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December 15, 2025

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” पोमैटो” से बदलेगी खेती की तस्वीर, एक ही पौधे में उगेगा आलू व टमाटर

सतीश कुमार पांडेय, नरकटियागंज (पचं) प्रशासन के जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान के संकल्प को नरकटियागंज में जमीन पर उतारा जा रहा है. बिहार में सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में एक नयी क्रांति की आहट सुनाई दे रही है. अब एक ही पौधे में नीचे आलू और ऊपर टमाटर उगाकर किसान अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा सकेंगे. इस अनोखे पौधे को ‘पोमैटो’ नाम दिया गया है, जो आलू और टमाटर का वैज्ञानिक मेल है. यह अभिनव प्रयोग नरकटियागंज कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) और यहां के प्रगतिशील किसानों के प्रयास से आकार ले रहा है. उत्तर प्रदेश में विकसित पोमैटो पौधे को अब चंपारण की मिट्टी और जलवायु में परखा जा रहा है. अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो आने वाले दिनों में खेतों के साथ घरों की छतों, बालकनियों और गमलों में भी पोमैटो की खेती लहलहाती नजर आएगी. पोमैटो को विकसित करने में जुटे प्रगतिशील किसान दीपेंद्र दुबे बताते हैं कि यह पूरी तरह वैज्ञानिक ग्राफ्टिंग तकनीक पर आधारित है. इसमें आलू की जड़ और टमाटर की ऊपरी शाखा को जोड़कर एक ही पौधा तैयार किया जाता है. कृषि विज्ञान केंद्र ने उन्हें इस पौधे का ट्रायल करने की जिम्मेदारी दी है. वह पूरे उत्साह के साथ इस प्रयोग में लगे हैं. दीपेंद्र दुबे का कहना है कि चंपारण हमेशा से कृषि प्रयोगों की भूमि रहा है. गन्ने के साथ गोभी और अन्य अंतरवर्ती फसलों की खेती के बाद अब एक ही पौधे से दो फसल लेने का सपना भी साकार होने जा रहा है. यह प्रयोग सफल हुआ, तो किसानों की लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा. वाराणसी में विकसित हुआ पोमैटो हिंदुस्तानीय सब्जी अनुसंधान केंद्र वाराणसी द्वारा विकसित इस पोमैटो के बा रे में कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि इसे केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अनंत बहादुर सिंह ने विकसित किया है. चंपारण की जलवायु और मिट्टी इस पौधे के लिए अनुकूल है, इसलिए यहां इसका परीक्षण किया जा रहा है. डॉ सिंह के अनुसार, एक पोमैटो पौधे से औसतन 1 से 1.5 किलो आलू और 4 से 5 किलो टमाटर का उत्पादन संभव है. यदि यह प्रयोग बड़े पैमाने पर सफल रहा, तो सब्जी उत्पादन में एक नया अध्याय जुड़ेगा. बिहार के किसान आधुनिक विज्ञान की मदद से खेती की तस्वीर बदल देंगे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ” पोमैटो” से बदलेगी खेती की तस्वीर, एक ही पौधे में उगेगा आलू व टमाटर appeared first on Naya Vichar.

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जिले में तीन से चार गुना तक बढ़ सकता है जमीन की खरीद-बिक्री का शुल्क, सर्वे शुरू

बेतिया. जिले में अगले वित्तीय वर्ष से नया मार्केट वैल्यू रेट (एमवीआर) लागू किए जाने की तैयारी है. नए एमवीआर के प्रभावी होने के बाद शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जमीन की रजिस्ट्री शुल्क में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है. वर्तमान में जिले को भूमि निबंधन से लगभग 200 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होता है, जो नए दर लागू होने के बाद बढ़कर 400 से 600 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. अधिकारियों की माने तो शहरी क्षेत्र में वर्ष 2016 और ग्रामीण क्षेत्र में वर्ष 2013 के बाद से एमवीआर का पुनरीक्षण नहीं किया गया है. अब जिला मूल्यांकन समिति द्वारा नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत और राजस्व ग्रामों के लिए इलाका-वार एमवीआर संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. समिति स्थल निरीक्षण कर मूल्य-सर्वेक्षण का कार्य कर रही है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर नया प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, रजिस्ट्री विभाग का विशेष जोर नगर निगम के नव अधिग्रहित क्षेत्रों पर है, ताकि नए एमवीआर के माध्यम से प्रशासन को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके. जमीन की खरीद-फरोख्त सबसे अधिक नगर निगम क्षेत्र में होने के कारण एमवीआर में बदलाव का सर्वाधिक असर भी यहीं देखने को मिलेगा. संशोधन के बाद जमीन रजिस्ट्री की लागत तीन से चार गुना तक बढ़ जाएगी. ——————– मौजों की बढ़ेगी संख्या, तैयार होगा नया प्रस्ताव जिला सब-रजिस्ट्रार गिरीशचंद्र ने बताया कि एमवीआर के पुनरीक्षण से मौजों (क्षेत्रों) की संख्या में भी बढ़ोतरी हो सकती है. नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में आसपास के इलाकों को शामिल करने की प्रक्रिया भी चल रही है. उन्होंने बताया कि राजस्व ग्रामों के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, क्योंकि वर्तमान में एमवीआर दर और बाजार मूल्य के बीच बड़ा अंतर है. —————————– बाजार मूल्य के करीब आएगी प्रशासनी लागत अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल व्यावसायिक श्रेणी की डीलक्स संरचना का एमवीआर मात्र 1492 रुपये प्रति वर्गफीट निर्धारित है, जबकि इसका बाजार मूल्य लगभग 5 से 6 हजार रुपये प्रति वर्गफीट तक है. इसी तरह आवासीय संरचना की दर 800 से 1000 रुपये प्रति वर्गफीट है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 3 से 5 हजार रुपये प्रति वर्गफीट तक है. ऐसे में भूमि के साथ-साथ संरचना और निर्माण मूल्य को तीन से चार गुना तक बढ़ाकर प्रशासनी दर को बाजार मूल्य के करीब लाने की जरूरत बताई जा रही है. ————— भूमि वर्गीकरण प्रक्रिया बदला इसके साथ ही जिले में जमीन के वर्गीकरण की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवसायिक, औद्योगिक, आवासीय, उच्च मार्ग व मुख्य सड़कों के दोनों ओर की भूमि, सिंचित-असिंचित भूमि, बलुआही, दियारा और चंवर भूमि को शामिल किया गया है. वहीं शहरी क्षेत्रों में प्रधान सड़क व्यवसायिक व आवासीय भूमि, मुख्य सड़क व्यवसायिक व आवासीय भूमि, औद्योगिक भूमि, शाखा सड़क, गली की आवासीय भूमि तथा कृषि व गैर-आवासीय भूमि को नए वर्गीकरण में रखा गया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जिले में तीन से चार गुना तक बढ़ सकता है जमीन की खरीद-बिक्री का शुल्क, सर्वे शुरू appeared first on Naya Vichar.

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हरदिया से लौरिया जाने वाली सड़क सौ फुट चौड़ी, दुबारा हटेगा अतिक्रमण

नरकटियागंज. नगर के हरदिया चौक से लौरिया और रामनगर जाने वाले रोड में फिर से अतिक्रमण हटाया जाएगा. इसको लेकर नगर परिषद प्रशासन की ओर से सड़क की जमीन कितनी अतिक्रमित की गयी है सोमवार को पैमाईश शुरू की गयी. टाउन प्लानर मो. वसीम ने बताया कि नगर कार्यपालक पदाधिकारी के निर्देश के आलोक में नगर परिषद क्षेत्र को पुरी तरह अतिक्रमण मुक्त करने की कार्यवाही की जा रही है. हरदिया चौक से लौरिया और रामनगर जाने वाली सड़क की पैमाईश करायी जा रही है. इस रोड में बीते 13 दिसंबर को अतिक्रमण हटाया गया था. लेकिन अभी भी सड़क की भूमि को अतिक्रमित किया गया है. उसे चिन्हित कर मार्किंग की जा रही है. नगर परिषद की ओर से 19 13 सर्वे के नक्शे के अनुसार सड़क की पैमाईश की जा रही है. इसमें चौड़ाई कही 80 फीट, कही 90 तो कही 110 फीट तक है. नगर परिषद के अमीन रामजी कुशवाहा ने बताया कि अभी 1913 के नक्शा के आधार पर मापी कर मार्किंग किया जा रहा है. बता दें कि सड़क के दोनों किनारे बहुत सारे अतिक्रमणकारी काबिज है जिनमें बड़े बड़े रसुखदार भी शामिल है. 13 दिसंबर को जब अतिक्रमण हटाने पुलिस प्रशासन की टीम उतरी तो उन्हे स्थानीय लोगो व दुकानदारों का आक्रोश भी झेलना पड़ा. लोगो का कहना है कि सही तरीके से अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर अतिक्रमण नही हटाया जा रहा है. ऐसे में नगर परिषद प्रशासन अब पहिले मार्किंग कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही में जुट गया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post हरदिया से लौरिया जाने वाली सड़क सौ फुट चौड़ी, दुबारा हटेगा अतिक्रमण appeared first on Naya Vichar.

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बाजार से 10–20 रुपये के नोट गायब! छोटे नोटों की किल्लत से आम आदमी बेहाल

Currency Crisis: देश में छोटे मूल्य वाले नोटों की भारी किल्लत सामने आ रही है. अखिल हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक कर्मचारी संघ (एआईआरबीईए) ने इसे लेकर गंभीर चिंता जताई है. संघ का कहना है कि 10, 20 और 50 रुपये के नोट देश के कई हिस्सों से लगभग गायब हो चुके हैं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यह समस्या खास तौर पर कस्बों और ग्रामीण इलाकों में ज्यादा गंभीर बताई जा रही है. आरबीआई को लिखा गया पत्र एआईआरबीईए ने हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को एक पत्र लिखकर इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया है. यह पत्र आरबीआई के मुद्रा प्रबंधन विभाग के प्रभारी डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर को संबोधित किया गया है. कर्मचारी संघ का दावा है कि जहां एक ओर 100, 200 और 500 रुपये के नोट आसानी से उपलब्ध हैं. वहीं, छोटे मूल्य वाले नोटों की उपलब्धता लगभग नगण्य हो गई है. एटीएम और बैंक शाखाओं से नहीं मिल रहे छोटे नोट कर्मचारी संघ ने पत्र में यह भी बताया कि एटीएम से निकलने वाले अधिकतर नोट उच्च मूल्य के होते हैं. आमतौर पर एटीएम से 200 या 500 रुपये के नोट ही मिलते हैं. इसके अलावा, बैंकों की शाखाएं भी ग्राहकों को 10, 20 या 50 रुपये के नोट उपलब्ध कराने में असमर्थ नजर आ रही हैं. इससे नकद लेनदेन करने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ा असर छोटे नोटों की कमी का सीधा असर आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है. स्थानीय परिवहन में किराया चुकाना मुश्किल हो गया है. किराने और सब्जी की खरीदारी में दुकानदार और ग्राहक दोनों परेशान हैं. छोटे दुकानदारों के पास छुट्टे न होने से लेनदेन में बार-बार विवाद की स्थिति बन रही है. एआईआरबीईए के अनुसार, छोटे मूल्य वाले नोटों के बिना दैनिक जरूरतों के लिए नकद लेनदेन करना बेहद कठिन हो गया है. डिजिटल भुगतान पूरी तरह समाधान नहीं कर्मचारी संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही प्रशासन और बैंक डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रहे हों, लेकिन यह समस्या का पूरा समाधान नहीं है. संघ के मुताबिक, देश की एक बड़ी आबादी आज भी रोजमर्रा के छोटे खर्चों के लिए नकद पर निर्भर है. ग्रामीण इलाकों, बुजुर्गों और छोटे व्यापारियों के लिए डिजिटल भुगतान हर जगह व्यवहारिक विकल्प नहीं बन पाया है. चलन में मुद्रा बढ़ी, फिर भी छोटे नोट गायब एआईआरबीईए ने एक अहम तथ्य की ओर भी ध्यान दिलाया है. संघ के मुताबिक, डिजिटल भुगतान बढ़ने के बावजूद चलन में मौजूद कुल मुद्रा लगातार बढ़ रही है. इसके बावजूद छोटे मूल्य वाले नोट बाजार में नजर नहीं आ रहे हैं, जो मुद्रा प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है. सिक्कों से भी नहीं मिली राहत छोटे नोटों की जगह सिक्कों के उपयोग को बढ़ावा देने की कोशिशें भी अब तक सफल नहीं हो पाई हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह सिक्कों की पर्याप्त उपलब्धता न होना और लोगों की सीमित स्वीकार्यता बताई जा रही है. नतीजतन, छोटे लेनदेन की समस्या जस की तस बनी हुई है. आरबीआई से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर्मचारी संघ ने इस पूरे मामले में केंद्रीय बैंक से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है. एआईआरबीईए का कहना है कि वाणिज्यिक बैंकों और आरबीआई काउंटरों के जरिये छोटे नोटों का पर्याप्त वितरण सुनिश्चित किया जाए. एटीएम में भी छोटे मूल्य वाले नोट शामिल किए जाएं. कॉइन मेला दोबारा शुरू करने का सुझाव समस्या के समाधान के लिए संघ ने ‘कॉइन मेला’ दोबारा शुरू करने का सुझाव भी दिया है. इन मेलों को पंचायतों, सहकारी संस्थाओं, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और स्वयं सहायता समूहोंके सहयोग से आयोजित किया जा सकता है, ताकि सिक्कों और छोटे नोटों का व्यापक प्रचलन हो सके. इसे भी पढ़ें: जॉर्डन पहुंचकर कितना गिर जाता हिंदुस्तान का रुपया? एक्सचेंज प्राइस जानकर पीट लेंगे माथा आम आदमी के लिए कब मिलेगी राहत? छोटे नोटों की किल्लत ने यह साफ कर दिया है कि नकद वित्तीय स्थिति आज भी आम आदमी की जरूरत है. अब देखना यह है कि आरबीआई और बैंकिंग सिस्टम इस संकट से निपटने के लिए कितनी जल्दी ठोस कदम उठाते हैं, ताकि आम लोगों और छोटे कारोबारियों को राहत मिल सके. भाषा इनपुट के साथ इसे भी पढ़ें: SBI FD Rates: एसबीआई ने फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों पर चला दिया हथौड़ा, नई दरें आज से लागू The post बाजार से 10–20 रुपये के नोट गायब! छोटे नोटों की किल्लत से आम आदमी बेहाल appeared first on Naya Vichar.

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AAYUSH: ट्रेडिशनल मेडिसिन पर ग्लोबल समिट की मेजबानी करेगा भारत  

AAYUSH: ट्रेडिशनल मेडिसिन पर दूसरे डब्लूएचओ ग्लोबल समिट की मेजबानी एक बार फिर से हिंदुस्तान करेगा. करेगा. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) और हिंदुस्तान प्रशासन के आयुष मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस इस शिखर सम्मेलन  में दुनिया भर से नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञ, स्वदेशी ज्ञान धारक और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. तीन दिवसीय यह सम्मेलन  17 से 19 दिसंबर 2025 तक नयी दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है. ग्लोबल समिट  की थीम “रिस्टोरिंग बैलेंस: द साइंस एंड प्रैक्टिस ऑफ़ हेल्थ एंड वेल-बीइंग” रखी गई है. ऐसे समय में जब वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियां असमानता, पर्यावरणीय दबाव और बढ़ती पुरानी बीमारियों की चुनौतियों से जूझ रही हैं, यह सम्मेलन पारंपरिक चिकित्सा की भूमिका को विज्ञान, प्रमाण और जिम्मेदार प्रैक्टिस के आधार पर फिर से स्थापित करने का प्रयास करेगा. अंतरराष्ट्रीय स्तर के 170 से ज्यादा विशेषज्ञ अपने विचार करेंगे साझा शिखर सम्मेलन में इस बात पर चर्चा होगी कि पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियां, आम लोगों लिए हेल्थकेयर, यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और सतत विकास में कैसे योगदान दे सकती हैं. सत्रों में पारंपरिक चिकित्सा को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों में सुरक्षित, प्रभावी और नैतिक तरीके से शामिल करने से जुड़े नीति, इनोवेशन और उभरते प्रमाणों पर फोकस रहेगा. शिखर सम्मेलन में हेल्थ सिस्टम को अधिक सुरक्षित, संतुलित और लचीला बनाने, मजबूत नियामक ढांचे, गुणवत्ता आश्वासन, डेटा, जवाबदेही और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी डिजिटल तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग पर भी व्यापक चर्चा होगी. साथ ही स्वदेशी और पारंपरिक ज्ञान, जैव विविधता संरक्षण और मूल निवासियों के अधिकारों को सम्मान देने पर विशेष जोर रहेगा. गौरतलब है कि पहला डब्लूएचओ ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन समिट वर्ष 2023 में गुजरात के गांधीनगर में आयोजित हुआ था. नयी दिल्ली में होने वाला यह दूसरा सम्मेलन पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्वास्थ्य एजेंडे का अहम हिस्सा बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. The post AAYUSH: ट्रेडिशनल मेडिसिन पर ग्लोबल समिट की मेजबानी करेगा हिंदुस्तान   appeared first on Naya Vichar.

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कहां मिलता है सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल? इस राज्य के रेट सुनकर होंगे खुश

Petrol Diesel Price: ईंधन कीमतों में असमानता से जुड़े एक सवाल के लिखित जवाब में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में पेट्रोल की कीमत 109.74 रुपये प्रति लीटर है, जबकि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में यही पेट्रोल 82.46 रुपये प्रति लीटर मिलता है. राज्यों में अलग-अलग कीमतों की क्या है वजह? मंत्री सुरेश गोपी ने बताया, पेट्रोल और डीजल की अंतिम कीमतों में केंद्र प्रशासन द्वारा तय उत्पाद शुल्क और संबंधित राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों द्वारा तय वैट या कर शामिल होते हैं. उन्होंने कहा कि देश भर में दरों में अंतर अलग-अलग मालभाड़ा दरों और वैट या स्थानीय करों के कारण होता है, जो विभिन्न राज्यों में एक समान नहीं होते हैं. आंध्र प्रदेश पेट्रोल पर सबसे अधिक 29.06 रुपये प्रति लीटर वैट वसूलता है राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) शासित आंध्र प्रदेश पेट्रोल पर सबसे अधिक 29.06 रुपये प्रति लीटर वैट वसूलता है, जबकि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में यह केवल 0.82 रुपये प्रति लीटर है. यह वैट केंद्र प्रशासन द्वारा उत्पाद शुल्क के रूप में लगाए गए 21.90 रुपये प्रति लीटर के ऊपर वसूला जाता है. जबकि आंध्र प्रदेश में डीजल की कीमत 97.57 रुपये प्रति लीटर है, जिसमें 21.56 रुपये प्रति लीटर वैट है. अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में डीजल की कीमत 78.05 रुपये प्रति लीटर है, क्योंकि वहां वैट सबसे कम (0.77 रुपये प्रति लीटर) है. केरल में पेट्रोल की कीमत 107.48 रुपये प्रति लीटर आंध्र प्रदेश के बाद वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) शासित केरल में पेट्रोल की कीमत 107.48 रुपये प्रति लीटर है. कांग्रेस-शासित तेलंगाना उससे कुछ ही पीछे है, जहां पेट्रोल 107.46 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. अन्य राज्यों में देखें पेट्रोल की कीमतें कई भाजपा-शासित राज्यों में भी पेट्रोल की कीमतें अधिक हैं, जिनमें मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 106.52 रुपये प्रति लीटर, पटना में 105.23 रुपये प्रति लीटर (जहां भाजपा एवं जद(यू) एवं कुछ अन्य दलों के गठबंधन का शासन है), राजस्थान के जयपुर में 104.72 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 103.54 रुपये प्रति लीटर शामिल हैं. तृणमूल कांग्रेस-शासित पश्चिम बंगाल में कोलकाता में पेट्रोल 105.41 रुपये प्रति लीटर है. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर महानगरों में दिल्ली में हमेशा ईंधन सस्ता रहा है, क्योंकि यहां कम कर लगाए जाते हैं. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर है, क्योंकि वहां 15.40 रुपये प्रति लीटर वैट लगाया जाता है. राज्य जहां पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक अन्य राज्य जहां पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक है, उनमें ओडिशा (भुवनेश्वर में 101.11 रुपये प्रति लीटर), कर्नाटक (बेंगलुरु में 102.92 रुपये), तमिलनाडु (चेन्नई में 100.80 रुपये) और जम्मू-कश्मीर (श्रीनगर में 100.71 रुपये प्रति लीटर) शामिल हैं. दमन में पेट्रोल 92.44 रुपये प्रति लीटर मिलता है. कम वैट दरों वाले छोटे राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में भी पेट्रोल सस्ता है, जिनमें पणजी (96.43 रुपये) और चंडीगढ़ (94.30 रुपये) शामिल हैं. राज्यों में डीजल की कीमतें प्रशासन के जवाब के अनुसार डीजल की कीमतों में भी कमोबेश ऐसा ही रुझान देखने को मिलता है। आंध्र प्रदेश के अमरावती में डीजल 97.57 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, इसके बाद केरल के तिरुवनंतपुरम में 96.48 रुपये, हैदराबाद में 95.70 रुपये और रायपुर में 93.39 रुपये प्रति लीटर है. बिहार और भाजपा शासित ओडिशा में डीजल की कीमत 91 से 93 रुपये प्रति लीटर के दायरे में है. अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में डीजल सबसे सस्ता है, जहां इसकी कीमत 78.05 रुपये प्रति लीटर है. दिल्ली में डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर बिकता है, जबकि गोवा में इसकी कीमत 87.81 रुपये प्रति लीटर है. गोपी ने कहा कि केंद्र प्रशासन ने नवंबर 2021 और मई 2022 में दो चरणों में पेट्रोल पर कुल 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 16 रुपये प्रति लीटर तक उत्पाद शुल्क घटाया था, जिसका पूरा लाभ उपभोक्ताओं को दिया गया. The post कहां मिलता है सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल? इस राज्य के रेट सुनकर होंगे खुश appeared first on Naya Vichar.

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Pollution: हवा की गुणवत्ता के बेहतर करने को लेकर हुई उच्च-स्तरीय बैठक

Pollution: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए ग्रैप-4 लागू किया जा चुका है. संसद में भी दिल्ली में वायु प्रदूषण पर रोकने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की मांग हो चुकी है और इस हफ्ते इस मामले पर संसद में चर्चा होने की संभावना है. बढ़ते प्रदूषण पर रोकथाम के लिए सोमवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गाजियाबाद और नोएडा में वायु प्रदूषण से निपटने के मकसद से तैयार कार्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. एनसीआर में शहर-आधारित कार्य योजनाओं पर समीक्षा बैठकों की श्रृंखला के तौर पर यह पहली समीक्षा थी, जिसका समापन आने वाले दिनों में राज्य-स्तरीय समीक्षा बैठक के साथ होगा. समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने गाजियाबाद और नोएडा के वरिष्ठ अधिकारियों से प्रदूषण से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी. साथ ही प्रदूषण से निपटने के लिए बनाई गई कार्य योजना की समीक्षा की. इस दौरान वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए स्मार्ट यातायात प्रबंधन प्रणालियों को अपनाने, औद्योगिक इकाइयों द्वारा निर्धारित प्रदूषण मानकों का सख्ती से पालन करने, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की स्थिति और चार्जिंग बुनियादी ढांचे की उपलब्धता, सार्वजनिक परिवहन प्रणाली और पार्किंग सुविधाओं को सशक्त बनाने जैसे उपायों पर चर्चा की गयी.  प्रदूषण से निपटने के लिए जन भागीदारी जरूरी समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) की स्थापना के बाबत राज्‍य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से सतत जानकारी हासिल करने को कहा. उन्होंने ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली की स्थापना के लिए 31 दिसंबर 2025 की समय सीमा का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया और अनुपालन न करने वाली इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्‍य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शहरी क्षेत्रों के आसपास के प्रदूषण फैलाने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों का निरीक्षण करने और आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने का भी आदेश दिया.  उन्होंने दिल्ली-एनसीआर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीक्यूएम) से कहा कि वह शहर कार्य योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए उपयोग किए जाने वाले मापदंडों को और बेहतर बनाने और आगामी दिनों में दिल्ली-एनसीआर की समग्र प्रगति की समीक्षा के लिए तैयार करने को कहा. बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों को धन का तर्कसंगत आवंटन सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के मानदंडों को उन्नत करने की आवश्यकता पर जोर दिया. हरित गतिविधियों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया. ताकि प्रदूषण नियंत्रण जनभागीदारी का आंदोलन बन सके.  बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीएस पीसीबी) के प्रतिनिधि, जिला अधिकारी और नगर आयुक्त (गाजियाबाद) और मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (नोएडा प्राधिकरण) मौजूद रहे.  The post Pollution: हवा की गुणवत्ता के बेहतर करने को लेकर हुई उच्च-स्तरीय बैठक appeared first on Naya Vichar.

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35 केस वाले पति की ‘विरासत’, जेल के बाद पत्नी बनी लेडी डॉन! शराब तस्करी की मास्टरमाइंड सुमन देवी गिरफ्तार

Patna Lady Don News: पटना जिले में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चल रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. बिहार पुलिस के निर्देश पर 13/14 दिसंबर की रात पूरे जिले में अभियान चलाया गया. इसी दौरान चौक थाना पुलिस ने शराब के अवैध कारोबार से जुड़ी सुमन देवी को गिरफ्तार कर लिया.  लंबे समय से फरार थी सुमन  पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सुमन देवी धवलपुरा टीओओपी के पास मौजूद है. सूचना मिलते ही 14 दिसंबर को पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर उसे पकड़ लिया. वह चौक थाना कांड संख्या 129/22 में लंबे समय से फरार चल रही थी. क्या है पूरा मामला ?  पुलिस के मुताबिक, सुमन देवी पर कुल 12 मामले दर्ज हैं. इनमें से एक मामला हत्या का है, जबकि बाकी सभी मामले अवैध शराब से जुड़े हैं. बताया जा रहा है कि वह दूसरे इलाकों से शराब मंगवाकर पटना सिटी में बेचती थी और पुलिस को उसकी तलाश काफी दिनों से थी. #PatnaPolice की कार्रवाई — ‘लेडीज डॉन’ के नाम से कुख्यात स्त्री अपराधी गिरफ्तार। वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना द्वारा प्राप्त निर्देश के आलोक में अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में #चौक थानांतर्गत गोपनीय सूचना के आधार पर दिनांक 14.12.2025 को… pic.twitter.com/wmGHsSuLTo — Patna Police (@PatnaPolice24x7) December 15, 2025 पति भी कुख्यात अपराधी  इस मामले में एक और अहम बात सामने आई है. सुमन देवी के पति जयकान्त राय भी पहले जिले के कुख्यात अपराधियों में शामिल रह चुके हैं. उन्हें कुछ महीने पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और फिलहाल वे भागलपुर केन्द्रीय जेल में बंद हैं.  Also read: चाचा, मामा, फूफा के ब्लैक मनी से खरीद रखी है आपने भी जमीन और गाड़ी, तो ED, CBI को है आपकी तलाश पुलिस ने क्या कहा ?  पुलिस ने बताया कि सुमन देवी और उसके साथियों के खिलाफ अपराध से कमाई गई संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है. इस पूरी कार्रवाई को चौक थाना पुलिस की टीम ने अंजाम दिया, जिसमें थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर, नीशा कुमारी सहित स्त्री पुलिसकर्मी शामिल थीं. पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.  The post 35 केस वाले पति की ‘विरासत’, जेल के बाद पत्नी बनी लेडी डॉन! शराब तस्करी की मास्टरमाइंड सुमन देवी गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: अगर किसी से शेयर की ये बातें तो मिट्टी में मिल जाएगी इज्जत, कमजोर समझकर समाज उड़ाने लगेगा मजाक

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और विद्वान् पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. वे सिर्फ एक महान पॉलिटिशियन ही नहीं थे बल्कि उन्हें मानव स्वभाव की भी अच्छी समझ थी. मानवजाति की भलाई के लिए उन्होंने कई तरह की बातें कहीं थीं जो आज के समय में भी हमें सही रास्ता दिखाने का काम करते हैं. अपनी नीतियों में आचार्य चाणक्य ने कुछ ऐसी बातों का भी जिक्र किया है जिन्हें आपको गलती से भी किसी और के साथ शेयर नहीं करना चाहिए. चाणक्य कहते हैं अगर आपने इन बातों का जिक्र किसी और के साथ किया तो आपकी इज्जत मिनटों में मिट्टी में मिल जाती है. इसके अलावा समाज आपको कमजोर समझकर आपका मजाक भी बना सकता है. तो चलिए इन बातों के बारे में जानते हैं विस्तार से जिन्हें आपको गलती से भी दूसरों से शेयर नहीं करना चाहिए. अपनी कमजोरियां और डर आचार्य चाणक्य कहते हैं आपको अपनी कमजोरी और डर का जिक्र किसी और के सामने कभी भी नहीं करना चाहिए. कई बार सामने वाला इंसान उस समय तो आपका साथ दे रहा होता है लेकिन कई बार आपके इसी डर और कमजोरी का फायदा वह समय आने पर आपके खिलाफ ही उठा सकता है. जब आपकी कमजोरियों के बारे में किसी को पता चलता है तो वह आपको मेंटली भी कमजोर समझने लगता है. ऐसा होने की वजह से आपकी इज्जत कम होती है और साथ ही समाज आपको नजरअंदाज भी करने लगता है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: चेहरा देखकर जान सकते हैं किसी का स्वभाव और किस्मत, आचार्य चाणक्य से सीखें इंसान पहचानने का तरीका अपने पैसों और आमदनी का जिक्र आचार्य चाणक्य के अनुसार आपको कभी भी अपने पैसों और आमदनी का जिक्र किसी और के साथ नहीं करना चाहिए. अगर आप अपनी सैलरी, सेविंग्स और प्रॉपर्टी का जिक्र किसी और के साथ करते हैं तो यह बिलकुल भी समझदारी की बात नहीं है. जब आप किसी और के साथ इन बातों को शेयर करते हैं तो सामने वाले के दिल में आपके लिए जलन की भावना बढ़ जाती है या फिर कई बार वे आपसे बेवजह की उम्मीदें भी रखने लगते हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि लोग आपको पैसों के मामले में आंकने लगते हैं जिस वजह से समाज में आपकी इज्जत कम या फिर खत्म होती चली जाती है. अपने भविष्य की प्लानिंग आचार्य चाणक्य के अनुसार आपको कभी भी अपने फ्यूचर की प्लानिंग किसी और के साथ शेयर नहीं करना चाहिए. अगर आप ऐसी गलती करते हैं तो कई बार आपकी प्लानिंग सफल होने से पहले ही खराब भी हो सकता है. आचार्य चाणक्य के अनुसार आपको अपने किसी भी कार्य को चुपचाप और शांतिपूर्वक पूरा करना चाहिए. अगर किसी को भी आपकी प्लानिंग के बारे में पता चलता है तो वह इनमें रुकावट डालने की कोशिश कर सकता है. आपकी इस गलती की वजह से आपको आपके मेहनत का भी पूरा फल नहीं मिल पाता है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: कब रिश्तों को बचाना चाहिए और कब उन्हें छोड़ देना चाहिए? चाणक्य की सीख आसान बनाएगी आपकी जिंदगी अपने पारिवारिक झगड़ों का जिक्र आचार्य चाणक्य के अनुसार आपको कभी भी अपने पारिवारिक झगड़ों का जिक्र किसी और के साथ नहीं करना चाहिए. जब आप ऐसा करते हैं तो सिर्फ आपकी इज्जत नहीं बल्कि आपके पूरे परिवार की इज्जत मिट्टी में मिल जाती है. आचार्य चाणक्य कहते हैं अगर आपके परिवार किसी भी तरह की समस्या है तो उसे आपको अंदर ही अंदर सुलझा लेना चाहिए. अगर आप गलती से भी इन पारिवारिक बातों को किसी और के साथ शेयर करते हैं तो लोग आपका और आपके परिवार का मजाक भी उड़ा सकते हैं. दूसरों की बुराई और पर्सनल बातें बताना आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर आप दूसरों की बुराई या फिर दूसरों की बातें किसी और के सामने शेयर करते हैं तो समाज आप पर भरोसा करना छोड़ देते हैं. अगर आप दूसरों की बातें किसी और के सामने बताते हैं तो लोग आपकी इज्जत करना छोड़ देते हैं. आपकी यह छोटी सी गलती दूसरों की नजरों में आपको भरोसे के लायक नहीं छोड़ता है. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: ऐसे पुरुष खुद ही उजाड़ देते हैं अपने घर-परिवार की खुशियां! जीवन में कभी नहीं मिलती सुख-शांति और समृद्धि Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: अगर किसी से शेयर की ये बातें तो मिट्टी में मिल जाएगी इज्जत, कमजोर समझकर समाज उड़ाने लगेगा मजाक appeared first on Naya Vichar.

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BJP: भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन का दिल्ली में हुआ भव्य स्वागत

BJP: लंबे अंतराल के बाद भाजपा को नितिन नवीन के तौर पर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मिल गया. सोमवार को नितिन नवीन दिल्ली पहुंचे. एयरपोर्ट पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और दिल्ली के सभी सांसद मौजूद रहे. साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया. इसके बाद नितिन नवीन भाजपा मुख्यालय पहुंचे. भाजपा मुख्यालय के पूरे रास्ते को सजाया गया था. उनके आगमन को लेकर भाजपा मुख्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ मौजूद थी. भाजपा मुख्यालय पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया. अमित शाह और जेपी नड्डा की उपस्थिति में  नितिन नवीन ने कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार संभाला. पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के हर गांव का विकास हो रहा है. मौजूदा समय में  भाजपा सभी वर्गों की पार्टी बन चुकी है और हर वर्ग का विकास हो रहा है.  संगठन में रहा है काम करने का अनुभव नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर सिन्हा भाजपा के कद्दावर नेता रह चुके है. वर्ष 2005 में उनकी मृत्यु के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा ने उन्हें विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया. नवीन इसके बाद से लगातार चुनाव जीत रहे हैं. भाजपा के युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव रहे नितिन को पार्टी ने वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ चुनाव का प्रभारी बनाया. छत्तीसगढ़ में अधिकांश नेतृत्वक विश्लेषक भूपेश बघेल वाली प्रशासन के वापसी की संभावना जता रहे थे. लेकिन चुनाव परिणाम में भाजपा को जीत मिली.  जानकारों का कहना है कि नितिन नवीन ने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का काम किया और साथ ही बूथ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया. पार्टी की रणनीति को जमीन पर उतारने में माहिर नितिन नवीन बेहद सौम्य और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बनाने में कुशल है. बिहार प्रशासन में मंत्री के तौर पर भी उनका कामकाज काफी अच्छा रहा है. ऐसे में उनके पास प्रशासन और संगठन दोनों का अच्छा अनुभव है और इसी अनुभव को देखते हुए पार्टी ने युवा चेहरे नवीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया. यह पार्टी की भावी रणनीति और नये नेतृत्व को सामने लाने की सोच को दिखाता है.  The post BJP: भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन का दिल्ली में हुआ भव्य स्वागत appeared first on Naya Vichar.

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