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December 26, 2025

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NIT सिलचर के स्टूडेंट के जबड़ा पॉली ट्रॉमा की पटना में हुई सफल सर्जरी, डॉ. प्रतीक आनंद ने किया ऑपरेशन

पटना के दीघा निवासी और एनआईटी सिलचर के एक छात्र के जबड़ा पॉली ट्रॉमा की सफल सर्जरी की मैक्सिलोफेशियल सर्जन एवं त्रिपोलिया हॉस्पिटल में दांत रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रतीक आनन्द ने की. अब छात्र बोल पा रहा है. सिलचर में हुए एक दुर्घटना में छात्र अभिमन्यु(बदला हुआ नाम) का चेहरा और जबड़ा बुरी तरह भंग हो गया था, जिसके बाद उसके अभिभावक उसे पटना लाए और डॉ प्रतीक आनंद से दिखाया. टूट गई थी चेहरे की कई हड्डियां  इलाज करने वाले डॉ प्रतीक आनंद ने बताया कि जांच में पता चला कि उसके चेहरे की कई हड्डियां टूट चुकी हैं. आंख के नीचे की हड्डी, निचला जबड़ा और जाइगोमैटिक बोन सहित जबड़ा पांच जगह से टूटा हुआ था, जिसे पॉली ट्रॉमा कहा जाता है. डॉ. आनन्द ने बताया कि यह एक जटिल सर्जरी थी. समय पर ऑपरेशन कर मल्टीपल प्लेटिंग और ऑक्लूजन सुधार की तकनीक से टूटे जबड़े को ठीक किया गया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें मरीज पूरी तरह स्वस्थ इस ऑपरेशन में डॉ. प्रतीक आनन्द के अलावा डॉ. विशाल मोहन और एनीस्थीसिया विभाग के डॉ. अजीत कुमार सिंह के सहयोग रहा. इलाज के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. The post NIT सिलचर के स्टूडेंट के जबड़ा पॉली ट्रॉमा की पटना में हुई सफल सर्जरी, डॉ. प्रतीक आनंद ने किया ऑपरेशन appeared first on Naya Vichar.

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Rice Flour Cutlet Recipe: चावल के आटे से बने ये कटलेट बन जाएंगे सभी के फेवरेट, बच्चों की टिफिन और शाम की चाय के लिए बेस्ट चॉइस

Rice Flour Cutlet Recipe: अगर आप हर शाम एक ही तरह के स्नैक्स खाकर ऊब गए हैं और कुछ यूनिक, टेस्टी और काफी ज्यादा लाइट ट्राई करना चाहते हैं तो चावल के आटे के कटलेट्स आपके लिए बेस्ट चॉइस है. इस कटलेट को तैयार करने के लिए आपको मैदे या फिर ब्रेड क्रम्ब्स की जरूरत नहीं पड़ती है. आप इसे घर पर मौजूद चावल के आटे से ही काफी आसानी से बना सकते हैं. जब आप इसकी पहली बाईट लेते हैं तो यह आपको काफी ज्यादा क्रिस्पी और क्रंची लगती है. इस डिश की सबसे खास बात है कि यह काफी आसानी से डाइजेस्ट भी हो जाती है. आप इस डिश को सिर्फ शाम की चाय के साथ ही नहीं बल्कि बच्चों की टिफिन या फिर अचानक आए मेहमानों के लिए भी बिना ज्यादा समय बर्बाद किये बना सकते हैं. तो चलिए जानते हैं राइस फ्लोर कटलेट बनाने की आसान रेसिपी. राइस फ्लोर कटलेट के बनाने लिए जरूरी सामग्री चावल का आटा – 1 कप उबले आलू – 2 बड़े साइज के मैश किए हुए गाजर – आधा कप कद्दूकस किया हुआ मटर – आधी कप उबली हुई हरी मिर्च – 1 बारीक कटी अदरक – 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ हरा धनिया – 2 टेबलस्पून बारीक कटा लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच गरम मसाला – आधा छोटा चम्मच नमक – स्वादानुसार तेल – तलने के लिए यह भी पढ़ें: Rice Flour Papad Recipe: घर पर बनाएं लाइट और क्रिस्पी चावल के आटे के पापड़, हर हाउसवाइफ को आनी चाहिए यह आसान रेसिपी राइस फ्लोर कटलेट बनाने की रेसिपी राइस फ्लोर कटलेट बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में 1 कप पानी उबालें और उसमें थोड़ा सा नमक डालें. इसके बाद इसमें धीरे-धीरे चावल का आटा डालते हुए लगातार चलाएं, ताकि गांठ न पड़े. अब आटे को धीमी आंच पर 2 से 3 मिनट पकाएं जब तक वह गाढ़ा होकर आटे जैसा न हो जाए. अब गैस बंद करके इसे हल्का ठंडा होने दें. इसके बाद एक बड़े बर्तन में उबले आलू, गाजर, मटर, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया और सभी मसाले डालें और फिर इसमें तैयार किया हुआ राइस फ्लोर मिक्स डालकर अच्छी तरह मिलाएं. अब इस मिश्रण से मनचाहे शेप के कटलेट बना लें. अब कड़ाही में तेल गर्म करें और मीडियम आंच पर कटलेट को गोल्डन ब्राउन होने तक तल लें. राइस फ्लोर कटलेट को हरी चटनी, टोमैटो सॉस या दही की चटनी के साथ परोसें. यह भी पढ़ें: Palak Corn Cutlet Recipe: पकौड़े-समोसे नहीं, शाम की चाय के साथ ट्राई करें हेल्दी पालक कॉर्न कटलेट, मिनटों में बनकर हो जाएगा तैयार The post Rice Flour Cutlet Recipe: चावल के आटे से बने ये कटलेट बन जाएंगे सभी के फेवरेट, बच्चों की टिफिन और शाम की चाय के लिए बेस्ट चॉइस appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तान में पहली आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे यूएई के राष्ट्रपति, शेख जायद के साथ भारी डेलीगेशन, क्या है तैयारी?

UAE President Al Nahyan official visit Pakistan: पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों में एक नया मुकाम देखने को मिला. दोनों देशों की रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान शुक्रवार को पाकिस्तान पहुंचे. यह उनकी पाकिस्तान की पहली औपचारिक राजकीय यात्रा है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से खास माना जा रहा है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निमंत्रण पर हुई यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पाकिस्तान आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है और क्षेत्रीय स्तर पर भी कई अहम घटनाक्रम चल रहे हैं. एक दिवसीय दौरे पर आए शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद स्थित नूर खान एयरबेस पर गर्मजोशी से स्वागत किया. उन्होंने गले लगाकर शेख जायद को सम्मान दिया, उनके पीछे सीडीएफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भी वही किया. शेख के विमान के पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पारंपरिक हवाई सलामी दी और पूरे मार्ग में उनके विमान के साथ उड़ान भरी. इससे पहले शेख मोहम्मद बिन जायद इस वर्ष जनवरी में निजी यात्रा पर पाकिस्तान आए थे, लेकिन यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा मानी जा रही है. खलीज टाइम्स के अनुसार, इस्लामाबाद पहुंचने पर उनके सम्मान में एक औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया. इस दौरान दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए गए, 21 तोपों की सलामी दी गई और ऑनर गार्ड ने राष्ट्रपति को सलामी दी. सैन्य और पारंपरिक बैंडों ने औपचारिक प्रस्तुतियां दीं, जबकि रास्ते के दोनों ओर खड़े बच्चों के समूह यूएई और पाकिस्तान के झंडे लहराते नजर आए. BREAKING: UAE President Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan arrives in Pakistan, welcomed by Field Marshal Asim Munir and Prime Minister Shehbaz Sharif pic.twitter.com/VEJSs4u04C — Insider Paper (@TheInsiderPaper) December 26, 2025 डेलीगेशन में कौन-कौन? पाकिस्तान के विदेश कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यूएई के राष्ट्रपति एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान पहुंचे हैं. खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूएई राष्ट्रपति के साथ आए शेख सुल्तान बिन हमदान अल नाहयान (यूएई राष्ट्रपति के सलाहकार), शेख मोहम्मद बिन हमद बिन तहनून अल नाहयान (यूएई राष्ट्रपति के सलाहकार), सलेम मोहम्मद अल जाबी (पाकिस्तान में यूएई के राजदूत) सहित कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. इस दौरे के दौरान उनकी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ विस्तृत बातचीत प्रस्तावित है, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों की समग्र समीक्षा की जाएगी. साथ ही, आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा. दोनों नेता व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा सहयोग और आर्थिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा कर सकते हैं. यूएई पाकिस्तान का प्रमुख व्यापारिक साझेदार यूएई पाकिस्तान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल है और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं. यूएई में विभिन्न क्षेत्रों में लाखों पाकिस्तानी नागरिक कार्यरत हैं, जो पाकिस्तान की वित्तीय स्थिति में अहम भूमिका निभाते हैं. इसके अलावा, रक्षा, ऊर्जा और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भी दोनों देशों के बीच सहयोग देखने को मिलता है. यूएई ने कई मौकों पर पाकिस्तान को वित्तीय सहायता और मानवीय मदद भी प्रदान की है. इस वर्ष एमओयू पर हुए थे हस्ताक्षर इस वर्ष अप्रैल में पाकिस्तान और यूएई ने दोनों देशों की जनता के बीच संपर्क और सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से कई सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे. ऐसे में शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग के लिहाज से भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यूएई पाकिस्तान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है और वहां काम कर रहे हजारों पाकिस्तानी नागरिकों के जरिए पाकिस्तान को बड़ी मात्रा में रेमिटेंस प्राप्त होती है. दोनों देश रक्षा, ऊर्जा और निवेश परियोजनाओं में सहयोग करते हैं, जबकि यूएई कई बार पाकिस्तान को वित्तीय सहायता और मानवीय मदद भी देता रहा है. ये भी पढ़ें:- दुनिया का चौथा बड़ा आर्म्स एक्सपोर्टर चीन, सबसे अहम खरीददार पाकिस्तान, लोन पर जिंदा मुल्क पर पेंटागन का खुलासा तारिक रहमान की एंट्री होते ही बदली बांग्लादेशी नेतृत्व, हिंदुस्तान विरोधियों में गठबंधन की आहट; दो फाड़ हुई NCP पाकिस्तानी परमाणु हथियारों से US को डरना चाहिए, पुतिन-बुश के बीच सालों पहले हुई बातचीत आई सामने The post पाकिस्तान में पहली आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे यूएई के राष्ट्रपति, शेख जायद के साथ भारी डेलीगेशन, क्या है तैयारी? appeared first on Naya Vichar.

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IDBI Bank Privatization: मार्च 2026 तक प्राइवेट हाथों में चला जाएगा आईडीबीआई बैंक, सरकार ने शुरू की प्रक्रिया

IDBI Bank Privatization: प्रशासन ने सार्वजनिक क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक (इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया) के निजीकरण की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दिया है. निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दिपम) के सचिव अरुणिश चावला ने संकेत दिया है कि बैंक की रणनीतिक बिक्री मार्च 2026 तक पूरी किए जाने की उम्मीद है. यह कदम प्रशासन की दीर्घकालिक बैंकिंग सुधार रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. प्रशासन की रणनीतिक बिक्री योजना आईडीबीआई बैंक में प्रशासन और हिंदुस्तानीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की संयुक्त हिस्सेदारी 95% से अधिक है. प्रशासन इस हिस्सेदारी को बेचकर बैंक को निजी हाथों में सौंपना चाहती है. रणनीतिक बिक्री के जरिए न केवल प्रशासनी बोझ कम होगा, बल्कि बैंक को पेशेवर प्रबंधन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप ढालने में भी मदद मिलेगी. विकसित हिंदुस्तान 2047 और बैंकिंग सुधार प्रशासन ने वर्ष 2047 तक विकसित हिंदुस्तान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंकिंग सेक्टर को मजबूत करने पर जोर दिया है. इसके तहत अधिक बड़े, मजबूत और विश्वस्तरीय बैंकों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है. इसी कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एकीकरण और निजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है. वित्त मंत्री के बयान से मिले संकेत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने ही कहा था कि हिंदुस्तान को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले कई बड़े बैंकों की जरूरत है. उन्होंने स्पष्ट किया था कि इस दिशा में काम पहले ही शुरू हो चुका है. प्रशासन ने हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ बातचीत भी शुरू कर दी है, जिससे आने वाले समय में और विलय या संरचनात्मक बदलावों के संकेत मिलते हैं. हिंदुस्तान में कुल 12 प्रशासनी बैंक इस समय हिंदुस्तान में 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कार्यरत हैं. परिसंपत्तियों के आधार पर दुनिया के टॉप 50 बैंकों में हिंदुस्तान से केवल हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ही शामिल है, जो वैश्विक स्तर पर 43वें स्थान पर है. इसके बाद निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक 73वें स्थान पर आता है. यह आंकड़े दर्शाते हैं कि हिंदुस्तान को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बैंकिंग संस्थानों की जरूरत है. पहले ही हो चुका है बड़े पैमाने पर बैंकों का विलय प्रशासन इससे पहले दो चरणों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एकीकरण कर चुकी है. इस प्रक्रिया में बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह गई. यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का पंजाब नेशनल बैंक में विलय किया गया. सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में, इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में, जबकि आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में विलय हुआ. इससे पहले देना बैंक और विजया बैंक को बैंक ऑफ बड़ौदा में शामिल किया गया था. सार्वजनिक बैंकों के मुनाफे में ऐतिहासिक उछाल सुधारों और बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता के चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक दो लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर को पार करने की उम्मीद है. प्रशासनी बैंकों की वित्तीय स्थिति पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है. प्राइवेट बैंकों में विदेशी निवेश की बढ़त प्राइवेट बैंकों में विदेशी निवेश का तेज प्रवाह देखने को मिला है. जापान की सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (एसएमबीसी) ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी 13,483 करोड़ रुपये में खरीदने का फैसला किया, जो सितंबर में पूरा हुआ. वहीं, संयुक्त अरब अमीरात के एमिरेट्स एनबीडी बैंक ने आरबीएल बैंक में 60% हिस्सेदारी 26,853 करोड़ रुपये में खरीदने की घोषणा की है. इसे भी पढ़ें: Gold Price Decline: 2026 की शुरुआत में ही 10% से 15% तक सस्ता हो सकता है सोना, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट? हिंदुस्तान के वित्तीय क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर आईडीबीआई बैंक का निजीकरण और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का संभावित एकीकरण हिंदुस्तान की बैंकिंग व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. आने वाले वर्षों में यह प्रक्रिया देश के वित्तीय क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है. भाषा इनपुट के साथ इसे भी पढ़ें: रेल यात्रियों को बड़ा झटका! बढ़ गया ट्रेनों का किराया, 25 दिसंबर की आधी रात से लागू The post IDBI Bank Privatization: मार्च 2026 तक प्राइवेट हाथों में चला जाएगा आईडीबीआई बैंक, प्रशासन ने शुरू की प्रक्रिया appeared first on Naya Vichar.

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25 से 30 किमी कम हो जाएगी बिहार से यूपी की दूरी, 8.44 करोड़ की लागत से सिसवा घाट पुल निर्माण कार्य शुरू

Bihar News, इजरायल अंसारी: पश्चिमी चंपारण जिले के सिसवा घाट पर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा पुल निर्माण का काम अब शुरू हो गया है. इस पुल पर करीब 8.44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पुल बनने के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच आना-जाना आसान हो जाएगा और दूरी लगभग 25 से 30 किलोमीटर कम हो जाएगी. मिलेगा सुरक्षित और स्थायी रास्ता यह पुल सिसवा–घाघवा घाट पर बनाया जा रहा है. इसके बन जाने से आसपास के कई गांव सीधे जुड़ जाएंगे. अब तक ग्रामीणों को नदी पार करने के लिए नाव या लंबा रास्ता अपनाना पड़ता था, लेकिन पुल बनने से उन्हें सुरक्षित और स्थायी रास्ता मिल जाएगा. इस समाचार से क्षेत्र के लोगों में खुशी है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें क्या बोले इंजिनियर ग्रामीण कार्य विभाग बिहार (Rural Affairs Department Bihar) के अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया. इंजिनियर राम विनय सिंह और एग्जीक्यूटिव इंजिनियर विवेक सोनी ने मौके पर पहुंचकर काम की क्वालिटी और उपयोग होने वाली सामग्री की जांच की. अधिकारियों ने ठेकेदार को निर्देश दिया कि काम तेजी से और तय मानकों के अनुसार पूरा किया जाए. अधिकारियों ने साफ कहा कि पुल निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और काम समय पर पूरा होना चाहिए. निरीक्षण के दौरान इंजिनियर और तकनीकी कर्मचारी भी मौजूद थे. इसे भी पढ़ें: बिहार के लोग अगले 72 घंटे के लिए हो जाएं सावधान, IMD ने इन जिलों के लिए जारी किया ऑरेंज अलर्ट The post 25 से 30 किमी कम हो जाएगी बिहार से यूपी की दूरी, 8.44 करोड़ की लागत से सिसवा घाट पुल निर्माण कार्य शुरू appeared first on Naya Vichar.

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UPSSSC Lekhpal Recruitment 2025: यूपी में लेखपाल की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, 12वीं पास करें आवेदन

UPSSSC Lekhpal Recruitment 2025: प्रशासनी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए शानदार मौका है. उत्तर प्रदेश सबोर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन कमीशन (UPSSSC) की तरफ से लेखपाल की भर्तियों के लिए नोटिफिकेशन जारी हो गया है. जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, इस भर्ती के माध्यम से कुल 7994 पदों पर भर्तियां होंगी. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. आवेदन करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाना होगा. यूपी में लेखपाल की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 29 दिसंबर 2025 से शुरू हो जाएगी. इसमें आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स को 28 जनवरी 2026 तक का समय मिला है. इसके लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी यही है. वहीं, आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स अपने फॉर्म में करेक्शन 4 फरवरी 2026 तक कर सकते हैं. UPSSSC Lekhpal Recruitment 2025 में ऐसे करें आवेदन सबसे पहले UPSSSC की ऑफिशियल वेबसाइट- upsssc.gov.in पर जाना होगा. वेबसाइट की होम पेज पर Latest News पर जाना होगा. इसके बाद लेखपाल मुख्य परीक्षा के लिए दिए लिंक पर क्लिक करें. अगले पेज पर Application form भर सकते हैं. फिर फीस का भुगतान करें. लास्ट में एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंट लेकर रख लें. UPSSSC Lekhpal Recruitment 2025 Notification Check Here UPSSSC Lekhpal Eligibility: कौन कर सकता है अप्लाई? यूपी में लेखपाल भर्ती के लिए आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स के पास 12वीं पास की योग्यता होनी चाहिए. इसके अलावा UPSSSC PET परीक्षा पास होना जरूरी है. वहीं, आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स की उम्र 18 साल से ज्यादा और 40 साल से कम होनी चाहिए. UPSSSC Lekhpal Salary: कितनी होगी लेखपाल की सैलरी लेखपाल के पद पर सेलेक्ट होने वाले कैंडिडेट्स को पे लेवल 3 के तहत सैलरी मिलेगी. इसमें बेसिक सैलरी 21,700 रुपये से 69,100 रुपये प्रति महीने होगी. इसके अलावा कई प्रशासनी भत्तों का लाभ भी मिलेगा. वैकेंसी और सैलरी की डिटेल्स के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: UP Police में कंप्यूटर ऑपरेटर की वैकेंसी, 12वीं पास करें अप्लाई The post UPSSSC Lekhpal Recruitment 2025: यूपी में लेखपाल की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, 12वीं पास करें आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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क्या पगला गए हैं इस देश के लोग? भालू मारकर ले रहे हैं स्वाद का चटखारा, चीन से लड़ने की ये कैसी तैयारी!

Bear Meat Japan: अफ्रीका के कई देशों में हाथी, शेर और दरियाई घोड़े अक्सर गांवों और खेतों में घुस आते हैं. कभी फसलें तबाह होती हैं, तो कभी इंसानी जान चली जाती है. वहां इसे इंसान और जंगल के बीच की टकराहट कहा जाता है. अब कुछ ऐसा ही नजारा जापान में भी दिख रहा है. फर्क बस इतना है कि यहां शेर या हाथी नहीं, बल्कि भालू लोगों के लिए खतरा बन गए हैं. और कहानी यहीं खत्म नहीं होती, क्योंकि भालू का डर अब लोगों की थाली तक पहुंच चुका है. भालू का कहर घर, स्कूल और सुपरमार्केट तक हमला जापान में इस साल भालुओं के हमलों में 13 लोगों की मौत हो चुकी है. यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. भालू जंगल छोड़कर घरों में घुस रहे हैं, स्कूलों के आसपास घूम रहे हैं और कई जगह सुपरमार्केट में भी घुस चुके हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक इसके पीछे तीन बड़ी वजहें हैं जैसे कि  भालुओं की आबादी तेजी से बढ़ना, गांवों से लोगों का शहरों की ओर पलायन और जंगलों में भालू के खाने की कमी, खासकर एकॉर्न की खराब फसल. भूखे भालू इंसानों के इलाके में पहुंच रहे हैं और टकराव बढ़ता जा रहा है. प्रशासन का फैसला- भालू मारो, खतरा घटाओ हालात बिगड़ते देख जापान प्रशासन ने भालुओं की संख्या कम करने का फैसला लिया. इसके लिए सेना को लॉजिस्टिक मदद में लगाया गया. दंगा नियंत्रण पुलिस तक को भालू मारने की जिम्मेदारी दी गई. आंकड़े बताते हैं कि इस वित्तीय साल के पहले छह महीनों में ही उतने भालू मार दिए गए, जितने पूरे पिछले साल में मारे गए थे. भालू, जो आधा टन तक भारी हो सकते हैं और इंसान से तेज दौड़ सकते हैं, अब प्रशासनी कार्रवाई के निशाने पर हैं. भालू का भुना हुआ मांस ग्राहकों के बीच बहुत लोकप्रिय डिश अब कहानी में असली ट्विस्ट आता है. जिन भालुओं को मारा जा रहा है, उन्हें सिर्फ दफनाया ही नहीं जा रहा, बल्कि उनका मांस रेस्टोरेंट में भी परोसा जा रहा है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, टोक्यो के पास एक पहाड़ी शहर चिचिबू में 71 साल के कोजी सुजुकी अपने रेस्टोरेंट में भालू का मांस परोसते हैं. पत्थर की स्लैब पर भुना हुआ मांस या सब्जियों के साथ हॉट पॉट उनके ग्राहकों के बीच बहुत लोकप्रिय डिश हैं. सुजुकी कहते हैं कि जैसे-जैसे भालुओं के बारे में समाचारें बढ़ीं, ज्यादा लोग भालू का मांस खाने आने लगे.  🐻🇯🇵 Bears have gone from dangerous to delicious in #Japan! Call it revenge if you will, but after an increase in #bear attacks, Japanese locals have turned the mammals into a culinary delicacy. Take a look ⤵️ pic.twitter.com/LOd6HrtV3o — FRANCE 24 English (@France24_en) December 24, 2025 उनका मानना ​​है कि अगर किसी भालू को मारा जाता है, तो सम्मान की बात यह है कि उसका इस्तेमाल किया जाए, न कि सिर्फ उसे दफना दिया जाए. 28 साल के म्यूजिशियन ताकाकी किमुरा ने पहली बार भालू का मांस खाया. उन्होंने कहा कि यह बहुत जूसी था और जितना ज्यादा उन्होंने चबाया, उसका स्वाद उतना ही तेज होता गया. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, रेस्टोरेंट चलाने वाली चिएको सुजुकी कहती हैं कि अब उन्हें अक्सर ग्राहकों को मना करना पड़ता है. हालांकि, उन्होंने बिजनेस के आंकड़े बताने से मना कर दिया. Bear Meat Japan in Hindi: होक्काइडो में सबसे ज्यादा भालू जापान प्रशासन इस पूरे मामले को गांवों की आमदनी से जोड़कर देख रही है. कृषि मंत्रालय का कहना है कि जंगली जानवरों से होने वाली परेशानी को अवसर में बदलना जरूरी है. इसके लिए प्रशासन ने करीब 118 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सब्सिडी देने का ऐलान किया है. मकसद है भालुओं की संख्या पर काबू पाना और उनके मांस से ग्रामीण इलाकों में रोजगार पैदा करना. जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइडो में ब्राउन बियर पाए जाते हैं. यहां पिछले 30 सालों में उनकी संख्या दोगुनी होकर 11,500 से ज्यादा हो चुकी है. प्रशासन ने अगले 10 सालों तक हर साल 1,200 भालू मारने की योजना बनाई है. हालांकि दिक्कत यह है कि भालू के मांस को प्रोसेस करने वाली प्रशासनी फैक्ट्रियां बहुत कम हैं. इसी वजह से काफी मांस अब भी बेकार चला जाता है. चीन-ताइवान और जापान तनाव इसी बीच जापान में एक और बड़ा तनाव चल रहा है, जो भालुओं के साथ-साथ चीन और ताइवान से जुड़ा है. 1949 के चीनी गृहयुद्ध के बाद चीन की राष्ट्रवादी प्रशासन ताइवान चली गई थी और वहां अलग शासन बना लिया. चीन आज भी ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को अलग और लोकतांत्रिक देश मानता है. यही विवाद दशकों से एशिया की नेतृत्व को गर्माए हुए है. जापान भले ही आधिकारिक तौर पर ‘वन चाइना पॉलिसी’ को मानता हो, लेकिन वह ताइवान की सुरक्षा को अपनी सुरक्षा से जोड़कर देखता है. ताइवान जापान के बेहद करीब है और वहां से गुजरने वाले समुद्री रास्ते जापान के लिए बहुत अहम हैं. (Japan China Taiwan Tension in Hindi) साने ताकाइची का बयान और चीन की नाराजगी 2025 में जापानी नेता साने ताकाइची ने साफ कहा कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया, तो जापान चुप नहीं बैठेगा. इस बयान से चीन नाराज हो गया. उसने इसे अपने आंतरिक मामलों में दखल बताया और जापान के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया. इसके बाद चीन ने जापान के आसपास समुद्री इलाकों में अपनी गतिविधियां बढ़ा दीं. चीन और जापान के बीच सेनकाकू द्वीपों को लेकर भी विवाद है. जापान इन्हें अपना मानता है, जबकि चीन और ताइवान दोनों दावा करते हैं. चीनी जहाजों की लगातार मौजूदगी से तनाव और बढ़ जाता है. ओसाका में चीनी काउंसल, जू जियान नाम के एक चीनी डिप्लोमैट ने सोशल मीडिया पर हिंसक भाषा का इस्तेमाल किया था. उसने प्रधानमंत्री ताकाची का गला काटने की धमकी दी थी. इस बयान पर जापान में काफी ध्यान गया और जापानी प्रशासन ने इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य माना. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, यह चीनी प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक धमकी नहीं थी; यह सिर्फ एक विवादित डिप्लोमैट का बयान था. हालांकि, चीन ने बाद में एक डिप्लोमैटिक चेतावनी जारी की, जिसमें कहा गया

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Watch Video: रोहित शर्मा गोल्डन डक के शिकार, फील्डर ने पकड़ा ऐसा कैच कि आखों पर नहीं होगा यकीन

Rohit Sharma: विजय हजारे ट्रॉफी के दूसरे मैच में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और धाकड़ बल्लेबाज रोहित शर्मा कोई कमाल नहीं दिखा पाए, क्योंकि वह पहली ही गेंद पर गोल्डन डक के शिकार हो गए. रोहित ने अपना सबसे पसंदीदा शॉट लगाया, लेकिन गेंद बाउंड्री के पार नहीं पहुंची और बाउंड्री पर खड़े फील्डर ने एक शानदार कैच पकड़ लिया. पुल शॉट स्पोर्ट्सने की रोहित की कोशिश नाकाम रही और इसी की वजह से देवेंद्र बोरा ने उत्तराखंड के लिए पहला विकेट लिया. उत्तराखंड के खिलाफ इस मैच में रोहित से काफी उम्मीदें थीं, क्योंकि उन्होंने सिक्किम के खिलाफ पहले मैच में 150 रन बनाकर विजय हजारे ट्रॉफी अभियान की शानदार शुरुआत की थी. स्टेडियम से बाहर निकलने लगे फैंस शुक्रवार की सुबह से ही प्रशंसक जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में उमड़ने लगे थे. हालांकि, उन्हें निराशा हाथ लगी क्योंकि पूर्व हिंदुस्तानीय कप्तान मुंबई के दूसरे मैच में अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहे. रोहित को पहली ही गेंद पर आउट करने के लिए जगमोहन नगरकोटी ने एक शानदार कैच लपका. जैसे ही रोहित पवेलियन की ओर वापस लौटे, कई प्रशंसक भी स्टेडियम से बाहर निकलने लगे, क्योंकि वे केवल हिटमैन को जयपुर में धमाल मचाते देखने आए थे. इससे पहले, उत्तराखंड के कप्तान कुणाल चंदेला ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जिसके बाद प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई. Rohit Sharma’s catch was almost dropped by the fielder, but he held on to it on the second attempt.😢💔 pic.twitter.com/Fcb1965xfW — 𝐑𝐮𝐬𝐡𝐢𝐢𝐢⁴⁵ (@rushiii_12) December 26, 2025 रोहित के आउट होने से फैंस निराश फैंस को रोहित से काफी उम्मीदें थीं क्योंकि मंच रोहित के लिए एक और शतक लगाने के लिए तैयार था. हालांकि, बोरा की योजना कुछ और ही थी. उन्होंने हिटमैन के लिए कुछ अलग ही गेंदबाजी की. इससे पहले, सिक्किम के खिलाफ 50 ओवर के टूर्नामेंट के पहले मैच में मुंबई के लिए रोहित शर्मा ने 94 गेंदों में 155 रन बनाए और टीम ने 237 रनों के लक्ष्य को 117 गेंद शेष रहते और आठ विकेट हाथ में रहते हासिल कर लिया. दाएं हाथ के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा अपनी लय में थे और उन्होंने लगातार चौके-छक्के लगाए, जिससे जयपुर के दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए. 2025 में रोहित शर्मा का प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब जीतने के बाद रोहित ने वनडे में 2025 में शानदार प्रदर्शन किया. ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक लगाकर अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी रोहित ने शानदार फॉर्म दिखाते हुए दो अर्धशतक लगाए. रांची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्पोर्ट्से गए पहले मैच में उन्होंने विराट कोहली के साथ 100 रन से अधिक की साझेदारी भी की. इस साल की शुरुआत में, रोहित शर्मा ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उत्तराखंड के खिलाफ मुकाबले के बाद रोहित अगला मैच स्पोर्ट्सेंगे या नहीं, क्योंकि बीसीसीआई ने विजय हजारे ट्रॉफी के कम से कम दो राउंड में स्पोर्ट्सना अनिवार्य किया है. अगर रोहित अब और मैच नहीं स्पोर्ट्सते हैं, तो उन्हें अगली बार 11 जनवरी से शुरू होने वाली न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में स्पोर्ट्सते हुए देखा जा सकेगा. ये भी पढ़ें… झारखंड की पहली SMAT जीत में पर्दे के पीछे थी एमएस धोनी की भूमिका, हुआ बड़ा खुलासा श्रेयस अय्यर ने शुरू की नेट पर प्रैक्टिस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से चोट पर आया बड़ा अपडेट The post Watch Video: रोहित शर्मा गोल्डन डक के शिकार, फील्डर ने पकड़ा ऐसा कैच कि आखों पर नहीं होगा यकीन appeared first on Naya Vichar.

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Pahadi Chicken Fry Recipe: नए साल पर उठाएं टेस्टी पहाड़ी चिकन फ्राई का आनंद, बदल जाएगा मुंह का जायका

Pahadi Chicken Fry Recipe: नए वर्ष के मौके पर घर में नॉनवेज जरूर बनाया जाता है. आप भी अगर इस विशेष अवसर पर नॉनवेज बनाने की सोच रहे हैं तो इस बार पहाड़ी जायकेदार डिश चिकन फ्राई को ट्राई कर सकते हैं. यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होती है. इसे आप चाहे तो घर आए मेहमानों को स्नैक्स में सर्व कर सकते हैं. यह डिश प्रोटीन और स्वाद दोनों से भरपूर होता है. अब जान लेते हैं पहाड़ी चिकन फ्राई बनाने की रेसिपी.     पहाड़ी चिकन बनाने की सामग्री 1 चिकन –  टुकड़ों में कटा हुआ 1 कप – पुदीना पत्ता-कटा हुआ 1 कप – हरा धनिया-कटा हुआ 1 टीस्पून – पिसी हुई काली मिर्च 1 टीस्पून – गरम मसाला 2 टेबलस्पून – तेल 1 टीस्पून – जीरा 1 बड़ा चम्मच – हरी मिर्च कटी हुई 1 टीस्पून – लहसुन का पेस्ट 1 टीस्पून – अदरक का पेस्ट 1 1/2 टीस्पून – नमक इसे भी पढ़ें: Roasted Chicken Recipe: क्रिसमस पार्टी का मजा बढ़ाएंगे सुपर टेस्टी रोस्टेड चिकन पहाड़ी चिकन बनाने की विधि इसे बनाने के लिए सबसे पहले पुदीना, हरा धनिया, लहसुन और अदरक को एक साथ पीसकर अलग रख लें. फिर आप इस पेस्ट में चिकन के टुकड़े डालकर 3-4 घंटे के लिए मैरिनेट होने दें. अब आप तेल गरम करके उसमें जीरा और मैरिनेड किए हुए चिकन के पीस डालकर तेज आंच पर भून लें. चिकन दोनों तरफ पक जाने के बाद आंच कम करके बिना ढके लगातार चलाते रहें. चिकन पूरी तरह पककर चर्बी से अलग होने के बाद गैस बंद कर दें. लीजिए अब आपका टेस्टी पहाड़ी चिकन बनकर तैयार हो चुका है और अब आप इसे सर्व कर सकते हैं. इसे भी पढ़ें: Mughlai Chicken Recipe: मुगलई स्वाद अब चखना है घर पर, तो ऐसे बनाए लाजवाब चिकन  इसे भी पढ़ें: Lemon Pepper Chicken Recipe: लेमन पेपर चिकन से वीकेंड को बनाएं खास, जल्दी नोट कर लें आसान रेसिपी The post Pahadi Chicken Fry Recipe: नए साल पर उठाएं टेस्टी पहाड़ी चिकन फ्राई का आनंद, बदल जाएगा मुंह का जायका appeared first on Naya Vichar.

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Akshara Targets Pawan Singh: क्या पवन सिंह को टारगेट कर रही हैं अक्षरा? ‘दगाबाज रंगबाज’ पर बंटे फैंस

Akshara Targets Pawan Singh: भोजपुरी इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेस और सिंगर अक्षरा सिंह एक बार फिर अपने नए गाने को लेकर सुर्खियों में हैं. उनका लेटेस्ट सॉन्ग ‘दगाबाज रंगबाज’ हाल ही में यूट्यूब पर रिलीज हुआ है और आते ही दर्शकों के चर्चा का विषय बन गया है. गाने में अक्षरा का स्टाइल, उनका एटीट्यूड और दमदार अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है. रिलीज के सिर्फ 48 घंटों के भीतर ही इस गाने को 2.1 लाख (समाचार लिखे जाने तक) से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं. इन सब के अलावा यह गाना विवादों में भी घिरता नजर आ रहा है. यूजर्स इस गाने को पवन सिंह से जोड़कर देख रहे हैं. दगाबाजी पर कसती हैं तंज दरअसल, गाने की शुरुआत में अक्षरा सिंह कार से उतरती नजर आती हैं, जहां से उनका दमदार अंदाज साफ झलकता है. पूरे गाने में उनके डांस मूव्स और एक्सप्रेशन्स काफी पावरफुल हैं. गाने के बोलों के जरिए वह कहती हैं कि जो दगाबाजी करता है, वो असलियत में रंगबाज नहीं हो सकता. इस गाने में कई ऐसे लाइन्स हैं, जो दगाबाज लोगों पर तंज कसने जैसा है.  किसी ने किया सपोर्ट तो किसी ने लगाया आरोप अक्षरा सिंह के नए गाने पर फैंस बंटे अब इस गाने के कमेंट बॉक्स में कुछ लोग अक्षरा सिंह की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि इस गाने के जरिए अक्षरा सिंह ने पवन सिंह को टारगेट किया है. एक यूजर ने लिखा, “कौन कौन मानता है कि पवन सिंह को टारगेट कर के दुबारा मार्केट में आना चाहती हैं”. तो वहीं दूसरे ने लिखा, “जियो हम सबकी शेरनी”. इन्हीं सब के बीच यह गाना दगाबाज रंगबाज इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है. यह भी पढे़ं: Pawan Singh Dhamaka Song BTS: इस तरह शूट हुआ पावर स्टार का ‘धमाका’ सॉन्ग, मेकर्स ने लीक किया वीडियो यहां सुन सकते हैं पूरा गाना The post Akshara Targets Pawan Singh: क्या पवन सिंह को टारगेट कर रही हैं अक्षरा? ‘दगाबाज रंगबाज’ पर बंटे फैंस appeared first on Naya Vichar.

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