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November 18, 2025

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Sourav Joshi Wife Face Reveal: यूट्यूबर सौरव जोशी की मंगेतर के चेहरे से मास्क हटा, नाम और फुल फोटो आया सामने

Sourav Joshi Wife Face Reveal: अगर आप यूट्यूब व्लॉग्स देखते हैं, तो सौरव जोशी का नाम आपने जरूर सुना होगा. सोशल मीडिया पर वो काफी एक्टिव रहते हैं, लेकिन अपनी निजी जिंदगी को लेकर थोड़ा प्राइवेट रहते हैं. कुछ महीने पहले सौरव की सगाई की जानकारी सामने आई थी. अपने वीडियो के माध्यम से उन्होंने यह एक्सेप्ट भी किया था. उसके बाद उनकी मंगेतर भी कई वीडियो में दिखाई दी थी. हालांकि, उनका नाम और चेहरा साझा नहीं किया गया. वह जब भी वीडियो में दिखीं उनके चेहरे पर मास्क होता था. लेकिन, सौरव ने अब अपने व्यूअर्स की डिमांड पूरी कर दी है. उन्होंने आज पहली बार सोशल मीडिया पर अपनी मंगेतर का नाम और फेस रिवील किया है. बता दें, सौरव जोशी की मंगेतर का नाम अवंतिका भट्ट है. उन्होंने आज अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से दोनों की साथ की कई तस्वीरें शेयर की हैं. फोटोज के साथ एक रोमांटिक गाना भी डेडिकेट किया है. उस पोस्ट के नीचे उनके फॉलोअर्स काफी प्यार दिखा रहे हैं. View this post on Instagram A post shared by Sourav Joshi (@souravjoshivlogs) कौन हैं अवंतिका भट्ट? अवंतिका भट्ट के नीजी जीवन के बारे में सोशल मीडिया पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. उनके इंस्टा प्रोफाइल पर भी सिर्फ उनकी 6-7 तस्वीरें हैं.  सौरव जोशी के बारे में… सौरव शुरू से ही एक बेहतरीन आर्टिस्ट रहे हैं. फाइन आर्ट्स की पढ़ाई करने वाले सौरव ने 2017 में अपना पहला चैनल “Sourav Joshi Arts” शुरू किया, जहां वो अपनी स्केचिंग और ड्राइंग के वीडियो डालते थे. इस चैनल की सफलता ने उन्हें सिल्वर प्ले बटन दिलाया. लेकिन असली पहचान उन्हें 2019 में शुरू किए गए “Sourav Joshi Vlogs” से मिली, जिसमें वो अपने रोजमर्रा की जिंदगी, परिवार, ट्रैवल और गांव की झलक दिखाते हैं. खासकर लॉकडाउन के दौरान की गई “365 दिन, 365 व्लॉग” चैलेंज ने उन्हें रातोंरात सुपरहिट बना दिया. हिंदुस्तान के टॉप यूट्यूबर्स में आते हैं सौरव आज सौरव हिंदुस्तान के टॉप यूट्यूबर्स में गिने जाते हैं. करोड़ों लोग उनके चैनल फॉलो करते हैं और उनके वीडियो अरबों बार देखे जा चुके हैं. उनकी लोकप्रियता का बड़ा कारण है उनकी सादगी, उनका परिवार, खासकर छोटा भाई पियूष और मां जी. उनकी पहाड़ी जिंदगी का खुला, साफ-सुथरा अंदाज. इसके अलावा, सौरव अपने लग्जरी कार कलेक्शन के लिए भी काफी फेमस हैं. यह भी पढ़ें: Dhurandhar Trailer X Review: रणवीर की दहाड़ और अक्षय खन्ना के सनकी अंदाज ने सबको हिलाया, जानिए X पर मूवी पास या फेल? The post Sourav Joshi Wife Face Reveal: यूट्यूबर सौरव जोशी की मंगेतर के चेहरे से मास्क हटा, नाम और फुल फोटो आया सामने appeared first on Naya Vichar.

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Garud Puran: गरुड़ पुराण में भी है पत्नी के गुणों का सुंदर वर्णन, जानें यहां

Garud Puran: हिंदू शास्त्रों में पत्नी को “वामांगी” कहा गया है, जिसका मतलब होता है पति के बाएं अंग की अधिकारिणी. माना जाता है कि पुरुष के शरीर का बायां हिस्सा स्त्री का प्रतीक है. यह विचार भगवान शिव के अर्धनारीश्वर रूप से लिया गया है, जिसमें शिव के शरीर का बायां भाग पार्वती का है. इससे यह स्पष्ट होता है कि स्त्री पुरुष का अभिन्न हिस्सा है. हस्तरेखा विज्ञान में भी कहा गया है कि पुरुष की दाईं हथेली उसके जीवन के संकेत दिखाती है और बाईं हथेली उसकी पत्नी या जीवनसंगिनी के बारे में जानकारी देती है. यानी प्रकृति भी स्त्री को पुरुष की “वामांगी” ही बताती है. कुछ कामों में पत्नी को पति के बाईं तरफ रहना चाहिए शास्त्रों में कहा गया है कि पत्नी को कुछ कामों में पति के बाईं तरफ रहना चाहिए—जैसे सोते समय, पूजा में, आशीर्वाद लेते समय, भोजन करते हुए और सिंदूरदान के समय. इन स्थितियों में बाईं ओर बैठना शुभ माना गया है और इससे दांपत्य जीवन में सौभाग्य बढ़ता है. कुछ नियमों में पत्नी को पति के दाईं ओर बैठने का नियम लेकिन कुछ विशेष कामों में पत्नी को पति के दाईं ओर बैठने का नियम है. जैसे—कन्यादान, यज्ञ, विवाह, नामकरण, अन्नप्राशन आदि. इसका कारण यह है कि ये सभी कर्म पारलौकिक और पुरुष प्रधान माने जाते हैं, इसलिए पत्नी दाईं तरफ रहती है. वहीं, गृहस्थी और दैनिक जीवन के काम स्त्री प्रधान माने जाते हैं, इसलिए उनमें वह पति के बाईं ओर रहती है. पत्नी को केवल “वामांगी” ही नहीं, बल्कि पति के जीवन का पूरा आधा हिस्सा माना गया है. पत्नी घर की लक्ष्मी है, घर को संभालने वाली, वातावरण को शांत और खुशहाल बनाने वाली और परिवार की नींव होती है. महाहिंदुस्तान में भी भीष्म पितामह ने कहा है कि पत्नी को प्रसन्न रखना चाहिए, क्योंकि वही घर में खुशियां और समृद्धि लाती है. गरुड़ पुराण में भी पत्नी के गुणों का बहुत सुंदर वर्णन मिलता है. उसमें कहा गया है कि जिस स्त्री में ये गुण हों, वह पति के लिए सौभाग्य का कारण बनती है— गृहकार्य में दक्ष पति-पत्नी दोनों के लिए घर एक जिम्मेदारी है, लेकिन घर की व्यवस्था संभालने में पत्नी की भूमिका अहम होती है. एक गुणी पत्नी वही है जो भोजन बनाना, सफाई, सजावट, जरूरतों का ख्याल रखना जैसे काम सहजता से निभाए. ये भी देखें:  बच्चों के लिए 11 पावरफुल मंत्र, मन, बुद्धि और आत्मबल के लिए वरदान  प्रियवादिनी — मीठा बोलने वाली जो स्त्री संयमित भाषा में, प्रेम से और सम्मान के साथ बात करे, वह घर में कभी कलह नहीं आने देती. ऐसी पत्नी को घर का सौभाग्य माना जाता है. पति-परायणता और परिवार के प्रति समर्पण शादी के बाद नए रिश्तों को अपनाना, घर के सभी सदस्यों की भावनाओं को समझना और परिवार की भलाई के बारे में सोचना स्त्री का पहला धर्म माना गया है. गरुड़ पुराण कहता है कि जो पत्नी अपने पति और परिवार के हित में सोचती है, वही सच्चे अर्थों में श्रेष्ठ पत्नी है. अंत में, शास्त्रों के अनुसार पत्नी वह है जो पति के जीवन को पूरा करती है, उसकी हर खुशी और दुख में साथ देती है और परिवार को आगे बढ़ाती है. इसीलिए उसे “वामांगी”—अर्थात् पति का बायां और सबसे प्रिय अंग—कहा गया है. The post Garud Puran: गरुड़ पुराण में भी है पत्नी के गुणों का सुंदर वर्णन, जानें यहां appeared first on Naya Vichar.

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Prashant Kishor: ‘मैं अपने साथियों को जनता का विश्वास नहीं दिला सका’, प्रशांत किशोर प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच हुए इमोशनल

Prashant Kishor: बिहार चुनाव में हार के बाद जनसुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर पहली बार खुलकर सामने आये. आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर थोड़े इमोशनल हो गए. दरअसल, बिहार चुनाव में जनसुराज की हार की जिम्मेदारी प्रशांत किशोर ने ली. उन्होंने कहा, आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में अगर इतने साथी आये हैं तो जरूर ही चुनाव में हमने कुछ अच्छा काम किया होगा. ‘हमने प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली’ प्रशांत किशोर ने कहा, करीब साढ़े तीन साल पहले बिहार में परिवर्तन की सोच के साथ हम सब आए थे. इसके लिए हमने पूरा प्रयास भी किया. लेकिन हमें सफलता नहीं मिली. अगर बिहार की जनता ने हमें नहीं चुना है, तो कहीं ना कहीं हमारे प्रयास में ही कोई गलती रही होगी. हम लोग बिहार में सत्ता परिवर्तन नहीं कर पाये. आगे उन्होंने यह भी कहा, बिहार की राजनीत को बदलने के लिए थोड़ी बहुत भूमिका जरूर बनी. लेकिन जनता का विश्वास नहीं जीत सकें. प्रशांत किशोर ने ली हार की जिम्मेदारी पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह भी कहा, इसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी है, प्रशांत किशोर की है. मैं अपने साथियों को जनता का विश्वास नहीं दिला सका. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमारी पार्टी की तरफ से बेहतर प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे. लेकिन जनता ने उनका समर्थन नहीं दिया. बल्कि अन्य किसी पार्टी के उम्मीदवार को जीत दिलाई. अब कोई खिचड़ी खाना चाहता है तो उसे पुलाव कैसे खिलाया जाये. इस तरह से प्रशांत किशोर ने पीसी में खुलकर अपनी बात रखी. NDA पर तंज कसते हुए क्या कहा? प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने एनडीए प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव से पहले 40 हजार करोड़ की योजनाएं लाई गईं. स्वरोजगार योजना के तहत डेढ़ करोड़ स्त्रीओं को 10-10 हजार रुपये भेजे गए और 2-2 लाख रुपये देने का वादा भी किया गया था. पीके ने साफ कहा, अगर नीतीश कुमार और भाजपा की नेतृत्व वाली प्रशासन छह महीने के भीतर वादे के अनुसार स्त्रीओं को 2-2 लाख रुपये दे देती है, तो मैं नेतृत्व से संन्यास ले लूंगा. अगर प्रशासन ऐसा नहीं कर पाती, तो साफ हो जाएगा कि स्त्रीओं को सिर्फ वोट खरीदने के लिए पैसे दिए गए थे. Also Read: Rohini Acharya Husband: रोहिणी आचार्य के पति समरेश सिंह के पास कितनी है संपत्ति? जानिये क्या करते हैं काम The post Prashant Kishor: ‘मैं अपने साथियों को जनता का विश्वास नहीं दिला सका’, प्रशांत किशोर प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच हुए इमोशनल appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बिहार के सरकारी शिक्षकों ने अपने लिया बनाया ‘ड्रेस कोड’, इस कलर का है यूनिफॉर्म

मुख्य बातें यह परंपरा केवल एक औपचारिकता नहीं अनुशासन में बनेगा सहायक Bihar News: पूर्णिया. जिले में एक ऐसा प्रशासनी स्कूल है, जहां शिक्षकों ने अपना ‘ड्रेस कोड’ बनाया है. ऐसा करने वाला यह जिले का इकलौता प्रशासनी विद्यालय है. पिछले शनिवार को जब विद्यालय परिसर में सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं सफेद पोशाक और गहरे नीले दुपट्टे या शॉल में एक समान वेश-भूषा में खड़े दिखायी दिये, तो यह दृश्य केवल सुंदरता ही नहीं बढ़ा रहा था, बल्कि विद्यालय की संस्कृति और सामूहिकता की भावना को भी मजबूत कर रहा था. यह सादगीपूर्ण संयोजन न सिर्फ आकर्षित करता है, बल्कि यह अनुशासन, समानता और समर्पण का भी प्रतीक बन रहा था. यह परंपरा केवल एक औपचारिकता नहीं विद्यालय की शिक्षिका पूजा बोस की मानें, तो विद्यालय में हर छोटी परंपरा और हर पहल शिशु के जीवन में गहरे प्रभाव छोड़ती है. इसी क्रम में विद्यालय के शिक्षकों द्वारा शनिवार से यूनिफॉर्म पहनने की शुरुआत की. शिक्षिका पूजा बोस ने बताया कि शिक्षक के यूनिफॉर्म पहनने की यह परंपरा केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह विद्यालय के समर्पण, अनुशासन और सामूहिक संस्कृति का प्रतिबिंब है. अनुशासन में बनेगा सहायक यह पहल विद्यालय को एक ऐसी जगह बनाने में मदद करती है, जहां न केवल शिक्षा दी जाती है, बल्कि जीवन मूल्यों को भी जिया जाता है. ऐसी छोटी-छोटी परंपराएं ही विद्यालय को सिर्फ स्कूल नहीं, बल्कि सीखने और जीने का घर बनाती हैं. उन्होंने बताया कि जब शिक्षक एक समान वेश में छात्रों के सामने उपस्थित होते हैं, तो शिशु समझते हैं कि अनुशासन केवल आदेश देने की चीज नहीं, बल्कि उसे स्वयं निभाकर दिखाने का नाम भी है. यह यूनिफॉर्म केवल कपड़ों का मेल नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों के बीच पारस्परिक एकता, सौहार्द और सहयोग की भावना का रूपक है. Also Read: Bihar News: कैबिनेट की बैठक के बाद नीतीश कुमार देंगे इस्तीफा, जानें क्या है नयी प्रशासन के गठन की प्रक्रिया The post Bihar News: बिहार के प्रशासनी शिक्षकों ने अपने लिया बनाया ‘ड्रेस कोड’, इस कलर का है यूनिफॉर्म appeared first on Naya Vichar.

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Mantras For Children: बच्चों के लिए 11 पावरफुल मंत्र, मन, बुद्धि और आत्मबल के लिए वरदान

Mantras For Children: बचपन वह उम्र होती है जब मन बिल्कुल साफ होता है और जो भी सीखा जाए, वह गहरे तक बैठ जाता है. इसी वजह से कहा जाता है कि बच्चों को छोटी उम्र में ही अच्छे संस्कार, अच्छी बातें और शक्तिशाली मंत्र सिखा देने चाहिए. मंत्रों का जप सिर्फ धार्मिक कर्म नहीं होता, बल्कि यह मन को शांत करता है, ध्यान बढ़ाता है और भीतर सकारात्मक ऊर्जा जगाता है. जब बच्चा मीठी, लयबद्ध आवाज़ में मंत्र बोलता है, तो वह कंपन उसके मन और शरीर दोनों को प्रभावित करता है. आइए जानते हैं ऐसे 11 शक्तिशाली मंत्र, जो हर शिशु को जरूर सीखने चाहिए. “सरस्वती नमस्तुभ्यं…” यह मंत्र ज्ञान की देवी सरस्वती को समर्पित है. पढ़ाई शुरू करने से पहले शिशु यह मंत्र बोलें, इससे एकाग्रता बढ़ती है और मन शांत होता है. “ॐ नमः शिवाय” बहुत सरल और शक्तिशाली मंत्र. यह शिवजी का स्मरण कराता है और मन से डर, नकारात्मकता और तनाव को दूर करता है. “ॐ गं गणपतये नमः” गणेश जी को बाधाओं का नाशक कहा गया है. बच्चों को यह मंत्र रोज़ बोलना चाहिए ताकि आत्मविश्वास बढ़े और पढ़ाई में आने वाली रुकावटें कम हों. “ॐ घ्रणि सूर्याय नमः” यह सूर्य देव का मंत्र है. इससे ऊर्जा, आत्मबल और स्वास्थ्य अच्छा रहता है. सुबह इसे बोलना बहुत लाभकारी है. “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” यह मंत्र मन को शांति देता है, भावनाओं को संतुलित करता है और बच्चों में धैर्य विकसित करता है. महामृत्युंजय मंत्र “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे…” यह बेहद शक्तिशाली मंत्र है. इससे सुरक्षा की भावना बढ़ती है और मन का भय दूर होता है. शिशु इसे धीरे-धीरे सीख सकते हैं. गायत्री मंत्र “ॐ भूर भुवः स्वः…” गायत्री मंत्र को बुद्धि का प्रकाश कहा गया है. इसे सीखने से याददाश्त मजबूत होती है और मन ज्यादा शांत रहता है. ये भी देखें: आपकी कुंडली में छिपा है कैंसर का राज, जानिए ज्योतिषीय संकेत “कराग्रे वसते लक्ष्मी…” सुबह उठते ही यह श्लोक बोलना चाहिए. यह बच्चों में सकारात्मकता और दिन को अच्छे तरीके से शुरू करने की आदत डालता है. “हरे राम हरे कृष्ण…” बहुत सरल और मधुर मंत्र. यह मन की अशांति और घबराहट को दूर करता है. शिशु इसे स्पोर्ट्स-स्पोर्ट्स में भी बोल लेते हैं. “गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु…” यह मंत्र बच्चों में गुरु और बड़ों के प्रति सम्मान की भावना पैदा करता है. संस्कारों के लिए बहुत उपयोगी है. “या देवी सर्वभूतेषु…” यह देवी मंत्र बच्चों को कृतज्ञता और दया का भाव सिखाता है. इससे मन में शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ता है. इन मंत्रों को नियमित बोलने से शिशु मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनते हैं और उनका व्यक्तित्व बहुत सकारात्मक विकसित होता है. The post Mantras For Children: बच्चों के लिए 11 पावरफुल मंत्र, मन, बुद्धि और आत्मबल के लिए वरदान appeared first on Naya Vichar.

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भारत की टेस्ट हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट नहीं खेलते, गंभीर को दी सलाह

Sunil Gavaskar lashed out at India Defeat: हिंदुस्तान और साउथ अफ्रीका (India vs South Africa) के बीच चल रही दो टेस्ट मैच की सीरीज जारी है. इस सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया की को 30 रन से हार का सामना करना पड़ा. हिंदुस्तान को मिली इस हार के बाद पूर्व हिंदुस्तानीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने टीम इंडिया की घरेलू क्रिकेट में भागीदारी को लेकर कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) को सीधी चेतावनी दी है. गावस्कर के अनुसार, मौजूदा खिलाड़ियों में घरेलू टूर्नामेंटों खासकर रणजी ट्रॉफी में स्पोर्ट्सने की कमी है, और यह उनकी तैयारी और मानसिक मजबूती पर असर डाल रही है. घरेलू मैचों की कमी गावस्कर ने कहा कि वर्तमान टीम में कई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में नहीं स्पोर्ट्सते. उनके अनुसार, घरेलू मुकाबले खिलाड़ियों की तकनीक सुधारने और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में टिके रहने की क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. अगर खिलाड़ी सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय मेचों पर ध्यान दें, तो उनमें अनुभव की कमी रह सकती है. गंभीर को दिया सुझाव गावस्कर ने गंभीर को सुझाव दिया है कि उन खिलाड़ियों को मौका दिया जाए जो घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ उन लोगों को टीम में शामिल करना चाहिए जो घरेलू टूर्नामेंटों में मेहनत करते हैं, बजाय उन सितारों के जो अंतरराष्ट्रीय मैचों के बीच घरेलू क्रिकेट छोड़ देते हैं. हार के बाद गंभीर की प्रतिक्रिया पहली टेस्ट में हिंदुस्तान की 30 रन से हार के बाद, गंभीर ने कहा कि टीम को मानसिक कड़ा संघर्ष करना था.  उन्होंने बताया कि कुछ खिलाड़ियों में अनुभव की कमी है और वो लंबे समय तक दबाव में टिक नहीं पाते. गंभीर ने यह भी कहा कि टीम को अपनी सहनशीलता बढ़ानी चाहिए टेस्ट क्रिकेट सिर्फ स्किल नहीं मांगता, बल्की दिमागी ताकत भी चाहिए.  पिच विवाद पर गावस्कर का समर्थन पिच को लेकर भी बहस चल रही है. कुछ लोगों ने ईडन गार्डन्स की पिच को टर्निंग ट्रैक कहा, लेकिन गावस्कर ने गंभीर का साथ दिया. गावस्कर का मानना है कि पिच पर इतनी दिक्क्त नहीं थी कि उसपर 124 रन का लक्ष्य चेज नहीं हो सके. ये भी पढ़ें- Asia Cup Rising Stars 2025: INDIA A vs OMAN करो या मरो मैच आज, जानें कब और कहां देखें लाइव अंजलि और सारा तेंदुलकर ने किए काशी विश्वनाथ के दर्शन, भव्य कॉरिडोर देखकर हुईं मंत्रमुग्ध, देखें Video IND vs SA Test: ईडन गार्डन्स पिच विवाद पर क्यूरेटर ने तोड़ी चुप्पी, गंभीर और गांगुली के बयान से बढ़ी बहस The post हिंदुस्तान की टेस्ट हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट नहीं स्पोर्ट्सते, गंभीर को दी सलाह appeared first on Naya Vichar.

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Skand Shashthi 2025: क्यों मनाई जाती है स्कंद षष्ठी, जानिए इस दिन पूजा करने के लाभ

Skand Shashthi 2025: धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, षष्ठी तिथि पर भगवान कार्तिकेय ने असुरों का वध कर देवताओं की रक्षा की थी. इसी वजह से स्कंद षष्ठी का दिन “संकट-विनाशक” माना जाता है. यह तिथि विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ होती है जो जीवन में सफलता की कामना करते हैं. दक्षिण हिंदुस्तान में इसे बहुत धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन अब पूरे देश में इसका महत्व तेजी से बढ़ रहा है. स्कंद षष्ठी 2025 में कब है? तारीख: 26 नवंबर 2025 (बुधवार) पंचांग के अनुसार इसी दिन शिर्ष मास की स्कंद षष्ठी मनाई जाएगी. क्यों मनाई जाती है स्कंद षष्ठी? यह दिन भगवान कार्तिकेय के जन्म और उनके वीरता-प्रदर्शन दोनों से जुड़ा हुआ है. माना जाता है कि इसी तिथि पर उन्होंने दैत्य तारकासुर का वध कर धर्म की रक्षा की थी. इसलिए स्कंद षष्ठी को “धर्म-विजय का पर्व” कहा गया है. इस दिन पूजा करने के लाभ शास्त्रों में लिखा है कि इस दिन पूजा करने से शत्रुओं से रक्षा होती है, मन की शक्ति बढ़ती है, परिवार की सुरक्षा बनी रहती है. धार्मिक महत्व स्कंद षष्ठी को “शक्ति और विजय” का दिन माना जाता है. भगवान कार्तिकेय युद्ध के देवता और देवसेना के सेनापति कहे जाते हैं. इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन में मजबूती और आत्मबल प्राप्त होता है. दक्षिण हिंदुस्तान में इसे स्कंद षष्ठी के रूप में छह दिनों तक मनाने की परंपरा है, लेकिन उत्तर हिंदुस्तान में एक ही दिन की पूजा होती है और इसे विशेष उपवास का महत्व दिया जाता है. स्कंद षष्ठी पर क्या करें? ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश और कार्तिकेय भगवान की पूजा करें लाल/पीले फूल, फल, धूप-दीप अर्पित करें उपवास करें फलाहार या निर्जला व्रत रखा जाता है दिनभर “ॐ स्कन्द कुमाराय नमः” मंत्र का जाप करें घर के मंदिर में घी का दीपक जलाएं गरीबों को भोजन या फल दान करें The post Skand Shashthi 2025: क्यों मनाई जाती है स्कंद षष्ठी, जानिए इस दिन पूजा करने के लाभ appeared first on Naya Vichar.

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PM Surya Ghar Yojana : सौर ऊर्जा क्रांति की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश, जानें कैसे फायदा उठा रहे हैं लोग

PM Surya Ghar Yojana : उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति देखने को मिल रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर योजना ने प्रदेश के लाखों परिवारों के जीवन में आर्थिक और ऊर्जा आधारित दोहरी राहत पहुंचाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योजना के क्रियान्वयन में तेजी आई है, जिसके चलते यूपी आज रूफटॉप सोलर स्थापना के मामले में देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य बन चुका है। ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में यह योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही है. 2.75 लाख से अधिक घरों पर सोलर संयंत्र—ऊर्जा निर्भरता में भारी कमी अधिकृत आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,75,936 घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं. इससे: *हजारों उपभोक्ता मुफ्त बिजली का लाभ उठा रहे हैं *बिजली आपूर्ति पर निर्भरता घटी है *ग्रिड पर बोझ कम हुआ है *गांव-देहात में ऊर्जा उपलब्धता बढ़ी है रूफटॉप स्थापना में यूपी गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है, जबकि कुल आवेदनों में प्रदेश दूसरे स्थान पर आता है, जो इस योजना की लोकप्रियता को दर्शाता है. छोटे व्यवसायों की रफ्तार बढ़ी—अब बिजली कटौती नहीं रोकती कामयोजना का सबसे बड़ा और सकारात्मक प्रभाव छोटे उद्यमों पर देखा जा रहा है. पहले जहां बिजली कटौती से छोटे उद्योगों का काम थम जाता था, वहीं अब सौर ऊर्जा ने उन्हें स्थिरता दी है. सबसे अधिक लाभान्वित श्रेणियां: *वेल्डिंग वर्कशॉप *आटा चक्की *नाई की दुकान *किराना स्टोर *मोबाइल रिपेयरिंग *सिलाई-कढ़ाई से जुड़े उद्योग लगातार बिजली उपलब्ध रहने से: *आय में स्थिरता *उत्पादन क्षमता में वृद्धि *ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी *रोजगार अवसरों में सुधार *छोटे उद्योगों में यह ऊर्जा क्रांति ग्रामीण वित्तीय स्थिति को मजबूती प्रदान कर रही है। परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत—15–20% मासिक खर्च कम सोलर संयंत्र लगने के बाद हजारों परिवारों का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है. इसके परिणामस्वरूप:मासिक खर्च में 15–20% की बचत हुई. बढ़ी हुई बचत से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, गृह सुधार,भविष्य की बचत के अलावा निवेश संभव हुआ. गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह योजना आत्मनिर्भरता का मार्ग खोल रही है. ₹1,808.09 करोड़ सब्सिडी का वितरण—विश्वास बढ़ा, रफ्तार दोगुनी 31 अक्टूबर तक प्रदेश में ₹1,808.09 करोड़ की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है. इससे: *लोगों का विश्वास बढ़ा*नए आवेदन तेज हुए*स्थापना की गति में तेजी आई*कंपनियों की भागीदारी भी बढ़ीसब्सिडी का सीधे लाभार्थियों के खाते में जाना योजना की पारदर्शिता को मजबूत करता है. लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और बरेली बने मॉडल जिले इन चार जिलों में सोलर रूफटॉप स्थापना सबसे तेज रफ्तार से हुई है. जिला स्थापित यूनिट्स *लखनऊ 4,271*वाराणसी 1,672*कानपुर नगर 1,410*बरेली 1,145 इन जिलों में कुल 8,000 से अधिक यूनिट्स स्थापित होने के बाद यह योजना अन्य जिलों में भी तेजी पकड़ चुकी है. ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम पीएम सूर्य घर योजना ने यूपी में एक नई ऊर्जा संस्कृति विकसित की है, जहां:*सौर ऊर्जा पर बढ़ती निर्भरता*लागत में भारी कमी*पर्यावरणीय लाभ*ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता बढ़नाराज्य प्रशासन का लक्ष्य अगले दो वर्षों में सोलर रफ्तार को दोगुना करने का है. The post PM Surya Ghar Yojana : सौर ऊर्जा क्रांति की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश, जानें कैसे फायदा उठा रहे हैं लोग appeared first on Naya Vichar.

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6 महीने बाद भी चरमराया हुआ है पाकिस्तान! ऑपरेशन सिंदूर में भारत की मार का जख्म अब तक हरा, तस्वीरें खुद बयां कर रही दास्तान

Pakistan Still Struggling After Operation Sindoor India Strikes: मई 2025 में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच जो चार दिन की छोटी-सी जंग हुई थी, उसका असर आज भी साफ दिख रहा है. छह महीने बीत जाने के बाद भी पाकिस्तान अपने सैन्य ठिकानों की मरम्मत पूरी नहीं कर पाया है. और ये बात किसी अफवाह पर नहीं, बल्कि दुनिया के भरोसेमंद OSINT विशेषज्ञ डेमियन साइमन की सैटेलाइट तस्वीरों पर आधारित है. उन्होंने सबसे पहले दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के किराना हिल्स में बने न्यूक्लियर वेपन डिपो को भी निशाना बनाया था. नूर खान एयरबेस- जहां हिंदुस्तान ने किया था हमला डेमियन साइमन ने 16 नवंबर को X पर पोस्ट किया कि रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर एक नई सुविधा बननी शुरू हो गई है. सैटेलाइट तस्वीरें दिखाती हैं कि यह निर्माण उसी स्थान पर हो रहा है जिसे हिंदुस्तान ने मई 2025 में निशाना बनाया था. यह एयरबेस बहुत अहम है क्योंकि इसके पास ही स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिविजन का मुख्यालय है यानी पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की देखरेख करने वाली इकाई. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी मान लिया था कि हिंदुस्तान ने नूर खान एयरबेस सहित कई जरूरी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं. यह स्वीकारोक्ति यह बताती है कि हिंदुस्तान की जिम्मेदारी तय करते हुए की गई स्ट्राइक बिल्कुल सटीक थीं. Imagery over the past few months reveals the hangar targeted by India at Jacobabad Airbase, Pakistan during the May 2025 conflict, has had its roof taken apart in stages likely as internal damage checks continue before the structure is repaired pic.twitter.com/DNmgKnmEEv — Damien Symon (@detresfa_) November 15, 2025 Pakistan Still Struggling After Operation Sindoor India Strikes: जेकबाबाद एयरबेस उत्तरी सिंध के जेकबाबाद एयरबेस की हालत बताती है कि पाकिस्तान को लगी चोट कितनी गहरी थी. यहां जिस हैंगर को हिंदुस्तानीय स्ट्राइक ने निशाना बनाया था, उसकी छत को छोटे-छोटे हिस्सों में हटाया गया है. डेमियन साइमन ने 15 नवंबर को लिखा कि यह काम शायद इसलिए किया गया ताकि अंदर के नुकसान की जांच पहले हो सके, फिर मरम्मत शुरू की जाए. लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी यह काम पूरा नहीं हुआ है. हिंदुस्तान ने 10 से ज्यादा पाकिस्तानी ठिकाने निशाना बनाए थे हिंदुस्तानीय कार्रवाई केवल दो ठिकानों तक सीमित नहीं थी. हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के अंदर गहरे जाकर कम से कम 11 सैन्य ठिकानों को मार गिराया था. इनमें शामिल थे नूर खान एयरबेस, जेकबाबाद एयरबेस, मुरिद, रफीकी, मुशाफ, भोलारी, काद्रीम, सियालकोट और सुक्कुर. वायुसेना की ओर से विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने मई में कहा था कि पाकिस्तान को “बहुत भारी और असहनीय नुकसान” हुआ है जमीन पर भी और हवा में भी. किराना हिल्स- जहां हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के न्यूक्लियर ठिकाने को हिट किया डेमियन साइमन ने जुलाई में पाकिस्तान के सरगोधा इलाके की गूगल अर्थ तस्वीरें भी साझा की थीं. उन्होंने दावा किया था कि ये तस्वीरें जून की हैं और दिखाती हैं कि किराना हिल्स में हिंदुस्तान के हमले का प्रभाव साफ देखा जा सकता है. किराना हिल्स को पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के भंडारण स्थल के तौर पर जाना जाता है, इसलिए यह स्ट्राइक पाकिस्तान के लिए बड़ी झटका साबित हुई. कौन हैं डेमियन साइमन जिनकी सैटेलाइट रिपोर्टिंग पर भरोसा होता है डेमियन साइमन ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) के क्षेत्र में एक प्रमुख व्यक्ति हैं और द इंटेल लैब से जुड़े हैं. उपग्रह चित्रों और सार्वजनिक आंकड़ों के आधार पर युद्ध क्षेत्रों की जांच करने में माहिर, उनकी रिपोर्ट्स को हिंदुस्तान-पाकिस्तान संघर्ष जैसी संवेदनशील स्थितियों पर अक्सर सबसे विश्वसनीय माना जाता है. उनका दावा है कि हिंदुस्तान ने सटीक हथियारों से पाकिस्तान के अंदर 11 प्रमुख ठिकानों को नष्ट कर दिया. ये भी पढ़ें: अमेरिका में नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में 17% की गिरावट, हिंदुस्तानीय छात्र सबसे अधिक प्रभावित यूक्रेन खरीदेगा 100 राफेल जेट, पेरिस में जेलेंस्की ने फ्रांस के साथ किया बड़ा रक्षा समझौता, रूस पर बढ़ेगा दबाव! The post 6 महीने बाद भी चरमराया हुआ है पाकिस्तान! ऑपरेशन सिंदूर में हिंदुस्तान की मार का जख्म अब तक हरा, तस्वीरें खुद बयां कर रही दास्तान appeared first on Naya Vichar.

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15 दिनों में घर पहुंचेगा वोटर कार्ड, चुनाव आयोग की बड़ी पहल से लाखों वोटर्स की सहूलियत

ECI Voter ID Card: लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) की डिलीवरी प्रक्रिया को अभूतपूर्व रूप से तेज कर दिया है. अब नामांकन या किसी भी अपडेट के मात्र 15 दिनों के अंदर आपका वोटर आईडी कार्ड आपके घर के दरवाजे पर पहुंच जाएगा. यह नयी योजना न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि पारदर्शिता और सुविधा को नयी ऊंचाइयों पर ले जाएगी. तेज और सुविधाजनक डिलीवरी ECI की आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से घोषित इस पहल में एक नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) पेश किया गया है, जो डिलीवरी को तेज और अधिक सुविधाजनक बनाएगा. पहले जहां EPIC प्राप्त करने में महीनों लग जाते थे, वहीं अब डाक विभाग के सहयोग से सीधे घर पर डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी. मतदाताओं को हर चरण पर SMS अलर्ट मिलेंगे, जिससे वे अपनी आवेदन स्थिति पर नजर रख सकेंगे. चाहे आवेदन जमा करना हो, वेरिफिकेशन हो या अंतिम डिलीवरी- हर कदम पर सूचना मोबाइल पर तुरंत पहुंचेगी. Get your EPIC in just 15 days — fast, simple, and transparent! Apply/Update → Track via SMS → Delivered straight to your doorstep. With #ECINET, explore 40+ apps/websites on one platform Download from the Play Store or visit: 🔗 https://t.co/iYQDW00SvU#ECI #ECIInitiatives pic.twitter.com/UwQAQQS9yj — Election Commission of India (@ECISVEEP) November 16, 2025 40 से अधिक ऐप्स और वेबसाइट्स एक ही जगह उपलब्ध यह बदलाव ECINET प्लैटफॉर्म के माध्यम से लागू हो रहा है, जो ECI की एकीकृत डिजिटल पहल है. इस प्लैटफॉर्म पर 40 से अधिक ऐप्स और वेबसाइट्स एक ही जगह उपलब्ध हैं, जहां मतदाता आसानी से नामांकन, अपडेट, ट्रैकिंग और डाउनलोड जैसी सेवाएं ले सकेंगे.एंड्रॉयड और iOSयूजर्स के लिए ECINETऐप प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से फ्री डाउनलोड किया जा सकता है.QR कोड स्कैन करके भी सीधे ऐप इंस्टॉल करें. वेबसाइट ecinet.eci.gov.in पर विजिट भी कर सकते हैं. युवा और दूरदराज क्षेत्रों के मतदाताओं को फायदा ECI के इस कदम से विशेष रूप से युवा और दूरदराज क्षेत्रों के मतदाताओं को फायदा होगा. आगामी चुनावों को देखते हुए यह योजना लाखों नये वोटर्स को जोड़ेगी. एक अधिकारी ने बताया, हमारा लक्ष्य है कि हर मतदाता बिना किसी झंझट के अपना पहचान पत्र प्राप्त कर सके. यह डिजिटल इंडिया की दिशा में ECI की प्रतिबद्धता का प्रतीक है. ECI ने कहा- सभी केस ट्रैक किये जाएंगे हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने पुराने पेंडिंग आवेदनों को नये सिस्टम में एकीकृत करने की मांग की है, लेकिन ECI ने आश्वासन दिया है कि सभी केस ट्रैक किये जाएंगे. अगर आपका EPIC पेंडिंग है, तो तुरंत ECINET पर चेक करें. लोकतंत्र में भागीदारी को बढ़ावा यह पहल न केवल वोटिंग प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि लोकतंत्र में भागीदारी को बढ़ावा देगी. मतदाता बनें, जागरूक रहें – क्योंकि आपका वोट देश का भविष्य तय करता है. डाउनलोड करें ऐप और 15 दिनों में अपना कार्ड पाएं. अधिक जानकारी के लिए @ECISVEEP फॉलो करें. कौन देख रहा है आपका Instagram प्रोफाइल? इन तरीकों से लगा सकते हैं मिनटों में पता अब नहीं करना पड़ेगा हर नंबर सेव, इस ट्रिक से WhatsApp पर भेजें किसी को भी सीधे मैसेज The post 15 दिनों में घर पहुंचेगा वोटर कार्ड, चुनाव आयोग की बड़ी पहल से लाखों वोटर्स की सहूलियत appeared first on Naya Vichar.

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