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December 17, 2025

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इंसानों पर टेक्नोलॉजी होगी हावी, धरती पर आएंगे एलियंस, जानें 2026 के लिए बाबा वेंगा के चौंकाने वाले दावे

Baba Vanga Predictions 2026: साल खत्म होने से पहले हर बार बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां सुर्खियों में आ जाती हैं. बाबा वेंगा एक नेत्रहीन रहस्यवादी स्त्री थीं जिनकी भविष्यवाणियों ने गहरे षड्यंत्रों और देर रात तक चलने वाली रहस्यमयी चर्चाओं को जन्म दिया है. जैसे-जैसे साल खत्म हो रहा है, उनका नाम इंटरनेट पर फिर से तेजी से ट्रेंड कर रहा है. इस बार सोशल मीडिया में चल रही भविष्यवाणियां पहले से कहीं ज्यादा डरावनी और परेशान करने वाली है. ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं बाबा वेंगा की साल 2026 से जुड़ी भविष्यवाणियों के बारे में जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.    बाबा वेंगा कौन थें? (Who was Baba Vanga) बाबा वेंगा का जन्म साल 1911 में बुल्गारिया में हुआ था. इनका असली नाम वेंगेलिया पांडेवा गुश्टेरोवा था, जिनकी बचपन में हुए एक हादसे के कारण आंखों की रोशनी चली गई जिसके बाद से वो नेत्रहीन हो गई और तभी से लोगों का मानना है कि उनमें भविष्य देखने की शक्ति आ गई. आज तक उनकी की गई कई सारी भविष्यवाणियां सच साबित हुई हैं. ऐसा कहा जाता है कि द्वितीय विश्व युद्ध, सोवियत संघ का पतन और अमेरिका का 9/11 जैसी बड़ी घटनाओं के बारे में भी उन्होंने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी, हालांकि इन सभी चीजों का अब तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिल पाया है.  कौन सी प्रमुख भविष्यवाणियां रही? (Baba Vanga Predictions) बाबा वेंगा की कथित भविष्यवाणियों में द्वितीय विश्व युद्ध, साल 1990 में सोवियत संघ का पतन, अमेरिका का 9/11 हमला और अप्रैल 1986 का चेर्नोबिल परमाणु दुर्घटना जैसी घटनाएं हुई. हालांकि वैज्ञानिक या साइंस में अब तक इस बात का पुख्ता प्रमाण नहीं मिल पाया है. बाबा वेंगा की इसी प्रतिभा ने सोवियत प्रधानमंत्री लियोनिद ब्रेझनेव समेत कई नेतृत्वक हस्तियों और बड़े व्यक्तियों का ध्यान आकर्षित किया जिन्होंने बाद में उनसे मार्गदर्शन भी लिया था.  बाबा वेंगा ने अपना ज्यादातर जीवन बुल्गारिया में ही बिताया और साल 1996 में 86 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. हालांकि आज भी अक्सर सोशल मीडिया पर उनकी भविष्यवाणियों की चर्चाएं चलती रहती है.  यूरोप और एशिया में नेतृत्वक संघर्ष   बाबा वेंगा की 2026 की भविष्यवाणियों से जुड़े सबसे बड़ा मुद्दा है वैश्विक संघर्ष, खासतौर से यूरोप की इसकी खास भूमिका रहेगी. इस भविष्यवाणी के तहत ताइवान, दक्षिण चीन सागर और हिंदुस्तान चीन सीमा पर तनाव की आशंका भी जताई जा रही है.  पृथ्वी पर आ सकते हैं एलियंस (Baba Vanga Predicted About Aliens On earth) बाबा वेंगा की सबसे कथित भविष्यवाणियों में से एक ये बताती है कि साल 2026 में इंसानों का सामना एलियन जीवन से हो सकता है. यह दावा हाल के दिनों में फिर से चर्चा में आया है जब 31/ATLAS नाम की एक रहस्यमय अंतरिक्ष वस्तु को लेकर अफवाहें फैली. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह वस्तु भविष्य में पृथ्वी के करीब आ सकती है या उसमें प्रवेश भी कर सकती है.  मशीनें और तकनीक मानवता पर होंगी हावी  बाबा वेंगा की 2026 के लिए सबसे वायरल भविष्यवाणी में से एक है कि अगले साल तक तकनीक इंसानों के कंट्रोल से बाहर होने लगेगी. इस दावे को इंसानों के ऊपर हावी होती टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़कर इस बात को कहा गया है. इसका सीधा मतलब है कि आने वाले समय में मशीनें और तकनीक धीरे-धीरे इंसानों की जगह कम करने लगेंगे.  जलवायु परिवर्तन में होंगे बदलाव इनकी चौथी प्रमुख भविष्यवाणियों में से एक है जलवायु परिवर्तन, जिसके कारण 2026 में बड़े पैमाने पर भूकंप, सुनामी और अन्य प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं. बाबा वेंगा ने चेतावनी दी है कि ये प्राकृतिक आपदाएं दुनिया के अलग अलग हिस्सों में आ सकती हैं और बड़ी तबाही मचा सकती है.  वैश्विक शक्ति के रूप में उभरेगा रूस बाबा वेंगा की 2026 की भविष्यवाणियों में कहा गया है कि रूस से जुड़ा एक नेता जिसे विश्व गुरु के रूप में भी जाना जाता है वो एक प्रभावशाली नेता उभर सकता है.  तथ्यों के अनुसार यह नेता वैश्विक नेतृत्व में अहम भूमिका निभाएगा और अंतर्राष्ट्रीय सत्ता संतुलन को प्रभावित करेगा.  यह भी पढ़ें: दुनिया के वो देश जहां रहते हैं सबसे छोटे कद के लोग, इस नंबर पर है हिंदुस्तान यह भी पढ़ें: एप्स से पति किराए पर! इस देश की स्त्रीएं कर रही हैं ऐसा, सच जानकर आप रह जाएंगे हैरान यह भी पढ़ें: African Penguins: अफ्रीका में भूख से तड़पकर मरे 60000 से ज्यादा पेंग्विन, वैज्ञानिकों की बढ़ी चिंता The post इंसानों पर टेक्नोलॉजी होगी हावी, धरती पर आएंगे एलियंस, जानें 2026 के लिए बाबा वेंगा के चौंकाने वाले दावे appeared first on Naya Vichar.

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पड़ोसी पर चाकू से हमले के दोषी को सात साल की कैद

बांकुड़ा. हत्या की कोशिश के मामले में दोषी पाये गये आरोपी को अदालत ने सात वर्ष के कारावास की सजा सुनायी. साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. यह फैसला बांकुड़ा जिला अदालत के अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश (दो) सौम्यजीत मुखोपाध्याय ने सुनाया. छातना के निवासी गिरिधारी मंडल को पड़ोसी पर चाकू से हमला कर जान से मारने की कोशिश का दोषी पाया गया. अदालत ने दोषी को हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की धारा 307 के तहत सात वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी. जुर्माने की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त छह माह की सजा काटनी होगी. इसके अलावा धारा 326 के तहत पांच वर्ष के कारावास की सजा भी सुनायी गयी. घटना की पृष्ठभूमि बांकुड़ा जिला अदालत के प्रशासनी अधिवक्ता अरुण चटर्जी ने बताया कि घटना छह दिसंबर 2020 की है. आरोप है कि छातना थाना क्षेत्र के जिर्रखिराई गांव में गिरिधारी मंडल अपने पड़ोसी देवदुलाल सिंह की भाभी पर अभद्र टिप्पणी करता था. इसका देवदुलाल के भाई रामदुलाल सिंह ने विरोध किया, जिससे विवाद बढ़ गया. इल्जाम के मुताबिक जब देवदुलाल मौके पर पहुंचे, तो आरोपी ने उनके पेट में छुरा घोंप दिया. बुरी तरह जख्मी हालत में देवदुलाल सिंह को पहले छातना अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाना पड़ा. कुछ महीनों के इलाज के बाद वे स्वस्थ होकर घर लौट आये. घटना के बाद से गिरिधारी मंडल फरार था, जिसे पुलिस ने बाद में कर्नाटक से दबोचा. 19 मई 2022 को मामले में पुलिस ने चार्जशीट जमा की. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 15 गवाह पेश किये गये. गवाहों के बयानात और सभी साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा सुनायी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पड़ोसी पर चाकू से हमले के दोषी को सात साल की कैद appeared first on Naya Vichar.

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बांकुड़ा. हत्या की कोशिश के मामले में दोषी पाये गये आरोपी को अदालत ने सात वर्ष के कारावास की सजा सुनायी. साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. यह फैसला बांकुड़ा जिला अदालत के अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश (दो) सौम्यजीत मुखोपाध्याय ने सुनाया. छातना के निवासी गिरिधारी मंडल को पड़ोसी पर चाकू से हमला कर जान से मारने की कोशिश का दोषी पाया गया. अदालत ने दोषी को हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की धारा 307 के तहत सात वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी. जुर्माने की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त छह माह की सजा काटनी होगी. इसके अलावा धारा 326 के तहत पांच वर्ष के कारावास की सजा भी सुनायी गयी. घटना की पृष्ठभूमि बांकुड़ा जिला अदालत के प्रशासनी अधिवक्ता अरुण चटर्जी ने बताया कि घटना छह दिसंबर 2020 की है. आरोप है कि छातना थाना क्षेत्र के जिर्रखिराई गांव में गिरिधारी मंडल अपने पड़ोसी देवदुलाल सिंह की भाभी पर अभद्र टिप्पणी करता था. इसका देवदुलाल के भाई रामदुलाल सिंह ने विरोध किया, जिससे विवाद बढ़ गया. इल्जाम के मुताबिक जब देवदुलाल मौके पर पहुंचे, तो आरोपी ने उनके पेट में छुरा घोंप दिया. बुरी तरह जख्मी हालत में देवदुलाल सिंह को पहले छातना अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाना पड़ा. कुछ महीनों के इलाज के बाद वे स्वस्थ होकर घर लौट आये. घटना के बाद से गिरिधारी मंडल फरार था, जिसे पुलिस ने बाद में कर्नाटक से दबोचा. 19 मई 2022 को मामले में पुलिस ने चार्जशीट जमा की. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 15 गवाह पेश किये गये. गवाहों के बयानात और सभी साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा सुनायी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पड़ोसी पर चाकू से हमले के दोषी को सात साल की कैद appeared first on Naya Vichar.

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अजय नदी पर अस्थायी सेतु फिर चालू करने की मांग, लोगों का विरोध

पानागढ़. पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा ब्लॉक के विद बिहार और बीरभूम जिले के जयदेव केंदुली के बीच अजय नदी पर बने अस्थायी सेतु को फिर से चालू करने की मांग को लेकर बुधवार को विद बिहार के स्थानीय लोगों ने विरोध जताया. जयदेव मेला और तीर्थयात्रियों की सुविधा का सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि कांकसा से जयदेव मेला जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यह अस्थायी सेतु बेहद महत्वपूर्ण है. इस मार्ग से न केवल दूरी कम हो जाती है, बल्कि यह एक प्राचीन रास्ता भी है, जिसके सहारे एक जिले से दूसरे जिले में स्थित ऐतिहासिक जयदेव मेला और अखाड़ा तक सीधा आवागमन संभव होता है. स्थायी सेतु बनने के बाद बंद किया गया अस्थायी मार्ग हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहल पर अजय नदी पर कुछ दूरी पर एक स्थायी सेतु का निर्माण किया गया है और उस पर आवागमन भी शुरू हो चुका है. इसके बाद प्रशासन ने अस्थायी सेतु को बंद कर दिया. लेकिन इस वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले जयदेव मेले से पहले अखाड़ा लगाने वाले लोगों में इसे लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है. विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि फिलहाल अजय नदी में जलस्तर काफी कम है. ऐसे में अस्थायी सेतु को फिर से चालू किया जा सकता है. उनका आरोप है कि जयदेव मेला और इस अस्थायी सेतु का ऐतिहासिक और पारंपरिक जुड़ाव है, जिसे प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है. पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी का विरोध प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अस्थायी सेतु बंद होने से उन्हें करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर स्थायी सेतु से जाना पड़ता है. जबकि अस्थायी सेतु से सीधे जयदेव मेला और अखाड़ा पहुंचा जा सकता है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है. पंचायत मंत्री ने समाधान का दिया आश्वासन मामले को लेकर पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार ने कहा कि उन्हें इस विषय की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि विधायक से बातचीत कर इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जायेगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post अजय नदी पर अस्थायी सेतु फिर चालू करने की मांग, लोगों का विरोध appeared first on Naya Vichar.

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अजय नदी पर अस्थायी सेतु फिर चालू करने की मांग, लोगों का विरोध

पानागढ़. पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा ब्लॉक के विद बिहार और बीरभूम जिले के जयदेव केंदुली के बीच अजय नदी पर बने अस्थायी सेतु को फिर से चालू करने की मांग को लेकर बुधवार को विद बिहार के स्थानीय लोगों ने विरोध जताया. जयदेव मेला और तीर्थयात्रियों की सुविधा का सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि कांकसा से जयदेव मेला जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यह अस्थायी सेतु बेहद महत्वपूर्ण है. इस मार्ग से न केवल दूरी कम हो जाती है, बल्कि यह एक प्राचीन रास्ता भी है, जिसके सहारे एक जिले से दूसरे जिले में स्थित ऐतिहासिक जयदेव मेला और अखाड़ा तक सीधा आवागमन संभव होता है. स्थायी सेतु बनने के बाद बंद किया गया अस्थायी मार्ग हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहल पर अजय नदी पर कुछ दूरी पर एक स्थायी सेतु का निर्माण किया गया है और उस पर आवागमन भी शुरू हो चुका है. इसके बाद प्रशासन ने अस्थायी सेतु को बंद कर दिया. लेकिन इस वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले जयदेव मेले से पहले अखाड़ा लगाने वाले लोगों में इसे लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है. विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि फिलहाल अजय नदी में जलस्तर काफी कम है. ऐसे में अस्थायी सेतु को फिर से चालू किया जा सकता है. उनका आरोप है कि जयदेव मेला और इस अस्थायी सेतु का ऐतिहासिक और पारंपरिक जुड़ाव है, जिसे प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है. पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी का विरोध प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अस्थायी सेतु बंद होने से उन्हें करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर स्थायी सेतु से जाना पड़ता है. जबकि अस्थायी सेतु से सीधे जयदेव मेला और अखाड़ा पहुंचा जा सकता है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है. पंचायत मंत्री ने समाधान का दिया आश्वासन मामले को लेकर पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार ने कहा कि उन्हें इस विषय की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि विधायक से बातचीत कर इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जायेगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post अजय नदी पर अस्थायी सेतु फिर चालू करने की मांग, लोगों का विरोध appeared first on Naya Vichar.

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पानागढ़ में जीटी रोड पर बस में तोड़फोड़, यातायात बाधित

पानागढ़. बुधवार सुबह पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा थाना क्षेत्र के पानागढ़ बाजार जीटी रोड पर तब उत्तेजना फैल गयी, जब नवद्वीप से दुर्गापुर गामी यात्री बस में ट्रक से जुड़े कर्मचारियों ने तोड़फोड़ कर दी. सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची. तृणमूल कांग्रेस नेता संदीप रिंकू महल भी वहां पहुंचे, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित की गयी. घटना के कारण जीटी रोड पर करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा. स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह के समय एक ट्रक को सड़क किनारे स्थित एक गैराज में लगाया जा रहा था. इस दौरान जीटी रोड से ट्रक को गैराज की ओर मोड़ने के कारण कुछ समय के लिए सड़क अवरुद्ध हो गई. उसी समय तेज गति से दुर्गापुर की ओर जा रही स्वीटी यात्री बस वहां पहुंच गई. सड़क जाम को लेकर बस के खलासी और ट्रक चालक के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई. झड़प के बाद ट्रक के कर्मचारियों ने बस पर हमला कर दिया. इस दौरान बस की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए. कांच टूटने से बस में सवार एक किशोर यात्री को आंशिक चोट लगी. घटना के बाद बस यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग बस से उतरकर सुरक्षित स्थान की तलाश करने लगे. पुलिस की मध्यस्थता से मामला सुलझा घटना की जानकारी मिलते ही कांकसा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. पुलिस ने ट्रक मालिक और बस कर्मचारियों को लेकर बैठक कर बातचीत के माध्यम से विवाद को सुलझा लिया. पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद सड़क से अवरोध हटाया गया और यातायात सामान्य किया गया. घटना को लेकर इलाके में कुछ देर तक तनाव की स्थिति रही, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में हालात पर काबू पा लिया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पानागढ़ में जीटी रोड पर बस में तोड़फोड़, यातायात बाधित appeared first on Naya Vichar.

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पानागढ़ में जीटी रोड पर बस में तोड़फोड़, यातायात बाधित

पानागढ़. बुधवार सुबह पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा थाना क्षेत्र के पानागढ़ बाजार जीटी रोड पर तब उत्तेजना फैल गयी, जब नवद्वीप से दुर्गापुर गामी यात्री बस में ट्रक से जुड़े कर्मचारियों ने तोड़फोड़ कर दी. सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची. तृणमूल कांग्रेस नेता संदीप रिंकू महल भी वहां पहुंचे, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित की गयी. घटना के कारण जीटी रोड पर करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा. स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह के समय एक ट्रक को सड़क किनारे स्थित एक गैराज में लगाया जा रहा था. इस दौरान जीटी रोड से ट्रक को गैराज की ओर मोड़ने के कारण कुछ समय के लिए सड़क अवरुद्ध हो गई. उसी समय तेज गति से दुर्गापुर की ओर जा रही स्वीटी यात्री बस वहां पहुंच गई. सड़क जाम को लेकर बस के खलासी और ट्रक चालक के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई. झड़प के बाद ट्रक के कर्मचारियों ने बस पर हमला कर दिया. इस दौरान बस की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए. कांच टूटने से बस में सवार एक किशोर यात्री को आंशिक चोट लगी. घटना के बाद बस यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग बस से उतरकर सुरक्षित स्थान की तलाश करने लगे. पुलिस की मध्यस्थता से मामला सुलझा घटना की जानकारी मिलते ही कांकसा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. पुलिस ने ट्रक मालिक और बस कर्मचारियों को लेकर बैठक कर बातचीत के माध्यम से विवाद को सुलझा लिया. पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद सड़क से अवरोध हटाया गया और यातायात सामान्य किया गया. घटना को लेकर इलाके में कुछ देर तक तनाव की स्थिति रही, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में हालात पर काबू पा लिया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पानागढ़ में जीटी रोड पर बस में तोड़फोड़, यातायात बाधित appeared first on Naya Vichar.

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छातना में बिजली कर्मचारियों को पेड़ से बांधकर पीटने की घटना, एक अरेस्ट

बांकुड़ा. छातना थाना क्षेत्र के बिंदना गांव में बिजली विभाग के कर्मचारियों को पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटने की घटना सामने आयी है. इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. स्थानीय निवासियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे बिजली विभाग के कर्मचारी बिंदना गांव में 11,000 वोल्ट की बिजली सप्लाई लाइन के तार से सटे एक पेड़ को काटने पहुंचे थे. इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों के साथ उनका विवाद हो गया. विवाद बढ़ने पर बिजली विभाग के कर्मचारियों को रस्सी से पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटा गया. पिटाई का आरोप बिंदना गांव निवासी रोहित मंडल (42) पर लगाया गया है. इस घटना में बिजली विभाग के कर्मचारी मेघनाथ सोरेन और गुरुपद हांसदा गंभीर रूप से घायल हो गये. दोनों को पहले छातना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत गंभीर होने के कारण बाद में उन्हें बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया. मंगलवार शाम को बिजली विभाग के बांकुड़ा डिवीजन की ओर से छातना पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी रोहित मंडल को गिरफ्तार कर लिया. बुधवार को छातना पुलिस ने आरोपी को बांकुड़ा जिला अदालत में पेश किया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post छातना में बिजली कर्मचारियों को पेड़ से बांधकर पीटने की घटना, एक अरेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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बांकुड़ा. छातना थाना क्षेत्र के बिंदना गांव में बिजली विभाग के कर्मचारियों को पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटने की घटना सामने आयी है. इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. स्थानीय निवासियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे बिजली विभाग के कर्मचारी बिंदना गांव में 11,000 वोल्ट की बिजली सप्लाई लाइन के तार से सटे एक पेड़ को काटने पहुंचे थे. इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों के साथ उनका विवाद हो गया. विवाद बढ़ने पर बिजली विभाग के कर्मचारियों को रस्सी से पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटा गया. पिटाई का आरोप बिंदना गांव निवासी रोहित मंडल (42) पर लगाया गया है. इस घटना में बिजली विभाग के कर्मचारी मेघनाथ सोरेन और गुरुपद हांसदा गंभीर रूप से घायल हो गये. दोनों को पहले छातना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत गंभीर होने के कारण बाद में उन्हें बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया. मंगलवार शाम को बिजली विभाग के बांकुड़ा डिवीजन की ओर से छातना पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी रोहित मंडल को गिरफ्तार कर लिया. बुधवार को छातना पुलिस ने आरोपी को बांकुड़ा जिला अदालत में पेश किया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post छातना में बिजली कर्मचारियों को पेड़ से बांधकर पीटने की घटना, एक अरेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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बिजली विभाग की टीम पर हमला, बकाया बिल वसूलने गये तीन कर्मचारी घायल

रानीगंज. रानीगंज में बिजली बिल का बकाया वसूलने गये बिजली विभाग के कर्मचारियों पर हमला किये जाने की घटना सामने आयी है. जानकारी के अनुसार, पिछले छह महीनों से लगातार नोटिस भेजे जाने के बावजूद बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर जब बिजली विभाग की टीम कनेक्शन काटने पहुंची, तो उन पर जानलेवा हमला कर दिया गया. इस हमले में बिजली विभाग के स्टेशन मैनेजर हीरक ब्रह्मचारी, जूनियर इंजीनियर दीपंकर चौधुरी और लाइनमैन अमित साहा घायल हो गये. इनमें जूनियर इंजीनियर और लाइनमैन के शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आयी हैं. घटना रानीगंज के रोनाई उत्तर-पूर्व पाड़ा इलाके की है.बताया गया है कि इलाके के निवासी सिंदबाद खान पिछले छह महीनों से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर रहे थे, जिसके कारण लगभग 21 हजार रुपये का बकाया जमा हो गया था. विभाग की ओर से कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.इसके बाद बुधवार को दोपहर बिजली विभाग के कर्मचारी अधिकारियों के साथ बकाया बिल जमा कराने के लिए सिंदबाद खान के घर पहुंचे. तब परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह घर पर मौजूद नहीं हैं. उसके बाद नियमानुसार बिजली कनेक्शन काट दिया गया. आरोप है कि इसकी जानकारी मिलते ही सिंदबाद खान अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचा और बिना कोई बात सुने बांस से बिजली विभाग के कर्मचारियों पर हमला कर दिया. लगातार हमले में तीनों कर्मचारी घायल हो गये. किसी तरह जान बचा कर वे वहां से निकल पाये. घायलों को तुरंत रानीगंज के आलूगड़िया स्तिथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए ले जाया गया.घटना के बाद बिजली विभाग की ओर से दो आरोपियों के खिलाफ रानीगंज थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है.पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बिजली विभाग की टीम पर हमला, बकाया बिल वसूलने गये तीन कर्मचारी घायल appeared first on Naya Vichar.

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