता है, लेकिन कावेरी उसे चुप करा देती है. कावेरी कहती है कि बंसल परिवार उनकी वजह से आराम की जिंदगी गुजार रहे हैं. कावेरी कहती है कि बंटवारा नहीं होगा. काजल कहती है कि वह कोर्ट भी जा सकती है. काजल को मिलेगा तान्या का सपोर्ट कियारा, तान्या से पूछती है कि वह इस बंटवारे वाली बात में काजल का साथ कैसे दे सकती है. तान्या कहती है कि वह खुश है कि काजल ने ये बात उठाई है. दूसरी तरफ मायरा, कावेरी के पास जाकर बंटवारे के बारे में पूछती है. उसका सवाल सुनकर कावेरी काफी भावुक हो जाती है और टूट जाती है. ये रिश्ता क्या कहलाता है के आने वाले एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अभीरा पूरे परिवार को फिर से जोड़ने के लिए घूमर समारोह का आयोजन करती है. कावेरी उससे पूछती है कि ऐसे माहौल में वह समारोह के बारे में कैसे सोच सकती है. अभीरा, कावेरी को खुद पर विश्वास करने के लिए कहती है. यह भी पढ़ें– Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: इस तरह वरुण का सच अभीरा और अरमान सबके सामने लाएंगे, ये शख्स करेगा मदद, खूब होगा ड्रामा The post Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: पोद्दार फैमिली में आएगी दरार, ये शख्स करेगी बंटवारे की मांग, क्या दो हिस्सों में बंट जाएगा पूरा परिवार? appeared first on Naya Vichar.

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Surya Grahan 2026: इस दिन लगेगा नए साल का पहला सूर्यग्रहण, नोट कर लें डेट

Surya Grahan 2026: अब साल 2025 खत्म होने में ज्यादा समय नहीं बचा है. आज से 43 दिनों बाद नया साल 2026 आरंभ होने जा रहा है. आपको बता दें लोग अभी से नए साल 2026 को लेकर काफी उत्साहित हैं. हर बार की तरह इस बार भी सबसे ज्यादा चर्चा ग्रहणों की रहती है—कब लगेंगे, कहां दिखेंगे और हिंदुस्तान में सूतक लगेगा या नहीं. हमारे यहां ग्रहण का सिर्फ खगोलीय ही नहीं बल्कि धार्मिक महत्व भी माना जाता है. अगर कोई ग्रहण हिंदुस्तान में दिख जाए तो सूतक काल माना जाता है, इस दौरान मंदिर बंद रहते हैं और पूजा-पाठ भी नहीं किया जाता. तो आइए जानते हैं 2026 में पहला ग्रहण कौन-सा होगा, कब लगेगा और हिंदुस्तान में दिखाई देगा या नहीं. 2026 का पहला सूर्य ग्रहण साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा. यह एक बड़ा खगोलीय दृश्य होगा, लेकिन हिंदुस्तान के लोगों के लिए यह सिर्फ समाचारों में ही रहेगा, क्योंकि यह हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा. इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. यह ग्रहण जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, जाम्बिया, मोज़ाम्बिक, मॉरीशस, अंटार्कटिका, तंजानिया और कई दक्षिण अमेरिकी देशों में देखा जा सकेगा. सूतक समय क्या होता है? ग्रहण लगने से ठीक पहले एक समय अवधि शुरू होती है जिसे सूतक कहते हैं. सूर्य ग्रहण के मामले में यह सूतक 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है. इस दौरान पूजा-पाठ, शुभ काम, नए कार्य की शुरुआत आदि नहीं किए जाते. जैसे ही ग्रहण खत्म होता है, सूतक भी समाप्त हो जाता है. सूर्य ग्रहण क्या होता है? बहुत ही आसान शब्दों में समझें तो सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब चाँद सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है. चांद सूर्य की रोशनी को थोड़ी देर के लिए ढक लेता है, जिससे सूर्य या तो पूरी तरह या आंशिक रूप से दिखाई नहीं देता. यह घटना हमेशा अमावस्या के दिन ही होती है, क्योंकि तभी तीनों—सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी—एक सीधी रेखा में आते हैं. ये भी पढ़ें: सूर्यग्रहण के दौरान करें इन मंत्रों का जाप, सूर्यदेव की बनी रहेगी कृपा धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण का समय मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य के लिए बेहद शुभ माना गया है. पद्म पुराण में तक कहा गया है कि ग्रहण के दौरान किया गया जप या दान सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल देता है. वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक प्राकृतिक घटना है, जहाँ सूर्य की किरणें कुछ समय के लिए पृथ्वी तक पूरी तरह नहीं पहुँच पातीं, जिसके कारण कुछ जगह थोड़ी देर का अंधेरा भी हो सकता है. साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को होगा. यह ग्रहण श्रावण मास की हरियाली अमावस्या के दिन लगेगा. हालांकि यह भी हिंदुस्तान में नहीं दिखेगा. इसे उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, यूरोप, आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन में देखा जा सकेगा. 2026 में कुल चार ग्रहण साल 2026 में दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण लगेंगे. खास बात यह है कि अगले साल एक दुर्लभ फुल ब्लड मून भी देखने को मिलेगा. पहला ग्रहण फरवरी में सूर्य ग्रहण होगा और पहला चंद्र ग्रहण मार्च में होलिका दहन के दिन लगेगा. ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें सूतक में पूजा-पाठ और शुभ काम नहीं करने चाहिए. ग्रहण के समय खाना-पीना वर्जित माना जाता है. खाने की चीज़ों में तुलसी पत्ता डालकर रखना चाहिए. ग्रहण खत्म होते ही घर और मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करके शुद्धिकरण किया जाता है. गर्भवती स्त्रीओं को ग्रहण नहीं देखना चाहिए और घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. सूतक में खाना बनाना, बाल कटवाना, सोना, सिलाई-कढ़ाई या चाकू चलाना भी निषेध माना गया है. The post Surya Grahan 2026: इस दिन लगेगा नए साल का पहला सूर्यग्रहण, नोट कर लें डेट appeared first on Naya Vichar.

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Viral Video : ऋतिक रोशन को कड़ी टक्कर दे रहा है ये छोटा बच्चा, वीडियो आप भी देखें

Viral Video : ओडिशा के कटक का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में छोटा बच्चा अपने शिक्षकों और दोस्तों के सामने दिल खोलकर डांस करता नजर आ रहा है. यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह क्लिप बदमबाड़ी के एक अपर प्राइमरी स्कूल में शूट की गई जिसे किसी ने सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. अब इस वीडियो को यूजर ढेर सारा प्यार दे रहे हैं. वीडियो में शिशु के सामने बेंच पर बैठे शिक्षक मुस्कुराते नजर आ रहे हैं, जबकि बच्चा ऋतिक रोशन की फिल्म War 2 के लोकप्रिय गाने ‘जनाब-ए-आली’ पर शानदार डांस करता दिख रहा है. आप भी देखें ये वायरल वीडियो. View this post on Instagram A post shared by Devil Edixz (@devil_edixz) वीडियो में नजर आ रहा है कि जब बच्चा गाने पर थिरकता है, तो उसके दोस्त जोर-जोर से चीयर करते हैं. कुछ शिशु गुनगुनाते हुए उसे और उत्साहित करते हैं. वह बेहद आत्मविश्वास के साथ आसानी से हुक स्टेप्स करता है, जिसे देखकर सभी खुश हो जाते हैं. इंस्टाग्राम पर इस शिशु का डांस देखकर लोग पूरी तरह दीवाने हो गए. एक यूजर ने लिखा, “मेरे जीवन में भी इतना कॉन्फिडेंस चाहिए,” जबकि दूसरे ने कमेंट किया, “बहुत अच्छा डांस किया बेटा.” कमेंट सेक्शन दिल वाले इमोजी और तारीफों से भर गया, हर कोई शिशु की प्रतिभा और आत्मविश्वास की प्रशंसा करता नजर आया.  The post Viral Video : ऋतिक रोशन को कड़ी टक्कर दे रहा है ये छोटा बच्चा, वीडियो आप भी देखें appeared first on Naya Vichar.

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Margashirsha Amavasya 2025: मार्गशीर्ष अमावस्या पर कहां-कहां जलाएं दीपक? जानें सही स्थान और लाभ

Margashirsha Amavasya 2025: मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन बहुत पवित्र माना जाता है. यह महीना भगवान श्री कृष्ण का प्रिय महीना है, इसलिए इस दिन की पूजा, दान और विशेष उपाय बेहद फलदायी माने जाते हैं. इस साल अगहन अमावस्या 20 नवंबर को मनाई जाएगी. माना जाता है कि इस दिन अलग-अलग जगह दीपक जलाने से पितरों की कृपा मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है. आइए जानते हैं, इस दिन कहाँ-कहाँ दीपक जलाना चाहिए और इसका क्या महत्व है.  पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना अमावस्या की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि पीपल में सभी देवी-देवताओं और पितरों का वास होता है. इसलिए यहाँ दीपक लगाने से पितृदोष शांत होता है, परिवार में सुख-शांति आती है और जीवन की परेशानियाँ कम होने लगती हैं. ऐसा करने से मन का अंधकार भी दूर होता है. घर के मुख्य द्वार पर दीपक लगाना इस दिन घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर घी के दो दीपक जरूर जलाएं. दीपक लगाते समय माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए. ऐसा करने से घर में धन-समृद्धि आती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है. घर के बाहर जलाया गया दीपक लक्ष्मीजी को घर में प्रवेश करने का निमंत्रण माना जाता है. ये भी देखें:  इस दिन है मार्गशीर्ष अमावस्या, यहां से जानें क्या है शुभ मुहूर्त  घर के मंदिर में दीपक जलाना मार्गशीर्ष अमावस्या पर घर के मंदिर में भगवान विष्णु के सामने एक दीपक अवश्य जलाएं. इसमें तुलसी की पत्ती (तुलसी मंजरी) जरूर डालें. यह उपाय घर-परिवार में खुशहाली और शांति लाता है. भगवान विष्णु की कृपा से मनोकामनाएं भी पूरी होने लगती हैं. शनि देव के सामने दीपक जलाना सूर्यास्त के बाद तिल के तेल का एक दीपक शनि देव के सामने जलाना अच्छा माना जाता है. इससे शनि दोष, बाधाएँ और परेशानियाँ कम होती हैं. यह उपाय नकारात्मक शक्तियों को दूर रखने में भी सहायक है. नदी किनारे दीपक प्रवाहित करना अगर संभव हो तो किसी पवित्र नदी के पास आटे का दीपक बनाएं, उसमें घी या तेल डालकर जलाएं और प्रवाहित कर दें. यह उपाय मनोकामनाएँ पूरी करने में बहुत प्रभावी माना जाता है. The post Margashirsha Amavasya 2025: मार्गशीर्ष अमावस्या पर कहां-कहां जलाएं दीपक? जानें सही स्थान और लाभ appeared first on Naya Vichar.

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Feng Shui Tips for Elephant Statue: सिर्फ एक हाथी बदल सकता है घर की ऊर्जा, जानें फेंगशुई के जरूरी नियम

Feng Shui Tips for Elephant Statue: फेंगशुई में हाथी को शक्ति, बुद्धि, सौभाग्य और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. कहा जाता है कि घर या कार्यस्थल पर हाथी की मूर्ति रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और वातावरण में स्थिरता आती है. हाथी समृद्धि और उन्नति का सूचक है, इसलिए इसे मुख्य द्वार, लिविंग रूम, बच्चों के कमरे या ऑफिस में रखने की परंपरा है. हाथी की सही दिशा, संख्या और प्रकार का चयन जीवन में सुख, शांति, धन और सफलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी कारण फ़ेंगशुई में हाथी को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में जाना जाता है, जो घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाकर सौभाग्य का मार्ग खोलता है. इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि घर में हाथी रखने के क्या फायदे हैं और इसे किस तरह से रखना चाहिए.  फेंगशुई में हाथी रखना शुभ क्यों होता है? फ़ेंगशुई में हाथी शक्ति, बुद्धि, सौभाग्य, सुरक्षा और स्थिरता का प्रतीक है. इसे घर या ऑफिस में रखने से सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है. हाथी की मूर्ति किस दिशा में रखनी चाहिए? मुख्य द्वार पर अंदर की ओर – सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा उत्तर दिशा – करियर में तरक्की दक्षिण-पूर्व (Wealth Corner) – धन और समृद्धि पश्चिम दिशा – बच्चों की पढ़ाई व प्रगति हाथी की सूंड किस तरह से होनी चाहिए? हाथी के सूंड दो तरह के होते है,   सूंड़ ऊपर – सौभाग्य, धन और खुशियां सूंड़ नीचे – स्थिरता, शांति और परिवारिक मजबूती मुख्य दरवाजे पर हाथी किस तरह से रखना चाहिए? दो हाथी एक–एक तरफ उनका मुख घर के अंदर की ओर यह निगेटिव एनर्जी को रोकता है और घर की रक्षा करता है. फेंगशुई में कौन से हाथी को शुभ माना जाता है? फेंगशुई के हिसाब से लकड़ी, धातु और क्रिस्टल—तीनों ही शुभ माने गए हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हाथी टूटा या खंडित न हो. ऑफिस में हाथी में रखने के क्या लाभ है? ऑफिस के टेबल पर छोटा हाथी रखें, यह नेतृत्व क्षमता, स्थिरता और तरक्की को आकर्षित करता है. क्या बेडरूम में हाथी रखना चाहिए? हां, लेकिन छोटे आकार का हाथी रखें. यह दांपत्य जीवन में प्रेम और समझ बढ़ाता है. यह भी पढ़ें: Feng Shui Tips: घर के हर कोने में लाएं समृद्धि, फेंगशुई के ये नियम बदल सकते हैं आपका जीवन! यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: जब भी जीवन में आए परेशानी, तो जरूर याद रखें ये नियम  Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Feng Shui Tips for Elephant Statue: सिर्फ एक हाथी बदल सकता है घर की ऊर्जा, जानें फेंगशुई के जरूरी नियम appeared first on Naya Vichar.

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पराजय के दुष्चक्र में फंसे राहुल गांधी

Bihar election 2025 : शुरुआत फुसफुसाहट से नहीं, गंगा के मैदान के आरपार नेतृत्वक विस्फोट से हुई. पिछले सप्ताह बिहार ने जो जनादेश दिया, वह कांग्रेस के लिए इतना अपमानजनक था कि उसके घनघोर समर्थकों के लिए भी उसे हजम करना मुश्किल है. कांग्रेस ने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे मात्र छह सीटें मिलीं. यह पराजय नहीं, पतन है. और इसके केंद्र में हमेशा की तरह राहुल गांधी हैं. लगभग दो दशक से राष्ट्रीय नेतृत्व में सक्रिय राहुल बीच-बीच में अपने शब्दाडंबरों और सोशल मीडिया घोषणाओं के साथ दिखते हैं, फिर उसी तेजी से गायब हो जाते हैं. कभी वह सक्रिय कार्यकर्ता की भूमिका निभाते हैं, पर नेपथ्य में चले जाते हैं. इसका कांग्रेस पर भीषण असर पड़ा है. इसने न सिर्फ अपनी मास अपील खो दी है, बल्कि पराजय के एक ऐसे चक्र में फंस गयी है, जिससे बाहर निकलने की क्षमता उसमें नहीं दिखती. राहुल गांधी 2004 में नेतृत्व में आये. वर्ष 2009 से वह पार्टी के फैसलों को प्रभावित करने लगे थे. तब से देशभर में हुए 83 विधानसभा चुनावों में से 71 में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 44 सीटों पर सिमट गयी थी. उसके इस बदतर प्रदर्शन पर उसके आलोचक भी स्तब्ध थे. फिर 99 सीटों तक पहुंचने में पार्टी को एक दशक लग गया. राज्यों में उसकी शक्ति का क्षय तो और भी चौंकाने वाला है. वर्ष 2014 में देश के 11 राज्यों में कांग्रेस की प्रशासनें थीं. आज केवल तीन राज्यों-कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में इसकी प्रशासनें हैं. कभी पूरे नक्शे पर फैली हुई राष्ट्रीय पार्टी आज कुछ टुकड़ों में सिमट गयी है. इसकी विधानमंडलीय शक्ति भी इसके पतन के बारे में बताती है. देशभर में कांग्रेस विधायकों की संख्या एक दशक में आधी रह गयी है. अब जो बचा है, वह एक थकी हुई पार्टी के चुके हुए नेतागण, जर्जर ढांचा और ध्वस्त बुनियाद है. किसी भी संदर्भ में यह त्रासद है. पर नेहरू-गांधी परिवार के लिए तो यह बेहद चौंकाने वाला है. अपने समकालीनों की तुलना में तो राहुल संघर्ष कर ही रहे हैं, अपने परिवार के नेताओं की तुलना में भी वह कमतर साबित हुए हैं. उनके परनाना जवाहरलाल नेहरू आधुनिक हिंदुस्तान के निर्माता थे और उन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को भारी मतों से जीत दिलायी थी. नये गणतंत्र की वैचारिक और प्रशासनिक बुनियाद गढ़ने वाली नेहरू की कांग्रेस की तीन-चौथाई से भी अधिक राज्यों में प्रशासनें थीं. इंदिरा गांधी की नेतृत्वक समझ बहुत तेज और चुनावी वर्चस्व बेजोड़ था. उन्होंने भी तीन लोकसभा चुनाव जीते, जिनमें से दो में उन्हें भारी बहुमत मिला था. उनके नेतृत्व में फिर से देश के दो-तिहाई से अधिक राज्यों में कांग्रेस की प्रशासनें बनीं. राहुल की मां सोनिया गांधी ने भी वह हासिल किया, जो असंभव लग रहा था. उन्होंने 2004 में केंद्र की सत्ता में कांग्रेस की वापसी का पथ प्रशस्त किया. हालांकि वह वंशवादी रास्ते से नहीं, बल्कि कुशल नेतृत्वक रणनीति के जरिये था. उन्होंने गठबंधन बनाये, विपरीत वैचारिकता वाली पार्टियों को साथ लिया और मनमोहन सिंह को गठबंधन प्रशासन का प्रधानमंत्री बनाया. वर्ष 2009 में उनके दिशानिर्देश में कांग्रेस ने दूसरा लोकसभा चुनाव जीता. राहुल गांधी इससे एकदम विपरीत हैं और नेहरू-गांधी खानदान के सबसे विफल नेतृत्वक वारिस हैं. उनके पूर्वजों ने कांग्रेस का विस्तार किया, जबकि उनके दिशानिर्देश में पार्टी सिकुड़ रही है. उनके पूर्वजों ने जहां प्रशासनें चलायीं, वहीं उनके समय में कांग्रेस सांस लेने के लिए संघर्ष कर रही है. यह स्थिति आयी है, तो इसके कारण न तो छिपे हुए हैं, न ही रहस्यपूर्ण हैं. राहुल ने वैकल्पिक प्रशासन का कोई नक्शा तैयार नहीं किया है. घनघोर वैचारिक संघर्षों और सुस्पष्ट प्रशासनिक वादों के बीच उनके संदेश बिखरे हुए, अनियमित और अस्पष्ट हैं. उन्होंने एकजुटता का कोई विमर्श तैयार नहीं किया, न कोई यादगार नारा गढ़ा, न ही सामाजिक, आर्थिक या सांस्थानिक तौर पर पार्टी को लोगों से जोड़ने का कोई काम किया, जिसकी आज कांग्रेस को सबसे ज्यादा जरूरत है. हिंदुस्तानीय लोकतंत्र एक कमजोर विपक्ष के सहारे नहीं चल सकता. विपक्ष कमजोर है, तो इसकी जिम्मेदारी कांग्रेस की है. इसके बावजूद यह पार्टी आज सुस्पष्ट वैचारिकता के बजाय उसी परिवार द्वारा चालित है, जिसके प्रति कभी जातियों, क्षेत्रों और वर्गों की असंदिग्ध निष्ठा थी. आज यह पार्टी तो अपने काडर तक को प्रेरित नहीं कर पा रही है. कांग्रेस के अंदर बहुतेरे लोग कहते हैं कि गांधी ब्रांड चुनाव जीतने की क्षमता खो चुका है. यह ब्रांड पार्टी को विखंडन से भले बचा ले, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी को खड़ा नहीं कर सकता. राहुल के दिशानिर्देश में कांग्रेस का संगठन बिखर चुका है. करिश्माई और प्रतिस्पर्धी राज्य स्तरीय नेताओं का न होना पार्टी के लिए घातक है. दक्षिण में फिर भी कांग्रेस के कुछ शक्तिशाली गढ़ हैं. पर नेतृत्वक रूप से निर्णायक हिंदी पट्टी- यानी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और पंजाब जैसे राज्यों में भाजपा के स्थानीय नेतृत्व को चुनौती देने लायक नेताओं को तराशने में राहुल विफल हुए हैं. यह सिर्फ रणनीतिक विफलता नहीं, पार्टी के लिए आत्मघाती भी है. यहां तक कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन बनाने के मामले में राहुल की निष्क्रियता भी चौंकाने वाली है. देश के दूसरे सबसे बड़े नेतृत्वक दल के नेता के तौर पर भाजपा के खिलाफ मोर्चेबंदी में उन्हें प्रमुख रणनीतिकार होना चाहिए था. लेकिन उनकी आधी-अधूरी प्रतिबद्धता के कारण इंडिया गठबंधन बिखरने के कगार पर है. कांग्रेस अगर अब भी हिंदुस्तान के लोकतांत्रिक भविष्य में अपनी भूमिका देखती है, तो उसे तत्काल अपनी श्रेष्ठता ग्रंथि से बाहर निकलना होगा. उसे एक ऐसा नेता ढूंढना होगा, जो सत्ता का भूखा हो, लेकिन जल्दबाद नहीं, जो कभी-कभी नजर आने के बजाय हमेशा दिखता हो और प्रभाव पैदा करने के बजाय जो स्पष्ट विचारधारा का हो. कांग्रेस को एक ऐसा नेता चाहिए, जो भ्रमण पर निकलने के बजाय रोज नेतृत्वक युद्ध छेड़ने की मानसिकता रखता हो. या तो कांग्रेस खुद को नये सिरे से खड़ा करने का उद्यम ले, या जब हिंदुस्तानीय नेतृत्व का केंद्र स्थायी रूप से शिफ्ट हो रहा है, तब नेतृत्व के फुटनोट में अपनी मौजूदगी दर्ज करना जारी रखे.(ये लेखक के निजी विचार हैं.)

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De De Pyaar De 2 Box Office Record: बॉक्स ऑफिस पर धमाका, रकुल प्रीत की टॉप-4 हाईएस्ट ग्रॉसर में शामिल ‘दे दे प्यार दे 2’

De De Pyaar De 2 Box Office Record: फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ को रिलीज हुए चार दिन हो गए और उसके 5वें दिन का कलेक्शन आ गया है. फिल्म में अजय देवगन और रकुल प्रीत सिंह ने लीड रोल निभाया हैं. शुरू के तीन दिन मूवी ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 30 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया. चौथे दिन फिल्म ने सिंगल डिजिट में कलेक्शन किया. हालांकि फिल्म की कमाई में गिरावट आ गई है, लेकिन फिर भी इसने एक नया रिकॉर्ड बना लिया है. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं. रकुल प्रीत सिंह की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी ‘दे दे प्यार दे 2’ दे दे प्यार दे- 104.13 करोड़ रुपये मरजावां- 48.04 करोड़ रुपये यारियां- 40.01 करोड़ रुपये दे दे प्यार दे 2- 39 करोड़ रुपये (कमाई जारी है) थैंक गॉड- 36.35 करोड़ रुपये यहां देखें दे दे प्यार दे 2 का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट डे वाइज De De Pyaar De 2 Box Office Collection Day 1- 8.75 करोड़ रुपये De De Pyaar De 2 Box Office Collection Day 2- 12.25 करोड़ रुपये De De Pyaar De 2 Box Office Collection Day 3- 13.75 करोड़ रुपये De De Pyaar De 2 Box Office Collection Day 4- 4.25 करोड़ रुपये De De Pyaar De 2 Box Office Collection Day 5- 0.03 करोड़ रुपये De De Pyaar De 2 Total Collection- 39.03 करोड़ रुपये जानें दे दे प्यार दे के बारे में 2019 में रिलीज हुई दे दे प्यार दे का सीक्वल है दे दे प्यार दे 2. फिल्म में अजय देवगन ने 52 साल के लंदन स्थित निवेशक आशीष मेहरा का किरदार निभाया है, जिसका तलाक हो चुका है. पहले पार्ट में उनकी पत्नी का रोल तब्बू ने निभाया है. आशीष को अपनी उम्र से आधी उम्र की लड़की आयशा से प्यार हो जाता है. जिसके बाद सारी दिक्कतें शुरू होती है. आशीष उसे अपने परिवार से मिलवाने ले जाता है. काफी मुश्किलों के बाद उसे अपने रिश्ते के लिए हामी मिलती है. दूसरे पार्ट में आयशा उसे लेकर अपने परिवार से मिलवाने जाती है. यह भी पढ़ें– De De Pyaar De 2 Box Office Records: संडे पर तूफान बनी ‘दे दे प्यार दे 2’, इन 25 फिल्मों का तोड़ा रिकॉर्ड, लिस्ट में कई बड़े स्टार्स की मूवी शामिल यह भी पढ़ें– De De Pyaar De 2 Box Office Records: ओपनिंग डे पर अजय देवगन ने अपनी ही इन 2 फिल्मों को छोड़ा पीछे, लेकिन इस रिकॉर्ड को नहीं दे पाई चुनौती The post De De Pyaar De 2 Box Office Record: बॉक्स ऑफिस पर धमाका, रकुल प्रीत की टॉप-4 हाईएस्ट ग्रॉसर में शामिल ‘दे दे प्यार दे 2’ appeared first on Naya Vichar.

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Winter Special Palak Chilla: सर्दियों की सुबह ब्रेकफास्ट में तैयार करें स्वादिष्ट पालक चीला

Winter Special Palak Chilla: ठंड के मौसम में अक्सर सुबह उठने का मन नहीं करता है और इस वजह से नाश्ता बनाने में भी देर हो जाती है. ऐसे में आप भी जल्दी से कुछ तैयार करना चाहते हैं तो आप पालक चीला को बना सकते हैं. सर्दियों में ताजे पालक के पत्तों से बना चीला स्वाद में लाजवाब होता है. आप इस चीला की रेसिपी को जरूर ट्राई करें. सुबह-सुबह नाश्ते में पालक चीला को आप धनिया चटनी, टमाटर चटनी या अचार के साथ खा सकते हैं.  पालक चीला बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? पालक के पत्ते- 1 कप  हरी मिर्च- 1 बारीक कटी हुई  दही- आधा कप  सूजी- 1 कप  प्याज- 1 बारीक कटा अदरक- 1 चम्मच कद्दूकस किया हुआ  नमक- स्वादानुसार तेल- जरूरत के अनुसार  धनिया पत्ती- 2 बड़े चम्मच बारीक कटी हुई  पानी- जरूरत के अनुसार  लहसुन- 1 चम्मच बारीक कटा हुआ   हल्दी पाउडर- आधा छोटा चम्मच   लाल मिर्च पाउडर- आधा छोटा चम्मच पालक चीला को कैसे तैयार करें? पालक चीला बनाने के लिए सबसे पहले पालक के पत्ते को अच्छे से साफ कर लें. साफ करने के बाद आप इसे बारीक काट लें. अब चीला का घोल तैयार करने के लिए एक बर्तन में सूजी को लें और दही को डाल दें. इसमें आप पानी को डालें और अच्छे से मिला लें. घोल को आप 15 मिनट के लिए ढककर रख दें. इसके बाद घोल में आप प्याज को बारीक काटकर डाल दें. इसमें बारीक कटी हरी मिर्च, नमक, कद्दूकस किया हुआ अदरक और बारीक कटा हुआ लहसुन को मिला दें.  घोल में आप हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, पालक के पत्ते और धनिया पत्ती को डाल दें. सभी चीजों को अच्छे से मिला लें. चीला बनाने के लिए तवा को गर्म करें और एक चम्मच तेल डालें. एक बड़े चम्मच की मदद से घोल को तवे पर डाल दें और तेल डालकर चीला को दोनों तरफ से पका लें.  यह भी पढ़ें- Methi-Palak Puri: ठंड के दिनों में सुबह के नाश्ते में बनाएं कुछ खास, झटपट तैयार करें मेथी-पालक की पूरी यह भी पढ़ें- Oats Vada Recipe: चाय टाइम के लिए परफेक्ट स्नैक रेसिपी, तैयार करें ओट्स और चना दाल वड़ा The post Winter Special Palak Chilla: सर्दियों की सुबह ब्रेकफास्ट में तैयार करें स्वादिष्ट पालक चीला appeared first on Naya Vichar.

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OnePlus 15R की भारत में एंट्री कंफर्म, OxygenOS 16 के साथ लॉन्च होगा नया मॉडल

Oneplus 15R India Launch Confirmed: OnePlus 15 के लॉन्च के बाद अब चाइनीज टेक कंपनी वनपल्स ने कंफर्म किया है कि, जल्द ही कंपनी 15 सीरीज का किफायती मॉडल OnePlus 15R हिंदुस्तान में लॉन्च कर सकती है. इतना ही नहीं, यह नया मॉडल OxgenOS 16 अपडेट के साथ लॉन्च होने वाला है. इस बार OnePlus 15R में Alert Slider की जगह नया Plus Key मिलने वाला है. यह नया मल्टी-फंक्शनल Plus Key बटन कई काम कर सकता है, जैसे वॉल्यूम प्रोफाइल बदलना, फोटो क्लिक करना, वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू करना और सबसे खास Plus Mind फीचर की मदद से मेमोरीज को कैप्चर करना. हालांकि, कंपनी ने इस किफायती मॉडल के स्पेसिफिकेशन के बारे में कुछ जानकारी नहीं दी है, लेकिन कई सारे लिक्स इस मॉडल से जुड़े सामने आ चुके हैं. सामने आए लिक्स से यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि, OnePlus 15r चीन में लॉन्च हुए OnePlus Ace 6 का रीब्रांडेड वर्जन है. ऐसे में आइए जानते हैं फिर क्या हो सकते हैं OnePlus 15R में फीचर्स. Oneplus 15r की हिंदुस्तान में एंट्री कंफर्म, oxygenos 16 के साथ लॉन्च होगा नया मॉडल 2 कब हो सकता है लॉन्च? वनपल्स ने फिलहाल अपने नये मॉडल OnePlus 15R की लॉन्च डेट को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है. लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह दिसंबर में लॉन्च हो सकता है. OnePlus 15R में क्या हो सकते हैं फीचर्स? OnePlus 15R अगर OnePlus Ace 6 का रीब्रांडेड वर्जन है, तो फिर OnePlus 15R में भी Ace 6 की तरह 165Hz रिफ्रेश रेट के साथ 6.83-इंच 1.5K LTPS AMOLED डिस्प्ले हो सकती है. यह वनप्लस 15 की तरह ही IP66, IP68, IP69 और IP69K डस्ट और वाटर रेजिस्टेंस प्रोटेक्शन के साथ आ सकता है. हिंदुस्तान में वनपल्स 15r दो कलर Flash Black और Shadow Green में लॉन्च होगा. फोटोग्राफी के लिए, Ace 6 की तरह OnePlus 15R के बैक पैनल में OIS के साथ 50MP का प्राइमरी कैमरा और 8MP का अल्ट्रा-वाइड का सेकेंडरी लेंस हो सकता है. वहीं, फ्रंट में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 16MP का कैमरा मिल सकता है. OnePlus 15R में भी Snapdragon 8 Elite Gen 5 का चिपसेट हो सकता है, जो Android 16 पर बेस्ड OxgenOS 16 पर काम करेगा. इसमें 16GB तक LPDDR5X अल्ट्रा RAM और 1TB तक UFS 4.1 इंटरनल स्टोरेज की सुविधा मिल सकती है. 120W वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ OnePlus 15R में 7,800mAh की बैटरी हो सकती है. यह भी पढ़ें: OnePlus 15 Vs Google Pixel 10: कैमरा, डिजाइन और परफॉर्मेंस में कौन सा है बेहतर? यह भी पढ़ें: iPhone 17 से सस्ते में OnePlus 15 दे रहा प्रीमियम वाला मजा, कैमरा से लेकर परफॉर्मेंस तक दिखेगा अंतर The post OnePlus 15R की हिंदुस्तान में एंट्री कंफर्म, OxygenOS 16 के साथ लॉन्च होगा नया मॉडल appeared first on Naya Vichar.

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ED Raid : अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापा, लाल किला विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई

ED Raid : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लाल किला विस्फोट मामले के संबंध में फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी और दिल्ली-एनसीआर में उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापे मारे. सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी मंगलवार सुबह 5 बजे से छापेमारी कर रही है. यह कार्रवाई ट्रस्टियों, उनसे जुड़े लोगों और संबंधित संस्थाओं पर की जा रही है. दिल्ली सहित कुल 25 ठिकानों पर तलाशी चल रही है. #WATCH | Delhi | The Enforcement Directorate is conducting searches in the Al Falah University case involving its trustees, related persons, and entities since 5 am today. The raids are being conducted at 25 locations across Delhi and other places: Sources (Visuals from Shaheen… pic.twitter.com/TYBg9rI1pe — ANI (@ANI) November 18, 2025 सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी की टीम सुबह से ही दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कई स्थानों पर तलाशी ले रहे हैं. ऐसी जानकारी है कि ईडी इस मामले में एनआईए और दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए धन शोधन निरोधक कानून के तहत कार्रवाई कर रही है. एजेंसी इस मामले में पैसे से जुड़े मामलों  की जांच कर रही है. यह भी पढ़ें : Red Fort Attack : तीन साल से एक्टिव था आतंकी मॉड्यूल, रेड फोर्ट बम धमाके में हुआ बड़ा खुलासा सूत्रों ने बताया कि तलाशी सुबह करीब पांच बजे शुरू हुई और यूनिवर्सिटी के ट्रस्टी के ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है. मामले में अब तक एनआईए ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर ‘‘आत्मघाती हमलावर’’ डॉ. उमर नबी के करीबी सहयोगी हैं. अल फलाह यूनिवर्सिटी दिल्ली के निकट हरियाणा में फरीदाबाद जिले के धौज क्षेत्र में स्थित है और यह एक मेडिकल कॉलेज-सह-अस्पताल है. The post ED Raid : अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापा, लाल किला विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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