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December 27, 2025

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वन देवी रक्सी स्थान, तेलियागढ़ी किला व अन्य पिकनिक स्पॉट पर्यटकों से हो रहे गुलजार

मंडरो. मंडरो प्रखंड के आसपास पहाड़ियों की तलहटी में स्थित पर्यटन स्थल नववर्ष के आगमन से पूर्व ही पिकनिक मनाने वालों से गुलजार हो गये हैं. मिर्जाचौकी स्थित वन देवी रक्सी स्थान, ऐतिहासिक तेलियागढ़ी किला, सिमड़तल्ला झील, मंडरो का तारा पहाड़, गुर्मी पहाड़ तथा फॉसिल्स पार्क में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. पहाड़ों की गोद में बसे इन स्थलों पर लोग परिवार और मित्रों के साथ पिकनिक का आनंद ले रहे हैं. डीजे की धुन पर नृत्य करते हुए लोग वर्ष 2025 को अलविदा कहकर 2026 के स्वागत की खुशियां मना रहे हैं. विशेष रूप से मंडरो स्थित फॉसिल्स पार्क पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. दूर-दराज से आए लोग यहां न केवल पिकनिक मना रहे हैं, बल्कि करोड़ों वर्ष पुराने फॉसिल्स की उत्पत्ति और उनके वैज्ञानिक महत्व के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं. फॉसिल्स पार्क तक पहुंचने के लिए मिर्जाचौकी रेलवे स्टेशन से करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है, जिसे निजी या भाड़े के वाहनों से आसानी से तय किया जा सकता है. पर्यटकों की सुविधा के लिए फॉसिल्स पार्क में म्यूजियम, विजुअल ऑडिटोरियम, रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस जैसी व्यवस्था की गयी हैं. ऑडिटोरियम में ब्रह्मांड की संरचना, मानव उत्पत्ति और फॉसिल्स की खोज से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित की जाती है. भूवैज्ञानिक प्रो रंजीत कुमार सिंह ने सैलानियों से अपील की है कि पिकनिक के बाद स्वच्छता बनाये रखें, ताकि यह प्राकृतिक धरोहर सुरक्षित रह सके और आने वाली पीढ़ियां भी इसका आनंद ले सकें. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post वन देवी रक्सी स्थान, तेलियागढ़ी किला व अन्य पिकनिक स्पॉट पर्यटकों से हो रहे गुलजार appeared first on Naya Vichar.

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Deoghar News : जब तक स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, चैन से नहीं बैठेंगे : डॉ इरफान

प्रमुख संवाददाता, देवघर : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने शनिवार को देवघर सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली. मंत्री ने ओपीडी, विभिन्न वार्ड, दवा भंडार, जांच इकाइयों और मशीनों का बारीकी से जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ युगल किशोर चौधरी, डीएस डॉ सुषमा वर्मा सहित सभी चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद साथ रहे. काफी देर तक चले निरीक्षण के बाद मंत्री अस्पताल की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आये. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे घोषणाओं में नहीं, काम में विश्वास रखते हैं, जब तक स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह मजबूत नहीं होगी, तब तक रुकने वाले नहीं हैं. 11 महीनों की मेहनत का दिख रहा असर डॉ इरफान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद पिछले 11 महीनों में लगातार सुधारात्मक कदम उठाये गये हैं, जिसका सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिख रहा है. उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर होने के नाते वे स्वास्थ्य सेवाओं की बारीकियों को समझते हैं और विभाग की लगातार निगरानी करते हैं. अफवाहों पर सख्त रुख, काम पर भरोसा स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उन्हें फोन कर सूचना दी गयी थी कि सदर अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं हैं और मरीज परेशान हैं. इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए वे स्वयं अस्पताल पहुंचे, लेकिन मौके पर डॉक्टर मौजूद थे और इलाज सुचारू रूप से चल रहा था. शिकायत करने वाले युवक से संपर्क नहीं हो सका. मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर भ्रामक सूचना न फैलायें, इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल प्रभावित होता है. देवघर को मेडिकल कॉलेज की सौगात डॉ अंसारी ने घोषणा दोहराया कि देवघर को जल्द मेडिकल कॉलेज की ऐतिहासिक सौगात मिलने जा रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में शीघ्र ही इसका शिलान्यास होगा. यह मेडिकल कॉलेज देवघर समेत पूरे संताल परगना के लिए स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा. हाइटेक सुविधाओं की ओर कदम मंत्री ने बताया कि देवघर में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल जल्द शुरू होगा, 108 एंबुलेंस सेवा को और मजबूत किया जा रहा है तथा सदर अस्पताल को हाइटेक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. उन्होंने सीआर मशीन का निरीक्षण करते हुए कहा कि यह मशीन घुटनों के दर्द और अर्थराइटिस जैसी बीमारियों के इलाज में आम जनता के लिए लाभकारी होगी. हाइलाइट्स स्वास्थ्य मंत्री ने किया सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण, व्यवस्था से दिखे संतुष्ट देवघर में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल जल्द शुरू होगा डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Deoghar News : जब तक स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, चैन से नहीं बैठेंगे : डॉ इरफान appeared first on Naya Vichar.

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बोरियो में जनवरी से अब तक 10 लोगों की सड़क हादसे में हो चुकी है मौत

बोरियो. हिंदुस्तान दुनिया में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं वाले देशों में से एक है. हिंदुस्तान में सड़क सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए सख्त नियमों, बेहतर बुनियादी ढांचे और जनता में जागरुकता की आवश्यकता है. खासकर युवा और वाहन चालकों के बीच. साहिबगंज जिले में प्रत्येक वर्ष सैकडों लोग सड़क दुर्घटना के शिकार होते है. इसका मुख्य कारण तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और हेलमेट/सीटबेल्ट का उपयोग न करना है. बोरियो थाना क्षेत्र में जनवरी माह से अब तक 10 लोग काल के गाल में समा गये हैं. सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा जागरुकता अभियान चलाया जाता है. वाहन चालकों को हेलमेट/सीटबेल्ट पहनकर वाहन चलाने की हिदायत दी जाती है, लेकिन लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर लापरवाही से वाहन चलाते हैं. परिणाम स्वरूप सड़कों पर मौतें हो रही है. बोरियो थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना कई ब्लैक स्पॉट घोषित किये गये हैं, ताकि लोग ब्लैक स्पॉट पर सावधानीपूर्वक वाहन चलायें. जिला परिवहन विभाग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए लगातार वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. सड़क किनारे उगे झाड़ियां भी बनी मुसीबत बोरियो-साहिबगंज, बोरियो-तीनपहाड़, बोरियो-बरहेट, बोरियो-बोआरीजोर मुख्य सड़क के किनारे बड़े बड़े झाड़ियां उग आए हैं. तीखा मोड़ में सड़क झाड़ियों से सामने नजर नहीं आती है. सामने से आने वाले वाहनों पर नजर नहीं रहने के कारण भी कई बार दुर्घटनाएं होती है. ठंड के मौसम में बोरियो प्रखंड क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहता है. कोहरे में विजिबिलिटी बिल्कुल कम हो जाती है. ऊपर से सड़क किनारे उगे झाड़ियों से चालकों को काफी परेशानी होती है. प्रशासन को सड़क किनारे उगे झाड़ियों को सफाई कराने चाहिए. माहवार मौतों का आंकड़ा जनवरी में एक, फरवरी में ती, मार्च -2, अप्रैल में शून्य, मई में एक, जून में शून्य, जुलाई में शून्य, अगस्त में शून्य, सितंबर में दो, अक्तूबर में एक, नवंबर में शून्य, दिसंबर में शून्य. नोट:-यह आंकड़ा 26 दिसंबर तक का है. क्या कहते हैं जिला सडक सुरक्षा प्रबंधक सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संभावित क्षेत्रों में सूचना बोर्ड लगाये गये हैं. रात में चालकों को सुविधा हो, इसके लिए सड़क पर रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं. यातायात नियमों का पालन कराने के लिए प्रत्येक दिन वाहन जांच अभियान चलाया जाता है. लोग जागरुकता के अभाव में सड़क दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. – नीरज साह, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बोरियो में जनवरी से अब तक 10 लोगों की सड़क हादसे में हो चुकी है मौत appeared first on Naya Vichar.

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गरीबों का हक छीना गया तो सड़क से संसद तक होगा संघर्ष

साहिबगंज केंद्र प्रशासन द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम व स्वरूप में बदलाव कर कथित रूप से “वीबी जी रामजी योजना” लागू करने की तैयारी के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से शनिवार को जिला मुख्यालय के स्टेशन चौक पर धरना दिया गया. अध्यक्षता झामुमो जिला अध्यक्ष अरुण सिंह ने की. इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं समर्थक मौजूद थे. धरना स्थल पर केंद्र प्रशासन की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी. जिला अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और बेरोजगारों के लिए जीवनरेखा है. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देती है. पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र प्रशासन योजनाबद्ध तरीके से मनरेगा को कमजोर कर गरीब मजदूरों का हक छीनना चाहती है. पहले नाम बदलने की कोशिश की जा रही है और अब वित्तीय व तकनीकी प्रक्रिया को जटिल बनाकर मजदूरों तक लाभ पहुंचने में बाधा खड़ी की जा रही है. झामुमो जिला सचिव सुरेश टुडू ने कहा कि मनरेगा में “एम” का अर्थ महात्मा गांधी है, जो सत्य और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं. उनके नाम से छेड़छाड़ करना केवल योजना नहीं, बल्कि विचारधारा पर हमला है. राजमहल विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद मारूफ उर्फ गुड्डू ने कहा कि देश गंभीर बेरोजगारी से जूझ रहा है, लेकिन रोजगार बढ़ाने की बजाय केंद्र प्रशासन रोजगार देने वाली योजनाओं को कमजोर कर रही है. जिला परिषद अध्यक्ष मोनिका किस्कू ने कहा कि झारखंड प्रशासन और झामुमो इस तरह के नामकरण और शर्तों को स्वीकार नहीं करेगी. धरना के बाद शिष्टमंडल ने राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा. झामुमो नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की गयी तो आंदोलन को राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक तेज किया जायेगा. मौके पर केंद्रीय समिति सदस्य अमरनाथ यादव, अखलाकुर रहमान, जिला उपाध्यक्ष मुजम्मिल हक, जंग बहादुर सिंह, जिला परिषद सदस्य बारीक शेख, मो अली अंसारी, बर्नाड मरांडी, गुरु हेंब्रम, मो शाहबाज, बाबू दा, अनीसुर रहमान समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post गरीबों का हक छीना गया तो सड़क से संसद तक होगा संघर्ष appeared first on Naya Vichar.

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डॉ रामजन्म मिश्र अभिनंदन ग्रंथ का किया लोकार्पण

साहिबगंज सारस्वत साधना के सात्त्विक साधक डॉ रामजन्म मिश्र पर आधारित अभिनंदन ग्रंथ का लोकार्पण जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य और तोताद्रिपीठ, अयोध्या के पीठाधीश्वर परमहंस अगमानंद महाराज ने किया. यह विमोचन सह विमर्श समारोह झारखंड राज्य भाषा साहित्य अकादमी साहिबगंज, अभिनंदन ग्रंथ समिति रांची तथा शिव शक्ति योगपीठ नवगछिया (बिहार) के संयुक्त तत्वावधान में मंगलम रिसोर्ट, भागलपुर में आयोजित किया गया. समारोह की अध्यक्षता तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ लक्ष्मीश्वर झा ने की. कार्यक्रम का उद्घाटन मानस कोकिला कृष्णा मिश्रा, परमहंस अगमानंद महाराज, डॉ रामजन्म मिश्र तथा अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, जिसके उपरांत वेदपाठी आचार्यों ने स्वस्तिवाचन किया. अवसर पर कई प्रख्यात विद्वानों—पूर्व कुलपति प्रो अवध किशोर राय, प्रो (डॉ) शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रो विभूति नारायण सिंह, प्रो डॉ सुनील कुमार चौधरी, प्रो डॉ सत्यव्रत सिंह, प्रो वीरेंद्र कुमार सिंह, प्रो अंजनी कुमार राय सहित अन्य शिक्षाविदों और साहित्यकारों ने डॉ मिश्र के व्यक्तित्व, कृतित्व और साहित्यिक अवदान पर प्रकाश डाला. समारोह के अध्यक्ष डॉ लक्ष्मीश्वर झा ने डॉ मिश्र के संघर्षों की कहानी बतायी और कहा कि डॉ मिश्र स्वाभिमान से समझौता नहीं करते हैं. उनका व्यक्तित्व अनुकरणीय है. कृष्णा मिश्रा और डॉ आशा तिवारी ओझा ने उन्हें सात्त्विक साहित्य साधक बताया. मुख्य अतिथि डॉ नृपेंद्र प्रसाद वर्मा ने उनके छात्र जीवन के संस्मरण साझा किए. स्वयं डॉ रामजन्म मिश्र ने भावुक होकर अपने संघर्षों की कहानी कहते हुए अपने गुरुजनों में आचार्य शिव बालक राय, डॉ जगन्नाथ ओझा, प्रो तपेश्वर नाथ और माई रामसखी देवी, बाबूजी पं रामेश्वर मिश्र को भी आदरपूर्वक स्मरण किया. अतिथियों का स्वागत झारखंड राजभाषा साहित्य अकादमी के सचिव डॉ सच्चिदानंद मिश्र ने किया. धन्यवाद ज्ञापन शिक्षाविद् डॉ मृत्युंजय सिंह गंगा ने किया और अपने सहयोगियों में चंचल सिंह, कुंदन बाबा, प्रिया सिंह, डॉ सपना सिंह का भी आभार प्रकट किया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post डॉ रामजन्म मिश्र अभिनंदन ग्रंथ का किया लोकार्पण appeared first on Naya Vichar.

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जिले में सीएम कन्यादान योजना के आये 533 आवेदन, 470 स्वीकृत लाभुकों में 1.41 लाख का भुगतान

राजमहल झारखंड प्रशासन ने वर्ष 2004 में राज्य के गरीब परिवारों के बेटियों की शादी/विवाह में आर्थिक बोझ कम करने के उद्देश्य मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की शुरुआत की है. यह गरीब परिवारों के लिए कल्याणकारी योजना है. योजना का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह को रोकना, बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना और गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों को विवाह के समय वित्तीय सहायता देना है. साहिबगंज जिले के विभिन्न प्रखंडों के हजारों लाभुक इस योजना से लाभान्वित हुए हैं. जानकारी के अनुसार, जिला समाज कल्याण विभाग को इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में एक करोड़ 55 लाख 11 हजार रुपये आवंटन हुआ. इसमें अबतक एक करोड़ 41 लाख रुपये लाभुकों को दिया गया है. फिलहाल विभाग के पास 14 लाख 11 हजार रुपये अवशेष हैं. विभागीय आंकड़ों के अनुसार, साहिबगंज जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी प्रखंडों से 533 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 470 आवेदन स्वीकृत हो सका है. आंकड़े बताते हैं कि साहिबगंज प्रखंड में 33, बोरियो में 31, बरहेट में 131, बरहरवा में 124, पतना में 14, राजमहल में 77 आवेदन स्वीकृत हुआ है. आश्चर्य की बात है कि जिला के मंडरों, तालझारी व उधवा प्रखंड में शून्य आवेदन प्राप्त हुए. इन तीनों प्रखंड से आवेदन प्राप्त न होना कई सवाल उठ रहे हैं. इसके पूर्व में इन प्रखंडों में इस योजना का लाभ दिया जा चुका है. परंतु इस वित्तीय वर्ष में शून्य आवेदन होना आश्चर्य है. पदाधिकारियों को इस ओर ध्यानाकृष्ट करने की आवश्यकता है, ताकि सभी प्रखंडों के योग्य लाभुकों को इसका लाभ मिल सके. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जिले में सीएम कन्यादान योजना के आये 533 आवेदन, 470 स्वीकृत लाभुकों में 1.41 लाख का भुगतान appeared first on Naya Vichar.

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रोजाना मीनू के अनुसार चले एमडीएम, 15 को तिथि भोजन : बीडीओ

मंडरो. प्रखंड कार्यालय परिसर में संचालन सह अनुश्रवण समिति की बैठक शनिवार को बीडीओ मेघनाथ उरांव की अध्यक्षता में हुई. प्रशासनी विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना की विस्तृत समीक्षा की गयी. प्रतिदिन निर्धारित मीनू के अनुसार स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष चर्चा हुई. साथ ही शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. बीडीओ ने स्पष्ट कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. बैठक में निर्देश दिया गया कि मध्याह्न भोजन से संबंधित एसएमएस प्रतिदिन पूर्वाह्न 11 बजे तक अनिवार्य रूप से भेजा जाए. इसके अलावा प्रत्येक माह की 15 तारीख को तिथि भोजन के अवसर पर सभी संबंधित कर्मियों को विद्यालयों का भ्रमण कर व्यवस्था को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया गया. इस कार्य में समिति सदस्यों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग पर भी बल दिया गया. बीडीओ ने स्पष्ट किया कि किसी भी कार्य दिवस में विद्यालय बंद नहीं होने चाहिए और किसी भी परिस्थिति में मध्याह्न भोजन बाधित नहीं होना चाहिए. बैठक में स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों पर भी चर्चा हुई. प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मो एहसान अहमद ने मध्याह्न भोजन योजना के तहत चावल, कुकिंग कॉस्ट सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी. वहीं स्वास्थ्य विभाग से डॉ साकेत सानु ने विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच से संबंधित योजनाओं की जानकारी साझा की. मौके पर प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मो एहसान अहमद, चिकित्सा प्रभारी डॉ साकेत सानु, एजीएम राजेश कुमार, बीआरपी क्लाइमेट सोरेन, मध्य विद्यालय मिर्ज़ाचौकी के प्रभारी प्रधानाध्यापक छविलाल पासवान, एमडीएम ऑपरेटर शिव कुमार ठाकुर, प्रबंधन समिति के अध्यक्ष के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, संयोजिका अंजू देवी आदि उपस्थित थीं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post रोजाना मीनू के अनुसार चले एमडीएम, 15 को तिथि भोजन : बीडीओ appeared first on Naya Vichar.

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साहिबगंज स्टेशन पर लिफ्ट फेल, पुल अधूरा और यात्रियों की जान जोखिम में

साहिबगंज. मालदा रेल मंडल के अंतर्गत साहिबगंज रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक और भव्य बनाने के उद्देश्य से रेलवे द्वारा अमृत हिंदुस्तान योजना सहित विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं. स्टेशन के सौंदर्यीकरण और विस्तार कार्य तेज़ी से चलने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे अलग दिखायी देती है. पिछले लगभग आठ महीनों से जारी निर्माण कार्य के कारण यात्रियों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं और विकास की आड़ में उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. स्टेशन पर प्लेटफाॅर्म नंबर 1, 2 और 3 को जोड़ने वाला फुटओवर ब्रिज अब तक अधूरा है, जिससे यात्रियों को एक प्लेटफाॅर्म से दूसरे प्लेटफाॅर्म पर जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. खासकर तब, जब ट्रेन का समय नजदीक हो और यात्री स्त्रीओं, बच्चों या भारी सामान के साथ हों, तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. कई बार केवल प्लेटफाॅर्म बदलने में देरी के कारण यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है. समस्या यहीं तक सीमित नहीं है. स्टेशन के पूर्वी छोर पर लगी लिफ्ट अक्सर खराब रहती है. यात्रियों का कहना है कि वे जब वहां पहुंचते हैं तो लिफ्ट बंद मिलती है और उन्हें मजबूरी में काफी दूर पश्चिमी छोर की ओर जाना पड़ता है. इस अतिरिक्त दूरी और समय के कारण बुजुर्गों, स्त्रीओं, दिव्यांग यात्रियों और बच्चों के साथ सफर करने वालों को अत्यधिक परेशानी उठानी पड़ती है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई यात्री ट्रेन छूटने के डर से जान जोखिम में डालकर रेल पटरियां पार करने को मजबूर हो रहे हैं. आए दिन शिशु गोद में उठाकर यात्रियों को पटरियों के बीच से प्लेटफाॅर्म बदलते देखा जा सकता है. यह न केवल रेलवे नियमों का उल्लंघन है, बल्कि किसी बड़े हादसे को खुला न्योता देने जैसा है. स्थिति तब और भयावह हो जाती है, जब मेन लाइन में मालगाड़ी खड़ी रहती है और दूसरी प्लेटफार्म पर ट्रेन आ जाती है, जिससे प्लेटफाॅर्म बदलना लगभग असंभव हो जाता है. यात्रियों का आरोप है कि ऐसे हालात में न तो सहायता केंद्र सक्रिय रहता है और न ही रेलवे प्रशासन की ओर से समय पर कोई स्पष्ट अनाउंसमेंट किया जाता है. नियमित यात्रियों का कहना है कि विकास कार्य आवश्यक और स्वागतयोग्य है, लेकिन निर्माण की धीमी गति और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की कमी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से समझौता कर रही है. यात्रियों ने सुझाव दिया है कि जब तक फुट ओवर ब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक अधिकतर ट्रेनों का संचालन प्लेटफाॅर्म नंबर-1 से किया जाए. साथ ही लिफ्ट की नियमित जांच, त्वरित मरम्मत और खराब होने की स्थिति में स्पष्ट सूचना की व्यवस्था की मांग की जा रही है. फिलहाल साहिबगंज स्टेशन पर विकास के दावों के बीच यात्री रोज़ाना अव्यवस्था, जोखिम और असुविधा झेलने को मजबूर हैं, जो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को जन्म दे रहा है. क्या कहते हैं स्टेशन प्रबंधक : रेलवे द्वारा बड़े पैमाने पर विकास कार्य किया जा रहा है. निर्माण कार्य के कारण यात्रियों को कुछ असुविधा जरूर हो रही है, लेकिन यह अस्थायी है. बहुत जल्द लंबित कार्य पूरे कर लिए जाएंगे और यात्रियों को बेहतर एवं सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी. – गुड्डू साह, स्टेशन प्रबंधक, साहिबगंज. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post साहिबगंज स्टेशन पर लिफ्ट फेल, पुल अधूरा और यात्रियों की जान जोखिम में appeared first on Naya Vichar.

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Deoghar news : स्टेट बार काउंसिल के चुनाव के दावेदारों ने चलाया संपर्क अभियान

देवघर. झारखंड स्टेट बार काउंसिल रांची के चुनाव को लेकर हलचल तेज है. वैसे तो चुनाव की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन चुनाव के दावेदारों ने अधिवक्ताओं के बीच संपर्क अभियान चलाया है. देवघर जिला अधिवक्ता संघ के अधिवक्ताओं से संपर्क कर अपना समर्थन देने व अपने सहयोगी अधिवक्ताओं से भी समर्थन दिलाने का अनुरोध कर रहे है. पूर्व से स्टेट बार काउंसिल के दो सदस्य बालेश्वर प्रसाद सिंह व अमर कुमार सिंह हैं, जो एक बार फिर से चुनावी मैदान में अपना भाग्य आजमाने को तैयार हैं. इधर अधिवक्ता दिलीप कुमार सिंह, ललित यादव व नीरज कुमार ने सभी से सघन जनसंपर्क कर रहे हैं और लगातार देवघर ही नहीं दुमका, गोड्डा, धनबाद व गिरिडीह जिला अधिवक्ता संघ के अलावा मधुपुर अनुमंडल अधिवक्ता संघ में जा रहे हैं, साथ ही समर्थन का अनुरोध कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न स्टेट बार काउंसिल का चुनाव मार्च 2026 तक संपन्न कराने का आदेश दिया है. झारखंड स्टेट बार काउंसिल रांची में पहली बार सात सदस्य स्त्री अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित कर दिया गया है. कुल मिला कर 23 सदस्याें का चुनाव होना है. राज्य के विभिन्न अधिवक्ता संघों में कुल 24, 400 अधिवक्ता पंजीकृत हैं, जो अपने मतों का प्रयोग कर प्रतिनिधियों का चयन करेंगे. मालूम हो कि वर्तमान में तदर्थ कमेटी कार्य कर रही है. पूर्व की कमेटी का कार्यकाल 28 जुलाई 2023 को ही समाप्त हो चुका है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Deoghar news : स्टेट बार काउंसिल के चुनाव के दावेदारों ने चलाया संपर्क अभियान appeared first on Naya Vichar.

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Vastu Tips: कम खर्च, आसान तरीका और बड़ा असर! नये साल पर यह उपाय बदल देगा पूरे साल की किस्मत

Vastu Tips: नया साल हर किसी के लिए नई उम्मीद, नये संकल्प और बेहतर जीवन की कामना लेकर आता है. ऐसे में अगर साल की शुरुआत ही सही ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ हो जाए, तो पूरे साल इसका असर बना रहता है. वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे सरल उपाय बताए गये हैं, जिन्हें नए साल के पहले दिन अपनाने से घर में सुख-शांति, धन और सफलता का प्रवाह बना रहता है. खास बात यह है कि इन उपायों में न तो ज्यादा खर्च होता है और न ही किसी बड़े बदलाव की जरूरत पड़ती है. साल की शुरुआत ऐसे करें शुभ वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, नए साल के पहले दिन सुबह उठकर सबसे पहले घर की साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए. खासकर घर का मुख्य द्वार, पूजा स्थल और रसोई साफ होनी चाहिए. माना जाता है कि जहां साफ-सफाई और व्यवस्था होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा खुद ब खुद आकर्षित होती है. यह छोटा सा उपाय बदल सकता है साल भर का माहौल नये साल के दिन घर के मुख्य द्वार के पास एक कटोरी में मोटा नमक रख दें. नमक को नकारात्मक ऊर्जा को सोखने वाला माना गया है. यह उपाय बेहद सस्ता, आसान और प्रभावी माना जाता है. एक सप्ताह बाद इस नमक को बहते पानी में प्रवाहित कर दें. Also Read: Vastu Tips 2026: क्या आप जानते है गृह प्रवेश का मतलब, जानें ज्योतिष और वास्तु की आध्यात्मिक मान्यता वास्तु मान्यताओं के अनुसार इसका क्या फायदा होता है घर की नकारात्मकता कम होती है बेवजह के तनाव और कलह में कमी आती है काम में रुकावटें धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं दीपक जलाने का भी है खास महत्व नये साल की पहली शाम को घर के पूजा स्थल या मुख्य द्वार पर घी का दीपक जरूर जलाएं. यह समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है. दीपक जलाते समय मन में सकारात्मक संकल्प लें और पूरे परिवार के सुख-स्वास्थ्य की कामना करें. खर्च कम, असर ज्यादा इन उपायों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें किसी महंगे सामान या विशेष पूजा-पाठ की जरूरत नहीं होती. बस थोड़ी श्रद्धा, साफ-सफाई और नियमितता जरूरी है. वास्तु शास्त्र मानता है कि छोटे-छोटे उपाय भी अगर सही समय और सही भाव से किए जाएं, तो उनका असर लंबे समय तक रहता है. साल भर बनाए रखें सकारात्मक ऊर्जा नये साल के दिन किए गए ये छोटे वास्तु उपाय पूरे साल सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद करते हैं. साथ ही यह भी जरूरी है कि घर में अनावश्यक सामान जमा न हो, रोशनी और हवा का उचित प्रवाह बना रहे और आपसी रिश्तों में मधुरता रखी जाए. Also Read: Vastu Tips: रात के समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां? ज्यादातर लोग अनजाने में बुला रहे हैं परेशानियां The post Vastu Tips: कम खर्च, आसान तरीका और बड़ा असर! नये साल पर यह उपाय बदल देगा पूरे साल की किस्मत appeared first on Naya Vichar.

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