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November 18, 2025

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Tej Pratap Yadav: ‘रोहिणी दीदी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे’, बहन से बदसलूकी पर गुस्से में तमतमाए तेज प्रताप यादव

Tej Pratap Yadav: रोहिणी आचार्य विवाद को लेकर जमकर बयानबाजी हो रही. इस बीच आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बड़े लाल तेज प्रताप यादव रोहिणी के साथ हुए दुर्व्यवहार के बाद गुस्से में तमतमाए हुए हैं. इस बीच उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर कर अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने लिखा, ‘हम किसी भी हालत में अपनी बहन का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे. जयचंदों को इस दुर्व्यवहार का परिणाम जरूर चुकाना पड़ेगा.’ ‘घटना ने दिल को भीतर से झकझोर दिया’ अपने पोस्ट में तेज प्रताप यादव ने एक पोस्टर भी शेयर किया. जिसमें लिखा, ‘हमारी रोहिणी दीदी के साथ जो दुर्व्यवहार जयचंदों द्वारा किया गया, इस घटना ने दिल को भीतर तक झकझोर दिया है. मेरे साथ जो हुआ, वह मैं सह गया, लेकिन मेरी बहन के साथ अपमान हुआ, वह किसी भी हाल में असहनीय है. सुन लो जयचंदों, परिवार पर वार करोगे तो बिहार की जनता तुम्हें कभी माफ नहीं करेगी.’ इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट शेयर कर निकाली थी भड़ास इस तरह से तेज प्रताप यादव ने सोशल पोस्ट कर कहीं ना कहीं बड़ी चेतावनी दे दी है. इससे पहले भी तेज प्रताप यादव ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर चेतावनी दी थी. उन्होंने लिखा था, मेरे साथ जो हुआ, वह मैं सह गया. लेकिन मेरी बहन के साथ जो अपमान हुआ, वह किसी भी हाल में असहनीय है. साथ ही लालू यादव को लेकर लिखा था, पिता जी, एक संकेत दीजिए, आपका केवल एक इशारा और बिहार की जनता इन जयचंदों को जमीन में गाड़ देने का काम खुद कर देगी. रोहिणी आचार्य ने खुद बदसलूकी का किया था जिक्र दरअसल, चुनाव नतीजों के बाद रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर अपने साथ हुई बदसलूकी का जिक्र किया. उन्होंने लिखा था, उन्हें गालियां दी गईं और किडनी दान को लेकर अपमानित किया गया. रोहिणी ने कहा कि वह सभी शादीशुदा बेटियों से कहेंगी कि मायके की जिम्मेदारियों में खुद को न झोंकें और पहले अपने परिवार और बच्चों को प्राथमिकता दें. उन्होंने बताया कि पिता को किडनी देने के कारण आज उन्हें ही ताना सुनना पड़ रहा है, इसलिए ऐसी गलती कोई बेटी न दोहराए. Also Read: Lalu Family Controversy: ‘स्त्रीएं कोमल होती हैं, कमजोर नहीं’, रोहिणी आचार्य विवाद मामले पर बोली जदयू MLA The post Tej Pratap Yadav: ‘रोहिणी दीदी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे’, बहन से बदसलूकी पर गुस्से में तमतमाए तेज प्रताप यादव appeared first on Naya Vichar.

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Suji-Pyaz Ka Chilla Recipe: सुबह की भागदौड़ में झटपट बनाएं सूजी-प्याज का चीला, सर्व करें सब्जी या चटनी के साथ 

Suji-Pyaz Ka Chilla Recipe: सुबह बच्चों के स्कूल और ऑफिस की वजह से अक्सर समझ नहीं आता है कि नाश्ते में ऐसा क्या बनाया जाए तो जल्दी तैयार हो जाए? नाश्ते में अधिकतर लोग चीला बनाना सबसे पहले लिस्ट में रखते है. इसलिए आज हम आपको इस आर्टिकल में सूजी-प्याज का चीला बनाने की रेसिपी बताएंगे जिसे आप समय में बनाकर सब्जी या चटनी के साथ गरमा-गरम सर्व कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं घर पर सुबह के नाश्ते में सूजी-प्याज का चीला बनाने की विधि.  सूजी-प्याज का चीला बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? सूजी – एक कप  दही – आधा कप  प्याज – एक (बारीक कटा हुआ) हरी मिर्च – एक (बारीक कटी) धनिया पत्ता – 1 चम्मच (कटी हुई) नमक – स्वादानुसार  हल्दी – आधा चम्मच  पानी – जरूरत के अनुसार  तेल – जरूरत के अनुसार  यह भी पढ़ें: Quick Healthy Snacks For Kids: बच्चों के लिए सिर्फ मिनटों में तैयार करें ये हेल्दी और टेस्टी स्नैक्स यह भी पढ़ें: Makhana Recipe Ideas: आपने मखाना ऐसे नहीं खाया होगा! ट्राई करें ये 7 आसान और टेस्टी रेसिपी आइडियाज सूजी-प्याज का चीला बनाने की विधि क्या है? सबसे पहले एक बर्तन में सूजी और दही डालकर अच्छे से मिक्स करें. फिर इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार कर लें.  अब इस घोल में बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, धनिया, नमक और डालकर मिक्स करें.  अब आप घोल को 10 मिनट के लिए ढककर अलग रख दें जिससे सूजी नरम हो जाए.  अब गैस में तवा गर्म करें और इसके ऊपर हल्का तेल लगाएं.  अब आप सूजी का बनाया हुआ घोल एक बड़े चम्मच में लेकर तवे पर डालें और हल्का गोल चीला के आकार में फैलाएं.  चीला को दोनों तरह से धीमी आंच पर सेंकें और प्लेट में निकाल लें. तैयार हुआ सूजी-प्याज का चीला को गरमा-गरम सब्जी या चटनी के साथ परोसें और स्वाद का मजा लें.  यह भी पढ़ें: Pyaz Ka Chilla Recipe: सुबह के नाश्ते में बनाएं हेल्दी और गरमा-गरम प्याज का चीला, नोट करें बनाने की विधि  यह भी पढ़ें: Dahi Salad Recipe: फिटनेस लवर्स के लिए परफेक्ट रेसिपी, कुछ ही मिनटों में बनाएं हेल्दी दही सलाद  The post Suji-Pyaz Ka Chilla Recipe: सुबह की भागदौड़ में झटपट बनाएं सूजी-प्याज का चीला, सर्व करें सब्जी या चटनी के साथ  appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बिहार में डिप्टी सीएम पर सस्पेंस बरकरार, रामकृपाल व प्रेम कुमार स्पीकर की दौड़ में

मुख्य बातें अगड़ी जाति से हो सकता है डिप्टी सीएम का दूसरा चेहरा स्पीकर पद के लिए प्रेम कुमार और रामकृपाल पर चर्चा Bihar News: पटना. बिहार की नयी प्रशासन में भाजपा का मंत्री कौन होगा, इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन कुछ नामों को लेकर दावे जरूर किए जा रहे हैं. भाजपा मुख्यालय में सोमवार को चर्चा इस बात की थी कि इस बार कौन मंत्री बन रहा है, कौन नहीं. इस चर्चा को आधार मानें ,तो डिप्टी सीएम की दौड़ में सम्राट चौधरी का नाम सबसे ऊपर है. वह विधायक दल के नेता भी बन सकते हैं, ऐसा भाजपा के कुछ नेताओं का मानना है. अगड़ी जाति से हो सकता है डिप्टी सीएम का दूसरा चेहरा डिप्टी सीएम का दूसरा चेहरा अगड़ी जाति से हो सकता है. मंत्री नीतीश मिश्र, नितिन नवीन और मंगल पांडेय को लेकर कयास लगाये जा रहे हैं. हालांकि, भाजपा चौंकाती है. उसके पुराने इतिहास पर नजर डालें, तो सुशील मोदी को छोड़कर किसी को दोबारा डिप्टी सीएम नहीं बनाया गया है. 2005 से 2025 तक भाजपा से पांच डिप्टी सीएम बने हैं. 2005 से 2020 तक सुशील मोदी अकेले और लगातार इस पद पर काबिज रहे. स्पीकर पद के लिए प्रेम कुमार और रामकृपाल पर चर्चा स्पीकर पद के लिए प्रेम कुमार और रामकृपाल भी इस रेस में बताये जा रहे हैं. पार्टी कुछ चर्चित चेहरों को मंत्री सुख से वंचित कर सकती है. नये चेहरों में दीघा विधायक संजीव चौरसिया, संगठन में सेवा देने के बाद दो बार एमएलसी रहे रजनीश कुमार को मौका मिल सकता है. वह पहली बार विधायक चुनकर आए हैं. भाजपा नीतीश मिश्र, संजय सरावगी, जिवेश रंजन आदि आधे से अधिक मंत्री को रिपीट कर सकती है. Also Read: Bihar News: कैबिनेट की बैठक के बाद नीतीश कुमार देंगे इस्तीफा, जानें क्या है नयी प्रशासन के गठन की प्रक्रिया The post Bihar News: बिहार में डिप्टी सीएम पर सस्पेंस बरकरार, रामकृपाल व प्रेम कुमार स्पीकर की दौड़ में appeared first on Naya Vichar.

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IND vs SA Test: टेस्ट क्रिकेट का विनाश… भारत की हार के बाद पिच को लेकर भड़के हरभजन सिंह, Video

Harbhajan Singh lashed out at Pitch: हिंदुस्तान और दक्षिण अफ्रीका (IND vs SA) के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में स्पोर्ट्सा गया पहला टेस्ट मैच महज तीन दिनों में खत्म हो गया. 124 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए हिंदुस्तानीय टीम सिर्फ 93 रन पर ढेर हो गई और 30 रनों से हार झेलनी पड़ी. इस हार के बाद पूर्व हिंदुस्तानीय स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने पिच की जमकर आलोचना की और कहा कि ऐसी विकेटें टेस्ट क्रिकेट के साथ-साथ खिलाड़ियों के विकास को भी नुकसान पहुंचा रही हैं. हरभजन सिंह बोले- टेस्ट क्रिकेट का विनाश हरभजन सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि ईडन गार्डन्स जैसी कम तैयार और गेंदबाजों के लिए ज्यादा मददगार पिचें टेस्ट क्रिकेट की असली खूबसूरती को खत्म कर रही हैं. उनके अनुसार, जब मैच तीसरे दिन से पहले ही खत्म हो जाए तो यह स्पोर्ट्स के सबसे लंबे प्रारूप की भावना के खिलाफ है. भज्जी ने कहा कि पिछले कई सालों से हिंदुस्तान में ऐसी पिचें बन रही हैं, जिन पर बल्लेबाज टिक ही नहीं पाते. इससे न तो दर्शकों को मजा आता है और न ही खिलाड़ियों को अपने स्किल को निखारने का मौका मिलता है. उनके मुताबिक यह टेस्ट क्रिकेट को पूरी तरह बर्बाद करने जैसा है. जीत के बाद किसी को समस्या नहीं दिखती हरभजन ने साफ कहा कि अक्सर लोग अपनी टीम की जीत देखकर पिच की खराबी को नजरअंदाज कर देते हैं. जब घरेलू टीम जीतती है तो हर चीज सही मानी जाती है. कोई गेंदबाज विकेट ले रहा होता है तो उसे महान बताया जाता है, जबकि असलियत यह है कि विकेट पिच की वजह से मिल रहे होते हैं. उन्होंने कहा कि जब टीम जीतती है, कोई सवाल नहीं उठाता. सबको लगता है सब कुछ ठीक चल रहा है. लेकिन यह सही तरीका नहीं है. यह एक गंभीर समस्या है जिसके बारे में बात होनी चाहिए. खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ रहे पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने खिलाड़ियों के विकास पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ऐसी पिचों पर स्पोर्ट्सने से खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ते. बल्लेबाजों को असली चुनौती तब मिलती है जब वे सामान्य परिस्थितियों में तकनीक के दम पर रन बनाते हैं, न कि ऐसी विकेटों पर जहां गेंद एक-एक कर सबको धोखा दे. उनके अनुसार, आप जीत तो रहे हैं लेकिन असल फायदा नहीं हो रहा. क्रिकेटर के रूप में आप आगे नहीं बढ़ रहे. आप बस चक्की में बंधे बैल की तरह एक ही जगह घूम रहे हैं. न कौशल विकसित हो रहा, न अनुभव बढ़ रहा. बल्लेबाजों को हो रही थी दिक्कत हिंदुस्तान की दूसरी पारी में बल्लेबाजों के संघर्ष पर हरभजन ने कहा कि पिच इतनी मुश्किल थी कि बल्लेबाज समझ ही नहीं पा रहे थे कि रन कैसे बनाए जाएं. कई खिलाड़ी पिच की अनियमित उछाल की वजह से आउट हुए, न कि अपनी गलती से. उन्होंने कहा बल्लेबाज ऐसे दिख रहे थे जैसे उन्हें बल्लेबाजी करना ही नहीं आती. स्किल नहीं, पिच खिलाड़ियों को आउट कर रही थी. यह देखकर दुख होता है कि टेस्ट क्रिकेट किस दिशा में जा रहा है. हमें सोचना होगा कि ऐसी पिचें हमें कहां लेकर जा रही हैं. ये भी पढ़ें- शुभमन गिल की ऑल फॉर्मेट कप्तानी पर BCCI को कड़ी चेतावनी, काम की बोझ ने किया बीमार ‘मैं मरने के लिए तैयार हूं’, युवराज के पिता योगराज सिंह हुए बेहद इमोशनल, दे दिया बड़ा बयान दूसरे टेस्ट में कौन होगा शुभमन गिल का रिप्लेसमेंट, कप्तान का परेशान करने वाला VIDEO आया सामने The post IND vs SA Test: टेस्ट क्रिकेट का विनाश… हिंदुस्तान की हार के बाद पिच को लेकर भड़के हरभजन सिंह, Video appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: महागठबंधन में ‘दोस्ताना संघर्ष’ बना घातक, 11 सीटों पर अंदरूनी फूट से NDA को मिली भारी जीत

Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन भले बड़े दावे करता रहा, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट दिखी. पांच बड़े सहयोगी दलों राजद, कांग्रेस, माकपा, भाकपा और वीआईपी के बीच सीटों की खींचतान ने गठबंधन की एकजुटता को कमजोर किया. नतीजा यह हुआ कि 11 सीटों पर महागठबंधन के ही उम्मीदवार एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते नजर आए. इस दोस्ताना संघर्ष का सीधा असर परिणामों पर पड़ा और सभी 11 सीटें एनडीए के खाते में चली गईं. मतदान आंकड़े साफ बताते हैं कि यदि महागठबंधन एकजुट होकर मैदान में उतरता, तो कई सीटों पर मुकाबला बिल्कुल अलग होता. महागठबंधन की अंदरूनी फूट इस चुनाव की सबसे बड़ी नेतृत्वक कहानी बनकर उभरी है. बेगूसराय की बछवाड़ा से लेकर नालंदा की बिहारशरीफ, रोहतास की करगहर, भागलपुर की कहलगांव,सुल्तानगंज, जमुई की सिकंदरा और पश्चिम चंपारण की नरकटियागंज तक हर जगह एक ही तस्वीर उभरी. महागठबंधन के घटक दल एक-दूसरे के वोट बैंक पर चोट कर रहे थे और भाजपा-जदयू जैसे एनडीए घटक आराम से जीत की दूरी तय कर रहे थे. Bihar : महागठबंधन की अंदरूनी फूट ने बिहार में बड़ा नुकसान करा दिया. 11 सीटों पर ‘दोस्ताना संघर्ष’ और नतीजा—11 में 11 सीटें NDA के खाते में!बछवाड़ा से लेकर कहलगांव और नरकटियागंज तकजहां-जहां महागठबंधन ने दो-दो उम्मीदवार उतारे, वहां एनडीए आराम से जीत गया, वोट बंटे, सीट गई.#Bihar… pic.twitter.com/Phi2uJuZle — Naya Vichar (@prabhatkhabar) November 18, 2025 बछवाड़ा- जहां वोटों ने सारी सच्चाई बयान कर दी बछवाड़ा सीट इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. भाजपा ने यहां 15,841 वोट के अंतर से जीत दर्ज की. कांग्रेस को 84,502 वोट मिले, भाकपा को 21,588. दोनों को जोड़ दें तो यह संख्या भाजपा से कहीं अधिक होती. लेकिन महागठबंधन के भीतर समन्वय की कमी ने एक सुरक्षित दिखने वाली सीट को एनडीए की झोली में डाल दिया. बिहारशरीफ में भी दो नाव पर सवार महागठबंधन नालंदा के बिहारशरीफ में भी कांग्रेस और भाकपा आमने-सामने थीं. भाजपा ने 1,09,304 वोट पाकर 29,168 के अंतर से जीत ली. कांग्रेस को 80,136 और भाकपा को 2736 वोट मिले. दोनों का संयुक्त वोट बीजेपी के बहुत करीब पहुंचता, जिससे मुकाबला कांटे का हो सकता था. कहलगांव और सुल्तानगंज- जहां राजद और कांग्रेस ने एक-दूसरे को काटा भागलपुर की कहलगांव सीट पर जदयू ने 50,112 वोट के भारी अंतर से जीत दर्ज की. राजद को 80,655 मिलें और कांग्रेस को 10,083. साथ लड़ते तो मुकाबला बेहद कड़ा होता. यही कहानी सुल्तानगंज में भी दोहराई गई, जहां जदयू ने 1,08,712 वोट के साथ आराम से जीत हासिल की. राजद और कांग्रेस ने यहां भी एक-दूसरे की संभावनाओं को कम कर दिया. करगहर में कांग्रेस-भाकपा की भिड़ंत और जदयू की जीत रोहतास के करगहर में भी महागठबंधन की दो पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोकी. कांग्रेस को 39,333 और भाकपा को 2362 वोट मिले. जदयू ने 92,485 वोट के साथ बड़ी जीत हासिल की. यदि महागठबंधन एकजुट होता, तो स्थिति बदल सकती थी. चैनपुर और बेलदौर-वीआइपी और आइआइपी भी बने रुकावट कैमूर के चैनपुर में राजद और वीआईपी दोनों के उतारने से जदयू ने 8362 वोट से जीत ली. खगड़िया के बेलदौर में कांग्रेस और इंडियन इक्लूसिव पार्टी के उम्मीदवारों ने जदयू की जीत को आसान बना दिया. कांग्रेस को 71,087 और आइआइपी को 9188 वोट मिले, जबकि जदयू ने 1,06,262 वोट पाकर 35,175 के अंतर से जीत दर्ज की. सिकंदरा और नरकटियागंज- दोहरी दावेदारी और तय हार जमुई की सिकंदरा सीट पर हम पार्टी ने 91,603 वोट पाकर 23,907 के अंतर से जीत ली. यहां राजद और कांग्रेस दोनों आमने-सामने थे. राजद को 67,696 और कांग्रेस को सिर्फ 1803 वोट मिले. नरकटियागंज में बीजेपी ने 26,458 वोट के अंतर से जीत हासिल की. राजद को 73,586 और कांग्रेस को 5388 वोट मिले. यह भी एक ऐसा समीकरण था, जहां एकता की कमी ने चुनाव को पूरी तरह बीजेपी के पक्ष में मोड़ दिया. वैशाली और राजापाकड़- विभाजन ही हार का आधार वैशाली सीट पर जदयू ने 1,08,377 वोट प्राप्त कर 32,590 से जीत ली. राजद ने 75,787 और कांग्रेस ने 20,395 वोट हासिल किए. दोनों का संयुक्त वोट जदयू की बराबरी कर सकता था. इसी जिले की राजापाकड़ सीट पर कांग्रेस और भाकपा दोनों मैदान में थे. जदयू ने 96,258 वोट लेकर आसानी से जीत हासिल की. दोस्ताना संघर्ष ने महागठबंधन को किया कमजोर इन 11 सीटों के परिणाम एक बात को स्पष्ट कर देते हैं, महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे का फॉर्मूला बेहद कमजोर था. कई सीटों पर उम्मीदवारों का चयन बिना समन्वय और बूथ-स्तरीय क्षमता को समझे किया गया और एनडीए ने इसका लाभ उठाया. राजद सबसे बड़ा दल होने के बावजूद अपने सहयोगियों को संतुष्ट करने में सफल नहीं हुआ. कांग्रेस ने भी कई जगह जिद में सीट पर दावा ठोका. वामदलों के साथ-साथ वीआईपी और आइआइपी जैसे छोटे दल भी इस टूट का हिस्सा बने. इसका परिणाम यह हुआ कि महागठबंधन ने सभी 11 सीटें गंवा दीं और कुछ तो बहुत बड़े अंतर से. यदि महागठबंधन इन सीटों पर एकजुट होकर चुनाव लड़ता, तो कम-से-कम 6 से 7 सीटों का परिणाम पूरी तरह बदल सकता था. महागठबंधन ने एकता की बजाय आपसी प्रतिस्पर्धा चुनी और इसके साथ ही अपनी 11 सीटें एनडीए के पक्ष में लिख दीं. Also Read:Aaj Bihar Ka Mausam: बिहार में नवंबर की ठंड ने तोड़ा रिकॉर्ड, कई जिलों में पारा 7°C तक गिरा The post Bihar News: महागठबंधन में ‘दोस्ताना संघर्ष’ बना घातक, 11 सीटों पर अंदरूनी फूट से NDA को मिली भारी जीत appeared first on Naya Vichar.

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dhanbad news: लूटकांड के विरोध में आज काला बिल्ला लगायेंगे व्यवसायी

सोमवार को बाजार समिति प्रांगण में हुई बैठक में तय हुआ कि मंगलवार को जिले के सभी व्यवसायी काला बिल्ला लगाकर विरोध करेंगे. बुधवार को बाजार समिति परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा तथा गुरुवार को दोपहर 12 बजे तक सभी प्रतिष्ठान बंद रखकर रणधीर वर्मा चौक पर महाधरना दिया जायेगा. जिला चेंबर अध्यक्ष चेतन गोयनका ने कहा कि घटना के आठ दिन बाद भी पुलिस कांड के उद्भेन में विफल रही है. ऐसे में व्यावसायी समुदाय के पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय आंदोलन के बाद भी यदि घटना का खुलासा नहीं होता है, तो धनबाद बंद की घोषणा की जाएगी. अपराधियों को पुलिस का डर नहीं महासचिव अजय नारायण लाल ने कहा कि अपराधियों को पुलिस का डर नहीं रह गया है. बाजार समिति चेंबर अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल ने कहा कि अपराधियों ने खुलेआम हमला किया और लूट कर भाग निकले. यह पूरी तरह से सुरक्षा व्यवस्था की विफलता है. जिला खाद्यान्न व्यवसायी संघ अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने कहा कि धनबाद में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. महासचिव विकास कंधवे ने कहा कि 1992 के बाद बाजार समिति में यह दूसरी बड़ी घटना है. थाना को बाजार समिति परिसर से जीटी रोड शिफ्ट करने के बाद यहां टीओपी (थाना आउट पोस्ट) की व्यवस्था आवश्यक थी, लेकिन आज तक यह नहीं किया गया. बैठक में चेंबर के प्रदीप सिंह, पप्पू सिंह, संतोष अग्रवाल, मनोरंजन सिंह, पंकज गुप्ता, श्रवण सिन्हा, अशोक सर्राफ, प्रांजल साव, बबलू गुप्ता, रणजीत साव, श्याम भीमसरिया, शैलेश सिंह आदि थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post dhanbad news: लूटकांड के विरोध में आज काला बिल्ला लगायेंगे व्यवसायी appeared first on Naya Vichar.

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dhanbad news: बाबूजान हत्याकांड आरोपी को उम्रकैद

14 नवंबर 2025 को अदालत ने उसे दोषी करार दिया था.अभियोजन का संचालन अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार राय ने किया. मृतक के भाई सुनील मुर्मू ने आठ नवंबर 2024 को गोविंदपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसके मुताबिक सात नवंबर 2024 के शाम करीब आठ बजे बाबूजान शराब पीकर बाड़ु सोरन के घर पहुंचा तो वहां लखींदर सोरेन भी आया. किसी बात पर उसने बाबूजान को हत्या की धमकी दी. बाद में रात के 10 बजे बाबूजान का शव उसके घर की चहारदीवारी के बाहर मिला. वृद्धजन बोझ नहीं, हमारे अनुभव के स्तंभ हैं : न्यायाधीश धनबाद . वृद्धजन समाज की धरोहर हैं. उनका सम्मान तथा देखभाल करना हम सबकी जिम्मेदारी है. माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 इसी उद्देश्य से बनाया गया है. उक्त बातें सोमवार को सिविल कोर्ट धनबाद में वृद्धजनों के लिए आयोजित जागरूकता शिविर में अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार मयंक तुषार टोपनो ने कही. उन्होंने विधि स्वयंसेवकों को कहा कि हम यह सुनिश्चित करें कि कोई भी अनपढ़ या असहाय बुजुर्ग अपने अधिकारों से वंचित न रहे और उन्हें समय पर न्याय तथा आर्थिक सहायता मिल सके. मौके पर 16 वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धा पेंशन मुहैया कराया गया. कार्यक्रम में लीगल एंड डिफेंस काउंसिल सिस्टम धनबाद के चीफ कुमार विमलेंदु, डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट, नीरज कुमार गोयल, सुमन पाठक शैलेंद्र झा, कन्हैयालाल ठाकुर, मुस्कान चोपड़ा, स्वाति कुमारी आदि थे. तीन तलाक मामले में शमशाद की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की धनबाद. भूली थाना क्षेत्र के अंसारी मंजिल बाई पास रोड पांडरपाला निवासी मो. शमशाद अंसारी को तीन तलाक मामले में झारखंड हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली. उनकी ओर से दायर आपराधिक विविध याचिका पर सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की खंडपीठ में हुई. सुनवाई के दौरान बार-बार कॉल करने पर भी उनके अधिवक्ता बहस करने अदालत में उपस्थित नहीं हुए. जबकि प्रशासन की ओर से अपर लोक अभियोजक गौतम राकेश ने अपना पक्ष रखा. विपक्षी नंबर टू शबनम परवीन के अधिवक्ता लुकेश कुमार ने भी बहस की. अदालत ने दलीलें सुनने के बाद आपराधिक विविध याचिका को खारिज कर दी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post dhanbad news: बाबूजान हत्याकांड आरोपी को उम्रकैद appeared first on Naya Vichar.

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dhanbad news: राज्य में सेरेब्रल पाल्सी के 9097 मरीज, सबसे अधिक गोड्डा में

धनबाद समेत पूरे राज्य में सेरेब्रल पाल्सी के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं, पर झारखंड में अब तक इसके इलाज को लेकर ठोस पहल नहीं हो पायी है. पूरे राज्य में इस बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या 9097 है. इनमें से 3251 मरीज सिर्फ धनबाद, बोकारो, गिरिडीह और गोड्डा जिले में हैं. प्रशासनी आंकड़ों के अनुसार धनबाद में 357, गिरिडीह में 553, बोकारो में 845 व गोड्डा में सबसे अधिक 1496 मरीज हैं. ज्ञात हो कि इस बीमारी की गंभीरता के अनुसार इसकी रोकथाम के लिए राज्य के प्रशासनी अस्पतालों में स्पीच और ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट नहीं हैं. ऐसे में मरीजों को उचित उपचार और परामर्श से वंचित रहना पड़ता है. गोड्डा में हैं राज्य में सबसे अधिक मरीज झारखंड में सेरेब्रल पाल्सी के सबसे अधिक 1496 मरीज गोड्डा जिले में हैं. इसके बाद कोडरमा में 891, साहेबगंज में 778 और बोकारो में 845 मरीज हैं. जबकि सबसे कम सात मरीज सिमडेगा में और 20 मरीज सरायकेला में हैं. अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में मरीज हैं. धनबाद व आसपास के जिलों में नहीं है इलाज की सुविधा धनबाद जिले में एक भी स्पीच थेरेपिस्ट नहीं हैं. कुछ ऐसा ही हाल आसपास के जिलों में भी है. ऐसे में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई या अन्य बड़े शहरों में ले जाना पड़ता है. इससे मरीज के परिजनों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है. क्या है सेरेब्रल पाल्सी सेरेब्रल पाल्सी एक न्यूरोलॉजिकल विकार है, जो शिशु के मस्तिष्क के विकास के दौरान ऑक्सीजन की कमी या प्रसव के समय चोट लगने से होता है. इससे शिशु की मांसपेशियों की गतिविधि, बोलने की क्षमता, संतुलन और चाल-ढाल पर असर पड़ता है. फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी और ऑक्युपेशनल थेरेपी से इसमें काफी हद तक सुधार लाया जा सकता है. शुरुआती पहचान और नियमित थेरेपी ही समाधान सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण जन्म के शुरुआती छह माह में पहचान लिये जायें, तो ऐसे बच्चों की स्थिति में बड़ा सुधार लाना संभव है. नियमित फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑक्युपेशनल थेरेपी और पोषणयुक्त आहार से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है. वहीं प्रत्येक जिले में पुनर्वास केंद्र व थेरेपिस्ट की नियुक्ति सुनिश्चित होने और अभिभावकों के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर स्थिति में सुधार हो सकता. राज्य के किस जिले में कितने मरीज धनबाद – 357 गिरिडीह – 553 बोकारो – 845 गोड्डा- 1496 चतरा – 233 देवघर- 235 दुमका – 363 पूर्वी सिंहभूम – 169 गढ़वा – 310 गुमला – 249 हजारीबाग – 356 जामताड़ा – 250 खूंटी – 41 कोडरमा – 891 लातेहार – 188 लोहरदगा – 307 पाकुड़ – 72 पलामू – 447 रामगढ़ – 379 रांची – 426 साहेबगंज – 778 सरायकेला – 20 सिमडेगा – 7 वेस्ट सिंहभूम – 125 कुल – 9097 डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post dhanbad news: राज्य में सेरेब्रल पाल्सी के 9097 मरीज, सबसे अधिक गोड्डा में appeared first on Naya Vichar.

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dhanbad news: लूप लाइन में ट्रेन के कंटेनर पर चढ़ा मिला युवक, घंटों हंगामा

इसके बाद उक्त सिरफिरे युवक को कंटेनर से उतारने की कवायद शुरू हुई. आरपीएफ के साथ रेल कर्मचारियों ने कंटेनर में सीढ़ी लगाकर उसे उतारने का प्रयास किया, युवक नीचे उतरने को तैयार नहीं था. वह कंटेनर के ऊपर बैठ कर मोबाइल चलाते हुए दिखा. वह बार-बार सीढ़ी को हटा दे रहा था. काफी मशक्कत के बाद उसे नीचे उतारा गया. सीढ़ी से युवक के सिर में लगी चोट युवक को जबरन नीचे उतारने के दौरान सीढ़ी से उसके सिर में चोर लग गयी और सिर से खून निकलने लगा. किसी तरह उसे उतार कर प्लेटफॉर्म संख्या एक पर लाया गया. आरपीएफ द्वारा बार-बार पूछे जाने के बाद भी उसने अपना नाम-पता नहीं बताया. प्लेटफॉर्म पर भी किया हंगामा युवक ने धनबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर भी हंगामा किया. वह आरपीएफ के सामने ही जमीन पर अपना सिर पटकने लगा. इससे उसका सिर लहूलुहान हो गया. आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि युवक पहले से ही कंटेनर पर सवार होकर आया था. धनबाद स्टेशन में उसपर लोगों की नजर पड़ी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post dhanbad news: लूप लाइन में ट्रेन के कंटेनर पर चढ़ा मिला युवक, घंटों हंगामा appeared first on Naya Vichar.

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dhanbad news: ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बना रहा आजीविका सखी मंडल

स्त्रीओं को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने के लिए जेएसएलपीएस द्वारा एनआरएलएम (नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन) की शुरुआत की गयी थी. जिले में इसकी शुरुआत 2016 से टुंडी व पूर्वी टुंडी प्रखंड में हुई थी. उसके बाद सभी प्रखंडों में योजना की जानकारी दी गयी. स्त्रीओं को समूह बनाने व उसके संचालन की जानकारी दी गयी. ग्रामीण क्षेत्र की स्त्रीएं आजीविका सखी मंडल बनाकर आज आत्मनिर्भर बन चुकी हैं. तीन चरणों में मिलता है फंड योजना के तहत 10 से 15 स्त्रीओं का एक समूह बनता है. उन्हें जेएसएलपीएस की ओर से 30 हजार रुपये आरएफ (रिवाल्विंग फड) दिया जाता है. इस फंड का काम समूह बनाने से लेकर स्त्रीओं को सक्रिय करना होता है. हर माह सदस्यों की चार-पांच मीटिंग होती है. हर मीटिंग में ये दस रुपये जमा करती हैं. छह माह के बाद उन्हें जेएसएलपीएस की ओर से सीआइएफ ( कम्यूनिटी इंवेस्टमेंट फड) के तहत 50 से 75 हजार रुपया लोन दिया जाता है. उसके बाद सीसीएल (कैरा क्रेडिट लिकेंज) के तहत बैंक से लोन मिलता है. सभी मंडल तैयार करता है उत्पाद आजीविका सखी मंडल की सदस्य जूट बैग, मसाला, तेल, बेकरी, जेनरल स्टोर, ब्यूटी पार्लर, फिनाइल बनाने के साथ ही प्रखंड में दीदी किचन चला रही हैं. वहीं हैंडी क्राफ्ट के तहत कलात्मक वस्तुएं बना रही हैं. सबसे ज्यादा सखी मंडल बलियापुर व निरसा में चल रहे हैं. बाजार में किस उत्पाद की खपत व मांग है, इसके मार्केट सर्वे के बाद मंडल की सदस्य उत्पाद तैयार करती हैं. जल्द बनेगा पलाश मार्ट : शैलेश रंजन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने कहा कि जेएसएलपीएस स्त्रीओं की आर्थिक मजबूती के लिए लगातार काम कर रहा है. सखी मंडल से जुड़कर स्त्रीएं बेहतर काम कर रही है. बैंक का लोन भी समय पर चुका रही हैं जिससे बैंक का भरोसा सखी मंडल पर बढ़ा है. इन स्त्रीओं को बहु कार्य से जोड़ने की प्लानिंग चल रही है. उनके लिए पलाश मार्ट बनाने पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए उपायुक्त व नगर निगम के पास प्रपोजल भेजा गया है. जमीन के छोटे टुकड़े पर शुरू हैरी रोज नर्सरी, अब एक एकड़ में फैली धनबाद सदर प्रखंड के मल्लिकडीह घोखरा की रहने वाली लक्ष्मी कुमारी मध्यम वर्गीय परिवार से आती हैं. गांव में कुछ जमीन रहने के कारण वे बहुत अधिक कुछ नहीं कर पा रही थीं. पति की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी. ऐसे में उन्हें स्त्री समूह की जानकारी मिली. उसने मां तारा आजीविका सखी मंडल से जुड़कर नर्सरी शुरू करने की योजना बनायी. इसके लिए उन्होंने एक लाख रुपये लोन लिया. इससे उन्होंने अपने 50 डिसमिल जमीन पर नर्सरी लगायी. यह काम उन्होंने वर्ष 2022 में शुरू किया था. वर्तमान में लक्ष्मी कुमारी की नर्सरी एक एकड़ में फैली है. इसमें गुलाब, गेंदा, मधुकामिनी, जवा एवं अन्य फूल लगाये गये हैं. धनबाद के अलावा आसनसोल, गिरिडीह, बोकारो से आकर लोग फूल ले जाते हैं. इससे उन्हें प्रति वर्ष तीन लाख रुपये व उसे अधिक की आमदनी हो जाती है. लक्ष्मी ने बताया कि अब उनका परिवार खुशहाल है. पति भी काम में सहयोग करते हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post dhanbad news: ग्रामीण स्त्रीओं को सशक्त बना रहा आजीविका सखी मंडल appeared first on Naya Vichar.

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