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November 22, 2025

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‘जमीन छोड़ो या जंग झेलो!’ ट्रंप का यूक्रेन को अल्टीमेटम, जेलेंस्की बोले- सम्मान से समझौता नहीं करेंगे

Donald Trump Ukraine Ultimatum: रूस-यूक्रेन युद्ध को लगभग चार साल होने को हैं. हजारों लोग मारे जा चुके हैं, शहर तबाह हो चुके हैं और पूरी दुनिया इसकी मदद और नेतृत्व में उलझी हुई है. अब इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया शांति प्लान रखा है. लेकिन ये प्लान शांति लाने से ज्यादा विवाद पैदा करता दिख रहा है, क्योंकि इसमें यूक्रेन से बड़ी कुर्बानी मांगी जा रही है और जेलेंस्की के सामने सवाल है कि सम्मान बचाएं या अमेरिका की मदद. ट्रंप का साफ बयान- जेलेंस्की को मानना ही होगा प्लान शुक्रवार को ओवल ऑफिस में न्यूयॉर्क के मेयर-चुनावित जोहरान ममदानी के साथ बातचीत करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को अमेरिका के इस शांति प्लान को मंजूर करना ही पड़ेगा, चाहे उन्हें ये पसंद आए या नहीं. ट्रंप ने कहा कि उनके पास एक योजना है, जो भले शानदार न हो, लेकिन इससे युद्ध रुकेगा. उन्होंने साफ कहा कि अगर उसे पसंद नहीं आया तो लड़ते रहें, लेकिन आखिर में उसे कुछ न कुछ तो सहना ही पड़ेगा. Donald Trump Ukraine Ultimatum: अमेरिका का शांति प्लान  अमेरिका के प्रस्ताव में यूक्रेन को कई भारी समझौते करने होंगे. सबसे बड़ा मुद्दा है जमीन का. इस प्लान के मुताबिक यह है कि यूक्रेन को रूस द्वारा कब्जा किए गए क्रीमिया और पूर्वी यूक्रेन के इलाकों को व्यवहारिक तौर पर रूसी मानना होगा. यूक्रेन को डोनेट्स्क के कुछ हिस्सों से अपनी सेना हटानी होगी, भले ही अब भी वहां उसका कब्जा हो. यूक्रेन की सेना की अधिकतम संख्या 6 लाख तय की जाएगी. यूक्रेन भविष्य में कभी भी NATO में शामिल नहीं हो सकेगा और NATO की कोई सेना यूक्रेन की धरती पर तैनात नहीं होगी. बदले में अमेरिका यूक्रेन को “भरोसेमंद सुरक्षा गारंटी” देगा और रूस की जब्त संपत्तियों से यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए एक फंड बनाया जाएगा. हालांकि सुरक्षा की ये गारंटी कैसी होगी, यह अभी साफ नहीं किया गया है. ट्रंप का दावा- मैं होता तो युद्ध ही नहीं होता डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे युद्ध के लिए अपने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि अगर वे राष्ट्रपति होते तो ये जंग शुरू ही नहीं होती. उन्होंने यह भी कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से उनके अच्छे रिश्ते हैं, जिससे मामला जल्दी सुलझ सकता है. लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी जोड़ा कि “डांस करने के लिए दो लोग चाहिए”, यानी सिर्फ एक पक्ष से शांति नहीं आ सकती. ट्रंप ने युद्ध में हो रहे नुकसान के आंकड़े भी बताए. उनके अनुसार, सिर्फ पिछले महीने यूक्रेन ने लगभग 25,000 सैनिकों को खो दिया. उन्होंने कहा कि दोनों तरफ मिलाकर हर हफ्ते करीब 6,000 से 7,000 सैनिक मारे जा रहे हैं. ट्रंप ने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे गंभीर हाल बताया. उन्होंने यह भी कहा कि रूस ने यूक्रेन के कई बिजली और ऊर्जा प्लांट्स पर हमला किया है, जिससे आने वाली सर्दियों में यूक्रेन को भारी मुश्किल हो सकती है. यह भी पढ़ें: ट्रंप और जोहरान के सारे हमले निकले चुनावी जुमला! फासिस्ट, जिहादी और तानाशाह कहने के बाद कैसे हो गई दोस्ती? अमेरिका ने तय की आखिरी तारीख ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में बताया कि यूक्रेन को ये प्लान मानने के लिए 27 नवंबर (गुरुवार) तक का समय दिया गया है. उन्होंने कहा कि डेडलाइन कभी-कभी बढ़ाई जा सकती है, लेकिन अभी के लिए यही आखिरी तारीख है. उन्होंने यह भी कहा कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंध फिलहाल नहीं हटाए जाएंगे और उनका मानना है कि पुतिन अब और युद्ध नहीं चाहते. जेलेंस्की का जवाब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस प्रस्ताव को खुलकर खारिज कर दिया है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने एक सार्वजनिक भाषण में कहा कि यूक्रेन आज अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है. उनका कहना था कि देश के सामने दो रास्ते हैं  या तो वे अपनी गरिमा और आजादी से समझौता करें, या फिर अमेरिका जैसे बड़े साथी को खोने का खतरा उठाएं. उन्होंने साफ कहा कि वो यूक्रेनी जनता के साथ विश्वासघात नहीं करेंगे और पूरी ताकत से यूक्रेन की गरिमा और आजादी के लिए लड़ते रहेंगे. इस अमेरिकी शांति प्रस्ताव को सिर्फ यूक्रेन ने ही नहीं, बल्कि उसके बड़े यूरोपीय साथी देशों में जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने भी खारिज किया है. उनका मानना है कि ये प्रस्ताव रूस के ज्यादा पक्ष में जाता दिख रहा है. पुतिन ने प्रस्ताव का स्वागत किया जब यूक्रेन और यूरोप नाराज हैं, तब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस योजना का स्वागत किया है. उनका कहना है कि ये प्रस्ताव यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में “एक मजबूत आधार” बन सकता है. यानी जो बात यूक्रेन को नुकसान लग रही है, वहीं रूस को अपने फायदे की लग रही है.सीएनएन और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के अंदर जो शांति प्रस्ताव तैयार हो रहा है, उसमें कुल 28 बिंदु हैं. इस ड्राफ्ट को ट्रंप देख चुके हैं और उन्होंने इसे समर्थन भी दिया है. हालांकि सीएनएन ने ये भी साफ किया कि ये प्लान अभी अंतिम नहीं है, इसमें बदलाव हो सकते हैं. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, जेलेंस्की इसे लेकर यूक्रेनी जनता से एकजुट रहने की अपील कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: चीन बना रहा दुनिया का पहला ऐसा आईलैंड, 4 महीने तक समुंदर में रह सकेगा आत्मनिर्भर, परमाणु हमला भी होगा बेअसर The post ‘जमीन छोड़ो या जंग झेलो!’ ट्रंप का यूक्रेन को अल्टीमेटम, जेलेंस्की बोले- सम्मान से समझौता नहीं करेंगे appeared first on Naya Vichar.

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Ashes 2025: मिचेल स्टॉर्क ने WTC में रचा इतिहास, इस मामले में अश्विन को पछाड़कर दुनिया के तीसरे गेंदबाज बने

AUS vs ENG, Perth Test: एशेज 2025 (Ashes 2025) के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क (Mitchell Starc) ने पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में ऐसा प्रदर्शन किया जिसने मैच की दिशा ही बदल दी. पहले दिन स्टार्क ने 12.5 ओवर में 58 रन देकर सात विकेट झटके और दूसरी इनिंग में तीन और विकेट लेकर मैच में कुल 10 विकेट पूरे किए. लेकिन असली रिकॉर्ड तो इससे पहले बन गया था जब स्टार्क वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में 200 विकेट लेने वाले दुनिया के तीसरे गेंदबाज बन गए. यह उपलब्धि उन्होंने इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट (Joe Root) को बोल्ड कर हासिल की. WTC में स्टार्क का नया मुकाम पर्थ टेस्ट शुरू होने से पहले स्टार्क के नाम WTC में 191 विकेट दर्ज थे. इंग्लैंड की दूसरी इनिंग के 20वें ओवर में उन्होंने जो रूट को बोल्ड कर 200 विकेट पूरे किए. इस मैच में रूट दोनों पारियों में फ्लॉप रहे पहली इनिंग में 0 और दूसरी इनिंग में सिर्फ 8 रन. स्टार्क के इस रिकॉर्ड ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट के मौजूदा दौर के सबसे शानदार तेज गेंदबाजों में और मजबूती से खड़ा कर दिया. WTC के टॉप गेंदबाजों में तीसरे नंबर पर रूट को आउट करने के साथ ही स्टार्क WTC में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप 5 गेंदबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए. उनसे ऊपर सिर्फ उनकी ही टीम के नाथन लियोन और पैट कमिंस हैं. लियोन 219 विकेट के साथ पहले और कमिंस 215 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं. स्टार्क के 201 विकेट बताते हैं कि वह टेस्ट क्रिकेट में लगातार असरदार भूमिका निभा रहे हैं. इंग्लैंड की दूसरी इनिंग में भी स्टार्क का दबदबा दूसरी इनिंग में भी स्टार्क का वही रफ्तार वाला रूप देखने को मिला. उन्होंने शुरुआत में ही ज़ैक क्रॉली को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया. इसके बाद उन्होंने जो रूट को एक बार फिर आउट किया और इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स भी देर तक नहीं टिक सके. स्टोक्स, जिन्होंने पहली इनिंग में गेंद से पांच विकेट लिए थे, बल्लेबाजी में सिर्फ 2 रन ही बना सके. स्टार्क ने अपनी सटीक लाइन और बाउंस से इंग्लैंड की बल्लेबाजी को दोनों पारियों में दबाव में रखा. ऑस्ट्रेलिया को मजबूत जीत की नींव स्टार्क की गेंदबाजी ने इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को बड़ी बढ़त दिलाने का काम किया. इंग्लैंड की टीम दोनों पारियों में बिखरती रही और स्टार्क ने हर अहम मौके पर विकेट लेकर मैच को एकतरफा बना दिया. उनके प्रयासों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने एशेज की शुरुआत शानदार अंदाज में की और इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमजोरियों को उजागर कर दिया. स्टार्क की फिटनेस और फॉर्म का दमदार संदेश यह प्रदर्शन सिर्फ विकेटों का रिकॉर्ड नहीं है बल्कि यह भी साबित करता है कि स्टार्क अब भी दुनिया के सबसे खतरनाक पेसरों में गिने जाते हैं. लंबे समय से टीम का हिस्सा रहने के बावजूद उनकी गति और स्विंग में कोई कमी नहीं आई है. पर्थ की तेज पिच पर उनका नियंत्रण और लय बताती है कि एशेज की अगली पारियों में भी वह इंग्लैंड के लिए बड़ी चुनौती बनने वाले हैं. WTC में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज खिलाड़ी टीम मैच विकेट बेस्ट नाथन लियोन ऑस्ट्रेलिया 54* 219* 8/64 पैट कमिंस ऑस्ट्रेलिया 51 215 6/28 मिचेल स्टार्क ऑस्ट्रेलिया 50* 201* 7/58 रविचंद्रन अश्विन इंडिया 41 195 7/71 जसप्रीत बुमराह इंडिया 42* 184* 6/27* ये भी पढ़ें- Viral Video: पर्थ टेस्ट में मिचेल स्टार्क का कमाल, हवा लगाई ऐसी छलांग सब रह गए हैरान, लपका लाजवाब कैच IND vs SA 2nd Test: गुवहाटी में हिंदुस्तान की पहले गेंदबाजी, टीमों ने प्लेइंग इलेवन में किए बदलाव, इस हिंदुस्तानीय को मिला मौका The post Ashes 2025: मिचेल स्टॉर्क ने WTC में रचा इतिहास, इस मामले में अश्विन को पछाड़कर दुनिया के तीसरे गेंदबाज बने appeared first on Naya Vichar.

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Siddha Laxmi Strotra: सिद्ध लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ क्यों है बेहद शुभ? जानिए इसके चमत्कारी फायदे

Siddha Laxmi Strotra: धर्म विशेषज्ञ बताते हैं कि सिद्ध लक्ष्मी स्तोत्र अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्रों में से एक माना जाता है. इसका उल्लेख कई पुराणों और तांत्रिक ग्रंथों में मिलता है. माना जाता है कि इसका नियमित पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में धन से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं और सौभाग्य का प्रवाह बढ़ता है. यह स्तोत्र मन की शक्तियों को जाग्रत करके कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता भी बढ़ाता है. सिद्ध लक्ष्मी स्तोत्र के मुख्य फायदे आर्थिक संकट दूर करने में मदद करता है मान्यता है कि स्तोत्र के पाठ से धन की कमी, कर्ज़, और आर्थिक रुकावटें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं. कई ज्योतिषाचार्य इसे “वित्तीय स्थिरता का साधन” बताते हैं. घर में धन लाभ के योग बढ़ते हैं इस स्तोत्र को पढ़ने से माँ लक्ष्मी की कृपा घर-परिवार में बनी रहती है. व्यापार, नौकरी और नए अवसरों में तेजी आती है. नकारात्मक ऊर्जा हटाता है सिद्ध लक्ष्मी स्तोत्र को शक्तिशाली “ऊर्जा शुद्धि” का स्तोत्र भी कहा गया है. इसका उच्चारण घर में पॉजिटिव एनर्जी लाता है और नकारात्मक प्रभावों को दूर करता है. मन को शांत और स्थिर करता है पाठ के दौरान होने वाली ध्वनि-वाइब्रेशन मन को शांत करती है. इससे चिंता कम होती है और निर्णय क्षमता बढ़ती है. किस्मत का साथ बढ़ता है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्तोत्र के नियमित पाठ से व्यक्ति के जीवन में सौभाग्य बढ़ता है और रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं. पाठ का सही समय और तरीका सुबह या संध्या के समय साफ और शांत स्थान सामने दीपक या अगरबत्ती जलाकर मन को शांत करके रोज़ 5–10 मिनट शुक्रवार या पूर्णिमा को विशेष लाभकारी नियम से पढ़ना सबसे बड़ा परिणाम देती है सिद्ध लक्ष्मी स्तोत्र ॥ श्रीसिद्धिलक्ष्मीस्तोत्रम् ॥ ॥ विनियोगः ॥ श्री गणेशाय नमः। ॐ अस्य श्रीसिद्धिलक्ष्मीस्तोत्रस्य हिरण्यगर्भ ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, सिद्धिलक्ष्मीर्देवता, मम समस्त दुःखक्लेशपीडादारिद्र्यविनाशार्थं सर्वलक्ष्मीप्रसन्नकरणार्थं महाकालीमहालक्ष्मीमहासरस्वतीदेवताप्रीत्यर्थं च सिद्धिलक्ष्मीस्तोत्रजपे विनियोगः। ॥ करन्यासः ॥ ॐ सिद्धिलक्ष्मी अङ्गुष्ठाभ्यां नमः। ॐ ह्रीं विष्णुहृदये तर्जनीभ्यां नमः। ॐ क्लीं अमृतानन्दे मध्यमाभ्यां नमः। ॐ श्रीं दैत्यमालिनी अनामिकाभ्यां नमः। ॐ तं तेजःप्रकाशिनी कनिष्ठिकाभ्यां नमः। ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं ब्राह्मी वैष्णवी माहेश्वरी करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः। ॥ हृदयादिन्यासः ॥ ॐ सिद्धिलक्ष्मी हृदयाय नमः। ॐ ह्रीं वैष्णवी शिरसे स्वाहा। ॐ क्लीं अमृतानन्दे शिखायै वौषट्। ॐ श्रीं दैत्यमालिनी कवचाय हुम्। ॐ तं तेजःप्रकाशिनी नेत्रद्वयाय वौषट्। ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं ब्राह्मीं वैष्णवीं फट्। ॥ ध्यानम् ॥ ब्राह्मीं च वैष्णवीं भद्रां षड्भुजां च चतुर्मुखाम्। त्रिनेत्रां च त्रिशूलां च पद्मचक्रगदाधराम्॥1॥ पीताम्बरधरां देवीं नानालङ्कारभूषिताम्। तेजःपुञ्जधरां श्रेष्ठां ध्यायेद्बालकुमारिकाम्॥2॥ ॥ अथ मूलपाठः ॥ ॐकारलक्ष्मीरूपेण विष्णोर्हृदयमव्ययम्। विष्णुमानन्दमध्यस्थं ह्रींकारबीजरूपिणी॥3॥ ॐ क्लीं अमृतानन्दभद्रे सद्य आनन्ददायिनी। ॐ श्रीं दैत्यभक्षरदां शक्तिमालिनी शत्रुमर्दिनी॥4॥ तेजःप्रकाशिनी देवी वरदा शुभकारिणी। ब्राह्मी च वैष्णवी भद्रा कालिका रक्तशाम्भवी॥5॥ आकारब्रह्मरूपेण ॐकारं विष्णुमव्ययम्। सिद्धिलक्ष्मि परालक्ष्मि लक्ष्यलक्ष्मि नमोऽस्तुते॥6॥ सूर्यकोटिप्रतीकाशं चन्द्रकोटिसमप्रभम्। तन्मध्ये निकरे सूक्ष्मं ब्रह्मरूपव्यवस्थितम्॥7॥ ॐकारपरमानन्दं क्रियते सुखसम्पदा। सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके॥8॥ प्रथमे त्र्यम्बका गौरी द्वितीये वैष्णवी तथा। तृतीये कमला प्रोक्ता चतुर्थे सुरसुन्दरी॥9॥ पञ्चमे विष्णुपत्नी च षष्ठे च वैष्णवी तथा। सप्तमे च वरारोहा अष्टमे वरदायिनी॥10॥ नवमे खड्गत्रिशूला दशमे देवदेवता। एकादशे सिद्धिलक्ष्मीर्द्वादशे ललितात्मिका॥11॥ एतत्स्तोत्रं पठन्तस्त्वां स्तुवन्ति भुवि मानवाः। सर्वोपद्रवमुक्तास्ते नात्र कार्या विचारणा॥12॥ एकमासं द्विमासं वा त्रिमासं च चतुर्थकम्। पञ्चमासं च षण्मासं त्रिकालं यः पठेन्नरः॥13॥ ब्राह्मणाः क्लेशतो दुःखदरिद्रा भयपीडिताः। जन्मान्तरसहस्रेषु मुच्यन्ते सर्वक्लेशतः॥14॥ अलक्ष्मीर्लभते लक्ष्मीमपुत्रः पुत्रमुत्तमम्। धन्यं यशस्यमायुष्यं वह्निचौरभयेषु च॥15॥ शाकिनीभूतवेतालसर्वव्याधिनिपातके। राजद्वारे महाघोरे सङ्ग्रामे रिपुसङ्कटे॥16॥ सभास्थाने श्मशाने च कारागेहारिबन्धने। अशेषभयसम्प्राप्तौ सिद्धिलक्ष्मीं जपेन्नरः॥17॥ ईश्वरेण कृतं स्तोत्रं प्राणिनां हितकारणम्। स्तुवन्ति ब्राह्मणा नित्यं दारिद्र्यं न च वर्धते॥18॥ या श्रीः पद्मवने कदम्बशिखरे राजगृहे कुञ्जरे श्वेते चाश्वयुते वृषे च युगले यज्ञे च यूपस्थिते। शङ्खे देवकुले नरेन्द्रभवनी गङ्गातटे गोकुले सा श्रीस्तिष्ठतु सर्वदा मम गृहे भूयात्सदा निश्चला॥19॥ ॥ इति श्रीब्रह्माण्डपुराणे ईश्वरविष्णुसंवादेदारिद्र्यनाशनं सिद्धिलक्ष्मीस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥ ये भी पढ़ें: Mantra Siddhi: मंत्र-जप सफल होने पर दिखते हैं ये खास लक्षण The post Siddha Laxmi Strotra: सिद्ध लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ क्यों है बेहद शुभ? जानिए इसके चमत्कारी फायदे appeared first on Naya Vichar.

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How To Grow Aloe Vera: घर पर कैसे उगाएं एलोवेरा का पौधा? जानें लगाने और देखभाल करने का सही तरीका

How To Grow Aloe Vera: आज के समय में स्किन और बालों की देखभाल में एलोवेरा सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है. बाजार में मिलने वाला एलोवेरा जेल अक्सर महंगा होता है और उसमें केमिकल भी शामिल होते हैं. ऐसे में अगर आपको गार्डनिंग पसंद है, तो आप घर पर एलोवेरा का पौधा आसानी से लगा सकते हैं. घर में लगाया हुआ एलोवेरा का पौधा न सिर्फ दिखने में अच्छा होता है, बल्कि आपको हमेशा फ्रेश एलोवेरा जेल भी देता है. आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे घर पर एलोवेरा का पौधा लगाने और देखभाल करने के जरूरी टिप्स.  एलोवेरा का पौधा लगाने के लिए कैसी मिट्टी चाहिए?  एलोवेरा का पौधा लगाने के लिए हल्की और जल्दी सूखने वाली मिट्टी चाहिए. इसके लिए आप मिट्टी, बालू वाली मिट्टी और खाद मिलाएं. बालू मिलाने से पौधे में पानी नहीं रुकता और खाद से पौधा जल्दी बढ़ता है.  एलोवेरा का पौधा कैसे लगाएं? एलोवेरा लगाने के लिए सबसे पहले आप एलोवेरा का ताजा और हरी पत्तियों वाला छोटा पौधा चुनें. इसे लगाने के लिए आप एक ऐसा गमला चुनें जिसके नीचे छेद हो जिसमें पानी न जमा हो पाए. अब आप गमले में मिट्टी भरें और बीच में गड्ढा बनाकर एलोवेरा का पौधा सीधा लगाएं. इसके बाद आप इसके जड़ों पर मिट्टी और पानी दें.  यह भी पढ़ें- How To Grow Green Chilli At Home: घर बैठे उगाएं ताजी हरी मिर्च, जानिए लगाने और देखभाल करने का सही तरीका  एलोवेरा लगाने के बाद देखभाल कैसे करें? एलोवेरा का पौधा लगाने के बाद उसकी देखभाल करना बहुत आसान है. इसके लिए आप पौधे को धूप में रखें, ज्यादा तेज धूप में पत्तियां जल सकती हैं. पानी देने के लिए आप गर्मियों में 7-10 दिन बाद और सर्दियों में 15-20 दिन बाद का टाइम चुनें. जब मिट्टी सूखी दिखे तो पानी डालें. हर 2–3 महीने में थोड़ा सा खाद डालें. यह भी पढ़ें- How To Grow Papaya Tree: अब घर पर उगाएं ताजा और हरा-भरा पपीता, बस अपनाएं ये आसान टिप्स Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post How To Grow Aloe Vera: घर पर कैसे उगाएं एलोवेरा का पौधा? जानें लगाने और देखभाल करने का सही तरीका appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड की प्रख्यात कवयित्री जसिंता केरकेट्टा को अवध का प्रतिष्ठित ‘माटी रतन’ सम्मान

Jacinta Kerketta : झारखंड की आदिवासी संवेदनाओं व सरोकारों की प्रख्यात कवयित्री, पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता जसिंता केरकेट्टा को अवध का प्रतिष्ठित ‘माटी रतन’ सम्मान 2025 दिए जाने की घोषणा की गई है. उन्हें यह सम्मान आगामी 19 दिसंबर को फैजाबाद में ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन ऐक्शन के शहीद क्रांतिकारी अशफाकउल्लाह खां के शहादत दिवस पर आयोजित समारोह में प्रदान किया जायेगा. उनके साथ हिंदी के अवध के ही निवासी लब्धप्रतिष्ठ कथाकार शिवमूर्ति और मुंबईवासी उर्दू के कवि, लेखक व पत्रकार फरहान हनीफ वारसी को भी इस सम्मान से सम्मानित किया जायेगा. शनिवार को सम्मान की चयन समिति की बैठक में किये गये इस आशय के फैसले के बाद सम्मान के प्रायोजक शहीद अशफाकउल्लाह खां मेमोरियल शहीद शोध संस्थान की ओर से उसके प्रबंध निदेशक सूर्यकांत पांडेय ने इसकी जानकारी दी. गौरतलब है कि पिछले पच्चीस वर्षों से हिंदी-उर्दू और उनके समाजों की सेवा करने वाली नामचीन हस्तियों को दिये जाते रहे इस सम्मान का यह रजत जयंती वर्ष है, जबकि अशफाकउल्लाह खां, जिनकी याद में इसे दिया जाता है, वे जिस काकोरी ऐक्शन में भाग लेकर शहीद हुए थे, उसका शताब्दी वर्ष. पांडेय के अनुसार इस सबके मद्देनजर इस साल इस सम्मान का खास महत्व है. उनका दावा है कि देश में शहीदों के नाम पर दिया जा रहा यह इकलौता लोकसम्मान है और अवध में इसकी नोबेल पुरस्कार जैसी प्रतिष्ठा है. इससे विभूषित कोई एक दर्जन शख्सियतों को बाद में पद्म पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं. अब तक यह सम्मान अदम गोंडवी, रफीक सादानी, दूधनाथ सिंह, विजय बहादुर सिंह, अष्टभुजा शुक्ल, अनवर जलालपुरी, मुनव्वर राना, मलिकजादा मंजूर, नरेश सक्सेना, डाॅ विद्या बिन्दु सिंह, जयप्रकाश ‘धूमकेतु’, सुभाष राय और वसीम बरेलवी जैसी साहित्यिक प्रतिभाओं को दिया जा चुका है. झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के खुदपोस नामक गांव में एक गरीब आदिवासी परिवार में पैदा हुई जसिंता केरकेट्टा किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. वे आदिवासी संवेदनाओं व सरोकारों की झारखंड की उन कवयित्रियों में से एक हैं, जिन्होंने कठिन जीवन संघर्ष के बीच अपनी राह बनाई और कवि कर्म व पत्रकारिता के साथ सामाजिक कार्य में भी भागीदारी की. उनका बचपन गरीबी और अभावों के बीच बीता और छुटपन में उन्हें हाटों-बाज़ारों में इमली बेचकर अपने परिवार की गुजर-बसर के लिए पैसे जुटाने पड़े. फिर भी उन्होंने शिक्षा पाने की अपनी लगन को कतई कमजोर नहीं पड़ने दिया. आगे चलकर धनाभाव उनकी कॉलेज की शिक्षा के आड़े आया तो उनकी मां ने ज़मीन गिरवी रखकर उसकी व्यवस्था की. फिर भी काम नहीं चला तो जसिंता ने कई छोटे-मोटे काम करके परिस्थिति का सामना किया. कठिन संघर्ष के इन्हीं दिनों में उन्होंने कविताएं लिखनी शुरू कीं तो आलोचकों ने कहा कि उनकी कविताओं में उनका व्यक्तिगत दुःख समष्टिगत दुःख में अभिव्यक्त होता हुआ अपने समाज के विमर्श को लेकर आगे बढ़ता है. इतना ही नहीं, गहरी, अचेतन व अनकही भावनाओं को शब्दों और छवियों में पिरोने की उनकी कला अनूठी है और इस कला से वे इन भावनाओं को वास्तविकता का रूप दे देती हैं. उनका पहला कविता संग्रह 2016 में आदिवाणी प्रकाशन, कोलकाता से हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित हुआ था और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. जानकार बताते हैं कि वे झारखंड की पहली ऐसी आदिवासी कवि प्रतिभा हैं, जिनके कविता संग्रहों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक साथ तीन-तीन भाषाओं में प्रकाशन हुआ है. इसके अतिरिक्त उनकी कविताओं का कई हिंदुस्तानीय व विदेशी भाषाओं में अनुवाद हुआ है, जिनमें पंजाबी, उर्दू, गुजराती, मराठी, असमिया, कन्नड़, तमिल व संथाली आदि शामिल हैं. वे काफ़ोस्करी, मिलान, तुरिनो और ज्यूरिख आदि विश्वविद्यालयों में कविता-पाठ तो कई देशों में अपनी कविताओं पर संवाद भी कर चुकी हैं. इटली के तुरीनो शहर में आयोजित 31 वें इंटरनेशनल बुक फ़ेयर में वे विशेष आमंत्रित अतिथि थीं और इस अवसर पर उनके कविता-संग्रह ‘अंगोर’ के इतालवी अनुवाद ‘ब्राचे’ का लोकार्पण भी किया गया था. जसिंता के खाते में ‘माटी रतन’ के अलावा भी कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान हैं. ये भी पढ़ें : New Labour Codes: अब 1 साल की नौकरी पर ही मिलेगा ग्रेच्युटी का फायदा, न्यूनतम वेतन सबके लिए The post झारखंड की प्रख्यात कवयित्री जसिंता केरकेट्टा को अवध का प्रतिष्ठित ‘माटी रतन’ सम्मान appeared first on Naya Vichar.

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SEBI: अनरेगुलेटेड Digital Gold से रहे सावधान, सुरक्षित निवेश के लिए ETF चुनें

SEBI: कैपिटल मर्केट रेगुलेटर सेबी ने साफ कर दिया है कि वह डिजिटल गोल्ड या ई-गोल्ड को रेगुलेट नहीं करेगी, क्योंकि ये उत्पाद उसकी निगरानी के दायरे में आते ही नहीं है. सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा कि अगर किसी को गोल्ड में निवेश करना है, तो वह गोल्ड ETF या अन्य ट्रेडेबल सिक्योरिटीज के जरिए कर सकता है, जो पहले से ही सेबी के नियमों के तहत आती हैं. सेबी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब डिजिटल गोल्ड बेचने वाले कई प्लेटफॉर्म चाहते हैं कि प्रशासन इन्हें आधिकारिक रेगुलेशन में लाए. कुछ समय पहले सेबी ने निवेशकों को डिजिटल गोल्ड के जोखिमों के बारे में चेतावनी भी दी थी क्योंकि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इसे फिजिकल गोल्ड की आसान जगह बताकर बेच रहे हैं. Digital Gold में क्या है खतरा? सेबी ने कहा है कि डिजिटल गोल्ड न तो सिक्योरिटी माना जाता है और न ही कमोडिटी डेरिवेटिव्स. इसलिए इन पर किसी भी तरह का निवेश सुरक्षा कानून लागू नहीं होता है. इससे निवेशकों को काउंटरपार्टी रिस्क यानी कंपनी पर भरोसा टूटने का जोखिम रहता है. अगर कंपनी बंद हो जाए या धोखा दे दे, तो निवेशक का पैसा फंस सकता है. इसलिए सेबी ने सलाह दी है कि गोल्ड में निवेश सिर्फ उसके रेगुलेटेड साधनों के जरिये ही किया जाए. ALSO READ: विदेशी निवेशकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाएगा सेबी, तुहिन कांत पांडेय ने कही ये बात REITs और InvITs में क्या बदल सकता है? सेबी ने बताया कि वह अब कोशिश करेगी कि REITs को मार्केट इंडेक्स में शामिल किया जाए, जिससे इसमें निवेश और ट्रेडिंग को और बढ़ावा मिल सके. साथ ही, इन निवेश साधनों के लिए ऐसे नियम भी तैयार किए जा रहे हैं, जिनसे कम्पनियों और निवेशकों दोनों को फायदा मिले. Mutual Funds के नियम भी होंगे आसान? अगले महीने सेबी अपने बोर्ड में म्यूचुअल फंड और स्टॉक ब्रोकर से जुड़े नियमों की पूरी समीक्षा करने वाली है. इससे खर्चे, ब्रोकरेज और निवेश प्रक्रिया को और साफ व सस्ता बनाने की कोशिश है. ALSO READ: डिजिटल गोल्ड को लेकर SEBI ने दी चेतावनी, कहा- जोश में ना खोए होश! The post SEBI: अनरेगुलेटेड Digital Gold से रहे सावधान, सुरक्षित निवेश के लिए ETF चुनें appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Politics : कुछ ही दिनों में नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर कर सकती है बीजेपी, सपा नेता का बड़ा दावा

Bihar Politics : उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडेय ने बिहार की नेतृत्व को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी निकट भविष्य में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर कर सकती है. समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता ने यह भी आरोप लगाया कि हिंदुत्व के एजेंडे पर अपना सारा ध्यान केंद्रित करके बीजेपी हिंदुस्तान को एक ऐसे राष्ट्र में बदलना चाहती है जहां कोई समभाव नहीं होगा. पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की जयंती पर आयोजित समारोह में मीडिया से बात की. उन्होंने बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश में बीजेपी प्रशासन पर निशाना साधा. पांडेय ने कहा कि प्रशासन की नीतियां बेरोजगारी को दूर करने की नहीं है. उनका नारा केवल हिंदुत्व है. वे हिंदुत्व के नाम पर प्रशासन चलाना चाहते हैं और धार्मिक अनुष्ठान करके लोगों को भ्रमित करना चाहते हैं. सम्राट चौधरी को गृह मंत्री बनाना उनका आंतरिक फैसला : पांडेय पांडेय ने बिहार में भाजपा नेता सम्राट चौधरी (उप मुख्यमंत्री) को गृह मंत्री बनाने से जुड़े सवाल के जवाब में दावा किया है कि बीजेपी आने वाले समय में नीतीश कुमार को बाहर कर सकती है. पांडेय ने कहा, ‘‘सम्राट चौधरी को गृह मंत्री बनाना उनका आंतरिक फैसला है और यह समझौते के तहत किया गया होगा.’’ उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि कुछ दिन बाद उन्हें (नीतीश कुमार) बाहर भी किया जा सकता है. यह भी पढ़ें : Bihar Politics: जहर मैंने पी लिया, तकलीफ उन्हें है कि मैं फिर से जी गया…, उपेंद्र कुशवाहा ने शायराना अंदाज में किसे दिया जवाब उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष पांडेय ने कहा कि बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर बीजेपी प्रशासन का ध्यान नहीं है. इनका सारा ध्यान हिंदुत्व के एजेंडे पर जोर देकर हमारे देश को एक ऐसे राष्ट्र में बदलने पर है, जहां समभाव न रहे. 202 सीट जीतकर शानदार जीत हासिल की एनडीए ने हाल में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीट जीतकर शानदार जीत हासिल की. नीतीश कुमार ने गुरुवार को रिकॉर्ड 10वीं बार शपथ ली. The post Bihar Politics : कुछ ही दिनों में नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर कर सकती है बीजेपी, सपा नेता का बड़ा दावा appeared first on Naya Vichar.

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Bigg Boss 19 Winner: फराह खान के बयान ने बढ़ाई हलचल, बताया- कौन बन सकता है ‘बिग बॉस 19’ का विनर?

Bigg Boss 19 Winner: बिग बॉस 19 में हर दिन कंटेस्टेंट के बीच किसी ना किसी टॉपिक पर लड़ाई होती है. हाल ही में मृदुल तिवारी का घर से सफर खत्म हो गया. लेटेस्ट रिपोर्ट्स की मानें तो कुनिका सदानंद भी गेम से बाहर हो चुकी है. अब घर में सिर्फ गौरव खन्ना, मालती चाहर, फरहाना भट्ट, प्रणित मोरे, तान्या मित्तल, अशनूर कौर, शहबाज बदेशा और अमाल मलिक बचे हुए हैं. शो का विनर कौन होगा, इसका फैसला आने में अभी वक्त है. हालांकि फिल्ममेकर फराह खान ने बताया है उनका फेवरेट कौन है. सोहा अली खान ने फराह खान ने पूछा ये सवाल दरअसल, फराह खान रियलिटी शो बिग बॉस को कई बार वीकेंड के वार में होस्ट कर चुकी है. वह बिग बॉस 19 को फॉलो कर रही है. सोहा अली खान के पॉडकास्ट में सोहा ने उनसे पूछा कि उनके हिसाब से शो कौन जीत सकता है. इसपर फिल्ममेकर ने कहा, “मुझे नहीं पता कि मुझे यह कहने की इजाजत है या नहीं, क्योंकि मुझे यह कहना पसंद नहीं है. क्योंकि मैं बिग बॉस के बहुत करीब हूं और मैं इसे इतनी बार होस्ट करती हूं कि मैं किसी भी तरह से अपनी राय बदलना पसंद नहीं करती. ” Chalo officially Gaurav Khanna showwww #bb19 #biggboss19 #gauravkhanna https://t.co/IB38AHCCDc — sakshi (@harryftsakshi) November 21, 2025 गौरव खन्ना को लेकर क्या बोलीं फराह खान? फराह खान ने बताया कि उन्होंने पिछले सीजन करण वीर मेहरा के जीतने के बारे में भविष्यवाणी की थी और वह जीत गए थे. डायरेक्टर ने कहा, “मुझे लगता है कि इस बार यह गौरव खन्ना का शो बन रहा है क्योंकि हर कोई उसके पीछे पड़ा है और वह खुद को बहुत अच्छे से संभाल रहा है. वह इज्जतदार है और गाली-गलौज नहीं करता. वह अच्छा स्पोर्ट्स रहा है और यह बात साफ तौर पर बाकी सभी को समझ आ रही है, जो काफी टॉक्सिक हो रहे हैं. यह जितना टॉक्सिक होता जाएगा, हमें उतना ही ज्यादा एंटरटेनमेंट मिलेगा.” सीरियल अनुपमा में अनुज बन चुके हैं गौरव खन्ना राजन शाही के शो अनुपमा में गौरव खन्ना ने अनुज का किरदार निभा कर दर्शकों का खूब प्यार जीता. शो ने उन्हें नेम फेम सबकुछ दिया. अनुपमा से उनका किरदार खत्म हो चुका है, लेकिन दर्शक चाहते हैं कि मेकर्स उन्हें किसी भी तरह से वापस ले आए. यह भी पढ़ें- Mastiii 4 Box Office Collection Day 2: धीमी शुरुआत के बाद भी ‘मस्ती 4’ ने तोड़ा अपनी ही फ्रेंचाइजी का रिकॉर्ड, चौंकाने वाला है दूसरे दिन का कलेक्शन The post Bigg Boss 19 Winner: फराह खान के बयान ने बढ़ाई हलचल, बताया- कौन बन सकता है ‘बिग बॉस 19’ का विनर? appeared first on Naya Vichar.

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Tulsi Plant: घर में सूख रहा तुलसी पत्ता है खतरे की निशानी, जानें बचाने के उपाय

Tulsi Plant: राशिफल और वास्तु मान्यताओं के अनुसार तुलसी का अचानक बार-बार सूखना घर में बढ़ती नकारात्मक ऊर्जा का संकेत हो सकता है. यह बताता है कि घर के वातावरण में कोई अशुभ प्रभाव सक्रिय है—जैसे ग्रह बाधा, तनाव या परिवार में कलह. गलत दिशा में तुलसी लगाना तुलसी माता को हमेशा उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में लगाना शुभ माना गया है. यदि पौधा दक्षिण दिशा में रखा हो, तो वह धूप के अत्यधिक ताप से जल्दी सूख सकता है. यह दिशा ऊर्जात्मक रूप से भी तुलसी के लिए अनुकूल नहीं मानी गई है. जरूरत से ज्यादा या कम पानी देना अधिकतर लोग तुलसी को रोज बहुत सारा पानी दे देते हैं, जबकि तुलसी को हल्की नमी पसंद होती है. ज्यादा पानी से जड़ें गलने लगती हैं और पौधा सूख जाता है. वहीं कम पानी मिलने पर पत्तियाँ मुरझा जाती हैं. घर में तनाव और कलह ज्योतिष के अनुसार यदि घर में लगातार विवाद, कलह या गुस्सा रहता है, तो यह ऊर्जा तुलसी के पौधे को प्रभावित करती है. तुलसी सकारात्मक कंपन में फलती-फूलती है, इसलिए घर में शांति बनाए रखना आवश्यक है. ये भी पढ़ें: अन्न का अनादर बिगाड़ देता है घर का भाग्य, जानें कैसे  तुलसी को तुरंत बचाने के उपाय रोज सुबह जल अर्पित करें और दीपक जलाएं. तुलसी पर कभी हाथ न लगाएँ—पत्ता तोड़ते समय भी पहले प्रार्थना करें. उसे गाय के गोबर की खाद दें. हर गुरुवार को तुलसी के पास हल्दी जल अर्पित करें. The post Tulsi Plant: घर में सूख रहा तुलसी पत्ता है खतरे की निशानी, जानें बचाने के उपाय appeared first on Naya Vichar.

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Astro tips For Food: अन्न का अनादर बिगाड़ देता है घर का भाग्य, जानें कैसे

Astro tips For Food: हिंदुस्तानीय संस्कृति में भोजन को देवत्व का स्थान दिया गया है. शास्त्रों के अनुसार “अन्न ब्रह्म” माना गया है, इसलिए भोजन का सम्मान घर में बरकत, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का आधार है. लेकिन कई बार हमारी दैनिक आदतें अनजाने में ही समृद्धि के मार्ग में बाधा बन जाती हैं. अन्न का अनादर—समृद्धि में बड़ी बाधा सबसे पहली और आम गलती है भोजन का अनादर करना. कई लोग प्लेट में आवश्यकता से अधिक खाना लेकर उसे अधूरा छोड़ देते हैं. राशिफल और ज्योतिषीय मान्यताओं में अन्न का अपमान लक्ष्मी के क्रोधित होने का कारण माना गया है. इसलिए जितनी भूख हो उतना ही अन्न ग्रहण करना शुभ माना गया है. भोजन का वातावरण—शांति हो तो ऊर्जा बनेगी शुभ दूसरी महत्वपूर्ण बात है भोजन करते समय का वातावरण. गुस्सा, शिकायत, रोना या विवाद भोजन की ऊर्जा को दूषित कर देते हैं. माना जाता है कि नकारात्मक माहौल में ग्रहण किया गया भोजन मन और शरीर दोनों को असंतुलित करता है. इसलिए भोजन के समय शांति और कृतज्ञता का भाव बनाए रखना आवश्यक है. रसोई की स्वच्छता—धन और शुभता का मुख्य आधार वहीं रसोई की गंदगी घर की समृद्धि को रोकती है. किचन को माता अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है. गंदा स्टोव, बिखरे बर्तन या अव्यवस्थित रसोई आर्थिक प्रगति में बाधा उत्पन्न कर सकती है. साफ-सुथरी रसोई को शुभता और धन वृद्धि का प्रतीक माना गया है. ये भी पढें: घर में सूख रहा तुलसी पत्ता है खतरे की निशानी, जानें बचाने के उपाय बासी भोजन से बढ़ती है नकारात्मक ऊर्जा अधिकतर लोग रात का बचा भोजन दोबारा गर्म कर खाते हैं, लेकिन ज्योतिष के अनुसार बासी भोजन घर में आलस्य और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है. वहीं चलते-फिरते या खड़े होकर भोजन करना भी अशुभ परिणाम दे सकता है. भोजन सदैव बैठकर, ध्यानपूर्वक और सम्मान के साथ ग्रहण करना चाहिए. छोटी आदतें, बड़ा बदलाव इन सरल आदतों में बदलाव से न केवल स्वास्थ्य सुधरता है, बल्कि जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि भी बढ़ती है. The post Astro tips For Food: अन्न का अनादर बिगाड़ देता है घर का भाग्य, जानें कैसे appeared first on Naya Vichar.

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