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December 19, 2025

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Osman Hadi : उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा, भारत के खिलाफ माहौल, हिंदुओं पर अत्याचार

Table of Contents उस्मान हादी की मौत का क्या होगा नेतृत्वक प्रभाव? अराजकता की ओर बढ़ा बांग्लादेश, चुनाव के कितने हैं आसार? हिंदुस्तान –बांग्लादेश संबंध पर क्या होगा असर? Osman Hadi : बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की आग में जल उठा है. 2024 में बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ छात्र सड़क पर थे, जबकि इस बार वे  अपने नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा पर उतारू हैं. देश भर में नेतृत्वक हिंसा का दौर जारी है.  प्रथोम आलो, जैसे वहां के प्रतिष्ठित अखबार के कार्यालय में आग लगा दी गई है, जिससे वहां दहशत का माहौल है. उस्मान हादी की मौत और उसके बाद हिंसा से बांग्लादेश में अराजकता फैल गई है और फरवरी में होने वाले आम चुनाव पर भी संकट के बादल छा गए हैं. बांग्लादेश के लोगों को यह भरोसा था कि फरवरी में जब प्रशासन चुनी जाएगी तो देश में शांति कायम हो जाएगी, लेकिन अब एक बार फिर सबकुछ अनिश्चित हो गया है. उस्मान हादी की मौत का क्या होगा नेतृत्वक प्रभाव? उस्मान हादी वो व्यक्ति है जिसने 2024 में बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी. फरवरी में होने वाले चुनाव में उस्मान हादी सक्रिय भूमिका निभाने वाले थे. ऐसे में हादी पर होने वाला हमला और हमले के बाद हमलावर का भाग जाना बांग्लादेश की अंतरिम प्रशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है. इस संबंध में साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर धनंजय त्रिपाठी ने नया विचार के साथ बातचीत में बताया कि हादी की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है. लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि जब वे बांग्लादेश के इतने बड़े नेता थे और पिछले साल हुए आंदोलन में उनकी इतनी बड़ी भूमिका थी, तो फिर वहां की प्रशासन ने उनकी सुरक्षा के लिए क्यों कुछ नहीं किया. अब वे इस मामले में हिंदुस्तान में आरोप लगा रहे हैं और यह कह रहे हैं कि हमलावर हिंदुस्तान भाग गया. दरअसल बांग्लादेश की अंतरिम प्रशासन के मुखिया डॉ मुहम्मद यूनुस अपनी विफलताओं का बोझ हिंदुस्तान पर डालकर खुद मुक्त होना चाहते हैं. यह स्थिति बहुत खराब है, जो यह साबित करती है कि बांग्लादेश में नेतृत्वक दलों के बीच सिर्फ विचारधारा की लड़ाई नहीं है, वे हिंसात्मक प्रतियोगिता भी कर रहे हैं. अराजकता की ओर बढ़ा बांग्लादेश, चुनाव के कितने हैं आसार? Osman hadi : उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा, हिंदुस्तान के खिलाफ माहौल, हिंदुओं पर अत्याचार 5 अगस्त 2024 से बांग्लादेश में हिंसा का जो दौर शुरू हुआ, वह अंतरिम प्रशासन के गठन के बाद भी रूका नहीं. वहां विरोध प्रदर्शन जारी था, अब जबकि उस्मान हादी की मौत के बाद वहां हिंसा फिर शुरू हो गई है, वहां की प्रशासन के सामने यह बड़ी चुनौती है कि वह शांति स्थापित करे. धनंजय त्रिपाठी कहते हैं कि अंतरिम प्रशासन ने फरवरी में चुनाव की घोषणा तो की थी, लेकिन हिंसा के इस माहौल में वहां अभी इतनी जल्दी चुनाव कराना संभव प्रतीत नहीं होता है. हिंसा कैसे रूकेगी, इसका रास्ता भी नजर नहीं आ रहा है. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि बांग्लादेश पूरी तरह अराजकता की ओर बढ़ गया है.बांग्लादेश में प्रशासनी तंत्र विफल है, मीडिया पर हमले हो रहे हैं और प्रशासन कुछ नहीं कर पा रहा है, ऐसे में उन्हें किसी तारणहार की तलाश है. हिंदुस्तान –बांग्लादेश संबंध पर क्या होगा असर? बांग्लादेश की अंतरिम प्रशासन जिस प्रकार वहां होने वाली हर अराजकता के लिए हिंदुस्तान को दोषी ठहरा रही है, उससे दोनों देशों के संबंध बिगड़ेंगे. हिंदुस्तानीय दूतावास के बाहर प्रदर्शन और हाल ही में  बांग्लादेश के नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता हसनत अब्दुल्ला के विवादित बयान ने स्थिति को गंभीर बना दिया है.अब्दुल्ला ने कहा था कि वह हिंदुस्तान से पूर्वोत्तर के  राज्यों यानी सेवन सिस्टर्स को  अलग करने के बारे में सोच सकता है उसने हिंदुस्तान पर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने भड़कते हुए वहां के उच्चायुक्त को तलब किया था.  विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, उससे यह लगता है कि वहां नेतृत्वक अस्थिरता जारी रह सकती है. साथ ही साउथ एशियन रीजन में भी तनाव दिख सकता है. हिंदुस्तान–बांग्लादेश के संबंध अगर बिगड़ते हैं, तो इसका असर हिंदुस्तान, पाकिस्तान और चीन के संबंधों पर भी पड़ेगा. ये भी पढ़ें : Islamic State ideology : क्या है इस्लामिक स्टेट और अन्य आतंकवादी संगठनों की आइडियोलाॅजी, जिसने राष्ट्र से ऊपर धर्म को बताया?  67 : क्या आप भी 6–7 मीम के चक्कर में फंसकर पका चुके हैं अपना दिमाग? Gen Alpha के नए स्लैंग को समझें Viral Video 19 Minute : अगर आपने भी शेयर किया है ये कंटेंट, तो जाएंगे सीधे जेल The post Osman Hadi : उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा, हिंदुस्तान के खिलाफ माहौल, हिंदुओं पर अत्याचार appeared first on Naya Vichar.

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10वीं के बाद आईटीआई, पॉलिटेक्निक या डिप्लोमा-सही कोर्स कैसे चुने

How to choose ITI, Polytechnic or Diploma Course: 10वीं और 12वीं के बाद स्टूडेंट्स के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि आईटीआई, पॉलिटेक्निक और डिप्लोमा कोर्स में कौन-सा बेहतर है. तीनों ही कोर्स टेक्नोलॉजी और स्किल्स बेस्ड होते हैं, लेकिन कोर्स की अवधि, योग्यता (Eligibility), पढ़ाई के तरीके और नौकरी के अवसर एक-दूसरे से अलग होते हैं. सही कोर्स चुनने के लिए इन तीनों के अंतर को समझना बहुत जरूरी है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आईटीआई, पॉलिटेक्निक और डिप्लोमा कोर्स में अंतर और स्कोप क्या-क्या है. What is ITI Course: आईटीआई कोर्स क्या है? ITI (Industrial Training Institute) एक टेक्नोलॉजी ट्रैनिंग कोर्स है, जो स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाने पर ज्यादा ध्यान देती है. 8वीं, 10वीं या 12वीं पास छात्र इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस कोर्स की अवधि 6 महीने से 2 साल तक होती है. इस कोर्स में स्टूडेंट्स को ज्यादा प्रैक्टिकल ट्रैनिंग दी जाती है. आईटीआई कोर्स में इंजीनियरिंग (जैसे फिटर, इलेक्ट्रीशियन) और नॉन-इंजीनियरिंग (जैसे COPA, स्टेनोग्राफी) ट्रेड होते हैं. आईटीआई के बाद रेलवे, पीडब्ल्यूडी, सेना और बिजली बोर्ड जैसी प्रशासनी विभागों और प्राइवेट फैक्ट्रियों, गैराज, आईटी सेक्टर में जॉब पाने के अवसर मिलते हैं. आईटीआई के बाद शुरुआती सैलरी अनुभव और ट्रेड के आधार पर 12,000 से 35,000 और उससे अधिक भी हो सकती है. साथ ही अप्रेंटिसशिप के दौरान स्टाइपेंड भी अच्छा मिलता है. What is Polytechnic Course: पॉलिटेक्निक कोर्स क्या है? पॉलिटेक्निक एक (Diploma in Engineering) कोर्स होता है, जिसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों पढ़ाए जाते हैं. यह छात्रों को जल्दी और सही तरीके से टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नौकरी के लिए तैयार करता है. इस कोर्स की अवधि 3 साल (10वीं के बाद) या 2 साल (12वीं के बाद) तक होती है. पॉलिटेक्निक कोर्स उन स्टूडेंट्स के लिए अच्छा विकल्प है, जिन्हें इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के फील्ड में अपना करियर बनाना है. पॉलिटेक्निक कोर्स के बाद जूनियर इंजीनियर (JE) जैसे पदों के लिए रोजगार के अवसर मिलते हैं. इस कोर्स में टेक्निकल नॉलेज के साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी दी जाती है. जूनियर इंजीनियर की सैलरी लगभग 1.2- 4.2 लाख प्रति वर्ष होती है. What is Diploma Course: डिप्लोमा कोर्स क्या है? डिप्लोमा कोर्स (Diploma Course) एक शॉर्ट-टर्म, स्किल-बेस्ड ट्रैनिंग प्रोग्राम है. यह कोर्स आमतौर पर 1-2 साल का होता है. यह कोर्स में थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल स्किल्स और इंडस्ट्री की जरूरतों पर ध्यान दिया जाता है. डिप्लोमा कोर्स से कम समय में एक अच्छी नौकरी मिलती है. यह कोर्स उन स्टूडेंट्स के लिए बेहतर होता है, जो जल्दी अपना करियर शुरू करना चाहते हैं और किसी खास स्किल्स में एक्स्पर्ट बनना चाहते हैं. डिप्लोमा कोर्स पॉलिटेक्निक, आईटीआई, फार्मेसी, होटल मैनेजमेंट और कंप्यूटर जैसे कई क्षेत्रों में उपलब्ध है. यह भी पढ़ें: डेटा एंट्री, टाइपिंग और कंप्यूटर कोर्स क्यों हैं जरूरी, जानिए जॉब ऑप्शन से लेकर सैलरी तक की पूरी जानकारी The post 10वीं के बाद आईटीआई, पॉलिटेक्निक या डिप्लोमा-सही कोर्स कैसे चुने appeared first on Naya Vichar.

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Tanya Mittal Kitchen Lift Reality: तान्या की रईसी पर लगी मुहर, किचेन में लिफ्ट और फैक्ट्री के वीडियो से दिया करारा जवाब

Tanya Mittal Kitchen Lift Reality: बिग बॉस 19 भले ही खत्म हो चुका हो, लेकिन तान्या मित्तल की चर्चा अभी भी थमी नहीं है. शो के दौरान अपनी लग्जरी लाइफ को लेकर किए गए खुलासों की वजह से तान्या खूब ट्रोल हुई थीं. अब शो से बाहर आने के बाद वह ट्रोलर्स को सीधे जवाब दे रही हैं. वीडियो में दिखा किचेन वाला लिफ्ट शो में तान्या ने बताया था कि उनके घर के किचन में लिफ्ट है और उनके परिवार की फैक्ट्री भी है. उस वक्त कई लोगों ने इसे झूठ बताया, लेकिन अब तान्या ने वीडियो शेयर कर सबूत दिखा दिए हैं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर दो वीडियो डाले हैं, जिनमें एक में घर का किचन दिखाया गया है. वीडियो में साफ नजर आता है कि किचन के अंदर एक छोटी लिफ्ट लगी है, जिससे खाना ऊपर के फ्लोर तक भेजा जाता है. तान्या ने कराया फैक्ट्री टूर दूसरे वीडियो में तान्या ने अपने परिवार की फैक्ट्री का टूर कराया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि फैक्ट्री में तान्या का ग्रैंड वेलकम होता है और वहां उनके पिता के बिजनेस की झलक भी मिलती है. ये वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं. फैंस अब तान्या के सपोर्ट में उतर आए हैं और ट्रोलर्स की जमकर क्लास लगा रहे हैं. कोई इसे हेटर्स के लिए करारा जवाब बता रहा है तो कोई इसे सीधा थप्पड़ कह रहा है. वहीं, बिग बॉस 19 के बाद तान्या ने शो के बाकी सेलेब्स से दूरी बना ली है. शो की सक्सेस पार्टी के अलावा वह किसी भी इवेंट में नजर नहीं आईं. ALSO READ: Rakesh Bedi Kiss Sara Arjun: 51 साल छोटी एक्ट्रेस को किस करने पर इंडस्ट्री में बवाल, राकेश बेदी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- बेटी की उम्र… The post Tanya Mittal Kitchen Lift Reality: तान्या की रईसी पर लगी मुहर, किचेन में लिफ्ट और फैक्ट्री के वीडियो से दिया करारा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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एलन मस्क का ‘समधी’ बनना चाहता है यह चीनी अरबपति, सरोगेसी से अमेरिका में खड़ा कर दी 100 बच्चों की फौज, रिपोर्ट में मचा हड़कंप

Chinese Billionaire Surrogacy: चीन के 48 साल के अरबपति जू बो, जो ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Duoyi के संस्थापक हैं, ने अमेरिका में सुरोगेसी के जरिए 100 से ज्यादा शिशु पैदा कराए हैं. जू बो खुद को सोशल मीडिया पर ‘चीन का पहला पिता’ कहते हैं और उनका सपना है कि वह कम से कम 50 उच्च गुणवत्ता वाले बेटे पैदा करें. उनके कंपनी ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने अमेरिका में सुरोगेसी के जरिए 100 से ज्यादा शिशु पैदा किए हैं. Chinese Billionaire Surrogacy in Hindi: पूर्व प्रेमिका ने खोला पर्दा जू बो की पूर्व प्रेमिका टैंग जिंग ने दावा किया कि जू बो ने 300 से ज्यादा शिशु पैदा किए हैं. उसने कहा कि उसने 11 बच्चों को कई सालों तक पाला. टैंग जिंग ने लिखा कि यह संख्या शायद कम है लेकिन अतिशयोक्ति नहीं है. जू बो और टैंग जिंग अब दो बेटियों की कस्टडी को लेकर अदालत में उलझे हुए हैं. जू बो का कहना है कि उनकी पूर्व प्रेमिका उन लाखों खर्चों का भुगतान नहीं कर रही जो उन्होंने बच्चों पर किए थे. Chinese Billionaire Surrogacy Xu Bo in Hindi: वायरल हुआ बच्चों का वीडियो 2022 में जू बो से जुड़े एक अकाउंट ने वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कई लड़के एक बड़े घर में बैठे थे. जैसे ही कैमरा घूमता है, शिशु ‘डैडी!’ चिल्लाते हुए कैमरे की ओर दौड़ते हैं. कैप्शन में लिखा गया कि सोचिए जब शिशु आप की तरफ दौड़ें, कैसा लगेगा? प्यार करने वालों के अलावा बच्चों से प्यारा और क्या हो सकता है?” हालांकि, Duoyi के एक प्रतिनिधि ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि आपके बताए गए कई तथ्य गलत हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि कौन से तथ्य. एलन मस्क से प्रेरणा? रिपोर्ट्स के अनुसार जू बो की यह योजना एलोन मस्क से प्रेरित थी. जू बो ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनका सपना है कि उनके शिशु मस्क के बच्चों से शादी करें. एलोन मस्क ने इससे पहले इस तरह के दावों का खंडन किया है कि वह अपने जानकारों को स्खलन देने की पेशकश करते हैं. कोर्ट में सुरोगेसी बच्चों के अधिकार वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, 2023 की गर्मियों में कैलिफोर्निया की अदालत ने जू बो के चार अनजन्मे बच्चों और आठ अन्य बच्चों के पैरेंटल राइट्स के लिए दायर याचिकाओं को देखा. जू बो ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि वह 20 या उससे ज्यादा अमेरिकी बच्चों के पिता बनना चाहते हैं, खासकर बेटे, क्योंकि उन्हें लगता है कि वे भविष्य में उनके बिजनेस संभाल सकते हैं. न्यायाधीश ने याचिकाएं खारिज कर दीं, जिससे शिशु कानूनी पहचान से वंचित रह गए. बताया गया है कि कई शिशु इरविन, कैलिफोर्निया में रह रहे हैं और नानी द्वारा पाले जा रहे हैं. जू बो ने अदालत में कहा कि वह अभी तक बच्चों से नहीं मिले हैं, क्योंकि काम में व्यस्त हैं, लेकिन जल्द ही उन्हें चीन ले जाने की योजना है. (Chinese Billionaire Surrogacy 100 US Children in Hindi) ये भी पढ़ें: पाकिस्तान की हुई इंटरनेशनल बेइज्जती, सऊदी अरब से निकाले जाएंगे 50000 से ज्यादा भिखारी, हज यात्रियों के साथ करते थे ये काम इस मुस्लिम देश में हिंदुस्तानीयों की लगेगी लॉटरी! 30 दिन की पेड छुट्टी, ओवरटाइम पर मिलेगा 50% ज्यादा पैसा The post एलन मस्क का ‘समधी’ बनना चाहता है यह चीनी अरबपति, सरोगेसी से अमेरिका में खड़ा कर दी 100 बच्चों की फौज, रिपोर्ट में मचा हड़कंप appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: अफ्रीकी देश गिनी में दौड़ा मढौरा में बना रेल इंजन, पूर्व उद्योग मंत्री ने वीडियो शेयर कर क्या कहा?

Bihar News: सारण जिले का मढ़ौरा स्थित रेल इंजन कारखाना एक बार फिर वर्ल्ड लेवल पर अपनी पहचान बनाने जा रहा है. इस कारखाने में बना रेल इंजन अफ्रीकी देश गिनी में दौड़ रहा है. इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर कई लोगों की तरफ से शेयर किये जा रहे हैं. इसी क्रम में झांझारपुर के विधायक और पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने भी एक्स के जरिये वीडियो शेयर कर खुशी जाहिर की. विधायक नीतीश मिश्रा ने क्या लिखा? विधायक नीतीश मिश्रा ने लिखा, ‘अफ्रीकी देश गिनी में सफलतापूर्वक मढ़ौरा निर्मित लोकोमोटिव्स संचालित हो रहे हैं. मुझे इस वीडियो को देखकर अत्यधिक प्रसन्नता हुई है कि पहली बार बिहार में बने रेल इंजन विश्व के किसी दूसरे देश में चल रहे हैं. सारण जिलान्तर्गत मढ़ौरा स्थित WLPL Marhowra Locomotive Plant (अमेरिकी कंपनी Wabtec और हिंदुस्तान प्रशासन के रेल मंत्रालय का संयुक्त उपक्रम) में निर्मित लोकोमोटिव्स अफ्रीकी देश गिनी में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं.’ पीएम और सीएम की जमकर की तारीफ विधायक नीतीश मिश्रा ने यह भी लिखा, ‘यह गर्व का क्षण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के कुशल नेतृत्व में “Make in India” से आगे बढ़कर “Make for the World” की दिशा में बिहार की धरती विश्व की प्रगति का इंजन बन रही है.’ इस तरह से नीतीश मिश्रा ने सोशल पोस्ट के जरिये खुशी जाहिर की. “अफ्रीकी देश गिनी में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं मढ़ौरा निर्मित लोकोमोटिव्स”—————————————————मुझे इस वीडियो को देखकर अत्यधिक प्रसन्नता हुई है कि पहली बार बिहार में बने रेल इंजन विश्व के किसी दूसरे देश में चल रहे हैं। सारण जिलान्तर्गत मढ़ौरा स्थित WLPL Marhowra Locomotive… pic.twitter.com/bVvq83u4RI — Nitish Mishra (@mishranitish) December 18, 2025 पीएम मोदी ने किया था रेल इंजन को रवाना मालूम हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी 20 जून 2025 को सारण दौरे पर पहुंचे थे. उसी दिन उन्होंने एक ऐतिहासिक कदम के तहत मढ़ौरा में निर्मित रेल इंजनों की पहली खेप को अफ्रीकी देश गिनी के लिए रवाना किया था. इसके साथ ही 26 मई को गिनी देश के तीन मंत्री इस संयंत्र का दौरा कर चुके हैं. इसके बाद तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से 140 लोकोमोटिव इंजनों की आपूर्ति को लेकर एक बड़ा करार हुआ था, जिसे ‘कोमो डील’ नाम दिया गया. Also Read: Bihar Bhumi: पटना में दाखिल-खारिज के लिये 36 प्रतिशत आवेदन रिजेक्ट, रैयतों की बढ़ी टेंशन, अब क्या करना होगा? The post Bihar News: अफ्रीकी देश गिनी में दौड़ा मढौरा में बना रेल इंजन, पूर्व उद्योग मंत्री ने वीडियो शेयर कर क्या कहा? appeared first on Naya Vichar.

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Chandra Darshan 2025: रविवार को साल की सबसे लंबी रात और सबसे छोटा दिन, जानें चंद्र दर्शन का शुभ समय

Chandra Darshan 2025: आने वाले रविवार, 21 दिसंबर 2025 को साल की सबसे लंबी रात और सबसे छोटा दिन होगा. इस दिन पृथ्वी की स्थिति ऐसी होती है कि सूर्य की रोशनी सबसे कम समय के लिए दिखाई देती है. पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूरब की ओर घूमते हुए सूर्य की परिक्रमा करती है, इसी कारण दिन और रात का क्रम बनता है. 21 दिसंबर को यह खगोलीय घटना अपने चरम पर होती है, जिसे शीत अयनांत (Winter Solstice) कहा जाता है. दिन और रात में कितना होगा अंतर? 21 दिसंबर 2025 को दिन की अवधि मात्र 10 घंटे 19 मिनट की होगी, जबकि रात 13 घंटे 41 मिनट की रहेगी. इस प्रकार दिन और रात के बीच 3 घंटे 22 मिनट का बड़ा अंतर देखने को मिलेगा. यही कारण है कि इसे साल की सबसे लंबी रात कहा जाता है. जानें ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से इस दिन चंद्र दर्शन का धार्मिक महत्व. हिंदू धर्म में चंद्र देव का महत्व हिंदू धर्म में सूर्य देव के साथ-साथ चंद्र देव की पूजा का भी विशेष महत्व है. अनेक व्रत-त्योहार चंद्र दर्शन के बिना पूर्ण नहीं माने जाते. चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक माना गया है. अमावस्या के बाद होने वाला चंद्र दर्शन सुख-समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करता है. ये भी पढ़ें: आने वाला है साल का सबसे छोटा दिन, जानें कब है शीतकालीन संक्रांति कब होगा साल का आखिरी चंद्र दर्शन? पंचांग के अनुसार साल 2025 का अंतिम चंद्र दर्शन 21 दिसंबर, रविवार को होगा, जो संयोग से साल का सबसे छोटा दिन भी है. इस दिन चंद्र देवता के दर्शन और पूजन के लिए सायंकाल 05:29 बजे से 06:24 बजे तक, यानी लगभग 55 मिनट का शुभ समय मिलेगा. इस दौरान व्रत रखने और चंद्रमा को अर्घ्य देने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है. चंद्र दर्शन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व हिंदू मान्यता के अनुसार अमावस्या के बाद चंद्र दर्शन करने से मन शांत रहता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से चंद्र दोष, मानसिक तनाव और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं. ज्योतिष के अनुसार चंद्र दर्शन से कुंडली में चंद्र ग्रह मजबूत होता है और मानसिक स्थिरता बढ़ती है. 21 दिसंबर 2025 न केवल खगोलीय दृष्टि से खास है, बल्कि धार्मिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है. इस दिन चंद्र दर्शन और पूजन कर श्रद्धालु सुख, शांति और सौभाग्य की कामना कर सकते हैं. The post Chandra Darshan 2025: रविवार को साल की सबसे लंबी रात और सबसे छोटा दिन, जानें चंद्र दर्शन का शुभ समय appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली के स्कूलों में लगेंगे एयर प्यूरीफायर, रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा ऐलान

Air Purifiers In Delhi Schools: दिल्ली प्रशासन ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के बीच छात्रों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को घोषणा की कि प्रशासनी स्कूलों के 10,000 क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे. यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली प्रशासन प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए लंबे समय के प्रशासनिक उपायों पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रदूषण कोई एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि इसके लिए निरंतर और ठोस प्रयासों की जरूरत है. सूद ने बताया कि दिल्ली प्रशासन के स्कूलों में कुल 38,000 क्लासरूम हैं और पहले चरण में 10,000 क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे. शिक्षा मंत्री ने AAP पर साधा निशाना शिक्षा मंत्री ने पिछली आम आदमी पार्टी प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा प्रशासन केवल प्रचार या अस्थायी उपायों पर भरोसा नहीं करती. उन्होंने कहा, “हम आईआईटी की डिग्री दिखाकर ऑड-ईवन जैसे अभियानों की बात नहीं करते. हमारी प्रशासन प्रशासनिक और स्थायी उपायों के जरिए प्रदूषण से निपट रही है.” VIDEO | Delhi Minister Ashish Sood says, “There are a total of 38,000 classrooms in Delhi government schools, and in the first phase, air purifiers will be installed in 10,000 classrooms.”#DelhiSchools #AirPurifiers #AshishSood (Full VIDEO available on PTI Videos –… pic.twitter.com/Raicj75l80 — Press Trust of India (@PTI_News) December 19, 2025 आशीष सूद ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि शिशु न केवल स्मार्ट तरीके से पढ़ाई करें, बल्कि उन्हें स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण भी मिले. उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे शिशु साफ हवा में सांस लें और बेहतर तरीके से शिक्षा ग्रहण करें.” नहीं थम रहा दिल्ली का प्रदूषण लेवल इस बीच, राजधानी दिल्ली की हवा आज भी बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है. गिरते तापमान के चलते प्रदूषण में इजाफा दर्ज किया गया है. शुक्रवार सुबह दिल्ली में धुंध, कोहरा और हल्की स्मॉग की चादर देखने को मिली, जिससे कई इलाकों में दृश्यता काफी कम रही. प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा. The post दिल्ली के स्कूलों में लगेंगे एयर प्यूरीफायर, रेखा गुप्ता प्रशासन का बड़ा ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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Capsicum Rice Recipe: रूटीन राइस खाकर हो चुके हैं बोर, तो ट्राई करें झटपट बनने वाली टेस्टी कैप्सिकम राइस

Capsicum Rice Recipe: बहुत सारे लोग डिनर में राइस खाना पसंद करते हैं लेकिन रोजाना एक जैसे चावल खाकर वो बोर हो जाते हैं. ऐसे में उन्हें कुछ अलग किस्म की राइस खाने का मन करता है. आपका मन भी अगर एक ही राइस खाकर ऊब चुका है और कुछ अलग खाने का दिल कर रहा तो कैप्सिकम राइस (शिमला मिर्च पुलाव) है ना. यह बहुत ही स्वादिष्ट डिश है. शिशु इसे खूब चाव के साथ मजे लेकर खाते हैं. कैप्सिकम राइस को बनाना भी बहुत आसान है. एक बार आप डिनर में इस राइस को जरूर ट्राई करें. अब इसकी सिंपल वाली रेसिपी आपको बताते हैं. कैप्सिकम राइस बनाने की सामग्री पके चावल – 2 कप शिमला मिर्च – 1 प्याज – 1 हरा धनिया कटा – 2 टेबलस्पून घी – 2 टेबलस्पून नमक – स्वादानुसार मूंगफली दाने – 2 टेबलस्पून चना दाल – 1/2 टी स्पून उड़द दाल – 1/2 टी स्पून राई – 1 टी स्पून हल्दी – 1/2 टी स्पून गरम मसाला – 1/2 टी स्पून कढ़ी पत्ते – 8-10 धनिया खड़ा – 1 टी स्पून जीरा – 1 टी स्पून तिल – 1 टी स्पून लाल मिर्च सूखी – 4-5 इसे भी पढ़ें: Shalgam Bharta Recipe: इस सर्दी जरूर ट्राई करें स्वाद में लाजवाब शलगम का भर्ता कैप्सिकम राइस बनाने का तरीका इस राइस को बनाने के लिए सबसे पहले प्याज के लंबे-लंबे पतले टुकड़े कर लें. फिर आप शिमला मिर्च के भी बारीक-बारीक टुकड़े काट लें. अब आप एक कड़ाही में मूंगफली दाने डालकर उसे रोस्ट कर लें. फिर एक-एक कर चना दाल, उड़द दाल, धनिया, जीरा और तिल डालकर धीमी आंच पर एक साथ भूनें. अब आप कुछ सेकेंड के लिए लाल मिर्च डालकर भी भूनें. अब सारे मसालों को ठंडा होने दें और उसके बाद सभी मसालों को मिक्सी में ब्लेंड कर लें. अब एक कटोरी में मिश्रण को निकालकर अलग रख दें. फिर आप एक कड़ाही में घी/तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करें और फिर उसमें राई और कढ़ी पत्ते डालकर भूनें. फिर इसमें कटा प्याज डाल कर भून लें. फिर इसमें बारीक कटी शिमला मिर्च डालकर भून लें. इसके बाद आप गरम मसाला, हल्दी, तैयार किया गया मसाला पाउडर और स्वादानुसार नमक डालकर सभी मिला लें और पकने दें. फिर आप इसमें पके हुए राइस डालकर मसाले के साथ अच्छे से मिलाएं और ढक कर 5 मिनट तक पकने दें. अंत में धनिया पत्ती डालकर अच्छे से मिला लें. लीजिए अब आपका स्वादिष्ट कैप्सिकम राइस बनकर तैयार हो चुका है. इसे आप प्याज की स्लाइस, हरी धनिया पत्ती और नींबू रस डालकर सजा लें. अब आप इसे गरमा गर्म सर्व कर लें. इसे भी पढ़े: Karela Thepla Recipe: करेला देख कर नहीं बनाएंगे मुंह, एक बार ट्राई करें स्वादिष्ट करेला थेपला रेसिपी इसे भी पढ़ें: Yakhni Pulao Recipe: खाने का मजा होगा दोगुना, जब घर पर बनाएंगे लजीज यखनी पुलाव The post Capsicum Rice Recipe: रूटीन राइस खाकर हो चुके हैं बोर, तो ट्राई करें झटपट बनने वाली टेस्टी कैप्सिकम राइस appeared first on Naya Vichar.

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Dhurandhar: राम गोपाल वर्मा ने लंबे-चौड़े ट्वीट में ‘धुरंधर’ का जबरदस्त रिव्यू किया, बताया भारतीय सिनेमा का टर्निंग पॉइंट

Dhurandhar: आदित्य धर के निर्देशन में बनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर दिग्गज फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा (RGV) ने खुलकर तारीफ की है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लगातार कई पोस्ट शेयर करते हुए वर्मा ने फिल्म को हिंदुस्तानीय सिनेमा के लिए एक “क्वांटम लीप” बताया. साथ ही फिल्ममकर ने इसे हिंदुस्तानीय सिनेमा का टर्निंग पॉइंट भी कहा. राम गोपाल वर्मा का ‘धुरंधर’ पर शानदार रिव्यू DHURANDHAR is not a film , it is a QUANTUM LEAP in INDIAN CINEMA I believe that @AdityaDharFilms has completely and single handedly changed the future of Indian cinema , be it north or south ..That’s because Duradhar is not just a film.. it is a quantum leap What Dhurandhar… — Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) December 19, 2025 राम गोपाल वर्मा ने लिखा, “धुरंधर सिर्फ एक फिल्म नहीं है, यह हिंदुस्तानीय सिनेमा में एक क्वांटम लीप है.” उन्होंने आगे कहा कि आदित्य धर ने अकेले दम पर उत्तर और दक्षिण, दोनों हिंदुस्तानीय सिनेमा के भविष्य की दिशा बदल दी है. उनके मुताबिक, धुरंधर का प्रभाव सिर्फ उसके स्केल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका विजन दर्शकों के दिमाग पर गहरा असर छोड़ता है. फिल्ममेकर ने आदित्य धर के डायरेक्शन की तारीफ करते हुए कहा कि वे सीन डायरेक्ट नहीं करते, बल्कि किरदारों और दर्शकों, दोनों की मानसिक स्थिति को इंजीनियर करते हैं. उनके शब्दों में, “यह फिल्म आपका ध्यान नहीं मांगती, बल्कि उस पर पूरी तरह कब्जा कर लेती है.” राइटिंग, टोन और परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ Here are some unique lessons that all the so called film makers can learn from Dhurandhar 1.Unlike the other so called pan india big films , the film doesn’t even try to elevate the hero and give him the so called elevation moments to make the audience forcefully worship him… — Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) December 19, 2025 राम गोपाल वर्मा ने फिल्म की राइटिंग को बोल्ड और बिना किसी समझौते वाला बताया. उनके अनुसार, फिल्म की खामोशी भी उतनी ही असरदार है जितनी तेज आवाजें. उन्होंने कहा कि धुरंधर में परफॉर्मेंस दर्शकों को खुश करने के लिए नहीं, बल्कि थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी याद रहने के लिए हैं. निर्माता ने इसे हिंदुस्तानीय सिनेमा का टर्निंग पॉइंट बताते हुए कहा कि आदित्य धर दर्शकों को समझदार मानते हैं, जो किसी भी निर्देशक की तरफ से सबसे बड़ा सम्मान होता है. राम गोपाल वर्मा ने फिल्म के टेक्निकल पक्ष को भी सराहा. उन्होंने कहा कि फिल्म यह साबित करती है कि हिंदुस्तानीय सिनेमा को सफल होने के लिए न तो हल्का होना पड़ेगा और न ही हॉलीवुड की नकल करनी पड़ेगी. आदित्य धर का इमोशनल रिएक्शन Sir… 🙏If this tweet were a film, I would have gone to watch it first day first show, stood in the last row, and come out changed.I came to Mumbai years ago carrying one suitcase, one dream, and an unreasonable belief that I would one day work under Ram Gopal Verma. That never… — Aditya Dhar (@AdityaDharFilms) December 19, 2025 राम गोपाल वर्मा की तारीफ पर आदित्य धर ने लिखा, “सर… अगर यह ट्वीट एक फिल्म होती, तो मैं इसे पहले दिन पहला शो देखकर बाहर बदलकर आता.” आदित्य धर ने अपनी जर्नी शेयर करते हुए बताया कि वे मुंबई एक सूटकेस और सपने के साथ आए थे, RGV के साथ काम करने के ख्वाब के साथ. उन्होंने लिखा कि भले ही उन्हें कभी वर्मा के साथ काम करने का मौका न मिला, लेकिन उनके सिनेमा ने उन्हें खतरनाक तरीके से सोचने की हिम्मत दी. आदित्य धर ने अंत में कहा कि यह तारीफ उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक चुनौती भी है, क्योंकि अब उन्हें आगे हर फिल्म इसी स्तर की बनानी होगी. यह भी पढ़ें: Dhurandhar Worldwide Collection: हिट या फ्लॉप? वर्ल्डवाइड ‘छावा’ का रिकॉर्ड तोड़ने के इतने करीब पहुंची ‘धुरंधर’, टोटल कमाई होश उड़ा देंगे The post Dhurandhar: राम गोपाल वर्मा ने लंबे-चौड़े ट्वीट में ‘धुरंधर’ का जबरदस्त रिव्यू किया, बताया हिंदुस्तानीय सिनेमा का टर्निंग पॉइंट appeared first on Naya Vichar.

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सालों से फोन चलाने वाले भी नहीं जानते बैटरी बचाने के ये 5 तरीके, जान गए तो हर समय नहीं ढूंढेंगे चार्जर

Battery Saving Hacks: अगर आप भी Android फोन यूज करते हैं और बैटरी जल्दी खत्म होने से परेशान हैं, तो आप अकेले नहीं हैं. आजकल सबसे अच्छे और महंगे स्मार्टफोन भी तब पूरे दिन नहीं चल पाते, जब उनमें वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और लगातार स्क्रॉलिंग शुरू हो जाती है. भले ही फास्ट चार्जिंग से फोन जल्दी चार्ज हो जाता है, लेकिन ज्यादा बैटरी खर्च होने की असली समस्या अब भी बनी हुई है. आज हम Android स्मार्टफोन की कुछ ऐसी स्मार्ट सेटिंग्स और रोजमर्रा की आदतों के बारे में बात करेंगे, जिन्हें अपनाकर आप अपने फोन की बैटरी को रोजाना ज्यादा समय तक चला सकते हैं. आइए जानते हैं. अडाप्टिव बैटरी (Adaptive Battery) फीचर ऑन करें फोन की बैटरी बचाने का एक आसान तरीका है Android को खुद आपके ऐप्स मैनेज करने देना. इसके लिए Adaptive Battery फीचर काम आता है, जो यह समझ लेता है कि आप कौन-से ऐप ज्यादा यूज करते हैं और बाकी ऐप्स की बैकग्राउंड एक्टिविटी अपने-आप कम कर देता है. आजकल के ज्यादातर Pixel और Samsung Galaxy फोन में यह फीचर पहले से चालू रहता है, फिर भी आप Settings में Battery या Battery and Device Care सेक्शन में जाकर एक बार चेक कर सकते हैं. डिस्प्ले को एडजस्ट करें  ज्यादातर स्मार्टफोन्स में बैटरी सबसे ज्यादा स्क्रीन ही खर्च करती है. 120Hz या उससे ज्यादा रिफ्रेश रेट वाली डिस्प्ले देखने में तो बहुत स्मूद लगती है, लेकिन इससे बैटरी भी जल्दी खत्म होती है. अब कई नए फोन में ऐसा फीचर आता है जो जरूरत न होने पर अपने-आप रिफ्रेश रेट कम कर देता है, जिससे स्मूदनेस भी बनी रहती है और बैटरी भी बचती है. AOD बंद रखें Always-On Display देखने में भले ही बहुत नॉर्मल लगे, लेकिन यह स्टैंडबाय मोड में भी बैटरी पर साफ असर डालता है. टेस्टिंग में पाया गया है कि AOD चालू होने पर फोन की बैटरी बिना इस्तेमाल के भी ज्यादा तेजी से घटती है, जबकि इसे बंद रखने पर बैटरी की खपत कम रहती है. अगर आप बैटरी बचाना चाहते हैं, तो AOD को पूरी तरह बंद करके tap-to-wake या raise-to-wake जैसे फीचर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. लोकेशन और वायरलेस सेटिंग्स को चेक करें लोकेशन सर्विस और वायरलेस फीचर्स बैकग्राउंड में चुपचाप बैटरी खर्च करते रहते हैं. Android में आप हर ऐप के लिए अलग-अलग लोकेशन परमिशन तय कर सकते हैं, जैसे हमेशा अनुमति दें, सिर्फ इस्तेमाल के समय या हर बार पूछें. जिन ऐप्स को हर समय लोकेशन की जरूरत नहीं होती, उनकी परमिशन कम करने से बैटरी की खपत काफी घट सकती है. बैटरी सेवर का इस्तेमाल करें बैटरी सेवर उन दिनों में बहुत काम आता है, जब लंबे समय तक चार्जर पास में न हो. इसे ऑन करने पर बैकग्राउंड में चलने वाली एक्टिविटी कम हो जाती हैं, एनिमेशन धीमे पड़ जाते हैं और जरूरत पड़ने पर फोन की परफॉर्मेंस भी सीमित कर दी जाती है. यह भी पढ़ें: बिजली की रफ्तार से चलेगा पुराना स्लो स्मार्टफोन, ये टिप्स अपनाकर बन जाएगा काम The post सालों से फोन चलाने वाले भी नहीं जानते बैटरी बचाने के ये 5 तरीके, जान गए तो हर समय नहीं ढूंढेंगे चार्जर appeared first on Naya Vichar.

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