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December 18, 2025

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Gud Shakkar Namakpare Ki Recipe: एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाएंगे, नोट कर लीजिए गुड़–शक्कर नमकपारे की देसी रेसिपी

Gud Shakkar Namakpare Ki Recipe: गुड़–शक्कर नमकपारे एक पारंपरिक देसी स्नैक हैं, जो स्वाद में मीठे और हल्के नमकीन का अनोखा मेल पेश करते हैं. आमतौर पर नमकपारे नमकीन होते हैं, लेकिन जब इनमें गुड़ और शक्कर का तड़का लगाया जाता है तो इनका स्वाद और भी खास हो जाता है. यह रेसिपी खासतौर पर सर्दियों, त्योहारों और चाय के समय के लिए बहुत पसंद की जाती है. गुड़ की प्राकृतिक मिठास, शक्कर की हल्की करामेल जैसी परत और कुरकुरे नमकपारे मिलकर एक ऐसा स्वाद बनाते हैं जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को भाता है. इन्हें आप होली, दिवाली या किसी भी खास मौके पर आसानी से घर पर बना सकते हैं. लंबे समय तक स्टोर होने वाले ये नमकपारे टिफिन और मेहमानों के लिए भी बेहतरीन विकल्प हैं. गुड़-शक्कर नमकपारे बनाने के लिए जरूरी चीजें  मैदा – 2 कप घी या तेल – 3 टेबलस्पून (मोयन के लिए) गुड़ – 1/2 कप (कद्दूकस किया हुआ) शक्कर – 2 टेबलस्पून पानी – आवश्यकतानुसार तेल – तलने के लिए गुड़-शक्कर नमकपारे बनाने का तरीका  आटा गूंथें एक बड़े बाउल में मैदा लें. इसमें घी या तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं ताकि मोयन बन जाए. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंथ लें. आटे को ढककर 15–20 मिनट के लिए रख दें. गुड़–शक्कर की चाशनी तैयार करें एक पैन में गुड़ और शक्कर डालें. थोड़ा सा पानी मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं, जब तक गुड़ पूरी तरह पिघल न जाए. चाशनी ज्यादा गाढ़ी न करें. नमकपारे काटें आटे को बेलकर मध्यम मोटी रोटी बनाएं. अब इसे छोटे-छोटे चौकोर या डायमंड शेप में काट लें. तलें कढ़ाही में तेल गरम करें. मध्यम आंच पर नमकपारे डालकर सुनहरे और कुरकुरे होने तक तल लें. चाशनी में मिलाएं गरम-गरम तले हुए नमकपारों को सीधे गुड़–शक्कर की चाशनी में डालें और अच्छी तरह मिला लें ताकि सभी पर चाशनी की परत चढ़ जाए. ठंडा करें नमकपारों को प्लेट में फैलाकर पूरी तरह ठंडा होने दें. ठंडे होने पर ये अच्छे से कुरकुरे हो जाते हैं. यह भी पढ़ें: Palak Cutlet Recipe: शाम की चाय के साथ चाहिए कुछ खास स्नैक्स, तो सर्दियों में ट्राई करें पालक कटलेट यह भी पढ़ें: Vegetable Nuggets Recipe: कंच्री और टेस्टी वेजिटेबल नगेट्स बढ़ाएंगे चाय की चुस्की का आनंद The post Gud Shakkar Namakpare Ki Recipe: एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाएंगे, नोट कर लीजिए गुड़–शक्कर नमकपारे की देसी रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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Darbhanga Airport: अकासा एयरलाइंस को मिली अनुमति, फरवरी में शुरू करेगा दरभंगा बेंगलुरु के बीच फ्लाइट

मुख्य बातें विंटर शेड्यूल के तहत दरभंगा एयरपोर्ट से 34 उड़ाने इन रूटों पर मिलेगी सेवा चार महानगरों के लिए मिल रही सेवा वाच आवर बढ़ने से होगा फायदा Darbhanga Airport: दरभंगा. बिहार के दरभंगा एयरपोर्ट से सफर करने वाले लोगों के लिए एक खुशसमाचारी है. दरभंगा एयरपोर्ट से दक्षिण हिंदुस्तान की यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत की समाचार है. फरवरी माह से दरभंगा- बेंगलुरु के बीच अकासा एयरलाइंस सीधी उड़ान सेवा शुरू करने जा रहा है. अकासा एयरलाइंस को इसे लेकर अनुमति मिल चुकी है. कंपनी ने संचालन की दिशा में तैयारियां तेज कर दी है. विंटर शेड्यूल के तहत दरभंगा एयरपोर्ट से 34 उड़ाने विंटर शेड्यूल के तहत दरभंगा एयरपोर्ट से अब कुल 34 विमानों का आवागमन होगा. इसमें 34 उड़ानों की लिस्ट है. इस कड़ी में अकासा एयर को बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई के लिए 3 नया स्लॉट दिया गया है. वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस को बेंगलुरु-दिल्ली के लिए 2 नया स्लॉट मिला है. वहीं स्पाइसजेट को अहमदाबाद का 1 नया स्लॉट दिया गया है. जबकि इंडिगो ने मुंबई रूट को डेली कर दिया है. इन रूटों पर मिलेगी सेवा विंटर शेडयूल में बेंगलुरु के लिए अकासा के अलावा एयर इंडिया एक्सप्रेस को स्लॉट मिला है. इस रूट में स्पाइस जेट की सेवा शुरू हुई थी. लगातार अनियमित उड़ान के बाद कई महीने से कंपनी ने सेवा ठप कर रखी है. इससे संबंधित यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर आइटी सेक्टर, शिक्षा और व्यवसाय से जुड़े लोग बेंगलुरु की यात्रा के लिए पटना के रास्ते सफर कर रहे है. इससे उनका समय और खर्च दोनों बढ़ता है. नयी कंपनी की ओर से नये साल से बेंगलुरु के लिए विमान सेवा शुरू किये जाने से लोगों का फिर से राहत मिलने लगेगी. चार महानगरों के लिए मिल रही सेवा वर्तमान में दरभंगा एयरपोर्ट से चार महानगरों के लिए सीधी विमान सेवा है. इसमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद शामिल है. इन रूटों पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. बेंगलुरु जैसे प्रमुख महानगर के लिए फिर से सीधी उड़ान शुरू होना क्षेत्र के विकास की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है. अकासा एयरलाइंस की प्रस्तावित बेंगलुरु सेवा से न केवल यात्रियों को सीधी और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसर और बेहतर होंगे. यह पहल दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार और मिथिला की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा. वाच आवर बढ़ने से होगा फायदा दरभंगा एयरपोर्ट पर अभी 11 घंटे का वाच आवर है. इस टाइमिंग को बढ़ाने के लिए हेड क्वार्टर को प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है. प्रस्ताव स्वीकार हो जाने के बाद हवाई अड्डे का संचालन समय 12 घंटे हो जायेगा. इसके अलावा फरवरी से नाइट लैंडिंग की सुविधा भी शुरू हो जाने की उम्मीद की जा रही है. इससे और ज्यादा विमानों की आवाजाही संभव होगी. इससे कंपनियों को लुभाने करने में सहायता मिलेगी. Also Read: Darbhanga Airport: दरभंगा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग का रास्ता साफ, जनवरी में पूरा होगा काम The post Darbhanga Airport: अकासा एयरलाइंस को मिली अनुमति, फरवरी में शुरू करेगा दरभंगा बेंगलुरु के बीच फ्लाइट appeared first on Naya Vichar.

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Chiranjeevi Hanuman First Look Out: ‘चिरंजीवी हनुमान’ का फर्स्ट लुक आया सामने, भव्य दिखा पवन पुत्र का अवतार

Chiranjeevi Hanuman First Look Out: हिंदुस्तानीय सिनेमा के फैंस के लिए एक खुशसमाचारी सामने आयी है. भगवान हनुमान पर बन रही फिल्म Chiranjeevi Hanuman– The Eternal का फर्स्ट लुक रिलीज कर दिया गया है. इस फिल्म में पवन पुत्र हनुमान की बहादुरी, श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति और उनकी अद्भुत शक्तियों को बड़े ही भव्य तरीके से फिल्माया गया है. हनुमान का भव्य अवतार दिखा मूवी के फर्स्ट लुक में भगवान हनुमान का दमदार और दिव्य अवतार दिखाया गया  है, जिसे देखकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है. मेकर्स का कहना है कि यह फिल्म हिंदुस्तान की पौराणिक कहानियों और सांस्कृतिक विरासत को नए विजन और आधुनिक सिनेमाई अंदाज में पेश करेगी. फिल्म को अगले साल सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है. राजेश मापुस्कर ने इस फिल्म को किया है डायरेक्ट इस मेगा प्रोजेक्ट का निर्देशन नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित डायरेक्टर राजेश मापुस्कर ने किया है. फिल्म को Star Studio18, Collective Studios Historyverse और Abundantia Entertainment मिलकर प्रस्तुत कर रहे हैं. फर्स्ट लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर इस फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है. फैंस अब बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि भगवान हनुमान पर आधारित यह भव्य और प्रेरणादायक कहानी बड़े पर्दे पर कब देखने को मिलेगी. ALSO READ: Gaurav Khanna Reaction: बर्थड पार्टी में तान्या-फरहाना के शामिल न होने पर गौरव ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मुझे फर्क नहीं… The post Chiranjeevi Hanuman First Look Out: ‘चिरंजीवी हनुमान’ का फर्स्ट लुक आया सामने, भव्य दिखा पवन पुत्र का अवतार appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: अंडा उत्पादन में बिहार की लंबी छलांग, टॉप-10 राज्यों में हुआ शामिल

मुख्य बातें 9 वर्षों में तीन गुना बढ़ा उत्पादन 34,401 लाख पहुंचा अंडा का उत्पादन बिहार में अंडा उत्पादन बढ़ने के पीछे कई कारण अंडे के उत्पादन में सबसे तेज उछाल 4 वर्षों से 30 हजार लाख से अधिक उत्पादन Bihar News: पटना.सुबोध कुमार नंदन. देश में अंडा उत्पादन के क्षेत्र में बिहार ने बीते एक दशक में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है. पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, हिंदुस्तान प्रशासन के तहत जारी एनिमल हसबैंड्री स्टैटिस्टिक्स के अनुसार वर्ष 2023-24 में बिहार देश के शीर्ष 10 अंडा उत्पादक राज्यों में शामिल हो गया है. यह उपलब्धि राज्य के पशुपालकों, पोल्ट्री उद्यमियों और प्रशासन की योजनाओं का संयुक्त परिणाम माना जा रहा है. 9 वर्षों में तीन गुना बढ़ा उत्पादन आंकड़ों के अनुसार बिहार में वर्ष 2014-15 में अंडा उत्पादन लगभग 9,845 लाख था, जो 2023-24 में बढ़कर 34,401 लाख अंडों तक पहुंच गया. यानी लगभग नौ वर्षों में बिहार ने अंडा उत्पादन में तीन गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की है. यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक तेज मानी जा रही है. देश के स्तर पर अंडा उत्पादन में आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्य पहले से अग्रणी रहे हैं, लेकिन बिहार का टॉप-10 में प्रवेश यह संकेत देता है कि राज्य अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उत्पादक राज्य के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है. 34,401 लाख पहुंचा अंडा का उत्पादन लगभग नौ वर्षों में बिहार ने अंडा उत्पादन में तीन गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की 2014-15 में अंडा उत्पादन 9,845 लाख था, जो 2023-24 में बढ़कर 34,401 लाख पहुंचा अंडा उत्पादन में आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, प. बंगाल, कर्नाटक जैसे राज्य पहले से अग्रणी बिहार में अंडा उत्पादन बढ़ने के पीछे कई कारण बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष पी के अग्रवाल ने बताया कि बिहार में अंडा उत्पादन बढ़ने के पीछे कई कारण हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में पोल्ट्री फार्मिंग का तेजी से विस्तार, प्रशासन द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री पोल्ट्री विकास योजना, पशुपालकों को प्रशिक्षण, सब्सिडी और बाजार से जोड़ने की पहल ने इस क्षेत्र को मजबूती दी है. साथ ही शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अंडे की बढ़ती खपत ने उत्पादन को प्रोत्साहित किया है. राज्य की बड़ी आबादी, अनुकूल जलवायु और सस्ते श्रम के कारण पोल्ट्री उद्योग में निवेश बढ़ रहा है. अंडे के उत्पादन में सबसे तेज उछाल देशभर में अंडा उत्पादन 2014-15 में जहां 7.84 लाख करोड़ अंडे (लगभग) के स्तर पर था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 14.27 लाख करोड़ अंडों तक पहुंच गया है. आंकड़ों पर नजर डालें तो बिहार में सबसे तेज उछाल 2018-19 के बाद देखने को मिलता है. जहां 2017-18 में उत्पादन 12,185 लाख था, वहीं 2018-19 में यह सीधे 17,633 लाख पहुंच गया. इसके बाद 2019-20 में 27,408 लाख और 2020-21 में 30,132 लाख अंडा उत्पादन दर्ज किया गया. 4 वर्षों से 30 हजार लाख से अधिक उत्पादन लगातार चार वर्षों से बिहार 30 हजार लाख से अधिक अंडा उत्पादन बनाए हुए है. पश्चिम बंगाल में 2014-15 में 48,136 लाख से बढ़कर 2023-24 में 1,62,394 लाख पर पहुंच गया. वहीं आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्य अभी भी शीर्ष पर हैं आंध्र प्रदेश का उत्पादन 2,54,874 लाख और तमिलनाडु का 2,23,325 लाख रहा. Also Read: Bihar Bhumi: रक्सौल में बेतिया राज की जमीन पर 32700 लोगों का कब्जा, प्रशासन ने दिया खाली करने का आदेश The post Bihar News: अंडा उत्पादन में बिहार की लंबी छलांग, टॉप-10 राज्यों में हुआ शामिल appeared first on Naya Vichar.

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CNG और घरेलू PNG इस दिन से होगी सस्ती, कंज्यूमर्स को होगा इतने रुपये का फायदा

CNG PNG Price Cut: साल 2026 की शुरुआत देश के मध्यम वर्ग के लिए अच्छी समाचार लेकर आ रही है. अगर आप गाड़ी चलाने के लिए सीएनजी (CNG) का इस्तेमाल करते हैं या आपके किचन में पाइप वाली गैस (PNG) आती है, तो अब आपकी मासिक बचत बढ़ने वाली है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने उस टैरिफ स्ट्रक्चर को ही बदलने का फैसला किया है जिसकी वजह से गैस की कीमतें बढ़ी हुई रहती थीं. क्यों और कैसे कम होंगी कीमतें? दरअसल, गैस की कीमतों का एक बड़ा हिस्सा उसके ‘ट्रांसपोर्टेशन’ यानी पाइपलाइन के जरिए एक शहर से दूसरे शहर तक पहुँचाने के खर्च पर निर्भर करता है. अभी तक दूरी के हिसाब से इसे तीन अलग-अलग हिस्सों (जोन्स) में बांटा गया था, जिससे दूरदराज के इलाकों में गैस महंगी हो जाती थी. अब प्रशासन ने इसे घटाकर सिर्फ दो जोन कर दिया है. 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाली इस नई व्यवस्था के बाद उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 2 से 3 रुपये तक की सीधी राहत मिलने की उम्मीद है. पूरे देश में एक जैसा चार्ज PNGRB के सदस्य ए.के. तिवारी के मुताबिक, पुरानी जटिल व्यवस्था को खत्म कर अब एक ‘यूनिफाइड टैरिफ’ लाया जा रहा है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पहले जोन में आने वाले घरेलू और वाहन उपभोक्ताओं के लिए ढुलाई का खर्च पूरे हिंदुस्तान में एक समान हो जाएगा. इससे कंपनियों की लागत कम होगी और नियामक ने सख्त निर्देश दिए हैं कि इस बचत का लाभ कंपनियों को अपनी जेब में रखने के बजाय सीधे ग्राहकों को देना होगा. 312 इलाकों में दिखेगा असर इस बड़े बदलाव का दायरा बहुत व्यापक है. देश के करीब 312 जियोग्राफिकल एरिया में रहने वाले लोग इससे लाभान्वित होंगे. वर्तमान में करीब 40 गैस वितरण कंपनियां इस नेटवर्क का हिस्सा हैं. प्रशासन का मकसद सिर्फ दाम कम करना नहीं है, बल्कि देश के उन हिस्सों तक भी सस्ती गैस पहुँचाना है जहाँ अभी ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने के कारण कीमतें ज्यादा हैं. Also Read: नए साल के जश्न से पहले निपटा लें ये 3 काम, वरना 1 जनवरी से बढ़ सकती है आपकी फाईनेंशियल परेशानी PNGRB अब केवल एक निगरानी संस्था बनकर काम नहीं करेगा. बोर्ड अब राज्यों के साथ मिलकर वैट (VAT) की दरों को कम करवाने और गैस पाइपलाइन बिछाने के नियमों को आसान बनाने पर भी काम कर रहा है. आने वाले समय में निजी और प्रशासनी क्षेत्र की कंपनियां मिलकर देश के हर घर तक सस्ती गैस पहुँचाने के लक्ष्य पर काम करेंगी. The post CNG और घरेलू PNG इस दिन से होगी सस्ती, कंज्यूमर्स को होगा इतने रुपये का फायदा appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Panchayat Chunav: बिहार पंचायत चुनाव में काउंटिग होगी हाईटेक,धांधली रोकने के लिए OCR तकनीक लाएगी नीतीश सरकार

Bihar Panchayat Chunav : बिहार में पहली बार काउंटिग के दौरान हाईटेक तकनीक से होगी निगरानी. राज्य में 2026 में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर नीतीश प्रशासन ने एक ऐसा मास्टरस्ट्रोक स्पोर्ट्सा है, जो चुनावी धांधली और गिनती के दौरान होने वाले विवादों को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है. इस बार बिहार पंचायत चुनाव में वोटों की गिनती में ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (OCR) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा. ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (OCR) टेक्नोलॉजी क्या है? ओसीआर(OCR) एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जो लिखित या छपे हुए डेटा को डिजिटल प्रारूप में बदलकर पहचानती है. मतगणना केंद्रों पर जब वोटों की गिनती होगी, तब कैमरों के माध्यम से ओसीआर तकनीक हर रिकॉर्ड को स्कैन करेगी. मंत्री दीपक प्रकाश के अनुसार, यदि किसी प्रत्याशी या जनता को परिणामों को लेकर रत्ती भर भी संदेह होता है, तो इस तकनीक के माध्यम से डेटा को दोबारा ‘री-चेक’ किया जा सकेगा. यह सिस्टम न केवल परिणामों में पारदर्शिता लाएगा बल्कि चुनाव के बाद होने वाले कानूनी मुकदमों की संख्या को भी न्यूनतम कर देगा. प्रशासन का मानना है कि जैसे देश में बैलेट पेपर की जगह ईवीएम ने ली, वैसे ही अब पंचायत स्तर पर ओसीआर तकनीक विश्वास बहाली का काम करेगी. मतगणना में तकनीक से खत्म होगी धांधली की गुंजाइश पंचायत चुनावों में मतगणना हमेशा से विवाद का बड़ा कारण रही है. कई बार धांधली के आरोप लगे, नतीजों को लेकर संदेह खड़े हुए और मामला अदालत तक पहुंचा. इन आशंकाओं को खत्म करने के लिए इस बार मतगणना के दौरान OCR तकनीक का सहारा लिया जाएगा. यह तकनीक मतगणना के रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से पढ़ने और सत्यापित करने में मदद करेगी, जिससे मानवीय त्रुटि और हेरफेर की संभावना कम होगी. मतगणना पूरी तरह डिजिटल नहीं होगी. मैनुअल गिनती की प्रक्रिया जारी रहेगी,लेकिन उसके साथ कैमरों की निगरानी और OCR आधारित रिकॉर्डिंग भी की जाएगी. अगर किसी प्रत्याशी या आम नागरिक को नतीजों पर संदेह होगा, तो उसी डेटा के आधार पर दोबारा जांच की जा सकेगी. इससे चुनाव परिणामों को लेकर उठने वाले सवालों पर विराम लगने की उम्मीद है. सिस्टम में बढ़ेगा भरोसा पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा है ताकि लोगों का भरोसा चुनावी व्यवस्था पर मजबूत हो. उन्होंने कहा कि जैसे आम चुनावों में बैलेट की जगह ईवीएम लाई गई, वैसे ही पंचायत चुनाव में भी एक कदम आगे बढ़ाया जा रहा है. उनके मुताबिक तकनीक से पारदर्शिता बढ़ती है, भ्रष्टाचार पर लगाम लगती है और व्यवस्था में विश्वास कायम होता है. पंचायत चुनाव में मतगणना में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाये रखने के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (OCR) टेक्नोलॉजी का किया जायेगा इस्तेमाल। pic.twitter.com/4jzMSl4ayf — Deepak Prakash (@DeepakRLM) December 17, 2025 राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बार पंचायत चुनाव मल्टी पोस्ट ईवीएम के जरिए कराए जाएंगे. इससे एक ही मशीन से अलग-अलग पदों के लिए मतदान संभव होगा और पूरी प्रक्रिया ज्यादा सुचारु व पारदर्शी बनेगी. आयोग ने यह भी दोहराया है कि पंचायतों में आरक्षण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं संविधान और पंचायत अधिनियम के तहत ही पूरी की जाएंगी. सोशल मीडिया की अफवाहों से दूरी की सलाह आरक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर आयोग ने ध्यान न देने की अपील की है. आयोग के मुताबिक एससी, एसटी, ओबीसी, पिछड़ा वर्ग और स्त्रीओं के लिए तय आरक्षण का पूरी तरह पालन किया जाएगा. वहीं, मंत्री के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं, जहां कई यूजर्स ने तकनीक के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग उठाई है. Also Read: Fact Check : एक्स ने नया विचार के पूर्व स्टेट हेड झारखंड के बारे में दी गलत जानकारी, हटानी पड़ेगी पोस्ट The post Bihar Panchayat Chunav: बिहार पंचायत चुनाव में काउंटिग होगी हाईटेक,धांधली रोकने के लिए OCR तकनीक लाएगी नीतीश प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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Vegetable Nuggets Recipe: कंच्री और टेस्टी वेजिटेबल नगेट्स बढ़ाएंगे चाय की चुस्की का आनंद

Vegetable Nuggets Recipe: सर्दियों की शाम में चाय की चुस्की के साथ अगर कुछ स्वादिष्ट और क्रंची स्नैक्स खाने को मिल जाए तो चाय का आनंद बढ़ जाता है. हम बात कर रहे हैं वेजिटेबल नगेट्स की, जिसका स्वाद ही इसकी खासियत है. स्वाद के साथ-साथ कई तरह की सब्जियों से बने होने की वजह से यह सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है. इस स्नैक्स को आप घर पर बनाकर इसका भरपूर आनंद उठा सकते हैं. आइए अब बताते हैं इसे कैसे झटपट तरीके से बना सकते हैं. वेजिटेबल नगेट्स बनाने की सामग्री उबाला हुआ मैश्ड आलू – 1 कटोरी बारीक कटा हुआ गाजर – 1 कटोरी शिमला मिर्च – आवश्यकतानुसार प्याज – 1 हरी मिर्च – आवश्यकतानुसार धनिया पत्ती – आवश्यकतानुसार ब्रेड क्रम्बस – 1 कटोरी कॉर्न फ्लोर – 4 बड़े चम्मच रिफाइंड – आवश्यकता अनुसार नमक – स्वादानुसार इसे भी पढ़ें: Quick Snacks Recipe: नाश्ते के लिए बेस्ट है चटपटा शेजवान पोटैटो फ्राई, फटाफट हो जाएगा तैयार वेजिटेबल नगेट्स बनाने की विधि वेजिटेबल नगेट्स बनाने के लिए पहले आप एक बर्तन में आलू, कटी सब्जियां, मिर्च, धनिया पत्ती, नमक, 1/2 कटोरी ब्रेड क्रम्बस और 3 बड़े चम्मच कॉर्न फ्लोर डालें. इन सभी को आप अच्छी तरह मिलाकर डो तैयार कर लें. इसके बाद आप इससे छोटे-छोटे नगेट्स तैयार कर लें. इसके बाद आप एक कटोरी में 1 चम्मच बचे हुए कॉर्न फ्लोर में पानी डालकर उसका पतला घोल तैयार कर लें. इस घोल में आप नगेट्स को डूबा कर ब्रेड क्रम्बस में डालकर अच्छे से कोट कर लें. इसके बाद इन्हें फिर हाथ से दबा कर घोल में डुबोकर ब्रेड क्रम्बस में कोट करें. अब आप सभी तैयार नगेट्स को 2 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें. अब आप एक पैन में तेल गर्म करके फ्रिज में रखे नगेट्स को तल लें. क्रिस्पी और गोल्डन ब्राउन होने के बाद आप इन नगेट्स को चटनी या टोमेटो सॉस के साथ सर्व कर दें. इसे भी पढ़ें: Onion Puff Pastry: शाम की चाय के साथ लें अनियन पफ पेस्ट्री का आनंद, पलक झपकते ही हो जाएगा तैयार इसे भी पढ़ें: Masala Khakhra Recipe: स्नैक्स के लिए बेस्ट ऑप्शन है मसाला खाखरा, बहुत सिंपल है बनाने की रेसिपी The post Vegetable Nuggets Recipe: कंच्री और टेस्टी वेजिटेबल नगेट्स बढ़ाएंगे चाय की चुस्की का आनंद appeared first on Naya Vichar.

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Hanuman Ji Chola Chadhane Ke Fayde: हनुमान जी को चोला चढ़ाना, संकट, शनि दोष और रोगों से मुक्ति का शक्तिशाली उपाय

Hanuman Ji Chola Chadhane Ke Fayde: हिंदू धर्म में भगवान श्री हनुमान को संकटमोचन कहा गया है. मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और विधि-विधान से हनुमान जी को चोला चढ़ाता है, उस पर बजरंगबली की विशेष कृपा बनी रहती है. हनुमान जी को चोला चढ़ाने की परंपरा केवल एक धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि ग्रह दोषों, रोगों और मानसिक कष्टों से मुक्ति पाने का प्रभावी उपाय मानी जाती है. हनुमान जी को चोला चढ़ाने से क्या लाभ मिलते हैं? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाने से भक्त को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं: शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या, दशा और अंतरदशा के प्रभाव कम होते हैं राहु और केतु से जुड़े कष्टों से राहत मिलती है भय, रोग और आकस्मिक संकट दूर होते हैं आयु में वृद्धि और मानसिक बल की प्राप्ति होती है भक्त की मनोकामनाएं धीरे-धीरे पूर्ण होने लगती हैं हनुमान जी भगवान शिव के ग्यारहवें रुद्र अवतार माने जाते हैं. सिंदूर का संबंध शक्ति और ऊर्जा से है, इसलिए सिंदूर का चोला चढ़ाना विशेष फलदायी माना गया है. हनुमान जी को चोला चढ़ाने की सामग्री हनुमान जी को चोला चढ़ाने से पहले पूजा की सभी सामग्री एकत्र कर लें: हनुमान जी के लिए विशेष सिंदूर देसी गाय का घी या शुद्ध चमेली का तेल गंगाजल मिला शुद्ध जल धूप और दीप चांदी या सोने का वर्क (या चमकीला कागज) श्री हनुमान चालीसा हनुमान जी को चोला चढ़ाने की सही विधि चोला चढ़ाने से पहले सबसे पहले हनुमान जी की प्रतिमा से पुराना चोला उतारें. इसके बाद गंगाजल मिले जल से प्रतिमा को स्नान कराएं और साफ कपड़े से पोंछें. अब सिंदूर में घी या चमेली का तेल मिलाकर गाढ़ा लेप तैयार करें. दाहिने हाथ से हनुमान जी के सिर से शुरू करते हुए पूरे शरीर पर सिंदूर का लेपन करें। इसके बाद प्रतिमा पर चांदी या सोने का वर्क लगाएं. पूजन के दौरान शांत मन से हनुमान चालीसा का पाठ करें. ये भी पढ़े: हनुमान चालीसा का कब, कैसे और कितनी बार करें पाठ? हनुमान जी को चोला चढ़ाने का शुभ दिन हनुमान जी को चोला केवल विशेष दिनों में ही चढ़ाना चाहिए: मंगलवार शनिवार हनुमान जयंती राम नवमी दीपावली और होली अन्य दिनों में चोला चढ़ाना वर्जित माना गया है. चोला चढ़ाते समय रखें ये सावधानियां सिंदूर हमेशा सवा मात्रा में चढ़ाएं (जैसे सवा पाव या सवा किलो) मंगलवार को देसी गाय के घी और शनिवार को केवल चमेली के तेल का प्रयोग करें लाल या पीले रंग के साफ वस्त्र पहनें पुराने चोले को उतारकर बहते जल में प्रवाहित करें चोला रगड़कर और पूरी श्रद्धा से चढ़ाएं पूजा के समय श्वास प्रतिमा पर न लगने दें हनुमान जी को चोला चढ़ाने का मंत्र चोला चढ़ाते समय इस मंत्र का जाप करें: “सिन्दूरं रक्तवर्णं च सिन्दूरतिलकप्रिये।भक्त्या दत्तं मया देव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम॥” धूप-दीप और आरती विधि चोला चढ़ाने के बाद धूप-दीप करें और नीचे दिए मंत्र के साथ दीपक अर्पित करें. इसके बाद 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें और अंत में हनुमान जी की आरती करें. पूजन के बाद क्षमा याचना क्यों जरूरी है? पूजन में हुई अनजानी गलतियों के लिए हनुमान जी से क्षमा याचना करना आवश्यक माना गया है. इससे पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और साधक पर बजरंगबली की कृपा बनी रहती है. हनुमान जी को चोला चढ़ाना एक अत्यंत शक्तिशाली धार्मिक उपाय है. यदि इसे सही विधि, सही दिन और पूरी श्रद्धा से किया जाए, तो यह जीवन के बड़े-बड़े संकटों को दूर कर सकता है. The post Hanuman Ji Chola Chadhane Ke Fayde: हनुमान जी को चोला चढ़ाना, संकट, शनि दोष और रोगों से मुक्ति का शक्तिशाली उपाय appeared first on Naya Vichar.

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MGNREGA Name Change : योजनाओं के नाम नेहरू…शिवराज सिंह चौहान ने प्रियंका गांधी पर किया कटाक्ष

MGNREGA Name Change : ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के हंगामे पर लोकसभा में कहा कि अपनी बात कहना है और फिर जवाब नहीं सुनना भी ‘हिंसा’ है. विपक्ष के लोग बापू के आदर्शों के खिलाफ काम कर रहे हैं. कांग्रेस के लोग मनरेगा के नाम ढोंग करते हैं, मोदी प्रशासन काम करती है. चौहान ने प्रियंका गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि नाम रखने की सनक कांग्रेस की है. बहुत सारी योजनाओं के नाम नेहरू परिवार को महिमामंडित करने के लिए रखे गए. #WinterSession2025 Union Minister @ChouhanShivraj replies to the discussion on The Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB – G Ram G Bill, 2025 in Lok Sabha.@MoRD_GoI @LokSabhaSectt #VBGRAMGBill #LokSabha #RajyaSabha Watch Live :… pic.twitter.com/DWYWrok34Z — SansadTV (@sansad_tv) December 18, 2025 विपक्ष ने जी राम जी विधेयक संसदीय समिति के पास भेजने की मांग उठाई लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मनरेगा की जगह प्रशासन द्वारा लाए गए ‘विकसित हिंदुस्तान-जी राम जी विधेयक, 2025’ को विचार-विमर्श के लिए संसदीय समिति को भेजने की विपक्ष की मांग को गुरुवार को अस्वीकार कर दिया. विधेयक पर बुधवार देर रात तक चर्चा के बाद गुरुवार को जब अध्यक्ष बिरला ने चर्चा का जवाब देने के लिए ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम लिया तो कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने विधेयक को संसद की स्थायी समिति या संयुक्त समिति (जेपीसी) को भेजने की मांग उठाई. यह भी पढ़ें : मनरेगा के नये रूप में भ्रष्टाचार पर अंकुश इस तरह विरोध करना गांधी के अहिंसा के सिद्धांत को तार-तार करना है: चौहान स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि इस विधेयक को लेकर 99 सदस्यों ने विचार रखे. देर रात तक इस पर चर्चा हुई. सभी दलों के सदस्यों का विचार आया. मैंने विपक्ष के कहने से चर्चा का समय बढ़ा दिया. उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा कि इस तरह विरोध करना उचित परंपरा नहीं है. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने विधेयक पर चर्चा का जवाब देना शुरू किया और कहा कि विपक्ष का इस तरह विरोध करना महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत को तार-तार करना है. इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी. The post MGNREGA Name Change : योजनाओं के नाम नेहरू…शिवराज सिंह चौहान ने प्रियंका गांधी पर किया कटाक्ष appeared first on Naya Vichar.

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कंगाली से कराह रही पाकिस्तान की राष्ट्रीय एयरलाइन, 100% हिस्सेदारी बेचने को मजबूर सरकार, शहबाज को मिलेगी सिर्फ इतनी ही नकदी

Pakistan National Airline PIA Privatization: कभी पाकिस्तान की पहचान रही पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस यानी PIA, आज अपनी आखिरी उड़ान की तैयारी में है. एक समय था जब यह एयरलाइन एशिया की सबसे भरोसेमंद कंपनियों में गिनी जाती थी, लेकिन सालों की खराब नीतियों, नेतृत्वक दखल और घाटे ने इसे ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया कि अब पाकिस्तान प्रशासन इसे पूरी तरह बेचने जा रही है. सवाल यह है कि प्रशासन को यह फैसला क्यों लेना पड़ा और इसमें ऐसा क्या हुआ कि 100 फीसदी हिस्सेदारी तक बेचने की नौबत आ गई. Pakistan National Airline PIA Privatization in Hindi: प्रशासन ने 100% हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान प्रशासन ने यह फैसला तब लिया जब PIA को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे सभी निवेशकों ने साफ कह दिया कि वे एयरलाइन तभी खरीदेंगे जब प्रशासन का कोई दखल नहीं रहेगा. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, चारों बोलीदाताओं ने मांग रखी कि उन्हें पूरा या कम से कम इतना हिस्सा मिले जिससे वे एयरलाइन पर पूरा नियंत्रण रख सकें. इसके बाद प्रशासन ने तय किया कि PIA की पूरी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेची जाएगी. कब होगी बोली और सौदे का तरीका क्या होगा? PIA की बोली 23 दिसंबर को होनी है. शुरुआत में प्रशासन 75 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी. जो कंपनी यह बोली जीतेगी, उसे एक महीने के भीतर बाकी 25 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का विकल्प मिलेगा. इस अतिरिक्त हिस्सेदारी पर खरीदार को 12 फीसदी ज्यादा कीमत चुकानी होगी. अधिकारियों के अनुसार, यह प्रीमियम इसलिए रखा गया है ताकि खरीदार को पूरी रकम एक साथ न देकर एक साल तक भुगतान टालने की छूट मिल सके. यहां कहानी थोड़ा चौंकाती है. प्रशासन को इस सौदे से मिलने वाली रकम का सिर्फ 7.5 फीसदी हिस्सा नकद मिलेगा. बाकी 92.5 फीसदी पैसा सीधे PIA में डाला जाएगा, ताकि एयरलाइन को चलाया जा सके और उसे दोबारा खड़ा करने की कोशिश हो सके. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के हवाले से अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था एयरलाइन को बचाने के लिए की गई है, लेकिन इससे प्रशासन को तुरंत कोई बड़ा फायदा नहीं होगा. PIA को खरीदने की दौड़ में कौन-कौन शामिल? PIA को खरीदने में चार बड़े नाम सामने आए हैं लकी सीमेंट कंसोर्टियम, आरिफ हबीब कंसोर्टियम, फौजी फर्टिलाइजर (फौजी फाउंडेशन के तहत) और निजी एयरलाइन एयर ब्लू. निजीकरण पर प्रधानमंत्री के सलाहकार मुहम्मद अली ने पुष्टि की कि सभी निवेशक कम से कम 75 फीसदी हिस्सेदारी चाहते हैं और कुछ तो पूरी 100 फीसदी हिस्सेदारी पर अड़े हुए हैं. PIA को संभालने में इतनी मुश्किल क्यों? मुहम्मद अली के अनुसार, PIA को दोबारा खड़ा करने के लिए भारी निवेश की जरूरत होगी. एयरलाइन के पास कुल 34 विमान हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 18 ही उड़ान के काबिल हैं. नए मालिक को पुराने जहाज हटाने, नए विमान लाने और संचालन सुधारने में बड़ी रकम लगानी पड़ेगी. PIA पर कभी करीब PKR 654 अरब का कर्ज था, जिसने किसी भी निवेशक को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था. प्रशासन ने इस कर्ज को एक अलग होल्डिंग कंपनी में डाल दिया, जिससे PIA की हालत कागजों पर सुधरी. अब PIA के पास करीब PKR 30 अरब की पॉजिटिव इक्विटी बताई जा रही है. हालांकि, नए मालिक को अब भी करीब PKR 26 अरब के टैक्स और एयरपोर्ट शुल्क चुकाने होंगे. प्रशासन अब भी PIA पर खर्च क्यों कर रही है? प्रशासन ने इस साल PIA को PKR 34.7 अरब देने का फैसला किया है. यह पैसा कर्ज की किश्तों, कर्मचारियों की पेंशन और मेडिकल खर्चों के लिए दिया जाएगा. इससे साफ है कि PIA प्रशासन के लिए अब भी एक बड़ा आर्थिक बोझ बनी हुई है. घाटे में होने के बावजूद PIA पूरी तरह बेकार नहीं है. इसके पास 97 देशों के साथ उड़ान समझौते. कई अहम अंतरराष्ट्रीय लैंडिंग स्लॉट और एक पुराना लेकिन पहचाना हुआ ब्रांड है. यही वजह है कि निवेशक अब भी इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं. एक वक्त था जब PIA एशिया की बेहतरीन एयरलाइनों में गिनी जाती थी. इतना ही नहीं, PIA ने कभी एमिरेट्स एयरलाइन को खड़ा करने में भी मदद की थी. लेकिन समय के साथ नेतृत्वक दखल, जरूरत से ज्यादा कर्मचारी, कमजोर प्रबंधन और पुराने जहाजों ने इस एयरलाइन को घाटे में धकेल दिया. ये भी पढ़ें: चीन के नक्शेकदम पर पाकिस्तान, प्रशासनी कर्मचारियों के लिए वॉट्सएप नहीं; अब चलेगा BEEP जबरन अंग निकालने के खिलाफ दुनिया में हाहाकार, 5 लाख से ज्यादा लोगों ने चीन के खिलाफ फूंका बिगुल, G7 और हिंदुस्तान से सख्त कार्रवाई की मांग The post कंगाली से कराह रही पाकिस्तान की राष्ट्रीय एयरलाइन, 100% हिस्सेदारी बेचने को मजबूर प्रशासन, शहबाज को मिलेगी सिर्फ इतनी ही नकदी appeared first on Naya Vichar.

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