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December 6, 2025

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भारत रूस की दोस्ती ट्रंप के कारण, उन्हें नोबेल पुरस्कार दिया जाना चाहिए, अमेरिका पाखंडी है; पूर्व पेंटागन अधिकारी का तंज

Donald Trump India Russia Relation Nobel Prize: रुस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन अपनी दो दिन की शानदार यात्रा के बाद अपने देश लौट गए. उनकी इस यात्रा पर दुनिया भर की नजरें टिकी थीं. हिंदुस्तानीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच बेहद गर्मजोशी देखने को मिली. इस पर एक पूर्व पेंटागन अधिकारी ने अपना नजरिया पेश किया है. उनका कहना है कि नई दिल्ली में पुतिन को मिला गर्मजोशी भरा स्वागत वास्तव में मॉस्को के कारण नहीं, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप की वजह से है और इसके लिए वह नोबेल पीस प्राइज के हकदार हैं. पूर्व पेंटागन अधिकारी माइकल रुबिन ने यह भी टिप्पणी की कि अमेरिका पुतिन की हिंदुस्तान यात्रा को किस नजर से देख रहा है. रुबिन ने एएनआई से कहा- रूस के दृष्टिकोण से यह यात्रा बेहद सकारात्मक है. हिंदुस्तान ने व्लादिमीर पुतिन को ऐसे सम्मान दिए हैं जो उन्हें दुनिया में शायद ही कहीं और मिल पाते. मैं तो यह भी कहूंगा कि हिंदुस्तान और रूस को इतने करीब लाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप नोबेल पुरस्कार के हकदार हैं. उन्होंने आगे कहा- इनमें से कितने समझौते (MoUs) वास्तव में लागू होंगे? अभी लिए जा रहे फैसले दिल से जुड़ी साझी रुचियों के कारण हैं, या फिर उनमें कितनी प्रेरणा उस नाराजगी से आती है, जो राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी और व्यापक तौर पर हिंदुस्तान के साथ जताई है? यह देखने वाली बात होगी.  रुबिन ने यह भी कहा कि अमेरिका में पुतिन की हिंदुस्तान यात्रा को दो दृष्टिकोणों से देखा जा रहा है. एक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भयावह अक्षमता के रूप में देखा जा रहा है. दूसरा हालिया सर्वेक्षणों के अनुसार जो अमेरिकी ट्रंप को नापसंद करते हैं, वे मान रहे हैं कि ट्रंप ने हिंदुस्तान के साथ रिश्ते कैसे खराब कर दिए.  उन्होंने कहा- ट्रंप दिखाना चाह रहे हैं कि हिंदुस्तान का रूस के साथ यह नजदीकी रिश्ता है, जिसे ट्रंप अपना नेतृत्वक नैरेटिव बनाना चाहते हैं. क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप कभी स्वीकार नहीं करेंगे कि गलती उनकी है. वहीं अगर आप उन 65% अमेरिकियों में से हैं जो हालिया सर्वे के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप को नापसंद करते हैं, तो हम आज जो देख रहे हैं वह डोनाल्ड ट्रंप की भारी अक्षमता का नतीजा है… हममें से कई अभी भी हैरान हैं कि कैसे डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-हिंदुस्तान संबंधों को पलट दिया. कई लोग पूछते हैं कि आखिर डोनाल्ड ट्रंप को प्रेरित क्या करता है. #WATCH | Washington, DC, USA | “Donald Trump deserves a Nobel Prize for bringing India and Russia together the way he did”, says Former Pentagon official Michael Rubin on Russian President Vladimir Putin’s visit to India. He further says, “From Russia’s perspective, the visit… pic.twitter.com/vYXcVTwP7M — ANI (@ANI) December 5, 2025 हिंदुस्तान का रुख एकमद जायज माइकल रुबिन ने आगे कहा कि अमेरिका हिंदुस्तान को रियायती दरों पर रूस से तेल खरीदने पर लेक्चर देकर पाखंडी बन रहा है, जबकि वॉशिंगटन खुद भी रूस के साथ व्यापार करता है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान अपनी जरूरतों को प्राथमिकता दे रहा है और यह बिल्कुल जायज है.  एएनआई से बातचीत में रुबिन ने कहा- अमेरिकी यह नहीं समझते कि हिंदुस्तानीय नागरिकों ने प्रधानमंत्री मोदी को हिंदुस्तानीय हितों की रक्षा के लिए चुना है. हिंदुस्तान दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है. यह जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी वित्तीय स्थिति बनेगा, और इसके लिए उसे ऊर्जा चाहिए. अमेरिका पाखंडी बन रहा है क्योंकि हम खुद रूस से खरीदते हैं. हम ऐसे सामान और सामग्री खरीदते हैं जिनके लिए हमारे पास कोई वैकल्पिक बाजार नहीं है. ऐसे में हम हिंदुस्तान को लेक्चर दे रहे हैं, जो गलत है. ये भी पढ़ें:- पुतिन की सीक्रेट बेटी से यूक्रेन युद्ध पर हुए सवाल, कौन हैं लुइजा रोजोवा जो अब चर्चा में आखिरकार डोनाल्ड ट्रंप को मिला पीस प्राइज, खुद ही उठाकर पहना मेडल, FIFA ने दिया अपना पहला सम्मान अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच फिर छिड़ी जंग, रात भर चलीं गोलियां, पाक आर्मी भागी-तालिबान ने भी खाली किया बॉर्डर इलाका The post हिंदुस्तान रूस की दोस्ती ट्रंप के कारण, उन्हें नोबेल पुरस्कार दिया जाना चाहिए, अमेरिका पाखंडी है; पूर्व पेंटागन अधिकारी का तंज appeared first on Naya Vichar.

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वाह क्या प्यार हैं! विराट कोहली अगर यह वीडियो देख लेंगे तो आखों में आ जाएंगे आंसू, देखें Video

Virat Kohli Fan Kissed TV: विराट कोहली (Virat Kohli) जब बैटिंग करते हैं तो पूरा देश टीवी के सामने बैठ जाता है और शतक की दहलीज पर पहुंचते ही धडकने भी तेज हो जाती हैं. हिंदुस्तान और साउथ अफ्रीका (IND vs SA) के बीच चल रही वनडे सीरीज में कोहली ने लगातार दो शतक जमाकर न सिर्फ टीम इंडिया की ताकत दिखायी बल्कि फैंस के दिल भी जीत लिये. इन्हीं पलों के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें एक बुजुर्ग स्त्री कोहली के 53वें वनडे शतक पर ऐसी खुश हुई कि खुद को रोक न सकी और खुशी में टीवी को ही किस कर लिया. यह नजारा हर फैन के जज्बात को बयां कर रहा है. (Old Lady Fan Kissed TV After Virat Kohli 53rd Century). कोहली का लगातार दूसरा शतक रांची में पहले वनडे में 135 रन की पारी स्पोर्ट्सकर कोहली ने बता दिया था कि ब्रेक के बाद उनका तेवर पहले जैसा ही है. फिर रायपुर में दूसरे मुकाबले में उन्होंने 102 रन बनाकर लगातार दूसरा शतक ठोक दिया. उनकी इस पारी ने हिंदुस्तान को 358 का मजबूत स्कोर दिलाया. हालांकि मैच हिंदुस्तान हार गया लेकिन कोहली की बैटिंग ने एक बार फिर सभी को उनके क्लास का अहसास कराया. सिर्फ दो मैचों में 237 रन और 118 से ज्यादा की औसत बता रही है कि वह वनडे में फिर अपने चरम पर लौट चुके हैं. Viral Video में दादी की खुशी सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो कोहली की लोकप्रियता का असली सबूत है. वीडियो में एक बुजुर्ग स्त्री टीवी के सामने हाथ जोड़कर कोहली के शतक के लिए दुआ करती दिखती है. जैसे ही कोहली शतक पूरा करते हैं, स्त्री खुशी से झूम उठती है, हाथ थपथपाती है और फिर टीवी स्क्रीन को किस कर लेती है. वीडियो देख कर यह साफ समझ आता है कि कोहली सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं बल्कि करोड़ों दिलों की धड़कन हैं. उनकी हर पारी फैंस के लिए एक जश्न बन जाती है. View this post on Instagram A post shared by Sayan I India🇮🇳 I (@sayansstoryshots__) साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोहली का दबदबा कायम कोहली के करियर में साउथ अफ्रीका हमेशा उनकी पसंदीदा टीमों में रही है. इस सीरीज के बाद उनका रिकॉर्ड और मजबूत हो गया है. उन्होंने अब तक 1741 रन ठोके हैं जिनमें 6 शतक और 8 अर्धशतक शामिल हैं. लगभग 70 की औसत के साथ वह इस टीम के खिलाफ हिंदुस्तान के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं. हर मैच में उनके रन टीम इंडिया के बैटिंग ऑर्डर की रीढ़ की तरह नजर आते हैं. 2027 विश्व कप की तैयारी लगातार दो शतक ने यह संदेश भी दे दिया है कि कोहली अभी बहुत क्रिकेट स्पोर्ट्सने वाले हैं और 2027 विश्व कप उनकी नजर में है. टेस्ट और टी20 से दूरी बनाने के बाद वह पूरी फोकस के साथ वनडे फॉर्मेट स्पोर्ट्स रहे हैं. समाचार है कि तीसरे वनडे के बाद बीसीसीआई. चयनकर्ताओं और कोच गौतम गंभीर के साथ उनके भविष्य को लेकर अहम बैठक होगी. इसके साथ ही कोहली ने दिल्ली के लिए विजय हजारे ट्रॉफी स्पोर्ट्सने की उपलब्धता भी दे दी है. इससे यह साफ है कि वह अगले तीन साल वनडे क्रिकेट में हिंदुस्तान की बडी योजना का हिस्सा बने रहेंगे. नया विचार पॉडकास्ट में रवि शास्त्री 7 दिसंबर को ये भी पढ़ें- अरे प्रभु कहां थे! ये आ गए होते इंटरनेशनल क्रिकेट में तो अंपायर फील्ड छोड़ के भाग जाते, देखें Viral Video Viral Video: हाय मोरे राम! कौन है ये बॉलर, वीडियो देख के 440 वोल्ट से ज्यादा झटका लगेगा IND vs SA 3rd ODI: पिच से किसे मिलेगी मदद, क्या टॉस जीतने वाले कप्तान को मिलेगा फायदा? जानें सबकुछ The post वाह क्या प्यार हैं! विराट कोहली अगर यह वीडियो देख लेंगे तो आखों में आ जाएंगे आंसू, देखें Video appeared first on Naya Vichar.

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Ambedkar Jayanti Speech for Kids: बाबा आंबेडकर की जयंती पर 3 छोटे भाषण, झट से हो जाएगा याद

Ambedkar Jayanti Speech for Kids: आज हम एक ऐसे महान व्यक्ति को याद करेंगे, जिन्होंने न केवल कानून और संविधान को आकार दिया, बल्कि समाज में समानता, न्याय और मानवाधिकारों की नींव मजबूती से रखी. हम बात कर रहे हैं, बाबा साहेब आंबेडकर की. आंबेडकर दलित, मजदूर, स्त्रीएं और वंचित वर्गों के हक के लिए आवाज उठाते थे. उन्होंने हमेशा शिक्षा को महत्व दिया. उनका जीवन, उनके विचार और संघर्ष हमें प्रेरित करता है.  Ambedkar Jayanti Speech for Kids: भाषण 1 आज हम बाबा साहेब आंबेडकर को नमन करते हैं, जिन्होंने समाज में बराबरी और न्याय की लड़ाई लड़ी. उन्होंने हमें सिखाया कि शिक्षा ही वह शक्ति है जो इंसान की किस्मत बदल सकती है. उनका जीवन संघर्षों से भरा था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. उनके संविधान ने हर नागरिक को अधिकार और अवसर दिए. आज का दिन हमें याद दिलाता है कि अगर हम एक बेहतर और समतामूलक हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं, तो बाबा साहेब के विचारों को अपने व्यवहार में लाना होगा. Ambedkar Jayanti Speech for Kids In Hindi: भाषण 3 आज बाबा साहेब आंबेडकर को याद करते हुए हम उनके महान योगदान को याद कर रहे हैं. उन्होंने कहा था, “मैं उस धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाए.” यह विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं. उन्होंने समाज में जागरूकता पैदा की, लोगों को अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की हिम्मत दी. उनकी सोच आधुनिक हिंदुस्तान की नींव है. हमें उनके सपने के हिंदुस्तान एक समतामूलक, शिक्षित और जागरूक राष्ट्र, को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना होगा. यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. The post Ambedkar Jayanti Speech for Kids: बाबा आंबेडकर की जयंती पर 3 छोटे भाषण, झट से हो जाएगा याद appeared first on Naya Vichar.

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New Rail Line Bihar: रक्सौल से काठमांडू तक नई रेल लाइन के लिये DPR इस महीने होगा तैयार, जानिये ये बड़े अपडेट्स

New Rail Line Bihar: बिहार में रेल प्रोजेक्ट्स पर तेजी से प्रशासन ने काम करना शुरू कर दिया. डीडीयू-झाझा तीसरी और चौथी रेल लाइन के बाद अब रक्सौल से काठमांडू तक रेल लाइन बिछाने को लेकर बड़ा अपडेट आ गया है. दरअसल, रक्सौल से काठमांडू तक रेल लाइन बिछाने के लिये जमीन सर्वे का काम इसी महीने पूरा हो जायेगा. इसके साथ ही संभावना जताई जा रही है कि 2026 के जनवरी महीने तक डीपीआर तैयार कर लिया जायेगा. डीपीआर तैयार होते ही टेंडर की प्रक्रिया होगी शुरू डीपीआर तैयार होते ही रेल लाइन बिछाने को लेकर टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. जानकारी के मुताबिक, लगभग 80 प्रतिशत तक काम कोंकण रेलवे सर्वेक्षण की तरफ से पूरा किया जा चुका है. दिसंबर महीने में ही इससे जुड़ी रिपोर्ट सौंप दी जायेगी. जिसके बाद डीपीआर तैयार होगा. इस रेल लाइन के बनने से बिहार और नेपाल के बीच आना-जाना आसान हो सकेगा. इसके साथ ही यह रेल लाइन दिल्ली से नेपाल ट्रेन सेवा से जुड़ सकता है. लोगों के समय की होगी बचत रक्सौल से काठमांडू तक नई रेल लाइन बिछने से लोगों के समय की बचत हो सकेगी. अभी लगभग 136 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब 5 घंटे लगते हैं. लेकिन नई रेल लाइन के बनने से यात्रियों को सफर पूरा करने में लगभग तीन घंटे ही लगेंगे. जानकारी के मुताबिक, 13 स्टेशन रक्सौल से काठमांडू के बीच बनाये जायेंगे. इस पर लगभग 25 हजार करोड़ रुपये होने की संभावना जताई गई है. लेकिन, यह खर्च बढ़ भी सकता है. डीडीयू-झाझा तीसरी और चौथी रेल लाइन को भी मिली थी मंजूरी मालूम हो, इससे पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना जंक्शन और किऊल होते झाझा तक लगभग 400 किलोमीटर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जाने को लेकर स्वीकृति दी गई थी. यह काम मार्च 2026 में शुरू हो जायेगा. जानकारी के मुताबिक, इसके लिए रेलवे बोर्ड ने लगभग 17 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है. निर्माण कार्य तेजी से हो इसके लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल और किऊल-झाझा जैसे छोटे-छोटे रेल खंडों में बांटा गया है. Also Read: Tej Pratap Yadav: तेजप्रताप यादव के प्राइवेट आवास पर 3.56 लाख का बिजली बकाया, लालू के बेटे ने 3 साल से नहीं भरा बिल The post New Rail Line Bihar: रक्सौल से काठमांडू तक नई रेल लाइन के लिये DPR इस महीने होगा तैयार, जानिये ये बड़े अपडेट्स appeared first on Naya Vichar.

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Sushi Rice Recipe: कुकर में आसानी से बनाएं परफेक्ट सुशी राइस

Sushi Rice Recipe: हिंदुस्तान में इंटरनेशनल क्यूज़ीन का ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है और इनमें सुशी राइस सबसे ज्यादा पॉपुलर हो रहा है. वेस्टर्न फ्यूजन और जापानी फ़ूड के शौकीन लोग अब घर पर ही आसानी से सुशी राइस बनाना चाहते हैं. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि सुशी राइस कैसे बनता है, किन Ingredients की जरूरत होती है और इसे प्रेशर कुकर में कैसे तैयार किया जा सकता है तो यहां से ले पुरी जानकारी. सुशी राइस बनाने के लिए किन सामग्री की आवश्यकता होती है (What are the Ingredients for Sushi Rice) 1 कप जापानी शॉर्ट ग्रेन राइस 1¼ कप पानी 2 बड़े चम्मच राइस विनेगर 1 बड़ा चम्मच चीनी ½ छोटा चम्मच नमक कुकर में परफेक्ट सुशी राइस कैसे बनाएं? (How to Make Perfect Sushi Rice at Home in a Cooker) Perfect sushi rice recipe at home सबसे पहले राइस को 5–6 बार धोएं जब तक पानी साफ न हो जाए. इससे अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है. 20 मिनट के लिए भिगोकर छोड़ दें. अब कुकर में पकाने के लिए: कुकर में 1 कप चावल + 1¼ कप पानी डालें. एक सीटी आने दें और गैस बंद कर दें. कुकर को 10 मिनट तक नैचुरली प्रेशर रिलीज़ होने दें. सीजनिंग तैयार करें – एक बाउल में राइस विनेगर + चीनी + नमक मिलाकर घोल लें. चावल को धीरे-धीरे फैला दें और ऊपर से यह विनेगर मिक्स डालकर लकड़ी के स्पैचुला से धीरे मिलाएं. आपका सुशी राइस तैयार है. क्या नॉर्मल चावल को सुशी राइस में बदला जा सकता है? हां, कर सकते हैं लेकिन रिज़ल्ट 100% ऑथेंटिक नहीं होगा क्यूंकी नॉर्मल चावल (खासकर बासमती) उतना चिपचिपा नहीं होता. सुशी राइस क्या होता है? सुशी चावल को हिंदी में क्या कहते हैं? सुशी राइस एक विशेष तरह का शॉर्ट-ग्रेन जापानी चावल होता है, जो पकने पर चिपचिपा (sticky) हो जाता है. हिंदी में इसे चिपचिपा जापानी चावल या सुशी चावल कहा जाता है. 1 कप सुशी राइस में कितना विनेगर डालना चाहिए? कप सुशी राइस के लिए 2 बड़े चम्मच राइस विनेगर बिल्कुल सही मात्रा है. इसके साथ बैलेंस के लिए 1 बड़ा चम्मच चीनी, ½ छोटा चम्मच नमक डालें. Also Read: Perfect Steamed Rice Recipe: बिना स्टीमर के घर पर बनाएं परफेक्ट स्टीम राइस – जानें आसान तरीका Also Read: Perfect Jeera Rice Recipe: प्रेशर कुकर में इस तरह बनाएं परफेक्ट जीरा राइस – पढ़ें आसान रेसिपी The post Sushi Rice Recipe: कुकर में आसानी से बनाएं परफेक्ट सुशी राइस appeared first on Naya Vichar.

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CM Yogi News : संस्कृति समाप्त हुई तो राष्ट्र की पहचान भी मिट जाएगी, बोले सीएम योगी

CM Yogi News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की असली पहचान उसकी संस्कृति, परंपराएं और उसके महापुरुष होते हैं। यदि राष्ट्र की संस्कृति समाप्त हो जाए तो वह अपनी एकात्मता और पहचान दोनों खो देता है। उन्होंने कहा कि जब भी देश किसी संकट से गुजरता है, तब महापुरुषों का शौर्य, पराक्रम और बलिदान नई ऊर्जा देता है और आगे बढ़ने की प्रेरणा बनता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (सेवानिवृत्त) ने औपचारिक रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया. महापुरुषों का जीवन राष्ट्र के लिए ऊर्जा स्रोत सीएम योगी ने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई और हिंदुस्तान की सीमाओं की रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों को स्मरण करते हुए कहा कि ये सभी राष्ट्र के लिए प्रेरणा पुंज हैं. उन्होंने कहा कि पर्व और परंपराएं हमारे मतभेदों को मिटाकर ‘एक हिंदुस्तान- श्रेष्ठ हिंदुस्तान’ की भावना को मजबूत करती हैं. 1932 में महंत दिग्विजयनाथ महाराज ने की थी स्थापना मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ महाराज द्वारा वर्ष 1932 में स्थापित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद केवल एक शैक्षिक संस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक मजबूत स्तंभ बन चुकी है. उन्होंने परिषद के अध्यक्ष रहे स्मृतिशेष प्रो. यूपी सिंह सहित अन्य दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की. शताब्दी की ओर बढ़ रही परिषद, आत्ममंथन का समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिषद अगले छह वर्षों में अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश करेगी. ऐसे में यह समय आत्ममंथन का है कि बीते 100 वर्षों में समाज और राष्ट्र के प्रति हमारी भूमिका कैसी रही और आने वाली चुनौतियों के लिए हम स्वयं को कैसे तैयार कर रहे हैं. संस्थापकों ने महाराणा प्रताप के आदर्श को छात्रों के सामने रखा, जो आज भी प्रासंगिक है. शिक्षा के साथ स्वास्थ्य, कृषि और तकनीक पर भी जोर सीएम योगी ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, कृषि, तकनीकी शिक्षा और स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रही है. महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, वहीं तकनीकी संस्थानों के जरिए युवाओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जा रहा है. संस्थापक समारोह आत्मावलोकन का अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थापक समारोह का उद्देश्य केवल उत्सव नहीं, बल्कि कर्तव्यों और तैयारियों का आत्मावलोकन करना है। यह तय करने का अवसर है कि भावी हिंदुस्तान के निर्माण में हमारी भूमिका क्या होगी और हम आने वाली पीढ़ियों को क्या दिशा देंगे. शिक्षण संस्थानों को बनना होगा मॉडल स्टडी मुख्यमंत्री योगी ने महंत दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज की शोध पत्रिका ‘दिग्विजयम्’ और महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज की ‘मिशन मंझरिया’ परियोजना की सराहना की. उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता अभियान जैसे कार्यों के जरिए मॉडल स्टडी बनना होगा, ताकि समाज में समानता और शिक्षा का विस्तार हो सके. निरक्षरता सामाजिक असमानता का बड़ा कारण सीएम योगी ने कहा कि अयोग्यता या निरक्षरता किसी व्यक्ति की कमी नहीं, बल्कि यह शैक्षिक समाज के लिए एक चेतावनी है. उन्होंने परिषद से जुड़े संस्थानों द्वारा समाज सेवा, वंचित वर्गों की शिक्षा और जनजातीय क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना की. ये रहे कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मौजूद कार्यक्रम में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, कुलपति प्रो. पूनम टंडन, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, इंजीनियर सरवन निषाद, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रतनपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे. The post CM Yogi News : संस्कृति समाप्त हुई तो राष्ट्र की पहचान भी मिट जाएगी, बोले सीएम योगी appeared first on Naya Vichar.

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पटना में आधार कार्ड अपडेट कराना हुआ आसान, नए साल से बांकीपुर डाकघर में सुबह 8 से रात 8 तक मिलेगी सुविधा

Patna News: पटना के बांकीपुर डाकघर में नये साल से आधार सेवाओं को बड़ा विस्तार मिलने जा रहा है. आम लोगों की बढ़ती भीड़ और परेशानियों को देखते हुए डाक विभाग इसकी तैयारी में जुटा है. जानकारी के अनुसार एक जनवरी से यहां सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक आधार-संबंधित सभी कार्य उपलब्ध होंगे. डाक विभाग के अनुसार, आधार कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए हिंदुस्तानीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) से 18 चयनित कर्मचारियों को यूजर आइडी जारी करने का अनुरोध भेजा गया है. कर्मचारियों के चयन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है. पटना जीपीओ के बाद बांकीपुर सबसे व्यस्त केंद्र जानकारी के मुताबिक, पटना जीपीओ के बाद दूर-दराज के जिलों से आने वाले लोग अब बांकीपुर डाकघर का रुख कर रहे हैं. यहां प्रतिदिन 250 से अधिक लोग आधार कार्य कराने पहुंचते हैं. किसी दिन तो यह आंकड़ा 300 को पार कर जा रहा है. राहत की बात यह है कि अधिकारी देर शाम तक मौजूद रहते हैं और किसी को निराश नहीं लौटना पड़ता. वर्तमान में डाकघर में 10 आधार काउंटर संचालित हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन करीब 220 लोगों के कार्य पूरे किये जा रहे हैं. इसके अलावा, 25-30 लोग फॉर्म जमा करने के बाद इंतजार नहीं करते और अन्य कार्यों में चले जाते हैं, जिससे उनकी बारी छूट जाती है. सुविधाओं का विस्तार लंबी प्रतीक्षा के बावजूद लोगों को सुविधा देने के लिए डाकघर में बड़े स्क्रीन वाली टीवी, पर्याप्त कुर्सियां, पीने के पानी की व्यवस्था उपलब्ध करायी गयी है. मोबाइल नंबर अपडेशन के लिए अलग व्यवस्था मोबाइल नंबर अपडेट कराने वालों की सुविधा के लिए चार पोस्टमैन अलग से तैनात किये गये हैं. यह सेवा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक उपलब्ध है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डाक विभाग के पास सिस्टम और संसाधनों की कोई कमी नहीं है. केवल यूडीआइडीएआइ के सहयोग से कार्य और तेजी से आगे बढ़ेगा. इसे भी पढ़ें: पटना एयर रूट पर हाहाकार, दिल्ली तक का किराया लंदन से भी हुआ महंगा, कब होगा सब ठीक? The post पटना में आधार कार्ड अपडेट कराना हुआ आसान, नए साल से बांकीपुर डाकघर में सुबह 8 से रात 8 तक मिलेगी सुविधा appeared first on Naya Vichar.

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CM Yogi News : खेलोगे तो खिलोगे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौजवानों से कहा

CM Yogi News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौजवानों का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के हर युवा से अपेक्षा करते हैं कि वह किसी न किसी स्पोर्ट्स से अवश्य जुड़े, क्योंकि “स्पोर्ट्सोगे तो खिलोगे”। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि टीम भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के रीजनल स्टेडियम में आयोजित ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज सप्तम अखिल हिंदुस्तानीय प्राइजमनी पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता-2025 के समापन अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विजेता उत्तर प्रदेश और उपविजेता पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर की टीम को पुरस्कृत किया और खिलाड़ियों को बधाई दी. स्वस्थ शरीर से ही संभव है जीवन के सभी लक्ष्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्म, कर्तव्य और जीवन के सभी लक्ष्य स्वस्थ शरीर से ही पूरे किए जा सकते हैं. स्वस्थ शरीर तभी संभव है जब व्यक्ति नियमित रूप से शारीरिक फिटनेस पर ध्यान दे. उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में देश में स्पोर्ट्स संस्कृति को नई पहचान मिली है. आज हिंदुस्तान के खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ और विश्व चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सांसद-विधायक स्पोर्ट्सकूद प्रतियोगिताएं हों या ‘स्पोर्ट्सो इंडिया’ जैसे अभियान, हर स्तर पर खिलाड़ियों को अवसर मिल रहा है. इससे युवाओं में स्पोर्ट्स के प्रति नई जागरूकता पैदा हुई है. यूपी में तेजी से बढ़ रही स्पोर्ट्स सुविधाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले से तीन स्पोर्ट्स कॉलेज थे, लेकिन अब प्रशासन ने निर्णय लिया है कि हर मंडल मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज, हर जिले में स्टेडियम और ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा. गांव-गांव में स्पोर्ट्स मैदान और ओपन जिम बनाए जा रहे हैं. पंचायतों को मिलने वाली वित्तीय धनराशि में भी स्पोर्ट्स गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा रही है. उन्होंने बताया कि मेरठ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय का निर्माण हुआ है और इस वर्ष से वहां पहला शैक्षणिक सत्र भी शुरू हो चुका है. प्रदेश में तैयार की जा रही स्पोर्ट्स सुविधाएं ओलंपिक, एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स के मानकों के अनुरूप विकसित की जा रही हैं. 12 टीमों के 168 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा मुख्यमंत्री ने बताया कि यह प्रतियोगिता लगातार सात वर्षों से आयोजित हो रही है. इस बार प्रतियोगिता में 12 टीमों के 168 खिलाड़ियों और 24 कोच-मैनेजर ने प्रतिभाग किया. इसमें राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, विदर्भ, मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर रेलवे, हिंदुस्तानीय सेना, जेबी एकेडमी और उत्तर प्रदेश की टीमें शामिल रहीं. खिलाड़ियों को मिली प्रशासनी नौकरी और सुरक्षा की गारंटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश प्रशासन खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है. ओलंपिक, एशियन, कॉमनवेल्थ और विश्व चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे प्रशासनी नौकरी दी जा रही है. खिलाड़ियों को डिप्टी एसपी, तहसीलदार समेत विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब यदि कोई खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग लेने जाता है, तो वह समय उसकी प्रशासनी सेवा का हिस्सा माना जाएगा. साथ ही प्रशासनी नौकरी में चयनित खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए पूरा अवसर दिया जाएगा. अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को प्रदेश प्रशासन विभिन्न विभागों में समायोजित कर चुकी है. स्पोर्ट्स से विकसित होता है अनुशासन, सहयोग और आत्मविश्वास मुख्यमंत्री ने कहा कि कबड्डी जैसे स्पोर्ट्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. कबड्डी में रेड, टेकल और बोनस प्वाइंट केवल स्पोर्ट्स नहीं बल्कि नए हिंदुस्तान की ऊर्जा का प्रतीक हैं. स्पोर्ट्स युवाओं में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम वर्क की भावना विकसित करता है. स्पोर्ट्स यह सिखाता है कि सफलता व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास से मिलती है. कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, स्पोर्ट्स निदेशक डॉ. आरपी सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. The post CM Yogi News : स्पोर्ट्सोगे तो खिलोगे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौजवानों से कहा appeared first on Naya Vichar.

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छत्तीसगढ़ में पर्यटन का नया अध्याय, 75 फीसदी सब्सिडी के साथ पर्यटकों के लिए आकर्षक टूर पैकेज

CM Jan Paryatan Yojana: छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द ही करने जा रहे हैं. यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस योजना के अंतर्गत रायपुर से चार प्रमुख टूर पैकेज संचालित किए जाएंगे, जिनमें रायपुर सिटी टूर, रायपुर सिटी धार्मिक टूर, रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर शामिल हैं. प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है. इससे न केवल आर्थिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी.पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह योजना स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराएगी. उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि हर पर्यटक तक पहुँचे.” प्रमुख टूर पैकेज Cm jan paryatan yojana रायपुर सिटी टूर (दिवसीय भ्रमण) इस टूर में पर्यटक रायपुर के प्रमुख स्थलों—राम मंदिर, ऊर्जा पार्क, पुरखौती मुक्तांगन, छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूजियम, नंदनवन जू और कौशल्या माता मंदिर की सैर कर सकेंगे. पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी/अंग्रेजी गाइड, भोजन और यात्रा बीमा शामिल है. प्रस्थान रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा. रायपुर सिटी धार्मिक टूर (दिवसीय भ्रमण) धार्मिक स्थलों पर केंद्रित यह टूर हनुमान मंदिर, मां बंजारी मंदिर, कैवल्य धाम जैन मंदिर, इस्कॉन मंदिर, महामाया मंदिर, दंतेश्वरी माता मंदिर, राम मंदिर और मां कौशल्या माता मंदिर की यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा. इस टूर की शुरुआत और समापन भी रायपुर रेलवे स्टेशन से ही होगा. रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर (02 रातें / 03 दिन) इस पैकेज में बस्तर क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों—जगदलपुर, चित्रकोट, तीरथगढ़—की यात्रा शामिल है. पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और दंतेश्वरी मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे. ठहराव डबल-शेयरिंग होटल में होगा तथा दैनिक भोजन की व्यवस्था रहेगी. रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर (01 रात / 02 दिन) यह टूर सिरपुर के ऐतिहासिक मंदिरों और बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य की सैर करवाएगा. पैकेज में स्नैक्स, भोजन, होटल आवास और वातानुकूलित वाहन शामिल हैं. पर्यटकों को जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव भी मिलेगा. टूर पैकेज की विशेषताएं प्रत्येक पैकेज के लिए कम से कम 10 व्यक्तियों का समूह आवश्यक है. यात्रा के दौरान पर्यटकों को पीने का पानी, स्नैक्स, लंच और ट्रैवल इंश्योरेंस दिया जाएगा. 2 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 85% और 18 वर्ष से अधिक के वयस्कों को 75% सब्सिडी प्रदान की जाएगी.सभी पैकेज रायपुर रेलवे स्टेशन से शुरू और समाप्त होते हैं. स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा इन टूर पैकेजों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाई जा रही है. पर्यटक इन पैकेजों के जरिए प्रदेश की विविधता और समृद्धि का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे. इस योजना से स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी. यह योजना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पर्यटन को बढ़ावा देने की दूरदर्शी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाकर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देना है. इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटक राज्य को नए दृष्टिकोण से जानने-समझने का अवसर प्राप्त करेंगे. मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में पर्यटन को सुलभ, समृद्ध और आकर्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में प्रदेश को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय The post छत्तीसगढ़ में पर्यटन का नया अध्याय, 75 फीसदी सब्सिडी के साथ पर्यटकों के लिए आकर्षक टूर पैकेज appeared first on Naya Vichar.

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UPSSSC PET Result 2025 को लेकर परेशान हुए परीक्षार्थी, वेबसाइट पर दिखा No Records

UPSSSC PET Result 2025: एक तरफ सोशल मीडिया पर समाचारें चल रही हैं कि यूपीएसएसएससी पीईटी परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. वहीं दूसरी ओर ऑफिशियल वेबसाइट ही ठप है. वेबसाइट के नहीं खुलने के कारण कैंडिडेट्स काफी परेशान हैं. सोशल मीडिया पर कई कैंडिडेट्स ने इसकी शिकायत भी की है. वहीं एक यूजर ने पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी है. X पर यूजर ने दी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा, “UPSSSC PET रिजल्ट को लेकर परेशान साथी ध्यान दें. Result किसी का भी Show नहीं हो रहा है इस समय Invalid रजिस्ट्रेशन No या No Records Found Show हो रहा है. आज दोपहर या शाम तक ऑफिशियल परिणाम जारी होगा,और नोटिस भी आएगा, तब आप लोग अपना PET का रिजल्ट देख सकते हैं.” कहां और कैसे चेक करें UPSSSC PET Result? UPSSSC PET Result 2025 चेक करने के लिए UPSSSC की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं, जिसका पता है upsssc.gov.in. रिजल्ट चेक करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov पर जाएं. यहां होमपेज पर “UPSSSC PET Result 2025 / Scorecard” लिंक पर क्लिक करें. नया लॉगिन पेज खुलेगा. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि, और यदि जरूरी हो, जेंडर व कैप्चा डालें. सबमिट करेंऔर अपना रिजल्ट देखें. इसे भविष्य के लिए डाउनलोड कर लें और इसका प्रिंटआउट निकाल लें. यह भी पढ़ें- UPSSSC PET Result 2025: यूपीएसएसएससी PET परीक्षा का रिजल्ट upsssc.gov.in पर, ऐसे करें डाउनलोड The post UPSSSC PET Result 2025 को लेकर परेशान हुए परीक्षार्थी, वेबसाइट पर दिखा No Records appeared first on Naya Vichar.

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