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December 6, 2025

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राजस्व कर्मचारी रिश्वत मांगने का आरोप, विधायक की कार्रवाई मांग

किशनगंज पोठिया अंचल के राजस्व कर्मचारी मिथलेश कुमार झा पर दाखिल खारिज करने के नाम पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है. शनिवार को कांग्रेस विधायक कमरुल हुदा ने जिला पदाधिकारी विशाल राज को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की जांच कर आरोपी राजस्व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने का मांग किया है. विधायक कमरूल हुदा ने डीएम को सौंपे गए आवेदन में लिखा कि किशनगंज के इस गरीब क्षेत्र में भ्रष्टाचार एवं रिश्वतखोरी पर रोक लगाने हेतु आवश्यक पहल की जाए. जमीन का दाखिल खारिज व परिमार्जन के नाम पर अंचल कार्यालयों में लूट का अड्डा बना हुआ है जिनका सेवा शुल्क और रिश्वत संबंधित अधिकारी, कर्मचारी तक पहुंच गया उसका काम तो हो जाता है. जिनका नहीं पहुंच पाता है, उन्हें बिना वजह कागजी प्रक्रिया में उलझा दिया जाता है. रिश्वत की उगाही के लिए कर्मचारी व अधिकारी दलालों का प्रबंध किए हुए है. विधायक ने एक ऑडियो क्लिप भी डीएम को सौंपी है जिसमें जमीन मालिक और आरोपी राजस्व कर्मचारी मिथलेश कुमार झा के बीच रिश्वत मांगने का दावा किया जा रहा है. जिला पदाधिकारी विशाल राज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच के आदेश दिया है. डीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई किया जायेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post राजस्व कर्मचारी रिश्वत मांगने का आरोप, विधायक की कार्रवाई मांग appeared first on Naya Vichar.

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असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में शिल्पी ने मारी बाजी

प्रतापगंज. भवानीपुर उत्तर पंचायत के वार्ड 8 निवासी महेश नारायण दास की पुत्री शिल्पी कुमारी ने बिहार स्टेट यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन पटना द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में बिहार के सभी श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त की है. परीक्षा में परिणाम बेहतर आने से शिल्पी को पटना विश्वविद्यालय आवंटित किया गया है. लोगों ने शिल्पी को इस सफलता के लिए बधाई दी है. अपनी इस सफलता का श्रेय शिल्पी माता-पिता सहित परिवार के सदस्यों को देती है. शिल्पी ने बताया कि अगर व्यक्ति सच्ची लगन से मेहनत करे तो उसे हर क्षेत्र में सफलता हासिल हो सकती है. उधर, खुशी से गदगद शिल्पी के भाई नीरज लाल दास व पंकज कुमार दास बताते हैं कि वह बचपन से ही मेधावी होने के साथ साथ मृदुभाषी भी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में शिल्पी ने मारी बाजी appeared first on Naya Vichar.

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सगाई समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री, कहा जात पात से ऊपर उठकर प्रेम भाव को लायें आगे

पूर्णिया. पूर्णिया की बेटी तान्या यादव की पटना के ऋषभ राज के साथ हुई सगाई समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उनके पुत्र निशांत कुमार ने उपस्थित होकर दोनों को अपने आशीर्वाद दिए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. इनके अलावा प्रदेश के कई मंत्री एवं गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे. जिनमें पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने भी उपस्थित होकर अपना आशीर्वाद दिया. यह आयोजन पटना के प्रसिद्ध छपाक वॉटर पार्क में रंगारंग कार्यक्रम के बीच संपन्न किया गया. पूर्णिया के प्रसिद्ध व्यवसायी धनंजय यादव पत्नी प्रिया माथुर की सुपुत्री तान्या यादव की सगाई पटना के प्रसिद्ध व्यवसाय कमलेश कुमार सिंह धर्मपत्नी चित्रा सिंहा के पुत्र वृषभ राज के साथ संपन्न हुआ. अंतरजातीय विवाह समारोह होने के नाते सबों के बीच काफी उत्साह एवं सादगी का माहौल बना रहा. जिसकी सराहना करे हुए खुद मुख्यमंत्री ने लोगों से जात पात की भावनाओं से ऊपर उठते हुए प्रेम भाव को आगे लाने का आह्वान किया. पूर्णिया से रविंद्र कुमार साह, नीलम अग्रवाल के साथ कई अन्य लोगों ने भी उपस्थित हो कर तान्या और ऋषभ राज के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिए. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post सगाई समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री, कहा जात पात से ऊपर उठकर प्रेम भाव को लायें आगे appeared first on Naya Vichar.

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70 किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित

मधेपुरा. विश्व मृदा दिवस पर शुक्रवार को संयुक्त कृषि भवन में मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन आत्मा के उप परियोजना निदेशक, कृषि अभियंत्रण के उप निदेशक, सदर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी (मृदा) व प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने किया. कार्यक्रम में 70 किसानों को उनके खेत का मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण किया. कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा कार्यक्रम के अंतर्गत तकनीकी सत्र में रबी मौसम में लगने वाले फसलों के संबंध में जानकारी दी, जिसमें उन्नत कृषि, नवीन तकनीक व फसलों में लगने वाले रोग के उपचार संबंधी चर्चा की गयी. कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों व प्रसार पदाधिकारियों के बीच अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, मधेपुरा द्वारा खेतों में रसायनिक खाद के उपयोग कम करते हुए वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन व उपयोग के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा. साथ ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार जैविक खाद के प्रयोग के बारे में बताया गया. बीएओ ने जैविक खेती करने पर प्रकाश डाला. मौके पर रंजीत कुमार, आत्मा के उप परियोजना निदेशक ई गौतम कुमार, कृषि अभियंत्रण के उप निदेशक कुंदन कुमार, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी डॉ पंकज कुमार यादव, केवीके के वैज्ञानिक दीपक कुमार, बीएओ (मृदा) राजेश कुमार राम, बीएओ शंकर कुमार, आत्मा बीएओ धनवंत कुमार आदि उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post 70 किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित appeared first on Naya Vichar.

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लीगल लिटरेसी क्लब मे चला विधिक जागरुकता अभियान

संवाददाता, पाकुड़. पीडीजे सह डालसा अध्यक्ष शेषनाथ सिंह के निर्देश पर सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में रहसपुर पंचायत में विधिक जागरुकता अभियान चलाया गया. ग्रामीणों को डालसा से मिलने वाली मुफ्त कानूनी सहायता, नालसा की योजना जैसे डॉन, संवाद, जागृति, आशा योजना की जानकारी दी गयी. इस दौरान पैरा लीगल वॉलिंटियर्स मैनुल शेख, सायेम अली, मोकमाउल शेख उपस्थित रहे. डालसा सचिव ने बताया कि नालसा की योजनाओं का उद्देश्य लोगों को डॉन योजना के तहत नशा पीड़ितों को सहायता प्रदान करना, नशा उन्मूलन के लिए जन-जागरुकता फैलाना, कानूनी सहायता सहित पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराना है. नशा करने से शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं पारिवारिक दुष्परिणामों से अवगत कराना है. जागृति योजना के तहत ग्रामीण व वंचित वर्ग तक निशुल्क विधिक सहायता पहुंचाना एवं संवाद के तहत समस्याओं को सुनकर, उन्हें सशक्त बनाने को लेकर जागरूक करना है. पैरा लीगल वॉलिंटियर्स द्वारा बाल विवाह रोकथाम, घरेलू हिंसा के खिलाफ, सड़क दुर्घटना पीड़ितों के अधिकार को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है. इस दौरान लीगल लिटरेसी क्लब जिदातो उच्च विद्यालय में बालिका को पैरा लीगल वॉलिंटियर्स कमला राय गांगुली ने जागरूक किया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post लीगल लिटरेसी क्लब मे चला विधिक जागरुकता अभियान appeared first on Naya Vichar.

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Ranchi News : महिला स्वयंसहायता समूह से ग्रामीण सशक्तीकरण संभव : डाॅ मयंक

उषा मार्टिन में स्वयं सहायता समूह की स्त्रीओं को मिला प्रशिक्षण रांची. स्वयंसहायता समूह के माध्यम से ग्रामीण स्त्रीओं को स्थायी आय सृजन से जोड़ना संभव है. कृषि, हस्तशिल्प आदि क्षेत्र में प्रशिक्षण को बढ़ावा देेकर ग्रामीण स्त्रीएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकती हैं. उक्त बातें उषा मार्टिन फाउंडेशन के हेड डाॅ मयंक मुरारी ने कही. वे शनिवार को उषा मार्टिन सभागार में नामकुम और अनगड़ा से आयीं स्त्री समूहों को स्वयंसहायता समूह का संचालन व उद्यमिता विषय पर आयोजित प्रशिक्षण में विचार व्यक्त कर रहे थे. डाॅ मयंक मुरारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) झारखंड के कई हिस्सों में, खासकर आर्थिक रूप से पिछड़े इलाकों में, समुदायों के भीतर से आर्थिक परिवर्तन के वाहक बन गए हैं. ये समूह सशक्तीकरण के लिए अद्भुत उत्प्रेरक है और अपने सदस्यों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में विकास प्रक्रिया में स्वयंसहायता समूहों का महत्व बहुत है. इस अवसर पर प्रशिक्षक अंजली कुमारी ने कहा कि स्त्रीओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लाह उत्पादन, जूट व बांस के उद्यम का प्रशिक्षण करना चाहिए. इसके साथ उनको प्रशासनी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए प्रयास करना होगा. सबसे पहले स्त्रीओं को संगठन सशक्त बनाना, इसका सावधिक बैठक आयोजित करना और सामाजिक विषयों पर चर्चा करनी होगी. मौक पर सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि गांवों की स्त्रीओं वन व जंगल के उत्पाद पर आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने की जरूरत है.उषा मार्टिन फाउंडेशन की संगीता कुमारी ने बताया कि कंपनी के माध्यम से तीन स्वयं सहायता समूह चलाया जा रहा जो सोहराई, जूट उत्पाद और बांस की सामग्री बनाकर उद्यमिता की दिशा में पहल की है. इसको सुदूर गांवों में बढ़ाया जा रहा है. मोनीत बूतकुमार ने कहा कि ग्रामीण स्त्रीओं में रोजगार-स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए जीविका के माध्यम से उन्हें बैंक लिंकेज के माध्यम से कम ब्याज दर पर सुगमता से ऋण उपलब्ध करवाया जा सकता है. इस अवसर पर कई समूह की स्त्रीएं उपस्थित थीं. पूजा देवी, दीपमाला देवी, शिखा देवी, शोभा देवी, अंजनी देवी, नीतू देवी, प्रियंका कुमारी, कांति कुजूर, सोनी देवी, नीलू तांब, सुमित्रा देवी, गीता देवी व अन्य उपस्थित थीं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Ranchi News : स्त्री स्वयंसहायता समूह से ग्रामीण सशक्तीकरण संभव : डाॅ मयंक appeared first on Naya Vichar.

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आप भी सकती हैं एलआईसी का बीमा एजेंट, हर महीने मिलेंगे 7,000 रुपये और मोटा कमीशन

LIC Bima Sakhi Yojana: हिंदुस्तानीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी हमेशा से देश के दूर-दराज इलाकों में बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए काम करती रही है. लेकिन, अब कंपनी ने एक ऐसा मॉडल शुरू किया है, जो सिर्फ बीमा नहीं, बल्कि ग्रामीण स्त्रीओं के सशक्तिकरण पर सीधा असर डालता है. 9 दिसंबर 2024 को लॉन्च की गई एलआईसी बीमा सखी योजना स्त्रीओं को प्रशिक्षित एजेंट बनाकर उन्हें स्थिर आय, स्टाइपेंड और करियर का अवसर देती है. यह योजना न सिर्फ स्त्रीओं को फाइनेंशियली मजबूत बनाती है, बल्कि गांवों में बीमा जागरूकता बढ़ाने का बड़ा माध्यम भी बनती है. क्या है एलआईसी बीमा सखी योजना? एलआईसी बीमा सखी योजना तीन साल की ट्रेनिंग पर आधारित है, जिसमें स्त्रीएं एलआईसी के बीमा उत्पादों, फाइनेंशियल प्लानिंग, पॉलिसी ऑपरेशन और ग्राहक सेवा जैसी जरूरी चीजों की ट्रेनिंग हासिल करती हैं. खास बात यह है कि इस ट्रेनिंग के दौरान स्त्रीओं को हर महीने स्टाइपेंड भी मिलता है, ताकि सीखते समय उन्हें किसी आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े. तीन साल की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद स्त्रीएं आधिकारिक तौर पर एलआईसी एजेंट बन सकती हैं, जिसे ‘बीमा सखी’ कहा जाता है. यह भूमिका न केवल सम्मानजनक है, बल्कि लचीली भी है. इसका कारण यह है कि स्त्रीएं अपने समय अनुसार काम कर सकती हैं और कमीशन के तौर पर अच्छी कमाई कर सकती हैं. एलआईसी बीमा सखी योजना का मुख्य उद्देश्य इस योजना का मूल लक्ष्य आने वाले समय में 1 लाख से अधिक स्त्रीओं को रोजगार देना है. एलआईसी का मकसद दो दिशाओं में काम करना है. पहला, ग्रामीण स्त्रीओं को रोज़गार और आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध कराना और दूसरा गांवों में बीमा के महत्व और आवश्यकता के बारे में जागरूकता फैलाना है. इस योजना के जरिए स्त्रीएं न केवल आत्मनिर्भर बनती हैं, बल्कि अपने समुदाय में दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनती हैं. कौन-सी स्त्रीएं इस योजना में करेंगी काम एलआईसी ने इस योजना की पात्रता को सरल और सीधा रखा है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण स्त्री इसका लाभ उठा सकें. स्त्रीओं की योग्यता स्त्री की उम्र 18 से 70 साल के बीच होनी चाहिए. स्त्री कम से कम 10वीं पास हो. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली स्त्रीओं को पहली प्राथमिकता मिलेगी. एलआईसी बीमा सखी योजना में कौन नहीं करेगा आवेदन कुछ नियम ऐसे हैं, जो स्पष्ट रूप से बताता है कि किन स्त्रीओं को एलआईसी बीमा सखी योजना के तहत काम नहीं मिलेगा. एलआईसी के मौजूदा एजेंट या कर्मचारियों की पत्नी, बेटी, बहन, माता-पिता, ससुराल पक्ष की करीबी स्त्रीएं एलआईसी की पूर्व कर्मचारी या रिटायर्ड वर्कर्स वह स्त्रीएं, जो पहले से एलआईसी एजेंट हों योजना के तहत मिलने वाला स्टाइपेंड एलआईसी बीमा सखी योजना इसलिए भी अनोखी है, क्योंकि ट्रेनिंग के दौरान भी स्त्रीओं को हर महीने निश्चित सम्मानजनक स्टाइपेंड दिया जाता है. तीन साल की स्टाइपेंड स्ट्रक्चर पहला साल: 7,000 रुपये प्रति माह दूसरा साल: 6,000 रुपये प्रति माह (शर्त—पहले साल जारी की गई 65% पॉलिसी दूसरे साल भी एक्टिव रहें) तीसरा साल: 5,000 रुपये प्रति माह (शर्त—दूसरे साल की 65% पॉलिसी तीसरे साल भी एक्टिव रहें) यह स्टाइपेंड स्त्रीओं को सीखते समय आर्थिक सुरक्षा देता है और ट्रेनिंग को बीच में छोड़ने की संभावना कम करता है. एलआईसी एजेंट बनने के बाद कैसे बढ़ती है कमाई ट्रेनिंग पूरी होने के बाद स्त्रीएं आधिकारिक रूप से एलआईसी एजेंट बन जाती हैं. यहां से उनकी आय का दायरा काफी बढ़ जाता है. इसका कारण यह है कि हर पॉलिसी पर उन्हें मोटा कमीशन मिलता है. रिन्यूअल कमीशन कई सालों तक मिलता रहता है. काम के घंटे पूरी तरह लचीले होते हैं और अच्छा प्रदर्शन करने पर प्रमोशन और अतिरिक्त रिवॉर्ड मिलते हैं. कई ग्रामीण स्त्रीओं के लिए यह आय का इतना मजबूत स्रोत बन जाता है कि वे घर में ही एक छोटा ऑफिस चलाने लगती हैं और गांव की दूसरी स्त्रीओं को भी प्रेरित करती हैं. एलआइसी बीमा सखी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? इस योजना का आवेदन ऑनलाइन ही किया जाता है, ताकि गांव की स्त्रीएं बिना किसी बिचौलिए या अतिरिक्त खर्च के सीधे रजिस्ट्रेशन कर सकें. आवेदन की प्रक्रिया एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. होमपेज पर नीचे स्क्रॉल करें और बीमा सखी विकल्प पर क्लिक करें. अगले पेज पर अपना नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल, पता और अन्य डिटेल्स भरें. अपना स्टेट और वह शहर चुनें, जहां आप काम करना चाहती हैं. एलआईसी ब्रांच ऑफिस चुनें और लीड फॉर्म सबमिट कर दें आवेदन सफल होने पर संबंधित ब्रांच आपसे संपर्क करती है और आगे की प्रक्रिया समझाती है. जरूरी दस्तावेज पता प्रमाण (सेल्फ अटेस्टेड) उम्र प्रमाण शैक्षणिक प्रमाणपत्र आधार या कोई प्रशासनी आईडी इन सभी दस्तावेजों की कॉपी ऑनलाइन अपलोड करनी होती है. आवेदन की अंतिम तारीख अच्छी बात यह है कि एलआईसी ने अभी तक इस योजना की अंतिम तारीख घोषित नहीं की है. इसका मतलब है कि योग्य स्त्रीएं किसी भी समय आवेदन कर सकती हैं. इसे भी पढ़ें: Savings Tips: मोटी सैलरी के बाद भी नहीं होती बचत? आज से अपना लेंगे ये आदतें तो छप्पर फाड़ के बरसेगी दौलत स्त्रीओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम एलआईसी बीमा सखी योजना ग्रामीण स्त्रीओं को प्रशिक्षण, स्टाइपेंड, लचीला कार्य-समय और दीर्घकालिक करियर का मौका देकर उन्हें सशक्त बनाती है. यह योजना सिर्फ एक रोजगार कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण हिंदुस्तान की स्त्रीओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के कारण स्त्रीएं आसानी से रजिस्टर कर सकती हैं और अपने जीवन में नई शुरुआत कर सकती हैं. इसे भी पढ़ें: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता एसआईपी का 15x15x15 फॉर्मूला, जान जाएगा तो म्यूचुअल फंड से कमा लेगा 1 करोड़ The post आप भी सकती हैं एलआईसी का बीमा एजेंट, हर महीने मिलेंगे 7,000 रुपये और मोटा कमीशन appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Politics: बिहार की सियासत में नीतीश क्रेज! CM के हाथों JDU की सदस्यता लेने के लिए नेताओं में मची होड़

Bihar Politics: बिहार चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद जदयू मुख्यालय में मंगलवार को पहली बड़ी बैठक आयोजित की गई. इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदस्यता अभियान की शुरुआत की और मंच पर ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे नेतृत्वक माहौल को सुर्खियों में ला दिया. नीतीश कुमार के हाथों सदस्यता लेने के लिए नेताओं की लंबी लाइन लग गई, जिसमें वरिष्ठ नेताओं से लेकर जिलास्तरीय पदाधिकारी भी शामिल रहे. सीएम नीतीश ने खुद ग्रहण की सदस्यता बैठक की शुरुआत में जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सदस्यता ग्रहण कराई. इसके तुरंत बाद नीतीश कुमार ने संजय झा को सदस्यता दिलाई. परंपरा के इस आदान-प्रदान के बाद जैसे ही मंच खुला, सदस्यता लेने की होड़ शुरू हो गई. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने आज सदस्यता ग्रहण कर ‘जदयू सदस्यता अभियान 2025–28’ का शुभारंभ किया। इस मौके पर उनके हाथों से फिर से जदयू की सदस्यता ग्रहण की। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री @NitishKumar जी को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, लंदन’… pic.twitter.com/Z2U336LzBq — Sanjay Kumar Jha (@SanjayJhaBihar) December 6, 2025 जदयू के वरिष्ठ नेता नारायण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और कई अन्य नेताओं ने सीएम नीतीश के हाथों सदस्यता ग्रहण की. मंच पर ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारों की गूंज लगातार सुनाई देती रही. सीएम के हाथों सदस्यता दिलाने की क्यों पड़ी ‘भीड़’? पार्टी के अंदरूनी नियमों के अनुसार, सदस्यता का कार्यकाल एक या दो वर्षों का होता है, जिसके बाद नेताओं को इसे नवीनीकृत करना होता है. लेकिन इस बार मामला सिर्फ नवीनीकरण का नहीं था, नेता चाहते थे कि उन्हें सीधे मुख्यमंत्री के हाथों सदस्यता मिले, ताकि संगठन में उनकी उपस्थिति और प्रभाव मजबूत दिखे. जदयू ने आज से अपने नए सदस्यता अभियान की आधिकारिक शुरुआत भी कर दी, जिसके कारण बड़ी संख्या में नेता व प्रतिनिधि पटना के जदयू कार्यालय पहुंचे. वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होने पर बधाई इस दौरान एक और महत्वपूर्ण क्षण देखने को मिला. संजय झा ने नीतीश कुमार को पार्टी की ओर से उस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं, जिसमें मुख्यमंत्री का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में दर्ज हुआ है. यह घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं के बीच तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी. Also Read:तेजस्वी यादव क्यों गए लंदन जदयू सांसद ने बताया, बोले- उनकी पत्नी क्रिश्चियन हैं, इसलिए… The post Bihar Politics: बिहार की सियासत में नीतीश क्रेज! CM के हाथों JDU की सदस्यता लेने के लिए नेताओं में मची होड़ appeared first on Naya Vichar.

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IndiGo Refund: कैंसिल फ्लाइट के टिकट का मिलेगा रिफंड, सरकार ने पैसे वापस करने की तय की डेडलाइन

IndiGo Refund: इंडिगो क्राइसिस के बीच नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को एक्शन में आ गया. मंत्रालय ने इंडिगो एयरलाइन को निर्देश दिया कि रद्द की गई उड़ानों के लिए टिकट के रिफंड की प्रक्रिया रविवार शाम तक पूरी कर ली जाए. यही नहीं प्रशासन ने विमानन कंपनी को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि यात्रियों के छूटे हुए सामानों को अगले दो दिनों के अंदर उन तक पहुंचा दिया जाए. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो द्वारा शुक्रवार को 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द करने और शनिवार को पांचवें दिन व्यवधान जारी रहने के बीच मंत्रालय ने कहा कि रिफंड प्रक्रिया में किसी भी देरी या गैर-अनुपालन पर तत्काल नियामक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने पैसे वापस करने की तय की डेडलाइन विमानन मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि सभी रद्द या बाधित उड़ानों के लिए रिफंड प्रक्रिया रविवार रात आठ बजे तक पूरी की जानी चाहिए. एयरलाइन को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह उन यात्रियों से कोई पुनर्निर्धारण शुल्क न लें जिनकी यात्रा योजना रद्द होने से प्रभावित हुई थी. शनिवार को विभिन्न हवाई अड्डों पर 400 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं. इंडिगो को यह भी निर्देश दिया गया कि वह यात्रियों के लिए विशेष सहायता और रिफंड सुविधा केंद्र स्थापित करें. बयान में कहा गया, ”जब तक परिचालन पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाता, स्वचालित रिफंड की प्रणाली सक्रिय रहेगी. इसके अलावा, मंत्रालय ने कहा कि एयरलाइन यह सुनिश्चित करे कि उड़ान रद्द होने या देरी के कारण यात्रियों के छूटे हुए सामान का पता लगाया जाए और अगले 48 घंटों के भीतर उन तक पहुंचाया जाए. The Ministry of Civil Aviation has directed IndiGo to clear all pending passenger refunds without delay. The Ministry has mandated that the refund process for all cancelled or disrupted flights must be fully completed by 8:00 PM on Sunday, 7 December 2025. Airlines have also been… pic.twitter.com/e8UKc1Ndc1 — ANI (@ANI) December 6, 2025 इंडिगो ने चार प्रमुख हवाई अड्डों पर 400 से अधिक उड़ानें रद्द कीं इंडिगो की संचालन संबंधी समस्याओं के बीच शनिवार को चार प्रमुख हवाई अड्डों पर 400 से अधिक उड़ान रद्द रही. सूत्रों ने बताया कि इनमें से 124 उड़ान बेंगलुरु हवाई अड्डे पर जबकि 109 उड़ानें मुंबई हवाई अड्डे पर रद्द की गईं. इससे पहले शुक्रवार को इंडिगो ने देशभर के हवाई अड्डों पर 1,000 से अधिक उड़ान रद्द कर दी थीं. इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने इस गंभीर संकट पर तीन दिन तक चुप्पी साधे रखने के बाद शुक्रवार को एक वीडियो संदेश में इन व्यवधानों के कारण यात्रियों को हुई भारी असुविधा के लिए माफी मांगी. एल्बर्स ने कहा कि शनिवार को कंपनी की 1,000 से कम उड़ानों के संचालन की संभावना है. (इनपुट भाषा) Also Read: Indigo Crisis : इंडिगो के महासंकट का विलेन कौन, क्या नए नियमों में ढील से होगा समाधान? The post IndiGo Refund: कैंसिल फ्लाइट के टिकट का मिलेगा रिफंड, प्रशासन ने पैसे वापस करने की तय की डेडलाइन appeared first on Naya Vichar.

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अवैध शराबखाने में घुसकर बरसाई गई गोलियां, 3 साल के बच्चे की मौत; खौफनाक हमले से हिल गया दक्षिण अफ्रीका!

South Africa Illegal Shebeen Shooting Pretoria: दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में अवैध शराबखाने पर तड़के हुई गोलीबारी में 3 साल के शिशु समेत 11 लोगों की मौत हो गई. तीन हमलावरों ने 25 लोगों पर फायरिंग की. अपराध, अवैध हथियार और गैंग हिंसा देश में लगातार बढ़ती चिंता का कारण बने हुए हैं. दक्षिण अफ्रीका से एक बार फिर डराने वाली समाचार आई है. राजधानी प्रिटोरिया में तड़के एक हॉस्टल के अंदर मौजूद अवैध शराबखाने में हमला हुआ और 11 लोगों की जान चली गई. इस वारदात ने देश की पहले से बढ़ी हुई चिंता को और गहरा कर दिया है. वहां अपराध का हाल वैसे ही खराब है, ऊपर से इस तरह की बड़े पैमाने की गोलीबारी लोगों में डर बढ़ा देती है. South Africa Illegal Shebeen Shooting Pretoria in Hindi: हमला कैसे हुआ? पुलिस के मुताबिक, शनिवार (6 दिसंबर 2025) सुबह करीब 4:30 बजे तीन हथियारबंद हमलावर हॉस्टल के अंदर चल रहे एक अवैध शराबखाने (illegal shebeen) में घुसे और वहां बैठे लोगों पर अचानक गोलियां चलाना शुरू कर दीं. कुल 25 लोग गोली से घायल हुए, जिनमें से 10 ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. एक घायल की मौत अस्पताल में हुई. मरने वालों में 3 साल का बच्चा, 12 साल का लड़का और 16 साल की लड़की भी शामिल हैं. पुलिस प्रवक्ता एथलेंडा मथे ने कहा कि पुलिस को इस घटना की जानकारी सुबह करीब 6 बजे मिली, यानी हमला होने के काफी देर बाद. मोटिव अभी तक साफ नहीं  इस हमले को किसने और किस वजह से अंजाम दिया, यह अभी तक साफ नहीं है.अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस ने बताया कि हमलावरों की तलाश जारी है.मथे ने कहा कि हमारे सामने बड़ी चुनौती ये अवैध और अनलाइसेंस्ड शराब बेचने वाले ठिकाने हैं. अधिकतर मास शूटिंग ऐसे ही जगहों पर होती हैं. कई बार बेगुनाह लोग भी फंस जाते हैं. दक्षिण अफ्रीका अफ्रीकी महाद्वीप का सबसे विकसित देश माना जाता है, लेकिन अपराध इसकी सबसे बड़ी समस्या है. गैंग हिंसा, अवैध हथियार और शराब की वजह से होने वाली लड़ाइयाँ यहां बहुत आम हैं. पुलिस डेटा के अनुसार अप्रैल से सितंबर तक हर दिन औसतन 63 लोगों की हत्या हुई है. यह दुनिया में सबसे ज्यादा हत्या दर वाले देशों में शामिल है. अधिकतर मौतें आपसी झगड़े, लूटपाट और गैंगवार से जुड़ी होती हैं. पहले भी कई बड़े हमले इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं. अक्टूबर में जोहान्सबर्ग में गैंगवार में दो किशोरों की मौत हुई और पांच घायल हुए. मई में डरबन के एक टेवर्न में आठ लोगों को मार दिया गया. 2024 में पूर्वी केप में एक ग्रामीण घर में एक ही परिवार के 18 लोगों की हत्या कर दी गई थी. The post अवैध शराबखाने में घुसकर बरसाई गई गोलियां, 3 साल के शिशु की मौत; खौफनाक हमले से हिल गया दक्षिण अफ्रीका! appeared first on Naya Vichar.

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