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December 10, 2025

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Osho Quotes: जिंदगी की वो 4 गलतियां, जो वापस नहीं आतीं, ओशो की ये सीख को पहले ही जान लें वरना पछताएंगे

Osho Quotes: जिंदगी में हम बहुत कुछ पा लेते हैं और बहुत कुछ खो भी देते हैं, लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो एक बार हाथ से फिसल जाएं तो वापस पाना लगभग असंभव होता है. ओशो की सोच और उनके विचार आज भी लोगों को यही आईना दिखाते हैं कि जीवन जीतने का स्पोर्ट्स नहीं बल्कि समझने की कला है. ओशो कहते थे “हम तब समझदार होते हैं जब समय फिसल चुका होता है.” यह बात आज की तेज रफ्तार वाली दुनिया में और भी सच लगती है, जहां हम दौड़ तो रहे हैं, पर किस लिए यह भी आज लोगों के पास सोचने का समय नहीं है. ओशो चार बातों पर विशेष जोर देते हैं, जिन्हें संभालना जीवन की सबसे बड़ी समझ है, क्योंकि ये लौटकर नहीं आतीं. ये चार चीजें हैं- बोलीं हुई बातें, बिताया हुआ समय, खोई हुई इज्जत और छूटा हुआ अवसर. इन्हें जीवन में दोबारा पाना आसान नहीं और लोग इसकी कीमत अक्सर तब समझते हैं जब बहुत देर हो चुकी होती है. बोली गयी बातें और जुबान से निकला तीर लौटकर नहीं आता ओशो कहते हैं कि शब्द सिर्फ आवाज नहीं होते, ये किसी के दिल को जोड़ भी सकते हैं और तोड़ भी सकते हैं. गुस्से में कही बातें, अहंकार में उठे वाक्य और ताने ये सब रिश्तों को अंदर ही अंदर खोखला कर देते हैं. कई बार एक गलती से कहा गया वाक्य सालों की दोस्ती और रिश्ते का रिश्ता तोड़ देता है. लोग बाद में पछताते जरूर हैं पर तब तक बहुत नुकसान हो चुका होता है. Also Read: जिंदगी में है परेशानी ही परेशानी तो ओशो के ये 7 विचार आज ही करें फॉलो, हंसते हुए जिएंगे आगे का जीवन समय सबसे बड़ा शिक्षक जिसकी फीस सबसे महंगी आपने अक्सर सुना होगा कि बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता है. ओशो इस बारे में कहते थे कि “आप जितना भागते हैं, समय उतना ही शांत खड़ा रहता है.” समय हाथ से निकल जाए तो ना पैसा उसे खरीद सकता है, ना पछतावा उसे लौटा सकता है. हम अक्सर कहते हैं “जब समय आएगा तब देखेंगे” लेकिन हकीकत तो यह है कि समय किसी का इंतजार नहीं करता, वह गुजर जाता है. इज्जत चली जाए तो चुभती बहुत है सम्मान धीरे-धीरे कमाया जाता है पर खोने में एक पल भी नहीं लगता. गलती छोटी हो या बड़ी, दुनिया में उसका असर पहले से ही बड़ा करके दिखाने में देर नहीं लगाती. कई बार इंसान का नाम, भरोसा और प्रतिष्ठा सिर्फ एक गलत निर्णय से बिखर जाता है और फिर वापस लौटने का सफर बड़ा लंबा और कठिन हो जाता है. मौका जिंदगी में रोज दस्तक नहीं देती ओशो मानते हैं कि अवसर को पहचानना ही बुद्धिमानी है. बहुत लोग कदम उठाने से पहले ही बहुत कुछ सोचने लगते हैं. परिणाम ये होता है कि सोचते सोचते समय निकल जाता है. कई सपने इसलिए पूरे नहीं होते क्योंकि हम सही समय पर जोखिम लेने से डर जाते हैं. करियर, रिश्ते या सीखने के मौके को छोड़ना जिंदगी में भारी पड़ जाता है. Also Read: Osho Quotes: परेशान मन को शांत रखने में मदद करेंगे ओशो के ये विचार The post Osho Quotes: जिंदगी की वो 4 गलतियां, जो वापस नहीं आतीं, ओशो की ये सीख को पहले ही जान लें वरना पछताएंगे appeared first on Naya Vichar.

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अब 1 करोड़ 2 दो करोड़ नहीं, सीधे 10 करोड़ की मोटी कमाई! एसआईपी को स्टेप-अप एसआईपी से कड़ी टक्कर

Step-up SIP: एसआईपी यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान ने निवेश अनुशासन और कंपाउंडिंग का फायदा उठाकर म्यूचुअल फंड ने इन्वेस्टमेंट की दुनिया में क्रांति ला दिया है. इस एसआईपी के जरिए लोगों ने लाख-दो लाख नहीं, बल्कि 1 करोड़ रुपये तक की मोटी कमाई की है. लेकिन, अब इस एसआईपी को स्टेप-अप एसआईपी से सीधी टक्कर मिल रही है. स्टेट-अप एसआईपी ने लोगों को पारंपरिक एसआईपी से कई गुणा अधिक करीब 10 गुना अधिक 10 करोड़ तक की कमाई कराई है. बहुत बड़ा कॉर्पस बनाता है स्टेप-अप एसआईपी स्टेप-अप एसआईपी ने पारंपरिक एसआईपी के मॉडल को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है. आज जब इनकम बढ़ रही है, तो लाइफस्टाइल बदल रही है और फाइनेंशियल गोल्स कई गुना बड़े हो चुके हैं. ऐसे में हर महीने एक फिक्स्ड रकम लगाने वाला पारंपरिक एसआईपी अब उतना दमदार नहीं माना जा रहा. यही वजह है कि स्टेप-अप एसआईपी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि यह इन्वेस्टमेंट को आपकी बढ़ती आमदनी के साथ बढ़ाता है और लंबे समय में बहुत बड़ा कॉर्पस बनाता है. एसआईपी बनाम स्टेप-अप एसआईपी पारंपरिक एसआईपी में हर महीने एक तय रकम निवेश की जाती है. यह आसान है, बजट में फिट होता है और कंपाउंडिंग का लाभ देता है. उदाहरण के तौर पर, 5,000 रुपये की मासिक एसआईपी अगर 15 साल तक 12% की दर से चले, तो कुल 9 लाख का निवेश लगभग 24 लाख तक बढ़ सकता है. वहीं, स्टेप-अप एसआईपी में आप हर साल अपनी निवेश राशि एक निश्चित प्रतिशत से बढ़ाते जाते हैं. मान लीजिए, आप 5,000 रुपये से शुरुआत करते हैं और यह राशि हर साल 10% बढ़ती है, तो 15 साल बाद कुल निवेश लगभग 15.3 लाख होगा. लेकिन, कॉर्पस बढ़कर करीब 36 लाख रुपये तक पहुंच जाएगा. यानी थोड़ा-थोड़ा निवेश बढ़ाकर आप पारंपरिक एसआईपी से दोगुना तक रिटर्न पा सकते हैं. स्टेप-अप एसआईपी के जादू से बन सकते हैं 11 करोड़ स्टेप-अप SIP की सबसे बड़ी ताकत इसका कंपाउंडिंग पर प्रभाव है. बाजार विशेषज्ञ बताते हैं कि हर साल थोड़ा-सा बढ़ाया गया एसआईपी भविष्य में बहुत बड़ा परिणाम देता है. मान लीजिए कि आप 10,000 रुपये से एसआईपी की शुरुआत करते हैं और हर साल अपनी आमदनी के हिसा 10% स्टेप-अप करते हैं और आपको अपनी जमा राशि पर 15% अनुमानित रिटर्न मिलता है, 15 साल में आप 1 करोड़ रुपये, 21 साल में 3 करोड़ रुपये, 29 साल में 10 करोड़ रुपये और 30वें साल में आप 11.12 करोड़ रुपये के मालिक बन जाएंगे. खास बात यह कि इसमें से करीब 90% पैसा कंपाउंडिंग से बनता है, यानी आपके निवेश बढ़ाने की छोटी आदत लाखों नहीं, करोड़ों का फायदा देती है. कौन लोग स्टेप-अप एसआईपी चुनें? स्टेप-अप एसआईपी उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जिनकी आय समय के साथ बढ़ती है. जैसे युवा प्रोफेशनल्स, शुरुआती करियर वाले कर्मचारी, सैलरीड लोग और रिटायरमेंट या बच्चों की शिक्षा जैसे लंबे लक्ष्यों को पूरा करने वाले इन्वेस्टर्स इसमें निवेश कर सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति 45 साल की उम्र में भी शुरुआत करता है और हर साल एसआईपी बढ़ाता है, तो वह तेजी से वेल्थ बना सकता है. उदाहरण के तौर पर, 45 साल का व्यक्ति जो 10,000 रुपये महीने से शुरुआत करता है और 15% सालाना स्टेप-अप रखता है, वह 15 साल में करीब 90 लाख रुपये का कॉर्पस बना सकता है, जो स्थिर एसआईपी से कहीं अधिक है. उधर, 25 साल की उम्र में 5,000 रुपये मासिक निवेश करने वाला व्यक्ति अगर हर साल 10% बढ़ोतरी करे, तो रिटायरमेंट तक 9.37 करोड़ रुपये का बड़ा फंड तैयार कर सकता है. इसे भी पढ़ें: यूपीआई पेमेंट नहीं रोक सकता कोई एक बैंक, डिजिटल फ्रॉड पर एसबीआई एमडी का बड़ा बयान स्टेप-अप एसआईपी के फायदे स्टेप-अप एसआईपी ढेर सारे लाभ देता है, जिनकी वजह से यह पारंपरिक एसआईपी की तुलना में बहुत शक्तिशाली हो जाता है. इससे इनकम के साथ निवेश बढ़ता है. सैलरी बढ़े तो एसआईपी बढ़ाएं वाला सीधा सा नियम आपकी बचत को लगातार बढ़ाता रहता है. महंगाई से सुरक्षा मिलती है. भविष्य के बड़े खर्चों, जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर खरीदने के लिए यह फायदेमंद है. इसे भी पढ़ें: Meesho IPO Listing: शेयर बाजारों में मीशो की धमाकेदार शुरुआत, 53% प्रीमियम के साथ मजबूत लिस्टिंग The post अब 1 करोड़ 2 दो करोड़ नहीं, सीधे 10 करोड़ की मोटी कमाई! एसआईपी को स्टेप-अप एसआईपी से कड़ी टक्कर appeared first on Naya Vichar.

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तेज प्रताप यादव के ‘हनुमान’ को जान का खतरा, लाइव वीडियो में अविनाश ने किए चौंकाने वाले खुलासे  

Tej Pratap Yadav Supporter Avinash Live VIDEO: जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष, समस्तीपुर जिले के हसनपुर विधानसभा के पूर्व विधायक ‘लालू के लाल’ तेज प्रताप यादव के ‘हनुमान’ ने उनपर गंभीर आरोप लगाया है. सोशल मीडिया रील से लेकर सड़क पर कैंपेनिंग में तेज प्रताप यादव के साथ अक्सर नजर आने वाले अविनाश उर्फ सौरव ने अब बगावत का रुख अख्तियार कर लिया है. उन्होंने नया विचार के लाइव में कई बड़े खुलासे किए हैं.  अविनाश ने क्या कहा ?  जब नया विचार के पत्रकार केशव सुमन सिंह ने अविनाश से पूछा कि इन घटनाओं का जिम्मेदार कौन है तो अविनाश ने कहा कि तेज प्रताप यादव के घर में मुझे बेरहमी से मारा गया. कोई मुझे बचाने भी नहीं आया. जबरदस्ती मेरे फोन का पासवर्ड मुझसे लिया गया. इन सबका जिम्मेदार महुआ का रहने वाला विवेक और तेज प्रताप यादव हैं.   मुझे जान का खतरा है: अविनाश  अविनाश ने तेज प्रताप यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो बड़े लोग हैं. मेरे परिवार ने मुझे पैसा दिया तब जाकर मैं उनके साथ घूमता था. उनसे मैंने पैसे  नहीं लिए हैं बल्कि उनसे मेरी जान को खतरा है. इतना ही नहीं जब नया विचार की टीम ने अविनाश को पटना आने को कहा तो उसने जान का खतरा का हवाला देते हुए पटना आने से इंकार कर दिया.  क्या है पूरा मामला ?  तेज प्रताप यादव के समर्थक अविनाश ने बीते दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था जिसमे वो तेज प्रताप यादव और उनके साथ रहने वाले लोगों पर मारपीट का आरोप लगा रहा था. वीडियो में अविनाश बता रहा था कि उसे मारा गया और उसका आपत्तिजनक वीडियो भी बनाया गया.  Also read: तेज प्रताप यादव ने एक और सहयोगी के साथ की मारपीट, कपड़े भी उतरवाए? जानिये क्या है मामला वीडियो में अविनाश ने क्या कहा ?  अविनाश ने वीडियो जारी कर कहा था कि तेज प्रताप यादव के आवास पर लगभग 20-25 लोगों ने उनकी मौजूदगी में उन्हे मारा और उनका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया. ये सबकुछ तेज प्रताप यादव की मौजूदगी में उनके आवास पर हुआ. The post तेज प्रताप यादव के ‘हनुमान’ को जान का खतरा, लाइव वीडियो में अविनाश ने किए चौंकाने वाले खुलासे   appeared first on Naya Vichar.

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Indigo Crisis: DGCA ने इंडिगो के CEO को किया तलब, उड़ानें रद्द होने के बाद 8 सदस्यीय निगरानी दल का किया गठन

Indigo Crisis: राहुल भाटिया के नियंत्रण वाली एयरलाइन इंडिगो पर निगरानी कड़ी करते हुए विमानन सुरक्षा नियामक डीजीसीए ने चालक दल की कमी के कारण बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के बाद आठ सदस्यीय निगरानी दल का गठन किया है. निगरानी दल में कौन-कौन रहेंगे शामिल नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा बुधवार को जारी आदेश के अनुसार, निगरानी दल में एक उपमुख्य उड़ान संचालन निरीक्षक, वरिष्ठ उड़ान संचालन निरीक्षक और दो अन्य उड़ान संचालन निरीक्षक शामिल होंगे. दो सदस्य रोजाना इंडिगो के मुख्य कार्यालय में रहेंगे तैनात, क्या होगा काम? DGCA के आदेश के मुताबिक, इनमें से दो सदस्य रोजाना इंडिगो के मुख्य कार्यालय में तैनात रहेंगे. उन्हें एयरलाइन के पूरे बेड़े, औसत उड़ान दूरी, कुल पायलटों की संख्या, नेटवर्क विवरण, चालक दल के सेवा के घंटे, प्रशिक्षण में लगे चालक दल और अन्य संबंधित मामलों की निगरानी करनी होगी. DGCA issues an order – In view of passenger inconvenience caused due to large-scale disruptions in the operations of IndiGo Airlines at various airports across the country, it has been decided to constitute an Oversight Team with the following Members: (i) Capt. Vikram Sharma,… pic.twitter.com/iRZ8CVPqBa — ANI (@ANI) December 10, 2025 दो सदस्य प्रतिदिन की उड़ानों सहित इन पर रखेंगे नजर डीजीसीए के आदेश में कहा गया कि ये दो सदस्य प्रतिदिन की उड़ानों, अनियोजित छुट्टियों, चालक दल की कमी के कारण प्रभावित क्षेत्रों की कुल संख्या, साथ ही प्रत्येक आधार पर प्रतिदिन स्टैंडबाय पर रहने वाले कॉकपिट और केबिन चालक दल की संख्या पर भी नजर रखेंगे. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की रद्द होने की स्थिति पर नजर रखने के लिए तैनात रहेंगे दो सदस्य आदेश में कहा गया कि इसके अलावा, डीजीसीए कार्यालय के दो और अधिकारी एक वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी और एक उप निदेशक इंडिगो के मुख्य कार्यालय में तैनात किए जाएंगे ताकि वे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की रद्द होने की स्थिति, धनवापसी की स्थिति, समय पर उड़ान परिचालन, नागरिक उड्डयन नियमों के अनुसार यात्रियों को मुआवजा, और सामान की वापसी की निगरानी कर सकें. The post Indigo Crisis: DGCA ने इंडिगो के CEO को किया तलब, उड़ानें रद्द होने के बाद 8 सदस्यीय निगरानी दल का किया गठन appeared first on Naya Vichar.

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दक्षिणेश्वर मंदिर निजी संपत्ति या सार्वजनिक, मालिकाना हक पर कलकत्ता हाईकोर्ट में 17 से होगी लगातार सुनवाई

Table of Contents कलकत्ता हाईकोर्ट की 2 जजों की बेच करेगी याचिका पर सुनवाई मंदिर को मिले दान का ट्रस्ट ने नहीं रखा है कोई हिसाब Dakshineshwar Kali Mandir: दक्षिणेश्वर मंदिर के अधिकारियों पर लगाये गये हैं गंभीर आरोप 1848 में रानी रासमणि ने शुरू करवाया था मंदिर का निर्माण Dakshineshwar Kali Mandir| कोलकाता, अमित कुमार दास / अमर शक्ति : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के प्रतिष्ठित दक्षिणेश्वर काली मंदिर के मालिकाना हक पर कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई है. याचिकाकर्ता ने पूछा है कि दक्षिणेश्वर मंदिर किसी की निजी संपत्ति है या सार्वजनिक संपत्ति. दक्षिणेश्वर मंदिर को लेकर पिछले कुछ दशक में कई बार हाईकोर्ट में सवाल उठाये गये हैं. कभी मंदिर के ट्रस्ट के चयन को लेकर, तो कभी मंदिर में आर्थिक भ्रष्टाचार सहित अन्य आरोपों को लेकर मामला किया गया है. इन सभी मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट में लंबित है. इन मामलों पर पिछले 2 वर्ष में एक बार भी सुनवाई नहीं हुई है. कलकत्ता हाईकोर्ट की 2 जजों की बेच करेगी याचिका पर सुनवाई अब मंदिर के मालिकाना हक पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में नयी याचिका दाखिल की गयी है. दक्षिणेश्वर मंदिर के जुड़े सभी मामलों को सुनवाई के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश सब्यसाची भट्टाचार्य और न्यायाधीश सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ को भेजा गया है. 17 दिसंबर से इन सभी मामलों पर सुनवाई शुरू होगी. हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस मामले में केंद्र और राज्य प्रशासन सहित सभी पक्षों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई के दिन केंद्र और राज्य प्रशासन को अदालत में बताना होगा कि उनकी ओर से दक्षिणेश्वर मंदिर को कोई आर्थिक अनुदान दिया गया था या नहीं. मंदिर को मिले दान का ट्रस्ट ने नहीं रखा है कोई हिसाब इससे पहले दक्षिणेश्वर काली मंदिर के खातों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआइएल) दायर की गयी थी. मंदिर के पुजारियों और भक्तों ने मंदिर ट्रस्ट के खातों और संपत्ति के रख-रखाव में घोर अनियमितता का आरोप लगाया है. याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि इस वर्ष काली पूजा के अवसर पर मंदिर के अधिकारियों ने बड़ी संख्या में गहने और साड़ियों के दान का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Dakshineshwar Kali Mandir: दक्षिणेश्वर मंदिर के अधिकारियों पर लगाये गये हैं गंभीर आरोप आरोप है कि दक्षिणेश्वर मंदिर के अधिकारियों के पास पिछले कुछ वर्षों में बंगाल प्रशासन से प्राप्त 130 करोड़ रुपए और केंद्र प्रशासन से विभिन्न मदों में मिले 20 करोड़ रुपए का उचित लेखा-जोखा नहीं है. मंदिर के ट्रस्ट के अधिकारियों ने मंदिर परिसर के भीतर दुकान मालिकों को स्थान आवंटित करने के साथ-साथ ट्रस्टी बोर्ड के पदाधिकारियों का चुनाव किया, जो अदालत के निर्देश के 20 साल बाद हुआ. इस चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं. याचिकाकर्ताओं ने ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसी या किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली न्यायिक समिति से मामले की स्वतंत्र जांच की अपील की है. 1848 में रानी रासमणि ने शुरू करवाया था मंदिर का निर्माण प्रसिद्ध समाजसेवी रानी रासमणि ने वर्ष 1848 में मंदिर का निर्माण शुरू करवाया था. मंदिर का निर्माण वर्ष 1856 में पूरा हुआ. गदाधर चट्टोपाध्याय, जो बाद में रामकृष्ण परमहंस के रूप में विख्यात हुए, को पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया. शुरू में रामकृष्ण अपने बड़े भाई रामकुमार चट्टोपाध्याय की सहायता करते थे, जो उस समय मंदिर के मुख्य पुजारी थे. बाद में बड़े भाई की मृत्यु के बाद रामकृष्ण ने मुख्य पुजारी के रूप में पदभार संभाला. कहा जाता है कि रानी रासमणि ने सपने में देवी काली के दिव्य दर्शन के बाद मंदिर का निर्माण शुरू करवाया था. इसे भी पढ़ें West Bengal tourism: मां भवतारिणी का ऐतिहासिक मंदिर है “दक्षिणेश्वर काली मंदिर” दक्षिणेश्वर मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की पूजा The post दक्षिणेश्वर मंदिर निजी संपत्ति या सार्वजनिक, मालिकाना हक पर कलकत्ता हाईकोर्ट में 17 से होगी लगातार सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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Numerology: इन तारीखों में जन्मीं लड़कियां बनती हैं सुंदरता और किस्मत की रानी, पिता और पति के घर में कभी नहीं होती धन-दौलत की कमी

Numerology: हमारा स्वभाव कैसा होगा यह काफी हद तक हम इस बात पर भी निर्भर करता है कि हम किस दिन या फिर तारीख पर जन्में हैं. आसान शब्दों में अगर कहें तो आप किस तारीख को जन्में या फिर आपका मूलांक क्या है इसका आपके जीवन में काफी गहरा प्रभाव पड़ता है. आज हम आपको कुछ ऐसे तारीखों में जन्मीं लड़कियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें सुंदरता की मूरत माना जाता है. अंक शास्त्र के जानकार बताते हैं कि इन तारीखों या फिर इस मूलांक की जो लड़कियां होती है उन्हें जीवन में कभी पैसों की कमी नहीं होती है और साथ ही ये जीवन में तरक्की की हर सीढ़ी काफी आसानी से चढ़ पाती है. जानकार बताते हैं कि इस मूलांक की जो लड़कियां होती है वे शादी के बाद अपने पति की किस्मत को भी पूरी तरह से चमका देती है. तो चलिए इन तारीखों या फिर इस मूलांक में जन्मीं लड़कियों के बारे में विस्तार से जानते हैं. किस मूलांक की लड़कियां होती हैं सुंदरता की मूरत आज हम जिन लड़कियों के बारे में बात कर रहे हैं उनका मूलांक 6 है. अगर आप एक लड़की हैं और आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15 या फिर 24 तारिख को हुआ है तो आपका मूलांक 6 है. शुक्र को इस मूलांक का ग्रह स्वामी माना जाता है और इसके साथ मां लक्ष्मी के साथ भी इनका खास रिश्ता होता है. अगर आप नहीं जानते हैं तो बता दें शुक्र को हमेशा से ही धन-दौलत, सुंदरता और समृद्धि का फैक्टर माना जाता है. ये भी पढ़ें: Numerology: जीवन हो जाएगा बर्बाद अगर इन तारीखों में जन्मे लोगों से कर ली शादी, दुख और तकलीफ के साथ पड़ेगा जीना पति की किस्मत बदलने की रखती हैं ताकत मूलांक 6 की जो लड़कियां होती हैं वे काफी ज्यादा खुशकिस्मत मानी जाती हैं. जबतक इनकी शादी नहीं होती है तबतक वे अपने पिता और परिवार के लिए किस्मत के दरवाजे खोलती है, और जब इनकी शादी हो जाती है तो इसके बाद अपने पति और ससुराल की किस्मत बदल देती है. ये लड़कियां शादी के बाद जिस घर भी जाती है उस घर में कभी भी धन-दौलत की कमी नहीं होने देती है. सुंदरता की मूरत होती हैं ये लड़कियां मूलांक 6 की लड़कियों पर शुक्र का काफी गहरा प्रभाव होता है जिस वजह से ये दिखने में काफी खूबसूरत होती है. ये लड़कियां सिर्फ शक्ल से खूबसूरत नहीं होती हैं बल्कि नीयत के मामले में भी ये काफी खूबसूरत होती है. ये भी पढ़ें: Numerology: अरबों की संपत्ति के मालिक बनते हैं इस मूलांक के लोग, जीवन में नहीं रहती किसी चीज की कमी Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Numerology: इन तारीखों में जन्मीं लड़कियां बनती हैं सुंदरता और किस्मत की रानी, पिता और पति के घर में कभी नहीं होती धन-दौलत की कमी appeared first on Naya Vichar.

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2040 तक मनुष्य को चांद पर भेजने का है भारत का लक्ष्य, कोलकाता में बोले शुभांशु शुक्ला

Table of Contents हिंदुस्तान ने स्पेस साइंस में बड़े और बोल्ड लक्ष्य तय किये – शुभांशु टेस्ट मिशन के आधार पर तय होगी आखिरी तारीख – शुक्ला 18 दिन के मिशन के बाद हिंदुस्तान लौटे थे शुभांशु शुक्ला रहने के लिए शानदार जगह है स्पेस – शुभांशु शुक्ला Shubhanshu Shukla in Kolkata: ट्रेनिंग के अनुभवों से बहुत अलग था स्पेस में रहना रोजगार के अवसर पैदा करेगा ह्यूमन स्पेसफ्लाइट 2047 तक विकसित हिंदुस्तान बनाने की जिम्मेदारी हिंदुस्तान के युवाओं पर गांव का शिशु में भी विश्वास पैदा करता है स्पेश मिशन 20-30 साल तक चलने वाला सिस्टम तैयार करें वैज्ञानिक Shubhanshu Shukla in Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजदानी कोलकाता में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आइएसएस) की यात्रा करने वाले पहले हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष यात्री, एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने बुधवार को कोलकाता में कहा कि अंतरिक्ष की दुनिया में नयी पहचान बनाने के लिए हिंदुस्तान तेजी से आगे बढ़ रहा है. ‘बड़े और साहसिक सपने’ देख रहा है. इंडियन सेंटर फॉर स्पेस फिजिक्स की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से कहा कि वर्ष 2040 तक चांद पर मनुष्य भेजने की दिशा में हिंदुस्तान तेजी से आगे बढ़ रहा है. हिंदुस्तान ने स्पेस साइंस में बड़े और बोल्ड लक्ष्य तय किये – शुभांशु उन्होंने कहा कि एक देश के तौर पर हिंदुस्तान ने स्पेस साइंस में कुछ बड़े और बोल्ड लक्ष्य तय किये हैं. इनमें गगनयान मिशन, इंडियन स्पेस स्टेशन का निर्माण और चांद पर मनुष्य को भेजना शामिल है. मिशन की समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि स्पेस मिशन बहुत मुश्किल होते हैं. अभी कोई पक्की तारीख बताना मुश्किल है. हालांकि, वर्ष 2040 को लक्ष्य मानकर काम आगे बढ़ रहा है. टेस्ट मिशन के आधार पर तय होगी आखिरी तारीख – शुक्ला शुभांशु शुक्ला ने कहा कि अभी जो टेस्ट मिशन चल रहे हैं, उनकी प्रगति के आधार पर आखिरी तारीख तय की जायेगी. अभी मैं इतना कह सकता हूं कि हम लक्ष्य तक पहुंच जायेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगले 10 से 20 सालों में स्पेस एक्सप्लोरेशन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने वाला है, जिसे अपनी आंखों से देखना बहुत ही रोमांचक अनुभव होगा. 18 दिन के मिशन के बाद हिंदुस्तान लौटे थे शुभांशु शुक्ला शुभांशु शुक्ला एक्जिओम-4 मिशन के हिस्से के तौर पर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जाने वाले पहले हिंदुस्तानीय हैं. वह 18 दिन के मिशन के बाद 17 अगस्त, 2025 को अमेरिका से हिंदुस्तान लौटे. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें रहने के लिए शानदार जगह है स्पेस – शुभांशु शुक्ला इंडियन सेंटर फॉर स्पेस फिजिक्स में आयोजित कार्यक्रम में स्कूली बच्चों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि स्पेस ‘रहने के लिए एक शानदार जगह’ है. वहां गहरी शांति और ‘अद्भुत नजारा’ है. यह समय के साथ और भी मनमोहक होता जाता है. शुक्ला ने कहा कि आप जितने ज्यादा समय तक वहां रुकेंगे, आपको उतना ही ज्यादा मजा आयेगा. Shubhanshu Shukla in Kolkata: ट्रेनिंग के अनुभवों से बहुत अलग था स्पेस में रहना हल्के-फुल्के अंदाज में शुभांशु ने कहा कि वह असल में वापस नहीं आना चाहते थे. स्पेस में रहने का प्रैक्टिकल अनुभव ट्रेनिंग के अनुभवों से बहुत अलग था. उन्होंने कहा कि जो अनुभव मिला है, वह एक नेशनल एसेट है. कोलकाता के इंडियन सेंटर फॉर स्पेस फिजिक्स में अधिकारियों के साथ शुभांशु शुक्ला. फोटो : नया विचार रोजगार के अवसर पैदा करेगा ह्यूमन स्पेसफ्लाइट शुभांशु शुक्ला ने कहा कि जैसे-जैसे हिंदुस्तान अपनी ह्यूमन स्पेसफ्लाइट क्षमताओं को बढ़ायेगा, यह सेक्टर रोजगार के बहुत सारे मौके पैदा करेगा. शुक्ला ने यह भी कहा कि यह कामयाबी अकेले उनकी नहीं, बल्कि पूरे देश की है. 2047 तक विकसित हिंदुस्तान बनाने की जिम्मेदारी हिंदुस्तान के युवाओं पर उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के युवा काफी प्रतिभाशाली हैं. उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति ध्यान केंद्रित करना चाहिए. जिज्ञासु बने रहना चाहिए और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक एक विकसित हिंदुस्तान बनने में देश के युवाओं के कंधों पर ही पूरी जिम्मेदारी है. गांव का शिशु में भी विश्वास पैदा करता है स्पेश मिशन उन्होंने कहा कि गगनयान और भविष्य के मिशन के साथ हिंदुस्तान में शिशु न केवल एस्ट्रोनॉट बनने का सपना देख पायेंगे, बल्कि देश के अंदर इसे हासिल भी कर पायेंगे. स्पेस मिशन एक गांव के शिशु में भी यह विश्वास पैदा करता है कि वह भी एक दिन स्पेस में जा सकता है. जब आप एक व्यक्ति को स्पेस में भेजते हैं, तो आप लाखों उम्मीदें जगाते हैं. इसलिए ऐसे प्रोग्राम जारी रहने चाहिए. 20-30 साल तक चलने वाला सिस्टम तैयार करें वैज्ञानिक शुभांशु ने कहा कि साइंटिस्ट्स को ऐसे सिस्टम के लिए तैयार रहना चाहिए, जो 20-30 साल तक चले. साथ ही यह भी पक्का करना चाहिए कि वे ऐसी टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट कर सकें, जो अब से एक दशक बाद सामने आयेंगी. शुक्ला ने आगे कहा कि वह भविष्य में और भी स्पेस मिशन का इंतज़ार कर रहे हैं. और स्पेस वॉक करने के लिए उत्सुक हैं. इसे भी पढ़ें ‘जीवन गाड़ी है और समय उसका पहिया’, Axiom-4 मिशन पूरा कर हिंदुस्तान लौटे शुभांशु शुक्ला, साझा किया भावुक संदेश Shubhanshu Shukla: कौन हैं शुभांशु शुक्ला, जो बनेंगे अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर जाने वाले पहले हिंदुस्तानीय शुभांशु की उड़ान नये युग की शुरुआत, पढ़ें पीके जोशी का खास लेख Shubhanshu Shukla: अंतरिक्ष में खेती करने लगे शुभांशु शुक्ला, मेथी और मूंग उगाई The post 2040 तक मनुष्य को चांद पर भेजने का है हिंदुस्तान का लक्ष्य, कोलकाता में बोले शुभांशु शुक्ला appeared first on Naya Vichar.

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Rajasthan Weather: अगले 48 घंटे में सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, छा सकते हैं बादल, IMD ने बताया कैसा रहेगा मौसम?

Rajasthan Weather: राजस्थान में मौसम तेजी से बदल रहा है. हिंदुस्तान मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 48 घंटों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है. हालांकि यह ताकतवर वेस्टर्न डिस्टरबेंस नहीं है. इसके कारण राज्य के कई हिस्सों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है. मौसम विभाग का अनुमान है कि राजस्थान में फिलहाल शुष्क मौसम है, आगामी दिनों में भी मौसम के शुष्क रहने की संभावना है. न्यूनतम तापमान में आ सकती है गिरावट मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान में सर्दी अपनी रफ्तार में है. कई इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. न्यूनतम तापमान दहाई अंक के नीचे बना हुआ है. मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक कुछ जगहों पर दिन का तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है. हालांकि, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट होने की संभावना है. एक्टिव होने वाला है नया पश्चिमी विक्षोभ आईएमडी के मुताबिक अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट हो सकती है. राज्य में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. इस बीच 12 दिसंबर से एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है. जिसके प्रभाव से आंशिक बादल छा सकते हैं और न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है. कई इलाकों में न्यूनतम तापमान दहाई अंक से नीचे हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग के जयपुर केंद्र के मुताबिक शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान छह से सात डिग्री सेल्सियस के आसपास है, जो सामान्य है जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान आठ से 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है. आईएमडी ने बताया कि अधिकतम तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस ऊपर बना हुआ है.(इनपुट- भाषा) Also Read: Weather Forecast: 10 से 14 दिसंबर तक कोल्ड वेव और कोहरे का प्रकोप, 48 घंटे में और गिरेगा पारा, आईएमडी का अलर्ट The post Rajasthan Weather: अगले 48 घंटे में सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, छा सकते हैं बादल, IMD ने बताया कैसा रहेगा मौसम? appeared first on Naya Vichar.

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15 साल बाद सचिन तेंदुलकर ने निभाया वादा, पूर्व साथी क्रिकेटर के लिए किया यह काम

Sachin Tendulkar: सचिन तेंदुलकर का हिंदुस्तानीय क्रिकेटर के रूप में करियर पच्चीस साल तक चला, लेकिन क्रिकेटर बनने से पहले भी कुछ लोगों ने युवा सचिन को हिंदुस्तानीय क्रिकेट का मास्टर ब्लास्टर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. प्रोफेसर रमेश तेंदुलकर ने यह सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई कि तेंदुलकर का पालन-पोषण सर्वोत्तम तरीके से हो, और उनके कोच रमाकांत अचरेकर ने इस अनमोल हीरे को तराशा. इसके अलावा, सुनील गावस्कर और विव रिचर्ड्स जैसे खिलाड़ियों का तेंदुलकर पर सबसे बड़ा प्रभाव रहा, साथ ही कपिल देव की 1983 विश्व कप विजेता टीम का भी, जिसने मुंबई के बांद्रा में रहने वाले 10 वर्षीय सचिन के मन में हिंदुस्तान के लिए स्पोर्ट्सने की आग जला दी. अब एक और नाम सामने आया है, जिसने सचिन को महान बनाने की शुरुआत की. वह नाम पूर्व क्रिकेटर गुरशरण सिंह का है, जिनसे किया गया वादा सचिन ने 15 साल बाद निभाया. 15 years later Sachin Tendulkar fulfilled his promise doing this for former teammate सचिन ने याद की कई साल पुरानी बात मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान तेंदुलकर ने एक घटना को याद किया, जिसमें उनके साथी खिलाड़ी गुरशरण सिंह के निस्वार्थ कार्य के कारण उन्हें हिंदुस्तानीय टीम में जगह मिली. तेंदुलकर ने नवंबर 1989 में हिंदुस्तान के लिए डेब्यू किया था और हालांकि उन्होंने एक युवा खिलाड़ी के रूप में हिंदुस्तानीय टीम में जगह बनाने के लिए सब कुछ हासिल कर लिया था, लेकिन एक अंतिम परीक्षा बाकी थी. ईरानी कप में ‘रेस्ट ऑफ इंडिया’ का प्रतिनिधित्व करते हुए, सचिन 85 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे जब नौवां विकेट गिर गया. उनके बाद उप-कप्तान गुरशरण सिंह बल्लेबाजी करने आए थे, जो पहली पारी में लगी उंगली की चोट के कारण बल्लेबाजी नहीं कर सके थे, लेकिन स्वर्गीय राज सिंह डूंगरपुर के आग्रह पर उन्होंने बल्लेबाजी की. ट्रायल मैच में सचिन को मिली थी बड़ी मदद सचिन ने बताया, ‘वह हिंदुस्तानीय टीम के लिए मेरा ट्रायल मैच था. गुरशरण को बल्लेबाजी नहीं करनी थी, लेकिन उन्होंने राज सिंह की बात मानी और बल्लेबाजी करने आए और अंततः मुझे अपना शतक पूरा करने में मदद की. उसके बाद मेरा चयन हिंदुस्तान के लिए हो गया. बाद में, गुरशरण भी हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बने. मैंने वहां उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा किया, क्योंकि टूटे हुए हाथ के साथ मैदान पर आना उनके लिए बहुत बड़ी बात थी. उनका इरादा, उनका रवैया मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखता था. इसने मेरे दिल को छू लिया.’ जब तेंदुलकर ने निभाया अपना वादा उस पारी ने कुछ महीनों बाद तेंदुलकर की हिंदुस्तानीय टीम में इंट्री हुई, लेकिन स्पोर्ट्स के दिग्गज बनने के बावजूद, गुरशरण का वह भाव उनके मन में हमेशा बसा रहा. वर्षों बाद, जब तेंदुलकर को फिर से टीम में शामिल होने का मौका मिला, तो उन्होंने 2005 में बड़े ही शानदार अंदाज में वापसी की. अपने वादे के बारे में बताते हुए सचिन ने कहा, ‘उन दिनों, रिटायरमेंट लेने वाले क्रिकेटरों के लिए चैरिटी मैच आयोजित किए जाते थे. इसलिए मैंने न्यूजीलैंड में उनसे कहा कि गुशी, एक दिन तो आपको भी रिटायर होना ही पड़ेगा. आप जीवन भर तो नहीं स्पोर्ट्स सकते, लेकिन जिस दिन आप रिटायर होंगे और आपको चैरिटी मैच मिलेगा, मैं वादा करता हूं कि मैं जरूर स्पोर्ट्सने आऊंगा. और मुझे खुशी है कि मुझे उनका मैच स्पोर्ट्सने का मौका मिला.’ सचिन ने आगे कहा, ‘मैंने उनसे कहा कि गुशी, मैंने न्यूजीलैंड में (1990 में) आपसे वादा किया था कि मैं आपके चैरिटी मैच में स्पोर्ट्सूंगा और 15 साल बाद, अब जब आपने चैरिटी मैच की मेजबानी करने का फैसला किया है, तो मैं निश्चित रूप से आऊंगा और स्पोर्ट्सूंगा. ये यादें आज भी मेरे साथ हैं और आज, मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैंने जो भी वादा किया, उसे पूरा किया.’ ये भी पढ़ें… रातोंरात नहीं हुआ फैसला, 2023 में ही शुभमन गिल को कप्तान बनाने का BCCI ने कर लिया था फैसला IPL Auction में इकलौता एसोसिएट खिलाड़ी, कौन हैं मलेशिया के ऑलराउंडर वीरनदीप सिंह The post 15 साल बाद सचिन तेंदुलकर ने निभाया वादा, पूर्व साथी क्रिकेटर के लिए किया यह काम appeared first on Naya Vichar.

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शादी तय होने के बाद चुप मत रहिए! इन मुद्दों पर बातचीत नहीं की तो रिश्ता खटाई में पड़ सकता है!

Relationship Tips: हिंदुस्तानीय समाज में शादी केवल एक रिश्ता नहीं बल्कि दो परिवारों, दो संस्कृतियों और दो लोगों की सोचों का संगम होता है. अक्सर देखा जाता है कि रिश्ते की प्राथमिक छानबीन दिखने वाली बातों- जैसे फोटो, गोत्र, समाजिक पृष्ठभूमि और नौकरी से कर ली जाती है, पर असल जीवन इन पहचान से आगे की जमीनी चुनौतियां लेकर आता है. इसलिए शादी तय होने के बाद कुछ अहम विषयों पर खुलकर बातचीत करना जरूरी है ताकि आगे चलकर किसी भी तरह की गलतफहमी या कड़वाहट न पनपे. करियर और भविष्य की योजना पर स्पष्टता जरूरी पहला अहम मुद्दा करियर और भविष्य की योजना का होता है. कई बार एक साथी सोचता है कि शादी के बाद दूसरा नौकरी छोड़ देगा या किसी और शहर में चला जाएगा, जबकि दूसरे की प्राथमिकताएं पूरी तरह अलग होती हैं. इसीलिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि आगे किस तरह से करियर को प्राथमिकता दी जाएगी. अगर शहर बदलने की योजना है तो यह भी पूछ लें पारिवारिक जिम्मेदारियों का किस तरह से निर्वाहन किया जाएगा. इस तरह की स्पष्टता भविष्य के बड़े झटकों को टालने में मदद करती है. Also Read: Relationship Tips: रिश्ता टूटने की शुरुआत इन रेड फ्लैग्स से होती है, समय रहते पहचानें ये चुपचाप वाले संकेत रहने के विषय पर बात करना जरूरी दूसरा महत्वपूर्ण विषय रहने की व्यवस्था का है. क्या दंपति जॉइंट फैमिली में रहेंगे या किराये के मकान पर अलग रहना पसंद करेंगे. अपने घर को लेकर क्या योजना है, ये बातें पहले तय होनी चाहिए. अक्सर यही छोटे-छोटे फैसले दिनचर्या में खिंचाव और मनमुटाव का कारण बन जाते हैं. शहर बदलने, परिवार के साथ रहने या ससुराल-सौहार्द में किस तरह सहभागिता होगी, इन बिंदुओं पर स्पष्टता रिश्ते को स्थिर बनाती है. आर्थिक मामलों पर भी खुलकर बातचीत जरूरी पैसा रिश्तों में अक्सर संवेदनशील विषय होता है. शादी के बाद किस पर खर्च करना है किस पर नहीं यह भी क्लियर होना जरूरी है. दोनों कितना बचत करेंगे, बैंकिंग, EMI और निवेश में किसका क्या योगदान होगा और बड़े आर्थिक फैसले कैसे लिए जाएंगे, इन पर खुली बातचीत जरूरी है. पारदर्शिता न होने पर पैसों से जुड़ी छोटी बातें भी जल्दी बड़ी असहमति बन जाती हैं. इसलिए शुरुआती दौर में ही आर्थिक सोच और जिम्मेदारियों की स्पष्टता रिश्ते को मजबूत आधार देती है. बच्चों और पारिवार की अपेक्षाएं बहुत लोग शादी के वक्त बच्चों को लेकर प्लानिंग नहीं करते हैं, मगर यह विषय भविष्य में रिश्ते पर गहरा असर डालता है. दोनों पार्टनरों की इच्छा, शिशु कब चाहिये, कितने चाहिये और पालन-पोषण की तैयारी. इन सब बातों पर डिस्कशन होना जरूरी है. साथ ही परिवार की अपेक्षाओं पर भी चर्चा जरूरी है ताकि आगे चलकर अनबन न हो. रोजमर्रा की आदतों पर भी चर्चा जरूरी रिश्ते की असल परीक्षा रोजमर्रा की आदतों में दिखती है. घूमने-फिरने की प्राथमिकता, सामाजिक मेल-जोल, धार्मिकता बनाम आधुनिकता, गुस्सा जाहिर करने का तरीका या चुप्पी निभाने की प्रवृत्ति, ये छोटी-छोटी चीजें धीरे-धीरे नाराजगी और दूरी का कारण बन सकती हैं. इसलिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि आपका साथी किस तरह की दिनचर्या और व्यवहार को प्राथमिकता देता है. Also Read: Relationship Tips: इमोशनल कनेक्शन कमजोर पड़ रहा है? रिश्ता फिर से प्यार और समझ से भरने के लिए अपनाएं ये टिप्स The post शादी तय होने के बाद चुप मत रहिए! इन मुद्दों पर बातचीत नहीं की तो रिश्ता खटाई में पड़ सकता है! appeared first on Naya Vichar.

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