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December 21, 2025

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निर्वाचन प्रस्ताव समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर 10 सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के वेतन स्थगित

सीवान. जिले में पैक्स चुनाव की तैयारियों के बीच लापरवाही सामने आने पर जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है. निर्वाचन प्रस्ताव समय पर उपलब्ध नहीं कराने वाले 10 सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के वेतन स्थगित करने का आदेश जारी करते हुए उन्हें नोटिस थमाया गया है. जिले में कुल 59 पैक्स में चुनाव होने हैं, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन 35 प्रखंडों से अब तक एक भी निर्वाचन प्रस्ताव समर्पित नहीं किए जाने से प्रशासन नाराज है. जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 30 अप्रैल 2026 तक निर्वाचन देय सहकारी समितियों का निर्वाचन प्रस्ताव एक सितंबर 2025 तक प्राधिकार की वेबसाइट पर अपलोड किया जाना था. इसके लिए संबंधित पैक्स को सभी आवश्यक कागजात के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रस्ताव समर्पित करने का दायित्व दिया गया था. इस संबंध में पूर्व में सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को पत्र के माध्यम से पैक्स से संपर्क कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया था. दो दिनाें के अंदर स्पष्टीकरण जमा करने की चेतावनी पत्र में उल्लेख है कि पचरुखी, दरौंदा, दरौली और जीरादेई प्रखंडों के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों द्वारा कुछ निर्वाचन प्रस्ताव समर्पित किए गए हैं, लेकिन इन प्रखंडों के अंतर्गत भी कई समितियों के प्रस्ताव अब तक लंबित हैं. इससे भी अधिक गंभीर स्थिति बसंतपुर, बड़हरिया, हसनपुरा, भगवानपुर हाट, गुठनी और लकड़ी नबीगंज प्रखंडों में सामने आई है, जहां अब तक एक भी निर्वाचन प्रस्ताव समर्पित नहीं किया गया है. प्रशासन ने साफ किया है कि इस तरह की कार्यशैली को स्वीकार नहीं किया जाएगा. पत्र के माध्यम से निर्देश दिया गया है कि जिन सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों द्वारा अब तक निर्वाचन प्रस्ताव समर्पित नहीं किए गए हैं, वे दो दिनों के भीतर अपना स्पष्ट स्पष्टीकरण डीसीओ कार्यालय में उपलब्ध कराएं. साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने और सभी निर्वाचन देय समितियों का निर्वाचन प्रस्ताव शत-प्रतिशत समर्पित नहीं होने तक संबंधित सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों का वेतन स्थगित रखा जाएगा. गौरतलब है कि जिले में 59 पैक्स में चुनाव प्रस्तावित हैं और समय पर निर्वाचन प्रक्रिया पूरी करना प्रशासन की प्राथमिकता है. ऐसे में विभाग ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि पैक्स चुनाव की तैयारी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post निर्वाचन प्रस्ताव समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर 10 सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के वेतन स्थगित appeared first on Naya Vichar.

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ठिठुरन बढ़ने से घर में दुबके रहे लोग, बढ़े सदी-खांसी के मरीज

सीवान/महाराजगंज . जिले में पिछले पांच दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है. सर्द हवाओं के कारण बढ़ी ठिठुरन से शाम के बाद लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. दोपहिया वाहन चालकों के लिए ठंडी हवाएं परेशानी का सबब बन गई हैं. हल्की सी लापरवाही बरतने पर लोग मौसमी बीमारियों जैसे वायरल, सर्दी-जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं. सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और निजी अस्पतालों में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सदर अस्पताल में इस समय 40 फीसदी से अधिक सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं. महाराजगंज अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एसएस कुमार ने बताया कि बुखार और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या सबसे अधिक है. उन्होंने बताया कि खांसी की समस्या गंभीर रूप ले रही है और कई मरीजों को तीन से चार सप्ताह तक खांसी से राहत नहीं मिल रही है. एलर्जी की दवा से आराम नहीं मिलने पर मरीजों का चेस्ट एक्स-रे कराना पड़ रहा है. चौथे दिन भी नहीं निकले सूर्यदेव जिले में चौथे दिन भी शनिवार को सुबह से शाम तक भगवान सूर्य के दर्शन नहीं होने से लोग अपने-अपने घरों में दुबके रहे. शनिवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भीषण शीतलहर के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम देखी गई. शीतलहर के बाद नगर परिषद की ओर से चौक-चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है. खासकर झुग्गी-झोपड़ी और सड़कों के किनारे रहने वाले लोगों को अधिक परेशानी हो रही है. चिकित्सक दे रहे ठंड से बचाव की सलाह ठंड बढ़ने के साथ चिकित्सक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं. चिकित्सक डॉ. संजय गिरी ने बताया कि सर्दी के मौसम में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. इसके अलावा बुजुर्गों और बच्चों पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ठिठुरन बढ़ने से घर में दुबके रहे लोग, बढ़े सदी-खांसी के मरीज appeared first on Naya Vichar.

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तीन दिवसीय गैर आवासीय समावेशी शिक्षा प्रशिक्षण का समापन

चेरियाबरियारपुर. समावेशी शिक्षा में उन सभी तथ्यों को सम्मिलित किया जाता है. जो विशिष्ट बालकों पर लागू होते हैं. यह एक ऐसी शिक्षा पद्धति है. जो यह तय करती है कि प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले. उक्त बातें बीईओ अतहर हुसैन बीआरसी भवन में आयोजित तीन दिवसीय गैर आवासीय समावेशी शिक्षा प्रशिक्षण समापन के मौके पर कही. समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा समावेशी शिक्षा शारीरिक, मानसिक, प्रतिभाशाली तथा विशिष्ट गुणों से युक्त विभिन्न बालकों पर अपनायी जाती है. इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि ऐसे बालक-बालिका की योग्यता, शारीरिक-अक्षमता, भाषा-संस्कृति, पारिवारिक पृष्ठभूमि तथा उम्र किसी प्रकार का अवरोध पैदा न कर सके. वहीं प्रशिक्षक राजेश कुमार एवं रंजन कुमार के द्वारा समावेशी शिक्षा के महत्व एवं आवश्कता पर विस्तार से चर्चा किया गया. इस दौरान प्रशिक्षक ने दिव्यांगता के प्रकार, समावेशी शिक्षा के क्रियान्वयन में विभिन्न लोगों की भूमिका, शैक्षणिक गतिविधियां, दिव्यांग जनों को मिलने वाले प्रशासनी लाभ आदि के बाबत विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया शिक्षकों को प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने अपने विद्यालय में ऐसे बच्चों की पहचान कर आवश्यक रूप से उनकी समुचित देखभाल करनी है. ताकि दिव्यांगजन सामान्य विद्यालयों में अपने आपको उपेक्षित महसूस नहीं करें. मौके पर प्रशिक्षु शिक्षक तरूण हिंदुस्तानी, ललन कुमार सहनी, रंजीत कुमार, शालिनी गुप्ता, अजय कुमार ईश्वर, कल्याणी भारद्वाज, अभय कुमार सान्याल सहित अन्य मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post तीन दिवसीय गैर आवासीय समावेशी शिक्षा प्रशिक्षण का समापन appeared first on Naya Vichar.

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siwan news. ट्रक की चपेट में आने से बिहार पुलिस के सिपाही की मौत

रघुनाथपुर. थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर बाजार स्थित सिसवन–रघुनाथपुर मुख्य सड़क पर शनिवार की दोपहर ट्रक की चपेट में आने से बिहार पुलिस के एक सिपाही की मौत हो गई. मृतक दरौली थाना क्षेत्र के डुमरहर निवासी हृदया साह के पुत्र लालू साह हैं. वे पटना में तैनात थे. बताया जाता है कि लालू साह अपनी बाइक से मुरारपट्टी से घर लौट रहे थे. सिसवन की ओर तेज गति से जा रहे ट्रक की चपेट में आने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. घटना के बाद ट्रक चालक गाड़ी लेकर भागने में सफल रहा. घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई. ग्रामीणों ने घटना की सूचना थाना को दी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तथा घटना की सूचना मृत जवान के परिजनों को दी तथा शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. घटना की सूचना मिलते ही स्वजन अस्पताल पहुंचे. उनकी चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया. पुलिस और स्थानीय लोगों ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया. इसके बाद पुलिस शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस अपने स्तर से कार्रवाई कर रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post siwan news. ट्रक की चपेट में आने से बिहार पुलिस के सिपाही की मौत appeared first on Naya Vichar.

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दाखिल-खारिज, जमाबंदी व परिमार्जन में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं : डीएम

तेघड़ा. नवपदस्थापित डीएम श्रीकांत शास्त्री पदभार ग्रहण करने के बाद पूरे एक्शन मोड में दिख रहे हैं और जिला के लेकर प्रखंड तक सभी विभागों के पदाधिकारी के साथ कार्य समीक्षा कर रहे हैं. इस दौरान शनिवार की सुबह शीतलहर और घना कोहरा के बीच डीएम तेघड़ा प्रखंड कार्यालय पहुंचे. जहां डीएम बेगूसराय की अध्यक्षता में सभी विभाग के प्रखंड पदाधिकारियों के साथ विभागों की कार्य प्रगति, लंबित मामलों तथा जन शिकायतों की बारी-बारी से समीक्षा की गई. बैठक में एसडीओ तेघड़ा राकेश कुमार, विधायक, विभिन्न पंचायत एवं नगर परिषद के जनप्रतिनिधि, वकील संघ के प्रतिनिधि तथा आम नागरिक भी उपस्थित थे. बैठक के दौरान दाखिल-खारिज एवं जमाबंदी से संबंधित मामलों में अत्यधिक विलंब का मुद्दा वकील संघ द्वारा प्रमुखता से उठाया गया. इस पर जिला पदाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि दाखिल-खारिज, जमाबंदी एवं परिमार्जन जैसे कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं की जाएगी. परिमार्जन प्लस में 21 मामलों के लंबित रहने पर जिला पदाधिकारी ने खेद व्यक्त किया और अविलंब निष्पादन का निर्देश दिया. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कनीय अभियंता को मेंटेनेंस में लापरवाही को लेकर फटकार लगाई गई तथा पेयजल आपूर्ति को नियमित और सुचारु रखने का निर्देश दिया. विद्युत विभाग को स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन नहीं होने पर कड़ी फटकार लगाई गई. बैठक में यह भी सामने आया कि प्रखंड में सर्वाधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित हैं. इस पर जिला पदाधिकारी ने सभी राजस्व कर्मचारियों को सक्रिय रहते हुए बिना विलंब किये कार्य निष्पादन का निर्देश दिया. जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की समस्या से डीएम को कराया अवगत तेघड़ा प्रखंड कार्यालय में डीएम बेगूसराय के निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान निपानिया मथुरापुर पंचायत के मुखिया चंद्रभूषण प्रसाद सिंह ने दियारा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति नहीं होने की शिकायत की तथा प्रखंड अंतर्गत सभी विद्यालयों में चारदीवारी निर्माण का मुद्दा उठाया.वहीं बरौनी तीन पंचायत के मुखिया अमलेश कुमार राय ने बोरिंग हो जाने के बावजूद खेतों तक बिजली नहीं पहुंचने की समस्या, अयोध्या घाट तक जाने के लिए लगभग 1 किलोमीटर सड़क निर्माण की आवश्यकता का मामला उठाया. जिस पर डीएम बेगूसराय ने ग्रामीण कार्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया. बैठक में आपदा के कारण मृत्यु पर मिलने वाली अनुदान राशि के भुगतान में हो रहे विलंब का मुद्दा भी उठा. पंचायत के ग्राम पंचायत प्रतिनिधि पप्पू यादव द्वारा शिक्षा विभाग में स्मार्ट क्लास के सुचारु संचालन का विषय उठाया. उक्त सभी मामलों में उपस्थित पदाधिकारी को डीएम बेगूसराय ने अविलंब समस्या समाधान को निर्देश दिया. वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते है डीएम बेगूसराय ने कहा कि सबका सम्मान, जीवन आसान प्रशासन का मूल मंत्र है. सभी विभागों का दायित्व है कि जनता के कार्य सम्मानपूर्वक, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से किए जाएं. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ जन समस्याओं का त्वरित समाधान ही प्रशासन की प्राथमिकता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post दाखिल-खारिज, जमाबंदी व परिमार्जन में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं : डीएम appeared first on Naya Vichar.

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siwan news. एसटीपी के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू

सीवान . शहर की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसी क्रम में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने नगर परिषद क्षेत्र के लक्ष्मीपुर और सदर प्रखंड अंतर्गत भंटापोखर में प्रस्तावित स्थलों का स्थल निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ विपिन कुमार, सिटी मैनेजर बालेश्वर राय, स्वच्छता पदाधिकारी उज्ज्वल कुमार, सदर अंचलाधिकारी आयुष तिवारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे. जिलाधिकारी ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की आवश्यकता और उसके लाभों पर विस्तार से चर्चा की. बिना ट्रीटमेंट दाहा नदी में बहाया जा रहा नालों का पानी अधिकारियों ने बताया कि एसटीपी के माध्यम से शहर से निकलने वाले गंदे और दूषित पानी को वैज्ञानिक तरीके से शुद्ध किया जाएगा. उपचार के बाद पानी को पुनः उपयोग योग्य बनाया जाएगा, जिससे जल संसाधनों का संरक्षण संभव हो सकेगा. वर्तमान में शहर के विभिन्न इलाकों से निकलने वाले नालों का गंदा पानी सीधे दाहा नदी में गिरता है, जिससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है. एसटीपी के निर्माण के बाद दाहा नदी को प्रदूषण से बचाने में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी. जिलाधिकारी ने कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट केवल स्वच्छता से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से भी सीधे तौर पर संबंधित है. गंदे पानी का वैज्ञानिक उपचार होने से जलजनित बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और शहरवासियों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा. स्थायी जगह नहीं होने से जैसे-तैसे हो रहा कचरा निस्तारण इसके साथ ही शहर के 45 वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे के समुचित निस्तारण के लिए भी जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि अब तक कचरा निस्तारण के लिए स्थायी भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण कचरे का अव्यवस्थित निस्तारण करना पड़ता था, जिससे दुर्गंध, गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती थीं. कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए जमीन उपलब्ध हो जाने से नगर परिषद को दोहरा लाभ मिलेगा. एक ओर कचरे का संग्रहण और निस्तारण व्यवस्थित होने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होगा और दुर्गंध व प्रदूषण से लोगों को राहत मिलेगी. दूसरी ओर कचरे से तैयार होने वाली जैविक खाद के उपयोग से नगर परिषद अपनी आय में वृद्धि कर सकेगी. इससे प्राप्त राजस्व को शहर के विकास कार्यों में लगाया जाएगा, जो दीर्घकालीन रूप से नगर के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगा. निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार किए जाएं, ताकि दोनों परियोजनाओं को जल्द धरातल पर उतारा जा सके. उन्होंने कहा कि स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित शहर के निर्माण के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post siwan news. एसटीपी के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू appeared first on Naya Vichar.

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खोदावंदपुर केविके में चार दिवसीय मधुमक्खीपालन प्रशिक्षण का समापन

खोदावंदपुर. मधुमक्खीपालन के दौरान कॉलोनी का बेहतर प्रबंधन कर गुणवत्तापूर्ण और अधिक शहद का उत्पादन लिया जा सकता है. यह बातें कृषि विज्ञान केंद्र खोदावंदपुर, बेगूसराय के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ राम पाल ने कहीं. वे शनिवार को चार दिवसीय मधुमक्खी पालन कृषक प्रशिक्षण के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि केविके में गत 17 से 20 दिसंबर तक आयोजित मधुमक्खी पालन कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 40 किसानों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान मधुमक्खियां की विभिन्न प्रजातियां, उनका जीवन चक्र, कार्य विभाजन, विभिन्न सहज मधुमक्खियां की पहचान, मधुमक्खी कॉलोनी प्रबंधन, कॉलोनी का विभाजन एवं एकीकरण, मधुमक्खी उत्पाद शहद, माम, पराग, प्रोपोलिस आदि तथा रोग एवं कीट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण में डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय पूसा, समस्तीपुर से आये वैज्ञानिकों ने किसानों को व्यवहारिक ज्ञान के बारे में विस्तार से चर्चा की. कार्यक्रम में खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र से कमलदेव ठाकुर, विपिन रजक, पूजा कुमारी तथा चेरिया बरियारपुर प्रखंड के विक्रमपुर से रंजीत कुमार, लालन देवी, रेणु देवी सहित कई किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय केविके के उद्यानिकी विशेषज्ञ डॉ एन एन पाटील द्वारा किया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post खोदावंदपुर केविके में चार दिवसीय मधुमक्खीपालन प्रशिक्षण का समापन appeared first on Naya Vichar.

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निष्क्रिय 3.81 लाख खातों में पड़े 120 करोड़ से अधिक की राशि ग्राहकों को होगी वापस

सीवान . बैंकों में वर्षों से निष्क्रिय पड़े खातों में जमा करोड़ों रुपये अब खाताधारकों या उनके वैध उत्तराधिकारियों को मिल सकेंगे. दस वर्ष या उससे अधिक समय से बिना किसी लेन-देन के पड़े खातों को पुनः सक्रिय करने के लिए हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक ने व्यापक पहल शुरू की है. इसी कड़ी में देश के अन्य जिलों के साथ सीवान में भी निष्क्रिय खातों की पहचान की जा रही है, जिनमें बड़ी राशि जमा है, लेकिन खाताधारकों को इसकी जानकारी तक नहीं है. आंकड़ों के अनुसार जिले के विभिन्न बैंकों में दस वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय 3 लाख 81 हजार 858 खाते हैं. इन खातों में कुल 120.04 करोड़ रुपये की राशि जमा है. बैंक अधिकारियों के मुताबिक अधिकतर खाताधारकों को न तो अपने खाते की स्थिति की जानकारी है और न ही जमा धनराशि का पता. कई मामलों में खाताधारकों की मृत्यु के बाद उनके परिजनों को भी खातों की सूचना नहीं मिल सकी, जिससे राशि वर्षों से निष्क्रिय पड़ी रही. उद्गम पोर्टल से मिलेगी निष्क्रिय खातों की जानकारी जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम) अमित कुमार झा ने बताया कि आरबीआई द्वारा शुरू किए गए उद्गम पोर्टल के माध्यम से जमाकर्ता या उनके परिजन देश के किसी भी बैंक में मौजूद निष्क्रिय या लावारिस खातों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. पोर्टल पर आवश्यक विवरण दर्ज कर यह देखा जा सकता है कि किसी व्यक्ति के नाम से कहीं कोई निष्क्रिय खाता या जमा राशि है या नहीं. इसके बाद संबंधित बैंक शाखा से संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि प्राप्त की जा सकती है. एलडीएम ने बताया कि यदि किसी खाते में दस वर्ष या उससे अधिक समय तक कोई लेन-देन नहीं होता है, तो वह खाता आरबीआई के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में स्थानांतरित कर दिया जाता है. हालांकि इसका यह अर्थ नहीं है कि खाताधारक की राशि समाप्त हो जाती है. खाताधारक या उनके वैध दावेदार निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी जमा राशि वापस प्राप्त कर सकते हैं. बैंक शाखाओं में अलग से बने सहायता काउंटर ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ योजना के तहत निष्क्रिय खातों में जमा धन को वास्तविक लाभुकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है. इसी उद्देश्य से जिले की बैंक शाखाओं में अलग से सहायता काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को योजना, पोर्टल और दावा प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जा रही है. बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि दावेदारों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए और किसी भी प्रकार की अनावश्यक अड़चन न डाली जाए. 31 मार्च तक किया जा सकेगा दावा जानकारी के अनुसार जिन खातों में नॉमिनी दर्ज हैं, वहां नामांकित व्यक्ति आधार कार्ड के माध्यम से आसानी से दावा कर सकते हैं. वहीं, जिन मामलों में नामांकन नहीं है, वहां अन्य वैध दावेदार शपथ-पत्र के आधार पर राशि वापसी के लिए आवेदन कर सकते हैं. ऐसे सभी दावे 31 मार्च 2026 तक संबंधित बैंकों के पोर्टल पर किए जा सकते हैं. आरबीआइ और केंद्र प्रशासन की इस पहल से सीवान जिले के हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. वर्षों से बैंकों में निष्क्रिय पड़ी करोड़ों रुपये की राशि अब लोगों तक पहुंचेगी, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ वित्तीय जागरूकता और विश्वास भी मजबूत होगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post निष्क्रिय 3.81 लाख खातों में पड़े 120 करोड़ से अधिक की राशि ग्राहकों को होगी वापस appeared first on Naya Vichar.

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बैठक में महिला उत्पीड़न व युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन पर जतायी गयी चिंता

नावकोठी. प्रखंड क्षेत्र में पुलिस-पब्लिक आपसी समन्वय मजबूत करने के उद्देश्य से रजाकपुर पंचायत के डुमरिया में शनिवार को बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में समाज से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.जिसमें स्त्री उत्पीड़न, युवाओं में बढ़ते नशे का प्रचलन, अपराध की बढ़ती घटनाएं तथा मोबाइल के दुरुपयोग से उत्पन्न अपराध पर प्रमुख रूप से चर्चा हुई. मीटिंग में स्त्री उत्पीड़न के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की गयी. प्रशिक्षु एसडीपीओ सह थानाध्यक्ष अमरजीत तिवारी ने स्पष्ट किया कि स्त्रीओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या हिंसा की घटना को गंभीरता से लिया जायेगा. स्त्रीओं से निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की एवं त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया. मुखिया प्रतिनिधि मुकेश कुमार ने समाज में युवाओं के बीच बढ़ते नशे के चलन को गंभीर सामाजिक संकट बताते हुए कहा कि यह न केवल युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है, बल्कि अपराध को भी बढ़ावा दे रहा है. समाज के प्रबुद्ध लोगों से युवाओं पर विशेष निगरानी रखने और उन्हें सही दिशा देने का आग्रह किया गया. बैठक में सरपंच प्रतिनिधि शिवनंदन पासवान ने मोबाइल के बढ़ते उपयोग और इसके दुरुपयोग से होने वाले साइबर अपराध, ठगी और आपराधिक गतिविधियों पर भी चर्चा की.पुलिस ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि अनजाने कॉल, लिंक और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों से सतर्क रहना आवश्यक है.ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गयी. समाज में बिगड़ते सामाजिक सौहार्द पर पुलिस और पब्लिक एकजुट होकर भाईचारा, शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प लिया. पुलिस पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस और आम जनता की साझेदारी से ही सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण समाज का निर्माण संभव है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बैठक में स्त्री उत्पीड़न व युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन पर जतायी गयी चिंता appeared first on Naya Vichar.

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बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति : सचिव

गुमला. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रशासन गुमला एवं लोहरदगा ग्राम स्वराज संस्थान गुमला के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह से संबंधित एक दिवसीय कार्यशाला हुई. जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला के सचिव राम कुमार लाल गुप्ता ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है. बाल विवाह कानूनी रूप से प्रतिबंधित होने के बावजूद लड़के-लड़कियों को प्रभावित करती है. इस प्रथा के गंभीर परिणाम होते हैं. बाल विवाह होने पर बाल विवाह का आयोजन करने वाले सभी लोग कानूनी रूप से दोषी माने जाते हैं. उन्हें जेल व जुर्माना भी हो सकता है. बाल विवाह होने की सूचना मिले, तो टोल फ्री नंबर 1098 पर कॉल करें. स्थायी लोक अदालत के सदस्य शंभू सिंह ने कहा कि बाल विवाह सामाजिक कुरीतियों में से एक है, जिसे हमें जड़ से समाप्त करना होगा. इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा. लोगों को बताना होगा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है. समाज पर भी इसका बुरा असर पड़ता है. शादी होने वाले बच्चों की पढ़ाई रुक जाती है. बच्ची जल्दी मां बन जाती है, जिसमें मां व बच्चों दोनों रोग ग्रस्त हो जाते हैं. बाल संरक्षण पदाधिकारी अमर कुमार ने कहा कि आप हमें बाल-विवाह होने का सूचना देंगे, तो हम तुरंत उच्च पदाधिकारी से मिल कर बाल-विवाह को रोकेंगे. उसका पुनर्वास की व्यवस्था करेंगे. लोहरदगा ग्राम स्वराज संस्थान गुमला के को-ऑर्डिनेटर मिथिलेश कुमार पांडे ने कहा कि हमारा संस्थान बाल विवाह रोकने के लिए कार्य कर रहा है. हमें आप बाल विवाह का सूचना देंगे, तो हम बाल विवाह रोकने की हर कोशिश करेंगे. मौके पर सुषमा देवी, चाइल्ड लाइन के कोऑर्डिनेटर रिजवान हुसैन, पीएलवी नीलम लकड़ा, जरीना खातून, राजेश सिंह, नवीन साहू, नवीन भगत, प्रेम कुमार शाह, गौतम सिंह, डीएन ओहदार, सुधीर पांडे, जया सेन गुप्ता आदि उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति : सचिव appeared first on Naya Vichar.

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