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December 6, 2025

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Darbhanga News: अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन नरमी के मूड में नहीं दरभंगा टावर से दुबारा अतिक्रमणकारियों को हटाया

Darbhanga News: दरभंगा. शहर को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए इस बार प्रशासन सख्त दिख रहा है. लगातार न केवल अभियान चलाकर अलग-अलग प्रमुख मार्गों एवं क्षेत्रों में बुल्डोजर एक्शन को जमीन पर उतार रहा है, बल्कि दुबारा काबिज अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध भी अभियान चलाने से लगता है कि इस बार प्रशासन इस मुद्दे पर नरमी बरतने के मूड में नहीं है. यह सच है कि सड़क एवं फुटपाथ को अतिक्रमण कर दुकान चलाने वाले इससे परेशान जरूर हो रहे हैं, लेकिन बड़ी आबादी प्रशासनिक इस कार्रवाई से राहत महसूस कर रही है. लोग प्रशासन की तारीफ कर रहे हैं. बता दें कि दरभंगा टावर पर पिछले महीने के अंतिम सप्ताह में अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों को हटाया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद फिर से अतिक्रमणकारी काबिज हो गये. शनिवार को नगर निगम के धावादल एवं नगर पुलिस ने संयुक्त रूप से कड़ी कार्रवाई करते हुए न केवल फुटपाथ पर फिर से जमे बैठे कारोबारियों को हटा दिया, बल्कि स्थायी अतिक्रमण पर भी बुल्डोजर चलाया. उल्लेखनीय है कि शहर की हृदयस्थली दरभंगा सालों भर अतिक्रमणकारियों की वजह से कराहती रहती है. इससे न केवल पैदल चलना मुश्किल होता है, बल्कि विरोध करने अथवा वाहन या बदन दुकान के साामान के संपर्क में आते ही ये लोग झगड़ा पर उतारू हो आते हैं. कुछ ऐसा ही हाल आयकर चौराहा का भी है. यहां तो स्थिति इतनी बदतर रहती है कि कई किलोमीटर तक जाम में गाड़ियां फंसी रहती है. जबकि अतिक्रमणकारी महज कुछ मीटर में ही काबिज रहते हैं. जीएम रोड, बेंता, दरभंगा जंक्शन, अललपट्टी, लहेरियासराय टावर, लोहिया चौक, बाकरगंज, मिर्जापुर, कादिराबाद आदि स्थानों पर भी कुछ ऐसा ही हाल होता है. इस बार प्रशासन ने एक-एक कर सभी इलाकों में यह अभियान चलाकर अपने इरादे साफ कर दिये हैं. जीएम रोड व आयकर चौक पर भी चला अभियान शनिवार को प्रशासन का अभियान आयकर चौक से दरभंगा जंक्शन जाने वाले जीएम रोड में भी चलाया गया. इस दौरान सड़क किनारे बनायी गयी झोपड़ियों को हटा दिया गया. दरभंगा टावर की ही तरह फल, सब्जी, नाश्ता, चाय, पान आदि की दुकानों को खाली करा दिया गया. आयकर चौराहे पर भी सड़क किनारे ठेला लगाकर खरीदारों की भीड़ एवं उनकी गाड़ियों से आधी से अधिक सड़क जाम रखने वाले अतिक्रमणकारियों पर भी कार्रवाई की. अतिक्रमणकारियों से वसूला जुर्माना प्रशासन धीरे-धीरे सख्त रूख अख्तियार करता जा रहा है. पहले चेतावनी दी जाती है. उसके बाद हड़काया जाता है. फिर पुलिस की मौजूदगी में स्थल को खाली कराया जाता है. बुल्डोजर से अतिक्रमणमुक्त कराने के बावजूद काबिज होने वालों पर अब जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. आज हुई कार्रवाई के तहत 22 हजार पांच सौ रुपया बतौर जुर्माना वसूला गया. आमजन प्रशासन के इस सख्त रवैये से आने वाले समय में इस अतिक्रमण की समस्या का स्थायी निदान को लेकर उत्साहित हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Darbhanga News: अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन नरमी के मूड में नहीं दरभंगा टावर से दुबारा अतिक्रमणकारियों को हटाया appeared first on Naya Vichar.

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PM Modi: जब दुनिया टुकड़ों में बंटी है, तो भारत सेतु का काम करता है, दुनिया को पीएम मोदी ने दिया बड़ा संदेश

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम में कहा कि अगले 10 वर्षों में देश को गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह आजाद करना है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज हिंदुस्तान हर क्षेत्र औपनिवेशिक मानसिकता को त्याग रहा है. देश गर्व के साथ नयी उपलब्धियों का लक्ष्य बना रहा है. कार्यक्रम में बोलते हुए मोदी ने कहा- हिंदुस्तान में मानसिक गुलामी के बीज बोने वाली मैकाले की नीति 2035 में 200 वर्ष पूरे कर लेगी. इसका मतलब है कि अभी 10 वर्ष बाकी हैं. इसलिए, इन्हीं 10 वर्षों में हम सभी को मिलकर अपने देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त कराना होगा. पीएम मोदी ने कहा- गुलामी की मानसिकता ने हिंदुस्तान के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट कर दिया, लेकिन आज हम इसे पुनर्जीवित कर रहे हैं. विदेशी शासन के काल में भी, हिंदुस्तान अस्त्र-शस्त्र का एक प्रमुख निर्माता था. हमारे पास आयुध कारखानों का एक मजबूत नेटवर्क था. हिंदुस्तान हथियारों का निर्यात करता था, और विश्व युद्धों के दौरान भी, हिंदुस्तान में बने हथियारों की बहुत मांग थी. #WATCH | Delhi: Speaking at the Hindustan Times Leadership Summit, Prime Minister Narendra Modi says, “The mentality of slavery destroyed India’s manufacturing ecosystem, and I will give you some examples of how we are reviving it today. Even during the period of foreign rule,… pic.twitter.com/pt8SKVIKMe — ANI (@ANI) December 6, 2025 हिंदुस्तान दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई वित्तीय स्थिति- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- आज हिंदुस्तान दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख वित्तीय स्थिति है. कई लोग तो हिंदुस्तान को वैश्विक विकास का इंजन कहते हैं. कुछ इसे वैश्विक महाशक्ति भी बताते हैं. उन्होंने का कि आज हिंदुस्तान के बारे में कई उल्लेखनीय बातें कही जा रही हैं. पीएम मोदी ने कहा एक समय था जब हिंदुस्तान में सुधार प्रतिक्रियावादी होते थे यानी बड़े फैसले या तो नेतृत्वक विचारों से प्रेरित होते थे या किसी संकट का प्रबंधन करने के उद्देश्य से. लेकिन आज, सुधार राष्ट्रीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर किए जाते हैं. लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं. इसका प्रतिफल भी दिख रहा है. देश के हर क्षेत्र में सुधार हो रहा है. हमारी गति स्थिर है, हमारी दिशा सुसंगत है, और हमारा इरादा राष्ट्र-प्रथम है. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से गुलामी के लंबे वर्षों ने हिंदुस्तान के आत्मविश्वास को हिला दिया था. इसीलिए आज का हिंदुस्तान गुलामी की इस मानसिकता से खुद को मुक्त करने के लिए काम कर रहा है. #WATCH | Delhi: Speaking at the Hindustan Times Leadership Summit, Prime Minister Narendra Modi says, “There was a time when reforms in India were reactionary, meaning that major decisions were either driven by political considerations or aimed at managing a crisis. But today,… pic.twitter.com/tz1xVFE0Nw — ANI (@ANI) December 6, 2025 जब दुनिया टुकड़ों में बंटी है, तो हिंदुस्तान सेतु का काम करता है- पीएम मोदी कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा- हिंदुस्तान में हो रहे बदलाव सिर्फ संभावनाओं के बारे में नहीं हैं, बल्कि बदलती सोच और दिशा की गाथा हैं. उन्होंने कहा कि हम युद्ध देख रहे हैं, ये स्थितियां किसी न किसी रूप में दुनिया के लिए चुनौती बनी हुई हैं. विश्व अनिश्चितताओं से भरा है, लेकिन हिंदुस्तान को एक अलग ही लीग में देखा जा रहा है. पीएम मोदी ने कहा- हिंदुस्तान आत्मविश्वास से भरा हुआ है. जब आर्थिक सुस्ती की बात होती है, तो हिंदुस्तान विकास की कहानी लिखता है. जब दुनिया में विश्वास की कमी होती है, तो हिंदुस्तान भरोसे का स्तंभ बन रहा है, जब दुनिया टुकड़ों में बंटी है, तो हिंदुस्तान सेतु का काम करता है. #WATCH | Delhi: Speaking at the Hindustan Times Leadership Summit, Prime Minister Narendra Modi says, “When the world talks about a slowdown, India writes the story of growth. When the world is witnessing a crisis of trust, India is becoming a pillar of trust. When the world is… pic.twitter.com/hPmKxWe5TJ — ANI (@ANI) December 6, 2025 दूसरी तिमाही में हिंदुस्तान के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर के आठ फीसदी से अधिक के आंकड़े की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा- यह हमारी गति का प्रतीक है. पीएम मोदी ने कहा यह सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि एक मजबूत व्यापक आर्थिक संकेत है. यह संदेश है कि हिंदुस्तान वैश्विक वित्तीय स्थिति का विकास इंजन बन रहा है. वैश्विक वृद्धि दर लगभग तीन प्रतिशत है, जबकि जी-7 वित्तीय स्थितिएं औसतन लगभग 1.5 फीसदी की दर से बढ़ रही हैं, ऐसे समय में हिंदुस्तान उच्च विकास और कम मुद्रास्फीति का एक मॉडल है. उन्होंने कहा- हमारे देश में एक समय था जब अर्थशास्त्री उच्च मुद्रास्फीति पर चिंता जाहिर करते थे, आज वे निम्न मुद्रास्फीति की बात करते हैं. The post PM Modi: जब दुनिया टुकड़ों में बंटी है, तो हिंदुस्तान सेतु का काम करता है, दुनिया को पीएम मोदी ने दिया बड़ा संदेश appeared first on Naya Vichar.

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साउथ अफ्रीका को रौंदकर भारत ने सीरीज पर किया कब्जा, रोहित-कोहली का मास्टरक्लास, जायसवाल का शतक

IND vs SA: विशाखापत्तनम में स्पोर्ट्से गए आखिरी वनडे मुकाबले में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 9 विकट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 ने अपने नाम कर ली. स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली का मास्टरक्लास देखने को मिला और दोनों ने अर्धशतक जड़ा. सबसे अच्छी बात यह रही कि पिछले कुछ मैचों से फ्लॉप चल रहे सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने नाबाद शतक जड़ा. दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज केवल रोहित शर्मा को आउट कर पाए, उसमें भी काफी देर हो गई, क्योंकि हिंदुस्तान को जीत के लिए 100 से भी कम रनों की जरूरत थी. दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया को 170 रनों का लक्ष्य दिया और हिंदुस्तान ने उस लक्ष्य को 39.5 ओवर में हासिल कर लिया. मतलब हिंदुस्तान 10 से ज्यादा ओवर पहले मैच जीत गया. जायसवाल ने नाबाद 116 रनों की पारी स्पोर्ट्सी, जबकि कोहली ने 45 गेंद पर नाबाद 65 रन जड़े. इससे पहले रोहित शर्मा 73 गेंद पर 75 रन बनाकर आउट हुए. रोहित ने इस मैच में अपना 20000 रन भी पूरा किया. India crush South Africa to win ODI series Rohit Kohli masterclass Jaiswal century साउथ अफ्रीका ने हिंदुस्तान को दिया था 271 रनों का लक्ष्य इससे पहले हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने प्रोटियाज को 47.5 ओवर में 270 रन के स्कोर पर रोक दिया, जिसमें क्विंटन डिकॉक ने 89 गेंदों पर 106 रनों की शानदार पारी स्पोर्ट्सी, जिसमें आठ चौके और छह छक्के शामिल थे. हिंदुस्तान के लिए, कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने चार-चार विकेट लिए. पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद, दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पारी की शुरुआत खराब तरीके से की. मेहमान टीम ने अपने सलामी बल्लेबाज रयान रिकेल्टन को पहले ही ओवर में चार गेंदों पर शून्य पर खो दिया. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने केएल राहुल के हाथों स्टंप के पीछे आसान कैच कराकर रिकेल्टन को आउट किया. Virat Kohli wraps the chase in style! 👌👌 A commanding 9⃣-wicket victory in Vizag 🔥 With that, #TeamIndia clinch the ODI series by 2⃣-1⃣ Scorecard ▶️ https://t.co/HM6zm9o7bm#INDvSA | @IDFCFIRSTBank pic.twitter.com/tgxKHGpB3O — BCCI (@BCCI) December 6, 2025 टेम्बा बावुमा ने पूरा किया 2000 वनडे रन डिकॉक ने चौथे ओवर में तेज गेंदबाज हर्षित राणा के खिलाफ लगातार दो चौके लगाए. कप्तान बावुमा ने 10वें ओवर के दौरान वनडे क्रिकेट में 2000 रन पूरे किए. 35 साल और 203 दिन की उम्र के बावुमा 2,000 वनडे रन के मील के पत्थर तक पहुंचने वाले सबसे उम्रदराज दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज बन गए. रस्सी वैन डेर डूसन ने 34 साल की उम्र में यह कारनामा किया था. इस उपलब्धि के साथ, बावुमा पारी के लिहाज से 2,000 वनडे रन तक पहुंचने वाले संयुक्त चौथे सबसे तेज दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज भी बन गए, जिन्होंने 53 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की. ​​उनसे आगे हाशिम अमला (40 पारी), रस्सी वैन डेर डूसन (45 पारी), गैरी कर्स्टन (50 पारी) हैं. वह क्विंटन डिकॉक (53 पारी) के साथ बराबरी पर हैं. जडेजा ने लिया बावुमा का महत्वपूर्ण विकेट डिकॉक ने 16वें ओवर में अपना अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने यह उपलब्धि 49 गेंदों में हासिल की. ​​यह हिंदुस्तान के खिलाफ वनडे में डी कॉक का नौवां 50 से अधिक का स्कोर था. क्विंटन और बावुमा ने दूसरे विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी की जिससे दक्षिण अफ्रीका 20 ओवर में 104/1 पर पहुंच गया. 21वें ओवर की आखिरी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने बावुमा को आउट कर दिया. दूसरी ओर, डी कॉक ने अपना आक्रामक रुख जारी रखा. 26वें ओवर में तिलक वर्मा को दो गगनचुंबी छक्के जड़कर मैथ्यू ब्रीट्जके ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए. डिकॉक ने अपना सातवां वनडे शतक पूरा किया. यह हिंदुस्तान के खिलाफ उनका सातवां वनडे शतक था, जो किसी विपक्षी टीम के खिलाफ किसी विकेटकीपर-बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वाधिक शतक है. डिकॉक के बाद लड़खड़ा गई मेहमान टीम 33वें ओवर की पांचवीं गेंद पर कृष्णा द्वारा डिकॉक को आउट करने के बाद दक्षिण अफ्रीका चरमरा गया. अनुभवी बल्लेबाज ने 89 गेंदों पर 106 रन बनाए. डिकॉक के विकेट के बाद, हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन पर गेंदबाजी करना शुरू कर दिया, जिससे दक्षिण अफ्रीका 39 ओवर में 234/5 पर पहुंच गया. 40वां ओवर फेंक रहे कुलदीप यादव ने एक ओवर में दो विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका को झकझोर दिया. लेग स्पिनर ने डेवाल्ड ब्रेविस (29) और मार्को जानसन (17) को आउट कर दिया और मेहमान टीम 41 ओवर में 241/7 पर सिमट गई. ये भी पढ़ें… अकड़ते हुए टॉस करने आए केएल राहुल और जीत गए, VIRAL VIDEO में देखें पूरा एक्शन AI कंप्यूटर से कर दी विराट कोहली के ब्रेन की तुलना, पूर्व कोच ने दिया बड़ा बया The post साउथ अफ्रीका को रौंदकर हिंदुस्तान ने सीरीज पर किया कब्जा, रोहित-कोहली का मास्टरक्लास, जायसवाल का शतक appeared first on Naya Vichar.

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Vastu Tips: नजरअंदाज मत करें अलमारी में रखी इन चीजों को, हो जाएंगे कंगाल

Vastu Tips: अक्सर हम घर में कपड़ों की अलमारी को सिर्फ जरूरत की चीजों को रखने की जगह समझते हैं. लेकिन वास्‍तु शास्त्र के अनुसार अलमारी सिर्फ कपड़े नहीं, बल्कि यह पॉजिटिव एनर्जी को भी अपने भीतर समेटे रखती है. यही कारण है कि जो चीजें हम वर्षों से इस्तेमाल नहीं करते, फटे या अनफिट कपड़े, पुराने गिफ्ट या नापसंद चीजों का ढेर हमारे जीवन में अनजाने रूप से बोझ बनकर जमा होने लगता है. वास्‍तु विशेषज्ञों का कहना है जिन चीजों की अब आपको कोई उपयोगिता नहीं है, उन्हें घर में रखने का मतलब है पुरानी ऊर्जा को पकड़कर रखना. पुरानी चीजें मतलब है पुरानी रुकावटें वास्‍तु में माना गया है कि अलमारी में लंबे समय से पड़े कपड़े और सामान उन यादों और स्थितियों का प्रतीक बन जाते हैं, जिनसे हम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. यदि कपड़े आपको किसी पुराने रिश्ते, तनाव या बुरा अनुभव याद दिलाते हैं, तो उन्हें घर से दूर करना ही सही है. वास्‍तु कहता है कि नई ऊर्जा तभी आएगी जब पुरानी ऊर्जा को छोड़ने की आदत विकसित की जाए. खाली स्पेस सिर्फ जगह नहीं, बल्कि अवसर होता है, चाहे वह दिमाग में हो या अलमारी में. Also Read: New Year 2026 Vastu Tips: नया साल शुरू होने से पहले घर से बाहर करें ये सामान, वरना रुक सकता है काम फटे, टाइट या बड़े साइज के कपड़े भी नहीं रखना चाहिए कई लोग सोचते हैं कि कभी फिट आएगा, कभी काम आएगा, लेकिन वास्तु शास्त्र इस सोच को रोकने की सलाह देता है. फटे और गंदे कपड़े नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माने गए हैं. वहीं अनफिट कपड़े मन के भीतर असंतोष और अधूरापन की भावना पैदा करते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कपड़े व्यक्ति को मानसिक रूप से पीछे की स्थिति में ही बांधे रखते हैं. Gift जो पसंद न हों उसे न रखें अलमारी में अक्सर कोई ऐसा गिफ्ट मिल जाता है जो हमें या तो पसंद नहीं आते या फिर वह हमारे लिए कोई काम का नहीं रहता. लेकिन हम उसे सम्मान के कारण संभाल कर रख देते हैं. वास्‍तु कहता है कि ऐसी चीजें अनदेखे तनाव और दबाव को जन्म देती हैं. अलमारी खोलते ही वह वस्तु हमें उस व्यक्ति या स्थिति की याद दिलाती है जिससे हम आगे बढ़ चुके हैं. इसलिए जिन्हें आप उपयोग में न लाना चाहते हों, उन्हें जरूरतमंद को दे देना बेहतर है. अलमारी और आर्थिक प्रवाह का संबंध वास्‍तु में अलमारी को घर की आर्थिक धारा से भी जोड़ा गया है. यदि यह अस्त-व्यस्त हो, सामान बेतरतीब हो, पैसे, पर्स, बिल और दस्तावेज कपड़ों के बीच फंसे पड़े हों, तो माना जाता है कि वह आर्थिक ऊर्जा रुकती है और योजनाएं अधूरी रह जाती हैं. साफ-सुथरी और व्यवस्थित अलमारी आपके मन और फाइनेंस दोनों को क्लियर दिशा देने में मदद करती है. क्या करें हर दो महीने में एक बार अलमारी की सफाई जरूर करें एक साल से उसे नहीं पहना है तो निकाल दें टूटे बटन, फटाव और दाग वाले कपड़ों से तुरंत छुटकारा पाएं अनउपयोगी कपड़े किसी जरूरतमंद को दे दें मनी सेगमेंट में सिर्फ पैसे और दस्तावेज रखें Also Read: Vastu Tips: महीने का अंत होने से पहले ही हो जाते हैं कंगाल? आपकी ये छोटी सी गलती चुपचाप कर रही है जेब खाली! The post Vastu Tips: नजरअंदाज मत करें अलमारी में रखी इन चीजों को, हो जाएंगे कंगाल appeared first on Naya Vichar.

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56 हजार में iPhone 16, Flipkart सेल में खरीदें या छोड़ें?

फ्लिपकार्ट की Buy Buy 2025 सेल में iPhone 16 पर जबरदस्त ऑफर आया है.लॉन्च के समय प्रीमियम कीमत वाला यह फोन अब ₹55,999 में मिल रहा है. सवाल यही है कि क्या यह डील आपके लिए सही है या फिर इंतजार करना बेहतर होगा. परफॉर्मेंस में अब भी धाकड़ iPhone 16 को Apple ने A18 चिपसेट के साथ पेश किया था.गेमिंग से लेकर मल्टीटास्किंग तक यह फोन बिना किसी रुकावट के चलता है. लंबे गेमिंग सेशन में भी फोन गर्म नहीं होता और आज के एंड्रॉयडफ्लैगशिप्स को टक्कर देता है. बैटरी और चार्जिंग इस बार Apple ने बैटरी पर खास ध्यान दिया. 3,561mAh बैटरी आसानी से पूरा दिन निकाल देती है.गेमिंग और सोशल मीडिया के बाद भी बैकअप मजबूत रहता है. हालांकि चार्जिंग स्पीड सिर्फ 25W है, जो एंड्रॉयड के मुकाबले धीमी लगती है. MagSafe सपोर्ट जरूर प्लस पॉइंट है. कैमरा क्वाॅलिटी सोशल मीडिया यूजर्स के लिए iPhone 16 शानदार विकल्प है.48MP मेन और 12MPअल्ट्रावाइड कैमरे लगातार अच्छे रिजल्ट देते हैं.सेल्फी कैमरा भी 12MP का है. हां, टेलीफोटो लेंस की कमी महसूस हो सकती है. डिस्प्ले में निराशा सबसे बड़ी कमी डिस्प्ले रिफ्रेश रेट की है. 2025 में जहां हर फोन 120Hz या उससे ऊपर दे रहा है, वहीं iPhone 16 अब भी 60Hz पर अटका है.OLED पैनल की क्वाॅलिटी बेहतरीन है, लेकिन स्मूदनेस की कमी खलती है. यह भी पढ़ें: Flipkart Buy Buy Sale में लुढ़के Vivo T4 Ultra 5G के दाम, बेस्ट कैमरा स्मार्टफोन खरीदने का बढ़िया मौका यह भी पढ़ें: 28,000 रुपये सस्ता हुआ Samsung Galaxy S24 FE, साल के आखिरी सेल में Flipkart दे रहा जबरदस्त ऑफर The post 56 हजार में iPhone 16, Flipkart सेल में खरीदें या छोड़ें? appeared first on Naya Vichar.

बिहार, समस्तीपुर

दरभंगा जंक्शन–आनंद विहार टर्मिनल–दरभंगा जंक्शन के बीच विशेष ट्रेन का परिचालन

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर :समस्तीपुर मंडल, पूर्व मध्य रेल द्वारा यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने तथा बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 05563/05564 दरभंगा जंक्शन से आनंद विहार टर्मिनल के बीच दो फेरे की विशेष मेल एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जा रही है।  ट्रेनों का विवरण: 1. 05563 दरभंगा जंक्शन – आनंद विहार टर्मिनल (विशेष मेल एक्सप्रेस) प्रस्थान की तिथि: 08.12.2025 को 18.15 बजे तथा आनंदविहार आगमन:23.00 बजे। कोच संरचना: सामान्य-3, स्लीपर:7, 2एसी – 2, 3एसी -6, प्रथम एसी – 1 सहित कुल 21 कोच श्रेणी: मेल एक्सप्रेस (TOD) 2. 05564 आनंद विहार टर्मिनल – दरभंगा जंक्शन (विशेष मेल एक्सप्रेस) प्रस्थान (आनंदविहार टर्मिनल): 10.12.2025 को 00.05 बजे। दरभंगा आगमन 23.00। श्रेणी: मेल एक्सप्रेस (TOD) मुख्य ठहराव : समस्तीपुर जंक्शन, मुजफ्फरपुर जंक्शन, हाजीपुर जंक्शन, छपरा जंक्शन, बनारस, प्रयागराज जंक्शन, गोविंदपुरी, आनंद विहार। • इस ट्रेन से शीतकालीन भीड़ में यात्रा का सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा • दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को विशेष रूप से राहत मिलेगी, क्योंकि यह ट्रेन भीड़भाड़ वाले समय में अतिरिक्त सीटें प्रदान करेगी। • समस्तीपुर मंडल के प्रमुख स्टेशनों से प्रत्यक्ष कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिससे यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी। • लंबी दूरी की यात्रा में भीड़ नियंत्रण तथा बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा। मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि “यात्रियों की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। दरभंगा जंक्शन से आनंद विहार टर्मिनल के लिए चलाई जा रही इस विशेष ट्रेन से त्योहारों और भीड़भाड़ के समय यात्रियों को अत्यधिक लाभ होगा। समस्तीपुर मंडल निरंतर यात्री सुविधाओं के विस्तार एवं सेवा स्तर में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।”

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Watch: तू वापस जा रे…, रोहित ने कुलदीप को DRS लेने से रोका तो कोहली ने दिया ऐसा रिएक्शन

IND vs SA: रोहित शर्मा जब कप्तान थे तब कुलदीप यादव को डीआरएस लेने से कई बार रोका था. शनिवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी वनडे में भी रोहित ने एक बार फिर कुलदीप को डीआरएस लेने से रोक दिया और उन्हें वापस बॉलिंग लेंथ पर जाने के लिए कहा. स्टैंड इन कप्तान केएल राहुल की इनमें से किसी में भी बहुत कम भूमिका थी. रोहित अकेले ही कुलदीप को दूर भगाने के लिए काफी थे. रोहित ने, विराट कोहली की मदद से , बीच-बीच में कुलदीप की खिंचाई करने का मौका नहीं छोड़ा. यह सब दक्षिण अफ्रीकी पारी के 43वें और 45वें ओवर के बीच हुआ, जब कुलदीप को तीन बार रिव्यू लेने से रोका गया था. Watch You go back Kohli reacts like this when Rohit stops Kuldeep to take DRS मैदान पर कुलदीप के मजे लेते रहते हैं रोहित 43वें ओवर की आखिरी से पहले वाली गेंद पर, कुलदीप ने एक गेंद फेंकी जो लुंगी एनगिडी के पैड पर लगी और उन्होंने अपील कर दी. जैसे ही अंपायर ने अपना सिर हिलाया, वह कप्तान केएल राहुल से रिव्यू लेने की जिद करने लगे. उन्होंने कहा कि ले लो, दो बचे हैं. स्लिप में खड़े रोहित ने कुलदीप को इशारा किया कि वह जल्दी से अपने मार्क पर वापस चले जाएं क्योंकि रिव्यू लेने का कोई मतलब नहीं था. जब कुलदीप अपनी जगह पर अड़े रहे, तो रोहित चिल्लाए, ‘क्या? पैड पर लगने से ही आउट है?’ इसके बाद कुलदीप गेंदबाजी मार्क की ओर बढ़ें. Reaction of Rohit Sharma & Virat Kohli when Kuldeep Yadav asked for a review…😂 #INDvsSA pic.twitter.com/vnqeJ8zUPF — Jara (@JARA_Memer) December 6, 2025 बार-बार DRS के लिए बोल रहे थे कुलदीप अगले ही ओवर में, जब एनगिडी को कुलदीप ने यॉर्कर फेंकी तो एक और जोरदार अपील हुई. अंपायर ने एक बार फिर बल्लेबाज के पक्ष में फैसला सुनाया और कुलदीप ने हैरानी जताई. कुलदीप ने एक बार फिर रिव्यू की गुहार लगाई. इस बार, रोहित अपनी हंसी नहीं रोक पाए और मिड-विकेट पर खड़े विराट कोहली भी कुलदीप की तरफ देखकर खिलखिलाकर हंस पड़े. कुलदीप के अगले ओवर में भी रोमांच जारी रहा. इस बार एनगिडी को अंदाजा ही नहीं लगा कि गेंद किस ओर घूम रही है. जब रिप्ले दिखाए गए तो यह पुष्टि हो गई कि रोहित ने सभी मौकों पर रिव्यू का अनुरोध न करके सही किया था. कुलदीप ने माना डीआरएस में वह कमजोर हालांकि, कुलदीप को अगली ही गेंद पर अपना चौथा विकेट मिल गया जब अंपायर मदनगोपाल ने कुलदीप की अपील स्वीकार कर ली और एनगिडी को एलबीडब्ल्यू करार दे दिया. इस बार, दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी ने डीआरएस का इस्तेमाल किया, लेकिन रीप्ले से पता चला कि गेंद स्टंप्स को छूकर निकल रही थी. पारी के ब्रेक में कुलदीप ने स्वीकार किया कि वह डीआरएस लेने के मामले में कच्चे हैं और उन्हें शांत रखने के लिए रोहित और केएल राहुल जैसे लोगों की जरूरत है. उन्होंने प्रसारणकर्ताओं से कहा, ‘डीआरएस में मैं बहुत खराब हूं, वह हर समय मेरी खिंचाई करते रहते हैं. जब भी मैं गेंदबाजी करता हूं, अगर गेंद गेंद पैड पर लगती है, तो मुझे लगता है कि बल्लेबाज आउट है. जब आपके पास उनके जैसा कप्तान और पूर्व कप्तान हो… केएल राहुल डीआरएस कॉल में बहुत अच्छे रहे हैं. इसलिए आपको शांत करने के लिए ऐसे लोगों का होना जरूरी है, क्योंकि केवल तीन ही उपलब्ध होते हैं.’ ये भी पढ़ें… अकड़ते हुए टॉस करने आए केएल राहुल और जीत गए, VIRAL VIDEO में देखें पूरा एक्शन AI कंप्यूटर से कर दी विराट कोहली के ब्रेन की तुलना, पूर्व कोच ने दिया बड़ा बयान The post Watch: तू वापस जा रे…, रोहित ने कुलदीप को DRS लेने से रोका तो कोहली ने दिया ऐसा रिएक्शन appeared first on Naya Vichar.

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“बताओ तुम किसके साथ बैठते हो, हम बता देंगे तुम कहां पहुंचोगे”, चाणक्य की ये सीख पढ़ लें वरना करियर तबाह

Chanakya Niti: कहा जाता है कि व्यक्ति अपने विचारों और व्यवहार का प्रतिबिंब उसके परिवेश में ही देखने को मिलता है. आपने बड़े बुजुर्गों के मुंह से हमेशा सुना होगा कि तुम किसके साथ बैठते हो, यही तय करता है कि तुम कहां पहुँचोगे”. वहीं, इस बारे में चाणक्य का भी सपष्ट कहना था कि व्यक्ति अकेला नहीं बनता, वह अपनी संगति से बनता है. यही चीज आज की आधुनिक लाइफस्टाइल, सोशल मीडिया, कॉलेज लाइफ, कॉरपोरेट और रोजमर्रा की जिंदगी में पहले से कहीं ज्यादा प्रासंगिक है. संगति तय करती है सोच और भविष्य चाणक्य ने अपने श्लोक में लिखा है कि सज्जन संगति किम न करोति पुंसाम, दोषग्रहं हीनकथा कथानाम. इसका मतलब है कि सज्जनों की संगति मनुष्य के जीवन को बदल देती है, लेकिन बुरे लोगों की बातचीत और आदतें भी उतनी ही जल्दी व्यक्ति को अपने रंग में रंग देती हैं. उनका मानना था कि संगति वह है जो व्यक्ति के विचारों, व्यवहार, समय और सपनों की दिशा बदल देती है. अगर दोस्त प्रेरणा देने वाले हों, तो सपने बड़े और लक्ष्य स्पष्ट होते हैं. अगर दोस्त टालमटोल करने वाले हों, तो समय व्यर्थ और निर्णय कमजोर होते जाते हैं. आज के समय में फ्रेंड सर्कल कैरियर, रिलेशनशिप और निर्णय क्षमता तक को प्रभावित करने वाला बड़ा फैक्टर बन चुका है. Also Read: Chanakya Niti on Bravery: इन 5 मौकों पर बहादुरी दिखाना बन सकती है आपकी सबसे बड़ी मूर्खता! चाणक्य ने दी चेतावनी आपके दोस्त आपकी चर्चा और दिशा दोनों तय करते हैं चाणक्य नीति में लिखे गये श्लोक कहा गया है “यादृशी भूतिभिः संगतिः तादृशी भवति धृति.” इसका मतलब है ”जैसी संगति होती है, वैसी ही बुद्धि, वैसा ही स्वभाव और भविष्य बनता है. आपने अक्सर अपने जीवन में देखा है कि जो लोग सफलता, अनुशासन और सकारात्मकता की बात करते हैं, उन्हीं की जिंदगी उसी दिशा में बढ़ती है. जबकि जो समय की कद्र न करने वाले दोस्तों के साथ रहता है वह व्यक्ति भी धीरे-धीरे उसी आदत का हिस्सा बन जाता है. यहां तक कि हमारी आदतें, हमारी भाषा, हमारा खर्च और हमारा नजरिया भी आसपास के लोगों से बनता-बिगड़ता है. सोशल मीडिया पर बनी संगति का भी होता है साइड इफेक्ट चाणक्य के समय में सोशल मीडिया नहीं था, लेकिन उनकी नीति यहां भी फिट बैठती है. आज इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर समाज बनता है, राय बनती है, और तुलना बढ़ती है. जिसे हम फॉलो करते हैं, उससे हमारे विचार तय होते हैं. इसलिए कह सकते हैं वर्चुअल संगति भी असल जिंदगी के सपनों और आत्मविश्वास पर असर छोड़ती है. Also Read: कामयाबी के बाद हो सकता है धोखा! चाणक्य से जानें सफलता के बाद कौन होता है आपका सबसे बड़ा दुश्मन The post “बताओ तुम किसके साथ बैठते हो, हम बता देंगे तुम कहां पहुंचोगे”, चाणक्य की ये सीख पढ़ लें वरना करियर तबाह appeared first on Naya Vichar.

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चीन से जान बचाकर भारत पहुंचे 3 उइगर मुस्लिम भाई… 12 साल से जेल में बंद, रिहाई पर अब भी सस्पेंस!

Uyghur Brothers Detained In India: हिंदुस्तान और चीन की सीमा दुनिया की सबसे मुश्किल जगहों में से एक है. ऊंचे पहाड़, पतली हवा और अनिश्चित रास्ते. ऐसे ही रास्तों पर चलते हुए तीन उइगर मुस्लिम भाई 2013 में चीन के दमन से बचने के लिए निकले थे लेकिन गलती से हिंदुस्तानीय बॉर्डर क्रॉश करके हिंदुस्तान घुस गए. वो तीनों भाई अभी तक हिंदुस्तानीय जेल में बंद और बाहर जाने की उम्मीद लिए बैठे हुए हैं. आज 12 साल बाद भी वे वहीं बंद हैं. यह कहानी सिर्फ तीन लोगों की नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी की है जिसमें इंसानियत, नेतृत्व, डर और उम्मीद सब शामिल हैं. हिंदुस्तान-चीन बॉर्डर दुनिया की सबसे मुश्किल जगहों में से एक है. ऊंचे पहाड़, पतली हवा और अनिश्चित रास्ते. इन्हीं सड़कों से 2013 में तीन उइगर मुस्लिम भाई चीनी ज़ुल्म से बचने के लिए निकले थे, लेकिन गलती से हिंदुस्तानीय बॉर्डर पार करके हिंदुस्तान में आ गए और तब से वह हिंदुस्तानीय जेल में बंद है बारह साल बाद भी वे वहीं हैं. यह सिर्फ तीन लोगों की कहानी नहीं है, बल्कि एक ऐसी दुखद घटना है जिसमें इंसानियत, नेतृत्व, डर और उम्मीद सब कुछ शामिल है. Uyghur Brothers Detained In India in Hindi: चीन से भागकर लद्दाख पहुंच गए तीन भाई 12 जून 2013 की शाम को हिंदुस्तानीय सेना ने लद्दाख के सुल्तान चुश्कू नाम की वीरान जगह पर तीन लोगों को पकड़ा. अदालत के दस्तावेजों में उन्हें चीनी घुसपैठिए कहा गया. ये तीनों थे थुर्सुन भाई आदिल (23), अब्दुल खालिक (22) और सलामू (20). ये लोग 13 दिनों तक बस और पैदल यात्रा करते हुए शिनजियांग से पहाड़ों को पार कर यहां तक आए थे. उन्हें पता ही नहीं था कि वे हिंदुस्तान की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं. तीनों ने हिंदुस्तानीय सेना को बताया कि वे कश्गर के पास अपने घर से इसलिए भागे क्योंकि चीन में उइगर मुसलमानों पर दमन तेज हो गया था. उनके कई रिश्तेदार डिटेंशन सेंटर में ले जाए जा चुके थे. पिछले दशक में एक करोड़ से ज्यादा उइगर मुसलमानों को री-एजुकेशन कैंप में बंद किया गया है. सिर्फ मस्जिद जाने या हिजाब पहनने जैसी वजहों से भी उन्हें सजा दी जाती रही है. चीन इसे अवैध धार्मिक गतिविधि पर नियंत्रण कहता है लेकिन अमेरिका समेत कई देश इसे जनसंहार बताते हैं. सेना ने दो महीने पूछताछ की और फिर उन्हें पुलिस के हवाले किया गया. उन पर गैर-कानूनी तरीके से सीमा पार करने का मामला लगा. लेकिन समस्या यह थी कि वे किसी भी हिंदुस्तानीय भाषा को नहीं जानते थे. उनका वकील भी उनसे ठीक से बात नहीं कर पाता था. एक साल बाद, जेल के कैदियों से भाषा सीखकर वे जज के सवालों का जवाब दे सके. इसके बाद उन्हें 18 महीने की सजा सुनाई गई. सजा पूरी होने के बाद भी रिहाई नहीं द गार्जियन के अनसार, जब फैसला आया तब तक वे एक साल जेल में रह चुके थे. इसका मतलब था कि छह महीने बाद उन्हें रिहा होना चाहिए था. लेकिन इसी बीच हिंदुस्तान में प्रशासन बदल गई. सजा पूरी होने पर रिहाई की जगह उन पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) लगा दिया गया. यह कानून किसी भी व्यक्ति को छह महीने तक रोक सकता है और आदेश दोबारा जारी कर अनिश्चित काल तक जेल में रखा जा सकता है. प्रशासन हर बार नया आदेश जारी करती रही और वे 12 साल से जेल में हैं. इन तीनों का एकमात्र सहारा बने वकील मुहम्मद शफी लासू, जो कोर्ट की टीम के साथ जेल निरीक्षण में उनसे मिले थे. उनका कहना है कि ये लोग अपराधी नहीं, बल्कि डर के मारे भागे हुए थे. उन्हें मालूम भी नहीं था कि वे हिंदुस्तान में आ गए हैं. वे 10 साल से बिना किसी फीस लिए इनकी पैरवी कर रहे हैं. हर महीने अपने पैसों से इन्हें जेल में खाने, दवा और जरूरतों के लिए पैसे भेजते हैं. बीमारी, गर्मी और अलग-अलग जेलों में बिखरे भाई इन 12 वर्षों में तीनों भाइयों को कई जेलों में घुमाया गया. आज वे हरियाणा के करनाल जेल में हैं, लेकिन एक-दूसरे से अलग रखे गए हैं. जहां उन्हें रखा गया है, वे जगहें आमतौर पर गंभीर अपराधों वाले कैदियों के लिए होती हैं. गर्मी से वे परेशान हो जाते हैं क्योंकि वे ठंडे इलाके के रहने वाले हैं. खाने में ज़्यादातर दाल होती है जो उन्हें सूट नहीं करती. दो भाइयों को पाइल्स की समस्या हो गई है. एक भाई को डॉक्टर ने सर्जरी की सलाह दी है, लेकिन जेल प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है. जेल में सीखी चार भाषाएं और अंग्रेजी भी जेल में रहते-रहते तीनों भाइयों ने चार स्थानीय भाषाएं और अंग्रेजी सीख ली है. बड़ा भाई अंग्रेजी में बोलने की कोशिश करता है, लेकिन गार्ड उसे हिंदी बोलने को कहते हैं क्योंकि वे अंग्रेजी समझ नहीं पाते. वकील बताते हैं कि वे उनसे मजाक में कहते हैं कि जेल से निकलकर वे भाषा शिक्षक बन जाएंगे. लद्दाख (जो 2019 से पहले जम्मू-कश्मीर का हिस्सा था) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी लतीफ उ जमान देव का कहना है कि इन तीनों को जेल में रखना कानून का उल्लंघन है. उनका कहना है कि PSA का इस्तेमाल उन लोगों पर होना चाहिए जो राष्ट्रविरोधी गतिविधियों या गंभीर अपराधों में शामिल हों, न कि उन पर जो उत्पीड़न से भागकर शरण ढूंढ रहे हों. वकील शफी का कहना है कि हिंदुस्तान ने पहले भी हजारों शरणार्थियों को जगह दी है, जैसे तिब्बती. अगर प्रशासन इन्हें हिंदुस्तान में रहने नहीं देना चाहती, तो उन्हें किसी ऐसे देश में जाने की अनुमति दे सकती है जो उन्हें शरण दे सके. भाइयों को अपने परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं है. ये भी पढ़ें: इस देश में दिखी दुर्लभ बड़ी बिल्ली, 15 साल में सिर्फ 5वीं बार दिखा जिंदा सबूत; जानें, कहां से आया यह जानवर पुतिन के जहाज पर लिखे РОССИЯ का क्या मतलब, देश का नाम RUSSIA क्यों पड़ा और Vladimir कैसे फेमस हो गया? जानें The post चीन से जान बचाकर हिंदुस्तान पहुंचे 3 उइगर मुस्लिम भाई… 12 साल से जेल में बंद, रिहाई पर अब भी सस्पेंस! appeared first on Naya Vichar.

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Samastipur News:बिचौलियों की भूमिका पर फूटा किसानों का गुस्सा

Samastipur News:रोसड़ा : प्रखंड क्षेत्र के चकथात पश्चिम पंचायत में शनिवार को आयोजित किसान चौपाल में अनुदानित बीज, उर्वरक, पौधा वितरण एवं बिचौलियों के दखल का मुद्दा पूरी तरह हावी रहा. जहां कृषि समन्वयक ने चौपाल के उद्देश्यों व किसानों को मिलने वाली तकनीकी जानकारी पर चर्चा की. वहीं दूसरी ओर उपस्थित किसानों ने प्रखंड कृषि कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार व बिचौलियों की भूमिका पर कड़ा रोष जताया. किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रखंड में प्रशासनी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक नहीं पहुंच रहा है. किसान भोला यादव ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति बिचौलिये का काम करता है. जिसकी वजह से किसानों को अनुदानित योजनाओं से वंचित होना पड़ता है. किसान रामनरेश सिंह ने कहा कि प्रशासन की ओर से मिलने वाले अनुदानित बीज, उर्वरक, लीची, आम आदि की सही जानकारी किसानों तक नहीं पहुंचाई जाती. किसान अनिल महतो, विक्रम सिंह, नागेश्वर महतो, हरि महतो, जगदीश महतो, किरण महतो, राम पुनीत महतो, राम बहादुर पासवान, विनोद महतो, यशवंत महतो, बृजनंदन कुंवर, शंकर कुंवर सहित कई किसानों ने एक स्वर में बिचौलियों को हटाने व पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की. दूसरी ओर कृषि समन्वयक बालमुकुंद ने कहा कि पंचायत स्तर पर किसान चौपाल के माध्यम से किसानों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी. उन्होंने बताया कि मिट्टी जांच आधारित संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा दिया जायेगा. फसल अवशेष प्रबंधन व जैविक खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया जायेगा. रबी मौसम में फसलों के रोग कीट प्रबंधन की तकनीकी जानकारी दी जायेगी. सूक्ष्म सिंचाई पद्धति ड्रिप व स्प्रिंकलर को अपनाने पर विशेष जोर दिया जायेगा. कृषि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं एवं चतुर्थ कृषि रोडमैप से संबंधित जानकारी किसानों को उपलब्ध कराई जायेगी. स्थानीय समस्याओं का समाधान कृषि वैज्ञानिकों एवं तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से किया जायेगा. चौपाल में पैक्स अध्यक्ष पिंटू सिंह, संजय कुमार सिंह, एटीएम आलोक कुमार देव, पौधा संरक्षक सुभाष चंद्र सिंह, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक प्रीति कुमारी, कृषि सलाहकार रामकृपाल दास आदि उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Samastipur News:बिचौलियों की भूमिका पर फूटा किसानों का गुस्सा appeared first on Naya Vichar.

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