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November 22, 2025

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Mokshada Ekadashi 2025: दिसंबर के पहले ही दिन मोक्षदा एकादशी के साथ मनाया जाएगा ये शुभ दिन, बन रहे दुर्लभ शुभ योग

Mokshada Ekadashi 2025 and Geeta Jayanti: मार्गशीर्ष महीने में पड़ने वाली मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती हिंदू धर्म के सबसे शुभ और पुण्यदायी पर्वों में गिनी जाती हैं. पौराणिक मान्यता अनुसार, इसी पावन दिन द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को धर्म, कर्म और मोक्ष का दिव्य ज्ञान प्रदान किया था, जो बाद में श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में अमर हुआ. कब है मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती? पंचांग के मुताबिक अगहन शुक्ल पक्ष की एकादशी 30 नवंबर 2025 की रात 9:29 बजे शुरू होकर 1 दिसंबर 2025 शाम 7:01 बजे समाप्त होगी. इसलिए दोनों पर्व सोमवार, 1 दिसंबर 2025 को मनाए जाएंगे. दो विशेष योगों के साथ बढ़ेगा शुभफल इस वर्ष गीता जयंती पर दो अत्यंत शुभ योग बन रहे हैं— शिववस योग इस योग में कृष्ण उपासना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने का विशेष फल मिलता है. अभिजीत मुहूर्त दिन का सर्वश्रेष्ठ और सिद्ध मुहूर्त. इस समय की गई पूजा का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है. इन दोनों प्रभावी योगों से इस बार की गीता जयंती आध्यात्मिक उन्नति और पुण्य संचय के लिए बेहद अनुकूल है. इस दिन कैसे करें श्रीकृष्ण की पूजा? श्रीकृष्ण की मूर्ति या तस्वीर को धोकर पुष्प और वस्त्रों से सजाएं. दीपक जलाकर धूप-दीप से आरती करें. तुलसी दल, पीले पुष्प और पीली मिठाई चढ़ाएं. श्रीमद्भगवद्गीता का संपूर्ण पाठ करें या कम से कम एक अध्याय का श्रवण अवश्य करें. दान-पुण्य, गौसेवा और जरूरतमंदों की सहायता करें. मोक्षदा एकादशी का महत्व यह एकादशी मोक्ष प्राप्ति और पापों से मुक्ति का मार्ग बताती है. मान्यता है कि व्रत रखने से पूर्वजों को शांति मिलती है, घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और व्यक्ति की आत्मा आध्यात्मिक रूप से आगे बढ़ती है. यह दिन आत्मशुद्धि, संयम और दिव्य कृपा का अद्भुत संयोग माना जाता है. जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है . ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्राज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ8080426594/9545290847 The post Mokshada Ekadashi 2025: दिसंबर के पहले ही दिन मोक्षदा एकादशी के साथ मनाया जाएगा ये शुभ दिन, बन रहे दुर्लभ शुभ योग appeared first on Naya Vichar.

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Upay and Traditional Remedies: व्यापार में आ रही रुकावटें होंगी दूर, इन उपायों से मिलेगी सकारात्मक ऊर्जा

Upay and Traditional Remedies: कई बार लाख कोशिशों के बाद भी व्यापार में अचानक गिरावट आने लगती है. ग्राहक कम हो जाते हैं, धन रुकने लगता है और वातावरण में नकारात्मकता महसूस होने लगती है. प्राचीन मान्यताओं में बताया गया है कि ऐसे समय जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने और कार्यस्थल को शुभ बनाने के लिए कुछ विशेष पारंपरिक उपाय किए जाते हैं. यह उपाय किसी को नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं की रक्षा और मनोबल बढ़ाने के लिए माने जाते हैं. नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए शाबर मंत्र साधना मान्यता है कि यदि व्यापार में बाधाएं लगातार बढ़ रही हों और आपको लगे कि कहीं कोई जलन, प्रतिस्पर्धा या नकारात्मक सोच आपके काम को प्रभावित कर रही है, तो शाबर मंत्र साधना का उपयोग सकारात्मक प्रभाव दे सकता है. परंपरा के अनुसार, मंत्र का पहले दस माला जप कर हवन किया जाता है ताकि मंत्र में सिद्धि प्राप्त हो सके. मंत्र— “उलटत वेद पलटत काया, जाओ बच्चा तुम्हें गुरु ने बुलाया, सत नाम आदेश गुरु का.” सिद्धि के बाद रविवार या मंगलवार की रात 11 बजे के बाद इस उपाय को करने की सलाह दी जाती है. चौराहे की ओर जाते समय सात कंकड़ उठाएँ और हर दिशा में एक-एक कंकड़ फेंकते हुए मंत्र का उच्चारण करें. सातवां कंकड़ बीच में रखकर उसके ऊपर शराब चढ़ाई जाती है. मुख्य बात—वापस लौटते समय पीछे न देखें और न ही किसी से बात करें. घर पहुंचने पर पहले से रखा पानी हाथ-पैर धोने और स्वयं पर छिड़कने के लिए उपयोग किया जाता है. यह पूरी प्रक्रिया एक मनोवैज्ञानिक सुरक्षा कवच और आत्मविश्वास बढ़ाने के रूप में देखी जाती है. ये भी पढ़ें: एकाग्रता से जागती है मंत्रों की शक्ति, जानें कैसे मिलता है असली प्रभाव दुकान में बिक्री बढ़ाने के पारंपरिक गुरुवार उपाय यदि प्रयासों के बावजूद बिक्री कम हो रही हो, तो शुक्ल पक्ष के गुरुवार से एक विशेष क्रिया प्रारंभ की जाती है. दुकान के मुख्य द्वार के एक कोने में गंगाजल से स्थान शुद्ध करें हल्दी से स्वस्तिक बनाएं. स्वस्तिक पर थोड़ा चना दाल और गुड़ रखें. इसके बाद इस स्वस्तिक को बार-बार देखने से बचने की सलाह दी जाती है. लगातार 11 गुरुवार इस क्रिया को करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने और व्यापार में सुधार होने की मान्यता है. The post Upay and Traditional Remedies: व्यापार में आ रही रुकावटें होंगी दूर, इन उपायों से मिलेगी सकारात्मक ऊर्जा appeared first on Naya Vichar.

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वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं दिया सुपर ओवर में मौका? कप्तान जितेश शर्मा ने खुद राज से उठाया पर्दा

IND A vs BAN A Semi Final: दोहा में स्पोर्ट्से गए एशिया कप राइजिंग स्टार्स (Asia Cup Rising Stars) के रोमांचक सेमीफाइनल में इंडिया ए टीम फाइनल में पहुंचने से चूक गई. 40 ओवर में मुकाबला बराबरी पर रहा, लेकिन सुपर ओवर में हिंदुस्तान एक भी रन नहीं बना सका. बांग्लादेश ए ने सिर्फ एक रन का लक्ष्य हासिल कर फाइनल में जगह बनाई. इस हार में सबसे ज्यादा चर्चा रही कप्तान जितेश शर्मा (Jitesh Sharma) के उस फैसले की, जिसमें उन्होंने विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को सुपर ओवर में नहीं भेजा. इस निर्णय ने मैच का रुख ही बदल दिया और हिंदुस्तान की मजबूत प्रदर्शन करने वाली टीम बाहर हो गई. सुपर ओवर में नहीं खुला हिंदुस्तान का खाता मैच बराबरी पर छूटने के बाद सुपर ओवर में इंडिया A की शुरुआत बेहद खराब रही. बांग्लादेश के तेज गेंदबाज रिपॉन मोंडल ने पहले ही गेंद पर जितेश शर्मा को आउट कर दिया. इसके बाद उम्मीद थी कि हिंदुस्तान वैभव सूर्यवंशी जैसे बड़े हिटर को भेजेगा, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने फिर हैरान कर देने वाला फैसला लिया और अशुतोष शर्मा को आगे भेज दिया. अशुतोष भी बिना खाता खोले आउट हो गए और दो गेंदों में हिंदुस्तान के दोनों विकेट गिर गए. टीम एक भी रन नहीं बना सकी और मैच हाथ से निकल गया. वैभव सूर्यवंशी को सुपर ओवर से बाहर क्यों रखा गया? मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 15 गेंद पर 38 रन बनाकर अपनी धमाकेदार फॉर्म दिखा दी थी. पूरे टूर्नामेंट में भी वे हिंदुस्तान के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे, जिन्होंने चार मैचों में 239 रन बनाए. इसके बावजूद सुपर ओवर में उन्हें बाहर रखना फैसला भारी पड़ा. कप्तान जितेश ने मैच के बाद बताया कि टीम की रणनीति के मुताबिक पावरप्ले में वैभव और प्रियांश अच्छे माने जाते हैं, जबकि डेथ ओवर में अशुतोष और रमनदीप को बेहतर माना गया. इसी सोच के आधार पर उन्होंने सुपर ओवर के बल्लेबाज चुने. लेकिन यह फैसला मैदान पर उल्टा पड़ गया और हिंदुस्तान को नुकसान उठाना पड़ा. जितेश शर्मा ने ली हार की जिम्मेदारी कप्तान जितेश शर्मा ने मैच के बाद हार की जिम्मेदारी ली. उन्होंने कहा कि एक सीनियर खिलाड़ी होने के नाते उन्हें मैच खत्म करना चाहिए था. जितेश ने 23 गेंद पर 33 रन बनाए, लेकिन अहम मौके पर आउट हो गए. उन्होंने माना कि टीम के युवा खिलाड़ी अभी सीख रहे हैं और ऐसी परिस्थितियां आगे उनके लिए मददगार साबित होंगी. जितेश ने कहा कि ये खिलाड़ी आगे जाकर इंडिया को बड़ा खिताब भी जिता सकते हैं, बस उन्हें अनुभव की जरूरत है. आखिरी ओवर्स में गेंदबाजों का कमजोर प्रदर्शन हिंदुस्तान की गेंदबाजी भी इस मुकाबले में कमजोर नजर आई. आखिरी तीन ओवरों में टीम ने 61 रन दे दिए, जिससे बांग्लादेश 194 रन तक पहुंच गया. डेथ ओवर्स में यह ढिलाई हिंदुस्तान को काफी भारी पड़ी. बल्लेबाजी में भी मध्यक्रम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया और लगातार विकेट गिरने से टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए मुश्किल में आ गई. अगर गेंदबाज आखिरी ओवरों में थोड़ा नियंत्रण दिखाते, तो मैच सुपर ओवर तक जाता ही नहीं. फाइनल में बांग्लादेश बनाम पाकिस्तान इंडिया ए का इस टूर्नामेंट में सफर काफी अच्छा रहा. टीम ने अपने शुरुआती मैच में यूएई को 148 रन से हराया था, जिसमें वैभव सूर्यवंशी की 144 रन की पारी सबसे बड़ा आकर्षण रही. ओमान के खिलाफ भी टीम ने छह विकेट से जीत दर्ज की. लेकिन सेमीफाइनल में बांग्लादेश ने हिंदुस्तान की लय तोड़ दी और रोमांचक जीत हासिल की. अब फाइनल में रविवार को बांग्लादेश ए का मुकाबला पाकिस्तान ए से होगा, जिसने दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका को हराया. ये भी पढ़ें- सुपर ओवर का रोमांच, बांग्लादेश ए ने एशिया कप राइजिंग स्टार्स के फाइनल में बनाई जगह, इंडिया ए बाहर IND vs SA 2nd Test: गुवहाटी में हिंदुस्तान की पहले गेंदबाजी, टीमों ने प्लेइंग इलेवन में किए बदलाव, इस हिंदुस्तानीय को मिला मौका The post वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं दिया सुपर ओवर में मौका? कप्तान जितेश शर्मा ने खुद राज से उठाया पर्दा appeared first on Naya Vichar.

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Nashik Kumbh Mela : नासिक में कुंभ मेले के लिए क्या होगी पेड़ों की कटाई? लोग करने लगे विरोध

Nashik Kumbh Mela : अभिनेता सयाजी शिंदे ने नासिक में 2026-27 कुंभ मेले से पहले साधु ग्राम बनाने के लिए करीब 1,700 पेड़ काटने की योजना का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि एक भी पेड़ कटने नहीं दिया जाएगा. अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी से जुड़े शिंदे ने मंत्री गिरीश महाजन के मुआवज़े में नए पेड़ लगाने के वादे को भी खारिज कर दिया और सवाल उठाया कि क्या यह सुनिश्चित करने का कोई तरीका है कि वास्तव में इतने पेड़ लगाए भी जाएंगे. कुंभ मेले से पहले साधु-महात्माओं के लिए 1,200 एकड़ में साधु ग्राम बनाने की योजना तैयार की जा रही है. मेले की शुरुआत 31 अक्टूबर 2026 से होगी। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने करीब 1,670 पेड़ हटाने के विरोध में 400 से ज्यादा आपत्तियां दर्ज कराई हैं. उनका कहना है कि इनमें से कुछ पेड़ 100 साल पुराने हैं. पेड़ बचाने के लिए जाने जाने वाले सयाजी शिंदे ने कहा कि इस स्थिति से उन्हें गहरा दुख है, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है. सौ लोग बलिदान देने के लिए तैयार होना चाहिए : शिंदे शिंदे ने नासिक में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि मैंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि प्रशासन एक भी पेड़ काटना चाहती है तो उसे छूने से पहले ही सौ लोग बलिदान देने के लिए तैयार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि सतारा जिले में भी लोनंद-सतारा सड़क चौड़ीकरण कार्य के कारण लगभग 400 बरगद के पेड़ों को काटा जाएगा. हमारी अपनी प्रशासन के सत्ता में होने के बावजूद इस तरह का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार व्यापक रूप से देखा जा रहा है. अभिनेता ने किया था एनसीपी के लिए प्रचार अभिनेता ने चुनावों के दौरान अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के लिए प्रचार किया था. राकांपा सत्तारूढ़ भाजपा नीत गठबंधन का हिस्सा है. राहत उपायों के आश्वासन के बारे में शिंदे ने कहा कि यह सत्यापित करने के लिए कोई तंत्र नहीं है कि क्या राज्य ने वास्तव में क्षतिपूर्ति के लिए पौधे लगाए हैं या क्या वे पौधे जीवित बचे हैं और सही पेड़ों के रूप में विकसित हुए हैं. क्या कोई प्रशासनी विभाग निर्णायक सबूत प्रदान करेगा कि ये पौधे वास्तव में लगाए गए हैं? साधु ग्राम योजना बनाने की तैयारी साधु ग्राम योजना लगभग 1,200 एकड़ में बनाई जा रही है. यहां आयोजन के दौरान वैष्णव संप्रदाय के संत ठहरेंगे. The post Nashik Kumbh Mela : नासिक में कुंभ मेले के लिए क्या होगी पेड़ों की कटाई? लोग करने लगे विरोध appeared first on Naya Vichar.

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भ्रम में न रहे कीव और यूरोप, हाल बेहाल कर देंगे, ट्रंप के पीस प्लान पर पुतिन का रिएक्शन, यूक्रेन को थमाया अल्टीमेटम

Vladimir Putin on Donald Trump’s Ukraine Peace Plan: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन में शांति लाने के अपने प्रयास में एक बड़ा कदम चला है. उन्होंने एक 28 सूत्रीय पीस प्लान पेश किया है, जिस पर रूस ने सहमति भर दी है. लेकिन उसने शर्तें भी लगा दी हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में शांति के लिए अमेरिकी प्रस्ताव को सीमित रूप से स्वीकार किया. उनका यह संकेत इशारा कर रहा है कि समाधान का रास्ता अब खुल सकता है. हालांकि, उन्होंने कीव की आलोचना करते हुए उसके रुख को अवास्तविक बताया. उन्होंने धमकी भी दी कि अगर वह नहीं माना तो रूस यूक्रेन के अन्य इलाकों पर भी कब्जा करेगा. इतना ही नहीं उन्होंने यूक्रेन के सहयोगी बाकी यूरोप को भ्रम में न रहने की भी सलाह दे दी है.   रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए ट्रंप योजना अंतिम शांति समझौते का आधार बन सकती है. शुक्रवार को रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में बोलते हुए उन्होंने इसमें मास्को की कई पुरानी मांगें शामिल किया. इसके तहत यूक्रेन को रूस को कुछ क्षेत्रों को सौंपना होगा, अपनी सेना का आकार घटाना होगा और नाटो सदस्यता छोड़नी होगी, जबकि केवल सीमित सुरक्षा गारंटी मिलेगी. पुतिन ने कहा कि उन्हें यह योजना मिल गई है, लेकिन यह भी जोड़ा कि- इस पर हमारे साथ कोई गंभीर चर्चा नहीं हुई है और मैं समझ सकता हूं क्यों. क्योंकि यूक्रेन इसके खिलाफ है. अमेरिका अभी यूक्रेन की सहमति ने हीं ले पाया है. जाहिर है, यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी अब भी भ्रम में हैं और युद्ध के मैदान में रूस को रणनीतिक हार देने का सपना देख रहे हैं.” अगर नहीं माना तो गंवाने पड़ेंगे इलाके व्लादिमिर पुतिन ने आगे कहा कि अगर यूक्रेन इस प्रस्ताव को नहीं मानता तो उसे अपने और इलाके गंवाने पड़ेंगे. अगर प्रेसीडेंट ट्रंप के प्रस्ताव पर कीव चर्चा नहीं करता या मना करता है, तो उसे और उसके यूरीपीय युद्धप्रेमियों को समझना चाहिए कि कुपियांस्क में जैसी घटनाएं हुई हैं, वे किसी और जगह भी दोहराई जा सकती हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यूक्रेन में रूसी सेना आगे बढ़ रही है और वे तब तक आगे बढ़ती रहेंगी, जब तक इलाके में शांति नहीं आ जाती. यूक्रेन और यूरोपियन शक्तियों को इसे समझना होगा. ट्रंप ने पीस प्लान पर यूक्रेन को दिया समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि यूक्रेन गुरुवार तक 28 बिंदुओं वाली इस योजना पर अपना जवाब देगा, हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर समयसीमा बढ़ाई जा सकती है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उद्देश्य यूक्रेन में खून-खराबा रोकना है और यह भी कहा कि प्रस्ताव रूस को उकसाने के लिए नहीं हैं. इस प्लान में क्रीमिया पर रूस का क्लेम मानना होगा और डोनेट्स्क इलाका रूस को सौंपना होगा. रूसी सेना का कब्जा अब तक जिन क्षेत्रों में है, वहां पर उसी का राज होगा. जेलेंस्की बोले- यूक्रेन के सामने कठिन फैसले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि कीव बहुत कठिन चुनाव का सामना कर सकता है. उसे या तो अपनी गरिमा खोने का जोखिम लेना होगा या एक अहम साझेदार को खोने का सामना करना होगा. उन्होंने कहा कि यूक्रेन अमेरिका और यूरोप के साथ बातचीत करेगा, लेकिन समान व्यवहार सुनिश्चित करेगा. जेलेंस्की ने शुक्रवार को अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वांस और आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल से लगभग एक घंटे बातचीत की और योजना की समीक्षा की. यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि वे प्रस्तावों की सावधानी से समीक्षा कर रहे हैं. ज़ेलेंस्की ने कहा कि कीव अपनी संप्रभुता, जनता की सुरक्षा और न्यायपूर्ण शांति के सिद्धांतों के साथ बना रहेगा, और अमेरिका के साथ तकनीकी वार्ताएँ जारी रहेंगी. ये भी पढ़ें:- बिना वेडिंग रिंग के नजर आईं उषा वेंस, क्या US उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से टूट गया रिश्ता? वायरल हुईं तस्वीरें ट्रंप और जोहरान के सारे हमले निकले चुनावी जुमला! फासिस्ट, जिहादी और तानाशाह कहने के बाद कैसे हो गई दोस्ती? चीन बना रहा दुनिया का पहला ऐसा आईलैंड, 4 महीने तक समुंदर में रह सकेगा आत्मनिर्भर, परमाणु हमला भी होगा बेअसर The post भ्रम में न रहे कीव और यूरोप, हाल बेहाल कर देंगे, ट्रंप के पीस प्लान पर पुतिन का रिएक्शन, यूक्रेन को थमाया अल्टीमेटम appeared first on Naya Vichar.

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Auto Rickshaws में सिर्फ 3 ही टायर क्यों होते हैं? अच्छे-अच्छों को नहीं पता इसके पीछे की वजह

Why Auto Rickshaws Have Only 3 Wheels: आप जब सड़क पर निकलेंगे तो आपको कई सारी गाड़ियां देखने को मिलती हैं. उन्हीं में से आपको तीन पहियों वाले ऑटो रिक्शा भी दिखाई देते होंगे. अक्सर छोटे दूरी तय करने के लिए हम इन्हीं ऑटो रिक्शों का सहारा लेते हैं. छोटा और तेज होने की वजह से लोग आराम से इसमें बैठकर अपनी मंजिल तक पहुंच जाते हैं. लेकिन इससे जुड़ी एक दिलचस्प बात है. आपने ध्यान दिया होगा कि ऑटो रिक्शा में चार नहीं, बल्कि सिर्फ तीन ही टायर होते हैं. कभी सोचा है कि ऐसा क्यों है? अगर आपको भी नहीं पता तो आइए आपको इसके पीछे की वजह बताते हैं. कम लागत और आसान पहुंच ऑटो रिक्शा (Auto Rickshaws) में तीन पहिए होने का एक बड़ा कारण कीमत है. अगर इसमें चौथा पहिया जोड़ दिया जाए तो गाड़ी भारी और महंगी बन जाएगी. तीन पहियों वाले रखने से निर्माता इसे सस्ते दाम में बना सकते हैं, जिससे ड्राइवर्स के लिए इसे खरीदना आसान हो जाता है. ये खासकर हिंदुस्तान जैसे देशों में बहुत जरूरी है, जहां बहुत लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए छोटी गाड़ियों पर निर्भर होते हैं. तेज मोड़ और आसान नेविगेशन ऑटो रिक्शा (Auto Rickshaws) को चलाना भी आसान होता है. सामने वाला सिंगल पहिया गाड़ी को तेजी से मोड़ने और तंग गलियों में जाने में मदद करता है. भीड़भाड़ वाली सड़कों पर ये एक बड़ा फायदा है. ड्राइवर ट्रैफिक जाम और छोटी सड़कों में आसानी से गाड़ी चला सकते हैं, इसलिए ऑटो रिक्शा शहर में सफर करने के लिए बढ़िया ऑप्शन हैं. ईंधन की बचत तीन पहिए होने का एक और बड़ा कारण है ईंधन की बचत. ऑटो रिक्शा हल्के होते हैं और इनके तीन पहिये होने की वजह से वजन भी कम होता है. कम वजन का मतलब है कि इंजन कम ईंधन खर्च करता है. यह उन ड्राइवरों के लिए किफायती है जो पूरे दिन ऑटो रिक्शा (Auto Rickshaws) चलाते हैं. इसके मुकाबले, चार पहियों वाले वाहन को उतनी ही दूरी तय करने के लिए ज्यादा ईंधन की जरूरत पड़ती है. सिंपल मेंटेनेंस तीन पहियों वाले रिक्शा की मेंटेनेंस आसान होती है. कम पहिए मतलब कम टायर बदलने पड़ते हैं और सस्पेंशन सिस्टम पर भी कम दबाव पड़ता है. इससे ऑटो रिक्शा (Auto Rickshaws) सस्ता और मेंटेन करने में आसान बनता है, जो छोटे बिजनेस वालों और अकेले ड्राइवरों के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि वे ज्यादा मेंटेनेंस खर्च नहीं झेल सकते. स्थिरता और सुरक्षा कुछ लोग सोचते हैं कि क्या तीन पहिए वाले ऑटो रिक्शा अस्थिर होते हैं. सच है कि तीन पहिए वाली गाड़ियां कारों की तुलना में कम स्थिर होती हैं, लेकिन इनके डिजाइन में इसका ध्यान रखा गया है. वजन सही तरीके से बांटा जाता है और शहर की सड़कों पर सेफ्टी के लिए स्पीड लिमिट होती है. कम दूरी की यात्रा और धीमी रफ्तार के लिए तीन पहिए पूरी तरह से पर्याप्त माने जाते हैं. यह भी पढ़ें: 2-Wheeler चोरी क्यों होते हैं? अपनी गाड़ी चोरों से बचाने के 9 जबरदस्त तरीके यह भी पढ़ें: सर्विस सेंटर में नहीं खर्च करने होंगे पैसे, घर पर ही इन सस्ते तरीकों से ठीक करें कार के स्क्रैच और डेंट The post Auto Rickshaws में सिर्फ 3 ही टायर क्यों होते हैं? अच्छे-अच्छों को नहीं पता इसके पीछे की वजह appeared first on Naya Vichar.

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Bread Cheese Lollipop Recipe: बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको पसंद आएंगे ये क्रिस्पी और चीजी ब्रेड चीज लॉलीपॉप

Bread Cheese Lollipop Recipe: घर पर कभी ऐसा स्नैक बनाने का मन हो जो कम मेहनत में ज्यादा स्वाद दे, तो ब्रेड चीज लॉलीपॉप एक परफेक्ट ऑप्शन है. इसका चीजी फ्लेवर, क्रिस्पी टेक्सचर और रेस्टोरेंट जैसा लुक बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को इंस्टेंटली पसंद आता है. खास बात यह है कि इसमें ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती और इसे कुछ ही मिनटों में तैयार किया जा सकता है. चाहे घर में पार्टी हो, मेहमान आए हों या बस शाम की चाय के साथ कुछ मजेदार खाने का मन हो, यह रेसिपी हर मौके पर सबका दिल जीत लेगी. तो आइये जानते हैं क्रिस्पी और चीजी ब्रेड चीज लॉलीपॉप बनाने की बेहद ही आसान रेसिपी. Bread Cheese Lollipop Recipe: घर पर बनाएं ये सुपर क्रिस्पी, चीजी और झटपट तैयार ब्रेड चीज लॉलीपॉप, पार्टी स्नैक के लिए परफेक्ट ब्रेड चीज लॉलीपॉप बनाने के लिए किन किन चीजों की जरुरत होती है? ब्रेड स्लाइस – 4 स्लाइसचीज स्लाइस – 2 स्लाइसशिमला मिर्च – 1/2 कपओरेगैनो मसाला – 1 चम्मचचीज क्यूब्स – 1/4 कपवर्जिन ऑलिव ऑयल – 2 कपकाली मिर्च – 1/4 चम्मच ब्रेड चीज लॉलीपॉप बनाने की आसान विधि क्या है? 1. ब्रेड चीज लॉलीपॉप बनाने के लिए सबसे पहले ब्रेड स्लाइस को पतला बेलकर पतली शीट्स में काट लें और फिर चीज स्लाइस को भी उसी तरह पतले टुकड़ों में काट लें. 2. अब एक ब्रेड शीट के ऊपर चीज स्लाइस रखें और उस पर बारीक कटी हुई शिमला मिर्च और कद्दूकस किया हुआ चीज डालें, अगर चाहें तो परमेसन चीज भी डाल सकते हैं. 3. इसके बाद इन पर थोड़ा सा ओरिगैनो और काली मिर्च छिड़कें, बच्चों के लिए बहुत तीखा न हो इसलिए चिली फ्लेक्स न डालें. फिर ब्रेड को रोल करके स्टिक लगाकर लॉलीपॉप का आकार बना लें. 4. अब कड़ाही में तेल गरम करें और इन ब्रेड लॉलीपॉप्स को डीप फ्राय करें, जब ये सुनहरे हो जाएं तो पेपर टॉवल पर निकालें और ऊपर से हल्का सा ओरिगैनो छिड़ककर टोमैटो कैचप के साथ सर्व करें. ये भी पढ़ें:  Schezwan Chilli Cheese Sandwich Recipe: घर पर बनाएं ये स्पाइसी, चीजी और क्रिस्पी कैफे स्टाइल सैंडविच ये भी पढ़ें: Chocolate Peanut Bar Recipe: घर पर बनाएं ये टेस्टी, क्रंची और हेल्दी चॉकलेट पीनट बार – स्नैकिंग के लिए परफेक्ट ये भी पढ़ें: Paneer Tacos Recipe: घर पर बनाएं ये इंडो-मैक्सिकन स्टाइल के टेस्टी, स्पाइसी और क्रंची पनीर टैकोज The post Bread Cheese Lollipop Recipe: बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको पसंद आएंगे ये क्रिस्पी और चीजी ब्रेड चीज लॉलीपॉप appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Air Pollution: राजधानी बनी दमघोंटू! AQI ने तोड़ा फिर रिकॉड

Delhi Air Pollution: दिल्ली में लोगों को प्रदूषण से कोई राहत नहीं मिल रही है. शनिवार को सुबह दिल्ली का AQI लेवल 365 को पार कर गया. सबसे रोचक बात है कि बीते आठ दिनों में दिल्ली का AQI लेवल 300 के पार बना हुआ है और कोई इसमें फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं. पहले से लागू हैं GRAP-3 प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 11 नवंबर को ही पूरे एनसीआर में GRAP-3 के तहत प्रतिबंध लागू कर दिए थे. इन नियमों में निर्माण कार्यों पर रोक, भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण और औद्योगिक गतिविधियों पर सख्ती शामिल है. अधिकारियों का कहना है कि इन्हें कड़ाई से लागू किया जा रहा है. सीपीसीबी के अनुसार, एक्यूआई 0 से 50 के बीच “अच्छा”, 51 से 100 के बीच “संतोषजनक”, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच “खराब”, 301 से 400 के बीच “बेहद खराब” और 401 से 500 के बीच “गंभीर” माना जाता है. दिल्ली के इन इलाकों हालात खराब दिल्ली के जिन इलाकों में हवा की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, उनमें आनंद विहार (AQI , वजीरपुर , विवेक विहार , बवाना और जहांगीरपुरी शामिल हैं. इन क्षेत्रों में लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ी हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में पार्टिक्ल्यूट मैटर की मात्रा इतनी अधिक है कि सुबह-शाम का समय बेहद जोखिमभरा साबित हो सकता है. दिल्ली का बदल रहा मौसम शनिवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिसके चलते सुबह और रात में ठंडक महसूस की गई. दिन के समय अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने बताया कि आसमान पूरे दिन साफ रहेगा और हल्की धूप भी निकलेगी, लेकिन प्रदूषण के कारण धुंध जैसी स्थिति बनी रह सकती है. The post Delhi Air Pollution: राजधानी बनी दमघोंटू! AQI ने तोड़ा फिर रिकॉड appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Cabinet 2025: JDU के 8 मंत्रियों के खाते में भारी भरकम बजट वाला विभाग, जानिये सीएम नीतीश के पास क्या-क्या

Bihar Cabinet 2025: नीतीश कैबिनेट में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा शुक्रवार को हो गया. इसमें जदयू से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा आठ मंत्री शामिल हैं. इसके अलावा जदयू कोटे के आठ मंत्रियों के बीच 17 विभागों का बंटवारा किया गया है. जबकि भाजपा के दो डिप्टी सीएम के साथ 14 मंत्री है. इसके बावजूद बजट के मामले में नीतीश कुमार की पार्टी बीजेपी से काफी आगे हैं. अनुभवी मंत्रियों को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी खास बात यह है कि जदयू कोटे में इस बार गृह विभाग नहीं मिला है, लेकिन वित्त और सामान्य प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी जदयू के अनुभवी मंत्रियों को मिली है. यहीं नहीं अधिकतर मंत्री अपने-अपने आवंटित विभागों को पिछली प्रशासनों में भी संभाल चुके हैं. ऐसे में विभागों में रुके कामों का तेजी से निपटारा होगा. साथ ही विकास की रफ्तार में तेजी आयेगी. मंत्री विजय कुमार चौधरी को चार विभागों की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन सहित ऐसे सभी विभाग हैं जो अन्य किसी को आवंटित नहीं किये गये हैं. इसके अलावा जदयू कोटे के आठ मंत्रियों में से अनुभवी मंत्री विजय कुमार चौधरी को चार विभागों की जिम्मेदारी मिली है. उनके पास सूचना एवं जनसंपर्क, संसदीय कार्य, जल संसाधन और भवन निर्माण विभाग हैं. उनके नेतृत्व में पिछली प्रशासन में भी जल संसाधन विभाग में बेहतर काम हुए हैं. मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को मिले 5 विभाग साथ ही बेहद अनुभवी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को पांच विभागों की जिम्मेदारी मिली है. उनके पास ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त सहित वाणिज्यकर विभाग भाग हैं. बिजेंद्र प्रसाद यादव राज्य के वरिष्ठ मंत्री हैं. उनके नेतृत्व में बिहार में ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर काम हुआ. हर घर बिजली पहुंची और अंधकार युग खत्म हुआ. इसके साथ ही वर्ष 2017 में उनके नेतृत्व में ही जीएसटी लागू हुई थी. बिहार ने देशभर में जीएसटी कलेक्शन में बेहतर प्रदर्शन किया था. अन्य मंत्रियों को भी मिले खास विभाग जदयू में मंत्री श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास और परिवहन, मंत्री अशोक चौधरी को ग्रामीण कार्य, लेशी सिंह को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, मंत्री मदन सहनी को समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी मिली है. जबकि मंत्री सुनील कुमार को शिक्षा सहित विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग दिया गया है. मंत्री मो. जमा खान को अल्पसंख्यक कल्याण की जिम्मेदारी मिली है. इन सभी मंत्रियों के पास भी पिछली प्रशासन में इनमें से अधिकांश विभाग थे. सभी ने अपने-अपने विभागों में बेहतर प्रदर्शन किया था. Also Read: Bihar Electricity Bill: बिहार में और सस्ती मिल सकेगी बिजली, जानिये किसे मिलेगा फायदा, कितने रुपये बचा सकेंगे The post Bihar Cabinet 2025: JDU के 8 मंत्रियों के खाते में भारी भरकम बजट वाला विभाग, जानिये सीएम नीतीश के पास क्या-क्या appeared first on Naya Vichar.

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CGPSC PCS Final Result: छत्तीसगढ़ पीसीएस का फाइनल रिजल्ट जारी, पहले पांच टॉपर में सिर्फ एक लड़की

CGPSC PCS Final Result: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने बीते रोज राज्य सेवा परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. पीसीएस की इश भर्ती के जरिए कुल 246 पदों पर नियुक्ति होगी. वहीं जारी रिजल्ट के  अनुसार, 237 कैंडिडेट्स अंतिम रूप से चुने गए हैं. CGPSC ने पोस्ट वाइज चयन लिस्ट और वेटिंग लिस्ट दोनों जारी कर दी है. रिजल्ट देखने के लिए कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं.  इस परीक्षा में देवेश प्रसाद साहू ने AIR 1 के साथ टॉप किया है. वहीं पहले पांच टॉपर में सिर्फ एक ही लड़की है. CGPSC PCS Final Result Toppers: देखें पहले पांच टॉपर के नाम  इस परीक्षा में कुल 237 कैंडिडेट्स सेलेक्ट हुए हैं. यहां देखें पहले पांच टॉपर के नाम-  देवेश प्रसाद साहू  स्वप्निल वर्मा  यशवंत कुमार देवांगन  पोलेश्वर साहू  सुष्मिता टोंड्रे पिछले 10 सालों में सबसे खराब प्रदर्शन टॉपर देवेश को 1500 में से 773.5 (51.5 प्रतिशत) अंक मिले हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि पिछले 10 सालों में ये सबसे कम है. पिछले वर्ष के टॉपर ने 800 से अधिक अंक प्राप्त किए थे.  डिप्टी कलेक्टर के लिए किनका हुआ सेलेक्शन?  देवेश प्रसाद साहू- ओबीसी  स्वप्निल वर्मा- ओबीसी  यशवंत कुमार देवांगन- ओबीसी  पोलश्वर साहू- ओबीसी  सुष्मिता टोंड्रे- एससी चंचल पैंकरा- एसटी  मयंक सिंह मंडावी- एसटी  CGPSC PCS Final Result Steps to Check: कैसे देखें रिजल्ट? सबसे पहले CGPS की ऑफिशियल वेबसाइट psc.cg.gov.in पर जाएं. यहां होम पेज पर रिजल्ट वाले सेक्शन में किल्क करें. अब एक नया पेज खुलेगा, जहां सभी रिजल्ट्स के लिंक दिखेंगे. इसमें से सबसे ऊपर CGBSE CG का लिंक दिया होगा, इस पर क्लिक करें. अब अपना रोल नंबर और नाम खोजें. रिजल्ट वाले पीडीएफ को डाउनलोड कर लें. यह भी पढ़ें- CGBSE CG Board Datesheet 2026: छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं डेटशीट जारी, 9 बजे शुरू होगी परीक्षा The post CGPSC PCS Final Result: छत्तीसगढ़ पीसीएस का फाइनल रिजल्ट जारी, पहले पांच टॉपर में सिर्फ एक लड़की appeared first on Naya Vichar.

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