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December 17, 2025

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Chanakya Niti: सोच बदलते ही गरीबी हो जाएगी छूमंतर! आचार्य चाणक्य ने बताया अमीर बनने का अचूक मंत्र

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और विद्वान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. कहा जाता है अगर किसी भी व्यक्ति को एक सफल और समृद्ध जीवन में चाहत है तो उसे आचार्य चाणक्य की बताई बातों का पालन जरूर करना चाहिए. अपनी नीतियों में आचार्य चाणक्य ने जिन बातों का जिक्र किया था वे आज के समय में भी हमें से सही रास्ता दिखाने का काम करते हैं. आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में गरीबी से निकलकर अमीर बनने के भी कई तरीके बताये हैं. उनका कहना है कि अगर आप गरीबी से निकलकर अमीर बनना चाहते हैं तो कुछ भी करने से पहले आपको अपनी सोच बदलनी होगी. जब आप अपनी सोच बदलते हैं तो आपके लिए सफलता और पैसों दोनों के लिए दरवाजे खुलते हैं. तो चलिए सोच में की जाने वाले उन बदलावों के बारे में जानते हैं जिन्हें अगर आप अपना लेते हैं दो देखते ही देखते आपका गरीबी से लेकर अमीर बनने तक का रास्ता खुल सकता है. चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से. मेहनत को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जीवन में बिना मेहनत किये सफलता की चाहत रखना किसी मूर्खता से कम नहीं है. अगर आप आज मेहनत से दूर भाग रहे हैं तो आपका आने वाला कल जरूर गरीबी से भरा हुआ होगा. अगर आप अमीर होना चाहते हैं तो आपको हर दिन पूरी ईमानदारी के साथ मेहनत करना शुरू कर देना चाहिए. काम चाहे कितना ही छोटा या फिर कितना ही बड़ा क्यों न हो आपको उसे पूरा मन लगाकर करना चाहिए. Chanakya Niti: सफल और समझदार लोग कभी इन चीजों पर पैसे नहीं करते खर्च, अमीर बनना है तो गांठ बांध लें चाणक्य की ये सीख भविष्य की सोचकर फैसले लें आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर कोई भी इंसान सिर्फ आज के बारे में सोचते हैं तो जीवन में आगे चलकर वे जरूर परेशान रहते हैं. अगर आप जीवन में अमीर बनना चाहते हैं तो आपको अपने हर फैसले को भविष्य के बारे में सोचकर ही लेना चाहिए. अगर आप भविष्य के बारे में सोचे-समझे बिना पैसे खर्च करते हैं, उधारी लेते हैं और फिर गलत जगह पर इन्वेस्ट कर देते हैं तो आपकी आर्थिक स्थिति कभी भी बेहतर नहीं हो सकती है. जब आप सोच-समझकर फैसले लेते हैं तो यह तय हो जाता है कि आप आगे चलकर आर्थिक रूप से सम्पन्न जरूर होंगे. समय की कीमत समझें चाणक्य नीति के अनुसार समय से कीमती और कुछ भी नहीं है. समय को आप सबसे कीमती धन भी समझ सकते हैं. अगर कोई भी इंसान समय की कद्र नहीं करता है तो जीवन में वह आगे कभी भी नहीं बढ़ सकता है. अगर आप गरीबी से निकलकर एक अमीर इंसान बनना चाहते हैं तो अपने समय को सिर्फ सही और जरूरी कामों में ही लगाएं. आपके लिए यह भी काफी जरूरी हो जाता है कि आलस, चीजों को बाद के लिए टालने और बेकार की बातों में समय बर्बाद करने से बचें. जब आप समय का सही इस्तेमाल करते हैं तो आप देखते ही देखते सफलता की सीढ़ियां चढ़ने लगते हैं. Chanakya Niti: अगर किसी से शेयर की ये बातें तो मिट्टी में मिल जाएगी इज्जत, कमजोर समझकर समाज उड़ाने लगेगा मजाक हमेशा सीखते रहने की आदत डालें आपके पास जो भी ज्ञान है वह किसी धन से कम नहीं है. आचार्य चाणक्य कहते हैं जिसके पास भी ज्ञान है वह जीवन में कभी भी गरीब नहीं रह सकता है. अगर आप अमीर बनना चाहते हैं तो आपके लिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि आप हर दिन नयी चीजें सीखते रहें. अमीर बनने के लिए यह भी काफी जरूरी हो जाता है कि आपके पास अपने काम की पूरी जानकारी हो और साथ ही आप दूसरों के एक्सपीरियंस और गलतियों से भी सबक लें. जब आपका ज्ञान बढ़ता है तो आपको नए मौके मिलते हैं और साथ ही पैसे कमाने के भी नए रास्ते दिखने लगते हैं. खुद पर भरोसा रखें अगर आप चाहते हैं कि दुनिया आप पर भरोसा करे तो यह काफी जरूरी हो जाता है कि सबसे पहले आप खुद पर भरोसा करना शुरू कर दें. अगर आप गरीबी से बाहर निकलना चाहते हैं तो ऐसा करना आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है. जीवन में जब भी कोई कठिनाई आये तो हार मानने की जगह पर खुद पर भरोसा करें और बिना रुके आगे बढ़ते रहें. जब आप खुद पर भरोसा करेंगे तभी आपके अंदर बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की हिम्मत आएगी. यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: ऐसे पुरुष खुद ही उजाड़ देते हैं अपने घर-परिवार की खुशियां! जीवन में कभी नहीं मिलती सुख-शांति और समृद्धि Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: सोच बदलते ही गरीबी हो जाएगी छूमंतर! आचार्य चाणक्य ने बताया अमीर बनने का अचूक मंत्र appeared first on Naya Vichar.

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Google ने पेश किया CC, AI एजेंट अब ईमेल और डेली टास्क संभालेगा

Google CC AI: गूगल ने एक नया एआई प्रोडक्टिविटी एजेंट CC पेश किया है, जो आपके ईमेल, कैलेंडर और डेली टास्क को मैनेज करने का स्मार्ट तरीका देगा. यह टूल फिलहाल अमेरिका और कनाडा के चुनिंदा यूजर्स के लिए उपलब्ध है और जल्द ही अन्य सब्सक्राइबर्स के लिए वेटलिस्ट खोली जाएगी. Your Day Ahead- सुबह की पर्सनल ब्रीफिंग CC हर सुबह यूजर को एक कस्टमाइज्ड ईमेल भेजेगा, जिसमें दिनभर की मीटिंग्स, जरूरी काम और प्रायोरिटीअपडेट्स एक ही जगह मिलेंगे. इससे यूजर को अपनी शेड्यूलिंग और प्लानिंग में समय बचाने में मदद मिलेगी. Gmail, Calendar और Drive से सीधा कनेक्शन यह एजेंट सीधे Gmail, Google Calendar और Google Drive से जुड़कर काम करता है. यानी ईमेल ड्राफ्ट तैयार करना, कैलेंडर लिंक बनाना और जरूरी डॉक्यूमेंट्स तक पहुंच दिलाना अब और आसान होगा. सिर्फ प्रीमियम यूजर्स के लिए शुरुआती ऐक्सेस गूगल ने शुरुआत में इसे Google AI Ultra और पेड सब्सक्राइबर्स (18+) के लिए रोलआउट किया है. बाकी यूजर्सवेटलिस्ट में शामिल होकर जल्दी ऐक्सेस पा सकते हैं. गूगल की एआई स्ट्रैटेजी का नया कदम कंपनी का कहना है कि CC अभी एक्सपेरिमेंटल सर्विस है और यूजर फीडबैक के आधार पर इसके फीचर्स लगातार बदलते रहेंगे. यह गूगल की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें एआई को सिर्फ सर्च और चैट से आगे बढ़ाकर प्रोडक्टिविटी वर्कफ्लो में लाया जा रहा है. Google CC AI Agent पर FAQs Q1. गूगल CC एआई एजेंट क्या है? गूगल CC एक नया एआई प्रोडक्टिविटी टूल है जो Gmail, Google Calendar और Google Drive से जुड़कर ईमेल, मीटिंग्स और डेली टास्क को मैनेज करता है. Q2. YourDayAhead फीचर कैसे काम करता है? यह फीचर हर सुबह यूजर को एक पर्सनलाइज्ड ईमेल भेजता है जिसमें दिनभर की मीटिंग्स, जरूरी काम और प्रायोरिटी अपडेट्स एक ही जगह मिलते हैं. Q3. CC एआई एजेंट किन यूजर्स के लिए उपलब्ध है? शुरुआती रोलआउट अमेरिका और कनाडा के Google AI Ultra और पेड सब्सक्राइबर्स (18+) के लिए है. बाकी यूजर्सवेटलिस्ट में शामिल होकर जल्दी ऐक्सेस पा सकते हैं. Q4. CCएआई से यूजर को क्या फायदे मिलेंगे? यह टूल ईमेल ड्राफ्ट तैयार करता है, कैलेंडर लिंक बनाता है और जरूरी डॉक्यूमेंट्स तक पहुंच आसान करता है. इससे समय बचता है और कामकाज ज्यादा संगठित होता है. Q5. क्या CC एआई एजेंट भविष्य में और फीचर्स देगा? हां, गूगल ने साफ किया है कि CC अभी एक्सपेरिमेंटल सर्विस है और यूजर फीडबैक के आधार पर इसके फीचर्स लगातार अपडेट होते रहेंगे. यह भी पढ़ें: Google का बड़ा अपडेट: हर हेडफोन बनेगा लाइव ट्रांसलेटर, 70 भाषाओं का सपोर्ट यह भी पढ़ें: Gemini AI से पाएं ‘धुरंधर’ के रहमान डकैत जैसा लुक, मिल जाएगी सेल्फी भी, बस कॉपी-पेस्ट करें ये 3 प्रॉम्प्ट The post Google ने पेश किया CC, AI एजेंट अब ईमेल और डेली टास्क संभालेगा appeared first on Naya Vichar.

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मल्टी टास्किंग स्टाफ भर्ती के लिए आवेदन शुरू, सैलरी होगी 56000 से ज्यादा

DSSSB MTS Recruitment 2025: दिल्ली में प्रशासनी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशसमाचारी है. दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड यानी DSSSB ने मल्टी टास्किंग स्टाफ MTS भर्ती 2025 के लिए (DSSSB MTS Recruitment) आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस भर्ती के जरिए दिल्ली के अलग अलग प्रशासनी विभागों में खाली पड़े MTS पदों को भरा जाएगा. जो उम्मीदवार लंबे समय से दिल्ली में प्रशासनी नौकरी का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह अच्छा मौका माना जा रहा है. इस वैकेंसी में आवेदन प्रक्रिया 17 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है. इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए 15 जनवरी 2025 तक का समय दिया गया है. आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे. इसके लिए उम्मीदवारों को DSSSB की ऑफिशियल वेबसाइट dsssbonline.nic.in पर जाकर फॉर्म भरना होगा. किसी भी तरह का ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. DSSSB MTS Recruitment 2025: ऐसे करें आवेदन सबसे पहले DSSSB की ऑफिशियल वेबसाइट dsssbonline.nic.in पर जाएं. होमपेज पर New Registration या DSSSB MTS Recruitment 2025 से जुड़ा लिंक खोजें. लिंक पर क्लिक करने के बाद अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य जरूरी जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन करें. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद लॉगिन आईडी और पासवर्ड मिलेगा. अब लॉगिन करके DSSSB MTS ऑनलाइन आवेदन फॉर्म खोलें. आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी ध्यान से भरें. अपनी फोटो, सिग्नेचर और जरूरी डॉक्यूमेंट्स स्कैन करके अपलोड करें. आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन मोड में करें. DSSSB MTS Recruitment 2025 Notification यहां डायरेक्ट लिंक से चेक करें. DSSSB MTS Eligibility: कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती में आवेदन करने के लिए शैक्षणिक योग्यता ज्यादा कठिन नहीं रखी गई है. उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है. यही वजह है कि यह भर्ती 10वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका साबित हो सकती है. उम्र सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 27 साल होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को प्रशासन के नियमों के अनुसार उम्र में छूट भी दी जाएगी. DSSSB MTS भर्ती में चयनित होने वाले उम्मीदवारों को अच्छी सैलरी मिलेगी. इस पद पर चयन होने के बाद उम्मीदवारों को 56000 रुपये से ज्यादा तक का मासिक वेतन मिल सकता है. इसके अलावा प्रशासनी नौकरी के साथ मिलने वाली दूसरी सुविधाएं जैसे भत्ते, छुट्टी और भविष्य की सुरक्षा भी शामिल होती है. यही वजह है कि MTS की नौकरी को काफी स्थिर और भरोसेमंद माना जाता है. यह भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस में 92044 में से 9248 पद खाली, एक हजार से ज्यादा SI की जरूरत The post मल्टी टास्किंग स्टाफ भर्ती के लिए आवेदन शुरू, सैलरी होगी 56000 से ज्यादा appeared first on Naya Vichar.

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Bihar: 22 लाख जनजातीय परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ, सरकार ने बनाई लिस्ट, इतना है बजट 

Bihar News: बिहार प्रशासन ने थारू समाज और अन्य जनजातियों के विकास के लिए बड़ी पहल की है. एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा कि प्रशासन ने थारू समाज के उत्थान के लिए 30 करोड़ रुपये का अलग बजट रखा है. इस पैसे से शिक्षा, रोजगार, सड़क–बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास से जुड़े काम किए जाएंगे. योजनाओं के लाभ के लिए प्रशासन ने बनाई लिस्ट  मंत्री ने बताया कि बिहार में करीब 22 लाख लोग थारू और अन्य कमजोर जनजातियों से आते हैं. इनके लिए प्रशासन ने एक विशेष सूची बनाई है, ताकि प्रशासनी योजनाओं का लाभ इन्हें सीधे और प्राथमिकता के आधार पर मिल सके. पश्चिमी चंपारण में थरुहट विकास अधिकरण समेत कई जनहित योजनाओं पर काम चल रहा है. ये योजनाएं जनजातीय समुदायों की आजीविका और जीवन स्तर सुधारने में मदद करेंगी. जरूरत पड़ने पर राज्य प्रशासन केंद्र से भी सहायता लेगी. तारामंडल में हुआ सेमीनार  इसी क्रम में बुधवार को पटना के तारामंडल परिसर में राष्ट्रीय जनजातीय सेमिनार आयोजित किया गया. यह कार्यक्रम बिहार अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से आयोजित किया गया था. सेमिनार का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को प्रशासनी कार्यक्रमों से जोड़ना और उनकी भागीदारी बढ़ाना था. प्रशासनी सेवाओं में मिले भागीदारी: प्रियंका रानी  कार्यक्रम की शुरुआत विभाग की निदेशक प्रियंका रानी ने की. उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के लोगों को प्रशासन, नेतृत्व और विभिन्न प्रशासनी सेवाओं में अधिक भागीदारी मिलनी चाहिए. उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान का नया भवन मीठापुर में बनाया जा रहा है और निर्माण कार्य जनवरी से शुरू होगा. समाज में बराबरी का हिसा जरूरी: डॉ शैलेन्द्र  प्रसिद्ध समाज विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र ने कहा कि जनजातियों की समस्याओं को समझकर ही उनके लिए काम करना चाहिए. समाज में उन्हें बराबरी का हिस्सा मिलना जरूरी है. कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने अपने विचार और सुझाव साझा किए. कार्यक्रम के अंत में मिशन निदेशक गौतम पासवान ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इस मौके पर विशेष कार्य पदाधिकारी दीवान जफर हुसैन, उप सचिव ज्योति झा, प्रोफेसर बीवी शर्मा समेत कई अधिकारी और शोधकर्ता उपस्थित थे. Also read: मछुआरों के लिए प्रशासन की नई योजना, नाव-जाल खरीद पर 90% अनुदान प्रशासन की उम्मीद और उद्देश्य  प्रशासन उम्मीद जता रही है कि इन योजनाओं से थारू और अन्य जनजातियों के लोगों को रोजगार, शिक्षा और जीवन सुविधाओं में सुधार मिलेगा. राज्य प्रशासन का उद्देश्य है कि समाज के इन कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़कर उनका समग्र विकास किया जाए. The post Bihar: 22 लाख जनजातीय परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ, प्रशासन ने बनाई लिस्ट, इतना है बजट  appeared first on Naya Vichar.

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5 IPL टीमों ने ठुकराया, दिल्ली कैपिटल्स ने 8.40 करोड़ देकर कश्मीर के ‘डेल स्टेन’ को अपनाया

Auqib Nabi Dar: जब आकिब नबी डार दिल्ली कैपिटल्स के लिए मिचेल स्टार्क के साथ नई गेंद से गेंदबाजी करने उतरेंगे, तो यह हाल के हिंदुस्तानीय क्रिकेट के सबसे अप्रत्याशित सफरों में से एक होगा. अबू धाबी में आईपीएल मिनी-नीलामी में चौंका देने वाली ₹ 8.40 करोड़ में खरीदे गए ‘कश्मीर के डेल स्टेन’ कहे जाने वाले यह खिलाड़ी सबसे बड़े मंच पर एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि एक अनुभवी घरेलू बल्लेबाज के रूप में पहुंचे हैं. नबी का बेस प्राइस ₹ 30 लाख से 28 गुना अधिक दाम मिले हैं. नबी को यह मौका एक ही बार में नहीं मिला, बल्कि यह बार-बार किए गए प्रयासों का नतीजा है. पिछले कुछ वर्षों में, उन्होंने कम से कम पांच या छह आईपीएल फ्रेंचाइजी – मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए ट्रायल दिए, लेकिन उन्हें कोई अनुबंध नहीं मिला. 5 IPL teams rejected but Delhi Capitals signed Auqib Nabi Dar for Rs 8 40 crore पिछले सीजन में भी दिल्ली की नजर में थे नबी डार दिल्ली कैपिटल्स ने पिछले साल भी उनमें रुचि दिखाई थी और उन्हें ट्रायल के लिए बुलाया था, लेकिन राज्य स्तरीय शिविर के कारण वे उपस्थित नहीं हो सके. जब इस साल की नीलामी में उनका नाम फिर से सामने आया, तो कई टीमों ने उन्हें ठुकरा दिया, जिसके बाद दिल्ली कैपिटल्स ने चार टीमों के बीच बोली लगाकर उन्हें अपने साथ जोड़ने की होड़ मचा दी. इस चयन से पहले टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए नबी ने कहा था, ‘मैंने एमआई, आरआर, केकेआर, जीटी और SRH के लिए ट्रायल दिए हैं. पिछले साल DC ने मुझे बुलाया था, लेकिन मैं नहीं जा सका. मैं IPL में स्पोर्ट्सना चाहता हूं, इससे मुझे बारामूला में अकादमी शुरू करने का अपना सपना पूरा करने में मदद मिलेगी.’ Auqib Dar is all set to feature in the #TATAIPL 👌 The all-rounder joins @DelhiCapitals for INR 8.4 Crore 👏👏#TATAIPLAuction pic.twitter.com/RQ1tK7W2RF — IndianPremierLeague (@IPL) December 16, 2025 शुरुआत में क्रिकेट स्पोर्ट्सने के खिलाफ थे डार के पिता यह सपना उनकी पृष्ठभूमि से गहराई से जुड़ा हुआ है. बारामूला में पले-बढ़े नबी एक ऐसे परिवार में बड़े हुए जहां शिक्षा को सर्वोपरि माना जाता था. उनके पिता, गुलाम नबी डार, एक प्रशासनी स्कूल में अंग्रेजी शिक्षक हैं और उन्होंने अपने बेटे के लिए एक बिल्कुल अलग भविष्य की कल्पना की थी. नबी ने याद करते हुए कहा, ‘मैं पढ़ाई में अच्छा था और मेरे पिता का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं. मेरे पिता मुझसे कहते थे कि पढ़ाई बहुत जरूरी है. जब मैंने क्रिकेट स्पोर्ट्सना शुरू किया तो वे बहुत नाराज हुए थे. अंडर-19 टीम में चुने जाने के बाद उन्होंने मेरा साथ देना शुरू कर दिया. उससे पहले वे इसके खिलाफ थे. अब वे मेरे सबसे बड़े प्रशंसक हैं.’ स्पाइक्स उधार मांग दिया ट्रायल शुरुआत में क्रिकेट अनौपचारिक था. गलियों में टेनिस बॉल से मैच स्पोर्ट्से जाते थे, कोई उचित मैदान नहीं थे और पेशेवर तेज गेंदबाजी की मांगों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. नबी ने कहा, ‘मेरे लिए, यह सब गली क्रिकेट से शुरू हुआ. हमारे पास कभी कोई उचित मैदान नहीं था. मुझे तो यह भी नहीं पता था कि तेज गेंदबाज को स्पाइक्स की जरूरत होती है. जम्मू में अपने पहले जेकेसीए ट्रायल के दौरान उन्हें इस वास्तविकता का कड़ा झटका लगा. उसे याद करते हुए नबी ने कहा, ‘मैं स्तब्ध रह गया था. मैंने 500 रुपये के स्पोर्ट्स शूज पहने हुए थे. फिर मैंने एक सीनियर खिलाड़ी से स्पाइक्स उधार लिए.’ 3 साल तक लगातार हुए रिजेक्ट, अब हैं स्टार इतना सब करने के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ. दो-तीन साल तक उन्हें लगातार अस्वीकृति का सामना करना पड़ा. जब अंततः 2016 में, जो उनका अंतिम योग्य वर्ष था, उन्हें जम्मू-कश्मीर की अंडर-19 टीम में जगह मिली तो वह चार दिवसीय क्रिकेट के लिए थी न कि वनडे प्रारूप के लिए. उनके लिए कूच बिहार ट्रॉफी निर्णायक साबित हुई. जम्मू और कश्मीर के लिए उनके अथक प्रदर्शन ने उस सपने को साकार होने दिया. नबी को सफलता 2018 में विजय हजारे ट्रॉफी में डेब्यू के साथ मिली, हालांकि चोट ने उनकी गति रोक दी. उन्होंने 2020 में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया और तब से वह जम्मू-कश्मीर के लिए सभी प्रारूपों में सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज बने हुए हैं. ये भी पढ़ें… क्या धोनी IPL को कह रहे अलविदा? पूर्व CSK प्लेयर के बयान ने मचाया बवाल, जानें पूरा मामला थैंक यू सो मच CSK… सरफराज खान ने चेन्नई में जानें के बाद शेयर की भावुक स्टोरी, देखें क्या लिखा The post 5 IPL टीमों ने ठुकराया, दिल्ली कैपिटल्स ने 8.40 करोड़ देकर कश्मीर के ‘डेल स्टेन’ को अपनाया appeared first on Naya Vichar.

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Railway: रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण में चीन, फ्रांस, रूस जैसे देश से आगे है भारत

Railway: रेल मंत्रालय ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए अपने नेटवर्क के बिजलीकरण को विशेष प्राथमिकता दे रहा है. इसका मकसद ऊर्जा पर होने वाले खर्च में कमी लाने के साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लक्ष्य को हासिल करने में योगदान देना भी है. मंत्रालय के प्रयास के नतीजा है कि देश में ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.2 फीसदी बिजलीकरण हो चुका है. वैश्विक स्तर पर हिंदुस्तानीय रेल बिजली नेटवर्क के बिजलीकरण में दुनिया के कई प्रमुख देशों से आगे हो गया है. इंटरनेशनल यूनियन ऑफ रेलवे की वर्ष 2025 की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में सिर्फ 39 फीसदी, फ्रांस में 60ं फीसदी, स्पेन में 67 फीसदी, रूस में 52 फीसदी, जापान में 64 फीसदी और चीन में 82 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हो सका है. मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 में 7188 किलोमीटर और वित्त वर्ष 2024-25 में 2701 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ है. विद्युतीकरण परियोजनाओं का पूरा होना वन विभाग के अधिकारियों से वन संबंधी मंजूरी, अतिक्रमण को हटाना, विभिन्न अधिकारियों से वैधानिक मंजूरी, क्षेत्र की भौगोलिक स्थितियां, परियोजना क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति और जलवायु परिस्थितियों के कारण किसी विशेष परियोजना स्थल के लिए एक वर्ष में कार्य करने वाले महीनों की संख्या जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है.  गौर करने वाली बात है कि सड़क मार्ग के मुकाबले रेल से कार्बन उत्सर्जन काफी कम होता है. नीति आयोग की वर्ष 2021 में आयी रिपोर्ट के अनुसार सड़क मार्ग से एक टन की माल ढुलाई एक किलोमीटर होने पर 101 ग्राम कार्बन का उत्सर्जन होता है, जबकि रेल से यह उत्सर्जन सिर्फ 11.5 ग्राम होता है. यानी सड़क मार्ग के मुकाबले रेलवे से माल ढुलाई होने पर 89 फीसदी कम कार्बन उत्सर्जन होता है.  अधिकांश राज्यों में रेल नेटवर्क का पूर्ण हो चुका है विद्युतीकरण रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे अधिकांश राज्यों में 100 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है. जबकि असम में 92 फीसदी, कर्नाटक में 96 फीसदी, तमिलनाडु में 97 फीसदी, गोवा में 91 फीसदी और राजस्थान में 99 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ है. सभी नयी रेल लाइन और मल्टी ट्रैकिंग परियोजना का निर्माण विद्युतीकरण के साथ किया जा रहा है. रेलवे लगभग पूर्ण विद्युतीकरण के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग के जरिये सतत संचालन के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें रणनीतिक बिजली खरीद योजना के आधार पर सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय स्रोतों का संयोजन शामिल है.  इन सभी पहल से कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिल रही है. इसके अलावा यात्री सुविधा को बेहतर बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. इस कड़ी में रेलवे के 6117 रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई सेवाएं मुहैया कराया गया है. रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई सेवा का उपयोग करने के लिए यात्रियों से किसी तरह की व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगी जाती है. स्टेशनों और डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया जारी है और अब तक रेल यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए 1731 स्टेशनों और 11953 डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके है.  The post Railway: रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण में चीन, फ्रांस, रूस जैसे देश से आगे है हिंदुस्तान appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Elections ADR Report: कांग्रेस ने पार्टी प्रचार और सोशल मीडिया पर जमकर किए खर्च, बीजेपी को छोड़ा पीछे

Delhi Elections ADR Report: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग में पार्टियों द्वारा प्रस्तुत चुनाव व्यय रिपोर्टों का विश्लेषण किया. जिसमें बताया गया कि बीजेपी ने दिल्ली चुनाव में कुल 57.65 करोड़ रुपये खर्च किए थे. जबकि कांग्रेस का खर्च 46.19 करोड़ रुपये था. सोशल मीडिया पर बीजेपी ने केवल 5.26 लाख रुपये और कांग्रेस ने 5.95 करोड़ रुपये खर्च किए. जबकि भाजपा ने पार्टी प्रचार पर 39.14 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कांग्रेस के 40.13 करोड़ रुपये से कम है. दिल्ली चुनाव में बीजेपी ने 88.7 करोड़ रुपये किए खर्च दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एकत्रित कुल धनराशि के मामले में भाजपा 88.7 करोड़ रुपये के साथ पहले स्थान पर रही जबकि कांग्रेस का खर्च 64.3 करोड़ रुपये था. कुल 70 विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में भाजपा ने 48 सीट पर जीत हासिल की जबकि कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी. वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने 22 सीट पर जीत दर्ज की. AAP ने पार्टी प्रचार पर 12.12 करोड़ रुपये खर्च किए एडीआर विश्लेषण के अनुसार, AAP ने पार्टी प्रचार पर 12.12 करोड़ रुपये और उम्मीदवारों पर 2.4 करोड़ रुपये खर्च किए, जिससे कुल खर्च 14.5 करोड़ रुपये हो गया. AAP ने सोशल मीडिया पर लगभग तीन करोड़ रुपये खर्च किए जबकि भाजपा ने केवल 5.26 लाख रुपये और कांग्रेस ने 5.95 करोड़ रुपये खर्च किए. भाजपा का कुल खर्च 57.65 करोड़ रुपये रहा, जो कांग्रेस के 46.19 करोड़ रुपये और ‘आप’ के 14.5 करोड़ रुपये से अधिक है. भाजपा ने पार्टी प्रचार पर 39.14 करोड़ रुपये खर्च किए भाजपा ने पार्टी प्रचार पर 39.14 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कांग्रेस के 40.13 करोड़ रुपये से कम है लेकिन आम आदमी पार्टी द्वारा घोषित 12.12 करोड़ रुपये से अधिक है. अब तक नौ पार्टियों द्वारा घोषित आंकड़ों के अनुसार, उनका कुल खर्च 120.3 करोड़ रुपये रहा, जिसमें उम्मीदवारों पर खर्च किए गए 27 करोड़ रुपये शामिल हैं. बसपा ने 1.8 करोड़ रुपये खर्च किए भाजपा, कांग्रेस और आप के अलावा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एकमात्र ऐसी पार्टी थी, जिसने एक करोड़ रुपये से अधिक (1.8 करोड़ रुपये) खर्च किए. चुनाव के दौरान सभी पार्टियों द्वारा एकत्रित कुल धनराशि 170.68 करोड़ रुपये रही. भाजपा ने 88.7 करोड़ रुपये, कांग्रेस ने 64.3 करोड़ रुपये और आम आदमी पार्टी ने 16.1 करोड़ रुपये एकत्र किये. अधिकांश धनराशि पार्टियों के केंद्रीय मुख्यालय स्तर पर एकत्रित की गई. ये भी पढ़ें: Bihar Panchayat Elections 2026: बिहार निर्वाचन आयोग ने बताया कब होगा पंचायत चुनाव? मल्टी पोस्ट EVM से होगी वोटिंग   The post Delhi Elections ADR Report: कांग्रेस ने पार्टी प्रचार और सोशल मीडिया पर जमकर किए खर्च, बीजेपी को छोड़ा पीछे appeared first on Naya Vichar.

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करोड़ों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! अब यूपीआई से भी पीएफ खाते से निकाल सकेंगे 75% तक पैसे

EPF UPI ATM Withdrawal: देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशसमाचारी है. यह समाचार कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़ी है. प्रशासन ईपीएफ खातों से पैसे निकालने की प्रक्रिया को तेज, आसान और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. प्रशासन की योजना के तहत कर्मचारी जल्द ही अपने ईपीएफ खाते से 75% तक की राशि सीधे एटीएम और यूपीआई के माध्यम से निकाल सकेंगे. इससे न केवल कागजी प्रक्रिया खत्म होगी, बल्कि आपात स्थिति में तुरंत पैसा मिल सकेगा. मार्च 2026 से पहले लागू हो सकती है नई सुविधा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने साफ किया है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) मार्च 2026 से पहले इस नई निकासी व्यवस्था को लागू करने की तैयारी में है. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि मंत्रालय का उद्देश्य ईपीएफ को बैंकिंग सिस्टम की तरह रियल-टाइम और यूजर-फ्रेंडली बनाना है. इसके तहत सब्सक्राइबर न केवल एटीएम से पैसा निकाल सकेंगे, बल्कि यूपीआई के जरिए भी सीधे अपने खाते में फंड ट्रांसफर कर पाएंगे. यूपीआई और एटीएम से पैसा निकासी का तरीका नई व्यवस्था के लागू होने के बाद ईपीएफ खाता धारकों को लंबी-चौड़ी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. जैसे बैंक खाते से एटीएम या यूपीआई के जरिए पैसे निकाले जाते हैं, वैसे ही ईपीएफ बैलेंस को भी एक्सेस किया जा सकेगा. हालांकि, इसके लिए कुछ सुरक्षा और सत्यापन प्रक्रियाएं रहेंगी, ताकि खाते की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. मंत्रालय का फोकस यह है कि पैसा सब्सक्राइबर का है, तो उसकी पहुंच भी आसान होनी चाहिए. क्यों बदली जा रही है निकासी प्रणाली मौजूदा ईपीएफ निकासी सिस्टम को लंबे समय से जटिल और समय लेने वाला माना जाता रहा है. निकासी के लिए अलग-अलग फॉर्म, श्रेणियां और पात्रता शर्तें होने के कारण कई बार कर्मचारियों के दावे खारिज हो जाते थे या उनमें देरी होती थी. श्रम मंत्रालय का मानना है कि यही जटिलता कर्मचारियों को अपने ही पैसे तक पहुंचने से रोकती है. इसी समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने सिस्टम को सरल बनाने का फैसला किया. ईपीएफओ के सुधारों की अहम भूमिका एटीएम और यूपीआई से निकासी की यह योजना ईपीएफओ द्वारा अक्टूबर 2025 में मंज़ूर किए गए व्यापक सुधारों पर आधारित है. इन सुधारों के तहत ईपीएफ निकासी की 13 अलग-अलग श्रेणियों को मिलाकर एक सरल ढांचा तैयार किया गया. पहले अलग-अलग कारणों के लिए अलग नियम थे, जिससे भ्रम की स्थिति बनती थी. अब नियमों को एकरूप बनाकर पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाई गई है. कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान शामिल पहले ईपीएफ निकासी में ज्यादातर मामलों में केवल कर्मचारी के योगदान और उस पर मिलने वाले ब्याज को ही निकाला जा सकता था. नियोक्ता के योगदान पर कई तरह की सीमाएं थीं. लेकिन, नए नियमों के तहत कर्मचारी अब अपने कुल ईपीएफ कॉर्पस का 75% तक निकाल सकते हैं, जिसमें कर्मचारी का योगदान, नियोक्ता का योगदान और उस पर मिला ब्याज तीनों शामिल होंगे. यह बदलाव कर्मचारियों के लिए बड़ी वित्तीय राहत साबित होगा. सेवा अवधि के नियम भी हुए सरल नई व्यवस्था में पात्रता से जुड़े नियमों को भी आसान बनाया गया है. अब सभी तरह की आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम 12 महीने की सेवा अवधि तय की गई है. इससे पहले कुछ मामलों में सात साल तक की सेवा जरूरी होती थी, जो कई कर्मचारियों के लिए बड़ी बाधा थी. यह मानकीकरण ईपीएफ सिस्टम को ज्यादा व्यावहारिक बनाता है. बेरोजगारी और खास परिस्थितियों में पूरी छूट बेरोजगारी की स्थिति में ईपीएफ सदस्य अभी भी अपने बैलेंस का 75% हिस्सा तुरंत निकाल सकते हैं. शेष 25% राशि एक साल बाद निकाली जा सकती है. वहीं, कुछ विशेष परिस्थितियों (55 वर्ष की उम्र के बाद रिटायरमेंट) स्थायी विकलांगता, छंटनी, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या विदेश में स्थायी रूप से बसने में पूरा ईपीएफ बैलेंस निकालने की अनुमति बनी रहेगी. इसे भी पढ़ें: Indian Railways News: रेलवे के 6117 स्टेशनों पर फ्री वाई-फाई सुविधा, सिर्फ OTP से होगा लॉगइन कर्मचारियों के लिए क्या बदलेगा आगे अगर यह योजना तय समय पर लागू हो जाती है, तो ईपीएफ हिंदुस्तान की सबसे आधुनिक सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स में शामिल हो जाएगा. एटीएम और यूपीआई आधारित निकासी से कर्मचारियों को आपात स्थिति में तुरंत लिक्विडिटी मिलेगी और ईपीएफ सिस्टम बैंकिंग सेवाओं के और करीब आ जाएगा. कुल मिलाकर, यह बदलाव कर्मचारियों के लिए उनके ही पैसे तक आसान, तेज़ और भरोसेमंद पहुंच सुनिश्चित करेगा. इसे भी पढ़ें: 8th Pay Commission से पहले प्रशासनी कर्मचारियों को बड़ा झटका! ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल नहीं करेगी प्रशासन The post करोड़ों कर्मचारियों के लिए खुशसमाचारी! अब यूपीआई से भी पीएफ खाते से निकाल सकेंगे 75% तक पैसे appeared first on Naya Vichar.

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Vastu Tips: घर का खर्च दोगुणा हो गया है? ये 2 मिनट का वास्तु उपाय बदल सकता है आपकी किस्मत

Vastu Tips: घर का खर्च लगातार बढ़ने और पैसों की अनियमितता के कारण कई परिवार परेशान रहते हैं. खासकर सीमित आय के साधन वाले लोग. इस वजह से कई लोगों को लोन तक ले लेने की नौबत आ जाती है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाता है. वास्तु शास्त्र की मानें तो इसके लिए कई बार बड़े उपाय नहीं बल्कि छोटे मगर असरदार कारण जिम्मेदार होते हैं. उन्हीं चीजों को जानकर बदलाव करने से इस समस्या से निजात मिल सकता है. आइये जानते हैं उन वजहों को जिससे धन का प्रवाह प्रभावित होता है. खास बात यह है कि ये उपाय केवल 2 मिनट के होते हैं जिसे अपनाकर आप फर्क महसूस कर सकते हैं. 2 मिनट का आसान उपाय हर सुबह, घर के मुख्य दरवाजे के पास किसी साफ ट्रे में कुछ सिक्के और एक छोटी मूर्ति या फोटो रख दें. यह धन और समृद्धि की ऊर्जा को आकर्षित करते हैं. इसे रखने का सही तरीका यह है कि सिक्के को हमेशा साफ सुथरा और चमकदार रखना है. ध्यान रहे मूर्ति या फोटो सकारात्मक भावना वाले हों. Also Read: Vastu Tips: घर पर मकड़ी का जाला होना शुभ होता है या फिर अशुभ? जान लें सच्चाई वास्तु से जुड़े अन्य उपाय जो आर्थिक स्थिति को बेहतर करते हैं घर में कभी भी टूटे या खराब चीजें लंबे समय तक न रखें, यह धन की ऊर्जा को कमजोर करती हैं. रसोई और डायनिंग में हमेशा साफ-सफाई और व्यवस्थित व्यवस्था बनाए रखें. गंदगी और अव्यवस्था खर्च बढ़ाने का कारण बन सकती है. घर के दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व कोनों में लगातार निगरानी रखें, यह घर की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव डालते हैं. Also Read: Vastu Tips for Artificial Jewellery: आर्टिफिशियल गहने पहनने वालों सावधान, छोटी-सी चूक ये कर सकती हैं जिंदगी बर्बाद The post Vastu Tips: घर का खर्च दोगुणा हो गया है? ये 2 मिनट का वास्तु उपाय बदल सकता है आपकी किस्मत appeared first on Naya Vichar.

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ढाका में भारतीय दूतावास पर हमला करने पहुंची कट्टरपंथी भीड़, MEA ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को किया तलब, सीमा तक बढ़ा अलर्ट

Indian Embassy Attack Bangladesh: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं. हिंदुस्तान के खिलाफ गुस्सा, सड़कों पर नारे और अब सीधे हिंदुस्तानीय उच्चायोग को घेरने की कोशिश. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और बयानों से साफ है कि कट्टरपंथी इस्लामी संगठन हिंदुस्तान को निशाने पर ले रहे हैं. सवाल बड़ा है कि क्या बांग्लादेश में हिंदुस्तानीय दूतावास अब सुरक्षित है? हिंदुस्तानीय उच्चायोग पर हमले की कोशिश, X पर वायरल हुए वीडियो एक्स पर वायरल वीडियो में देखा गया कि कट्टरपंथी भीड़ ने ढाका स्थित हिंदुस्तानीय उच्चायोग की ओर मार्च किया. प्रदर्शनकारियों ने दूतावास के बाहर लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की और अंदर घुसने का प्रयास भी किया. यह पूरी घटना बांग्लादेश में जुलाई महीने की हिंसा से जुड़े संगठनों से जुड़ी बताई जा रही है. “We stopped here this time; next time, We will enter the Indian Embassy. @ihcdhaka Indian domination will not continue on Bengali soil,” said militant leader Rashid Pradhan.@ndtv @ANI @CNNnews18 @RT_India_news @republic @RealBababanaras @AsiaWarZone @ThePrintIndia… pic.twitter.com/GiV5HMM6Zk — Battalion71 🇧🇩 (@ImbusyWarrior) December 17, 2025 पत्रकार आदित्य राज कौल ने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए बताया कि जुलाई में हुई हिंसा में शामिल कट्टरपंथी इस्लामी संगठन इस समय हिंदुस्तानीय उच्चायोग की ओर लॉन्ग मार्च कर रहे हैं. उनके अनुसार, पिछले कई दिनों से हिंदुस्तान और हिंदुस्तानीय राजनयिकों के खिलाफ धमकियां दी जा रही थीं, जिसके बाद यह मार्च निकाला गया. (Indian Embassy Attack Bangladesh Radical Mob Dhaka in Hindi) #BREAKING: Bangladeshi security forces stop Long March protest by Islamist radicals little distance away from Indian High Commission in Dhaka, Bangladesh. pic.twitter.com/cjZUUUblZX — Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) December 17, 2025 हिंदुस्तानीय उच्चायोग की सुरक्षा बढ़ी, बांग्लादेशी बल तैनात स्थिति को देखते हुए बांग्लादेशी सुरक्षा बलों ने हिंदुस्तानीय उच्चायोग के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी. प्रदर्शनकारियों को दूतावास से कुछ दूरी पर ही रोक दिया गया. हालांकि, हिंदुस्तान की ओर से यह साफ किया गया कि हिंदुस्तानीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी बांग्लादेश की अंतरिम प्रशासन, यानी मोहम्मद यूनुस प्रशासन, की है. Indian Embassy Attack Bangladesh in Hindi: किस बात को लेकर भड़का विरोध  कट्टरपंथी संगठन जुलाई ओइक्यो मंच ने बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को ढाका के रामपुरा ब्रिज से हिंदुस्तानीय उच्चायोग तक मार्च का ऐलान किया था. संगठन का आरोप था कि हिंदुस्तान बांग्लादेश की नेतृत्व में दखल दे रहा है. प्रदर्शनकारियों ने शेख हसीना, अवामी लीग और हिंदुस्तान समर्थित ताकतों के खिलाफ नारे लगाए. ‘सेवन सिस्टर्स’ को लेकर भड़काऊ बयान इससे पहले बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता हसनत अब्दुल्ला ने एक रैली में हिंदुस्तान के खिलाफ बेहद भड़काऊ बयान दिया. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के उत्तर-पूर्वी राज्यों, जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है, को हिंदुस्तान से अलग किया जाएगा. हिंदुस्तान ने इन बयानों को गंभीर और उकसाने वाला बताया है. छात्र नेता महफुज आलम, जो हाल ही तक बांग्लादेश की अंतरिम प्रशासन का हिस्सा थे, ने कहा कि अगर हिंदुस्तान से आतंकवाद आएगा, तो हमारे दुश्मन सुरक्षित नहीं रहेंगे. इन बयानों ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया. 12 दिसंबर 2025 को दक्षिणपंथी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी पर जानलेवा हमला हुआ था. इस हमले के बाद वह लाइफ सपोर्ट पर हैं. बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इस हमले के लिए शेख हसीना और अवामी लीग पर आरोप लगाए, जिस पर हिंदुस्तान ने कड़ा विरोध दर्ज कराया. MEA ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को किया तलब मार्च की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद हिंदुस्तान के विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त मोहम्मद रियाज हमीदुल्लाह को तलब किया. MEA ने साफ कहा कि हिंदुस्तानीय मिशन और वीजा केंद्रों की सुरक्षा बांग्लादेश की जिम्मेदारी है. MEA के अनुसार, कट्टरपंथी तत्वों द्वारा हिंदुस्तान के खिलाफ जो कहानी फैलाई जा रही है, वह पूरी तरह गलत है. साथ ही यह भी कहा गया कि बांग्लादेश प्रशासन ने अब तक किसी भी घटना की ठोस जांच रिपोर्ट या सबूत हिंदुस्तान के साथ साझा नहीं किए हैं. हालात को देखते हुए ढाका में हिंदुस्तानीय वीजा प्रोसेसिंग सेंटर ने 17 दिसंबर को दोपहर 2 बजे से सभी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दीं. MEA ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत किसी भी देश की जिम्मेदारी होती है कि वह विदेशी दूतावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. हिंदुस्तान का साफ संदेश- दोस्ती चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा जरूरी MEA के मुताबिक, हिंदुस्तान और बांग्लादेश के रिश्ते 1971 के मुक्ति संग्राम से जुड़े हैं. हिंदुस्तान बांग्लादेश में शांति, स्थिरता और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करता है, लेकिन हिंदुस्तानीय दूतावास और राजनयिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में हालात बदलते दिख रहे हैं. कट्टरपंथी ताकतें मजबूत हो रही हैं, हिंदुस्तान विरोध बढ़ रहा है और पाकिस्तान के प्रति नरमी के संकेत भी सामने आ रहे हैं. 1971 के मुक्ति संग्राम की विरासत को कमजोर करने की कोशिशों की भी चर्चा हो रही है. हालात को देखते हुए हिंदुस्तान ने असम के कछार जिले में हिंदुस्तान-बांग्लादेश सीमा पर निषेधाज्ञा लागू कर दी है. प्रशासन को आशंका है कि कट्टरपंथी तत्व सीमा पार कर शांति भंग कर सकते हैं. व्हाइट हाउस की चीफ सुसि वाइल्स ने खोला राज, ट्रंप को कहा ‘एल्कोहॉलिक पर्सनैलिटी’, वेंस पर भी साधा निशाना जबरन अंग निकालने के खिलाफ दुनिया में हाहाकार, 5 लाख से ज्यादा लोगों ने चीन के खिलाफ फूंका बिगुल, G7 और हिंदुस्तान से सख्त कार्रवाई की मांग The post ढाका में हिंदुस्तानीय दूतावास पर हमला करने पहुंची कट्टरपंथी भीड़, MEA ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को किया तलब, सीमा तक बढ़ा अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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