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December 17, 2025

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VIDEO: पटना की सड़कों पर सुपरबाइक से धूम मचाते दिखे तेज प्रताप यादव, देखें वीडियो 

VIDEO of Tej Pratap Yadav: लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव चुनाव हारने के बाद सोशल मीडिया पर काफईऊ ऐक्टिव नजर आ रहे हैं. उन्होंने एक नई मोटरसाइकिल खरीदी है जिसकी कीमत लगभग 14 लाख रुपए बताई जा रही है. तेज प्रताप यादव उसी बाइक से सड़क पर धूम मचाते हएउ नजर आए हैं और उन्होंने इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.  चुनाव हारने के बाद लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव सुपरबाइक पर धूम मचाते नजर आए. हाल ही में उन्होंने 15 लाख की कावासाकी निंजा ZX-6R खरीदी है. नई बाइक चलाते हुए अपना वीडियो उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है. #TejPratapYadav #BikeRide… pic.twitter.com/4BAftvblNo — Naya Vichar (@prabhatkhabar) December 17, 2025 The post VIDEO: पटना की सड़कों पर सुपरबाइक से धूम मचाते दिखे तेज प्रताप यादव, देखें वीडियो  appeared first on Naya Vichar.

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Numerology: मेहनत करने के बाद भी सफलता के मामले में पीछे छूट जाते हैं इस मूलांक के लोग! वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

Numerology: हमारा स्वभाव कैसा होगा यह काफी हद तक हम इस बात पर भी निर्भर करता है कि हम किस दिन या फिर तारीख पर जन्में हैं. आसान शब्दों में अगर कहें तो आप किस तारीख को जन्में या फिर आपका मूलांक क्या है इसका आपके जीवन में काफी गहरा प्रभाव पड़ता है. आज हम आपको कुछ ऐसे तारीखों में जन्में लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं जो लाख मेहनत क्यों न कर लें उन्हें जीवन में सफलता आसानी से नहीं मिलती. इस मूलांक के जो लोग होते हैं वे मेहनती तो काफी ज्यादा होते हैं लेकिन फिर भी इन्हें समय से नहीं बल्कि काफी देर से सफलता मिलने की संभावना रहती है. तो चलिए इस मूलांक के बारे में विस्तार से जानते हैं. किस मूलांक के लोगों को आसानी से नहीं मिलती सफलता? अंक ज्योतिष के अनुसार, जिस व्यक्ति का जन्म किस भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को हुआ होता है, उसका मूलांक 7 माना जाता है. इस मूलांक पर केतु ग्रह का प्रभाव रहता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें केतु को आध्यात्मिकता, मोक्ष की भावना, तांत्रिक ज्ञान और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है, इसलिए मूलांक 7 वाले लोग इन गुणों से स्वाभाविक रूप से जुड़े होते हैं. यह भी पढ़ें: Numerology: इन तारीखों में जन्मीं लड़कियां बनती हैं सुंदरता और किस्मत की रानी, पिता और पति के घर में कभी नहीं होती धन-दौलत की कमी जीवन में हमेशा रहते हैं कन्फ्यूज अंक ज्योतिष बताते हैं कि इस मूलांक के जो लोग होते हैं वे फैसले लेने में काफी ज्यादा बुरे होते हैं. इनकी एक बुरी आदत यह भी है कि ये चीजों को लेकर हमेशा ही कन्फ्यूज ही रहते हैं. इनका दिमाग कभी भी शांत नहीं रहता है क्योंकि इनके दिमाग में एक ही समय में कई तरह की चीजें चलती ही रहती है. दिमाग में चीजें चलती रहती है जिस वजह से ये अक्सर हाथ में आये मौकों को भी खो देते हैं. दूसरों पर जल्दी भरोसा कर लेते हैं ये लोग अंक ज्योतिष बताते हैं कि मूलांक 7 के जो लोग होते हैं वे काफी भोले स्वभाव के होते हैं. ये काफी आसानी से दूसरों की बातों पर भरोसा कर लेते हैं और कई बार धोखा भी खा जाते हैं. इन लोगों को यह भी समझ में नहीं आता है कि आखिर इन्हें जीवन में करना क्या है और किस तरह से वे अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं. इस उम्र में होती है शादी अंक ज्योतिष बताते हैं कि मूलांक 7 के जो लोग होते हैं उनकी शादी 25 से लेकर 30 तक हो जाती है. इन लोगों की अगर एक खास क्वालिटी की बात करें तो वह इनकी पर्सनालिटी होती है. पर्सनालिटी के मामले में ये लोग काफी ज्यादा अट्रैक्टिव होते हैं जिस वजह से सभी इनकी तरफ खिंचे चले आते हैं. यह भी पढ़ें: Numerology: धन-दौलत नहीं, प्यार को सबसे ज्यादा महत्व देती हैं इस मूलांक की लड़कियां, शादी के बाद बदल देती हैं ससुराल की किस्मत! Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Numerology: मेहनत करने के बाद भी सफलता के मामले में पीछे छूट जाते हैं इस मूलांक के लोग! वजह जानकर चौंक जाएंगे आप appeared first on Naya Vichar.

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ऑपरेशन सिंदूर पर पृथ्वीराज चव्हाण का विवादित बयान, संबित पात्रा ने कहा- कांग्रेस भारत के साथ कर रही गद्दारी

Prithviraj Chavan On Operation Sindoor: पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण ने एक बयान दिया कि जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ, तो हिंदुस्तान पहले ही दिन हार गया. ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन इंडियन एयर फोर्स को ग्राउंडेड कर दिया गया था, और हिंदुस्तानीय फाइटर जेट्स को मार गिराया गया था. यह देशद्रोह वाला बयान है. उन्होंने आज इसके लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया. पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि हिंदुस्तानीय सेना एक किलोमीटर भी आगे नहीं बढ़ पाई, तो हमारे पास ऐसी सेना क्यों है? यह देशद्रोह से भरा बयान है, यह एक गद्दार का बयान है. कांग्रेस पृथ्वीराज चव्हाण के बयान के साथ खड़ी दिख रही है. वे एक इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर यह साबित करना चाहते हैं कि हिंदुस्तान और हिंदुस्तानीय सेना को कैसे नीचा दिखाया जा सकता है. सोनिया और प्रियंका गांधी को माफी मांगनी चाहिए : संबित पात्रा संबित पात्रा ने कहा- जब संसद में SHANTI बिल 2025 पर चर्चा हो रही है, तो पृथ्वीराज चव्हाण का हिंदुस्तानीय सेना और उसकी ताकत पर हमला पूरे हिंदुस्तान के मनोबल पर हमला है. वे विदेशी ताकतों के हाथों में स्पोर्ट्स रहे हैं. कांग्रेस हिंदुस्तान के साथ गद्दारी कर रही है. अगर कांग्रेस में हिम्मत है, तो कम से कम सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जो अभी भी देश में हैं, उन्हें आगे आकर उनके बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए, यह कहते हुए कि ऐसा बयान देना गलत है. #WATCH | Delhi: BJP MP Sambit Patra says, “Former Maharashtra CM Prithviraj Chavan made a statement that when Operation Sindoor took place, India lost on the first day itself, that on the first day of Operation Sindoor, Indian Air Force was grounded, and that Indian fighter jets… pic.twitter.com/PxX9kn19cA — ANI (@ANI) December 17, 2025 पृथ्वीराज चौहाण ने ऑपरेशन सिंदूर पर क्या दिया था विवादित बयान? महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था, ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन हम पूरी तरह हार गए थे. 7 तारीख को आधे घंटे तक जो हवाई लड़ाई हुई, उसमें हम पूरी तरह हार गए, चाहे लोग इसे मानें या न मानें. हिंदुस्तानीय विमानों को मार गिराया गया. एयर फोर्स पूरी तरह से जमीन पर थी, और एक भी विमान नहीं उड़ा. अगर ग्वालियर, बठिंडा या सिरसा से कोई विमान उड़ान भरता, तो पाकिस्तान द्वारा उसे मार गिराए जाने की बहुत ज्यादा संभावना थी, इसीलिए एयर फोर्स को पूरी तरह से जमीन पर रखा गया था. Pune: Former Maharashtra CM and senior Congress leader Prithviraj Chavan says, “Recently, we saw during Operation Sindoor, there was not even a one-kilometre movement of the military… Whatever happened over two or three days was only an aerial war and missile warfare. In the… pic.twitter.com/9xDCB7gdm2 — ANI (@ANI) December 16, 2025 पृथ्वीराज चव्हाण ने सेना पर दिया विवादित बयान महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, “हाल ही में, हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा कि सेना की एक किलोमीटर भी मूवमेंट नहीं हुई. दो-तीन दिनों में जो कुछ भी हुआ, वह सिर्फ हवाई युद्ध और मिसाइल युद्ध था. भविष्य में भी युद्ध इसी तरह लड़े जाएंगे. ऐसी स्थिति में, क्या हमें सच में 12 लाख सैनिकों की सेना रखने की जरूरत है, या हम उनसे कोई और काम करवा सकते हैं? ये भी पढ़ें: अगले दो सप्ताह में पीएम मोदी के इस्तीफे का दावा करने वाला कौन है? नेतृत्व तेज The post ऑपरेशन सिंदूर पर पृथ्वीराज चव्हाण का विवादित बयान, संबित पात्रा ने कहा- कांग्रेस हिंदुस्तान के साथ कर रही गद्दारी appeared first on Naya Vichar.

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Pakistan PIA Stake Sale: जहाज बेचकर पैसा जुटाएगा पाकिस्तान, 23 दिसंबर को लगेगी बोली

Pakistan PIA Stake Sale: आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने अपनी राष्ट्रीय विमानन कंपनी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) को पूरी तरह निजी हाथों में सौंपने का बड़ा फैसला किया है. प्रशासन ने पीआईए में अपनी 100% हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है, जिसके तहत 23 दिसंबर को बोली प्रक्रिया आयोजित की जाएगी. इस कदम को पाकिस्तान प्रशासन की वित्तीय स्थिति सुधारने और घाटे में चल रहे प्रशासनी उपक्रमों से बोझ कम करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. पहले चरण में 75% हिस्सेदारी की होगी बोली निजीकरण प्रक्रिया के तहत शुरुआत में पीआईए की 75% हिस्सेदारी के लिए बोली लगाई जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, जो बोलीदाता इस चरण में सफल होगा, उसे एक महीने के भीतर शेष 25% हिस्सेदारी खरीदने का विकल्प दिया जाएगा. हालांकि, इस अतिरिक्त हिस्सेदारी के लिए खरीदार को 12% प्रीमियम देना होगा. 12% प्रीमियम क्यों देना होगा? यह अतिरिक्त प्रीमियम इसलिए तय किया गया है, क्योंकि प्रशासन विजेता बोलीदाता को शेष 25% हिस्सेदारी के भुगतान को एक साल तक टालने की अनुमति देगी. यानी तत्काल भुगतान के बजाय किश्तों में या देरी से भुगतान की सुविधा दी जाएगी, जिसकी भरपाई 12% अतिरिक्त शुल्क के रूप में की जाएगी. प्रशासन को मिलेगा सिर्फ 7.5% नकद इस सौदे की एक अहम शर्त यह है कि प्रशासन को बोली की कुल राशि में से केवल 7.5% रकम नकद प्राप्त होगी. शेष 92.5% राशि सीधे पीआईए में निवेश की जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक, इसका उद्देश्य कंपनी के पुनरुद्धार, परिचालन सुधार और वित्तीय स्थिरता को मजबूत करना है. निजी बोलीदाताओं की सख्त शर्त निजीकरण आयोग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया में शामिल सभी बोलीदाताओं ने सौदे के बाद प्रशासन की किसी भी तरह की भूमिका समाप्त करने की शर्त रखी थी. यही वजह है कि प्रशासन ने आंशिक बिक्री के बजाय पूरी 100% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया. निवेशकों का मानना है कि प्रशासनी हस्तक्षेप से मुक्त होकर ही पीआईए का व्यावसायिक पुनर्गठन संभव है. कौन-कौन लगा रहा है पीआईए पर दांव? पीआईए के निजीकरण में पाकिस्तान के कई बड़े कारोबारी समूह दिलचस्पी दिखा रहे हैं. बोलीदाताओं में लकी सीमेंट कंसोर्टियम, आरिफ हबीब कंसोर्टियम, फौजी फाउंडेशन की इकाई फौजी फर्टिलाइजर और निजी एयरलाइन एयर ब्लू शामिल हैं. इन समूहों को उम्मीद है कि पीआईए की परिसंपत्तियों, अंतरराष्ट्रीय रूट्स और ब्रांड वैल्यू का बेहतर उपयोग कर कंपनी को दोबारा मुनाफे में लाया जा सकता है. प्रशासन का लक्ष्य निजीकरण पर प्रधानमंत्री के सलाहकार मुहम्मद अली ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य पीआईए को फिर से खड़ा करना है. उन्होंने बताया कि अधिकांश बोलीदाता कम से कम 75% हिस्सेदारी चाहते थे, जबकि कुछ ने पूर्ण स्वामित्व की मांग की थी, ताकि फैसले तेजी से लिए जा सके. इसे भी पढ़ें: Cameron Green Net Worth: केकेआर ने आईपीएल 2026 के लिए 25.20 करोड़ में खरीदा, जानें कितनी दौलत के मालिक हैं कैमरन ग्रीन? बेड़े के आधुनिकीकरण पर होगा जोर मुहम्मद अली के मुताबिक, पीआईए को उसकी पुरानी प्रतिष्ठा में लौटाने के लिए बेड़े के आधुनिकीकरण और नए विमानों की खरीद में बड़े पैमाने पर निवेश की जरूरत है. निजी निवेशकों से उम्मीद की जा रही है कि वे तकनीकी सुधार, बेहतर सेवाएं और लागत नियंत्रण के जरिए पीआईए को दोबारा प्रतिस्पर्धी बनाएंगे. भाषा इनपुट के साथ इसे भी पढ़ें: 8th Pay Commission से पहले प्रशासनी कर्मचारियों को बड़ा झटका! ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल नहीं करेगी प्रशासन The post Pakistan PIA Stake Sale: जहाज बेचकर पैसा जुटाएगा पाकिस्तान, 23 दिसंबर को लगेगी बोली appeared first on Naya Vichar.

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सर्दियों में रोज पिएं ये मिक्स हर्बल सूप, आपके आस-पास भी नहीं फटकेगी बीमारी, वजन भी रहेगा कंट्रोल

Mixed Herbal Soup: सर्दियों के मौसम में ठंड, खांसी, जुकाम और वायरल संक्रमण ज्यादातर लोगों की आम समस्या बन जाती है. ऐसे में ज्यादातर लोगों की च्वॉइस कड़क सूप पीने की होती है, ताकि शरीर गर्म रहने के साथ सर्दी, खांसी में राहत भी मिल सके. लेकिन अगर हम सूप बनाते समय देसी नुस्खों को शामिल कर लें तो बीमारियों से बचाव आसान हो सकता है. आयुर्वेद में अदरक, तुलसी और काली मिर्च को इम्युनिटी बढ़ाने वाला माना गया है. इन तीनों से तैयार मिक्स हर्बल सूप न सिर्फ शरीर को अंदर से गर्म रखता है, बल्कि मौसमी बीमारियों से लड़ने की ताकत भी देता है. आवश्यक सामग्री अदरक- 1 इंच (कद्दूकस किया हुआ) तुलसी के पत्ते- 8 से 10 काली मिर्च- 6 से 8 (कुटी हुई) लहसुन- 3 से 4 कलियां (वैकल्पिक) पानी- 2 कप शहद या सेंधा नमक- स्वादानुसार नींबू का रस- 1 चम्मच (वैकल्पिक) Also Read: Christmas Special Cheese Paneer Roll: क्रिसमस पर बनाएं स्नैक्स में कुछ खास, आसानी से तैयार करें चीज पनीर रोल मिक्स हर्बल सूप बनाने का तरीका सबसे पहले एक पैन में 2 कप पानी डालकर उसे उबालें. जब पानी उबलने लगे जाए तो उसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक और कुटी हुई काली मिर्च डालें. अब तुलसी के पत्ते और चाहें तो लहसुन डाल दें. इसके बाद धीमी आंच पर 7 से 10 मिनट तक इसे पकने दें, ताकि सभी जड़ी‑बूटियों का रस पानी में अच्छे से घुल जाए. गैस बंद कर सूप को छान लें. स्वाद के लिए सेंधा नमक या हल्का शहद मिलाएं. चाहें तो ऊपर से नींबू का रस डाल सकते हैं. आपका गर्मा गरम सूप तैयार हो चुका है. मिक्स हर्बल सूप के फायदे अदरक, तुलसी और काली मिर्च में मौजूद एंटी‑ऑक्सीडेंट और एंटी‑बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं. जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. यह सूप गले की खराश, बंद नाक और हल्की खांसी में काफी असरदार मानी जाती है. ठंड के मौसम में यह सूप शरीर का तापमान संतुलित रखता है और कड़कड़ाती से ठंड से बचाव में मदद करता है. अदरक और काली मिर्च पाचन क्रिया को दुरुस्त करती हैं, जिससे गैस और अपच की समस्या नहीं होती. लो‑कैलोरी होने के कारण यह सूप वजन घटाने वालों के लिए भी उपयोगी है. Also Read: Badam Halwa Recipe: ऐसा स्वाद जो मां के हाथों की दिला दे याद, एक बार खाया तो बार-बार बनाने का करेगा मन The post सर्दियों में रोज पिएं ये मिक्स हर्बल सूप, आपके आस-पास भी नहीं फटकेगी बीमारी, वजन भी रहेगा कंट्रोल appeared first on Naya Vichar.

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किराए के नेट से लेकर धोनी के ड्रेसिंग रूम तक, 14 करोड़ में बिकने वाले अनकैप्ड कार्तिक शर्मा की कहानी

Kartik Sharma: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए मिनी नीलामी में राजस्थान के कार्तिक शर्मा का 14.20 करोड़ रुपये का आईपीएल सौदा फैंस के लिए काफी चौंकाने वाला था, क्योंकि चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने इस खिलाड़ी के लिए एक हार न मानने वाली बोली लगाई. CSK के लिए, कार्तिक एक होनहार युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं. उनके और उनके परिवार के लिए यह एक बड़ी बात है, क्योंकि उनके परिवार ने काफी तंगी झेली है. कार्तिक की कहानी का भावनात्मक केंद्र उसके पिता मनोज शर्मा हैं. कार्तिक अपने पिता को क्रिकेट में गहरी रुचि देखते हुए बड़े हुए, जिन्होंने कभी क्रिकेट को गंभीरता से स्पोर्ट्सा था, लेकिन चोट के कारण उनका करियर रुक गया. इसके बाद उन्होंने एक फैसला लिया, अगर पिता अपनी पारी पूरी नहीं कर सकते, तो वे अपने बेटे के लिए ऐसी परिस्थितियां तैयार करेंगे जिससे वह शुरुआत कर सके. rented nets to Dhoni dressing room story of 14 crore buy uncapped Kartik Sharma पिता ने सपना पूरा करने के लिए की कड़ी मेहनत उन परिस्थितियों के कारण परिवार को इतना पैसा खर्च करना पड़ा जो उनके पास वास्तव में नहीं था. बताया जाता है कि वर्षों से परिवार का गुजारा तंगी में चलता रहा, पारिवारिक बचत खर्च होती रही, गहने बेचे गए, कर्ज लिए गए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त काम भी किया गया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रशिक्षण को बुनियादी ढांचे की तरह माना जाता था. एक जमीन खरीदी गई और बाद में बेच दी गई ताकि बॉलिंग मशीन और अभ्यास के लिए नेट लगाए जा सकें, जिससे तैयारी एक तरह से घर में बनी अकादमी जैसी बन गई. फिर एक ऐसा झटका लगा जिससे उबरना मुश्किल होता है. Yet another young one enters the den! 🦁🏟️Whistle welcome, Kartik Sharma!🥳#WhistlePodu #IPLAuction pic.twitter.com/1haBu8esPZ — Chennai Super Kings (@ChennaiIPL) December 16, 2025 कुछ लोगों ने ईर्ष्या की वजह से पहुंचाया काफी नुकसान ईर्ष्या की वजह से कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की, उपकरण चोरी हो गए, नेट क्षतिग्रस्त कर दिए गए या उनमें आग लगा दी गई. इसके बाद परिवार ने अपना रुख बदला, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण की तलाश की और कार्तिक को पूर्व कोचिंग संस्थान में भेज दिया. उन्होंने अकादमियों में प्रशिक्षण लिया और लोकेन्द्र सिंह चाहर के मार्गदर्शन में आगे बढ़े, जिन्हें कार्तिक ने निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है. इस दौरान, कार्तिक ने आर्थिक रूप से भी योगदान दिया और क्रिकेट के दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए ट्यूशन पढ़ाया. क्रिकेट के प्रति उनका समर्पण देखने लायक था. कार्तिक शर्मा के दुख के दिन हुए दूर अब, उस कड़ी मेहनत का फल मिलने का समय था और वह शानदार ढंग से मिला. सीएसके ने इस युवा के सपनों को पंख दिया और आईपीएल इतिहास का सबसे महंगा अनकैप्ड खिलाड़ी बना दिया. यह एक ऐसा अनुबंध है जिसने कार्तिक का जीवन बदल दिया और एक ऐसा ड्रेसिंग रूम जहां तालियों की गड़गड़ाहट जितनी ही उम्मीदें भी बुलंद हैं. हालांकि, इसके पीछे की कहानी कहीं अधिक मार्मिक है. एक परिवार ने कठिन समय में भी अपने सपने को पूरा करने का प्रयास जारी रखा और अंततः उन्हें इसका फल मिला. ये भी पढ़ें-IPL 2026: CSK ने अनकैप्ड कार्तिक और प्रशांत के साथ सरफराज पर जताया भरोसा, कुछ ऐसा है स्क्वाड क्या धोनी IPL को कह रहे अलविदा? पूर्व CSK प्लेयर के बायन ने मचाया बवाल, जानें पूरा मामला The post किराए के नेट से लेकर धोनी के ड्रेसिंग रूम तक, 14 करोड़ में बिकने वाले अनकैप्ड कार्तिक शर्मा की कहानी appeared first on Naya Vichar.

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जबरन अंग निकालने के खिलाफ दुनिया में हाहाकार, 5 लाख से ज्यादा लोगों ने चीन के खिलाफ फूंका बिगुल, G7 और भारत से सख्त कार्रवाई की मांग

Forced Organ Harvesting China: दुनिया के अलग-अलग देशों से उठ रही आवाजें अब एक साथ जुड़ती दिख रही हैं. मुद्दा बेहद गंभीर है और आरोप उससे भी ज्यादा डराने वाले. बात हो रही है चीन में जबरन अंग निकाले जाने की. इस मामले में अब आम लोग ही नहीं, बल्कि सांसद, डॉक्टर और अंतरराष्ट्रीय संगठन भी खुलकर सामने आ गए हैं. द एपोक टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि इस मुद्दे पर दुनिया भर में पांच लाख से ज्यादा लोग एक याचिका के जरिए प्रशासनों से कार्रवाई की मांग कर चुके हैं. TET की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 5,05,970 लोग उस याचिका पर हस्ताक्षर कर चुके हैं, जिसमें चीन की कम्युनिस्ट प्रशासन पर कैदियों के अंग जबरन निकालने का आरोप लगाया गया है. ये हस्ताक्षर 34 देशों से आए हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है. Forced Organ Harvesting China in Hindi: G7 और हिंदुस्तान से भी कार्रवाई की अपील इस याचिका का मकसद सिर्फ विरोध दर्ज कराना नहीं है, बल्कि दुनिया की बड़ी ताकतों से सीधे कदम उठाने की मांग करना है. याचिका में जिन देशों से अपील की गई है, उनमें शामिल हैं G7 देश में अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन और इनके अलावा हिंदुस्तान, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, इजराइल, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया और ताइवान भी शामिल है. कुल मिलाकर 14 देशों से एक साथ चीन के खिलाफ बोलने की मांग की गई है. किसने और कब शुरू की यह याचिका यह याचिका जुलाई 2024 में शुरू की गई थी. इसे शुरू करने वाले दो बड़े संगठन हैं Doctors Against Forced Organ Harvesting (DAFOH) और International Coalition to End Transplant Abuse in China. इन संगठनों का कहना है कि चीन में जो हो रहा है, वह मानवता के खिलाफ अपराध है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में जिन लोगों के अंग जबरन निकाले जा रहे हैं, वे आम अपराधी नहीं हैं. इन्हें प्रिजनर्स ऑफ कॉन्शियंस कहा जाता है. इसमें शामिल हैं फालुन गोंग के अनुयायी, उइगर मुस्लिम, अन्य धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक. आरोप है कि इन लोगों को जेल में रखकर उनके अंग ट्रांसप्लांट के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. सांसद भी मैदान में उतरे याचिका के सामने आने से पहले ही दुनिया भर में सैकड़ों सांसदों ने भरोसा दिलाया है कि वे अपने-अपने देशों में ऐसे कानून लाने की कोशिश करेंगे, जिससे जबरन अंग निकालने की प्रथा पर रोक लगाई जा सके. DAFOH के कार्यकारी निदेशक डॉ. टॉर्स्टन ट्रे ने द एपोक टाइम्स से कहा कि हम यह मुद्दा सीधे प्रशासनों के सामने रख रहे हैं, ताकि उन्हें पता चले कि आम लोग इस अमानवीय काम को खत्म होते देखना चाहते हैं. उनका कहना है कि यह अभियान जनता की मांग को सीधे फैसले लेने वालों तक पहुंचाने का तरीका है. 25 साल से चल रहे उत्पीड़न का आरोप डॉ. ट्रे ने यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ अंग निकालने तक सीमित नहीं है. उनके अनुसार यह है कि चीन में फालुन गोंग के खिलाफ पिछले 25 साल से उत्पीड़न चल रहा है और यह याचिका उस सच्चाई को भी सामने लाती है. याचिका में लंदन स्थित चाइना ट्रिब्यूनल की 2019 की रिपोर्ट का भी जिक्र है. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन में बड़े पैमाने पर जबरन अंग निकाले गए. सबसे ज्यादा शिकार बने फालुन गोंग अनुयायी. यह जानकारी भी द एपोक टाइम्स (TET) के हवाले से दी गई है. डॉ ट्रे ने बताया कि उनकी संस्था ने 2012 से 2018 के बीच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त को भी याचिका दी थी. इसमें 30 लाख से ज्यादा लोग जुड़े थे, लेकिन नियमों की जटिलता के कारण संयुक्त राष्ट्र की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. (500k Sign Petition G7 India Action in Hindi) अब अगला लक्ष्य क्या है DAFOH का कहना है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा. अब लक्ष्य है कि जून 2026 तक 10 लाख हस्ताक्षर जुटाना. डॉ ट्रे को भरोसा है कि जिस रफ्तार से लोग जुड़ रहे हैं, यह आंकड़ा आसानी से पार हो जाएगा. याचिका में 14 देशों से मांग की गई है कि वे यह है कि चीन के जबरन अंग निकालने की खुलकर निंदा करें. इसे तुरंत बंद करने की मांग करें. अपने नागरिकों को चीन में ट्रांसप्लांट कराने से रोकें. चीन के साथ ट्रांसप्लांट से जुड़ी साझेदारियां खत्म करें. हर साल संसद में इस मुद्दे पर चर्चा करें और जिम्मेदार लोगों पर जांच और कार्रवाई शुरू करें. ये भी पढ़ें: दुनिया में बढ़ा वर्चुअल शादियों का चलन, जापानी स्त्री ने AI से की शादी, सही पार्टनर की कमी बनी चुनौती दिल्ली की सांसें हलक में अटकीं, चीन ने दिखाया ‘बीजिंग मॉडल’, बताए प्रदूषण घटाने के 6 बड़े फॉर्मूले, हिंदुस्तान के लिए बड़ा इशारा The post जबरन अंग निकालने के खिलाफ दुनिया में हाहाकार, 5 लाख से ज्यादा लोगों ने चीन के खिलाफ फूंका बिगुल, G7 और हिंदुस्तान से सख्त कार्रवाई की मांग appeared first on Naya Vichar.

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CNG PNG Price Cut: आम आदमी को बड़ी राहत! 1 जनवरी से घटने वाले हैं सीएनजी-पीएनजी के दाम

CNG PNG Price Cut: नए साल की शुरुआत आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी समाचार लेकर आ रही है. 1 जनवरी 2026 से देशभर में संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की कीमतों में 2 से 3 रुपये प्रति यूनिट तक की कमी आने की संभावना है. यह राहत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) द्वारा घोषित टैरिफ युक्तिकरण के चलते मिलने जा रही है. पीएनजीआरबी का बड़ा फैसला समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, पीएनजीआरबी ने प्राकृतिक गैस के परिवहन शुल्क को सरल और तर्कसंगत बनाने का फैसला किया है. बोर्ड के इस कदम का सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा. एक विशेष साक्षात्कार में पीएनजीआरबी के सदस्य एके तिवारी ने बताया कि नई एकीकृत टैरिफ व्यवस्था के तहत सीएनजी और घरेलू पीएनजी की कीमतों में प्रति यूनिट 2-3 रुपये तक की बचत संभव होगी. हालांकि, यह राज्यों में लागू करों पर निर्भर करेगी. कैसे बदली टैरिफ प्रणाली अब तक लागू व्यवस्था में गैस परिवहन शुल्क को दूरी के आधार पर तीन जोन में बांटा गया था. इस के पहले जोन में 200 किलोमीटर तक 42 रुपये, दूसरे जोन में 300 से 1200 किलोमीटर 80 रुपये और तीसरे जोन में 1200 किलोमीटर से अधिक 107 रुपये शामिल किया गया था. पीएनजीआरबी ने इस जटिल ढांचे को खत्म करते हुए अब तीन जोन की जगह दो जोन की प्रणाली लागू की है. तिवारी के अनुसार, पहला जोन पूरे हिंदुस्तान में सीएनजी और घरेलू पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए समान रूप से लागू होगा. 54 रुपये की एकीकृत दर से मिलेगा सीधा फायदा नई व्यवस्था के तहत जोन-1 के लिए एकीकृत परिवहन शुल्क 54 रुपये तय किया गया है. यह पहले लागू 80 और 107 रुपये के शुल्क की तुलना में काफी कम है. इस बदलाव से विशेष रूप से उन राज्यों को अधिक लाभ मिलेगा, जहां गैस लंबी दूरी से लाई जाती थी और उपभोक्ताओं को ऊंची कीमत चुकानी पड़ती थी. 312 भौगोलिक क्षेत्र और 40 सीजीडी कंपनियों को लाभ इस टैरिफ युक्तिकरण का लाभ देश में कार्यरत 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों के अंतर्गत आने वाले 312 भौगोलिक क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को मिलेगा. इसमें परिवहन क्षेत्र में सीएनजी का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालक और रसोई गैस के रूप में पीएनजी उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ता दोनों शामिल हैं. उपभोक्ताओं तक लाभ पहुंचाना अनिवार्य पीएनजीआरबी ने यह स्पष्ट किया है कि इस टैरिफ कटौती का लाभ अनिवार्य रूप से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा. नियामक बोर्ड इसकी सक्रिय निगरानी करेगा. एके तिवारी ने कहा कि पीएनजीआरबी की भूमिका केवल नियामक की नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं और गैस वितरण कंपनियों दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने की है. नेटवर्क विस्तार को प्रशासनी समर्थन एके तिवारी ने बताया कि पूरे देश को कवर करने के लिए सीजीडी लाइसेंस पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां, निजी खिलाड़ी और संयुक्त उपक्रम शामिल हैं. पीएनजीआरबी राज्य प्रशासनों के साथ समन्वय कर सीजीडी कंपनियों की मदद कर रहा है, जिससे कई राज्यों में वैट में कटौती और अनुमति प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है. इसे भी पढ़ें: Cameron Green Net Worth: केकेआर ने आईपीएल 2026 के लिए 25.20 करोड़ में खरीदा, जानें कितनी दौलत के मालिक हैं कैमरन ग्रीन? प्राकृतिक गैस खपत बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम प्रशासन के प्रयास हैं कि सीएनजी और घरेलू पीएनजी के लिए रियायती और तर्कसंगत दरों पर गैस उपलब्ध कराई जाए. इससे देश में प्राकृतिक गैस की खपत बढ़ने की उम्मीद है. सीजीडी सेक्टर को हिंदुस्तान में प्राकृतिक गैस खपत बढ़ाने का प्रमुख इंजन माना जा रहा है. इसे भी पढ़ें: 8th Pay Commission से पहले प्रशासनी कर्मचारियों को बड़ा झटका! ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल नहीं करेगी प्रशासन The post CNG PNG Price Cut: आम आदमी को बड़ी राहत! 1 जनवरी से घटने वाले हैं सीएनजी-पीएनजी के दाम appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Air Pollution: दिल्ली वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अधिकारियों को सुनाया खरी-खरी

Delhi Air Pollution: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से रोकने में अधिकारियों द्वारा अब तक उठाए गए कदम पूरी तरह से फेल रहे हैं. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने टिप्पणी की कि प्रदूषण में किसी भी सार्थक कमी के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता होगी. स्कूलों को बंद करने या हाइब्रिड मॉडल के फैसले में हस्तक्षेप करने से कोर्ट का इनकार सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली प्रशासन के स्कूलों को बंद करने या स्कूलों के हाइब्रिड मॉडल के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि ये स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए अधिकारियों द्वारा लिए गए केवल अस्थायी नीतिगत निर्णय थे. अल्पकालिक उपाय केवल बच्चों और बुजुर्गों को अस्थायी सुरक्षा प्रदान करने के लिए हैं. ये पूरी तरह से अंतरिम नीतिगत निर्णय हैं. ज्यादा से ज्यादा, इन्हें छुट्टियों के विस्तार के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि स्कूल वैसे भी सर्दियों के दौरान 10 से 15 दिनों के लिए बंद रहने वाले हैं. Supreme Court has orally observed that the measures taken by authorities so far have been a “total failure” in effectively curbing the rising levels of air pollution in the Delhi–NCR region. A Bench led by Chief Justice of India Surya Kant remarked that any meaningful reduction… — ANI (@ANI) December 17, 2025 कोर्ट ने किसानों को प्रोत्साहन राशि देने पर विचार करने को कहा सुप्रीम कोर्ट ने सीएक्यूएम और एनसीआर के शहरों के प्रशासन से शहरी परिवहन और किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए प्रोत्साहन राशि देने जैसे मुद्दों पर विचार करने को कहा. कोर्ट ने निर्माण श्रमिकों को वैकल्पिक काम उपलब्ध कराने पर विचार करने का दिया निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली प्रशासन को प्रतिबंधों के कारण खाली बैठे निर्माण श्रमिकों का सत्यापन करने और उनके खातों में धनराशि अंतरित करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने दिल्ली प्रशासन से कहा कि वह प्रतिबंधों के कारण खाली बैठे निर्माण श्रमिकों को वैकल्पिक काम उपलब्ध कराने पर विचार करे. ढाई लाख निर्माण श्रमिकों में से 7,000 का सत्यापन पूरा : दिल्ली की प्रशासन दिल्ली प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ढाई लाख निर्माण श्रमिकों में से 7000 का सत्यापन पूरा हो चुका है और उनके खातों में धनराशि अंतरित कर दी जाएगी. इसपर कोर्ट ने कहा- ऐसा नहीं होना चाहिए कि निर्माण श्रमिकों के खातों में अंतरित की गई धनराशि गायब हो जाए, किसी अन्य खाते में पहुंच जाए. कोर्ट ने नौ टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने या अस्थायी रूप से बंद करने का दिया सुझाव सुप्रीम कोर्ट ने एनएचएआई और एमसीडी को दिल्ली की सीमाओं पर यातायात सुगम बनाने के लिए नौ टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने या अस्थायी रूप से बंद करने पर विचार करने को कहा. ये भी पढ़ें: Train Delay Alert: दिल्ली-NCR में कोहरे की वजह से 25 ट्रेनें लेट, पूरी सूची देखें The post Delhi Air Pollution: दिल्ली वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अधिकारियों को सुनाया खरी-खरी appeared first on Naya Vichar.

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How to Grow Cumin at Home: सौंफ जितना ही सरल है जीरा उगाना – जानें घर पर जीरा उगाने का आसान तरीका

How to Grow Cumin at Home: हिंदुस्तानीय रसोई में जीरा (Cumin) का इस्तेमाल तड़के से लेकर औषधीय काढ़ों तक किया जाता है. बहुत कम लोग जानते हैं कि जीरा को घर पर उगाना सौंफ जितना ही आसान है, खासकर सर्दियों के मौसम में. यदि आपके पास थोड़ी सी जगह, धूप और सही देखभाल है, तो आप ताज़ा और शुद्ध जीरा घर पर ही उगा सकते हैं. आइए जानते हैं घर पर जीरा उगाने की पूरी प्रक्रिया और देखभाल के टिप्स. जीरा उगाने के लिए आवश्यक सामग्री जीरे के बीज – अच्छी क्वालिटी के, बिना भुने हुए गमला या क्यारी जिसमें नीचे पानी निकासी का छेद होना चाहिए हल्की और भुरभुरी दोमट मिट्टी   गोबर की खाद / वर्मी कम्पोस्ट – पौष्टिकता के लिए पानी का स्प्रे या मग – हल्का पानी देने के लिए नीम का तेल या नीम का पानी – कीटों से बचाव के लिए धूप वाली जगह जहां रोज़ 4–5 घंटे धूप मिल सके हाथ से गुड़ाई करने का छोटा औज़ार घर पर जीरा कैसे उगाएं? जानें पुरी प्रक्रिया – How to Grow Cumin at Home? How to grow cumin at home 1.  जीरा उगाने के लिए अक्टूबर से फरवरी का समय सबसे अच्छा होता है. सर्दियों की हल्की धूप जीरे के पौधे के लिए आदर्श मानी जाती है. 2. सबसे पहले अच्छी क्वालिटी के सूखे जीरे के दाने लें. ध्यान रखें कि जीरा पुराना या भुना हुआ न हो. पुराना और भुना हुआ जीरा आसानी से अंकुरित नहीं होता है. 3. दोमट मिट्टी में गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट मिलाएं. मिट्टी हल्की और जल निकासी वाली होनी चाहिए. 4. गमले या क्यारी में जीरे के बीज आधा इंच गहराई में बो दें और ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर पानी छिड़कें. 5.  पौधे को रोज़ 4–5 घंटे धूप दें. जरूरत से ज़्यादा पानी न डालें, केवल मिट्टी नम रखें. जीरे का पौधा कितने दिन में तैयार हो जाता है? लगभग 90–120 दिनों में जीरे के पौधे सूखने लगते हैं. जब पौधा पीला पड़ जाए, तो उसे जड़ से काट लें. फिर 5–7 दिन छांव में सुखाकर बीज अलग कर लें. सूखने के बाद जीरे को एयरटाइट डिब्बे में रखें. जीरा पौधे की देखभाल के टिप्स (Caring Tips) ज्यादा पानी देने से पौधा खराब हो सकता है कीटों से बचाव के लिए नीम का पानी छिड़कें ठंडी हवा से पौधे को बचाएं समय-समय पर हल्की गुड़ाई करें घर पर जीरा उगाना न सिर्फ आसान है बल्कि सेहत और स्वाद दोनों के लिए फायदेमंद भी है. थोड़ी सी मेहनत से आप शुद्ध और खुशबूदार जीरा घर बैठे पा सकते हैं. Also Read: How to Grow Kiwi at Home: घर पर कीवी कैसे उगाएं? जानें सबसे आसान तरीका और देखभाल के लिए टिप्स Also Read: How to Grow Potatoes at Home: एक अंकुरित आलू से उगाएं दर्जनभर आलू – जानें घर पर आलू उगाने का सबसे आसान तरीका Also Read: How to Grow Sarson Saag at Home: घर पर उगाएं सरसों का साग – सर्दियों में शरीर को दे गर्माहट और स्वाद का मजा The post How to Grow Cumin at Home: सौंफ जितना ही सरल है जीरा उगाना – जानें घर पर जीरा उगाने का आसान तरीका appeared first on Naya Vichar.

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