Hot News

December 26, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Jharkhand Mineral : झारखंड की धरती में छिपे हुए खनिज भंडारों की पहचान की जाएगी, उसे निकाला जाएगा

Jharkhand Mineral : (सुनील चौधरी) झारखंड में खनिजों की खोज के लिए राज्य प्रशासन पहल कर रही है. इसके लिए अलग से फंड तैयार किया जा रहा है. बताया गया कि राज्य प्रशासन द्वारा स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एसएमइटी) का गठन किया जायेगा. यह नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एनएमइटी) की तर्ज पर होगा. इसे गैर लाभकारी संस्था के रूप में स्थापित किया जायेगा. इसका उद्देश्य राज्य प्रशासन द्वारा निर्धारित निधि का उपयोग करके राज्य प्रशासन द्वारा निर्धारित तरीके से खनिजों की क्षेत्रीय और विस्तृत खोज करना है. इसके अध्यक्ष खान मंत्री होंगे. समिति में खान सचिव, खान निदेशक, भूतत्व निदेशक समेत अन्य अधिकारी भी होंगे. खनिजों के अन्वेषण के लिए एक एसएमइटी कोष स्थापित किया जायेगा. एसएमइटी कोष को खनन पट्टा या अन्वेषण लाइसेंस सह खनन पट्टा धारकों से एमएमडीआर अधिनियम की दूसरी अनुसूची के अनुसार भुगतान की गयी रॉयल्टी के कुछ प्रतिशत के बराबर राशि ली जायेगी. प्रतिशत क्या होगा, इस पर विचार चल रहा है. बताया गया कि एक से दो प्रतिशत के करीब राशि ली जायेगी. एसएमइटी के मुख्य कार्य गहरे या छिपे हुए खनिज भंडारों की पहचान करना, उसका पता लगाना, माइंस प्लान बनाना और उन्हें परिष्कृत करने के लिए डिजाइन किये गये विशेष अध्ययनों और परियोजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराना मुख्य काम होगा. खनिज विकास, सतत खनन, उन्नत वैज्ञानिक और तकनीकी पद्धतियों को अपनाने और खनिज निष्कर्षण के लिए धातु विज्ञान के लिए अध्ययन करना भी एक काम होगा. रणनीतिक और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए विस्तृत और क्षेत्रीय अन्वेषण किया जायेगा. खनिज अन्वेषण में लगे कर्मियों की क्षमता का निर्माण भी किया जायेगा. यह भी पढ़ें :  झारखंड में क्रिटिकल मिनरल की खोज में साझेदार बनना चाहता है अमेरिका : खान सचिव केंद्रीय कोयला मंत्री ने जल्द गठन करने का किया आग्रह बताया गया कि केंद्रीय कोयला मंत्री जी कृष्ण रेड्डी के साथ हुई बैठक में इस बात को उठाया गया था. केंद्रीय कोयला मंत्री ने राज्य प्रशासन से जल्द से जल्द इसका गठन करने का आग्रह किया है. उन्होंने क्रिटिकल मिनरल की खोज के लिए इसे अहम माना है. The post Jharkhand Mineral : झारखंड की धरती में छिपे हुए खनिज भंडारों की पहचान की जाएगी, उसे निकाला जाएगा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पाकिस्तानी परमाणु हथियारों से US को डरना चाहिए, पुतिन-बुश के बीच सालों पहले हुई बातचीत आई सामने

Vladimir Putin George Bush Transcript Pakistan Nuclear Weapon: पाकिस्तान के परमाणु हथियार हमेशा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और दक्षिण एशियाई स्थिरता के लिए चिंता का विषय रहे हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2001 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के साथ एक निजी बैठक में पाकिस्तान को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं. पुतिन ने इसे “महज परमाणु हथियारों से लैस एक जुंटा” करार दिया और सवाल उठाया कि बिना लोकतंत्र वाले इस देश के परमाणु भंडार को लेकर पश्चिमी देशों की ओर से कोई गंभीर चिंता क्यों नहीं होती. यह बैठक 16 जून, 2001 को स्लोवेनिया में हुई थी, और हाल ही में इसकी ट्रांसक्रिप्ट सार्वजनिक की गई है. पुतिन ने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार और नेतृत्वक अस्थिरता क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा हैं, और इस पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान देना जरूरी है. जारी दस्तावेजों से यह भी सामने आया कि 2001 से 2008 के बीच रूस और अमेरिका के नेताओं ने पाकिस्तान की परमाणु क्षमताओं को लेकर लगातार गंभीर चिंता जताई. ये दस्तावेज अमेरिका-रूस के उच्च-स्तरीय संवाद और परमाणु अप्रसार प्रयासों को दर्शाते हैं. पुतिन की चिंता हिंदुस्तान की पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी चिंताओं से भी मेल खाती है. 2001 से 2008 के बीच हुई बैठकों और फोन पर के दस्तावेज दिखाते हैं कि दोनों नेताओं ने परवेज मुशर्रफ के नेतृत्व वाले पाकिस्तान को परमाणु अप्रसार के संदर्भ में चुनौती के रूप में देखा. यह समय 9/11 हमलों के बाद था, जब अमेरिका और रूस आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ा रहे थे. नेशनल सिक्योरिटी आर्काइव द्वारा जारी शब्दशः ट्रांसक्रिप्ट में पाकिस्तान के हथियारों के ईरान और उत्तर कोरिया तक फैलने के खतरे को लेकर गहरी चिंताएं देखी जा सकती हैं. ये दस्तावेज सूचना का अधिकार (FOIA) के तहत जारी किए गए. 16 जून, 2001 को स्लोवेनिया के ब्रदो कैसल में हुई बैठक में पुतिन ने पाकिस्तान की स्थिरता को लेकर अपनी तीखी चिंता जताई और बुश से कहा, “यह केवल परमाणु हथियारों से लैस एक जुंटा है. लोकतंत्र नहीं है, फिर भी पश्चिम इसे लेकर आलोचना नहीं करता. इस पर चर्चा होनी चाहिए.” यह बातचीत रणनीतिक स्थिरता, मिसाइल रक्षा, ईरान, उत्तर कोरिया और नाटो विस्तार जैसे मुद्दों के दौरान हुई. बुश ने रूस को “पश्चिम का हिस्सा और दुश्मन नहीं” बताया. बाद में बुश ने कहा कि उन्होंने पुतिन को भरोसेमंद पाया. 2005 के ट्रांसक्रिप्ट के अंश पुतिन: लेकिन यह साफ नहीं है कि (ईरान की) प्रयोगशालाओं के पास क्या है और वे कहां हैं… पाकिस्तान के साथ सहयोग अब भी जारी है. बुश: मैंने इस बारे में मुशर्रफ से बात की है. मैंने उनसे कहा कि हमें ईरान और उत्तर कोरिया को किए जा रहे ट्रांसफर को लेकर चिंता है. उन्होंने ए.क्यू. खान और उसके कुछ साथियों को जेल में डाला, फिर नजरबंद किया. हम जानना चाहते हैं कि उन्होंने क्या बताया. मैं मुशर्रफ को लगातार यह याद दिलाता रहता हूं. या तो उन्हें कुछ भी पता नहीं है, या फिर वे पूरी सच्चाई नहीं बता रहे हैं. पुतिन: मेरी समझ से उन्होंने सेंट्रीफ्यूज में पाकिस्तानी मूल का यूरेनियम पाया है. बुश: हां, वही जिसे ईरानियों ने आईएईए को बताना भूल गए थे. यह एक उल्लंघन है. पुतिन: वह पाकिस्तानी मूल का था. यह मुझे परेशान करता है. बुश: हमें भी यह परेशान करता है. पुतिन: हमारे बारे में सोचिए. बुश: हमें परमाणु हथियारों वाले ढेर सारे धार्मिक कट्टरपंथी नहीं चाहिए. ईरान में वही लोग देश चला रहे हैं. पुतिन और बुश के बीच बातचीत का ट्रांस्क्रिप्ट. ए.क्यू. खान के प्रसार नेटवर्क पर बुश-पुतिन ने जताई थी चिंता ट्रांसक्रिप्ट का अवर्गीकरण जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से जुड़े नेशनल सिक्योरिटी आर्काइव द्वारा किए गए FOIA मुकदमे के बाद हुआ. 2005 के इस ट्रांसक्रिप्ट के अंश में दोनों नेताओं ने ए.क्यू. खान के प्रसार नेटवर्क और पाकिस्तान के परमाणु प्रसार की चिंता व्यक्त की. पुतिन ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तानी मूल का यूरेनियम सेंट्रीफ्यूज में पाया, जिसे ईरान ने IAEA को रिपोर्ट नहीं किया. बुश ने भी इस पर चिंता जताई. यह बातचीत पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की कमान और नियंत्रण प्रणाली की कमजोरी को उजागर करती है. जारी दस्तावेज ने अमेरिका-रूस की उन उच्च-स्तरीय चर्चाओं की झलक दी है, जिन्होंने इराक युद्ध, नाटो विस्तार और मिसाइल रक्षा से पहले परमाणु अप्रसार पर सहयोग की दिशा तय की.  हिंदुस्तान ने भी समय समय पर पाकिस्तान के उल्लंघन पर की है बात पुतिन के विचार हिंदुस्तान की पाकिस्तान की परमाणु क्षमताओं को लेकर पुरानी चिंताओं से मेल खाते हैं. मई में हुए संघर्ष के बाद, हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए और उन्हें अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में लाने की मांग की. ट्रांसक्रिप्ट में पुतिन की टिप्पणियां इन चिंताओं को और पुष्ट करती हैं. इससे यह भी स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान की गुप्त परमाणु गतिविधियों, ए.क्यू. खान नेटवर्क और निर्यात नियंत्रण उल्लंघनों को लेकर हिंदुस्तान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय लंबे समय से सतर्क रहा है. ये भी पढ़ें:- मुनीर के घर के सामने बन रही शराब, 50 साल बाद पाकिस्तान करेगा दुनिया में एक्सपोर्ट, मजहब पर भारी पड़ा आर्थिक संकट क्रिसमस के दिन अमेरिका का हमला, इस देश पर की स्ट्राइक, ट्रंप ने कहा- इस्लामिक आतंकवाद को बढ़ने नहीं देंगे NASA Merry Christmas: अनोखे अंदाज में नासा ने दी क्रिसमस की बधाई, शेयर की नेबुला की तस्वीर The post पाकिस्तानी परमाणु हथियारों से US को डरना चाहिए, पुतिन-बुश के बीच सालों पहले हुई बातचीत आई सामने appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

UP School Holiday: यूपी में बंद रहेगें स्कूल, इन जिलों में आदेश जारी

UP School Holiday: उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है. बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए डीएमों ने विभिन्न जिलों में छुट्टियों के आदेश जारी किए हैं. वाराणसी, रायबरेली, महाराजगंज जैसे जिलों में विशेष रूप से बच्चों को अवकाश दिया गया है. रायबरेली में डीएम का आदेश रायबरेली जिले में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए 26 दिसंबर तक स्कूल बंद रहेंगे. इसके अलावा 27 दिसंबर को शहीदी दिवस और उसके बाद रविवार होने के कारण स्कूल सोमवार तक बंद रहेंगे. इसके कुछ ही दिन बाद विंटर वेकेशन की छुट्टियों की शुरुआत होगी. अन्य जिलों में स्कूल बंद महाराजगंज, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ और वाराणसी में भी 8वीं तक के स्कूल 28 दिसंबर तक बंद रहेंगे. शाहजहांपुर में प्री-प्राइमरी स्कूल बंद रहेंगे, जबकि कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूल सुबह 10 बजे से शुरू होंगे. सर्दियों की छुट्टियों की तैयारी यूपी में 31 दिसंबर के बाद स्कूलों का विंटर वेकेशन शुरू होगा. ठंड और शीतलहर की गंभीरता के अनुसार स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाई भी जा सकती हैं. ऐसे में अभिभावकों और छात्रों को समय से तैयारी करनी सलाह दी जा रही है. कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सर्दियों और शीतलहर के कारण स्कूलों में अवकाश जारी रहेगा, जिससे बच्चों और अभिभावकों को राहत और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जा सके. यूपी में मौैसम विभाग का अलर्ट पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी पूर्वांचल में मौसम विभाग ने घने कोहरे की चेतावनी जारी की है. कानपुर, मेरठ, बाराबंकी, बहराइच, प्रयागराज, सुल्तानपुर, फतेहगढ़, गोरखपुर, आजमगढ़, बांदा, बस्ती, बलिया, हरदोई, अयोध्या, श्रावस्ती, वाराणसी और शाहजहांपुर जैसे जिलों में कोहरे का असर देखने को मिल सकता है. यह भी पढ़ें.. रेल यात्रियों को झटका! आज से महंगा हुआ रेल किराया, देखें दूरी के हिसाब से बढ़ोतरी The post UP School Holiday: यूपी में बंद रहेगें स्कूल, इन जिलों में आदेश जारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Gujarati Style Khandvi Recipe: टेस्ट में लाजवाब है गुजरात की फेमस डिश खांडवी, ब्रेकफास्ट में आप भी करें ट्राई  

Gujarati Style Khandvi Recipe: ढोकला हो या कढ़ी फाफड़ा गुजराती खाना देशभर में फेमस है. गुजरात की ऐसी ही एक फेमस डिश है खांडवी जो बहुत ही लोकप्रिय है. इसका स्वाद बहुत ही लाजवाब होता है. इसकी खासियत है कि इसे आप ब्रेकफास्ट और स्नैक्स के तौर पर भी खा सकते हैं. चलिए आज आपको इसे बनाने की बहुत ही सिंपल रेसिपी बताते हैं.   गुजराती खांडवी बनाने की सामग्री बेसन – 100 ग्राम दही – 1 कप हरी मिर्च कटी – 2 हल्दी – 1/4 टी स्पून अदरक पेस्ट – 1/2 टी स्पून कच्चा नारियल – 1 टेबलस्पून (कद्दूकस) हरा धनिया कटा – 1 टेबलस्पून कड़ी पत्ते – 4-5 तेल – 1 टेबलस्पून नमक – स्वादानुसार इसे भी पढ़ें: Gujarati khatti Meethi Kadhi Recipe: झटपट तैयार कर लें स्वाद में बेमिसाल खट्टी-मीठी गुजराती कढ़ी, बनाने का तरीका भी है आसान गुजराती खांडवी बनाने का तरीका इसे बनाने के लिए सबसे पहले आप दही लेकर फेंट लें. फिर बेसन को छानकर एक बर्तन में डाल लें. इसके बाद आप बेसन में दही डालकर दोनों को अच्छी तरह से मिक्स करें. फिर आप बेसन के घोल में 2 कप पानी, अदरक का पेस्ट, हल्दी और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छे से मिला दें. इसके बाद आप एक कड़ाही को मीडियम आंच पर रखकर उसमें बेसन का तैयार घोल डालकर करछी से चलाते रहें और गाढ़ा होने पर गैस बंद कर दें. इस घोल को करीब 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें और लगातार चलाते रहें. खांडवी का घोल गाढ़ा हो जाने के बाद एक ट्रे लें और खांडवी के घोल को इसमें पतला-पतला कर फैलाते जाएं. फिर ट्रे को 10 मिनट के लिए अलग रख दें ताकि घोल ठंडा होकर जम जाएगा. इसके बाद आप जमी हुई इस परत को 2 इंच चौड़ी और 6 इंच लंबी पट्टियों में काट लें. फिर आप इन पट्टियों को गोल-गोल कर रोल तैयार कर लें. अब आप एक कड़ाही में तेल गर्म करके उसमें राई, कढ़ी पत्ता और हरी मिर्च डालकर अच्छे से भूने. फिर आप राई के इस तड़के को सारी खांडवी पर एक-एक कर चम्मच से डालते जाएं. इस तरह आपकी स्वादिष्ट गुजराती खांडवी सर्व करने के लिए तैयार हो चुकी है. इसे भी पढ़ें: Gujrati Green Chilli Pickle: स्वाद में जबरदस्त है गुजराती हरी मिर्च का अचार, फटाफट नोट करें रेसिपी इसे भी पढ़ें: Masala Khakhra Recipe: स्नैक्स के लिए बेस्ट ऑप्शन है मसाला खाखरा, बहुत सिंपल है बनाने की रेसिपी The post Gujarati Style Khandvi Recipe: टेस्ट में लाजवाब है गुजरात की फेमस डिश खांडवी, ब्रेकफास्ट में आप भी करें ट्राई   appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Ranchi Outer Ring Road : रांची का आउटर रिंग रोड कब बनेगा? यह बड़ी बात आई सामने

Ranchi Outer Ring Road : राजधानी रांची के लिए प्रस्तावित आउटर रिंग रोड परियोजना करीब दो साल से अटकी हुई है. अभी तक इसका डीपीआर ही तैयार हो रहा है. एलाइनमेंट तय करके डीपीआर तैयार करने की कार्रवाई हुई है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो सका है. वर्ष 2023 में ही इसके निर्माण की घोषणा केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री ने की थी. फिर वर्ष 2024 में मंत्री ने इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 6000 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी. साथ ही डीपीआर जल्द तैयार करने को भी कहा गया था. इसके बाद से अब तक योजना फंसी हुई है और इसकी स्वीकृति नहीं हो सकी है. क्या है परियोजना राज्य प्रशासन ने केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री के समक्ष आउटर रिंग रोड का प्रस्ताव रखा था. इसे यातायात के ख्याल से काफी उपयोगी बताया गया था. केंद्रीय मंत्री की घोषणा के बाद इसका एलाइनमेंट तय किया गया. इसके तहत एनएच 33 (रांची-रामगढ़ मार्ग) में पुंदाग टोल प्लाजा के निकट से निर्माण का एलाइनमेंट तय किया गया, जो आगे चलकर एनएच 75 (रांची-कुड़ू मार्ग) पर मांडर में उकरीद तक जायेगा. फिर यहां से एनएच 23 (रांची-गुमला मार्ग) में इटकी तक जायेगा. इसके बाद एनएच 23 को एनएच 75 एक्सटेंशन (रांची-चाईबासा मार्ग) से जोड़ने के लिए इटकी से कालामाटी तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव है. यह भी पढ़ें : Indian Railway : राजधानी एक्सप्रेस में कन्फर्म सीट को फिर बना दिया आरएसी इस तरह कालामाटी से एनएच 33 (रांची-टाटा मार्ग) को जोड़ते हुए आगे अनगड़ा होते हुए वापस पुंदाग टोल प्लाजा (रांची-रामगढ़ मार्ग) तक निर्माण कराना है. कुल 195 किमी सड़क निर्माण के लिए प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस एलाइनमेंट के तहत अब चरणवार डीपीआर तैयार कराना है. इसकी जिम्मेदारी गुरुग्राम की कंपनी को दी गयी है. The post Ranchi Outer Ring Road : रांची का आउटर रिंग रोड कब बनेगा? यह बड़ी बात आई सामने appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Anganwadi Kendra Bihar: बिहार में अब बायोमेट्रिक सिस्टम से जुड़ेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, सेविका-सहायिका भी बनायेंगी अटेंडेंस

Anganwadi Kendra Bihar: बिहार के आंगनबाड़ी केंद्रों को एडवांस बनाया जा रहा है. इसके साथ ही लगभग एक लाख 14 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ा बड़ा अपडेट है. दरअसल, आंगनबाड़ी केंद्र समय पर नहीं खुलने की सूचना समाज कल्याण विभाग तक पहुंच जायेगा. राज्य के एक लाख 14 हजार केंद्रों को बायोमैट्रिक सिस्टम से जोड़ा जायेगा. जहां हर दिन सेविका-सहायिका को अटेंडेंस बनाना होगा. विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है. सेविका-सहायिका को बनाना होगा अटेंडेंस जानकारी के मुताबिक, जल्द ही नये एप के माध्यम से सभी केंद्र सेविका-सहायिका को अटेंडेंस बनाना होगा, ताकि केंद्र समय पर खुल सकें. दरअसल, फिलहाल 34 प्रतिशत से अधिक केंद्र समय पर नहीं खुलते हैं. नया सिस्टम अप्रैल से काम करेगा. विभाग ने जिलों को निर्देश दिया है कि जब तक बायोमैट्रिक सिस्टम से केंद्रों को नहीं जोड़ा जाता है. उस वक्त तक सभी एलएस को हर दिन किसी एक केंद्र पर जाकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ना है. जिसमें सेविका और सहायिका को यह दिखाना है कि केंद्र खुला हुआ है. अटेंडेंस नहीं बनने पर आयेगा रिमाइंडर साथ ही यही रिपोर्ट एलएस को हर दिन सीडीपीओ को भेजना होगा. इसमें नहीं जुड़ने वाली सेविका-सहायिका के संबंध में मान लिया जायेगा कि उनका केंद्र समय पर नहीं खुला है. ऐसे केंद्र की संचालिका पर कार्रवाई की जायेगी. नयी तकनीक में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का कोड और सेविका-सहायिका का नाम दर्ज रहेगा. यहां से बायोमैट्रिक में अटेंडेंस नहीं बनने पर तुरंत सेंटर खुलने का समय होते ही सेविका के मोबाइल पर रिमाइंडर आ जायेगा. आंगनबाड़ी केंद्रों के लिये मेगा प्लान तैयार इससे पहले समाचार यह भी आई थी कि आगनबाड़ी केंद्रों को दुरुस्त किया जायेगा. पटना जिले के आंगनबाड़ी केंद्र छोटी झोपड़ियों या तंग किराये के कमरों में नहीं चलेंगे. प्रशासन ने इन केंद्रों को आधुनिक और पक्के भवनों में शिफ्ट करने का मेगा प्लान तैयार कर लिया है. नाबार्ड के सहयोग से शुरू होने वाली इस योजना के तहत अब बच्चों को पढ़ाई और पोषण के लिए अपना स्थायी और सुरक्षित आशियाना मिलेगा. जिला प्रशासन ने इसके लिए कमर कस ली है और पहले चरण में सात प्रमुख अंचलों को इस बदलाव के लिए चुना गया है. Also Read: Tej Pratap Yadav: तेज प्रताप यादव को किसने दी जान से मारने की धमकी? थाने में दर्ज कराई शिकायत The post Anganwadi Kendra Bihar: बिहार में अब बायोमेट्रिक सिस्टम से जुड़ेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, सेविका-सहायिका भी बनायेंगी अटेंडेंस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Numerology: दिल किसी को जल्दी नहीं देती हैं इस मूलांक की लड़कियां, प्यार नहीं दिमाग से चलाती हैं रिश्ता

Numerology: व्यक्ति की जन्मतिथि के आधार पर मूलांक निकाला जाता है. इन मूलांकों के माध्यम से व्यक्ति के जीवन से जुड़े कई रहस्यों के बारे में पता लगाया जा सकता है. अंकशास्त्र के अनुसार, ये मूलांक व्यक्ति के स्वभाव, सोच, व्यवहार और भाग्य से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ देते हैं, जिनका असर रोज़मर्रा की ज़िंदगी में देखने को मिलता है. आज हम ऐसे दो मूलांकों की लड़कियों के बारे में बात करेंगे, जो हर काम सोच-समझकर करती हैं. इन्हें जल्दी प्यार नहीं होता, लेकिन जब होता है तो अंत तक उसी रिश्ते को निभाती हैं. मूलांक 2 अंकशास्त्र के अनुसार, जिन लड़कियों का जन्म महीने की 2, 11, 20 और 29 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 2 होता है. मूलांक 2 के स्वामी चंद्रदेव हैं. चंद्रदेव के प्रभाव से इस मूलांक की लड़कियां स्वभाव से बेहद भावुक और संवेदनशील होती हैं. ये दूसरों की भावनाओं को समझती हैं और उनका सम्मान करती हैं. इन्हें जीवन में संतुलन बनाकर चलना पसंद होता है और ये मानसिक रूप से स्थिर रहती हैं. ये जल्दबाज़ी में किसी रिश्ते में नहीं जातीं, बल्कि पहले सामने वाले व्यक्ति को जानना और समझना पसंद करती हैं. एक बार विश्वास हो जाए तो ये रिश्ते को अंत तक पूरी ईमानदारी से निभाती हैं. मूलांक 3 जिन स्त्रीओं का जन्म महीने की 3, 12 और 21 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 3 होता है. इस मूलांक के स्वामी गुरु बृहस्पति देव माने जाते हैं. मूलांक 3 की स्त्रीएँ स्वभाव से गंभीर होती हैं और इनमें आत्मविश्वास बहुत अधिक होता है. इन्हें अनुशासित जीवन जीना पसंद होता है. ये हर कार्य करने से पहले योजना बनाती हैं, जिसके कारण इन्हें सफलता मिलती है. कोई भी फैसला लेने से पहले ये उसके संभावित परिणामों के बारे में सोचती हैं. किसी भी व्यक्ति पर ये आसानी से विश्वास नहीं करतीं. यह भी पढ़ें: Numerology: जोखिम लेने से नहीं डरते इस मूलांक के लोग, आर्थिक तंगी रहती है इनसे दूर, धन से भरा रहता है घर  Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post Numerology: दिल किसी को जल्दी नहीं देती हैं इस मूलांक की लड़कियां, प्यार नहीं दिमाग से चलाती हैं रिश्ता appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Jharkhand Ka Mausam : 28 दिसंबर से और गिरेगा पारा, कांपेंगे लोग, आया अलर्ट

Jharkhand Ka Mausam : उत्तर हिंदुस्तान में लगातार हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से झारखंड में ठंड बढ़ गयी है. ठंडी हवाओं के कारण सुबह के समय घना कोहरा और धुंध देखी जा रही है, जबकि दिन में मौसम शुष्क बना हुआ है. सुबह और शाम के समय कनकनी तेज हो जाने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और कई जिलों में लोग ठंड से परेशान नजर आ रहे हैं. गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में शीतलहरी का असर महसूस किया गया. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शुक्रवार को रांची सहित 12 जिलों में शीतलहरी चलने की संभावना है. इनमें रांची, गढ़वा, पलामू, गुमला, लातेहार, लोहरदगा, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चतरा और कोडरमा शामिल हैं. इन सभी जिलों में सुबह के समय कोहरा और धुंध छाये रहने की आशंका है, जिससे दृश्यता पर असर पड़ सकता है. कहां का तापमान कितना किया गया रिकॉर्ड तापमान की बात करें तो गुरुवार को रांची का न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 2.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा. हालांकि ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर ज्यादा दिखा. कांके का न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस और गुमला का न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे वहां कड़ाके की ठंड महसूस की गयी. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 27–28 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आने की संभावना है. इससे आने वाले दिनों में ठंड और तेज हो सकती है. गुरुवार को मेदिनीनगर का न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं जमशेदपुर में न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस, बोकारो में 9.5 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा में 9.6 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल दिन में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन सुबह और शाम के समय ठंडी हवा और कोहरे का असर जारी रहेगा. ऐसे में लोगों को ठंड से बचाव के साथ-साथ सतर्क रहने की सलाह दी गयी है. कुहासे ने पांच फ्लाइट की उड़ान को रोका, कई विमान घंटों विलंब      रांची. देश के विभिन्न राज्यों में पिछले कई दिनों से छाये कुहासे का असर गुरुवार को भी विमानों की उड़ानों पर दिखा. बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर सुबह 7:00 बजे रांची से कोलकाता के लिए आनेवाली पहली फ्लाइट लो विजिबिलिटी के कारण रद्द कर दी गयी. वहीं आठ विमान अपने निर्धारित समय से घंटों विलंब से रांची पहुंचे. जिन विमानों को रद्द किया गया, उसमें रांची-कोलकाता, रांची-दिल्ली, रांची-बेंगलुरु, रांची-मुंबई और रांची कोलकाता विमान शामिल है. वहीं आठ फ्लाइट विलंब से आयी. इस संबंध में इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस के अधिकारी ने बताया कि कुहासे के कारण पांच फ्लाइटों को रद्द करना पड़ा. वहीं एयर ट्रैफिक के कारण कई विमान विलंब से पहुंचे. यह भी पढ़ें : Aaj ka Mausam : इन राज्यों में 28 दिसंबर तक चलेगी शीतलहर, आया IMD का अलर्ट इधर, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रद्द की रांची-मुंबई फ्लाइट, यात्री परेशानइधर, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 26 दिसंबर को विमान संख्या ई एक्स 1238 रांची-मुंबई को रद्द कर दिया है. इससे संबंधित सूचना एयरलाइंस ने यात्रियों को मैसेज के माध्यम से दी थी. इसमें बताया गया है कि मौसम खराब होने की संभावना को देखते हुए रांची-मुंबई फ्लाइट रद्द कर दी गयी है. इधर, फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों को परेशानी हुई. उन्हें दूसरी फ्लाइट में टिकट लेना पड़ा. जिन यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट मुंबई से थी, उन्हें अपनी यात्रा एक बार फिर री-शेडयूल करना पड़ा. आर्थिक नुकसान भी हुआ है. साथ ही यात्रियों का कहना है कि इंडिगो एयरलाइंस के विमान को नहीं रद्द किया गया है, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मौसम खराब के नाम पर विमान रद्द कर दिया. मौसम खराब की आड़ में यात्रियों को सिर्फ परेशान किया जा रहा है. The post Jharkhand Ka Mausam : 28 दिसंबर से और गिरेगा पारा, कांपेंगे लोग, आया अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar News: नये साल में संवरेगा बिहार, पटना संग्रहालय समेत ये बड़े प्रोजेक्ट्स होंगे पूरे

मुख्य बातें तेजी से पूरा किया जा रहा काम पटना संग्रहालय का निर्माण 13 जिलों में बनेंगी स्पोर्ट्स संरचनाएं 22 जिलों में बन रहे नये कारा भवन एक हजार पंचायत भवनों का निर्माण Bihar News: पटना. राज्य में कई प्रमुख प्रशासनी भवनों का निर्माण नये साल में पूरा हो जायेगा. इसमें पटना संग्रहालय, बिहटा का विकास प्रबंधन संस्थान, बड़ी संख्या में स्पोर्ट्स भवन और पंचायत भवन शामिल हैं. इन सभी परियोजनाओं का निर्माण तय समय पर पूरा करवाने के लिए भवन निर्माण विभाग लगातार मॉनीटरिंग कर रहा है. निर्माण पूरा होते ही भवन निर्माण विभाग उस संरचना को संबंधित विभाग को सौंप देगा. तेजी से पूरा किया जा रहा काम निर्माणाधीन परियोजनाओं के तहत बिहटा के विकास प्रबंधन संस्थान का निर्माण जी प्लस सेवन संरचना में हो रहा है. इसमें शैक्षणिक-सह-केयर ब्लॉक, शैक्षणिक-सह-सीईपी ब्लॉक, हॉस्टल ब्लॉक, प्रेक्षागृह और अन्य काम का निर्माण तेज गति से हो रहा है. काम में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी गयी है. परिसर का निर्माण पूरा होने पर छात्रों को उच्च स्तरीय शैक्षणिक सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. इनमें पुस्तकालय, रंगशाला और स्पोर्ट्स मैदान की सुविधा शामिल है. पटना संग्रहालय का निर्माण इसके साथ ही पटना संग्रहालय को बेहतर बनाने काम काम अंतिम चरण में है. इसमें पुराने संग्रहालय भवनों के प्रदर्श दीर्घाओं के जीर्णोद्धार और नवीनीकरण का काम हो रहा है. इसका निर्माण पूरा होने पर यहां आने वाले पर्यटकों को आडियो-विजुअल्स के जरिये इतिहास के अलग-अलग कालखंड के बारे में अवगत कराया जायेगा. यहां कैफेटेरिया, वीआईपी लाउंज, अस्थायी गैलरी आदि का भी निर्माण किया गया है. 13 जिलों में बनेंगी स्पोर्ट्स संरचनाएं बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा पश्चिम चंपारण, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, खगड़िया, जमुई, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, बक्सर और कैमूर में स्पोर्ट्स संरचनाओं को विकसित किया जायेगा. इसमें कई स्टेडियम और स्पोर्ट्स मैदान शामिल हैं. इसका मकसद बिहार में स्पोर्ट्सों को बढ़ावा देना और युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है. 22 जिलों में बन रहे नये कारा भवन राज्य के 22 जिलों में नये कारा भवन बन रहे हैं. इनमें आरा, औरंगाबाद, बेतिया, बांका, भभुआ, भागलपुर, बक्सर,दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पटना, गया, मधेपुरा, लखीसराय, किशनगंज, मधुबनी, मोतिहारी, नवादा, पूर्णिया, सहरसा, शिवहर, सीवान और सुपौल शामिल हैं. इस परियोजना में केंद्रीय कारा एवं उप कारा में नये बैरक, अधीक्षक आवास, पुरूष एवं स्त्री कक्षपाल बैरक, चाहरदीवारी, शौचालय सह स्नानागार का निर्माण हो रहा है. एक हजार पंचायत भवनों का निर्माण अगले तीन से चार महीनों में राज्य में एक हजार पंचायत भवनों का निर्माण पूरा हो जायेगा. फिलहाल 1800 पंचायत प्रशासन भवनों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. इन भवनों में राज्य प्रशासन द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करायी जायेंगी. इससे जनता को स्थानीय स्तर पर ही प्रशासनी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा. पंचायत भवन में पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव, सरपंच, राजस्व कर्मचारी समेत अन्य कर्मियों की बैठने के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी. Also Read: Darbhanga Airport: दरभंगा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग का रास्ता साफ, जनवरी में पूरा होगा काम The post Bihar News: नये साल में संवरेगा बिहार, पटना संग्रहालय समेत ये बड़े प्रोजेक्ट्स होंगे पूरे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Prayagraj Special Sakoda Soup: सर्दियों की शान है प्रयागराज का साग सकोड़ा सूप, स्वाद ऐसा कि खुश हो जाएगा दिल

Prayagraj Special Sakoda Soup: साग सकोड़ा सूप प्रयागराज की मशहूर स्ट्रीट फूड रेसिपी का एक स्वादिष्ट और पौष्टिक रूप है. इसमें हरे साग से बने कुरकुरे पकौड़ों को मसालेदार टमाटर आधारित सूप में पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और खुशबू दोनों ही लाजवाब हो जाते हैं. सर्दियों के मौसम में यह सूप शरीर को गर्म रखने के साथ-साथ ताकत भी देता है. हरे साग की पौष्टिकता और देसी मसालों का मेल इसे एक परफेक्ट विंटर स्पेशल डिश बनाता है. चटपटा, हल्का तीखा और बेहद स्वादिष्ट यह सूप प्रयागराज की गलियों की याद दिला देता है. अगर आप भी इस सूप को घर में बनाना चाहते हैं तो इस आर्टिकल कि मदद ले सकते हैं. सकोड़ा सूप बनाने के लिए जरूरी सामान साग वाले सकोड़े बनाने की सामग्री ⦁ बेसन – 1 कप⦁ पालक / बथुआ / सरसों का साग (बारीक कटा) – 1 कप⦁ हरी मिर्च – 1 (बारीक कटी)⦁ अदरक – ½ छोटा चम्मच⦁ अजवाइन – ½ छोटा चम्मच⦁ नमक – स्वाद अनुसार⦁ लाल मिर्च – ¼ छोटा चम्मच⦁ पानी – जरूरत अनुसार⦁ तेल – तलने के लिए सकोड़ा सूप के लिए सामग्री ⦁ टमाटर – 2 (पीसे हुए)⦁ अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 छोटा चम्मच⦁ हरी मिर्च – 1⦁ हल्दी – ¼ छोटा चम्मच⦁ धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच⦁ लाल मिर्च – स्वाद अनुसार⦁ गरम मसाला – ½ छोटा चम्मच⦁ नमक – स्वाद अनुसार⦁ पानी – 2–3 कप⦁ हरा धनिया – सजाने के लिए सकोड़ा सूप बनाने के सही तरीका साग के पकौड़े बनाएं ⦁ एक बाउल में बेसन, कटा साग, अजवाइन, नमक, मिर्च और अदरक डालें.⦁ थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा घोल बनाएं.⦁ कढ़ाही में तेल गरम करें और छोटे-छोटे पकौड़े तल लें.⦁ सुनहरे होने पर निकालकर अलग रखें. सकोड़ा सूप बनाएं ⦁ कढ़ाही में थोड़ा तेल डालें.⦁ अदरक-लहसुन और हरी मिर्च भूनें.⦁ टमाटर पेस्ट और मसाले डालकर अच्छे से भून लें.⦁ अब पानी डालें और उबाल आने दें.⦁ उबाल आने पर साग वाले पकौड़े डालें.⦁ 5–7 मिनट धीमी आंच पर पकाएं.⦁ ऊपर से हरा धनिया डालकर गैस बंद करें. यह भी पढ़ें: Karela Cookies Recipe: स्वाद और सेहत का मेल, घर पर बनाएं टेस्टी और हेल्दी करेला कुकीज यह भी पढ़ें: Gajar Dosa Recipe: चना, चावल नहीं अब गाजर से बनाइए स्वादिष्ट डोसा, मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी The post Prayagraj Special Sakoda Soup: सर्दियों की शान है प्रयागराज का साग सकोड़ा सूप, स्वाद ऐसा कि खुश हो जाएगा दिल appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top