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December 22, 2025

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IPL 2026: CSK की बेस्ट प्लेइंग इलेवन क्या हो सकती है? जानें अश्विन का जवाब

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) के आगाज में अभी समय है, लेकिन चर्चाएं अभी से तेज हो गई हैं. खास वजह है हिंदुस्तानीय टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin). अश्विन ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की संभावित प्लेइंग इलेवन का खुलासा कर सभी को चौंका दिया है. उन्होंने कुछ ऐसे फैसले लिए हैं, जिन पर फैंस और क्रिकेट जानकारों में बहस शुरू हो गई है. खास तौर पर 14.20 करोड में खरीदे गए विकेटकीपर बल्लेबाज कार्तिक शर्मा (Kartik Sharma) को अंतिम ग्यारह से बाहर रखना और युवा ऑलराउंडर प्रशांत वीर (Prashant Veer) को मौका देना सबसे ज्यादा चर्चा में है. ऑक्शन में वीर और कार्तिक पर बरसा पैसा IPL 2026 के ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने खुलकर पैसा खर्च किया. फ्रेंचाइजी ने प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा दोनों को 14.20 करोड रुपये की बराबर रकम में खरीदा. ऑक्शन के दौरान इन दोनों खिलाडियों के लिए कई टीमें बोली लगा रही थीं. आखिर में सीएसके ने बाजी मारी और दोनों को अपने खेमे में शामिल किया. प्रशांत वीर को बाएं हाथ का स्पिन ऑलराउंडर माना जाता है, जबकि कार्तिक शर्मा एक आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज हैं. ऐसे में माना जा रहा था कि दोनों को नियमित तौर पर स्पोर्ट्सने का मौका मिलेगा. अश्विन की प्लेइंग इलेवन में चौंकाने वाले फैसले अश्विन ने सोशल मीडिया पर अपनी पसंदीदा सीएसके टीम बताई. उन्होंने आयुष म्हात्रे (Ayush Mhatre) को ओपनर के तौर पर चुना और कप्तान रुतुराज गायकवाड (Ruturaj Gaikwad) को तीसरे नंबर पर रखा. संजू सैमसन (Sanju Samson) को ओपनिंग का मौका मिला, जो अपने आप में हैरान करने वाला फैसला है. मध्यक्रम में शिवम दुबे और विदेशी बल्लेबाज डेवॉल्ड ब्रेविस को जिम्मेदारी दी गई है. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महंगे विकेटकीपर कार्तिक शर्मा को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. प्रशांत वीर को जडेजा का विकल्प मान रहे अश्विन अश्विन ने प्रशांत वीर को सीधे तौर पर रवींद्र जडेजा के विकल्प के रूप में देखा है. वीर ने अभी तक सिर्फ 9 टी20 मुकाबले स्पोर्ट्से हैं, लेकिन इनमें 12 विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी का असर दिखाया है. बल्लेबाजी में भी उनका स्ट्राइक रेट 167 से ज्यादा का रहा है. यही वजह है कि सीएसके और अश्विन दोनों को उनसे काफी उम्मीदें हैं. अश्विन ने वीर को सातवें नंबर पर रखा है, जहां से वह गेंद और बल्ले दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं. गेंदबाजी और इम्पैक्ट प्लेयर में लचीलापन गेंदबाजी विभाग में अश्विन ने हालात के हिसाब से विदेशी खिलाडी चुनने की बात कही है. पिच और मौसम को देखते हुए मैट हेनरी या अकील हुसैन में से किसी एक को खिलाया जा सकता है. इसके अलावा नेथन एलिस, खलील अहमद और नूर अहमद को मुख्य गेंदबाजों के रूप में रखा गया है. इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर अंशुल कंबोज, कार्तिक शर्मा, श्रेयस गोपाल या सरफराज खान में से किसी एक को मौका मिल सकता है. कुल मिलाकर अश्विन की यह टीम संतुलित नजर आती है, लेकिन कार्तिक शर्मा को बाहर रखना आने वाले समय में बहस का मुद्दा बना रहेगा. AyushSanjuRutuDubeBrevisPrashantMSAkeal/Matt HenryKhaleelEllisNoor Impact: Anshul/Karthik Sharma/Shreyas Gopal/Sarfraz based on combination/situation https://t.co/hF04Qj9kZP — Ashwin 🇮🇳 (@ashwinravi99) December 21, 2025 अश्विन ने बताई अपनी प्लेइंग इलेवन:- आयुष म्हात्रे, संजू सैमसन, रुतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे, डेवॉल्ड ब्रेविस, प्रशांत वीर, एम.एस धोनी, अकील हुसैन/ मैट हेनरी, खलील अहमद, नेथन एलिस, नूर अहमद. इंम्पैक्ट प्लेयर:- अंशुल कंबोज, कार्तिक शर्मा, श्रेयस गोपाल और सरफराज खान. ये भी पढ़ें- IPL 2026: CSK से बड़ी चुक हो गई… रवि अश्विन ने ऑक्शन में कैमरून ग्रीन की बोली पर कही बड़ी बात धोनी भाई का हमेशा आभारी… KKR में जाने के बाद मथीशा पथिराना का CSK के लिए भावुक संदेश यह समझना मुश्किल है… आकाश चोपड़ा ने तीन बड़े विदेशी खिलाड़ियों के अनसोल्ड होने पर दिया बड़ा बयान The post IPL 2026: CSK की बेस्ट प्लेइंग इलेवन क्या हो सकती है? जानें अश्विन का जवाब appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बिहार में मशरूम की खेती को मिलेगी रफ्तार! बिहार सरकार दे रही है 90% तक अनुदान, 24 दिसंबर तक है बड़ा मौका

Bihar News: किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को मजबूती देने के लिए बिहार प्रशासन ने मशरूम उत्पादन को खास प्राथमिकता दी है. कृषि विभाग तीन अलग-अलग योजनाओं के जरिए मशरूम की खेती, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा दे रहा है. इन योजनाओं में 90 प्रतिशत तक अनुदान, प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच का भरोसा दिया जा रहा है. इच्छुक किसान और युवा 24 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. मशरूम किट से लेकर हट तक, प्रशासन का सीधा सहयोग मशरूम किट और मशरूम हट योजना के तहत प्रशासन किसानों को पैडी, ऑयस्टर, बटन और बकेट मशरूम की किट उपलब्ध करा रही है. खास बात यह है कि इन किटों पर किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है. वहीं, मशरूम उत्पादन के लिए झोपड़ी या हट बनाने पर भी प्रशासन आधी लागत खुद वहन कर रही है. इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए शुरुआत करना आसान हो गया है. मशरूम उत्पादन तभी लाभकारी है, जब उत्पाद सही समय पर और सही दाम पर बिके. इसी को ध्यान में रखते हुए मशरूम उत्पादन, कम्पोस्ट और स्पॉन से जुड़ी योजनाओं को राष्ट्रीय बागवानी मिशन से जोड़ा गया है. इसके तहत निजी और सार्वजनिक स्तर पर उत्पादन इकाइयों, कम्पोस्ट यूनिट और स्पॉन निर्माण इकाइयों को सहायता दी जा रही है. इससे किसानों को भंडारण, गुणवत्ता और विपणन की सुविधा मिल सकेगी. एक लाख से शुरू होगा स्वरोजगार कम लागत या छोटे पैमाने पर मशरूम उत्पादन इकाई योजना उन किसानों और युवाओं के लिए है, जो सीमित संसाधनों के साथ काम शुरू करना चाहते हैं. 28 जिलों में लागू इस योजना के तहत 200 वर्ग फुट में मशरूम यूनिट बनाई जा सकती है. कुल लागत दो लाख रुपये है, जिसमें प्रशासन एक लाख रुपये तक का अनुदान दे रही है. यह मॉडल खासकर बेरोजगार युवाओं के लिए आकर्षक माना जा रहा है. कृषि विभाग का मानना है कि मशरूम उत्पादन से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. प्रसंस्करण और विपणन से जुड़े छोटे उद्योग गांवों में ही विकसित होंगे. इससे पलायन पर रोक लगेगी और राज्य के राजस्व में भी इजाफा होगा. कैसे करें आवेदन इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल या बिहार कृषि ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और पात्र लाभार्थियों तक सहायता समय पर पहुंचे. मशरूम की खेती अब प्रयोग नहीं, बल्कि प्रशासन समर्थित व्यवसाय बन चुकी है. अगर सही योजना और प्रशिक्षण के साथ किसान इस अवसर का लाभ उठाते हैं, तो कम जगह और कम लागत में भी स्थायी आय का मजबूत जरिया तैयार हो सकता है. Also Read: बिहार में किसानों के लिए सुनहरा मौका, मशरूम की खेती पर प्रशासन दे रही अनुदान The post Bihar News: बिहार में मशरूम की खेती को मिलेगी रफ्तार! बिहार प्रशासन दे रही है 90% तक अनुदान, 24 दिसंबर तक है बड़ा मौका appeared first on Naya Vichar.

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Countries Without Rail Networks: बिना रेलवे स्टेशन के हैं ये देश, आखिर क्यों नहीं चलती ट्रेंन?

Countries Without Rail Networks: दुनिया में रेलवे एक तेज और आसान ट्रांसपोर्ट सिस्टम है, लेकिन कुछ ऐसे देश भी हैं जहां एक भी रेलवे स्टेशन नहीं है. इन देशों में भूगोल, इतिहास, आबादी और आर्थिक परिस्थितियों की वजह से रेलवे सुविधा विकसित नहीं हो पाई. यहाँ के लोग मुख्य रूप से बस, कार, फ्लाइट और फेरी पर निर्भर रहते हैं. आइए जानते हैं कौन-कौन से हैं ये देश और वहां लोग किस तरह यात्रा करते हैं. भूटान ऊबड़-खाबड़ पहाड़ों के बीच यात्रा भूटान में रेलवे का निर्माण तकनीकी रूप से बेहद मुश्किल है. खड़ी पहाड़ियाँ और गहरी घाटियाँ ट्रैक बिछाने में बाधक हैं. इसलिए यहां की जनता शहरों और कस्बों के बीच यात्रा के लिए प्रशासनी बस और प्राइवेट गाड़ियों पर निर्भर रहती है. फ्रांस और स्पेन के बीच स्थित एंडोरा भी बिना रेलवे वाला देश है. इसका आकार छोटा है और पहाड़ी इलाका रेलवे के लिए उपयुक्त नहीं. यहां का जुड़ा हुआ बस नेटवर्क देश के अंदरूनी और पड़ोसी देशों से कनेक्टिविटी बनाए रखता है. साइप्रस में बंद हुई रेल सेवाएं साइप्रस में ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के दौरान ट्रेनें चलती थीं, लेकिन 20वीं सदी में बंद कर दी गईं. आज यहां की जनता शहरों और कस्बों में यात्रा के लिए बस, टैक्सी और प्राइवेट कार पर निर्भर है. ज्वालामुखी, ग्लेशियर और कम आबादी घनत्व की वजह से आइसलैंड में कभी भी पब्लिक रेल नेटवर्क नहीं रहा. लंबी दूरी की यात्रा के लिए देश में बस और सड़क मार्ग ही मुख्य विकल्प हैं. क्यों नहीं हैं रेलवे? इन देशों में रेलवे न होने के पीछे मुख्य कारण हैं: भौगोलिक बाधाएँ: ऊबड़-खाबड़ इलाके और पहाड़ आर्थिक कारण: रेलवे सिस्टम आर्थिक रूप से स्थिर नहीं ऐतिहासिक कारण: साइप्रस और माल्टा में रेलवे बंद, क्योंकि सड़क और बस ट्रांसपोर्ट ज्यादा फायदेमंद साबित हुए. इन देशों की यात्रा में रेल नहीं, बल्कि बस, कार और फ्लाइट ही मुख्य साधन हैं. ये उदाहरण दर्शाते हैं कि हर देश की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार ही परिवहन प्रणाली विकसित होती है. The post Countries Without Rail Networks: बिना रेलवे स्टेशन के हैं ये देश, आखिर क्यों नहीं चलती ट्रेंन? appeared first on Naya Vichar.

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Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Collection: फ्लॉप हुई कपिल शर्मा की ‘किस किसको प्यार करूं 2’, ‘धुरंधर’ की दहाड़ में दब गई फिल्म, जानें टोटल कलेक्शन

Kis kisko pyaar karoon 2 Box Office collection Day 10: कॉमेडियन कपिल शर्मा और आयशा खान की फिल्म ‘किस किस को प्यार करूं 2’ बॉक्स ऑफिस पर 10वें दिन भी खास कमाल नहीं दिखा पाई. फिल्म की कमाई धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही है. ‘धुरंधर’ की दहाड़ में ये फिल्म बुरी तरह पिट गई. फिल्म मुश्किल से 10 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर पाई है. आइए आपको बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट बताते हैं. 10वें दिन ‘किस किस को प्यार करूं 2’ ने इतना कलेक्शन किया फिल्म ‘किस किस को प्यार करूं 2’ ने रिलीज के पहले दिन ही एवरेज कमाई की थी. इसके बाद कलेक्शन में लगातार गिरावट देखने को मिली. हर दिन मूवी ने सिंगल डिजिट में ही कमाई की. sacnilk की एक रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान में मूवी ने 10वें दिन सिर्फ 0.46 करोड़ रुपये का बिजनेस किया. इसका नेट कलेक्शन 11.88 करोड़ रुपये है. हालांकि शाम तक इन नंबर्स में मामूली बदलाव हो सकते हैं. जानिए फिल्म का डे वाइज कलेक्शन Day 1- 1.85 cr Day 2- 2.5 cr Day 3- 2.9 cr Day 4- 0.9 cr Day 5- 1.1 cr Day 6- 0.85 cr Day 7- 0.75 cr Day 8- 0.22 cr Day 9- 0.35 cr Day 10- 0.46 cr Total- 11.88 cr India ‘धुरंधर’ के आगे फीकी पड़ी कपिल शर्मा की फिल्म बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ का बॉक्स ऑफिस पर इस वक्त जबरदस्त दबदबा बना हुआ है. दमदार कंटेट और मजबूत कहानी के कारण ‘धुरंधर’ को ऑडियंस ज्यादा पसंद कर रही, जिसका सीधे असर किस किस को प्यार करूं 2 की कमाई पर पड़ रहा है. ‘अवतार फायर एंड ऐश’ बनी बड़ी चुनौती हॉलीवुड की बड़ी फिल्म ‘अवतार फायर एंड ऐश’ भी हिंदुस्तानीय बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है. जबरदस्त विजुअल्स और ग्लोबल फैंस फॉलोइंग के कारण यह फिल्म भी कपिल शर्मा की फिल्म को बड़ी चुनौती दे रही है. यह भी पढ़ें- Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Box Office Collection: फ्लॉप होने के कगार पर कपिल शर्मा की फिल्म, फिर भी इस मूवी का तोड़ दिया रिकॉर्ड, जानें टोटल कमाई The post Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Collection: फ्लॉप हुई कपिल शर्मा की ‘किस किसको प्यार करूं 2’, ‘धुरंधर’ की दहाड़ में दब गई फिल्म, जानें टोटल कलेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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Indian Stock Market ने दिखाई ताकत, हफ्ते की शुरुआत में हरे निशान पर खुला बाजार, निफ्टी-सेंसेक्स में तेजी

Indian Stock Market 22 December 2025: सोमवार को हिंदुस्तानीय शेयर बाजार ने अच्छी शुरुआत की है. निफ्टी 50 ने 26,055.85 के स्तर पर ओपन किया और 89.45 अंक की बढ़त दिखाई है. वहीं, बीएसई सेंसेक्स भी 85,139.93 पर खुला और 210.57 अंक ऊपर गया है. यह उछाल मुख्य रूप से एशियाई बाजारों से मिली सकारात्मक ऊर्जा और अमेरिकी बाजार के सकारात्मक संकेतों की वजह से आया है. क्या हैं बाजार की मुख्य चिंताएं? हालांकि बाजार की शुरुआत अच्छी रही है, लेकिन कुछ चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं. सबसे बड़ी चिंता अमेरिकी 50 प्रतिशत टैरिफ और व्यापार समझौते के बारे में किसी भी नतीजे का न होना है. विदेशी निवेशक (FPI) भी लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है. इसके अलावा, हिंदुस्तानीय कंपनियों में तरलता कम हो रही है क्योंकि प्राइवेट इक्विटी फंड्स और प्रमोटर शेयरों को बेच रहे हैं. ये भी पढ़ें: 22 दिसंबर को पेट्रोल-डीजल का ताजा अपडेट, जानें आज आपके शहर में क्या है भाव कौन-कौन से सेक्टर चमक रहे हैं? राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज पर निफ्टी 100, मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सभी बढ़त पर हैं, जो यह दिखाता है कि पूरे बाजार में खरीदारी का रुझान है. ऑटो, मेटल, फार्मा और आईटी सेक्टर ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है. खासकर मेटल और आईटी सेक्टर में 1 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखा गया है. वैश्विक संकेत कैसे मदद कर रहे हैं? अमेरिकी बाजार में टेक और एआई सेक्टर में थोड़ी मंदी के बाद भी निवेशकों को उम्मीद है कि सांता क्रिसमस रैली हो सकती है. अमेरिका के CPI डेटा से यह भी उम्मीद बढ़ी है कि अगले साल फेडरल रिजर्व दरों में कटौती कर सकता है. तेल और कीमती धातुओं के दाम भी मजबूत हैं. जापान, ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई बाजारों में भी जोरदार उछाल देखने को मिला है, जिससे घरेलू बाजार को और सहारा मिला है. ये भी पढ़ें: Aaj Ka Sona Chandi Bhav: साल के आखिरी हफ्ते में सोने-चांदी की कीमतों में बदलाव, जानें क्या है आज का ताजा रेट The post Indian Stock Market ने दिखाई ताकत, हफ्ते की शुरुआत में हरे निशान पर खुला बाजार, निफ्टी-सेंसेक्स में तेजी appeared first on Naya Vichar.

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Bangladesh: हिंदू युवक को भीड़ ने फैक्ट्री से घसीटा, वीडियो में हुआ खुलासा, दीपू को बचाने में क्यों नाकाम रही पुलिस; बताई ये लाचारी

Bangladesh Dipu Das taken away from factory Video: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा एक बार फिर सवालों के घेरे में है. मैमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा की गई नृशंस हत्या के मामले में अब ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जो उस वक्त की भयावह सच्चाई को उजागर करते हैं. इन फुटेज से साफ झलकता है कि घटना के समय पूरे इलाके में भीड़ का राज था और कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज मौजूद नहीं थी. दीपू चंद्र दास को जिंदा जला दिए जाने की घटना ने पूरे प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब इस मामले में पुलिस की ओर से अपनी सफाई सामने आई है, जिसमें देरी से सूचना मिलने को इस त्रासदी की बड़ी वजह बताया गया है. इस घटना से जुड़े वीडियो को प्रसिद्ध लेखिका तस्लीमा नसरीन ने सोशल मीडिया पर साझा किया. उन्होंने लिखा कि हिंदू-विरोधी तत्वों ने दीपू दास को सीधे उसकी फैक्ट्री से उठा लिया. उनके मुताबिक, दीपू ने कोई अपराध नहीं किया था. महज अफवाहों के चलते फ्लोर मैनेजर ने उससे इस्तीफा देने का दबाव बनाया और पुलिस को सूचना दिए बिना गेट खोल दिया, जिसके बाद भीड़ ने उसे पकड़ लिया. तस्लीमा नसरीन ने पुलिस की भूमिका पर भी तीखे सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि उत्सव मंडल के मामले में भी यही पैटर्न देखने को मिला था, पहले उसे पुलिस स्टेशन लाया गया और फिर अंततः पुलिस ने ही उसे भीड़ के हवाले कर दिया. तस्लीमा ने चेतावनी दी कि बांग्लादेश में जिहादियों और हिंदुओं के खिलाफ नफरत और हिंसा लगातार बढ़ रही है, जो न केवल अल्पसंख्यकों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है. हत्या से पहले का वीडियो आया सामने  इस वीडियो को न्यूज ब्रॉडकास्टर जमुना टीवी द्वारा जारी किया गया है, जिसमें वह पल कैद है, जब दीपू चंद्र दास को भीड़ के हवाले किया गया. वीडियो में एक बड़े गेट के बाहर भारी संख्या में लोग जमा दिखते हैं, जो बेहद आक्रामक और उत्तेजित नजर आते हैं. कुछ ही पलों बाद जैसे ही गेट खुलता है, भीड़ दीपू को जबरन अपने साथ ले जाती दिखाई देती है. वीडियो देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह वही फैक्ट्री परिसर है, जहां दीपू काम करता था और जहां से उसे घसीटकर बाहर निकाला गया. Deepu Das was taken away directly from his factory by these Hindu-hating Muslims. Deepu had committed no crime. Rather, because of rumors spread by jihadist workers, the floor manager forced him to resign. And even though the manager knew that hungry vultures were waiting… pic.twitter.com/ecaL7FthIM — taslima nasreen (@taslimanasreen) December 21, 2025 ईशनिंदा के आरोप में भीड़ का कहर  गुरुवार को दीपू चंद्र दास पर कथित ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ ने उसकी बेरहमी से पिटाई की. हत्या के बाद भी हिंसा नहीं रुकी. दीपू के शव को एक पेड़ से बांधा गया और फिर आग के हवाले कर दिया गया. कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अगर पुलिस ने साहस दिखाया होता तो उसकी जान बच सकती थी. आरोप है कि पुलिस ने भीड़ का सामना करने के बजाय दीपू को उन्हीं लोगों के हवाले कर दिया, जो उसकी जान के दुश्मन बने हुए थे. कोई सबूत नहीं, फिर भी हत्या  दीपू की मौत के बाद बांग्लादेशी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भीड़ द्वारा लगाए गए ईशनिंदा के आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला है.  मैमनसिंह जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मोहम्मद फरहाद हुसैन खान ने कहा कि यदि समय रहते घटना की जानकारी मिल जाती, तो दीपू चंद्र दास की जान बचाई जा सकती थी. उनके मुताबिक, उन्हें इस घटना की सूचना रात करीब 8 बजे एक सहायक उप-निरीक्षक के माध्यम से मिली. जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हुई, लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे. भीड़ और ट्रैफिक बना बड़ी बाधा  एसपी फरहाद हुसैन के अनुसार, घटना स्थल की ओर जाते समय सड़कों पर सैकड़ों लोग जमा थे और रास्ता पूरी तरह जाम था. जिस इलाके में वारदात हुई, वहां तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया था. पुलिस जब फैक्ट्री के गेट तक पहुंची, तब तक दीपू की हत्या की जा चुकी थी. उन्होंने बताया कि उस समय उग्र भीड़ दीपू चंद्र दास के शव को ढाका-मैमनसिंह रोड पर ले जा रही थी, जबकि पुलिस करीब दो किलोमीटर पीछे फंसी हुई थी. सड़क पर लगभग 10 किलोमीटर लंबा जाम लगा था, जिसके कारण पुलिस तीन घंटे तक वहीं अटकी रही. इस वजह से कानूनी एजेंसियों की कार्रवाई में गंभीर देरी हुई. नजदीकी थाने ने क्यों नहीं दी सूचना?  एसपी ने यह भी बताया कि उनका कार्यालय घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर था, जबकि भाकुला पुलिस स्टेशन वहां से काफी नजदीक स्थित है. उन्होंने कहा कि अगर स्थानीय पुलिस को समय रहते सूचना दी जाती, तो हालात काबू में लाए जा सकते थे. हालांकि, पुलिस के अनुसार फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से अब तक कोई औपचारिक शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई है. फैक्ट्री प्रबंधन की सफाई  इस मामले में फैक्ट्री पायनियर निटवियर्स के सीनियर मैनेजर साकिब महमूद ने बताया कि घटना वाले दिन शाम करीब 5 बजे फैक्ट्री के भीतर कुछ मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन और हंगामा शुरू कर दिया था. उनका आरोप था कि दीपू चंद्र दास ने उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. समय के साथ भीड़ बढ़ती चली गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई. बताया गया है कि फैक्ट्री के एक मैनेजर आलमगीर हुसैन ने दीपू का एक फर्जी इस्तीफा तक तैयार कर दिया और यह दावा किया कि उसे नौकरी से हटा दिया गया है. फिर भी उग्र भीड़ शांत नहीं हुई और हिंसा जारी रही. पुलिस को सूचना देने में देरी क्यों हुई, इस सवाल पर फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि वे अपने स्तर पर लोगों को शांत करने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन हालात उनके नियंत्रण से बाहर हो गए और इसी प्रयास में पुलिस को सूचना देने में देर हो गई. इस देरी ने हालात को और भयावह बना दिया और एक निर्दोष युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी. ये

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Hemant Soren : पेट्रोल पंप की लाइट में पढ़ रहा था बच्चा, वीडियो देखकर पिघला सीएम हेमंत सोरेन का दिल

Hemant Soren : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं. यदि कोई कुछ समस्या उन्हें सोशल मीडियो के माध्यम से बतलाता है तो वह उसपर संज्ञान भी लेते हैं. इसी तरह का एक मामला सामने आया है. उन्होंने मामले पर संज्ञान लेते हुए रांची डीसी को निर्देश दिए हैं. दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने सीएम को टैग करते हुए एक शिशु की समस्या से अवगत करवाया. इसके बाद सीएम में रांची डीसी को टैग करते हुए लिखा–संज्ञान लें एवं एलेक्स की पढ़ाई हेतु हर संभव मदद पहुंचाते हुए सूचित करें. .@DC_Ranchi संज्ञान लें एवं एलेक्स की पढ़ाई हेतु हर संभव मदद पहुंचाते हुए सूचित करें। https://t.co/TtGBPUpWPL — Hemant Soren (@HemantSorenJMM) December 21, 2025 रांची के रिंग रोड का वीडियो आया सामने दरअसल, एक्स पर यूजर ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा–रांची के रिंग रोड स्थित सुकुरहुटू में एक माँ अपने बेटे के भविष्य के लिए हर अंधेरे से लड़ रही है. चौधरी फ्यूल पेट्रोल पंप की लाइट के नीचे हर रात 8 वर्षीय एलेक्स मुंडा पढ़ाई करता है. उसकी मां नूतन टोप्पो उसे पढ़ाती हैं. सात साल पहले पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी नूतन टोप्पो पर ही आ गई. दिन भर पंप पर मेहनत मजदूरी करने के बाद नूतन टोप्पो और उनके बेटे के लिए रात को वह क्लास रूम बन जाता है. उम्मीद है एलेक्स एक दिन परिवार का नाम रौशन करेगा. नूतन टोप्पो जी के हौसले को सलाम. इस पोस्ट को यूजर ने सीएम हेमंत सोरेन को टैग भी किया. यह भी पढ़ें : Ranchi News: सीएम हेमंत सोरेन बिना सुरक्षा के सड़क पर उतरे, रांची डीसी ने बुलाई अचानक बैठक क्या नजर आ रहा है वीडियो में सामने आए वीडियो में नजर आ रहा है कि एक बच्चा पेट्रोल पंप की लाइट में बैठक पढ़ रहा है. पढ़ने में उसकी मदद एक स्त्री कर रही है जो उसकी मां है. दोनों बहुत ही सकून से वीडियो में नजर आ रहे हैं. The post Hemant Soren : पेट्रोल पंप की लाइट में पढ़ रहा था बच्चा, वीडियो देखकर पिघला सीएम हेमंत सोरेन का दिल appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Train News: बिहार में सीमांचल एक्सप्रेस पर फायरिंग, जनरल बोगी का टूटा शीशा, देर रात मची दहशत

Bihar Train News: बिहार में एक बार फिर ट्रेन पर पथराव और फायरिंग की समाचार है. देर रात सीमांचल एक्सप्रेस पर उपद्रवियों ने फायरिंग और पत्थरबाजी की. यह घटना दिल्ली-हावड़ा मेन रेल लाइन पर हुई. ट्रेन जब आरा के पास चालीसवां पुल और जमीरा हॉल्ट के आस-पास थी, तभी उपद्रवियों ने बवाल मचाया. इस घटना में जनरल बोगी का शीशा भी टूट गया. साथ ही यात्रियों के बीच काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही. आरपीएफ, जीआरपी और मुफस्सिल थाने की पुलिस पहुंची जानकारी के मुताबिक, इस घटना में किसी भी पैसेंजर के घायल होने की सूचना नहीं है. जबकि ट्रेन पर फायरिंग की सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और मुफस्सिल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. साथ ही पूरी घटना की छानबीन में जुट गई. आरा सदर एसडीपीओ वन राज कुमार साह, रेल डीएसपी कंचन राज समेत अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे. इसके साथ ही इस घटना की वजह से आस-पास के इलाके में भी लोगों के बीच भय का माहौल कायम हो गया. यह हुई थी पूरी घटना सीमांचल एक्सप्रेस पर फायरिंग और पत्थरबाजी को लेकर ट्रेन में सवार एस्कॉर्ट पार्टी के जवान संजीव कुमार से बातचीत के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. इस घटना को शराब धंधे से भी जोड़कर देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि सीमांचल एक्सप्रेस कोहरे की वजह से काफी देरी से चल रही थी. चालीसवां पुल और जमीरा हॉल्ट के बीच में किसी ने चेन पुल्लिंग कर ट्रेन को रोक दिया. इसके बाद जब एस्कॉर्ट पार्टी के जवान ने टॉर्च जलाकर देखा तो अचानक पत्थरबाजी की गई. इतना ही नहीं, इस दौरान उपद्रवियों की तरफ से फायरिंग भी की गई. इस दौरान एस्कॉर्ट पार्टी के जवानों ने उपद्रवियों को खदेड़ कर पकड़ना चाहा, लेकिन वे किसी तरह भागने में सफल हो गये. जबकि घटना की वजह से ट्रेन में मौजूद पैसेंजरों के बीच भय का माहौल कायम हो गया. मौके से खोखे भी बरामद किये गए. फिलहाल, पुलिस पूरी घटना की जांच में जुटी है. Also Read: Bihar News: पुनौराधाम के पास बसेगा सीतापुरी शहर, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने और क्या कहा? The post Bihar Train News: बिहार में सीमांचल एक्सप्रेस पर फायरिंग, जनरल बोगी का टूटा शीशा, देर रात मची दहशत appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Weather: बिहार में धूप लापता, जेट स्ट्रीम से ठिठुरा मिथिला, अगले 48 घंटों तक कोल्ड डे से राहत नहीं

मुख्य बातें जेट स्ट्रीम का असर, चार दिनों से लापता है धूप लुढ़कता पारा और पछिया हवाओं की मार जेट स्ट्रीम क्या है सावधानी बरतने की सलाह खेती-किसानी पर असर Bihar Weather: मुजफ्फरपुर. मिथिला समेत पूरे उत्तर बिहार के जिलों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है. आसमान में छाई धुंध और पछुआ हवाओं के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अभी अगले 48 घंटों तक कोल्ड डे की स्थिति बनी रहेगी, जिससे फिलहाल ठंड से निजात मिलने की संभावना नहीं है. अगले दो दिनों तक स्थिति ऐसी ही बनी रहने की संभावना है, जिसके बाद ही मौसम में आंशिक सुधार की उम्मीद की जा सकती है. जेट स्ट्रीम का असर, चार दिनों से लापता है धूप मौसम के वरीय वैज्ञानिक डॉ. एके सत्तार के अनुसार, वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में चलने वाली जेट स्ट्रीम के कारण बीते चार दिनों से समूचे क्षेत्र में कोल्ड डे जैसे हालात बने हुए हैं. स्थिति यह है कि पिछले 96 घंटों से धूप के दर्शन नहीं हुए हैं. दिन भर कोहरे की चादर लिपटी रहने के कारण अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी नीचे चला गया है. डॉ. सत्तार ने बताया कि जेट स्ट्रीम की सक्रियता के कारण ठंडी हवाएं सीधे मैदानी इलाकों को प्रभावित कर रही हैं. लुढ़कता पारा और पछिया हवाओं की मार ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पछिया हवा की गति 4.2 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है. हालांकि हवा की रफ्तार कम है, लेकिन इसमें मौजूद कनकनी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है. माैसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जो सामान्य से 6.4 डिग्री कम है. वहीं न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 1.7 अधिक) दर्ज किया गया है. दिन और रात के तापमान के बीच कम होते अंतर की वजह से दिन में भी रात जैसी ठंड का अहसास हो रहा है. जेट स्ट्रीम क्या है वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी के वायुमंडल के ऊपरी हिस्से (करीब 9 से 16 किमी की ऊंचाई) में बहुत तेज गति से चलने वाली हवा की धाराएं हैं. ये संकरी पट्टी में पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं. जब ये नीचे की ओर झुकती हैं, तो ध्रुवीय क्षेत्रों की बर्फीली हवाओं को मैदानी इलाकों में ले आती हैं, जिससे भारी ठंड और कोल्ड डे की स्थिति बनती है. सावधानी बरतने की सलाह बच्चों और बुजुर्गों का रखें ख्याल: ठंड का सबसे ज्यादा असर श्वसन तंत्र पर पड़ता है. जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें. गर्म पेय पदार्थों का सेवन: शरीर के तापमान को बनाए रखने के लिए गुनगुना पानी और पौष्टिक आहार लें. हृदय रोगियों के लिए चेतावनी: अत्यधिक ठंड में रक्तचाप बढ़ने का खतरा रहता है, इसलिए नियमित दवा लें और ठंड से बचें. खेती-किसानी पर असर कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो आलू और टमाटर जैसी फसलों में पाला लगने की आशंका बढ़ सकती है. हालांकि, गेहूं की फसल के लिए यह ठंडी परिस्थितियां लाभदायक मानी जा रही है. अगले दो दिनों तक उत्तर बिहार के कई हिस्सों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है. Also Read: Bihar Bhumi: रक्सौल में बेतिया राज की जमीन पर 32700 लोगों का कब्जा, प्रशासन ने दिया खाली करने का आदेश The post Bihar Weather: बिहार में धूप लापता, जेट स्ट्रीम से ठिठुरा मिथिला, अगले 48 घंटों तक कोल्ड डे से राहत नहीं appeared first on Naya Vichar.

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मूर्ख चरमपंथियों की सनक पर कुर्बान… नॉर्थ ईस्ट पर भारत की चिंता जायज, दीपू की मौत का जिम्मेदार यूनुस, खूब बरसीं शेख हसीन

Bangladesh anarchist situation Muhammad Yunus: बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना की प्रशासन का पतन हुआ. एक हिंसक आंदोलन के बाद सैकड़ों लोगों की मौत के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम प्रशासन का गठन हुआ. लेकिन, हिंसा का दौर अब भी समाप्त नहीं हुआ है. हाल के दिनों में विशेषकर बांग्लादेश में आने वाले 12 फरवरी 2026 को चुनावों का ऐलान होने के बाद से हिंसक झड़प और विरोध प्रदर्शनों की भरमार हो गई है. इनमें उस्मान हादी की हत्या, मीडिया ऑफिसों के ऊपर हमले और तोड़फोड़, पत्रकारों को जान से मारने की कोशिश, हिंदुस्तानीय उच्चायोग पर पत्थरबाजी, हिंदू युवक की मॉब लिंचिंग और उसको जलाना तक शामिल हैं. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इसके लिए मोहम्मद यूनुस को ही जिम्मेदार ठहराया है.  पिछले सप्ताह हुई हिंसक झड़पों और विरोध प्रदर्शनों के बाद ढाका में भले ही फिलहाल तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, लेकिन बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इन घटनाओं को लेकर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. इंकलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद भड़की हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए हसीना ने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल देश को अंदर से अस्थिर करती हैं, बल्कि पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को भी नुकसान पहुंचाती हैं. एएनआई को दिए एक ईमेल इंटरव्यू में शेख हसीना ने आरोप लगाया कि जिस “कानूनहीनता” के कारण उनकी प्रशासन गिराई गई थी, वही स्थिति अब मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के शासन में कई गुना बढ़ गई है.  अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न हिंदुस्तान देख रहा पूर्व प्रधानमंत्री ने देश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का मुद्दा भी उठाया और कहा कि हिंदुस्तान इस अराजकता को साफ तौर पर देख रहा है. शेख हसीना ने कहा, “यह दुखद हत्या उसी कानूनहीनता को दर्शाती है, जिसने मेरी प्रशासन को उखाड़ फेंका और जो यूनुस के नेतृत्व में और अधिक बढ़ गई है. हिंसा अब सामान्य बात बन चुकी है, जबकि अंतरिम प्रशासन या तो इससे इनकार करती है या इसे रोकने में पूरी तरह असमर्थ है. ऐसी घटनाएं बांग्लादेश को आंतरिक रूप से कमजोर करती हैं और पड़ोसी देशों के साथ हमारे रिश्तों को भी अस्थिर करती हैं, जो जायज चिंता के साथ हालात को देख रहे हैं. हिंदुस्तान इस अराजकता, अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न और उन सभी उपलब्धियों के क्षरण को देख रहा है, जिन्हें हमने मिलकर बनाया था. जब आप अपने देश के भीतर बुनियादी व्यवस्था भी कायम नहीं रख पाते, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर आपकी विश्वसनीयता खत्म हो जाती है. यही यूनुस के बांग्लादेश की हकीकत है.” हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा जुलाई आंदोलन से जुड़े एक प्रमुख चेहरा शरीफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में रिक्शा से यात्रा करते समय बेहद करीब से गोली मार दी गई थी. गोली उनके सिर में लगी थी, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर एयरलिफ्ट किया गया. हालांकि तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई. हादी की मौत के बाद ढाका में विरोध प्रदर्शन और अशांति फैल गई. मीडिया ऑफिसों पर हमले किए गए, प्रथम आलो और डेली स्टार जैसे मीडिया के ऑफिस पर हमला किया गया और पत्रकारों को अंदर दम घुटने के लिए छोड़ दिया. हालांकि बाद में पुलिस की मदद से उन्हें बचाया गया.  यूनुस ने चरमपंथियों को कैबिनेट में जगह दी शेख हसीना ने बांग्लादेश में कट्टर इस्लामी ताकतों को लेकर भी गंभीर चेतावनी दी. उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस ने जेल से दोषी आतंकियों को रिहा किया है और जमात-ए-इस्लामी पर लगे प्रतिबंध को हटाने के संकेत भी दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने अंतरिम प्रशासन की कड़ी आलोचना की. शेख हसीना ने कहा, “यह चिंता केवल मेरी नहीं है, बल्कि उन लाखों बांग्लादेशियों की भी है, जो उस सुरक्षित और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र को पसंद करते हैं, जो हम कभी थे. यूनुस ने चरमपंथियों को कैबिनेट में जगह दी, दोषी आतंकियों को जेल से रिहा किया और अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से जुड़े समूहों को सार्वजनिक जीवन में भूमिका निभाने की अनुमति दी. वह कोई राजनेता नहीं हैं और उन्हें इतने जटिल देश को चलाने का कोई अनुभव नहीं है. मेरा डर यह है कि कट्टरपंथी ताकतें उन्हें अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक स्वीकार्य चेहरा बनाकर पेश कर रही हैं, जबकि वे भीतर ही भीतर हमारी संस्थाओं को कट्टर बना रही हैं.” धर्मनिरपेक्षता को मूर्ख चरमपंथियों की सनक पर कुर्बान नहीं किया जा सकता उन्होंने आगे कहा, “यह स्थिति सिर्फ हिंदुस्तान के लिए ही नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया की स्थिरता में विश्वास रखने वाले हर देश के लिए चिंता का विषय होनी चाहिए. बांग्लादेशी नेतृत्व का धर्मनिरपेक्ष चरित्र हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक रहा है और इसे कुछ मूर्ख चरमपंथियों की सनक पर कुर्बान नहीं किया जा सकता. जब लोकतंत्र बहाल होगा और जिम्मेदार शासन लौटेगा, तब ऐसी गैर-जिम्मेदार बातें अपने आप खत्म हो जाएंगी.” हिंदुस्तान-बांग्लादेश में बढ़ते कूटनीतिक तनाव पर जताई चिंता शेख हसीना ने हिंदुस्तान-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ते कूटनीतिक तनाव पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान विरोधी प्रदर्शनों और 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपु चंद्र दास की हत्या के लिए यूनुस जिम्मेदार हैं. दीपु चंद्र दास को कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था और 18 दिसंबर को उनके शव को आग के हवाले कर दिया गया. इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया और मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई. हसीना ने आरोप लगाया कि अंतरिम प्रशासन ने नई दिल्ली के खिलाफ शत्रुतापूर्ण बयान दिए और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करने में नाकाम रही. यह तनाव यूनुस की देन उन्होंने कहा, “आप जो तनाव देख रहे हैं, वह पूरी तरह यूनुस की देन है. उनकी प्रशासन हिंदुस्तान के खिलाफ बयान देती है, धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा नहीं करती और चरमपंथियों को विदेश नीति तय करने देती है, फिर तनाव बढ़ने पर हैरानी जताती है. हिंदुस्तान दशकों से बांग्लादेश का सबसे भरोसेमंद मित्र और साझेदार रहा है. हमारे देशों के रिश्ते गहरे और बुनियादी हैं और किसी अस्थायी प्रशासन से कहीं आगे तक जाएंगे. मुझे भरोसा है कि वैध शासन लौटने पर बांग्लादेश फिर से उस समझदार साझेदारी की

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