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November 25, 2025

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Vivah Panchami Prasad Recipe: विवाह पंचमी पर बनाएं शुद्ध और स्वादिष्ट केसरिया खीर का प्रसाद

Vivah Panchami Prasad Recipe: विवाह पंचमी का पवित्र दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह की याद में बड़े प्यार और श्रद्धा से मनाया जाता है. इस शुभ मौके पर घर में भक्ति के साथ प्रसाद बनाया जाता है, जिसमें केसरिया खीर बहुत खास मानी जाती है. यह खीर सिर्फ मीठा नहीं, बल्कि आस्था और शुद्ध भाव से भरा हुआ प्रसाद होता है. अगर आप भी इस विवाह पंचमी पर अपने घर और मंदिर के लिए स्वादिष्ट, सुगंधित और शुद्ध केसरिया खीर का प्रसाद बनाना चाहते हैं, तो यह आसान विधि आपके लिए बिल्कुल सही है. Vivah Panchami Prasad Recipe: घर पर बनाएं सुगंधित और शुभ केसरिया खीर का प्रसाद केसरिया खीर बनाने के लिए किन किन चीजों की जरुरत होती है? दूध (फुल क्रीम)– 1 लीटरचावल (छोटे दाने वाले) – 100 ग्रामचीनी – 200 ग्राम / स्वाद अनुसारकेसर – 8–10 धागेड्राई फ्रूट्स (बादाम, काजू, पिस्ता, किशमिश) – 2 बड़े चम्मच विवाह पंचमी के लिए केसरिया खीर कैसे बनाएं? विवाह पंचमी के प्रसाद के लिए खास केसरिया खीर बनाने के लिए सबसे पहले एक भारी तली वाला या नॉन-स्टिक पैन गैस पर रखें और उसमें 1 लीटर दूध डालकर उबालें. पहला उबाल आने पर आंच धीमी कर दें. अब दूध में भिगोया हुआ चावल और केसर डालें और धीमी आंच पर पकने दें, बीच-बीच में चलाते रहें. जब दूध लगभग 70% तक कम हो जाए, तब चीनी डालें और अच्छी तरह घुलने तक लगातार चलाएं. इसके बाद खीर को कलछी से थोड़ा मैश करें ताकि चावल और दूध अच्छे से मिलकर गाढ़ा टेक्सचर दें. अब आधे कटे ड्राई फ्रूट्स खीर में डालकर मिलाएं और गैस बंद कर दें. ऊपर से बाकी ड्राई फ्रूट्स डालें. केसरिया खीर का खास प्रसाद तैयार है. ये भी पढ़ें: Vivah Panchami 2025: आज है विवाह पंचमी, जानें राम–सीता विवाह के इस पावन पर्व की पूजा-विधि और खास उपाय The post Vivah Panchami Prasad Recipe: विवाह पंचमी पर बनाएं शुद्ध और स्वादिष्ट केसरिया खीर का प्रसाद appeared first on Naya Vichar.

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Deep Narayan Singh: वो नेता जो सिर्फ 17 दिनों के लिए बिहार के CM रहें

Deep Narayan Singh: मुजफ्फरपुर के एक छोटे से गांव का नौजवान जो नौकरी छोड़कर आजादी के आंदोलन में उतरा जेल गया. कांग्रेस की पहली पंक्ति का नेता बना और श्रीकृष्ण सिंह का सबसे विश्वसनीय चेहरा बना. पहले बिजली फिर सिंचाई मंत्री और उसके बाद वित्त मंत्री. 1961 में कार्यवाहक CM की शपथ और लगभग डेढ़ दशक बाद, 1975 में किस्मत ने उन्हें एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी के बेहद करीब ला दिया था. 25 नवंबर 1894. मुजफ्फरपुर जिले के पुरनटांड गांव में जन्मे दीप नारायण नौकरी में थे, भविष्य सुरक्षित था. गांधी के सविनय अवज्ञा आंदोलन ने दिशा बदल दी. नौकरी छोड़ी, आंदोलन में उतर गए, जेल गए. कांग्रेस में सक्रिय हुए. 1952 में पहली विधानसभा बनी, तो महनार सीट से विधायक बने. श्रीकृष्ण सिंह ने अपनी कैबिनेट में जगह दी और बिजली–सिंचाई का मंत्रालय सौंपा. कांग्रेस पार्टी के टिकट पर संविधान सभा के लिए भी चुने गए थे. श्रीकृष्ण सिंह का भरोसा—रात में खाट पर सोता हुआ पूरा प्रशासन दीप नारायण पर श्रीकृष्ण सिंह का भरोसा कितना गहरा था. इसकी मिसाल उनके गांव के पुराने लोग आज भी सुनाते हैं. एक बार कार्यक्रम से लौटते हुए श्रीबाबू ने अचानक तय किया कि वे दीप नारायण के गांव जाएंगे और उनकी माताजी का आशीर्वाद लेंगे.अंधेरा था, गांव छोटा, घर और भी छोटा. पूरा प्रशासनी अमला, डीएम, एसपी, डीआईजी सब उनके घर पर ही रुक गए. खाटें पड़ोसियों से मंगाई गईं, जगह न मिलने पर अफसर जमीन पर सोए. अगले दिन यह समाचार राज्य भर में चली मुख्यमंत्री गांव में रात भर खाट पर सोए. 31 जनवरी 1961—पहली बार देश में मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली हुई श्रीकृष्ण सिंह का देहांत हुआ. संविधान में यह स्थिति स्पष्ट नहीं थी. राज्यपाल डॉ. जाकिर हुसैन के सामने बड़ा सवाल था—अब कौन? सबसे सीनियर मंत्री दीप नारायण सिंह को कार्यवाहक मुख्यमंत्री की शपथ दिलाई गई. 1 फरवरी से 17 फरवरी 1961—सिर्फ 17 दिनों तक वो बिहार के मुख्यमंत्री रहे. फिर विनोदानंद झा विधायक दल के नेता बने और नए मुख्यमंत्री. 67 की लहर, टूटती कांग्रेस, नई गोलबंदियां और दीप नारायण की नई राह 1967 से 1972 बिहार की नेतृत्व का तूफानी समय था. प्रशासनें बनती-गिरती रहीं. दीप नारायण ने अपनी सीट बदली, हाजीपुर से चुनाव लड़ा और लगातार जीतते रहे. जब विनोदानंद झा ने कांग्रेस में बगावत की, दीप नारायण भी उनके साथ गए. इस गुट को नाम मिला—लोकतांत्रिक कांग्रेस. इसी टूट-फूट ने बिहार को पहला दलित मुख्यमंत्री दिया, भोला पासवान शास्त्री. इंदिरा गांधी और संगठन कांग्रेस का संघर्ष शुरू हुआ तो दीप नारायण वही नेता बने, जिन्हें दिल्ली अपनी बातचीत का चेहरा बनाना चाहती थी. लेकिन वह किसी के आगे जी हजूरी की नेतृत्व नहीं करते थे. इंदिरा चाहती हैं कि प्रस्ताव सामने वाला रखे और फिर वो उसे मंजूरी दें, दीप नारायण नहीं माने. 2 जनवरी 1975… समस्तीपुर स्टेशन पर बम फट गया जिस दिन बदलाव की शुरुआत होनी थी, उसी दिन ललित नारायण मिश्र समस्तीपुर पहुंचे, रेल लाइन उद्घाटन कार्यक्रम में. वही बम धमाका हुआ. वो बुरी तरह घायल हुए. उस धमाके ने सिर्फ ललित नारायण मिश्र की जान नहीं ली, बिहार का पूरा नेतृत्वक समीकरण बदल दिया. नेतृत्व परिवर्तन टल गया, इमरजेंसी की छाया घनी हो गई और जब परिवर्तन हुआ भी, तब नाम आया—जगन्नाथ मिश्र का. दीप नारायण सिंह की मुख्यमंत्री बनने की संभावना यहीं खत्म हो गई. दीप नारायण 1977 का चुनाव नहीं लड़े. उसी साल 7 दिसंबर को हाजीपुर में उनका निधन हो गया. संदर्भ रामनाथ ठाकुर, कर्पूरी कुंज, सप्तक्रांति के संवाहक, जननायक कर्पूरी कुंज भाग-2 Also Read: Greater Patna Plan: बड़ा फैसला! पटना–सोनपुर में बनेगा नया ग्रेटर पटना, जानें किन 11 शहरों को मिल सकती है सेटेलाइट सिटी की सौगात The post Deep Narayan Singh: वो नेता जो सिर्फ 17 दिनों के लिए बिहार के CM रहें appeared first on Naya Vichar.

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Peanut Snacks Ideas For Kids: सर्दियों में बच्चों को क्या खिलाएं? ट्राय करें ये मूंगफली स्नैक्स ये आइडियाज

Peanut Snacks Ideas For Kids: सर्दियों का मौसम बच्चों के लिए ऊर्जा और पोषण से भरपूर खान-पान का समय होता है. ठंड के दिनों में शरीर को गर्म रखने और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए मूंगफली एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है. इसमें मौजूद हेल्दी फैट, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स बच्चों को इंस्टेंट एनर्जी देते हैं और उन्हें पूरे दिन एक्टिव रखते हैं. मूंगफली से बनने वाले स्नैक्स न सिर्फ स्वादिष्ट होते हैं बल्कि गुड़ के साथ मिलकर ये और भी ज्यादा पौष्टिक बन जाते हैं. चाहे मूंगफली चिक्की हो, गुड़–मूंगफली लड्डू, पीनट बटर टोस्ट या रोस्टेड पीनट मिक्स ये सभी बच्चों के लिए सर्दियों में बेहतरीन हेल्दी स्नैक्स साबित होते हैं. इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि कैसे आप बच्चों के लिए मूंगफली से ये सारी चीजें घर पर आसानी से बना सकते हैं.  क्या सर्दियों में बच्चों को मूंगफली से बनी चीजें खिला सकते हैं? हां, बिल्कुल सर्दियों में मूंगफली बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होती है. इसमें हेल्दी फैट, प्रोटीन और ऊर्जा भरपूर होती है, जो ठंड में शरीर को गर्म रखती है. बच्चों के लिए कौन-कौन सी मूंगफली वाली चीजें बनाई जा सकती है? मूंगफली चिक्कीगुड़–मूंगफली लड्डूमूंगफली चिवड़ारोस्टेड मूंगफली मिक्सपीनट बटर टोस्टमूंगफली–पोहे का स्नैक्सपीनट प्रोटीन बॉल्स क्या मूंगफली चिक्की बच्चों के लिए हेल्दी होता है? हां, अगर गुड़ से बनी हो तो बहुत हेल्दी है. इसमें आयरन, कैल्शियम और इंस्टेंट एनर्जी मिलती है. बच्चों के लिए पीनट बटर अच्छा होता है या नहीं? बच्चों के लिए पीनट बटर अच्छा है लेकिन नेचुरल पीनट बटर चुनें जिसमें शुगर और ऑयल कम हो. यह प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर होता है. क्या मूंगफली चिवड़ा बच्चों के लिए हेल्दी है? हां, बिल्कुल थोड़ा सा रोस्टेड मूंगफली, कुरमुरा, हल्का नमक, हल्दी और घी डालकर बना चिवड़ा बच्चों को बहुत पसंद आता है और हेल्दी भी है. यह भी पढ़ें: Children’s Day Special Fusion Desert: बाल दिवस पर बच्चों को दें मीठा सरप्राइज,  ट्राय करें ये 5 फ्यूजन डेजर्ट रेसिपीज यह भी पढ़ें: Shaadi Special Snacks: शादी में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले 5 लाजवाब स्नैक्स, जानें आसान रेसिपी The post Peanut Snacks Ideas For Kids: सर्दियों में बच्चों को क्या खिलाएं? ट्राय करें ये मूंगफली स्नैक्स ये आइडियाज appeared first on Naya Vichar.

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AUS vs ENG: धैर्य और समझदारी दिखाने… स्टुअर्ट ब्रॉड ने बताया ट्रेविस हेड के खिलाफ गेंदबाजी करने का गुरुमंत्र

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड (AUS vs ENG) के बीच चल रही एशेज 2025 (Ashes 2025) सीरीज में इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड (Stuart Broad) ने ऑस्ट्रेलियाई ओपनर ट्रेविस हेड (Travis Head) को काबू में करने के लिए इंग्लिश पेसर्स को नई रणनीति अपनाने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि हेड पर दबाव बनाकर उन्हें ऐसी स्थिति में लाना होगा जहां वे कुछ अलग करके गलती करें. पर्थ टेस्ट में हेड ने तेज शतक लगाकर इंग्लैंड की गेंदबाजी को बैकफुट पर धकेल दिया था. अब ब्रिस्बेन में होने वाले दूसरे टेस्ट से पहले इंग्लैंड पर नई योजनाएं बनाने का दबाव है. पर्थ में ट्रेविस हेड का तूफान एशेज के पहले टेस्ट में ट्रेविस हेड ने इंग्लैंड के पूरे आक्रमण को ध्वस्त कर दिया. 83 गेंदों पर 123 रन की पारी ने ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ दो दिन में 205 रन के लक्ष्य का पीछा करने में मदद की. नियमित ओपनर उस्मान ख्वाजा की पीठ की समस्या के कारण हेड को प्रमोट किया गया और उन्होंने इसे बड़ा मौका बनाकर दिखाया. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से इंग्लिश गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह बिखर गई. गेंदबाजों की जल्दबाजी पर ब्रॉड की नाराजगी स्टुअर्ट ब्रॉड का मानना है कि जोफ्रा आर्चर और मार्क वुड जैसे तेज गेंदबाज हेड के सामने अधिक जल्दबाजी दिखा बैठे. उनके अनुसार इंग्लैंड के गेंदबाज एक ही तरह की गेंदबाजी करते रहे और हेड ने इसका पूरा फायदा उठाया. ब्रॉड का कहना है कि जब कोई बल्लेबाज इतने आक्रामक अंदाज में स्पोर्ट्स रहा हो, तो गेंदबाजों को धैर्य और समझदारी दिखानी चाहिए. हेड को स्ट्राइक से दूर रखें ब्रॉड ने सुझाव दिया कि इंग्लैंड को हेड को ज्यादा गेंदें स्पोर्ट्सने का मौका नहीं देना चाहिए था. उन्होंने कहा कि गेंदबाज हेड को एक गेंद स्पोर्ट्सने दें और फिर उन्हें स्ट्राइक से दूर रखें. इससे दबाव मार्नस लाबुशेन पर आएगा और हेड लंबे समय तक सिर्फ सिंगल पर नहीं टिक पाएंगे. करीब 40 मिनट की ऐसी रणनीति हेड को परेशान कर सकती है और वे कोई गलत शॉट स्पोर्ट्सकर आउट हो सकते हैं. इंग्लैंड का प्लान गड़बड़ाने का कारण ब्रॉड ने स्वीकार किया कि इंग्लैंड की योजना पूरी तरह हेड के नंबर पांच पर आने के आधार पर बनी थी. लेकिन ख्वाजा की अनुपस्थिति के कारण हेड ओपनिंग में आये, जिससे इंग्लैंड की रणनीति गड़बड़ा गई. नई गेंद पर हेड के खिलाफ टीम ने कोई खास रणनीति तैयार नहीं की थी और यही वजह रही कि इंग्लैंड कप्तान बेन स्टोक्स भी मैदान पर तुरंत समाधान नहीं निकाल पाए. ब्रिस्बेन टेस्ट से पहले इंग्लैंड पर दबाव अब इंग्लैंड के सामने चुनौती है कि ब्रिस्बेन में होने वाले पिंक बॉल टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के खिलाफ नई योजना तैयार की जाए. ब्रॉड को उम्मीद है कि स्टोक्स और कोच ब्रेंडन मैक्कुलम इस ब्रेक का फायदा उठाकर बेहतर रणनीति बनाएंगे. पर्थ में मिली हार ने इंग्लैंड को साफ संदेश दे दिया है कि अगर हेड जैसे बल्लेबाजों पर नियंत्रण चाहिए, तो गेंदबाजी में विविधता, धैर्य और स्मार्ट प्लानिंग जरूरी है. ये भी पढ़ें- टीम को मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा, पर्थ टेस्ट में मिली हार के बाद मार्क वुड ने इंग्लैंड की वापसी पर जताया भरोसा IND vs SA: अनिल कुंबले ने संजू सैमसन के चयन पर उठाए सवाल, तीन विकेटकीपरों की नीति पर बहस तेज The post AUS vs ENG: धैर्य और समझदारी दिखाने… स्टुअर्ट ब्रॉड ने बताया ट्रेविस हेड के खिलाफ गेंदबाजी करने का गुरुमंत्र appeared first on Naya Vichar.

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Rahu Ketu Dosh Marriage Problems: राहु केतु दोष से क्या सचमुच शादी में बन जाते हैं रुकावट?

Rahu Ketu Dosh Marriage Problems: हिंदू ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है, जिनका सीधा असर व्यक्ति के मानसिक, आध्यात्मिक और वैवाहिक जीवन पर बताया जाता है. शादी के संदर्भ में अक्सर कहा जाता है कि जन्म कुंडली में राहु-केतु का दोष होने से विवाह में देरी, गलत जीवनसाथी की चुनौतियां या दांपत्य में तनाव बढ़ सकता है. लेकिन क्या यह वास्तव में पूरी सच्चाई है? राहु-केतु अकेले विवाह तय नहीं करते सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि राहु-केतु अकेले ही विवाह को प्रभावित नहीं करते. यह एक मिथक है कि कुंडली में इन ग्रहों की मौजूदगी से शादी में समस्या होना तय है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, विवाह योग कई ग्रहों—जैसे शुक्र, बृहस्पति, सप्तम भाव और उसके स्वामी—के संयुक्त प्रभाव से बनता है. यदि यह योग मजबूत हो, तो राहु-केतु का प्रभाव काफी हद तक संतुलित हो जाता है. कब असर दिखाते हैं राहु और केतु? हां, कुछ मामलों में राहु सप्तम भाव में होने पर रिश्तों में भ्रम, गलतफहमी और अविश्वास बढ़ा सकता है. वहीं केतु दूरी का भाव ला सकता है. लेकिन यह तभी प्रभावी होता है जब अन्य शुभ ग्रह कमजोर हों. अनुभवी ज्योतिषी एकल ग्रह दोष देखकर भविष्यवाणी नहीं करते, बल्कि समग्र कुंडली, दशा और गोचर को देखते हैं. राहु-केतु से जुड़े सामान्य उपाय उपायों की बात करें तो राहु-केतु से जुड़े भय को कम करने के लिए नियमित ध्यान, मंत्र जाप, गुरुवार का व्रत, और परिवार के बुजुर्गों का सम्मान जैसे सरल उपाय काफी प्रभावी माने जाते हैं. नकारात्मकता कम होती है और मानसिक स्थिरता बढ़ती है, जिससे रिश्तों में सुधार स्वतः आता है. ये भी पढ़ें: हिंदू विवाह में दुल्हन के सिंदूर नाक पर क्यों गिराया जाता है, क्या है इसका शुभ संदेश सच, मिथक और संतुलन राहु-केतु दोष शादी में बाधा बन सकता है—लेकिन हमेशा नहीं. यह आधा-सच है जिस पर कई मिथक खड़े हैं. सही सलाह, संतुलित विश्लेषण और सकारात्मक दृष्टिकोण से विवाह योग बिल्कुल मजबूत किया जा सकता है. The post Rahu Ketu Dosh Marriage Problems: राहु केतु दोष से क्या सचमुच शादी में बन जाते हैं रुकावट? appeared first on Naya Vichar.

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Child Mental Health: अगर बच्चों की मेंटल हेल्थ को लेकर हैं परेशान, तो ऐसे होगा समाधान

Child Mental Health: मानसिक स्वास्थ्य किसी भी व्यक्ति के शारीरिक विकास का मूलभूत हिस्सा है. शिशु के मानसिक स्वास्थ्य को सही रखने में माता-पिता की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होती है. प्यार भीर देखभाल बच्चों के लिए एक मजबूत नींव का निर्माण करती है. इससे शिशु में खुशहाल, स्वस्थ और सुंदर जीवन जीने के लिए सामाजिक और भावनात्मक विकास में सहायता मिलती है. यहां हम आपको बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या समाधान के बारे में जरूरी टिप्स देंगे. प्रेरणा देना जरूरी अपने शिशु को कभी भी नकारात्मक शारीरिक विशेषताओं को लेकर चिंता में न डालें. इससे शिशु अपने शरीर को लेकर असहज महसूस करने लगते हैं. साथ ही शिशु को दूसरों में भी इस चीज को नजरअंदाज करने की आदत डालें. बेहतर होगा कि आप अपने शिशु और दूसरे शिशु में के अच्छे गुण की प्रशंसा करें. अच्छा उदाहरण दें शारीरिक उदाहरण का भी शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ता है. इसलिए जरूरी है कि अपने शिशु को एक्टिव और स्वस्थ रहने के लिए सही आहार लेने की सलाह दें. शिशु को यह भी बताएं कि स्वस्थ आहार लेने से न सिर्फ इंसान बेहतर दिखता है कि बल्कि इसके कई सारे फायदें हैं. समस्या समाधान पर ध्यान दें अगर आपका बच्चा किसी तरह की बदमाशी करता है तो बेहतर होगा उसे डांटे बिना बातचीत करके उसका समाधान निकालें. शिशु के मानसिक स्वास्थ्य के लिए समय-समय पर उनकी समस्या को सुनें और उसका शांति से समाधान निकालने की कोशिश करें. सोशल मीडिया पर ध्यान दें आज के डिजिटल युग में कोई संदेह नहीं है कि शिशु सोशल मीडिया पर जो भी चीजें देखते हैं उसका उन पर प्रभाव भी पड़ता है. सोशल मीडिया की वजह से शिशु ट्रेंडी बनने का प्रयास करते हैं जिसकी वजह से वे कई बार असुरक्षित हो जाते हैं. इसकी वजह से उन्हें बॉडी शेमिंग का भी सामना करना पड़ता है. इसलिए जरूरी है कि अपने शिशु के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल निर्धारित करें. शिशु के साथियों के बारे में जानें हर माता-पिता को हर जानकारी होनी चाहिए कि उनके शिशु के दोस्त कौन हैं. इसके लिए आप शिशु के दोस्तों को घर पर बुलाकर साथ में कुछ समय बिताने को कहें. इससे आपको पता चल पाएगा कि उनके दोस्त अच्छा या बुरा प्रभाव डालने वाले हैं. शिशु की बात सुनें किसी भी माता-पिता को चाहिए कि वह शांत रहकर अपने शिशु की भी बात सुनें. बच्चा अगर किसी मुद्दे पर बात कर रहा है तो उसके नजरिए को समझें और फिर हर बार शिशु को ही दोषी न ठहराएं. इसे भी पढे़ं: Parenting Tips: बात-बात में शिशु पर नहीं पड़ेगी चीखने की जरूरत, बस जान लें ये जरूरी पैरेंटिंग टिप्स The post Child Mental Health: अगर बच्चों की मेंटल हेल्थ को लेकर हैं परेशान, तो ऐसे होगा समाधान appeared first on Naya Vichar.

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FPI बिकवाली के बीच सपाट शुरुआत, निफ्टी फिर 26,000 के पास अटका

Stock Market: मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार हल्की बढ़त के साथ खुले, लेकिन विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की बिकवाली और घरेलू संस्थानों की खरीदारी के बीच इंडेक्स सीमित दायरे में बने रहे. बाजार हर बार रिकॉर्ड स्तर छूने के करीब पहुंच रहा है, लेकिन ऊपरी स्तर पर टिक नहीं पा रहा है. निफ्टी और सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ खुले निफ्टी 50 ने 25,998.50 पर शुरुआत की, जो 39 अंकों (0.15%) की बढ़त दर्शाता है.वहीं, बीएसई सेंसेक्स 85,008.93 पर खुला, जिसमें 108.22 अंकों (0.13%) की बढ़त रही. विशेषज्ञों का कहना है कि इंडेक्स अपने सर्वकालिक उच्च स्तर के करीब आकर भी मजबूती बनाए नहीं रख पा रहा और 26,000 के आसपास ही अटका है. FPI बिकवाली की वजह से बाजार सीमित दायरे में बैंकिंग और मार्केट विशेषज्ञ अजय बागा के अनुसार (ANI), हिंदुस्तानीय बाजार इस समय स्पष्ट रूप से रेंज-बाउंड स्थिति में है. उन्होंने बताया कि FPI की तेज बिकवाली, प्राइमरी मार्केट में भारी फंड जुटाई, प्रमोटर्स की हिस्सेदारी बिक्री और PE फंड्स के निकलने से सेकेंडरी मार्केट की लिक्विडिटी प्रभावित हुई है. FPIs फिलहाल करीब 85% नेट शॉर्ट पोजिशन लेकर चल रहे हैं, जिससे बाजार में दबाव बना हुआ है. हालांकि, सोमवार को RBI के हस्तक्षेप से रुपये में मजबूती देखी गई. RBI गवर्नर के बयान से सेंटीमेंट में सुधार अजय बागा के मुताबिक, RBI गवर्नर का हालिया बयान बाजार के लिए राहत भरा है.उन्होंने संकेत दिया कि हिंदुस्तान में 5 दिसंबर को ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश है, जिससे ऑटो, रियल्टी और फाइनेंशियल सेक्टरों को बढ़ावा मिल सकता है. वहीं, आईटी सेक्टर भी ग्लोबल आईटी खर्च में सुधार के चलते दोबारा रीरेटिंग देख सकता है. ब्रॉडर मार्केट में स्थिरता नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के व्यापक बाजार में भी हल्की मजबूती दिखी निफ्टी 100 — 0.13% की बढ़त निफ्टी मिडकैप — हरे निशान में निफ्टी स्मॉलकैप — सकारात्मक शुरुआत सेक्टोरल इंडेक्स Nifty FMCG — 0.01% गिरावट Nifty Media — 0.15% बढ़त Nifty Auto — 0.01% की मामूली बढ़त Nifty IT — 0.20% ऊपर Nifty Pharma — 0.13% ऊपर Also Read: ये 7 शेयर क्यों बने इंवेस्टर्स की नई पसंद, क्या पैसा लगाना सही? यहां जानें सब कुछ The post FPI बिकवाली के बीच सपाट शुरुआत, निफ्टी फिर 26,000 के पास अटका appeared first on Naya Vichar.

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शी ने मुझे बुलाया है, अब मैं उनसे मिलने जाऊंगा… डोनाल्ड ट्रंप ने जापान से बढ़ते तनाव के बीच बीजिंग से की बातचीत

Donald Trump Xi Jinping talk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि वह अगले साल अप्रैल में चीन की यात्रा करेंगे. यह फैसला उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद लिया गया. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शी को वाशिंगटन में इस साल बाद में एक राज्य (स्टेट) दौरे के लिए भी आमंत्रित किया है. यह दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर करने की दिशा में एक नए प्रयास का संकेत है. इस दौरान दोनों नेताओं ने यूक्रेन, फेंटेनिल, सोयाबीन और कृषि उत्पादों के मुद्दे पर बात की. ट्रंप और जिनपिंग के बीच यह फोन कॉल तीन हफ्ते पहले बुसान, दक्षिण कोरिया में हुई उनकी बेहद सफल मुलाकात के बाद हुई. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में अमेरिका-चीन संबंधों को बेहद मजबूत बताया. ट्रंप ने लिखा कि राष्ट्रपति शी ने उन्हें अप्रैल में बीजिंग आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया और इसके बदले में उन्हें राष्ट्रपति शी जिनपिंग को 2026 में ही बाद में अमेरिका में एक स्टेट विजिट के लिए आमंत्रित किया है. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने नियमित संवाद बनाए रखने के महत्व पर सहमति जताई. कॉल में ताइवान, व्यापार और यूक्रेन पर बातचीत व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि यह कॉल सोमवार सुबह हुई. वहीं बीजिंग की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अतिरिक्त विवरण साझा करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार, ताइवान और यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा की. चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, शी ने दोहराया कि ताइवान का मुख्य भूमि चीन के साथ पुनर्मिलन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है. शी ने ट्रंप से यह भी कहा कि चीन और अमेरिका, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में एक ही पक्ष में लड़ाई लड़ी थी, उन्हें इस जीत की संयुक्त रूप से रक्षा करनी चाहिए और मतभेदों को जिम्मेदारी से प्रबंधित करना चाहिए. ताइवान 1949 में चीन के आंतरिक युद्ध के बाद स्वतंत्र रूप से स्थापित एक शासन व्यवस्था में चल रहा है.  यह कॉल ऐसे समय में हुई है जब जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने सुझाव दिया कि यदि चीन ताइवान पर कार्रवाई करता है, तो जापान की सेना हस्तक्षेप कर सकती है. इस टिप्पणी पर बीजिंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. वहीं अमेरिका की रणनीतिक अस्पष्टता की नीति के तहत वह ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करता, लेकिन कानूनन उसे ताइवान की रक्षा के लिए सैन्य उपकरण उपलब्ध कराना आवश्यक है. हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने ताइवान के लिए 330 मिलियन अमेरिकी डॉलर के हथियार पैकेज को मंजूरी दी, जिस पर बीजिंग ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि यह बिक्री एक-चीन सिद्धांत का गंभीर उल्लंघन है. ट्रंप और जिनपिंग की बातचीत पर अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान. फोटो- सोशल मीडिया. किसकी ओर से किया गया फोन यह फोन किसकी ओर से आया है, इस बात पर भी चर्चा चल रही है. क्योंकि जिस तरह से जापान आक्रामकता की ओर बढ़ रहा है, चीन की समस्या और बढ़ रही है. चीनी हमेशा यह कहते हैं उनके नेता रिक्वेस्ट करने पर फोन उठाते हैं, लेकिन सोमवार को हुई बातचीत में ऐसी कोई बात नहीं लिखी गई थी. वाशिंगटन के एक थिंक टैंक के चीन विशेषज्ञ सन युग ने कहा कि इसका मतलब है कि यह कॉल चीन की ओर से आई थी. जापान की ओर से अपने बॉर्डर पर अब मिसाइल तैनात करने की भी सुगबुगाहट सुनाई दे रही है. वहीं जापान की प्रधानमंत्री का ताइवान पर हमला जापान के अस्तित्व पर चुनौती बनने वाला बयान चीन ने काफी उकसावे वाला माना था. व्यापार और यूक्रेन भी रहे चर्चा में दोनों नेताओं ने व्यापार मुद्दों पर भी बात की, हालांकि किसी भी पक्ष ने किसी बड़ी प्रगति की घोषणा नहीं की. बीजिंग ने कहा कि बुसान शिखर सम्मेलन के बाद से द्विपक्षीय संबंध स्थिर और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और शी ने आने वाले महीनों में और रचनात्मक प्रगति की अपील की है. यूक्रेन पर, शी ने ट्रंप से कहा कि संघर्ष का समाधान जड़ से करना होगा, हालांकि उन्होंने किसी विशिष्ट प्रस्ताव का उल्लेख नहीं किया. ये भी पढ़ें:- बेंजामिन नेतन्याहू का हिंदुस्तान दौरा टला, आतंकी हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंता, साल में तीसरी बार हुआ ऐसा अल्लाह हू अकबर बोलकर चाकू से तीन लोगों पर किया हमला, स्पेनिश पुलिस ने मारी गोली  पेशावर में फूटा बम तो अफगानों के पास भागा पाकिस्तान, शांति के लिए देने लगे इस बात की दुहाई The post शी ने मुझे बुलाया है, अब मैं उनसे मिलने जाऊंगा… डोनाल्ड ट्रंप ने जापान से बढ़ते तनाव के बीच बीजिंग से की बातचीत appeared first on Naya Vichar.

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Mastiii 4 Box Office Collection Day 5: ‘मस्ती 4’ ने 5वें दिन मारी बाजी या हो गई फुस्स? टोटल कलेक्शन देखकर शॉक लग जाएगा

Mastiii 4 Box Office Collection Day 5: फिल्म मस्ती 4 में विवेक ओबेरॉय, रितेश देशमुख और आफताब शिवदासानी की तिकड़ी दिखी है. तीनों एक बार फिर से दर्शकों को हंसाने लौट आए. मूवी मस्ती 4 का हाल बॉक्स ऑफिस पर बेहाल है. फिल्म धीरे-धीरे कमाई कर रही है. फिल्म का मुकाबला बॉक्स ऑफिस पर 120 बहादुर से था, जो मस्ती 4 के साथ ही रिलीज हुई थी. इसके अलावा अजय देवगन और रकुल प्रीत सिंह की दे दे प्यार दे 2 भी सिनेमाघरों में अभी तक टिकी हुई है. चलिए आपको मस्ती 4 के 5वें दिन का कलेक्शन बताते हैं. 5वें दिन मस्ती 4 का कैसा रहा बॉक्स ऑफिस पर हाल? Sacnilk की रिपोर्ट की मानें तो मस्ती 4 ने 5वें दिन 0.04 करोड़ रुपये (अर्ली रिपोर्ट) की कमाई की. जिसके बाद फिल्म की टोटल कमाई 10.04 करोड़ तक पहुंच गई. फिल्म ने सनी लियोनी की मूवी ‘कुछ कुछ लोचा है’ के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. इस फिल्म का हिंदुस्तान में 4 करोड़ रुपये का लाइफटाइम कलेक्शन था. 28 नवबंर को धनुष और कृति सेनन की फिल्म तेरे इश्क में रिलीज हो रही है. उसके बाद फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर टिक पाना थोड़ा मुश्किल होगा. मस्ती 4 ने अब तक किस दिन कितनी कमाई की Mastiii 4 Box Office Collection Day 1- 2.75 करोड़ रुपये Mastiii 4 Box Office Collection Day 2- 2.75 करोड़ रुपये Mastiii 4 Box Office Collection Day 3- 3 करोड़ रुपये Mastiii 4 Box Office Collection Day 4- 1.5 करोड़ रुपये Mastiii 4 Box Office Collection Day 5- 0.04 करोड़ रुपये (अर्ली रिपोर्ट) कुल कमाई- 10.04 करोड़ रुपये मस्ती 4 में किसका कैमियो है? मस्ती 4 में नरगिस फाकरी, तुषार कपूर और अरशद वारसी का कैमियो रोल है. फिल्म का निर्देशन मिलाप जावेरी ने किया है. मूवी की हीरोइन एलनाज नोरौजी, रूही सिंह और श्रेया शर्मा हैं. यह भी पढ़ें- Mastiii 4 Box Office Records: बॉक्स ऑफिस पर ‘मस्ती 4’ का धमाका, विवेक ओबेरॉय- आफताब शिवदासानी की इन फिल्मों का तोड़ा रिकॉर्ड The post Mastiii 4 Box Office Collection Day 5: ‘मस्ती 4’ ने 5वें दिन मारी बाजी या हो गई फुस्स? टोटल कलेक्शन देखकर शॉक लग जाएगा appeared first on Naya Vichar.

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Birthday Gift Ideas For Husband: पति के जन्मदिन के मौके पर दें स्पेशल तोहफा, जानिए बर्थडे गिफ्ट आइडियाज

Birthday Gift Ideas For Husband: पति के बर्थडे को यादगार बनाना हर पत्नी की चाहत होती है. जन्मदिन को स्पेशल बनाने के लिए एक यादगार और खास गिफ्ट देना एक अच्छा आइडिया है. आपका दिया हुआ प्यार भरा गिफ्ट पति चेहरे पर मुस्कान लाएगा और आपके रिश्ते में प्यार और अपनापन भी बढ़ाएगा. अगर आपके भी पति का जन्मदिन जल्द आने वाला है तो आप इस आर्टिकल में कुछ आइडियाज के बारे में जान सकती हैं.  फुटवियर गिफ्ट करें  अपने पति के जन्मदिन के मौके पर आप फुटवियर गिफ्ट कर सकती हैं. आप पति के स्टाइल को ध्यान में रखते हुए फॉर्मल या कैजुअल शूज को गिफ्ट में दे सकती हैं. एक अच्छा फुटवियर आपके पति के लुक को कम्प्लीट करने में मदद करेगा.  स्वेटर या कोट गिफ्ट करें  अगर आपके पति का बर्थडे ठंड के दिनों में आता है तो स्वेटर या कोट गिफ्ट करना एक अच्छा आइडिया है. आप उनकी पसंद और स्टाइल के हिसाब से वूलन स्वेटर, जैकेट या कोट को चुन सकती हैं. आप चाहें तो जैकेट, स्वेटर या कोट के साथ मैचिंग मफलर भी गिफ्ट में दे सकती हैं.  बैग गिफ्ट करें  आप अपने पति को एक खूबसूरत ऑफिस बैग गिफ्ट कर सकती हैं. इसका इस्तेमाल वह रोज कर सकते हैं. आप ऐसा बैग गिफ्ट करें जिसमें लैपटॉप और जरूरी चीजों को आसानी से रखा जा सकता है. अगर आपके पति को ट्रैवल करना पसंद है तो आप उन्हें एक स्टाइलिश ट्रैवल बैग गिफ्ट कर सकती हैं.  ब्रेसलेट गिफ्ट करें  पति के बर्थडे पर स्पेशल और यादगार गिफ्ट देने की सोच रही हैं तो ब्रेसलेट गिफ्ट करना एक अच्छा ऑप्शन है. आप गोल्ड, सिल्वर या लेदर के ब्रेसलेट गिफ्ट कर सकती हैं. ब्रेसलेट पहनकर आपके पति का लुक स्टाइलिश नजर आएगा.  यह भी पढ़ें– Anniversary Gift Ideas For Wife: शादी की सालगिरह को बनाएं और भी खास, पत्नी को गिफ्ट करें ये चीजें, देखते ही चेहरे पर आ जाएगी मुस्कान यह भी पढ़ें: Long Distance Relationship Surprise Ideas: पार्टनर से रहते हैं दूर, तो इन तरीकों से प्यार जताएं, ट्राई करें ये आसान सरप्राइज आइडियाज  The post Birthday Gift Ideas For Husband: पति के जन्मदिन के मौके पर दें स्पेशल तोहफा, जानिए बर्थडे गिफ्ट आइडियाज appeared first on Naya Vichar.

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