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December 22, 2025

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Aadhaar Rules Change: 31 दिसंबर की आधी रात के बाद बदल जाएगा आपका आधार, नियमों में होगा बड़ा बदलाव

Aadhaar Rules Change: नए साल 2026 से ठीक पहले आधार से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं. दिसंबर 2025 में यूआईडीएआई का फोकस डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और आधार डेटा के दुरुपयोग को रोकने पर है. इसी कड़ी में आधार कार्ड के डिज़ाइन से लेकर वेरिफिकेशन प्रक्रिया और पैन लिंकिंग तक कई अहम बदलाव किए जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा. आधार कार्ड का नया डिजाइन डिजिटल फ्रॉड और डेटा लीक की घटनाओं को देखते हुए यूआईडीएआई ने आधार के नये डिजाइन को 1 दिसंबर 2025 से लागू कर दिया है. इस नए कार्ड में केवल आपकी फोटो और एक सुरक्षित क्यूआर कोड होगा. यूआईडीएआई ने इस अपडेट कराने की आखिरी तारीख 14 जून 2026 निर्धारित किया है. इस नए आधार कार्ड में न तो आपका नाम छपा होगा और न ही आधार नंबर ही दिखाई देगा. इसका उद्देश्य साफ है कि अगर कार्ड की फोटोकॉपी गलत हाथों में भी चली जाए, तो उसका दुरुपयोग न हो सके. हालांकि, मौजूदा आधार कार्ड पूरी तरह से मान्य रहेंगे. फोटोकॉपी के इस्तेमाल पर ब्रेक यूआईडीएआई के नए नियमों के तहत फिजिकल आधार कॉपी देने को हतोत्साहित किया जाएगा. अब पहचान सत्यापन के लिए क्यूआर कोड स्कैन, ऑफलाइन आधार एक्सएमएल और मास्क्ड आधार पर ज्यादा जोर दिया जाएगा. यूआईडीएआई का मानना है कि फोटोकॉपी के जरिए सबसे ज्यादा डेटा लीक होता है. इसलिए, डिजिटल वेरिफिकेशन को प्राथमिक विकल्प बनाया जा रहा है. फेस ऑथेंटिकेशन को कानूनी मान्यता डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) एक्ट के तहत फेस ऑथेंटिकेशन को औपचारिक कानूनी मान्यता दी जा रही है. अब सुरक्षित डिजिटल पहचान के लिए फेस रिकग्निशन को वैध तरीका माना जाएगा, जिससे बैंकिंग, प्रशासनी योजनाओं और अन्य सेवाओं में आधार वेरिफिकेशन और सुरक्षित हो सकेगा. आधार–पैन लिंकिंग की डेडलाइन 31 दिसंबर, 2025 आधार–पैन लिंकिंग की अंतिम तारीख है. अगर इस तारीख तक पैन को आधार से लिंक नहीं किया गया, तो 1 जनवरी 2026 से वह पैन निष्क्रिय हो जाएगा. इसका असर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने, रिफंड पाने और अन्य फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा. यानी बिना लिंक किए पैन के कई काम अटक सकते हैं. 10 साल पुराने आधार को अपडेट करना जरूरी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन आधार कार्डों को बने 10 साल से ज्यादा हो चुके हैं, उन्हें लगातार वैधता के लिए डेमोग्राफिक अपडेट की जरूरत होगी. नाम, जन्मतिथि और पता जैसी जानकारी अपडेट रखने से न सिर्फ आपका आधार एक्टिव रहेगा, बल्कि वेरिफिकेशन में भी कोई दिक्कत नहीं आएगी. आपको अभी क्या करना चाहिए अगर आपने अब तक आधार–पैन लिंक नहीं किया है, तो 31 दिसंबर, 2025 से पहले यह काम जरूर पूरा करें. वेरिफिकेशन के लिए डिजिटल या मास्क्ड आधार का इस्तेमाल करें और अनावश्यक रूप से फिजिकल कॉपी देने से बचें. साथ ही, अगर आपका आधार बहुत पुराना है, तो यूआईडीएआई की सिफारिश के अनुसार जानकारी अपडेट करवा लें. इसे भी पढ़ें: 40 साल की उम्र में होना है रिटायर, तो मंथली कितना करना होगा निवेश? जानें एसआईपी फायर का पूरा कैलकुलेशन आपकी पहचान होगी ज्यादा सुरक्षित कुल मिलाकर, आधार नियमों में यह बदलाव आपकी पहचान को ज्यादा सुरक्षित और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. थोड़ी सी सावधानी और समय पर अपडेट आपको भविष्य की फाइनेंशियल और कानूनी परेशानियों से बचा सकता है. इसे भी पढ़ें: 31 दिसंबर की आधी रात से बदल सकती है प्रशासनी कर्मचारियों की किस्मत! टीओआर जारी The post Aadhaar Rules Change: 31 दिसंबर की आधी रात के बाद बदल जाएगा आपका आधार, नियमों में होगा बड़ा बदलाव appeared first on Naya Vichar.

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Dori Payal Designs: अब पहनें डोरी वाले पायल, भीड़ में सबसे अलग दिखेगा लुक

Dori Payal Designs: आज के दौर में फैशन का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है. बदलते जमाने के साथ स्त्रीएं हर दिन कुछ न कुछ बदलाव चाहती है. इस फैशन के दौर में स्त्रीओं में डोरी वाले पायल का क्रेज काफी बढ़ा है. अगर आप भी लेटेस्ट ट्रेंड को फॉलो करते हुए अपने पैरों की खूबसूरती बढ़ाना चाहती हैं और पायल की डिजाइन तलाश रही हैं तो आप भी डोरी वाले पायल को ट्राई कर सकती हैं. यहां हम आपके लिए इस पायल की लेटेस्ट डिजाइन लेकर आए हैं. अब इन डिजाइनों को देखते हैं. सिल्वर ड्राप ब्लैक बीड डोरी पायल Silver drop black bead string ankle (image – gemini) अगर आप पायल की शौकीन हैं तो खूबसूरत और लेटेस्ट सिल्वर ड्राप ब्लैक बीड डोरी पायल को आप ले सकती हैं. ये पायल आपकी खूबसूरती में चार चांद लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा. इस पायल को आप स्थानीय बाजार से खरीद सकती हैं. सिल्वर फ्लावर ब्लैक थ्रेड डोरी पायल Silver flower black thread anklet (image – ai) आप अगर डेली पहनने वाले पायल की तलाश में हैं तो पुरानी पायल डिजाइन को ट्राई करने के बजाय आप इस तरह की खूबसूरत सिल्वर फ्लावर ब्लैक थ्रेड डोरी पायल ले सकती हैं. इस पायल को पहन कर आपके पैरों की खूबसूरती बढ़ जाएगी. इसे भी पढ़ें: Trending Payal Designs: ना सोना ना चांदी,अब पहने मोती के पायल,आपके लुक को बनाए खूबसूरत मल्टी कलर बीड्स थ्रेड पायल Multi color beads thread anklet (image – ai) अगर आपको सबसे अलग और खूबसूरत दिखना है तो आप मल्टी कलर बीड्स थ्रेड पायल डिजाइन को पहनकर अपने पैरों को सुंदर लुक दे सकते हैं. ये पायल आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकते हैं.   सिल्वर बीड्स एंड चार्म डोरी पायल Silver beads and charm anklet (image – gemini) अपने लुक को यूनिक बनाने के लिए आप सिल्वर बीड्स एंड चार्म डोरी पायल को भी चुन सकती हैं. ये पायल आपकी खूबसूरती में चार चांद लगा देंगे.   अडजस्टेबल ब्लैक थ्रेड डोरी पायल अपने पैरों की खूबसूरती बढ़ाने और लुक को अट्रैक्टिव बनाने के लिए आप खूबसूरत अडजस्टेबल ब्लैक थ्रेड डोरी पायल को ले सकती हैं. इन दिनों अधिकतर स्त्रीओं को पसंद आने वाले ये पायल डिजाइंस आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है.   इसे भी पढ़ें: Bridal Payal Designs: हर दुल्हन के लिए परफेक्ट और स्टाइलिश पायल डिजाइन,देखें लेटेस्ट कलेक्शन इसे भी पढ़ें: Top 5 Latest Silver Payal Design: फैशन में छाए ये टॉप 5 पायल डिज़ाइन, हर आउटफिट के साथ लगेंगी परफेक्ट The post Dori Payal Designs: अब पहनें डोरी वाले पायल, भीड़ में सबसे अलग दिखेगा लुक appeared first on Naya Vichar.

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हेल्दी भी, टेस्टी भी! नये साल में बिना मैदा-चीनी के ऐसे बनाएं जलेबी, डायबिटीज वाले टूट पड़ेंगे

New Year Recipes: नये साल स्वागत में तरह तरह के पकवान बनाने की बहुत पुरानी परंपरा है. खासकर इस मौके पर कुछ मीठा हो जाए और वह भी जलेबी तो इससे बेहतर कुछ नहीं. लेकिन जलेबी को हेल्थ कॉन्शियस लोग इसलिए खाना पसंद नहीं करते क्योंकि वह मैदे और चीनी से बनी होती है. अगर बिना मैदे और चीनी की जलेबी बन जाए तो इससे बेहतर कुछ नहीं है. मगर सबसे बड़ी टेंशन ये है कि बिना इन दो सामग्री के जलेबी बनाए तो कैसे बनाए तो कैसे बनाए. आज हम आपको इस लेख में बिना मैदे और चीनी के जलेबी बनाना बताएंगे. खास बात ये है कि इसका बिल्कुल पारंपरिक जलेबी जैसा ही होगा. बिना मैदे और चीनी के जलेबी बनाने की जरूरी सामग्री ओट्स पाउडर- 1 कप बेसन- ½ कप दही- ½ कप हल्दी- एक चुटकी (रंग के लिए) बेकिंग सोडा- 1 चुटकी इलायची पाउडर- ½ चम्मच देसी घी या तेल- तलने के लिए Also Read: Triple Veg Sandwich Recipe: हेल्दी और टेस्टी ट्विस्ट के साथ बनाएं ट्रिपल वेज सैंडविच, बच्चों की भूख मिटे और मां की टेंशन हो दूर शुगर फ्री चाशनी के लिए जरूरी सामग्री खजूर का पेस्ट- 1 कप पानी- ½ कप केसर- कुछ धागे बिना मैदे और चीनी के जलेबी बनाने की विधि सबसे पहले ओट्स पाउडर, बेसन, दही, हल्दी और बेकिंग सोडा को मिलाकर गाढ़ा, स्मूद बैटर तैयार कर लें. अब इसे 10-15 मिनट के लिए ढककर रखें. एब एक दूसरे पैन में खजूर का पेस्ट और उसमें थोड़ा सा पानी डालकर धीमी आंच पर पकाएं. जब हल्की गाढ़ी चाशनी बन जाए तो गैस बंद कर दें. अब इसमें इलायची और केसर मिला लें. अब कढ़ाही में घी या तेल गरम करें. फिर बैटर को पाइपिंग बैग या पन्नी में भरकर तेल में गोल-घुमावदार जलेबी का आकार दें. मध्यम आंच पर जलेबी को सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. अंतिम में गरम जलेबी को तुरंत खजूर की चाशनी में डालें और 1–2 मिनट बाद निकाल लें, आपका बिना चीनी और मैदे की जलेबी तैयार हो गयी है. Also Read: Roasted Chicken Recipe: क्रिसमस पार्टी का मजा बढ़ाएंगे सुपर टेस्टी रोस्टेड चिकन The post हेल्दी भी, टेस्टी भी! नये साल में बिना मैदा-चीनी के ऐसे बनाएं जलेबी, डायबिटीज वाले टूट पड़ेंगे appeared first on Naya Vichar.

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नए साल पर घूमने का है प्लान तो चले आइए वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, जानिए क्यों खास है यह जगह

Bihar: नए साल के स्वागत को लेकर देशभर में उत्साह चरम होता है. पर्यटक बड़े दिन से ही भ्रमण करना शुरू कर देते हैं. ऐसे में अगर आप भीड़-भाड़ और शोरगुल से दूर प्रकृति की गोद में नए साल की शुरुआत करना चाहते हैं तो वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) एक आदर्श पर्यटन स्थल बनकर सामने आया है. नए साल से पहले ही देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं. जिससे वाल्मीकिनगर क्षेत्र पूरी तरह गुलजार नजर आ रहा है तथा और भी गुलजार होने वाला है. वीटीआर की पहचान उसकी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता से है. यहां की हरी-भरी वादियां, चहचहाते पक्षी और शांत वातावरण पर्यटकों को पहली नजर में ही आकर्षित कर लेते हैं. जंगल सफारी के दौरान पर्यटक शाकाहारी और मांसाहारी वन्यजीवों के दीदार के साथ प्रकृति के अनोखे रंगों का आनंद ले रहे हैं. कम बजट में बेहतर सुविधाएं मिलने के कारण यह स्थल परिवार, युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों के बीच खासा लोकप्रिय बनता जा रहा है. जंगल में धार्मिक और ऐतिहासिक मंदिर के होते है दर्शन धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी वाल्मीकिनगर की अलग पहचान है. सघन जंगलों के बीच स्थित मां मदनपुर देवी, जटाशंकर, कॉलेश्वर मंदिर सहित कई प्राचीन धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं. हिंदुस्तान-नेपाल सीमा पर फैली हरियाली, पक्षियों का कलरव और ठंड के मौसम में त्रिवेणी संगम तट का मनोहारी दृश्य पर्यटकों को असीम शांति का अनुभव कराता है. वाल्मीकिनगर में लगभग आठ करोड़ की लागत से करीब 10560 वर्ग मीटर में बनी इको पार्क मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यह इको पार्क में आने वाले बच्चों से रौनकमय हो रहा है. जंगल सफारी में जानवरों का दीदार कर रहे हैं पर्यटक नव वर्ष का जश्न मनाने देश विदेश से आने वाले पर्यटक जंगल सफारी के दौरान वीटीआर के खुले जंगलों में घूमने वाले 659 प्रजाति के जानवरों में से कोई न कोई वन्यजीवों का दीदार का कर रहें हैं. साथ ही जानवरों के बारे में टूरिस्ट गाइडों से जानकारी ले रहे हैं तथा प्राकृतिक की गोद में रह नववर्ष का आनंद लेंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें नववर्ष मनाने आने वालों पर रहेगी विशेष नजर बड़ा दिन से लेकर नव वर्ष में जश्न मनाने आने वाले हजारों की संख्या में पर्यटकों पर एसएसबी और जिला पुलिस की विशेष नजर रहेगी. ताकि नववर्ष मनाने आने वाले पर्यटकों को कोई अनहोनी नहीं हो. पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह अलर्ट है. इस संदर्भ में वाल्मीकिनगर रेंजर अमित कुमार ने बताया कि जंगल सफारी के लिए ऑनलाइन बुकिंग को प्राथमिकता दी जा रही है. पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं. वहीं वीटीआर प्रशासन की ओर से झूला पुल, इको पार्क और गंडक नदी में राफ्टिंग जैसे आकर्षण भी पर्यटकों को लुभा रहे हैं. प्रकृति, रोमांच और शांति का अद्भुत संगम वीटीआर इस नववर्ष पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है. इसे भी पढ़ें: अगले 120 घंटे बिहार में बदला रहेगा मौसम का मिजाज, 26 जिलों में ऑरेंज और 12 जिलों में IMD का येलो अलर्ट The post नए साल पर घूमने का है प्लान तो चले आइए वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, जानिए क्यों खास है यह जगह appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली पहुंचे नीतीश कुमार और इधर सोशल मीडिया पर मिली धमकी, जानें क्या है पूरा मामला 

Nitish Kumar Threat on Social Media: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ पर धमकी मिली है. मामले में पटना पुलिस ने FIR दर्ज कर लिया है. पुलिस ने इसकी जांच के लिए इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी ‘मेटा’ को पत्र लिखकर इंस्टाग्राम अकाउंट के जांच की बात कही है. पुलिस ने अभी ये साफ नहीं किया है कि आखिर धमकी किस देश से आई है.  पुलिस ने क्या कहा ?  पुलिस को सोशल मीडिया के मध्यम से ये सूचना मिली की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में धमकी दिया गया है. संबंधित ID की जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस ने मेटा से बातचीत की है.  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ पर मिली धमकी #NitishKumar #BiharPolitics #Bihar pic.twitter.com/49r4kjWjOD — Nishant Kumar Ojha (@journanishant) December 22, 2025 दिल्ली पहुंचे नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने दिल्ली गए हैं. उनके साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है.  Also read: दिल्ली में पीएम मोदी और अमित शाह से मिले नीतीश कुमार, बिहार के अधूरे प्रोजेक्ट पर की चर्चा बेहद अहम माना जा रही है ये मुलाकात  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दिल्ली का यह दौरा नेतृत्वक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में बिहार में भाजपा ने कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जैसे नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. इसके अलावा राज्य मंत्रिमंडल के अगले चरण के विस्तार और 2026 में होने वाले राज्यसभा व विधान परिषद चुनावों से जुड़े मुद्दे भी हैं.  The post दिल्ली पहुंचे नीतीश कुमार और इधर सोशल मीडिया पर मिली धमकी, जानें क्या है पूरा मामला  appeared first on Naya Vichar.

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भारत में माइक्रोसॉफ्ट में काम करने वाला अब पुतिन के देश में मार रहा झाड़ू, रूस में 15 से ज्यादा भारतीय बने सफाईकर्मी

Indian Migrants Russia: हिंदुस्तान में अक्सर सपना देखा जाता है कि विदेश जाएंगे, बड़ी कंपनी में काम करेंगे और जिंदगी सेट हो जाएगी. लेकिन रूस से आई एक समाचार इस सोच को थोड़ा झकझोर देती है. यहां 17 हिंदुस्तानीय युवक सेंट पीटर्सबर्ग की सड़कों पर झाड़ू लगा रहे हैं और बदले में हर महीने करीब 1 लाख 10 हजार रुपये कमा रहे हैं. इनमें एक युवक ऐसा भी है, जो खुद को हिंदुस्तान में सॉफ्टवेयर डेवलपर बता रहा है. यह पूरी कहानी सामने आई है रूसी मीडिया आउटलेट फॉनटांका (Fontanka) की रिपोर्ट से. चार महीने पहले रूस पहुंचे थे 17 हिंदुस्तानीय फॉनटांका के अनुसार, ये 17 हिंदुस्तानीय कामगार करीब चार महीने पहले रूस पहुंचे थे. इनकी उम्र 19 से 43 साल के बीच है. रूस के सेंट पीटर्सबर्ग शहर में ये सभी सड़क सफाई का काम कर रहे हैं. इनका काम है सड़कों की सफाई, कचरा हटाना और शहर को साफ रखना. ये सभी एक ही कंपनी के लिए काम करते हैं, जिसका नाम है Kolomyazhskoye. Indian Migrants Russia in Hindi: कौन हैं ये लोग, क्या करते थे हिंदुस्तान में इन हिंदुस्तानीयों का हिंदुस्तान में काम अलग-अलग तरह का रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, कोई किसान था, कोई छोटा कारोबार करता था, तो कोई ड्राइवर या वेडिंग प्लानर रहा है. किसी का चमड़े का काम था तो कोई निजी नौकरी करता था. यानी हिंदुस्तान में सबकी अलग पहचान थी, लेकिन रूस पहुंचकर सब एक जैसे काम में जुटे हुए हैं. Microsoft Developer Now Street Cleaner in Hindi: सॉफ्टवेयर डेवलपर मुकेश मंडल की कहानी इन 17 लोगों में सबसे ज्यादा चर्चा 26 साल के मुकेश मंडल की हो रही है. मुकेश ने फॉनटांका से बातचीत में कहा कि वह हिंदुस्तान में पहले सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर काम कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि मैंने माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों में काम किया है. AI, चैटबॉट और GPT जैसे टूल्स के साथ काम किया है. असल में मैं एक डेवलपर हूं. हालांकि रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि मुकेश माइक्रोसॉफ्ट में सीधे काम करते थे या उन कंपनियों में, जो माइक्रोसॉफ्ट के टूल्स का इस्तेमाल करती हैं. (Indian Migrants Russia Microsoft Developer Now Street Cleaner in Hindi) कंपनी देती है रहने, खाने और आने-जाने की पूरी सुविधा इन सभी हिंदुस्तानीयों को काम पर रखा है रूस की रोड मेंटेनेंस कंपनी Kolomyazhskoye ने. कंपनी की अधिकारी मारिया त्याबीना, जो क्लीनिंग डिपार्टमेंट की कार्यवाहक प्रमुख हैं, बताती हैं कि कंपनी इन कामगारों की पूरी जिम्मेदारी उठाती है. उनके अनुसार, कंपनी वीजा और कागजी काम से लेकर रहने की जगह, खाना, सुरक्षा कपड़े और यूनिफॉर्म तक सब देती है. काम पर आने-जाने और लंच के लिए भी गाड़ी की सुविधा दी जाती है. कितनी है सैलरी फॉनटांका की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी हिंदुस्तानीयों को हर महीने करीब 100,000 रूबल सैलरी मिलती है. हिंदुस्तानीय रुपये में यह रकम लगभग 1 लाख 10 हजार रुपये के आसपास बैठती है. इस पैसे को ये लोग बचत के तौर पर हिंदुस्तान भेजना चाहते हैं. मुकेश मंडल का कहना है कि वह रूस हमेशा के लिए नहीं आए हैं. उन्होंने कहा कि वह यहां सिर्फ एक साल काम करेंगे, पैसे कमाएंगे और फिर हिंदुस्तान लौट जाएंगे. जब उनसे पूछा गया कि सॉफ्टवेयर की नौकरी छोड़कर सड़क की सफाई क्यों कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि मैं हिंदुस्तानीय हूं. हमारे लिए काम छोटा या बड़ा नहीं होता. काम भगवान के बराबर होता है. टॉयलेट साफ करना हो या सड़क, कोई फर्क नहीं पड़ता. यह मेरा काम है और मेरी जिम्मेदारी है. रूस में मजदूरों की भारी कमी फॉनटांका के मुताबिक, रूस इस वक्त मजदूरों की भारी कमी से जूझ रहा है. इसकी वजह देश की घटती आबादी और यूक्रेन युद्ध को माना जा रहा है. बड़ी संख्या में लोग सेना और दूसरे कामों में चले गए हैं, जिससे सफाई और सड़क जैसे कामों के लिए मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं. इसी कमी को पूरा करने के लिए रूस हिंदुस्तान जैसे देशों से कामगार बुला रहा है. ये भी पढ़ें: 400 साल बाद बंद हो रही पोस्टल सर्विस, 30 दिसंबर होगा आखिरी दिन, केवल यादों में रह जाएगा लाल बक्सा OMG! पत्नी की अंडरगारमेंट्स पर क्यों बात करने लगे ट्रंप? सुनकर शर्म से पानी-पानी हो जाएंगे, देखें वीडियो The post हिंदुस्तान में माइक्रोसॉफ्ट में काम करने वाला अब पुतिन के देश में मार रहा झाड़ू, रूस में 15 से ज्यादा हिंदुस्तानीय बने सफाईकर्मी appeared first on Naya Vichar.

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घर का दरवाजा नहीं खुला, अंदर मिला दर्दनाक सच, रहस्यमयी घटना की जांच में जुटी पुलिस

Bihar, राजेश गुप्ता: लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक ही बंद कमरे से मां और बेटी के शव संदिग्ध अवस्था में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. मृतकों की पहचान स्वर्गीय छोटू बिंद की पत्नी गौरी देवी और उनकी पुत्री काजल कुमारी के रूप में हुई है. घटना के बाद पूरे गांव में मातम और सन्नाटे का माहौल है. दिल्ली में मजदूरी करता है बेटा गौरी देवी अपने एक कमरे के मकान में बेटी काजल के साथ रहती थीं. उनके दोनों बेटे दिल्ली में मजदूरी करते हैं. सोमवार को काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला और भीतर से कोई हलचल नहीं दिखी. इससे स्थानीय लोगों को अनहोनी की आशंका हुई. इसके बाद ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर किसी तरह बंद कमरे का दरवाजा खोला, जहां मां-बेटी के शव पलंग पर पड़े मिले. इसकी सूचना पुलिस को दी गई. FSL टीम ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही सूर्यगढ़ा SHO भगवान राम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. कमरे की जांच के दौरान पुलिस को बिस्तर और आसपास उल्टी के निशान मिले हैं. इससे किसी जहरीले पदार्थ के पीने की आशंका जताई जा रही है. घटना को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) टीम को बुलाया. लखीसराय से पहुंची एफएसएल टीम ने घटनास्थल से सबूत इकठ्ठा किये. भगवान राम ने बताया, “प्रथम दृष्टया मामला किसी जहरीली वस्तु के सेवन का प्रतीत होता है, जिससे संभवतः सोते समय ही दोनों की मृत्यु हो गई. हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा.” मामले की जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, लेकिन इस रहस्यमयी मौत को लेकर कोई भी खुलकर कुछ कहने से बच रहा है. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, लखीसराय भेज दिया है. फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य साजिश है. दिल्ली में रह रहे परिजनों के लौटने का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद जांच में और अहम सुराग मिलने की उम्मीद है. इसे भी पढ़ें: बिहार में दाखिल-खारिज प्रक्रिया अब आसान, जान लें जरूरी दस्तावेज The post घर का दरवाजा नहीं खुला, अंदर मिला दर्दनाक सच, रहस्यमयी घटना की जांच में जुटी पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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Railway Fare Hike: रेल किराये में बढ़ोतरी पर बवाल, कांग्रेस ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का मांगा इस्तीफा

Railway Fare Hike: मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने रेल किराये में बढ़ोतरी को लेकर हमला जारी रखते हुए कहा- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि उनके रहते रेलवे की हालत खराब हो गई है. मोदी प्रशासन आम जनता को लूटने का कोई मौका नहीं छोड़ रही : कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट किया, मोदी प्रशासन आम जनता को लूटने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है. केंद्रीय बजट से कुछ दिन पहले, एक ही वर्ष में दूसरी बार रेलवे किराया बढ़ाया गया. अलग रेल बजट नहीं होने से जवाबदेही खत्म हो गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे बीमार हालत में है, क्योंकि मोदी प्रशासन ठोस काम के बजाय नकली प्रचार में व्यस्त है. खरगे ने कहा कि एनसीआरबी के 2014-23 तक के आंकड़ों के मुताबिक, रेलवे से संबंधित हादसों में 2.18 लाख लोगों की मौत हुई। रेलवे अब सुरक्षित नहीं है, यह जीवन के साथ एक जुआ है. रेलवे में 3.16 लाख रिक्तियां, लेकिन युवाओं को संविदा में मिल रही नौकरी कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि रेलवे में 3.16 लाख रिक्तियां हैं, लेकिन युवाओं को संविदा पर नौकरी दिए जाने का सिलसिला बढ़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया, मोदी प्रशासन के तहत, रेलवे को उपेक्षा, उदासीनता और नकली प्रचार की दुखद स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर देना होगा अधिक किराया रेल मंत्रालय ने बीते रविवार को घोषणा की थी कि 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए साधारण श्रेणी के टिकट में प्रति किलोमीटर एक पैसा और मेल/एक्सप्रेस रेलगाड़ियों की गैर-वातानुकूलित श्रेणी व सभी ट्रेन की वातानुकूलित श्रेणियों में प्रति किलोमीटर दो पैसे की वृद्धि की जाएगी. नयी दरें 26 दिसंबर 2025 से प्रभावी होंगी. ये भी पढ़ें: 26 दिसंबर से रेल सफर महंगा, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर The post Railway Fare Hike: रेल किराये में बढ़ोतरी पर बवाल, कांग्रेस ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का मांगा इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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बेलवाती धाम मंदिर की सड़क के लिए ग्रामीणों ने भूमि किया दान

हथुआ. प्रखंड की सोहागपुर पंचायत के महैचा गांव के समीप बेलवाती धाम दुर्गा मंदिर की सड़क के लिए ग्रामीणों ने भूमि दान किया. सरपंच सुरेंद्र राम के समक्ष ग्रामीणों ने भूमि दान किया. दानकर्ता में पूर्व सरपंच हरेंद्र राय, शिक्षक रत्नाकर कुमार राय, संजय सिंह, दिनेश कुमार राय, जयप्रकाश गुप्ता, भृगुनाथ राय, मोतीलाल प्रसाद, दीपक कुमार, रामाकांत प्रसाद, केशव सिंह, जयप्रकाश सिंह, रामधनी साह, रवींद्र सिंह सहित 28 लोगों ने सड़क के लिए खेती की भूमि में से सड़क के लिए दान किया. यह बता दें कि बेलवाती धाम दुर्गा मंदिर तक आने-जाने के लिए सड़क नहीं थी. इससे दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को मंदिर से दूर बैरान एवं महैचा गांव के समीप अपना वाहन खड़ा करना पड़ता था. इसको लेकर श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी. श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों ने सर्व सहमति से मंदिर तक सड़क बनाने के लिए भूमि दान दी है. इसके लिए ग्रामीणों ने ग्राम कचहरी के समक्ष अपने हस्ताक्षर कर भूमि दान दी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बेलवाती धाम मंदिर की सड़क के लिए ग्रामीणों ने भूमि किया दान appeared first on Naya Vichar.

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जूनियर नेशनल वालीबॉल में सिसौडा के सत्यम को मिला सिल्वर मेडल

रामगढ़. पिछले छह दिनों से राजस्थान के झुनझुनू में आयोजित जूनियर नेशनल वाॅलीबॉल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में दिल्ली की ओर से स्पोर्ट्स रहे सिसौडा गांव के सत्यम शाश्वत ने बेहतरीन स्पोर्ट्स का प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है. हालांकि, खिताबी मुकाबले में दिल्ली को हरियाणा से 3-2 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर सत्यम को सिल्वर मेडल प्राप्त हुआ. जूनियर नेशनल वाॅलीबॉल प्रतियोगिता में देश के 29 राज्यों की टीमें शामिल हुई थीं. सिसौडा गांव निवासी सत्यम शाश्वत, पिता अरविंद सिंह उर्फ साधु यादव ने गांव के परिवेश में ही छोटी-छोटी वाॅलीबॉल प्रतियोगिताओं से अपने स्पोर्ट्स की शुरुआत की थी. इसी दौरान सहूका गांव निवासी वाॅलीबॉल खिलाड़ी व सह कोच प्रशांत सिंह की नजर सत्यम पर पड़ी. इसके बाद प्रशांत सिंह ने सत्यम को अपने सानिध्य में वाराणसी के डीएलडब्लू स्थित एकेडमी में रखकर उनके स्पोर्ट्स को निखारने का काम किया. साथ ही रायबरेली के साई हॉस्टल वाॅलीबॉल एकेडमी में रखकर निरंतर अभ्यास कराया गया. इस कड़ी मेहनत का परिणाम रहा कि वर्ष 2023 से ही सत्यम दिल्ली स्टेट की ओर से नेशनल स्तर की वाॅलीबॉल प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं. बेटे की इस कामयाबी पर पिता साधु यादव को गर्व है, वहीं गांव के लोग भी सत्यम की उपलब्धि की जमकर सराहना कर रहे हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जूनियर नेशनल वालीबॉल में सिसौडा के सत्यम को मिला सिल्वर मेडल appeared first on Naya Vichar.

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