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December 22, 2025

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New Pearl Ear Studs for Women: देखें लेटेस्ट पर्ल ईयर स्टड्स कलेक्शन जो वेस्टर्न और इंडियन आउटफिट दोनों में करें मैच

New Pearl Ear Studs for Women: आजकल स्त्रीयें कुछ इस तरह की ज्वेलरी पसंद कर रही है जो हर तरह के आउटफिट के साथ आसानी से मैच हो जाए. इसी ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए New Pearl Ear Studs for Women का नया कलेक्शन खूब चर्चा में है. ये ईयर स्टड्स एलीगेंट लुक देते हैं और वेस्टर्न और इंडियन दोनों स्टाइल्स के साथ शानदार लगते हैं. ऑफिस वियर से लेकर फेस्टिव और पार्टी लुक तक, पर्ल ईयरस्टड्स हर मौके पर आपकी खूबसूरती को निखारते हैं. New Pearl Ear Studs for Women: नए पर्ल ईयरस्टड्स जो मिनटों में बदल दें आपका लुक Classic White Pearl Ear Studs: कभी आउट ऑफ ट्रेंड नहीं होता क्लासिक व्हाइट पर्ल ईयर स्टड्स डिजाइन Classic white pearl ear studs design for women क्लासिक व्हाइट पर्ल ईयर स्टड्स कभी आउट ऑफ फैशन नहीं होते. ये सिंपल, सोबर और रॉयल लुक देते हैं. साड़ी, सूट या फॉर्मल ड्रेसेस के साथ ये ईयरस्टड्स परफेक्ट चॉइस हैं. डेली वियर के लिए भी इन्हें आसानी से कैरी किया जा सकता है. Colourful Gemstone Ear Studs for Women: कलरफुल जेमस्टोन ईयर स्टड्स डिजाइन Colourful gemstone ear studs for women अगर आप अपने लुक में कलर का टच चाहती हैं, तो कलरफुल जेमस्टोन ईयर स्टड्स बेस्ट ऑप्शन हैं. पर्ल के साथ लगे ब्राइट जेमस्टोन्स आउटफिट को इंस्टेंट ग्लैमरस लुक देते हैं. ये खासतौर पर इंडो-वेस्टर्न और पार्टी वियर ड्रेसेस के साथ बेहद खूबसूरत लगते हैं. Latest Metal Pearl Ear Studs Collection: मेटल ईयर स्टड्स है सबसे न्यू कलेक्शन Latest metal pearl ear studs collection लेटेस्ट मेटल पर्ल ईयर स्टड्स मॉडर्न डिजाइन के साथ आते हैं. गोल्ड, सिल्वर या रोज़ गोल्ड फिनिश में बने ये स्टड्स यंग जनरेशन के बीच काफी पॉपुलर हैं. जींस-टॉप से लेकर कुर्ती तक, ये हर लुक को ट्रेंडी बनाते हैं. Hanging Ear Studs Design: स्त्रीओं का ऑल टाइम फेवरेट हैंगिंग ईयर स्टड्स Hanging ear studs design हैंगिंग ईयर स्टड्स ट्रेडिशनल के साथ-साथ फ्यूज़न लुक भी देते हैं. इनमें लगे पर्ल्स चेहरे की खूबसूरती को और उहिंदुस्ताने हैं. शादी, फेस्टिव या खास मौके के लिए ये एक एलिगेंट चॉइस हैं. Traditional Ear Studs Design for Women: ट्रेडिशनल ईयर स्टड्स डिजाइन Traditional ear studs design for women ट्रेडिशनल ईयर स्टड्स डिजाइन में पर्ल्स का इस्तेमाल हिंदुस्तानीय संस्कृति की झलक दिखाता है. ये साड़ी, लहंगा और सलवार सूट के साथ परफेक्ट लगते हैं और आपके पूरे लुक को ग्रेसफुल बनाते हैं. Also Read: Latest Jhumka Earrring Designs: एथ्निक सूट हो या साड़ी पेयर करें लेटेस्ट झुमका ईयरिंग्स और पाएं परफेक्ट लुक Also Read: Baby Earring Designs: आपकी प्रिंसेस के लिए क्यूट ईयररिंग्स डिजाइन जो देंगे प्यारा सा लुक Also Read: Top Earring Designs for Ethnic Wear: टॉप 10 झुमके डिजाइन जो एथनिक लुक को बनाएंगे और भी खूबसूरत The post New Pearl Ear Studs for Women: देखें लेटेस्ट पर्ल ईयर स्टड्स कलेक्शन जो वेस्टर्न और इंडियन आउटफिट दोनों में करें मैच appeared first on Naya Vichar.

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Numerology 2026: मूलांक 1 वालों के लिए इतिहास रचने का साल, हर शुरुआत बनेगी सफलता की कहानी

Numerology 2026: अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आप मूलांक 1 के जातक हैं और साल 2026 आपके जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आ रहा है. अंक ज्योतिष के अनुसार 2026 का योग यूनिवर्सल ईयर नंबर 1 बनता है, यानी यह साल भी “1” की ऊर्जा से संचालित रहेगा. जब मूलांक 1 और वर्षांक 1 एक साथ आते हैं, तो बनता है डबल वन पावर, जो जीवन में नई दिशा और नई पहचान देता है. जानें डॉ एन के बेरा क्या बता रहे हैं मूलांक 1 वालों के बारे में डबल वन एनर्जी: भाग्य देगा आगे बढ़ने का संकेत 2026 में मूलांक 1 वालों के लिए ब्रह्मांड खुद आगे बढ़ने का संकेत देगा. रुके हुए काम गति पकड़ेंगे और जो सपने अब तक मन में थे, उन्हें जमीन पर उतारने का यही सही समय है. नई शुरुआत का सुनहरा अवसर नया बिजनेस शुरू करना हो, जॉब बदलनी हो, शहर या देश बदलने का मन हो या कोई क्रिएटिव प्रोजेक्ट लॉन्च करना हो—2026 हर नई शुरुआत के लिए बेहद शुभ है. इस साल लिया गया पहला कदम आने वाले 9 वर्षों की नींव रखेगा. ये भी पढ़ें: इन मूलांक के लोग होते हैं सबसे प्यारे और भरोसेमंद, आंख बंद कर कर सकते हैं भरोसा नेतृत्व का ताज आपके सिर ऑफिस में प्रमोशन, बड़ी जिम्मेदारी या टीम लीड करने का मौका मिल सकता है. पारिवारिक और सामाजिक जीवन में भी लोग आपकी राय और फैसलों को महत्व देंगे. आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व स्वीकार करें, सफलता आपके साथ होगी. सोच में क्रांति, फैसलों में आत्मनिर्भरता 2026 में आपकी मौलिक सोच और अलग नजरिया ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी. दूसरों की नकल करने के बजाय अपने रास्ते खुद बनाएं. यह साल आत्मनिर्भर बनने और अपने सिद्धांतों पर डटे रहने का है. एक्शन ही बनेगा सफलता की चाबी मूलांक 1 वालों के लिए 2026 का मंत्र है—सोचो कम, करो ज्यादा. देरी और टालमटोल नुकसान पहुंचा सकती है. साहसिक फैसले लें, क्योंकि इस साल ब्रह्मांड बहादुर लोगों का साथ देता है. भविष्य का निर्माण होगा नए साल में 2026 में बोए गए बीज आने वाले पूरे नौ वर्षों तक फल देंगे. यह साल आपको पायनियर, इनोवेटर और लीडर के रूप में स्थापित कर सकता है. न्यूमेरोलॉजी (Numerology 2026) साफ संकेत दे रही है—मूलांक 1 वालों के लिए यह साल खुद को साबित करने, नई पहचान बनाने और जीवन की दिशा बदलने का है. मौका हाथ से न जाने दें, क्योंकि यह साल दोबारा नहीं आएगा. The post Numerology 2026: मूलांक 1 वालों के लिए इतिहास रचने का साल, हर शुरुआत बनेगी सफलता की कहानी appeared first on Naya Vichar.

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Christmas Surprise Ideas For Kids: क्रिसमस पर बच्चों के लिए खास सरप्राइज आइडियाज, जो उन्हें कर देंगे बेहद खुश

Christmas Surprise Ideas For Kids: क्रिसमस बच्चों के लिए खुशियां लेकर आता है. इस दिन के लिए शिशु पूरे साल सांता क्लॉज का इंतजार करते हैं और उम्मीद करते हैं कि उन्हें ढेर सारे गिफ्ट्स और सरप्राइज मिलेंगे. रंग-बिरंगी लाइट्स, सजा हुआ क्रिसमस ट्री, मिठाइयों की खुशबू से भरा माहौल बच्चों का मन खुश कर देता है. इस खास मौके पर आप अगर बच्चों के लिए कुछ सरप्राइज प्लान करने का सोच रहे हैं तो ये दिन उनके लिए और भी यादगार बन सकता है. आइए इस आर्टिकल में बताते हैं आपको क्रिसमस पर बच्चों को सरप्राइज देने के लिए बेस्ट आइडियाज.  सांता ड्रेस  बच्चों को सांता की ड्रेस पहनना क्रिसमस का सबसे बेस्ट सरप्राइज हो सकता है.  लाल टोपी और सांता का सूट पहनकर शिशु बहुत खुश हो जाते हैं. साथ ही आप बच्चों को सांता स्पेशल टॉय भी दे सकते हैं.  क्रिसमस गिफ्ट हंट (खोज स्पोर्ट्स) क्रिसमस गिफ्ट हंट बच्चों के लिए बहुत रोमांचक स्पोर्ट्स हो सकता हैं. घर के अलग-अलग कोनों में छोटे-छोटे हिंट छुपाए और हर हिंट के बाद अगला क्लू दें. ये गेम बच्चों को स्पोर्ट्सकर बहुत मजा आएगा और वो इस सरप्राइज को हमेशा के लिए याद रखेंगे.  मिनी क्रिसमस पार्टी घर पर ही एक छोटी सी क्रिसमस पार्टी बच्चों के लिए खास बन सकती है. रंग-बिरंगी लाइट्स, म्यूजिक, केक और सिंपल गेम्स जैसे डांस या म्यूजिकल चेयर रखें. बच्चों के दोस्त या परिवार के लोग साथ हो तो माहौल और भी मजेदार हो जाएगा.  सांता की चिट्ठी सांता की चिट्ठी बच्चों के दिल को छू लेने वाला सरप्राइज होती है.  उनके नाम से एक नोट लिखें, जिसमें उनकी अच्छी आदतों और मेहनत की तारीफ हो. ये चिट्ठी बच्चों को खास महसूस कराती है और काम करने की आदत दिलाती हैं.  यह भी पढ़ें: Christmas Gift Ideas For kids: क्रिसमस पर खुशी से झूम उठेंगे शिशु, यहां से चुन लें बच्चों के लिए बेस्ट गिफ्ट आइडियाज यह भी पढ़ें: Christmas Balls Decoration Ideas: क्रिसमस बॉल्स से अपने घर की खूबसूरती में लगाएं चार चांद The post Christmas Surprise Ideas For Kids: क्रिसमस पर बच्चों के लिए खास सरप्राइज आइडियाज, जो उन्हें कर देंगे बेहद खुश appeared first on Naya Vichar.

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World Largest Nuclear Plant Restart: दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर प्लांट फिर से होगा शुरू, सुनामी के चलते हुआ था तबाह 

World Largest Nuclear Plant Restart: जापान एक ऐतिहासिक मोड़ पर है. लगभग 15 साल पहले फुकुशिमा में हुई भयंकर न्यूक्लियर दुर्घटना ने देश को झकझोर दिया था. अब 22 दिसंबर, 2025 को निएगाटा क्षेत्र में वोटिंग होने वाली है, जो तय करेगी कि दुनिया के सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट, काशीवाजाकी-कारीवा, को फिर से चालू किया जाए या नहीं. यह कदम जापान की ऊर्जा नीति में नए बदलाव का संकेत माना जा रहा है. भूकंप और सुनामी ने फुकुशिमा दाइची प्लांट को तबाह कर दिया था काशिवाजाकी-कारीवा प्लांट टोक्यो से लगभग 220 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है. 2011 में आए भूकंप और सुनामी ने फुकुशिमा दाइची प्लांट को तबाह कर दिया था. इस दुर्घटना को इंटरनेशनल न्यूक्लियर इवेंट स्केल पर लेवल 7 की घटना (बड़ी दुर्घटना) के रूप में क्लासिफाई किया गया था. इसके बाद जापान ने 54 रिएक्टरों में से सिर्फ 33 को ही फिर से चलाने के लिए तैयार रखा, जिनमें से अब तक 14 रिएक्टर चालू हो चुके हैं. काशीवाजाकी-कारीवा को पहली बार उसी कंपनी, टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (TEPCO) द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसने फुकुशिमा प्लांट का संचालन किया था.  22 दिसंबर की सुबह निएगाटा प्रान्त के विधानसभा भवन के सामने लगभग 300 लोग जमा हुए. ज्यादातर बुजुर्ग थे, और उन्होंने नो न्यूक्लियर्स काशिवाजाकी-कारीवा के फिर से चालू होने के खिलाफ और फुकुशिमा का समर्थन करें जैसे बैनर पकड़े हुए थे. ठंडी हवाओं में लोग फुरुसातो गीत गा रहे थे, जो जन्मभूमि से जुड़ाव दर्शाता है. कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या TEPCO काशीवाजाकी-कारीवा चलाने के योग्य है. जवाब में भीड़ ने जोर से ‘नहीं!’ कहा. World Largest Nuclear Plant Restart Japan in Hindi: TEPCO का भरोसा जीतने की कोशिश TEPCO ने इस साल की शुरुआत में निएगाटा प्रान्त में 100 अरब येन ($641 मिलियन) निवेश करने का वादा किया ताकि स्थानीय लोगों का समर्थन हासिल किया जा सके. इसके बावजूद, लोगों में डर बना हुआ है. प्रान्त द्वारा अक्टूबर में किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि 60% लोग मानते हैं कि प्लांट को फिर से चालू करने की शर्तें पूरी नहीं हुई हैं. लगभग 70% लोग TEPCO के संचालन को लेकर चिंतित हैं. द हिंदू के अनुसार, आयाको ओगा, 52 वर्षीया, जो 2011 में फुकुशिमा से पलायन कर निएगाटा में बस गईं, कहती हैं कि हमने नाभिकीय दुर्घटना का जोखिम खुद देखा है, इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते. मैं अभी भी फुकुशिमा की यादों से मानसिक पीड़ा झेल रही हूं. प्रशासन और TEPCO की स्थिति TEPCO के प्रवक्ता मसाकात्सु ताकाता ने कहा कि हम दोबारा ऐसी दुर्घटना नहीं होने देंगे और निएगाटा के लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. निएगाटा के गवर्नर हिदेयो हनाजुमी ने भी कहा कि वे चाहते हैं कि भविष्य में जापान नाभिकीय ऊर्जा पर कम निर्भर हो. वोटिंग को TEPCO के लिए अंतिम निर्णय माना जा रहा है. जापान में लगभग 60–70% बिजली उत्पादन आयातित कोयला और गैस पर निर्भर है. पिछले साल जापान ने आयातित एलएनजी और कोयले पर 10.7 ट्रिलियन येन ($68 बिलियन) खर्च किए. प्रधानमंत्री साने तकाइची ने न्यूक्लियर एनर्जी को बढ़ावा देने का समर्थन किया है ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो और आयात पर खर्च कम हो.  विशेषज्ञ जोशुआ न्गु ने कहा कि काशीवाजाकी-कारीवा का समर्थन मिलना जापान के न्यूक्लियर एनर्जी लक्ष्यों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा. TEPCO काशीवाजाकी-कारीवा के सात रिएक्टरों में से पहला 20 जनवरी, 2026 को चालू करने पर विचार कर रहा है. यह अकेला रिएक्टर टोक्यो क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को 2% तक बढ़ा सकता है. लेकिन लोगों के लिए यह सिर्फ आंकड़े नहीं हैं. आयाको ओगा और उनके जैसे कई लोग इसे नई खतरे की चेतावनी मानते हैं. उन्होंने प्रदर्शन में चिल्लाया कि फुकुशिमा के सबक कभी न भूलें! ओगा कहती हैं कि मैं चाहती हूं कि कोई भी, चाहे जापान में हो या दुनिया में कहीं भी, नाभिकीय दुर्घटना के नुकसान से कभी न गुजरे. ये भी पढ़ें: दुनिया का सबसे ठंडा शहर! जहां केला बन जाता है हथौड़ा, बाहर निकलने से पहले लोग पहनते हैं 10 किलो कपड़े  अलास्का में डरावना बदलाव! नदी अचानक नारंगी हुई, जमीन से निकलने लगे जहरीले मेटल, वैज्ञानिक अलर्ट The post World Largest Nuclear Plant Restart: दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर प्लांट फिर से होगा शुरू, सुनामी के चलते हुआ था तबाह  appeared first on Naya Vichar.

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Dhurandhar Box Office: धुरंधर की इंटरनेशनल सक्सेस पर खतरनाक विलेन ने तोड़ी चुप्पी, कहा- यह बार को तोड़ने वाला है

Dhurandhar Box Office: रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना स्टारर स्पाई-एक्शन थ्रिलर ‘धुरंधर’ लगातार बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तोड़ रही है. सोशल मीडिया से लेकर फिल्म क्रिटिक्स तक, सभी इसकी तारीफें करते नहीं थक रहे हैं. वहीं, बॉक्स ऑफिस पर भी यह 550 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है. अब फिल्म की इस जबरदस्त सफलता पर अभिनेता राकेश बेदी, जिन्होंने इसमें राजनेता और विलेन जमील जमाली की भूमिका निभाई है, ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की. उन्होंने क्या कुछ कहा, आइए बताते हैं. धुरंधर की सफलता पर राकेश बेदी ने क्या कहा? View this post on Instagram A post shared by Rakesh Bedi (@therakeshbedi) राकेश बेदी ने इंस्टाग्राम पर फिल्म के प्रदर्शन पर वीडियो शेयर करते हुए कहा, “धुरंधर बार को ऊपर उठाने वाला नहीं है, यह बार को तोड़ने वाला है. लोग इसे बार-बार और लगातार देखने जा रहे हैं.” उन्होंने आगे बताया कि दर्शक इतने प्रभावित हैं कि अगली कड़ी का इंतजार कर रहे हैं. एक फैन का रिएक्शन शेयर करते हुए उन्होंने कहा, “एक स्त्री ने बताया कि फिल्म खत्म होने के बाद उन्हें गुस्सा आया कि यह खत्म क्यों हुई और उन्होंने तय किया कि 19 मार्च तक सोकर उठेंगी, जब इसका अगला पार्ट रिलीज होगा.” राकेश फिल्म की टीम और निर्देशक आदित्य धर को धन्यवाद देते हुए कहते हैं, “यह फिल्म अब एक इंटरनेशनल रेज बन चुकी है. इतना प्यार, इतनी बारी सुनामी… मैं पूरी टीम और विशेष रूप से आदित्य धर को धन्यवाद देता हूं. आदित्य, आपको सलाम.” धुरंधर का बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने रविवार को 38.5 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया, जिससे इसका घरेलू कुल कलेक्शन 555.75 करोड़ रुपये हो गया. इसके साथ ही फिल्म ने सनी देओल की गदर 2 (525 करोड़) के लाइफटाइम कलेक्शन को पार किया और शाहरुख खान की पठान (543 करोड़) तथा रणबीर कपूर की एनिमल (553 करोड़) के फाइनल कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया. यह भी पढ़ें- Drishyam 3: परिवार की खातिर फिर हर हद पार करेंगे ‘विजय सलगांवकर’ बने अजय देवगन, दमदार टीजर के साथ रिलीज डेट से उठा पर्दा The post Dhurandhar Box Office: धुरंधर की इंटरनेशनल सक्सेस पर खतरनाक विलेन ने तोड़ी चुप्पी, कहा- यह बार को तोड़ने वाला है appeared first on Naya Vichar.

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मकान मालिक सावधान! 10 साल पुराना किरायेदार आपको कर सकता है बेघर

Tenant Ownership Rights: हिंदुस्तान में किराए पर रहना आज के लोगों की आम जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. पढ़ाई, नौकरी या बेहतर अवसरों की तलाश में लोग सालों-साल किराए के घरों में रहते हैं. ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि अगर कोई व्यक्ति बहुत लंबे समय तक किसी घर में रह रहा है, तो क्या वह उस संपत्ति पर कोई अधिकार जता सकता है? कोर्ट ने किरायेदारों के अधिकारों पर क्या कहा? इस सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने समय-समय पर अपनी राय दी है. कोर्ट के अनुसार, केवल किराए पर रहने से कोई भी व्यक्ति उस संपत्ति का मालिक नहीं बन जाता है. हिंदुस्तान में संपत्ति से जुड़े विवादों में Limitation Act, 1963 अहम भूमिका निभाता है. यह कानून तय करता है कि कितने समय बाद किसी संपत्ति पर दावा किया जा सकता है और कब मालिक का अधिकार कमजोर माना जा सकता है. 12 साल का नियम क्या सच में लागू होता है? कानून में एक सिद्धांत है जिसे adverse possession कहा जाता है. इसके तहत अगर कोई व्यक्ति किसी संपत्ति पर लगातार, खुले तौर पर और बिना किसी रोक-टोक के 12 साल या उससे ज्यादा समय तक रहता है, और असली मालिक इस दौरान कोई कानूनी कदम नहीं उठाता है, तो वह व्यक्ति कोर्ट में मालिकाना हक का दावा कर सकता है. हालांकि यह दावा अपने-आप मान्य नहीं होता है, बल्कि अदालत में सबूतों के आधार पर तय होता है. आखिर कानून किसका साथ देता है? कानून न तो पूरी तरह किरायेदार के पक्ष में है और न ही मालिक के खिलाफ है. अगर किरायेदार यह साबित नहीं कर पाता है कि उसका कब्जा लगातार और बिना विवाद के रहा है, तो मालिकाना हक मकान मालिक के पास ही रहेगा. वहीं, मालिक अगर समय रहते कानूनी कार्रवाई करता है, तो उसका अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहता है. ऐसे मामलों में फैसला तथ्यों, सबूतों और अदालत की व्याख्या पर निर्भर करता है. इसलिए किरायेदार और मकान मालिक दोनों के लिए जागरूक रहना बेहद जरूरी है. ऐसी ही समाचारें और पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें The post मकान मालिक सावधान! 10 साल पुराना किरायेदार आपको कर सकता है बेघर appeared first on Naya Vichar.

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Kal ka Mausam : महीने के अंतिम सप्ताह में होगी बारिश, 28 दिसंबर तक के लिए जारी किया गया अलर्ट

Kal ka Mausam : मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 23, 27 और 28 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है. वहीं 22 और 28 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. 27 और 28 दिसंबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है. उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान और मध्य हिंदुस्तान का मौसम अगले तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है. अगले दो दिनों तक पूर्वी हिंदुस्तान में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है. इसके बाद अगले पांच दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक धीरे-धीरे गिर सकता है. अगले 24 घंटों तक मध्य हिंदुस्तान में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा. इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक धीरे-धीरे गिर सकता है. फिर तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा. महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान में होगी गिरावट अगले दो दिनों तक महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे गिरावट हो सकती है. इसके बाद न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने की संभावना है. गुजरात का मौसम कैसा रहेगा अगले 24 घंटों के दौरान गुजरात में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा. इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक धीरे-धीरे गिर सकता है. इसके बाद फिर न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होने की संभावना है. यह भी पढ़ें : Rajasthan Weather : राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर, 24 दिसंबर से गिरेगा पारा राजस्थान का मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में उत्तरी हवाओं के असर से 24 दिसंबर से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है. वहीं राज्य के उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में 23 और 24 दिसंबर को घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है. इन राज्यों में कोहरा छाने की आशंका मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब में 27 दिसंबर तक और उत्तर प्रदेश में 23 के बाद 25 से 28 दिसंबर तक रात और सुबह घना से बहुत घना कोहरा छा सकता है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 24 से 27 दिसंबर तक जबकि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 22 से 27 दिसंबर तक कोहरे की संभावना है. इसके अलावा बिहार, ओडिशा, राजस्थान, झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़, उत्तरी मध्य प्रदेश और उत्तर-पूर्वी हिंदुस्तान में भी अलग-अलग तारीखों में कोहरा रहने की आशंका है. The post Kal ka Mausam : महीने के अंतिम सप्ताह में होगी बारिश, 28 दिसंबर तक के लिए जारी किया गया अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Video: माता-पिता को युजवेंद्र चहल ने दिया तोहफा, घर आया नया मेहमान, कुछ इस अंदाज में किया स्वागत

Yuzvendra Chahal Buy BMW Car: टीम इंडिया के स्टार स्पिनर युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) मैदान पर अपनी फिरकी से बल्लेबाजों को चकमा देने के लिए जाने जाते हैं. लेकिन इस बार वह अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं. चहल ने अपने माता पिता को एक बेहद खास तोहफा दिया है. उन्होंने लग्जरी कार BMW Z4 M40i खरीदकर अपने परिवार की खुशियों में इजाफा किया है. इस नए मेहमान के स्वागत का अंदाज भी उतना ही खास रहा. चहल ने सोशल मीडिया के जरिए इस खुशी को साझा किया और माता पिता के प्रति अपने प्यार और सम्मान को एक बार फिर सबके सामने रखा. माता-पिता के नाम खास सरप्राइज युजवेंद्र चहल ने यह नई कार अपने माता पिता को गिफ्ट की है. चहल का मानना है कि उनके करियर की मजबूत नींव उनके माता पिता ने ही रखी है. बचपन से लेकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर बनने तक के सफर में परिवार का साथ हमेशा उनके साथ रहा. इसी एहसास को सम्मान देने के लिए चहल ने यह खास फैसला लिया. नई कार के घर पहुंचते ही पूरे परिवार ने मिलकर इसका स्वागत किया. यह पल चहल के लिए बेहद भावुक और यादगार रहा. BMW Z4 M40i की खासियत चहल द्वारा खरीदी गई BMW Z4 M40i एक लग्जरी स्पोर्ट्स कार है. हिंदुस्तानीय बाजार में इसकी कीमत करीब 87.90 लाख रुपये से शुरू होकर 92.60 लाख रुपये तक जाती है. यह कार 3.0 लीटर इन लाइन सिक्स सिलेंडर ट्विन टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन से लैस है. यह इंजन लगभग 335 bhp की पावर और 500 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. शानदार डिजाइन और दमदार परफॉर्मेंस के चलते यह कार ऑटोमोबाइल प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती है. Brought my new car home with the two people who made every dream possible. Watching my parents witness and relish this milestone is the real luxury. ❤️🫂🧿 pic.twitter.com/UL1ZOvmH97 — Yuzvendra Chahal (@yuzi_chahal) December 22, 2025 क्रिकेट करियर में चहल की चमक युजवेंद्र चहल का क्रिकेट करियर भी उतना ही शानदार रहा है. उन्होंने टीम इंडिया के लिए वनडे और टी20 दोनों फॉर्मेट में अपनी पहचान बनाई है. वनडे क्रिकेट में चहल ने हिंदुस्तान के लिए 72 मैच स्पोर्ट्से हैं और 121 विकेट अपने नाम किए हैं. वहीं टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 80 मैचों में 96 विकेट हासिल किए हैं. अपनी सटीक गेंदबाजी और दबाव में विकेट निकालने की क्षमता के कारण चहल लंबे समय तक टीम इंडिया के अहम सदस्य रहे हैं. IPL से मिली अलग पहचान IPL में भी युजवेंद्र चहल ने अपनी गेंदबाजी से अलग पहचान बनाई है. इस लीग ने उन्हें बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका दिया. आईपीएल में लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते वह फ्रेंचाइजी टीमों के भरोसेमंद गेंदबाज बने. मैदान पर सफलता और मेहनत के दम पर चहल ने जो मुकाम हासिल किया है उसी का नतीजा है कि आज वह अपने माता पिता को इस तरह का खास तोहफा दे सके. यह कदम उनके जमीन से जुड़े स्वभाव और पारिवारिक मूल्यों को भी दर्शाता है. ये भी पढ़ें- काश मेरी दाढ़ी इतनी होती… स्केच देखने के बाद ईशान किशन का रिएक्शन हुआ वायरल, देखें Video IPL 2026: CSK की बेस्ट प्लेइंग इलेवन क्या हो सकती है? जानें अश्विन का जवाब ICC इसके लिए पैसे क्यों नहीं देती? DRS विवाद पर मिचेल स्टार्क ने उठाए सवाल The post Video: माता-पिता को युजवेंद्र चहल ने दिया तोहफा, घर आया नया मेहमान, कुछ इस अंदाज में किया स्वागत appeared first on Naya Vichar.

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New Year 2026: अब उंगलियों तक सिमट गयी नये साल की बधाई, यादें बन गये ग्रीटिंग कार्ड्स

मुख्य बातें स्कूल-कॉलेज के छात्रों में था सबसे ज्यादा क्रेज डिजिटल दौर ने बदली बधाई की परंपरा पुराना स्टॉक निकालने में जुटे दुकानदार New Year 2026: बांका. गौरव कश्यप. एक दौर था जब नये साल की आहट के साथ ही शहर और कस्बों के बाजार रंग-बिरंगे ग्रीटिंग कार्ड्स से गुलजार हो जाते थे. स्टेशनरी दुकानों के बाहर भीड़ लगी रहती थी. स्कूली शिशु अपने दोस्तों के लिए, तो कॉलेज के छात्र अपनी पसंद के खास कार्ड्स चुनने में घंटों लगा देते थे. कोई शायरी वाला कार्ड ढूंढता था, तो कोई म्यूजिकल कार्ड के पीछे भागता था, लेकिन वक्त के साथ बधाई देने का अंदाज बदल गया. मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में अब ग्रीटिंग कार्ड्स दुकानों में धूल फांकते नजर आ रहे हैं. कारोबारियों ने समय के साथ खुद को ढाल लिया है. अब ग्रीटिंग कार्ड्स की जगह गिफ्ट आइटम्स, सजावटी सामान, केक टॉपर्स और डिजिटल ग्रीटिंग प्रिंट ज्यादा बिक रहे हैं. स्कूल-कॉलेज के छात्रों में था सबसे ज्यादा क्रेज पंजवारा के स्थानीय दुकानदार बताते हैं कि ग्रीटिंग कार्ड्स का असली बाजार स्कूल और कॉलेज के छात्र ही हुआ करते थे. स्कूलों में दोस्ती निभाने के लिए कार्ड्स का आदान-प्रदान आम बात थी. कॉलेज स्टूडेंट्स अपने क्रश या करीबी दोस्तों को खास संदेश लिखकर कार्ड देते थे. कई बार कार्ड्स के अंदर छोटे-छोटे खत भी छुपे होते थे, जो आज की पीढ़ी शायद ही समझ पाय. अब वही छात्र नये साल की रात 12 बजते ही व्हाट्सएप स्टेटस और इंस्टाग्राम स्टोरी डालकर औपचारिकता पूरी कर लेते हैं. बधाई देने की संस्कृति में आये इस बड़े बदलाव के पीछे कई कारण हैं. नयी पीढ़ियों का कहना है कि ग्रीटिंग कार्ड नहीं, अब गिफ्ट आइटम्स का सहारा लिया जा रहा है. डिजिटल दौर ने बदली बधाई की परंपरा तत्काल बधाई : साल के पहले सेकेंड में ही एक क्लिक पर सैकड़ों लोगों को मैसेज खर्च से बचत : कार्ड खरीदना, लिफाफा और डाक का झंझट अब कोई नहीं चाहता नया ट्रेंड : एनिमेटेड स्टिकर, जीआइएफ और वीडियो मैसेज ने कागज के कार्ड को पीछे छोड़ दिया पुराना स्टॉक निकालने में जुटे दुकानदार ग्रीटिंग कार्ड्स के कारोबार से जुड़े दुकानदारों का कहना है कि अब नया माल मंगाना घाटे का सौदा हो गया है. एक दुकानदार विजय पुस्तक भंडार ने बताया कि पहले दिसंबर आते ही दुकान भर जाती थी, अब पुराना स्टॉक ही किसी तरह निकालना पड़ रहा है. कार्ड खरीदने वाले गिने-चुने रह गये हैं. कई दुकानदार तो कार्ड्स को भारी छूट पर बेच रहे हैं, ताकि किसी तरह लागत निकल सके. एक स्थानीय दुकानदार अनंत पुस्तक भंडार कहते हैं कि पहले नये साल पर दुकान में पैर रखने की जगह नहीं होती थी. अब बस वही लोग आते हैं, जो पुरानी यादों से जुड़े हैं. Also Read: गुड बाय 2025 : पूर्णिया को एयरपोर्ट, लखीसराय को सोलर प्लांट तो बांका को मिला पहला स्मार्ट विलेज The post New Year 2026: अब उंगलियों तक सिमट गयी नये साल की बधाई, यादें बन गये ग्रीटिंग कार्ड्स appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बिहार के युवाओं ने नौकरी के बदले चुना बिजनेस, खड़ा कर दिया करोड़ों का साम्राज्य, देखें टॉप 10 जिलों की लिस्ट

Bihar News: बिहार में स्टार्टअप संस्कृति धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से अपनी जड़ें जमा रही है. राज्य में सक्रिय 1597 स्टार्टअप आज रोजगार सृजन और आय के नए मॉडल के रूप में उभर चुके हैं. स्टार्टअप बड़े उद्योगों की तरह दिखावटी नहीं हैं, लेकिन असर में कहीं ज्यादा ठोस साबित हो रहे हैं. खास बात यह है कि कई स्टार्टअप अब लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक का सालाना टर्नओवर दर्ज कर रहे हैं. कम पूंजी, बड़े सपने और स्थायी कमाई बिहार के स्टार्टअप्स की सबसे बड़ी ताकत उनका स्थानीय जुड़ाव है. कृषि, फूड प्रोसेसिंग, एजु-टेक, हेल्थ, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल सेवाएं और ग्रामीण इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप न केवल समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, बल्कि स्थायी आय का स्रोत भी बन रहे हैं. कई युवा उद्यमी सालाना पांच करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में स्टार्टअप तीन से पांच करोड़ और एक से तीन करोड़ रुपये के दायरे में पहुंच चुके हैं. स्टार्टअप का नक्शा- 10 जिलों में सिमटा बिहार बिहार के करीब 70 फीसदी स्टार्टअप केवल 10 जिलों में केंद्रित हैं. राजधानी पटना इस सूची में सबसे आगे है, जहां सैकड़ों स्टार्टअप सक्रिय हैं. इसके बाद मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, गया, सारण, वैशाली, बेगूसराय और पूर्वी-पश्चिमी चंपारण जैसे जिले आते हैं. इन जिलों में बेहतर कनेक्टिविटी, शैक्षणिक संस्थान और बाजार की उपलब्धता स्टार्टअप्स के पनपने में मदद कर रही है. नवादा, सिवान, जमुई, बांका, अररिया, किशनगंज, खगड़िया, शिवहर और शेखपुरा जैसे जिलों में स्टार्टअप की संख्या बेहद कम है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यहां प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि संसाधनों, मार्गदर्शन और निवेश तक पहुंच की कमी बड़ी बाधा है. अगर इन इलाकों में इनक्यूबेशन सेंटर, मेंटरशिप और फाइनेंशियल सपोर्ट बढ़ाया जाए, तो स्टार्टअप का दायरा पूरे बिहार में फैल सकता है. स्त्रीओं की बढ़ती भागीदारी और प्रशासनी समर्थन बिहार की स्टार्टअप कहानी में स्त्रीओं की भागीदारी भी धीरे-धीरे बढ़ रही है. स्त्री संचालित स्टार्टअप न सिर्फ स्वरोजगार का माध्यम बन रहे हैं, बल्कि दूसरे लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं. वहीं राज्य प्रशासन ने स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए अब तक करीब 84 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. डीपीआईआईटी से पंजीकृत स्टार्टअप की संख्या भी हजारों में पहुंच चुकी है, जो यह संकेत देती है कि यह सेक्टर अब प्रयोग के चरण से निकलकर स्थिरता की ओर बढ़ रहा है. रोजगार की सोच बदलता बिहार स्टार्टअप्स ने बिहार में रोजगार की पारंपरिक सोच को चुनौती दी है. अब युवा सिर्फ प्रशासनी नौकरी या बाहर पलायन को ही विकल्प नहीं मान रहे. अपने जिले, अपने बाजार और अपनी जरूरतों को समझकर बिज़नेस मॉडल तैयार करना नई पीढ़ी की पहचान बन रहा है. अगर यह रफ्तार बनी रही और स्टार्टअप इकोसिस्टम को जिलों तक समान रूप से फैलाया गया, तो आने वाले वर्षों में बिहार रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला राज्य बन सकता है. Also Read: Bihar News: गांव की पंचायत में ही मिलेगी बीपी-शुगर की दवा मुफ्त, जानें क्या है प्रशासन की नई स्कीम The post Bihar News: बिहार के युवाओं ने नौकरी के बदले चुना बिजनेस, खड़ा कर दिया करोड़ों का साम्राज्य, देखें टॉप 10 जिलों की लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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